सेना के बैरक में हुई भीषण विस्‍फोट में मरने वालों की संख्या हुई 31, राहत कार्य जारी : OmTimes

मालबा / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  इक्वेटोरियल गिनी में एक सैन्य बैरक में हुए विस्फोटों से मरने वालों की संख्या अब तक 31 हो गई है।  स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मलबे में शवों की तलाश अभी भी जारी है। मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है। इस धमाके में 600 से अधिक लोग घायल है। इसमें कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायलों को अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। उधर, इक्वेटोरियल गिनी के राष्‍ट्रपति तियोदोरा ओबियांग न्‍गुमे ने इस दुर्घटन पर खेद व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने कहा कि डायनामाइट से निपटने में लापरवाही के कारण विस्‍फोट की घटना हुई है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि विस्‍फोट में बाटा शहर के सभी इमारतों एवं घरों को नुकसान पहुंचा है। इससे करीब 250,000 लोग प्रभावित हुए हैं।
इक्वेटोरियल गिनी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि विस्फोट पीड़ितों के उपचार के लिए मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों और नर्सों से मिलकर एक मानसिक स्वास्थ्य ब्रिगेड तैयार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह नुकसान केवल शारीरिक और आर्थिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से आघात करने वाला भी हैं। स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित चित्रों से संकेत मिलता है कि सड़कों के किनारे शवों को पंक्तिबद्ध तरीके से चादरों से ढक रखा गया है। मरने वालों में कई मासूम बच्‍चे भी शामिल हैं। एक टीवी स्‍टेशन ने उपराष्‍ट्रपति टेओदोरो न्गुमा ओबियांग मंगुए और राष्‍ट्रपति ओबियांग के बेटे को अस्‍पताल में घायलों के हालचाल पूछते दिखाया गया है। बता दे इस अस्‍पताल में घायलों का इलाज चल रहा है।
इस बीच यहां की सरकार ने शवों की खोज, बचाव और पुनर्निर्माण में मदद के लिए अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग और समर्थन का आह्वान किया है। स्पेन के विदेश मंत्री अरंचा गोंजालेज लाया ने ट्विटर पर कहा कि बाटा में कल आए विनाशकारी विस्फोटों के बाद मानवीय सहायता के शिपमेंट को तत्काल रवाना किया जाएगा। कई अन्‍य देश भी उनकी मदद में आग आए हैं। सरकार ने कहा है कि इस धमाके का असर देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ा है। इससे तेल उत्पादक इक्वेटोरियल गिनी को दोहरा आर्थिक झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद से देश की आर्थिक हालात बिगड़ चुकी है। इस घटना से इसे और झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद कच्‍चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। यह राज्‍य के राजस्‍व का लगभग तीन चौथाई हिस्‍सा प्रदान करता है।
आप को बता दें कि इक्वेटोरियल गिनी लंबे समय तक स्‍पेन का उपनिवेश रहा है। इस अफ्रीकी देश में ओबियांग का लंबे समय तक शासन रहा है। यहां की आबादी 14 लाख के करीब है। अधिकतर आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है।

बहुमंजिला इमारत में लगी भयानक आग, दमकल के 10 इंजन लगे हैं आग बुझाने में : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) कोलकाता महानगर के स्ट्रांड रोड पर स्थित न्यू कोलाघाट बिल्डिंग के 13वें माले पर सोमवार शाम भयावह आग लग गई। दमकल के 15 इंजन आग को बुझाने में जुटे हुए हैं। आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक लैडर भी लाया गया है। इमारत में किसी के फंसे होने की खबर नहीं है। उक्त इमारत में पूर्व व दक्षिण पूर्व रेलवे के कार्यालय हैं!
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाम के करीब 6.10 बजे आग लगी, जिससे इमारत में अफरातफरी मच गई। इमारत को तुरंत खाली कराया गया। एहतियातन आसपास की कई इमारतों को भी खाली कराया गया है। स्ट्रांड रोड को भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 13वें तल्ले में स्थित दो कमरों में आग लगी है, जिसे बुझाने की कोशिश की जा रही है। खबर पाकर अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अग्निशमन कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसपर काबू पा लिया जाएगा।

आरक्षण की 50 फीसद सीमा पर अब 15 मार्च से सुप्रीम कोर्ट में रोज होगी सुनवाई : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  वैसे तो आरक्षण का पेच गाहे-बगाहे किसी न किसी रूप में कोर्ट की चौखट पर बना रहता है, लेकिन इस बार मुद्दा आरक्षण की 50 फीसद की अधिकतम सीमा का है। सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा कि क्या आरक्षण की तय अधिकतम 50 फीसद सीमा पर पुनर्विचार की जरूरत है। क्या 50 फीसद की सीमा तय करने वाले इंदिरा साहनी फैसले को पुनर्विचार के लिए बड़ी पीठ को भेजा जाना चाहिए।
इसके साथ ही पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ यह भी विचार करेगी कि क्या संविधान के 102वें संशोधन से राज्यों का पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का अधिकार बाधित हुआ है और क्या इससे संविधान में दी गई संघीय ढांचे की नीति प्रभावित हुई है। राज्यों के अधिकारों से जुड़े इन कानूनी सवालों पर कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कुल छह कानूनी सवाल तय किए हैं जिन पर 15 मार्च से रोज सुनवाई होगी। सर्वोच्‍च अदालत ने साफ किया कि तब किसी भी पक्ष का सुनवाई टालने का अनुरोध नहीं सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 1992 में इंदिरा साहनी मामले में, जिसे मंडल जजमेंट भी कहते हैं, में आरक्षण की अधिकतम 50 फीसद सीमा तय की थी। यह भी कहा था कि अपवाद में सीमा लांघी जा सकती है, लेकिन वो दूरदराज के मामलों में होना चाहिए।
इस बीच बहुत से राज्यों ने आरक्षण की 50 फीसद सीमा का अतिक्रमण किया है। 50 फीसद सीमा का ताजा मुद्दा मराठा आरक्षण के मामले में उठा है। मराठा आरक्षण को 50 फीसद सीमा पार करने के आधार पर चुनौती दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मराठों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा बताते हुए शिक्षा और नौकरी में 12 और 13 फीसद आरक्षण दिया है। यह पहले से दिए गए 50 फीसद आरक्षण से अतिरिक्त है।
मराठा आरक्षण की वैधानिकता का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने आरक्षण की 50 फीसद सीमा को 30 साल पुराना फैसला बताते हुए उस पर पुनर्विचार की मांग की है। इसके अलावा मराठा आरक्षण मामले में संविधान के 102वें संशोधन का मुद्दा भी उठाया गया है। संविधान में 2018 में किया गया 102वां संशोधन किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के किसी भी समुदाय को समाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा अधिसूचित करने का अधिकार देता है।
सोमवार को मराठा आरक्षण का मामला जस्टिस अशोक भूषण, एल. नागेश्वर राव, एस. अब्दुल नजीर, हेमंत गुप्ता और एस. रविंद्र भट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ में लगा था। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह संविधान के 102वें संशोधन की व्याख्या का मामला है। अनुच्छेद 342ए की व्याख्या का मुद्दा भी इसमें शामिल है जो राज्य की कानून बनाने की क्षमता को प्रभावित करता है।
रोहतगी ने कहा कि इस केस में याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में बहस के दौरान कहा था कि संविधान में 102वां संशोधन और अनुच्छेद 342ए जोड़े जाने के बाद राज्य विधायिका को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदाय को आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का अधिकार नहीं है।
रोहतगी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत राज्यों को मिली कानून बनाने की शक्ति छीनी नहीं जा सकती। यह ऐसा मुद्दा है जिसमें सभी राज्यों को नोटिस जारी किया जाना चाहिए ताकि वे 102वें संविधान संशोधन पर अपना पक्ष रख सकें और राज्य के कानून बनाने के अधिकार का बचाव कर सकें।
सभी राज्यों को नोटिस जारी करने की रोहतगी की मांग का अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने समर्थन किया। वेणुगोपाल ने कहा कि जो मुद्दा उठा है और कोर्ट इस मामले में जो व्याख्या करने वाला है, उससे राज्य प्रभावित हो सकते हैं इसलिए राज्यों को नोटिस जाना चाहिए। हालांकि याचिकाकर्ता के वकीलों ने कहा कि जब यह मुद्दा आए तब नोटिस जारी हो, अभी कोर्ट को सुनवाई जारी रखनी चाहिए।
पीठ ने सभी राज्यों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि कोर्ट के समक्ष अहम मुद्दा आया है इसलिए सभी राज्यों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। कोर्ट ने राज्यों के स्टैं¨डग काउंसिल को नोटिस भेजने का आदेश दिया, साथ ही कहा कि राज्यों के मुख्य सचिवों को इसे कल तक ईमेल के जरिये भेजा जाए। कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि वे संक्षिप्त नोट दाखिल कर सकते हैं।

इन कानूनी प्रश्नों पर होगा विचार-

1. क्या संविधान संशोधनों, कोर्ट के फैसलों और समाज की बदली संरचना को देखते हुए इंदिरा साहनी फैसले को पुनर्विचार के लिए बड़ी पीठ को भेजने की जरूरत है।

2. क्या महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा मानते हुए शिक्षा और नौकरियों में दिया गया 12 और 13 फीसद का आरक्षण, जो आरक्षण की तय 50 फीसद सीमा के अतिरिक्त है, इंदिरा साहनी फैसले में दी गई अपवाद की परिस्थितियों के तहत आएगा।

3. क्या राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र सरकार इस मामले की विशेष स्थिति और अपवाद परिस्थिति साबित कर पाई है जैसा कि इंदिरा साहनी फैसले में कहा गया है।

4. क्या संविधान के 102वें संशोधन से राज्य विधायिका की सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ों को लाभ देने के लिए कानून बनाने की शक्ति खत्म हो गई है।

5. क्या अनुच्छेद 342ए और 366(26सी) के बाद से राज्यों को अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के तहत मिले कानून बनाने के अधिकार किसी भी तरह से खत्म होते हैं।

6. क्या संविधान का अनुच्छेद 342ए संविधान में दिए गए संघीय ढांचे की नीति को प्रभावित करता है।

बिहार के खगड़िया में ढहा सरकारी स्कूल का दीवार, 6 की मौत , 2 की हालत गम्भीर : OmTimes

खगड़िया (ऊँ टाइम्स) बिहार के खगड़िया जिले में आज एक बड़ा हादसा हो गया। सोमवार को स्कूल की चहारदीवारी गिरने से इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है। सभी मजदूर स्कूल की चहारदीवारी के पास नाला खोद रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया। प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना गोगरी प्रखंड की बन्नी पंचायत के अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की है। यहां बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल की योजना पर पंचायत समिति के तत्वावधान में काम कराया जा रहा था।
एनएच 31 से रेलवे केबिन तक जल निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला स्कूल की चहारदीवारी के बगल से गुजरता है। दिन में चार बजे के करीब नाले की खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान लगभग 100 फीट की लंबाई में चहारदीवारी टूटकर गिर गई। इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में हरदयाल नगर बन्नी के शिव शंकर सिंह (23), चैधा के झूलन तांती (26), ललित कुमार (24), प्रमोद पासवान (26) व ज्ञानदेव पासवान के अलावा सहरसा जिले के काशनगर निवासी छैला कुमार (25) शामिल हैं। कुछ मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर महेशखूंट थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर दल-बल के साथ वहां पहुंचे। जेसीबी के सहारे मलवा हटाकर शवों को बाहर निकाला गया। प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने चंडी टोला के पास एनएच 31 को जाम कर दिया। देर शाम को अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त किया गया। घटनास्थल पर प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र, गोगरी एसडीओ सुभाष चंद्र मंडल व गोगरी एसडीपीओ मनोज कुमार आदि देर शाम तक रहे। घायल मजदूर इलाज कराने कहीं दूसरी जगह निकल गए थे, इस कारण उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।
आप को मालूम हो कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की चहारदीवारी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से पिछले साल पांच नवंबर को ही बनी थी। इसकी कुल लागत 13 लाख 69 हजार दो सौ रुपये थी। एक जेई ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि किसी स्ट्रक्चर से सटकर खोदाई करना तकनीकी रूप से सही नहीं है। अगर दीवार से सटकर नाला निर्माण के लिए खोदाई की जा रही थी, तो वह गलत है। ऐसे में पूर्व के बने स्ट्रक्चर के गिरने की आशंका रहती है।
पन्नालाल सिंह पटेल, विधायक बेलदौर ने कहा – विधानसभा का सत्र चल रहा है। मैं पटना में हूं। घटना की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उस पर सख्त कार्रवाई हो। मृतकों के स्वजनों को मुआवजा मिले।

कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के रिसाव से हुआ धमाका, 2 की मौत , कई घायल : OmTimes

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स) यूपी की राजधानी के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही गांव में स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोर में शनिवार रात अमोनिया गैस रिसाव के फटने से तेज धमाके के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। घटना के दौरान तकरीबन 10 मजदूर मौके पर कोल्ड स्टोरेज के भीतर काम कर रहे थे। धमाके से 2 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। वहीं अन्य का इलाज किया जा रहा है। इसी बीच 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शनिवार देर रात लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही माल रोड स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का काम किया जा रहा था। तभी अचानक अमोनिया गैस रिसाव होने लगा और एकाएक तेज धमाका हो गया। धमाके से आस-पास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। धमाके से कोल्ड स्टोरेज के ऊपर गुम्बद नुमा हिस्सा उड़ गया।
इस हादसे में चार मजदूर मिश्रीलाल (35), धर्मेंद्र कुमार (30), परमानंद (30) सभी निवासी सिधौली सीतापुर और विनोद कुमार (30) निवासी घुंघटेर जिला बाराबंकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस विभाग की टीम ने घायलों को अस्पताल भेज कर स्टोरेज में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया।
घटना की जानकारी मिलते ही लखनऊ के सीएमओ संजय भटनागर के साथ पुलिस अधिकारी, फायर स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। आनन-फानन के पुलिस टीम की ओर से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। मौके पर एम्बुलेंस के सहारे हादसे का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां सिधौली के रहने वाले 2 मजदूरों की मौत हो गई और अन्य दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें केजीएमयू रेफर किया गया है।
तकरीबन 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अमोनिया गैस को कंट्रोल किया गया। सूचना पर एसडीएम बीकेटी नवीन चंद्र और अन्य अधिकारी भी पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचे एफएसओ ने बताया कि अमोनिया रिसाव के कारण यह धमाका हुआ था। धमाका कैसे और क्यों हुआ इसकी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही जइस जगह से अमोनिया का रिसाव हो रहा था, उस प्वाइंट को बंद कर दिया गया है।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थितियों को तो कंट्रोल कर लिया, लेकिन कोल्ड स्टोरेज में अचानक यह हादसा कैसे हो गया। अब पुलिस टीम इसकी जांच में जुट गई है। सीओ बख्शी का तालाब हिरदेश ने कहा कि इस हादसे के बाद अब कोल्ड स्टोरेज के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस टीम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

नौतनवा रूट के साथ साथ गोरखपुर से बढनी डेमू की जगह पैसेंजर चलाने की हो रही है तैयारी : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  लखनऊ मंडल के गोरखपुर से बढऩी और नौतनवा रेलमार्ग पर भी ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। फिलहाल, इन रूटों पर डेमू की जगह पैसेंजर ट्रेन (सवारी गाड़ी) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। होली से पहले ही लोगों को यह सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी।
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने प्रथम चरण में पूर्वोत्तर रेलवे की 32 सवारी गाडिय़ों को एक्सप्रेस बनाकर चलाने की अनुमति दी है। जिसमें बढऩी और नौतनवा रूट पर डेमू ट्रेनें शामिल हैं। लेकिन 11 माह से खड़ी डेमू ट्रेनें अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। जानकारों के अनुसार औडि़हार स्थित लोको शेड में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते डेमू ट्रेनों की मरम्मत नहीं हो पा रही। ऐसे में रेलवे प्रशासन डेमू ट्रेनों की जगह पैसेंजर चलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए रेक तैयार किए जा रहे हैं। इन रूटों पर भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने के बाद स्थानीय लोगों की राह आसान हो जाएगी। 
आज रविवार से गोरखपुर से चार रेलमार्गों पर एक्सप्रेस के रूप में पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। शुरुआत गोरखपुर-सिवान पैसेंजर से होगी। आठ मार्च से गोरखपुर-छपरा, नौ मार्च से गोरखपुर-सीतापुर और दस मार्च से गोरखपुर-नरकटियागंज पैसेंजर एक्सप्रेस के रूप में चलने लगेंगी।  
पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के चलते ट्रेनों का निरस्तीकरण जारी है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 07 मार्च को चलने वाली 05531 सहरसा-अमृतसर तथा 08 मार्च को चलने वाली 05532 अमृतसर-सहरसा स्पेशल एक्सप्रेस निरस्त रहेंगी। इसके अलावा शहीद स्पेशल सहित कुछ ट्रेनें मार्ग बदलकर चलाई जाएंगी।

अमेरिका के इस 24 पेज वाले दस्‍तावेज में कौन है अमेरिका का नंबर-1 दुश्मन : OmTimes

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका ने कि एक जोरदार खुलासा! अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भी अमेरिका का दुश्‍मन नंबर वन चीन को माना गया है। अमेरिका की 24 पेज वाली राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में चीन को प्रबल विरोधी के रूप में पेश किया है। आइए जानते हैं‍ कि इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में अमेरिका को किन देशों को लेकर सजग और सचेत रहने को कहा गया है। आखिर चीन समेत अन्‍य देशों को बाइडन की इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति को क्‍यों था इंतजार। अब हम आप को बता रहे हैं कि इस रिपोर्ट से भारत क्‍यों है खुश।  …
News Update by – OmTimes News paper India ….
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन द्वारा पद ग्रहण करने के बाद दुनिया की नजर उनकी नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर टिकी थी। राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान बाइडन ने पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कई फैसलों की निंदा की थी। खासकर चीन और ईरान की आक्रामक नीति को लेकर वह ट्रंप के खास विरोधी थे। ऐसे में सत्‍ता सभांलने के बाद दुनियां की नजरें बाइडन की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति पर टिकी थी। चीन, रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया को अमेरिका की राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति का खास इंतजार था। चुनाव के वक्‍त बाइडन का चीन के प्रति उदार दृष्टिकोण से उसे यह उम्‍मीद जगी थी कि अमेरिका के नए निजाम के साथ उसके ताल्‍लुकात बेहतर रहेंगे। यही  उम्‍मीद ईरान को भी थी। आप को बता दें‍ कि पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के वक्‍त परमाणु करार को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गई थी। ईरान को उम्‍मीद थी कि बाइडन प्रशासन में उसके संबंध सामान्‍य हो जाएंगें। 
हालांकि, प्रो. हर्ष पंत का मानना है कि चीन की महत्‍वकांक्षा को देखते हुए इस बात की उम्‍मीद कम ही थी कि वाशिंगटन से उसके बेहतर संबंध कायम होंगे। उनका कहना है कि चीन की विस्‍तारवादी नीति में अमेरिका उसकी सबसे बड़ी बाधा है। उन्‍होंने कहा कि कोराना महामारी के बाद राष्‍ट्रपति बाइडन को एक नए अमेरिका का साम्राज्‍य मिला। ऐसा अमेरिका जो कोरोना महामारी के चलते आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है। बाइडन के समक्ष आंतरिक तथा वाह्य चुनौतियां पहले से ज्‍यादा जटिल हैं। जाहिर है कि बाइडन प्रशासन को देश के अंदर और बाहर इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नई रणनीति तय करनी होगी। बाइडन प्रशासन के लिए चीन को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसी तरह रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया पर भी अपनी स्‍पष्‍ट रणनीति तय करनी होगी। 
बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में पहली बार अमेरिका की चिंता स्‍पष्‍ट रूप से दिखी है। इस दस्‍तावेज में कहा गया है कि व‍िश्‍व में शक्ति संतुलन की स्थिति में तेजी से बदलाव हो रहा है। अमेरिकी सुरक्षा नीति में चीन को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की गई है। इसमें कहा गया है कि दुनिया में चीन तेजी से मुखर हो रहा है। अमेरिका ने अपना मुख्‍य प्रतिद्वंद्वी चीन को ही माना है। दस्‍तावेज में उल्‍लेख है कि चीन आर्थिक, कूटनीतिक, सैन्‍य और तकनीकी रूप से सक्षम है। इन सभी क्षेत्रों में वह अमेरिका के रूप में बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह तय हो गया है कि चीन को बाइडन प्रशासन से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। बाइडन प्रशासन और चीन के संबंध अब तनावपूर्ण और तल्‍ख ही रहेंगे। इसमें कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है। इससे एक बात और साफ हो गई है कि बाइडन भी अपने पूर्ववर्ती डोनाल्‍ड ट्रंप की राह पर चलने के लिए बाध्‍य होंगे। 
प्रो. पंत का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्‍ती के बाद यह सवाल उठने लगा था कि अगर जो बाइडन चुनाव में विजयी होते हैं तो भारत के साथ उनके कैसे रिश्‍ते होंगे। अमेरिका की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह संशय भी खत्‍म हो गया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत के साथ प्रगाढ़ संबंधों पर जोर दिया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत से दोस्‍ती को मजबूत रखने का आग्रह किया गया है। इस सुरक्षा नीति में दक्षिण चीन सागर और प्रशांत क्षेत्र में चीन की दिलचस्‍पी को नियंत्रित करने के लिए भारत को और मजबूत करने पर बल दिया गया है।

भारत के डब्ल्यूटीओ में कोरोना वैक्सीन को पेटेंट से मुक्त कराने में साथ साथ आये 57 देश : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दुनियां को किफायती दाम पर कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने की मुहिम में इस समय भारत जुटा हुआ है। इस काम को अंजाम देने के लिए भारत कोरोना वैक्सीन को पेटेंट नियम से बाहर लाने की जी-तोड़ कोशिश कर रहा है। इस प्रयास के तहत भारत ने हाल ही में विश्व व्यापार संगठन से कोरोना वैक्सीन को ट्रेड रिलेटेड आस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (ट्रिप्स) यानी व्यापार संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की गुजारिश किया है ताकि छोटे एवं सबसे कम विकसित देशों को आसानी से कम दाम पर वैक्सीन मिल सके।
इस कोशिश में दुनियां के और 57 देश भारत का साथ दे रहे हैं,और इनमें से 35 देश सबसे कम विकसित देश है। हालांकि अमेरिका और यूरोप के कई विकसित देश भारत के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। शुक्रवार को इटली ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 2.5 लाख डोज के ऑस्ट्रेलिया निर्यात पर रोक लगा दी। यूरोपीय संघ ने भी इटली के इस कदम का समर्थन किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीन को लेकर विकसित देशों के इस रवैये को देखते हुए इसे ट्रिप्स से बाहर लाना अत्यधिक आवश्यक हो गया है। इनका यह भी मानना है कि वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखा जाता है तो भारत इसका सबसे बड़ा निर्यातक और आपूर्तिकर्ता देश बन जाएगा। भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि दुनिया का दवा उद्योग कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने के प्रस्ताव का खुले दिल से समर्थन करेगा।
फरवरी के आखिरी सप्ताह में डब्ल्यूटीओ में भारत ने कहा था कि कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स के दायरे से बाहर नहीं लाने पर खरबों डॉलर के वैश्विक उत्पादन का नुकसान हो जाएगा। ट्रिप्स से कोरोना वैक्सीन को बाहर रखने पर कोरोना वैक्सीन का उत्पादन आसान हो जाएगा, लेकिन अमेरिका, यूरोप व जापान फिलहाल इसके पक्ष में नहीं हैं।
हालांकि, धीरे-धीरे भारत के प्रस्ताव का समर्थन बढ़ता जा रहा है। यूरोपीय संसद के 115 सदस्यों ने कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने का समर्थन किया है। गत 26 फरवरी तक दुनिया के 130 देशों में कोरोना वैक्सीन का एक भी डोज किसी को नहीं दिया गया था।
दवा निर्यात संव‌र्द्धन परिषद के चेयरमैन दिनेश दुआ कहते हैं, दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली 60 फीसद वैक्सीन भारत में बनती है। भारत के पास वैक्सीन बनाने की सबसे अधिक क्षमता है। कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर करने पर भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ सबसे बड़ा निर्यातक देश बन जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका दूसरा फायदा यह होगा वैश्विक पटल पर भारत की धाक जमेगी।
दुआ ने बताया कि दुनियां के दो दर्जन से अधिक देश कोरोना वैक्सीन के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने ऑस्ट्रेलिया को वैक्सीन देने का करार किया था, फिर भी इटली ने वैक्सीन भेजने की इजाजत नहीं दी। ऐसे में, वैक्सीन के भारी उत्पादन से ही सभी देशों को अगले एक-दो साल में वैक्सीन मिल पाएगी। 

तापसी और अनुराग सहित कई फिल्मी हस्तियों के यहां IT रेड पर मचा घमासान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  विगत दिवस फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप और अभिनेत्री तापसी पन्नू सहित कई फिल्म सितारों के यहां आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कुछ मुहावरों के माध्यम से केंद्र सरकार पर तंज कसा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि कुछ मुहावरे.. उंगलियों पर नचाना- केंद्र सरकार ये IT-CBI-ED के साथ करती है। भीगी बिल्ली बनना केंद्र सरकार के सामने मित्र मीडिया। राहुल गांधी ने आगे लिखा कि खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे- जैसे केंद्र सरकार किसान-समर्थकों पर रेड करवा रही है!
आप को बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किए जाते हैं। फिर चाहे वह चीन का मसला हो या फिर किसानों का। इससे पहले कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र कांग्रेस, शिवसेना समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने इसे सरकार की बदले की कार्रवाई करार दिया था। 
इस छापेमारी पर महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चव्हाण ने भी बीते दिन बयान दिया था कि मोदी सरकार की ये कार्रवाई दर्शाती है कि वो बदले की भावना से काम कर रही है। वहीं, शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा था कि उम्मीद है कि देश में जल्द आयकर विभाग, सीबीआई और ईडी बंधुआ मजदूरी के माहौल से बाहर निकलेगी। 
गौरतलब है कि आयकर विभाग की कई टीमों ने बीते दिन मुंबई-पुणे में करीब 30 जगहों पर छापेमारी की थी। ये सभी जगह अनुराग कश्यप की कंपनी ‘फैंटम’ और अन्य कुछ फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ी हुई थीं। इसके साथ ही आयकर विभाग ने तापसी पन्नू को मैनेज करने वाली कंपनी के ठिकाने पर भी छापेमारी की थी। विभाग की तरफ से की गई इस  छापेमारी के दौरान कई कागजातों को खंगाला गया और लैपटॉप की जांच की गई। इतना ही नहीं पुणे में अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू के घर पर देर रात तक आयकर विभाग ने छापेमारी किया।

अब दिल्ली में भी अब 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए सरकार से लेना होगा फिटनेस प्रमाणपत्र : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश की राजधानी दिल्ली में बहुमंजिला इमारतों की भूकंपीय स्थिति के आकलन के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अब मुंबई की तरह 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने कार्ययोजना तैयार कर ली है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को यह अहम जानकारी दी। अब याचिका पर 13 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।
अधिवक्ता अर्पित भार्गव की तरफ से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इसमें दिल्ली सरकार ने कहा कि वार्षिक प्री-मानसून सर्वेक्षण में आवास के लिए असुरक्षित पाए गए अस्पतालों, संस्थागत भवनों, स्कूलों और कालेजों सहित अन्य इमारतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसे लेकर 19 जून, 2020 से 18 फरवरी, 2021 के बीच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कई बार बैठक हुई है, जिसमें तय किया गया कि सार्वजनिक उपयोग के साथ उच्च जोखिम वाली इमारतों के सुरक्षा आडिट को प्राथमिकता दी जाए। 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

याचिकाकर्ता ने कहा, दिल्ली में भूकंप के लिहाज से इमारतों की स्थिति खराब है। तेज भूकंप आया तो बड़े पैमाने पर यहां इमारतों को खतरा हो सकता है। इससे जानमाल के नुकसान की भी आशंका है। इस पर दिल्ली सरकार ने तीनों नगर निगमों के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि निजी भवन मालिकों से कहा जाएगा कि वे इमारतों का सुरक्षा आडिट कराकर संबंधित निकाय को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आडिट में यदि इमारत की संरचना में कमी पाई जाती है तो मालिक को लागू मानकों के अनुसार इमारत को भूकंपरोधी बनाने का निर्देश दिया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में कम जोखिम वाली इमारतों, अनधिकृत कालोनियों व ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित इमारतों का आडिट कराया जाएगा।

भारत विरोधी एजेंडे के लिए कश्मीरी छात्रों को डिग्रियां देता है पाकिस्तान, NIA ने दिया चौंकाने वाली जानकारी : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) एनआईए ने दिया चौंकाने वाली रिपोर्ट!  पाकिस्तान सरकार जम्मू-कश्मीर के छात्रों को एमबीबीएस, इंजीनियरिंग के पाठयक्रम या अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला और छात्रवृत्ति अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए देती है। डाक्टर, इंजीनियर बनने के लिए पाकिस्तान पहुंचने वाले कश्मीरी छात्रों में जिहादी और अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा देकर उन्हें आतंकी और अलगाववादी बनाया जाता है। पाकिस्तान की इस साजिश का पर्दाफाश जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने किया है। 
एनआइए ने टेरर फंडिंग के सिलसिले में दायर अपने आरोपपत्र में बताया है कि आतंकियों, हुर्रियत कांफ्रेंस और पाकिस्तान सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय गठजोड़ है, जो पाकिस्तान के प्रति झुकाव रखने वाले कश्मीरी डाक्टरों, इंजीनियरों की एक पौध तैयार करने में जुटा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और उदारवादी हुर्रियत नेता मीरवाइज मौलवी उमर फारूक व उनके कई अन्य साथी पाकिस्तान में कश्मीरी छात्रों के दाखिले का प्रबंध करते रहे हैं। इनकी सिफारिश पर पाकिस्तान के लिए कश्मीरी छात्रों व अन्य लोगों को वीजा आसानी से मिल जाता था। 
जांच में पता चला है कि जो भी छात्र पाकिस्तान पढ़ने गए हैं, उनमें से अधिकांश किसी पूर्व आतंकी के रिश्तेदार या सक्रिय आतंकियों के साथ किसी न किसी तरीके से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा हुर्रियत नेता कश्मीर के कुछ प्रभावशाली परिवारों के बच्चों को पाकिस्तान में मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिला दिलाने की आड़ में उनसे मोटी रकम भी प्राप्त करते रहे हैं। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों में खर्च होता रहा है।

दस्तावेज से सच्चाई आई सामने – एनआइए ने अदालत को बताया कि अलगाववादी नेता नईम खान के मकान की तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज मिले। यह दस्तावेज पाकिस्तान में एक कश्मीरी छात्र को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला दिलाने की सिफारिश से संबंधित थे। इनमें एक छात्र के बारे में बताया गया था कि वह और उसका परिवार पाकिस्तान समर्थक है, वह कश्मीर की आजादी के प्रति संकल्पबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले का नोटिस लिया था, और उन्होंने जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही जम्मू कश्मीर से गुलाम कश्मीर या पाकिस्तान में एमबीबीएस या इंजीनियरिग की पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद यह संख्या नाममात्र रह गई है, क्योंकि हुर्रियत नेताओं ने जो पढ़ाई के लिए दाखिले दिलाने की दुकान खोल रखी थी, वह बंद हो गई है।
हुर्रियत, आतंकियों और पाकिस्तान सरकार द्वारा कश्मीरी छात्रों को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की इस साजिश का जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन सत्ता तंत्र को पूरा पता था, लेकिन किसी ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान गए कई छात्रों ने वहां उन्हें कश्मीर में पाकिस्तानी एजेंडे को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूर किए जाने के बारे में एजेंसियों को भी बताया था। 
कई छात्रों ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पक्ष को सही ठहराने संबंधी मुद्दों के बारे में कश्मीर आकर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को बताया था। करीब एक साल पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बताया था कि जम्मू कश्मीर से करीब 700 छात्र पकिस्तान के विभिन्न मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ने गए हैं। इनमें से अधिकांश छात्र कश्मीर घाटी से संबंध रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही करने वाले हैं विदेश का दौरा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की वजह से राष्ट्र प्रमुखों के विदेश दौरे पर लगी रोक अब खत्म होने का संकेत मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी 26 मार्च को बांग्लादेश दौरे से विदेश यात्राओं की शुरुआत हो जाएगी। विदेश मंत्रालय में पीएम मोदी की मई, 2021 में यूरोपीय संघ की यात्रा को लेकर भी तैयारी जोरों पर है। यूरोपीय संघ की यात्रा के कुछ ही समय बाद मोदी जून, 2021 में समूह-7 देशों की बैठक में हिस्सा लेने ब्रिटेन भी जा सकते हैं। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की यात्रा के दौरान पीएम कुछ अन्य देशों को भी अपनी यात्रा के रूट में शामिल कर सकते हैं।
इसके साथ ही कुछ विदेशी मेहमानों के भी भारत आने को लेकर विमर्श का गंभीर दौर चल रहा है। इसमें सबसे पहले जापान के पीएम योशीहिदे सुगा और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के भारत आने को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय जापान व रूस के विदेश मंत्रालयों के संपर्क में है। इन दोनों राष्ट्राध्यक्षों को दिसंबर, 2019 में भारत आना था लेकिन कुछ वजहों से तब यह दौरा स्थगित हो गया था। बाद में कोरोना की वजह से यात्रा नहीं हो सकी। वैसे इस साल (2021) में भारत ब्रिक्स संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। कोरोना से यदि हालात और न बिगड़े तो 2021 के मध्य के बाद ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका और चीन के राष्ट्राध्यक्ष भारत दौरे पर आ सकते हैं। हाल ही में ब्रिक्स देशों के शेरपाओं (संगठन की तैयारियों पर अंतिम फैसला करने वाले सभी देशों के प्रतिनिधि) की पहली बैठक हुई जिसमें संगठन के तहत होने वाली छह शीर्ष स्तरीय बैठकों के बारे में शुरुआती चर्चा की गई है।
सूत्रों का कहना है कि कोरोना की वजह से वर्चुअल बैठक कूटनीति की नई सच्चाई बन गई है। इसके बावजूद द्विपक्षीय रिश्तों को तय करने और उनकी दिशा बनाने में व्यक्तिगत मेल-मिलाप की अपनी अहमियत है और यह आगे भी बनी रहेगी। हाल के दिनों में पीएम मोदी की जिन विदेशी नेताओं से बात हुई है उसमें कई ने उन्हें अपने देश आने के लिए आमंत्रित किया है। मसलन, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन ने मोदी के साथ टेलीफोन वार्ता में उन्हें अपने देश की यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित किया था।
हमेशा की तरफ प्रधानमंत्री विदेश दौरों की शुरुआत पड़ोसी देशों के साथ कर रहे हैं। 26 और 27 मार्च, 2021 को वह बांग्लादेश की यात्रा के बाद निकट भविष्य में उनके नेपाल जाने की भी संभावना है। वैसे इस बारे में फैसला पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक माहौल देख कर किया जाएगा।

भारतीय सेना से झड़प कराने वाले चीन के फौजी कमांडर को चीन ने अहम ओहदा से नवाजा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के असली विलेन जनरल झाओ जोंगकी को शी चिनफिंग सरकार ने अहम ओहदे से नवाजा है। पीएलए के इस पूर्व शीर्ष कमांडर को चीन की संसद की प्रभावशाली विदेश मामलों की समिति का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। झाओ भारत से लगती तिब्बत सीमा पर दो दशकों तक तैनात रहा है। 65 वर्षीय झाओ वर्ष 2017 में दोकलाम और वर्ष 2020 में लद्दाख गतिरोध के दौरान वेस्टर्न कमांड का प्रमुख था।
आप को बता दें कि पीएलए के नियमों के तहत सेना के शीर्ष जनरल की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। झाओ की यह नियुक्ति पांच मार्च से होने वाली एनपीसी की वार्षिक बैठक से पहले की गई है। वर्ष में एक बार एनपीसी और उसकी सलाहकार निकाय चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसलटेटिव कांफ्रेंस (सीपीपीसीसी) की बैठक होती है। झाओ ने ही चीनी सेना को गलवन घाटी में हमले को अंजाम देने का आदेश दिया था। जनरल झाओ जोंगकी पहले भी भारत के साथ कई पूर्व में हुई तनातनी को अंजाम दे चुका है।
झाओ के अलावा अब तक आ‌र्म्ड पुलिस फोर्सेज के प्रमुख रहे जनरल वांग निंग संविधान और कानून पर एनपीसी समिति का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बताया जाता है कि जनरल झाओ भारत को अमेरिका के साथ नजदीकी रिश्ते को लेकर सबक सिखाना चाहता था, हालांकि ये चीन पर उल्टा भारी पड़ा क्योंकि भारत के जहां 20 जवान शहीद हुए वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए। 
बीते दिनों चीन ने सैन्य कमांडर स्तर की 10वें दौर की वार्ता से ठीक पहले गलवन घाटी में हुए संघर्ष का एक वीडियो जारी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। चीन ने इस प्रोपेगेंडा वीडियो को जारी करते हुए भारतीय सेना पर आक्रामक रुख अपनाने का आरोप लगाया था। सनद रहे कि पिछले साल 15 जून को गलवन घाटी में भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट के बहादुर सैनिकों ने कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय इलाके में अवैध रूप से घुस आए चीनी सैनिकों से जमकर लोहा लिया था। 

म्यांमार में पुलिस की बर्बरता, पुलिस की गोली से 18 से अधिक की मौत, यूएन में आवाज उठाने वाले राजदूत को सेना ने किया बर्खास्त : OmTimes

यंगून (ऊँ टाइम्स)  म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर रविवार को पुलिस ने फायरिंग की। इसमें 18 लोगों की मौत हुई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई रोकने को कहा।
वहीं संयुक्त राष्ट्र में सेना के खिलाफ आवाज उठाने वाली म्यांमार के राजदूत क्याव मो तुन को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने विश्व समुदाय से सैन्य शासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की गुहार लगाई थी। 
आप को बता दें कि तख्तापलट और देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को गिरफ्तार किए जाने के बाद से म्यांमार में प्रदर्शनों का दौर जारी है। नवंबर में हुए चुनाव में सू की पार्टी ने जोरदार जीत दर्ज की थी, लेकिन सेना ने धांधली की बात कहते हुए परिणामों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था।
रविवार को सबसे बड़े शहर यंगून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लोकतंत्र समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर तख्तापलट का विरोध किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड, आसूं गैस के गोले और हवा में फायरिंग की। जब इस पर भी प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए तो पुलिसवालों ने छिपकर प्रदर्शनकारियों को अपना निशाना बनाया। 
मीडिया में चल रही तस्वीरों में घायल हुए लोगों को उनके साथी उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं फुटपाथ पर खून और खून के धब्बे अभी भी दिखाई दे रहे हैं। यंगून स्थित एक डॉक्टर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि अस्पताल लाए जाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई। उसके सीने पर गोली लगी थी। 
वहीं यंगून में ही टीचरों के प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड का उपयोग किया, जिसके चलते एक महिला टीचर को दिल का दौरा पड़ा और उसकी तत्काल मौत हो गई। यंगून के एक अन्य इलाके में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोग मारे गए हैं जबकि म्यांमार की मीडिया ने मांडले में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। कई लोग घायल भी बताए जाते हैं।  
यंगून मेडिकल स्कूल के बाहर भी पुलिस द्वारा स्टेन ग्रेनेड फेंकने का पता चला है। डॉक्टरों के संगठन ‘व्हाइटकोट अलायंस ऑफ मेडिक्स’ ने कहा कि पचास से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिली है। तख्तापलट के बाद किए गए विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
म्यांमार में तख्तापलट की अधिकांश देशों ने निंदा की है, लेकिन चीन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि चीन तख्तापलट का समर्थन कर रहा है। ताइवान टाइम्स के मुताबिक चीनी सैनिकों को विमानों से लाया गया और म्यांमार के कई शहरों में देखा गया है। इंटरनेट मीडिया में भी इस तरह के दावे किए जा रहे हैं।

तमिलनाडु में फिर लग गया लाकडाउन, महाराष्‍ट्र में भी लगी पाबंदियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एकबार फिर सख्‍त पाबंदियों का दौर शुरू हो गया है। तमिलनाडु सरकार ने 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। यही नहीं कोरोना से जुड़े अन्य प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसके बीच राज्‍य सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। महाराष्‍ट्र में संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन में 8,623 नए मामले सामने आए हैं जिसके चलते राज्‍य में पाबंदियों का सिलसिला जारी है। 
तमिलनाडु सरकार ने की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्‍य में लॉकडाउन को 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। आदेश के मुताबिक सार्वजनिक जगहों और यात्रा के दौरान लोगों के लिए मास्‍क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही सार्वजनिक जगहों और दुकानों पर शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। यही नहीं सर्वाजनिक जगहों पर थूकने पर स्‍थानीय अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा। 
जारी आदेश में कहा गया है कि कॉमन पब्लिक प्‍लेस पर थर्मल स्‍केनिंग जरूरी होगी। साथ ही हेंडवॉश या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल करना होगा। यही नहीं कॉमन पब्लिक प्‍लेस को समय समय पर सेनेटाइज किया जाएगा। दरवाजों के हैंडिल समेत उन सभी मानव स्‍पर्श वाले टूल्‍स को भी सेनेटाइज किया जाएगा। वर्क प्‍लेस पर लोगों के बीच शारीरिक दूरी का ख्‍याल रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। 
तमिलनाडु में कंटेनमेंट जोन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में कोरोना से संक्रमण के 479 नए मामले सामने आए हैं जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। इससे राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8.51 लाख हो गई जबकि महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 12,496 हो गया है। मौजूदा वक्‍त में राज्‍य में 4,022 मरीजों का इलाज चल रहा है। 
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कोरोना संक्रमण के 182 नए मामले सामने आए जिससे यहां संक्रमितों की संख्या 2,35,532 हो गई है। तमिलनाडु में अब तक कुल 1.74 करोड़ नमूनों की कोविड जांच की जा चुकी है। सूबे में टीकाकरण में तेजी लाने के लिए 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के गंभीर मरीजों को सोमवार से टीकाकरण को लेकर व्‍यापक इंतजाम किए गए हैं। 

मराठवाड़ा में सख्‍त पाबंदियों का सिलसिला चालू – कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में एतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। हिंगोली में सोमवार से सात मार्च तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और कार्यक्रम स्थल बंद रहेंगे। बैंकों में केवल प्रशासनिक काम ही किए जाएंगे। हिंगोली में शनिवार को 46 नए मामले मिले थे। 

पुणे जिले में भी कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए लागू पाबंदियों को 14 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश में गैर आवश्यक कार्यों से रात 11 से सुबह छह बजे के बीच आवागमन पर रोक शामिल है। यही नहीं शैक्षणिक संस्थाओं को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि पुणे में ये प्रतिबंध 21 फरवरी को लागू किए गए थे। पुणे जिले में शनिवार को 1,505 नए मामले मिले थे।
महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं राज्य में लॉकडान लागू नहीं करना चाहता लेकिन कुछ मजबूरी है। लोगों को मास्क पहनना चाहिए और लॉकडाउन से बचना चाहिए। 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 16,752 नए केस सामने आए हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 10 लाख 96 हजार को पार कर गया है। इनमें से एक करोड़ सात लाख 75 हजार से अधिक मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,57,051 मरीजों की अब तक जान भी जा चुकी है। बीते 24 घंटे में 113 मरीजों की मौत भी हुई। मरीजों के उबरने की दर 97.10 फीसद जबकि मृत्युदर 1.42 फीसद है। 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक छह राज्यों महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में सबसे ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि 16,752 नए मामलों में से 86.37 फीसद कोरोना के केस इन्हीं राज्यों में पाए गए हैं। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 8,623, केरल में 3,792, पंजाब में 593, कर्नाटक में 523, तमिलनाडु में 486 और गुजरात में 451 नए मामले सामने आए हैं। 

बंगाल सहित पांच राज्यों में हुआ चुनाव की तारीखों का ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही साथ पाचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे। वहीं  असम में तीन चरण में और केरल, पुडुचेरी व तमिलनाडु में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे।
चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदान से लेकर परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होकर 2 मई तक चलेगी। 2 मई को पांचों राज्यों के नतीजे आ जाएंगे। चुनाव के दौरान सुरक्षा का व्यापक बंदोबश्त किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बंगाल में पहला चरण- 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां चरण- 17 अप्रैल, छठा चरण- 22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल, आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा। असम में प्रथम चरण का मतदान- 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान- 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान -6 अप्रैल को होगा। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होंगे। सभी राज्यों में 2 मई को मतगणना होगी।
सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए चुनाव होंगे। पांच राज्यों में कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होंगे। 18.68 करोड़ मतदाता तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। कोरोना के कारण मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। सभी चुनाव अधिकारियों का कोरोना टीकाकरण होगा। चुनाव ग्राउंंड फ्लोर पर होंगे। चुनाव के दौरान पर्याप्त केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। 
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 40,771 कर दी गई है। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे, अब यहां 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने जानकारी दी कि चुनाव के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य होगा। घर-घर चुनाव प्रचार के लिए पांच लोगों के साथ जाने की अनुमति होगी। नामांकन की प्रक्रिया और सिक्योरिटी मनी ऑनलाइन भी जमा होगी। रैली के मैदान तय होंगे। सभी राज्यों में सुरक्षा बल पहले ही भेज दिए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी के दौरान चुनाव आयोग ने सबसे पहले राज्यसभा की 18 सीटों पर चुनाव कराए थे। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों की चुनौती आई। अब एक साथ पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आए, ठीक हुए और चुनावी ड्यूटी निभाई।

आज ब्यापारियों ने भारत बन्द का किया है ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  वस्तु एवं सेवा कर की खामियों को दूर करने एवं डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के खिलाफ 26 फरवरी को देश भर के व्यापारियों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। भारत बंद में करीब 8 करोड़ छोटे कारोबारी शामिल होंगे। साथ ही देश के करीब 1 करोड़ ट्रांसपोर्टर और लघु उद्योग और महिला उद्यमियों के भी इसें शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। इस दिन सभी व्यावसायिक बाजार बंद रहेंगे। सड़क परिवहन क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया ट्रांसपोटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कैट के समर्थन में सुबह 6 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक चक्का जाम का ऐलान किया है। किसी भी प्रकार की माल की बुकिंग, डिलीवरी, लदाई/उतराई बंद रहेगी। सभी परिवहन कंपनियों को विरोध के लिए कल अपने वाहन पार्क करने के लिए कहा है। देश भर के अलग अलग राज्यों में विरोध स्वरूप 1500 जगहों पर धरने का आयोजन किया जाएगा। इससे लोगों को परेशानी हो सकती है।

देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने पहले ही कैट के व्यापार बंद को न केवल समर्थन दिया है बल्कि उस दिन देश भर में ट्रांसपोर्ट का चक्का जाम करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अनेक राष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों ने भी व्यापार बंद का समर्थन किया है जिसमें खास तौर पर ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रिब्युटर्ज़ फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ अलूमिनियीयम यूटेंसिलस मैन्यूफैकचररस एंड ट्रेडर्ज एसोसिएशन, नार्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, आल इंडिया वूमेंन एंटेरप्रिनियर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसीइएशन, आल इंडिया कॉस्मेटिक मनुफक्चरर्स एसोसिएशन आदि शामिल हैं।
कैट यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है कि 26 फरवरी को देश के सभी कमर्शियल बाजार बंद रहेंगे। वहीं 1 करोड़ ट्रांसपोर्ट्स ने 26 फरवरी को हड़ताल और चक्का जाम करने की घोषणा की है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एसोसिएशन और टैक्स एडवोकेट्स ने भी अपने क्लाइंट्स को सूचित किया है कि वह शुक्रवार को ऑफिस में ना आएं, यानी उनके ऑफिस भी बंद रहेंगे। करीब 1500 जगहों पर धरना दिए जाने की भी घोषणा की गई है।

मुंबई के एक होटल में मिला दादरानगर हवेली के सांसद डेलकर का शव, सीबीआई जांच की है आवश्यकता

दादरानगर हवेली (शिवबहादुर मौर्या, संवाददाता, ऊँ टाइम्स) विगत दिवस मुंबई के एक होटल के कमरे में हुई दादरानगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की मौत! पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद लाश उनके परिजनों को सौंप दिया! इनकी लाश पंखे में लटकते हुए मिली है ! यह आत्महत्या नहीं ब्लिक हत्या है, जिसे हत्यारों ने बहुत ही बारीकी से अंजाम दिया है! इस घटना को अंजाम देने में कई लोगों का हाथ होने की आशंका है! स्थित से ऐसा लगता है कि मारने वालों ने जरूर धमकी देकर फिल्मी स्टाइल में तमंचों की नोक पर उनसे सूसाइड नोट लिखवाया होगा, उसके बाद उन्हें फंदे से लटका कर मारा होगा ! इस घटना को अंजाम देने में बड़े माफियाओं का भी हाथ हो सकता है! फिलहाल अब देखना यह है कि पुलिस क्या कहानी मढ़ती है, क्योंकि जांच रिपोर्ट तो पुलिस ही लगायेगी! फिर भी सच्ची खबरों के प्रकाशन के लिए ऊँ टाइम्स के कुछ नगमानिगार सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं!

कर्नाटक के हिरेनागवली में हुआ विस्फोट, कम से कम 6 मौत , प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया दुख : OmTimes

बेंगलुरु (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली में हुए विस्फोट के कारण हुई मौतों पर मंगलवार को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा व खदान व भूगर्भ मंत्री मुरुगेश समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दुख व्यक्त किया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘चिक्कबल्लापुर में दुर्घटना के कारण हुई मौतोंं से दुखी हूं। पीड़ित परिवारों को सांत्वना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’
खदान व भूगर्भ मंत्री ने कहा, ‘शिवमोगा विस्फोट के बाद ऐसी दुर्घटना दुभार्ग्यपूर्ण है। सरकार मामले की जांच करवाएगी और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चिक्कबल्लापुर जिले के हिरेनागवली में जिलैटिन की छड़ों में विस्फोट हो गया। राज्य मंत्री सुधाकर ने कहा कि ये छड़ें अवैध रूप से रखी गई थी। इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
चिक्कबल्लापुर जिले के हिरेनागवली में जिलैटिन की छड़ों में विस्फोट हो गया। चिक्कबल्लापुर जिलाधिकारी डॉक्टर के सुधाकर ने घटनास्थल का मुआयना किया, और कहा, ‘इस घटना से हैरान हूं। ये अवैध रूप से रखी गई थी। इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’  इस राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ‘हिरेनागवल्ली गांव के पास 6 लोगों की मौत हुई जो हैरान करने वाला है जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।’

IIT खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह को आज पीएम मोदी 12:30 पर करेंगे संबोधित : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज, 23 फरवरी, 2021 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, IIT खड़गपुर के 66 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
प्रधानमंत्री आज आईआईटी खड़गपुर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का भी उद्घाटन करेंगे। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है जिसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर द्वारा शिक्षा मंत्री के समर्थन से स्थापित किया गया है।

पाकिस्‍तान के इमरान को श्रीलंका ने नहीं दिया संसद में बोलने की इजाजत : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाक‍िस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की श्रीलंका यात्रा के पूर्व इस पर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। इस चर्चा में भारत का नाम भी शामिल है। दरअसल, इमरान खान 22 फरवरी को श्रीलंका के दौर पर जाने वाले हैं। इस दौरे में वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया। इसको लेकर श्रीलंका और पाक‍िस्‍तान की मीडिया में कई तरह की चर्चाएं जोरों पर है। इसमें भारत का नाम भी शामिल किया जा रहा है। इस यात्रा के दौरान इमरान खान की मुलकात श्रीलंकाई राष्‍ट्रपति गोटाभाया के अलावा उनके समकक्ष महिंदा राजपक्षे के साथ होगी। इमरान श्रीलंका में निवेशकों के एक सम्‍मेलन में भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया।
श्रीलंका और पाकिस्‍तान की मीडिया में इसको लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। श्रीलंका मीडिया ने संसद के स्‍पीकर महिंदा यापा के हवाले से कहा है कि कोरोना वायरस के कारण यह कदम उठाया गया है। उधर, पाकिस्‍तानी मीडिया ने लिखा है कि भारत-श्रीलंका के संबंधों के चलते इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद किया गया है। मीडिया में कहा गया है कि श्रीलंका सरकार नहीं चाहती कि इमरान के इस भाषण से उसके भारत के साथ संबंध खराब हो। श्रीलंका सरकार का आशंका है कि इमरान संसद में कश्‍मीर का मुद्दा उठा सकते थे। इससे भारत की नाराजगी बढ़ सकती है। श्रीलंका भारत-पाकिस्‍तान के द्व‍िपक्षीय मुद्दे को उठाने से गुरेज कर रही है। श्रीलंका ने भारत को नाराज नहीं करने के वास्‍ते इमरान खान के भाषण कार्यक्रम को रद कर दिया।
मीडिया के अनुसार इमरान श्रीलंका के मुसलमानों के अधिकारों को लेकर भी कुछ टिप्‍पणी कर सकते थे। इसलिए भी इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद करना पड़ा। गौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार कोरोना वायरस से मरने वाले मुस्लिमों को शव दफन करने की अनुमति नहीं दे रही थी। इसके चलते मुस्लिमों को शव जलाने पड़े थे। यह रीति मुस्लिमों के खिलाफ है। इसको लेकर श्रीलंका सरकार की काफी निंदा हुई थी। बाद में श्रीलंका सरकार ने शवों को दफन करने की अनुमति दे दिया था।

बंगाल और असम दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज कई परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण परियोजनाए देश को समर्पित करेंगे और कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। दोनों ही राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:30 बजे असम के धेमाजी के सिलापाथर में आयोजित एक कार्यक्रम में तेल एवं गैस क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री इंजीनियरिंग कॉलेजों का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी की एक इकाई, डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकंडरी टैंक फार्म और तिनसुकिया के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखेंगे।

महाराष्ट्र में फिर हुई लॉकडाउन की वापसी, पुणे में स्कूल कॉलेज हुए बंद : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगले आठ दिन तय करेंगे कि क्या राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के अमरावती जिले में सोमवार से एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। पुणे में भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने का आदेश दिया गया है। संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही के चलते महाराष्ट्र एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आते नजर आ रहा है। इनका कहना है कि लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के नाम जारी वीडियो संदेश में कहा, ‘क्या आप लॉकडाउन चाहते हैं। अगले आठ दिनों में तय होगा। राज्य में आज करीब सात हजार नए केस मिले हैं। अगर कोरोना के हालात गंभीर होते हैं तो हमें राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। जो लोग लॉकडाउन चाहते हैं वो बिना मास्क के आराम से बाहर घूम सकते हैं और जो लोग नहीं चाहते हैं वो मास्क पहनें और नियमों का पालन करें।’ 
उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में राजनीतिक धरना प्रदर्शनों, रैलियों, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर कुछ दिनों के लिए रोक रहेगी, क्योंकि इनमें भीड़ ज्यादा होती है। वहीं, उद्धव सरकार में मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि अमरावती में 22 फरवरी से लॉकडाउन लगाया गया है, जो एक मार्च की सुबह आठ बजे तक जारी रहेगा। 
अमरावती मंडल के चार अन्य जिलों अकोला, वाशिम, बुल्ढाड़ा और यवतमाल में भी कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। आवश्यक सामान की दुकानों को छोड़कर लॉकडाउन में सभी दुकानें, सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग स्कूल बंद रहेंगे। लोगों को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ही सामान खरीदने की छूट होगी। अमरावती में रविवार को 709 नए मामले मिले। 
पुणे में भी 28 फरवरी तक सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों के घर से निकलने पर रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 6,971 नए मामले मिले हैं और 35 लोगों की मौत हुई है।
पिछले साल अप्रैल में गठित कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने कहा कि राज्य में बढ़ते मामले को महामारी की दूसरी लहर नहीं कहा जा सकता, लेकिन लोग पाबंदियों और निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। महाराष्ट्र के प्रधान स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने कहा कि लोगों की अनुशासनहीनता और लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में मामलों के दूना होने की दर 600 दिनों से घटकर 393 दिन पर आ गई है। 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में छह हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं।
केरल के अलप्पुझा जिले में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां साप्ताहिक संक्रमण की दर बढ़कर 10.7 फीसद हो गई है। इस दौरान 2,833 मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मामले बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र और केरल से बढ़ते मामलों को देखते हुए आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजेन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो, उनकी अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाए। इसके साथ ही वायरस की संरचना में हो रहे बदलाव पर भी लगातार नजर रखने का सुझाव दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1,45,634 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.32 फीसद है। इस दौरान 14,264 नए मामले मिले हैं और 90 लोगों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ नौ लाख 91 हजार से अधिक हो गया है। इनमें से एक करोड़ छह लाख 89 हजार मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,56,302 लोगों की जान भी जा चुकी है।

सीएम श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की हुई बैठक : OmTimes

रांची (ऊँ टाइम्स) आज रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में मनरेगा योजना के प्रभावी संचालन के लिए कार्यशैली में बदलाव लाएं। प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित हो , यह सुनिश्चित करें। मनरेगा के तहत रोजगार सृजन के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं से लाभुकों के जीवन स्तर पर क्या बदलाव हो रहा है , इसका आकलन करें। सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा हो, योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारा जाए एवं जिनके लिए योजनाएं चल रही हैं उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव हो, यह सुनिश्चित करें। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का संचालन रिजल्ट ओरिएंटेड होनी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में लोंगों के आय में वृद्धि हो, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। गरीब, मजदूर, किसान सभी वर्ग एवं समुदाय के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव हेतु सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में मेढ़बंदी कार्य मिशन मोड में चलाएं। वर्तमान समय में वाटर रिसोर्स बहुत इंपॉर्टेंट है। खेत एवं टांड़ में मेढ़बंदी होने से कृषि के लिए जल स्तर के ठहराव में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण स्तर पर माइक्रो नर्सरी खोलें। माइक्रो नर्सरी का लाभ कृषि से जुड़े लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खास तौर पर वैसे किसान जो सालों भर सब्जी, फल इत्यादि की खेती करते हैं उन्हें ग्रामीण नर्सरी का लाभ शत-प्रतिशत मिल सकेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कंपोस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्देश अधिकारियों को दिया ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं के सफल संचालन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम डेवलप करें। इससे लाभुकों को समय की बचत हो सकेगी और रोजगार ससमय अधिक से अधिक मिल सकेगा। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर लाभुकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाएं। बैठक में मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा योजनाओं की प्रगति, महत्वपूर्ण निर्णयों और उपलब्धियों की विस्तदी गई । उन्होंने मुख्यमंत्री को वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्य योजना से अवगत कराया।

योजनाएं और लक्ष्य –
▪️11 करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
▪️25 हजार एकड़ में बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत बागवानी
▪️एक लाख हेक्टेयर टांड़ भूमि का उपचार (नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना)
▪️5 लाख परिवारों हेतु दीदी बाड़ी योजना
▪️1500 अतिरिक्त खेल मैदान का विकास (वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना)
▪️20 हजार सिंचाई कूप का निर्माण
▪️25 हजार पशु शेड का निर्माण
▪️50 हजार सोक पीट का निर्माण
▪️25 हजार कंपोस्ट पीट का निर्माण
▪️2600 आंगनबाड़ी का निर्माण

इस बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त श्री केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, सभी विभाग के प्रधान सचिव/सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, विभिन्न जिलों के उप विकास आयुक्त सहित अनेक अधिकारी आदि मौजूद रहे!

भोजपुर में मूर्ति विसर्जन के दौरान युवक को मारी गोली, गुस्साई भीड़ ने वाहनों को फूंका : OmTimes

भोजपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना जगदीशपुर क्षेत्र के बैरही गांव में शनिवार की दोपहर मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने के विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जख्मी युवक 18 वर्षीय विकास कुमार बरही गांव निवासी श्रीभगवान सिंह का  पुत्र है। जख्मी युवक को दायें साइड सीने में गोली लगी है, जो फंसी हुई है। इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया। जहां, से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया । इस दौरान घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन ट्रैक्टर व एक कार को फूंक दिया। एक पिकअप वैन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना दोपहर करीब दो बजे के बाद की है।
इधर, जख्मी युवक के चाचा ने बताया कि शनिवार दोपहर गांव में एक पक्ष के लोग मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। देखते ही देखते बाद बहुत बढ़ गया। तभी दूसरे पक्ष के एक युवक द्वारा विकास युवक को गोली मार दी गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल में लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया ।
फायरिंग की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। जिसके बाद ग्रामीणों ने जमकर उत्पात मचाया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने मूर्ति विसर्जन में जा रहे तीन ट्रैक्टर,टैक्टर पर लदे एक सेट डीजे,एक जनरेटर व एक कार को फूंक डाला । एक पिकअप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही जगदीशपुर एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन एवं स्थानीय थाना अपने दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच लोगों को समझाने बुझाने में जुट गया है। हालांकि, अभी भी गांव में तनाव पूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस कैंप कर रही हैं।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी कल पीपीई किट पहनकर करेंगे मतदान : OmTimes

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  गुजरात में स्‍थानीय निकाय चुनाव में करीब 25 हजार प्रत्‍याशी अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं, वहीं सुरक्षा व्‍यवस्‍था में दो हजार आला पुलिस अधिकारी समेत 43 हजार के करीब जवान तैनात हैं। छह महानगर पालिका की 576 सीट के लिए 2276 लोग चुनाव मैदान में हैं, रविवार को चुनाव होगा! जबकि 31 जिला व 231 तहसील पंचायत व 81 नगर पालिका चुनाव 28 फरवरी को होगा। चुनाव संपन्‍न कराने के लिए 63209 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने बताया कि राज्य में 21 फरवरी को अहमदाबाद सूरत वडोदरा राजकोट जामनगर तथा भावनगर महानगर पालिका के चुनाव होंगे।
राज्य सरकार ने शहरों व गांवों में सुरक्षा के लिए करीब 43 हजार जवान, पुलिसकर्मी, अर्द्धसैनिक बल तथा होमगाड्र्स   नियुक्‍त किए हैं। करीब दो हजार पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की निगरानी करेंगे। एसआरपी की 44 कंपनियां भी यहां पर तैनात की गई हैं। पुलिस ने राज्य भर से अब तक 48282 लाईसेंसशुदा व अवैध हथियार जब्त किए हैं। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के 25800 लोगो की धरपकड़ की गई है। पुलिस ने 18175 लोगों को वारंट जारी कर चेताया है। पुलिस ने महानगर पालिका क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की अवैध शराब, जबकि जिला पंचायत व नगरपालिका से सात करोड़ से अधिक की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के दौरान महानगरपालिका इलाकों से 7.50 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए, जबकि जिला पंचायत वv नगरपालिका क्षेत्रों से 15.89 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए हैं। अहमदाबाद सहित छह महानगर पालिका में 576 पार्षद के पदों के लिए 2276 उम्मीदवार मैदान में हैं।

तीन-चार मार्च को बंगाल में हो सकती है चुनाव की घोषणा : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) अभी तक यह उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी के बंगाल दौरे के बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तीन या चार मार्च को इसका एलान हो सकता है। इसकी वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मार्च तक बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले हैं। इस दौरान वे विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पहले चुनाव की घोषणा होने पर आदर्श संहिता लागू हो जाएगी, जिससे उन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में दो मार्च के बाद ही पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होगा।
पीएम मोदी सात मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली को भी संबोधित करेंगे, हालांकि वह सरकारी कार्यक्रम नहीं है। इसलिए उससे पहले विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। पीएम मोदी 23 फरवरी को आइआइटी खड़गपुर के दीक्षा समारोह में वर्चुअली शिरकत करेंगे। इससे पहले गत शुक्रवार को वे इसी तरह विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में भी शरीक हुए थे। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विस चुनाव की घोषणा से पहले विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास में जुटी हुई हैं।

पुलिस को चकमा देकर 25000 का इनामी बदमाश हुआ फरार : OmTimes

नोएडा ( ऊँ टाइम्स)  नोएडा पुलिस से मुठभेड़ के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती आरोपित पुलिसकर्मियों को चकमा देकर शौचालय जाने के बहाने फरार हो गया। सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस सर्च अभियान चलाकर फरार आरोपित की तलाश कर रही है। मौके पर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे हैं और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपित की तलाश की जा रही है।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, आरोपित को सोमवार रात इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। बंदी भागने न पाए इसके लिए उसकी सुरक्षा में तीन से चार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। आरोपित यहां से पुलिसकर्मियों को शौचालय जाने की बात कहकर फरार हो गया।
आप को बता दें कि सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गुलिस्तानपुर से अपहृत चार साल के बच्चे रितिक की हत्या के मामले में आरोपित विजय को 130 मीटर रोड पर हुई पुलिस मुठभेड़ में सोमवार रात गिरफ्तार किया था। पैर में गोली लगने से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने बीते शनिवार को अपहरण के बाद कन्नौज निवासी आरोपित अनिल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया था।
आरोपितों ने फिरौती के लिए 24 जनवरी को बच्चे का अपहरण किया था। उसी दिन गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव दलदल के पास छुपा दिया था। जांच में पड़ोस में रहने आए आरोपित विजय का नाम भी सामने आया था। वह पिछले कई दिन से फरार था। पुलिस ने उसपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। 
उधर, डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि जिला अस्पताल में सर्च अभियान चल रहा है आशंका है कि बदमाश अस्पताल परिसर में ही छिपा हुआ है। इसके लिए तलाशी अभियान जारी है। उम्मीद है कि उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

धमकी देने वाला पुलिस का बर्खास्‍त सिपाही गोरखपुर में हुआ गिरफ्तार : OmTimes News

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार गोरखपुर में धमकी देकर सनसनी फैलाने वाले बर्खास्‍त सिपाही दिग्विजय राय ने मोहद्दीुपर के रहने वाले दुकानदार से 50 हजार रुपये रंगदारी मांगी थी। जिसके वजह से सोमवार को कैंट पुलिस ने रंगदारी का केस दर्ज कर देर रात आरोपि‍त सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। इंटरनेट मीडिया पर हत्‍या करने की धमकी देने का वीडियो वायरल होने पर रविवार को मोहद्दीपुर चौकी प्रभारी ने बर्खास्‍त सिपाही पर मुकदमा दर्ज कराया था। बर्खास्‍त सिपाही किसको मारने की फिराक में था, यह जानने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है। 

यह है पूरा मामला – यूपी पुलिस का बर्खास्‍त सिपाही दिग्विजय राय कुशीनगर जिले तरयासुजान, बसडीला गुनागर गांव का रहने वाला है। शनिवार की शाम फेसबुक पर लाइव होकर उसने 2.45 मिनट का वीडियो शेयर किया। जिसमें गोरखपुर पुलिस को चैलेंज करते हुए तीन दिन में तीन लोगों की हत्‍या करने की धमकी दी। दिग्विजय ने कहा था कि 14 फरवरी की सुबह 10 बजे के पहले मोहद्दीपुर में एक हत्‍या करेगा। डीआइजी/एसएसपी के आदेश पर मोहद्दीपुर चौकी प्रभारी ने अरविंद सिंह ने रविवार की देर रात कैंट थाने में दिग्विजय राय के खिलाफ धमकी देने व आइटी एक्‍ट का केस दर्ज कराया। सोमवार की सुबह कैंट थाने पहुंचे मोहद्दीपुर निवासी रिंकू मिश्रा ने तहरीर देकर बताया कि रविवार को दिग्विजय राय उनकी दुकान पर आया था। तीन दिन के भीतर 50 हजार रुपये न देने पर हत्‍या करने की धमकी दी है। रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर कैंट पुलिस ने सोमवार की रात आरोपित सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह तीन दिन से शहर के एक होटल में रूका था। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो मोबाइल बंद कर होटल छोड़कर चला गया। प्रभारी निरीक्षक कैंट अनिल उपाध्‍याय ने बताया कि बर्खास्‍त सिपाही ने किसको मारने की धमकी दी थी, उसकी वजह क्‍या थी यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जाएगा। 
बर्खास्‍त सिपाही का वीडियो वायरल होने के बाद बस्‍ती जिले में तैनात इंस्‍पेक्‍टर व थाने के ड्राइवर के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। दोनों लोगों का परिवार शहर में रहता है। कप्‍तानगंज थाने में अर्मायादित व्‍यवहार करने पर इंस्‍पेक्‍टर ने एसपी को रिपोर्ट भेजी थी। जिसके आधार पर दिग्विजय राय निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद दिग्विजय ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो शेयर कर कप्‍तान, थानेदार समेत सात पुलिकर्मियों को गोली मारने की धमकी देने लगा। वीडियो वायरल होने पर एसपी ने बर्खास्‍त कर दिया। दिग्विजय अपने ऊपर हुई कार्रवाई का जिम्‍मेदार थानेदार समेत सात पुलिसकर्मियों को बताता है। 14 फरवरी को उसे सूचना मिली थी कि थानेदार व ड्राइवर गोरखपुर में मौजूद हैं। जानकारी होने पर अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर दोनों के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी थी।  अनुशासनहीनता और एसपी हेमराज मीणा सहित कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को जान से मारने की धमकी देने वाले बर्खास्त सिपाही दिग्विजय राय एक बार फिर सुर्खियों में है। गोरखपुर में तीन लोगों की हत्या करने की धमकी और दुकानदार से रंगदारी मांगने के बाद फिर से चर्चा में है। अपने फेसबुक वाल पर उसने एक पोस्‍ट डाला है जिसमें लिखा है कि बस्ती जिले के कप्तानगंज विधानसभा से चुनाव लडऩा चाहता है। जिसके लिए चुनाव सामाग्री जुटा रहा है। पोस्टर, कैलेंडर आदि छपवा लिया है। अपना मोबाइल नंबर भी दे रहा है।

बसंत पंचमी पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति कोविंद समेत अन्य नेताओं ने दी शुभकामनाएं : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  आज मंगलवार को पूरे देश में बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके कहा कि वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि बसंत का आगमन सभी देशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि  का संचार करे। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसंत पंचमी पर शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके कहा कि नव उमंग व नई ऊर्जा के प्रतीक बसंत पंचमी के पावन पर्व की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। विद्या की देवी मां सरस्वती सबके जीवन में ज्ञान, समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें, ऐसी कामना करता हूं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके कहा कि वसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आपके जीवन में हर्ष, उल्लास, ज्ञान और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही मेरी कामना है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके कहा कि मां सरस्वती की आराधना व वसंत पंचमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं। देवी सरस्वती हम सभी को ज्ञान और बुद्धि प्रदान करें। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुत गांधी ने भी ट्वीट करके बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीट किया बसंत पंचमी की आप सभी को शुभकामनाएं। 

टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिले और 11 शव, मृतकों की संख्या हुई 58 : OmTimes News

देहरादून (ऊँ टाइम्स)  चमोली के तपोवन में एनटीपीसी की विष्णुगाड परियोजना की मुख्य टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक मलबे में दबे 11 शव बरामद किए गए हैं। इस टनल के रास्ते सिल्ट फ्लशिंग टनल में सात फरवरी को काम करने गए 34 व्यक्तियों की तलाश में दिन-रात रेस्क्यू चल रहा है। इस बीच, सोमवार को एक शव मैठाणा इलाके में और एक शव श्रीनगर में अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज से मिला है।
उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। हम एक विभाग बनाएंगे, जिससे उपग्रह के माध्यम से सभी ग्लेशियरों की निगरानी और अध्ययन कर सकें। आपको बता दें कि लापता व्यक्तियों में से अभी तक 58 के शव मिल चुके हैं। 146 अन्य की तलाश जारी है। इधर, आपदा प्रभावित 13 गांवों में जनजीवन पटरी पर लाने के प्रयास तेज किए गए हैं। यहां बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के साथ ही आवाजाही के साधन तैयार किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में आज बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर फिर से उत्तर भारत के राज्यों पर पड़ेगा। यही नहीं देश के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है। उत्‍तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं आने वाले दिनों कोहरा भी आपको परेशान करेगा।
भारत के उत्‍तरी हिस्‍से में बार बार बन रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अन्‍य हिस्‍सों के मौसम में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसके चलते उत्‍तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। उधर,  हिमाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक बर्फबारी और हल्की से मध्य बारिश की चेतावनी  दी गई है। वहीं हिमालयी क्षेत्रों में रुक रुककर बर्फबारी हो रही है।
यूपी के वाराणसी में ठंडी हवाओं में दिन प्रतिदिन आ रही कमी की वजह से अब वाराणसी में इस सप्‍ताह अधिकतम पारा तीस डिग्री की ओर है।  माना जा है कि अब सर्दियां खत्म होने की ओर हैं। वातावरण में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से अब रातें भी अधिक सर्द नहीं रह गई हैं।
महाराष्‍ट्र में तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है। यहां पर मौसम विभाग ने 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया  है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यहां पर 16 फरवरी से 18 फरवरी तक अधिकांश हिस्‍सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 फरवरी से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्‍य महाराष्‍ट्र के हिस्‍सों में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी अनाज को बारिश से बचाने के लिए खुले आसमान से हटा दें। 
त्रासादी का सामना करे रहे उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में कोहरा ने रफ्तार पर ब्रेक दी है। कुछ हिस्सों में हल्की धूप खिली खिली थी, लेकिन यहां पर शाम को फिर से बादल छा जा रहे हैं। वहीं, दोपहर बाद अचानक मौसम बदल रहा है और पहाड़ी इलाकों में बारिश शुरू हुई। उत्तरकाशी और चमोली जिले में हल्की बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही बदरीनाथ, गोरसों, हेमकुंड समेत ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक हल्की बारिश और बर्फबारी यहां होती रहेगी।

35 पैसेंजर ट्रेनों को शुरू करने के लिए रेलवे कर रहा है तैयारी, लेकिन किराया रहेगा मेल एक्सप्रेस के बराबर : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) पंजाब और हरियाणा सहित उत्‍तर रेलवे के तहत आने वाले राज्‍यों के रेल यात्रियों के लिए अच्‍छी और राहत की खबर है। कोरोना काल में बंद हुर्ई ट्रेनों को रेल मंत्रालय धीरे-धीरे पटरी पर ला रहा है। अब पहली बार पैसेंजर ट्रेनों को पटरी पर लाकर मेल एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का दर्जा दिया जाएगा। इनका किराया मेल एक्सप्रेस के बराबर रहेगा।
उत्तर रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर को आपस में जोड़ने वाली 35 ट्रेनों की सूची जारी कर मंडलों से तैयारी के बारे में पूछा है। इन ट्रेनों में दैनिक यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे के कमर्शियल, मैकेनिकल और ऑपरेअिंग विभाग ने इसके लिए तैयारी तेज कर दी है। हालांकि इन ट्रेनों को कब से दौड़ाना है इसकी तिथि अभी नहीं बताई गई है। इनके रूट भी बाद में तय किए जाएंगे। जनवरी 2021 में ढाई सौ ट्रेनें पटरी पर आ चुकी हैं। वर्तमान में मुंबई के वेस्टर्न रूट पर 704 लोकल ट्रेनें चल रही हैं, जिसमें लाखों यात्री सफर कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे रूट पर 706 ट्रेनें पटरी पर हैं, जिनमें साढ़े चार लाख यात्री सफर कर रहे हैं। रेलवे की नीति के मुताबिक जो भी स्पेशल ट्रेन पटरी लाई जा रही हैं, उनका किराया सामान्य ट्रेनों से अधिक होता है, लेकिन जिन ट्रेनों के नंबर जारी किए गए हैं वह पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनको दर्जा मेल एक्सप्रेस का दिया गया है।

इन ट्रेनों को चलाने की हो रही है तैयारी-

ट्रेन नंबर                        कहां से कहां तक

52472 –                      जोगिंद्र नगर से पठानकोट

52473-                        पठानकोट से जोगिंद्र नगर

54075-                         बरेली से दिल्ली

54076 –                        दिल्ली से बरेली

54231 –                        फैजाबाद से लखनऊ

54234 –                        लखनऊ से फैजाबाद

54255 –                        वाराणसी से प्रतापगढ़

54256 –                        प्रतापगढ़ से वाराणसी

54329-                          बालामऊ से शाहजहांपुर

54330 –                         शाहजहांपुर से बालामऊ

54561 –                         बठिंडा से फिरोजपुर कैंट

54564 –                         फिरोजपुर कैंट से बठिंडा

54613 –                         अमृतसर से पठानकोट

54616 –                          पठानकोट से अमृतसर।

64016 –                          शकुर बस्ती से पलवल

64031 –                          गाजियाबाद से शकुर बस्ती

64053 –                           पलवल से गाजियाबाद

64203 –                            लखनऊ से कानपुर सेंट्रल

64214 –                             कानपुर सेंट्रल से लखनऊ

64461 –                             हजरत निजामुद्दीन से कुरूक्षेत्र

64462 –                              कुरूक्षेत्र से हजरत निजामुद्दीन

64511 –                              सहारनपुर से ऊना हिमाचल

64512-                               ऊना हिमाचल से सहारनपुर

64521 –                               अंबाला कैंट से लुधियाना

64522 –                                लुधियाना से अंबाला कैंट

64557 –                                दिल्ली से सहारनपुर

64558 –                                सहारनपुर से दिल्ली

64565 –                                 मुरादाबाद से सहारनपुर

64566 –                                 सहारनपुर से मुरादाबाद।

74021 –                                 दिल्ली से सहारनपुर

74024 –                                 सहारनपुर से दिल्ली

74615 –                                 बनिहाल से बारामूला

74628 –                                  बारामूला से बनिहाल

74909 –                                  पठानकोट से ऊधमपुर

74910 –                                   ऊधमपुर से पठानकोट।

” कोरोना काल में 25 मार्च के बाद ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, लेकिन अब रेल मंत्रालय धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरी पर लाया जा रहा है। उत्तर रेलवे भी यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल्द ही कुछ ट्रेनों को पटरी पर उतारेगा, जिसको लेकर हम तैयार हैं।
                                                                                                    – जीएम सिंह, डीआरएम, अंबाला।

लाकडाउन उलंघन के ढाई लाख केस होंगे वापस, यूपी के CM योगी आदित्यनाथ का फरमान : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मामूली या हल्की गलती करने वालों पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दिल दिखाया है। लॉकडाउन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल में छोटी गलती करने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार केस वापस लेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस केस वापसी के फैसले से करीब ढाई लाख से अधिक लोग लाभांवित होंगे। इन सभी के खिलाफ मास्क न पहनने या स्तरीय मास्क न पहनने जैसे मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब इन प्रकरणों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहनीय फैसला लिया है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आम जनता पर मामूली अपराध में दर्ज ढाई लाख से ज्यादा मुकदमें वापस लेने का आदेश दिया है। इनके इस आदेश से बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा।
योगी आदित्यनाथ सरकार उत्‍तर प्रदेश के व्‍यापारियों के बाद अब प्रदेश के लाखों लोगों को लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों में बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रदेश में आमजन के ऊपर कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के ढ़ाई लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  कोविड-19 और लॉक डाउन तोड़ने के मामलों में पुलिस और कचहरी के चक्‍कर लगा रहे यूपी के लाखों लोगों व व्‍यापारियों को जल्‍दी इन चक्‍करों से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार प्रदेश भर के थानों में लॉकडाउन की धारा 188 के उल्‍लंघन को लेकर दर्ज हुए मुकदमें वापस लेने की तैयारी कर रही है। अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश भर के व्‍यापारियों के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान दर्ज हुए मुकदमें वापस लिए जाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद कानून मंत्री बृजेश पाठक ने व्‍यापारियों पर दर्ज मुकदमों का ब्‍योरा जुटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि कोविड के मुकदमों से आम लोगों को अनावश्‍यक परेशानी उठानी पड़ेगी। थानों में दर्ज मुकदमें वापस होने के बाद लोगों को परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी।
सरकार के कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने और लॉक डाउन के उल्‍लंघन के मुकदमें वापस लेने से आम लोगों व व्‍यापारियों को राहत मिलेगी। साथ ही सरकार का मानना है कि इससे न्‍यायालय पर से मुकदमों का बोझ कम होगा। वहीं, लोगों को कचहरी व पुलिस थानों के चक्‍कर काटना नहीं पड़ेंगे। इसका सबसे अधिक लाभ व्यापारी वर्ग को होगा। प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने व्यापारियों के साथ बैठक के बाद बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मामूली गलती करने वाले ढाई लाख से अधिक लोगों के खिलाफ कोविड एक्ट के तहत दर्ज केस वापस लेने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद राज्य सरकार कोविड-19 और लॉकडाउन तोडऩे को लेकर दर्ज हल््की धारा के मुकदमों को वापस लेने का मन बना लिया था। इस बारे में कानून मंत्रालय ने अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया था।
व्यापारियों के साथ अन्य लोगों पर दर्ज कोविड व लॉकडाउन से जुड़े मामले के केस वापस लेने का फैसला किया गया था। इस बाबत आज दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से हजारों व्यापारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत मिलेगी। कोविड 19 प्रोटोकाल तोडऩे और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। सरकार ने मुकदमों की वापसी के साथ ही उन्हेंं भविष्य में ऐसी स्थितियों में विशेष एहतियात बरतने की चेतावनी भी दे दी है। इन मुकदमों की वापसी से पुलिस और कोर्ट का बोझ भी कम होगा और उन्हे आवश्यक चीजों की जांच के लिए मौका मिल सकेगा। 
कोविड-19 संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन के उल्‍लंघन में प्रदेश के हजारों व्‍यापारियों के साथ आमजन के खिलाफ विभिन्‍न थानों में मुकदमें दर्ज किए गए थे। कुछ दिनों पहले सरकार ने व्‍यापारियों को राहत देते हुए उन पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए थे और अब आम जनता पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए हैं। वही, देश में उत्‍तर प्रदेश पहला राज्‍य है, जिसने व्‍यापारियों व आम जनता पर लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। 

उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा के पहले होंगे पंचायत चुनाव , उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा का संकेत : OmTimes News

रायबरेली (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण की अधिसूचना जारी होते ही अब मतदान की तारीख का इंतजार है। इसी बीच में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विशेष संकेत दिया है।
रायबरेली में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि पंचायत चुनाव बोर्ड परीक्षा से पहले होंगे। इससे तो यह तय हो गया है कि सरकार के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग 20 अप्रैल से पहले ही उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव कराने की तैयारी में है। इसमें ग्राम पंचायत के साथ ही ब्लाक प्रमुख तथा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होंगे। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां की जा रही हैं। डॉ. दिनेश शर्मा शनिवार को रायबरेली में बुद्धजीवी सम्मेलन में शामिल होने आए थे। इस सम्मेलन से पहले पत्रकारवार्ता में डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि भाजपा पंचायत चुनाव के लिए बूथ स्तर तक अपनी तैयारी में जुटी है।
केंद्र सरकार के बजट पर डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, मजदूरों, उद्यमियों और नवजवानों के लिए बेहद हितकारी है। जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूप में देश को दो कुशल प्रशासक मिले हैं। प्रधानमंत्री की सदइच्छा है कि देश का सर्वांगीण विकास हो। इसी को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। किसानों की आमदनी को 2022 तक दो गुना तक करने की योजना का भी इस बजट में ख्याल रखा गया है। सड़क, बिजली, पानी, स्वस्थ और शिक्षा पर ज्यादा जोर है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश को छह नए एकलव्य विद्यालय मिले हैं। शहरी क्षेत्र में इसकी स्थापना पर 38 और पहाड़ी क्षेत्र में 48 करोड़ रुपये खर्च आएगा। प्रत्येक जिले में एक इंट्रीग्रेटेड लैब की स्थापना होगी। कर के अंशदान में 63 हजार करोड़ की कमी की गई है। रेलवे का बेहतर लाभ। 40 फीसद वृद्धि का सबसे बड़ा अंश यूपी को मिला। अयोध्या स्टेशन के विकास को 100 करोड़ मिलेगा। 50 करोड़ मिल चुके हैं। तीन नई ट्रेनें मिलीं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई का लाभ भी मिलेगा। किसी भी देश का सर्व व्यापी, सर्वग्राही बजट है। कोरोना संक्रमण के बावजूद हमारी जीडीपी अगले वर्ष दो अंकों में होगी।

कुश्‍ती अखाड़े में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, एक महिला पहलवान सहित पांच की माैत : OmTimes

रोहतक (ऊँ टाइम्स) शहर के एक कुश्‍ती अखाड़े में अचानक फायरिंग से हड़कंप मच गया। जाट कॉलेज के पास एक अखाड़ा में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में पांच लाेगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मारे गए लोगाें में तीन कुश्‍ती काेच और एक महिला पहलवान भी शामिल हैंं। घटना में मारी गई महिला पहलवान उत्‍तर प्रदेश के मथुरा की बताई जाती है। घटना का कारण पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। घायलों को निकट के अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। चर्चा है कि फायरिंग एक कुश्‍ती कोच सुखविंद्र मोर ने अपने कुछ साथियों के साथ किया है। 
जानकारी के अनुसार, देर शाम जाट कॉलेज के पीछे स्थित अखाड़े में कुछ अज्ञात हमलावर घुसे और उन्‍होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें अखाड़ा संचालक और उसकी पत्‍नी सहित पांच लोगों की मौत हो गई। कई अन्य के घायल होने की सूचना है। वारदात की सूचना मिलने पर शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वारदात स्थल का जायजा लिया।
मृतकों में अखाड़े का संचालक सोनीपत के सरगथला गांव निवासी मनोज कुमार, उसकी पत्‍नी साक्षी, उत्तर प्रदेश के मथुरा की महिला पहलवान पूजा, रोहतक के मांडोठी गांव निवासी कोच सतीश कुमार और गांव मोखरा निवासी प्रदीप मलिक शामिल हैं। देव कालोनी स्थित अखाड़े के कोच निंदाना निवासी अमरजीत सिंह और कोच मनोज कुमार का बेटा तीन वर्षीय सरताज घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार देर शाम में जाट कॉलेज के पास अखाड़े अचानक फायरिंग होने लगी। फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा और अखाड़े में चीख-पुकार मच गई। यह हमला शुक्रवार की देर शाम जाट कालेज के पीछे अखाड़े में घुसकर किया गया है । घटना की जानकारी होते ही एसपी राहुल शर्मा, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। हमलावरों की संख्या छह से आठ तक बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है। घटना को अंजाम देने के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस संबंधित परिवारों से संपर्क में जुटी हुई है।
घटना का कारण मुख्य अभियुक्त सुखविंद्र मोर और मारे गए कोच मनोज में विवाद बताया जा रहा है। सुखविंद्र सोनीपत के बरोदा का रहने वाला है। वारदात के बाद अभियुक्त और उसके साथ आए हमलावर भाग निकले। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है।
घटना की जानकारी होते ही जाट कालेज में जिले भर के पहलवान और कोच का जमावड़ा हो गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों व शहर के प्रमुख लोग भी पहुंच गए। तत्काल ही घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों को पकड़ने की मांग उठने लगी। वहीं, एसपी राहुल शर्मा ने बताया कि हमें घटना की सूचना मिली तो मौके पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पूरे मामले में तथ्य जुटाने के लिए टीम गठित कर दी है।
उधर, गोहाना क्षेत्र के बरोदा थाने की पुलिस गांव बरोदा के सुखविंद्र मोर द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद अलर्ट हो गई। पुलिस ने गांव बरोदा में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और सुखमेंद्र के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार गांव बरोदा में स्थिति सामान्य है। बरोदा थाना के प्रभारी बदन सिंह गांव में पहुंचे। थाना प्रभारी के अनुसार गांव में किसी तरह की घटना नहीं हुई। पुलिस ग्रामीणों ने सुखविंद्र मोर के बारे में जानकारी जुटा रही है। सुखमेंद्र द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद ग्रामीण हतप्रभ है। ग्रामीणों का कहना है कि सुखविंद्र को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। वह कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। सुखविंद्र ने करीब दो साल पहले अखाड़े में हिस्सा किया था और वह अखाड़े का कोच था। सुखविंद्र के पिता मेहर सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और गांव में रहते हैं। सुखवेंद्र अक्‍सर गांव आता-जाता रहता था। सुखविंद्र  और उसकी पत्नी को मेहर सिंह अपनी चल-अचल संपत्ति बेदखल कर रखा है। सुखविंद्र के एक ढाई साल का बेटा है।

घरेलू विमान यात्रा का किराया 30 फीसद तक हुआ महंगा : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  भारत सरकार ने घरेलू विमान यात्रा किराया की निचली व ऊपरी सीमा में 10 से 30 फीसद तक बढ़ोतरी कर दिया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि नई सीमा इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगी। नई व्यवस्था के तहत 40 मिनट से कम उड़ान समय वाली यात्रा के लिए न्यूनतम किराया अब 2,200 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 2,000 रुपये था। इसी अवधि के लिए अब विमान कंपनियां अधिकतम 7,800 रुपये वसूल सकेंगी, जो सीमा पहले 6,000 रुपये थी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि घरेलू विमानों में यात्रियों की अधिकतम संख्या उनकी कुल क्षमता के 80 फीसद से ज्यादा नहीं होगी। यह फैसला भी इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगा।
जहां तक किराया का सवाल है तो अब 40-60 मिनट अवधि वाली फ्लाइट के लिए यात्रियों को कम से कम 2,800 रुपये और अधिकतम 9,800 रुपये देने होंगे। पहले यह सीमा 2,500-7,500 रुपये थी। वहीं, एक घंटे से अधिक और 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे तक की यात्रा के लिए अब यात्रियों को 3,300-11,700 रुपये तक चुकाने पड़ेंगे। वहीं, डेढ़ घंटे से अधिक और दो घंटे तक (90-120 मिनट) की यात्रा अब कम से कम 3,900 रुपये में हो सकेगी, जबकि विमानन कंपनियां इसके लिए अधिकतम 13,000 रुपये वसूल सकेंगी। नई सीमा के तहत दो घंटे से लेकर ढाई घंटे (120-150 मिनट) तक की यात्रा के लिए अब 5,000-16,900 रुपये, ढाई घंटे से लेकर तीन घंटे (150-180 मिनट) तक के लिए 6,100-20,400 रुपये तथा तीन घंटे से लेकर साढ़े तीन घंटे (180-210 मिनट) तक की यात्रा के लिए यात्रियों को 7,200-24,200 रुपये देने पड़ेंगे। इससे पहले घरेलू विमान यात्रा के लिए किराया की अधिकतम सीमा 18,600 रुपये थी।
पिछले वर्ष 21 मई को नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे कम से कम 40 फीसद सीटों के लिए न्यूनतम और अधिकतम मूल्य के मध्य से कम किराया लेंगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी समयावधि के लिए न्यूनतम किराया 5,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये था, तो विमानन कंपनियों को कम से कम 40 फीसद सीटें 7,500 रुपये से कम में उपलब्ध करानी थी। उस समय डीजीसीए ने कंपनियों से यह भी कहा था कि उनकी किसी भी फ्लाइट में कुल क्षमता के 33 फीसद से अधिक यात्री नहीं होंगे। पिछले वर्ष जून में यह सीमा बढ़ाकर 45 फीसद और धीरे-धीरे 80 फीसद कर दी। गुरुवार को डीजीसीए ने 80 फीसद की यह सीमा इस वर्ष 31 मार्च तक के लिए बरकरार रखी है।

टनल के पास ऋषिगंगा नदी में फिर बढ रहा पानी , रोका गया राहत और बचाव कार्य : OmTimes News

देहरादून (ऊँ टाइम्स) चमोली में तपोवन विष्‍णुगाड परियोजना की टनल में फंसे लोगों को रेस्‍क्‍यू करने में पल-पल नई चुनौती पेश आ रही है। बुधवार मध्‍यरात्रि ड्रिल करके काम कर रही टीम का पता लगाने की जिस रणनीति पर काम शुरू किया गया था, सुबह ग्‍यारह बजे उसे बदलना पड़ा। अब फिर से मुख्‍य टनल की सफाई कर टी प्‍वाइंट की तरफ बढ़ने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया गया है। छह मीटर ड्रिल के बाद लोहे का जाल और कंक्रीट की मजबूत सतह मिलने के चलते और गहराई में ड्रिलिंग संभव नहीं हो पा रही है। इसीलिए ड्रिलिंग रोककर अब फिर से मुख्‍य टनल से मलबा हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। टनल के भीतर रविवार से 34 लोग फंसे हुए हैं। ये सभी फलशिंग टनल में काम करने गए थे। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बचाव अभियान के तहत हम कल तक सुरंग में मलबा हटाने का काम कर रहे थे। अंदर देखने के लिए हमने छोटी सुरंग में ड्रिलिंग भी शुरू की थी, लेकिन मशीन के टूटते ही इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
चमोली पुलिस के अनुसार नदी में पानी का स्तर बढ़ रहा है, आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और घबराएं नहीं।डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी में जलस्‍तर बढ़ने के कारण बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोका गया है। निचले इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं। टनल के पास से पानी निकालना हुआ शुरू, रोका गया राहत और बचाव कार्य। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज चमोली जिले में टनल क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वहां चल रहे बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए वह आइटीबीपी के अधिकारियों से मिलीं। उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी मौर्य हैलि‍कॉप्टर से जोशीमठ हैलीपैड पहुंची। इसके बाद यहां से कार द्वारा तपोवन पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेंगी। आइटीबीपी के डीआइजी अपर्णा कुमार ने बताया कि ऐसी संभावना है कि सुरंग के अंदर कुछ और लोग फंस सकते हैं, एनटीपीसी की टीम वर्टिकल ड्रिलिंग का इस्तेमाल कर रही है। चमोली में पुल बह जाने के बाद 13 सीमांत गांवों का संपर्क कट गया है। इसके बाद से गांवों को जोड़ने के लिए आइटीबीपी के जवान झूला पुल का निमार्ण कर रहे हैं। इसका उपयोग ब्रिज के एक तरफ से दूसरी तरफ राशन पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, अब तक 34 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 10 की शिनाख्‍त हो गई। वहीं, 170 लोग अभी लापता हैं। टनल में फंसे करीब 34 लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पांचवें दिन गुरुवार को भी जारी है। गुरुवार सुबह करीब दो बजे रेस्‍क्‍यू टीम ने मुख्य टनल में ही करीब 12 मीटर तक ड्रि‍लिंग का काम शुरू कर दिया गया है। ड्रि‍लिंग कर कैमरे के जरिये फंसे व्यक्तियों का पता लगाया जाएगा। बुधवार को नेवी के माकरेस ने श्रीनगर के समीप कोटेश्वर झील में सर्च आपरेशन चलाया गया ! प्राप्त सूचना के आधार पर अब तक ये माना जा रहा था कि टनल में टी-प्वाइंट पर उक्त व्यक्ति फंसे हैं।तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन की रणनीति को चौथे दिन बदलना पड़ा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- देश को आंदोलनजीवी प्रजाति से बचने की है जरूरत : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के पीछे हित साध रहे कुछ कथित आंदोलनकारियों और अपनी सियायत चमकाने में लगे राजनीतिक दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आड़े हाथों लिया है। निहित स्वार्थ के कारण आंदोलन में शामिल नेताओं को मोदी ने ‘आंदोलनजीवी’ करार देते हुए इनसे बचने का सलाह दिया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयानों का उल्लेख करते हुए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस पर यूटर्न का आरोप भी लगाया।सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन के जरिये देश के अंदर और बाहर सरकार विरोधी हवा बनाने वाले लोगों की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया।
साथ ही पीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) था, है और रहेगा। लिहाजा किसान भाइयों को आंदोलन खत्म कर उन सभी मुद्दों के साथ आना चाहिए, जिन्हें लेकर आशंका है। सरकार उन्हें दुरुस्त करेगी। प्रधानमंत्री की बातों का एक संकेत यह भी है कि कानूनों को लेकर सरकार कदम पीछे नहीं खींचेगी।अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक एक कर हर विरोधी पर चुटकी ली। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट भी किया कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। सदन में सामने बैठे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह के ही पुराने बयानों को पढ़कर सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसानों के लिए एक बाजार उपलब्ध कराने की मंशा जताई थी। लेकिन हमने वही काम किया तो कांग्रेस यू टर्न ले रही है। यह तो आपके लिए गर्व का मौका था। आप कहते कि मोदी हमारे काम को आगे बढ़ा रहे हैं।’
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि चौधरी चरण ¨सह ने 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर कहा था, ‘देश के 51 फीसद लघु व सीमांत किसानों की हालत बहुत खराब है’। अब ऐसे किसानों की संख्या 86 फीसद यानी 112 करोड़ पर पहुंच गई है। चुनाव आते ही कर्ज माफी होती है, लेकिन छोटे व सीमांत किसान वंचित रह जाते हैं, क्योंकि वे बैंक से लोन नहीं लेते। इन्हें हम नहीं छोड़ सकते हैं। देश को पीछे ले जाना संभव नहीं है। समय इंतजार नहीं करेगा। समस्या के बजाय समाधान का रास्ता खोजना होगा।
पीएम ने कहा कि हरित क्रांति के समय भी ऐसी ही आशंकाएं व भ्रांतियां फैलाई गई थीं। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के समय कोई कृषि मंत्री बनने को तैयार नहीं था। वामपंथी दल उस समय भी इसी तरह विरोध कर रहे थे। कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट कहा जा रहा था। लेकिन उसी हरित क्रांति का फल है कि पीएल-480 योजना के विलायती अनाज से पेट भरने वाला भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हो गया।
कानूनों को लेकर विपक्ष के रवैये पर पीएम ने कहा कि इन दलों की भी जहां सरकारें हैं, कुछ न कुछ इन्हीं कानूनों को अपनाया गया है, क्योंकि उनको भी मालूम है कि रास्ता तो यही है। सदन में चर्चा के दौरान भी कानून की मंशा पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। मोदी बोले, ‘शिकायत है कि तरीका ठीक नहीं था, जल्दी कर दिया, इसको नहीं पूछा। ये तो रहता ही है। वो तो परिवार में शादी भी होती है, तो फूफी नाराज होकर कहती है कि मुझे कहां पूछा। इतना बड़ा परिवार है तो ये तो रहता ही है।’
संबोधन के अंत में विपक्ष के हमलों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘कोरोना के कारण ज्यादा आना-जाना होता नहीं होगा। घर में भी खींचतान चलती होगी। इतना गुस्सा यहां निकाल दिया तो आपका मन कितना हल्का हो गया। ये आनंद आपको जो मिला है, इसके लिए मैं काम आया, ये भी मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। मैं चाहता हूं कि आप ये आनंद लेते रहिए। चर्चा करते रहिए। सदन को जीवंत बनाकर रखिए। मोदी है तो मौका लीजिए।’

प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन समस्या पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन से किया वार्ता : OmTimes News

नई दिल्‍ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर पहली बार बात की। प्रधानमंत्री ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है। इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हमने सामरिक, क्षेत्रीय मुद्दों समेत अपनी साझी प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। 
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘आज मैंने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात की और उन्हें चुनावों में मिली सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। हमने क्षेत्रीय मसलों और साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा की। हम जलवायु परिवर्तन की समस्‍या पर अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। मैं और राष्ट्रपति बाइडन एक नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत-प्रशांत क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन को उनकी शानदार जीत पर बधाई दी है। इससे पहले मतगणना के दौरान जब राष्ट्रपति बाइडन चुनाव जीते थे तब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्‍हें ट्वीट कर शुभकामनाएं दी थीं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन की जीत पर अपने बधाई संदेश में कहा था कि भारत और अमेरिका साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ खड़े हैं। भारत और अमेरिका के बीच संबंध साझेदारी और साझा मूल्‍यों पर आधारित हैं। मैं बाइडन के साथ काम करने और भारत और अमेरिका की साझेदारी को नए मुकाम तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हूं।
यह बातचीत ऐसे वक्‍त में हुई है जब भारत और अमेरिका की सेनाएं राजस्थान में युद्धाभ्यास कर रही हैं। ऐसे में जब बाइडन प्रशासन स्‍पष्‍ट तौर पर कह चुका है कि चीन को लेकर ट्रंप के कार्यकाल की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा। इस बातचीत के खास मायने लगाए जा रहे हैं। यही नहीं मौजूदा वक्‍त में जब पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ तनाव बना हुआ है। यह बातचीत भारत और अमेरिका के संबंधों की मजबूती के संकेत भी दे रही है।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में काफी सुधार हुआ। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि बाइडन प्रशासन के दौरान भारत को संभवत: उतना महत्व नहीं मिलेगा। लेकिन, नरेन्द्र मोदी और बाइडन की आज की बातचीत से स्पष्ट है कि व्यवस्था बदलने से भारत-अमेरिका संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा!
पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी रे ब्लिनकेन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि इसी वार्ता ने बाइडन और पीएम मोदी के बीच होने वाली टेलीफोन वार्ता की जमीन तैयार की थी। यही नहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी टेलीफोन पर बात की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ कहा था कि अमेरिका भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल ही में बाइडन प्रशासन ने कहा था कि चीन को पड़ोसियों को डराने-धमकाने से बाज आना चाहिए। अमेरिका ने यह भी कहा था कि एलएसी के हालात पर उसकी करीबी नजर है। अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारतीय हितों के साथ खड़ा रहेगा। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली जे होर्न ने कहा कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि के लिए हम अपने साझेदारों के साथ खड़े रहेंगे। 

बंद पड़े विश्वविद्यालय और कॉलेजों को खोलने के लिए यूजीसी ने दी हरी झंडी : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के घटते प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर में बंद पड़े विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जरूरी सुरक्षा इंतजामों के साथ फिर खोलने के लिए कहा है। हालांकि, इन्हें कब से खोलना है, इसका फैसला उन्हें राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की सहमति के आधार पर करने को कहा है। यूजीसी ने फिलहाल इस संबंध में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पूरी स्वतंत्रता दी है। साथ ही संस्थानों को खोलने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइंस पर अमल सुनिश्चित करने को भी कहा है।
यूजीसी ने यह कदम बंद पड़े विश्वविद्यालयों और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की छात्रों की मांगों को देखते हुए लिया है। हालांकि, इसे लेकर यूजीसी पूरी तरह से सतर्क भी है, क्योंकि अभी भी महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहां हर दिन हजारों की संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यूजीसी बिल्कुल भी जल्दबाजी में नहीं है और न ही संस्थानों पर इन्हें खोलने के लिए कोई दबाव ही बनाया है। संस्थानों को अपनी सुविधा और तैयारियों के आधार पर छात्रों को बुलाने से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार दिया है। वहीं, यूजीसी की संस्थानों को खोलने से जुड़ी गाइडलाइंस में इस बात पर जोर दिया गया है कि ऑफलाइन कक्षाएं जब शुरू हों तो छात्रों को एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। साथ ही मास्क पहनने और बार-बार हाथ साफ करने को अनिवार्य बनाया जाए।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को खोलने को लेकर यूजीसी ने यह कदम इसलिए भी उठाया है, क्योंकि ज्यादातर राज्यों में स्कूल खुल गए हैं। हालांकि, उनमें अभी सिर्फ नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को बुलाया जा रहा है। बावजूद इसके सभी छात्र अभी स्कूल नहीं आ रहे हैं, क्योंकि स्कूल आने को अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। साथ ही अभिभावकों की अनुमति भी जरूरी की गई है। मालूम हो कि स्कूलों के साथ ही देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को भी कोरोना की दस्तक के साथ ही पिछले साल मार्च में बंद कर दिया गया था, जो अभी भी बंद हैं।

पीएम की अपील के बाद किसान नेता बातचीत के लिए तैयार, सरकार तय करे वार्ता की तारीख : OmTimes News

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंदोलन खत्‍म करने की अपील और बातचीत के लिए निमंत्रण देने के बाद किसान संगठनों ने कहा है कि सरकार बातचीत के अगले दौर की तारीख तय करे। हालांकि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेताओं ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्‍होंने देश में आंदोलनजीवियों की एक नई जमात पैदा होने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य किसान नेता शिव कुमार काका ने कहा कि हम अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार को बैठक की तारीख और समय बताना चाहिए। हमने बातचीत से कभी भी इनकार नहीं किया है। सरकार ने हमको जब भी बातचीत के लिए बुलाया है हमने बात की है। हम आगे भी सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों से अपना आंदोलन खत्‍म कर कृषि सुधारों को एक मौका देने की गुजारिश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आंदोलन से जुड़े लोगों से प्रार्थना करते हैं कि आंदोलन करना आपका हक है लेकिन बुजुर्ग भी वहां बैठे हैं… उन्‍हें घर ले जाइए, आंदोलन खत्म करिए। मौजूदा वक्‍त खेती को खुशहाल बनाने के लिए फैसले लेने का है। हमें इसको गंवाना नहीं चाहिए। हमें देश को पीछे नहीं ले जाना चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि रविवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि सरकार किसान संगठनों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा था कि किसान संगठन यदि कोई नया प्रस्ताव लेकर आते हैं तो सरकार फिर से बातचीत करेगी। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का समाधान जल्द ही निकल आएगा। सरकार किसानों संगठनों से लगातार बातचीत कर रही है… आगे भी चर्चा जारी रहेगी। 
उल्‍लेखनीय है कि विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। नतीजतन गतिरोध भी बरकरार है। किसान संगठन नए कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी देने पर अड़े हुए हैं। सनद रहे पिछली बातचीत में सरकार ने कानूनों को 12 से 18 महीने तक निलंबित रखने की पेशकश की थी जिसे किसान संगठनों ने खारिज कर दिया था।  

राष्ट्र विरोधी मामले में जगदेव सिंह जग्गा लखनऊ में गिरफ्तार, पंजाब पुलिस को थी तलाश : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा और मलतानी सिंह का साथी जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। वह पंजाब से लखीमपुर के रास्ते लखनऊ आ रहा था। पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस ने सोमवार दोपहर उसे सचिवालय चौराहा सेक्टर सी जानकीपुरम से दबोच लिया। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा पुत्र मुख्‍त‍ियार सिंह राष्‍ट्र विरोधी गतिविधियों के कई मामलों में वांछित था और पंजाब पुलिस तलाश कर रही थी।
खालिस्तानी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा का एक साथी पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ में जानकारी मिली कि सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जगदेव सिंह उर्फ जग्गा लखनऊ जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर अमृतसर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल से इंस्पेक्टर इंद्रदीप सिंह के नेतृत्व में 10 पुलिसकर्मियों की टीम लखनऊ पहुंची। यहां लखनऊ पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पंजाब के फिरोजपुर जिले के फतेहगढ़ सकरा थाना जीरा गांव निवासी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा पर स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर पंजाब में अर्म्‍स एक्‍ट समेत करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस आयुक्‍त डीके ठाकुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के नियंत्रण अभ‍ियान के तहत हुई है। इस वांछ‍ित आतंकी को स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर (पंजाब), क्राइम ब्रांच लखनऊ, सर्विलांस क्राइम ब्रांच व विकास नगर थाना, लखनऊ की संयुक्‍त पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस जल्‍द ही आतंकी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेगी। जग्‍गा के खिलाफ सात फरवरी को अमृतसर की कोर्ट के न्‍याय‍िक मजिस्‍ट्रेट ने गिरफ्तार वारंट भी जारी किया था। बताया जा रहा है कि आतंकी का संबंध खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा एवं मलतानी सिंह व अन्‍य राष्‍ट्र विरोधी तत्‍वों से है। परमजीत सिंह इंग्‍लैंड में रहकर राष्‍ट्र विरोधी गतिविध‍ियों में लिप्‍त है।
बता दें कि जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा 2019 में 23 मार्च से 19 अक्‍टूबर तक व 2020 में 26 अक्‍टूबर से 26 नवंबर तक अमृतसर की जेल व गुरदासपुर की जेल में सजा काट चुका है। यह खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह का खास साथी है। परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। ये दोनों इंग्लैंड और जर्मनी में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते आ रहे हैं। यह संगठन असलहों और कारतूस की खरीद फरोख्त के लिए धन भी मुहैया करा रहा था। गिरफ्तार अरोपित ने मध्य प्रदेश से असलहों की खरीद फरोख्त भी की थी।

प्रयागराज व गढमुक्तेश्वर सहित उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में राहत दस्ता मुस्तैद : OmTimes News

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से उत्तर प्रदेश में भी गंगा नदी में बाढ़ आने के साथ तबाही की आशंका पर उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में अलर्ट है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड को इस संकट की घड़ी में हर प्रकार की मदद देने के साथ गंगा नदी के किनारे के जिलों में जिलाधिकारियों व पुलिस प्रमुख को भी मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने भी इस बाबत सिंचाई विभाग के इंजीनियर्स को सभी बांध के गेट खोलने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश में गंगा नदी बिजनौर से प्रवेश करती है। इसके बाद बदायूं, बुलंदशहर, हापुड़, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, प्रयागराज से होकर वाराणसी, गाजीपुर तथा बलिया तक बहती है। चमोली के इस हादसे का असर उत्तर प्रदेश में भी होने की आशंका के बीच प्रयागराज के साथ गढमुक्तेश्वर में माघ मेले पर सरकार की खास नजर है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए सभी संबंधित लोगों को निर्देशित किया है। हमलोगों ने जिलाधिकारियों से बात कर अलर्ट पर रहने को कहा है। सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी अधिकारी काम पर लग गए हैं। लखनऊ में कंट्रोलरूम बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश में बिजनौर से बलिया तक के 27 जिले गंगा नदी के तट है। इन सभी सभी जिलों में जिलाधिकारी के साथ पुलिस तथा राहत विभाग की टीम अलर्ट है। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रयागराज के साथ गढ़मुक्तेश्वर और फर्रुखाबाद में माघ मेला चल रहा है। वहां पर भी हम लोगों ने हाईअलर्ट किया है। जैसे ही हम लोगों को पानी के बहाव की सही जानकारी मिलेगी, हम लोग उसी हिसाब से फैसले लेंगे। उत्तर प्रदेश में पूरा विभाग और प्रशासन अलर्ट पर है।

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और बाढ़ विभाग सभी अलर्ट पर हैं। सिंचाई विभाग भी मुस्तैद है कि पानी बढऩे पर कौन से गेट खोलने पड़ेंगे। इस बारे में भी सही निर्णय ले सकें। बिजनौर से गंगा नदी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। इसी कारण बिजनौर से लेकर बलिया तक के जिलाधिकारी अपने अपने प्वाइंट पर जा रहे हैं। माइक की मदद से नाविक और गांव के लोगों को अलर्ट भी कर रहे हैं कि गंगा से दूर रहें। यह लोग बाढ़ वाले एरिया में जाने की कोशिश ना करें।
उत्तराखंड से जानकारी मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई: जलशक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से जिस तरह की जानकारी मिल रही है, जैसे कि हरिद्वार में कितना पानी आ रहा है। उसी आधार पर यूपी में आगे की तैयारी की जाएगी। हमने सभी एहतियातन फैसले ले लिए हैं और नजर भी लगातार बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से बड़ी तबाही हुई है। चमोली में धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ के पानी से हरिद्वार के बाद प्रदेश के बिजनौर, कानपुर, वाराणसी जिलों में भी असर होगा।

धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बाध टूट गया, 150 लोगों के लापता होने की आशंका; हेल्पलाइन नंबर जारी : OmTimes News

ऋषिकेश  (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) चमोली जिले में ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है, जबकि दो लोगों के शव मिलने की खबर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, उत्तराखंड में आपात स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। देश उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव कार्य और राहत कार्यों की लगातार जानकारी ली जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात की गई है। डीजी आइटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से भी बात की गई है। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ बचाव कार्य के लिए निकल गई है। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी।’ वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। 

हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी – मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि एनडीआरएफ भी प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो चुकी है। पानी का बहाव अब थोड़ा कम हुआ है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। +911352410197, +9118001804375, +919456596190। इन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है।  आपको बता दें कि रविवार सुबह एवलांच के बाद चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा। नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धम अग्रवाल के मुताबिक सुबह पहाड़ से भारी मलबा, हिमखंड टूटकर आने से इन हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए तपोवन से लेकर हरिद्वार तक के सभी जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ ही गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। गंगा के किनारे के सभी कैंपों को खाली कराया जा रहा है। 
कैंपों की संख्या 600 के लगभग है। साथ ही गंगा और उसकी सहायक जिन नदियों में बाढ़ का खतरा है, वहां आसपास की बस्तियों को खाली करा दिया गया है। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसे में काफी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है। उधर, गढवाल मंडलायुक्त रविनाथ रमन के मुताबिक चमोली के डीएम और एसएसपी मौके के लिए रवाना हुए।. (यह समाचार http://www.omtimes.in पर भी पढा जा सकता है)

टिहरी बांध में टरबाइनों का संचालन किया गया बंद – चमोली में बांध टूटने के बाद टीएचडीसी के टिहरी बांध में भी टरबाइनों का संचालन बंद कर दिया गया है। टिहरी बांध से इन दिनों 200 क्यूमेक्स पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब एडीसी प्रशासन ने भागीरथी में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस संबंध में टीएचडीसी प्रशासन ने नेशनल ग्रिड को भी अवगत करा दिया है। अब कुछ समय तक टिहरी बांध से बिजली उत्पादन नहीं हो पाएगा। 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लिखा, चमोली जिले से एक आपदा का समाचार मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

SDRF और NDRF की चार टीमें दून से हुई रवाना – देहरादून से बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की चार टीमें रवाना की गई हैं। डीआइजी अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अलर्ट को देखते हए स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही हैं।

बंद करा दी गई है राफ्टिंग – ऋषिकेश कोडियाला इको टूरिज्म जोन में जल पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। जल पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन दल राफ्टिंग स्थलों पर पहुंच गया है। यहां राफ्टिंग बंद करा दी गई है। इसके साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में नदी किनारे सभी सभी स्थानों पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
चमोली में बांध टूटने से नदी में जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए टिहरी प्रशासन ने कीर्तिनगर, देवप्रयाग में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। देवप्रयाग संगम पर भी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं, नदी किनारे जितनी भी बस्तियां हैं सभी में लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन नदी किनारे खनन पट्टों पर कार्य कर रहे लोगों को भी हटा रहा है। 

नदी किनारे रहने वाले लोगों को हटाने का निर्देश हुआ जारी – चमोली में बांध टूटने की घटना के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए पौड़ी जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। डीएम धीराज सिंह ने बताया कि धारी देवी के पास बने बांध से पानी छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। श्रीनगर में नदी वाले इलाकों में रहे लोगों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

आज किसानों द्वारा किये जा रहे देशव्यापी चक्का जाम को मिला कांग्रेस का समर्थन : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  नए कृषि कानूनों के खिलाफ कई माह से प्रदर्शन कर रहे किसान आज देशव्यापी चक्का जाम करने की तैयारी में लगे हुए हैं। इन प्रदर्शनकारियों ने आज दिनांक 6 फरवरी 2021 को दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक तीन घंटे के चक्का जाम का आह्वान किया है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। कांग्रेस ने इस चक्काजाम को समर्थन दिया है। राज्यसभा में कृषि कानूनों का बचाव करने पर कांग्रेस ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर पर भी निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता चक्का जाम करने वाले किसानों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े रहेंगे। कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद करने की मांग किया है। 
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– दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए, सीमाओं सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री और रिजर्व फोर्सेस के लगभग पचास हजार जवान तैनात हैं। दिल्ली में कम से कम 12 मेट्रो स्टेशनों पर किसी भी गड़बड़ी के मद्देनजर अलर्ट पर हैं। 

– कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज पूरे देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

– कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों का आज पूरे देश में चक्का जाम का आह्वान। इसके मद्देनज़र सिंघु बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी की गई है।

– किसानों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए गाज़ीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 – किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए लाल किला पर काफी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है।

दिल्ली में है कड़ी सुरक्षा – किसान यूनियनों द्वारा प्रस्तावित ‘चक्का जाम’ के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सड़कों पर  बैरिकेडिंग की गई है, और कंटीले तार लगाए गए हैं। लाल किले के पास भी भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। आन्दोलनकारी किसान पिछले दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

आज इन तीन राज्यों को छोड़कर 3 घंटे पूरे भारत में चक्का जाम करेंगे किसान

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब ढाई माह से जारी आंदोलन के बीच आज शनिवार को किसान देश भर में चक्का जाम करेंगे। किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन भी तैयारी में जुटा हुआ है। चक्का जाम दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ही रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो लोग यहां पर नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 6 फरवरी को सिर्फ 2 राज्यों में चक्का जाम नहीं होगा। ये 3 राज्य हैं- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। इन 2 राज्यों और दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम होगा। 

सीएम के निर्देश पर यूपी में 1 मार्च से खुलेंगे कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य में कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने की तैयारी शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने का प्रस्ताव सीएम योगी की मंजूरी के लिए भेज दिया है। वहीं, कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव है। अभी इस बारे में अंतिम निर्णय सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे।
कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले करीब एक साल स्कूलों में बंद चल रही पढ़ाई अब सरकार शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई फिर शुरू कराने पर विचार करने को कहा है। सीएम योगी ने पढ़ाई शुरू करने से पहले अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने और कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव भेजा है। अब सीएम योगी को इस पर अंतिम निर्णय लेना है।
आप को बता दें कि पिछले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया था कि अब बच्चों को स्कूलों में कक्षा में भेजने के संबंध में विचार किया जाए। हर जिले में कोविड की स्थिति का आकलन के बाद ही पढ़ाई शुरू कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोविड गाइडलाइंस के अनुरूप ही स्कूलों में कक्षाएं चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि दस दिन में स्कूलों में कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई का संचालन शुरू कराने की तैयारी करें। सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कोविड-19 का टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। इसी के साथ ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय रखा जाए।
बता दें कि राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पहले से ही संचालित की जा रही हैं। अनएडेड प्राइवेट प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश के तहत सभी एसोसिएशन से संबद्ध स्कूलों में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का पालन कराना सुनिश्चित कराया जाएगा। स्कूल खोलने की तारीख घोषित होते ही स्कूल खोल दिए जाएंगे। एसोसिएशन की ओर निर्णय लिया गया है कि सभी बोर्ड के स्कूलों में कक्षाएं अभी तीन घंटे के लिए ही संचालित की जाएंगी। सभी स्कूलों में सुबह दस बजे से एक बजे तक क्लास लगेंगी। इसे लेकर सभी स्कूलों को तैयारियां करने को कहा गया है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की ओर से लिखित अनुमति ली जाएगी।

यूपी में गंदगी फैलाने वालों पर नया नियम लागू , कचरा जलाया या मिट्टी में दबाया तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना : OmTimes News

लखनऊ / सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स )  उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार के कचरे को जलाना या फिर उसे मिट्टी में दबाना अब महंगा पड़ सकता है। इसके लिए दो हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, पेशाब करने या मल त्यागने पर भी 250 रुपये तक का दंड देना पड़ सकता है। कुत्ते या अन्य किसी पालतू जानवर ने सार्वजनिक स्थान पर मल त्याग किया तो उसके मालिक को इसे तत्काल साफ करना होगा। ऐसा न करने पर 500 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली 2021 बनाने जा रही है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद यह प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में प्रभावी हो जाएगी। कैबिनेट से नियमावली पास होने के बाद यह सभी 707 नगरीय निकायों में प्रभावी हो जाएगी। नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग धनराशि तय की गई है। खाली पड़े प्लाट, मैदान या फिर पार्क में कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये तक दंड देना होगा। किसी भी नदी, नाले व सीवर में कूड़ा बहाने पर 750 रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। नदियों में पूजा सामग्री प्रवाहित करने पर भी दंड देना होगा। इसी प्रकार यदि चलती गाड़ी से कचरा फेंका गया तो 350 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

सड़क या पार्क में मलबा फेंका तो होगा तीन हजार का जुर्माना – सड़क, पार्क या सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण व ध्वस्तीकरण का मलबा फेंका तो बड़े शहरों में तीन हजार रुपये जुर्माना देना होगा। छह लाख से कम आबादी वाले नगर निगमों में 2500, नगर पालिका परिषद में 1500 व नगर पंचायतों में एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

भंडारे व लंगर में कचरे का डिब्बा नहीं रखा तो होगा दो हजार जुर्माना – भंडारे व लंगर में यदि कचरे का डिब्बा नहीं रखा गया तो दो हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। छह लाख से कम की आबादी वाले नगर निगमों में 1500, नगर पालिका परिषद में 1200 व नगर पंचायतों में एक हजार रुपये दंड लगेगा। इसी प्रकार नदियों में मानव शव या पशुओं के शव निस्तारित करने पर 500 से लेकर तीन हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान रखा गया है। नियमावली में मकान, दुकान, स्कूल, अस्पताल, आफिस, रेस्तरां, होटल, शा¨पग मॉल, सिनेमा हाल, पेट्रोल पंप व छात्रावास आदि सभी का यूजर चार्ज तय किया गया है। 

गोरखपुर में और दस बदमाशों पर घोषित हुआ इनाम : OmTimes News

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से फरार चल रहे 10 बदमाशों पर डीआइजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सोमवार को इनाम घोषित किया है। एक दिन में पहली बार इतनी संख्या में बदमाशों पर इनाम घोषित किया गया है। इनाम घोषित होने के बाद थानेदार के साथ ही की क्राइम ब्रांच को इनामी बदमाशों को पकड़ने का टार्गेट दिया है। जिन बदमाशों के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है उसमें गीडा थाना क्षेत्र चिरैयाडाड भड़सार निवासी संजय उर्फ गुड्डू यादव पर 10 हजार, कैंम्पियरगंज थाना के जंगल बब्बन टोला बंजारा निवासी इमामुद्दीन पर 15 हजार, शाहिद अली पर 15 हजार, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी राहुल जायसवाल पर 25, रामगढ़ताल के बड़गो निवासी इरफान और झिनक पर 15-15 हजार का इनाम घोषित किया है। रामगढ़ताल थाने से ही बेलघाट थाना क्षेत्र के सिधौना निवासी अजीत मिश्र के खिलाफ 15 हजार व चिलुआताल के ताजडीह निवासी लल्लू दुबे पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है। गुलरिहा के भटहट निवासी शिवा गौड़ पर 25 हजार व हरिसेवकपुर नम्बर दो निवासी अजय निषाद उर्फ नाटे के ऊपर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में दस हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर संतोष पासवान को सोमवार को राजघाट पुलिस ने अलहदादपुर तिराहे से गिरफ्तार किया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। राजघाट थाना क्षेत्र के बनकटी चक धोबी टोला निवासी संतोष पासवान पर डीआइजीएसएसपी ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संतोष के ऊपर राजघाट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। संतोष के खिलाफ राजघाट थाने में गैंगेस्टर के अलावा दो और मुकदमे दर्ज हैं।

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में है रूट डायवर्जन, गाजीपुर बॉर्डर है पूरी तरह बंद : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना-प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार को भी रूट डायवर्जन किया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं, जिससे यात्रा सुगम की जा सकती है। इसी के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर कटीले तारों के साथ नुकीली कीलें भी लगाई गई हैं, जिससे किसान प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। 
फिरोजपुर से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल सोमवार को दिल्ली नहीं पहुंची। इसे रेवाड़ी के रास्ते मुंबई के लिए रवाना किया गया। श्रीगंगानगर से पुरानी दिल्ली आने वाली ट्रेन को बहादुरगढ़ में रोक दिया गया। इसे लेकर योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि एक हजार से ज्यादा किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव कर दिया गया। यह ट्रेन रोहतक, दिल्ली शकूरबस्ती, किशनगंज, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा के रास्ते मुंबई जाती है। इस संबंध में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि परिचालन संबंधित जरूरत की वजह से पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव और एक अन्य ट्रेन को गंतव्य से पहले निरस्त कर दिया गया है।
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चला रहा किसानों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को 68वें दिन में प्रवेश कर गया है। सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा मंगवलार रात को 11 बजे तक बंद है। इस बीच पिछले एक सप्ताह से किसान आंदोलन का केंद्र बने यूपी बॉर्डर (गाजीपुर बॉर्डर) पर कड़ी सुरक्षा की गई है। वहीं, अगर कोई सिंघु बॉर्डर पर जा रहा है तो उसे अपने पास पहचान पत्र भी रखना होगा। इस तरह का आदेश जारी हुआ है और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है।
वहीं, इससे पहले सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार पर साजिश करके कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का दमन करने का आरोप लगाया है। आंदोलन स्थल की बिजली, पानी काटी जा रही है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं, शौचालयों की संख्या घटाई जा रही है। आवागमन के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, इसलिए मोर्चा ने छह फरवरी को 12 से तीन बजे तक चक्का जाम का एलान किया है। इस दौरान सभी नेशनल और स्टेट हाईवे बंद रहेंगे। किसान नेताओं व मोर्चा के ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। कुंडली बार्डर पर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की जायेगी!
बैठक के बाद आंदोलनकारियों के नेता बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, डा. दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रेम सिंह भंगू, परमेंद्र मान आदि ने कहा कि सरकार सड़कें खोदने के साथ गलियों के भी रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही करार दिया। साथ ही आंदोलनकारियों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसे माहौल में सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं बनता है।
वहीं, आंदोलन में असामाजिक व बाहरी तत्वों की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण की रणनीति तैयार की गई है। संदिग्ध लगने पर किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान स्पष्ट करने को कहा जा सकता है। ऐसे में उसको अपना पहचानपत्र दिखाना होगा। पहचानपत्र नहीं होने पर पुलिस की संतुष्टि होने तक व्यक्ति को हिरासत में रहना पड़ सकता है। नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कॉरोना का टीका अब बच्चों को भी लगेगा, सीरम इंस्टीट्यूट का दावा- अक्टूबर तक आ जाएगी वैक्सीन : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के खिलाफ देश में टीकाकरण अभियान तेजी के साथ चल रहा है। अब तक 37 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है। अभी सिर्फ बड़े लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। बच्चों के लिए कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका नहीं आया है। लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) बच्चों के लिए भी कोरोना का टीका विकसित कर रही है। कंपनी ने कहा कि इस साल अक्टूबर तक यह टीका तैयार कर लिया जाएगा और बच्चों को लगाया भी जाने लगेगा।
एसआइआइ में आयात-निर्यात निदेशक पीसी नांबियार ने कोच्चि में एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को लगाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के इस साल अक्टूबर तक तैयार हो जाने की संभावना है। यह वैक्सीन बच्चों को उनके जन्म के एक महीने के भीतर लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे इसी वैक्सीन को दवा के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित हों तो उन्हें यह दी जा सके।
सी.आर.एम क्या है? इसका प्रयोग क्यों करें? सेल्सफोर्स सी.आर.एम् के प्रयोग से कंपनियों की बिक्री में 38% वृद्धि हुई है। जानें कैसे।
आप को बता दें कि हाल ही में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कंपनी कोरोना के चार और टीकों पर काम कर रही है। इसमें से एक टीके के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए कंपनी ने भारतीय दवा नियामक से अनुमति भी मांगी है। पूनावाला ने कहा था कि यह वैक्सीन इस साल जून तक तैयार हो जाएगी।
सीरम ने कोविशील्ड ब्रांडनेम से कोरोना वायरस के खिलाफ टीका तैयार किया है। इसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है। कंपनी ने अब तक इसके करोड़ डोज तैयार किए हैं। भारत में टीकाकरण अभियान में यह वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई भी जा रही है। इसके अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का भी टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।

आज खुल सकता है लाल किले पर हिंसा का राज, 9 किसान नेताओं से दिल्ली क्राइम ब्रांच करेगा पूछताछ : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर लाल किला में उपद्रवियों का नेतृत्व करने वाले पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तीन दिनों से पुलिस की चार टीमें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दीप की तलाश में हैं, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है। पुलिस का कहना है कि दीप अपना मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गया है। लेकिन, दीप सिद्धू घटना के बाद से कई बार फेसबुक लाइव होकर बयान जारी कर चुका है। शनिवार शाम को भी उसने फेसबुक पर कहा कि वह कुछ सुबूत जुटाने में लगा हुआ है। इसके बाद खुद दिल्ली पुलिस के समक्ष समर्पण कर देगा।
बताया जा रहा है कि लाल किले पर उपद्रव के बाद मंगलवार शाम को ही दीप मौके से भाग गया था। तभी से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है, लेकिन फेसबुक पर लगातार सक्रिय है। विरोध जताने पर उसने कुछ किसान नेताओं को धमकी भी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह उनकी परतें खोलने पर आ गया, तब किसान नेताओं को भागने के लिए जमीन कम पड़ जाएगी। उसने सफाई में कहा था कि उसने राष्ट्रीय ध्वज को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने ध्वज फहरा कर सरकार को ताकत दिखाई है।
तोड़फोड़ व उपद्रव करने वालों की पहचान करने के लिए विभिन्न जांच एजेंसियां लगातार लाल किले का दौरा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कई वाहन मालिकों व उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। गुजरात से आई फारेंसिक टीम ने भी रविवार को लाल किला, आइटीओ समेत कई जगहों का मुआयना किया। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शनिवार को राकेश टिकैत समेत जिन नौ किसान नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए दोबारा नोटिस भेजा गया उन्हें सोमवार को क्राइम ब्रांच के अलग-अलग कार्यालयों में हाजिर होने को कहा गया है।
70 से अधिक ट्रैक्टर मालिकों को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस हफ्ते उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उपद्रवियों व उनके वाहनों के पहचान करने का सिलसिला लगातार जारी है। जैसे जैसे उपद्रवियों की पहचान होती जा रही है क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज रही है। अब तक उपद्रव मामले में दिल्ली पुलिस 38 एफआइआर दर्ज कर चुकी है और 84 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।

तीसरा बजट आज पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के चुनौतीपूर्ण काल में केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जो नीतियां लागू की हैं, सोमवार को पेश होने वाला आम बजट उन्हीं नीतियों को आगे बढ़ाने वाला होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दिन में 11 बजे आम बजट पेश करेंगी। यह राजग-2 का तीसरा बजट होगा। इससे पहले 10.15 पर कैबिनेट की बैठक होगी। सुधारों को लेकर राजनीतिक विरोध के बावजूद बजट 2021-22 में अर्थव्यवस्था के कुछ सेक्टरों में साहसिक सुधारों की घोषणा की जा सकती है। 

सरकार का खजाना खाली, राजकोषीय घाटा रिकार्ड स्तर की तरफलगातार कोशिशों के बावजूद विनिवेश के मोर्चे पर नाकामीमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब भी संकट मेंबैंकों की वजह से वित्तीय सेक्टर में अनिश्चितता का माहौलराजनीतिक विरोध की वजह से सुधारों पर मंडरा रहा खतरा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीसरा आम बजट होगा। इस बजट में वे सारे उपाय किए जाएंगे, जिनका जमीनी असर अगले दो-तीन वर्षोंं में दिख सके, ताकि वर्ष 2024 के आम चुनाव में जब भाजपा उतरे, तब तक उसके खाते में आर्थिक उपलब्धियों का पूरा ब्योरा हो। उद्योग चैंबर एसोचैम के महासचिव दीपक सूद का कहना है कि हेल्थ सेक्टर को बजट में सर्वप्रथम प्राथमिकता मिलेगी।

आज शाम पांच बजे तक किसान संगठनों करेंगे उपवास : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)   नये केंद्रीय कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर दो महीने से भी अधिक दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है। आज शनिवार को भी सिंघु, टीकरी और यूपी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर जमा हैं। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच विरोध की कड़ी में आंदोलनकारी किसान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि  पर आज शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। शनिवार का दिन ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान किसान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास ऱख रहे हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का कहना है कि पिछले दिनों गाज़ीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा तैनाती बढ़ा दी गई थी कि कोई भी बदमाश विरोध में प्रवेश न करे और हंगामा न करे। वहीं, कुछ लोगों ने धारणा बनाई कि हम बल प्रयोग करने जा रहे हैं। हमने कहा कि निष्कर्ष पर आने से पहले हम चर्चा करेंगे और यह चल रहा है।
पंजाब के बठिंडा जिले के विर्क खुर्द ग्राम पंचायत ने एक सप्ताह के लिए दिल्ली सीमाओं पर किसानों के विरोध में प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य को भेजने का फैसला किया।

यूपी गेट के गाजीपुर बॉर्डर पर स्वराज अभियान के प्रमुख एवं किसान प्रतिनिधि योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को आज देशद्रोही कहा जा रहा है। कभी अगर ऐसा हुआ तो इस देश को कोई बचा नहीं पाएगा। किसान आंदोलन स्थल के मंच से शुक्रवार को उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपना संघर्ष जारी रखना है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किला में जो कुछ भी हुआ वह सरकार की विफलता को दर्शाता है। दिल्ली में हुए हर मामले को लेकर उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच जरूरी है। लाल किले की शर्मनाक घटना पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने किसानों से एकजुटता का परिचय देते हुए आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने का आह्वान किया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से पानी की मदद देने के लिए हम धन्यवाद करते हैं, लेकिन हम दिल्ली का पानी नहीं लेंगे। प्रदेश सरकार पानी की व्यवस्था नहीं करेगी तो हम सड़क में बोरिंग कर पानी निकालेंगे। उन्होंने दिल्ली में उपद्रव की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उधर, राकेश टिकैत की चेतावनी के बाद प्रशासन के टैंकरों से आंदोलन स्थल पर पानी पहुंच गया।
यूपी गेट पर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर 28 नवंबर से आंदोलन कर रहे किसानों को उठाने के लिए बृहस्पतिवार बृहस्पतिवार दोपहर से लेकर शुक्रवार तड़के तक आंदोलन स्थल पर हाइवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से लेकर पुलिस-प्रशासन ने एक दूसरे को पछाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंतत: पुलिस-प्रशासन को ही बैकफुट पर आना पड़ा और फोर्स को आंदोलन स्थल से हटा दिया गया।

पंजाब और हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश – बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार के लोगों ने पंजाब व हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश की, लेकिन लोग इसे समझ गए हैं और भारी संख्या में हरियाणा के किसान भी आंदोलन में शरीक होने के लिए बार्डर पर पहुंच गए हैं। इसके लिए उन्होंने हरियाणा के किसानों का विशेष रूप से धन्यवाद भी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज के सामने जो हुआ, वह बेहद शर्मनाक है। सरकार इस आंदोलन को हिंदू-सिख का मसला बनाने का प्रयास कर रही है। हम इसे सफल नहीं होने देंगे। यह देश सभी का है और सिख और हिंदू भाई हैं और रहेंगे।

भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हुआ टीकरी वार्डर पर, कई जगह दिल्ली में रूट डायवर्जन : OmTimes News

गाजियाबाद ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों की रद करने की मांग को लेकर जहां सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों का विरोध प्रदर्शन 65वें दिन में प्रवेश कर गया है, वहीं यूपी बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा संभाल लिया है। टीकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैतान हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर बंद करने के साथ कई जगहों पर रूट डायवर्जन कर दिया है। पिछले 2 महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के चलते दिल्ली-एनसीआर के 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है। कई लोगों की नौकरी जा चुकी है।
इससे पहले गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुए उपद्रव के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों को धरनास्थल को खाली करने का आदेश दिया है, लेकिन शुक्रवार सुबह से हालात जस के तस हैं।
नोटिस के बाद गिरफ्तारी के लिए तैयार भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरनास्थल छोड़ने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोई किसान अपनी जगह से नहीं जाएगा। राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर ही अनशन की चेतावनी दी है। मीडिया से बात करते वक्त वह रो भी पड़े। कहा-कृषि कानून रद न किए गए तो वह आत्महत्या कर लेंगे।
उधर, यूपी गेट पर चल रहे धरने को उठाने से संबंधित बयान देने के चंद घंटे बाद ही छोटे भाई चौधरी राकेश टिकैत के आंसू देख भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सुर बदल लिए। गुरुवार को दिन में गाजीपुर बार्डर से धरना उठाने की बात कहने वाले चौधरी नरेश टिकैत ने रात को मुजफ्फरनगर के सिसौली में किसान पंचायत बुलाई और एलान किया कि शुक्रवार को अगला निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेताया था कि कि रात में यूपी गेट पर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बगैर जांच पूरी हुए यदि गिरफ्तारी की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून हाथ में लेने के लि

डीआईजी पुलिस ने किया चिल्हिया थाने का मुआयना, साथ ही महिला हेल्प डेस्क का किया उद्घाटन : OmTimes News

सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना चिल्हिया में दिनांक 28 जनवरी 2021 को बस्ती मंडल के पुलिस विभाग के डीआईजी द्वारा मुआयना किया गया, और इसके साथ ही साथ महिला हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया! ग्राम प्रहरी कक्ष के उद्घाटन के साथ साथ मौजूद सभी ग्राम प्रहरी / चौकीदारों को कम्बल वितरित किया गया! इस कार्यक्रम के दौरान इस जिले के पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ शोहरतगढ, एसओ शोहरतगढ़, एसओ ढेबरूवा,चिल्हिया थाना इंचार्ज मय समस्त स्टाफ आदि मौजूद रहे! चिल्हिया थाने को अच्छी तरह से सजाया गया था, और साफ सफाई सराहनीय रहा! इस समाचार का वीडियो रिकार्डिंग देखने के लिए इसे https://youtu.be/i6wxhwvV6HA क्लिक करें, और देखे कि कितना जोरदार स्वागत हुआ है डीआईजी पुलिस का! और चलते चलते भगवान बुद्ध की मूर्ति भी भेंट किया गया डीआईजी महोदय को! फिलहाल नजारा रोचक रहा!

रेल यात्रियों के लिए नई सुविधा चालू , अब घर से सीधे ट्रेन की बर्थ पर पहुंचेगा सामान : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अब तक कई अहम कदम उठाए हैं। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे अब सामान के बोझ उठाने की समस्या से छुटकारा दिलाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय रेलवे ऐसी सुविधा देने की तैयारी कर रहा है जिससे आपका सामान घर से ट्रेन की सीट तक पहुंचेगा। रेलवे की इस सुविधा का नाम एंड टू एंड लगेज सर्विस है।

अहमदाबाद स्टेशन पर यह सुविधा शुरु, अन्य स्टेशनों पर भी जल्द शुरू होगा – पश्चिम रेलवे के मुताबिक अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले इस सर्विस की शुरुआत की गई है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक NINFRIS के तहत ये सुविधा शुरू की गई है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी दिनों में भारतीय रेलवे के सभी स्टेशनों पर ये सर्विस दी जाए।
इस सर्विस से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को घर से सामान ले जाने या स्टेशन से सामान घर तक पहुंचाने के तनाव से छुटकारा मिलेगा। बता दें कि यात्रियों को Bookbaggage.com के माध्यम से सामान की बुकिंग करनी होगी। लगेज के साइज और वजन से संबंधित जानकारी देनी होगी। जिसके अनुसार सर्विस चार्ज लगेगा।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) जल्द हीअपनी ई-कैटरिंग सेवाओं को फिर से शुरू करेगा, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण 22 मार्च, 2020 को ई-कैटरिंग सेवाओं को स्थगित कर दिया गया था।

भारतीय रेलवे की खानपान व्यवस्था, पर्यटन और ऑनलाइन टिकट संबंधी गतिविधियों का कार्यभार संभालने वाली आईआरसीटीसी विशेष रेलगाड़ियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ई-खानपान सेवाओं को फिर से शुरू करने जा रहा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से भी अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है कि शुरू में लगभग 250 रेलगाड़ियों के लिए लगभग 30 रेलवे स्टेशनों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में पीएम केपी शर्मा ओली को दिया कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश : OmTimes News

काठमांडू (ऊँ टाइम्स)   नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने एक अवमानना मामले में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से लिखित में जवाब तलब करते हुए उन्हें सात दिन के भीतर उसके समक्ष पेश होने को कहा है। ओली के खिलाफ मंगलवार को वकील कुमार शर्मा आचार्य और कंचन कृष्ण नेयूपाने ने अदालत की अवमानना के दो मामले दायर किए थे। प्रधानमंत्री ओली ने नेपाल की संसद को भंग कर दिया है। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई में 95 वर्षीय वकील कृष्ण प्रसाद भंडारी को भी हिस्सा लेना है। पिछले शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ओली ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को कथित रूप से ड्रामा बताया और इसमें भंडारी के हिस्सा लेने पर कथित रूप से उन्हें ‘ग्रैंडपा लॉयर’ (दादा वकील) बताया था।
नेपाल देश के वरिष्ठ वकील कुमार शर्मा आचार्य और वकील कंचन कृष्णा नुपाने ने संसद भंग मामले पर टिप्पणी लेकर मंगलवार को ओली के खिलाफ अवमानना के अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं। अधिवक्ताओं ने दावा किया है कि ओली ने अदालत को प्रभावित करने की कोशिश की और अदालत के वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। 22 जनवरी को एक कार्यक्रम में, ओली ने एक स्थानीय सभा में अपने संबोधन के दौरान दावा किया कि  संविधान में संसद को फिर से बहाल करने का कोई प्रावधान नहीं है।

ओली ने नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन पर लिया चुटकी – 22 जनवरी को कैडर्स को संबोधित करते हुए संसद को भंग करने के अपने कदम का बचाव करते हुए ओली ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता और नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन कृष्णा प्रसाद भंडारी पर चुटकी लेते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ‘दादा’ वकील को फिर परेशान कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्वारा निचले सदन को भंग करने की सिफारिश करने के बाद ओली के खिलाफ एक दर्जन से अधिक रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। अगले महीने मामलों पर फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया लाल किले पर केसरिया झंडा फहराने का मामला, CJI को पत्र लिखकर की गई कार्रवाई की मांग : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले की प्राचीर पर प्रदर्शकारियों द्वारा झंडा फहराने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले को लेकर एक कानून के छात्र ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर लाल किले पर किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने मांग की है। मुंबई विश्वविद्यालय के कानून के छात्र आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक समूह द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आतंक फैलाया गया।
पत्र में यह भी कहा गया कि जिस प्रकार से लाल किले में भारत के राष्ट्रीय ध्वज की जगह किसी अन्य समुदाय के झंडे के लहराने से देश के सम्मान और गरिमा को चोट पहुंची। यह एक शर्मनाक घटना है। इस घटना से पूरा देश भी आहत है क्योंकि इस घटना से देश के संविधान के साथ साथ राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान हुआ है। देश की भक्ति भावना को ठेस पहुंचाई गई है। इसलिए इस तरह की गतिविधि भारतीय नागरिक की संवैधानिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए, सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले पर एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि इस असंवैधानिक गतिविधि में शामिल असामाजिक तत्व के खिलाफ जांच की जा सके और आरोपियों को दंडित किया जा सके।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवी ने जमकर उपद्रव मचाया और लाल किले पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहां केसरिया झंडा लगा दिया। रोकने की कोशिश करने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और रॉड और तलवारों से हमला किया। इसमें 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें 26 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में 12 एफआइआर दर्ज की गई है। हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद रखी गई है।

दिल्ली में इंटरनेट सेवा आज भी है प्रभावित, अफवाहों पर लगाम लगाने की सरकार की कोशिश : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसान परेड में हुए उपद्रव के बाद आज बुधवार को भी इंटरनेट सेवा प्रभावित है। बताया जा रहा है कि इंटरनेट की स्पीड बहुत स्लो है। इससे पहले राजधानी में उपद्रव के बाद अफवाहों के चलते दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। आइटीओ लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई।
आइटीओ और लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, बाहरी दिल्ली अन्य स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद के साथ ही हरियाणा के शहरों में भी यह रोक लगा दी गई । पुलिस को यह सूचना मिली कि इंटरनेट के सहारे अफवाहों को फैलाकर स्थिति और बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इस तरह के किसी प्रयास पर रोक लगाने के लिए नांगलोई, सिंघु बार्डर, यूपी गेट, टिकरी, गाजीपुर बार्डर, मुकरबा चौक जैसे इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 की धारा 7 के तहत और जनसुरक्षा स्थापित करने और आवश्यक होने की वजह से सिंघु, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और दिल्ली से जुड़े इलाकों में 26 जनवरी को रात 11: 59 तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई जा रही है। इसके बाद टेलिकाम आपरेटर्स की ओर से अपने ग्राहकों को इस संबंध में संदेश भेजकर जानकारी दी गई ।
वहीं दिल्ली पुलिस के निर्देश पर मंगलवार देर शाम लालकिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। असल में कई आंदोलनकारियों ने शाम तक लालकिला परिसर पर कब्जा जमाए रखा था। पुलिस के लाख अपील के बाद भी वे जाने को तैयार नहीं थे। ऐसे में पुलिस ने आखिरकार लालकिला की बिजली आपूर्ति बाधित करने का फैसला किया।

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, कई जगह रूट डायवर्जन; NCR में इंटरनेट की दिक्कत : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) मंगलवार को देश की राजधानी में किसानों के उपद्रव के बाद बुधवार को सारे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के जवान तैनात हैं, तो सादी वर्दी में भी सुरक्षा कर्मी गश्त कर रहे हैं। वहीं, किसानों के हिंसक प्रदर्शन के बाद एहतियात के तौर पर बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से सड़कों और मेट्रो स्टेशन पर एंट्री बंद कर दिए गए हैं।
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक बुधवार को होगी, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
दिल्ली में आईटीओ, क्नॉट प्लेस, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, मिंटो रोड, राजघाट रोड, लाल किला रोड और प्रगति मैदान में सड़कों को बंद रखा गया है। इसके अलावा बारापूला से उतरकर लोधी रोड की तरफ बढ़ने वाला रास्ता, दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ जाने वाला रास्ता और पुरानी दिल्ली की तरफ जाने वाला रास्ता भी बंद है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। पीएम के साथ उनकी एक तस्वीर है। यह किसानों का आंदोलन है और ऐसा ही रहेगा। कुछ लोगों को तुरंत इस जगह को छोड़ना होगा। जो लोग बैरिकेडिंग तोड़ चुके हैं वे कभी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं होंगे। मंगलवार को हुई हिंसा के मद्देनजर 12 लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 
ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की आम आदमी पार्टी ने निंदा की है। साथ ही आप ने हिंसा भड़कने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। पार्टी की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया कि आम आदमी पार्टी प्रदर्शन में हिंसा की कड़ी निंदा करती है। यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने स्थिति को इस हद तक बिगड़ जाने दिया, जबकि यह आंदोलन पिछले दो महीने से पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा है।
आप के प्रवक्ता व विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट किया कि किसान नेताओं का कहना है कि जो लोग आज की ¨हसा में शामिल थे, वे इस आंदोलन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे। ये जो भी लोग हैं, लेकिन उनकी ¨हसा ने निश्चित रूप से उस आंदोलन को कमजोर कर दिया है, जो शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चल रहा था।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान पिछले दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्होंने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड का एलान किया था। दिल्ली पुलिस के साथ मैराथन बैठक के बाद किसानों को परेड की अनुमति दी गई थी। इस दौरान किसानों ने वादा किया था कि परेड दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के पास नहीं जाएगी, लेकिन मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी दिल्ली में घुसने पर अड़ गए। बैरिकेड तोड़ते हुए लाल किले तक पहुंच गए। इस दौरान किसानों को रोकने का पुलिस ने प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

लाल किला परिसर में पहुंचे उपद्रवियों ने किया तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों से हुई झड़प : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवियों ने हद पार कर दिया कर दिया। परेड के लिए तय रूट को छोड़ ये लोग दिल्ली के मध्य तक घुस आए, और जमकर उपद्रव किया। लाल किले पर धावा बोलकर उपद्रवियों ने वहां पर केसरिया झंडा लगा दिया। इस दौरान रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों ने पथराव करने के साथ रॉड आदि से हमला किया। इतना ही नहीं, इंडिया गेट और लाल किले की तरफ बढ़ते समय रोकने पर हुड़दंगियों ने आइटीओ चौराहे पर जवानों व मीडियाकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश भी की।
इस उपद्रव में 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपद्रवियों की इस करतूत ने किसानों के नाम पर दो महीने से चल रहे आंदोलन और इसके पीछे की मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हिंसा के बाद किसान नेताओं ने खुद को उपद्रव से अलग कर लिया। योगेंद्र यादव ने तो यहां तक कह दिया कि मैं शर्मिदा हूं, और इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। गणतंत्र दिवस पर देश ही नहीं, पूरे विश्व ने दिल्ली की सड़कों पर जो उपद्रव देखा, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था। इन बेलगाम हुड़दंगियों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। सिघु, टीकरी व गाजीपुर बार्डर से हजारों प्रदर्शनकारी आइटीओ और लाल किले तक पहुंच गए। लाल किले के प्राचीर पर चढ़कर उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के सामने केसरिया झंडा लगा दिया।.
आइटीओ पर स्टंट करते हुए बैरिकेड में जोरदार टक्कर मारने की कोशिश में ट्रैक्टर पलट गया, जिससे ट्रैक्टर चला रहे उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी नवरीत सिंह की मौके पर मौत हो गई। दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल की गई डीटीसी बसें, डंपर, दिल्ली पुलिस की बसें, पीसीआर वैन और बैरिकेड तोड़ दिए गए। इस सब के बावजूद दिल्ली पुलिस संयम बरते रही। हालांकि उपद्रवियों को नई दिल्ली की तरफ आने से रोकने व अन्य जगहों पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

दोपहर करीब 12:30 बजे हजारों की संख्या में उपद्रवी ¨रग रोड होते हुए आइटीओ फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे। गाजीपुर की सीमा से अक्षरधाम के रास्ते और ¨सघु बार्डर से कश्मीरी गेट के रास्ते प्रदर्शनकारी आइटीओ पहुंचे। यहां पहुंचते ही उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिया। उपद्रवियों ने रास्ता रोकने के लिए खड़ी की गई डीटीसी की बसों व एक पुलिस बस की चाभी चालकों से छीन ली। बसों व बैरिकेड को हटाने के बाद उपद्रवी ट्रैक्टर पर सवार होकर तिलक ब्रिज की ओर बढ़ने लगे। रास्ते भर वे पुलिस अवरोधों को तोड़कर हटाते रहे। आइटीओ चौराहे पर उपद्रवियों ने सात ट्रैक्टरों से एक डीटीसी बस में टक्कर मारकर उसे पलटने की कोशिश भी की। पुराने पुलिस मुख्यालय के गेट के सामने खड़ी एक पीसीआर वैन व पुलिस बस के शीशे तोड़ दिए।
आइटीओ व लालकिले पर उपद्रव करने वालों में करीब 80 फीसद युवा थे, जिनके हाथों में तिरंगे के अलावा लोहे की रॉड, लाठी-डंडे, ईट-पत्थरों से भरी बैग थीं।

आइटीओ पर खतरनाक तरीके से स्टंट करने पर पुलिसकर्मियों ने कई ट्रैक्टरों के टायर पंक्चर कर दिए। उपद्रवियों ने आइटीओ पर मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट व दु‌र्व्यवहार किया। उनके मोबाइल फोन और कैमरे छीन लिए। आइटीओ पर उपद्रवियों व पुलिसकर्मियों के बीच करीब चार घंटे तक रुक-रुक कर झड़प व पथराव होता रहा।
उपद्रवी कभी सड़क के बीचोबीच बैठ जाते तो कभी अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर देते थे। दरअसल, उनकी योजना नई दिल्ली में राजपथ व संसद भवन तक जाने की थी, लेकिन मजबूत बैरिकेटिग व भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। हिंसा बढ़ती देख दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। दिल्ली के अधिकतर मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करा दिया गया।
आइटीओ व लाल किले पर करीब पांच घंटे तक उपद्रवी कब्जा जमाए रहे। शाम को ये स्थान खाली करा लिए गए। दिनभर पुलिस आयुक्त एनएन श्रीवास्तव की ओर से अधिकारियों और जवानों को डटे रहने व पूरी शक्ति से मुकाबला करने के संदेश आते रहे। हालात बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों से गोली चलाने की अनुमति भी मांगी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।

ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ तय हुई शर्तो के अनुसार काम किया और आवश्यक बंदोबस्त किया था। दिल्ली पुलिस ने अंत तक काफी संयम का परिचय दिया, परंतु प्रदर्शनकारियों ने तय शर्तो की अवहेलना की और तय समय से पहले ही ट्रैक्टर परेड शुरू कर दी। आंदोलनकारियों ने हिंसा व तोड़फोड़ का मार्ग चुना, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयम के साथ जरूरी कदम उठाए। सरकारी संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है और कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

-ईश सिंघल, पुलिस प्रवक्ता

किसानों द्वारा किये गये उपद्रव के बाद सरकार ने दिखाई सख्‍ती, अब दिल्‍ली में तैनात होंगी 15 पैरामिलिट्री जवानों की कंपनियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये उग्र आंदोलन और दिल्ली में स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में सुबह से लेकर अब तक के हालात को लेकर गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है। इस बैठक में गृह सचिव, दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया जाएगा। ये उन 15 कंपनियों के ऊपर होंगे, जो कल भेजी गई थीं। 5 कंपनियां आज स्टैंडबाय पर थीं। यानी दिल्‍ली में 1500 से अधिक अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। बैठक में तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर मंगलवार को हिंसा हुई है। यह जगह नांगलोई, आईटीओ और गाजीपुर हैं।आज की हिंसा से जुड़ी हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। अब तक 3 अहम बैठकें हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष टीम दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों से जानकारी ले रही है।  
कृषि कानून के खिलाफ दो महीनों से आंदोलन कर रहे किसान ने गणतंत्र दिवस पर मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं के आसपास ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
पुलिस को चकमा देते हुए उपद्रवी कश्‍मीरी गेट से होते हुए लाल किले और आइटीओ तक पहुंच गए और वहां जमकर हिंसा की। पुलिस पर पथराव किया और पुलिसवालों पर ट्रैक्‍टर चढ़ाने की कोशिश की। कुछ उपद्रवी किसान लाल किले के अंदर घुस गए। किसानों ने वहां पहुंचकर अपना झंडा फहराया। किसानों ने यहां दो झंडे फहराए। जिस जगह पर उपद्रवी किसानों ने झंडा फहराया, वहां स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते है।  
उधर, दिल्‍ली में हिंसा के बीच संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बयान जारी किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ व्यक्तियों ने रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे। असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। हमने हमेशा कहा कि शांति हमारी ताकत है और हिंसा ऐसे आंदोलन को नुकसान पहुंचाती है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आज के परेड में हिस्सा लेने के लिए हम सभी किसानों का धन्यवाद करते हैं। हम उन घटनाओं की भी निंदा करते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कार्यों में लिप्त होने वाले लोगों से खुद को अलग कर लेते हैं।

गोरखपुर में काली मंदिर के पास बेयरिंग की दुकान में लगी आग, चार फायरमैन आग से झुलसे : OmTimes

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोलघर, कालीमंदिर के पास स्थित बेयरिंग स्टोर की दुकान में शुक्रवार की रात आग लग गई। राहगीरों की सूचना पर कैंट, कोतवाली व गोरखनाथ पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की ब्रिगेड की टीम पहुंच गई। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के दौरान चार फायर मैन झुलस गए। जिन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।
गोरखनाथ की रहने वाली शोभा देवी की काली मंदिर के पास धर्मशाला रोड़ पर बेयरिंग, ग्रीस व आटो पाट्र्स की दुकान है। शुक्रवार की रात में 12 बजे बेयरिंग स्टोर की दुकान से आग की लपटें निकलता देख राहगीर ने पुलिस कंट्रोल में सूचना दी। खबर मिलते ही सीएफओ डीके सिंह, प्रभारी निरीक्षक कैंट अनिल उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जयदीप वर्मा फोर्स के साथ पहुंच गए। आग लगने की खबर मिलते ही दुकान मालिक के बेटे दिलीप भी घरवालों के साथ पहुंच गए।
आग बुझाने के दौरान दुकान से अचानक निकली तेज लपटों की चपेट में आने से फायरमैन निर्भय राय, आशीष नंदन कुमार, ब्रजेश सिंह, नरेंद्र पाठक झुलस गए। एंबुलेंस से सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। सीएफओ डीके सिंह ने बताया कि दुकान में रखे मोबिल में आग लगने से 12 फीट लंबी लपट बाहर निकली, जिसकी चपेट में आने से फायरमैन झुलस गए। मेडिकल कालेज में भर्ती फायरमैन निर्भय गंभीर रुप से झुलसे हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
दुकान मालिक शोभा देवी व उनके बेटे दीपक ने शार्ट सर्किट से दुकान में आग लगने की जानकारी पुलिस को दी। सीएफओ डीके सिंह ने बताया कि ग्रीस की दुकान में ज्वलनशील पदार्थ भी रखा था जिसकी वजह से आग की लपट अचानक बाहर निकली, जिसकी चपेट में आने से फायरमैन झुलस गए। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही पता चल जाएगा।

गोरखपुर में शीघ्र ही खुलेगा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) विद्यार्थियों के लिए नई खुशख़बरी! क्योंकि बहुत जल्द ही यूपी में पूर्वांचल के युवाओं को उच्‍च शिक्षा में अध्ययन के लिए एक और विकल्प मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय का स्थापना होने जा रहा है। शासन स्तर पर इसकी स्थापना का रास्ता साफ होने लगा है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का मौका मुआयना किया। मुआयना में प्रस्तावित विश्वविद्यालय शासन के मानक पर खरा मिला। पांच सदस्‍यीय समिति ने निरीक्षण के दौरान भूमि की उपलब्धता, भवनों तथा अवसंरचनात्मक सुविधा, शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति, विकास संबंधी लक्ष्यों और नियोजन संबंधी आवश्यकताओं का प्रस्तावित पाठ्यक्रमवार गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण में समिति ने पाया कि निजी विश्वविद्यालय के मानक पर व्यवस्था पूरी कर ली गई है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का भवन अत्याधुनिक है और गुरु श्रीगोरक्षनाथ नर्सिंग कालेज नाम से एक कालेज पहले से संचालित है। समिति ने रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर दी है।

इस पांच सदस्यीय समिति में कुलपति के अलावा उच्‍च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह, जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव समिति के सदस्य सचिव हैं।

महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस, एमबीबीएस, बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी एलटी, बीएससी एजी, बीए आनर्स, बीएससी आनर्स, बीकाम, बीएड, बीएससी-बीएड, बीए-बीएड, बीपीएड आदि पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

जोगेन्द्र तालू ने किया दावा, किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए भिवानी से पांच हजार ट्रैक्टर दिल्ली होंगे रवाना : OmTimes

भिवानी (ऊँ टाइम्स) भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र तालु ने आज शनिवार को दावा किया है कि 24 जनवरी को भिवानी जिले से पांच हजार ट्रैक्टर दिल्ली में प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। किसान नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब दो महीने से अन्नदाता ठंड के मौसम में अपने हकों के लिए बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार अपना तानाशाही रवैया छोडऩे को तैयार नहीं है। तालु ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र को बर्बाद करने के बाद अब खेती व खाद्य सुरक्षा को उजाडऩे के लिए तीन कृषि कानून के लेकर आई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता ने कहा कि हजारों किसान करीब दो महीने से दिल्ली के चारों ओर डेरा डाले बैठे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा देश-विदेश के चंद उद्योगपतियों के मुनाफों के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कि ये तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार विपक्ष पर आरोप लगाती है कि वह किसानों को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। तालु ने कहा कि यदि अन्नदाता पूंजीपतियों के अधीन हो जायेगा तो देश के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो जाएगी, इसलिए किसानों के हित को देखते हुए सरकार को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

23 जनवरी को दिल्ली में इन इन जगहों पर रहेगा रूट डायवर्जन, इन मार्गों का करें इस्तेमाल : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल 23 जनवरी को है। इसके मद्देनजर कई मुख्य मार्गों पर यातायात में परिवर्तन किया गया है। इसमें नई दिल्ली के कई मार्ग 22 जनवरी की शाम को ही बंद कर दिए जाएंगे। यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परेड की रिहर्सल 23 जनवरी की सुबह 9.50 बजे विजय चौक से शुरू होगी। यह राजपथ, अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट, प्रिसेंज पैलेस, तिलक मार्ग, रेडियल रोड, सी हैक्सागन होती हुई नेशनल स्टेडियम में समाप्त होगी।

इन मार्गों का वाहन चालक करें प्रयोग- उत्तरी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने के लिए जाने वाले वाहन चालक रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-आइपी फ्लाईओवर-राजघाट से रिंग रोड पर जा सकते हैं। वहीं, लोधी रोड, अरविंदो मार्ग-एम्स चौक, रिंग रोड धौला कुआं, शंकर रोड, होते हुए मंदिर मार्ग जाया जा सकता है।

पूर्वी दिल्ली से पश्चिमी दिल्ली जाने के लिए- वाहन चालक रिंग रोड-भैरों मार्ग-मथुरा रोड-लोधी रोड, अर¨वदों मार्ग, एम्स चौक से होते हुए मंदिर मार्ग पहुंच सकते हैं। रिंग रोड से बर्फ खाना चौक, रानी झांसी रोड, वंदे मातरम् मार्ग से मंदिर मार्ग के रास्ते होते हुए पश्चिमी दिल्ली जाया जा सकता है।

दक्षिण दिल्ली से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले के लिए- वाहन चालक धौला कुआं, वंदे मातरम् मार्ग, पंचकुइयां रोड, कनाट प्लेस आउटर सर्किल, जेम्सफोर्ड रोड का प्रयोग कर पहाड़गंज साइड और मिंटो रोड से अजमेरी गेट साइड पहुंच सकते हैं।

पूर्वी दिल्ली की तरफ स्टेशन जाने के लिए- आइएसबीटी, रानी झांसी रोड, डीबीजी गुप्ता रोड, शीला सिनेमा रोड, पहाड़गंज रोड का उपयोग किया जा सकता है।

वाहन चालक रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-रिंग रोड-राजघाट-रिंग रोड-चौक यमुना बाजार-एसपी मुखर्जी मार्ग-छत्ता रेल ब्रिज मार्ग का प्रयोग करें।
गाजियाबाद से दिल्ली आने वाली अंतरराज्यीय बसों को एनएच-24 से रिंग रोड होते हुए भैरों रोड की तरफ भेजी जाएंगी। एनएच-24 से आने वाली बसों को रोड नंबर-56 से मोड़कर आनंद विहार बस अड्डा और गाजियाबाद से आने वाली बसों को वजीराबाद ब्रिज जाने के मोहन नगर से भोपुरा चुंगी की तरफ मोड़ दिया जाएगा। वहीं, धौलाकुआं की तरफ से आने वाली बसों को धौलाकुआं में ही रोक दिया जाएगा।

इन मार्गों पर प्रतिबंधित रहेंगे ऑटो-टैक्सी- टैक्सी और ऑटो मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग-बाबा खड़क सिंह मार्ग-अशोक रोड से पटेल चौक, टॉल्सटॉय मार्ग-कस्तूरबा गांधी मार्ग, फिरोजशाह रोड से मंडी हाउस, भगवान दास रोड से मथुरा रोड- सुब्रमण्यम भारती मार्ग- हुमायूं रोड- एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग-कमल अता तुर्क मार्ग-कौटिल्य मार्ग और सरदार पटेल रोड पर नहीं जा सकेंगे। 2 मेट्रो स्टेशन रहेगा बंद – इस दौरान केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रखा जाएगा।

विस्फोटक ले जा रहे ट्रक में हुआ धमाका, कम से कम 8 मजदूरों की हुई मौत; पीएम मोदी ने जताया दुख : OmTimes

बेंगलुरु (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक के शिवमोगा जिले में हुई दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया है। शिवमोगा में गुरुवार रात को ट्रक में भरकर ले जाए जा रहे विस्फोटक में धमाका हो गया। इस धमाके में आठ लोगों की मौत हो गई है। ये धमाका इतना जबरदस्‍त था कि आसपास के क्षेत्र में झटके महसूस किए गए। ऐसे में लोगों को लगा कि भूकंप के कारण झटके लग रहे हैं।
शिवमोगा के जिला कलेक्टर नन्द शिवकुमार ने बताया, ‘हुनासोडू गांव में एक रेलवे क्रेशर स्थल पर एक डायनामाइट विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। ये विस्‍फोट बीती रात लगभग 10 बजकर 20 मिनट पर हुआ।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख प्रकट किया है। शिवमोगा की घटना सुनकर बेहद दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। ईश्‍वर से प्रार्थना है कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

अब फ्रांस में प्रकाशकों को न्यूज कंटेंट के बदले भुगतान करेगा गूगल, नए कॉपीराइट समझौते पर सहमति : OmTimes

पेरिस/नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गूगल और फ्रांस के समाचारपत्र प्रकाशकों के समूह के बीच कॉपीराइट फ्रेमवर्क पर एक खास सहमति बनी है। इसके तहत अमेरिका की दिग्गज टेक फर्म गूगल ऑनलाइन कंटेंट के लिए समाचार प्रकाशकों को भुगतान करेगी। यूरोप में यह इस तरह का पहला समझौता है।
इस कदम से इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और प्रिंट सर्कुलेशन में कमी के कारण राजस्व में गिरावट का सामना कर रहे समाचार पत्र प्रकाशकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि इस करार से फेसबुक जैसे अन्य प्लेटफॉर्म भी इस संबंध में विचार करने के लिए प्रेरित होंगे।
यूरोपीय संघ के नए कॉपीराइट नियमों के क्रियान्वयन को लेकर गूगल, फ्रांसीसी प्रकाशकों एवं समाचार एजेंसियों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी। इस कॉपीराइट नियम के तहत अपनी कोई खबर दिखाए जाने पर प्रकाशक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शुल्क पाने के हकदार होंगे। दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन सर्च इंजन चलाने वाली गूगल किसी कंटेंट के लिए प्रकाशक को भुगतान करने के विचार का शुरुआत में यह कह कर विरोध करती रही है कि उसके सर्च इंजन के कारण प्रकाशकों की वेबसाइट पर अच्छा-खासा ट्रैफिक आता है।
फ्रेमवर्क पर सहमति के बाद गूगल और फ्रांस के प्रकाशकों के समूह एपीआइजी ने बताया कि इसके तहत रोजाना प्रकाशित प्रति, मासिक इंटरनेट ट्रैफिक और उसमें राजनीतिक एवं अन्य जानकारियों के अनुपात के आधार पर भुगतान तय होगा। कुछ प्रकाशकों के साथ इस फ्रेमवर्क के तहत समझौता किया जा चुका है। अभी यह नहीं बताया गया है कि कितना भुगतान किया जाएगा और इसकी गणना कैसे होगी। समाचार प्रकाशकों को भुगतान करने के लिए गूगल ने न्यूज शोकेस के नाम से विशेष पहल की है, जिसमें प्रकाशकों को अपने कंटेंट को ऑनलाइन क्यूरेट करने का विकल्प मिलता है। अभी ब्राजील और जर्मनी में ही यह विकल्प उपलब्ध है।

लालू यादव की हालत हुई गंभीर, चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन-निमोनिया : OmTimes

रांची ( ऊँ टाइम्स)  राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर हो गई है। वे फिलहाल सांस नहीं ले पा रहे। उनके चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन और निमोनिया की शिकायत है। मिली जानकारी के मुताबिक, रांची के रिम्स अस्‍पताल के पेइंग वार्ड में इलाजरत चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत गुरुवार देर शाम अचानक बिगड़ गई। इसके बाद पूरे अस्‍पताल में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता भी लालू यादव की तबीयत का हाल जानने पहुंचे। रिम्‍स डायरेक्‍टर अभी मौके पर हैं। उन्‍होंने लालू की हालत को स्थिर बताया है।
डॉक्‍टरों के मुताबिक लालू यादव को सांस लेने में अचानक परेशानी होने लगी है। आनन-फानन में तुरंत इसकी सूचना चिकित्सकों को दी गई। सूचना मिलते ही झारखंड के स्वास्‍थ्‍य मंत्री बन्ना गुप्ता, रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप और लालू प्रसाद यादव का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश प्रसाद उन्‍हें देखने पेइंग वार्ड पहुंचे।
लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद बन्ना गुप्ता वापस लौट गए। डॉक्‍टर अभी लालू प्रसाद के इलाज में लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लालू में निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं। कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल दिया गया है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, आरटी पीसीआर की रिपोर्ट आनी बाकी है। मौके पर उनका एक्स-रे भी किया गया। इसमें थोड़ा-सा इन्फेक्शन भी देखने को मिला है।

सीरम इंस्टीट्यूट के प्लांट में लगी भीषण आग, पांच की हुई मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख : OmTimes

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र में पुणे स्थित दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पाद कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के एक निर्माणाधीन हिस्से में गुरुवार दोपहर बाद अचानक लगी आग में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मृतकों में कोई भी सीरम इंस्टीट्यूट का कर्मचारी नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। ना ही इस अग्निकांड से कोरोना के लिए बन रही वैक्सीन के काम पर कोई प्रभाव पड़ा है। सीरम इंस्टीट्यूट के कई एकड़ में फैले परिसर में एक छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत में दोपहर बाद करीब ढाई बजे छठी मंजिल पर आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी वहां पहले से कुछ ज्वलनशील पदार्थ रखे थे, जिनमें शार्ट सर्किट से आग लग गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार, आग लगने के बाद जल्दी ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां व तीन पानी के टैंकरों ने वहां पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया।
सीरम इंस्टीट्यूट की अपनी अग्निशमन टीम भी आग बुझाने में लगी थी। इसके बावजूद आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लग गए। आग बुझने के कुछ देर बाद शाम करीब साढ़े छह बजे एक बार फिर छठी मंजिल पर ही आग की लपटें दिखाई देने लगीं। जिन्हें बुझाने का काम अब भी चल रहा है। दोबारा आग भड़कने से पहले प्रभावित क्षेत्र से पांच मृतकों के शव बरामद हो चुके थे तथा नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सर्च आपरेशन का काम एनडीआरएफ की टीम कर रही है।
मृतकों में दो व्यक्ति रमाशंकर व बिपिन सरोज उत्तर प्रदेश के, सुशील कुमार पांडे बिहार के व महेंद्र इंगले तथा प्रतीक पाष्टे पुणे के ही रहने वाले थे। ये पांचों निर्माणाधीन इमारत में श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे। देर शाम सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा करने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि आग पूरी तरह बुझने के बाद शुक्रवार को सुबह प्रभावित क्षेत्र की फिर से पूरी जांच की जाएगी। तब मरने वालों की संख्या का सही पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि 99 फीसद उम्मीद यही है कि मरने वालों की संख्या पांच ही है। पवार के अनुसार, पूरी जांच के बाद ही आग लगने के सही कारण का भी पता चल सकेगा। सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग की जांच के लिए पुणे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने संस्थान के सुरक्षाकर्मियों, ठेके पर काम करवाने वाले सुपरवाइजर व सीरम के प्रबंधन का बयान लेना शुरू कर दिया है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोवीशील्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा उत्पादित वैक्सीन का भारत में उपयोग भी शुरू हो चुका है। कई अन्य देशों को भी इसकी वैक्सीन भेजी जा रही है। कोरोना के लिए वैक्सीन उत्पादन के अलावा यह संस्थान बीसीजी, पोलियोमाइलिटीस, पोलियोवैक तथा बच्चो के लिए अन्य टीकों का निर्माण करती है। यहां प्रतिवर्ष 1.3 अरब टीके व प्रतिरक्षात्मक दवाएं तैयार की जाती हैं। इस संस्थान की स्थापना 1966 में साइरस पूनावाला ने की थी। अब उनके पुत्र अदार पूनावाला इस कंपनी के सीईओ हैं। यह कंपनी खुराक संख्या के अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी बन चुकी है।
पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल के मुताबिक, इमारत से काफी लोगों को निकाला गया लेकिन जब आग पर काबू पाया गया तो पांच शव मिले। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने की जानकाकी मिलते ही फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियां मौके पर पहुंची। सीरम इंस्टीट्यूट के गेट नंबर एक पर लगी आग धीरे-धीरे आग बिल्डिंग की दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल तक आग पहुंच गई।
आग की वजह से चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया। सीरम इंस्टीट्यूट ने ही कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को बनाया है। इस बीच, एसआइआइ के मंजरी प्लांट में आग लगने की घटना पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि आग से दुर्भाग्य से कुछ जानमाल का नुकसान हुआ है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिवार के सदस्यों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की हैं। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि आग नियंत्रण में है। पुणे नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत रानसेप ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की इमारत में आग नियंत्रण में है। 
इस बीच, एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की एक टीम पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पहुंची है। वहीं, पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता के मुताबिक, हमें 2:45 बजे सीरम इंस्टीट्यूट की एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस और फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। काफी लोगों को निकाल लिया गया है। इस इमारत में वैक्सीन का प्लांट या भंडारण नहीं किया जा रहा था। हम हर पहलू की जांच करेंगे। 
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की वजह से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की दुर्घटना में हुई मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अध्यक्ष और एमडी ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में अत्यंत दुखद दिन है। हमें बेहद दुख हुआ है और दिवंगत लोगों के परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। मानदंडों के अनुसार अनिवार्य राशि के अलावा प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। 
वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में SEZ-3 मंजिल इलाके की बिल्डिंग में आग लगी। वहां पर वेल्डिंग का काम हो रहा था। जिसकी वजह से आग लग गई। इस घटना में 5 लोगों की मृत्यु हुई है। 

अब सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा संसद की कैंटीन में, लोकसभा अध्यक्ष का एलान : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) संसद भवन परिसर की कैंटीन में अब सांसदों को सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को कहा कि संसद की कैंटीन में सांसदों को भोजन पर दी जाने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बताया कि सांसदों और अन्य लोगों को खाने पर मिलने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है। खाने में सब्सिडी खत्म करने को लेकर दो साल पहले भी बात उठी थी। लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सभी दलों के सदस्यों ने एक राय बनाते हुए इसे खत्म करने पर सहमति जताई थी। अब कैंटीन में मिलने वाला खाना तय दाम पर ही मिलेगा। सांसद अब खाने की लागत के हिसाब से ही भुगतान करेंगे। संसद की कैंटीन को सालाना करीब 17 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी, जो अब खत्म हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक कैंटीन की रेट लिस्ट में चिकन करी 50 रुपए में तो वहीं वेज थाली 35 रुपए में परोसी जाती है। वहीं थ्री कोर्स लंच की कीमत 106 रुपए निर्धारित है। बात करें साउथ इंडियन फूड की तो संसद में प्लेन डोसा मात्र 12 रुपए में मिलता है। एक आरटीआई के जवाब में 2017-18 में यह रेट लिस्ट सामने आई थी।
बिड़ला ने इसके अलावा बताया कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। 29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी। उनके अनुसार, सांसदों के आवास के नजदीक भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं।
बिड़ला ने आगे बताया कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। इसमें सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्यों द्वारा निर्धारित की गई टीकाकरण अभियान नीति सांसदों पर भी लागू होगी। संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी।

शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे चारबाग स्टेशन पर पटरी से उतरे : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  यूपी की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर आज सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा । बताया जा रहा है कि चारबाग स्टेशन से करीब 50 मीटर पहले खम्मन पीर ब्रिज के पास पंजाब के अमृतसर से बिहार के जयानगर जा रही शहीद एक्‍सप्रेस (4674) के दो कोच पटरी से उतर गए। आननफानन में आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों कोचों में करीब 155 यात्री सवार थे। 
कोच के पटरी से उतरने पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यात्री बाहर निकल आए। हालांकि हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलते ही मौके पर डीआरएम खुद पहुंचे। 
डीआरएम संजय त्रिपाठी ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी डीआरएम त्रिपाठी के मुताबिक, दोनों कोचों में केवल 155 यात्री थे, उनके लिए व्यवस्था की गई थी। कोई हताहत नहीं हुआ है। ट्रेन अभी यार्ड से रवाना हुई थी और धीमी गति से चल रही थी। यह जांच का विषय है कि पटरी से उतरी कैसे। एक समिति बनाई जा रही है, जो मामले की जांच करके रिपोर्ट देगी, और दोषियों पर कार्रवाई भी किया जायेगा। 

दिल्ली में आज से खुले स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों को इन शर्तों पर मिली एंट्री : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल आज सोमवार से खुल गए हैं। फिलहाल स्कूल केवल कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए खोले गए हैं, ताकि वे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। छात्रों के लिए सभी कक्षाओं को सैनिटाइज करने के साथ-साथ पूरे स्कूल परिसर में कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता बोर्ड भी लगाए गये हैं। वहीं, स्कूलों को शिक्षा निदेशालय द्वारा तय की गई मानक संचालन प्रक्रिया के जरिये ही छात्रों को बुलाया गया है। इसके साथ ही स्कूलों को आने वाले छात्रों का रिकार्ड भी रखना होगा। हालांकि रिकार्ड का इस्तेमाल अटेंडेस के लिए नहीं किया जा रहा है। वहीं, कुछ निजी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों की आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, वे स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। इनमें पूसा रोड स्थित स्पि्रंग डेल्स, बाराखंभा रोड स्थित माडर्न स्कूल समेत कुछ अन्य निजी स्कूल शामिल हैं। स्‍प्रिंग डेल्स की प्रधानाचार्या ने बताया कि कक्षा 10वीं-12वीं के छात्र अभी आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं दे रहे हैं। ऐसे में स्कूल जनवरी के आखिरी सप्ताह में खोला जाएगा।

यह रहेगी व्यवस्था – स्कूल के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजेशन मशीन के साथ-साथ तापमान मापने की भी मशीन , कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का आने और जाने के समय में आधे घंटे का अंतर रहेगा , कक्षा 10वीं के छात्र सुबह आठ बजे तो 12वीं के साढ़े आठ बजे स्कूल आएंगे , छात्रों की हर कक्षा 40 मिनट की होगी। इसमें बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रायोगिक कक्षाएं ज्यादा होंगीहर कक्षा को दो भागों में बांटा है। प्रत्येक कक्षा में 12-15 छात्र ही बैठेंगे। हर कक्षा में छात्रों के लिए एक सहायक शिक्षक भी मौजूद रहेंगे।शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं अभी नहीं होंगी। स्कूल में छात्रों के लिए एक क्वारंटाइन कक्षा की भी व्यवस्था रहेगी। छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। हर छात्र को कोरोना से बचाव के पत्र बांटे जाएंगे। कोई भी छात्र बिना हाथों को सैनिटाइज करे और बिना मास्क पहने स्कूल नहीं आएगा। छात्रों के लिए अभी बस, वैन सुविधा नहीं शुरू की गई है तो छात्रों को निजी वाहन से स्कूल आना होगा। पुस्तकालय कक्ष भी बंद रहेगा।कंटेनमेंट जोन के स्कूल नहीं खुलेंगे। कंटेनमेंट जोन में रह रहे शिक्षक, छात्र व कर्मचारी स्कूल नहीं आएंगे। कक्षा में हर छात्र को छह फुट की दूरी पर बैठना होगा। स्कूल के मुख्य द्वार पर ही हर एक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। एक मार्च से बोर्ड के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। 19 मार्च 2020 से बंद है दिल्ली के स्कूल, 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, 10वीं के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा पहला पीरियाडिक असेसमेंट और मार्च के दूसरे सप्ताह में दूसरा पीरियाडिक असेसमेंट आयोजित हो सकता हैं।छात्रों को सीबीएसई के सैंपल पेपर को हल करने की तैयारी कराएंगे स्कूल।10वीं और 12वीं के छात्रों को घटे हुए पाठ्यक्रम के बारे में बताया जाएगा।10वीं के छात्रों का स्कूल एक फरवरी से अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक करेंगे बहुविकल्पीय मूल्यांकन।छात्रों को अपने सहपाठियों से कापी, किताब व अन्य सामग्री नहीं करनी होगी साझा।स्कूलों में प्रार्थना सभा व अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां नहीं होंगी आयोजित।

नव निर्वाचित राष्ट्रपति वाइडन के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर वाशिंगटन में बुलाए गए हजारों सैनिक : OmTimes

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन कार्यों की सूची तैयार कर ली है, जिसे वे शपथ वाले दिन ही पूरा करेंगे। 20 जनवरी को शपथ लेने के तुरंत बाद बाइडन देश के सामने मौजूद चार चुनौतियों-कोरोना संकट, आर्थिक संकट, पर्यावरण संबंधी समस्याएं और नस्ली असमानता से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे। यह भी माना जा रहा है कि वह अपने कार्यकाल के पहले दिन 1.1 करोड़ आप्रवासियों को नागरिकता देने का भी एलान कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस के नवनियुक्त चीफ आफ स्टाफ रोन क्लीन ने आगामी व्हाइट हाउस वरिष्ठ कर्मियों को शनिवार को दिए एक ज्ञापन में कहा, ‘नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ऐसे समय में कार्यभाल संभाल रहे हैं, जब देश गंभीर संकट से जूझ रहा है। हमारे सामने चार बड़े संकट हैं, जो एक दूसरे से जुड़े हैं। ये संकट है-कोरोना और इसके चलते पैदा हुआ आर्थिक संकट, पर्यावरण से जुड़ी समस्यांए और नस्ली समानता के अभाव से जुड़ा संकट है।’
इन सभी संकटों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है और बाइडन अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 दिन में इन संकटों से निपटने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। क्लीन ने कहा कि शपथ ग्रहण के दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन चार संकटों से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे।
बाइडन पहले ही दिन अमेरिकी लोगों को कोरोना वायरस महामारी से जुड़ा राहत पैकेज भी देंगे। उन्होंने कहा कि जैसे कि पहले ही घोषणा की गई थी, वह शिक्षा विभाग से छात्रों के लिए ऋण के भुगतान पर मौजूदा रोक की अवधि बढ़ाएंगे, पेरिस समझौते में पुन: शामिल होंगे और मुसलमानों पर प्रतिबंध हटाएंगे।

वाशिंगटन में बुलाए गए हैं हजारों सैनिक – वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न प्रांतों से बसों और विमानों के जरिये शनिवार को राजधानी में आने लगे। वाशिंगटन में अगले हफ्ते की शुरुआत तक 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है। कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं। सेना संबंधी मामलों के मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी है!
दरअसल, बाइडन के शपथ लेने से पहले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने प्रांतों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के अधिकाधिक जवानों को भेजने की अपील की थी, जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके। छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन पर भीड़ ने हिंसक धावा बोल दिया था। उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं।
यही नहीं सशस्त्र घुसपैठियों के आने तथा विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है। रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी प्रांतों की राजधानियों में हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है। प्रांतों के गवर्नरों ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। प्रांतों के विधानसभा भवनों को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। उधर, अमेरिकी संसद भवन के पास बने चेक पोस्ट को पार करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से भरी हुई बंदूक और 500 से अधिक गोलियां बरामद की गई हैं।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते कई अमेरिकी परिवहन कंपनियों ने 17 से 20 जनवरी तक वाशिंगटन जाने वाली बसों को रद कर दिया है। इससे पहले ओवरसाइट कमेटी की चेयरपर्सन और अमेरिकी सांसद कैरोलिना मैलोनी ने विभिन्न बस सेवाओं, ऑटो रेंटल कंपनियों और होटलों को पत्र भेजकर संभावित घटनाओं को रोकने में मदद करने को कहा था। जिन कंपनियों को यह पत्र भेजा गया था, उनमें मेगाबस, ग्रेहाउंड, बोल्टबस, पीटर पैन, हयात, हिल्टन और मैरिएट शामिल हैं।
शपथ सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमायोर दिलाएंगी। यह कार्यक्रम इस लिहाज से ऐतिहासिक होगा कि पहली अश्वेत, दक्षिण एशियाई महिला उप राष्ट्रपति को शपथ दिलाने वाली सोटोमायोर पहली लातिन अमेरिकी न्यायमूर्ति हैं। एक सूत्र के मुताबिक सोटोमायोर का चयन हैरिस ने किया है। दोनों ने साथ में वकालत की है।
शपथ ग्रहण में दो बाइबल का भी उपयोग किया जाएगा जिनमें से एक उच्चतम न्यायालय के पहले अश्वेत न्यायमूर्ति थरगुड मार्शल की होगी। हैरिस, सोटोमायोर और मार्शल दोनों की प्रशंसक रही हैं। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो में कहा था कि च्च्उनके वकील बनने की इच्छा के पीछे एक प्रमुख वजह मार्शल हैं। सोटोमायोर ने इससे पहले 2013 में जो बाइडन को उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी। 

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण चार दिन रूट रहेगा डायवर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस समारोह के लिए परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान चार दिन नई दिल्ली इलाके में यातायात परिवर्तित रहेगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त यातायात मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि 17, 18, 20 और 21 जनवरी को परेड का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इसके कारण सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक राजपथ-रफी मार्ग, जनपथ, राजपथ-मानसिंह रोड और राजपथ-सी-हेक्सागन मार्ग को बंद रखा जाएगा। इस मार्ग से यातायात को अन्य मार्गों पर भेजा जाएगा।

उत्तर से दक्षिण की ओर जाने वाले इन मार्गो का करें प्रयोग-

आश्रम चौक से ये वाहन चालक सराय काले खां, आइपी एस्टेट फ्लाईओवर-राजघाट, लाजपत राय मार्ग- मथुरा रोड-भैरों रोड-रिंग रोड, अर¨बदो मार्ग-सफदरजंग रोड-कमल अत्ततुर्क मार्ग- कौटिल्य मार्ग-सरदारपेट मार्ग-मदर टेरेसा क्रिसेंट-आरएमएल-बाबा खड़क सिंह मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान यातायात के लिए पृथ्वी राज रोड-राजेश पायलट मार्ग-सुब्रमण्यम भारती मार्ग-मथुरा रोड- भैरों रोड, बर्फखाना से आज़ाद मार्केट-रानी झांसी फ्लाईओवर-पंचकुइयां रोड-हनुमान मूर्ति-वन्देमातरम मार्ग-धौलाकुआं मार्ग का भी प्रयोग कर सकते हैं।

पूर्व से पश्चिम जाने वाले इन मार्गो का करें प्रयोग-

रिंग रोड से भैरों रोड-मथुरा रोड-सुब्रमण्यम भारती मार्ग- राजेश पायलट मार्ग-पृथ्वीराज रोड-सफदरजंग रोड-बोलिवर मार्ग-वंदेमातरम मार्ग। इसके अलावा रिंग रोड से आइएसबीटी-चंदगी राम अखाड़ा-माल रोड-आजादपुर रिंग रोड। भैरों रोड-मथुरा रोड-लोधी रोड-अर¨बदो मार्ग- सफदरजंग रोड-तीन मूर्ति मार्ग-मदर टेरेसा क्रिसेंट-पार्क स्ट्रीट-शंकर रोड का प्रयोग कर सकते हैं।

पूर्व से दक्षिण-पश्चिम के लिए इन मार्गो का करें प्रयोग –

दिल्ली में जाने के लिए रिंग रोड से वंदे मातरम् मार्ग की ओर दक्षिण से कनॉट प्लेस जाने के लिए केंद्रीय सचिवालय, मदर टेरेसा क्रिसेंट- पार्क स्ट्रीट- बाबा खड़क सिंह मार्ग, रिंग रोड से वंदेमातरम मार्ग-लिंक रोड- पंचकुइयां रोड अथवा रिंग रोड से सरदार पटेल मार्ग -11 मूर्ति-मदर टेरेसा क्रिसेंट-आरएमएल अस्पताल-नॉर्थ एवेन्यू या बाबा खड़क सिंह मार्ग का प्रयोग किय जा सकता है।

राजस्थान के जालोर में विद्युत की चपेट में आई यात्रियों से भरी बस, 6 लोगों की हुई मौत : OmTimes

जालोर (ऊँ टाइम्स)  राजस्थान के जालोर जिले के महेशपुरा गांव में देर रात यात्रियों से भरी एक बस बिजली के तार की चपेट में आ गई। बस में करंट आने से बस में सवार यात्रियों में से 6 लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। हादसे में 17 गंभीर घायलों को जालौर से जोधपुर के एमडीएम अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। बाकी के घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जालोर जिले के महेशपुर गांव में भीषण हादसा हुआ है। यात्रियों से भरी हुई दो बसें रास्ता भटकीं और एक गांव में पहुंच गई। वहां रास्ते में बिजली के तार झूलते देख ड्राइवर ने बस रोक दी। बस का कंडक्टर या खलासी बस की छत पर पहुंचा और एक डंडे की मदद से बिजली के तार को ऊपर उठा कर बस को निकालने की कोशिश की जा रही थी।
इसी दौरान डंडे से बिजली का तार झटक कर कंडक्टर के गले में अटक गया। जिससे कंडक्टर और बस में करंट दौड़ गया। कंटक्टर मौके पर ही झुलस गया। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त बस में मौजूद अन्य यात्रियों को भी करंट लगा। इधर बस ने आग पकड़ ली। दो में से एक बस आग में जल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंच गई है। एक डेड बॉडी बस से बाहर निकाली जा चुकी है कई अन्य यात्रियों की मौत की भी आशंका है। पुलिस प्रशासन ने बस कंडक्टर और ड्राइवर की मौत की पुष्टि की है। जबकि अन्य घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है।

इस हादसे में इनकी हुई मौत –

1- सोनल जैन पत्नी अनिल जैन, उम्र 44 वर्ष, शाहपूरा, ब्यावर अजमेर

2- सुरभी पत्नी अंकित जैन, उम्र 25 वर्ष, ब्यावर अजमेर

3- चांद देवी पत्नी गजराज सिंह, उम्र 65 वर्षा, ब्यावर

4-  राजेंद्र जैन पुत्र दौलचंद्र जैन, उम्र 58 साल, अजमेर

5- बस ड्राइवर, धर्मचंद्र जैन, प्रजापति ट्रेवल्स

6- खलासी

टीकाकरण अभियान का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ : OmTimes News Live

Update By- RamDeoDwivedi, OmTimes
नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था। कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी की जुबान पर ये सवाल था कि कोरोना वैक्सीन कब आएगी? अब वैक्सीन आ गयी है, बहुत कम समय में आ गई है। उन्होंने कहा कि भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है जो भारत में ट्राइड और टेस्टेड है। ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल हैं। यही वैक्सीन भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी। इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है। भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं और इनका उपयोग भी उतना ही आसान है। विदेश में तो कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जिसकी एक डोज 5,000 हज़ार रुपये तक में हैं और जिसे -70 डिग्री तापमान में फ्रीज में रखना होता है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘अब से कुछ ही मिनट बाद भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। मैं सभी देशवासियों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है,जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा।’

पीएम मोदी ने कहा, पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज लगने के दो हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी इम्युनिटी विकसित हो पाएगी।मेरा आपसे अनुरोध है कि पहली खुराक पाने के बाद मास्क उतारने की गलती न करें और शारीरिक दूरी बनाए रखें क्योंकि दूसरी खुराक के बाद इम्युनिटी विकसित होती है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘ इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन इतने कम समय में एक नहीं दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। कई और वैक्सीन पर भी तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भारत के सामर्थ्य, वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट का जीता-जागता सबूत है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘ इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है। जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें इस चरण में टीका लगेगा।आप कल्पना कर सकते हैं, 30 करोड़ की आबादी से ऊपर के दुनिया के सिर्फ तीन ही देश हैं- खुद भारत, चीन और अमेरिका। ‘

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पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में दो टीकों के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन शामिल हैं। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने विकसित और भारत में इसे सीरम  इंस्टीट्यूट बना रहा है। वहीं कोवैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी है। 

– पंजाबः- देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।.
– असम:- देशभर में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के मद्देनज़र गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज को फूलों से सजाया गया है। देश में आज 3,006 साइट पर वैक्सीनेशन किया जाएगा और हर साइट पर 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

– उत्तर प्रदेश:- देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए वाराणसी के BHU अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया, ‘आज यहां लगभग 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर 25-25 के स्लॉट में लोगों को वैक्सीन लगाएंगे।’

– दिल्लीः- आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को देखते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल को सजाया गया है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज LNJP अस्पताल का दौरा करेंगे। LNJP अस्पताल के एमडी ने बताया कि वैक्सीन को लेकर हमारे डाॅक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी बहुत उत्साहित हैं।

पूरे देशभर में कुल 3,006 केंद्रों से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। पहले दिन एक केंद्र पर 100 लोगों को टीका लगाने की तैयारी है। पहले चरण में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के कार्यकर्ता सहित सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगेगा। केंद्र ने टीकाकरण अभियान के पहले दिन 2,934 सत्र स्थलों पर लगभग 3 लाख स्वास्थ्यकर्मचारियों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है। नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए निर्धारित दिनों को छोड़कर  यह अभियान प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को देश के टीकाकरण अभियान को ‘कोरोना के अंत की शुरुआत’ बताया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा करने का भी आग्रह किया और कहा कि सरकार ने उचित वैज्ञानिक जांच के बाद आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है।

CoWIN (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस वर्क) एपलिकेशन से पूरे टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टीकाकरण अभियान के पहले चरण में, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे  50 साल से कम उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा।

हेल्पलाइन हुआ नंबर जारी 

टीकाकरण अभियान शुरू करने से पहले इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पूरे देश में ड्राई रन का आयोजन हुआ। कोरोना महामारी और वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार ने 24×7 कॉल सेंटर बनाया है। 1075 पर कॉल करके आप कोई भी जानकारी ले सकते हैं।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति ट्रंप को पद से हटाने की प्रक्रिया हुई चालू : OmTimes

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी राष्‍ट्रपति को दूसरी बार महाभियोग प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। यही वजह है कि केपिटल बिल्डिंग हिंसा के बाद मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके ऊपर दोबारा महाभियोग चलाने के लिए कई सदस्‍यों का समर्थन मिला है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ दूसरे महाभियोग प्रस्ताव को पास कर दिया है। इसके पक्ष में जहां 232 वोट पड़े वहीं विपक्ष में 197 वोट पड़े थे।
इस प्रस्‍ताव को रिपब्लिकन पार्टी के दस सांसदों का भी समर्थन हासिल हुआ है। इसके बाद अब सीनेट में 19 जनवरी को इस प्रस्‍ताव को रखा जाएगा। कॉकस के कई सदस्‍य चाहते हैं कि ये प्रक्रिया जल्‍द से जल्‍द शुरू की जाए। स्‍पीकर नैंसी पेलोसी ने 9 महाभियोग मैनेजर को नियुक्‍त किया है जो ट्रंप के मामले में बहस करेंगे। महाभियोग की इस प्रक्रिया को इस वजह से भी तेज किया गया है क्‍योंकि उप-राष्‍ट्रपति माइक पेंस ने केपिटल बिल्डिंग की घटना के बाद संविधान के 25वें संशोधन का इस्‍तेमाल करते हुए ट्रंप का पद से हटाने से साफ इनकार कर दिया है।
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन उप-राष्‍ट्रपति को ये अधिकार देता है कि यदि राष्‍ट्रपति अपने कर्तव्‍यों और उत्‍तरदायित्‍वों का निर्वाहन करने में नाकाम रहता है तो वो कैबिनेट की मंजूरी और सदन के दो तिहाई बहुमत के साथ राष्‍ट्रपति को पद से हटाकर सत्‍ता अपने हाथों में ले सके। प्रतिनिधि सभा की स्‍पीकर समेत अन्‍य कई सांसदों ने भी माइक पेंस से इस विकल्‍प का इस्‍तेमाल करते हुए ट्रंप को हटाने की अपील की थी, जिसको पेंस ने ठुकरा दिया था। इसके बाद ही ट्रंप पर महाभियोग की प्रक्रिया को तेज किया गया है!
अमेरिका के कई रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सीनेटर इस बात को मानते हैं कि मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा बन गए हैं। लिहाजा उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द पद से हटाना ही सही है। अधिकतर सांसद केपिटल बिल्डिंग हिंसा के लिए भी ट्रंप को ही दोषी भी मानते हैं। इस बीच निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्‍हें 25वें संशोधन से कोई खतरा नहीं है। हालांकि भविष्‍य में बाइडन के लिए इसका खतरा जरूर होगा। उन्‍होंने ये भी कहा है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी को पहले कभी इतना बड़ा खतरा पैदा नहीं हुआ था जितना अब हुआ है।
वैसे माइक पेंस ने ये भी साफ कर दिया है कि जो बाइडन को देश की जनता ने चुना है और मौजूदा राष्‍ट्रपति को इस बात का अधिकार नहीं है कि वो इसको चुनौती दे सकें। आपको बता दें कि इस 20 जनवरी को नए राष्‍ट्रपति के तौर पर जो बाइडन शपथ हासिल करने वाले हैं। आपको यहां पर ये भी बता दें कि यदि सीनेट ने उन्‍हें दोषी मानने पर अपनी मुहर लगाई तो ऐसी सूरत में ट्रंप को बर्खास्‍त कर दिया जाएगा। हालांकि इस बारे में मिच मैककॉनेल का कहना है कि ट्रंप के पद छोड़ने से पहले वो इस पर आगे कदम नहीं बढ़ाएंगी। यदि उन्‍हें दोषी माना गया तो फिर उन्‍हें पद से हटाने के लिए दोबारा वोटिंग करवानी होगी।
हालांकि ट्रंप के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए अब केवल एक सप्‍ताह का ही समय बचा है। ऐसे में पेंस के पास इस बात का विकल्‍प खुला है कि वो ट्रंप को पद से हटाकर खुद सत्‍ता अपने हाथों लें और बाद में उन्‍हें माफी दे दें। अमेरकी पूर्व राष्‍ट्रपति निक्‍सन को भी इसी तरह से माफी दी गई थी। उन्‍होंने महाभियोग प्रक्रिया के शुरू होने से पहले ही इस्‍तीफा दे दिया था। बाद में कार्यकारी राष्‍ट्रपति ने उन्‍हें माफी दे दी थी। आपको यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि ट्रंप पर इससे पहले जब महाभियोग लाया गया था तब सीनेट में उनके ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। इसकी वजह से ये कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। .. ( News Update By – OmTimes E -News Paper India )

यूपी पंचायत चुनाव का इस तारीख से लगेगा आचार संहिता, उम्मीदवार की खर्च की तय हुई सीमा : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश में 15 फरवरी के बाद आचार संहिता लग जाएगी और उसके 45 दिन के भीतर पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
इस बार पंचायत चुनाव में कुछ नियम भी बदल सकते हैं। सरकार इस तैयारी में है कि पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के लिए शैक्षिक योग्यता को अनिवार्य किया जाए। साथ ही साथ जिनके दो बच्चे हैं वहीं चुनाव में उम्मीदवार बन सके। इसके लिए भी नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि पंचायत भी पढ़ी लिखी हो यह सोच सरकार की है। और देश के कुछ राज्यों में पंचायत चुनाव को लेकर इस पर नियम भी बनाए गए हैं, साथ ही इन पंचायत चुनाव में अपराधी उम्मीदवारी ना कर सकें इस पर भी कुछ कड़े नियम सरकार ला सकती है। हालांकि पंचायती राज मंत्री का कहना है कि अभी उत्तर प्रदेश में इस पर फैसला होना है, उनकी माने तो कैबिनेट में यह फैसले लिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। 826 ब्लॉक है और 75 जिला पंचायतें हैं। ये सभी चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च की सीमा 4 लाख तय की गई है, और ग्राम प्रधानों के लिए खर्च की सीमा 75 हजार तय की गई है

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के आयोजन को संबोधित करेंगे प्रधान मंत्री : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री मोदी 12 जनवरी को सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के आयोजन को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान तीन राष्ट्रीय विजेता भी अपने विचार व्यक्त करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव का उद्देश्य 18 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं की आवाज़ को सुनना है। राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 31 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में दिए गए विचार पर आधारित है।
इस विचार से प्रेरणा लेते हुए पहला एनवाईपीएफ 12 जनवरी से 27 फरवरी, 2019 तक ‘न्यू वॉयस ऑफ द न्यू इंडिया और फाइंड सॉल्यूशंस एंड कंट्रिब्यूट टू पॉलिसी’ थीम के साथ आयोजित किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम में कुल 88,000 युवाओं ने भाग लिया था।
दूसरा एनवाईपीएफ 23 दिसंबर, 2020 को वर्चुअल मोड के माध्यम से लॉन्च किया गया था। पहले चरण में देश भर के 2.34 लाख युवाओं ने भाग लिया। 1 से 5 जनवरी तक वर्चुअल मोड के माध्यम से राज्य युवा संसदों द्वारा इसका अनुसरण किया गया।.
दूसरे एनवाईपीएफ का फाइनल 11 जनवरी को संसद के सेंट्रल हॉल में होगा। उन्नीस राष्ट्रीय विजेताओं को राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली, लोकसभा सांसद परवेश साहिब सिंह और पत्रकार प्रफुल्ल केतकर के राष्ट्रीय जूरी के सामने बोलने का अवसर मिलेगा। शीर्ष तीन विजेताओं को 12 जनवरी को होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री के सामने बोलने का अवसर मिलेगा।                         हर साल मनाए जाने वाला राष्ट्रीय युवा महोत्सव इस बार 12 से 16 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण युवा महोत्सव वर्चुअल आयोजित किया जा रहा है। इस साल के त्योहार का विषय ‘युवा- उत्सव नए भारत का’ है, जो बताता है कि युवा नए भारत के उत्सव को जीवंत करते हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी एक्सप्रेस के रूप में , बढेगा किराया, खत्‍म होंगे हाल्‍ट स्‍टेशन : OmTimes

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें अब एक्सप्रेस बनने की राह पर चल पड़ी हैं। गोरखपुर-पाटलिपुत्र को 13 जनवरी से एक्सप्रेस के रूप में चलाने की घोषणा करने के बाद रेलवे प्रशासन ने दो और सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की योजना तैयार कर ली है। बदलाव के तहत इन ट्रेनों के ठहराव तो कम होंगे ही, रफ्तार भी बढ़ जाएगी। यात्री कम समय में ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। कोरोना काल में जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने के बाद रेलवे बोर्ड ने भले ही सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की हवा दे दी हो। लेकिन इससे यात्रियों की जेब भी ढीली होनी तय है।
अब हाल्ट स्टेशनों के यात्रियों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। लोगों को वही दूरी तय करने के लिए 15 से 30 रुपये तक अधिक कराया देना होगा। एजेंट के यहां से टिकट बुक करने पर 50 से 60 रुपये अतिरिक्त लग जाएंगे। जानकारों के अनुसार सवारी गाड़ियों के साथ हाल्ट स्टेशनों का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने 55031-55050 नकहा जंगल- लखनऊ जंक्शन और 55119-55150 गोरखपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को भी एक्सप्रेस के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। बोर्ड ने प्रथम चरण में तीन ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने की संस्तुति प्रदान की है।
मकर संक्रांति पर्व पर बाबा गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। सवारी गाड़ियों की मनाही के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार को देर रात मेला स्पेशल के रूप एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने पर मुहर लगा दी। 13 से 15 जनवरी के बीच गोरखपुर से नौतनवा और गोरखपुर से बढ़नी रूट पर तीन फेरों में ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह ट्रेनें रास्ते में पड़ने वाली सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए चलेंगी। इन ट्रेनों में भी सिर्फ आरक्षित कोच ही लगाए जाएंगे। कंफर्म आरक्षित टिकटों पर ही यात्रा की अनुमति होगी। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य होगा। 
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड ने जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने की दशा में सिर्फ आरक्षित (एक्सप्रेस) ट्रेनों को ही चलाने की अनुमति दी है। बोर्ड ने अनारक्षित ट्रेनों (सवारी गाड़ियों) के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल, स्पेशल के रूप में एक्सप्रेस ट्रेनों को संचालित करने की अनुमति मिलने के बाद परिचालन, वाणिज्य और सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। टिकटों की बुकिंग, यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें दी जाने वाली सहूलियतों की तैयारी शुरू हो गई है।

इंडोनेशिया प्लेन 737-500 बोइंग हुआ क्रैश: दुर्घटनास्थल पर मिले बॉडी पार्ट्स, समुद्र से निकाला जा रहा मलबा : OmTimes News

जकार्ता (ऊँ टाइम्स)  इंडोनेशिया की राजधानी जकर्ता से उड़ान भरने के बाद लापता हुआ विमान क्रेश हो गया। इंडोनेशिया जाचंकर्ताओं को आज यानी रविवार को दुर्घटना स्थल के पास बॉडी पार्ट्स मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी जगह पर यह विमान क्रैश हुआ। विमान में 62 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि जांचकर्ताओं को दो बैग मिले हैं। एक बैग यात्री से जुड़ा बताया जा रहा है वहीं दूसरे में बॉडी पार्टस् मिले हैं। 
आप को बता दें कि बीते दिन इस विमान के लापता होने के बाद खोज लिए बचाव दल ने अभियान शुरू कर दिया था विमान के संदिग्ध मलबे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशियाई बचाव दल ने जकार्ता से टेकऑफ करने के कुछ ही समय बाद बोइंग 737-500 के लापता हो गया। इसके एक दिन बाद  जावा सागर से कुछ बॉडी पार्ट बरामद किए गए हैं।
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदी कार्या सुमादी ने बताया था कि एयरलाइन के इस बोइंग 737-500 विमान (एसजे182) ने जकार्ता से करीब एक घंटे देरी से स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.36 बजे उड़ान भरी थी और चार मिनट बाद ही यह रडार से गायब हो गया था। विमान पर चालक दल के 12 सदस्यों समेत कुल 62 लोग सवार थे। एयरलाइन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विमान जकार्ता से बोर्नियो द्वीप पर पश्चिम कालीमंतन प्रांत की राजधानी पोंटियानक जा रहा था और यह सफर करीब 90 मिनट का था। 
बचाव एजेंसी के एक अधिकारी अगस हरयोनो ने बताया कि बचाव दल को जकार्ता के उत्तर में समुद्र में एक विमान का मलबा मिला था। कुछ स्थानीय मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही है थी। वहीं कुछ मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही और देश के कुछ चैनलों ने भी संभावित मलबे की तस्वीरें दिखाईं थी।फ्लाइटरडार24 ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक यह विमान करीब 27 साल पुराना था। जबकि विशेषज्ञ एक नागरिक विमान की आयु करीब 25 साल बताई है।

ऊँ टाइम्स में सन् 2021 के लिए कार्यरत संवाददाता सूची

ऊँ टाइम्स में सन् 2021 के लिए कार्यरत 1988 संवाददाताओं में से कुछ संवाददाताओं के नाम और पद नाम निम्न लिखित हैं ..

http://www.omtimes.in      ऊँ टाइम्स संवाददाता सूची 2021 –                (1) अभिषेक द्विवेदी , विशेष संवाददाता – लखनऊ , मो0 फोन नं0 –  8299414915 , 9554230937 ,(2) आर०डी० द्विवेदी, संवाददाता- भारत  , मो0 फोन नं0 – 7408540709 (3) अविनाश द्विवेदी ,विशेष संवाददाता , नई दिल्ली ,(4) यस० द्विवेदी, उप सम्पादक  (5) मनीष मिश्रा, संवाददाता, बान्द्रा, मुंबई, (6) निखिल द्विवेदी, संवाददाता , पूर्वी सिंह भूमि टाटानगर, जमशेदपुर  (7) आरिफ  ,  संवाददाता, देवी पाटन मंडल (8) बलरामपुर रिक्त, (9) रामचन्दर,संवाददाता- गाज़ियाबाद (10) शिवबहादुर मौर्या,संवाददाता- दादर नगर हवेली ( सिलवासा ) रिक्त , (11) पंकज, संवाददाता- पटना, (12) रंजन पंडित, संवाददाता- अहमदाबाद,(13) मनोज पाण्डेय संवाददाता- रायपुर (14) राघवेन्द्र सिंह, संवाददाता- चेन्नई,(15) रागिनी सिंह, संवाददाता- अमृतसर,(16) रामपाल ठाकुर, संवाददाता- भटिंडा, (17) संगीता, संवाददाता- विरार,(18) महिपाल सिंह, संवाददाता- जम्मू,(19) अश्विनी,संवाददाता- वाराणसी,(20) प्रियंका पाण्डेय, संवाददाता- कलकत्ता, (21) प्रिंस,संवाददाता-आगरा, (22) शैलेन्द्र सिंह, संवाददाता- मैहर, (23) सीमा भारती, संवाददाता-  बालाजी (24) महेन्द्र श्रीवास्तव,संवाददाता- रतलाम,(25) दिनेश राय,संवाददाता- बरौनी,(26) मान्सी शर्मा,संवाददाता- मैनपुरी,(27) राहुल,संवाददाता- सीतापुर,(28) अनिल कुमार, संवाददाता- गोवा,(29) पंकज उपाध्याय, संवाददाता- दमन,(30) धनन्जय , संवाददाता – तुलसीपुर , (31)  अनिल तिवारी , संवाददाता , मगहर , (32) घनश्याम त्रिपाठी, संवाददाता कोल्हुई बाजार , (33)  आर के सिंह , संवाददाता , गौतमबुद्ध नगर (34) प्रदीप, संवाददाता, झन्डेवालान, (35) पकड़िहवा बार्डर रिक्त (36) खेसरहा रिक्त, (37) रामजस , संवाददाता, पुुुुरन्दरपुर (38) राहुल ,  संवाददाता,  सोनौली  बाजार  (39) मिश्रौलिया. रिक्त (40) अमित ,संवाददाता, रोहतक  (41) महेेेेन्द्र पाण्डेय, संवाददाता, रूधौली   (42) संवाददाता, नौगढ़ रिक्त (43) उस्का बाजार रिक्त (44) विनोद , संवाददाता, गैसड़ी (45) खुनुवा बार्डर रिक्त, (46) अश्विनी द्विवेदी, प्रतिनिधि, सम्पूर्ण भारत , (47)  अनिल कुमार उपाध्याय, संवाददाता , तुलसीपुर (88)  अर्जुन  पाण्डेय,  संंवाददाता, पयसिया (89)  सिद्धू , संवाददाता, छपरा (90)  टी.एन. मिश्रा , संवाददाता, सदर बाजार,नई दिल्ली, (91) सन्तोष , संवाददाता,उन्नाव (सिटी) , (92) धनन्जय , जिला संवाददाता , सूरत ( गुजराात ) , ( 93) शैलेन्द्र मिश्रा, संवाददाता/मैसेंजर चिल्हिया   आदि ….     ( सूची जारी कर्ता – प्रधान सम्पादक ऊँ टाइम्स समाचार पत्र भारत)      नोट –(1) इस सूची में अंकित नाम, पदनाम, कार्य क्षेत्र आदि में कभी भी रद्दोबदल व संशोधन किया जा सकता है! (2) सभी पर सेवा सर्त लागू है !

जिला अस्‍पताल में लगी आग, 10 बच्चों की दर्दनाक मौत, सीएम ने दिया जांच का आदेश : OmTimes News

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र प्रदेश के भंडारा में शुक्रवार देर रात  एक सरकारी अस्‍पताल  में आग लगने से दस नवजात बच्‍चों की दर्दनाक मौत हो गई है ।अस्‍पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वार्ड में 17 बच्‍चों को रखा गया था। नर्स ने जब वार्ड से धुंआ निकलते हुए देखा तो उसे हादसे के बारे में पता चला। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्‍पताल में आग रात लगभग 2 बजे लगी।आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। अस्‍पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में आग लगने  से 10 बच्‍चों  की मौत हो गई, और 7 को बचा लिया गया है । इस वार्ड में एक दिन से लेकर तीन माह तक के बच्‍चों को रखा गया था। धुआं निकलते देख अस्‍पताल में मौजूद नर्स जब तक वार्ड में पहुंची तब तक 10 बच्‍चे झुलस चुके थे। बता दें कि इस वार्ड में उन्‍हीं बच्‍चों को रखा जाता है जिनकी हालत काफी नाजुक होती है और जन्‍म के समय जिनका वजन बहुत कम होता है।  
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल वाहन ने अस्पताल में लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया। आग लगने का कारण अभी पूरी तरह से स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। इस दर्दनाक हादसे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से बात की, इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जांच के आदेश भी दिए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। जिन बच्‍चों की इस हादसे में जान गई उन बच्चों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैं महामंत्री से अपील करता हूं कि वे घायलों और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करें। 

पीएम सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक के बाद कर सकते हैं टीकाकरण की तारीख का ऐलान : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) COVID 19 का टीकाकरण शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। टीकाकरण की चाक चौबंद तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को पूरे देश में एक बार फिर इसका पूर्वाभ्यास किया गया, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पूरी तरह से सफल रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ वैक्सीन खरीद के समझौते को अंतिम रूप में देने जुट गया है। हालांकि, वैक्सीन की कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर बातचीत अटकी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश में बनी दो वैक्सीन की पूरी दुनिया में मांग है, इसको देखते हुए यह जरूरी है कि यह सही और जरूरत मंद लोगों तक पहुंचे। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को खुद मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर वैक्सीन वितरण की प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे। गौरतलब है कि कोरोना काल में लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान भी प्रधानमंत्री सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठकें करते रहे हैं।देश के सभी जिलों में टीकाकरण के दूसरे पूर्वाभ्यास को सफल बताते हुए अधिकारी ने कहा कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अगले हफ्ते कभी भी लाभार्थियों को वैक्सीन देने का काम शुरू किया जा सकता है।

अभी तक राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई शुरू नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर कंपनियों से बातचीत चल रही है। सीरम इंस्टीट्यूट सरकार को 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन देने को तैयार है। लेकिन एक साथ करोड़ों डोज की खरीद का हवाला देते हुए सरकार कीमत को और कम कराने की कोशिश कर रही है।
वहीं भारत बायोटेक भी सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की तुलना में कम कीमत पर वैक्सीन सप्लाई करने का भरोसा दे रही है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वैक्सीन की कीमत के साथ ही उसकी सप्लाई की गारंटी पर भी बात अटकी हुई है। सरकार दोनों कंपनियों से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर हफ्ते वह कितनी वैक्सीन सप्लाई करेंगी। इन मुद्दों को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है और समझौते पर कभी भी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
सरकार पड़ोसी और अन्य सहयोगी देशों को भी प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन सप्लाई सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रही है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक अपने स्तर पर दुनिया के कई देशों के साथ वैक्सीन सप्लाई की बातचीत कर रहे हैं, जहां उन्हें वैक्सीन की अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके लिए दक्षिण अफ्रीका के साथ समझौता भी कर लिया है।
सीरम इंस्टीट्यूट ने लगभग 10 करोड़ डोज तैयार कर लिया है और उनमें से पांच करोड़ डोज की गुणवत्ता पर सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी की मुहर भी लग चुकी है। सीरम इंस्टीट्यूट ने प्राथमिकता के आधार पर देश को वैक्सीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है!

अविनाश द्विवेदी विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स समाचार पत्र भारत

कार्यक्षेत्र – सम्पूर्ण भारत , वैद्यता – पूर्ण कालिक / स्थाई , प्रेस कार्ड नम्बर – india/A002/2021/omtimes/avi

आज है देश के 736 जिलों में वैक्सीन वितरण का ड्राई रन, केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश : omtimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश के सभी 736 जिलों में शुक्रवार को वैक्सीन वितरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। खुद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पूर्वाभ्यास का आंकलन करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को राज्यों तक कोरोना की वैक्सीन पहुंचने के ठीक पहले देशव्यापी पूर्वाभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की। राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक में हर्षवर्धन ने वैक्सीन के खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे टीकाकरण की तैयारियों को धक्का लग सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शुक्रवार को देश के सभी 736 जिलों में वैक्सीन वितरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पूर्वाभ्यास का आंकलन करेंगे। इसके पहले हर्षवर्धन ने वैक्सीन वितरण की तैयारियों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रियों को बताया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन वितरण के लिए हर जगह कोल्ड चेन प्रणाली तैयार कर ली गई है।.
पूरे देश में पूर्वाभ्यास के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को वैक्सीन हासिल करने के लिए तैयार रहने को कहा है। राज्यों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन की डिलीवरी किसी भी समय शुरू की जा सकती है। वैक्सीन के भंडारण के लिए करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में चार मेगा स्टोर बनाए गए हैं। इसके अलावा राज्यों में 37 बड़े स्टोर तैयार किए गए हैं!
जिला स्तर पर वैक्सीन की सप्‍लाई पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या के आधार पर की जाएगी। इन लाभार्थियों की सूची को-विन प्लेटफार्म पर होगी और लाभार्थियों को वैक्सीन लगने के समय और स्थान की सूचना एसएमएस से पहले ही दे दी जाएगी। को-विन प्लेटफार्म के माध्यम से हर जिले में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या और वैक्सीन की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी और उसी के अनुरूप वैक्सीन की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की मानें तो वैक्सीन लगाने के लिए सीरिंज एवं अन्य सामान के साथ-साथ उसे लगाने, रखने और लाने-ले जाने वालों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। को-विन प्लेटफार्म का कई बार परीक्षण हो चुका है। को-विन से कंपनी से वैक्सीन निकलने, विभिन्न कोल्ड चेन तक पहुंचने, लाभार्थियों को लगने और उसके बाद उसके फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। इस प्लेटफार्म पर वैक्सीन लगाने वालों को क्यूआर कोड के साथ डिजिटल सर्टिफिकेट भी मिलेगा।

वैक्सीन वितरण के दुनिया के सबसे बड़े अभियान के बावजूद हर्षवर्धन ने राज्यों को पहले से चल रहे सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान को जारी रखने को कहा है। सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान के तहत 2.67 करोड़ बच्चों और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को 12 वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाती हैं।
सरकार ने कोविड वैक्सीन के परिवहन के लिए देश में कई मिनी हब बनाए हैं। सूत्रों का कहना है कि देश में कुल 41 गंतव्यों (हवाई अड्डों) पर टीके की डिलीवरी होगी। उत्तर भारत में दिल्ली और करनाल, पूर्वी क्षेत्र में कोलकाता और गुवाहाटी, पूर्वोत्तर के लिए गुवाहाटी मिनी हब होंगे। दक्षिणी भारत के लिए चेन्नई और हैदराबाद नामित प्‍वाइंट होंगे। मालूम हो कि देश में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से दो टीकों भारत बायोटेक की कोवैक्‍सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशिल्ड को मंजूरी दी गई है। 

पुलिस और ट्रंप समर्थकों में हिंसक झड़प, 4 लोगों की हुई मौत और 52 गिरफ्तार : omtimes

अमेरिका / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने जबरदस्त हंगामा किया। काफी संख्‍या में ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल बिल्डिंग में घुस गए और वहां पर जमकर तोड़फोड़ भी की। इन हिंसक हो रहे ट्रंप समर्थकों पर सुरक्षाबलों को काबू करने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। हालांकि दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक महिला समेत चार लोगों की मौत भी हो गई, जबकि तीन की हालत अभी गंभीर है। पुलिस ने अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ये सभी कुछ उस वक्‍त हुआ जब कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही थी। इसके तहत बाइडन की जीत पर मुहर लगनी थी। इसी दौरान ट्रंप समर्थकों ने व हां पर धावा बोल दिया। ये समर्थक डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा राष्‍ट्रपति बनाने और वोटो की गिनती दोबारा कराने की मांग कर रहे थे।
ट्रंप समर्थकों की हिंसक रवैये को देखते हुए वाशिंगटन में कर्फ्यू लगा दिया गया है और भारी संख्‍या में पुलिसबल की तैनाती भी की गई है। यहां पर मेयर ने 21 जनवरी तक के लिए 15 दिनों की इमरजेंसी का एलान किया है। पुलिस का कहना है कि ट्रंप समर्थकों के पास हथियार और आगजनी की घटना को अंजाम देने के लिए ज्‍वलनशील पदार्थ भी थे। इस हिंसा के बाद ट्रंप के दो सहायकों ने अपने पद से इस्‍तीफा भी दे दिया है।  

अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश समेत भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा की है। पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा है कि वो अमेरिका में हुई हिंसक झड़प की खबर से काफी दुखी हैं। सत्‍ता का हस्‍तांतरण बेहद शांत और खुशनुमा माहौल में पूरा किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं की कोई जगह नहीं है। ओबामा ने अपने बयान में कहा कि आने वाला समय इस दिन को हमेशा याद रखेगा कि कैसे मौजूदा राष्‍ट्रपति ने झूठ बोलकर चुनाव परिणामों को गलत साबित करने की कोशिश की और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। उन्‍होंने अपने बयान में इस घटना को अमेरिका के लिए शर्मसार करने वाली बताया है।

ट्रंप का सोशल मीडिया अकाउंट हुआ सस्‍पेंड – इस घटना के बाद सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक, ट्विटर और इंस्‍टाग्राम ने कुछ समय के लिए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का अकाउंट सस्‍पेंड कर दिया है। इसकी वजह ट्रंप द्वारा अपने समर्थकों दिया वो संबोधन है जिसको इन वेबसाइट ने आपत्तिजनक माना है। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंटीग्रिटी जी रोसेन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनका मानना है कि ये वीडियो हिंसा को कम करने की बजाए बढ़ाने में योगदान दे रहा था। लिहाजा इस वीडियो को हटा दिया गया है। फेसबुक के अलावा दूसरे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म से भी ये वीडियो हटा दिया गया है। 
वहीं ट्रंप ने एक बार राष्‍ट्रपति चुनाव में बाइडन पर धांधली करने का आरोप लगाया। इसके बाद ट्रंप को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि वो संविधान की रक्षा करें और इस तरह की घेराबंदी को खत्‍म करें। उन्‍होंने ट्रंप समर्थकों के हंगामे को भी अमेरिकी संविधान पर हमला करार दिया है। उन्‍होंने इसको अमेरिकी इतिहास का बुरा दिन बताया है। बाइडन ने कहा है कि कुछ लोग न सिर्फ चुनाव के परिणाम को नहीं मान रहे हैं बल्कि कानून की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहां बाइडन ने ट्रंप को अपने समर्थकों को शांत करने की अपील की है वहीं ट्रंप ने कहा है कि वो हार नहीं मानने वाले हैं।
आपको बता दें कि 20 जनवरी को जो बाइडन को अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेनी है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर इतना हंगामा हुआ है और इस तरह की हिंसा हुई है।  इस बीच रॉयटर्स ने खबर दी है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने नए अटॉर्नी जनरल के रूप में मेरिक गारलैंड का चयन किया है, जो कि एक जज हैं। 
ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा है कि वो केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें हिंसा न करें। उन्‍होंने चुनाव में अपनी हार मानने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप ने उपराष्‍ट्रपति माइक पेंस से यहां तक कहा है वो राज्‍यों से आए चुनाव परिणामों को वापस भेज दें। हालांकि पेंस ने इस बारे में साफ कर दिया है कि ट्रंप को इसका अधिकार नहीं है। इसके बाद ट्रंप ने पेंस पर हमलावर होते हुए कहा है कि संविधान की रक्षा के लिए पेंस को जो करना चाहिए था वो उन्‍होंने नहीं किया। राज्‍यों को चुनाव परिणामों के तथ्‍यों को प्रमाणित करने का मौका मिलना चाहिए। अमेरिकी जनता इस चुनाव परिणाम का सच जानना चाहती है।
गौरतलब है कि बुधवार को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र में निर्वाचक मंडल के मतों की गणना और उन्हें प्रमाणित करने की प्रकिया शुरू हुई थी। इस पर एरिजोना के रिपब्लिकन सांसदों ने आपत्ति जताई थी। इसके आधार पर उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने सीनेट के संयुक्त सत्र की कार्यवाही स्थगित कर दी थी। उन्‍होंने आपत्तियों पर दोनों सदनों के सदस्‍यों को बहस के लिए दो घंटे का समय भी दिया था। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। 

लखनऊ में अजीत सिंह नामक ब्यक्ति की गैंगवार में हुई हत्या : omtimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में बुधवार रात आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह हत्‍याकांड के गवाह अजीत सिंह की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। चार दिन बाद विधायक हत्‍याकांड में इसकी गवाही होनी थी। ऐसे में पुलिस मामले को गैंगवार से जोड़कर देख रही है। मृतक अजीत मऊ के गोहना मोहम्‍मदाबाद ब्‍लॉक प्रमुख का प्रतिनिधि भी था। गोलीबारी में अजीत का साथी मोहर सिंह और वहां से गुजर रहे ग्‍वारी गांव निवासी डिलिवरी ब्‍वॉय प्रकाश भी घायल हुए हैं, इन्हें भी गोली लगी है, इन लोगों को लोहिया अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के मुताबिक, हमलावर अजीत के परिचित थे। दोनों तरफ से गोलियां चली हैं। लगभग 25-30 राउंड फायरिंग हुई है। मृतक अजीत पर करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम हमलावरों की तलाश कर रही है।
मामला विभूतिखंड में कठौता पुलिस चौकी के सामने कठौता चौराहे के पास का है। यहां काली स्कॉर्पियो गाड़ी से अजीत सिंह अपने साथी मोहर सिंह के साथ पहुंचे थे। दोनों गाड़ी से उतरकर थोड़ी दूर चले ही थे कि दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ उनपर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाब में अजीत ने भी फायरिंग की। इस दौरान अजीत के सिर में गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मोहर सिंह और प्रकाश के पैर में गोली लगी और दोनों लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। अजीत मूलरूप से मोहना मोहम्मदाबाद, मऊ के रहने वाले थे और आजमगढ़ में हुई पूर्व विधायक सीपू सिंह की हत्या में गवाह थे। मोहर भी गोहना का रहने वाला है और अक्सर अजीत के साथ ही रहता था। मृतक अजीत बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी थे। 
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अजीत पर हत्या के पांच मुकदमे दर्ज हैं। अजीत के खिलाफ मऊ पुलिस ने 30 दिसंबर को जिलाबदर की कार्रवाई कराई थी। वह यहां गोमतीनगर विस्तार स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा था। अजीत ने अपनी एक करीबी महिला मनभावती देवी को गोहना मोहम्मदाबाद से ब्लॉक प्रमुख बनवाया था। पूर्व में अजीत की पत्नी रानू सिंह भी ब्लॉक प्रमुख रही हैं। 
इस गैंगवार में करीब 25 से 30 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा। चौराहे पर भगदड़ मच गई और दुकानदार दुकानें बंद कर भागने लगे। सीसी फुटेज में पुलिस को तीन बदमाश बाइक से भागते दिखे हैं। हालांकि, बदमाशों की संख्या चार थी। पुलिस आयुक्त का कहना है कि अभी तक तीन बदमाशों के वारदात को अंजाम देने की पुष्टि हुई है। आसपास के अन्य सीसी कैमरे जांचे जा रहे हैं। जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा। 
बताया जा रहा है कि मृतक अजीत सिंह आजमगढ़ में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में गवाह थे। बता दें, 19 जुलाई 2013 को बसपा विधायक सर्वेश कुमार सिंह सीपू की हत्या उनके जीयनपुर आवास के सामने कर दी गयी थी। उनके करीबी भरत राय की भी फायरिंग में मौत हो गई थी। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी कुख्यात अपराधी व पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सहित 13 लोगों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेल में निरुद्ध कुख्यात कुंटू सिंह प्रदेश के टाप-10 अपराधी में शामिल है। 20 दिसंबर 2020 को अपराधियों पर नकेल कसने को चलाए जा रहे अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के आरोपित ग्राम प्रधान, बीडीसी समेत तीन लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।

ट्रंप के समर्थकों की पुलिस से हुई झड़प, एक की मौत, एक दूसरे पर हमलावर हुए बाइडन और ट्रंप : omtimes

वाशिंगटन (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका में जैसे जैसे नव निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे ही मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके समर्थक ज्‍यादा हमलावर हो रहे हैं। इस सियासी खींचतान की वजह से बुधवार को ट्रंप समर्थकों ने व्‍हाइट हाउस और कैपिटल बिल्डिंग के बाहर जबरदस्‍त हंगामा किया। इस दौरान ट्रंप समर्थकों की पुलिस से झड़प भी हुई है जिसमें एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई है। इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इसको देखते हुए वाशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
वहीं ट्रंप ने एक बार राष्‍ट्रपति चुनाव में बाइडन पर धांधली करने का आरोप लगाया। इसके बाद ट्रंप को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि वो संविधान की रक्षा करें और इस तरह की घेराबंदी को खत्‍म करें। उन्‍होंने ट्रंप समर्थकों के हंगामे को भी अमेरिकी संविधान पर हमला करार दिया है। उन्‍होंने इसको अमेरिकी इतिहास का बुरा दिन बताया है। बाइडन ने कहा है कि कुछ लोग न सिर्फ चुनाव के परिणाम को नहीं मान रहे हैं बल्कि कानून की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहां बाइडन ने ट्रंप को अपने समर्थकों को शांत करने की अपील की है वहीं ट्रंप ने कहा है कि वो हार नहीं मानने वाले हैं। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा है कि वो केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें हिंसा न करें।
यूएस कैपिटल में अपने समर्थकों को ट्रंप ने संबोधित किया था। इस वीडियो को पहले ट्विटर और फिर फेसबुक ने भी हटा दिया है। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंटीग्रिटी, गाय रोसेन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनका मानना है कि ये वीडियो हिंसा को कम करने की बजाए बढ़ाने में योगदान दे रहा था। लिहाजा इस वीडियो को हटा दिया गया है। आपको बता दें 20 जनवरी को जो बाइडन को अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेनी है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर इतना हंगामा हुआ है और इस तरह की हिंसा हुई है। पूर्व राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी इस तरह की हिंसा की निंदा की है।

अयोध्या के राममंदिर निर्माण के लिए दी गई राशि पर मिलेगी आयकर में छूट : omtimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर बनने वाले श्रीराम मंदिर को लेकर राम भक्तों में खासा उत्साह है। मंदिर निर्माण के लिए निधि संग्रह अभियान की शुरुआत 15 जनवरी से होना है, परंतु लोग अभी से ही धन देने लगे हैं। राजस्थान के एक व्यक्ति ने दो करोड़ रुपये के चेक दिए है तो तेलंगाना के एक व्यक्ति ने एक करोड़ रुपये के चेक दिए हैं। बिहार में एक रामभक्त ने 11 लाख रुपये दिए हैं। मंदिर निर्माण के लिए दी गई राशि पर आयकर में नियमानुसार छूट प्राप्त होगी।
20 हजार से अधिक की राशि चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से ही दे सकते हैं। एसबीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी के निर्धारित बैंक अकाउंट में राशि सीधे ट्रांसफर भी कर सकते हैं। इसकी रसीद ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) की अनुमति मिल जाने के बाद विदेश में रहने वाले भारतीय भी मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग कर सकते हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि मंदिर निर्माण में जो भी राशि लगेगी, उसे हिंदू समाज देने में सक्षम है।
शहर से लेकर गांव तक राशि संग्रह का काम संघ परिवार के कार्यकर्ता व समाज से मनोनीत प्रतिनिधि करेंगे। इसके लिए पूरे देश में 10 लाख टोलियां बनाई गई हैं। एक टोली में चार से पांच कार्यकर्ता रहेंगे। 15 जनवरी से 27 फरवरी तक एक साथ पूरे देश में यह अभियान चलेगा। इस अभियान के लिए विहिप के लाखों कार्यकर्ताओं ने 44 दिनों तक पूरा समय देने का निर्णय लिया है।
श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जो भी राशि चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से दिया जाएगा, वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से बनेगा। जो राम भक्त राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं वे ऑनलाइन भी राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। लोग भारतीय स्टेट बैंक, नया घाट अयोध्या की खाता संख्या संख्या 39161495808, पीएनबी नया घाट अयोध्या की खाता संख्या 38650001000139999 या बैंक ऑफ बड़ौदा नया घाट अयोध्या की खाता संख्या 05820100021211 में भी ऑनलाइन राशि जमा कर सकते हैं। इसका रसीद भी ऑनलाइन ही प्राप्त होगा। इसकी पूरी जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान के लिए टोली के साथ-साथ जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समिति व मार्गदर्शक मंडल का गठन किया जाएगा। विहिप के उत्तर पूर्व क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल ने कहा कि समिति में समाज के हर क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों को रखा जाएगा। वहीं मार्गदर्शक मंडल में संत समाज के लोगों को रखा जाएगा। समिति के लोग टोली का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मंदिर निर्माण के लिए बड़ी राशि देने वालों से भी संपर्क करेंगे।

लखनऊ के अलग अलग मार्केट की साप्ताहिक बन्दी के दिनों का घोषणा किया डीएम ने : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) यूपी की राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने नए कैलेंडर वर्ष के लिए दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए साप्ताहिक बंदी के दिन घोषित कर दिये हैं। अलग-अलग मार्केट की साप्ताहिक बंदी अलग-अलग दिनों पर तय की गई है। यहां देखें पूरी डीटेल, किस दिन कहां की मार्केट रहेंगी बंद।

सोमवार- चारबाग गुरुनानक मार्केट, खुर्दही बाजार।

मंगलवार- बंगला बाजार, चिनहट, सतरिख रोड नगर निगम सीमा तक, मटियारी चौराहे से मल्हौर स्टेशन तक और अर्जुनगंज।

बुधवार- डालीगंज, खदरा, बाबूगंज, सीतापुर रोड़, आईटी क्रासिंग, निराला नगर, चांदगंज, इन्दिरानगर, निशातगंज, फैजाबाद रोड, महानगर, गोमतीनगर, संजय गांधी पुरम, मारुतिपुरम।

बृहस्पतिवार- आलमबाग, चन्दरनगर, आर्दश नगर, मवैया, सिंगार नगर, गौरी बाजार, आशियाना, राजाजीपुरम, आलमनगर, आलमनगर रेलवे क्रासिंग से मोहान रोड पेट्रोल पम्प तक,कानपुर रोड, चारबाग, नाका हिन्डोला, पानदरीबा, गणेशगंज, फतेहगंज, अमीनाबाद, श्रीराम रोड, नजीराबाद, गुईन रोड, कचेहरी रोड, यहियागंज, मोलवीगंज, नादानमहल रोड़, राजा बाजार, चौक, गोल दरवाजा, सुभाष मार्ग, सहादतगंज, ठाकुरगंज, अशर्फाबाद, हरदोई रोड, नक्खास व विक्टोरिया स्ट्रीट, ऐशबाग, राजेन्द्र नगर, आर्यानगर, मोती नगर, मालवीय नगर, हैदरगंज, टिकैतगंज, पाण्डेगंज, सदर, कैन्ट रोड, हुसैनगंज, स्टेशन रोड (हुसैनगंज चौराहे तक) गुरूगोविन्द सिंह मार्ग, मुरलीनगर और तेलीबाग।

शुक्रवार- गोसाईगंज, अमेठी, मलिहाबाद, दुबग्गा से काकोरी, मोहनलालगंज और नीलमथा बाजार।

शनिवार- नगराम, बक्शी का तालाब और बन्थरा।

रविवार- हजरतगंज, लालबाग, शाहनजफ रोड, बाल्मीकी मार्ग, पार्क रोड, विधान सभामार्ग, हुसैनगंज चौराहा से हजरतगंज चौराहे तक, अशोक मार्ग, कपूरथला, लाटूश रोड, गुरुद्वारा रोड बासमण्डी चैराहा से नाका हिन्डोला चौराहा तक,बीएन रोड, हीवेट रोड, गौतम बुद्ध मार्ग, कैसरबाग चैराहा,गोलागंज, जगत नारायन रोड़ व माडल हाउस, ट्रान्सपोर्ट नगर. डीएम के आदेश अनुसर यहां के सारे व्यापारिक प्रतिष्ठान साप्ताहिक बंदी कैलेंडर के हिसाब से बन्द होंगे।

बिहार में भी है एक गोरखनाथ मंदिर , जहां है उस गांव का नाम भी है गोरखपुर : OmTimes

सिद्धार्थनगर (अविनाश द्विवेदी,विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) सबको पता है कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का गोरखनाथ मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है। लेकिन क्या आपको यह पता है कि बिहार में भी एक गोरखनाथ मंदिर है। यह गोरखनाथ शिव मंदिर बाबा गोरखनाथ के नाम पर ही बना हुआ है। सबसे खास बात यह है कि कटिहार जिले के जिस गांव में यह मंदिर बना हुआ है उस गांव का नाम भी गोरखपुर ही है।
ऐसी मान्यता है कि कामाख्या मंदिर से आते वक्त बाबा गोरखनाथ इस गांव में ठहरे थे। इसके बाद बाबा गोरखनाथ के पुण्य प्रताप से वशीभूत होकर वहां के लोगों ने न सिर्फ अपने गांव का नाम गोरखपुर रखा बल्कि बाबा गोरखनाथ के नाम पर एक मंदिर का भी निर्माण कराया। यह मंदिर मिनी बाबा धाम के नाम से भी मशहूर है। सावन के महीने में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
मिनी बाबाधाम के नाम से प्रसिद्ध कटिहार जिले के गोरखपुर गांव के गोरखनाथ शिव मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। इस शिव मंदिर की कहानी कई किंवदंतियों से जुड़ी है। किंवदंती के अनुसार प्रसिद्ध संत गोरखनाथ जी महाराज असम के कामाख्या से गोरखपुर आ रहे थे।
इस दौरान गोरखनाथ जी महाराज कटिहार के इस गांव में तीन दिन रहे। जिसके बाद इस मंदिर की स्थापना की गई। इसी कारण इस गांव का नाम गोरखपुर पड़ा और मंदिर का नाम गोरखनाथ। इस गांव में रहने के दौरान गोरखनाथ जी महाराज ने गांव के उत्तर पूर्वी में एक गोरख चंडी की स्थापना की।
मंदिर की बनावट भी अद्भुत है, मंदिर के ऊपरी हिस्सा से अशोक चक्र एवं नागफन अंकित है। मंदिर का निर्माण विशेष आकार के ईंट, चूना, सुरखी से प्राचीन काल की कारीगरी की अनूठी मिसाल है। बिना नींव की कटोरी को उल्टा कर बैठा देने जैसे अवस्था में यह मंदिर अद्भूत प्रतीत होता है।

अब कितना दिन दूर है कोविड टीकाकरण, जानिए, DCGI की मंजूरी के बाद क्या है सरकार की प्लानिंग : OM TIMES

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स )  कोरोना से जंग में भारत दोतरफा जीत की ओर बढ़ रहा है। रोजाना संक्रमण के नए मामलों में आ रही कमी के बीच अब टीके का दोहरा हथियार भी देश के हाथ में आ गया है। विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दे दी। डीसीजीआइ डॉ वीजी सोमानी ने दोनों वैक्सीन को कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर और पूरी तरह सुरक्षित बताया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सब ठीक रहा तो बुधवार या गुरुवार तक टीकाकरण शुरू हो सकता है। इसके तहत तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों और सफाई कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी।
डीसीजीआइ की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ वैक्सीन की खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया। इस सिलसिले में वैक्सीन की डोज की उपलब्धता के साथ-साथ उसकी कीमत पर बातचीत की जा रही है। दोनों कंपनियों से स्वास्थ्य मंत्रालय यह जानने की कोशिश कर रहा है कि अगले दो-तीन या छह महीने में वे वैक्सीन की कितनी डोज और किस कीमत पर उपलब्ध करा पाएंगी। सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड की कीमत 200 से 250 रुपये के बीच रहने की संभावना है, वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की कीमत अभी साफ नहीं है। भारत बायोटेक ने अभी तक यह भी नहीं बताया है कि उसने अब तक वैक्सीन की कितनी डोज तैयार कर ली है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट की पांच करोड़ डोज की गुणवत्ता पर सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी, कसौली की मुहर भी लग चुकी है। यानी ये वैक्सीन लोगों के लिए पूरी तरह तैयार है।
तीसरे फेज के ट्रायल के बीच में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी का कारण स्पष्ट करते हुए डीसीजीआइ डॉ सोमानी ने कहा कि यह वैक्सीन भारत समेत पूरी दुनिया में सुरक्षा और असर को लेकर कारगर प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई है। इसमें लाइव वायरस को कल्चर करने के बाद उसे निष्कि्रय कर वैक्सीन तैयार की जाती है। ऐसी वैक्सीन पूरे वायरस के खिलाफ लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती है।
दो वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुशी जताई है। पीएम ने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि जिन दो वैक्सीन को मंजूरी मिली है, वे दोनों ही मेड इन इंडिया हैं। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने वाला और हमारे विज्ञानियों की इच्छाशक्ति का परिणाम है।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ मुहिम में शामिल विज्ञानियों और इनोवेटर्स को बधाई दी और कहा यह भारत के लिए एक निर्णायक क्षण है। इस सफलता से आत्मनिर्भर भारत की मुहिम और तेज होगी। पीएम ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया’ को आत्मनिर्भर भारत की मुहिम का आधार बताया। पीएम मोदी ने इस दौरान विपरीत परिस्थितियों में असाधारण सेवा भाव के लिए डॉक्टरों, मेडिकल प्रोफेशनल्स, विज्ञानियों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों और सभी कोरोना वारियर्स के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि देशवासियों का जीवन बचाने लिए उनके सदैव आभारी रहेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर कहा कि मेक इन इंडिया वैक्सीन को मंजूरी से पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत की मुहिम को और बल मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘यह देश के कुशल नेतृत्व की जीत है, जो यह दर्शाता है कि दूरदर्शी नेतृत्व एक बड़ा बदलाव ला सकता है।’ उन्होंने पीएम मोदी सहित विज्ञानियों, डाक्टरों आदि को भी धन्यवाद दिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसे निर्णायक क्षण बताते हुए ट्वीट किया, ‘पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने नई ऊंचाई हासिल की है। उनके नेतृत्व में जो अद्भुत कार्य हो रहे हैं, वे चिरस्मरणीय रहेंगे।’ नड्डा ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश के हर वर्ग को जोड़ने की पीएम की कोशिशों को भी याद किया।

मौसम विभाग का अलर्ट, कड़ाके की ठंड के बीच IMD ने अब इन हिस्सों के लिए जारी किया अलर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली-एनसीआर में रविवार को तड़के शुरू हुई बारिश दोपहर तक चलती रही। बारिश से लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, एक बार फिर भारतीय मौमस विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। आइएमडी की माने तो दिल्ली, हरियाणा के पलवल में आने वाले कुछ घंटों में बारिश हो सकती है। राजस्थान के नदबई, नगर,  लक्ष्मगढ़, भरतपुर, मेंहदीपुर बालाजी में भी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बरसाना, नंदगांव, खतौला, गलौटी और चपरौला में भी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। 
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया और कहा है कि अगले दो से तीन दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, नरवाना, राजंद, भिवानी, झज्जर, रोहतक, कोसली, मातनहेल, चरखाद्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले एक दो दिनों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 
हालांकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहेगी, मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो से तीन दिनों में तापमान में पांच से नौ डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।
आइएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली-एनसीआर के मौसम में यह बदलाव देखा गया है। बारिश होने के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने कहा कि हल्की बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में पारा 6 जनवरी तक बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि 5 जनवरी तक मध्यम और उच्च पहाड़ियों में भारी बर्फबारी और 3 से 5 जनवरी तक मैदानी और कम पहाड़ियों में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। ….. ( omtimes )

गाजियाबाद के मुरादनगर हादसे में अब तक 19 लोगों की हुई मौत; राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख : OmTimes

गाजियाबाद (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) आज दिनांक 3 जनवरी 2021 को दोपहर में  मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट की छत भरभराकर गिर गई। इसमें कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक 19 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। जिला एमएमजी अस्पताल में अब तक 19 व्यक्तियों के शव पहुंच चुके हैं, इनमें से कुछ की पहचान नहीं हो पाई है, प्रशासन इनकी पहचान कर रहा है। अचानक से इतने लोगों के आने से अस्पताल में स्ट्रेचर भी कम पड़ गए। जमीन पर ही शव रख दिए गए हैं। इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ये सभी लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान गए थे। 

गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया करीब 30 लोग मलबे के अंदर मिले, जिनको उपचार के लिए एमएमजी अस्पताल भेजा गया है। 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत कार्य तेजी से चल रहा है। आपदा प्रबंधन (NDRF) की टीम  बचाव कार्य में जुटी है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर पर दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके शोक व्यक्त किया गया है। इसी के साथ उनकी ओर से इस हादसे में शिकार हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई है। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि गाजियाबाद के मुरादनगर में श्‍मशान घाट की छत गिर जाने के कारण कई लोगों की मृत्‍यु के समाचार से मुझे अत्‍यंत दुख पहुंचा है। दुख की इस घड़ी में मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्‍यक्‍त करता हूं, साथ ही कामना करता हूं कि हादसे में घायल हुए लोग जल्‍द से जल्‍द स्‍वस्‍थ हों।   

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत गिरने की घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।सीएम ने मण्डलयुक मेरठ और एडीजी जोन से हादसे की रिपोर्ट मांगी है। वहीं, राज्यमंत्री अतुल गर्ग घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

मुरादनगर हादसे में मरने वालों और घायलों की सूची – दिग्विजय पुत्र मुकेश त्यागी निवासी मुरादनगरप्रमोद कुमार पुत्र रामपाल निवासी गंगा विहार मुरादनगरनितिन पुत्र इकबाल सिंह निवासी मुरादनगरनेपाल सिंह पुत्र कालू राम निवासी मुदानगररोबिन पुत्र अज्ञात, पता अज्ञातदिनेश पुत्र परमानंद निवासी कृष्णा कुंज मोदीनगरउधम सिंह पुत्र रमेश निवासी डिफेंस कॉलोनी मुरादनगरजयवीर पुत्र बलवीर सिंह निवासी मेरठसुरेश पुत्र दर्शन दयाल लोहियानगर गाजियाबादसुधाकर पुत्र हरवीर सिंह निवासी मसूरीकिशनपाल पुत्र प्रलोभ सिंह निवासी मुरादनगर ,आठ लोग अभी अज्ञात में हैं, इनकी पहचान नहीं हो सकी है।
दरअसल, दयानंद कॉलोनी निवासी दयाराम की रात को बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। उनके अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा मोहल्लेवासी व रिश्तेदार शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की अंतिम प्रक्रिया चल रही थी। पुजारी के आह्वान पर सभी लोग श्मशान घाट परिसर में बने भवन के अंदर खड़े होकर आत्म शांति पाठ कर रहे थे। इसी दौरान एक तरफ की जमीन धंस गयी। परिणामस्वरूप दीवार नीचे बैठ गयी और लेंटर गिर गया। किसी को भागने तक का मौका नहीं मिला। 
चीख पुकार के बीच कुछ लोग उसके अंदर ही मलबे में दब गए जबकि कुछ ने दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। भवन ज्यादा पुराना नहीं था। आशंका है कि भराव की जमीन में भवन बना था। अधिक  बारिश में मिट्टी बैठने से घटना हुई है। पुलिस मलबे से जीवित व मृत लोगों को निकालने में लगी है। घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छानबीन चल रही है।.
आप को बता दें कि मुरादनगर में सुबह 3 बजे से साढ़े आठ बजे तक बारिश हुई। बीच मे कुछ देर बंद रही फिर बारिश शुरू हो गयी। जो भवन गिरा है, वह करीब दस साल पुराना है, नगरपालिका ने उसे बनाया था। मुरादनगर की घटना को देखते हुए मोदीनगर में राज चौपला से ट्रैफिक को हापुड़ रॉड की तरफ डायवर्ट कराया गया। ये वाहन भोजपुर से पिलखुवा होकर गाजियाबाद जाएंगे। 

कब कब क्या हुआ, एक नजर –

-10ः30 पर मृतक जयराम के स्वजन व अन्य लोग अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष धाम पहुंचे

  • 11ः10 पर अंतिम संस्कार के पश्चात आत्मा की शांति के लिए सभी लोग गैलरी में जमा होकर प्रार्थना करने लगे
  • 11ः15 पर गैलरी का लेंटर जोरदार आवाज के साथ ढह गया और चीखपुकार मच गई
  • 11ः30 पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मौजूद लोगों की सहयता से बचाव कार्य किया
  • 11ः55 पर डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों के स्वजनों ने से बात की
  • 12ः15 पर एनडीआरएफ की टीम की मौके पर पहुंची और लोगों को मलबे से निकालने का काम शुरू कराया
  • 12ः30 पर स्थानीय विधायक अजीतपाल त्यागी दुघर्टनास्थल पर पहुंचे और लोगों को सांत्वना दी
  • 12ः40 पर पीएसी की टीम मौके पर पहुंची और मौके पर जमारूभीड़ हो हटाया
  • 01ः30 पर भारी बारिश के चलते करंट फैलने की आशंका को देखते हुए बिजली के तारों को काटा गया।
  • 02ः10 पर प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री अतुल गर्ग ने मौके पर जाकर बचाव कार्य का जायजा लिया
  • 02ः 30 पर कमिश्नर अनीता सी मेश्राम दुर्घटनास्थ्ल पर पहुंची
  • 02ः 50 पर आईजी मेरठ जोन प्रवीण कुमार मौके पर पहुचें और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए।
  • 03ः20 के करीब बचाव कार्य समाप्त करने के बाद जेसीबी लौटने लगी, हालांकि दुर्घटनास्थल पर भीड़ शाम तक बनी रही।

एसटीएफ ने फर्जी डिग्री और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़ : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) एसटीएफ ने फर्जी डिग्री और फर्जी अंकपत्र के साथ साथ फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आलमबाग से तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कंप्यूटर उपकरण और हजारों की मात्रा में फर्जी दस्तावेज मिले हैं। तीनों के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि काफी समय से स्कूल-कॉलेज, विभिन्न विश्वविद्यालयों, व्यवसायिक तथा खेल प्रतिष्ठानों के फर्जी अंकपत्र, प्रमाणपत्र और डिग्री बांटने वाले गिरोह की सूचनाएं मिल रही थीं। 
टीम बनाकर छानबीन शुरू की गई तो पता चला कि आलमबाग में ओम दादा नाम का व्यक्ति फर्जी दस्तावेज बनाकर मुंहमांगे दामों में बेचता है। एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसका असली नाम सुनील कुमार शर्मा है और वह मूलरूप से प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित गढ़ी मानिकपुर के बभनपुर गांव का रहने वाला है। 
यहां वह बड़ा बरहा में ही रहकर फर्जी प्रमाणपत्र बनाता था। इस काम में उसके साथ बिहार के सिवान स्थित जलालपुर दरौंध गांव निवासी व यहां आलमबाग के विराटनगर में रहने वाले लल्लन कुमार सिंह और प्रयागराज के अशोक मार्ग के रहने वाले व सदर के पुराना किला में रह रहे विश्वजीत कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। 
पूछताछ में तीनों ने कई साल से जाली दस्तावेज बनाना कबूला है। शातिरों के कमरे से कंप्यूटर, स्टैम्प, नंबर मशीन, प्रिंटर और इंक पैड समेत अन्य सामान मिले हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह, आरक्षी आलोक पांडेय, रमाशंकर चौधरी, श्रीकृष्ण गिरि, शैलेंद्र, सूरज कुमार, राघवेंद्र तिवारी शामिल थे।
ओम दादा और उसके साथी न सिर्फ विश्वविद्यालयों व स्कूल-कॉलेज की डिग्री और अंकपत्र बनाते थे, बल्कि माइग्रेशन प्रमाणपत्र और बैंकों की एफडीआर भी तैयार करते थे। उनके पास से बैंक ऑफ बड़ौदा की छह एफडीआर मिली हैं। 
इसके अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय के 342 अंकपत्र व 115 डिग्री व 30 माइग्रेशन प्रमाणपत्र, बीएससी के नौ अंकपत्र, कानपुर विश्वविद्यालय के एमए के 34 अंकपत्र, 80 ब्लैंक अंकपत्र व विज्ञान वर्ग की पांच डिग्री व 44 अन्य विषयों की डिग्री, उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय की 77 डिग्री मिली हैं। 
इसके अलावा राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ के आठ ब्लैंक अंकपत्र, उत्तर प्रदेश ओलम्पिक एसोसिएशन के 150 ब्लैंक प्रमाणपत्र व 135 प्रमाणपत्र, इंटरमीडिएट के 208 प्रमाणपत्र व 190 अंकपत्र तथा हाईस्कूल के 80 ब्लैंक अंकपत्र व 231 प्रमाणपत्र, सीबीएसई नई दिल्ली के सात प्रमाणपत्र व हाईस्कूल के 12 अंकपत्र, माउंटफोर्ड इंटर कॉलेज के 16 अंकपत्र बरामद हुए हैं। 
वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आठ ब्लैंक अंकपत्र, वाराणसी के भदोही स्थित इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज के चार अंकपत्र, राष्ट्रीय व्यवसायिक के 11 अंकपत्र, कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट का एक अंकपत्र, आईटीआई के 20 अंकपत्र, इलाहाबाद हिंदी साहित्य सम्मेलन के 109 अंकपत्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एक डिग्री, प्राविधिक शिक्षा परिषद लखनऊ की 261 अंक तालिकाएं, सेंट थॉमस कॉलेज लखनऊ के 37 अंकपत्र, 46 प्रैक्टिकल शीट्स, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 24 अंकपत्र, 109 माइग्रेशन प्रमाणपत्र, इलेक्ट्रो होम्योपैथी के चार अंकपत्र व तीन प्रमाणपत्र के अलावा शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए, डॉ. राम मनोहर लोहिया के बीए प्रथम वर्ष के अंकपत्र समेत सैकड़ों अन्य फर्जी कागजात बरामद हुए हैं।

जानिए जनवरी 2021 में किन राज्यों में फिर से चल रही है स्कूल खोलने की तैयारी : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस महामारी के कारण साल 2020 में स्कूल बंद रहे और ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से बच्चों ने पढ़ाई। नए साल में कई राज्यों में स्कूल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इनमें बिहार, कर्नाटक और पुडुचेरी समेत कई राज्य स्कूल खोलने की तैयारी में हैं। कोरोना के कारण मार्च 2020 में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। झारखंड में दिसंबर में ही स्कूल फिर से खोल दिए गए थे। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर केवल 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों स्कूल खोला गया। मध्य प्रदेश में 18 दिसंबर से स्कूल चल रहे हैं। 

कर्नाटक में 1 जनवरी से फिर से स्कूल खुलने वाले हैं। इसके मद्देनजर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने बुधवार को यहां कुछ संस्थानों का दौरा किया और कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कक्षाओं के संचालन की समीक्षा की। मंत्री ने कक्षाओं में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और प्रधानाध्यापकों, प्राचार्यों, और शिक्षकों से बात की। कक्षाओं को फिर से शुरू करने से पहले कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश दिए। असम में भी एक जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी है।

दिल्ली में वैक्सीन आने तक नहीं खुलेंगे स्कूल, यूपी में चल रही तैयारी- दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले ही कह चुके हैं कि वैक्सीन आने तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश में कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खोलने की तैयारी में है। जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रधानाचार्यों द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के अनुसार 9 से 12 वीं तक स्कूल खुले हैं। इनमें बच्चों की उपस्थिति काफी कम है ।

मुंबई 15 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल – कोरोना वायरस की दूसरी लहर की आशंका का हवाला देते हुए, मुंबई नगरपालिका ने मंगलवार को शहर में स्कूल और कॉलेज 15 जनवरी, 2021 तक बंद रहने की जानकारी दी। इससे पहले, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने स्कूल और कॉलेज को 31 दिसंबर बंद रखने का फैसला किया था। मंगलवार को जारी एक ताजा परिपत्र में, बीएमसी ने कहा कि अन्य देशों में कोरोना की दूसरी लहर और देश के कुछ राज्यों में स्थिति को देखते हुए सरकारी और निजी स्कूल और कॉलेज 15 जनवरी तक बंद रखने का फैसला किया। 

बिहार और राजस्थान में चार जनवरी से स्कूल खुलेंगे- बिहार में चार जनवरी से सरकारी स्कूलों और कोचिंग सेंटर्स को खोलेने आदेश जारी हुआ है। इस दौरान कोरोना के गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। राजस्थान में भी चार जनवरी से स्कूल खुलने की जानकारी सामने आ रही है। राज्य में कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल खोले जाएंगे। पुडुचेरी में स्कूल खोलने की तैयारी है। यहां की सरकार के अनुसार   पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में 4 जनवरी से कक्षा एक से लेकर 12 तक के लिए स्कूल फिर से खुलेंगे, सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्कूल चलेंगे।

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के कानपुर, अमेठी और लखनऊ के घरों पर ईडी का छापा : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके निजी चालक रामराज उर्फ छोटू के अमेठी स्थित घर में आज बुधवार सुबह ईडी ने छापेमारी किया। इलाहाबाद से पहुंची ईडी की टीम ने दोनों स्थानों पर स्थानीय पुलिस टीम के साथ एक साथ छापा मारा। एक टीम में करीब आधा दर्जन ईडी के अधिकारी व कर्मचारी तथा स्थानीय पुलिस बल हैं। इसके अलावा लखनऊ में विभूतिखंड में ओमेक्स में गायत्री के बेटे अनिल प्रजापति के आफिस में भी ईडी ने छापेमारी किया है।
ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर राजकेश्वर सिंह ने बताया कि गायत्री प्रजापति के लखनऊ, कानपुर और अमेठी में सात ठिकानों पर ईडी की जांच चल रही है। बुधवार सुबह करीब 5:00 बजे जिला मुख्यालय पहुंची ईडी की टीम दोनों स्थानों पर रवाना हुई। 7:00 बजे ईडी की टीम ने आवास विकास स्थित गायत्री प्रजापति के निजी आवास एवं चालक रामराज के घर में छापेमारी किया। 
आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री का बड़ा पुत्र अनिल भी जेल में बंद है। बताया जाता है कि चालक रामराज उर्फ छोटू के पास भी 200 करोड़ की प्रापर्टी है। घर के अंदर ईडी की टीम सभी दस्तावेज खंगाल रही है। घर के अंदर नौकर मौजूद है।

एक्सपायर हो रहे DL-RC के परमिट और फिटनेस के सर्टिफिकेट की वैद्यता के लिए वाहन चालकों को 31 मार्च तक मिली छूट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार की तरफ से गाडि़यों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस आदि को वैध करने की घोषणा के बाद दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने भी इस बारे में मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है। जिसके अनुसार सभी फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस को राजधानी में 31 मार्च, 2021 तक वैध कर दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण वाहन मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नवीनीकरण में परेशानी हो रही है।
परिवहन विभाग की तरफ से जारी आदेश में बताया गया है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 27 दिसंबर को ड्राइविंग लाइसेंस समेत वाहनों से जुड़े अन्य दस्तावेजों की वैधता को 31 मार्च 2021 बढ़ा है, जिसे दिल्ली में भी तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है। यह चौथी बार है कि कोरोना के संक्रमण के चलते केंद्र सरकार ने वाहनों के दस्तावेज की वैधता की तारीख को बढ़ाया है। इसके पहले 30 मार्च, 9 जून, और 24अगस्त 2020 को दस्तावेजों की वैधता बढ़ाने का एेलान किया गया था।

शोहरतगढ़ के सुभाष गुप्ता का दिल्ली के एम्स में हुआ देहान्त : OmTimes News

नई दिल्ली /सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व वाहन दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए शोहरतगढ़ के चेयरमैन प्रतिनिधि हियुवा के देवी पाटनमण्डल प्रभारी सुभाष गुप्ता जी का इलाज के दौरान आज एम्स हास्पिटल, दिल्ली में देहान्त हो गया है! स्वर्गीय गुप्ता जी निहायत ही नेक और जनसेवी इन्सान थे!

मोदी और योगी की फोटो लगाकर फोन का प्रचार करने पर मंत्री कपिल देव के भाई के खिलाफ केस हुआ दर्ज : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  यूपी के योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के भाई मुश्किल में फंस गए हैं ! लखनऊ के हजरतगंज थाने में कपिल देव के भाई ललित अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है ! खुद थाने के निरीक्षक ने पीएम और सीएम की तस्वीर लगाकर लोगों को भ्रमित करने और इन मोबाइल के प्रमोशन करने के चलते ललित अग्रवाल समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है!
गौरतलब है कि कौशल विकास विभाग के मंत्री कपिल देव भारतीय एडवरटाइजिंग नाम की एक एजेंसी चलाते हैं, उनकी एजेंसी ने राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में मोबाइल फोन की लॉन्चिंग के होर्डिंग्स लगाये थे! इन होर्डिंग में पीएम मोदी और सीएम योगी की फोटो का भी इस्तेमाल किया गया था! हालांकि, इन्हें लगाने से पहले अनुमति तक नहीं ली गई थी!
मंत्री कपिल देव खुद एक होटल में हुए इस मोबाइल लॉन्चिंग कार्यक्रम में पहुंचे थे. केवल कपिल के अलावा इस कार्यक्रम में राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, सुल्तानपुर के लंभुआ के विधायक देवमणि दिवेदी और लखनऊ से बीजेपी के विधायक नीरज वोरा भी उस कार्यक्रम में शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक जब इस मामले की जानकारी सीएम ऑफिस को हुई तो कपिलदेव अग्रवाल ने माफी नामा भेज दिया! हालांकि अब केस दर्ज होने के बाद योगी सरकार की किरकिरी भी हो रही है!

टेरर फंडिंग प्रकरण में एटीएस का गोरखपुर में थोक मोबाइल शॉप पर छापा, यहां पर पहले भी हो चुकी है छापेमारी : OmTimes

गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  टेरर फंडिंग की जांच कर रही एटीएस ने आज मंगलवार की सुबह गोरखपुर में गोलघर के बलदेव प्लाजा नईम एंड संस मोबाइल शॉप पर छापा मारा। सीओ के नेतृत्व में गोरखपुर पहुंची टीम सुबह 10 बजे से ही दुकान की तलाशी लेने का काम शुरू कर दिया। कर्मचारियों को बाहर निकाल कर दुकान मालिक से टीम पूछताछ किया। 2018 में भी यहां पर एटीएस की टीम ने छापा डाला था।
आज सुबह 10 बजे एटीएस की टीम बलदेव प्लाजा स्थित नईम एंड संस मोबाइल की दुकान पर पहुंची। दुकान मालिक को बुलवाकर दुकान खुलवाय और करीब दो घंटे तक छानबीन की। एटीएस के छापे के बाद से बलदेव प्लाजा में हड़कंप मच गया। अधिकांश दुकानदारों ने कस्टम टीम के छापे के अंदेशा में अपनी दुकानें बंद ली। एहतियात के तौर पर क्राइम ब्रांच और कैंट थाने की पुलिस को भी बलदेव प्लाजा बुलाया गया। स्थानीय पुलिस अधिकारी  मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने की बात कहकर कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।
एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) ने 25 मार्च 2018 को हवाला कारोबार और देश विरोधी तत्वों के संपर्क में होने के संदेह में मोबाइल फोन के थोक कारोबार से जुड़ी फर्म नईम एंड संस के मलिक नईम के बेटों नसीम अहमद तथा बाबी को हिरासत में लिया था। टीम ने शहर में स्थित फर्म के तीन प्रतिष्ठानों पर दिन में छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद कर तीनों प्रतिष्ठानों से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए थे। गए हैं। उनके अलावा  खोराबार और शाहपुर क्षेत्र से तीन अन्य लोग हिरासत में लिए गए थे।
कैंट क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी भाइयों की कोतवाली क्षेत्र में आनंद कटरा और सुपर मार्केट तथा गोलघर स्थित बलदेव प्लाजा में तीन दुकानें हैं। कारोबारी भाइयों को हिरासत में लेने के बाद एटीएस ने आनंद कटरा स्थित दुकान से नकदी बरामद की। छापे की कार्रवाई के दौरान बलदेव प्लाजा स्थित दुकान से बाबी तथा सुपर मार्केट से नसीम को हिरासत में लेने के बाद दुकानों को सील कर दिया था। तीनों दुकान की तलाशी में मिले लैपटाप, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व दस्तावेज कब्जे में लिए थे।

पाकिस्तान की सेना का हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश, पायलट सहित चार लोगों की हुई मौत : OmTimes

मुल्तान/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान में एक हेलीकाप्टर हादसा हो गया है। बचाव अभियान में लगे पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर रात को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई है। पाकिस्तानी सेना ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सेना के अनुसार यह हेलिकॉप्टर एक सैनिक का शव को ले जा रहा था, जिसकी हिमस्खलन के कारण मौत हो गई। यह दुर्घटना एस्टोर जिले के उत्तरी मिनीमर्ग क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई। मृतकों में पायलट, को-पायलट और दो सैनिक शामिल हैं।
पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, तकनीकी कारणों से हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पायलट का नाम सेजर एम. हुसैन, को-पायलट का नाम अयाज हुसैन है। वहीं दो सैनिक मुहम्मद फारुख और नायक इंजमाम आलम है। बता दें कि इसी साल 22 मई को कचारी में दर्दनाक विमान दुर्घटना हो गई थी। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में लगभग 97 लोगों की मौत हो गई थी। यह विमान जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर  उतरने से पहले ही रिहायशी इलाके पर गिर गया था। 
वहीं बलूचिस्तान प्रांत में एक फुटबॉल मैदान के पास हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। यह विस्फोट पंजगुर जिले में हुआ, जब दो टीमों के खिलाड़ी और दर्शक मैच के बाद मैदान से बाहर जा रहे थे। प्रांतीय प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घायलों में एक हाई स्कूल के लड़के भी शामिल है, जो मैच खेलने और देखने आए थे। उनमें से कई की हालत गंभीर थी। पुलिस सूत्रों ने कहा कि विस्फोट एक मोटरसाइकिल में लगाए गए आइडी से हुआ। इस शक्तिशाली विस्फोट में दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। सूत्रों ने कहा कि इस घटना की जांच जारी है। किसी समूह या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

दो दिन की मंत्रणा के बाद किसान वार्ता के लिए हुए तैयार, 29 को करेंगे केंद्र सरकार से वार्ता : OmTimes

सोनीपत (ऊँ टाइम्स)  एक महीने से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच एक बार फिर बातचीत का रास्ता प्रशस्त हुआ है। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव की ओर से भेजे गए बातचीत के प्रस्ताव पर शनिवार को किसान संगठनों ने बातचीत के लिए हाँ कर दिया है। किसान नेताओं ने 29 दिसंबर को 11 बजे बैठक का प्रस्ताव भेजते हुए बातचीत के लिए चार प्रमुख मांगें रखी हैं और इसका प्रारूप भी सरकार को भेजा है।
कुंडली में धरनास्थल पर सरकार के प्रस्ताव पर दो दिन की गहरी मंत्रणा के बाद किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने बातचीत के लिए हाँ कर दिया है, और साथ ही अपना शर्त भी बता दिया है। किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार गेंद हमारे पाले में डालने की कोशिश कर रही है, ताकि लोगों को लगे कि किसान जिद पर अड़े हैं। ऐसे में हमने तय किया है कि बात की जाएगी। बैठक में सभी 40 जत्थेबंदियों के सदस्य जाएंगे।
इस बैठक के एजेंडे में पूर्व की भांति तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद या निरस्त करने का तरीका क्या हो, सभी किसानों व कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी पर खरीद की गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए अध्यादेश 2020 में ऐसे संशोधन जो दंड के प्रावधानों से किसानों को बाहर रखे, किसानों के हितों की रक्षा के लिए विद्युत संशोधन विधेयक 2020 के मसौदे में जरूरी बदलाव भी शामिल हैं।.
किसान नेता डाॅ. दर्शनपाल सिंह ने कहा कि 27 व 28 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों की शहादत दिवस मनाया जाएगा। 30 दिसंबर को किसान ट्रैक्टर लेकर मार्च करेंगे। इसमें सिंघु बार्डर से टीकरी और शाहजहांपुर तक किसान मार्च करेंगे। किसानों ने एक जनवरी को नया साल दिल्ली व हरियाणा निवासियों को उनके साथ मनाने का न्योता दिया है। शिवकुमार कक्का ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भाषण गलत दिया। जो पोस्टरों पर फोटो लगा रहे हैं, वह कीटनाशक कंपनियों के कर्मचारी हैं। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसानों से सरकार घबराने लगी है। जो बातें बैठकों में होती हैं, उसको छुपाकर झूठ बोला और किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली हरियाणा और यूपी के बार्डर पर अभी भी डटे हुए हैं किसान : OmTimes

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर लगातार जारी किसानों का प्रदर्शन रविवार को 32वें दिन भी जारी है। दिल्ली-हरियाणा और यूपी के बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आवाजाही में दिक्कत आ रही है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर राजस्थान सीमा में शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसान डटे हुए हैं।  कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का शनिवार को छह घंटे यूपी गेट पर पूरी तरह से कब्जा रहा। इस दौरान वाहन चालक यूपी गेट होकर दिल्ली से आवाजाही नहीं कर सके। उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने किसानों को जमकर कोसा। वहीं, जाम में कई एंबुलेंस फंसी रहीं। यूपी गेट पर 28 नवंबर से किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों का राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की दिल्ली जाने वाली सभी लेनों पर कब्जा है। वाहन चालक यहां से दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कब्जा जमाए किसानों ने अचानक केंद्र सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबारजी शुरू की।
 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर शनिवार सुबह प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सभी लेन को बंद कर दिया। वहीं, किसानों का दूसरा समूह एनएच 9 सर्विस रोड स्थित यूपी गेट पर आकर बैठ गया। दोनों रास्ते एक साथ बंद होने से गाजीपुर के आसपास के इलाकों में यातायात करीब छह घंटे बाधित रहा। क्षेत्र की आंतरिक गलियों में भी लोगों को जाम की मार झेलनी पड़ी। हालांकि, शाम को किसान दोनों ही रास्तों से हट गए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों ने शनिवार को 11 बजे सभी लेन बंद कर प्रदर्शन किया। एक्सप्रेस वे पर प्रदर्शन को देखते हुए यूपी गेट पर नीचे बैठे किसानों ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश सीमा में आने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया।
इस पर यातायात पुलिस ने गाजीपुर सब्जी मंडी व मुर्गा मंडी की ओर रूट डायवर्ट कर दिया। रूट डायवर्ट के चलते आनंद विहार, गाजीपुर, मयूर विहार फेज तीन सहित अन्य प्रमुख मार्गो पर यातायात बाधित रहा। सुबह से लेकर शाम तक वाहन चालक जाम से जूझते रहे। किसानों के प्रदर्शन के दौरान करीब छह घंटे वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि, पांच बजे किसान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे व यूपी गेट से हट गए और वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया।

PM मोदी ने सेहत योजना को लांच करते हुए कहा- जम्मू-कश्मीर के लोगों का विकास हमारी प्राथमिकता : OmTimes

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के लिए सेहत योजना को लाॅच किया। नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने आज शनिवार को दिन में 12.40 बजे उद्घाटन किया। इस योजना से जम्मू-कश्मीर में उन एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा जो आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अधीन नहीं आते हैं। अभी योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर ही होगी। इसमें कोई भी बदलाव नहींं किया गया है।

 OmTimes News Live Update …..

01.31 बजे – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा अमरनाथ और श्री माता वैष्णो देवी की कृपा सभी पर बनी रहे, इस कामना के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

01.30 बजे- देश में नाकारात्मक सोच के लिए कोई जगह नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का कोई भी राज्य विकास से वंचित नहीं रहेगा।

01.28 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवाओं को हजारों नौकरियों के अवसर देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। एक तरफ सरकारी नौकरियां निकाली जा रही है तो दूसरी तरफ स्वरोजगार योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। कश्मीर में सेब उत्पादकों की परेशानियों को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। कोरोना की चुनौतियों के बावजूद सेब उत्पादकों को बेचने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावी कदम उठाए। किसानों के खाते में सीधे पैसे डाले गए। जम्मू-कश्मीर में बासमती से लेकर किसी चीज की कमी नहीं है।

01.18 बजे– प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वादियों में हवा शुद्ध है। प्रदूषण बहुत कम है। मैं चाहता हूं कि हर कोई स्वस्थ रहें। अगर किसी को बीमारी होगी तो उसका इलाज सेहत योजना से संभव होगा।

01.16 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को सेहत योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत 5 लाख का बीमा किया गया है। पहले आयुष्मान योजना का लाभ केवल छह लाख लोगों को मिल रहा था लेकिन अब सेहत योजना का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को मिलेगा।

01.13 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग उन्हें कोसते रहते हैं। अपशब्द कहते रहते हैं। मुझे लोकतंत्र सिखाने की बातें करते हैं।पुडुचेरी में दशकों के बाद 2006 में निकायों के चुनाव हुए थे। इसका कार्यकाल 2011 में समाप्त हो चुका है लेकिन उसके बाद से चुनाव नहीं करवाए गए।

01.10 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में सरकार इसलिए छोड़ कर बाहर आए थे ताकि हम जमीनी स्तर पर लोगों को मजबूत बनाएं। हमारा मुद्दा पंचायतों के चुनाव करवाकर लोगों को जमीनी स्तर तक विकास पहुंचाना है। चुनाव में सभी उम्मीदवार अपने प्रयासों और अपने नाम के बल पर जीते हैं। मैं चुनाव में विजय हुए जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं। जो चुनाव नहीं जीत पाए उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में लोगों ने यह भी दिखाया है कि देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है।

01.07 बजे- जम्मू-कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायत योजना के लागू हो जाने से लोगों को जमीनी स्तर पर विकास मिलेगा। जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ही ये कदम उठाए गए हैं। नए युग और नए नेतृत्व की शुरुआत हुई है।

01.03 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रशासन और सुरक्षाबलों ने चुनाव को सुचारू करवाने में अहम भूमिका निभाई। सभी दल भी जब यह बात करते हैं कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से हुए तो मुझे प्रसन्नता हुई। मैं सुरक्षाबलों और प्रशासन को धन्यवाद करता हूं। आपने कोई छोटा कार्य नहीं किया है।

01.00 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बधाई देता हूं। जिला विकास परिषद के चुनाव में मतदान करने के लिए कतारों के खड़े मतदाताओं के चेहरे पर विकास की चाह दिख रही थी। जम्मू-कश्मीर के प्रशासन, सुरक्षाबलों ने जिस प्रकार से इस चुनाव का संचालन किया, वह प्रशसनीय है।

12.58 बजे- आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एतिहासिक है। यहां के हरेक नागिरक को सेहत योजना का लाभ मिलने जा रहा है। मैं इसके लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सरकारी तंत्र को बहुत-बहुत बधाई। मेरी इच्छा था कि यह कार्यक्रम अटल जी की जयंती पर हो परंतु व्यसस्ता के कारण ऐसा नहीं हो पाया।

12.56 बजे- वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि संतोष के शब्द मेरे लिए आशीर्वाद बन जाते हैं। इस योजना का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को मिलेगा। विकास का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक तक पहुंचाने की मेरी व मेरी सरकार की कोशिश है।

12.52 बजे– प्रधानमंत्री ने रमेश लाल से कहा कि वह इस योजना के बारे में अपने दूसरे साथियों को भी बताएं ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। यह योजना उन जैसे लोगों के लिए है।वहीं रमेश लाल ने कहा कि गोल्ड कार्ड की वजह से आज उनके सामने खड़े हैं और अपनी बात बता पा रहे हैं। इसके लिए मैं और मेरा परिवार आपका आभारी है।

12.49 बजे- प्रधानमंत्री सेहत लाभार्थियों से बात कर रहे हैं। जम्मू से कैंसर मरीज रमेश लाल प्रधानमंत्री से रूबरू हुए। रमेश ने बताया कि कैंसर का इलाज बहुत महंगा है, अगर कार्ड नहीं होता तो इलाज नहीं करवा पाता। मुझे इलाज के लिए किसी को एक रूपया भी नहीं देना पड़ा। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हुए कहा कि रमेश जी आप जल्द स्वस्थ हो जाइए।

12.45 बजे- इस योजना से जम्मू कश्मीर के करीब 1 करोड लोगों को लाभ होगा इससे पहले जम्मू कश्मीर में लागू आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 31 लाख लोगों को लाभ मिल रहा था।

12.43 बजे- प्रधानमंत्री ने आज शनिवार को जम्मू-कश्मीर के लिए सेहत योजना को लाॅच किया। नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने आज शनिवार 12.40 बजे उद्घाटन किया।

बम धमाकों से फिर दहल उठा काबुल , किसी आंतकी संगठन ने नहीं लिया जिम्मेदारी : OmTimes

अफगानिस्तान/ नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बम धमाके का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार आज सुबह काबुल में हुए दो बम धमाके में कम से कम 3 लोग घायल हो गए हैं। पीडी 6 क्षेत्र के पुल-ए-सोकता क्षेत्र में यह विस्फोट हुआ। वहीं दूसरा धमाका काबुल के पीडी 3 क्षेत्र में स्थित देहबोरी में हुआ। इस हमले में किसी भी प्रकार हताहत की कोई खबर नहीं आई है। फिलहाल दोनों हमलों की किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

सुरक्षाबलों ने शोपियां मुठभेड़ में अद-बदर के दो स्थानीय आतंकियों को फिर किया ढेर : OmTimes

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां के इमाम साहिब इलाके के कनिगाम गांव में शुक्रवार शाम से जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। मारे गए दोनों आतंकी स्थानीय बताए जा रहे हैं और यह अल-बदर से जुड़े हुए थे। आइजी कश्मीर विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया था परंतु उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। वहीं इलाके में और आतंकी मौजूद तो नहीं इसकी पुष्टि करने के लिए सेना ने इलाके में अभी सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है।
पुलिस और विश्वासनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर गत शुक्रवार को सेना ने कनिगाम इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों को अपने नजदीक आते देख उन पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। हालांकि जवाबी कार्रवाई से पूर्व सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु बात को न मानते हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसाना जारी रखा।
देर शाम को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया। अंधेरा होने पर सुरक्षाबलों ने इलाके में रोशनी की विशेष व्यवस्था की ताकि आतंकी फरार न हो सके। सुबह तड़के एक बार फिर सुरक्षाबलों ने छिपे हुए आतंकी को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया परंतु उसने फिर गोलीबारी शुरू कर दी। सुबह करीब 11 बजे सुरक्षाबलों ने दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया।
दोनों आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने उनके शवों को अपने कब्जे में लिया और मुठभेड़ स्थल पर पड़े उनके हथियारों को भी बरामद कर लिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जब इलाके में और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो कुछ राष्ट्र विरोधी तत्वों ने उन पर पथराव भी किया। हालांकि सुरक्षाबलों ने पथराव करने वाले युवाओं को मुठभेड़ स्थल से खदेड़ दिया।
फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं आइजी कश्मीर विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मारे गए दोनों आतंकी स्थानीय हैं। वे अल-बदर से जुड़े हुए थे। अभियान में एसओजी, सेना की 34 आरआर और सीआरपीएफ जवान शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान सेना के दो जवान भी घायल हुए हैं। फिलहाल जिला शोपियां में एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद रखी गई है।

मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ विधेयक को मध्यप्रदेश की शिवराज कैबिनेट ने दिया मंजूरी : OmTimes

भोपाल (ऊँ टाइम्स)  मध्‍य प्रदेश की कैबिनेट ने लव जिहाद के खिलाफ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दिया। अब यह विधानसभा के शीतसत्र में मंजूरी के लिए राज्‍य की शिवराज सरकार की ओर से पेश की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई। बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे। एक दिन पहले उन्‍होंने ने बताया था कि अधिनियम में सख्त प्रविधान किए गए हैं। इसका उल्लंघन करने पर अधिकतम 10 साल की कैद के साथ जुर्माने के तहत एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। 
राज्‍य मुख्‍यमंत्री ने कहा, ‘हम मध्‍य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन की अनुमति नहीं देंगे। नए विधेयक के तहत जो भी यह करेगा उसे 10 साल से अधिक का कारावास ओर कम से कम 50 हजार रुपये के जुर्माने का भुगतान करना होगा। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कर शादी कर दी जाती है।’

जानिए इसके प्रावधान:– 

  • महिला नाबालिग अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के धर्म  परिवर्तन किए जाने पर 2-10 साल का कारावास व 50,000 रुपये जुर्माना होगा

–  अपना धर्म  छिपा धर्म परिवर्तन कराए जाने पर 3-10 साल का कारावास व 50000 रुपये का जुर्माना 

–  सामूहिक धर्म परिवर्तन, दो या दो से अधिक का एक ही समय में धर्म परिवर्तन कराने पर 5-10 साल का कारावास व एक लाख रुपये का जुर्माना

  • एक बार से अधिक अपराध दोहराने पर 5-10 वर्ष का कारावास 
  • जो भी धर्म परिवर्तन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत होगा, उस धर्म परिवर्तन को शून्य माने जाने का प्रावधान किया गया है।
  • पैतृक धर्म में वापसी को इस अधिनियम में धर्म परिवर्तन नहीं माना गया है। पैतृक धर्म वह माना गया है जो व्यक्ति के जन्म के समय उसके पिता का धर्म था।
  • धर्म परिवर्तित व्यक्ति उसके माता, पिता या भाई-बहन को पुलिस थाने में इस अधिनियम में कार्यवाही किए जाने के लिए शिकायत करना आवश्यक होगा।
  • परिवाद के माध्यम से न्यायालय से आदेश प्राप्त कर मत परिवर्तित व्यक्ति के अभिभावक भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
  • अधिनियम के तहत दर्ज अपराध संज्ञय तथा गैर जमानती होगा और सत्र न्यायालय में ही इसकी सुनवाई हो सकेगी।
  • मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर से नीचे का अधिकारी नहीं कर सकेगा।
  • अधिनियम में निर्दोष होने के सबूत प्रस्तुत करने की बाध्यता अभियुक्त पर रखी गई है।
  • अधिनियम के प्रविधानों के विपरीत किए गए विभाग को शून्य मानने का प्रविधान किया गया है।
  • अपराध में पीड़ित महिला एवं पैदा हुए बच्चे को भरण पोषण प्राप्त करने का अधिकार होगा।
  • बच्चे को पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार बरकरार रखे जाने का प्रविधान भी शामिल किया गया है।
  • अधिनियम के प्रविधानों के विरुद्ध मत परिवर्तन कराने वाली संस्था या संगठन के विरुद्ध भी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध पर दिए जाने वाले कारावास तथा अर्थदंड के समकक्ष प्रविधान किए गए हैं।
  • ऐसी संस्थाओं तथा संगठनों के पंजीयन को निरस्त कर दिया जा सकेगा।

भारत में पहली बार चलने जा रही है ड्राइवर लेस मेट्रो , 28 दिसंबर को पीएम दिखाएंगे हरी झंडी : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)   भारत में पहली बार 28 दिसंबर से दिल्ली मेट्रो के मजेंटा लाइन पर बगैर चालक के मेट्रो रफ्तार भरेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दिन चालक रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रखना करेंगे। मजेंटा लाइन देश में पहला मेट्रो कॉरिडोर होगा, जिस पर इस तकनीक से मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। मेट्रो को डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) के मुख्यालय में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम से नियंत्रित किया जाएगा। मजेंटा लाइन के बाद पिंक लाइन पर भी चालक रहित मेट्रो का परिचालन किया जाएगा।.
दरअसल, फेज तीन के इन दोनों कॉरिडोर पर संचार अधारित ट्रेन कंट्रोल सिग्नल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से इन दोनों कॉरिडोर पर चालक रहित मेट्रो का परिचालन किया जा सकता है। फिलहाल इन दोनों कॉरिडोर की मेट्रो में चालक मौजूद होते हैं। चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए डीएमआरसी ने कुछ माह पहले कंसल्टेंट नियुक्त किया था। जिसने दोनों कॉरिडोर के मेट्रो ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, कंट्रोल रूम इत्यादि का निरीक्षण किया। इसके बाद मजेंटा लाइन के कॉरिडोर पर कुछ तकनीकी बदलाव किए गए।
इसके अलावा पिछले दिनों केंद्र सरकार ने चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद 37 किलोमीटर लंबे मजेंटा लाइन पर बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच चालक रहित मेट्रो का परिचालन शुरू करने का फैसला किया गया है। 24 दिसंबर को मेट्रो ने अपने परिचालन के 18 साल पूरे कर लिए हैं। 28 दिसंबर को चालक रहित मेट्रो का परिचालन शुरू होते ही यह डीएमआरसी की इस साल की सबसे बड़ी कामयाबी होगी। ऐसा पहली बार होगा जब भारत में कोई बगैर ड्राइवर के मेट्रो चलेगी। 

केजरीवाल ने कहा – 50 लाख से अधिक लोगों को दिल्ली में लगाया जायेगा कोरोना वैक्सीन : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) आने वाले सन् 2021 की शुरुआत से भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण का टीका लगने की संभावना के बीच दिल्ली में भी सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को एक अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें कोरोना वायरस के टीकाकरण को लेकर तैयारी के संबंध में चर्चा हुई। इसके बाद दोपहर में आयोजित डिजिटल पत्रकार वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि दिल्ली में 50 लाख से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी, जिनमें तीन लाख लोग फ्रंटलाइन वर्कर होंगे। इनमें डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब टीका आने का इंतजार है, हमारी ओर से पूरी तैयारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर को पहले चरण में टीका उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुलमिलाकर 50 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जाएगा।
डिजिटल पत्रकार वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी है कि दिल्ली में कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरी तैयारी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जल्द ही 1.15 करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज के स्टोरेज की व्यवस्था हो जाएगी। टीका लगाने के लिए स्टाफ का भी चयन कर लिया गया है, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। टीका लगाने के बाद अगर किसी में दिक्कत आई तो इसका भी इंतजाम किया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के तकरीबन 51 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। इनमें हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स के वो लोग भी शामिल हैं, जिन्हें प्रथम चरण में टीका लगाया जाना है।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी शिरकत की। इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा था कि दिल्ली में  सरकार ने टीके को रखने एवं उसे बांटने के लिए सभी तरह का प्रबंध कर लिया है। उन्होंने बताया कि टीका आने का मतलब यह नहीं है कि वायरस का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है।.
उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों में ब्रिटेन से दिल्ली आने वाले सभी यात्रियों का पता लगाया जा रहा है। हम उन सभी यात्रियों की पहचान व जांच शुरू कर चुके हैं। उन्होंने मंगलवार को ब्रिटेन से आए यात्रियों में से पांच के संक्रमित होने के बारे में बताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार जागरूक है और हम हर जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। अगर हम नियमों का पालन करेंगे, तो हमें वायरस के किसी भी स्वरूप से घबराने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध बेड के सवाल का जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल सिर्फ 2,800 बेड पर ही मरीज हैं और लगभग 50 फीसद आइसीयू बेड भी उपलब्ध हैं।.
गौरतलब है कि मंगलवार को संक्रमण दर आठ महीनों में सबसे कम रही है। साथ ही लगातार चार दिनों से एक हजार से कम नए मामले आए हैं। दिल्ली सरकार प्रतिदिन 80 हजार टेस्ट कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में सबसे कम संक्रमण दर दिल्ली में है।

मजनू की लाश मिली गांव के बाहर पेड़ पर लटकती हुई: OmTimes

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  रामगढ़ताल पुलिस ने युवक के मौत के मामले में उसकी प्रेमिका सहित तीन नामजद और अज्ञात लोगों पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया है। युवक के घर वालों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि  पुलिस आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारने की बात लिखी गई है। कोर्ट के आदेश पर दो माह बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है।
बेलीपार के खरोहवा निवासी रामकरन ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके बेटे मजनू का रामगढ़ ताल के खिरवनिया गांव की रहने वाली युवती गुड़िया से प्रेम संबंध था। 2 जून 2019 को मजनू और गुड़िया ने बसियाडीह मंदिर में शादी कर ली थी। गुड़िया के घर वाले रिश्ते के खिलाफ थे। वह लोग मजनू को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। कई बार उस खोजते हुए घर भी आए थे। शादी के कुछ दिन बाद गुड़िया अपने मायके चली गई। 22 अक्टूबर को मजनू के पास फोन करके उसने ख़िरनिया गांव में बुलाया था। 24 अक्टूबर को मजनू की लाश गांव के बाहर पेड़ पर लटकती हुई मिली।
जानकारी होने पर परिवार के लोग पहुंचे तो पता चला कि 23 अक्टूबर की रात में गुड़िया ने अपनी मां सुधा, पिता रामसकल और अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मजनू की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देने के लिए लाश को पेड़ से लटका दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारे जाने की पुष्टि होने पर उन्होंने आरोपितों के खिलाफ प्रार्थना पत्र रामगढ़लाल थाना प्रभारी और एसएसपी को दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।

मोहनलालगंज में बदमाशों ने गोली मारकर व्यापार मंडल अध्यक्ष का कर दिया मर्डर : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) लखनऊ में  मोहनलालगंज व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सुजीत कुमार पाण्डेय (52) की बाइक सवार बदमाशों ने रविवार शाम उनके भट्ठे के पास ही सफारी गाड़ी के अंदर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दिया है । हमले में गोली लगने के बाद भी हिम्मत दिखाते हुए वह गाड़ी से उतर कर अपने भट्ठे के अंदर दौड़े। इस पर बदमाशों ने पीछे से उन पर फिर गोलियां चलायी। सुजीत कुमार ने भी अपना पिस्टल निकाल लिया था लेकिन वह बदमाशों पर गोली नहीं चला सके। फायरिंग की आवाज सुनकर बाहर आये मजदूरों ने जब मालिक को लहूलुहान देखा तो उन लोगों ने बदमाशों पर पथराव भी किया लेकिन तब तक हमलावर फरार हो गये। सुजीत को मेदान्ता अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके तीन गोलियां लगीं। देर रात तक घर वालों ने किसी से रंजिश नहीं बतायी। पुलिस कई बिन्दुओं पर पड़ताल कर रही है। यह घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे गौरा पेट्रोल पम्प के पास हुई। सुजीत कुमार पाण्डेय प्रधान भी रह चुके हैं और इस समय इनकी पत्नी संध्या प्रधान हैं। सुजीत रोजाना की तरह शाम पांच बजे अपने भट्ठे सुजीत ब्रिक फील्ड जा रहे थे। अपनी सफारी गाड़ी से वे भट्ठे के गेट के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार दो युवक उनकी ड्राइविंग सीट की तरफ आये। कुछ समझने से पहले ही हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। शीशे को तोड़ती हुई तीन गोलियां उन्हें जा लगीं। एक गोली सीने को भेदती हुई निकल गई जबकि दो गोलियां हाथ और कुहनी पर लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुजीत लहूलुहान हालत में गाड़ी से उतरे और बचने के लिये भट्ठे के अंदर भागे। इस बीच एक हमलावर ने पीछा किया और उन पर तीन-चार और फायर किये। इस बीच ही भट्ठे के मजदूर वहां आ गये। वहां कर्मचारियों की मदद से सुजीत को मेदान्ता अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुजीत की हत्या कर खबर मिलते ही दर्जनों लोग अस्पताल पहुंच गये। इन लोगों ने हत्यारों को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा भी किया। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, एडीसीपी सुरेश चन्द्र रावत समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझा कर शांत कराया।
पुलिस ने बताया कि मौके पर 315 बोर का एक तमंचा मिला और आठ खोखे भी बरामद हुए। बताया जाता है कि बदमाशों का तमंचा वहां गिर गया था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सुजीत के तीन गोलियां लगी हैं। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि सुजीत ने भी बचाव में फायरिंग की थी लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। …

यूपी के मुख्‍यमंत्री ने अयोध्या में किया किसान मेले का उद्घाटन : OmTimes

अयोध्या (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विगत माह दीपोत्सव करने के बाद एक बार फिर रामनगरी अयोध्या में आज रविवार को पहुंचे। मुख्यमंत्री ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में किसान मेला का उद्घाटन किया। अभी कुछ ही देर में किसानों को भी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वह अयोध्या को भी करोड़ों की सौगात देंगे। 
मुख्यमंत्री अयोध्या के आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में तीन दिनी किसान मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद किसानों के समागम को संबोधित करेंगे। शाम को चार बजे मुख्यमंत्री अयोध्या में कार्यक्रम के बाद सीधे गोरखपुर के लिए रवाना होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन और जिला प्रशासन की देख रेख में किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी की तैयारियां युद्ध स्तर पर की गई हैं। 
मुख्यमंत्री ने पहले आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पशुचिकित्सालय के नैदानिक परिसर, कृषि विज्ञान केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, कृषि आदि की 88 करोड़ की 39 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इसके बाद किसान सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। इस सम्मेलन में अयोध्या के साथ ही अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी जिलों के किसान शामिल बताए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 89.90 करोड़ रुपए की लागत की 40 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास व शुभारम्भ भी करेंगे। इनमें 30.67 करोड़ रुपए की दस परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। इसके साथ वह 26.45 करोड़ रुपए की दस परियोजना का शिलान्यास और 32.77 करोड़ रुपए की 20 परियोजनाओं का शुभारम्भ करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी करेंगे। 

नेपाल में चल रहा सियासी खींचतान, PM ओली ने संसद को भंग करने का लिया फैसला : OmTimes

काठमांडू (ऊँ टाइम्स)  नेपाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अचानक मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई है। ऊर्जा मंत्री बारसमन पुन के अनुसार मंत्री समूह ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से संसद को भंग करने की सिफारिश की है। नेपाल के संविधान में सदन को भंग करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। संसद भंग करने की सिफारिश के बाद नेपाल की विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने एक आपात बैठक बुलाई। विपक्ष ओली सरकार के इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। 
वहीं, सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायणजी श्रेष्ठ ने कहा है कि यह निर्णय जल्दबाजी में किया गया है क्योंकि आज सुबह कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्री उपस्थित नहीं थे। यह लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ है और राष्ट्र को पीछे ले जाएगा। इसे लागू नहीं किया जा सकता।
ओली ने रविवार सुबह 10 बजे कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई थी। माना जा रहा था कि इसमें ओली सरकार संवैधानिक परिषद अधिनियम (कार्य, कर्तव्य और प्रक्रिया), 2010 में संशोधन को वापस लेने की सिफारिश करेगी, लेकिन इसके बजाय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति से संसद को भंग करने की सिफारिश कर दी।
इससे पहले ओली द्वारा लाए गए संवैधानिक परिषद अधिनियम से संबंधित एक अध्यादेश को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने मंगलवार को मंजूरी दे दी थी, जिसे वापस लेने का ओली पर दबाव था। इसके मुताबिक कोरम पूरा नहीं होने पर भी परिषद की बैठक बुलाई जा सकती है। 
अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद ओली को परिषद की बैठक बुलाने और तीन सदस्यों की उपस्थिति में भी फैसले लेने का अधिकार मिल गया है। संवैधानिक परिषद के अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं। इसमें चीफ जस्टिस, प्रतिनिधि सभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, नेशनल असेंबली के चेयरमैन और मुख्य विपक्षी दल के नेता सदस्य के रूप में इसमें शामिल होते हैं। परिषद संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका और विदेशी मिशनों जैसे अहम जगहों में प्रमुख पदों पर नियुक्ति की सिफारिश करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय ने किया जब्त : OmTimes

जम्मू (ऊँ टाइम्स)  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा कथित करोड़ों रुपये के हुए घोटाले के सिलसिले में की है। ईडी ने गत 19 अक्टूबर को डॉ. अब्दुल्ला से इस बाबत पूछताछ भी की थी जिसके उपरांत प्रदेश में इसको लेकर काफी राजनीति गर्मा गई थी।नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं सहित पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को बदले की कार्रवाई करार दिया था।
अभी तक मिल रही सूचना के आधार पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला के प्रदेश में स्थित उनके दोनों आवास सहित तीन अन्य संपत्तियां जब्त कर ली हैं।यहां यह बता दें कि बीसीसीआइ ने 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट सुविधाओं के विकास व बजालता में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए 112 करेाड़ रुपये की राशि दी थी। इसमें से 43.69 करोड़ रुपये का गबन कर लिया गया था। सीबीआइ ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के कोष में कथित गबन के मामले में डा. फारूक अब्दुल्ला समेत जेकेसीए के तत्कालीन महासचिव मोहम्मद सलीम खान, तत्कालीन कोषाध्यक्ष अहमसान अहमद मिर्जा और जम्मू-कश्मीर बैंक के एक कर्मचराी बशीर अहमद पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए श्रीनगर की एक अदालत में गत सितंबर महीने में एक आरोप पत्र भी दाखिल किया था।
ईडी द्वारा पूछताछ करने की कार्रवाई के उपरांत नाराज पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि पीएजीडी के बाद ही केंद्र सरकार ने उनके पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर की थी। अलबत्ता आज ईडी की कार्रवाई के उपरांत उमर अब्दुल्ल ने अभी तक चुप्पी साधी हुई है।

दिल्‍ली में सागरपुर के एक मकान में लगी भीषण आग, दो लोगों की हुई मौत : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्‍ली के सागरपुर इलाके में एक घर में आग लग गई। आग लगने से वहां मौजूद दो लोगों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार यह आग दिल्‍ली के सागरपुर में दोहपर में लगी थी। दिल्‍ली पुलिस ने शाम को ट्वीट कर दो लोगों के मरने की पुष्‍टि की है। 
आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने आग का कारण पता लगाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया। इस आग में झुलसे दो बच्‍चों को पास के ही शकुंतला अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डीडीयू अस्‍पताल में शिफ्ट किया गया। यहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्‍टर के अनुसार इनकी मौत सांस बंद होने के कारण हुई। आग लगने के बाद ये सांस नहीं ले पाए होंगे जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं, डॉक्‍टर ने यह भी बताया कि पोस्ट मॉर्टम के बाद कल सुबह यह पता चल पाएगा कि कितने प्रतिशत का शरीर जली है। 
वहां मौजूद लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह लोग हाल में ही यहां किराए के घर में शिफ्ट हुए थे। ये लोग चप्‍पल बनाने का काम करते थे जो पॉलिमर और रबर से बनता था। इनमें आग भी जल्‍दी पकड़ लेती है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं यहां अवैध फैक्‍ट्री तो नहीं चल रही थी जिसका काम ये लोग कर रहे थे। 
आप को बता दें कि दिल्‍ली में पिछले साल इसी दिसंबर के महीने में आग की एक भयावह घटना हुई थी। इस घटना में करीब 43 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। यह आग दिल्‍ली के फिल्‍मिस्‍तान इलाके के रानी झांसी रोड में स्‍थित अनाज मंडी में लगी थी। रविवार का दिन होने के कारण लोग घरों में ही थे। यह आग रविवार तड़के लगी थी जिसके कारण मंडी में रहने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को इसने अपनी चपेट में ले लिया था। इस आग की घटना में सदर बाजार थाना पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच की जांच के बाद फैक्ट्री मालिक रिहान समेत दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

पवन दूबे सहित तीन का एक साथ हुआ दाह संस्कार, हजारों की संख्या में जुटी जनता : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना शोहरतगढ अन्तर्गत स्थित बानगंगा नदी पर आज दिनांक 16/12/2020 को निहायत ही दर्दनाक मंजर देखा गया ! एक साथ तीन शव जलाये गये! यह वही शव थे जो कि विगत दिवस गौतमबुद्ध नगर जिले में वाहन दुर्घटना के शिकार हो गये थे! उक्त घटना में अनियंत्रित डम्फर जिसका नम्बर HR 55W2474 है डिवाइडर तोड़ते हुए स्कार्पियो जिसका नम्बर UP 55X 0111 है को ठोकर मार दिया था जिसमें गौहनियां निवासी पवन दूबे सहित शोहरतगढ के चेयरमैन के घर की दो महिलाओं की मौत हो गई थी , तथा सुभाष गुप्ता सहित दो लोग घायल हो गये थे, जिनका अभी भी इलाज चल रहा है! इस घटना के शिकार पवन दूबे के मौत की खबर सुनते ही उनके गांव गौहनियां में मातम छा गया और अनगिनत जनता की भीड़ उनके घर पर उमड़ पड़ी! यही नहीं उनके दाह संस्कार स्थल पर भी मेले की तरह जनता उमड़ पड़ी ! जिसके भी मुंह से सुनो सभी पवन दूबे के लिए आह भरते दिख रहे थे ! पवन दूबे निहायत ही नेक और जनप्रिय ब्यक्ति थे, इनकी दर्दनाक मौत ने सभी के आंखों में आंसू ला दिया है!

मौसम विभाग ने दिया कड़ाके की ठंड का अलर्ट, उत्तरी राज्यों में भयानक शीतलहर तो दक्षिणी राज्यों में बारिश : OmTimes

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) इस समय उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में अगले तीन दिन तक ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर राजस्थान, बिहार और हरियाणा में सुबह और शाम को घना कोहरा छाया रहेगा।उत्तरी राज्यों में न्यूनतम तापमान में पिछले कुछ दिनों 3-4 डिग्री सेल्शियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दिल्ली में कंपकपाती ठंड का दौर जारी है। दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। 
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्‍ली, उत्‍तरी राजस्‍थान और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। इसके साथ ही कोहरा भी छाया रह सकता है। इसके अलावा दक्षिण के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 दिसंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 17 से 18 दिसंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी राज्यों में ठिठुरन बढ़ गई है. दिल्ली में पारा 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी 16 दिसंबर को दिल्ली का पारा 4 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में सर्दी जो सितम ढा रही है, उसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर भारी बर्फबारी है।
दरअसल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों पर जितनी बर्फबारी और बारिश होगी मैदाना में इतनी ही ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान आज (बुधवार) 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक दिसंबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली का तापमान 2 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब में भी ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। उत्तर भारत का पारा लुढ़क कर 3-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
पहाड़ों की यही बर्फबारी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वालों लोगों को कंपकंपा रही है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को अगले दो-तीन दिन कड़ाके की ठंड़ के लिए तैयार रहना होगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। वहीं, मुंबई सहित महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु में 17-18 दिसंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।
वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर पश्चिम राजस्थान में भी ठंड रिकॉर्ड तोड़ सकती है। तापमान गिरने से उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सो में कोहरे का असर दिखाई दे रहा है। हालांकि, ठंडी हवाओं के चलने से दिल्ली-एनसीआर और यूपी की एयर क्वालिटी यानी हवा की गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ है। राजस्थान के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पहाड़ी इलाके माउंट आबू में अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। 

उत्तराखंड, हिमाचल से लेकर जम्मू कश्मीर में इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है। इन राज्यों की ज्यादातर जगहों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। केदारनाथ धाम में 4 फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। केदारनाथ धाम को जोड़ने वाला 18 किमी पैदल मार्ग भी बर्फ से ढ़का हुआ है। जबकि उत्तराखंड से रुद्रप्रयाग, औली और बागेश्वर में भयंकर बर्फबारी हो रही है तो हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति से लेकर मंडी में बर्फ ही बर्फ है।

घाटी में रात्रि का तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया – मौसम विभाग के अनुसार, पारा अभी और गिरने के आसार हैं। केंद्रशासित प्रदेश में जम्मू एवं कश्मीर की कश्मीर घाटी में रात्रि तापमान गिरकर जमाव बिंदु से नीचे पहुंच गया। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया। गुलमर्ग सबसे सर्द रहा। कल्पा में पारा शून्य से 1.7 डिग्री नीचे रहा। घाटी में सभी मौसम केंद्रों में रात्रि तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया।

मांग पूरी न होने से आहत सोनीपत के कुंडली बार्डर पर धरने में शामिल किसान ने खुद को गोली मार कर किया आत्महत्या : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सोनीपत के कुंडली बार्डर पर धरने में शामिल एक किसान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। साथी किसान उन्हें लेकर तुरंत पानीपत के पार्क अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान की पहचान करनाल के निसिंग कस्बे के गांव सिंगरा निवासी के बाबा राम सिंह के रूप में हुई है। बाबा राम सिंह वहां गुरुद्वारा नानकसर में ग्रंथी थे। वे धरने में शामिल होने के लिए करनाल से लगातार आते-जाते रहते थे। चार-पांच दिन पहले भी वे धरने में शामिल होने के लिए आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार को भी वे धरनास्थल पर पहुंचे और मंच के पीछे रोड के दूसरी ओर जाकर खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि गोली उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से मारी है। वहां मौजूद उनके जानकारों ने तुरंत उन्हें लेकर जीटी रोड से होते हुए पानीपत के पार्क अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकार उनके शव को लेकर करनाल पहुंच गए, जहां पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास कर रही है।
कुंडली में चल रहे धरना में शामिल एक और किसान की मौत हो गई। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी मौत है, जबकि कुंडली बार्डर पर चौथे किसान की मौत हुई है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार सुबह भी एक-एक किसान की हृदयाघात से मौत हुई थी। धरनास्थल पर किसानों की मौत को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती ठंड के कारण बुजुर्ग किसान लगातार बीमार हो रहे हैं। उनमें ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं और हृदयाघात से उनकी मौत हो रही है।
कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर 27 नवंबर से किसान धरना दे रहे हैं। धरने में शामिल होने के लिए पटियाला के गांव सोहली निवासी 62 वर्षीय किसान पाल सिंह 13 दिसंबर को ही कुंडली पहुंचे थे। वे अपने साथियों व गांव के अन्य किसानों के साथ फिलहाल गांव रसोई से आगे जीटी रोड पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रोली में ठहरे हुए थे। साथियों ने बताया कि मंगलवार रात को वह खाना खाने के बाद वे अपनी ट्रैक्टर-ट्राली में सो गए। बाद में जब दूसरे साथी ट्रैक्टर-ट्राली में सोने के लिए पहुंचे तो देखा कि वे बेसुध पड़े थे। उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने तत्काल धरनास्थल पर मौजूद चिकित्सकों के पास ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने इसकी सूचना थाना कुंडली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देर रात नागरिक अस्पताल में पहुंचाया।