OmTimes News : उत्‍तराखंड और यूपी के लिए भाजपा ने जारी किया नौ उम्‍मीदवारों की सूची

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  भाजपा ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए नौ प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश से 10 और उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए नौ नवंबर को चुनाव होना है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर को फिर प्रत्याशी बनाया है। ये तीनों अभी भी उत्तर प्रदेश से ही राज्यसभा सदस्य हैं। इनके अलावा भाजपा ने हरिद्वार दूबे, बृजलाल, गीता शाक्य, बीएल वर्मा और सीमा त्रिवेदी को उत्तर प्रदेश से प्रत्याशी बनाया है। उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए भाजपा ने नरेश बंसल को उम्मीदवार घोषित किया है।
राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव के बाद संसद के उच्च सदन में समीकरण बदल जाएगा। भाजपा को ज्यादातर सीटें मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में दलगत स्थिति के मुताबिक समाजवादी पार्टी सिर्फ एक सीट पर जीत सकती है। सपा रामगोपाल यादव को फिर से राज्यसभा भेज रही है। इसके अलावा अगर विपक्ष संयुक्त प्रत्याशी उतारता है तो उसके जीतने की संभावना है। लेकिन फिलहाल ऐसा नजर नहीं आ रहा। ऐसे में भाजपा को उत्तर प्रदेश से नौ सीटों पर जीत मिलने की पूरी संभावना है। 
उत्तराखंड की इकलौती सीट पर भी भाजपा की जीत पक्की है। इस चुनाव के बाद भाजपा राज्यसभा में बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी। उत्‍तर प्रदेश से आगामी नवंबर महीने में 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इन नेताओं में भाजपा के अरुण सिंह, नीरज शेखर, हरदीप सिंह पुरी, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, राम गोपाल यादव, चंद्रपाल सिंह यादव, रवि प्रकाश वर्मा, बसपा के राजाराम, वीर सिंह, कांग्रेस के पीएल पुनिया जैसे दिग्‍गज शामिल हैं।  
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम ने सोमवार को अपना पर्चा दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और विधानमंडल दल नेता लालजी वर्मा समेत बसपा के सभी 18 विधायक मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी ने प्रो. राम गोपाल यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। वह अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं।  
उल्‍लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव की घोषणा 13 अक्टूबर को की थी। चुनाव की अधिसूचना 20 अक्टूबर को जारी की गई है। नामांकन 27 अक्टूबर यानी कल तक भरे जाएंगे। 28 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की होगी। नाम वापसी की तारीख दो नवंबर है। नौ नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक वोटिंग होगी और इसी दिन शाम को पांच बजे से मतगणना होगी और नतीजे जारी होंगे। 

OmTimes News : परम्परागत तरीके से गोरखपुर में निकली गई गोरक्षपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  विजयादशमी के अवसर पर पूर्व की भांति गोरखनाथ मंदिर से गोरखपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा रविवार की शाम श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से निकली। गाजे-बाजे की गूंज के बीच निकली शोभा यात्रा का लोगों ने भव्य स्वागत किया। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बंद गाड़ी में सवार होकर शोभायात्रा में शामिल हुए। गाड़ी के अंदर से ही सड़क के दोनों किनारे पर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
विजयादशमी के अवसर पर परंपरागत विजय शोभायात्रा की अगुवाई कर मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम का राजतिलक करने के बाद उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप की याद दिलाई और कहा कि उसी मर्यादा का पालन करके हम कोविड से जंग जीत सकते हैं और अपने सामान्य जन-जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 पर विजय पाने के लिए हमें ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ का पालन करना ही होगा क्योंकि हमें जान भी बचाना है और जहान भी। मानसरोवर रामलीला मैदान में रामलीला के मंचन की 100 वर्ष से चली परंपरा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस माध्यम से हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रहने में सफल हो सके हैं।.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि वह रामलीला के मंच को केवल वर्ष में एक बार होने वाली रामलीला तक न सिमटने दें, राष्ट्रीय पर्वों और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भी इन मंचों से आयोजन का सिलसिला जारी रखें। मुख्यमंत्री ने रामलीला मंचों से भजनों की शृंखला शुरू करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि रामलीला के मंच से वर्ष में कम से कम चार से छह कार्यक्रम अवश्य होने चाहिए। 
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान जैसे स्थलों को सुरक्षित और संरक्षित करने की चर्चा भी छेड़ी। कहा कि आध्यात्मिक विरासतों को सुरक्षित करने का कार्य निरंतर चल रहा है। ऐसे में अब किसी ऐसे स्थल पर कब्जा करना संभव नहीं हो सकेगा। आध्यात्मिक विरासतें बुरी नजरों से बची रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कोविड को देखते हुए दुर्गा पूजा को घरों के दायरे में रहकर मनाने को लेकर लोगों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसा करके हम पर्व की दिव्यता और भव्यता को भी कायम रखते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन भी कर सके हैं। 
सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि हम त्योहारों को ऐसे समय में मना रहे हैं जब दुनिया कोरोना महामारी के दौरा से गुजर रही है। कोरोना वायरस ने जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया है। जन और धन दोनों का व्यापक नुकसान हुआ है। इसने त्योहारों और कार्यक्रमों को भी प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान अयोध्या में जन्मभूमि पर हो रहे भव्य राममंदिर निर्माण की चर्चा भी छेड़ी। कहा कि  492 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद भव्य मंदिर का निर्माण संभव हो सका है और अयोध्या के माध्यम से देश की यश व कीर्ति पूरे विश्व में फैली है। इस चर्चा में उन्होंने राम मंदिर के लिए पीढ़ियों के संघर्ष को याद किया। साथ ही ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की महती भूमिका की भी चर्चा की।
इससे पहले विजय शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गाड़ी के पीछे एक रथ पर संत व पुजारी मौजूद रहे, जो काफिले को भव्यता प्रदान की। गोरखनाथ मंदिर से लेकर गंतव्य स्थान मानसरोवर मंदिर तक छतों पर खड़े लोग काफिले पर पुष्प वर्षा कर अपने काफिले का स्वागत किया। अनवरत गूंज रहे जयकारे के बीच धीरे-धीरे बढ़ती योगी की विजय शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंची, जहां उन्होंने पहले मंदिर में मौजूद देव-विग्रहों की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया और उसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया।
गोरखनाथ मंदिर से निकली योगी आदित्‍यनाथ की शोभायात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था काफी तगड़ी रही। गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर तक रास्ते में पड़ने वाले हर छत पर सिपाही तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा की सुरक्षा तीन जोन में बांट गया था। शोभायात्रा से एक घंटा पहले ड्रोन से रास्ते और छतों की निगरानी शुरू की गई। रथ के साथ एटीएस के कमांडो भी तैनात रहे। दोपहर दो बजे से शोभायात्रा समाप्त होने तक गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर पोखरा व रामलीला मैदान की तरफ भारी वाहनों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

OmTimes News : सेशेल्स के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए भारतवंशी रामकलावन , बिहार से जुड़ी हैं इनकी जड़ें

विक्टोरिया (ऊँ टाइम्स)  भारतवंशी वैवेल रामकलावन हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स के राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किए गए हैं। 43 साल बाद विपक्ष का कोई नेता सेशेल्स का राष्ट्रपति चुना गया है। कोरोना महामारी से ध्वस्त हो चुकी पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का संकल्प दोहराया है। रामकलावन की जड़ें बिहार से जुड़ी हैं। वह पादरी भी रह चुके हैं। सेशेल्स चुनाव आयोग के प्रमुख डैनी लुकास ने रविवार को कहा कि रामकलावन को 54 फीसद मत मिले हैं। उन्होंने डैनी फॉरे को मात दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने वैवेल रामकलावन को सेशेल्स का राष्ट्रपति निर्वाचित किए जाने पर बधाई दी। 
निवर्तमान राष्ट्रपति फॉरे को सिर्फ 43 फीसद मत ही हासिल हुए। पूर्वी अफ्रीकी देश सेशेल्स की आबादी एक लाख से कम है। राष्ट्रपति चुनाव में गुरुवार से शनिवार तक हुए मतदान में 75 फीसद लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सेशेल्स में 1977 के बाद पहली बार विपक्ष का कोई नेता राष्ट्रपति निर्वाचित हुआ है। फॉरे की यूनाइडेट सेशेल्स पार्टी पिछले 43 साल से सत्ता में थी। रामकलावन की पार्टी का नाम लिनयोन डेमोक्रेटिक सेसेलवा पार्टी है। 
रामकलावन ने फॉरे के साथ मिलकर काम करने का वादा किया है। आमतौर पर अफ्रीकी देशों में सत्ता का हस्तांतरण सामान्य तरीके से नहीं होता। जीत के बाद रामकलावन ने कहा, ‘फॉरे और मैं अच्छे दोस्त हैं। एक चुनाव का यह मतलब नहीं है कि अपनी मातृभूमि में किसी का योगदान खत्म हो जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘इस चुनाव में न कोई पराजित हुआ है और न कोई विजयी। यह हमारे देश की जीत है।’ रामकलावन जब विजयी भाषण दे रहे थे, तब फॉरे उनकी बगल में ही बैठे थे। 
रामकलावन के परदादा 130 साल पहले 1883 में बिहार के मोतीहारी जिले के परसौनी गांव से कलकत्ता (अब कोलकाता) होते हुए मारीशस पहुंचे थे। जहां वह गन्ने के खेत में काम करने लगे। कुछ समय बाद वह सेशेल्स चले गए थे। सेशेल्स में ही 1961 में रामकलावन का जन्म हुआ था। वर्ष 2018 में रामकलावन भारतवंशी (पीआइओ) सांसदों के पहले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए थे। तब वह अपने पूर्वजों के गांव परसौनी भी गए थे। उस समय वह सेशेल्स की संसद नेशनल असेंबली के सदस्य थे।

नेपाल के कई इलाकों की जमीनों पर चीन ने किया कब्‍जा, भारतीय खुफिया एजेंसियां हैं अलर्ट

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  बार्डर पर भारत के साथ आक्रामक रवैया अपनाने वाले चीन ने नेपाल की सीमा से सटे सात जिलों के कई इलाकों पर अवैध कब्जा कर लिया है। चीन की इस हिमाकत के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। एजेंसियों की मानें तो चीन अधिक से अधिक जमीन पर कब्‍जा करने की नीयत से नेपाल की सीमाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है!
एक आंतरिक खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की यह हरकत सीधे तौर पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है। असल में चीन नेपाल में भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के विस्तारवादी एजेंडे को ढाल देने की कोशिशें कर रहा है। रिपोर्ट में चीन की इस कोशिशों पर चुप्‍पी साधने वाले नेपाल के सर्वेक्षण विभाग के बारे में भी बात की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की नेपाल के जिन जिलों की जमीन हड़पने की योजना है उनमें दोलखा , गोरखा , दारचुला, हुमला , सिंधुपालचौक , संखुवासभा और रसुवा शामिल हैं। यही नहीं चीन नेपाल की ओर अंतर्राष्ट्रीय सीमा के भीतर दोलखा में 1,500 मीटर तक आगे बढ़ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के अतिक्रमण में दोलखा के कोरलंग क्षेत्र में सीमा स्तंभ संख्या 57 को धकेलना भी शामिल है। यह पहले कोरलंग के शीर्ष पर मौजूद था। दोलखा की तरह ही चीन ने गोरखा जिले में सीमा स्तंभ संख्या 35, 37 और 38 के साथ ही सोलुखुम्बु के नम्पा भंज्यांग में सीमा स्तंभ संख्या 62 में भी अतिक्रमण की कोशिश की है।
मीडिया की मानें तो पहले तीन स्तंभ रुई गांव और टॉम नदी के क्षेत्रों में मौजूद थे। नेपाल का आधिकारिक मानचित्र रुई गांव को नेपाली क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाता है। यही नहीं रुई गांव के लोग भी नेपाल सरकार को ही कर देते रहे हैं लेकिन चीन की चालबाजी देखिए कि उसने इस क्षेत्र पर कब्जा करके साल 2017 में इसे तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र साथ मिला दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई घर जो कभी नेपाल का हिस्सा हुआ करते थे अब चीन ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। हैरानी की बात यह है कि नेपाल का कृषि मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें चीन के जमीन हड़पने के कई मामलों का खुलासा किया गया है। यही नहीं मंत्रालय ने चार नेपाली जिलों के तहत आने वाले कम से कम 11 जगहों पर नेपाली भूमि पर चीन के कब्जे के बारे में सूचना दी है।
नेपाल के लोगों के लिए दुख की बात यह है कि देश के कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट में चीन की हड़प नीति का जिक्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चुप्‍पी साध रखी है। वहीं खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि नेपाल ने साल 2005 से ही चीन के साथ सीमा संबंधी मामले को उठाने से परहेज किया है। ऐसा लगता है कि नेपाल की सरकार चीन को अपनी जमीन वापस लेने से रोकना ही नहीं चाहती है

पानी की बर्बादी करने वालों को अब होगी 5 साल की सजा, लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पानी की बर्बादी करने वालों को अब सावधान रहने की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति और सरकारी संस्था यदि भूजल स्रोत से हासिल होने वाले पीने योग्य पानी (पोटेबल वाटर) की बर्बादी या बेवजह इस्तेमाल करता है तो यह एक दंडात्मक अपराध माना जाएगा। इससे पहले भारत में पानी की बर्बादी को लेकर दंड का कोई प्रावधान नहीं था। घरों की टंकियों के अलावा कई बार टैंकों से जगह-जगह पानी पहुंचाने वाली नागरिक संस्थाएं भी पानी की बर्बादी करती है। सीजीडब्ल्यूए के नए निर्देश के अनुसार पीने योग्य पानी का दुरुपयोग भारत में 1 लाख रुपये तक के जुर्माना और 5 साल तक की जेल की सजा के साथ दंडनीय अपराध होगा।
सीजीडब्ल्यूए ने पानी की बर्बादी और बेवजह इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 08 अक्तूबर, 2020 को पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 की धारा पांच की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्राधिकरणों और देश के सभी लोगों को संबोधित करते हुए अपने आदेश में कहा है कि इस आदेश के जारी होने की तारीख से संबंधित नागरिक निकाय जो कि राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में पानी आपूर्ति नेटवर्क को संभालती हैं और जिन्हें जल बोर्ड, जल निगम, वाटर वर्क्स डिपार्टमेंट, नगर निगम, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, पंचायत या किसी भी अन्य नाम से पुकारा जाता है, वो यह सुनिश्चित करेंगी कि भूजल से हासिल होने वाले पोटेबल वाटर यानी पीने योग्य पानी की बर्बादी और उसका बेजा इस्तेमाल नहीं होगा। इस आदेश का पालन करने के लिए सभी एक तंत्र विकसित करेंगी और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक उपाय किए जाएंगे। देश में कोई भी व्यक्ति भू-जल स्रोत से हासिल पीने योग्य पानी का बेवजह इस्तेमाल या बर्बादी नहीं कर सकता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजेंद्र त्यागी और गैर सरकारी संस्था फ्रैंड्स की ओर से बीते वर्ष 24 जुलाई, 2019 कोपानी की बर्बादी पर रोक लाने की मांग वाली याचिका पर पहली बार सुनवाई की थी। बहरहाल इसी मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय के बाद 15 अक्तूबर, 2020 के एनजीटी के आदेश का अनुपालन करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) ने आदेश जारी किया है।

OmTimes News : दुनियाभर में वायु प्रदूषण से गई 66 लाख से अधिक लोगों की जान, ग्‍लोबल एयर 2020 की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) जलवायु परिवर्तन के बीच लगातार बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्‍टेट ऑफ ग्‍लोबल एयर 2020 की रिपोर्ट में इसको लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण में लंबे समय तक बने रहना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। वर्ष 2019 में इसकी वजह से पूरी दुनिया में 66 लाख से अधिक मौतें हुई हैं। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में जिन चार कारणों की वजह से अधिकतर लोगों की मौत हुई उनमें से एक वायु प्रदूषण भी था। रिपोर्ट में कहा गया हे कि इस दौरान मौत का सबसे बड़ा कारण उच्च रक्तचाप, दूसरा कारण तंबाकू का सेवन, तीसरा कारण खराब आहार और चौथा प्रमुख कारण वायु प्रदूषण रहा। इतना ही नहीं, 2019 में बाहरी और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण भारत में स्ट्रोक, दिल का दौरा, मधुमेह, फेफड़ों के कैंसर, फेफड़ों की पुरानी बीमारियों और नवजात बच्चों में होने वाले रोगों से 16 लाख से अधिक मौतें हुई हैं।
स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर स्टडी के लेखकों का कहना है कि इंसान की सेहत पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बावजूद दुनिया के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बहुत कम या ना के बराबर प्रगति हुई है। इस शोध के मुताबिक भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल समेत दक्षिण एशियाई देश साल 2019 में पीएम 2.5 के उच्चतम स्तर के मामले में शीर्ष 10 में रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने वर्ष 2019 में नेशनल क्‍लीन एयर प्रोग्राम की शुरुआत की थी। लेकिन ये प्रोग्राम कई तरह के विवादों और कानूनी तामझाम की भेंट चढ़ गया। प्रदूषण कम करने की योजना के तहत अप्रैल 2020 में भारत सरकार ने वाहनों के लिए भारत स्‍टेज 6 की शुरुआत की। इसका असर आने वाले कुछ वर्षों में देखने को मिल सकता है। इस रिपोर्ट में वैश्विक महामारी कोविड-19 के भारत में प्रभाव के फलस्‍वरूप ये भी कहा है कि इसके पूरी तरह से लागू होने में कुछ समय और भी लग सकता है।
चीन में बढ़ते प्रदूषण पर टिप्‍पणी करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां पर वर्ष 2013 और 2017 में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पांच वर्षीय प्रोग्राम शुरू किया गया था। इसके अलावा 2010 और 2019 में भी इसके की साथ एक अन्‍य प्रोग्राम चलाया गया था, जिसकी बदौलत चीन अपने यहां पर करीब 30 फीसद तक प्रदूषण को कम कर पाया था। इसके साथ ही उसने कोयले के इस्‍तेमाल की जगह प्राकृतिक गैस का उपयोग शुरू किया। हालांकि रिपोर्ट में कोविड-19 की बदौलत यहां की अर्थव्‍यवस्‍था में जो गिरावट आई है उसकी वजह से प्रदूषण के दोबारा बढ़ने की आशंका जताई गई है।
पाकिस्‍तान का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पर सरकार की विभिन्‍न एजेंसियों में इसको कम करने को लेकर किसी भी तरह का कोई तालमेल दिखाई नहीं देता है। ये हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट इसको लेकर बार बार चेतावनी दे रहा है। खेतों में पराली जलाए जाने, वाहनों से निकलते जहरीले धुएं को कम करने, कम प्रदूषण के लिए उच्‍च मापदंड के वाहनों का इस्‍तेमाल करने जैसी किसी भी उपाय का इस्‍तेमाल नहीं किया जा रहा है।
इस रिपोर्ट में विकासशील देशों की श्रेणी में सबसे निचले पायदान पर आने वाले देशों के बारे में कहा गया है कि यहां की हवा सबसे अधिक प्रदुषित है। इनमें ज्‍यादातर देश अफ्रीका महाद्वीप के हैं। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2019 में भारत और उप-सहारा अफ्रीका में पैदा हुए लाखों नवजात शिशुओं में से ज्यादातर की मौत प्रदूषण के कारण हुई। इसमें इसकी बड़ी वजह खाना पकाने में इस्‍तेमाल हुए ईंधन से निकले धुएं को बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान करीब 4,76,000 नवजात शिशुओं की मौत का कारण वायु प्रदूषण बना। ग्लोबल एयर स्टडी के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से हुई कुल मौतों में से दो तिहाई मौतों का कारण खराब गुणवत्ता वाला ईंधन था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान उप-सहारा क्षेत्र में करीब 2,36,000 शिशुओं और भारत में करीब 1,16,000 से अधिक शिशुओं की मौत इसी वजह से हुई। पाकिस्‍तान में इसकी वजह से 50,000 नवजात शिशुओं की मौत हुई है।
इस रिपोर्ट में नवजात या गर्भ में पल रहे शिशुओं को लेकर भी एक खुलासा किया गया है। इसके मुताबिक प्रदूषण के खतरनाक स्‍तर पर होने और इसके संपर्क में लबे समय तक बने रहने की वजह से गर्भ में पल रहे शिशु आमतौर पर अपरिपक्‍व के तौर पर पैदा होते हैं। इससे उनकी जिंदगी को खतरा भी अधिक होता है। ऐसे में यदि वो जिंदा रह भी जाते हैं तो इसका असर उनके शरीर पर साफतौर पर दिखाई देता है। इस रिपोर्ट में 64 फीसदी मौतों की वजह घरेलू वायु प्रदूषण बताया गया है। 

OmTimes News : यूपी की योगी सरकार श्रमिकों को भ्रमण और तीर्थ के लिए देगी आर्थिक मदद, साथ ही बेटियों को किताबों के लिए मिलेंगे 7,500

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स )  कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में मजदूर और उनके परिवारों को आर्थिक मदद देने वाली योगी सरकार ने उनके लिए कुछ और मदद का फैसला यूपी सरकार ने लिया है। श्रमिकों को भ्रमण-तीर्थ, उनकी उच्च शिक्षा ले रही बेटियों को किताबें और खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए श्रम कल्याण परिषद की तीन योजनाएं जल्द लागू होने जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद की बैठक बुधवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रम सुरेश चंद्रा ने तीन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। मुख्य सचिव बताया कि श्रमिकों को धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना के तहत 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना को आइसीटीसीआर या पर्यटन विभाग की किसी अन्य योजना के माध्यम से चलाया जाएगा।
निर्णय लिया गया कि महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय आर्थिक सहायता योजना के तहत कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की उच्च शिक्षा में अध्ययनरत बेटियों को किताबें खरीदने के लिए 7500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देगी। इसमें जिला स्तर पर चयन होने पर 10 हजार रुपये, राज्य स्तर पर 25 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपये और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है।
मुख्य सचिव ने लाभार्थियों के चयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में क्षेत्रीय उप श्रमायुक्त और जिला खेल अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

OmTimes News : प्रधान मंत्री मोदी ने कहा, जब तक वैक्‍सीन नहीं आती, तब तक कोरोना से जंग जारी रहेगी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बदलते मौसम और ठंड के साथ बढ़ते प्रदूषण में कोरोना संक्रमण की आशंका के बावजूद बेखौफ और बेपरवाह होते लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सचेत कर दिया है। मंगलवार को देश के नाम संबोधन में उन्होंने अमेरिका, ब्राजील और यूरोपीय देशों का हवाला देते हुए सचेत किया कि तब तक निश्चिंत नहीं होना है जब तक कोरोना की वैक्सीन या दवा न आ जाए। उन्होंने कहा- ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।’
प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर सुबह से देश की नजरें टिकी थीं। तरह तरह की अटकलों का बाजार भी गर्म था। लेकिन प्रधानमंत्री ने खुद को कोरोना के प्रति जागरुकता तक सीमित रखा। ध्यान रहे कि कुछ दिन पहले ही सरकार के स्तर पर जागरुकता अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत 95 करोड़ लोगों तक पहुंचने की योजना है।
संभवत: इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने छोटा लेकिन अहम संदेश देते हुए कहा- हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि लॉकडाउन भले ही चला गया हो, लेकिन वायरस नही गया है। कई वीडियो में दिखता है कि लोगों ने सतर्कता कम कर दी है जो परिवार के लिए खतरा है।’ कांग्रेस नेताओं की ओर से लग रहे आरोपों का परोक्ष जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के सहारे कहा कि भारत में प्रति 10 लाख लोगों में पांच हजार लोगों को कोरोना हुआ है, जबकि अमेरिका और ब्राजील जैसे देशो में 25 हजार है। भारत में प्रति 10 लाख लोगों में 83 मृत्यु हुई है। जबकि अमेरिका ब्राजील ब्रिटेन जैसे देशों में यह 600 के पास है।
कई सुविधा संपन्न देशों की तुलना में भारत ज्यादा-से ज्यादा लोगों को बचाने में सफल रहा है। अभी भी देश में 90 लाख से अधिक बेड की सुविधा उपलब्ध है। वैक्सीन पर देश विदेश में बहुत काम हो रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वैक्सीन जब भी आएगी, प्रत्येक भारतीय तक पुहंचगी। इसकी तैयारी जारी है। लेकिन उससे पहले सावधानी जरूरी है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है,  हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है। जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाना  और सतर्कता ये दोनो साथ साथ  चलेंगे तभी जीवन में ख़ुशियाँ बनी रहेंगी। दो गज की दूरी,  समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना  और  मास्क का ध्यान रखिए।
दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अक्सर अपने ट्वीट में आंकड़े पेश करते हैं। प्रधानमंत्री ने भी आंकड़ा दे दिया। वहीं दो दिन पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान से कहा था कि पाकिस्‍तान में भारत के मुकाबले ज्यादा अच्छा कोरोना प्रबंधन हुआ है।
कोरोना के संकट को कम मानकर लापरवाही करने वालों को समझाते हुए पीएम मोदी ने रामचरित मानस की एक पंक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘रिपु रुज पावक पाप, प्रभु अहि गनिअ न छोट करि।’ यह पंक्ति अरण्यकांड की है। इसमें बताया गया है कि शत्रु, रोग, अग्नि और पाप को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

बिहार से ऐसी सूचना सामने आ रही है कि जहां चुनावी उत्साह में लोग कोरोना से बचाव के तौर तरीकों को ताक पर रख रहे हैं। लापरवाही को लेकर वैज्ञानिकों की ओर से भी आगाह किया गया है। हालांकि यह उत्साहव‌र्द्धक है कि मंगलवार को पिछले तीन महीने में पहली बार देश का प्रतिदिन कोरोना आंकड़ा घटकर 50 हजार के पास पहुंच गया है। लेकिन इसके कारण होने वाली लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्‍टर्स,  नर्स, हेल्‍थ वर्कर्स  इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है। हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें,  वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। ये ठीक नहीं है। 

OmTimes News : राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित इंस्पेक्टर पर आतंकियों ने बरसाई गोलियां

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  आतंकियों ने फिर कायरतापूर्ण हरकत करते हुए दक्षिण कश्मीर के चंदपोरा (अनंतनाग) में सोमवार को मस्जिद में नमाज पढ़कर बाहर निकले एक निहत्थे पुलिस इंस्पेक्टर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई। आतंकियों के इस हमले में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित जांबाज इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट वीरगति को प्राप्‍त हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ (द रसिस्टेंस फ्रंट) ने ली है। इंस्पेक्टर बट जल्द ही उपाधीक्षक पद पर पदोन्नत होने वाले थे।
पुलवामा के लिथरपोरा में स्थित पुलिस के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में तैनात मुहम्मद अशरफ कुछ दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। वह सोमवार शाम नमाज अदा करने के लिए घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद में गए थे। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकलकर अपने घर की तरफ बढ़े ही थे कि अचानक आए आतंकियों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं। अशरफ वहीं गिर पड़े। वारदात को अंजाम दे आतंकी भाग निकले। सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट ने आतंक विरोधी कई अभियानों में हिस्सा लिया था। कुपवाड़ा में 2019 के दौरान थाना प्रभारी रहते उन्होंने जिले में कई नामी आतंकियों को मार गिराने और उनके ओवरग्राउंड वर्करों को पकड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।.
शहीद इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट को देर शाम जिला पुलिस लाइन में अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआइजी दक्षिण कश्मीर रेंज अतुल कुमार गोयल, एसएसपी अनंतनाग, एसएसपी पुलवामा और एसएसपी अवंतीपोर समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र और फूलमालाएं भेंट कीं। इसके बाद तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके पैतृक गांव चंदपोरा में उसके परिजनों के पास ले जाया गया।

सोमवार सुबह पुलवामा जिले के गंगू इलाके में सुरक्षा बलों का एक दल नियमित गश्त पर पर था। गंगू गांव के बाहरी छोर पर एक बाग में छिपे आतंकियों ने इस दल पर हमला कर दिया। इसमें सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। अन्य जवानों ने उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाते हुए आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद करीब 25 मिनट तक मुठभेड़ चली। इसी दौरान आतंकी भाग गए। देर रात तक तलाशी अभियान जारी था। 

OmTimes News : ब्रह्म सेना प्रकोष्ठ सिद्धार्थनगर के जिला अध्यक्ष बनाये गये अविनाश द्विवेदी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार अविनाश द्विवेदी को अखिल विश्व ब्राम्हण हिंदुत्वशक्ति मोर्चा द्वारा ब्रह्म सेना प्रकोष्ठ सिद्धार्थनगर का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया है! यह मनोनयन पूर्वांचल अध्यक्ष संजयन मिश्रा उर्फ सनी मिश्र की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष संगम तिवारी द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष शेषधर पांडेय के आशीर्वाद से किया गया है! अविनाश द्विवेदी को सिद्धार्थनगर जिले का जिलाध्यक्ष मनोनीत किये पर दीपक मिश्रा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित अनेक लोगों ने हार्दिक बधाई दिया है! आपको बतादें कि यह संठन सरकार द्वारा नई दिल्ली से पंजीकृत है!

OmTimes News : स्मारक घोटाले में महंगे पत्थर खरीद के नाम पर सरकार को लगाया 1400 करोड़ का चूना, चार्जसीट दाखिल

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) बसपा सरकार के बहुचर्चित स्मारक घोटाले में विजिलेंस ने खनन निदेशालय के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारुखी सहित छह आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। इस मामले में बीएसपी सरकार में माया के सबसे करीबी मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी आरोपी हैं।
इन पर आरोप है कि सभी ने खुद को और दूसरों करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए मिलीभगत कर मनमाने ढंग से मीरजापुर सैंड स्टोन पत्थरों की दरें तय करके आपूर्ति करवाई और करोड़ों रुपये का हेरफेर किया। दाम ज्यादा दिखाने के लिए पत्थरों की खरीद कहीं से हुई, कटान कहीं हुई और सप्लाई कहीं और से की गई।
इससे सरकार के राजस्व और खजाने को काफी नुकसान हुआ। जिलेंस के सूत्रों के मुताबिक शनिवार को लखनऊ स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारुखी, उप्र राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन इकाई प्रभारी अजय कुमार, एसके त्यागी, होशियार सिंह के अलावा कंसोर्टियम प्रमुख पन्ना लाल यादव व अशोक सिंह को आरोपित ठहराया गया है। इन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
लोकायुक्त ने इस घोटाले के लिए 199 लोगों को जिम्मेदार बताया था। इसमें एक विधायक, दो पूर्व विधायक, खनन विभाग के पांच अधिकारी, राजकीय निर्माण निगम के 57 इंजिनियर व 37 लेखाकार, एलडीए के पांच इंजिनियर, पत्थरों की आपूर्ति करने वाली 60 फर्में व 20 कंसोर्टियम प्रमुख, दो वकील और आठ बिचौलियों के नाम सामने आए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में नसीमुद्दीन व कुशवाहा से घोटाले की राशि का 30 प्रतिशत, सीपी सिंह से 15 और फारुखी से 5 प्रतिशत वसूली की सिफारिश की थी। पत्थरों की आपूर्ति करने वाली 60 फर्मों और 20 कंसोर्टियम से भी वसूली की सिफारिश की गई थी।

OmTimes News : अंतरिक्ष में रॉकेट और सेटेलाइट का टुकड़ा टकराने से बाल-बाल बचा , स्पेस में टला बड़ा हादसा

न्यूयॉर्क / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अंतरिक्ष के क्षेत्र से एक राहत भरी की खबर सामने आई है। अंतरिक्ष में मलबे के तौर पर पड़ी रूसी सेटेलाइट और एक निष्क्रिय चीनी रॉकेट के बीच संभावित टक्कर का खतरा टल गया है। स्पेस जंक को ट्रैक करने वाली कैलिफोर्निया की कंपनी लियोलैब्स ने आशंका जताई थी कि इन दो ऑब्जेक्ट्स की टक्कर होने पर कई सेटेलाइट्स को नुकसान पहुंच सकता है।
लियोलैब्स ने कहा कि रूसी सेटेलाइट और निष्क्रिय चीनी रॉकेट का संयुक्त द्रव्यमान लगभग 2800 किलोग्राम था। स्पेस डॉट कॉम ने बताया कि यदि दोनों ऑब्जेक्ट्स की आपस में टक्कर हो जाती तो मलबे का एक विशाल बादल पैदा हो गया होता। क्योंकि वे 52950 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ एक-दूसरे की तरफ बढ़ रहे थे। शुक्रवार को 1256 जीएमटी पर दोनों ऑब्जेक्ट्स एक-दूसरे के काफी करीब थे।
गनीमत रहा कि यह आपस में टकराए नहीं। दोनों ऑब्जेक्ट्स को कॉस्मोस 2004 और सीजेड-4सी आर/बी नाम दिया गया था। लियोलैब्स ने अपने एक ट्वीट में जानकारी दी है कि उनके हालिया डाटा यह पुष्टि करते हैं कि कॉस्मोस 2004 अभी भी बरकरार है। कंपनी ने बताया कि वह इस पर नजर बनाए हुए है और भविष्य के जोखिम पर जानकारी साझा करती रहेगी। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से अंतरिक्ष मलबे पर जारी की गई एक रिपोर्ट का अनुमान है कि वर्तमान में अंतरिक्ष में एक 10 सेंटीमीटर से बड़ी 34000 वस्तुएं मलबे के रूप में घूम रही हैं।
दुनिया का पहला कृत्रिम उपग्रह स्पिुनिक-1 1957 में लांच किया गया था। इसके बाद से विभिन्न देशों की ओर से कई हजारों उपग्रह भी भेजे जा चुके हैं। दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां ऐसे मलबे पर नजर भी रखती हैं। फिर भी इनकी बढ़ती तादाद को देखते हुए इन्हें ट्रैक करना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यदि यह मलबा आपस में टकराता है तो इससे अंतरिक्ष में स्थापित सेटेलाइ्टस को क्षति पहुंच सकती है।
अंतरिक्ष का मलबा यानी स्पेस जंक से तात्पर्य यह है कि कुछ ऐसा अवशेष जो नष्ट हो गया हो या टूट गया हो। इसमें खंडित और पुराने उपग्रहों और रॉकेट के अवशेषों को शामिल किया जाता है। ये अवशेष पृथ्वी की कक्षा में गुरुत्वाकर्षण बल के कारण घूमते रहते हैं और एक-दूसरे से टकराते रहते हैं तथा मलबे पैदा करते हैं। इनकी संख्या अंतरिक्ष में दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

OmTimes News : इस्लामिक बैकिंग घोटाला मामले में आइजी समेत 28 पर सीबीआई का चार्जशीट

बेंगलुरु ( ऊँ टाइम्स)  इस्लामिक नियमों के हिसाब से निवेश करने का झांसा देकर किए गए 4,000 करोड़ रुपये के आइ-मोनेटरी एडवाइजरी बैंकिंग घोटाले में सीबीआइ ने शनिवार को 28 आरोपितों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपितों में आइजी हेमंत निंबालकर और एसपी अजय हिलोरी जैसे वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीआइ का आरोप है कि कर्नाटक सरकार के राजस्व अधिकारियों के साथ इन अधिकारियों ने आइएमए के खिलाफ प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों पर अपनी पूछताछ और जांच-पड़ताल बंद कर दी थी। 
आप को बतादे कि कंपनी के नाम में ‘आइ’ परिभाषित नहीं है, लेकिन इसका आशय ‘इस्लामिक’ माना जाता है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में सीबीआइ ने आइएमए के प्रबंध निदेशक मुहम्मद मंसूर खान और बेंगलुरु नॉर्थ सब डिवीजन के तत्कालीन सहायक आयुक्त एलसी नागराज सहित अन्य को भी आरोपित बनाया है। 
इनके अलावा, तत्कालीन डीएसपी (सीआइडी) ईबी श्रीधर, कॉमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने के तत्कालीन एसएचओ एम. रमेश और थाने के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर पी. गौरीशंकर को भी आरोपित बनाया गया है। रिजर्व बैंक और आयकर विभाग द्वारा चेताए जाने के बावजूद आइएमए जब गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त थी तब निंबालकर सीआइडी की आर्थिक अपराध शाखा में आइजी और हिलोरी बेंगलुरु पूर्व के पुलिस उपायुक्त के रूप में पदस्थ थे। 

आरोपियों को दे दी थी क्‍लीन चिट – आइएमए का मुख्यालय कॉमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में ही आता है। सीबीआइ ने आइएमए के निदेशकों निजामुद्दीन, नसीर हुसैन, नवीद अहमद, वसीम, अरशद खान और अफसर पाशा को भी आरोपित किया है। सीबीआइ प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा, आरोपितों ने कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई नहीं की बल्कि इसके बजाय क्लीन चिट दे दी और कहा कि उक्त निजी कंपनी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं थी। 
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त कंपनी की अवैध गतिविधियां बेरोकटोक जारी थीं और हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए थे। जांच एजेंसी ने पाया कि आरोपित पुलिस अधिकारियों ने इस वित्तीय धोखाधड़ी के लिए कथित रूप से रिश्वत ली थी। बता दें कि सीबीआइ इस मामले में इससे पहले दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। शुरुआत में राज्य पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही थी, लेकिन बाद में जांच सीबीआइ को सौंप दी गई थी।
यह घोटाला 2018 में सामने आया था जिसमें कंपनी ज्यादा ब्याज का लालच देकर मासिक योजना, शिक्षा योजना, विवाह योजना जैसी विभिन्न पोंजी योजनाओं के लिए गैरकानूनी तरीके से लोगों से धन एकत्रित कर रही थी। जब रिटर्न देने का समय आया तो मंसूर खान दुबई फरार हो गया था। उसे पिछले साल 19 जुलाई को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।

OmTimes News : बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा फैसला

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है। न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तरुण बत्रा मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलट दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि परिवार की साझा संपत्ति और रिहायशी घर में भी घरेलू हिंसा की शिकार पत्नी को हक मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत दिए अपने फैसले में साफ कहा है कि पीड़ित पत्नी को अपने ससुराल की पैतृक और साझा संपत्ति यानी घर में रहने का कानूनी अधिकार होगा। पति की अर्जित की हुए संपत्ति यानि अलग से बनाए हुए घर पर तो अधिकार होगा ही। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में घरेलू हिंसा कानून 2005 का हवाला देते हुए कई बातें स्पष्ट की है।
पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दो सदस्यीय पीठ के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब भी दिए।पीठ ने यह फैसला साल 2006 के एसआर बत्रा और अन्य बनाम तरुण बत्रा के मामले की सुनवाई करते हुए सुनाया।
गौरतलब हो कि तरुण बत्रा मामले में दो जजों की पीठ ने कहा था कि कानून में बेटियां, अपने पति के माता-पिता के स्वामित्व वाली संपत्ति में नहीं रह सकती हैं। अब तीन सदस्यीय पीठ ने तरुण बत्रा के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पति की अलग-अलग संपत्ति में ही नहीं, बल्कि साझा घर में भी बहू का अधिकार है।
आप को मालूम हो कि पहले दो सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि एक पत्नी के पास केवल अपने पति की संपत्ति पर अधिकार होता है. तरुण बत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निधि गुप्ता ने ने दलील पेश की। उन्होंने कहा कि अगर बहू संयुक्त परिवार की संपत्ति है, तो मामले की समग्रता को देखने की जरूरत है। साथ ही उसे घर में निवास करने का अधिकार है। इसके बाद अदालत ने दलील को स्वीकार कर लिया।

OmTimes News : जिनके मोबाइल में आयोग्य सेतु ऐप होगा उसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश, संस्कृति मंत्रालय ने जारी किया नया दिशा-निर्देश

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) संस्कृति और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर केंद्र सरकार ने नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत ऐसे में कार्यक्रमों में सिर्फ उन्ही को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जिनके मोबाइल में आरोग्य सेतु एेप होगा, और वह भी ग्रीन होगा। इनमें कलाकार और दर्शक दोनों ही शामिल होंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के मास्क पहनना जरूरी होगा। साथ ही कार्यक्रम में सभी के लिए दो गज की दूरी जरूरी होगी।
संस्कृति मंत्रालय ने गुरूवार को यह दिशा-निर्देश उस समय जारी किए है, जब गृह मंत्रालय के हाल दिए गए अपने निर्देश में सिनेमा, थियेटर सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को 15 अक्टूबर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस बीच मंत्रालय ने जारी अपने दिशा-निर्देशों में स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के निर्देशों को पालन करने के भी निर्देश दिए है।
मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के कंटेनमेंट जोन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक जारी रहेगी। आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि वह सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराएं। यदि आयोजन खुली जगह में हो रहा है तो वहां शारीरिक दूरी बनानी होगी। किसी हॉल में आयोजन होने की दशा में क्षमता का 50 फीसद ही लोगों को शामिल होने की इजाजत होगा!

लोगों को थर्मल जांच के बाद ही कार्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। सभी को फेस मास्‍क लगाना, हेंड वॉश या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल अनिवार्य होगा। बिना मास्क के एंट्री नहीं मिलेगी। सीटों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी होगी। कार्यक्रम स्थल के प्रवेश और निकास द्वार पर हैंड सैनेटाइजर की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल पर थूकने की मनाही होगी। हॉल के भीतर एसी का तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटिग्रेट पर नियंत्रित होना चाहिए। यही नहीं हॉल में क्रॉस वेंटिलेशन भी होना जरूरी है!
गाइडलाइन में कहा गया है कि प्रस्‍तुति के पहले और बाद में स्‍टेज सेनेटाइज किया जाना चाहिए। आयोजक सामानों को कम से कम कॉन्टैक्ट में लाएं। कलाकारों के सामान भी सेनेटाइज होने चाहिए। क्रू मेंबर और कलाकारों को पैक्ड फूड ही दिया जाएगा। बेहतर होगा कि कलाकार घर से लाया खाना खाएं। ऑडिटोरियम में खाना पीना सर्व नहीं किया जा सकता है। यही नहीं कैफेटेरिया में भीड़ नहीं होनी चाहिए और वहां बैठे लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। आयोजन स्‍थल पर डस्टबिन होना जरूरी है। 

OmTimes News : यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने शोहदों व दुराचारियों के खिलाफ चालू किया महाअभियान

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में शोहदों और दुराचारियों के विरुद्ध महाभियान छेड़ने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि महिलाओं, बेटियों, नाबालिग बच्चों और अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अपराध करने वालों का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि वह गले मे तख्ती लटकाकर माफी मांगते फिरें या प्रदेश छोड़कर भाग जाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे ‘मिशन शक्ति के पहले चरण में नौ दिनों तक हर थाने में ऐसे असामाजिक तत्वों की सूची बनाएं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखें। विजयादशमी के ठीक बाद इन पर कार्रवाई का अभियान शुरू करें। इनके परिवारीजन से इनकी कारस्तानी बताते हुए इनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसी कार्रवाईयों की दैनिक रिपोर्टिंग हो और शासन स्तर पर इसकी समीक्षा हो। घोषित दुराचारियों की चौराहों पर फोटो भी लगाएं।

नवरात्र, दशहरा, दीपावली सहित आगामी त्योहारों के दृष्टिगत बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तैयारियों का जायजा ले रहे थे। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जनपदीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, धर्म गुरु अथवा किसी जनप्रतिनिधि के साथ हुए अपराध की गम्भीरता और संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासन के अधिकारी विशेष ध्यान दें। इसमें लापरवाही न हो।
हालिया कतिपय आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग को सक्रियता, तत्परता, संवेदनशीलता और कठोरता की नीति अपनाने का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अधिकारी त्वरित, प्रभावी और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना के बाद तुरंत मौके पर पहुंचे। अफवाहबाजों से सख्ती से निपटें और सही तथ्य से जनता को अवगत कराएं, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न फैले। देर से हुई कार्रवाई कभी सही नहीं कही जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहार के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासन सतर्क रहे। रामलीला व दुर्गा पंडालों पर महिला पुलिस कर्मी सादे वर्दी में तैनात रहें। ड्रोन से निगरानी हो।
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि थाना स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों में अब पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होगी। किसी माफिया या अपराधी के साथ किसी अधिकारी की संलिप्तता मिली तो उस अधिकारी के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई होगी, जो नजीर बनेगी। वन माफिया, पशु माफिया, खनन माफिया, ठेका माफिया, दंगा माफिया और इनको प्रश्रय देने वालों पर पूरी सख्ती से निपटें। जीरो टॉलरेंस की नीति जमीन पर साफ दिखनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के विस्तृत प्रभाव को देखते सतर्कता बरतें।
जनप्रतिनिधियों को डीएम व एसपी स्वयं फोन करें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी की अनुशासित पुलिस फोर्स को अनुशासन हीन फोर्स के रूप में बदनाम करने की कुछ लोगों की मंशा है। ऐसे लोगों की कुत्सित प्रयास कतई सफल नहीं होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को डीएम व एसपी स्वयं फोन करें। हर कार्यक्रम की सूचना उन्हें जरूर दें। शासन के सभी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खनन का कार्य शुरू हो गया है। शुचिता बनी रहे। अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इसकी जवाबदेही डीएम और एसपी की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गिट्टी, मोरम के रेट न बढ़ें।

तेलंगाना और आंध्र में बारिश से 25 लोगों की हुई मौत, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को दिया हर मदद का भरोसा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश ने लोगों पर जमकर कहर बरपाया है। दोनों राज्यों में लगभग 25 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 15 मौतें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हुई हैं। आंध्र प्रदेश में 10 लोगों की जान गई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी से बात किया!

लखनऊ व‍िधान सभा भवन के बाहर खुद को आग के हवाले करने वाली महिला की हो गई मौत

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  महाराजगंज निवासी जिस अंजल‍ि नामक महिला ने मंगलवार को विधानभवन के पास खुद को आग के हवाले किया था, उसकी बुधवार शाम को इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में मौत हो गई। शाम सवा सात बजे के करीब सिविल अस्पताल के डॉक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद ही महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर सीएमएस डॉ एसके नंदा ने महिला के 90 प्रतिशत जलने की बात कहते हुये उसकी हालत बेहद नाजुक बताई थी ! विधान सभा भवन के पास मंगलवार को महाराजगंज निवासी अंजलि तिवारी उर्फ आयशा को आत्मदाह के लिये राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्व. सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक प्रसाद ने उकसाया था, तभी उसने केरोसिन उड़ेलकर खुद को आग के हवाले कर दिया। आलोक महाराजगंज में अंजलि का पड़ोसी है और यहां गोमतीनगर में भी उसका मकान है, वहीं से उसे मंगलवार रात लखनऊ पुलिस ने हिरासत में लिया था। एसपी महाराजगंज ने लखनऊ पुलिस को आलोक प्रसाद के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) में भी आलोक की ओर से अंजलि को कई बार फोन के प्रमाण मिले हैं। इसी आधार पर आलोक प्रसाद व अन्य अज्ञात के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत आइपीसी की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। काश उक्त महिला की शिकायत का समाधान हो गया होता तो शायद उस महिला ने यह कदम नहीं उठाया होता!

सपा के मुलायम सिंह यादव हुए कोरोना पांजिटिव, पत्नी सहित मेदांता अस्पताल में भर्ती

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कोरोना र‍िपोर्ट पॉजिटिव आई है। कल दोपहर उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनको लेकर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल गए थे, जहां जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिले। अखिलेश यादव उपचुनाव को लेकर प्रदेश कार्यालय में चल रही मीटिंग को छोड़ अचानक मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे थे। मेदांंता अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने बताया क‍ि उन्‍हें सांस लेने में द‍िक्‍कत हो रही थी, ज‍िसके बाद उन्‍हें यहां लाया गया था। मुलायम स‍िंंह यादव की कोरोना जांच कराई गई, ज‍िसमें उनकी र‍िपोर्ट पॉज‍िट‍िव आई है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव प‍िछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं। इस कारण उन्‍हें कई बार अस्‍पातल में भी भर्ती करवाया जा चुका है। 
समाजवादी पार्टी के संरक्षक व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं उनकी पत्नी साधना को मेदांता अस्पताल में बुधवार रात लगभग साढ़े नौ बजे भर्ती कराया गया है। दोनों कोरोना पाजिटिव हैं। इनके तीन घरेलू सहायकों को भी भर्ती कराया गया है। वे भी कोरोना पाजिटिव हैं। सीनियर फिजिशियन डा. सुशीला कटारिया की देखरेख में सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  ट्वीट कर कहा कि
माननीय नेताजी का स्वास्थ्य स्थिर है। आज कोरोना पॉज़िटिव होने पर गुड़गांव के मेदांता में उन्हें स्वास्थ्य-लाभ के लिए भर्ती कराया था। हम वरिष्ठ डॉक्टरों के निरंतर संपर्क में हैं और समय-समय पर सूचित करते रहेंगे!
‘समाजवादी पार्टी संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के उपरांत चिकित्सकों की देख रेख जारी है। फिलहाल उनमें कोरोना के एक भी लक्षण नहीं हैं।
आप को बता दें क‍ि यूपी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार और तेज हो गई है। बुधवार को प्रदेश का रिकवरी रेट 90.24 फीसद पहुंच गया। अब तक मिले कुल 4.45 लाख रोगियों में से चार लाख से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 2,778 नए रोगी मिले और इससे ज्यादा 3,736 मरीज स्वस्थ हुए। वहीं 41 और लोगों की मौत के साथ अब तक कुल 6,507 लोगों की जान यह खतरनाक वायरस ले चुका है। अब एक्टिव केस घटकर 36,898 रह गए हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 26 दिनों में 31,337 एक्टिव केस घटे हैं। 17 सितंबर को एक्टिव केस पीक पर थे और इनकी संख्या 68,235 पहुंच गई थी, मगर इसके बाद से लगातार इसमें कमी आ रही है। प्रदेश में अब तक 13.33 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 

दूसरी बार राष्‍ट्रपति बनने का ख्‍वाब संजाए ट्रंप का क्या है कमजोर और मजबूत पक्ष, जानिए

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, चुनावी शोर भी बढ़ने लगा है। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कोविड-19 से संक्रमित होने और ठीक होने के बाद दोबार चुनावी मैदान में आ गए हैं। वहीं उनके प्रतिद्वंदी डेमोक्रेट पार्टी के जो बिडेन लगातार रैलियां कर अपने समर्थन में वोट मांग रहे हैं। दोनों ही इस चुनाव में अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि, दोनों के ही कुछ मजबूत तो कुछ कमजोर पक्ष हैं। आज हम दोनों के इन्‍हीं पक्ष के बारे में आपको जानकारी देंगे। 
   राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मजबूती- ट्रंप ने अपनी छवि एक वैश्विक नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। इस चुनाव में वो लगातार पूरी दुनिया में उनके द्वारा किए गए शांति और विकास प्रयासों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्‍तर कोरिया के साथ संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की बदौलत भी उनकी इस छवि को बल मिला है। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने न सिर्फ उत्‍तर कोरिया के तानाशाह को अपना दोस्‍त बताया था बल्कि उनसे तीन बार मुलाकात तक की। वो पहले ऐसे राष्‍ट्रपति भी हैं जो पद पर रहते हुए उत्‍तर कोरिया की सीमा के अंदर गए और किम से हाथ मिलाया। उनके इन्‍हीं प्रयासों की बदौलत कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बहाली की उम्‍मीद जगने लगी थी। उनके प्रयासों की बदौलत उत्‍तर और दक्षिण कोरिया में भी संबंध बेहतर हुए थे।.
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में अमेरिका फर्स्‍ट और अमेरिकन फर्स्‍ट का नारा दिया। वो शुरुआत से ही कहते आए हैं कि अमेरिका में पैदा होने वाली नौकरियों पर पहला हक वहां के लोगों का है। यही वजह है कि उन्‍होंने वीजा नियमों को कड़ा किया, जिससे अधिक से अधिक नौकरियां वहां के नागरिकों को मिल सकें।अफगानिस्‍तान से अपनी सेना की वापसी को लेकर ट्रंप ने जो कदम बढ़ाया है उससे वहां पर वर्षों से तैनात सुरक्षाबलों को राहत जरूर मिली है। इस वापसी को सुनिश्चित बनाने के लिए उन्‍होंने अफगानिस्‍तान में न सिर्फ तालिबान से शांतवार्ता की बल्कि उनके साथ समझौता भी किया। इस शांतिवार्ता के अगले दौर में अब तालिबान और अफगानिस्‍तान की सरकार अमेरिका की मध्‍यस्‍थता में बातचीत कर रही है।
ट्रंप ने इंडो पेसेफिक पॉलिसी की शुरुआत की जिसमें भारत को तवज्‍जो मिली। इसकी वजह से भारत का एशिया में कद और बढ़ गया। चीन के बढ़ते कदमा को रोकने की कोशिश के मद्देनजर उन्‍होंने भारत के रुख का समर्थन किया। इसकी वजह से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में उनकी छवि काफी बेहतर हुई। यही वजह है कि डेमोक्रेट का पारंपरिक भारतीय वोट अब बंटा हुआ दिखाई दे रहा है।

ट्रंप की कमजोरी- ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका में सबसे अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। कोविड-19 की ही वजह से लाखों लोगों की जॉब छिन गई है। इन लोगों ने सरकार द्वारा बेरोजगारों को दी जाने वाली आर्थिक मदद के लिए अपना नाम रजिस्‍टर्ड करवाया है।
ट्रंप के कार्यकल में नस्‍लभेद की भी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी वजह से लोगों में ट्रंप के प्रति काफी रोष है। इसी वर्ष में एक अश्‍वेत नागरिक की पुलिस की मार की वजह से जान चली गई थी जबकि दूसरे को पुलिसकर्मियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद गंभीर हालत में अस्‍पताल भर्ती कराया गया था। इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिका के कई राज्‍यों में प्रदर्शन हुए थे।अमेरिका कोविड-19 के मामलों में काफी समय से दुनिया के देशों में शीर्ष पर बना हुआ है। कोविड-19 को लेकर बनने वाली वैक्‍सीन को लेकर भी उन्‍होंने कई बार बयानों को बदला है। इतना ही नहीं उन्‍होंने इस मामले में एक्‍सपर्ट की राय को न सिर्फ दरकिनार किया बल्कि उन्‍हें सार्वजनिकतौर पर नीचा दिखाने की कोशिश भी की। डॉक्‍टर फॉसी इसका जीता जागता उदाहरण हैं।
ट्रंप ने उनके करीबी कहे जाने वाले एनएसए जॉन बॉल्‍टन को पद से हटाने से पहले उनकी सार्वजनिकतौर से आलोचना की थी। इसके बाद उनकी छवि को काफी धक्‍का लगा था।ट्रंप के बारे में कहा जाता है कि उनके द्वारा लिए गए बड़े फैसलों में उनकी बेटी और दामाद की अहम भूमिका होती है। इसी वजह से इन दोनों को पर्दे के पीछे छिपी बड़ी ताकत बताया जाता है। इजरायल-यूएई और इजरायल और बहरीन करार में भी इनकी अहम भूमिका थी।स्‍थानीय मुद्दे पर ट्रंप काफी कमजोर रहे हैं यही वजह है कि वो इस चुनाव में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्दों को उठाकर अपनी किस्‍मत चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।उनके कार्यकाल में अमेरिका कई तरह के विवादों में पड़ा है। डब्‍ल्‍यूएचओ को दी जाने वाली अमेरिकी फंडिंग पर रोक, पेरिस समझौते का पालन न करना, वैश्विक संस्‍था डब्‍ल्‍यूएचओ पर लगातार सवाल उठाना, ईरान से परमाणु डील को रद करने जैसे कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसकी वजह से अमेरिका विवादों में घिरा। अपने कार्यकाल में उन्‍होंने पूर्व की सरकारों के फैसलों को बदलने में ज्‍यादा तवज्‍जो दी।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हो रही भारी बारिश, हाई अलर्ट जारी; दीवार ढहने से 11 लोगों की मौत

हैदराबाद (ऊँ टाइम्स) आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश की वजह से हुए हादसों में कुल 11 लोगों की मौत हो गई है। भारी बारिश के कारण तेलंगाना में मंगलवार को कई स्थानों पर हुई भारी बारिश के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी के कारण कृष्णा ज़िले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पिछले दो दिन से यहां हो रही भारी बारिश के कारण बंदलागुड़ा के मोहम्मदिया हिल्स में एक दीवार के ढह जाने से नौ लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं बंदलागुड़ा में मोहम्मदिया हिल्स का निरीक्षण कर रहा था, जहां दीवार के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए हैं। वहां से जाते समय मैंने शमशाबाद में फंसे बस यात्रियों को अपने वाहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। अब मैं तालाबकट्टा और यसराब नगर जा रहा हूं।’
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश की वजह से कुछ पत्थर दो मकानों की दीवारों पर गिए गए, जिसके कारण आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, और चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि इस बीच, मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण इब्राहिमपट्टनम इलाके में एक पुराने मकान की छत ढह जाने से 40 वर्षीय महिला और उसकी 15 वर्षीय बेटी की मौत हो गई।

सिद्धिविनायक मंदिर को खोलने के लिए मंदिर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  महाराष्ट्र के सभी मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शनकारियों ने मंदिर में प्रवेश करने की भी कोशिश की। भाजपा नेता प्रसाद लाड ने कहा कि हम सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश की मांग कर रहे हैं, अगर हमें प्रवेश नहीं करने दिया गया तो हम अपना जबरन मंदिर में प्रवेश करेंगे। हम चाहते हैं कि राज्य के सभी मंदिरों को खोल दिया जाए। 
 भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने राज्‍य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शराब की दुकानें खोली गई हैं, यहां तक कि उनकी होम डिलीवरी का विकल्प भी दिया गया है लेकिन जो लोग अपनी मानसिक शांति के लिए मंदिर जाना चाहते हैं, उनके बारे में कौन सोचेगा? सरकार छोटे व्यापारियों के बारे में नहीं सोच रही है जिनकी आजीविका मंदिरों पर निर्भर करती है। 

अगले साल भारत को मिल जाएगी कोरोना की 2 वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया आगे का रणनीति

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत तक आ जाएगा। हर्षवर्धन मंत्रियों के समूह की 21वीं बैठक में यह बोल रहे थे। इस दौरान उनके साथ नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस.जयशंकर भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में हमें एक से अधिक स्रोतों से कोरोना वायरस की वैक्सीन मिल जाएगी। हमारे विशेषज्ञ समूह देश में वैक्सीन के वितरण की योजना बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।’

इससे पहले रविवार को संडे संवाद में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि भारत जैसे बड़े देश में टीके की आपूर्ति को प्राथमिकता देना कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे संक्रमण का खतरा, विभिन्न जनसंख्या समूह के बीच अन्य रोग का प्रसार, कोविड-19 मामलों के बीच मृत्यु दर और कई अन्य। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम स्थान तक टीके की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आए।
अमेरिकी दवा निर्माता फीजर व उसकी जर्मन साझेदार बायोएनटेक, अमेरिकी मॉडर्ना तथा ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका व सहयोगी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे बड़े पैमाने पर परीक्षण के परिणाम के बारे में सबसे पहले जानकारी दे सकते हैं। हालांकि जानसन एंड जानसन की वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया है।.
कंपनियां फिलहाल वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के प्रभाव का आकलन कर रही हैं। वह देख रही हैं कि जिन स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन दी गई और जिन्हें डमी वैक्सीन दी गई उनके स्वास्थ्य में क्या बदलाव आए हैं। हालांकि, परीक्षण में शामिल वॉलंटियर्स व डॉक्टर भी यह नहीं जानते हैं कि किसे वैक्सीन दी गई और किसे डमी वैक्सीन दी गई।
अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन व विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन के प्रभाव के आकलन के लिए एक समान न्यूनतम मानक तय किए हैं। इनका मानना है कि वैक्सीन का प्रभाव कम से कम 50 फीसद दिखना चाहिए। यानी, परीक्षण में शामिल जिन वॉलंटियर्स को डमी वैक्सीन दी गई है उनके मुकाबले सही वैक्सीन वालों पर दोगुना प्रभाव दिखाना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हुए कोरोना नेगेटिव, फ्लोरिडा में हुआ चुनावी अभियान शुरू

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पुन: जाँच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आया है। व्हाइट हाउस के फिजिशियन ने उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने की पुष्टि किया है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के साथ ही ट्रंप ने चुनावी अभियान फिर से शुरू कर दिया है। ट्रंप ने फ्लोरिडा में अपनी चुनावी रैली की शुरुआत सोमवार से कर दी है।
व्हाइट हाउस के फिजिशियन सीन कॉनले ने ट्रंप की कोरोना टेस्ट नेगेटिव होने की जानकारी देते हुए कहा कि अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं, और उन्हें अब किसी संक्रमण का खतरा नहीं है। सीन ने प्रेस सेक्रेटरी कायले मैकनेनी को इस बात की लिखित जानकारी दी है। आप को बता दें कि 3 नवंबर को यूएस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं, ऐसे में पिछले दिनों डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना संक्रमित होने पर चुनावी अभियान प्रभावित हुआ था। अब रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ट्रंप ने संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद चुनावी अभियान शुरू कर दिया है।
ट्रंप ने रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह अब वह काफी शक्तिशाली महसूस कर रहे हैं और चाहते हैं कि हर किसी को चूम लें। राष्ट्रपति ने अपनी रैली में कहा कि एक बार फिर चुनाव में वह जीत हासिल करेंगे और अपने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन कैंपेन को आगे की तरफ से जाएंगे। अमेरिका में तीन नवंबर को वोट डाले जाने हैं, उससे पहले अब कैंपेन का आखिरी ट्रेल ही चल रहा है। 
डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट रद हो गई थी। इस डिबटे के लिए अगली तारीख पर विचार चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये डिबेट नहीं होती है तो 22 अक्टूबर को होने वाली तीसरी डिबेट को आखिरी डिबेट घोषित किया जा सकता है। 
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब 3 सप्ताह का समय ही शेष है। डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी जो बिडेन से पिछड़ते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में ट्रंप जल्दी से जल्दी स्वस्थ होकर वापस प्रचार शुरू करना और रैलियों को संबोधित करना चाह रहे थे। संक्रमित होने के बाद भी ट्रंप सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय रहे। ट्रंप के चुनावी माहौल पर अब नई रौनक आने का आसार है!

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मांग पर अब सीबीआई करेगी हाथरस घटना की जांच

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) अब  हाथरस कांड के सीबीआइ जांच का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने राज्य सरकार की सिफारिश पर हाथरस कांड की सीबीआइ जांच किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सीबीआइ अब जल्द इस मामले में केस दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू करेगी। राज्य सरकार ने तीन अक्टूबर को सीबीआइ जांच  कराने का निर्णय किया था, जिसके अगले ही दिन गृह विभाग ने सीबीआइ जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस कांड की जांंच के लिए सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने के बाद यह निर्णय लिया था। इसके साथ ही हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। सचिव गृह अध्यक्षता में दर्ज एसआइटी अब भी हाथरस कांड की जांच की रही है। शासन ने उसे जांच पूरी करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। एसआइटी अब सीबीआइ जांच के शुरू होने से पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। 
सीबीआइ के दिल्ली स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने हाथरस कांड की जांच संबंधी अधिसूचना मिलने की पुष्टि की है। जिसके बाद सीबीआइ ने जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआइ की गाजियाबाद यूनिट को यह केस सौंपे जानेे की तैयारी है। जल्द सीबीआइ की एक टीम हाथरस भी पहुंच सकती है। सीबीआइ सबसे पहले पुलिस व एसआइटी की जांच से जुड़े तथ्यों को हासिल करेगी। 
दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड को लेकर 12 अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों को तलब कर रखा है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर अधिकारियों को तलब किया है और मामले में समुचित कार्रवाई न होने की दशा में जांच किसी अन्य एजेंसी से कराए जाने की टिप्पणी भी की थी। 
शनिवार को अवकाश के दिन केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी की है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख के मद्देनजर यह तेजी लाई गई है। गृह विभाग व डीजीपी मुख्यालय के अधिकारी भी शनिवार हाई कोर्ट में जवाब देने की तैयारियों में जुटे रहे। डीजीपी मुख्यालय में इसे लेकर एक अहम बैठक भी हुई। हाथरस कांड में अब तक एसआइटी की जांच से लेकर पुलिस की कार्रवाई में सामने आए सभी तथ्यों को जुटाकर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे सोमवार को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अफसर कोर्ट के समक्ष उस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के साथ ही घटना की सीबीआइ जांच शुरू किए जाने का हवाला भी देंगे। शासन हाई कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

योगी आदित्य नाथ की मांग पर अब सीबीआई करेगी हाथरस घटना की जांच

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) अब  हाथरस कांड के सीबीआइ जांच का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने राज्य सरकार की सिफारिश पर हाथरस कांड की सीबीआइ जांच किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सीबीआइ अब जल्द इस मामले में केस दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू करेगी। राज्य सरकार ने तीन अक्टूबर को सीबीआइ जांच  कराने का निर्णय किया था, जिसके अगले ही दिन गृह विभाग ने सीबीआइ जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस कांड की जांंच के लिए सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने के बाद यह निर्णय लिया था। इसके साथ ही हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। सचिव गृह अध्यक्षता में दर्ज एसआइटी अब भी हाथरस कांड की जांच की रही है। शासन ने उसे जांच पूरी करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। एसआइटी अब सीबीआइ जांच के शुरू होने से पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। 
सीबीआइ के दिल्ली स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने हाथरस कांड की जांच संबंधी अधिसूचना मिलने की पुष्टि की है। जिसके बाद सीबीआइ ने जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआइ की गाजियाबाद यूनिट को यह केस सौंपे जानेे की तैयारी है। जल्द सीबीआइ की एक टीम हाथरस भी पहुंच सकती है। सीबीआइ सबसे पहले पुलिस व एसआइटी की जांच से जुड़े तथ्यों को हासिल करेगी। 
दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड को लेकर 12 अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों को तलब कर रखा है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर अधिकारियों को तलब किया है और मामले में समुचित कार्रवाई न होने की दशा में जांच किसी अन्य एजेंसी से कराए जाने की टिप्पणी भी की थी। 
शनिवार को अवकाश के दिन केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी की है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख के मद्देनजर यह तेजी लाई गई है। गृह विभाग व डीजीपी मुख्यालय के अधिकारी भी शनिवार हाई कोर्ट में जवाब देने की तैयारियों में जुटे रहे। डीजीपी मुख्यालय में इसे लेकर एक अहम बैठक भी हुई। हाथरस कांड में अब तक एसआइटी की जांच से लेकर पुलिस की कार्रवाई में सामने आए सभी तथ्यों को जुटाकर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे सोमवार को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अफसर कोर्ट के समक्ष उस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के साथ ही घटना की सीबीआइ जांच शुरू किए जाने का हवाला भी देंगे। शासन हाई कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

भारत के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का हुआ निधन, कल होगा अंतिम संस्‍कार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच लोक जनशक्ति पार्टी के संस्‍थापक व केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रामविलास पासवान नहीं रहे। उनके दिल व किडनी ने ठीक से काम करना बंद कर दिया था। इस वजह से कुछ दिनों से उन्हें आइसीयू मशीन के सपोर्ट पर रखा गया था। गुरुवार की शाम 6:05 बजे उन्होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्‍पताल में अंतिम सांस ली। वे 74 वर्ष के थे। अभी मिल रही जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह उनका शव केमिकल ट्रीटमेंट के लिए दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान ले जाया गया है। अपराह्न काल में रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर पटना लाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित पक्ष-विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं व केंद्रीय मंत्रियों ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। 
राम विलास पासवान की तबीयत बीते कुछ समय से खराब चल रही थी। करीब एक सप्‍ताह पहले अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण तीन अक्‍टूबर को उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा था। इसके बाद गुरुवार की रात दिल्‍ली के फाेर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में अंतिम सांस ली। वहां कार्डियोलोजिस्‍ट डॉ. अशोक सेठ के नेतृत्व में उनका इलाज चल रहा था। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गयी।
चिराग पासवान ने पिता की मौत की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया है। उन्‍होंने लिखा है कि पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन वे जहां भी हैं, साथ हैं।
राम विलास पासवान को राजनीति का बड़ा मौसम वैज्ञानिक माना जाता था। सरकार किसी की भी रही, राम विलास पासवान हमेशा सत्‍ता में रहे। खास बात यह रही कि उन्‍होंने हमेशा चुनाव के पहले गठबंधन किया, चुनाव के बाद कभी नहीं। आपात काल के दौरान इंदिरा गांधी से लड़ने से लेकर अगले पांच दशकों तक पासवान कई बार कांग्रेस के साथ, तो कभी खिलाफ चुनाव लड़ते और जीतते रहे।
करीब आधी सदी के अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्‍होंने 11 चुनाव लड़े, जिनमें नौ में उनकी जीत हुई। पासवान के पास छ‍ह प्रधानमंत्रियों के साथ उनकी सरकार में मंत्री रहने रिकॉर्ड है। पासवान ने 1977 के लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़जे हुए चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2014 तक उन्होंने आठ बार लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की। वर्तमान में वे राज्यसभा के सदस्य तथा नरेंद्र मोदी सरकार में उपभोक्‍ता मामलों तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री थे।
राम विलास पासवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान ले जाया गया है। वहां केमिकल ट्रीटमेंट के बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके सरकारी निवास 12 जनपथ पर रखा जाएगा। दोपहर बाद उनका पार्थिव शरीर पटना ले जाया जाएगा। वहां राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।

रिया चक्रवर्ती को बांबे हाईकोर्ट से शर्तों के साथ मिली वेल, पुलिस स्टेशन में देनी होगी हाजिरी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) सुशांत सिंह की मौत से जुड़े ड्रग मामले में रिया चक्रवर्ती को बड़ी राहत मिली है। बांबे हाई कोर्ट से रिया चक्रवर्ती को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है। हालांकि रिया के भाई शौविक की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। रिया करीब एक महीने से NDPS ऐक्ट के तहत भायखला जेल में बंद थीं। एनसीबी ने रिया से लंबी पूछताछ के बाद 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
हाई कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती को सर्शत जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि जमानत के बाद 10 दिनों तक रिया को पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी। वह कोर्ट के आदेश के बिना विदेश नहीं जा सकती हैं, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा। रिया के साथ कोर्ट ने सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को भी ज़मानत दी है, लेकिन शौविक के साथ अब्दुल बासित की ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है! आप को बता दें कि मंगलवार को ही विशेष अदालत ने रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया था। विशेष सरकारी वकील अतुल सर्पाडे ने बताया कि एनडीपीएस अदालत ने दोनों को 20 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विशेष अदालत इससे पहले रिया और उसके भाई की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा रिया के मोबाइल फोन से हासिल चैटिंग साझा किए जाने के बाद एनसीबी ने इस मामले का जांच शुरू किया था। ड्रग चैट सामने आने के बाद एनसीबी ने दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और करिश्मा प्रकाश से पूछताछ कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय सुशांत मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है।

आतंकियों ने पांपोर में पुलिस-सीआरपीएफ दल पर किया हमला, दो जवान हुए शहीद, 3 घायल, सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर ( ऊँ टाइम्स. omtimes )  कश्मीर के जिला पुलवामा में आतंकवादियों ने तंगन बाइपास मार्ग पर पुलिस और सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी पर पर घात लगाकर हमला किया है। इस हमले में सीआरपीएफ की 110 बटालियन के दो जवान शहीद हो गए हैं, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शहीद सीआरपीएफ जवानों की पहचान चालक धीरेंद्र और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
करीब 25 मिनट तक फायरिंग हुई और उसके बाद आतंकी भाग निकले हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आतंकी ज्यादा दूर नहीं गए हैं। वे आसपास ही किसी जगह छिपे हैं। हालांकि सुरक्षाबलों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर फरार आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। हमले में दो से तीन आतंकियों के शामिल होने की बात कहीं जा रही है। वहीं घायल जवानों को 92 बेस अस्पताल भर्ती कराया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आतंकवादियों ने यह हमला पंपोर में तंगन बाइपास पर स्थित कंडीजाल पुल के पास पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल पर किया। बताया जा रहा है कि इस पुल से रोजाना सैन्य वाहन गुजरते हैं। उनकी सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए ही सीआरपीएफ की 110 बटालियन की रोड ओपनिंग पार्टी व पुलिस के कुछ जवान यहां तैनात किए गए थे । आतंकी नाके के पास ही कहीं छिपे हुए थे। उन्होंने मौका पाकर सुरक्षाबलों पर अचानक से हमला बोल दिया।
हमले में दो से तीन आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। दल पर अचानक से की गई गोलीबारी में सीआरपीएफ के 5 जवान घायल हो गए। आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर करीब 25 मिनट तक लगातार गोलीबारी की। जब सुरक्षाबलों ने हमलावरों पर पलटवार किया तो आतंकी मौका पाकर वहां से फरार हो गए। वहीं घायल सीआरपीएफ जवानों को 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया जहां दो जवानों ने जख्मों का ताव न सहते हुए इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। वहीं तीन अन्य जवानों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस की एसओजी और सेना की 50 आरआर बटालियन के जवानों का दल मौके पर पहुंच गया और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आम आदमी गोलीबारी का शिकार न हों इसके लिए हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई है। फिलहाल पांपोर के कंडीजाल पुल के आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत है।

हाथरस कांड : उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने में विदेशी ताकत और विदेशी धन का हुआ उपयोग

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स. omtimes )  उत्तर प्रदेश में हाथरस के बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को दलित युवती की बर्बर पिटाई के बाद 29 सितंबर को मौत होने के मामले में यूपी सरकार को बदनाम करने में विदेशी साजिशकर्ता तथा विदेशी मुद्रा का भी जमकर प्रयोग किया गया है। सोशल मीडिया पर फोटो शॉप के प्रयोग से सरकार विरोधी गतिविधियां बढ़ने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिकंजा कसा और लखनऊ में केस दर्ज कराया गया है। इसके बाद से साजिश करने वाली सभी वेबसाइट बंद हो गई हैं और साजिशकर्ता सरकार के प्रहार से बचने के प्रयास में हैं। 
हाथरस कांड के बाद उत्तर प्रदेश में सीएए की तर्ज पर दंगों के साथ जातीय हिंसा को भड़काने की बड़ी साजिश रची गई। मकसद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को बदनाम करना था। इस साजिश में विदेशियों के साथ में हमारे देश के लोग भी खेले। इस बड़ी साजिश का योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजफाश कर दिया है। इस मामले में एक वेबसाइट justiceforhathrasvictim.carrd.co की भूमिका सामने आई है। जिसको विदेशों से फंड मिल रहा था। इसके माध्यम से लोगों को हाथरस कांड के अभियान से अधिक संख्या में जोड़ने का प्रयास चल रहा था। नकली आईडी का प्रयोग करके देश के लोगों को गलत फोटो के साथ हिंसा भड़काने वाली सामग्री भेजी जा रही था। इसमें दिल्ली, कोलकाता व अहमदाबाद से नकली आईडी का उपयोग कर कुछ ही घंटों में हजारों लोगों को जोड़ा गया। 

प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया गया है कि हाथरस की घटना के बाद राज्य में अचानक कई ऐसी वेबसाइट बनकर तैयार हो गईं। जिनका मकसद जातीय तौर पर लोगों को भड़काना है। इन्हीं में से एक जस्टिस फॉर हाथरस नाम से वेबसाइट है, जो सरकार के सबसे पहले निशाने पर आई है। जब सरकार को इस बारे में भनक लगी, तो कई वेबसाइट खुद ही रात-ओ-रात बंद हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इन सभी वेबसाइट के कंटेंट उपलब्ध हैं। इस बड़ी साजिश की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार को होते ही वेबसाइट ने अपना संचालन बंद कर दिया है। अभी ये वेबसाइट डिलीट हो गई है, लेकिन इसका जो लैंडिंग पेज था उससे मालूम हुआ कि वो फ्री में वेबसाइट बनाने के काम आता है। नाम के प्लेटफॉर्म से दुनियाभर के कई प्रोटेस्ट के लिए वेबसाइट बनाती जाई रही हैं, फिर चाहे अमेरिका में चल रहा ब्लैक लाइव मैटर से जुड़ा कोई प्रोटेस्ट हो या फिर इससे जुड़े कुछ और कांड। 

इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां का शिकंजा कस गया है। पता चला है कि इसको इस्लामी देशों से भारी धन मिल रहा था और उनके संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ भारत से हैं। यह लोग नागरिकता विरोधी बिल (सीएए) के विरोध में देश में दंगे फैलाने की साजिश में शामिल थे। 

वेबसाइट में बताया गया है कि प्रदर्शन के वक्त क्या पहनें, कब किधर भागें। सोशल मीडिया पर कोई रिकॉर्डिंग ना डालें। अगर पुलिस लाठीचार्ज करती है तो क्या हो, प्रदर्शन वाली जगह माहौल भड़के तो कैसे निपटें। इसके साथ ही वेबसाइट पर जानकारी दी गई कि मास्क पहनकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करें, ताकि पहचान ना हो।

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस तरह की वेबसाइट का मुख्य लक्ष्य सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार की छवि को खराब करना है। वेबसाइट पर फर्जी आईडी से कई लोगों को जोड़ा गया। इसके साथ ही इसमें दंगे कैसे करें और फिर दंगों के बाद कैसे बचें, इसके कानूनी उपाय की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है। 
हाथरस के चंदपा थाने में दंगों की साजिश करके प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने, अराजकता फैलाने, दंगों के बहाने योगी सरकार को बदनाम करने, अफवाहें फैलाने, पीड़ित के परिवार को गुमराह कर सरकार के खिलाफ भड़काने, फर्जी तस्वीरों, फर्जी सूचनाओं, फोटोशाप्ड तस्वीरों की मदद से नफरत फैलाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज हुई है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर झूठे, आपत्तिजनक, संवेदनहीन और बेहद भड़काऊ पोस्ट डाल कर लोगों में जातीय नफरत पैदा करने, गलत व अप्रमाणिक सूचनाएं सार्वजनिक कर यूपी को दंगों की आग में झोंकने के प्रयास का भी मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक उपरोक्त साजिश के जरिए यूपी की कानून- व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की गई।
हाथरस में मृत दलित युवती के मामले में राजनीति लगातार जोर पकड़ रही है। हाथरस में राजनीतिक जमावड़े के बीच उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से बड़ा दावा किया गया है। यूपी सरकार का दावा है कि नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में जिस प्रकार प्रदेश में जगह-जगह हिंसा की तरह ही प्रदेश में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया आदि का सहारा लिया जा रहा है। हाथरस की घटना के बाद लगातार इस पर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। हाथरस में भी कई राजनेताओं और पाॢटयों का जाना हुआ है। जहां पर हजारों की संख्या में समर्थक इकट्ठा हुए हैं।

हाथरस केस की जांच CBI से कराए जाने के लिए मुख्य मंत्री ने दिया आदेश

लखनऊ (ऊँ टाइम्स. omtimes ) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराए जाने के आदेश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा कि हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और इससे जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से सीबीआइ जांच की सिफारिश की गई है। मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से ट्वीट कर सीबीआइ जांच कराने की जानकारी दी गई है। योगी सरकार की ओर से सीबीआइ जांच का आदेश ऐसे वक्त आया जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका वाड्रा मृत पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने यहां पर पीड़िता के परिवार से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक मुलाकात की।
मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से सीबीआइ जांच की सिफारिश की जानकारी देने के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ट्वीट कर कहा कि ‘हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबाआइ) के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है। इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।’ उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने हाथरस कांड का स्वत: संज्ञान लेकर अपर मुख्य सचिव गृह व डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों को 12 अक्टूबर को तलब किया है। कोर्ट ने प्रकरण में ठीक ढंग से कार्रवाई न किए जाने की दशा में किसी अन्य जांच एजेंसी को पड़ताल सौपे जाने पर विचार करने की बात भी कही थी।

हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से @UPGovt इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है। इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
हाथरस कांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में हैं। पहले उन्होंने शुक्रवार रात हाथरस के एसपी व सीओ समेत पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की। योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवती की हत्या की घटना में लचर पर्यवेक्षण के दोषी हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण की जांच के लिए गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने पर यह कार्रवाई की थी। उसके बाद शनिवार देर शाम उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री जी ने सम्पूर्ण हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराए जाने के आदेश दिए हैं।
 यूपी सरकार ने हाथरस कांड की सीबीआइ जांच कराने का बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग प्रकरण की सीबीआइ जांच की सिफारिश संबंधी पत्र केंद्र सरकार को भेजने की तैयारियों में जुट गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने हाथरस में पीड़ित परिवार से शनिवार को मुलाकात की थी। दोनों अधिकारियों ने वापस आकर शाम को सीएम योगी को हाथरस में सामने आए सभी तथ्यों की विस्तार से जानकारी दी। युवती के परिवार ने हाथरस कांड की पड़ताल कर रही एसआइटी की जांच को लेकर असंतोष भी जताया था। हालांकि बाद में परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रकरण को लेकर हुई कार्रवाई पर संतोष जताया। 
इससे पहले हाथरस के बुलगढ़ी गांव में युवती की मौत को लेकर उठ रहे बवंडर को शांत करने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी और पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी शनिवार को यहां पहुंचे। मृत युवती के स्वजन ने बेटी का अंतिम संस्कार न करने देने और घर पर पुलिस की निगहबानी की शिकायत की। स्वजन ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अफसरों ने उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्वजन अधिकारियों के इस आश्वासन से संतुष्ट भी दिखे।

स्वजन बोले, नार्को टेस्ट जरूरी नहीं : मृतका और आरोपितों के परिवार के नार्को टेस्ट को लेकर बखेड़ा मचा हुआ है। मृतक युवती के पिता ने बताया कि दोनों अधिकारियों से नार्काे टेस्ट के बारे में कोई बात नहीं हुई। युवती के भाई ने टेस्ट को अनावश्यक बताया और कहा कि हम पर विश्वास करें, हम सच बोल रहे हैं, जबकि आरोपित पक्ष सरकार के नार्को टेस्ट कराने के आदेश को सही बता रहा है। आरोपित लवकुश की मां मुन्नी देवी ने कहा कि घटना वाले दिन वह भी अपने खेत पर ही थी। उनका खेत युवती के खेत के पास ही है। युवती खेत में बेहोश पड़ी थी। काफी शोर मचा था। बाद में लोग उसे अस्पताल ले गए।

 पीड़िता के भाई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में मामले की जांच की जाए, लेकिन सीबीआइ जांच भी ठीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल जांच से संतुष्टि नहीं है। उन्हें उनके सवालों का जवाब दिया जाए। उन्होंने सवाल दोहराते हुए कहा कि वह जानना चाहते हैं कि जिसकी बॉडी जलाई गई थी वह किसकी थी? अगर वह उनकी बहन का शव था तो उसे इस तरीके से क्यों जलाया गया? डीएम ने उनके साथ बदसलूकी क्यों की?

16 अक्टूबर से खुलेंगे स्कूल, सबसे पहले बुलाए जाएंगे 10 और 12.के छात्र; जानिए, नया गाइडलाइन जारी

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes) कोरोना महामारी के खतरे के कारण बंद पड़े स्कूलों को पंद्रह अक्टूबर के बाद खोलने की केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद अब इन्हें खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं! फिलहाल इन्हें चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। सबसे पहले दसवीं और बारहवीं के छात्रों को स्कूल बुलाया जाएगा। वैसे भी इनकी बोर्ड परीक्षाओं को अब कुछ ही महीने बचे है। ऐसे में इन्हें स्कूल बुलाकर इनके प्रैक्टिकल सहित बाकी बचे कोर्स को भी पूरा कराया जाएगा। कोरोना संकट के चलते नई कक्षाओं में आने के बाद यह बच्चे अब तक एक भी दिन स्कूल नहीं आए है।
इस बीच इन बच्चों की पढ़ाई को लेकर स्कूल से लेकर अभिभावक भी चिंतित है। हालांकि स्कूलों के बंद रहने के बाद भी इन बच्चों को स्कूल लगातार ऑनलाइन पढ़ा रहे थे, लेकिन स्कूलों का मानना है कि बच्चों को कक्षाओं में सामने बैठाकर पढ़ाए बगैर बेहतर रिजल्ट नहीं मिल सकता है। फिलहाल स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे देश के बड़े सरकारी स्कूल संगठनों ने तैयारी शुरू कर दी है। वैसे इनकी इससे पहले सरकार की ओर से जारी की गई अनलॉक-4 की गाइडलाइन आने के बाद बच्चों को स्कूल बुलाने की योजना बनाई थी। लेकिन ज्यादातर अभिभावकों की असहमति के बाद योजना को टाल दिया था। जिसमें दसवीं और बारहवीं के छात्रों को 21 सितंबर से बुलाई की योजना बनाई गई थी।

खास बातें –

  • कोरोना संकट के चलते मार्च से बंद हैं स्कूल
  • अभिभावक की अनुमति पर ही बुलाए जाएंगे बच्चे
  • बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की

-हफ्ते में दो से तीन दिन ही बुलाए जाएंगे हर कक्षा के बच्चे

  • बच्चों के लिए मास्क और सैनिटाइजर जरूरी

सेफ्टी गाइडलाइन का भी दिया जा रहा है अंतिम रूप – स्कूलों को खोलने की तैयारी के साथ स्कूलों के लिए एक सेफ्टी गाइडलाइन को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो यह अगले हफ्ते में कभी भी जारी हो जाएगी। वैसे भी स्कूलों को पंद्रह अक्टूबर के बाद खोलने की जिस तरह से तैयारी है, उसमें गाइडलाइन को इससे पहले ही जारी करना होगा। इस बीच जो जानकारी सामने आयी है, उसके तहत प्रत्येक क्लास में 12 बच्चों को ही बैठाया जाएगा। हालांकि परिजनों की सहमति के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल आने वाले बच्चों के लिए मास्क, सेनीटाइजर आदि जरूरी होगा। इसके साथ ही बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और ले जाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की खुद की होगी। हफ्ते में अभी दो दिन ही बच्चों को बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल मार्च से ही बंद है।
शिक्षा मंत्रालय इस बीच सीबीएसई के साथ मिलकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है। फिलहाल जो योजना है, उसके तहत दसवीं और बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं हर साल की तरह तय समय पर ही होगी। जो वर्ष 2021 में फरवरी और मार्च में होगी। हालांकि इससे पहले प्री-बोर्ड की पहली परीक्षा दिसंबर 2020 में होगी। योजना पर काम कर रहे अधिकारियों की मानें तो अगला शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए परीक्षाएं समय पर ही होगी।

कुशीनगर के कामगार सहित सात भारतीयों का लीबिया में आतंकियों ने किया अपहरण

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) लीबिया में आर्गन वेल्डर पद पर काम करने वाले यूपी के कुशीनगर और देवरिया के कामगार समेत सात भारतीयों का आतंकियों ने अपरहण कर लिया है। अपहृतों में देश के अन्य राज्यों के अलावा बिहार के भी कामगार शामिल हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र निवासी लल्लन प्रसाद ने दिल्ली के प्रसादपुर थाने में ऑनलाइन केस दर्ज कराकर विदेश मंत्रालय से अपने साढ़ू कुशीनगर निवासी मुन्ना चौहान समेत अन्य कामगारों की रिहाई के लिए सुरक्षित कदम उठाने की गुहार लगाई है। विदेश मंत्रालय के अलावा पीएम व गृह मंत्रालय के पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।.  
कोठीभार क्षेत्र के बैजनाथपुर निवासी लल्लन ने संवाददाता को बताया कि कुशीनगर के ग्राम सभा गड़हिया बसंतपुर निवासी उनका साढ़ू मुन्ना चौहान विगत वर्ष बिहार, देवरिया व आंध्रप्रदेश के छह अन्य युवकों के साथ दिल्ली के एनडी इंटरप्राइजेज ट्रैवेल एजेंसी के माध्यम से एक साल के लिए आर्गन वेल्डर पद पर काम करने के लिए लीबिया गया था। मुन्ना सहित सातों लोगों का 13 सितंबर 2020 को वीजा समाप्त हो गया। इसी दिन अंतिम बार लल्लन और मुन्ना की बात हुई थी। मुन्ना ने बताया था कि 17 सितंबर को उन सातों लोगों की भारत वापसी के लिए फ्लाइट है। उसके बाद से लल्लन का मुन्ना से संपर्क टूट गया। मुन्ना के घर वापस नहीं आने पर लल्लन ने ट्रैवेल एजेंसी से कई बार फोन पर संपर्क किया। लेकिन एजेंसी वाले कुछ भी नहीं बता रहे थे। इसके बाद लल्लन ने 27 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर जब ट्रैवल एजेंसी के मालिक से संपर्क किया तब पता चला कि मुन्ना सहित सातों लोगों का लीबिया में एयरपोर्ट पर आने से पहले ही अपराधियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है। 
लल्लन ने बताया कि उनके साढू समेत अन्य कामगारों की रिहाई के लिए आतंकियों ने लीबिया के कंपनी मालिक से फिरौती में 20 हजार डॉलर की मांग की है। कंपनी मालिक ने फिरौती की रकम को देने के लिए स्वीकार भी कर लिया है। कंपनी मालिक ने आश्वासन दिया गया है कि सातों को 3 से 4 दिन के अंदर छुड़वाकर भारत भेजने का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक मुन्ना व अन्य छह भारतीयों की रिहाई नहीं हुई है। 
अपहरण के मामले में अभी तक जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक लीबिया में कामकाज की देखभाल ट्यूनीशिया स्थित भारतीय दूतावास करता है। ट्यूनीशिया दूतावास ने इस मामले का संज्ञान लिया है। पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। लगातार लीबिया सरकार से इस मामले में बातचीत की बात सामने आ रही है।

इनका हुआ है अपहरण:-
कुशीनगर के कामगार मुन्ना चौहान के अलावा जिन छह अन्य कामगारों के लीबिया में अपहरण की बात सामने आ रही है उनमें महेन्द्र सिंह, वेंकटारों बचाला, शाह अजय, उमेदी रहीम भाई मुल्तानी, दान्या बोड्डू व जगारो बचाला है। यह एनडी इंटर प्राइजेज ट्रैवल एजेंसी एंड मैन पॉवर कंसल्टेंस हेमकुंट हाउस नई दिल्ली के माध्यम से एक साल के लिए लीबिया में आर्गन वेल्डर पद पर काम करने गए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप हुए कोरोना पॉजिटिव, भारत के पीएम मोदी ने की जल्‍द ठीक होने की कामना

वाशिंगटन ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी मेलानिया ट्रंप कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने निजी सलाहकार होप हिक्स के कोरोना संक्रमित होने के बाद कोरोना की जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। होप के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद डोनाल्‍ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलेनिया ट्रंप का भी गुरुवार देर रात टेस्ट कराया गया। बताया जा रहा है कि होप इन दिनों ट्रंप के चुनाव अभियान में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहीं थीं। पिछले कुछ हफ़्तों से होप राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनके विमान एयरफोर्स वन में भी सफर कर रहीं थीं। इसलिए डोनाल्‍ड ट्रंप के चुनाव अभियान से जुड़ी उनकी पूरी टीम पर कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर अमेरिकी राष्‍ट्रपति के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है। उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘मैं अपने दोस्‍त डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी  मेलानिया ट्रंप के जल्‍द ठीक होने और अच्‍छी सेहत के लिए कामना करता हूं।’
ट्रंप ने ट्वीट कर बताया, ‘मेलानिया और मैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हम तत्‍काल प्रभाव से अपना क्‍वारंटाइन और रिकवरी प्रोसेस शुरू करने जा रहे हैं।’
डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट कर होप हिक्‍स के कोरोना पॉजिटिव होने की बात बताई। उन्‍होंने लिखा, ‘होप हिक्स, जो एक छोटे से ब्रेक के बिना भी इतनी मेहनत कर रही हैं, वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई हैं। भयावह! फर्स्ट लेडी और मैं हमारी कोरोना जांच परीक्षण परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच, हमने अपने क्‍वारंटाइन की प्रक्रिया शुरू करेंगे!’
गौरतलब है कि अमेरिका में जब कोरोना वायरस संक्रमण फैला, तो डोनाल्‍ड ट्रंप ने एहतियातन इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन नाम की दवा का सेवन किया था। ऐसा मामना जाता है कि ये दवा कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होती है। इस दवा का मुख्‍य उत्‍पादक भारत है। ट्रंप ने अमेरिका के लिए इस दवा का निर्यात भी भारत से किया था। वैसे बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्‍यादा मामले अमेरिका में ही हैं।

अयोध्या के ढाचा विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी समेत सभी अभियुक्त हुए बरी

लखनऊ (ऊँ टाइम्स omtimes ) देश की राजनीतिक दिशा को परिवर्तित कर देने वाले अयोध्या विध्वंस केस में बुधवार को सीबीआइ की विशेष अदालत का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया। 28 साल से चल रहे इस मुकदमे पर विशेष जज एसके यादव ने अपने कार्यकाल का अंतिम फैसला सुनाते हुए लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, महंत नृत्य गोपाल दास, कल्याण सिंह समेत सभी आरोपितों को बरी कर दिया। विशेष जज ने कहा कि तस्वीरों से किसी को आरोपित नहीं ठहराया जा सकता है। अयोध्या ढांचा विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था। घटना के प्रबल साक्ष्य नही हैं। सिर्फ तस्वीरों से किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता है।.
छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में हुए ढांचा विध्वंस केस में बुधवार को सीबीआइ कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआइ कोई निश्चयात्मक सुबूत नहीं पेश कर सकी। विध्वंस के पीछे कोई साजिश नहीं रची गई और लोगों का आक्रोश स्वत: स्फूर्त था। इस मामले के मुख्य आरोपितों में एक स्व. अशोक सिंहल को कोर्ट ने यह कहते हुए क्लीन चिट दे दी कि वह तो खुद कारसेवकों को विध्वंस से रोक रहे थे, क्योंकि वहां भगवान की मूर्तियां रखी हुई थीं।
 लगभग 28 साल तक चले इस मामले में फैसला सुनाने के लिए सीबीआइ के विशेष जज एसके यादव दोपहर 12 बजकर 10 मिनट में कोर्ट पहुंचे। उस समय कोर्ट में 26 आरोपित मौजूद थे, जबकि लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, उमा भारती, नृत्यगोपाल समेत छह आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में जुड़े हुए थे। महज तीन मिनट में ही जज ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अखबारों में छपी खबरों को प्रामाणिक सुबूत नहीं माना जा सकता क्योंकि उनके मूल नहीं पेश किए गए। फोटोज की निगेटिव नहीं प्रस्तुत किए गए और न ही वीडियो फुटेज साफ थे। कैसेटस को भी सील नहीं किया गया था। अभियोजन ने जो दलील दी, उनमें मेरिट नहीं थी।
 सीबीआइ कोर्ट के विशेष जज एसके यादव ने अपने फैसले में कहा कि छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा के पीछे से दोपहर 12 बजे पथराव शुरू हुआ। अशोक सिंघल ढांचे को सुरक्षित रखना चाहते थे क्योंकि ढांचे में मूर्तियां थीं। कारसेवकों के दोनों हाथ व्यस्त रखने के लिए जल और फूल लाने के लिए कहा गया था। जल ने अखबारों को साक्ष्य नहीं माना और कहा कि वीडियो कैसेट के सीन भी स्पष्ट नहीं हैं। कैसेट्स को सील नहीं किया गया, फोटोज की नेगेटिव नहीं पेश की गई। ऋतम्बरा और कई अन्य अभियुक्तों के भाषण के टेप को सील नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि विध्वंस के लिए कोई षडयंत्र नहीं किया गया। घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। एलआईयू की रिपोर्ट थी कि छह दिसंबर 1992 को अनहोनी की आशंका है किंतु इसकी जांच नही कराई गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से जो साक्ष्य पेश किए वो दोषपूर्ण थे। जिन लोगों ने ढांचा तोड़ा उनमें और आरोपियों के बीच किसी तरह का सीधा संबंध स्थापित नहीं हो सका। इस आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
2300 पेज का है फैसला : – अयोध्या विध्वंस केस का निर्णय 2300 पेज का है। फैसला कुछ ही देर में कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जायेगा। सीबीआइ व अभियुक्तों के वकीलों ने ही करीब साढ़े आठ सौ पेज की लिखित बहस दाखिल की है। इसके अलावा कोर्ट के सामने 351 गवाह सीबीआइ ने परीक्षित किए व 600 से अधिक दस्तावेज पेश किए। सीबीआई के अधिवक्ता ललित सिंह ने कहा कि जजमेंट की प्रति मिलने के बाद सीबीआई हेडक्वार्टर भेजा जाएगा जिसके बाद लॉ सेक्शन उसका अध्ययन करने के बाद जो परामर्श देगा, उसी अनुसार अपील करने का निर्णय लिया जाएगा। 

ये हैं 32 आरोपित : – लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर।.
 फैसले के लिए कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। फिर भी निर्णय आते ही किसी व्यक्ति ने जयश्री राम का नारा लगा दिया। आरोपितों ने निर्णय आते ही एक-दूसरे को बधाई दी। 
 फैसले के बाद सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं ही नहीं पूरा देश इस फैसले से खुश है। आज का ऐतिहासिक फैसला आया है। मैं सीधे रामलला के दर्शन करने अयोध्या ही जा रहा हूं। सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुझे सुबह से ऐसी उम्मीद थी जीत रामलला की होगी। वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से जफरयाब जीलानी ने कहा कि ये फैसला कानून और हाई कोर्ट दोनों के खिलाफ है। विध्वंस मामले में जो मुस्लिम पक्ष के लोग रहे हैं उनकी तरफ से हाई कोर्ट में अपील की जाएगी।
 छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया। इस पर हिंदू और मुसलमान दोनों अपने-अपने दावे करते थे। हिंदू पक्ष का कहना रहा कि अयोध्या में ढांचे का निर्माण मुगल शासक बाबर ने वर्ष 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर कराया था, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा था कि मस्जिद किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई थी। मंदिर आंदोलन से जुड़े संगठनों के आह्वान पर वहां बड़ी संख्या में कारसेवक जुटे और इस ढांचे को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में पहली प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआइआर) उसी दिन रामजन्मभूमि थाने में दर्ज हुई। 40 ज्ञात और लाखों अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ आइपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
 छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा विध्वंस के बाद इस मामले में कुल 49 प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सभी में एक साथ विवेचना करके सीबीआइ ने 40 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 11 जनवरी 1996 को पूरक शपथ पत्र दाखिल कर नौ के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। 49 आरोपितों में अब कुल 32 ही जीवित हैं।
 यह ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव बुधवार को ही रिटायर हो गए। एसके यादव 30 सितंबर 2019 को सेवानिवृत्त हो गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें फैसला आने तक के लिए सेवा विस्तार दिया गया था।

पांच पशुओं को बेरहमी से कुचल कर मार डाला वाहन चालक ने, प्रशासन मौन ?

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले के थाना चिल्हिया अन्तर्गत स्थित ग्राम गौहनियां चौराहे पर 28 सितम्बर 2020 की रात्रि में पांच पशुओं को मोटर वाहन चालक ने जानबूझकर वाहन से कुचल कर मार डाला! लोगों द्वारा प्रशासन को सूचना देने के पश्चात नायब तहसीलदार और पुलिस ने जेसीबी के द्वारा रोड के किनारे गड्ढ़ा खोदवा कर उन पशुओं को दफनवा दिया! ना डाक्टरी मुवायना, ना कोई कार्यवाही, मिटा दिया गया सबूत! मामला ठंढ़े बस्ते में! वाह सरकार तेरी लीला अपरंपार! …. ( रामदेव द्विवेदी)

2500 कोरोना संक्रमित लखनऊ से हुए गायब, मची खलबली, हजारों की रिपोर्ट भी है लापता

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) भयंकर जानलेवा बन चुकी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दिनबदिन बढ़ते संक्रमण के बीच इससे पीडि़तों के साथ ही जिम्मेदार लोगों की बड़ी लापरवाही सामने रही है। इस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में राजधानी लखनऊ लम्बे समय से शीर्ष पर है, और अब यहां पर करीब 2400-2500 संक्रमितों लोगों के गायब होने से प्रकरण बेहद गंभीर होने जा रहा है।
लखनऊ में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित लोग गायब हैं। इन सभी संक्रमितों का फोन नंबर के साथ पता भी गलत दर्ज है। यह तो संक्रमितों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है। संक्रमित अपने साथ ही अपने परिवार के लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं , जबकि नगर निगम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी प्रकरणों में एक बार भी भौतिक निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, अन्यथा बड़ी संख्या में गायब संक्रमित लाखों लोगों के जीवन पर खतरा न बनते।
लखनऊ में कोरोना संक्रमण जांच कराने के दौरान फॉर्म में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मोबाइल नम्बर के साथ ही घर का पता गलत लिखवा है। ऐसे ताजा 50 नये प्रकरण सामने आए हैं, जबकि अब तक ढाई हजार से अधिक कोरोना पॉजिटिव गायब हो चुके हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों की पड़ताल में जुट गया है। निजी व सरकारी लैब में जांच कराने वाले यह संक्रमित स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
विभाग ने संक्रमितों की तलाश करने का निर्देश दिया है। यह ऐसे लोग हैं, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है, लेकिन जब ट्रेसिंग टीम उनसे संपर्क की कोशिश करती है तो वह नहीं मिलते हैं। यह छिपे हुए संक्रमित समुदाय में मिलकर संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा ने कहा कि गायब हुए संक्रमितों की सूचना पुलिस को देकर उनकी तलाश कराई जा रही है। सभी लैब को भी सूचना दी गई है। अब तक 2500 रोगी गायब हैं। लॉकडाउन से अनलॉक की प्रक्रिया में करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव जांच कराने बाद गायब हो चुके हैं। जिसके बाद अफसरों को बिना आइडी के जांच न कराए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी निजी व सरकारी लैब बिना आइडी लिए कोरोना जांच कर रहे हैं। फलस्वरूप पॉजिटिव मरीजों को ढूंढना पड़ रहा है।
लखनऊ में कोरोना भयावह हो गया है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बेलगाम हुई महामारी के पीछे लापरवाहियों का अंबार छिपा है। हाल में हुई पड़ताल में गंभीर मामला उजागर हुआ है। यहां हजारों संदिग्धों मरीजों की रिपोर्ट ही गायब मिली है। इन सभी का अब तो पॉजिटिव-निगेटिव होना महीनों से रहस्य बना हुआ है। आशंका है कि यह अनजाने में संक्रमण भी बांटते रहें। शहर में कोरोना का पहला मामला 11 मार्च को आया। सीएमओ की टीम ने संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह शुरू किए। पहले हर रोज 50-60 सैंपल संग्रह किए, फिर आंकड़ा चार सौ तक पहुंचा। सरकार ने कांटेक्ट ट्रेसिंग- सैंपलिंग कर मरीजों को समयगगत चिन्हित करने का सख्त निर्देश दिया। लिहाजा, जनपद में प्रतिदिन कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा दो हजार पार कर गया। महीनों से चल रहे टेस्टिंग अभियान में करीब डेढ़ लाख के करीब टेस्ट हो चुके हैं। वहीं सीएमओ दफ्तर के रिकॉर्ड में 2, 334 मरीजों की रिपोर्ट गायब मिली। टीम के सैंपल संग्रह-टेस्टिंग, रिपोॄटग सभी सवालों के घेरे में हैं। संदिग्धों में वायरस का समय पर कंफर्मेशन न होना भी शहर में संक्रमण के भयवाह होने की ओर आशंका प्रबल कर रहा है।
सीएमओ की टीम संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह कर केजीएमयू जांच के लिए भेजती हैं। यहां मरीजों की रिपोर्ट अधिकतम 24 से 48 घंटे में उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। मगर, मई, जून, जुलाई के 2,334 मरीजों की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय मिलने से इन्कार कर रहा है।
केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष व कोरोना लैब इंचार्ज डॉ. अमिता जैन ने मरीजों की रिपोर्ट गायब होने पर संस्थान की लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि लैब में कोई भी सैंपल, रिपोर्ट पेंडिंग नहीं हैं। जो भी सैंपल सीएमओ टीम से भेजे गए, उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गईं। साथ ही अभी खुद के पास नोटिस पहुंचने से इन्कार किया। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है संबंधित मरीजों के सैंपल जनरेट या भेजे ही नहीं गए हों। 

डीआईजी बस्ती ने और डीएम सिद्धार्थनगर ने ढेबरुआ थाने पर किया जनता की समस्याओं का निस्तारण

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स) समाधान दिवस के अवसर पर दिनांक-26-09-2020 को पुलिस महानिरीक्षक बस्ती की अध्यक्षता और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर व पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर की उपस्थिति में सिध्दार्थनगर जिले के थाना ढेबरुआ पर थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस समाधान दिवस कार्यक्रम में डीआईजी श्री अनिल कुमार राय फरियादियों से रूबरू होते हुए उनकी समस्याओं को मौके पर सुना तथा वहां मौजूद संबंधित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश भी दिया।
डीआईजी ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग से सम्बन्धित शिकायतें का निस्तारण आपसी सामंजस्य से सुनिश्चित किया जाय, और इसमें किसी भी स्तर पर हीलाहवाली क्षम्य नहीं होगी। उन्होनें वहां मौजूद शिकायत पंजिका का भी निरीक्षण किया, और निस्तारित हो चुकी शिकायतों के बाबत स्वयं दूरभाष पर शिकायतकर्ताओं से बात कर उनका सत्यापन कर जानकारी लिया कि वे शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से सहमत हैं या नहीं!
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी शिकायतकर्ता अपने शिकायती प्रार्थना-पत्र में अपना मोबाइल नम्बर अवश्य लिखें, जिससे कि शिकायत निस्तारण में सहूलियत मिल सके! साथ ही उन्होंने प्रभारी निरीक्षक ढेबरुआ को जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देशित किया! इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने थाने का निरीक्षण किया और थाना परिसर व कार्यालय की साफ-सफाई का जायजा लिया।
इसके बाद थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों, अपराध रजिस्टर, आंगतुक रजिस्टर, मालखाना, महिला व पुरूष हवालात का निरीक्षण कर वहां की स्थितियों की जानकारी ली। अभिलेखों के उचित रख-रखाव के लिए उन्होने थाना प्रभारी को निर्देशित किया। आगंतुक रजिस्टर में अंकित शिकायतों के विषय में जानकारी लेने के बाद उनके निस्तारण की स्थितियों की पूंछतांछ की। उन्होंने पुलिस कर्मियों को थाने में आने वाले आगंतुकों के साथ शालीनता-पूर्वक विनम्र-व्यवहार करने व उनकी समस्याओं को सुनकर तत्काल उनपर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। कार्यालय निरीक्षण के बाद उन्होंने वहां स्थित मेस में जाकर भोजन की गुणवत्ता को परखा। मेस में बनने वाले भोजन को साफ व स्वच्छ रखने के साथ उन्होंने पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को आदेशित किया। थाने पर खडे माल मुकदमाती वाहनों को दिये गये निर्देशों के अनुरूप् डिस्पोजल कराने के निर्देश जारी किया! कोविड-19 डेस्क का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करने व समय-समय पर हाथों को साफ करने के साथ आपस में उचित दूरी बनाये रखने की हिदायत दिया। उसके बाद उनलोगों ने बढ़नी बॉर्डर पर जाकर बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया ।

भारत में घातक पिनाक मिसाइल प्रणाली की उत्पादन प्रक्रिया हुआ चालू

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने पिनाक मिसाइल को बनाने संबंधी जरूरी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस सिलसिले में पिनाक के राकेट, लांचर और संबंधित उपकरण बनाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि डीआरडीओ ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस को पिनाक राकेट प्रणाली के व्यापक उत्पादन के लिए सभी संगत ब्योरे दे दिये हैं।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अथारिटी होल्डिंग सील्ड पर्टिकुलर्स ने पूरी जिम्मेदारी का पालन करते हुए डीआरडीओ से डीजीक्यूए को पिनाक के उत्पादन का भार सौंपा है। एएचएसपी वह विभाग है जो रक्षा उत्पादनों के निर्माण से पहले संकलन, समेकन और विश्लेषण के लिए जिम्मेदार है। पिनाक जमकर गोलाबारी करने वाली वह राकेट प्रणाली है जो 37.5 किलोमीटर की रेंज तक सटीक निशाना लगा सकती है।
इसे सेना के लिए स्वदेश में ही विकसित किया गया है। इसका उत्पादन घरेलू सार्वजनिक और निजी रक्षा कंपनियों द्वारा किया जाता है। पिनाक राकेट को एक मल्टी बैरल राकेट लांचर से संचालित किया जाता है। यह 44 सेकेंड में 12 राकेट दाग सकता है। रक्षा मंत्रालय ने बीते दिनों बीईएमएल लिमिटेड को उच्च क्षमता वाले 330 ट्रकों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया था। बीईएमएल, रक्षा मंत्रालय की ‘अनुसूची क’ में आने वाली कंपनी है।
दरअसल इस प्रणाली को बीईएमएल के उच्च क्षमता वाले ट्रकों पर बांधा जाता है। ये ट्रक युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेना को बढ़त उपलब्ध कराते हैं। इन ट्रकों का निर्माण कंपनी के केरल स्थित पलक्कड़ संयंत्र में होगा। रक्षा मंत्रालय को तीन साल के दौरान इनकी आपूर्ति की जाएगी। बीते दिनों लार्सन एंड टुब्रो ने जानकारी दी थी कि उसकी रक्षा शाखा को भारतीय रक्षा मंत्रालय से पिनाक हथियार प्रणाली की आपूर्ति के लिए ठेका मिल चुका है।

मथुरा में आतिशबाजी से दो मंजिला मकान हुआ ध्वस्त, आधा दर्जन मकान हुआ क्षतिग्रस्त

मथुरा ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले के कस्बा सुरीर में शुक्रवार देर रात एक घर में रखे बारुद व आतिशबाजी के सामान में धमाका हो गया। धमाके में दो मंजिला मकान तहस-नहस हो गया और आसपास के आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जिनके मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
कस्बा सुरीर में कोतवाली के पीछे थोक कलां में जोगेंद्र सिंह के बाबा गंगाराम के नाम आतिशबाजी का लाइसेंस था। गंगाराम की मौत के बाद लाइसेंस निरस्त हो गया था लेकिन चोरी छिपे आतिशबाजी बनाने का काम हो रहा था। दीपावली के त्योहार को नजदीक देख पटाखे बनाने के लिए बारूद व आतिशबाजी का अवैध भंडारण कर रखा था। शुक्रवार की रात मकान के दूसरे मंजिल पर रखे बारूद व आतिशबाजी में किन्हीं कारणों से धमाका हो गया। तेज धमाके के साथ दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। जिसकी चपेट में आने से आस-पास बॉबी जोशी, जबाहर व बृजकिशोर के मकान भी ध्वस्त हो गए। जिनके मलबे में दबने से चीख-पुकार मचने लगी। उधर तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग व इलाका पुलिस पहुंच गई। जेसीबी की मदद से मलबा हटा कर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवा दिया। जहां उपचार के दौरान जोगेंद्र की मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी शिवानी, मां इंद्रवती, बहन कल्लो, शशि आदि के अलावा पड़ोसी बॉबी जोशी, महेंद्र, विमला व दिव्यांशु समेत आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। इस हादसे की सूचना पर एसडीएम व सीओ समेत अधिकारीओं ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल किया और पुलिस को इस सम्बन्ध में कार्यवाही का दिशा निर्देश दिया। 

यूएन की आम महासभा में पहली बार गूंजी सऊदी के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल साउद की आवाज

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स omtimes ) इस बार  संयुक्‍त राष्‍ट्र आम महासभा की उच्‍चस्‍तरीय बैठक 22 सिंतबर को शुरू हुई थी। इस बार की आमसभा कई मायनों में खास मायने रखता है। इसके खास होने की पहली बड़ी वजह इस बार इसका 75वां सत्र होना है। दूसरी वजह ये है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के इतिहास में यह पहला मौका है जब इस आम महासभा की बैठक वर्चुलअ तरीके से हो रही है। कोविड-19 की बदौलत दुनियाभर के राष्‍ट्राध्‍यक्ष अपने प्री रिकॉडेड वीडियो मैसेज के जरिए इस बार इस महासभा को संबोधित कर रहे हैं। इसके अहम होने की तीसरी बड़ी वजह सऊदी अरब के शाह सलमान बने हैं। सलमान बिन अब्‍दुल अजीज अल साउद, वर्ष 2015 में अपने भाई नाएफ बिन अब्‍दुल अजीज के निधन के बाद शाह बने थे। इसके बावजूद उन्‍होंने कभी भी संयुक्‍त राष्‍ट्र की आम महासभा को संबोधित नहीं किया था। इस बार ऐसा पहली बार हुआ कि उन्‍होंने इस महासभा का वर्चुअल तरीके से संबोधित किया। उनके संबोधन के तीन बेहद खास बिंदु रहे। इसमें पहला था इस्‍लामिक देश और आतंकवाद, दूसरा था ईरान और तीसरा था इजरायल। आपको बता दें कि शाह सलमान को कहीं न कहीं देश में हो रहे बड़े बदलावों के लिए भी जाना जाता है। महिलाओं को कई तरह के अधिकार दिए जाने के पीछे जितने क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान हैं उतने ही शाह भी हैं। सलमान शाह बनने से पहले करीब 48 वर्षों तक रियाद के गवर्नर रहे। इसके अलावा वो देश के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2012 में उन्‍हें क्राउन प्रिंस घोषित किया गया था। शाह दो पवित्र मस्जिदों के कस्‍टोडियन भी हैं।

यूपी के लखनऊ और गोरखपुर में किया जायेगा कोरोना वायरस के वैक्सीन का मानव परीक्षण

लखनऊ (ऊँ टाइम्स omtimes )  कोरोना वायरस के वैक्सीन का मानव परीक्षण यूपी के लखनऊ और गोरखपुर में किया जाएगा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड को तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल उत्तर प्रदेश के इन दो शहरों में करने के लिए मंजूरी दे दिया है । संजय गांधी पीजीआइ के निदेशक डॉ. आरके धीमन को लखनऊ का नोडल अधिकारी और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. गणेश कुमार को गोरखपुर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। कंपनी इस महीने के अंत या फिर अक्टूबर के पहले हफ्ते में तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर सकती है।
भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद व राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह पहला स्वदेशी टीका कोवैक्सीन तैयार किया है। फिलहाल दो चरण के ट्रायल किए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि तीसरे चरण का ट्रायल यूपी में लखनऊ व गोरखपुर में करने को मंजूरी दी गई है। इसमें इन दो संस्थानों के साथ-साथ और लोगों पर भी इसका परीक्षा किया जाएगा। ट्रायल के लिए जरूरी सुरक्षा व अन्य प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करवाने के लिए दो नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

राष्‍ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन पर जताया दुख

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  कोरोना महामारी की वजह से रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन हो गया है। कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले वह पहले केंद्रीय मंत्री हैं। कर्नाटक के बेलगाम से सांसद 65 साल के अंगड़ी ने बुधवार की शाम को दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंगड़ी के निधन पर गहरा दुख जताया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन के कारण दिल्ली के सरकारी कार्यालयों में गुरुवार को राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।
ज्ञात हो कि सुरेश अंगड़ी 65 वर्ष के थे। अंगड़ी ने 11 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी।   उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘आज जांच में कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मेरी स्थिति ठीक है। डॉक्टरों की सलाह ले रहा हूं। पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और लक्षण सामने आने पर जांच करवाएं।’
सुरेश अंगड़ी कोरोनावायरस की वजह से मरने वाले कर्नाटक के दूसरे सांसद हैं। इससे पहले अशोक गस्‍ती की पिछले दिनों कोरोना के कारण मौत हो गई थी। वह राज्यसभा के सांसद थे। वह कर्नाटक की बेलगाम सीट से 4 बार लोकसभा सांसद बने। वह 2004, 2009, 2014 और 2019 में बेलगाम से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे।

नया खुलासा – चीन करवा रहा था प्रधान मंत्री मोदी और राष्‍ट्रपति सहित कई लोगों की जासूसी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  युद्ध के बारे में एक पुराना सर्वमान्य सिद्धांत यह कहता है कि असली जीत वह होती है, जो वास्तविक जंग लड़े बिना जीत ली जाती है। इस नजरिये से देखें तो जून 2020 में लद्दाख की गलवन घाटी में हुई मुठभेड़ में भारत के हाथों मुंह की खाने और भारत के मुकाबले दो गुना अधिक सैनिकों की जान गंवाने के बाद से चीन लगातार ऐसी कोशिशों में लगा है, जिससे वह भारत पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना सके। इसके लिए कभी वह दुष्प्रचार फैलाने वाले अपने अखबार-ग्लोबल टाइम्स में चीनी सैनिक साजोसामान की झूठी तारीफ छाप रहा है, तो कभी लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों को खराब भोजन देने का झूठ प्रचारित कर रहा है।
सूचना के इस युद्ध में वह दो हाथ बढ़कर जासूसी की कोशिशों में भी लगा है, जिसका खुलासा हाल में दो घटनाओं से हुआ है। पहली घटना एक टेक्नोलॉजी कंपनी के माध्यम से चीन की सरकार द्वारा भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों, सेना प्रमुखों, खिलाड़ियों, उद्यमियों समेत हमारे देश के 10 हजार लोगों की निगरानी की है। दूसरी घटना चीनी खुफिया एजेंसी के लिए भारत स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार के अलावा एक चीनी महिला और नेपाली नागरिक द्वारा काम करने से संबंधित है, जिन्हें हाल में पकड़ा गया है।
चीनी और नेपाली नागरिक दो शेल (मुखौटा) कंपनियों की आड़ में जासूसी में संलग्न थे, जबकि पकड़े गए स्वतंत्र पत्रकार पर आरोप है कि वह उनकी मार्फत चीन के इंटेलिजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेजता था। यह घटना इसकी पुष्टि करती है कि चीन का खुफिया तंत्र हमारे देश में किस हद तक सक्रिय रहा है। निश्चित ही चीन की ये हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। इसी वजह से ये गिरफ्तारियां हुई हैं। सवाल है कि इस तरह की डिजिटल निगरानी या जासूसी करके चीन क्या हासिल कर पाता है और क्या चीन की भी ऐसी जवाबी डिजिटल जासूसी मुमकिन है? ताकि वहां शासन-प्रशासन के स्तर पर चल रही गतिविधियों की हमें भी सूचना मिल सके। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि आखिर चीन ऐसा कैसे कर पा रहा था?
जहां तक चीन की ओर से छेड़े गए डिजिटल सूचना युद्ध की बात है, तो इसे खुद चीन ने ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का नाम दिया है। दुनिया भर के अखबारों में इस डिजिटल जासूसी का खुलासा करते हुए बताया गया है कि विश्व की अहम हस्तियों से लेकर 25-35 लाख लोगों की गतिविधियां चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी जेनहुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नामक इस कंपनी की निगाह में थीं। इस हाइब्रिड वॉरफेयर के विस्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसमें राजनीति, कानून, खेल, फिल्म, उद्योग जगत की प्रभावशाली हस्तियों के अलावा देश के सभी क्षेत्रों के अहम लोगों और संस्थाओं पर नजर रखी जा रही थी।
साथ ही आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, ड्रग्स, सोना, हथियार या वन्यजीव तस्करी के सैकड़ों आरोपियों का भी पूरा डाटाबेस जुटाया जा रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब भारत समेत पूरी दुनिया में चीनी कंपनियों के बनाए गए मोबाइल हैंडसेट, मोबाइल एप्स और दूरसंचार के उपकरणों को जासूसी के संदेह में प्रतिबंधित किया जा रहा है, तो चीन ने दूसरे रास्ते से जासूसी के प्रबंध कर लिए।
वैसे विसू का कहना है कि चीनी सरकार के कहने पर ही इस कंपनी ने पूरी दुनिया में डिजिटल जासूसी का जाल फैलाया था। आज की तारीख में जब सूचनाएं बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं और डाटा के जरिये बड़े-बड़े उद्देश्य हासिल किए जा रहे हैं, तब यह कहा जा सकता है कि भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों के लाखों लोगों की सूचनाएं जुटाकर चीन नए किस्म का सूचना युद्ध छेड़ना चाहता है। उल्लेखनीय है कि इस चीनी कंपनी ने घोषित तौर पर अपना उद्देश्य इस तरह के डाटा जुटाकर ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का मकसद हासिल करना बताया है।

‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ शब्द से कई तरह के युद्ध साजोसामान होने का अहसास होता है, लेकिन इस चीनी कंपनी के संदर्भ में इसका उद्देश्य असैन्य तरीकों से किसी देश पर प्रभुत्व हासिल करना या उसे नुकसान पहुंचाना है। इस तरह के वॉरफेयर में कंपनी जिन लोगों और देशों की निगरानी कर रही थी, वह उनके समूचे ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ की जानकारी जुटा रही थी। इसका आशय उन व्यक्तियों की हर तरह की जानकारी है, जो इंटरनेट पर मौजूद होती है। उल्लेखनीय है कि कंपनी यह जानकारी भी इकट्ठा करती रही है कि इन लोगों और संगठनों के किन दूसरे लोगों और संगठनों के साथ संबंध हैं।
यह उन लोगों से संबंधित जगहों और उनकी आवाजाही संबंधी जानकारी भी जुटा रही थी। नियमित तौर पर इन सूचनाओं की निगरानी करते हुए यह कंपनी एक विशाल डाटाबेस तैयार कर रही थी, ताकि चीन सरकार के मांगने पर संबंधित व्यक्तियों या देशों से जुड़ी हरेक सूचना तुरंत मुहैया कराई जा सके। यह सारा कामकाज असल में लोगों और देशों की डिजिटल प्रोफाइलिंग से जुड़ा है, जिसकी मदद से उन लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने वाले उपाय किए जा सकते हैं और यही इस डिजिटल जासूसी का सबसे खतरनाक पहलू है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कोई दूसरा देश चीन की सरकार और वहां के लोगों की गतिविधियों की सूचनाएं यानी डिजिटल फुटप्रिंट हासिल न कर सके, इसके लिए चीनी सरकार ने गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी वेबसाइटों को या तो अपने यहां चलने ही नहीं दिया या चीन के लिए उनके सेंसर्ड संस्करण तैयार करवाए या उनके विकल्प ही अपने यहां तैयार करवा लिए। इनका परोक्ष फायदा यह भी है कि चीन में बैठकर विदेशी नागरिक भी आसानी से खुफिया सूचनाएं बाहर नहीं भेज सकते, लेकिन जब बात चीनी जासूसी के प्रपंच का मुकाबला करने की आती है, तो कई मुश्किलें हमारे सामने आ खड़ी होती हैं।

असल में, पहली समस्या तो यही है कि बाकी दुनिया समेत भारत भी इसका अंदाजा नहीं लगा पाया है कि चीनी दूरसंचार कंपनियां हमारे नागरिकों की हर डिजिटल गतिविधियों को न केवल दर्ज करती रही हैं, बल्कि वे सूचनाएं चीन की सरकार को मुहैया कराती रही हैं। दूसरी समस्या यह है कि जिस तरह चीन ने साइबर जगत को गुप्तचरी और निगरानी के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया है, न तो उसका तोड़ किसी देश के पास है और न ही कोई देश चीन की उसी तरह की निगरानी करने में सक्षम है।
ऐसे में अब ज्यादा अच्छा यही है कि हम अपनी सूचनाओं की रक्षा स्वयं करें। हालांकि इस मोर्चे पर हमारी तैयारियों का स्तर हाल में देश की सबसे बड़ी डाटा एजेंसी राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआइसी) पर हुए साइबर हमले से पता चला, जहां डिजिटल सेंधमारी के जरिये प्रधानमंत्री और अनेक महत्वपूर्ण हस्तियों की सूचनाओं के अलावा राष्ट्रहित की कई जानकारियां उड़ा ली गईं।
इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक तरफ हर किस्म की सूचनाओं की सुरक्षा को पुख्ता किया जाए, तो दूसरी तरफ मोबाइल समेत अन्य दूरसंचार उपकरण और एप्स बनाने वाली कंपनियों को भारत में तभी कामकाज करने की छूट मिले, जब वे यह सुनिश्चित करें कि उनके सर्वर भारत से बाहर स्थित नहीं होंगे। ऐसा करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अभी यह नहीं पता चल पाता है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरिकों का डाटा कहां जमा होता है और उसकी कोई चोरी तो नहीं कर रहा है। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इंटरनेट कंपनियां मांगे जाने पर जमा की गईं सभी डिजिटल सूचनाएं सरकार को मुहैया कराएंगी। हालांकि इसमें नागरिकों की निजता का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है, लेकिन इसका एक उपाय यह है कि निजता को अक्षुण्ण रखने के कानून असरदार ढंग से देश में लागू किए जाएं।
इस प्रसंग में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है, वह यह है कि चीन की ओर से की जा रही इस डिजिटल जासूसी की धरपकड़ तब हुई है, जब भारत ने चीनी कंपनियों के करीब 225 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाया और चीन के मोबाइल हैंडसेट निर्माताओं के खिलाफ देश में एक लहर उठी। यही नहीं, भारतीय सेना के अधिकारियों और सैनिकों से चीन निर्मित मोबाइल हैंडसेट के इस्तेमाल में सावधानी बरतने और उनके एप्स मोबाइल से हटाने के निर्देश भी पिछले कुछ समय में दिए गए हैं। चूंकि इन सारी पाबंदियों के कारण चीनी सरकार की हमारी सूचनाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई, इसलिए हाइब्रिड वॉर के लिए दूसरे रास्ते चीन ने निकाल लिए। 

इस डिजिटल चोरी का मकसद सूचनाओं को तोड़मरोड़ कर उनका इस्तेमाल अपने हित में करना है। यह इससे साफ होता है कि सूचनाएं चुरा रही चीनी कंपनी ने खुद इस प्रोग्राम का नाम ‘इन्फॉर्मेशन पलूशन, परसेप्शन मैनेजमेंट एंड प्रोपेगंडा’ रखा था। अप्रैल 2018 में कायम हुई इस कंपनी ने दर्जनों देशों एवं क्षेत्रों में डाटा के संसाधन के लिए 20 प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए और चीनी सरकार और वहां की सेना को अपना मुख्य ग्राहक घोषित कर दिया। उसके लिए ऐसा करना जरूरी था, क्योंकि चीन ने इसके कानूनी प्रबंध कर रखे हैं।
एक सूचना के मुताबिक चीन ने वर्ष 2017 में ‘नेशनल इंटेलिजेंस लॉ’ लागू किया था, जिसके अनुछेद 7 और 14 में यह प्रावधान है कि जरूरत पड़ने पर चीन की सभी संस्थाओं, कंपनियों और नागरिकों को सरकारी गुप्तचर एजेंसियों के लिए काम करना पड़ सकता है। यही वजह है कि हुआवे जैसी दूरसंचार कंपनी को अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों में शक की निगाह से देखा जाता है, क्योंकि चीनी कानून से बंधे होने के कारण उसे अपने ग्राहकों-उपभोक्ताओं की गतिविधियों की सारी सूचनाएं चीनी सरकार से साझा करनी पड़ती हैं।
संभवत: इसी कारण कई कंपनियां चीन से अपना कोई संबंध होने से इन्कार करने लगी हैं, क्योंकि उन्हें इसका अहसास हो गया है कि चीन में पंजीकृत और चीन स्थित कंपनियों को चीन के इंटेलिजेंस कानून के प्रावधानों के कारण पूरे विश्व में शक की निगाह से देखा जाने लगा है। इतना ही नहीं, अमेरिका आदि देशों में तो चीन के शोधकर्ताओं तक को संदिग्ध की तरह देखा जाने लगा है, क्योंकि कानून से बंधे होने के कारण बहुत संभव है कि वे बाहरी देशों में जाने पर वहां की सूचनाएं चीनी सरकार के साथ साझा करते हों।

NCB ने किया अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के तस्कर गिरोह का खुलासा, कई किए गये गिरफ्तार

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। किंगपिन समेत 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एनसीबी ने 8 किलो हेरोइन, 455 ग्राम कोकीन और 1 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। यह गिरोह पिछले कुछ महीनों में 52 किलो नशीले पदार्थों की तस्करी कर चुका है।
वहीं, दूसरी ओर बॉलीवुड में नशे को लेकर एनसीबी रोज नए खुलासे कर रहा है। सुशांत मामले से एनसीबी ने जांच करनी शुरू किया था, जिसमें रिया चक्रवर्ती समेत दर्जनों लोगों के नाम अब तक सामन आ चुके हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस में आए ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार हैं। उन्होंने एनसीबी को कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने 25 बॉलीवुड सेलेब्स के नाम बताए हैं, जो ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं या तस्करी करते हैं। एनसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। रिया के अलावा एनसीबी ने उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और घर में काम करने वाले दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया हुआ है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बॉलीवुड से जुड़े लोगों के मादक पदार्थों के कथित सेवन के मामले की जांच के सिलसिले में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की प्रबंधक करिश्मा प्रकाश और एक टैलेंट प्रबंधक एजेंसी के सीईओ ध्रुव चितगोपेकर को पूछताछ के लिए तलब किया है।

अब अपराधियों के लिए कठिन हो गया चुनाव लड़ना, जानिए चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन

पटना ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) अब दागदार छवि वाले नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। चुनाव आयोग ने ऐसे प्रत्याशियों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। प्रयास है कि जनता अधिक से अधिक बेदाग छवि वाले प्रत्याशियों का चयन करे और उन्हें सदन तक पहुंचा सके। आपराधिक छवि के लोगों पर सख्ती के इरादे से चुनाव आयोग ने नई गाइड लाइन जारी की है। नई गाइड लाइन के अनुसार अब प्रत्‍याशियों को अपनी करतूतों को जनता के समक्ष सार्वजनिक करना होगा।.
चुनाव आयोग की गाइडलाइन में प्रावधान कर दिए गए है कि दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को अब नामांकन पत्र में अपने अपराध संबंधी मुकदमों का ब्योरा देने के साथ ही कम से कम तीन बार यह जानकारी अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर मतदाताओं को भी देनी होगी। विज्ञापन कब प्रकाशित करना है इसका निर्धारण चुनाव आयोग करेगा। अखबार में विज्ञापन प्रकाशित होने के अगले दिन संबंधित प्रत्याशी को उस अखबार की एक प्रति विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर को देनी होगी जिसमें उसका विज्ञापन होगा।
राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारी बैजू नाथ कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को फॉर्म 26 के पारा पांच-छह में आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती थी। नई गाइडलाइन में यह व्यवस्था की गई है कि जिन प्रत्याशियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं, उन्हें नामांकन के बाद नाम वापसी के चार दिनों के अंदर अपने ऊपर चल रहे या लंबित आपराधिक मामलों का पहला विज्ञापन विधानसभा क्षेत्र में प्रसारित अखबार में कराना होगा। दूसरी बार यही विज्ञापन नाम वापसी के पांचवे से आठवें दिन और तीसरी बार मतदान के ठीक एक दिन पहले समाचार पत्र में प्रकाशित कराना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि मतदाताओं को अपने प्रत्याशी के आपराधिक मामलों की जानकारी होगी तो वे सोच समझकर मतदान करेंगे। साथ ही इस व्यवस्था के प्रभावी होने से सदन के अंदर साफ-सुथरी छवि वाले विजयी उम्मीदवार पहुंचेंगे। नई व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होगी और मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में हर प्रकार की जानकारी मिल सकेगी।

सियासी तकरार में सभी मर्यादाएं हुई तार-तार, राज्यसभा में तोड़े गए माइक, फाड़ी गई रूल बुक, मार्शलों की मौजूदगी में दो कृषि विधेयक पारित

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) राज्य सभा में धक्कामुक्की! माइक की तोड़फोड़, रूल बुक के पन्ने फाड़कर फेंकना, हल्ला व शोरगुल। यह सब दृश्य किसी स्कूल-कॉलेज के हॉस्टल या छात्रों के बीच की लड़ाई का नहीं, यह दृश्य था देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा का। रविवार को ऐतिहासिक कृषि सुधारों के लक्ष्य के साथ पेश किए गए दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान सदन इस शर्मसार करने वाले दृश्य का गवाह बना। इसी हंगामे के बीच सरकार ने दोनों विधेयकों को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित करा लिया।
सदन के पटल पर विधेयकों के रखे जाने के बाद से ही विपक्षी दल इनका विरोध कर रहे थे। इसके बाद जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों को पारित कराने के लिए कार्यवाही का समय बढ़ाने का फैसला किया, तो हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्यों ने कृषक कीमत आश्वासन व सेवा करार विधेयक तथा कृषक उपज वाणिज्य व व्यापार संवर्धन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग की। कांग्रेस के वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा के रागेश और द्रमुक के त्रिची शिवा ने बिलों को प्रवर समिति में भेजने के लिए चार अलग-अलग प्रस्ताव पेश किया। उपसभापति ने इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद हंगामे का ऐसा दौर शुरू जो सदन के इतिहास में शर्मनाक पन्ने की तरह जुड़ गया। विपक्षी दल लगातार उपसभापति पर संसदीय नियमों को ताक पर रखकर जबरन विधेयक पारित कराने का आरोप लगाया।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने इससे पूर्व राज्यसभा में अपने संक्षिप्त जवाब में कहा कि खेती पर एकांगी नजरिये से किसानों का भला नहीं होगा। नए कानून से एमएसपी पर कोई फर्क नहीं आएगा। किसानों को एमएसपी आगे भी मिलता रहेगा। विधेयक पर विपक्ष के विरोध को तोमर ने राजनीतिक करार दिया और कहा कि पीएम मोदी ने छह साल में किसानों के लिए एमएसपी में हर मौसम में बढ़ोतरी के साथ ही उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं।.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों कृषि विधेयकों के पारित होने के तत्काल बाद इसे ऐतिहासिक बताते हुए ट्वीट किया, ‘भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे।’
प्रधानमंत्री ने एक बाद एक ट्वीट कर कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। मोदी ने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।

इस तरह चला हंगामा –

  • विधेयकों पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब के दौरान उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही तय समय से आगे बढ़ाने का फैसला किया।
  • नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि समय सबकी सहमति से बढ़ना चाहिए। विपक्ष ने विधेयकों को पास कराने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कराने की मांग की।
  • विपक्षी दलों के तर्क की अनदेखी कर उपसभापति ने बिल पारित कराना शुरू कर दिया। तोमर ने भी अपना भाषण तत्काल खत्म कर दिया।
  • विपक्षी सदस्यों ने विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग शुरू कर दी।
  • आसन की ओर से अनदेखी होने पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक हाथ में लेकर व्यवस्था का प्रश्न उठाया।
  • इस पर भी संज्ञान नहीं लिए जाने पर गुस्से में डेरेक रूल बुक लेकर वेल में पहुंच गए और इसकेपन्ने फाड़ आसन की ओर उछाल दिए।
  • बौखलाए डेरेक ने आसन के माइक भी तोड़-मरोड़ दिए।
  • कांग्रेस, द्रमुक, वामदल, आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष के कई सदस्य वेल में पहुंचकर हंगामा करने लगे और उपसभापति पर जबरन बिल पास कराने का आरोप लगाया।
  • हंगामा बढ़ता देख सदन के सारे माइक बंद कर दिए गए और राज्यसभा टीवी का प्रसारण भी केवल आसन तक सीमित हो गया। आखिरकार सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित किया गया।
  • दोबारा सदन शुरू होने की हंगामा और बढ़ गया। आसन ने मत विभाजन की मांगें को यह कहते हुए खारिज कर दीं कि सदस्य अपनी सीट पर नहीं जाएंगे तो इस पर विचार नहीं हो सकता।
  • आप के संजय सिंह उग्र होते हुए आसन के चेहरे के सामने जाकर नारेबाजी करने लगे।
  • चारों तरफ मार्शलों की तैनाती के बीच हरिवंश ने दोनों विधेयकों को भारी हंगामे और अफरा-तफरी के बीच ध्वनिमत से पारित करा दिया।
  • नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन स्थगित होने के बाद भी राज्यसभा चैंबर में काफी देर तक धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही एक घंटे विलंब से शुरू हुई।

राज्यसभा को देश का उच्च सदन कहा जाता है। इसके सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोग होते हैं। उच्च सदन में रविवार को जो दृश्य दिखा, वह शर्मसार करने वाला था। इस तरह के छिछले व्यवहार की अपेक्षा राज्यसभा सदस्यों से नहीं की जाती है।
राज्यसभा में हुए हंगामे ने कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए तय शारीरिक दूरी के प्रोटोकॉल की भी धज्जियां उड़ा दीं। जिस तरह विपक्षी दलों के नेता वेल में जुटे और धक्कामुक्की हुई, उसने सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए।

पारित हुआ दो विधेयक –

  • कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा)

-यह किसानों को उनकी उपज देश में कहीं भी, किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। इसके जरिये एक देश, एक बाजार की अवधारणा लागू की जाएगी। किसान अपना उत्पाद खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकेंगे।

  • मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा
  • यह कदम फसल की बोआई से पहले किसान को अपनी फसल को तय मानकों और तय कीमत के अनुसार बेचने का अनुबंध करने की सुविधा प्रदान करता है। इससे किसान का जोखिम कम होगा। खरीदार ढूंढने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा।

कृषि क्षेत्र में सुधारों के लक्ष्य के साथ लाए गए इन दोनों विधेयकों को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें कानून की शक्ल देने के लिए केवल राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है।

24 सितंबर को सऊदी अरब से आएगा भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना महामारी के कारण विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस अपने देश लाने का काम जारी है। इसके तहत अब सऊदी अरब में फंसे भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को भारत जाने के लिए रवाना होगा। सऊदी अरब से भारतीय निर्वासितों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को रियाद-चेन्नई उड़ान से भारत पहुंचेगा।
दूतावास ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि मिशन पिछले कुछ समय से विदेश मंत्रालय के परामर्श से सऊदी निर्वासन केंद्रों में भारतीयों के मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। बयान के अनुसार, मई, 2020 में लगभग 500 निर्वासितों का पहला बैच हैदराबाद भेजा गया था। भारत में COVID-19 के प्रसार से बचने के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के अलावा कई एजेंसियां ​​दोनों छोर पर शामिल थीं और कई मंजूरी की आवश्यकता थी।
दूतावास ने वर्तमान में कहा, रियाद में मिशन, जेद्दा में वाणिज्य दूतावास, और विदेश मंत्रालय दुसरे बैच के लिए उड़ानों और संगरोध सुविधाओं की व्यवस्था कर रहा है। रियाद-चेन्नई से पहली उड़ान 24 सितंबर को प्रस्थान करने वाली है। रियाद और जेद्दा से आगे की उड़ानों पर फिलहाल काम किया जा रहा है और जल्द ही इसे अधिसूचित किया जाएगा। मिशन और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी निर्वासन प्राधिकारियों के नियमित संपर्क में हैं।

21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से खोले जा सकते हैं स्कूल

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना संक्रमण के बीच जेईई मेंस और नीट जैसी परीक्षाओं को कराने के बाद अब स्कूलों को भी खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। 21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े स्कूलों ने इसे लेकर प्लान जारी कर दिया है। इसके लिए अभिभावकों से सहमति मांगी गई है।
मार्च से ही बंद पड़े स्कूलों को खोलने को लेकर अनलॉक-4 में भी कुछ सहूलियतें दी गई हैं। इसके तहत 21 सितंबर से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूलों में 50 फीसद टीचिंग स्टाफ को स्कूल आने की अनुमति दे सकते हैं। इस दौरान कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र भी अभिभावक की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे। वैसे तो स्कूलों, कोचिंग सहित दूसरे सभी शैक्षणिक संस्थानों को 30 सितंबर तक बंद रखा गया है। इस बीच दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों को पांच अक्टूबर तक बंद रखने का घोषणा की है।
केंद्रीय विद्यालयों की ओर से अभिभावकों को स्कूलों के खोलने का पूरा प्लान भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय 21 सितंबर से फिर से खुल रहा है। ऐसे में स्वेच्छा से अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों को विद्यालय से लाने और ले जाने की पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों की खुद होगी। इस दौरान बच्चों के स्कूल आने का जो प्लान भेजा गया है, उनमें 11वीं और 12वीं के बच्चों को सिर्फ सोमवार और मंगलवार आना है। जबकि दसवीं के बच्चों को बुधवार और गुरूवार और नौवीं के बच्चों को शुक्रवार और शनिवार को आना है।
जारी प्‍लान में कहा गया है कि बच्चों को लंच और पानी की बोतल के साथ मास्क और सैनिटाइजर भी अनिवार्य रूप से लाना होगा। हालांकि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों की ओर से भेजा गया यह प्रस्ताव ज्यादातर अभिभावकों को भा नहीं रहा है। फिलहाल केंद्रीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि किसी भी बच्चे पर स्कूल आने का कोई दबाव नहीं होगा। हालांकि जो आना चाहते हैं। उन्हें फोन करके और किस संबंध में आ रहे हैं। इसकी जानकारी पहले देनी होगी।  

दिल्ली राज्य के सभी स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, राज्य सरकार ने दिया आदेश

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राज्य में सभी स्कूलों को 5 अक्टूबर, 2020 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। बता दें कि 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए आंशिक रूप से स्कूल खोलने की अनुमति भी रद्द हो गई है। महामारी के कारण दिल्ली में 16 मार्च से स्कूल बंद हैं।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने 30 सितंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया था। कहा गया था कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी, जबकि 20 सितंबर तक स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की एक्टिविटी के लिए स्कूल में आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 21 सितंबर से यदि 9वीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स अपने शिक्षक से परामर्श लेने के लिए स्कूल जाना चाहें तो वे अपने माता-पिता या अभिभावक की लिखित स्वीकृति के साथ जा सकते हैं। हालांकि, स्कूल व स्टूडेंट्स के घर कन्टेनमेंट जोन से बाहर स्थित हों, तभी इसकी अनुमति दी गई थी।
गौरतलब हो कि इससे पूर्व दिल्‍ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय से स्कूलों को फिर से खोले जाने को लेकर पैरेंट्स का विचार जानने को कहा था। एक गूगल फॉर्म के माध्यम से पैरेंट्स से उनकी सुझाव मांगी गई थी। जिसमें ज्यादातर पैरेंट्स या अभिभावक अपने बच्‍चों को महामारी के बीच स्‍कूल भेजने के खिलाफ थे। द्वारका स्थित बाल भारती स्कूल में बच्चों के 65 फीसदी माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार किया। वहीं, माउंट आबू पब्लिक स्कूल, रोहिणी में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों में से 75 प्रतिशत के माता-पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा नहीं उठाना चाहते हैं। जबकि, एक अन्य प्राइवेट स्कूल में 400 स्टूडेंट्स की क्लास में से सिर्फ 25 स्टूडेंट्स के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने के समर्थन में थे।

अब रेल यात्रियों को किराये में देना पड़ सकता है यूजर चार्ज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स omtimes ) रेलवे अब जल्द ही ट्रेन किराये में यूजर चार्ज भी वसूलना शुरू कर देगा। जिन स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है और जहां सबसे ज्यादा यात्री पहुंचते हैं, वहां यह शुल्क लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को कहा था कि स्टेशनों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराने के लिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया जाएगा। रेल यात्रियों से पहली बार इस तरह का शुल्क वसूला जाएगा।
यादव ने कहा कि शुल्क मामूली होगा और देश भर के 7000 स्टेशनों में से करीब 10 से 15 फीसद पर यह लागू होगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा, ‘हम यूजर चार्ज के रूप में बहुत छोटी सी राशि वसूलने जा रहे हैं। हम सभी स्टेशनों के लिए यूजर चार्ज की अधिसूचना जारी करने जा रहे हैं। इस तरह के स्टेशनों में दोनों, जिनका पुनर्विकास हो रहा है और जिनका नहीं हो रहा है शामिल होंगे।’
यादव ने कहा ‘स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो जाने के बाद राशि रियायत में चली जाएगी। तब तक यह राशि रेलवे को स्टेशनों में सुविधाओं के सुधार के लिए मिलती रहेगी। यह एक मामूली राशि होगी, लेकिन यदि हम हवाई अड्डे -जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराना चाहते हैं तो यह लेवी महत्वपूर्ण है। हम अपने सभी बड़े रेलवे स्टेशनों को विकसित करना चाहते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे सभी 7000 स्टेशनों पर लेवी नहीं लगाएगा, लेकिन उन सभी बड़े स्टेशनों जहां अगले पांच वर्षो में आने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी वहीं लेवी की वसूली की जाएगी।
गौरतलब हो कि दक्षिण पश्चिम रेलवे ने पिछले दिनों प्लेटफार्म टिकटों की कीमत में 400 फीसद की वृद्धि करने की घोषणा की थी। दक्षिण पश्चिम रेलवे का कहना था कि यह कदम कोरोना काल में रेलवे प्लेटफार्मों पर भीड़ को रोकने के लिए लगाया गया। चुने हुए रेलवे स्टेशनों पर टिकट की कीमत 10 रुपये से 50 रुपये हो गई है।

दुबई ने एयर इंडिया की सभी उड़ानों को 2 अक्टूबर तक के लिए किया निलंबित

दुबई/ मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दुबई ने एयर इंडिया की सभी सेवाओं को अपने देश में 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया है। विमान में सवार एक कोरोना संक्रमित यात्री के मिलने के बाद दुबई प्रशासन ने यह फैसला किया है। दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। बयान में कहा गया है कि जयपुर से दुबई आ रहे विमान में सवार एक कोरोना पॉजिटिव यात्री के पाए जाने के बाद एयर इंडिया की सभी विमान सेवाओं को अगले 15 दिनों यानि 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।
यूएई सरकार के नियमों के अनुसार, भारत से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 96 घंटे पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण से मूल कोरोना-नेगेटिव प्रमाणपत्र लाने की आवश्यकता होती है। अधिकारियों ने कहा कि एक यात्री, जिसके पास COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट था, जिसने 2 सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस ‘जयपुर-दुबई फ्लाइट 4 सितंबर को यात्रा की थी। इसी तरह की एक घटना पहले एयरलाइन की दुबई की अन्य उड़ानों में से एक यात्री के साथ हुई थी।
अधिकारियों ने कहा कि इसलिए, दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों के दौरान भारत से दुबई के लिए COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट के साथ उड़ने वाले यात्रियों की दोनों घटनाएं पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हुईं।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि वह यात्रियों की कठिनाई को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपनी चार दुबई उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जो शुक्रवार को भारत से संचालित होने वाली हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेश से आने वाले यात्रियों को एंट्री पोर्ट पर कोरोना जांच के बाद निगेटिव होने पर ही घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने की अनुमति मिलेगी। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विदेश से आए सभी यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट निगेटिव रहने पर ही वे अपने शहर के लिए घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ सकेंगे। कोरोना जांच की रिपोर्ट आने में करीब सात घंटे लगेंगे। इस दौरान उन्हें एंट्री पोर्ट के लाउंज में ही समय बिताना होगा।

सुशांत सिंह केस में NCB का एक और ऐक्शन, 4 और ड्रग पेडलर को किया गिरफ्तार

मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes ) फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के मामले में ड्रग एंगल की जांच कर रही एनसीबी की टीम इस समय पूरे एक्शन में है। इस केस में रिया चक्रवर्ती, भाई शौविक चक्रवर्ती और सैम्यूअल मिरांडा समेत कई लोगों पर शिकंजा कसने के लिए एनसीबी लगातार छापेमारी कर रही है। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पेडलर्स को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के ड्रग पेडलर राहिल विश्राम को 1 किलो चरस के साथ पकड़ा गया। एनसीबी ने उसके पास से 4.5 लाख रुपये नकद भी जब्त किया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ज़ोनल डायरेक्टर ने बताया कि राहिल का सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले से संबंधित अन्य पेडलर्स से सीधा संपर्क है।
वहीं, सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सलियन की मौत पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि मौत से पहले दिशा ने 100 नंबर पर कॉल किया था। जिसपर मुंबई पुलिस की तरफ से बयान आया है। पुलिस के एक अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि दिशा सलियन के फोन से आखिरी कॉल उनकी दोस्त अंकिता को की गई थी। उसके आखिरी बार 100 नंबर डायल करने का जो दावा किया जा रहा है, वह गलत है। दिशा सलियन 8 जून को मुंबई में मृत पाई गई थी।
इससे पहले एनसीबी सुशांत केस में ड्रग से जुड़े दो और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमे से एक शौविक का दोस्त जयदीप मल्होत्रा है, जिसे 18 सितंबर तक एनसीबी की हिरासत में सौंप दिया गया है। जबकि एनसीबी की टीम ने गोवा में छापा मारकर क्रिस कोस्टा को दबोचा। मुंबई लाकर उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई गई। उसे 17 तक एनसीबी के हवाले किया गया है। इन दोनों को मिलाकर एनसीबी इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एनसीबी के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिब होने की वजह से श्रुति मोदी से पूछताछ नहीं हो सकी। सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति को एनसीबी ने टैलेंट मैनेजर जया साहा के साथ तलब किया था। एसआइटी उससे पूछताछ शुरू ही करने वाली थी तभी टीम के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिव होने की रिपोर्ट आ गई। इस पर टीम के सभी अन्य सदस्यों की कोरोना जांच कराने का फैसला किया गया। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए श्रुति को बिना पूछताछ के लौटा दिया गया।
रिया चक्रवर्ती द्वारा सुशांत सिंह की दो बहनों प्रियंका, मीतू और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डाक्टर तरुण कुमार के खिलाफ मुंबई के बांद्रा थाने में दर्ज कराई गई एफआइआर पर सीबीआइ कानूनी परामर्श ले रही है। डाक्टर पर सुशांत के लिए घबराहट के इलाज के लिए फर्जी नुस्खा लिखने का आरोप लगाया गया है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार एजेंसी जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय लेगी। किसी निर्णय पर पहुंचने के लिए सभी पहलुओं को समझने के लिए वह कानून के जानकारों से राय लेना जरूरी समझ रही है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का किया उद्घाटन, कहा- दरभंगा में AIIMS का भी जल्द होगा निर्माण

पटना ( ऊँ टाइम्स omtimes )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार को रेलवे की आधरभूत संरचना में सुधार के लिए बड़ी सौगातें दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के चालू होने से करीब नौ दशक बाद कोसी व मिथिलांचल आपस में रेल मार्ग से जुड़ेंगे। नेपाल सीमा के पास स्थित इस ब्रिज का रणनीतिक महत्व भी है। कोरोना संक्रमण के काल के दौरान इसके निर्माण में प्रवासी मजदूरों ने भी अपना योगदान दिया है। इस इसके अलावा प्रधानमंत्री रेलवे से संबंधित 12 अन्‍य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

गुजरात में 71 फीट लंबा नमो केक काटकर मनाया गया पीएम मोदी का जन्मदिन

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70 वे जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए 71 फीट लंबा केक बना कर कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया गया। इस केक को सूरत में ब्रेडलिनर बेकरी ने तैयार किया है, जिसकी लंबाई 71 फीट है, और उसका वजन 771 किलो है। मोदी जी के जन्म दिन के मौके पर इस केक को बच्चों में बांटा गया है।
बच्चों को केक बांटने के बाद बचे हुए केक को 500 ग्राम में के टुकड़ों में बांटकर गुजरात के वापी से वडोदरा तक बेकरी के कई आउटलेट्स पर बेचा जाएगा। इसके अलावा, बेकरी एक डिजिटल केक काटने की मेजबानी भी करेगा।
यह बेकरी पिछले तीन सालों से मोदी जी का बर्थडे सेलिब्रेट करती आ रही है। इतना ही नहीं बेकरी सामाजिक जागरूकता प्रोग्राम भी आयोजित कर रही है। इस साल के आयोजन पर आयोजक नितिन पटेल ने बताया कि मोदी जी के बर्थडे के मौके पर केक काटने की रस्म सोशल डिस्टैंसिंग और जरूरी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए की गई !
इस आयोजन में सात कोरोना योद्धा जिसमें मीडिया, पुलिस, प्लाज्मा डोनर और डॉक्टर शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टैंसिंग को ध्यान में रखते हुए हम जल्द से जल्द एक डिजिटल कार्यक्रम का भी आयोजन करेंगे।
सूरत की पूर्व महापौर और कोरोना योद्धा अश्मिता शिरोया ने 711 किलोग्राम का केक काटा और ये संदेश दिया कि हम कोरोना से जीतेंगे और हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे। 

यूपी के बरेली में एक निजी हास्पिटल संचालक की हुई हत्या

बरेली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले में हिन्दू युवा वाहिनी के मीरगंज तहसील प्रभारी व निजी हास्पिटल संचालक डॉ. संजय सिंह भदौरिया की कुछ लोगो ने हत्या कर दिया है। हत्याराेपितों ने देर रात घटना को अंजाम दिया। वह हिन्दूवादी नेता का शव अस्पताल परिसर के अंदर ही छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस सीसीटीवी कैमरे के जरिए हत्यारोपितों तक पहुंच गई है। जिसके चलते उनके जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।
बरेली में हिन्दू युवा वाहिनी के नेता डॉ. संजय सिंह भदौरिया की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गयी। उन्हें किसी तेज धार वाले चाकू से काटा गया। भयावह तरीके से उनका क़त्ल किया गया। डॉ. संजय सिंह, हिंदूवादी संगठन चलाते थे और राजनीतिक रूप से समाज में काफी सक्रिय थे। मीरगंज तहसील से हिन्दू युवा वाहिनी के प्रभारी डॉक्टर संजय सिंह दुनका में अपना निजी हाॅस्पिटल चलाते थे। रोज की भांति बुधवार की रात को वह अपने हास्पिटल परिसर में ही सो रहे थे। देर रात अज्ञात बदमाशों ने अस्पताल परिसर के अंदर ही हिंदू युवा नेता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फरार हो गए। डॉक्टर संजय सिंह का शव जब सुबह हॉस्पिटल परिसर के अंदर रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला तो सनसनी फैल गई। निजी हास्पिटल संचालक की हत्या की जानकारी मिलते पुलिस अफसर घटना स्थल पर पहुंच गए। डॉ. संजय के सहयोगी अनुज प्रताप ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। अनुज ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय की हत्या किसी राजनीतिक द्वेष के चलते ही की गई है। हिंदूवादी नेता की दुनका पुलिस चौकी के नजदीक हत्या हो जाने से इलाके में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधिकारियो ने तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलवाया, इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमें पुलिस को हत्याराेपित नजर आए। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हत्यारोपितो की पहचान करते हुए उनकी तलाश शुरु कर दी। जानकारी के अनुसार पुलिस हत्यारोपित तक पहुंच गई है। हांलाकि पुलिस अधिकारी हत्यारोपित को हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं कर रहे है।

40 और स्पेशल ट्रेन 21 सितम्बर से उतरेंगी पटरी पर, रिजर्वेशन के लिए मिलेगा 10 दिन का समय

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेल मंत्रालय अब धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरी पर उतार रहा है। 21 सितंबर से 40 और नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव कहां होगा और किस स्टेशन से रवाना होगी, इसकी सूचना रेल मंत्रालय ने 15 सितंबर को जारी कर दी है।

रेल मंत्रालय ने देश भर में दौड़ने वाली 40 ट्रेनों की सूची जारी की, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत-

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच में आने जाने वाली ट्रेन संख्या 04251-04252 हमसफर की तर्ज पर दौड़ाई जाएगी। इसका किराया जनशताब्दी के समान होगा। इन ट्रेनों का ठहराव तय कर लिया है, लेकिन इस में कुछ बदलाव करना होगा, जिसके लिए मंडल और जोन संयुक्त रूप से बदलाव कर सकेंगे। इनमें आठ ट्रेनें प्रतिदिन दौड़ेंगी, जबकि कुछ सप्ताह में एक दिन तो कुछ सप्ताह में तीन दिन दौड़ेंगी। इन ट्रेनों में दस दिनों में रिजर्वेशन कराया जा सकेगा। ट्रेनों में डिब्बों की संख्या 22 तक होगी।

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच हमसफर की तर्ज पर दौड़ने वाली ट्रेन का लिया जाएगा जनशताब्दी का किराया –

आप को बता दें कि 12 सितंबर से 80 ट्रेनें पटरी पर उतर चुकी हैं, जिसके संचालन के बाद इन ट्रेनों को पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया। शारीरिक दूरी, यात्रियों की स्क्रीनिंग, स्टेशन पर पहले आने जैसे नियम पहले की तरह ही जारी रहेंगे। बिना रिजर्वेशन किसी की भी एंट्री ट्रेन में नहीं होने दी जाएगी।

ये ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी, यहां रुकेंगी-

ट्रेन नंबर 02563 /02564 आना-जाना सहरसा से न्यू दिल्ली-ठहराव-बरौनी, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर, 03391 /03392 () आना-जाना राजगीर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, लखनऊ, 02569/02570 आना-जाना दरभंगा से न्यू दिल्ली-ठहराव-समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी।

ये ट्रेनें सप्ताह में कुछ दिन चलेंगी

सप्ताह में एक दिन से लेकर तीन दिनों तक चलेंगी ये ट्रेनें – इन में ट्रेन संख्या 02573/02574 आना-जाना मुजफ्फरपुर से दिल्ली-ठहराव-गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, 03293 / 03294 आना-जाना राजेंद्र नगर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, 05485 / 05486 आना-जाना कटिहार से दिल्ली-ठहराव-खगड़िया, बरौनी बाय पास, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, टुंडला, अलीगढ़, 04653 / 04654 आना-जाना न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर-ठहराव-कटिहार, समस्तीपुर, छपरा, गोरखपुर, सीतापुर जंक्शन, मुरादाबाद, सहारनपुर, 04651 / 04652 आना-जाना जयनगर से अमृतसर-ठहराव-समस्तीपुर, छपरा, शाहगंज, लखनऊ, मुरादाबाद, दिल्ली, अंबाला कैंट, 04059 / 04060 आना-जाना वाराणसी से न्यू दिल्ली-ठहराव-लखनऊ, मुरादाबाद, 04055 / 04056 आना-जाना बलिया से दिल्ली-ठहराव- गाजीपुर सिटी, जौनपुर, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, 04251 / 04252 आना-जाना लखनऊ से न्यू दिल्ली-ठहराव- कानपुर, टुंडला तक चलेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02787 / 02788 आना-जाना सिकंदराबाद से दानापुर-ठहराव- बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, कटनी, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, 07379 / 07380 आना-जाना वास्को से निजामुद्दीन-ठहराव-माडगांव।

बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, इटारसी, भोपाल, झांसी, आगरा कैंट, 06509 / 06510 आना-जाना बेंगलुरू से दानापुर-ठहराव- कटपड़ी, चेन्नई, विजयवाड़ा, वारांगल, बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज चेओकी, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा, 06523/06524 आना-जाना यसवंतपुर से निजामुद्दीन-ठहराव- हुबली, बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, भोपाल, झांसी, 09465/09466 आना-जाना अहमदाबाद से दरभंगा-ठहराव- रतलाम, उज्जैन, गुना, झांसी, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, शाहगंज, छपरा, समस्तीपुर, 09415/09416 आना-जाना अहमदाबाद से दिल्ली-ठहराव- अबू रोड़, अजमेर, जयपुर, 09065/09066 आना-जाना सूरत से छपरा-ठहराव- भूसावल, इटारसी।

जबलपुर, प्रयागराज जंक्शन, वाराणसी, शाहगंज, 09025/09026 आना-जाना बांद्रा (टी) से अमृतसर-ठहराव- वडोदरा, रतलाम, कोटा, न्यू दिल्ली, अंबाला कैंट, चंडीगढ़, 09447/09448 आना-जाना अहमदाबाद से पटना-ठहराव- रतलाम, कोटा, आगरा फोर्ट, कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक चलेगी।

सनसनीखेज खुलासा, मुंबई पुलिस यदि उस वीडियो की जांच करती तो आज जिंदा होते सुशांत

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबधक कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख राकेश अस्थाना से मुलाकात कर उनसे बॉलीवुड के कुछ कलाकारों के कथित ड्रग वीडियो मामले में शिकायत किया है । उन्होंने एक साल पहले भी इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि उस समय बॉलीवुड कलाकारों को ड्रग पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली जाती तो संभवतः सुशांत सिंह राजपूत की मौत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 अगस्त को उन्होंने मुंबई पुलिस से वीडियो के आधार पर शिकायत किया था । वीडियो को ट्वीट करने के साथ उन्होंने मुंबई पुलिस को स्पीड पोस्ट से लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की थी। इस मामले में कई बार मुंबई पुलिस को रिमांडर भी भेजा लेकिन, उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्हें ईमेल करके कुछ जानकारी तो मांगी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एक विधायक की शिकायत पर भी जांच नहीं किए जाने से मुंबई पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठता है। यदि उस समय मुंबई पुलिस तत्परता दिखाती और बॉलीवुड में ड्रक के कारोबार और उपयोग की जांच होती तो सुशांत को बचाया जा सकता था।
सिरसा के द्वारा पिछले वर्ष अगस्त में ट्वीट किए गए वीडियो में एक पार्टी चल रही है, जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े कलाकार नशे की हालत में दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उड़ता पंजाब फिल्म के जरिये पंजाब और वहां के युवकों को बदनाम करने वाला शाहिद कपूर खुद ड्रग लेने के आदि हैं। उन्होंने एनसीबी प्रमुख से इस मामले की जांच करने की मांग की है जिससे कि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि एनसीबी प्रमुख ने वीडियो की जांच कराने की मांग की है।

यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने दिया निर्देश-हर जगह पर रखा जाए टेस्टिंग किट का बैकअप

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स omtimes ) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रसार पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार अंकुश लगाने के प्रयास में हैं। मुख्यमंत्री लगभग रोज अपनी कोर टीम (टीम-11) के साथ कोरोना के साथ अनलॉक-4.0 की समीक्षा किया।
लोकभवन में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के बाद अफसरों को टेस्टिंग किट का बैकअप की रखने का निर्देश दिया। उन्होंने इससे पहले दवा व ऑक्सीजन सिलेंडर का बैकअप रखने को कहा था। मुख्यमंत्री ने आज पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा चिकित्सा संस्थानों में टेस्टिंग किट का बैकअप रखा जाए। जिससे कि हर प्रकार का जांच कार्य सुगमतापूर्वक सम्पन्न होता रहे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को प्रदेश के हर जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा हर मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करें। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार बढ़ते संक्रमण वाले लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर तथा मुजफ्फरनगर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सालयों तथा मेडिकल काॅलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑक्सीजन निर्धारित मूल्य पर ही मिले। किसी भी दशा में ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए।  मुख्य सचिव कार्यालय हर दिन जिला प्रशासन से संवाद बनाकर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण करे। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग तथा पुलिस समन्वय से पब्लिक एड्रेस सिस्टम को संचालित करें। कोविड-19 से बचाव व यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से चैराहों तथा बाजार आदि में प्रसारित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कोविड हेल्प डेस्क को हर जगह पर पूरी सक्रियता से संचालित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान की खरीद के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी हों। उन्होंने बिजनौर के गौ-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश देने के साथ ही हर जगह पर आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए एलर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करने को कहा है।

विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं गुजरात के तार, गोधरा से युवक किया गया गिरफ्तार

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  विशाखापट्टनम जासूसी कांड से गुजरात के तार जुड़े होने की पुष्टि होने के बाद नेशनल इन्‍वेस्‍टिगे‍टिंग एजेंसी ने गोधरा से एक युवक को गिरफ्तार किया है। इमरान नामक युवक आइएसआइ के मॉडल पर भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल ने एनआइए को बधाई देते हुए इसकी पुष्टि की है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड की जांच कर रहे राष्‍ट्रीय अन्‍वेषण अभिकरण (NIA) ने गुजरात के गोधरा से इमरान नामक एक युवक की धरपकड की है। इमरान यहां कपड़े का कारोबार करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इमरान के तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं। पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ (ISI) के इशारे पर वह भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। नौसेना तथा भारत सरकार की कई अहम जानकारियां वह विशाखापट्टनम में बैठे अपने आकाओं के माध्‍यम से पाकिस्‍तान पहुंचाया करता था। एनआइए को पहली सफलता मई 2020 में मिली थी, जब उसने इस कांड के प्रमुख साजिशकर्ता मोहम्‍मद हारुन लकड़ावाला को गिरफ्तार कर लिया था। एनआइए ने दिसंबर 2019 को ही यह केस अपने हाथ में लिया था। जांच के शुरुआती दस दिनों में ही एनआइए नौसेना के 7 अफसरों व एक हवाला ऑपरेटर को जासूसी के आरोप में पकड़ लिया था। एनआइए अब तक इस मामले में 15 लोगों की धरपकड़ कर चुकी है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान और भारत के विभिन्न शहरों के लोग शामिल हैं। पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौसेना के अफसरों को फंसाती थी। दरअसल फेसबुक व अन्‍य माध्‍यमों पर महिलाओं के जरिए नौसेना के अफसरों को फंसाकर उन्‍हें हनी ट्रैप या हवाला ऑपरेटरों के जरिए नकदी देकर फंसा लिया जाता था।
एनआइए ने गुजरात के गोधरा से एक व्‍यक्ति की धरपकड़ की है, जिसके तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुडे हैं। वह नौसेना की गुप्‍त व अहम जानकारियां उन तक पहुंचाता था, पकड़ा गया युवक आइएसआइ की शह पर कपड़ा कारोबार की आड़ में यह जासूसी कर रहा था।

संसद में भी पहुंच गया कोरोना, मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद मिले संक्रमित

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  मानसून सत्र में मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। मानसून सत्र का आज पहला दिन है। कोरोना संक्रमित सांसदों में अनंत कुमार हेगड़े और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा भी शामिल हैं। भाजपा के कुल 12 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें शिवसेना, डीएमके और वाईआरएससी  के भी सांसद कोरोना संक्रमित हैं।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सांसदों का कोरोना टेस्ट किया गया था। इनमें से अभी तक 17 सांसदों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना टेस्ट का इंतजाम 13 और 14 अगस्त को संसद परिसर में ही किया गया था। सांसदों तथा कर्मचारियों समेत 4000 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की गई है।

भाजपा के 12 सांसद पाए गए कोरोना से संक्रमित – मीनाक्षी लेखी (भाजपा), प्रवेश साहिब सिंह (भाजपा), सत्यपाल सिंह (भाजपा), सुखबीर सिंह (भाजपा), सुकांता मजूमदार (भाजपा), अनंत हेगड़े (भाजपा), जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (भाजपा), रामशंकर कठेरिया (भाजपा), प्रताप राव पाटिल (भाजपा), विद्युत बरन महतो (भाजपा), प्रधान बरुआ (भाजपा), रोडमल नागर (भाजपा) हनुमान बेनीवाल (आरएलपी), जी माधवी (वाईआरएससी), प्रताप राव जाधव (शिवसेना), एन रेडेप्पा (वाईआरएससी), और सेल्वम जी (डीएमके)।

कोरोना संकट के बीच इस बार के मानसून सत्र में ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए थे। आज से ही संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, जो कि 18 दिनों तक चलेगा। 
वहीं, इस बीच आज मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में कोरोना संकट पर बहस हुई। कोरोना वायरस पर लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि अधिकतम मामले और मौतें मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, असम, केरल और गुजरात से हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयासों की वजह से देश में कोरोना को सीमित करने में कमयाबी मिली। प्रति 10 लाख जनसंख्या पर भारत में 3,328 मामलें हैं और 55 मौतें हैं, जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कम है।

कार्य में लापरवाही के कारण लखनऊ के एसपी ग्रामीण हटाए गए और मलिहाबाद इंस्पेक्टर हुए निलंबित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस जिले के मलिहाबाद इलाके में युवक की मौत के बाद हुए उपद्रव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गंभीरता से लिया है। लखनऊ के एसपी ग्रामीण आदित्य लंगेह को हटा दिया गया है। उनकी जगह सीबीसीआईडी के एसपी हृदयेश कुमार को तैनात किया गया है।
इसी मामले में आईजी ने मलिहाबाद कोतवाली के इंस्पेक्टर सियाराम को निलम्बित कर दिया। नामजद आरोपियों पर रासुका लगाने की संस्तुति की जायेगी। पूरे प्रकरण की जांच सीओ मलिहाबाद को सौंपी गई है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने पीड़ित परिवार से मिलकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मृतक रामविलास रावत की पत्नी सुमन देवी के बैंक खाते में पांच लाख रुपये की राहत राशि जमा करवाई।
डीएम ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान दिलाया जाएगा। सुमन को विधवा पेंशन और पिता पंचम को वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी। उधर मलिहाबाद में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रखा गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
हत्या के आरोप में तीनों गिरफ्तार
दिलावरनगर गांव में रहने वाले पंचम रावत के बेटे रामविलास (32) की गुरुवार को दो बाइक में टक्कर के बाद हुए विवाद में मौत हो गई थी। घर वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के गुलाम अली, मुस्तकीम, मुकीद, शानू और गुड्डू को नामजद किया था। आरोप था कि पुरानी रंजिश में बेटे पर बाइक चढ़ाई, फिर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।
पुलिस लापरवाह बनी रही और सड़क हादसा बताती रही। इससे गुस्साए लोगों ने गुरुवार व शुक्रवार को प्रदर्शन किया। पथराव कर बाइक फूंक दी। पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। आईजी लक्ष्मी सिंह ने ग्रामीणों को शांत कराया। आईजी ने बताया कि मुकदमे को हत्या की धारा में कर दिया गया है। इसमें मुफीद, गुलाम अली और मुस्तकीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शनिवार सुबह से ही दिलावरनगर में अफसरों व जनप्रतिनिधियों का आना शुरू हो गया था। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे रहे। पर, ग्रामीणों में पुलिस की लापरवाही को लेकर गुस्सा बना हुआ है। उनका कहना है कि शुक्रवार को एडीएम, एसडीएम और पुलिस उन लोगों को ही गलत ठहराती रही थी। बवाल बढ़ने के लिए यही लोग जिम्मेदार है। प्रदर्शन से रोकने पर ही हंगामा बढ़ गया था। बिना जांच के ही पुलिस हत्या को सड़क हादसा बताने लगी थी।

45 दिनों तक गोरखपुर के इस रूट पर सफर करने वालों को झेलनी होगी परेशानी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा जाने वाला मार्ग करीब 45 दिन बंद रहेगा। सीवर लाइन बिछाने के लिए इस सड़क की खुदाई कर रास्ता डायवर्ट कर दिया गया है। इसकी वजह से इस रास्ते से जाने वाले लोगों को अब एयरपोर्ट से पहले नंदा नगर पुलिस चौकी या बिछिया पीएसी गेट होकर जाना होगा। तकरीबन 40 हजार आबादी इससे प्रभावित होगी।
आप को बता दें कि जल निगम की ओर से नंदानगर इलाके में करीब 100 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा मुख्य मार्ग की खुदाई कर डायवर्ट कर दिया गया है। इससे इस सड़क से जाने वाले झरना टोला, दरगहिया, नीना थापा, केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, एयरफोर्स, एयरफोर्स हॉस्पिटल, गायत्री नगर, लालगंज, कोड़इया, पवन बिहार, मोहनापुर इलाके के लोगों को अब रास्ता बदल कर जाना होगा।.
झरना टोला वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि रमेश प्रताप गुप्ता ने बताया कि अब इन इलाके के लोगों को एयरफोर्स से पहले नंदा नगर पुलिस चौकी होते हुए या फिर बिछिया पीएसी गेट होकर जाना होगा। तकरीबन 40 हजार की आबादी इससे प्रभावित होगी।.
जल निगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने बताया कि छह सौ मीटर लंबाई में और करीब साढ़े चार मीटर गहराई में सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसकी वजह से छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा मार्ग की खुदाई की गई है। बीते शुक्रवार से 45 दिन तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान रुट बंद रखने को लिखा गया है।

भारत और दस देशों के संगठन ASEAN ने पांच साल के लिए बढ़ाई सक्रिय साझेदारी, समुद्री सहयोग भी पर भी सहमति

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत और दस देशों के संगठन आसियान ने शनिवार को अपनी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और इसको बढ़ावा देने के लिए पांच साल की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। समीक्षा के दौरान समुद्री व्यापार, आवागमन और सुरक्षा मामलों में सहयोग पर खासतौर पर चर्चा हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये हुई भारत-आसियान बैठक में कोविड महामारी से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर और थाइलैंड के विदेश मंत्री डॉन प्रमुद्विनाई ने संयुक्त रूप से की। बैठक में बाकी नौ आसियान सदस्य देशों के विदेश मंत्री भी शामिल हुए।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की इस एसोसिएशन के दस सदस्य देश अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया के निकट सहयोगी हैं। आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रूनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया शामिल हैं। आसियान देशों की कुल आबादी 185 करोड़ है जबकि इनकी जीडीपी तीन लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की है।
शनिवार को हुई बैठक का महत्व इसलिए भी ज्यादा था, क्योंकि चीन दक्षिण चीन सागर पर कब्जा कर वहां अपनी आक्रामकता दिखा रहा है। साथ ही लद्दाख में घुसपैठ कर वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर रहा है। दक्षिण चीन सागर पर आसियान देशों का भी अधिकार है लेकिन वह इसे नहीं मान रहा।
बैठक में 2016-2020 के बीच भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों के विकास की समीक्षा की गई और इसे अगले पांच साल के लिए और बढ़ाने का फैसला किया गया। अगले पांच साल में व्यापार, निवेश बढ़ाने के साथ ही लोगों की आवाजाही भी बढ़ाई जाएगी जिससे आपस में बेहतर संबंध स्थापित हों।

रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स मामले में लिया सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह तथा सिमोन खंबाटा आदि का नाम

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   NCB के सूत्रों ने खुलासा किया है कि रिया चक्रवर्ती, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिजाइनर सिमोन खंबाटा के साथ ड्रग्स लिया करती थीं l सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद रिया चक्रवर्ती नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के रडार पर आ गईं। एनसीबी द्वारा उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की गईl
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट अदालत ने रिया को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, और तब से वह जमानत पाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस बीच यह बताया जा रहा है कि रिया ने बॉलीवुड के कई कलाकारों के नाम लिए हैं, जिन्होंने सुशांत के साथ ड्रग्स का सेवन किया था। इन सबके बीच ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि रिया ने सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिजाइनर सिमोन खंबाटा का नाम लिया है।

ड्रग केस में NCB कर रही है ताबड़तोड़ छापेमारी, अंधेरी से करमजीत सिंह गिरफ्तार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुशांत सिंह केस में ड्रग एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब पूरे एक्शन में है। ड्रग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इसी के तहत एनसीबी ने ड्रग मामले से जुड़े एक आरोपी करमजीत सिंह को मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एनसीबी ने मुंबई और गोवा में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस दौरान भारी तादात में ड्रग्स के सात 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। एनसीबी ने लगभग 4.5 किलोग्राम हेरोइन, 445 ग्राम कोकीन और 1.1 किलोग्राम मारिजुआना जब्त किया है, जिसे छह पार्सल के माध्यम से भारत भेजा गया था। उधर, रिया ने एनसीबी के सामने लगभग 15 बॉलीवुड हस्तियों का नाम लिया है, जो ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी लोग अब एनसीबी के निशाने पर हैं। 
शुक्रवार को विशेष अदालत ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जु़ड़े ड्रग्स प्रकरण में गिरफ्तार अभिनेत्री रिया चक्रवती, उसके भाई शौविक तथा चार अन्य आरोपितों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। इन सभी को एनडीपीएस एक्ट में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल ये सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। एनसीबी के अनुसार रिया अपने भाई शौविक एवं सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा तथा उसके पूर्व स्टाफ दीपेश सावंत के साथ ड्रग्स सिंडीकेट का हिस्सा थी।
वहीं, रिया ने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह एनसीबी द्वारा तीन दिनों तक पूछताछ के दौरान दर्ज किए कुबूलनामा से भी मुकर गई है। उसने दावा किया है कि एनसीबी अधिकारियों ने उसे खुद के दोषी होने संबंधी बयान देने के लिए मजबूर किया था। दूसरी ओर, एनसीबी ने जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए दलील दी थी कि रिया इस बात से वाकिफ होते हुए भी कि राजपूत ड्रग्स लेते थे, वह ड्रग खरीदती रही।
एनसीबी का यह भी कहना था कि भले की बरामद ड्रग्स की मात्रा कम थी, लेकिन यह 1,85,200 रपये मूल्य की व्यावसायिक मात्रा थी। एनसीबी ने जमानत अर्जियों पर जवाबी हलफनामे में कहा कि रिया और शौविक चक्रवर्ती ने सुशांत राजपूत के लिए उनके कहने पर ड्रग्स के इंतजाम किए और उसके पैसे चुकाए।

ड्रग्स के साथ बॉलीवुड का कनेक्शन? रिया के खुलासे के बाद 15 फिल्मी हस्तियां हैं रडार पर

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बहुचर्चित सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग कनेक्शन को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती ने करीब 15 ऐसे बी-ग्रेड बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के नाम उजागर किए हैं, जो ड्रग लेने में शामिल रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि इन 15 बॉलीवड हस्तियों में से कुछ ड्रग्स के खरीददार हैं तो कुछ उसका सेवन करते हैं।
एनसीबी की जांच में यह भी पता चला है कि कुछ ऐसा सर्किल है जो ड्रग्स को खरीदता है और उसके बाद सेलिब्रिटीज को सप्लाई करता हैं।
एनसीबी की पूछताछ में यह भी पता चला कि रिया का भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत का नौकर दीपेश सावंत लॉकडाउन के दौरान ड्रग्स की डिलीवरी के लिए अप्रैल महीने में कुरियर सर्विस का इस्तेमाल किया था। कुरियर ब्वॉय ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने दीपेश से कुरियर लिया था और लॉकडाउन के दौरान शौविक चक्रवर्ती को पहुंचाया था।
पूछ-ताछ के दौरान कुरियर ब्वॉय ने बयान में यह बताया कि उसने सुशांत के घर पर दीपेश से कुरियर लिया और रिया के घर पर उसके भाई शौविक को वह कुरियर दिया, जिसके अंदर आधा किलो ड्रग्स रखा हुआ था। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कुरियर ब्वॉय के मोबाइल में दीपेश और शौविक का नंबर भी सेव किया हुआ था। कुरियर ब्वॉय, शौविक और दीपेश की कॉल डिटेल्स भी ड्रग्स को ले जाने की बात की पुष्टि करती है। इस बारे में दीपेश, शौविक और कुरियर ब्वॉय से सवाल जवाब भी किया गया।
सुशांत सिंह मौत मामले में ड्रग्स केस को लेकर मुंबई के स्पेशल कोर्ट ने आज शुक्रवार को एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने भी अब्दुल बासिल, जैद, दीपेश सावंत और सैम्युअल मिरांडा की जमानत याचिका खारिज कर दिया। इन सभी को एनसीबी ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – रेल पटरियों के किनारे बसे अवैध बस्तियों को हटाने में राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भले ही सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षा के दृष्टिकोण पर विचार कर यह निर्देश दिया है, किंतु कुल मिलाकर संदेश यह भी गया है कि रेल पथ के इर्द-गिर्द किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई उचित नहीं है। अत: केवल दिल्ली में ही नहीं, वरन पूरे देश में रेल पथ को अतिक्रमण मुक्त कराना भारतीय रेल और शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी बन जाता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेल पटरियों के किनारे बसी अवैध बस्तियों को हटाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिया है, किंतु यह समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। नगरों-महानगरों में रेल पथ के इर्दगिर्द इस तरह का अतिक्रमण आम है। इससे न केवल रेल यातायात बाधित होता है, बल्कि सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। साथ ही इन अवैध बस्तियों में हर तरह का अपराध भी फलता-फूलता है। रेल यात्रियों सहित आम शहरी इसका शिकार बनते हैं।
वहीं, एक पहलू इनमें बसने वालों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण का भी है, जो अंततोगत्वा वोट बैंक का आधार बनता है। किंतु दिल्ली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इन बस्तियों को हटाने में किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, इस मामले में पूर्व में दिए गए अदालतों के स्थगन आदेशों को भी उच्चतम न्यायालय ने निष्प्रभावी करार दिया है।
इस जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों आवश्यक है? अब तक ऐसा क्यों नहीं हो सका? क्या बाधाएं आड़े आती हैं? रेलवे की भूमि की सुरक्षा का जिम्मा किसका है? नियम-कानूनों की अनदेखी क्यों होती है? इस खेल का जिम्मेदार कौन है..?

यूपी में प्रयागराज के एसएसपी भ्रष्टाचार के आरोप में हुए सस्पेंड

प्रयागराज (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था में शिथिलता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित को निलंबित कर दिया है। वह तमिलनाडु काडर के वर्ष 2006 के तमिलनाडु काडर के आईपीएस हैं। वह राज्य प्रतिनियुक्त पर हैं। उनके स्थान पर लखनऊ में तैनात डीसीपी वेस्ट सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को प्रयागराज का नया एसएसपी बनाया गया है। इसी के साथ शासन ने पांच अन्य आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अभिषेक दीक्षित द्वारा एसएसपी प्रयागराज के रूप में तैनाती की अवधि में गंभीरत अनियमितताएं की गईं। उन्होंने शासन के निर्देशों का अनुपालन सही ढंग से नहीं किया। अभिषेक दीक्षित पर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के भी आरोप लगे हैं।
शासन और डीजीपी मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग करने और बैंकों तथा आर्थिक व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एवं बाईकर्स द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं की रोकथाम में भी वह नाकाम रहे। इनके द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। चेंकिग व पर्यवेक्षण का काम भी सही ढंग से नहीं किया गया। प्रयागराज में बीते तीन महीने में लम्बित विवेचनाओं में भी निरंतर वृद्धि हुई है।
कोरोना माहामारी के संबंध में भी शासन द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने के दिए निर्देशों का जनपद में सही ढंग से पालन नहीं कराया गया, जिस पर हाईकोर्ट ने घोर अप्रसन्नता व्यक्त की। निलंबन की अवधि में अभिषेक दीक्षित डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
लखनऊ के पुलिस उपायुक्त सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के स्थान पर देवेश कुमार पाण्डेय को लखनऊ का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। वह एटीसी सुलतानपुर में एएसपी थे। 
शासन ने गोरखपुर में तैनात रहीं डीआईजी रेलवे पुष्पांजलि सिंह को लखनऊ रेलवे का डीआईजी बनाया है। उन्नाव के माखी में हुए रेप कांड के मामले में वह विवादों में घिरी थीं। उन्नाव में तैनाती के दौरान उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने पीड़ित महिला द्वारा विधायक पर रेप का आरोप लगाए जाने पर, उसकी शिकायत को नजर अंदाज कर दिया। जांच के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ शासन से कार्रवाई की सिफारिश की है।
सीतापुर की 11वीं वाहिनी पीएसी के डीआईजी / मनोज कुमार पीएसी लखनऊ के नए डीआईजी होंगे। गोरखपुर क्षेत्रीय अभिसूचना इकाई के डीआईजी गंगा नाथ त्रिपाठी भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ, डॉ. अखिलेश कुमार निगम को एसपी विशेष अनुसंधान शाखा सहकारिता लखनऊ की नई तैनाती मिली है। वह सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ में एसपी थे। 

मॉर्निंग वॉक पर निकले जिम कोच को बदमाशों ने गोलियों से भूना

मेरठ (ऊँ टाइम्स) यूपी के मेरठ में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक ज्वैलरी शॉप में घुस सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी वहीं बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले जिम कोच की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। जिम कोच परविंदर मेरठ में एक जिम में कोच का काम करने के साथ ठेकेदारी भी करते थे। 
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में परविंदर दौड़ लगा रहे थे। इस दौरान वहां पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने उनसे बातचीत करते हुए हथियारों से फायरिंग कर दी। फायरिंग में परविंदर को 5 गोलियां लगी। फायरिंग की आवाज सुन वहां दौड़ लगा रहे अन्य युवकों ने बाइक सवारों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने बाइक हाईवे की ओर दौड़ा दी और फरार हो गए। सूचना पर आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने घायल परविंदर को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इससे पहले, मंगलवार को जागृति विहार सेक्टर-दो में दिनदहाड़े बदमाशों ने ज्वैलरी शॉप पर धावा बोलकर 10 लाख रुपए और पांच किलो चांदी लूट ली। विरोध करने पर सर्राफा व्यापारी अमन जैन (30) की गोली मारकर हत्या कर दी। 

21 सितंबर से खुल जाएंगे 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यालय , स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया संचालन प्रक्रिया

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  पांच महीने से अधिक समय से बंद चल रहे स्‍कूल अब चरण बद्ध तरीके से खुलने जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। इसके बारे में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। स्कूल आने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखनी होगी। जहां-तहां थूकने पर पाबंदी होगी। दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि स्कूल में राज्य हेल्पलाइन नंबर के साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के फोन नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रयोगशाला से लेकर कक्षाओं तक के छात्रों के बैठने की ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि उनके बीच कम से कम 6 फीट की दूरी को बरकरार रखा जाए। छात्रों के इकट्ठा होने यानी असेंबली और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों की मनाही होगी क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का जोखिम होगा।
कंटेनमेंट जोन्स में रहने वाले शिक्षक या कर्मचारियों को स्कूल जाने की इजाजत नहीं है। वैसे स्कूल जिनका इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के रूप में हुआ था, उन्हें आंशिक तौर पर खोले जाने से पहले अच्छी तरह से सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है। सभी स्कूलों को हाइपोक्लोराइट सोलूशन से सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एसओपी में कहा गया है कि ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी। स्कूल अधिकतम अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ को ऑनलाइन टीचिंग/ टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए बुला सकते हैं। नौवीं से 12वीं तक के छात्र अगर अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जाना चाहेंगे तो उन्हें इसकी इजाजत होगी। हालांकि इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित सहमति लेनी होगी। छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी मौजूद रहेगा। 
स्‍कूलों में एहतियाती उपायों में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र शामिल होंगे, इसके अंतर्गत कम से कम छह फीट की शारीरिक दूरी सुनिश्चित करना, चेहरे को ढंकना, बार-बार हाथ धोना, श्‍वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करना, स्वास्थ्य की निगरानी करना और जगह- जगह नहीं थूकना शामिल है। विशेष रूप से इस बारे में लोगों से पूछा गया है। ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग को अनुमति और प्रोत्साहन देना जारी रखना चाहिए और कक्षा 9 से 12 के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर स्कूल का दौरा करने की अनुमति देनी चाहिए।
छात्र-छात्रों को स्वेच्छा से स्कूल आने की आजादी होगी। किसी भी छात्र पर स्कूल आने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। बच्चे अपने माता-पिता की लिखित अनुमति लेकर ही स्कूल आएंगे। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन शिक्षण को जारी रखना होगा। इसके लिए 50 फीसद शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा सकता है। स्कूल में स्वीमिंग पूल को बंद ही रखा जाएगा। एयरकंडीशनर के तापमान को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखना होगा। आद्रता 40-70 फीसद के बीच रखनी होगी। क्रॉस वेंटिलेशन और स्वच्छ हवा के लिए व्यवस्था करनी होगी।

चीनी सैनिक धारदार हथियार लेकर आए थे भारतीय चौकी के पास, खतरनाक थे उनके इरादे

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पूर्वी लद्दाख में विगत दिवस गलवान घाटी जैसे कहानी को दोहराने की चीन की कोशिशों को भातीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया था। रेजांग ला के उत्तर स्थित मुखपुरी में धारदार हथियारों से लैस करीब 50 चीनी सैनिकों ने भारतीय इलाके में चोटी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिस पर भारतीय सैनिकों ने हवा में फायरिंग कर उन्हें आगाह करने के बाद उन्‍हें वापस लौटने को मजबूर कर दिया। इस बारे में चीन ने फिर झूठी कहानी गढ़ते हुए कहा था कि उसके सैनिक बातचीत के लिए गए थे और भारतीय सैनिकों ने उकसावे की कार्रवाई की है। वहीं दूसरी तरफ अब ऐसी तस्वीरें आई हैं जो न केवल चीन के झूठ का पर्दा उठाती हैं बल्कि उनके खतरनाक मंसूबों का इजहार करती है। 
सोमवार को जारी की गई तस्वीरों में दिख रहा है कि सोमवार को करीब 50 चीनी सैनिक हथियारों से लैस होकर रेजांग ला के पास उन चोटियों पर आने की कोशिश कर थे, जिन पर भारतीय सैनिक तैनात हैं। तस्‍वीरों में दिखाई दे रहा है कि चीनी सैनिकों के पास धारदार हथियार है। वे भारतीय सैनिकों से महज 200 मीटर की दूरी पर हैं। 14-15 जून को गलवान घाटी में जिस तरह उन्होंने भारतीय सैनिकों पर धारदार हथियारों और कील लगे डंडों से हमला किया था, वैसे ही कहानी दोहराने के लिए वे तैयारी के साथ आए थे। चीनी सैनिक भारतीय चोटियों पर कब्जे की फिराक में थे। ये चोटियां रणनीतिक स्‍तर पर काफी अहम मानी जाती हैं। चीनी सैनिकों ने 10-15 राउंड फायरिंग भी की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया। 45 साल बाद वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गोली चली थी। 
चीन के सैनिकों के पास जो हथियार दिखाई दे रहा है, उसे गुआंडाओ कहा जाता है। उनका इस्तेमाल आम तौर पर चीनी मार्शल आर्ट में किया जाता है। इसमें एक 5-6 फीट लंबे पोल पर ब्लेड लगी होती है। यह ब्लेड एक तरफ पीछे की तरफ भी मुड़ी होती है। यह भारतीय हथियार बर्छी से मिलता जुलता है। इसे बर्छी और भाले का संयुक्त रूप कहा जा सकता है।.
पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पिछले तीन दिनों से चीनी सेना भारत की फॉरवर्ड पोजिशन के नजदीक आने की कोशिश कर रही है। अभी भी रेजांग ला के पास की चोटियों के करीब भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। मौके पर तनाव चरम पर है। भारतीय सैनिक पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।
सोमवार देर रात दोनों देशों के बीच 45 साल बाद फायरिंग की घटना हुई। पिछली बार 1975 में गोलियां चली थीं। उस समय अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में असम राइफल्स के जवानों की पेट्रोलिंग टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई जवान शहीद हुए थे। 1993 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें सहमति बनी थी दोनों देश सीमा पर फायरिंग नहीं करेंगे। इसी समझौते के चलते 15 जून को गलवन घाटी में हिंसक झड़प के बावजूद गोली नहीं चली थी।

उत्तर प्रदेश में अब रव‍िवार का लॉकडाउन भी हुआ खत्म

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी में सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य में लागू वीकेंड लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। प्रदेश में अनलॉक-4 के तहत सिर्फ रविवार को साप्ताहिक बंदी किया गया था । अब सरकार ने रविवार की बंदी की बाध्यता भी खत्म कर दी है। यानी अब बाजारों में पुरानी व्यवस्था लागू की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद रविवार को होने वाला लॉकडाउन भी खत्म कर दिया है। इससे पहले दो दिनों का वीकेंड लॉकडाउन शनिवार और रविवार का होता था। बीते दिनों सरकार ने शनिवार का लॉकडाउन खत्म किया था और अब रविवार का लॉकडाउन भी खत्म कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ के प्रति लोगों को विशेष रूप से जागरूक करते हुए आर्थिक गतिविधियां संचालित कराई जाएं। मुख्‍यमंत्री लोक भवन में उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू तथा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा 1,000 आईसीयू बेड्स तैयार किए जाएं। उन्होंने कन्टेनमेंट जोन में सभी लोगों का कोविड-19 टेस्ट सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक रविवार को बाजारों की प्रदेश व्यापी साप्ताहिक बन्दी के स्थान पर अब बाजारों की साप्ताहिक बन्दी पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप रहेगी। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य स्थानों पर सभी होटल व रेस्टोरेंट का संचालन कराया जाए। इस गतिविधि में संक्रमण से सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। तहसील दिवस तथा थाना दिवस कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ रैंकिंग में उत्तर प्रदेश द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में भी कार्ययोजना बनाकर प्रयास करने की आवश्यकता है। इससे लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा। 

दिल्ली में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के 2 आतंकी हुए गिरफ्तार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली पुलिस ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आतंकियों के नाम भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह हैं! ये दोनों ही लुधियाना के रहने वाले हैं। इन दोनों आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े दोनों आतंकियों भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह पर पंजाब में कई मामले दर्ज हैं। जानकारी मिली है कि दोनों को शनिवार को ही बुराड़ी के निरंकारी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया गया है। इनमें दिलावर को पहले भी पंजाब पुलिस अबू धाबी से गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन जमानत मिलने पर फरार हो गया था। यह भी जानकारी मिली है कि ये हथियार लेने दिल्ली आए थे, जिसके बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इन दोनों के निशाने पर पंजाब था, ये कोई बड़ी साजिश के तहत यहां पर आए थे।
दिल्‍ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक, दोनों आतंकियों भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह को पकड़ने की कोशिश की गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को पुलिस ने धर दबोचा। दोनों को पश्चिम दिल्ली इलाके में दोनों ओर से हुई फायरिंग की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से छह पिस्‍टल बरामद हुआ है।

यूपी में प्रधानी चुनाव के लिए हर जगह हो रहा है चर्चा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायती चुनाव के लिए लोग हर जगह चर्चा करते हुए देखे जा रहे हैं!

आज से फिर चलने लगी दिल्ली मेट्रो , एक्वा लाइन व गुरुग्राम रैपिड मेट्रो चालू

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  5 महीने से भी अधिक समय बाद सोमवार से दिल्ली मेट्रो के साथ, गुरुग्राम रैपिड मेट्रो और एक्वा लाइन मेट्रो (नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो) का भी परिचालन शुरू हो गया है। पहले चरण में दिल्ली में सोमवार को सिर्फ यलो लाइन पर परिचालन शुरू हुआ है। वहीं, यात्रा के दौरान सिर्फ स्‍मार्ट कार्ड से किराया भुगतान की सुविधा है। वहीं, मास्क के बगैर मेट्रो में प्रवेश नहीं मिल रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मेट्रो स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के साथ एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो का भी संचालन शुरू हो गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को गुरुग्राम जाना थोड़ा आसान हो जाएगा। फिलहाल ब्लू लाइन मेट्रो के नहीं चलने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को परेशानी आ रही है। साइबर सिटी के नाम से जाने जाने वाले हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से येलो लाइन ठीक 7 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई।
यात्रा के दौरान लोग शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी करते नजर आए।
मेट्रो का परिचालन दो पालियों में होगा। पहली पाली में सुबह सात से 11 बजे तक मेट्रो चलेगी। इसके बाद शाम चार बजे से रात आठ बजे तक मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। दोपहर में पांच घंटे मेट्रो का परिचालन बंद रहेगा।
इस कॉरिडोर के 36 स्टेशनों पर सिर्फ एक गेट खुलेंगे। सिर्फ कश्मीरी गेट स्टेशन पर दो गेट खुले रहेंगे। इसलिए यात्री परेशानी से बचने के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट या ट््वीटर हैंडल पर यह देख लें कि किस स्टेशन पर कितने नंबर का गेट खुला रहेगा।
मेट्रो के एक कोच में 48 यात्रियों के बैठने की सीट होती है लेकिन अभी एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गई है। इसलिए प्रत्येेक कोच में 24 यात्री बैठ पाएंगे। वहीं 25-26 यात्री एक से दो मीटर की दूरी बनाकर खड़े रह पाएंगे। इस तरह एक कोच में अधिकतम 50 व छह कोच की मेट्रो में 300 यात्री सफर कर पाएंगे। जबकि छह कोच की मेट्रो की क्षमता करीब 1800 यात्रियों की होती है। डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नए नियमों का पालन करते हुए 20 फीसद क्षमता के साथ ही मेट्रो चलेगी।
डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशा का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसलिए डीएमआरसी ने एक हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया है। जो यात्रियों की मदद करेंगे और शारीरिक दूरी के नियम के पालन के लिए जागरूक करेंगे।
मेट्रो में सुरक्षा जांच व सामान सैनिटाइज करने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसके अलावा स्टेशनों पर भीड़ व कोच में निर्धारित क्षमता के अनुसार यात्रियों के मौजूद होने पर अन्य यात्रियों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इस वजह से यात्रियों को दूसरी मेट्रो ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। लिहाजा यात्री मेट्रो में सफर के लिए 15 से 30 मिनट अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
स्टेशनों पर भीड़ बढऩे पर छोटे लूप में भी मेट्रो को चलाई जा सकती है। डीएमआरसी ने इसके लिए भी पूरी तैयारी की है। रविवार को येलो लाइन पर छोटे-छोटे लूप में मेट्रो का परिचालन कर ट्रायल भी किया गया।
कंटेनमेंट जोन में स्थित स्टेशन पर मेट्रो नहीं रुकेगी। मेट्रो में इसकी उद्घोषणा भी की जाएगी। मेट्रो के ट्विटर हैंडर से भी यह जानकारी लोगों को दी जाएगी।
स्टेशनों पर एक हजार सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे। इसके लिए डीएमआरसी संबंधित एजेंसी के संपर्क में है। इसके अलावा कुछ ऐसे स्टेशनों की पहचान की गई हैं, जहां भीड़ अधिक हो सकती है। इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन स्टेशनों पर पुलिस कर्मी भी तैनात रहेंगे

पाकिस्तान की गोलाबारी में एक भारतीय सैनिक शहीद, जवाब में पाक सेना के 3 मरे, ईधन डिपो तबाह

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान ने शनिवार को नियंत्रण रेखा पर उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर (कुपवाड़ा) और पुंछ जिले के शाहपुर किरनी, कसबा सेक्टर में भारी गोलीबारी किया। नौगाम में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हुआ है। जबकि दो अन्य सैन्यकर्मी घायल हुए हैं। इधर, पुंछ में पाक सेना ने एलओसी के साथ सटे करीब एक दर्जन गांवों को निशाना बनाया। नौगाम में भारतीय सेना ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का करारा जवाब दिया है। इससे पाकिस्तानी सेना का एक ईधन डिपो तबाह हो गया और उसके तीन सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की सूचना है। देर रात तक दोनों तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों पर भीषण गोलाबारी जारी थी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नौगाम सेक्टर के अंतर्गत हरदूल सब सेक्टर में स्थित भारतीय सैन्य व नागरिक ठिकानों पर मोर्टार व तोप के गोले बरसाए। कुछ गोले एक अग्रिम चौकी के पास गिरे। इनसे हुए धमाकों की चपेट में आकर तीन सैन्यकर्मी गंभीर रूप से घाायल हो गए। उन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गन्नर भूपेंद्र ¨सह को शहीद करार दिया। अन्य दो सैन्यकर्मियों लांस नायक वेंकटेश और सिपाही शाहजल की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर बनी हुई है। पाकिस्तानी सेना की 10 बलोच बटालियन ने सुबह लगभग नौ बजे शाहपुर किरनी और कसबा सेक्टर में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों में मोर्टार दागने शुरू किए। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की तो पाकिस्तानी सैनिकों ने फाय¨रग की रेंज बढ़ाकर नियंत्रण रेखा के नजदीकी इलाकों देगवार, माल्टी, दलान, डोकड़ी सहित कई रिहायशी इलाकों में मोर्टार दागने शुरू कर दिए। गोलाबारी की चपेट में आने से नियंत्रण रेखा के नजदीकी गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, इलाके में कई मवेशी भी मारे गए और कई घायल हुए हैं।
एलओसी पर गोलाबारी की आवाज नियंत्रण रेखा से कई किलोमीटर दूर पुंछ शहर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन रिहायशी इलाकों में शनिवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार दागे हैं, उन इलाकों में 1965, 1971 के बाद 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी तोप के गोले नहीं पहुंचे थे। इस बार पाक सैनिकों ने गोलाबारी के दौरान सभी हदों को पार कर दिया। गनीमत यह रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है।

चार देशों में अकाल पड़ने की चेतावनी दिया है संयुक्त राष्ट्र ने

संयुक्त राष्ट्र / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने चार देशों में अकाल पड़ने और खाद्य संकट के गहराने का अलर्ट जारी किया है। उन्‍होंने कहा कि संघर्ष प्रभावित कांगो, यमन, दक्षिणी सूडान और पूर्वोत्तर नाइजीरिया में अकाल पड़ने और खाद्य संकट गहराने का खतरा है। इससे लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे नोट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि चार देश खाद्य संकट के क्रम में दुनिया में सबसे ऊपर हैं।
महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा है कि आने वाले खतरे से निपटने के लिए बहुत कम रकम मुहैया कराई गई है। इस खतरे को टालने के लिए अब कार्रवाई करने की जरूरत है। बता दें कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यमन, पूर्वोत्तर नाइजीरिया और दक्षिणी सूडान वर्षों से सशस्त्र संघर्ष से घिरे देशों में शुमार हैं। आने वाले वक्‍त में अकाल का सामना करने की कगार पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख (UN Secretary General Antonio Guterres) ने कहा कि सोमालिया, बुर्किना फासो और अफगानिस्तान समेत आंतरिक संघर्ष से जूझ रहे देशों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख मार्क लोकॉक ने कहा कि महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है जिसका सबसे बड़ा असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादन पर पड़ा है। संयुक्‍त राष्‍ट्र का कहना है कि आंतरिक संघर्ष से जूझ रहे इन देशों में चरमपंथी हालात के खराब होने का लाभ उठा सकते हैं।
इस बीच भारत कोरोना वायरस से मुकाबले में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मिशन में अपना योगदान देने के लिए विशेषज्ञों का दो दल दक्षिण सूडान और कांगो भेज रहा है। इससे इन जगहों पर यूएन के शांतिरक्षा अभियानों के तहत चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। भारत के यूएन मिशन ने शुक्रवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस के अनुरोध पर ये दल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने महामारी से मुकाबले के लिए इन देशों में भारतीय शांतिरक्षकों की ओर से स्थापित अस्पतालों की सुविधाओं को बढ़ाने का आग्रह किया था। 15 विशेषज्ञों का एक दल कांगो के गोमा जाएगा।

12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनों की शुरुआत होगी, आरक्षण 10 सितंबर से होगा शुरू

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि 12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनें शुरू की जाएंगी और इन ट्रेनों में यात्रा के लिए आरक्षण 10 सितंबर से शुरू हो जाएगा। जल्‍द ही इस बारे में अधिसूचना जारी हो जाएगी। ये स्‍पेशल ट्रेनें मौजूदा वक्‍त में चल रही 230 ट्रेनों के अतिरिक्‍त होंगी। इन विशेष ट्रेनों के परिचालन की निगरानी की जाएगी। जरूरत के हिसाब से जहां भी नई ट्रेन की मांग होगी या लंबी प्रतीक्षा सूची होगी वहां क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी। 
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने बताया कि परीक्षाओं के लिए या ऐसे ही किसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकारों से अनुरोध किए जाने पर ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि कोरोना संकट के चलते मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अपनी तय समयसीमा दिसंबर 2023 तक पूरी नहीं हो सकेगी। इस संकट के चलते निविदाएं खोलने और भूमि के अधिग्रहण में देरी हुई है। यही नहीं परियोजना की लागत भी 1.08 लाख करोड़ से बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये होने की आशंका है।.
नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने अभी तक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 63 फीसद जमीन अधिग्रहीत की है। महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी जैसे इलाकों में जमीन अधिग्रहण में अभी भी दिक्कतें हैं। पिछले साल कंपनी ने निर्माण कार्यों के लिए नौ निविदाएं जारी की थीं लेकिन महामारी की वजह से उन्‍हें नहीं खोला जा सका था। यादव ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पटरियों के किनारे से गार्बेज हटाने के लिए दिल्ली सरकार और रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से संयुक्‍त रूप से कदम उठाए गए हैं। 
आप को बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान रेलवे को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। कोरोना संकट के चलते रेलवे ने मार्च से लेकर 23 अगस्‍त तक एक करोड़ 78 लाख से अधिक टिकट रद किए थे। इस दौरान रेलवे ने  2,727 करोड़ रुपये की राशि लोगों को रिफंड की थी। आरटीआई से सामने आए जवाब में कहा गया है कि रेलवे ने 25 मार्च से पांच महीने के दौरान कुल 1 करोड़ 78 लाख 70 लाख 644 टिकट रद किए थे। 
रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका था जब टिकट रिफंड की गई राशि, कमाई हुई राशि से ज्यादा पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक अकेले पश्चिम रेलवे को ही कुल 2,255 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इसमें उपनगरीय खंड को 339 करोड़ जबकि गैर-उपनगरीय रेलवे को 1,916 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अब जब सरकार ने अनलॉक-4 की घोषणा कर दी है, रेलवे ने भी अपनी सेवाओं को गति देने में जुट गया है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा – अकेले कार या साइकिल चला रहे व्यक्ति के लिए मास्क पहनना जरूरी नहीं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के संक्रमण को रोकने के नाम पर दिल्ली सहित पूरे देश की पुलिस लोगों का चालान काटने में लग गई है। इस सिलसिले में कार में अकेले बैठकर उसे चला रहे लोगों का चालान भी काटा जा रहा है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अकेले बैठकर कार चला रहे लोगों के मास्क पहनने का कोई दिशानिर्देश जारी ही नहीं किया गया है। इसी तरह अकेले साइकिल चला रहे व्यक्ति के लिए भी मास्क पहनना जरूरी नहीं है।
अकेले साइकिल या कार चला रहे लोगों के मास्क नहीं पहनने के कारण चालान काटे जाने के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि ‘स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो दिशानिर्देश जारी किये हैं, उनमें यदि आप अकेले किसी कार को बैठकर कार चला रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना है, इस आशय का कोई दिशा-निर्देश नहीं है।’ 
इससे जाहिर है पुलिस बिना किसी दिशानिर्देश के अपनी मर्जी से इस तरह का चालान काट रही है। इसी तरह से राजेश भूषण ने यह भी साफ कर दिया कि अकेले साइकिल चला रहे व्यक्ति का भी मास्क नहीं पहनने के कारण चालान नहीं काटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लोगों में फिजिकल एक्टीविटी में जागरूकता बढ़ी है। लोग दो-दो, तीन-तीन के समूह में साइकलिंग करते हैं, जॉगिंग करते हैं। यहां मास्क पहनना चाहिए, क्योंकि वहां सामाजिक दूरी का पालन करना और एक-दूसरे को संक्रमण से बचाना जरूरी है। लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि आप अकेले साइकिल चला रहे हैं, तो मास्क पहनने संबंधी कोई दिशानिर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी नहीं किया है।

PUBG सहित 118 मोबाइल ऐपों पर भारत में लगाया गया बैन, राष्‍ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार ने लगाया है बैन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  चीन के ऐप्स के खिलाफ एक बार फिर से भारत सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PUBG समेत कुल 118 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया है। आप को बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुुआ है जब भारत में चाइनीज ऐप्स को बैन किया गया है बल्कि इससे पहले सरकार ने 15 जून को 57 चीनी ऐप्‍स को बैन कर दिया था , और इसके बाद 47 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं चाइनीज ऐप्स को भारत में तीसरी बार बड़ा झटका लगा है। बता दें कि सरकार ने केवल मोबाइल ऐप्स ही नहीं बल्कि इंटरनेट ऐप्स को भी बैन किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा थे। भारतीय यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए इन ऐप्स को बैन किया गया है। बैन किए गए ऐप्स में PUBG के अलावा Baidu, APUS लॉन्चर प्रो और CamCard आदि कई ऐसे ऐप्स शामिल हैं जिनका इस्तेमाल भारतीय यूजर्स के बीच काफी किया जाता है। 
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन ऐप्स की ओर से इकट्ठे किए गए डाटा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन्हे बैन करने का फैसला किया गया है। मद्देनजर इन्हें बैन करने का फैसला किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंसर और होम मिनिस्ट्री की ओर से भी इन ऐप्स पर बैन लगाने की मांग की जा चुकी है।

भारत सरकार द्वारा बैन किए गए 118 ऐप्स की लिस्ट-

  1. APUS Launcher Pro- Theme, Live Wallpapers, Smart
  2. APUS Launcher -Theme, Call Show, Wallpaper, HideApps
  3. APUS Security -Antivirus, Phone security, Cleaner
  4. APUS Turbo Cleaner 2020- Junk Cleaner, Anti-Virus
  5. APUS Flashlight-Free & Bright
  6. Cut Cut – Cut Out & Photo Background Editor
  7. Baidu
  8. Baidu Express Edition
  9. FaceU – Inspire your Beauty
  10. ShareSave by Xiaomi: Latest gadgets, amazing deals
  11. CamCard – Business Card Reader
  12. CamCard Business
  13. CamCard for Salesforce
  14. CamOCR
  15. InNote
  16. VooV Meeting – Tencent Video Conferencing
  17. Super Clean – Master of Cleaner, Phone Booster
  18. WeChat reading
  19. Government WeChat
  20. Small Q brush
  21. Tencent Weiyun
  22. Pitu
  23. WeChat Work
  24. Cyber Hunter
  25. Cyber Hunter Lite
  26. Knives Out-No rules, just fight!
  27. Super Mecha Champions
  28. LifeAfter
  29. Dawn of Isles
  30. Ludo World-Ludo Superstar
  31. Chess Rush
  32. PUBG MOBILE Nordic Map: Livik
  33. PUBG MOBILE LITE
  34. Rise of Kingdoms: Lost Crusade
  35. Art of Conquest: Dark Horizon
  36. Dank Tanks
  37. Warpath
  38. Game of Sultans
  39. Gallery Vault – Hide Pictures And Videos
  40. Smart AppLock (App Protect)
  41. Message Lock (SMS Lock)-Gallery Vault Developer Team
  42. Hide App-Hide Application Icon
  43. AppLock
  44. AppLock Lite
  45. Dual Space – Multiple Accounts & App Cloner
  46. ZAKZAK Pro – Live chat & video chat online
  47. ZAKZAK LIVE: live-streaming & video chat app
  48. Music – Mp3 Player
  49. Music Player – Audio Player & 10 Bands Equalizer
  50. HD Camera Selfie Beauty Camera
  51. Cleaner – Phone Booster
  52. Web Browser & Fast Explorer
  53. Video Player All Format for Android
  54. Photo Gallery HD & Editor
  55. Photo Gallery & Album
  56. Music Player – Bass Booster – Free Download
  57. HD Camera – Beauty Cam with Filters & Panorama
  58. HD Camera Pro & Selfie Camera
  59. Music Player – MP3 Player & 10 Bands Equalizer
  60. Gallery HD
  61. Web Browser – Fast, Privacy & Light Web Explorer
  62. Web Browser – Secure Explorer
  63. Music player – Audio Player
  64. Video Player – All Format HD Video Player
  65. Lamour Love All Over The World
  66. Amour- video chat & call all over the world.
  67. MV Master – Make Your Status Video & Community
  68. MV Master – Best Video Maker & Photo Video Editor
  69. APUS Message Center-Intelligent management
  70. LivU Meet new people & Video chat with strangers
  71. Carrom Friends : Carrom Board & Pool Game-
  72. Ludo All Star- Play Online Ludo Game & Board Games
  73. Bike Racing : Moto Traffic Rider Bike Racing Games
  74. Rangers Of Oblivion : Online Action MMO RPG Game
  75. Z Camera – Photo Editor, Beauty Selfie, Collage
  76. GO SMS Pro – Messenger, Free Themes, Emoji
  77. U-Dictionary: Oxford Dictionary Free Now Translate
  78. Ulike – Define your selfie in trendy style
  79. Tantan – Date For Real
  80. MICO Chat: New Friends Banaen aur Live Chat karen
  81. Kitty Live – Live Streaming & Video Live Chat
  82. Malay Social Dating App to Date & Meet Singles
  83. Alipay
  84. AlipayHK
  85. Mobile Taobao
  86. Youku
  87. Road of Kings- Endless Glory
  88. Sina News
  89. Netease News
  90. Penguin FM
  91. Murderous Pursuits
  92. Tencent Watchlist (Tencent Technology
  93. Learn Chinese AI-Super Chinese
  94. HUYA LIVE – Game Live Stream
  95. Little Q Album
  96. Fighting Landlords – Free and happy Fighting Landlords
  97. Hi Meitu
  98. Mobile Legends: Pocket
  99. VPN for TikTok
  100. VPN for TikTok
  101. Penguin E-sports Live assistant
  102. Buy Cars-offer everything you need, special offers and low prices
  103. iPick
  104. Beauty Camera Plus – Sweet Camera & Face Selfie
  105. Parallel Space Lite – Dual App
  106. “Chief Almighty: First Thunder BC
  107. MARVEL Super War NetEase Games
  108. AFK Arena
  109. Creative Destruction NetEase Games
  110. Crusaders of Light NetEase Games
  111. Mafia City Yotta Games
  112. Onmyoji NetEase Games
  113. Ride Out Heroes NetEase Games
  114. Yimeng Jianghu-Chu Liuxiang has been fully upgraded
  115. Legend: Rising Empire NetEase Games
  116. Arena of Valor: 5v5 Arena Games
  117. Soul Hunters
  118. Rules of Survival

ड्रग मामले में सैमुअल मिरांडा के करीबी 2 लोग हुए गिरफ्तार, रिया के भाई से जुड़े तार

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुंबई के बांद्रा से अब्दुल बसित परिहार व जैद विलात्रा को गिरफ्तार किया है। दोनों का संबंध सैमुअल मिरांडा से बताया जा रहा है। सैमुअल मिरांडा पर मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती के कहने पर ड्रग्स खरीदने का आरोप है। इस बीच मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय ने  सुशांत के दोस्त और एक फर्म में उनके पार्टनर वरुण माथुर को आज  मुंबई में पूछताछ के लिए बुलाया है। 
आप को बता दें कि सुशांत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने मंगलवार को पहली बार मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती के माता-पिता से पूछताछ की। रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती और मां संध्या से जांच एजेंसी ने लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की। आज फिर दोनों से पूछताछ हो सकती है। इसके अलावा मामले में रिया के भाई शौविक से एक बार फिर पूछताछ हुई। तीनों एक साथ डीआरडीओ के गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां सीबीआइ की ठहरी है। 
रिया को सीबीआइ ने मंगलवार के दिन पूछताछ के लिए नहीं बुलाया। वह अब तक चार बार सीबीआइ के सामने पेश हुई है। सीबीआइ रिया से अब तक करीब 35 घंटे पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा सुशांत के कुक नीरज सिंह, करीबी दोस्त सैमुअल मिरांडा, स्टाफ केशव और फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी से भी सीबीआइ ने पूछताछ की। मामले में इनसे पहले भी पूछताछ हो चुकी है। 
वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है। मंगलवार को ईडी ने एक बार फिर होटल व्यवसायी गौरव आर्या से पूछताछ की। रिया चक्रवर्ती से ड्रग्स संबंधी बातचीत सामने आने के बाद ईडी ने गोवा के होटल आर्या को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। वह रविवार को गोवा से मुंबई पहुंचा था। वह गोवा स्थित होटल टैमरिंड एवं कैफे कोटिंगा के मालिक है। रिया की उनके साथ 2017 की एक चैट ईडी को प्राप्त हुई है। इससे पता चलता है कि रिया न सिर्फ सुशांत के साथ रहते हुए, बल्कि उससे काफी पहले से ड्रग्स के चक्कर में प़़ड चुकी थीं। ईडी सूत्रों के अनुसार उनसे रिया के साथ हुई उसकी चैट को लेकर ही पूछताछ की गई है। आर्या का कहना है कि सुशांत मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वह सुशांत से कभी नहीं मिला, लेकिन रिया से 2017 में मिला था!

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण संसद की कार्यवाही में हुआ बदलाव, नहीं होगा प्रश्नकाल

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पहली बार कोरोना संक्रमण की महामारी के बीच 14 सितंबर से 18 दिन चलने वाले संसद सत्र के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में कुछ बदलाव किए गए हैं, बदलावों के अनुसार मानसून सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा, लेकिन शून्य काल रहेगा। आप को बता दें कि संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। लोक सभा  पहले दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बैठेगी। बाकी दिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठक होगी। प्राइवेट मेंबर बिजनेस नहीं होगा। इसी तरह राज्य सभा पहले दिन यानी 14 सितंबर को दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठेगी, लेकिन बाकी दिन सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक ही बैठेगी। शनिवार और रविवार छुट्टी नहीं होगी।14 सितंबर से एक अक्टूबर तक कुल 18 बैठकें होंगी।
आप को बता दें कि संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुद्दे पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और केंद्रीय गृह, स्वास्थ्य तथा अनुसंधान विभागों के सचिवों संग बैठक किया था । नायडू ने इस दौरान कई मुद्दे उठाए और राज्यसभा सदस्यों की स्वास्थ्य सुरक्षा तथा निर्बाध यात्रा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।

दोनों सदनों का अलग-अलग बैठक करने का फैसला – कोविड-19 दिशा-निर्देशों के तहत दोनों सदन की अलग-अलग बैठक करने का फैसला किया गया है।अधिकारियों ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस बार आयोजित होने वाले सत्र के लिए कई तैयारियां पहली बार की जा रही हैं ,जैसे कि सभी सासंदों की जांच की जाएगी और सामाजिक दूरी के नियमों के अनुपालन में लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें अलग-अलग होंगी ताकि सभी चैंबरों और गैलरी का इस्तेमाल सदस्यों के बैठने के लिए किया जा सके। 

संसद सत्र के संचालन के लिए किए गए व्यापक इंतजाम – हजारों मास्क व ग्लव्स, सैनिटाइजर की सैकड़ों बोतलें व फेस शील्ड, बिना संपर्क के खुलने वाले दरवाजे तथा सांसद व अन्य स्टाफ समेत करीब 4000 लोगों के लिए कोरोना जांच की व्यवस्था होगी । अधिकारियों ने बताया, ‘संसद भवन का तो सैनिटाइजेशन किया ही जाएगा, साथ ही कामकाज से संबंधित दस्तावेज, सांसदों की कार व जूतों को भी सैनिटाइज किया जाएगा। सुरक्षाकर्मी बिना संपर्क सुरक्षा जांच करेंगे , थर्मल स्क्रीनिंग भी पूरी तरह संपर्करहित होगी। मानसून सत्र के दौरान पहली बार लोकसभा और राज्यसभा अलग-अलग शिफ्ट में चलेगी। इसके अलावा सांसदों के लिए शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए बैठने की खास व्यवस्था की गई है।’

मीडियाकर्मियों का सत्र की शुरुआत से पहले कोरोना संक्रमण की जांच जरूरी – कोरोना संक्रमण की महामारी के मद्देनजर संसद को सुरक्षित बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आइसीएमआर व डीआरडीओ से विस्तृत बातचीत कर चुके हैं। सांसदों, सचिवालय कर्मियों व कार्यवाही की कवरेज करने वाले मीडियाकर्मियों को सत्र की शुरुआत से 72 घंटे पहले कोरोना संक्रमण की जांच कराने के लिए कहा गया है। संसद के मुख्य भवन में केवल सांसद व मंत्रियों को प्रवेश की इजाजत होगी, जबकि उनके स्टाफ के लिए अलग व्यवस्था की गई है। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए सांसदों को मास्क पहने व बैठे हुए ही बोलने की इजाजत दी जाएगी। सभी सांसदों को डीआरडीओ की तरफ से कोविड-19 किट दी जाएगी। इसमें 50 डिस्पोजेबल मास्क, पांच एन-95 मास्क, 20 बोतल सैनिटाइजर (50 एमएल), फेस शील्ड, 40 जोड़े ग्लव्स, दरवाजा खोलने व बंद करने के लिए टच-फ्री हुक व टी बैग मौजूद होंगे।

दिनदहाड़े प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर की गई हत्या, मुख्य आरोपी प्रतापगढ़ से हुआ गिरफ्तार

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर बेखौफ बदमाशों का आतंक दिखाई दिया है। पीजीआइ थानाक्षेत्र में बुधवार को प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि दो स्कॉर्पियों कार से महिला समेत लगभग आधा दर्जन लोग प्रॉपर्टी डीलर से मिलने पहुंचे। इस दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। सभी ने दुर्गेश को पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच उसे गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालात में ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस घटना के पीछे प्रापर्टी विवाद बता रही है। वहीं, हत्याकांड में मुख्य हत्यारोपित मनीष यादव को प्रतापगढ़ सेे गिरफ्तार कर लिया गया है। 
यह मामला पीजीआइ थाना क्षेत्र में वृंदावन कालोनी सेक्टर-14 का है। यहां स्थित गृह विभाग में समीक्षा के पद पर तैनात अजय कुमार यादव का मकान है। मूलरूप से गोरखपुर के गोला गांव निवासी प्रापर्टी डीलर दुर्गेश यादव (32) स्विफ्ट कार से मंगलवार रात मकान में किराए पर रहने वाले दोस्तों ने मिलने के लिए आया था। आरोप है कि बुधवार सुबह पलक ठाकुर नाम की महिला अपने साथी मनीष और पांच-छह लोगों के साथ दो स्कॉर्पियों से वहां पहुंच गई। सभी लोग घर में घुस गए, उस समय दुर्गेश बाथरूम में था, जैसे ही वह बाहर निकला उसे पीटने लगे। घर के नीचे सड़क पर रुपये के लेनदेन में इनका आपस में विवाद हो गया। देखते ही देखते मनीष ने दुर्गेश को गोली मारी दी। 
किरायेदार सोबेंद्र के मुताबिक, सुबह लगभग 8:30 बजे दो स्कॉर्पियों कार से महिला समेत पांच-छह लोग दुर्गेश को खोजते हुए आए। पहले उसके कमरे में किसी बात पर विवाद हुआ। उसके बाद सब लोग बाहर आ गए। इसी दौरान कहासुनी के बाद एक ने दुर्गेश के पेट में गोली मार दी!
एसीपी कैंट बीनू सिंह के मुताबिक, घटना स्थल से दुर्गेश को अस्पताल ले जाते समय उससे पूछताछ की गई तो उसने पलक और मनीष का नाम बताया। दुर्गेश के पेट में गोली लगी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक खोखा बरामद किया है। 
डीसीपी चारु निगम के मुताबिक, मृतक दुर्गेश के खिलाफ वर्ष 2018 में हजरतगंज कोतवाली में 406, 420 आइपीसी के तहत मुकदमा भी दर्ज था। सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि दुर्गेश के कमरे से सचिवालय में नौकरी लगवाने के तमाम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 
डीसीपी चारु निगम के मुताबिक, मृतक दुर्गेश के खिलाफ वर्ष 2018 में हजरतगंज कोतवाली में 406, 420 आइपीसी के तहत मुकदमा भी दर्ज था। मृतक के पास से एक फर्जी आइकार्ड बरामद हुआ है। जिसमें पत्रकार लिखा है। सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि दुर्गेश के कमरे से सचिवालय में नौकरी लगवाने के तमाम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 
हत्याकांड के मुख्य आरोपित मनीष कुमार यादव पुत्र सुशील कुमार को प्रतापगढ़ की नवाबगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिरोजाबाद जनपद के मसीरपुर थाना अंतर्गत धनापुर गांव निवासी मनीष कुमार यादव इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील बताया जाता है। नवाबगंज पुलिस को वायरलेस पर सूचना मिली थी कि मनीष प्रयागराज की तरफ निकला है। ब्रहमौली बॉर्डर पर उसे लगभग 11:00 बजे पकड़ लिया गया। उसके पास से 32 एमएम की पिस्टल और पांच कारतूस की भी बरामदगी हुई है। हत्यारोपित ने पुलिस को बताया है कि दुर्गेश ने खुद को सचिवालय में सचिव बताकर उससे 67 लाख रुपये ले रखा था। इसे वह वापस नहीं लौटा रहा था। उधर, महिला पलक ठाकुर के एक करीबी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। महिला की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

हरदोई में एक ही परिवार के 3 लोगों की पत्थर से कूचकर हुई हत्या

हरदोई (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार चौतरफा घिरी है! यूपी पुलिस भी आलोचना के घेरे में है! पुलिस बदमाशों में खौफ का दावा करती है! लेकिन सरकार और पुलिस के दावों को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ बदमाश एक के बाद एक हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दे रहे हैं!
अब यूपी के हरदोई जिले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या किए जाने की वारदात सामने आई है! घटना टड़ियावां थाना क्षेत्र के कुआंमऊ की है! घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है! पुलिस अधीक्षक ने भी मौके का मुआयना कर घटना के संबंध में जानकारी ली है!
बताया जाता है कि टड़ियावां थाना क्षेत्र के कुआंमऊ गांव में मंगलवार की सुबह एक ही परिवार के तीन सदस्य मृत पाए गए! तीनों शव घर में ही मिले! आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी! सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया ! तीनों एक ही परिवार के हैं! मृतकों में एक महिला भी है!
कहा जा रहा है कि तीनों खाना खाने के बाद सो रहे थे! पुलिस इस हत्याकांड को जमीन विवाद से जोड़कर देख रही है! आशंका जताई जा रही रही है कि सोते समय गला दबाकर हत्या करने के बाद शवों को पत्थरों से कुचला गया है! फिलहाल पुलिस घटना को लेकर कुछ भी कहने से बच रही है! पुलिस का कहना है कि हत्या गला दबाने के कारण हुई या पत्थरों से कूचकर, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा! … (जिला संवाददाता ऊँटाइम्स,हरदोई)

प्रणब मुखर्जी की अंतिम विदाई, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दिया श्रद्धांजलि

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पांच दशक की दलीय राजनीति के बाद राष्ट्रपति के रूप में देश को नई दिशा देने वाले भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का सोमवार को दिल्ली के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब 10 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। अंतिम दर्शन के लिए प्रणब के पार्थिव शरीर को उनके आवास 10 राजाजी मार्ग पर लाया गया है। यहां पहुंचकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। दोपहर दो बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जाएगा।  प्रणब की विशाल शख्सियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जुलाई, 2012 में राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पहले वह रक्षा व वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। उन्हें 10 अगस्त को दोपहर में दिल्ली कैंट स्थित आरआर (रिसर्च एंड रेफरल) अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया था, जिसकी सर्जरी हुई थी। उसी दिन जांच में कोरोना संक्रमित भी पाए गए। ऑपरेशन के बाद सेहत में सुधार नहीं हुआ। वह कोमा में थे और उनके फेफड़े व किडनी में संक्रमण हो गया था।
सोमवार शाम 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस लिया! देश की राजनीति में पांच दशक तक अपनी क्षमता का लोहा मनवाने वाले प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में सात दिन (31 अगस्त से 6 सितंबर) का शोक घोषित किया है। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के झंडे झुका दिए गए हैं। विलक्षण राजनीतिक प्रतिभा के कारण उन्हें चाणक्य, संकटमोचक जैसे कई विशेषण दिए जाते रहे हैं। 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रणब के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी के निधन से एक युग का अंत हो गया। उनका सार्वजनिक जीवन महान था। उन्होंने एक संत की तरह भारत माता की सेवा की। राष्ट्र को अपना मूल्यवान बेटा खोने का दुख है।
प्रणब मुखर्जी की मौत पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अपने राजनीतिक सफर में प्रणब दा ने कई अहम मंत्रालय संभाले। वह दिग्गज राजनेता और प्रखर विद्वान थे। 2014 में मैं दिल्ली में नया था। पहले दिन से ही मुझे प्रणब दा का सहयोग एवं आशीर्वाद मिला। उनसे हुई बातें मुझे हमेशा याद आएंगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कृति का केंद्र बना दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रणब दा कांग्रेस का इस तरह हिस्सा रहे कि यह सोचना मुश्किल है कि उनके ज्ञान, अनुभव, सुझाव एवं समझ के बिना हम कैसे चलेंगे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उनके पिछले 50 वर्ष भारत के 50 वर्ष के इतिहास की झलक हैं।

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का हुआ निधन, कई दिनों से थे कोमा में

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नहीं रहे। कल उनका निधन हो गया है । कई दिनों  से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गहन कोमा में थे। 84 वर्षीय मुखर्जी को वेंटिलेटर पर रखा गया था और फेफड़े में संक्रमण का इलाज किया जा रहा था। मुखर्जी के निधन की जानकारी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी है। पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर सरकार की ओर से सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। पूरे भारत में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक यह शोक मनाया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर आज आरआर अस्पताल में ही रहेगा। आज 10 राजाजी मार्ग स्थित निवास स्थान पर पार्थिव शरीर रखा जाएगा।
प्रणब मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि प्रणब मुखर्जी के स्वर्गवास के बारे में सुनकर हृदय को आघात पहुंचा है। उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है। प्रणब मुखर्जी के परिवार, मित्र-जनों और सभी देशवासियों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करता हूँ।
पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वे बेहतरीन स्कॉलर थे, राजनीतिक समुदाय में हर कोई करता था उनका सम्मान करता था। पीएम मोदी ने लिखा कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर बहुत दुख हुआ। उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उत्कृष्टता से एक विद्वान, एक राजनेता, वह राजनीतिक स्पेक्ट्रम भर में और समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रशंसा की गई थी।
मालूम हो कि मस्तिष्क में खून का थक्का बन जाने के कारण उन्हें 10 अगस्त को दोपहर 12.07 बजे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। सर्जरी से पहले उनकी कोरोना जांच भी कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उनके मस्तिष्क से खून के थक्के को हटाने के लिए सर्जरी की थी। फिर भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण करेगा सीमा का विस्तार, जुड़ेंगे कई गांव

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) दिसंबर 2020 से पहले सीमा विस्तार कर लेगा। प्रस्ताव शासन में लंबित है, इसके लिए सोमवार से प्रयास तेज किए जाएंगे। प्राधिकरण ने यह तेजी जनगणना 2021 का काम टलने के कारण दिखानी शुरू की है। जनगणना का काम टलने के कारण प्राधिकरण को विस्तारीकरण के लिए दिसंबर 2020 तक का समय मिल गया है।
जनगणना 2021 के तहत जनगणना का कार्यक्रम घोषित होने के कारण दिसंबर 2019 के बाद किसी विस्तारीकरण को अनुमति नहीं दी जा रही थी। मई एवं जून में मकान गणना का काम होना था, पर कोराना संक्रमण को देखते हुए उसे भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। अब दिसंबर 2020 तक विस्तारीकरण किया जा सकता है। इसके लिए पुरानी जनगणना के आंकाड़ों का प्रयोग किया जा सकेगा। जीडीए की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव बोर्ड से पास कराकर शासन को भेज दिया गया है। जनगणना के प्रस्तावित काम के कारण ही इस प्रस्ताव पर विचार नहीं हो पा रहा था। पर, इधर मौका मिल जाने के बाद विस्तारीकरण की उम्मीद बढ़ गई है। जीडीए की ओर से इसके लिए कोई नया प्रस्ताव तो नहीं भेजा जाएगा लेकिन पत्र भेजकर प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए शासन से अपील की जाएगी। इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे, जिससे 31 दिसंबर 2020 से पहले काम पूरा कर लिया जाए। 
जीडीए की ओर से सीमा विस्तार के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उसके अनुसार जिले की तीन नगर पंचायतों पिपराइच, पीपीगंज एवं मुंडेरा बाजार के क्षेत्र जीडीए में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा शहर से सटे ब्लॉकों के 319 गांव भी जीडीए की सीमा में आएंगे। शासन की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही इन क्षेत्रों में भी प्राधिकरण के नियम लागू हो जाएंगे। यहां का विकास भी तेजी से हो सकेगा और जीडीए को भी नई योजनाएं लांच करने के लिए जमीन मिल सकेगी।
जनगणना का काम टलने के कारण सीमा विस्तार के लिए मौका मिला है। प्रशासन में प्रस्ताव लंबित है। अगले सप्ताह से लगातार फॉलोअप किया जाएगा, जिससे दिसंबर 2020 से पहले सीमा विस्तार हो सके। 

बार्डर से सटे इलाकों के नवधनाढ्यों पर खुफिया एजेंसियों की निगरानी हुई तेज, कई हैं सूची में

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) यूपी के बलरामपुर में आतंकी के पकड़े जाने के बाद भारत-नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में बीते एक दशक में करोड़पति बने बीस से अधिक लोगों पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतने जल्दी इतना पैसा इन लोगों के पास आया कहां से?
दोनों देशों का सीमावर्ती इलाका अवैध कारोबार को लेकर कई बार चर्चा में आ चुका है। यहां मानव तस्करी के कई मामले पकड़े जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपियों के संबंध खाड़ी देशों से मिले थे, लेकिन ऊंची पहुंच की वजह से वे कानून की गिरफ्त से छूट गए। 
नेपाल और भारत के कपिलवस्तु इलाके में एक दशक में करोड़पति बने लोगों की संख्या 15 से अधिक है। आर्थिक अपराध पर नजर रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अलीगढ़वा सीमा से सटे पांच किमी. इलाके, खुनवा सीमा से नौ किमी. अंदर तक, बढ़नी सीमा से 10 किमी. और खेसरहा सीमा से सटे 10 से 15 किमी. में नवधनाढ्यों की संख्या एक दर्जन से अधिक है। 
इनमें से अधिकतर ट्रैवल एजेंसी और पासपोर्ट बनवाने का काम करते है, लेकिन यह केवल दिखावे के लिए है। इस धंधे की आड़ में खाड़ी देशों में मानव तस्करी होती है। सियासी संरक्षण हासिल होने के कारण नेपाल सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई नही करती। वे भारत के नियमों को भी अपने हित के लिए इस्तेमाल करते हैं। सूत्र बताते हैं कि इन नवधनाढ्यों में से अधिकतर समाज के सफेदपोश नागरिक का तमगा हासिल कर चुके हैं।
काठमांडू सहित नेपाल के प्रमुख जिलों खासकर तराई बेल्ट में सक्रिय सफेदपोश युवतियों को खाड़ी देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, कनाडा आदि देशों में रोजगार, शिक्षा आदि के नाम पर भेजते हैं। खाड़ी देशों में भेजी जाने वाली अधिकतर किशोरी व युवतियों को बेचा जाता है। गरीब परिवार की इन युवतियों को 10 से 15 हजार रुपये में खरीदकर खाड़ी देशों में पांच लाख रुपये में बेचा जाता है।

कल धरती के नजदीक से गुजरेगा 22 मीटर व्यास वाला खतरनाक पिंड

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पिछले माह ही एक क्षुद्रग्रह ने पृथ्वी के सबसे ज्यादा पास से गुजरने का रिकॉर्ड भी बनाया था। अब एक बार फिर एक और क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है। इस बार यह क्षुद्रग्रह चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी से भी कम दूरी से एक सितंबर को गुजरेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने यह जानकारी दी है। इस क्षुद्रग्रह का नाम 2011 ईएस 3 है। कहा जा रहा है कि अगले एक दशक तक पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह सबसे पास से गुजरेगा।
नासा के जेट प्रॉपल्शन लैबोरेटरी के मुताबिक, इससे पहले यह क्षुद्रग्रह साल 2011 में 13 मार्च को पृथ्वी के सबसे नजदीक से होकर गुजरा था। इस बार चिंता इस बात को लेकर है कि यह क्षुद्रग्रह धरती से केवल 45,000 मील की दूरी से गुजरेगा। इस खगोलीय पिंड का आकार 22 से 49 मीटर के बीच बताया जा रहा है। नासा ने दावा किया है कि पहली सितंबर को यह क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉयड) धरती व चांद के बीच से गुजरेगा। 
दुनियाभर में लोगों की उत्‍सुकता इस सवाल को लेकर है कि क्‍या एस्‍टेरॉएड-2001 ईएस4 नाम का यह खगोलीय पिंड धरती से टकराएगा। इस पर नासा एस्‍टेरॉएड वॉच ने ट्वीट कर बताया कि एस्‍टेरॉएड-2001 ईएस4 धरती से नहीं टकराएगा। हां यह बात जरूर है कि यह धरती के बेहद करीब से होकर गुजरेगा। इसके धरती से टकराने का कोई खतरा नहीं है। 
नासा एस्‍टेरॉएड वॉच ने कहा है कि इस क्षुद्रग्रह की रिलेट‍िव स्‍पीड लगभग 8.16 किलोमीटर प्रति सेकेंड है। यह पिंड एकबार पहले भी धरती के बेहद करीब से गुजर चुका है। पिछली बार यह धरती से चार दिनों तक लगातार दिखता रहा था। इस बार यह धरती से और करीब होगा। धरती से इसकी दूरी 1.2 लाख किलोमीटर होगी जबकि चांद से वह 3.84 लाख किलोमीटर दूर होगा। यह क्षुद्रग्रह पहली बार वर्ष 2011 में दिखा था और हर नौ साल पर धरती के करीब से गुजरता है।
वैज्ञानिकों की मानें तो यह ‘बेहद खतरनाक श्रेणी’ का छुद्रग्रह है। इसकी खोज सबसे पहले साल 2011 में की गई थी। हर नौ साल बाद यह धरती के करीब से गुजरता है। नासा के मुताबिक, एक बेहद खतरनाक श्रेणी के छुद्रग्रह का वर्गीकरण उसके धरती से काफी नजदीक से गुजरने के खतरे के आधार पर किया जाता है। हाल ही में एसयूवी के आकार का एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के काफी करीब से गुजरा था।  

यूपी सरकार ने जारी किया अनलॉक-4 का गाइडलाइन, जानिए यूपी में क्या खुला

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी करने के दूसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें केंद्र की राह पर ही यूपी ने कदम बढ़ाए हैं। एक सितंबर से शुरू हो रहे अनलॉक-4 के सहारे अब पुराने और अच्छे दिनों की ओर सधे कदम बढ़ाने की कोशिश होगी। योगी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार राज्य में साप्ताहिक बंदी पहले की ही तरह लागू रहेगी। यानी प्रत्येक शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक पाबंदियों का पालन करना होगा। गाइडलाइन में सात सितंबर से मेट्रो चलाने का फैसला है तो स्कूल-कॉलेजों, शैक्षिक संस्थानों में सावधानी के साथ पढ़ाई-प्रशिक्षण फिर शुरू करने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। खास बात है कि अब तक जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थिति के अनुसार लॉकडाउन लगाने की जो अनुमति थी, उस पर रोक लगा दी गई है। अब कंटेनमेंट जोन के बाहर कोई जिलाधिकारी लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे।
केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक-4 के दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश शासन की ओर से मुख्य सचिव आरके तिवारी ने रविवार को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी कर दी। लखनऊ में मेट्रो रेल को चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। इस संबंध एसओपी अलग से जारी होगी। सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक व कोचिंग संस्थान 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। हालांकि 21 सितंबर से पचास फीसद तक टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया जा सकेगा। ये ऑनलाइन कक्षाओं और टेली-कौंसलिंग स्कूल की अन्य काम कर सकेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलइन का पालन करना होगा। 
उत्तर प्रदेश सरकार सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के छात्रों को स्वैच्छिक आधार पर जाने की अनुमति होगी, लेकिन स्कूलों को इसके लिए बच्चों के माता-पिता से लिखित अनुमति लेनी होगी। पोस्ट ग्रेजुएट के छात्रों के लिए आईआईटी और आईआईएम जैसे तकनीकी व प्रबंधन से जुड़े पेशेवर शिक्षण संस्थान तथा पीएचडी जैसे शोध कार्यों से जुड़े उच्च शिक्षण संस्थान खुल सकेंगे। इनके लिए उच्च शिक्षा विभाग कोरोना की स्थानीय स्थिति को देखते हुए एसओपी जारी करेगा।
अनलॉक-चार राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लिए राहत लेकर आई है। अभी तक इनके समारोहों पर प्रतिबंध लगा हुआ था, लेकिन 21 सितंबर से उन्हें इसकी इजाजत दे दी गई है। शर्त सिर्फ इतनी है कि समारोह में भाग लेने की संख्या 100 से अधिक नहीं हो और इसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर जिलाधिकारी द्वारा किसी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकेगा।

यूपी सरकार के दिशा-निर्देश

कक्षा नौ से 12 तक के छात्र मर्जी से जा सकेंगे स्कूल- सभी स्कूल-कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान छात्रों और शैक्षणिक कार्य के लिए 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। हालांकि ऑनलाइन व दूरस्थ शिक्षा को अनुमति रहेगी और इन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों को अध्यापकों से मार्गदर्शन के लिए स्कूलों में स्वैच्छिक आधार पर जाने की अनुमति होगी। इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति आवश्यक होगी। यह व्यवस्था 21 सितंबर 2020 से लागू होगी। इसके लिए एसओपी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जाएगी।21 सितंबर से स्कूलों में टीचिंग-नॉन टीचिंग 50 फीसद स्टाफ को ऑनलाइन शिक्षा या परामर्श के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जाएगी।राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशन, भारत सरकार व राज्य सरकार में पंजीकृत अल्पकालिक प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या व्यावसायिक प्रशिक्षण की अनुमति होगी।राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय एवं विकास संस्थान, भारतीय उद्यमिता संस्थान, उद्यमिता विकास संस्थान उत्तरप्रदेश और उनके प्रशिक्षण देने वालों को भी अनुमति होगी। यह व्यवस्था 21 सितंबर, 2020 से लागू होगी।उच्च शिक्षा संस्थानों में केवल पीएचडी शोधार्थियों, तकनीकी या प्रयोगशाला संबंधी कार्य से जुड़े व्यावसायिक कार्यक्रम से संबंधित परास्नातक के छात्रों को अनुमति होगी। हालांकि ऐसा कोविड-19 की परिस्थितियों के मूल्यांकन के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग और गृह मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद ही होगा।

कंटेनमेंट जोन के बाहर डीएम नहीं लगा सकेंगे लॉकडाउन- कंटेनमेंट जोन के बाहर जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। इससे पहले यह फैसला जिलाधिकारियों पर स्थानीय परिस्थिति के अनुसार छोड़ा गया था।अंतरराज्यीय एवं राज्य के अंदर व्यक्तियों और माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।पैसेंजर ट्रेनों से आवागमन, घरेलू हवाई यात्राएं, विदेश में फंसे हुए भारतीय नागरिकां का आगमन, विदेशी राष्ट्रिकों को निकलने से संबंधित वंदे भारत और एयर ट्रांसपोर्ट बबल फ्लाइट्स द्वारा आवागमन की अनुमति जारी रहेगी।65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्री और दस वर्ष से कम आयु के बच्चे सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परिस्थिति में ही घर से बाहर निकल सकेंगे।

सामूहिक आयोजनों में शामिल हो सकेंगे सौ व्यक्ति- 21 सितंबर से सभी सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य सामूहिक गतिविधियों को अधिकतम सौ व्यक्ति के साथ शुरू करने की अनुमति होगी। फेस मास्क का प्रयोग, शारीरिक दूरी का पालन और थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था अनिवार्य होगी।शादी-विवाह संबंधी समारोह में अधिकतम तीस और अंतिम संस्कार में अधिकतम बीस व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति 20 सितंबर तक जारी रहेगी। उसके बाद अधिकतम सौ व्यक्तियों की सीमा लागू होगी।सभी सिनेमा हॉल, तरण ताल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, सभागार और इस प्रकार के अन्य स्थान बंद रहेंगे, जबकि ओपन एयर थिएटरों को 21 सितंबर से शुरू करने की अनुमति होगी।

यथावत रहेगी साप्ताहिक बंदी :-  प्रत्येक शुक्रवार रात दस से सोमवार सुबह पांच बजे तक की साप्ताहिक बंदी अभी यथावत रहेगी। इस बंदी के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छता और सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

मेट्रो को सात से हरी झंडी : – सात सितंबर, 2020 से मेट्रो रेल को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। इस संबंध में एसओपी अलग से जारी की जाएगी।

अब भ्रष्ट और अक्षम सरकारी कर्मियों की छंटनी करेगा केंद्र, सर्विस रिकार्ड की होगी समीक्षा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कार्मिक मंत्रालय के ताजा आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने सभी विभागों को तीस साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी कर्मचारियों के सर्विस रिकार्ड की समीक्षा करने को कहा है। इसके बाद इनमें से अक्षम और भ्रष्ट कर्मचारियों की पहचान करके उन्हें स्थाई रूप से रिटायर करने को कहा गया है। केंद्र सरकार यह फैसला जनहित में लेना चाहती है।
कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) रूल्स, 1972 के मूलभूत नियम (एफआर) 56 (जे) व 56 (आइ) और 48 (आइ) (बी) के तहत की जाएगी। इससे प्रशासन को एक सरकारी नौकर को पूरी तरह से रिटायर करने का अधिकार मिलता है।
शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी सरकारी अफसर की आयु 50/55 वर्ष होने या उनके सेवाकाल के कम से कम तीस साल पूरे होने के बाद उन्हें किसी भी समय सेवानिवृत्त किया जा सकता है। यह कदम उनके कामकाज और आचरण के आधार पर जनहित में उठाया जाएगा। किसी भी सरकार कर्मचारी को अक्षमता के आधार पर सामान्य रूप से रिटायरमेंट नहीं दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न विभागों को समय-समय पर ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं की समीक्षा करने को कहा जाता है और यह बताने को कहा जाता है कि वह सेवा में कायम रखने के योग्य हैं या नहीं। सरकार का मानना है कि जिन कर्मचारियों का कामकाज या आचरण भ्रष्ट है, उन्हें रिटायर कर दिया जाना चाहिए। यह साफ है कि इन नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी के समय से पहले रिटायर किया जाना कोई पेनाल्टी नहीं है। यह अनिवार्य रिटायरमेंट से अलग है। अनिवार्य रिटायरमेंट सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1965 के तहत पेनाल्टी है।

सुरक्षाबलों ने अल-बदर जिला कमांडर शकूर सहित 4 को किया ढेर

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  श्रीनगर के खोनमोह इलाके के पंच काे सुपुर्द-ए-खाक करने से पहले ही सुरक्षाबलों ने उनकी मौत का बदला ले लिया। आज सुबह पंच निसार अहमद भट का शव जिला शोपियां के डांगम गांव में एक बाग से मिला था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शव की बरामदगी के बाद से ही पुलिस व सेना ने अपने खुफिया तंत्रों को सक्रिय कर दिया था। उन्हें शक था कि पंच को मारने वाले आतंकी अभी आसपास के किसी इलाके में ही छिपे हुए हैं।
पुलिस के आइजी कश्मीर विजय कुमार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पंच की हत्या में अल-बदर के जिला कमांडर शाकूर पारे और उसके साथी सुहेल भट का हाथ था, आज शोपियां में जिन चार आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया है, उनमें ये दोनों भी शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोपहर बाद उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जिला शोपियां के गांव किलोरा में कुछ संदिग्ध आतंकवादी देखे जाने की सूचना मिली। सेना की 44आरआर, जम्मू-कश्मीर की एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों की संयुक्त टीम इलाके में पहुंची और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। ये आतंकवादी एक मकान में छिपे हुए थे। आतंकवादियों के सुरक्षाबलों को नजदीक आते देख उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक चली इस मुठभेड़ में अल बदर मुजाहिदीन के जिला कमांडर शाकूर पारे, उसका साथी सुहेल भट समेत चार आतंकवादी मारे गए हैं। एक आतंकवादी के आत्मसमर्पण करने की भी जानकारी मिली है।
सूत्रों के अनुसार कश्मीर में अल-बदर की स्थापना वर्ष 1995 के आसपास हुई। वर्ष 1996 के बाद कश्मीर में अल-बदर ने अपनी गतिविधियों को खुलकर अंजाम देना शुरू किया। कुछ वर्षो तक यह संगठन जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में ही सीमित रहा परंतु बाद में इसने वादी के अंदरूनी इलाकों में अपना विस्तार करना शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों ने वर्ष 2016 में अल-बदर की कश्मीर में मौजूदगी की पुष्टि की। कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी करने के लिए अल-बदर मुजाहिदीन ने स्थानीय युवकों की भर्ती पर ज्यादा जौर दिया। इसके बाद अल-बदर वर्ष 2005 तक राज्य में पूरी तरह सक्रिय रहा। सुरक्षाबलों द्वारा जारी अभियान के बाद संगठन में स्थानीय कैडर की संख्या नाममात्र रह गई। अचानक से संगठन ने कश्मीर में अपनी गतिविधियां बंद कर दी। वर्ष 2014 तक कश्मीर में इस संगठन का कोई वजूद नहीं था। परंतु बुरहान वानी के मरने के बाद घाटी में बढ़की हिंसा की आग के बीच अल-बदर फिर सक्रिय हो गया।  सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान इस संगठन ने एक बार फिर स्थानीय युवाओं की भर्ती पर जोर देना शुरू कर दिया है।

इस पासवर्ड से खुलती है आधार कार्ड की पीडीएफ कॉपी, जानिए तरीका

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से जारी 12 अंक की पहचान संख्या Aadhaar Card अब देश में तमाम तरीके की सेवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। हालांकि, हर समय आधार कार्ड को कैरी करना आसान नहीं होता है क्योंकि इसके खोने का डर रहता है। ऐसे में E-Aadhaar के जरिए आपको काफी अधिक सहूलियत हो सकती है। UIDAI आधार कार्ड धारकों को E-Aadhaar Card डाउनलोड करने की सुविधा देता है। हालांकि, एक बार ई-आधार डाउनलोड करने के बाद आपको पासवर्ड की जरूरत होती है। इस पासवर्ड के बिना आप E-Aadhaar Card की पीडीएफ फाइल को ओपन नहीं कर सकते हैं।

हर व्यक्ति के लिए अलग होता है पासवर्ड

UIDAI की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रत्येक आधार कार्ड धारक का पासवर्ड भी अलग होता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण कहता है कि अगर आप E-Aadhaar Card को डाउनलोड करना चाहते हैं तो आपको अपने नाम के पहले चार अक्षर के साथ जन्म का वर्ष पासवर्ड के रूप में डालना होगा। यहां ध्यान रखने वाली बात है कि नाम के पहले चार अक्षर अंग्रेजी के ब्लॉक लेटर्स यानी (बड़े अक्षरों) में होने चाहिए। मिसाल की तौर पर आधार कार्ड धारक सुरेश कुमार (Suresh Kumar) ने अपना आधार कार्ड डाउनलोड किया और वह अब उस फाइल को खोलना चाहते हैं तो उन्हें SURE के साथ अपने जन्म का वर्ष भी जोड़ना होगा। अगर सुरेश कुमार का जन्म 1990 में हुआ था तो उनके लिए पासवर्ड SURE1990 होगा।

इन उदाहरणों को भी ध्यान से देखेंः

केस-2 

नामः साई कुमार (SAI KUMAR)

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः SAIK1990

केस-3

नामः पी. कुमार (P. Kumar) 

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः P.KU1990

केस-4

नामः रिया (RIA)

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः RIA1990

ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं ई-आधार

E-Aadhaar Card डाउनलोड करने के लिए आपको UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन करना होगा। इसके बाद आधार सेक्शन में ‘Download Aadhaar’ का ऑप्शन मिलेगा। अब आधार नंबर, पंजीयन संख्या या वर्चुअल आईडी में से किसी एक का चुनाव करें और उन्हें प्रविष्ट करें। इसके बाद ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। ओटीपी के एक बार सत्यापन होने के बाद आपको आधार कार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा। 

बारिश से बही सड़कें , पुल भी बहा, घरों में 5 फुट तक घुसा पानी

जम्मू (ऊँ टाइम्स)  जम्मू संभाग के कई जिलों में बारिश ने तबाही मचा रखी है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगह भारी नुकसान की सूचनाएं हैं। आज जम्मू के सभी निचले क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया है। लोगों के घरों में कई फुट पानी घुस गया है। अधिकतर घरों में बिजली के उपकरण जल गए। खाने-पीने का सामान खराब हो गया है। यही नहीं सड़कों पर भी भारी जलभराव हो गया है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कल भी कई इलाकों में भारी बारिश के आसार जताए हैं।

त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन, अम्बेडकर नगर में यूं तो जलभराव कोई नई बात नहीं लेकिन इससे पहले कभी इतना पानी नहीं चढ़ा था। क्षेत्र में बहने वाले नाले से करीब दो फुट ऊपर तक पानी रहा। मुहल्ले के हर घर में दो से पांच फुट तक पानी घुसा। मुहल्ले में करीब चालीस घरों में पानी ने तबाही मचाई। त्रिकुटा नगर सेक्टर-2ए एक्सटेंशन में नाले का पानी दीवार तोड़ कर घरों में आ घुसा। साथ लगते इन मुहल्लों में हालत इतनी बिगड़ गई कि लाेगों की मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ ने पंप लगाकर लोगों के घरों से पानी निकाला। यहां रहने वाले दीपक कुमार, जगदीश राज गुप्ता, चौधरी बाल राम ने बताया कि करीब पांच फुट पानी घर में घुस आने पर जान बचाना मुश्किल होने लगा था। सारा सामान तबाह हो चुका है। खीने-पीने की चीजें तक नहीं बचीं। कोई नेता अथवा जिला प्रशासन का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।.
औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल में भी सभी नाले उफान पर थे। नालों व नालियों का पानी लोगों के घरों के साथ-साथ इकाइयों में भी घुस गया। औद्याेगिक क्षेत्र में स्थित ब्रेड फैक्ट्री और फ्लोर मिल समेत अन्य इकाइयों में जलभराव होने से इकाई मालिकों को काफी नुकसान हुआ।
अम्बेडकर नगर में रहने वाले अंकुश शर्मा, रविंद्र सिंह, राम कुमार, कमल देव आदि ने कहा कि ऐसी तबाही पहली बार हुई है। मुहल्ले में अधिकतर लोगों ने पानी से बचने के लिए घरों के बाहर तीन-चार फुट की दीवारें लगा रखी हैं। आज पानी इतना ज्यादा था कि इसके ऊपर से होता हुआ घरों, दुकानों में आ घुसा। बहुत नुकसान हुआ है। घर में कोई सामान ठीक नहीं बचा। नानक नगर के सभी सेक्टरों में जलभराव हुआ है। सेक्टर 7 और 6 तथा 12 में नाले किनारे वाले घरों में दो फुट से चार फुट तक पानी चढ़ गया। ऐसे ही संजय नगर में करीब तीस घरों में पानी घुसा। डिग्याना, रूपनगर, ऊधम सिंह नगर में भी करीब बीस घरों में पानी से लोगों को नुकसान झेलना पड़ा। 

गंग्याल क्षेत्र में नाले के निर्माण के दौरान इसकी चौड़ाई कम कर दी गई है , यही कारण रहा कि आज जब झमाझम बारिश हुई तो गंग्याल के अधिकतर मुहल्लों में दो से चार फुट पानी जमा हो गया। लोगों के बेड पानी में डूब गए। फ्रिज, टीवी, कूलर तक पानी से भर गए। क्षेत्र वासियों संजय कुमार, गोकुल कुमार, रमेश लाल, स्वर्ण सिंह ने कहा कि उनके घर में करीब तीन फुट पानी चढ़ा। नाले को चौड़ा करने के बजाय जमीन बचाई गई। अब लोग डूबने लगे हैं। गंग्याल में नाले के ओवरफ्लो होने से कई फैक्ट्रियों में भी पानी चला गया। अमर फ्लोर मिल सहित आसपास कुछ और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जलभराव से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
दड़प क्षेत्र में कई गांवों को जोड़ने वाला पुल भी नाले में आई बाढ़ में बह गया। करीब छह साल पहले इस पुल को बनाया गया था। करीब 22 गांवों को जोड़ने वाले इस पुल के बहने से लोगों को शहर से संपर्क कट गया है। इस पुल के बहने के कारण लोगाें को बिश्नाह, मीरां साहिब व अन्य छोटे रास्तों को अपना कर शहर पहुंचना पड़ा। बुधवार सुबह करीब साढ़े बजे यह पुल पानी में क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बह गया।
ग्रेटर कैलाश इलाके में बना पानी का ओवर हैड टैंक धराशायी हो गया। करीब आठ साल पहले ग्रेटर कैलाश में यह ओएचटी बनाया गया था। इसमें से लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं करवाई जा सकी थी। यह खराब ही पड़ा हुआ था। बुधवार सुबह यह बारिश के दौरान यह अचानक गिर गया। हालांकि इससे किसी जानमान के नुकसान की सूचना नहीं है।  जिला राजौरी के मंजाकोट सेक्टर के कोटली गांव में बुधवार को हुई बारिश के बाद हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। बारिश के कारण जिला राजौरी और पुंछ में कई जगह भूस्खलन हुआ है जिसकी वजह से सड़कों और पुलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।मंजाकोट के कोटली गांव में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से 35 वर्षीय शाेकीत पुत्र मोहम्मद हुसैन की मौत हो गई। इलाके के स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया परंतु उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं जिला पुंछ के बालाकोट सेक्टर में सांगियोट गांव में एक मवेशी शेड ढह जाने से उसके भीतर बंधे कई मवेशियों की मौत हो गई।वहीं जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राजौरी की अधिकांश नदियों और छोटे जल निकायों में बाढ़ आ गई है। लोगों में दहशत है। उन्होंने इन नदी-नालों के साथ लगते इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।

वाहनों के आपस में टकराने से 6 की हुई मौत, कई लोग हुये घायल, बसों के उड़े परखच्चे

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) लखनऊ के हरदोई रोड पर आज ट्रक और बस की आपस में हुई भीषण टक्कर। इस हादसे में छह यात्रियों की मौत हो गई है, जबकि कई यात्री घायल हो गए हैं । घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
आज सुबह करीब 6 बजे हरदोई रोड पर अमेठीया मोड़ के पास यह हादसा हुआ। लखनऊ की तरफ से हरदोई की ओर जा रही रोडवेज बस ट्रक को ओवर टेक कर आगे निकली तो हरदोई की तरफ से आ रही रोडवेज बस से टकरा गई। वहीं पीछे से आ रहा ट्रक भी बसों में भिड़ गया। आमने-सामने की टक्कर में बसों के परखच्चे उड़ गए।
हादसा इतना भीषण था कि बसों के परखच्चे कई मीटर के दायरे में फैल गए। इस हादसे की चपेट में में रोड के किनारे होटल पर बैठे लोग भी आ गए। पुलिस ने जेसीबी व क्रेन द्वारा फंसी बसों व ट्रक को अलग कर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। करीब 3 घंटे बचाव कार्य चला। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भेजा ।
मौके पर जेसीपी नवीन अरोरा व डीसीपी साउथ राइस अख्तर, सुरेश चन्र्द रावत,पहुंचे। डीसीपी साउथ के मुताबिक हादसे में छह लोग की मौत की पुष्टि हुई है। करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए हैं।

आज इन राज्यों में होगी बारिश , मौसम विभाग का ताजा रिपोर्ट

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत में अमूमन देखा गया है कि अगस्त के महीने में ज्यादा बारिश नहीं होती है, लेकिन इस बार बारिशों के महीने से ज्यादा बारिश अगस्त में देखी गई। फिलहाल बारिशों का दौर कब तक चलेगा इसकी कोई जानकारी मौसम विभाग द्वारा नहीं दी गई है। लेकिन आज भी कहीं जगहों पर हल्की से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहले ही देश में कोरोना महामारी से लोग परेशान हैं, ऊपर से बारिश और भूस्खलन से भी लोगों को हताहत होना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने मौसम की ताजा जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब, दिल्ली, हरियाणा व पश्चिम राजस्थान में अनेक स्थानों पर आज हल्की से मध्यम वर्षा होगी। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में अनेक स्थानों पर भी हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। वहीं, पहाड़ों पर भूस्खलन की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार आज ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत बारिश होने का अनुमान लगाया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड. छत्तीसगढ़, झारखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं दिल्ली, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार के कई इलाकों में आज आंधी तूफान का भी पूर्वानुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग, देश के पूर्वी, उत्तरी और मध्य हिस्सों में अगले चार-पांच दिन में भारी बारिश होने का अनुमान पहले ही लगा चुका है। विभाग ने मंगलवार को बताया कि 26 अगस्त को ओडिशा और इसके अगले दिन छत्तीसगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया था कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र (चक्रवातीय परिसंचरण) बन रहा है, जो अगले चार-पांच दिन में पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा।
वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र गहरा बन गया है। इसके प्रभाव से बुधवार से मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बरसात का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ने बताया था कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। वर्तमान में राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मानसून द्रोणिका (ट्रफ) राजस्थान पर बने सिस्टम से चुरू, नारनोल, गोरखपुर, पटना से होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दाब के क्षेत्र तक जा रही है। उत्तर-पूर्व अरब सागर में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आने का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग ने बुधवार से पंजाब में बारिश की संभावना जताई है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से पंजाब के कई जिलों में बारिश हो सकती है। इसके बाद वीरवार और शुक्रवार को दो दिन तक कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

ISI की गतिविधियों की गोरखपुर में हनक लगते ही जोन की पुलिस हुई सतर्क

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए गोरखपुर के हनीफ उर्फ आरिफ के जासूसी करने का मामला सामने आने और आतंकी गतिविधियों में लिप्त बलरामपुर जिले के मुस्तकीम उर्फ युसूफ की दिल्ली में गिरफ्तारी होने के बाद गोरखपुर जोन की पुलिस सतर्क हो गई है। एडीजी ने चौकसी बढ़ाने और नेपाल से लगने वाले सीमाई इलाकों में निगरानी तेज करने को कहा है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) को संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है।.
आप को बतादें कि गोरखपुर जिले के कोतवाली इलाके के जाफरा बाजार निवासी हनीफ उर्फ आरिफ को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में एटीएस ने हिरासत में लिया था, और पूछताछ में उसने एयरफोर्स स्टेशन, जीआरडी कैंप और रेलवे स्टेशन की फोटो तथा उससे जुड़ी कुछ सूचनाएं पाकिस्तानी आका को भेजने की बात कबूल की है। दो दिन तक चली पूछताछ के बाद कोई ठोस सबूत हाथ न लगने की वजह से एटीएस ने उसे छोड़ दिया है। हालांकि उस पर नजर रखने के साथ ही एटीएस, जासूसी नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी पता लगाने में जुटी है। इससे पहले आतंकी गतिविधियों में लिप्त बलरामपुर जिले के बढय़ा भैंसाई निवासी मुस्तकीम उर्फ युसूफ खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने बढय़ा भैंसाई स्थित उसके घर की तलाशी लेकर काफी मात्रा में विस्फोटक और मानव बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली विशेष जैकेट भी बरामद की। युसूफ को लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। इन दोनों मामलों को देखते हुए एडीजी ने जोन पुलिस को सतर्क किया है।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद एडीजी ने जोन के सभी जिलों की पुलिस को सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है। जोन के छह जिलों कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की सीमा नेपाल से लगती है। इन जिलों की पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एडीजी ने सीमा पर तैनात एसएसबी से तालमेल स्थापित कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने कहा कि हनीफ और युसूफ का मामला सामने आने के बाद जोन पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही हे। खासकर सीमाई इलाकों में अधिक चौकसी बरती जा रही है। 

रिपब्लिकन पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप की दावेदारी पर लगाया मुहर, पेंस का मुकाबला होगा कमला हैरिस से

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में विगत दिवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उपराष्ट्रपति माइक पेंस की दावेदारी पर मुहर लगा दी गई है। अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में 74 वर्षीय ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी व पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन (77) की चुनौतियों का सामना करेंगे। सम्मेलन के परमानेंट चेयर व प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेता केविन मैककार्थी ने पेंस के उपराष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में चुने जाने की घोषणा की।
पेंस डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी कमला हैरिस की चुनौतियों का सामना करेंगे। सम्मेलन की शुरुआत में ही पेंस की दावेदारी की घोषणा कर दी गई, जबकि राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में ट्रंप के नाम पर मुहर बाद में लगी। इंडियाना के पूर्व गवर्नर पेंस ने वर्ष 2016 के चुनाव में ट्रंप के साथ ही जीत हासिल की थी। नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद सम्मेलन की चेयर रोना मैकडेनियल डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जो बिडेन व कमला हैरिस पर जमकर बरसीं।

रिपब्लिकन का सम्मेलन पारंपरिक रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे दिन सत्रों और रात में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ट्रंप चारो रात सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साउथ कैरोलिना की दो बार गवर्नर रहीं निक्की हेली भारतीय मूल की एक मात्र अमेरिकी नेता हैं, जिन्हें वक्ताओं की सूची में रखा गया है। साउथ कैरोलिना में जन्मी निक्की हेली का मूल नाम निम्रता रंधावा था। उनके पिता अजीत सिंह रंधावा और माता राज कौर रंधावा पंजाब के अमृतसर से यहां आए थे।
प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप सम्मलेन को व्हाइट हाउस स्थित रोज गार्डन से बुधवार को संबोधित करेंगी। इसी दिन माइक पेंस भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। गुरुवार को अंतिम दिन ट्रंप स्वीकार्यता भाषण देंगे। बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने जहां अपने सम्मेलन का आयोजन पूरी तरह वर्चुअल मोड में किया था, वहीं रिपब्लिकन के 336 प्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित हैं और बाकी 2,551 प्रतिनिधि पूरे अमेरिका में स्थित पार्टी कार्यालयों में मौजूद रहकर वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं।
ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना में सम्मेलन के पारंपरिक आयोजन की मांग की थी, जिसे डेमोक्रेट गवर्नर रॉय कूपर ने ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा में सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की थी, लेकिन बाद में वह कोरोना संक्रमण के कारण लागू प्रतिबंधों को मानते हुए शार्लेट में आयोजन की वापसी पर राजी हो गए थे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नवंबर में होने वाला चुनाव अमेरिकी इतिहास में सबसे अहम होगा। देश चाहे तो भयानक या महानता की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट वर्ष 2016 की तरह चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद खतरनाक है। नवंबर के चुनाव में अगर डेमोक्रेट को चुना गया तो चीन अमेरिका को जीत लेगा। डेमोक्रेट कोरोना संक्रमण का चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। देश इसे कभी माफ नहीं करेगा। 

बदमाशों ने पत्रकार को गोली मार कर किया हत्या, घटना स्थल पर हुई मौत

बलिया (ऊँ टाइम्स)  बीती रात करीब 8.45 बजे बदमाशों ने एक इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दिया। सिर में गोली लगने से  रतन कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बदमाश भाग निकले। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का कोशिश किया किंतु कामयाबी नहीं मिल सकी। घटना के बाद पहुंचे एसपी देवेंद्र नाथ, एएसपी संजय कुमार, सीओ सदर देर रात तक जांच में जुटे रहे।
जनपद के फेफना में  देर शाम थाने से महज कुछ ही दूरी पर हुए हत्याकाण्ड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। फिलहाल पुरानी रंजिश को घटना की वजह बताई जा रही है। पत्रकार रतन कुमार सिंह का घर बलिया-रसड़ा मुख्य मार्ग पर फेफना तिराहे से रेलवे क्रॉसिंग के बीच में है। वह फेफना गांव में गए थे। इसी बीच ग्राम प्रधान के दरवाजे के पास गली में घेरकर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और बड़ी आसानी से भाग निकले। गोली की आवाज सुन कर गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन सिर में गोली लगने की वजह से रतन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गांव में लगभग एक महीने पहले झगड़ा हुआ था, उससे भी जोड़कर इस वारदात को देखा जा रहा है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
एसपी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। पत्रकार रतन सिंह की हत्या की सूचना मिलते ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने में पुलिस जुट गई है।

ISI का एजेंट गोरखपुर से हुआ गिरफ्तार, हनीट्रैप के जरिए इससे जासूसी करा रहा था पाकिस्तान

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) पाक हमेशा भारत की खुफिया जानकारी हासिल करने के प्रयास में लगा रहता है। हाल ही में दिल्ली में पाक उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी करते पकड़ा गया था। वहीं अब गोरखपुर में भी पाकिस्तान के जासूसी के प्लान को बेनकाब किया गया है। पाकिस्तान ने भारतीय सेना की जानकारी हासिल करने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लिया लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उनके एजेंट को पकड़ लिया।
दरअसल पाकिस्तान, गोरखपुर के हनीफ को हनीट्रैप के जरिए फंसाकर थल सेना, वायु सेना के खुफिया जानकारी को अपने तक मंगवा रहा था, लेकिन ATS की नज़र हनीफ पर थी और उसे उसके इरादों में कामयाब होने से पहले ही धर दबोचा।
गोरखपुर के हनीफ के कुछ रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। 2014 से 2018 के बीच वह अपने रिश्तेदारों से मिलने कई बार पाकिस्तान गया। जहां ISI ने उसे एक वैश्यालय ले जाकर उसका फोटो और वीडियो बना लिया और उसे ब्लैकमेल करते हुए भारत के खुफिया जानकारी को मंगवाने के लिए फंसा लिया। हनीफ भारत का सिम लेकर व्हाट्सएप एक्टिव कर
उसके जरिए उत्तर प्रदेश समेत वायु सेना व थल सेना व गोरखपुर रेलवे स्टेशन,एयरफोर्स आदि की जानकारी को इकट्ठा कर फोटो और वीडियो के जरिए भेजता था। हालांकि पाकिस्तान के इस चाल की खुफिया एजेंसियों को भनक लग गई और उन्होंने हनीफ पर नज़र रखना शुरु कर दिया। इस दौरान उन्होंने इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन गोरखधंधा’ रखा। इसके बाद जब पुसिल इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय हुई तो जब हनीफ को पहली बार में ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं एटीएस के आईजी ने बताया कि आरोपी से काउंसलिंग में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी को बदमाशों ने दिन दहाड़े मारा गोली

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस जिले के हसनगंज थाना क्षेत्र के डालीगंज स्थित कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास को बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दिया ।
पुलिस के मुताबिक, बदमाश बरात घर बुकिंग कराने के बहाने आए थे। घायल धीरेंद्र दास को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
मौके पर एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव, एसीपी महानगर सोनम कुमार सहित कई अधिकारी पहुंच गए हैं।.
मिली जानकारी के अनुसार, धीरेंद्र दास पर 2015 में भी जानलेवा हमला हुआ था तब भी हमलावर बरात घर की बुकिंग के लिए आए थे। एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि कबीर मठ की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
उन्होंने कहा कि संपत्ति विवाद को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। मठ के पास सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। जिसकी फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश की जा रही है।.
पुलिस टीम घटनास्थल पर मौजूद है और इलाके को अपने नियंत्रण को लेकर जांच कर रही है। गोलीकांड से हड़कंप मच गया। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

सीएम योगी का कोरोना पर नया आदेश, जानिए अब किसे क्या करना पड़ेगा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डीएम और सीएमओ दिन में दो बार बैठक करें। इसके साथ ही कोविड अस्पतालों में डॉक्टर व नर्स वार्ड में जाकर मरीजों का इलाज करेंगे। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर और गोरखपुर में कोविड मरीजों की संख्या को देखते हुए विशेष ध्यान दिया जाए। कोविड के चलते सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन न किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को अनलॉक की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि डीएम व सीएमओ सुबह की बैठक अस्पताल और शाम की इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में करें। बैठक में सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रतिदिन 1.30 लाख कोविड टेस्ट करने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश में जांच और कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए अग्रिम रणनीति तैयार रहे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी स्थान पर पांच से अधिक लोग एकत्र न हों। कहीं भीड़ न इकट्ठा होने पाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रभावी ढंग से चलाए जाएं। बाढ़ पीड़ित को राशन किट का वितरण कराया जाए। प्रदेश में शनिवार और रविवार को स्वच्छता और सैनिटाइजेशन के काम प्रभावी ढंग से कराए जाएं। स्वच्छता समितियों को बहाल करने के निर्देश भी दिए। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय बनाए जाने हैं। इसके लिए सांसद व विधायकों के साथ प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। पंचायत भवन में मिनी सचिवालय और सार्वजनिक कार्यक्रमों के स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए।.
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत संचालित होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें त्वरित और प्रभावी ढंग से संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में मौजूद उत्तर प्रदेश के भवनों में ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। अयोध्या में बनने वाले राज्यों के अतिथि गृह में भी ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाए।

अबु यूसुफ के घर से विष्फोटक और फिदायीन हमले में प्रयोग की जाने वाली जैकेट हुई बरामद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  नई दिल्ली में धौलाकुआं में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट्स ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) ऑपरेटिव अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के साथियों की तलाश के साथ ही उसके अड्डों को खंगालने में दिल्ली पुलिस तथा यूपी एटीएस को भी बड़ी सफलता मिली है।
बलरामपुर के उतरौला में उसके गांव में तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ फिदायीन हमले के लिए तैयार की गई जैकेट भी मिली है। दिल्ली से शनिवार को गिरफ्तार आइएसआइएस ऑपरेटिव अबु यूसुफ के घर बलरामपुर उतरौला तहसील के बढय़ा भैसाही गांव में दिल्ली पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश एटीएस ने पड़ताल के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और कथित तौर पर फिदायीन हमले के लिए तैयार किया गया जैकेट बरामद किया गया है।
दिल्ली में पकड़े गए अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम उर्फ नेटवर्क खंगालने में उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ दिल्ली पुलिस रात भर जुटी रही। दिल्ली पुलिस व यूपी एटीएस के अधिकारी उतरौला में ही डेरा डाले हैं। इस दौरान मुस्तकीम की पत्नी, पिता, भाई व बच्चों से पूछताछ की है। उसकी निशानदेही पर उतरौला नगर से उठाए गए लोगों से भी पूछताछ जारी है। दूसरी तरफ गांव पूरी तरह सील है।
पुलिस ने बताया कि उतरौला नगर से जिन तीन लोगों को उठाया गया था, उनसे पूछताछ कर छोड़ दिया गया है। आतंकी अबु यूसूफ के गांव बढय़ा भैंसाही में मीडिया के लोगों की भीड़ है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल मौजूद है। गांव में सन्नाटा है। 
अबु यूसुफ की पत्नी आयशा ने बताया कि पति यूसुफ दो वर्ष से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। वह हमसे भी पैसा लेकर संदिग्ध गतिविधि में लगाता था। घर में ही विस्फोटक रखता था। हमने भयवश किसी को बताया नहीं। हमको जब उनके घर में ही विस्फोटक रखने की जानकारी हुई तो हमने मना भी किया। घर में तो पैसों की बहुत किल्लत है। हमारे पास भी जो पैसा होता था, हमसे लेकर वह इधर-उधर खर्च कर देते थे। जब हमने कहा कि फोकट में पैसा खर्च करते हो, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कैसे होगी तो कहते थे कि सब अल्लाह मालिक है। इस तरह से हमारी बातों को टाल देते थे। वह करीब दो वर्ष से इस काम में लगे थे। सामान एकत्र कर रहे थे। घर में बक्से में जब हमने विस्फोटक देखा तो उसको हटाने को भी कहा था। आयशा ने बताया कि घर से विस्फोट करने वाली फिदायीन जैकेट के साथ चाकू, बेल्ट तथा बारूद मिला है। 
आयशा ने बताया कि वो मेरे ऊपर सख्ती कर रहे थे कि किसी को मत बताना। मुझे बहुत अफसोस है। मेरे चार बच्चे हैं, मैं बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी। इस बार उनकी गलती को माफ कर दिया जाये। वह लगभग दो वर्ष से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाते थे और खाली बक्से में रखते थे। मैं नहीं जानती कि इसकी ट्रेनिंग उन्होंने मोबाइल से ली या किसी और से और वो ये किसके लिए कर रहे थे। उनको बाबरी मस्जिद से कोई लगाव नहीं था।
नई दिल्ली में धौलाकुआं में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट्स ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) ऑपरेटिव अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के पिता ने बेटे की हरकतों की निंदा करने के साथ ही उसको एक बार माफी देने की अपील भी की है। अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के पिता कफील अहमद दे कहा कि मुझे अपने बेटे की गतिविधियों पर बेहद अफसोस है। मेरी जानकारी में नहीं था कि वह इस तरह की हरकतों में शामिल है। मैं चाहता हूं कि यदि संभव हो तो उसे एक बार के लिए माफ कर दिया जाए लेकिन उसका कृत्य गलत है। अगर मुझे उनकी गतिविधियों के बारे में जरा सा भी पता होता तो मैं उन्हेंं छोडऩे के लिए जरूर कहता।
पुलिस ने अबु यूसुफ के पिता सहित तीन रिश्तेदारों से पूछताछ की है। गांव में उससे करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम और बलरामपुर पुलिस की टीम ने उतरौला के गोंडा मोड़ पर उसके घर पर छापेमारी की। यहां से उसके पिता समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उनसे उतरौला कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।.
यूसुफ के घर से उसके पिता और भतीजे फारूक को और घर के एक अन्य सदस्य वसीम को गोंडा उतरौला रोड पर ईदगाह के पास मोहल्ले से हिरासत में लिया गया । बलरामपुर व दिल्ली में आतंकी के पास से आईईडी भी बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि यहां पर पुलिस और अन्य आला अधिकारियों के पहुंचने से पहले उसके परिजनों या अन्य ग्रामीणों ने कुछ डॉक्यूमेंट और विस्फोटक को तालाब में फेंक दिया गया था, जिसे तालाब से निकलवाया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की टीम कल रात अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम को लेकर बलरामपुर के उतरौला में उसके गांव बढय़ा भैसाही गांव आई है। उससे पूछताछ के बाद उसके चार करीबियों को हिरासत में लिया गया है। दिल्ली में अबु यूसुफ के पास से विस्फोटक आईईडी के साथ पिस्टल भी मिली है। आइएसआइएस का गिरफ्तार सदस्य अबु यूसुफ बलरामपुर का निवासी है। दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ के दो साथी दिल्ली से फरार हो गए थे। उनकी तलाश जारी है, इसी बीच दिल्ली पुलिस की टीम कल देर रात अबु यूसुफ को लेकर बलरामपुर में उसके गांव पहुंची।
उत्तर प्रदेश एटीएस की अबु यूसुफ के मामले में पड़ताल में लगी है। अबु यूसुफ से काफी देर तक पूछताछ के बाद यूपी एटीएस ने देर रात उतरौला से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनके साथ ही उतरौला कोतवाली में अबु यूसुफ से पूछताछ जारी है। एक संदिग्ध को यूपी एटीएस उतरौला कोतवाली से आतंकी युसूफ के गांव ले गई।

सुशांत केस में नया मोड़, पड़ोसी ने कहा -13 को नहीं हुई थी कोई भी पार्टी, घर की लाइटें भी थी बंद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बहुचर्चित  बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के केस में सीबीआई गहनता से जांच कर रही है। सीबीआई ने सुशांत सिंह के करीबियों के बयान लेने के साथ साथ उनके फ्लैट से कई आवश्यक सामान भी इकट्ठे किए हैं। महाराष्ट्र पुलिस से केस ट्रांसफर किए जाने के बाद अब सीबीआई की टीमों को जांच के लिए कई बार सुशांत के घर पर भी देखा गया है।
इस मामले में अब सुशांत के बांद्रा स्थित बिल्डिंग में रहने वाली उनकी एक पड़ोसी महिला ने एक बड़ा खुलासा किया है। पड़ोसी महिला की ओर से जांच एजेंसी को इस केस में अलग लीड मिल सकती है, लेकिन इससे मौत का राज और गहरा गया है। बिल्डिंग में रह रही महिला का कहना है कि 13 जून की रात करीब 10.30 बजे से 10.45 बजे के बीच सुशांत के घर की लाइटें बंद थीं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुशांत के घर में 13 जून की रात को कोई पार्टी नहीं हुई थी।
वैसे पार्टी की बात से मना किए जाने के बाद केस अलग मोड़ ले रहा है। अब देखना है कि पुलिस महिला की ओर से दी गई जानकारी को जांच में किस तरह इस्तेमाल करती है।
वहीं, शनिवार को ही सीबीआई की टीम नीरज और सिद्धार्थ पिठानी के साथ सुशांत सिंह के घर के बाहर नज़र आई थी। जांच एजेंसी ने नीरज और सिद्धार्थ के साथ ही मौके पर जाकर बात की है। बताया जा रहा है कि सुशांत के घर पहुंची सीबीआई की टीम ने बयानों के आधार पर सीन को रिक्रिएट करते हुए पूछताछ किया।
इस दौरान टीम करीब 6 घंटे तक सुशांत के फ्लैट में रही और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। वैसे पड़ोसी महिला के बयान ने पूर्व के जांच पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है! नये सिरे से हो रहे इस जांच से सम्बन्धितों के छूट रहे हैं पसीने! .. (ब्यूरो रिपोर्ट ऊँ टाइम्स, मुंबई)

पाकिस्तान के कराची में रह रहा है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम , पाक ने भी किया कबूल

नई दिल्ली / इस्लामाबाद (ऊँ टाइम्स) पिछले 27 सालों से झूठ बोल रहे पाकिस्तान ने आखिरकार यह बात कबूल ही कर लिया कि 1993 के मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम वहीं रहता है। पाकिस्तान द्वारा जारी 88 आतंकियों की सूची में दाऊद का भी नाम है। यह भी बताया गया है कि दाऊद 14 पासपोर्ट रखता है और कराची में उसके तीन घर हैं। फाइनेंशियल एक्शन टॉस्क फोर्स के ब्लैक लिस्ट में आने से बचने के लिए पाकिस्तान ने इन आतंकियों पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं। इन सभी की संपत्तियों को जब्त करने और बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया है। इन पर ट्रैवल बैन भी लगाया गया है।
1993 में मुंबई बम धमाकों के बाद दाऊद पाकिस्तान भाग गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और करीब 1400 लोग घायल हुए थे। इसके बाद से ही दाऊद के पाकिस्तान में छिपे होने की खबरें आती रहीं लेकिन इस्लामाबाद ने कभी कबूला नहीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिन आतंकियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें जमात-उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर भी शामिल है। हक्कानी नेटवर्क, तालिबान, टीटीपी, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों और उसके सरगनाओं पर भी प्रतिबंध सख्त किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम के साथ साथ जिन आतंकियों पर प्रतिबंधों को सख्‍त किया गया है उनमें हाफ‍िज सईद, मसूद अजहर, मुल्ला फजलुल्ला (उर्फ मुल्ला रेडियो), जकीउर रहमान लखवी, मुहम्मद यह्या मुजाहिद, अब्दुल हकीम मुराद, नूर वली महसूद, उजबेकिस्तान लिबरेशन मूवमेंट के फजल रहीम शाह, तालिबान नेताओं जलालुद्दीन हक्कानी, खलील अहमद हक्कानी, यह्या हक्कानी और उनके सहयोगी शामिल हैं। यही नहीं तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-झांगवी, तारिक गीदर समूह, हरकतुल मुहाहिदीन, अल रशाीद ट्रस्ट, तंजिम खुत्ब इमाम बुखारी, राबिता ट्रस्ट लाहौर आदि संगठनों के नेताओं पर भी प्रतिबंधों को सख्‍त किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सूची में शामिल आतंकवादियों के वित्तीय संस्थानों से लेनदेन करने और हथियार खरीदने पर भी रोक रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाल ही में पाकिस्‍तान को इन आतंकियों पर एक्‍शन लेने के निर्देश दिए थे। बता दें कि पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था लेकिन आतंकियों पर कार्रवाई करने में हीलाहवाली करने के चलते पाकिस्‍तान अब तक इस सूची से अब तक बाहर नहीं निकल पाया है।
अब सवाल यह है कि पाकिस्तान ने इतने साल बाद अपने यहां दाऊद की मौजूदगी क्यों कबूली और उसके बारे में इतनी सारी सूचनाएं क्यों सार्वजनिक कर दी। दरअसल, पाकिस्तान जून 2018 से ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है और उस पर ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। उसे सितंबर तक इस संगठन की 27 सूत्री कार्य योजना पर अमल करना है। अक्टूबर में होनी वाली एफएटीएफ की बैठक में इसकी समीक्षा होगी। इसी को देखते हुए पाकिस्तान ने यह कदम उठाया। पाकिस्तान को उम्मीद है कि आतंकियों का नाम उजागर कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने से वह ग्रे लिस्ट से निकल सकता है।

वैसे दुनियां भर में मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ की सिफारिशों का काफी महत्व है। पाकिस्तान अगर ग्रे लिस्ट में बना रहता है या फिर ब्लैक लिस्ट हो जाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, यूरोपियन यूनियन जैसी वैश्विक संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में पहले से ही कंगाल पाकिस्तान पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। पाकिस्तान की मुश्किल यह भी है कि सऊदी अरब ने उसे कर्ज और उधार तेल देने से भी मना कर दिया है। इसके अलावा, उसे इस साल के अंत तक अरबों डॉलर का कर्ज भी वापस करना है। इन्हीं मजबूरियों ने पाकिस्तान को सच का सामना करने के लिए विवश कर दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को दाऊद इब्राहिम भारत को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा, पाकिस्तान जानता है कि उसने दाऊद को शरण दे रखा है। उसके बच्चे की शादी पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर के यहां हुई है। पाकिस्तान का हर आदमी जानता है कि वह कराची में रह रहा है। हालांकि, आज से पहले उसने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। अब पाकिस्तान को तत्काल उसे भारत को सौंप देना चाहिए, क्योंकि वह हमारे यहां मोस्ट वांटेड है। उन्होंने कहा कि वह अब भी भारत में होने वाले अपराधों में शामिल रहता है। कई अपराध दाऊद के जरिये किए जाते हैं।

आज से होगा गणेश पूजा प्रारम्भ, जानिए गणपति स्थापना के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व व सब कुछ

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) देशभर में आज से गणेशोत्सव का त्यौहार मनाया जाएगा। लोग गणपति को घर लाकर विराजमान करने से लेकर उनके विसर्जन को भी धूमधाम से करते हैं। 10 दिन चलने वाले इस त्यौहार पर गणपति की स्थापना की जाती है। गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक यानी दस दिनों तक चलता है। इसके बाद चतुर्दशी को इनका विसर्जन किया जाता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को अत्यंत ही पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का नाम किसी भी कार्य के लिए पहले पूज्य है। इसलिए इन्हें ‘प्रथमपूज्य’ भी कहते हैं। वह गणों के स्वामी हैं, इस वजह से उनका एक नाम गणपति भी है। इसके अलावा हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। मान्यता है कि भाद्रपद की चतुर्थी को गणेश जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन गणेश चतुर्थी त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 22 अगस्त को मनाया जाएगा।

गणेश चतुर्थी शुभ घड़ी

पूर्वाह्न 11.07 से दोपहर 01. 42 मिनट तक

दूसरा शाम 4.23 से 7. 22 मिनट तक

रात में 9.12 मिनट से 11. 23 मिनट तक

वर्जित चंद्रदर्शन का समय – 8:47 रात से 9:22 रात तक

चतुर्थी तिथि आरंभ – 21 अगस्त की रात 11:02 बजे से।

चतुर्थी तिथि समाप्त : – 22 अगस्त की रात 7:56 बजे तक।

 गणेश विसर्जन
1 सितंबर 2020 दिन मंगलवार को होगा!

भगवान गणेश की स्थापना गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न में की जाती है। माना जाता है कि गणपति का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। हालांकि, इस दिन चंद्रमा देखना भी वर्जित है। गणेश जी की स्थापना की विधि इस प्रकार है:-

  • आप चाहें तो बाजार से लाकर या फिर अपने हाथों से बनाई हुई गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।
  • गणेश जी की स्थापना करने से पहले स्नान कर लें और साफ धुले हुए वस्त्र धारण कर लें। 
  • इसके बाद अपने माथे पर तिलक लगाएं और पूर्व दिशा की ओर मुंह कर आसन पर बैठ जाएं।
  • ध्यान रहे कि आसन कटा-फटा न हो। साथ ही पत्थर के आसन का प्रयोग न करें।
  • इसके बाद भगवान गणपति की प्रतिमा को कसी लकड़ी के पटरे या गेहूं, मूंग, ज्वार के ऊपर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित करें।
  • गणपति जी की प्रतिमा के दाएं और बाएं रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप एक-एक सुपारी रखें। 

गणेश चतुर्थी पूजा विधि
भगवान गणेश की पूजा के लिए पान, सुपारी, लड्डू, सिंदूर, दूर्वा आदि सामग्री घर ले आएं। भगवान की पूजा करें और लाल वस्त्र चौकी पर बिछाकर स्थान दें। इसके साथ ही एक कलश में जलभरकर उसके ऊपर नारियल रखकर चौकी के पास रख दें। दोनों समय गणपति की आरती, चालीसा का पाठ करें। प्रसाद में लड्डू का वितरण करें।

गणेश जी को क्या क्या चढ़ाएं –
चावल,सिंदूर, केसर, हल्दी, चन्दन,मौली औऱ लौंग जरुर चढ़ाएं, पूजा में दूर्वा का काफी महत्व है। कहा जाता है कि इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है। गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं। गणेश जी के पास पांच लड्डू रखकर बाकी बांट देने चाहिए।

पूजन में इस मंत्र का करें जप – घर में अगर गणेश जी की स्थापना हो रही है तो इस बात का ध्यान रखे की गणपति की आरती सुबह औऱ शाम दोनों पहर होनी चाहिए। गणेश जी की कथा और गणेश चालीसा का पाठ अवश्य करें और “ओम् गं गणपतये नमः” मंत्र की एक माला का जाप करना चाहिए।

गणेश चतुर्थी के दिन चांद को न देखे – गणेश चतुर्थी के दिन रात्रि में चंद्रमा के दर्शन न करें। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। 22 तारीख को रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या कलंक लग सकता है।

मुंबई के तीन जैन मंदिर दो दिनों के लिए खोले जायेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने दिया अनुमति

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  आज सुप्रीम कोर्ट की ओर से जैन समाज के तीन मंदिरों को सशर्त खोलने और पर्युषण पूजा करने की इजाजत दे दी गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हम दादर, बायकुला और चेंबूर में स्थित जैन समाज के मंदिर को खोलने और पर्युषण पूजा की इजाजत देते हैं। केंद्र द्वारा धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए लागू किए गए SOP को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 22 और 23 अगस्त को पर्युशन के अंतिम दो दिनों के लिए श्रद्धालुओं के लिए जैन मंदिरों को खोल दिया जाए। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने की।  उन्होंने कहा कि यह छूट गणेश चतुर्थी के लिए किसी अन्य मंदिर पर लागू नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य सरकार ने मॉल्स और अन्य आर्थिक गतिविधियों को खोलने की अनुमति दी है लेकिन मंदिरों की नहीं। मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने कहा कि राज्य सरकार हर गतिविधि की अनुमति दे रहे हैं, जिसमें पैसा शामिल है लेकिन वे मंदिरों को खोलने की बात पर महामारी का नाम लेते हैं।
 चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की बेंच ने मंदिर ट्रस्ट को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया है कि इस आदेश से किसी अन्य ट्रस्ट या मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ेगा – विशेष रूप से गणेश चतुर्थी पर, जिस पर सरकार मेरिट के अनुसार काम करेगी।
पर्युषण शुरू होने से ठीक पहले 14 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जैन समुदाय के सदस्यों के लिए 15 अगस्त और 23 अगस्त के बीच के पवित्र काल के दौरान मंदिरों में पूजा करने से मना करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि इस समय प्रत्येक समझदार व्यक्ति का कर्तव्य, धार्मिक कर्तव्यों के सा‌थ सार्वजनिक कर्तव्यों को संतुलित करना है और बाकी मानव जाति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना है।

US डेमोक्रेटिक पार्टी का राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन हुआ समाप्‍त, राष्‍ट्रपति पद के लिए बिडेन के नाम पर लगी मुहर

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर राष्‍ट्रपति पद के उम्‍मीदवार जो बिडेन ने पार्टी नामांकन स्‍वीकार करने के बाद अपने पहले भाषण में कहा कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने देश को बहुत लंबे समय तक अंधकार में रखा। उन्‍होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी ट्रंप ने देश में बहुत अधिक क्रोध, बहुत अधिक भय और बहुत अधिक विभाजन फैलाया है।  बिडेन अब तक के सभी ओपीनियन पोल्स में 74 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप से स्पष्ट बढ़त के साथ अमरीकी आम चुनाव में प्रचार करने उतरे हैं।
बिडेन के इस भाषण के साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी के चार दिवसीय कनवेंशन का भी आज समापन हो गया। हर अमेरिकी चुनाव की तरह इस बार कोरोना महामारी के कारण पार्टी के कनवेंशन में शोर-शराबा और भीड़ देखने को नहीं मिली। रोल कॉल वोट के बाद बिडेन ने औपचारिक रूप से 3,558 प्रतिनिधियों का मत हासिल किया, जबकि प्राथमिक को जीतने के लिए उम्मीदवारों को 1,991 प्रतिनिधियों की आवश्यकता थी। जून में सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने राष्‍ट्रपति दौड़ से अपने का बाहर कर लिया था। पार्टी अधिवेशन की पहली तीन रातों में बिडेन के डेमोक्रेटिक सहयोगियों ने अमेरिका में कोरोना वायरस संकट के लिए राष्‍ट्रपति ट्रंप को दोषी ठहराया।
अपने भाषण में बिडेन ने कहा कि मैं आपको जुबान देता हूं कि अगर आपने मुझे राष्‍ट्रपति पद के लिए चुना तो मैं अपना बेस्‍ट करके दिखाऊंगा। उन्‍होंने कहा कि मैं प्रकाश का सहयोगी बनूंगा, अंधकार का नहीं। उन्‍होंने कहा ये नवंबर बहुत कुछ तय करने वाला है। हम एकजुट होकर अमेरिकी अंधकार के इस दौर को दूर कर सकते हैं। यह कोई गलती नहीं करने का समय है।हम क्रोध से भरे उस रास्‍ते को भी चुन सकते हैं, जहां उम्‍मीदें कम हैं। विभाजन अधिक है। अंधकार और संदेह है। हम एक अलग रास्‍त चुन सकते हैं, जिसमें सुधार हो। हम एकजुट हों। यह जीवन बदलने वाला चुनाव है। इस चुनाव में तय होगा कि अमेरिका को आने वाले समय में आखिर कैसे दिखना है।हम मौजूदा राष्ट्रपति के बारे में जो जानते हैं वो यह कि अगर उन्हें चार और साल दिये जाते हैं, तो भविष्य वैसा ही होगा जैसे बीते चार साल में हुआ है। ट्रंप एक ऐसे राष्ट्रपति हैं, जो किसी चीज़ की ज़िम्मेदारी नहीं लेते। नेतृत्व करने से इनकार करते हैं। हर चीज़ में औरों को दोषी ठहराते हैं। 
आप को बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने औपचारिक रूप से पूर्व राष्‍ट्रपति जो बिडेन को 2020 के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित कर दिया है। इसका ऐलान पार्टी के चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में हुआ। इस दौरान पूर्व और वर्तमान डेमोक्रेटिक नेताओं और स्पीकर ने बिडेन को अपना समर्थन दिया। 77 वर्षीय बिडेन सम्मेलन में पहली बार स्क्रीन पर लाइव दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि ‘आप सभी का शुक्रिया। आप सभी लोगों से गुरुवार को मिलता हूं।’ राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जान के बाद बिडेन ने ट्वीट करके लोगों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के नामांकन को स्वीकार करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। बता दें कि 3 नंबर को होने वाले चुनाव में उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगा। 

लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर पटना हाईकोर्ट ने लगाई रोक , 12 को होगी अगली सुनवाई

पटना (ऊँ टाइम्स) पटना हाईकोर्ट ने लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में बिहार कर्मचारी चयन आयोग को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई आगामी 12 सितंबर को होगी।
न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने कुमार प्रवीण प्रताप व अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की। इस मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील विश्वजीत मिश्रा ने अदालत को बताया कि 84 की संख्या में याचिकाकर्ताओं के मामले में अदालत ने  30 जून, 2016 को ही एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उच्च डिग्री उक्त मामले  में बाधक नहीं बनेगी। लेकिन उच्च डिग्री होने के चलते इनके मामले में विचार नहीं किया गया। 
विज्ञापन के अनुसार लैब टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति के लिए डी एमएलटी-डिप्लोमा योग्यता रखी गयी है। बिहार स्टेट स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से 29 मई, 2020 को प्रकाशित मेरिट लिस्ट में याचिकाकर्ताओं को नहीं रखा गया है। लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिये 21 जून, 2015 को विज्ञापन संख्या- 05010115 प्रकाशित किया गया था। 

चाय में जहर देकर रूस में एक विपक्ष के नेता को मारने की कोशिश, अस्पताल में नेता कोमा हैं में

मॉस्को / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   रूस में एक विपक्ष के नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की आशंका जताई गई है। फिलहाल उनकी हालत काफी गंभीर है। फिलहाल वह कोमा में हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। इससे पहले रूस में विपक्ष के नेता अलेक्सी नवालनी को गुरुवार को साइबेरिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साइबेरिया के अस्पताल में भर्ती विपक्ष के नेता अलेक्सी नवालनी की प्रवक्ता ने उन्हें जहर दिए जाने की जानकारी दी। उनके विमान की साइबेरिया के अस्पताल में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में विपक्ष के नेता की साइबेरिया के अस्पताल में हालत काफी नाजुक है। वह बेहद गंभीर हालत में हैं। 
नवालनी की प्रवक्ता किरा यर्मिश ने कहा कि 44 वर्षीय नवलनी फिलहाल बेहोश हैं और गहन चिकिस्कीय देखभाल में हैं। प्रवक्ता किम यर्मिश ने बताया कि नवालनी साइबेरियाई शहर टॉम्स्क से मास्को लौट रही एक उड़ान में अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगे। इसके बाद उनके विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
किरा यर्मिश ने ट्विटर और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया पर लिखा – विमान ओम्स्क में उतरने के बाद नवलनी को संदिग्ध जहर दिए जाने के कारण अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने आगे कहा कि हमे आशंका है कि अलेक्सी नवालनी की चाय में कुछ मिलाया गया था।
गौरतलब है कि अलेक्सी नवलनी, एक वकील और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता भी हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में जेल में क्रेमलिन विरोधी जंग के आयोजन के लिए कई संकेत दिए हैं।  यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने फैसला सुनाया है कि 2012 और 2014 में नवलनी की रूस की गिरफ्तारी और हिरासत को राजनीतिक रूप से प्रेरित किया गया और उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया, एक सत्तारूढ़ मॉस्को जिसे संदिग्ध कहा जाता है। रूस में अगले महीने क्षेत्रीय चुनाव होने हैं और नवलनी और उनके सहयोगी उनके लिए तैयारी कर रहे हैं, जो उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

संसद भंग होने के बाद माली के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा, सैन्य विद्रोह के बाद इस देश में गहराया संकट

बामको (ऊँ टाइम्स)  राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता ने मंगलवार को संसद भंग होने के कुछ घंटों बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सर्जिकल मास्क पहने राष्ट्रपति कीता ने स्थानीय टेलीविजन पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उनके चेहरे पर स्पष्ट तौर पर थकान दिख रही थी। इससे थोड़ी देर पहले ही प्रधानमंत्री बाउबो सिसे व राष्ट्रपति कीता के साथ कई शीर्ष अधिकारियों को सैनिकों ने हिरासत में ले लिया था। राष्ट्रीपति ने टीवी पर अपने संबोधन में कहा कि वो संसद और सरकार भी भंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि मेरे शासनकाल में खून-खराबा हो। अगर आज हमारे सशस्त्र बलों के कुछ लोग मेरे शासन में हस्तक्षेप कर इसका अंत चाहते हैं तो मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है।.
इसपर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की बिना शर्त तुरंत रिहाई की मांग की है। महासचिव गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘महासचिव ने माली के हालातों की निंदा की है और देश में कानून के नियमों और संवैधानिक आदेशों की तुरंत बहाली के आदेश दिए हैं।’ इसमें यह भी कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मिलकर समाधान निकालने व शांतिपूर्ण समझौते पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने अफ्रीकी यूनियन और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। माली पहले फ्रांस के अधीन था।

माली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को विद्रोही सैनिकों ने बनाया बंदी, गृह युद्ध के बने हालात

बामको (ऊँ टाइम्स)  पश्चिम अफ्रीकी देश माली में विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता को बंदी बना लिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दिया है। इससे पहले, दिन में राजधानी बामको से लगभग 15 किलोमीटर दूर काती सैन्य अड्डे पर सैनिकों ने सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। विद्रोहियों ने कई वरिष्ठ सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों को भी नजरबंद कर दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री बौबे सीसे ने विद्रोही से हथियार डालने और बातचीत करने का अनुरोध किया था।
मीडिया ने विद्रोह के एक नेता के रूप में पहचाने गए एक सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि माली में सैनिकों ने राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधान मंत्री बाउबो सिसे को हिरासत में लिया है। उसने कहा कि दोनों नेताओं को राजधानी बामाको में कीटा के निवास से हिरासत में लिया गया है। हालांकि उसके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। 
इस बीच बड़ी संख्या में राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के विरोध में लोग राजधानी बमाको की चौक पर इकठ्ठा हुए हैं। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वहां के विद्रोहियों से हिंसा त्यागने की अपील भी की है। विदेशी दूतावासों ने अपने लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति कीता के खिलाफ भ्रष्टाचार और खराब सुरक्षा व्यवस्था के आरोपों को लेकर जून से ही देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। अमेरिका, फ्रांस और पश्चिम अफ्रीकी देशों ने सैन्य विद्रोह की निंदा की है।
आप को बता दें कि काती सैन्य अड्डे पर 2012 में भी विद्रोह हुआ था। तब विद्रोह सैनिकों ने तत्कालीन राष्ट्रपति अमडोउ तौमानी टौरे का तख्ता पलट दिया था।
एक क्षेत्रीय अधिकारी ने अपना नाम नहीं गुप्त रखने की शर्त पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मंगलवार शाम को बंदी बनाए जाने की पुष्टि की। पिछले तख्तापलट के बाद से ही माली में इस्लामी चरमपंथ बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस की तरफ से हालात को नियंत्रण में काबू में करने की लगातार कोशिश की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। माली पहले फ्रांस के अधीन था।

सिद्धार्थनगर में बढते कोरोना प्रकोप के कहर से एक फार्मासिस्ट की हुई मौत

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) इस जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बस्ती के कैली अस्पताल में भर्ती इस जिले में तैनात एक स्वास्थ्यकर्मी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। साथ ही आज 39 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
आज मंगलवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से आई रिपोर्ट में संक्रमित होने की पुष्टि के बाद महिला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। इस जिले में अब तक 1666 संक्रमित पाए जा चुके हैं। 1072 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 579 लोगों का इलाज चल रहा है और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।.
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर मंगलवार को जारी किए आकड़ों के मुताबिक जिले के एक न्यू पीएचसी पर तैनात एक फार्मासिस्ट की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वह बस्ती जिले के कैली अस्पताल में भर्ती थे।.
आकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक नौ संक्रमित नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र से मिले हैं। इसमें जिला अस्पताल में दो स्वास्थ्यकर्मी,डीपीआरओ ऑफिस में एक कर्मचारी, परसा महापात्र, भीमापार, जनपद न्यायालय, बस स्टैंड और शिवशक्ति हेल्थकेयर और गंगवा छपिया गांव में एक-एक संक्रमित मिले हैं।
शोहरतगढ़ के खुनुवां में छह और तेलडिहवा में एक संक्रमित पाया गया। बढऩी के स्टेशन रोड, मुझाना, बगही में एक-एक संक्रमित पाए गए। बर्डपुर के सलसलवा गांव में एक संक्रमित मिला। डुमरियागंज के भारतभारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गर्दिया और भुलाही गांव में एक-एक संक्रमित मिले।
इटवा के सगरा और महादेव घूरहू गांव में एक-एक मरीज मिले। जोगिया के खहमरिया में एक संक्रमित मिला। लोटन के जफराजोत, फुलवरिया, सोनौरा में एक-एक संक्रमित मिले। मिठवल के तुलसिया और दधवापार गांव में एक-एक संक्रमित पाए गए। उसका के मदनपुर, उसका राजा, मरवटिया, सुकरौली में एक-एक मरीज मिले। एक अन्य पाडव मार्केट में पाया गया।
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि 39 संक्रमित मिले हैं। सभी को महिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। कोरोना से एक फार्मासिस्ट की बस्ती के कैली अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है।

सीएम शिवराज ने कहा – मध्य प्रदेश के लोगों को ही मिलेगा राज्य में सरकारी नौकरी

भोपाल (ऊँ टाइम्स)  मध्य प्रदेश सरकार की सभी नौकरियां राज्य के लोगों के लिए आरक्षित होंगी।  इसके लिए आवश्यक कानूनी बदलाव जल्द ही पेश किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हम आवश्यक कानूनी कदम उठाएंगे, ताकि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियां केवल राज्य के युवाओं को दी जाएं। मध्य प्रदेश के संसाधन मध्य प्रदेश के बच्चों के लिए। यह सूचना उन्‍होंने वीडियो जारी करते हुए दी है। मुख्यमंत्री ने अपने 15 अगस्त के भाषण में की गई घोषणाओं के संबंध में आज कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और उनके कार्यान्वयन के लिए आवश्यक आदेश दिए।

गौरतलब है कि राज्य में उपचुनाव होने वाला है। ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान कई लोकलुभावन ऐलान कर रहे हैं। इससे पहले सीएम शिवराज ने ऐलान किया था कि आदिवासियों को साहुकारों के चुंगल के बचाने के लिए हम नया कानून ला रहे हैं। इससे पहले कमलनाथ सरकार ने उद्योगों में 70 फीसद रोजगार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य कर दिया था। कमलनाथ सरकार के नियम के मुताबिक शासकीय योजनाओं, टैक्स में छूट का फायदा उद्योगपति तभी उठा पाएंगे जब वो 70 फीसद रोजगार मध्य प्रदेश के लोगों को देंगे।

सत्यपाल मलिक बनाये गये मेघालय के राज्यपाल, महाराष्ट्र के साथ गोवा का भी प्रभार संभालेंगे कोश्यारी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को गोवा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दोनों राज्यपालों की नियुक्ति उस दिन से अमल में आएगी जिस दिन वो अपना कार्यभार संभालेंगे।
सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर से ट्रांसफर कर उन्हें गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी जगह पर गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। जम्मू-कश्मीर में उनके रहते हुए ही अनुच्छेद 370 को हटाया गया, जिसमें उनकी अहम भूमिका रही है।

बिहार से 19 नाबालिग बच्चों को दिल्ली ले जाते 9 लोग गोरखपुर में हुए गिरफ्तार

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर की ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश ! चेकिंग के दौरान बिहार से टूरिस्ट बस से 19 किशोरों को दिल्ली भेजा जा रहा था! इन्हें बेचने की तैयारी कर रहे गैंग के 9 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है!  एक तरफ जहां वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है! वहीं दूसरी तरफ आपदाकाल में भी अवैध धंधे में लिप्त शातिर अपना ऊल्लू सीधा करने में जुटे हैं !
दरअसल, सीएम सिटी गोरखपुर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. एएचटीयू की टीम ने खोराबार थाना के जगदीशपुर फोरलेन के पास से चेकिंग के दौरान बिहार से आ रही एक टूरिस्ट बस से 19 नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है! बच्चों की उम्र तकरीबन 12 से 14 साल के बीच बतायी जा रही है, साथ ही बच्चों को लेकर जा रहे 9 लोगों की भी गिरफ्तारी पुलिस ने की है!

पुलिस ने कहा – गिरफ्त में आये इन लोगों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के धंधे में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है ! एएचटीयू प्रभारी अजीत प्रताप सिंह के कहना है कि स्थानीय एनजीओ की शिकायत पर उन्होंने अपनी टीम के साथ चेकिंग के दौरान इतने बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है! प्रभारी ने बताया है कि गिरफ्त में आये ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी इन बच्चों को बिहार प्रदेश के अररिया जिले से टूरिस्ट बस के जरिए दिल्ली ले जाने की फिराक में थे, लेकिन एएचटीयू की मुस्तैदी से सभी मासूम बच्चों को बरामद करने के साथ 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी है!
गिरफ्तार सभी आरोपियों को बाद में कैंट पुलिस के हवाले किया गया है, साथ ही बच्चों को एनजीओ के सुपुर्द किया गया है. एएचटीयू प्रभारी का कहना है कि इन बच्चों के परिजनों को बुलाकर बरामद किशोरों को उनके सुपुर्द किया जायेगा.  गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद बंद पड़े उद्योग धंधों को पटरी को लेकर दूसरे प्रदेशों से आयतित आर्थिक तौर से कमजोर इन बच्चों के जरिए काम लेने की कवायद पर एएचटीयू ने बड़ी कार्रवाई की है!

कर्नाटक सरकार का फैसला, बेंगलूरू हिंसा के उपद्रवियों से कराई जाएगी संपत्ति के नुकसान की भरपाई

बेंगलुरू (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरू हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कराने का फैसला किया है। संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दोषियों से क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले के मुताबिक, क्‍लेम कमिश्‍नर की नियुक्‍ति की जाएगी। राज्‍य सरकार इस नियुक्‍ति के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करेगी।  
मुख्‍यमंत्री बीएस येद‍ियुरप्‍पा ने ट्वीट कर कहा कि हमारी सरकार ने केजी हल्ली और डीजी हल