दिल्ली के इस मस्जिद में आज भी मौजूद हैं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली की कुव्वतुल-इस्लाम मस्जिद का हाल इस समय बेहाल है। कुतुबमीनार परिसर में स्थित इस मस्जिद के स्तंभों पर देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां लगी हैं। यहां तक कि मस्जिद के पिछले हिस्से में नाली के ऊपर लगी एक मूर्ति को लेकर विवाद हाे चुका है, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने लोहे के जाल से मूर्ति ढंक दी है। आज भी इस मस्जिद और इसके आसपास कई मूर्तियां हैं। यहां तक कि इस मस्जिद के आसपास जो भाग क्षतिग्रस्त हुए हैं। उनमें भी मूर्तियां निकल रही हैं। वर्तमान में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के बच्चे पूछ बैठते हैं कि मस्जिद में मूर्तियां क्यों लगी हैं? जिसका उस समय उनके पास काेई जवाब नहीं होता और वह यही कर बच्चों को समझाते हैं कि यह सब पूर्व में किया गया है।
फिलहाल यह मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का स्मारक है। जिस कुतुबमीनार और उसके परिसर को विश्व धरोहर का दर्जा मिला है। उसी परिसर में यह मस्जिद शामिल है। इस मस्जिद का इतिहास बहुत पुराना है। इसका निर्माण दिल्ली पर कब्जा करने के बाद सन् 1192 में कुतुबुद्दीन एबक ने कराया था। इसका कार्य 1198 में पूरा हुआ। पुरातात्वित दस्तावेजों में साफ तौर पर वर्णित है कि कुतुबद्दीन एबक ने इसे 27 हिंदू व जैन मंदिरों को तोड़कर बनवाया था। इन मंदिरों के नक्काशीदार स्तंभों और अन्य वास्तुकला संबंधी खंडों से इसे बनवाया गया था। इस मस्जिद में स्तंभों पर देवी देवताओं की मूर्तियां आज भी देखी जा सकती हैं। इस मस्जिद का काफी हिस्सा ढह चुका है। मगर मस्जिद के जो अवशेष बचे हैं वे पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इसमें अधिकतर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है।
कहा जाता है कि इन्हें यहां लगाने जाने के समय ही क्षतिग्रस्त कर दिया गया कि जिससे लोग यहां पूजा पाठ करना न शुरू कर दें। मस्जिद में लगी देवी देवताओं की मूर्तियों को लेकर कुछ साल पहले विवाद हो चुका है। कई हिन्दू संगठन यहां पूजा अर्जना करने पहुंच गए थे। उनकी सबसे अधिक आपत्ति इस मस्जिद के पीछे के भाग में लगी मूर्ति को लेकर अधिक थी। जिसे एक नाली के ऊपर लगाया गया है। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने इस मूर्ति के ऊपर लोहे का मोटर जाल लगवा दिया है। ऐसा कहा जाता है कि यह मूर्ति गणेश जी की है। बताया जा रहा है कि पूर्व में इस स्तंभों के ऊपर प्लास्टर किया गया था जो अब स्तंभों से उतर गया है। कुतुबमीनार के आसपास एक छोटी चारदीवारी क्षतिग्रस्त हुई है। उसमें भी पत्थर की मूर्ति निकली है। जिसे वहीं रखवा दिया गया है। जिसे वहीं रखवा दिया गया है। यहां चार सौ वीं शताब्दी में राजा अनंगपाल विष्णु पर्वत से विभिन्न धातु का बना विष्णु स्तंभ लेकर आए थे जो आज भी इसी परिसर में स्थित है। इस स्तंभ पर गुप्तकाल की लिपि में संस्कृत में एक लेख है। जिसे पुरालेखीय दृष्टि से चतुर्थ शताब्दी का निर्धारित किया गया है।
आप को बता दें कि अध्योया में राम मंदिर को लेकर चल रही कसरत के दौरान इन मस्जिद का जिक्र आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के पूर्व निदेशक डा. के के मुहम्मद ने अपने बयान में कहा है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के हालात भी दिल्ली स्थित कुव्वुतुल इस्लाम मस्जिद की तरह थे।
 हिंदू संगठनों का दावा है कि जिस स्थान पर मस्जिद है यहां पर भी पूर्व में मंदिर था !
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयभगवान गोयल का कहना है कि इस स्थान पर भी मंदिर था। मंदिरों को तोड़कर जो ढांचा खड़ा किया गया है, वह मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर है। इसमें हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। गणेश जी की पत्थर की मूर्ति भी इस ढांचे में लगी है। यहां की स्थिति भी अयोध्या की राम जन्मभूमि स्थान पर पूर्व में बनाए गए ढांचे जैसी है। वह कहते हैं कि मेरी भारत सरकार से अपील है कि इसे मंदिर घोषित किया जाना चाहिए। मंदिर होने के सभी प्रमाण इस ढांचे में मौजूद हैं। इस ढांचे को देखकर हिन्दुआें की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
वहीं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के उत्तरी क्षेत्र के पूर्व निदेशक डॉ. केके मोहम्मद कहते हैं कि यह बात सही है कि कुतुबमीनार स्थित कुव्वतुल इस्लाम मस्जिद 27 हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में कुछ गलतियां हुई हैं, मगर इसके लिए आज के मुस्लिम जिम्मेदार नहीं हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने इन 4 राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अनिवार्य किया RT-PCR टेस्ट

मुंबई (ऊँ टाइम्स) अब महाराष्ट्र में दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, गोवा आदि से आने वालों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी होगी। ऐसा न होने पर आगंतुकों को या तो वापस जाना होगा या उन्हें अपने खर्च पर कोविड केयर सेंटर में नियमानुसार इलाज कराना होगा। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव संजय कुमार की तरफ से ये दिशानिर्देश महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के मद्देनजर सावधानीवश जारी किए गए हैं। सोमवार को जारी इन दिशानिर्देशों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, गोवा से विमान से महाराष्ट्र के किसी भी विमानतल पर उतरने वाले यात्रियों की उतरने के समय से 72 घंटे के अंदर कोविड का आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पाली मिरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी है।
यह टेस्ट रिपोर्ट साथ न लानेवाले यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट विमानतल पर ही किया जाएगा। इसका खर्च भी यात्री को ही वहन करना होगा। यह टेस्ट होने के बाद ही यात्रियों का पूरा पता और फोन नंबर लेने के बाद उन्हें घर जाने दिया जाएगा। इस टेस्ट में जिन यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उनसे संपर्क कर नियमानुसार उनका इलाज शुरू किया जाएगा। इन दिशानिर्देर्शों में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया से भी अनुरोध किया गया कि वह उपरोक्त राज्यों से महाराष्ट्र में आने वाले यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव देखकर ही उन्हें यात्रा की अनुमति प्रदान करें।
इन राज्यों से ट्रेन से आने वाले यात्रियों की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 96 घंटे के अंदर की होनी चाहिए। यह रिपोर्ट साथ न लाने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग स्टेशन पर ही की जाएगी। स्क्रीनिंग में कोविड के लक्षण न पाए जाने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा। लक्षण नजर आने पर उनका एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा। टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा। पाजिटिव आने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर भेज दिया जाएगा। जहां उन्हें अपने खर्च पर इलाज कराना होगा। इसी प्रकार उपरोक्त राज्यों की ओर से महाराष्ट्र में सड़क मार्ग से प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों के शरीर का तापमान देखा जाएगा। कोविड के लक्षण पाए जाने पर उनके पास वापसी का विकल्प खुला होगा। या फिर उनका एंटीजेन टेस्ट करके रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें राज्य में प्रवेश दिया जाएगा। रिपोर्ट पाजिटिव आने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर में भेज दिया जाएगा। जहां उन्हें अपने खर्च पर इलाज कराना होगा।
दिल्ली और गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले दो दिनों से यह संकेत मिल रहे थे कि महाराष्ट्र सरकार यहां कोरोना की स्थिति काबू में रखने के लिए उक्त राज्यों से आने वाली विमान व ट्रेन सेवाओं पर रोक की मांग कर सकती है। हालांकि सरकार ने ये सेवाएं रोकने की मांग तो केंद्र सरकार से नहीं की, लेकिन अपनी ओर से यह दिशानिर्देश जरूर जारी कर दिया है। ताकि बाहर से आने वाले संक्रमित यात्रियों पर नियंत्रण रखा जा सके।

कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित 8 प्रदेशों के CM के साथ आज पीएम मोदी करेंगे बैठक : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश के कई राज्यों में कोरोना महामारी के फिर से तेजी से पैर पसारने से चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज बैठक करेंगे। मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। यही नहीं, वह कोरोना वैक्सीन के वितरण के लिए अपनाई जाने वाली योजना को लेकर भी विचार विमर्श करेंगे। यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंह के जरिए होगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल होंगी। इससे पहले भी पीएम इस मुद्दे को लेकर बैठक कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री आज देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिन 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे, उनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इन राज्यों में बीते दिनों कोरोना के मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। जानकारी के मुताबित, इन मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मीटिंग सुबह 10.30 बजे से 12 बजे के बीच होगी।
आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा पीएम मोदी एक अन्य बैठक भी करेंगे। इस दूसरी अहम बैठक में कोरोना की वैक्सीन को लेकर चर्चा होगी। इस मीटिंग में पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर चर्चा करेंगे।
दिल्ली में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यहां लगातार चौथे दिन सौ से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। सोमवार को यहां 4,454 नए मामले सामने आए। लेकिन बीते 24 घंटे में 121 मरीजों की मौत हुई। कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ने से दिल्ली में कोरोना बेकाबू लग रहा है। 
इस बीच, देश के कई राज्यों के शहरों में कोरोना के बेकाबू हालात के बीच नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इन राज्यों में गुजरात और राजस्थान शामिल हैं। अहमदाबाद में नाइट कर्फ्यू 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कर्फ़्यू रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुजरात में शादी और किसी भी धार्मिक प्रसंग को इजाजत नहीं दी जाएगी। गुजरात सरकार ने शादी, रिसेप्शन और अन्य समारोहों में 100 लोगों के शामिल होने की इजाजत दी है, इसके अलावा अंतिम संस्कारों में 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है।

यूपी में कोरोना के कारण शादी समारोहों में बैंड-डीजे पर भी लगा रोक, अधिकतम् 100 लोग हो सकेंगे शामिल : OmTimes

लखनऊ (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  लॉकडाउन में लगी बंदिशें कुछ ही माह बाद फिर धीरे-धीरे लागू होता नजर आ रहा है। लोग यह कयास लगा रहे थे कि कोरोना वायरस संक्रमण विदा हो रहा है, लेकिन अब इस महामारी की आहट दोबारा सुनाई देने लगी है। दिल्ली में हाहाकार मचा रहे कोरोना से सतर्क उत्तर प्रदेश सरकार ने फिर सामूहिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। गृह विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि शादी-समारोहों में सौ से अधिक लोग शामिल न हों। शादी में बुजुर्ग, बीमार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा शादी में बैंड और डीजे पर रोक रहेगी।
एक अक्टूबर को प्रदेश सरकार ने अनलॉक की जो गाइडलाइन जारी किया था उससे लगने लगा था कि अब कोरोना वायरस संक्रमण खत्म हो रहा है। महीनों से लगे प्रतिबंध में ढील देते हुए 15 अक्टूबर से शादी और अन्य सामूहिक समारोहों में सौ से बढ़ाकर अधिकतम दो सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति सरकार ने दी थी। अभी 37 दिन ही बीते थे कि उस आजादी पर संकट का साया फिर मंडराने लगा है।.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोरोना वायरस को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। शादी समारोहों में अब फिर से सौ लोगों के शामिल होने की सीमा तय कर दी गई है। गाइडलाइंस के मुताबक अगर मैरिज हाउस की क्षमता 100 की है तो वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सिर्फ चालीस लोग ही शामिल होंगे। इसी प्रकार यदि लॉन की क्षमता के चालीस फीसद ही लोग समारोह में शामिल हो सकेंगे। इस नए नियम के उल्लंघन पर मुकदमा होगा। शादी में बुजुर्ग, बीमार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर धारा 144 और 188 के तहत कार्रवाई होगी।
शादी समारोह के लिए जिला प्रशासन से अनुमति नहीं लेनी होगी, लेकिन संबंधित थाने में शादी समारोह की जानकारी देनी आवश्यक है। यह निर्देश हैं कि स्थानीय प्रशासन कोरोना नियंत्रण को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था भी करता है। शादी समारोह में लोगों की सीमित संख्या को लेकर नए नियम शुरुआत में नोएडा और गाजियाबाद में लागू किया गया। वहीं, लखनऊ जिले में भी जिलाधिकारी नई गाइडलाइन लागू करने के लिए समीक्षा बैठक करेंगे।
आप को बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, इसलिए यहां भी बहुत सतर्क रहना होगा। लोग मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं, इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एक बैठक करें। उन्होंने मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। योगी ने कहा कि कोविड-19 की चेन को तोड़ने में मेडिकल टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में टेस्टिंग पूरी क्षमता से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट में एक तिहाई आरटीपीसीआर और शेष दो तिहाई टेस्ट रैपिड एंटीजन विधि से हों।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की अच्छे से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करें। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर सभी की स्क्रीनिंग हो। एंबुलेंस सेवा सक्रिय रहे। गृह, ग्राम्य विकास, नगर विकास, राजस्व, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास विभागों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग लोगों को जागरूक किया जाए।

अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के बीच होगी चौदहकोसी परिक्रमा : OmTimes

अयोध्या ( ऊँ टाइम्स ) चौदहकोसी परिक्रमा को लेकर सुरक्षा व निगरानी के सख्त इंतजाम किए गए हैं। इसबार बाहरी श्रद्धालुओं के अनुमति नहीं दी गई है। गैर जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रामनगरी की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा। यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है। फिलहाल गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर यातायात सामान्य रखा गया है। रामनगरी की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। मेले के लिए रामनगरी की अतिरिक्त फोर्स का आवंटन हो चुका है। 22 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक चलने वाला कार्तिक मेला सुरक्षा तंत्र के लिए काफी चुनौती भरा होगा। हर साल कार्तिक मेला के चौदहकोसी व पंचकोसी परिक्रमा में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। कार्तिक मेला अयोध्या के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है।
चौदहकोसी परिक्रमा को लेकर सुरक्षा तंत्र ने शनिवार को अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। छह अपर पुलिस अधीक्षक, 17 पुलिस उपाधीक्षक, 25 निरीक्षक, 150 उपनिरीक्षक व 550 आरक्षी सहित बड़ी संख्या में पीएसी मेले के लिए उपलब्ध कराई गई है। मेला क्षेत्र में पुलिस की ओर से जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाली मिश्रित आबादी की खास निगरानी की जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए फोर्स को हर समय एलर्ट रहने के लिए कहा गया है। मेलार्थियों के साथ मददगार के रूप में पेश आने का भी निर्देश दिया। रेलवे क्रासिग पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर व बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की व्यवस्था की गई है।
आईजी रेंज डॉ. संजीव गुप्त ने चौदहकोसी परिक्रमा, पंचकोसी परिक्रमा तथा कार्तिक पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर लगे जोनल व सेक्टर प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहाकि मेला ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी अधिकारी क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। आईजी ने थाना प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाकि यह सुनिश्चित रखें कि श्रद्धालु निश्चित स्थल पर ही रुकें। गाड़ियां निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ी हों। संपूर्ण परिक्रमा मार्ग क्लीयर होना चाहिए। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।

चौदहकोसी परिक्रमा पर मार्ग परिवर्तन – -लखनऊ से गोरखपुर जाने वाले वाहन फोरलेन से जाएंगे आवश्यकता पकड़ने पर इन्हें बाराबंकी जिले के रामनगर चौराहे से गोंडा की ओर मोड़ दिया जाएगा। -लखनऊ से अयोध्या की ओर जाने वाले वाहनों का सआदतगंज से शहर के भीतर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भारी वाहनों को थाना रौनाही के सामने रोका दिया जाएगा। -रायबरेली रोड से अयोध्या आने वाले वाहनों का अग्रसेन चौराहा से शहर की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकतानुसार भारी वाहनों को इनायतनगर थाना के सामने रोका जाएगा। -सुल्तानपुर से अयोध्या आने वाले वाहनों का शांति चौक से शहर की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकतानुसार भारी वाहनों को पूराकलंदर थाना के सामने रोका जाएगा।

-अंबेडकरनगर जिले से अयोध्या आने वाले वाहनों को देवकाली चौराहा से दर्शननगर की ओर प्रवेश वर्जित रहेगा।

-साकेत पेट्रोल पंप और लकड़मंडी से नयाघाट की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

राजस्थान के 8 जिलों में रात्रि कर्फ्यू हुआ चालू, अब शादी समारोह में 50 लोग ही हो सकेगे शामिल : OmTimes

जयपुर ( ऊँ टाइम्स )  राजस्थान में कोरोना संक्रमण की बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिक संक्रमण वाले आठ जिलों में रात्रि कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है। रात 9:30 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू करने का निर्णय शनिवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। जिसके तहत आठ में जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर , अलवर व भीलवाड़ा जिले शामिल हैं जिसमें रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया है।
राजस्थान में बढ़ते कोरोना आठ जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाया गया है। पहले 5 में लगाने का निर्णय लिया था। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में शादी समारोह में अब 50 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति होगी। इससे पहले 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी। संक्रमण से प्रभावित संवेदनशील जिलों में सरकारी कार्यालयों में 85 फीसदी कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा। अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में धारा-144 लागू की गई थी। इसके तहत पांच या इससे अधिक लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
जयपुर में सार्वजनिक, धार्मिक व राजनीजिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को कोविड डेडिकेटेड बनाया गया है। इसी बीच शनिवार को प्रदेश में 3007 कोरोना संक्रमित मिलने के साथ ही 16 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक 2 लाख 40 हजार 676 संक्रमित मिलने के साथ ही कुल 2146 लोगों की मौत हाे चुकी है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस रात के कर्फ्यू के दौरान, शादी समारोह में जाने वाले लोग, दवाइयों सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग और बस, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा करने वाले लोगों को जाने की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नवंबर में, नए COVID-19 मामलों की दैनिक संख्या 1,700 से बढ़कर 3,000 हो गई है।  “आठ जिलों में, रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। सर्दियों के मद्देनजर, यह अनुमान लगाया जाता है कि स्थिति गंभीर हो जाएगी। इसलिए सरकार लोगों के जीवन की रक्षा करने के लिए फैसले ले रही है!
सीएमओ के मुताबिक, मास्क न पहनने पर जुर्माने को भी 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।  कोरोना में मानव से मानव में संचारित करने की क्षमता है जब एक संक्रमित व्यक्ति दूसरे के साथ निकट संपर्क में होता है। वायरस संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से छोटे तरल कणों में फैल सकता है जब वे खांसी या छींकते हैं। फेस मास्क इसके प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  राजस्थान में शनिवार को सीओवीआईडी ​​-19 के 3,007 नए मामले सामने आए, जिसमें राज्य में कुल मामलों की संख्या 2,40,676 हो गई। राज्य ने आज 16 लोगों की मौत और 1,963 लोगों की मौत हो गई। राज्य में 18,684 मामले हैं, जबकि 2,07,224 लोग वायरल संक्रमण से उबर चुके हैं। राजस्थान में COVID-19 के कारण मरने वालों की संख्या 2,146 है।  

बिकरू काण्ड में मुखबिरी का हुआ पर्दाफाश, बर्खास्त हो सकते तत्कालीन एसओ विनय तिवारी आदि : OmTimes

कानपुर ( ऊँ टाइम्स ) बहुचर्चित  बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार की जांच में दोनों को मुखबिरी और लापरवाही का दोषी माना गया। विभागीय जांच के बाद अब इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
दो जुलाई की रात बिकरू कांड के बाद तत्कालीन एसओ और हलका प्रभारी केके शर्मा की भूमिका संदिग्ध मिली थी। इनकी बातचीत के ऑडियो वायरल हुए थे। प्रारंभिक जांच में इन्हें दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और मामले की जांच एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। एसपी ग्रामीण की जांच में दोनों दोषी पाए गए हैं। शनिवार को एसपी ग्रामीण ने एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को जांच रिपोर्ट सौंप दी।
इसमें दोनों पुलिस कर्मियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट बतौर साक्ष्य पेश की गई है। बताया गया है कि दो जुलाई को हलका प्रभारी केके शर्मा की विकास दुबे से करीब पांच बार बात हुई थी। जांच रिपोर्ट में केके शर्मा को मुखबिर माना गया है कि उसने दबिश की सूचना विकास को दी थी। दो जुलाई को विनय तिवारी से भी विकास की बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। विनय ने किसी दूसरे के मोबाइल से विकास से बात की थी।

इन पर नियम 14(1) के तहत होगी कार्रवाई – पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विनय तिवारी और केके शर्मा के खिलाफ अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड-अपील नियमावली 1991 के नियम 14 (1) के तहत कार्रवाई होगी। दोनों की बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है।

भाजपा और AIADMK का तमिलनाडु में बना रहेगा गठबंधन, दोनों पार्टी 2021 का चुनाव लड़ेंगे साथ-साथ : OmTimes

चेन्नई ( ऊँ टाइम्स ) सन् 2021 की शुरुआत में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का गठबंधन जारी रहेगा। सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्य समन्वयक और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की चेन्नई यात्रा के दौरान यह घोषणा किया। वहीं, मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए लोकसभा गठबंधन जारी रहेगा। हमने 10 साल का सुशासन दिया है। हमारा गठबंधन 2021 का चुनाव जीतेगा। तमिलनाडु हमेशा पीएम नरेंद्र मोदी का समर्थन करेगा।
इस दौरान अमित शाह ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार की प्रशंसा की और कहा कि केंद्र की रैंकिंग के अनुसार राज्य इस साल देश में सबसे अच्छा शासित है। कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने तमिलनाडु के गरीब लोगों के बैंक खातों में 4300 करोड़ रुपये जमा किए हैं। लगभग 108.93 करोड़ किलोग्राम खाद्यान्न और 3.33 करोड़ किलोग्राम दालों का वितरण किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी तमिल सभ्यता दुनिया में सबसे पुरानी है। चाहे वह विज्ञान, कला, शिल्प कौशल या स्वतंत्रता आंदोलन हो, तमिलनाडु की महान भूमि से अग्रणी योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।
आप को बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उस समय लोगों को चौंका दिया जब वह चेन्नई में एयरपोर्ट के बाहर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करने के लिए प्रोटोकाल दरकिनार कर अपने वाहन से बाहर निकले और व्यस्त जीएसटी रोड पर पैदल चलने लगे। दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे शाह ने बाद में शहर के लोगों को उनके प्यार के धन्यवाद दिया।
दिल्ली से चेन्नई पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री की राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम, वरिष्ठ मंत्रियों, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एल. मुरुगन और अन्य लोगों ने अगवानी की। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर शाह की कार अचानक रुक गई और वह कार से बाहर निकल आए। इसके बाद वह कुछ दूर पैदल चले और हाथ हिलाकर भाजपा व अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और तमिलनाडु के प्रभारी सीटी रवि और मुरुगन के साथ शाह को पैदल चलता देख सुबह से एयरपोर्ट के बाहर जमा उत्साहित समर्थकों ने भी खुशी व्यक्त की। हालांकि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों का खासी मशक्कत करनी पड़ी। अपनी इस यात्रा के दौरान शाह राज्य के भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों को लेकर चर्चा करेंगे।

एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में एक युवक की गोली मारकर हुई हत्या : OmTimes

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स ) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समाजवादी पार्टी के एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने का मामला प्रकाश आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है। 
यह घटना हजरतगंज के लाप्लास अपार्टमेंट के फ्लैट ए- 201 में शुक्रवार देर रात हुई है। बर्थडे पार्टी की दौरान यह घटना हुई। राकेश नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शाहजहांपुर निवासी अमित यादव स्थानीय निकाय क्षेत्र से एमएलसी हैं।
लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि पांच दोस्त पार्टी कर रहे थे। राकेश रावत के पास अवैध असलहा था। विनय उसे लेकर चेक कर रहा था इसी दौरान गोली चल गई। गोली रावत के चेहरे पर लगी।
घायल होने पर उसके दोस्त ही उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रावत को ट्रॉमा ले जाने वाले लड़कों ने ही 112 पर कॉल पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने सभी लड़कों को हिरासत में ले लिया है। ये सभी लड़के कक्षा आठ से स्नातक तक साथ पढ़े हैं जिससे आपस में इनकी खूब बनती थी।

सिद्धार्थनगर जिले के बाँसी में नकली शराब बनाने और बेचने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश, माफिया गिरफ्त से दूर : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स ) नकली शराब बना कर बेचने के धंधे का इस जिले के बांसी कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफ़ाश करते हुए इसके आरोप में पकड़े गए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब, नकली शीशी, नकली ढक्कन, बारकोड आदि बरामद किया है।
कोतवाली परिसर बांसी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जग प्रवेश व सीओ अरुण चंद्र ने संयुक्त रूप से मामले का खुलासा करते हुए यह बताया कि सरकारी देसी शराब की दुकान मंगल बाजार बांसी नंबर एक की दुकान में शराब अपमिश्रित कर अवैध सामग्री के साथ बेचे जाने की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने आबकारी विभाग की टीम को लेकर छापा डाल दिया। मौके से शराब में पानी अपमिश्रित कर व अवैध सामग्री का प्रयोग कर बेचते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जनपद के कई स्थानों पर व अन्य जनपदों में ढक्कन व क्यूआर कोड की बिक्री करते थे। शराब का ढक्कन खोल कर उसमें पानी मिलाने और दूसरे बोतल में रखकर डुप्लीकेट ढक्कन व क्यूआर कोड लगाकर नकली शराब बनाकर विक्रय करने की बात भी उन लोगों ने स्वीकार की है। गिरफ्तार किये गये चारों आरोपियों के पास से बंटी बबली अवैध शराब 720 शीशी, नकली क्यूआर कोड 6977 अदद, बंटी बबली शराब की बोतल का नकली ढक्कन 6204 पीस, मैकडॉवेल शराब की बोतल का नकली ढक्कन 2042 पीस, एक एटीएम कार्ड व बोतल खोलने और बंद करने में प्रयुक्त चार उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी बलराम जयसवाल पुत्र ओम प्रकाश जायसवाल निवासी देबियापुर कोतवाली बांसी, प्रमोद कुमार पुत्र ओमप्रकाश निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा, फतेह बहादुर पुत्र रामप्रीत निवासी उबाबार थाना सहजनवा व कृष्ण कुमार वैश्य पुत्र मूलचंद निवासी निवासी जय राजपुर थाना टडियावा जनपद हरदोई के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। वैसे भी नकली शराब बनाना और बेचना यह सिद्धार्थनगर जिले के लिए नई बात नहीं है! ऐसे कार्यों में कहीं न कहीं विभागीय लोगों की लापरवाही जरूर है! नकली दारू तो पकड़ा जाता है, लेकिन नकली शराब बनाने के बोतल, केमिकल, रैपर आदि के सप्लायर और बनाने वालों पर ध्यान नहीं दिया जाता है! ऐसा क्यों .. ? है न यह हैरानी की बात! फिलहाल इन कार्यों में अन्य किस किस का हाथ है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है!

पुलिस की टीम में ये लोग रहे शामिल– प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शैलेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार कन्नौजिया आबकारी निरीक्षक बांसी, एसआई जीवन त्रिपाठी, शशांक कुमार सिंह, शेषनाथ यादव, हेड कांस्टेबल फूलचंद मौर्य, जितेंद्र यादव रमेश यादव, श्यामसुंदर मौर्य, आरक्षी आबकारी विरेंद्र कुमार, आरक्षी आबकारी शमशेर आलम, कांस्टेबल दिलीप द्विवेदी सर्विलांस सेल शामिल रहे।

एक के बाद एक 10 सीरियल बम ब्लास्ट से दहल उठा काबुल : OmTimes

नई दिल्ली /काबुल (ऊँ टाइम्स)  एक के बाद एक कई धमाकों से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल दल गई, हालांकि अभी तक इसमें किसी के हताहत होनी की खबर नहीं है। . मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल में रॉकेट से लगातार दस धमाके किए गए।

इन 5 गलतियों पर अब दिल्ली में कटेगा 2000 रुपये का चालान, जिसमें मास्क पहनना भी है शामिल : OmTimes

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  राजधानी दिल्ली में कोविड प्रोटोकॉल के अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा। यह नियम शनिवार को लागू हो गया है। ऐसे में लोगों को 2000 रुपये के चालान से बचना है तो मास्क जरूर लगाएं। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक मास्क नहीं लगाने, क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन करने, शारीरिक दूरी का पालन न करने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने व सार्वजनिक स्थानों पर पान गुटखा और तंबाकू का सेवन करने पर भी अब दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे पहले इन नियमों का पालन न करने पर 500 रुपये वसूले जाते थे।
इधर दीपावली बीतने व छठ पूजा की खरीदारी करने के बाद पुरानी दिल्ली के बाजारों में भीड़भाड़ कम होने लगी है। चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कूचा महाजनी, दरीबा कलां, नई सड़क, डिप्टीगंज समेत अन्य बाजारों में भीड़ कम होने लगी है। दुकानदारों के मुताबिक त्योहारी खरीदारी पूरी होने के साथ ही कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ाई है, इसलिए लोग बाजारों में आने से कतराने लगे हैं।.
कोरोना के बढ़ते मामले दूसरे राज्यों के खरीदारों को भी चिंतित किए हुए हैं। इसलिए वे भी नहीं आ रहे हैं। सदर बाजार के व्यापारी बालकृष्ण अमरसरिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में ही भीड़भाड़ थी। अब मुश्किल से 40 से 50 फीसद भीड़ है। यह भी भीड़ शादियों की तैयारियों को लेकर है। उसमें भी शादियों में मेहमानों की मौजूदगी महज 50 तक सीमित कर देने से काफी खरीदारी रुक गई है। हालांकि, बाजारों में आ रहे लोग अब भी मास्क और शारीरिक दूरी को लेकर लापरवाह दिख रहे हैं। वैसे, मास्क न पहनने पर 2000 रुपये के चालान ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। लोग इसको लेकर भय में हैं और कई लोग बार-बार अपना मास्क देखते नजर आ रहे थे कि यह कहीं खिसक तो नहीं गया है।

प्रयागराज के फूलपुर इलाके में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की हुई मौत, चार की हालत वेहद गम्भीर : OmTimes

प्रयागराज ( ऊँ टाइम्स )  प्रयागराज में एक बड़ी घटना हो गई। जनपद में फूलपुर कोतवाली के अमिलिया गांव में शु्क्रवार की रात में सरकारी देशी ठेके की शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। चार अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जाती है। आशंका जताई गई है कि शराब जहरीली थी। अधिकारी देर रात तक अमिलिया गांव में मौजूद रहे। जांच की रही है कि सरकारी ठेके पर जहरीली शराब कैसे पहुंची।
अमिलिया गांव में अगरापट्टी की रहने वाली संगीता जायसवाल के नाम से देशी शराब का ठेका है। शुक्रवार देर शाम को शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा था। पीने के कुछ देर बाद अचानक कई लोग एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। यह देख वहां अफरातफरी गई। जहरीली शराब का शोर मचा तो अन्य लोगों ने बोतल फेंक दी। जमीन पर गिरे लोगों को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया।

शराब पीने से इन पांच लोगों की हुई मौत – इसमें बसंत लाल पटेल (55), शंभू नाथ मौर्य (55), राज बहादुर गौतम (50) निवासी अमिलिया व प्यारे लाल (48) निवासी खनसार माली का पूरा, राजेश गौड़ निवासी मैलहन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, ताराचंद्र निवासी कोनार, जगदीश निवासी माली का पूरा, प्रभूनाथ पटेल निवासी अमिलिया व एक अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई और को क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनका नाम व पता ज्ञात नहीं हो सका।
जानकारी पाकर जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ की। ठेका संचालक और सेल्समैन के बारे में जानकारी ली गई। पता चला कि सेल्समैन ठेका छोड़कर निकल गया। अधिकारियों ने ठेका बंद कराया। जिलाधिकारी का कहना है कि जितने लोगों ने ठेके की शराब का सेवन किया है, उनका पता लगाया जा रहा है।

अहमदाबाद में कोरोना के वजह से फिर हुआ कर्फ्यू का ऐलान : OmTimes

अहमदाबाद ( ऊँ टाइम्स )  गुजरात में आज यानी शुक्रवार रात 9:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। जिसे देखते हुए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी है। दुकानमालिकों का कहना है कि, “हर कोई  कोरोना मानदंड का पालन कर रहा था लेकिन दीवाली के कारण, भीड़ अधिक होने से और लोग सामाजिक दूरी बनाए रखने में सक्षम नहीं थे।” दीपावली के बाद महानगर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों व उच्च अधिकारियों ने चर्चा करने के बाद अहमदाबाद में शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक का कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ राजीव गुप्ता ने गुरुवार देर रात्रि इसकी घोषणा करते हुए बताया कि कर्फ्यू के दौरान केवल दवा वह दूध डेयरी की दुकानें खुली रह सकेगी।
  गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1340 से भी अधिक के सामने आए हैं। अहमदाबाद सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है। स्वास्थ्य विभाग तथा अहमदाबाद महानगरपालिका के कोरोना प्रबंधन तथा कोरोना जांच के बेहतर आयोजन के बावजूद दीपावली तथा नव वर्ष के दौरान शहरवासियों ने लापरवाही करते हुए बाजारों तथा सोसायटी में कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया।.
 सरकार में भी दीपावली पर 2 घंटे आतिशबाजी की छूट देकर एक भारी भूल कर दी जिसके चलते लोग पटाखे लेने के लिए बाजारों में उमड़े तथा घरों में सोसाइटी में जमकर आतिशबाजी की। सरकार ने भले ही 2 घंटे की छूट दी हो लेकिन शहर वासियों ने पूरे 2 दिन तक सुबह तड़के से मध्य रात्रि तक आतिशबाजी के नजारे अहमदाबाद में देखने को मिले। सरकार प्रशासन व पुलिस यह सब मूकदर्शक बनकर देखते रहे। अहमदाबाद में शुक्रवार रात्रि 9:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है जिसमें राशन तथा सब्जी की दुकानों को भी बंद रखना पड़ा है। केवल दवा व दूध की दुकानें ही खुली रहेंंगी।

भगवान भास्‍कर को आज पहला अर्ध्‍य, नगर निगम डाल रहा है पटना के तालाबों में गंगाजल

पटना (ऊँ टाइम्स)  लोकआस्‍था का महापर्व छठ के रंग से पूरे बिहार में बहार है। सुदूर गांवों से लेकर राजधानी तक छठ पर्व की रौनक से अमीर-गरीब हर वर्ग का जीवन रोशन हो रहा है। लोग पूरी श्रद्धा, भक्ति,आस्‍था और उमंग से पर्व को मना रहे हैं। कोरोना के कारण सुस्‍त पड़े जीवन और बाजार फिर से खिल उठे हैं।   घरों   से  लेकर  घाट  तक  छठी   मईया   के सुरीले लोकगीतों  गूंज  रहे हैं।   हालांकि प्रशासन  ने  कोरोना  काल में मनाए जानेवाले छठ पर्व के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं। इसके पालन के लिए भी प्रशासन मुस्‍तैद है।
अच्‍छी बात यह है कि लोग स्‍वयं भी कोरोना से  बचाव  के साथ पर्व को उल्‍लास से मना रहे हैं। बड़ी संख्‍या में लोगों ने घरों में ही भगवान भास्‍कर को अर्ध्‍य देने की तैयारी की है तो प्रशासन की ओर से भी राजधानी के 84 घाटों पर एहतियात के साथ सूर्य उपासना की तैयारी की गई है। घाटों पर  साफ-सफाई से लेकर आकर्षक रोशनी की व्‍यवस्‍था की गई है। पूरी राजधानी में  स्‍वच्‍छता का विशेष ध्‍यान रखा गया है। दरअसल, लोक आस्‍था का यह पर्व इसलिए तो अनूठा है कि इसमें प्रकृति की पूजा, प्राकृतिक चीजों के व्‍यापक प्रयोग की कुशलता, शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य की सीख, स्‍वच्‍छता, संस्‍कृति , भाईचारा और आस्‍था का बेजोड़ मेल है।  आज शुक्रवार (20 नवंबर) को छठ व्रती डूबते सूर्य को अर्ध्‍य देंगे।  कल शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्‍य देकर पूजा संपन्‍न होगी । इसके पहले श्रद्धालुओं ने बुधवार को नहाय-खाय और गुरुवार को खरना पूजा किया।

प्रतापगढ़ में हुई बड़ी सड़क दुर्घटना, बोलेरो व ट्रक की भिड़ंत में 14 की हुई मौत : OmTimes

प्रयागराज ( अभिषेक द्विवेदी , विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स )  प्रतापगढ़  में गुरुवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। लखनऊ प्रयागराज हाइवे पर तेज रफ़्तार अनियंत्रित बोलेरो खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसे में 14 बारातियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में मरने वालों में पांच किशोर भी हैं।प्रतापगढ़ के एसपी अनुराग आर्य ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने चालक के झपकी आ जाने से हादसा होने की आशंका जताई है। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ हादसे पर दुख जताया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।
गुरुवार को कुंडा थाना क्षेत्र के चौसा जिरगापुर गांव के संतराम यादव के लड़के की बरात नवाबगंज थाना क्षेत्र के शेखवापुर गई थी। जयमाल के बाद देर रात कुछ बराती बोलेरो से लौट रहे थे। रात करीब एक बजे देशराज इंदारा के पास खड़े ट्रक में बोलेरो पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आवाज से आसपास के लोग घटनास्थल की ओर भागे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सात बच्चे भी शामिल हैं। कुंडा कोतवाल ने बोलेरो सवार 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। हादसे से घटनास्‍थल पर अफरातफरी मच गई थी।.
बोलेरो में कुछ लोग फंसे हुए थे, जिनको गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया। कुंडा कोतवाल डीपी सिंह ने बोलेरो में बैठे सभी 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में दिनेश कुमार, पवन कुमार, दयाराम, अमन कुमार, राम समुझ, अंश, गौरव कुमार, नान भैया, सचिन, हिमांशु, मिथलेश कुमार, अभिमन्यु, पारसनाथ की पहचान हो पाई है। घटनास्थल पर देर रात एसपी अनुराग आर्य भी पहुंचे। उधर हादसे की खबर बरात में पहुंची तो अफरा तफरी मच गई।.
कुंडा थाना क्षेत्र के चौसा जिरगापुर गांव के दो-दो सगे भाई इस भीषण दुर्घटना के शिकार हो गए। इस गांव के श्रीनाथ के बेटे दिनेश और नान भइया भी बोलेरो से लौट रहे थे। लौटते समय दिनेश ने घरवालों को फोन करके आने की सूचना भी दी थी कि वह कुछ ही देर में घर पहुंच रहा है। कौन जानता था कि यह उसकी स्वजनों से आखिरी बातचीत है। ऐसा ही इसी गांव के रहने वाले दिनेश कुमार के बेटे पवन और अमन के साथ भी हुआ, दोनों इस दुर्घटना में मौत के गाल में समा गए।
एसपी अनुराग आर्या घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के स्वजनों से बात की और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। देर रात सभी 14  मृतकों के शवों को ट्रैक्टर से लादकर जिला अस्पताल भेजा गया। 

मृतकों में ये हैं शामिल –

  1. बबलू पुत्र रामनाथ निवासी जीरगापुर.
  2. दिनेश कुमार पुत्र श्रीनाथ

3.  पवन कुमार पुत्र दिनेश कुमार

  1. दयाराम पुत्र छोटेलाल
  2. अमन कुमार पुत्र दिनेश कुमार
  3. रामसमुझ पुत्र बैजनाथ
  4. अंश पुत्र कमलेश
  5. गौरव कुमार पुत्र राम मनोहर
  6. नान भैया पुत्र श्रीनाथ
  7. सचिन पुत्र राम समुझ
  8. हिमांशु पुत्र राम भवन

12.  मिथिलेश कुमार पुत्र दशरथ लाल

  1. अभिमन्यु पुत्र रमेश चंद्र
  2. बोलेरो चालक बड़े राम निवासी मानिकपुर हैं।

बिहार के नये कैबिनेट में 50 पर्सेंट से ज्यादा मंत्रियों पर दर्ज हैं क्रिमिनल केस : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स) बिहार सरकार में जदयू कोटे से डॉ. मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाये जाने को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद सहित विभिन्न दलों ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की जिन्हें पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्टी से निलंबित भी किया गया था। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते समय मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उनपर एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि नीतीश कुमार की कैबिनेट में सिर्फ मेवालाल चौधरी ही दागी नहीं हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और इलेक्शन वॉच के अध्ययन के मुताबिक नीतीश कैबिनेट के 14 मंत्रियों में से आठ (57 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं छह (43 प्रतिशत) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक मामलों वाले 8 मंत्रियों में से बीजेपी के 4, जेडीयू के 2 और हम व वीआईपी के एक-एक शामिल हैं। हालांकि, चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल करते ही हंगामा शुरू हो गया। 2017 में चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे मिलने से भी इनकार कर दिया था।

मेवालाल चौधरी हैं सबसे अमीर मंत्री – मेवालाल चौधरी का नाम बीएयू भर्ती घोटाले में सामने आया था और राजभवन के आदेश से उनके खिलाफ 161 सहायक प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बता दें कि 12.31 करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति के साथ चौधरी सबसे अमीर मंत्री हैं। वहीं, 14 मंत्रियों की औसत संपत्ति 3.93 करोड़ रुपए है।
इन मंत्रियों पर भी दर्ज हैं आपराधिक मामले –
मेवालाल चौधरी ने अपने शपथ पत्र में आईपीसी के तहत एक आपराधिक मामला और चार गंभीर मामले घोषित किए हैं। पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी ने पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के तीन मामलों की घोषणा की है। बीजेपी के जिबेश कुमार ने भी पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के चार मामलों की घोषणा की है। वहीं पांच अन्य हैं जिनके खिलाफ अलग-अलग प्रकृति के आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चुनाव अधिकार समूह ‘असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ‘ (एडीआर) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में विजयी हुए 241 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 163 (68 फीसदी) प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। 123 (51 प्रतिशत) विधायकों ने बताया है कि उनके खिलाफ कत्ल, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध समेत संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरजेडी के 75 में से 54 (73 प्रतिशत) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। बीजेपी के 74 में से 47 (64 फीसदी) विधायकों ने आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। इसके अलावा, जेडीयू के 43 में से 20 (47 प्रतिशत) कांग्रेस के 19 में से 16 (84 फीसदी) सीपीआई (एमएल) (एल) के 12 में से 10 (83 प्रतिशत) और एआईएमआईएम के सभी पांचों (100 फीसदी) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की घोषणा की है।

मुंबई पुलिस ने चार माह के मासूम के अपहरण की गुत्थी सुलझाई, तार तेलंगाना से जुड़े : OmTimes

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  मुंबई के जुहू की पुलिस ने चार महीने के मासूम के अपहरण की एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जिसके तार मुंबई से दूर तेलंगाना से जुड़े हैं. पुलिस ने तेलंगाना से एक डॉक्टर को पकड़ा है जिसने बच्चे के अपहरण के लिए सुपारी दी थी. पुलिस के मुताबिक तेलंगना में नलगोंडा के डॉक्टर मोहम्मद नसरुद्दीन ने मुंबई से बच्चे को अगवा करवाकर वहां के एक दंपति को चार लाख रुपये में बेच दिया था. 
11 नवंबर की रात में चार महीने के जिस मासूम का अपहरण हुआ था उसका कोई चश्मदीद नहीं था. लिहाजा पुलिस ने आसपास के तकरीबन 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. अपहरण के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल होने का सुराग मिलते ही रात में चलने वाले इलाके के 80 से ज्यादा ऑटो वालों से पूछताछ शुरू हुई. आखिरकार मेहनत रंग लाई और ऑटो ड्राइवर रमेश व्यंकट टूट गया. उसने अपराध कबूल कर लिया.
पूछताछ में पता चला कि साजिश का मुख्य सरगना डॉक्टर मोहम्मद नसरुद्दीन बशीरुद्दीन है जो तेलंगाना का रहने वाला है. चार महीने का बच्चा भी वहीं है. पुलिस के मुताबिक डॉक्टर ने चार लाख रुपये में नलगोंडा के ही एक दम्पति से बच्चे का सौदा किया था. अब पुलिस ये पता करने में जुटी है कि आरोपियों ने पहले भी कहीं इस तरह की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया है!
आम तौर पर धारणा है कि पुलिस सिर्फ पैसे वालों की ही सुनती है और काम करती है. लेकिन जुहू पुलिस जिस मासूम को तेलंगाना जाकर वापस लाई है वह बहुत ही गरीब परिवार से है. इस परिवार का अपना घर भी नहीं है!

अवध क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों की सूची हुई जारी, लखनऊ का दबदबा कायम

लखनऊ (अविनाश द्विवेदी,ऊँ टाइम्स) अब भारतीय जनता पार्टी के अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों की भी घोषणा हो गई। सूची में लखनऊ का जबरदस्त दबदबा दिख रहा है जबकि बाराबंकी जैसे कुछ जिलों को प्रतिनिधित्व ही नहीं मिल पाया है। क्षेत्रीय कमेटी में अध्यक्ष को छोड़कर 22 पदाधिकारी और नौ कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा की गई है। शेषनारायण मिश्र को पहले ही अवध क्षेत्र का अध्यक्ष घोषित किया जा चुका है।
घोषित इस 31 सदस्यीय अवध के क्षेत्रीय समिति में 14 लोग सिर्फ  लखनऊ के हैं। यह बात दीगर है इनमें दो लोगों के पते उनके गांव के लिखकर उन जिलों का प्रतिनिधित्व दिखाने की कोशिश की गई है। सूची से साफ  दिखाई देता है कि कोशिश करने के बावजूद सामाजिक संतुलन साधने में सफलता नहीं मिली है। घोषित 22 पदाधिकारियों में 15 अगड़े और पांच पिछड़े, एक अनुसूचित जाति और एक अन्य  हैं। अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र को शामिल कर लिया जाए तो अगड़ों की संख्या 16 हो जाती है। पदाधिकारियों में दूसरे दलों से आए हुए लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

उपाध्यक्ष: राजीव मिश्र, डॉ. श्वेता सिंह, चंद्रा रावत, शिवभूषण सिंह, अमित गुप्त, जितेंद्र सिंह राय (लखनऊ), शिननायक वर्मा (अंबेडकरनगर) व पीयूष मिश्र (गोंडा)।
महामंत्री: विजय प्रताप सिंह (लखनऊ), त्रयंबक तिवारी (अंबेडकरनगर) व नीरज वर्मा (सीतापुर)।
मंत्री:  दिलीप यादव (रायबरेली), कमलेश श्रीवास्तव व मणींद्र पांडेय (अयोध्या), चंद्रप्रकाश सिंह गुड्डू (बलरामपुर), संजय गुप्त व पी.के. वर्मा (हरदोई),  विनोद कुमार (लखनऊ), राजकिशोर मौर्य (लखीमपुरखीरी)।
कोषाध्यक्ष: सूरज श्रीवास्तव (लखनऊ)
कार्यालय मंत्री:   विमल सिंह (लखनऊ)
मीडिया प्रभारी:  डॉ. राजेश मिश्र (लखीमपुर)
सदस्य:  शंकर दयाल पांडेय (श्रावस्ती), राम बहादुर सिंह (हरदोई), रोहित वाल्मीकि (सीतापुर) ठाकुर प्रसाद गंगवार (लखीमपुरखीरी), अवधेश पांडेय बादल (अयोध्या), पुनीत गुप्त (उन्नाव), बीनाराज मिश्र (बहराइच), चेतन विष्ट व सरोज कुमारी (लखनऊ)।

गोरखपुर से भी चलेगी तीन प्राइवेट ट्रेन, पास-पीटीओ अन्य रियायत मान्य नहीं रहेगा

गोरखपुर ( ऊँ टाइम्स ) देशभर में चलने वाली प्राइवेट ट्रेनों में से तीन गोरखपुर से चलेंगी। ये ट्रेनें गोरखपुर से बंगलुरु, नई दिल्ली और मुंबई के लिए चलाई जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को चलाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। निजी कंपनियों से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेनों को चलाने की तारीख निर्धारित की जाएगी।
रेलवे बोर्ड में बीते दिनों प्राइवेट ट्रेनों के रूट को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह शामिल हुए थे। सभी रेलवे के समन्वय से विभिन्न स्टेशनों के लिए रूट निर्धारित किए गए। इन्हीं में गोरखपुर से तीन ट्रेनें शामिल की गई हैं। हालांकि अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं, लेकिन रूट को लेकर स्थिति साफ हो गई है। इन तीनों ट्रेनों को संचालित रेलकर्मी करेंगे, लेकिन अन्य जिम्मेदारी निजी कंपनियों के पास होगी।
प्राइवेट ट्रेनों के चलने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने का दावा किया जा रहा है। ट्रेन में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की व्यवस्था रहेगी। सामान्य ट्रेनों से किराया ज्यादा लगेगा। किराये का निर्धारण अभी नहीं किया गया है।
तेजस की तरह भविष्य में चलने वाली प्राइवेट ट्रेनों में भी पास-पीटीओ और अन्य रियायतें मान्य नहीं होंगी। इन ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर स्कीम की व्यवस्था रहेगी।

जानिए क्‍या होता है माइक्रोवेव हथियार, कितना होता है घातक, दक्षिण चीन सागर में चीन कर चुका है इस्तेमाल

नई दिल्‍ली ( ऊँ टाइम्स )  लद्दाख की ऊंची चोटियों पर कब्‍जे को लेकर चीन की तरफ से जो थ्‍योरी बताई जा रही है, यदि वह सही है तो ये काफी घातक साबित हो सकती है। दरअसल, ये थ्‍योरी चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के जवानों द्वारा माइक्रोवेव वेपंस के इस्‍तेमाल को लेकर सामने आई है। मीडिया में छपी एक खबर में चीन के एक प्रोफेसर ने दावा किया है कि 29 अगस्‍त को चीन के जवानों ने यहां की ऊंची चोटियों को भारतीय जवानों से वापस लेने के लिए माइक्रोवेव वेपंस का इस्‍तेमाल किया था। इस तरह के वेपंस के इस्‍तेमाल के बाद भारतीय जवानों को समस्‍या होने लगी और वो चोटियों से चले गए, जिसके बाद चीनी सैनिकों ने उन पर कब्‍जा जमा लिया। हालांकि, भारत ने इस तरह के किसी भी दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चीन इस बारे में गलत तथ्‍य प्रसारित कर रहा है। आपको बता दें कि इस तरह के वेपंस के इस्‍तेमाल का जिक्र पहली बार भारत और चीन के बीच हो रहा है। हालांकि, चीन इस तरह के हथियारों का कथिततौर पर दक्षिण चीन सागर में इस्‍तेमाल करता रहा है। यहां पर ये सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि आखिर माइक्रोवेव वेपंस क्‍या होते हैं और ये कितने घातक होते हैं।
दरअसल, माइक्रोवेव वेपंस को डायरेक्‍ट एनर्जी वेपंस भी कहा जाता है। इसके दायरे में लेजर और माइक्रोवेव वेपंस दोनों ही आते हैं। इस तरह के वेपंस बेहद घातक होते हैं। हालांकि, इस तरह के वेपंस से किए गए हमलों में शरीर के ऊपर बाहरी चोट के निशान या तो होते नहीं हैं या काफी कम होते हैं। लेकिन ये शरीर के अंदरूनी हिस्‍सों को खासा नुकसान पहुंचाते हैं। दक्षिण चीन सागर में रॉयल आस्‍ट्रेलियन एयरफोर्स के पायलट इस तरह के हमले से दो चार हो चुके हैं। इस तरह के हमलों की एक बेहद खास बात ये होती है कि ये जमीन से हवा में, हवा से जमीन में या जमीन से जमीन में किए जा सकते हैं। इस तरह के हमले में एक हाई एनर्जी रेज को छोड़ा जाता है। ये किरणें इंसान के शरीर में प्रविष्‍ट कर उनके शरीर के हिस्‍सों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
आस्‍ट्रेलियाई पायलट्स की ही यदि बात की जाए तो उन्‍हें इस तरह के हमलों के बाद आंखों में जलन, शरीर में हल्‍के घाव और कुछ अंदरूनी चोट भी आई थी। इस तरह के हमले ज्‍यादातर चेतावनी देने भर के लिए किए जाते हैं। युद्ध के मैदान में इस तरह के हमलों का बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल फिलहाल कम ही देखा गया है। इसके बाद भी इस तरह के हथियार दुनिया के कुछ बड़े देशों के पास मौजूद हैं। माइक्रोवेव वेपंस के जरिए निकलने वाली रेडिएशन बीम में किसी भी तरह की कोई आवाज नहीं होती है। इसको देख पाना भी संभव नहीं होता है। हाई फ्रीक्‍वेंसी पर छोड़ी गई ये किरणें दुश्‍मन के लिए काफी घातक साबित हो सकती हैं।
माइक्रोवेव वेपंस को कई तरह की बैलेस्टिक मिसाइल, हाइपरसोनिक क्रुज मिसाइल, हाइपरसोनिक ग्‍लाइड मिसाइल को रोकने के लिए भी इस्‍तेमाल किया जाता है। रूस, चीन, भारत, ब्रिटेन भी इस तरह के हथियारों के विकास में लगे हैं। वहीं, तुर्की और ईरान का दावा है कि उनके पास इस तरह के हथियार मौजूद हैं। तुर्की का तो यहां तक का दावा है कि उसने अगस्‍त 2019 में इस तरह के हथियार का इस्‍तेमाल लीबिया में किया था। हालांकि, एक तथ्‍य ये भी है कि इस तरह के हथियार अभी तक केवल प्रयोग तक ही सीमित हैं। माइक्रोवेव वैपंस के अंदर पार्टिकल बीम वैपन, प्‍लाज्‍मा वेपन, सॉनिक वेपन, लॉन्‍ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस भी आते हैं।
अमेरिका के पास इस तरह के वैपंस में एक्टिव डिनाइल सिस्‍टम है, जिसको यूएस एयरफोर्स ने विकसित किया है। इसको अक्‍सर हिंसाग्रस्‍त क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इससे शरीर में दर्द होने लगता है। इसके अलावा ये इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों को भी नष्‍ट करने की ताकत रखता है। इसके अलावा विजिलेंट आई के नाम से भी एक प्रपोज्ड एयर डिफेंस सिस्टम है। इस प्रोजेक्‍ट के तहत किसी भी तरह के हवाई हमले को नाकाम करने की तकनीक विकसित की जा रही है। इसके अलावा इस तकनीक को हमला करने आ रही मिसाइल का पता लगाने के लिए भी विकसित किया जा रहा है। बोफोर्स एचपीएम ब्‍लैकआउट एक ऐसा ही हाईपावर माइक्रोवेव वेपन है, जो किसी भी तरह के उपकरणों को नष्‍ट कर सकता है। इसके अलावा फाइटर एयरक्राफ्ट पर लगा एईएसए रडार भी इसी तकनीक पर काम करता है।

पंजाब में किसानों ने किया ऐलान, जारी रहेगा आंदोलन, 30 से अधिक ट्रेनें रद, 11 को बीच में ही रोका, रेलवे को करोड़ों का नुकसान

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते हालात बिगड़ने लगे हैं। आंदोलन के चलते रेलवे को 33 ट्रेनें रद करनी पड़ी, जबकि 11 को गंतव्‍य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। इस बीच किसानों ने कहा है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। पंजाब के किसान संगठनों ने बुधवार को केंद्र के अड़ियल रुख की निंदा करते हुए ट्रेनों के संचालन के मसले पर कहा कि सरकार को पहले मालगाड़ियों का परिचालन शुरू करना चाहिए। इसके बाद ही यात्री ट्रेनों के संचालन पर विचार किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते भारतीय रेल को अकेले मालभाड़े से होने वाली आमदनी में 1,670 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मालूम हो कि किसानों के इस आंदोलन को 52 दिन हो चुके हैं। इस आंदोलन के चलते 16 नवंबर तक 1,986 यात्री रेलगाड़ियां और 3,090 मालगाड़ियां रद हो चुकी है। वहीं रेलवे ने प्रदर्शनकारी किसानों के केवल मालगाड़ियां शुरू करने के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। इससे संकट और गहरा गया है। आंदोलन के चलते रेलवे को हर रोज करीब 36 करोड़ मालभाड़े के नुकसान का अनुमान है।
किसानों के प्रस्‍ताव पर रेलवे ने सख्‍त रुख अपनाते हुए कहा है कि राज्‍य में चलेंगी तो यात्री रेलगाड़ियां और मालगाड़ियां दोनों… अन्‍यथा कोई गाड़ी नहीं चलेगी। यहां बता दें कि बीते दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमार और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ किसानों की बातचीत का कोई हल नहीं निकल पाया था। राज्‍य में मालगाड़ियों का परिचालन नहीं होने से उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलदू सिंह ने कहा कि केंद्र ने पंजाब के किसानों, कारोबारियों और श्रमिकों के खिलाफ अड़ियल रवैया अपनाया है। हम इसकी निंदा करते हैं।
रुलदू सिंह ने आगे कहा कि करीब 30 किसान संगठनों के प्रतिनिधि और लाखों किसान कृषि कानूनों के खिलाफ 26 और 27 नवंबर को प्रदर्शन करने के लिए ट्रैक्टर से दिल्ली जाने को तैयार हैं लेकिन केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी का हवाला देकर राष्‍ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को अनुमति नहीं दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पूरे देश के 200 किसान संगठनों के मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन का आह्वान किया है। किसान नेताओं की मानें तो वे भाजपा नेताओं का घेराव करने वाले हैं ….
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसान राज्य में भाजपा नेताओं के घर के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। उनसे पूछा गया कि क्या वह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी घेराव करेंगे अगर वह पंजाब आते हैं? इस पर सिंह ने कहा कि वे निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। उल्लेखनीय है कि नड्डा 19 नवंबर को पंजाब के 10 जिलों के पार्टी कार्यालय का डिजिटल उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा के लिए उनका तीन दिन का पंजाब दौरा प्रस्तावित है।

सहायक शिक्षक भर्ती मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील हुई खारिज

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के प्रथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज यानि बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च आदालत ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए बढ़े हुए कट ऑफ को अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यूपी सरकार के इस वक्तव्य को रिकॉर्ड पर लिया कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्रों को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा। इस फैसले से 67867 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गई।.
यूपी में सहायक शिक्षक 69000 भर्ती के मामले में सर्वोच्च आदालत ने 24 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। शिक्षक भर्ती में जारी कट ऑफ मार्क्स को लेकर शिक्षामित्रों ने विरोध किया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। योगी सरकार के 31,661 पदों को भरने के आदेश को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

यूपी में लगभग दो वर्षों से प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़े विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। भर्ती के कटऑफ अंक को लेकर पिछले माह शीर्ष कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है, आदेश कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। पहले यह भर्ती कटऑफ अंक को लेकर हाई कोर्ट में लंबे समय तक फंसी रही। फिर प्रश्नों के जवाब को लेकर ऐन वक्त पर काउंसिलिंग रोकनी पड़ी। शिक्षामित्रों के चयन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने 37339 पद भरने पर रोक लगा रखी है। हर बार कोर्ट ने भर्ती के अहम मोड़ पर स्थगनादेश जारी किया है।
आप को बता दें कि 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुज्ञा याचिका रामशरण मौर्या व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य में बीती 21 मई को आदेश पारित कर कहा था कि जिन पदों को शिक्षामित्र सहायक अध्यापक के रूप में धारण कर रहे हैं, उनसे छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं सूबेदार सिंह व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य मामले में शीर्ष अदालत ने नौ जून को आदेश दिया था कि 37,339 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में शामिल हुए हैं। लिहाजा 37,339 पदों को छोड़कर सरकार बाकी पदों पर भर्ती कर सकती है, जिसके बाद यूपी सरकार ने 31,661 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी।
आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में 31661 पदों को भरने के योगी सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। बीटीसी छात्रों की वकील रितु रेनुवाल ने 22 सितंबर को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर 31661 पदों पर भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। ऐसी स्थिति में जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता है, 31661 पदों पर भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
दरअसल शिक्षामित्र कट ऑफ अंकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं। रामशरण मौर्य बनाम राज्य सरकार मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में (65/60 कट ऑफ) फैसला सुनाया था, लेकिन इसके विरोध में शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट चले गए और पिछली भर्ती की तरह 45/40 कट ऑफ करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का दावा है कि शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में लगभग 45 हजार शिक्षामित्रों ने फार्म भरा था। उत्तरमाला के मुताबिक 45/40 अंकों पर 37 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र पास हो रहे हैं, जबकि परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुताबिक 45/40 कट ऑफ पर केवल 8018 शिक्षामित्र पास हुए हैं।

अमेरिका के होने वाले नए राष्‍ट्रपति बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी को किया आश्‍वस्‍त, निभाएंगे साथ

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के होने वाले नए राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने साफ कर‍ दिया कि वह भारत के साथ दोस्‍ती को आगे बढ़ाएंगे। दोनों देशों के बीच रिश्‍ते और प्रगाढ़ होंगे। उन्‍होंने कहा कि साझा वैश्विक चुनौतियों में वह भारत के साथ काम करने को उतावले हैं। खास कर इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र और कोविड-19 में भारत की अहम भूमिका होगी। बाइडन का यह बयान भारत के दो पड़ोसी मुल्‍कों चीन और पाकिस्‍तान को चिंतित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उप राष्‍ट्रपति जो बाइडन और उप राष्‍ट्रपति पद के लिए निर्वाचित भारतीय मूल की कमला हैरिस को गर्मजोशी के साथ बधाई दिया।.
इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में अमेरिका और भारत के साझा सहयोग की चर्चा के साथ चीन के कान खड़े हो गए हैं। दरअलस इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में चीन का दखल निरंतर बढ़ रहा है। चीन अपने सामरिक प्रभुत्‍व के लिए इंडो पैसिफ‍िक में अपना दबदबा बढ़ा रहा है। चीन के इस कदम से अमेरिका बेहद चिंतित रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस क्षेत्र में भारत ने अमेरिका का पूरी तरह से साथ निभाया है। नव निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने भी यह संकेत दिया है कि इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में अमेरिका की रणनीति में कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति जो बाइडन को फोन पर बधाई दी। मोदी ने नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति बाइडन को गर्मजोशी के साथ बधाई दी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी वार्ता हुई। मोदी और बाइडन दोनों नेताओं ने दोनों देशों की लोकतांत्रिक परंपराओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने साझा वैश्विक चुनौतियों पर वार्ता की। इस दौरान बाइडन ने मोदी को पूरा सहयोग का भरोसा दिया। उन्‍होंने संकेत दिया कि उनके कार्यकाल में भारत और अमेरिका के रिश्‍ते और प्रगाढ़ होंगे। 
अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में बाइडन की जीत के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार फोन पर वार्ता हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उन्‍होंने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति बाइडन को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा कि वार्ता के दौरान हमने भारत-अमेरिकी रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा कोरोना वायरस, जलवायु परिवर्तन, हिंद प्रशांत क्षेत्र पर सहयोग पर चर्चा की। पीएम मोदी ने अमेरिका की नवनिर्वाचित उप राष्‍ट्रपति कमला हैरिस को भी बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि उनकी विजय भारतीय अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। 

महाराष्ट्र में पूजा स्थलों की पाबंदी हटी, सिद्धिविनायक मंदिर में एक हजार श्रद्धालु प्रतिदिन कर पाएंगे दर्शन

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि राज्य के पूजा स्थलों को सोमवार से खोल दिया जाएगा। इन पूजा स्थलों को मार्च में लॉकडाउन लागू किए जाने के बाद बंद कर दिया गया था। राज्य सरकार द्वारा जारी मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) के अनुसार, कोविड-19 के कंटेनमेंट जोन से बाहर के धार्मिक स्थलों को खोल दिया जाएगा। इन्हें खोलने के समय के बारे में फैसला अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
उद्धव ने एक बयान जारी कर कहा, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि खतरनाक कोरोना वायरस अब भी हमारे बीच है। हालांकि, यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन हम लापरवाह नहीं हो सकते। नागरिकों को अनुशासित रहने की जरूरत है। जिस तरह का अनुशासन लोगों ने होली, गणेश चतुर्थी, नवरात्र और ईद के दौरान दिखाया था, उसी तरह का संयम दिखाने की जरूरत है।.
जून में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद पूजा स्थलों को बंद रखने के लिए भाजपा कई बार मुख्यमंत्री को निशाना बना चुकी थी। हालांकि, उद्धव ने यह कहते हुए अपने फैसले का बचाव किया था कि पूजा स्थलों पर शारीरिक दूरी को बनाए रखना मुश्किल होगा। इसलिए इन्हें बंद रखा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि हालांकि, महामारी के चलते पूजा स्थलों को बंद रखा गया है, लेकिन डॉक्टरों, नर्सो और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के रूप में भगवान अपने भक्तों की देखभाल कर रहे हैं।
राज्य सरकार के फैसले के बाद मुंबई में प्रसिद्ध मुंबादेवी मंदिर को खोलने की तैयारियां जोरों पर है। मुंबादेवी मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम छह बजे के बीच मंदिर जाने की अनुमति होगी। एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही मंदिर जाने दिया जाएगा। सिद्धिविनायक मंदिर को भी खोलने की तैयारियां की जा रही हैं। यहां प्रतिदिन एक हजार श्रद्धालुओं को प्रवेश की इजाजत होगी।
शिर्डी का साई बाबा मंदिर भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े एक प्रतिनिधि ने कहा कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन समय लेना पड़ेगा। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश के समय दरवाजे पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।
इस बीच, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि धार्मिक स्थलों को खोलने का महाराष्ट्र सरकार का फैसला किसी की हार या जीत नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि इसका श्रेय लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
महाराष्ट्र की पर्यटन राज्यमंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐतिहासिक स्मारकों को पर्यटकों के लिए खोलने का अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। पर्यटक गाइडों के एक संघ ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अजंता, एलोरा और अन्य स्मारकों को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग की थी। संघ ने कहा था कि स्मारकों को बंद रखने के चलते कई लोग भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं।

सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, PM मोदी ने दिया बधाई

पटना (ऊँ टाइम्स)  17वीं बिहार विधान सभा चुनाव के संपन्‍न होने के बाद नीतीश कुमार सातवीं बार मुख्‍यमंत्री पद का शपथ लिया। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के राजेंद्र मंडप में शाम साढ़े चार बजे से आयोजित किया गया। नीतीश कुमार के साथ नए कैबिनेट के 14 अन्‍य मंत्रियों ने भी शपथ ली। बीजेपी कोटे से दो उपमुख्‍यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी को बनाया गया।
इसके पहले रविवार 15 नवंबर को सीएम आवास में एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) के विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार नेता चुना गया । इसके बाद उन्‍होंने राज्‍यपाल फागू चौहान से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्‍यपाल द्वारा सरकार बनाने के आमंत्रण के बाद सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। 

पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो की बेटी की 27 नवंबर को होगी सगाई, मेहमानों को पहले से कराना होगा कोरोना टेस्ट

नई दिल्ली /कराची (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी बख्तावर भुट्टो जरदारी की 27 नवंबर को सगाई होने जा रही है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार बिलावल हाउस के प्रवक्ता द्वारा भेजे गए निमंत्रण कार्ड में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति की बेटी की सगाई अमेरिका के व्यवसायी यूनुस चौधरी के बेटे महमूद चौधरी से होने वाली है।
पाकिस्तान में होने वाले इस खास समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों को भेजे गए निमंत्रण कार्ड में कहा गया है कि सगाई के एक दिन पहले मेहमानों को अपना कोरोना वायरस परीक्षण करवाना होगा और अपनी रिपोर्ट बिलावल हाउस को भेजनी होगी।
सभी कोरोना गाइडलाइंस का आयोजन स्थल पर पालन किया जाएगा। इसके तहत कोरोना रिपोर्ट के नेगेटिव आने के बाद ही मेहमानों को सगाई समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा इस समारोह में मेहमानों को किसी भी तस्वीर को लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कार्यक्रम स्थल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

हरियाणा के एक पूर्व मंत्री पर सहारनपुर में हुआ गोहत्‍या का मुकदमा हुआ दर्ज

सहारनपुर (ऊँ टाइम्स)  हरियाणा के एक पूर्व मंत्री द्वारा गाय को गोली मारे जाने के प्रकरण में यूपी के सहारनपुर जिले की बेहट कोतवाली में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन दिन पूर्व हुई इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा हंगामा करने के बाद ही पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई नामजद तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। घटना गुरुवार की शाम की है। पुलिस को तत्काल सूचना दे दी गई थी। पुलिस घटनास्थल पर अगले दिन सुबह भी पहुंची थी। लेकिन घटना हरियाणा क्षेत्र की बताकर वापस लौट आई थी।
यह प्रकरण हिंदू संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर उठाने व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उत्तर पहुंचा देने के बाद भी जिले की पुलिस इस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। शनिवार को बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पीड़ित मानदीन के साथ कोतवाली पहुंचे और तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। जिस पर पुलिस ने पीड़ित व संगठन कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए हड़का कर वापस लौटाने का प्रयास किया कि यह मामला हरियाणा का है। लेकिन इन कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध करने के बाद ही पुलिस बैकफुट पर आई और रविवार को केस दर्ज किया। अभी पुलिस इस मामले में खुद कार्रवाई करेगी या केस को हरियाणा ट्रांसफर करेगी यह तय नहीं हुआ है।
पुलिस को दी गई तहरीर तथा दर्ज किए गए मुकदमे में पीड़ित पक्ष की ओर से यह बताया गया है कि यूपी हरियाणा बॉर्डर पर ही हरियाणा के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह का फॉर्म हाउस है, जहां पर उन्होंने घोड़े पाल रखे हैं, अपने शौक पूरे करने के लिए पूर्व मंत्री इस फॉर्म हाउस में अक्सर आते हैं। बताया गया कि घटनास्थल के दिन घटना के दिन भी पूर्व मंत्री फॉर्म हाउस में थे तथा उसी समय तीन गायों ने यमुना में पानी पीने के लिए वहां चली गई इस पर पूर्व मंत्री ने गोली मारकर एक गाय की हत्या कर दी जबकि दो गए अब भी गायब हैं।

BSP उत्तर प्रदेश के नये अध्यक्ष बनाये मऊ के भीम राजभर, BSP मुखिया मायावती ने किया ट्वीट

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के साथ विधानसभा सीट पर उप चुनाव में खाता खोलने में नाकाम हुई बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी शुरू कर दी है। बसपा ने इसके लिए पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को ही बदल दिया है।.
आजमगढ़ मंडल के जोनल कोआर्डिनेटर मऊ निवासी भीम राजभर को बहुजन समाज पार्टी, उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वह मुनकाद अली की जगह लेंगे। मायवती ने भीम राजभर को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसे बसपा की राजभर वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश यूपी में राजभर वोट बैंक निर्णायक भूमिका में है।
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने दीपावली के एक दिन बाद आज यानी गोवर्धन पूजा के दिन बड़ा धमाका किया है। मायावती ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने के साथ ही इसकी सूचना ट्विटर पर दी। मऊ के भीम राजभर को मुनकाद अली के स्थान पर बसपा उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया गया है। 
मायावती ने ट्वीट करके जानकारी दी।  उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि यूपी में अति-पिछड़े वर्ग (ओबीसी) में राजभर समाज के पार्टी व मूवमेन्ट से जुड़े पुराने, कर्मठ एवं अनुशासित सिपाही श्री भीम राजभर, निवासी जिला मऊ (आजमगढ़ मण्डल) को बीएसपी उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इनको हार्दिक बधाई व शुभकामनायें।….
पूर्व में राजभर समाज से ही अंबेडकर नगर के राम‌अचल राजभर पार्टी के वर्षों प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे वरिष्ठ नेता के बसपा छोड़ने के बाद मुस्लिम समाज को अपने साथ जोड़ने के लिए ही मायावती ने मुनकाद अली को अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी थी। हाल ही के राज्य सभा चुनाव के दौरान सपा को हराने के लिए भाजपा के साथ जाने में गुरेज न करने जैसे बयान से मुस्लिम समाज के फिलहाल पार्टी से दूर ही जाने की आशंका के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो ने अब पिछड़े समाज को अपने से जोड़ने पर ज्यादा फोकस करने के लिए अब यह दांव चला है। उल्लेखनीय है राज्य ‌में पिछड़ों की  ठीक ठाक आबादी होने के कारण सभी दलों की नजर इन पर हैं। भाजपा सहित अन्य प्रमुख दल के प्रदेश अध्यक्ष इसी समाज से हैं।.
बसपा के सामने उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बचाए रखने की चुनौती है। राज्य में बसपा के वोट बैंक में भाजपा ने बड़ी सेंध लगाई है। प्रदेश में दलित अभी भी मायावती के साथ हैं, लेकिन अन्य जातियों से बड़ा वोट बैंक भाजपा के खाते में चला गया है। इसका असर 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ ही 2017 के विधानसभा और 2020 के उपचुनाव में देखने को मिला है। 

आज दोपहर 1.50 बजे से अमावस्या शुरू, रविवार को भी सुबह 11. 27 बजे तक रहेगा

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  प्रभु श्रीराम के वन से अवध आगमन का पर्वोत्सव दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। शनिवार को अमावस्या तिथि दिन में 1.50 मिनट पर लग रही है जो 15 नवंबर को 11.27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में दीप ज्योति पर्व दीपावली 14 नवंबर यानी शनिवार को मनाया जाएगा। दीप ज्योति पर्व की पूर्व संध्या पर ही शहर सजधज कर तैयार हो गया। बस अब वैभव लक्ष्मी के पधारने का लोगों में इंतजार है।

पूजन का मुहूर्त – दीपोत्सव पर पूरा दिन और पूरा रात भगवती लक्ष्मी की आराधना के लिए उपयुक्त होता है। शास्त्रानुसार प्रदोषकाल में लक्ष्मी की आराधना से सर्वार्थ सिद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है। इस बार स्थिर लग्न में वृष लग्न शाम 5.33 से 7.29 बजे तक है। जो लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम समय है। वहीं, दिन में पूजन करना अभीष्ट हो तो 12.57 से 2.28 बजे तक और रात में 12.01 से 2.15 बजे तक सिंह लग्न की प्राप्ति होगी। इन लग्नों के अतिरिक्त किसी भी समय किसी भी लग्न में लक्ष्मी की आराधना की जा सकती है।. …. ( ए. के. द्विवेदी)

लोंगेवाला से मोदी ने पाक को दिया सख्‍त संदेश, कहा- आजमाने की कोशिश किया तो मिलेगा प्रचंड जवाब

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हर साल की तरह इस साल भी दीवाली का त्‍योहार मनाने के लिए राजस्‍थान के जैसलमेर स्‍थित लोंगेवाला में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों के पास पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही उन्‍होने पाकिस्‍तान और चीन को सख्‍त संदेश दिया और कहा कि यदि आजमाने की कोशिश करेंगे तो उन्‍हें प्रचंड जवाब मिलेगा। इसपर भारत की ओर से रत्‍ती भर भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कहा, ‘आतंक के आकाओं को घर में घुसकर मारता है भारत। जब तक आप (सेना) हैं देश की दीवाली इसी तरह रोशन होती रहेगी। संबोधन के अंत में उन्‍होंने जवानों के साथ मिलकर भारत माता की जय के नारे लगाए। आप को बता दें कि जवानों के साथ दीवाली मनाने की परंपरा को कायम रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार जैसलमेर बॉर्डर पर हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, आर्मी चीफ एमएम नरवने और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डायरेक्‍टर जनरल राकेश अस्‍थाना भी हैं।.
प्रधानमंत्री ने संबोधन में तीन आग्रह किए। उन्‍होंने कहा, ‘ तीन बातों का आग्रह करूंगा। पहला कुछ न कुछ नया इनोवेट करने की आदत को जिंदगी का हिस्‍सा बनाएं। दूसरा मेरा आग्रह आप लोगों के लिए बहुत जरूरी है हर हालत में योग को बनाएं जीवन का हिस्‍सा। तीसरा हम सबकी अपनी मातृभाषा है लेकिन यदि सामूहिक जीवन होता है तो मातृभाषा के साथ एक और भाषा सीखें, इससे नई ऊर्जा का संचार होगा।’

सेनाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही, देश, अर्थव्यवस्था को वापस गति देने का भी पूरे हौसले से प्रयास कर रहा है। सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है। ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सेना के परिवार की देखभाल देश का दायित्‍व है। साथ ही शहीदों के बच्‍चों की शिक्षा के लिए कई फैसले लिए गए हैं।’   

मोदी ने कहा, ‘ आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्‍वास करता है लेकिन यदि हमें आजमाने की कोशिश की तो फिर जवाब उतना ही प्रचंड होगा। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है। भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।’ 
आत्‍मनिर्भर भारत और लोकल की तरह वोकल का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सेनाओं को प्रेरित किया और कहा, ‘हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है।’ 
सीमा पर तैनात सैनिकों को प्रोत्‍साहित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,  भारत के पास आप जैसे वीर बेटे-बेटियां हैं।  जवानों के बलिदान पर धरती और आसमान को गर्व है। जवानों के शौर्य और वीरता पर इतिहास को गर्व है। हमारे वीर चुनौती पर भारी पड़ते हैं। देशभर की नजरें आप पर हैं राष्‍ट्र की सुरक्षा में जुटे वीरों को नमन। दुनिया की कोई भी ताकत देश की सीमा की सुरक्षा करने से न रोक सकता है न तोड़ सकता है। सतकर्ता ही सुरक्षा की राह है वही राष्‍ट्र सुरक्षित है जिसमें मुकाबले की क्षमता है।  आपका पराक्रम अतुलनीय है। सतर्कता ही सुख चैन का संबल है।’ 

इस मौके पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरहद पर तैनात जवानों के परिजनों को नमन किया और कहा, ‘मेरी दीवाली जवानों के बीच ही पूरी होती है। आप हैं तो देश का त्‍योहार है।  मैं देश की ओर से  जवानों के लिए मिठाई लेकर आया हूं। मिठाई में देश की हर मां के मिठास का अनुभव है।  आपके लिए देशवासियों का प्‍यार लाया हूं।’ उन्‍होंनेे आगे कहा, ‘हर किसी की जुबां पर लोंगेवाला पोस्‍ट का नाम है। लोंगेवाला पोस्‍ट पर शौर्य गाथा लिखी गई है। पराक्रम की चर्चा होगी तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को जाना जाएगा।’ पराक्रम की चर्चा होगी तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को जाना जाएगा।’ 

मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं – प्रधानमंत्री ने दीपावली के शुभ अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दी। उन्‍होंने ट्वीट कर लिखा, ‘सभी देशवासियों को दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं। यह त्‍योहार लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाए और सभी स्‍वस्‍थ व समृद्ध रहें।’
शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था, ‘इस दीपावली हम सभी एक दीया उन सैनिकों के सम्मान में जलाएं जो निडर होकर देश की रक्षा करते हैं। सैनिकों की अनुकरणीय बहादुरी के लिए उनके प्रति शब्दों से कृतज्ञता ज्ञापित करने की भावना न्याय नहीं कर सकती। हम सीमाओं पर डटे सैनिकों के परिवार वालों के प्रति भी कृतज्ञ हैं।’
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री सीमा पर तैनात वीर और साहसी जवानों के साथ दीवाली मनाएंगे।पिछले वर्ष  27 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में जवानों के साथ दीवाली मनाई थी। आर्मी ड्रेस में प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के बीच मिठाइयां बांटी थी। इससे पहले 2018 में पीएम मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सेना और ITBP के जवानों के बीच दीवाली मनाई थी। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री जम्‍मू कश्‍मीर के गुरेज (Gurez) में जवानों के बीच दीवाली मनाने के लिए मौजूद थे।वहीं 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने सियाचिन, 2015 में अमृतसर, 2016 में लाहौल स्‍पीति में तैनात सैनिकों के साथ दीवाली का त्‍योहार मनाया था।  जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान की मिलने वाली सीमा पर BSF के जवान तैनात हैं। 

योगी आदित्‍यनाथ को आज भी भगवान की तरह क्‍यों पूजता है गोरखपुर का यह समुदाय, जानिए

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) जंगल के बीच में बसे गांवों में भी शहरों की तरह हैं सारी सुविधायेंं ! जी हाँ, सुनने में यह कुछ अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन यह सौ फीसद जमीनी हकीकत है। यकीन न हो तो चले आइये गोरखपुर जिले के घने कुसम्ही जंगल में। यहां पांच वनटांगिया गांवों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से आज वह हर जरूरी सुविधा मुहैया है जो शहरी बस्तियों में होती है। सांसद के रूप में योगी ने वनटांगिया समुदाय के लोगों के लिए जो संघर्ष किया, मुख्यमंत्री बनने के बाद सौगात में तब्दील कर दिया। वर्ष 2009 से योगी वनटांगिया लोगो के बीच दिवाली मनाते हैं, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सिलसिला बदस्तूर जारी है।
अंग्रेजी शासनकाल में जब रेल पटरियां बिछाई जा रही थीं तो बड़े पैमाने पर जंगलों से साखू के पेड़ों की कटान हुई। इसकी भरपाई के लिए अंग्रेज सरकार ने साखू के पौधों के रोपण और उनकी देखरेख के लिए गरीब भूमिहीनों, मजदूरों को जंगल मे बसाया। साखू के जंगल बसाने के लिए वर्मा देश की टांगिया विधि का इस्तेमाल किया गया, इसलिए वन में रहकर यह कार्य करने वाले वनटांगिया कहलाए। कुसम्ही जंगल के पांच इलाकों जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी व चिलबिलवा में इनकी पांच बस्तियां वर्ष 1918 में बसीं। 1947 में देश भले आजाद हुआ लेकिन वनटांगियों का जीवन गुलामी काल जैसा ही बना रहा। जंगल बसाने वाले इस समुदाय के पास न तो खेती के लिए जमीन थी और न ही झोपड़ी के अलावा कोई निर्माण करने की इजाजत।
पेड़ के पत्तों को तोड़कर बेचने और मजदूरी के अलावा जीवनयापन का कोई अन्य साधन भी नहीं। और तो और इनके पास ऐसा कोई प्रमाण भी नहीं था जिसके आधार पर वह सबसे बड़े लोकतंत्र में अपने नागरिक होने का दावा कर पाते। समय समय पर वन विभाग की तरफ से वनों से बेदखली की कार्रवाई का भय।

वर्ष 1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर के सांसद बने। उनके संज्ञान में यह बात आई कि वनटांगिया बस्तियों में नक्सली अपनी गतिविधियों को रफ्तार देने की कोशिश में हैं। नक्सली गतिविधियों पर लगाम के लिए उन्होंने सबसे पहले शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को इन बस्तियों तक पहुंचाने की ठानी। इस काम में लगाया गया उनके नेतृत्व वाली महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं एमपी कृषक इंटर कालेज व एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ और गोरखनाथ मंदिर की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा को। जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन वनटांगिया गांव में 2003 से शुरू ये प्रयास 2007 तक आते आते मूर्त रूप लेने लगे। इस गांव के रामगणेश कहते है कि महराज जी (योगी आदित्यनाथ को वनटांगिया समुदाय के लोग इसी संबोधन से बुलाते हैं) हम लोगों के लिए उस राम की भूमिका में आये जिन्होंने अहिल्या का उद्धार किया था।
वनटांगिया लोगों के बीच शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के योगी आदित्यनाथ के प्रयासों के खास सहयोगी एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ प्रदीप रॉव बताते हैं कि वन्यग्रामों के लोगों को जीवन की मुख्यधारा में जोड़ने के दौरान 2009 में योगी जी को मुकदमा तक झेलना पड़ा। वनटांगिया बच्चों के लिए एस्बेस्टस शीट डाल एक अस्थायी स्कूल का निर्माण योगी के निर्देश पर उनके कार्यकर्ता कर रहे थे, इस पर वन विभाग ने इस कार्य को अवैध बताकर एफआईआर दर्ज कर दी। योगी ने अपने तर्कों से विभाग को निरुत्तर किया और अस्थायी स्कूल बन सका।
वनटांगियों को सामान्य नागरिक जैसा हक दिलाने की लड़ाई शुरू करने वाले योगी ने वर्ष 2009 से वनटांगिया समुदाय के साथ दिवाली मनाने की परंपरा शुरू की तो पहली बार इस समुदाय को जंगल से इतर भी जीवन के रंगों का अहसास हुआ। फिर तो यह सिलसिला बन पड़ा। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी इस परंपरा का निर्वाह करना नहीं भूलते हैं। इस दौरान बच्चों को मिठाई, कापी-किताब और आतिशबाजी का उपहार देकर पढ़ने को प्रेरित करते हैं तो सभी बस्ती वालों को तमाम सौगात।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने महज तीन दिवाली में वनटांगिया समुदाय की सौ साल की कसक मिटा दी है। लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाने वाले योगी ने सीएम बनने के बाद अपने कार्यकाल के पहले ही साल वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दे दिया। राजस्व ग्राम घोषित होते ही ये वनग्राम हर उस सुविधा के हकदार हो गए जो सामान्य नागरिक को मिलती है। तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने वनटांगिया गांवों को आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और आरओ वाटर मशीन जैसी सुविधाओं से आच्छादित कर दिया है। वनटांगिया गांवो में आज सभी के पास अपना सीएम योजना का पक्का आवास, कृषि योग्य भूमि, आधारकार्ड, राशनकार्ड, रसोई गैस है। बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, पात्रों को वृद्धा, विधवा, दिव्यांग आदि पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पिछली दिवाली कुसम्ही जंगल के वनटांगियों के लिए बेहद खास रही। सीएम योगी ने जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में कई घरों में गृह प्रवेश कराया, उनके घर दिया जलाया, खीर हलवा खाया तो वनवासियों के चेहरों पर खुशी की लकीरें विस्तार पाती दिखीं। बच्चे अपने सिर पर अपने महराज जी का प्यार दुलार भरा स्पर्श पाकर आह्लादित थे। पिछली दिवाली तक इस वनटांगिया गांव में 85.876 हेक्टेयर खेती की जमीन, 9.654 हेक्टेयर आवासीय जमीन, 788 मुख्यमंत्री योजना के आवास, 895 शौचालय, 49 को निराश्रित पेंशन, 38 को दिव्यांग पेंशन, 125 को वृद्धा पेंशन, 647 को सौभाग्य योजना का बिजली कनेक्शन, 895 को अंत्योदय राशनकार्ड और 600 को उज्ज्वला योजना का रसोई गैस कनेक्शन मिल चुका था।

कांग्रेस ने किया स्वीकार, उसके लचर प्रदर्शन से हुई है हार, पार्टी में आत्ममंथन की आवाज हुई बुलंद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बिहार में महागठबंधन के सत्ता की उम्मीदों को पलीता लगाने वाले कांग्रेस के लचर चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी में अब आत्ममंथन की आवाज उठने लगी है। इस सूबे के नेताओं के साथ ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बेहिचक यह स्वीकार कर रहे हैं कि कांग्रेस के कमजोर स्ट्राइक रेट ने विपक्षी गठबंधन को सत्ता से दूर कर दिया। वरिष्ठ नेता और पार्टी महासचिव तारिक अनवर ने साफ कहा कि हमें सच को स्वीकार करना होगा कि कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के कारण महागठबंधन की सरकार से बिहार वंचित रह गया।
साथ ही कांग्रेस को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए कि कहां उससे चूक हुई। जबकि पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि बिहार के नतीजों पर कांग्रेस कार्यसमिति चिंतन करेगी। बिहार में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच तात्कालिक तौर पर इसकी सबसे बड़ी वजह उम्मीदवारों के चयन में हुई अंदरूनी घपलेबाजी से लेकर अपने चुनाव अभियान प्रबंधन को भी राजद के भरोसे छोड़ देने को बताया जा रहा है। इसीलिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से सवाल उठाया जाना बिहार में कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकारों को असहज करेगा।.
तारिक अनवर ने हार से पार्टी के सामने आई चुनौतियों पर बेबाक कहा कि राजद और वामदलों की तरह कांग्रेस का प्रदर्शन होता तो बिहार में महागठबंधन की सरकार होती। बिहार की जनता ने सरकार को बदलने का मन बना लिया था, इसके बावजूद यह नहीं हो पाया तो कांग्रेस को गहराई से इसकी पड़ताल करनी होगी। तारिक ने यह भी कहा कि एआइएमआइएम का बिहार की राजनीति में दस्तक देना सूबे के लिए शुभ संकेत नहीं है।.
कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन पर पार्टी के अंदर से उठ रही आत्ममंथन की आवाजों से जुड़े सवाल पर पी. चिदंबरम ने कहा, हम इस बात से सहमत हैं कि बिहार में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक है। कांग्रेस कार्यसमिति इस पर जरूर विश्लेषण कर उचित निर्णय लेगी। हालांकि जहां तक महागठबंधन द्वारा चुनाव में उठाए गए मुद्दों का सवाल है तो वे खत्म नहीं हुए हैं। चिदंबरम ने कहा कि केंद्र में 2014 से मोदी सरकार और 2005 से बिहार में नीतीश कुमार की सरकार है, फिर भी यह सूबा देश के सबसे गरीब राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि महागठबंधन और राजग के बीच चुनावी फासला बहुत ज्यादा नहीं था, केवल 0.3 फीसद वोटों के फर्क ने 10 सीटों का अंतर पैदा कर दिया। जयराम रमेश ने आत्ममंथन के उठ रहे सुरों पर कहा कि बिहार का जनादेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में तो नहीं है। वोटिंग प्रतिशत में जमीन आसमान का फर्क नहीं है, लेकिन यह सही है कि कांग्रेस और बेहतर कर सकती थी। कमजोर प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति में विश्लेषण होगा। 

नए ढांचों को ध्वस्त करेंगे चीन और भारत, फिंगर-4 और फिंगर-8 के बीच कोई पक्ष नहीं करेगा गश्त

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत-चीन के बीच पीछे हटने के प्रस्तावों पर की जा रही बातचीत के मुताबिक दोनों पक्ष पैंगोंग झील इलाके में इस साल अप्रैल-मई के बाद बने सभी नए ढांचों को ध्वस्त करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, फिंगर-4 और फिंगर-8 के बीच कोई भी पक्ष गश्त नहीं करेगा क्योंकि चीन ने इस इलाके में निगरानी पोस्ट बनाए रखने का अपना पुराना रुख छोड़ दिया है।
देपसांग के मैदानी इलाकों के मुद्दे पर दोनों देश अलग से बातचीत करेंगे जहां चीन ने भारतीय सेना के कुछ गश्त स्थलों को अवरुद्ध कर दिया है। भारतीय सेना के एक-दो अन्य गश्त स्थलों से भी चीनी सेना पहले चरण में पूरी तरह से पीछे नहीं हटी है, इसका भी जल्द समाधान किया जाना है। पूर्वी लद्दाख सेक्टर के कुछ हिस्सों से चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने पर बातचीत करने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहमति बनी थी।
इसी के मुताबिक प्रस्तावों पर बातचीत की जा रही है और दोनों देशों की सेनाओं को इस साल अप्रैल-मई से पहले की अपनी-अपनी स्थिति में लौटना है। पीछे हटने की योजना पर दोनों देशों के बीच चुशुल में छह नवंबर को हुई कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की बातचीत में चर्चा हुई थी। योजना के मुताबिक, पैंगोंग झील इलाके में वार्ता से एक हफ्ते के अंदर चीन चरणों में अंजाम दिया जाना है।
छह नवंबर को हुई बातचीत में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और मिलिट्री आपरेशंस महानिदेशालय के ब्रिगेडियर घई ने भी हिस्सा लिया था। हालांकि, भारत इस मामले में सावधानी पूर्वक आगे बढ़ रहा है। भारत का मानना है कि बातचीत और समझौते को जमीनी स्तर पर लागू भी किया जाना चाहिए। इस बीच विदेश मंत्रालय ने एक और कमांडर स्‍तर की वार्ता के संकेत दिए हैं। 
विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍त अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव पर वार्ता जारी है। उन्‍होंने कहा कि चीनी पक्ष भी अगली वार्ता के लिए सहमत है। बीते दिनों सैन्‍य गतिरोध के मसले पर एक रिपोर्ट आई थी। इसमें कहा गया था कि सहमति बनी है कि सैन्य बलों की तरफ से संयम बरतने और एक दूसरे के साथ गलतफहमी को दूर करने को लेकर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी सहमति को लागू किया जाना चाहिए। 

पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों पर अत्‍याचार है जारी, इस सम्बन्ध में बोरिस जॉनसन ने उठाई आवाज

लंदन (ऊँ टाइम्स)  ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बुधवार को संसदीय सत्र के दौरान पाकिस्‍तान से वहां की जनता के मौलिक अधिकारों की गारंटी देने की मांग की है।  सांसद खान ने सवाल किया था कि क्‍या सरकार को पाकिस्‍तान के सामने यह स्‍पष्‍ट कर देना चाहिए कि सरकार समर्थित अत्‍याचार का सिलसिला अब बंद करना जरूरी हो गया है। पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ अत्‍याचार और जुल्‍म का सिलसिला जारी है और दुनिया के तमाम देश इससे अवगत हैं। का आग्रह किया। प्रधानमंत्री जॉनसन सांसद इमरान अहमद खान के सवाल का जवाब दे रहे थे।
जॉनसन ने जवाब दिया, ‘ मैं अपने आदरणीय दोस्‍त से सहमत हूं , और मैं उन्‍हें बता सकता हूं कि इसलिए ही दक्षिण एशिया के मंत्री ने हाल में इस मामले को पाकिस्‍तान के मानवाधिकार मंत्री के समक्ष उठाया और हमने पाकिस्‍तान सरकार से आग्रह किया कि वे अपनी जनता के मौलिक अधिकारों को की गारंटी लें।’  अहमद खान ने संसद को संबोधित करने के दौरान कहा कि जब देश में कोविड-19 के खिलाफ जंग जारी है तो इसे मानवीय अन्‍यायों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, और अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ हो रहे जुल्‍म और अत्‍याचार को बंद करना चाहिए। 
अहमद खान ने पेशावर में हुए अहमदी शख्‍स महबूब अहमद खान का जिक्र किया और सवाल उठाया कि इस हत्‍या का अपराध पाकिस्‍तानी कानून के अंतर्गत आता है या नहीं। दरअसल, सांसद अहमद खान ने कहा, ‘रविवार को 82 वर्षीय महबूब अहमद खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हाल में पेशावर में मारे गए खन चौथे अहमदी मुसलमान हैं। उन्‍होंने पाकिस्तानी कानून के तहत अपराध किया था? वह खुद को अहमदी मुस्लिम कहते थे जिनका पंथ ‘सभी के लिए प्यार, किसी के लिए नफरत नहीं’ है। क्या मेरे आदरणीय मित्र इस बात पर मुझसे सहमत हैं कि पाकिस्तान में नफरत सड़कों पर खत्म हो जाती है। सरकार को पाकिस्तान को स्पष्ट करना चाहिए कि देश में अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ होने वाले अत्‍याचारों को समर्थन दिया जाना समाप्त होना चाहिए?’
आप को बता दें कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले अत्‍याचार व शोषण को लेकर कई बार आलोचनाओं का शिकार हो चुका है। यहां अल्पसंख्यकों के सरकारी अधिकारियों के हाथों उत्पीड़न के मामले सामने आते रहते हैं।सांसद अहमद खान ने कहा कि खुद को अहमदी मुसलमान बताना जिनका समुदाय सब के लिए प्रेम और किसी के लिए नफरत का भाव नहीं रखता है,गुनाह है। उन्‍होंने आगे कहा, क्‍या मेरे आदरणीय मित्र मेरे साथ इस बात को लेकर सहमत हैं कि पाकिस्‍तान में नफरत की हिंसा हो रही है जिसका अंत सड़कों पर होता है।

सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल में आपरेशन से एक महिला के पेट से निकला आठ किलो का ट्यूमर

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की टीम ने एक युवती के पेट से आठ किलोग्राम का ट्यूमर आपरेशन करके निकाला है। युवती पिछले तीन महीने से पेट में तेज दर्द से परेशान थी।
इटवा तहसील के सिरिया गांव की पूजा (18) आयुष्मान भारत योजना की लाभार्थी है। वह पिछले तीन माह से पेट में तेज दर्द और सूजन से परेशान थी। स्थानीय चिकित्सकों से परामर्श और दवा लेने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। आराम नहीं मिलने पर परिजनों ने नौ नवंबर को जिला अस्पताल में दिखाया। सीटी स्कैन में पूजा के पेट में ट्यूमर के संकेत मिले। पूजा का वजन कम होने के कारण सर्जरी में रिस्क था। 10 नवंबर को डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर पूजा के पेट से आठ किलोग्राम का ट्यूमर निकाला। टीम में सर्जन डॉ. ध्रुव कुमार चौधरी, डॉ. एचपी प्रसाद, डॉ. एके झा, डॉ. संगीता पांडेय और स्टॉफ नर्स रेनू शामिल थीं। चिकित्सकों के मुताबिक युवती का वजन 56 किलोग्राम था। ऐसे में आठ किलो का ट्यूमर होना कोई सामान्य बात नहीं थी। हालांकि ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर है।

अभी खत्‍म नहीं हुआ है पाकिस्तानी सेना और पुलिस के बीच का तनाव, लगाए सनसनीखेज आरोप

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान की सेना ने सिंध प्रांत के पुलिस महानिरीक्षक मुश्ताक मेहर के ‘अपहरण’ और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद व पीएमएल-एन के नेता सेवानिवृत्त कैप्टन मुहम्मद सफदर अवान की गिरफ्तारी के लिए खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलीजेंस (आइएसआइ) और रेंजर को जिम्मेदार ठहराया है। सेना ने कहा कि दोषी अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है। 
पाकिस्तानी सेना की मीडिया मामलों की इकाई इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस (आइएसपीआर) ने एक बयान में कहा है कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के आदेश पर सिंध के पुलिस महानिरीक्षक के अपहरण और अवान की गिरफ्तारी के मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी गठित की गई थी। 
कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की सिफारिशों पर संबंधित अधिकारियों को उनके मौजूदा पदों से हटाने का फैसला किया गया है। इनके खिलाफ आगे की विभागीय जांच भी कराई जाएगी। बयान में कहा गया है कि 18 और 19 अक्टूबर की दरम्यानी रात मजार-ए-कायद को अपवित्र किए जाने के मामले में कार्रवाई के लिए लोगों का दबाव बना हुआ था। पाकिस्तानी रेंजर और आइएसआइ के अधिकारियों ने मेहर और अवान के खिलाफ कार्रवाई की थी। 
सेना ने कहा कि आइएसआइ और पाक रेंजर के अधिकारियों को इस तरह की कार्रवाई करने से बचना चाहिए था, जिसके चलते स्थिति बिगड़ गई थी। मेहर को अगवा किए जाने के बाद सिंध प्रांत के लगभग सभी पुलिस अधिकारी सामूहिक रूप से छुट्टी पर चले गए थे। इस घटना के बाद सेना और पुलिस के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई थी। 

नवाज के दामाद सफदर को पुलिस ने दिया क्लीन चिट- इमरान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद सफदर अवान की गिरफ्तारी के मामले में पूरी तरह से यू टर्न ले लिया है। पुलिस ने कराची की एक अदालत में आरोप पत्र दायर कर बताया कि सफदर पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वे झूठे पाए गए। उनके खिलाफ कोई साक्ष्य भी नहीं मिले हैं। नवाज शरीफ की बेटी मरयम नवाज के पति सफदर अवान की उस समय गिरफ्तारी हुई थी, जब वे एक होटल में ठहरे थे। उन पर जिन्ना की मजार पर पहुंचकर राजनीतिक नारे लगाने का आरोप था।  …. ( OmTimes News )

बिहार चुनाव में गरमाई राजनीति, महागठबंधन ने लगाया गड़बड़ी का आरोप

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार चुनाव के बाद मतगणना में राष्ट्रीय जन तांत्रिक गठबंधन (राजग) को बढ़त मिलते ही बिहार की राजनीति गर्म हो गई है। महागठबंधन के घटक दलों ने राजग पर मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल देर रात पटना में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंच गया है। राजद और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के धांधली को लेकर ऊपर बड़ा आरोप लगाया है। 

नीतीश के इशारे पर गिनती में हेरफेर का लगाया आरोप- चुनाव आयोग के पास शिकायत लेकर पहुंचे राजद और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नीतीश कुमार के इशारे पर कुछ अधिकारी मतों की गिनती में हेरफेर कर महागठबंधन के प्रत्याशियों को पीछे दिखा रहे हैं। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास है। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि मतगणना में मामूली अंतर से आगे चल रहे महागठबंधन के प्रत्याशियों को आखिरी वक्त पर पीछे दिखा दिया गया। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा सीटें हैं, जिनपर रिटर्निंग अफसर पर दबाव डालकर जीते हुए प्रत्याशी को हरा दिया गया है। आयोग को इसपर संज्ञान लेना चाहिए। 

OmTimes News : बिहार चुनावों में NDA को मिली बहुमत; एनडीए को 125 और महागठबंधन को 110 सीटें मिली

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार विधानसभा चुनाव के 243 सीटों के नतीजे  सामने आ गए हैं। अबतक जीती हुई घोषित सीटों में से एनडीए को 125, महागठबंधन को 110 और एआइएमआइएम, बसपा व दूसरे दलों को 8 सीटें मिली है। इस तरह एनडीए नेे बहुमत हासिल कर लिया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार की जनता और  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी है। बिहार चुनाव में एनडीए के अच्‍छे प्रदर्शन पर दोनों नेताओं ने मंगलवार को बातचीत की। पूर्व सीएम जीतन राम मांझी चुनाव जीत गए हैं। उन्‍होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उदय नारायण चौधरी को हराया। इस चुनाव में कई दिग्‍गज चुनाव हार गए हैं। लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय परसा से चुनाव हार गए हैं। वे जदयू के टिकट पर चुनाव मैदान में किस्‍मत आजमा रहे थे। इधर नीतीश सरकार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा मुजफ्फरपुर से चुनाव हार गए हैं।

OmTimes News : सात में से 6 पर भाजपा ने लहराया जीत का परचम, सपा के हिस्से में आई एक सीट

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यों वाली विधानसभा की सात रिक्त सीटों पर उपचुनाव का परिणाम का करीब हफ्ते भर से इंतजार कर रहे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के सामने है। अमरोहा की नौगावां सादात, बुलंदशहर, उन्नाव की बांगरमऊ, कानपुर की घाटमपुर, फिरोजाबाद की टूंडला, देवरिया और जौनपुर की मल्हनी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की है। जौनपुर की मल्हनी विधानसभा सीट सपा के खाते में गई है।

पीएम मोदी ने कहा – भारत ने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में उठाई है आवाज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ समिट की वर्चुअल बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाक पीएम इमरान खान समेत विश्व के अन्य बड़े नेता जुड़े हुए हैं। वर्चुअल बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अपने 75 years पूरे किए हैं। लेकिन अनेक सफलताओं के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि UN की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं। अभूतपूर्व कोरोना महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं। दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ एजेंडा में बार-बार अनावश्यक रूप से  द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं, जो एससीओ चार्टर और संघाई स्प्रिट का उल्लंघन करते हैं। इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि यह एक रेफॉर्म्ड मल्टीलेटरलिस्म है जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाए, जो सभी स्टॉकहोल्डर्स की अपेक्षाओं, समकालीन चुनौतियों, और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा करे। इस प्रयास में हमें एससीओ सदस्य राष्ट्रों का पूर्ण समर्थन मिलने की अपेक्षा है।.
एससीओ समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत को शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर दृढ़ विश्वास है और हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है। भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – इस दीपावली पर वोकल फॉर लाेकल से मिलेगी कारोबार को नई चेतना

वाराणसी (ऊँ टाइम्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को सोमवार की सुबह करोड़ों की सौगात दी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र से उद्यमी विपिन अग्रवाल, संपूर्णानंद स्टेडियम में बास्केट बाल खिलाड़ी प्रशांति सिंह और पक्के महाल में काल भैरव के पास गृहिणी नीलिमा मेहता से बातचीत की। इस दौरान कार्यक्रम का प्रसारण दशाश्वमेघ घाट, शूलटंकेश्वर, टीएफसी, सर्किट हाउस, एयरपोर्ट परिसर और कमिश्‍नरी में किया गया।
ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित किया और पीएम के कोरोना संक्रमण के दौरान किये गए उपायों और विकास को लेकर अपनी बात रखी। मुख्‍यमंत्री के संबोधन के बाद काशी के विकास पर आधारित एक संक्षिप्‍त वृत्‍तचित्र भी ऑनलाइन प्रसारित किया गया। सुबह 10.45 बजे पीएम ने बटन दबाकर ऑनलाइन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्‍यास किया।
पीएम ने सबसे पहले सिगरा स्‍टेडियम में मौजूद बास्‍केटबॉल खिलाड़ी प्रश्‍ाांति सिंह से बातचीत की और बध्‍ााई के साथ उन्‍हें उज्‍जवल भविष्‍य के लिए शुभकामनाएं दीं। वाराणसी में दीप पर्व के आयोजन को लेकर माहौल पर प्रशांति से परिचर्चा की। इस दौरान संपूर्णानंद स्‍टेडियम में खिलाडियों की सुविधा के लिए बने चेंजिंग रूम और आवासीय भवन पर बातचीत की। पीएम ने इस दौरान प्रशांति से कहा कि खेल जगत में बनारस की युवा पीढी और आगे आए। परिवार सहित दीपावली की परिवार को पीएम ने शुभकामनाएं दीं।

काल भैरव गली की निवासी नीलिमा मेहता से उन्‍होंने बात किया और दीवाली के रौनक पर उनसे बातचीत काे आगे बढ़ाया तो आवाज डिसकनेक्‍ट हो गई। संवाद दोबारा कनेक्‍ट हुआ तो नीलिमा ने पीएम को प्रणाम किया और काल भैरव गली की साफ सफाई को लेकर भी पीएम ने पूछा तो उन्‍होंने बताया कि गली में बैठकर भोजन भी किया जा सकता है। पीएम ने कहा कि काशी लोग देखने आते हैं तो काशी की गली की रौनक भी होनी चाहिए। काशी की गलियों की साफ सफाई और उजाले के लिए अपनी अपेक्षाएं भी पीएम ने साझा कीं। बनारस के गलियों के शहर होने और यहां के कण कण की पवित्रता पर परिचर्चा कर काशी में पर्यटन की अपेक्षाएं भी जाहिर कीं।
इसके बाद पीएम ने चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र से उद्यमी विपिन अग्रवाल से बातचीत की। उद्यमी ने बताया कि कोरोना काल के दौरान कारोबार प्रभावित तो हुआ लेकिन प्रयासों में कोई कमी नहीं आई। काशी से निर्मित उत्‍पादों की खरीदारों और उपभोक्‍ताओं से संबंध संग कारोबारी गतिविधि भी बेहतर बने रहने की जानकारी देकर कोरोना संक्रमण काल में कारोबारी हालातों को रेखांकित किया। उन्‍होंने शहर में विकास कार्यों को लेकर अपनी बातें रखते हुए कारोबार को मिलने वाले लाभ को साझा किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने छाेटे उद्योगों पर बात करते हुए मालिक मैनेजर और उनके बेहतर चैंबर बनाने के साथ ही परिसर में कारीगरों के स्‍थान को बेहतर बनाने को लेकर अपने सुझाव भी रखे। कहा कि कारीगर को भी घर जाने का मन न हो एेसा माहौल कार्यालय या कारखाने का होना चाहिए। कहा कि दीवाली और त्‍योहार पर लोगों का ध्‍यान गया है और कारोबारी गतिविधि भी बढ़ रही है। लॉकडाउन के बाद कारोबार में आने वाले सुधार को लेकर भी पीएम ने परिचर्चा की। इस पर उद्यमी विपिन अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भी प्रश्‍ाासनिक सहयोग पर्याप्‍त हुआ, वहीं उन्‍होंने आत्‍मनिर्भरता के लिए प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

संवाद के क्रम में तीन लोगों से बातचीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने शहर में विकास कार्यों की जरूरत पर बल देते हुए शहर के विकास के लिए किए गए कार्यों को गिनाया। पूर्वांचल के लोगों के छोटी जरूरतों के लिए उपलब्‍धता की जानकारी दी। पीएम ने किसानों, कारोबारियों और आम नगारिकों के लिए काशी में किए गए सरकार के प्रयासों के बारे में अवगत कराते हुए भविष्‍य की योजनाओं की झलक भी दिखायी। रेहडी, ठेला पटरी कारो‍बारियों से लेकर बुनकरों तक पर बात करते हुए आर्थिक दिक्‍कतों को दूर करने के प्रयासों से अवगत कराया तो योजनाओं की एक-एक कर जरूरत और उसके लाभों से भी अवगत कराया।
काश्यां हि काशते काशी, काशी सर्वप्रकाशिका! का उदाहरण देते हुए कहा कि – काशी को काशी ही प्रकाशित करती है। काशी का आशीर्वाद साक्षात महादेव का आशीर्वाद है, ऐसे में कोई काम बड़ा नहीं हो सकता। पीएम ने दीपावली, गाेवर्धपन पूजा और भैयादूज की बधाई दी तो कारोबार को लेकर भी अपनी बात रखी। लोकल फाॅर वोकल अभियान के लिए दीपावली पर अपील करते हुए लोकल कारोबार को बढ़ाने और उत्‍पादों को बनाने वालों की दिवाली भी रोशन करने की अपील की। काशी वासियों से अपील किया कि देश के लोग और नौजवान जो पसीना बहा रहे हैं और कुछ करने की कोशिश करना चा‍ह रहे हैं उनका हौसला बढ़ाने की जरूरत है।
राजेंद्र प्रसाद घाट पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री नीलकंठ तिवारी ने आयोजन स्‍थल का जायजा लिया और लोगों से संवाद भी किया। वहीं कमिश्नरी में मंडलायुक्त और डीएम पहुंचे तो एयरपोर्ट पर एयरोब्रिज के उद्घाटन की चल रही तैयारियों के बीच मछलीशहर सांसद वीपी सरोज, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अन्‍य स्‍थानों पर आयोजन के साथ ही जिन लोगों से पीएम ने वार्ता की वहां भी लोगों की भीड़ सुबह से मौजूद रही और लोगों में कार्यक्रम को लेकर उत्‍साह बना रहा। कई जगहों पर लोगों के मनोरंजन के लिए सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
पीएम संग संवाद के आयोजन में शामिल होने के लिए भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह भी पहुंचे। इस दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में पीएम नरेंद्र मोदी के वर्चुअल कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता और अन्‍य लोग मौजूद रहे तो शूलटंकेश्वर महादेव परिसर में वर्चुअल उद्घाटन के मौके पर भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।

OmTimes News : अमेरिका के अगले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ने कहा -अमेरिकियों को एकजुट करने का लेता हूं संकल्प

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और निर्वाचित उप-राष्ट्रपति-चुनाव कमला हैरिस ने व्हाइट हाउस की दौड़ जीतने के बाद डेलावेयर में विलिंगटन से अपना भाषण दिया। इस दौरान दोनों ने अमेरिकी लोगों की एकता पर जोर दिया। बाइडन ने लोगों से इस बड़ी जीत के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों में जीत के बाद अपने विजयी भाषण में निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहै हैं। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह अमेरिकी जनता द्वारा उन पर और उनकी साथ और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस पर जताए गए भरोसे को लेकर सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
विश्व के प्रमुख न्यूज संस्थानों द्वारा जो बाइन को तीन नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनावों में विजेता घोषित किए जाने के बाद वह आज पहली बार जनता से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका जनता द्वारा मुझ पर  और कमला हैरिस पर जताए गए विश्वास को लेकर सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

जो बाइडन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में जीत के लिए जनता का शुक्रिया किया। उन्होंने कहा कि कई मुश्किलों का सामना करते हुए भारी संख्या में अमेरिकी जनता ने वोटिंग की। उन्होंने कहा कि इससे एक बार यह बात साबित हो गई कि लोकतंत्र, अमेरिका के दिल की गहराई में बसता है। बाइडन ने कहा कि चुनावी अभियान खत्म होने के साथ ही ये समय क्रोध और कठोर बयानबाजी को पीछे ढोड़कर एक देश के तौर पर एक साथ आने का है। यह अमेरिका को एकजुट करने का समय है।
बाइडन ने कहा कि आप सभी के लिए जिन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को वोट दिया, मैं आज रात उनकी निराशा को समझता हूं। अब एक दूसरे को मौका देते हैं। यह कठोर बयानबाजी को दूर करने, तनाव कम करने, एक-दूसरे को देखने, फिर से एक-दूसरे को सुनने का समय है।
अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कि इस देश के लोगों मे हमे एक स्पष्ट जीत दी है। एक जीत, हम लोग। बाइडन ने कहा कि हम अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में अब तक के सबसे अधिक वोटों से जीते हैं, 7.4 करोड़ वोट। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि वे वादा करते हैं कि वे ऐसा राष्ट्रपति बनेंगे जो देश और समाज को तोड़ने नहीं बल्कि जोड़ने की कोशिश करेंगे। उन्होंने अमेरिकिय़ों को भरोसा दिया कि मैं एक ऐसा राष्ट्रपति बनने की प्रतिज्ञा करता हूं, जो विभाजित नहीं करना चाहता बल्कि एकजुट करना चाहता है। जो लाल राज्य और नीला राज्य नहीं देखता, केवल अमेरिका देखता है।

OmTimes News : अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सीक्रेट सर्विस ने बढ़ाई बाइडन की सुरक्षा

वाशिंगटन/नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बाइडन को मिल रही बढ़त के मद्देनजर सीक्रेट सर्विस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। बाइडन की सुरक्षा के लिए डेलावेयर विलमिंग्टन स्थित उनके निवास पर सीक्रेट सर्विस एजेंटों का नया दस्ता भेजा गया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी बाइडन को अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर बढ़त हासिल हो गई है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के रुझान को देखते हुए सीक्रेट सर्विस जीत की संभावना वाले प्रत्याशी की सुरक्षा में एजेंट तैनात करने लगती है। चुनाव परिणाम घोषित होते ही निर्वाचित राष्ट्रपति को राष्ट्रपति जैसी ही सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करा दी जाती है।
अमेरिका में सीक्रेट सर्विस के पास राष्ट्रपति की सुरक्षा का जिम्मा है। सूत्रों के अनुसार 77 वर्षीय बाइडन की सुरक्षा में पिछले सप्ताह से ही सीक्रेट सर्विस के एजेंट तैनात हो गए हैं। उनके जमीनी और हवाई आवागमन को भी सुरक्षा दी जा रही है। बुधवार को सुरक्षा का यह स्तर और बढ़ा दिया गया था। पूर्व उप राष्ट्रपति बाइडन की सुरक्षा का विस्तृत ब्योरा देने से सीक्रेट सर्विस ने इन्कार कर दिया है। बाइडन को जिस तरह से जॉर्जिया और पेनसिल्वेनिया में बढ़त मिली है, उससे उनकी राष्ट्रपति का चुनाव जीतने की संभावना ब़़ढ गई है। वह बहुमत के लिए आवश्यक 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट पाने के करीब हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी इनर्जी रेग्यूलेटरी कमीशन के प्रमुख के पद से नील चटर्जी को हटा दिया है। चटर्जी भारतीय मूल के हैं। वह रिपब्लिकन पार्टी से भी संबंधित हैं। उनका कार्यकाल 30 जून, 2021 तक था। चटर्जी के स्थान पर जेम्स डेनली की नियुक्ति की है। पता चला है कि चटर्जी को नैचुरल गैस टर्मिनल के सौदे में दलाली करने के शक के चलते हटाया गया है।

OmTimes News : गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी निर्वांचन के लिए नामांकन आज से शुरू

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के नामांकन को लेकर तैयारियां पूरी हो गई है। कमिश्नर कोर्ट में नामांकन की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होगी। वहीं से पर्चे भी मिलेंगे। नामांकन और पर्चा लेने के लिए 11 बजे से तीन बजे तक का समय तय किया गया है। निर्वाचन आयोग ने नामांकन करने की आखिरी तिथि 12 नवंबर तय की है। मतदान एक दिसंबर और गणना तीन दिसंबर को होगी।
नामांकन तक कमिश्नरी में कोई बाहरी नहीं दाखिल हो सकेगा। अफसरों के अलावा सिर्फ प्रत्याशी और उनके दो समर्थकों के साथ अधिवक्ता को ही एंट्री मिलेगी। बुधवार को बैरीकेडिंग कर नामांकन कक्ष के बाहर घेरेबंदी कर दी गई। पूरी नामांकन प्रक्रिया तक वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे। इस चुनाव में 17 जिलों के 39772 वोटर प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। इनमें सबसे बड़ी संख्या गोरखपुर के वोटरों की है। जिले से सर्वाधिक 6077 वोटर हैं। इसी तरह सबसे कम 821 वोटर श्रावस्ती जिले से हैं।

कमिश्नर के कोर्ट में होगा नामांकन,
सुबह 11 बजे से तीन बजे तक दाखिल हो सकेंगे पर्चे
प्रत्येक प्रत्याशी को दो प्रस्तावक जरूरी ..

महत्वपूर्ण तिथियां-
अधिसूचना जारी होगी:- 5 नवंबर
नामांकन की आखिरी तारीख:- 12 नवंबर
नामांकन पत्रों की जांच:- 13 नवंबर
नाम वापसी:- 17 नवंबर
मतदान:- एक दिसंबर (सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक)
मतगणना:- तीन दिसंबर  
 

OmTimes News : अमित शाह ने कहा- मोदीजी के नेतृत्व में ही बंगाल में परिवर्तन संभव

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)  दो दिवसीय दौरे पर बंगाल पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री तथा भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह ने आज बांकुड़ा में कहा कि राज्य में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही परिवर्तन संभव है तथा राज्य में दो तिहाई बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी। शाह ने तृणमूल सुप्रीमो पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में ममता बनर्जी के प्रति भयंकर जनाक्रोश दिख रहा है। उनकी जनविरोधी नीतियों का खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों को भारी उम्मीदें दिख रही हैं।
शाह ने कहा कि ममता बनर्जी केंद्र की योजनाओं को राज्य में गरीबों तक पहुंचने नहीं दे रही हैं। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। वह इस डर से इन योजनाओं को लागू को लागू नहीं कर रही हैं कि इससे  भाजपा को बल मिलेगा, लेकिन इससे भाजपा को रोका नहीं जा सकता। राज्य की जनता ने बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार को  उखाड़ फेंकने का पूरा मन बना लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेता अमित शाह दो दिवसीय दौरे के लिए कोलकाता पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि शाह यहां 2021 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के सांगठनिक कार्यों का जायजा लेने पहुंचे हैं। आज वो सबसे पहले बांकुड़ा पहुंचे जहां जंगलमहल में वो पार्टी कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न नेताओं के साथ बैठक करेंगे। यहां जनजाति आबादी ज्यादा रहती है और यहां कभी माओवादियों का कब्जा हुआ करता था। शाह पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से की 70 विधानसभा सीटों के कार्यकर्ता इस बैठक में शिरकत करेंगे। इसके अलावा शाह बांकुड़ा जिले के चतुर्धी गांव के एक दलित परिवार के यहां दोपहर का भोजन भी करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांकुड़ा में गुरुवार को भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद लोगों का अभिवादन किया।
शाह के साथ यहां भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मौजूद थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘अमित शाह जिंदाबाद और भारत माता की जय’ के नारे लगाए। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने पिछले महीने न्यायिक हिरासत में मरनेवाले वाले भाजपा कार्यकर्ता के परिवार से बुधवार रात मुलाकात की। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पताशपुर में मदन घोराई को अपहरण के मामले में 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था और 13 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने पिछले महीने न्यायिक हिरासत में मरनेवाले वाले भाजपा कार्यकर्ता के परिवार से बुधवार रात मुलाकात की। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पताशपुर में मदन घोराई को अपहरण के मामले में 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था और 13 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ शाह ने घोराई के परिवार से कोलकाता हवाई अड्डे पर मुलाकात की। भाजपा ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने शिकायत की है कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं और दूसरी बार घोराई के पोस्टमार्टम की मांग करने के बाद राज्य सरकार परिवार के प्रति उदासीनता बरत रही है। शाह ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘शहीद बूथ उपाध्यक्ष मदन घोराई के परिवार से कोलकाता में मुलाकात की। मैं इस बहादुर परिवार के सामने नतमस्तक हूं। पश्चिम बंगाल में दमन और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कार्यकर्ताओं की भाजपा हमेशा ऋणी रहेगी।
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय, राष्ट्रीय महासचिव बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शाह की अगवानी की। इस दौरान शाह के स्वागत के लिए एयरपोर्ट के बाहर कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा था। शाह हवाई अड्डे से सीधे वेस्टिन होटल रवाना हो गए। पहले उनके गुरुवार सुबह कोलकाता पहुंचने का कार्यक्रम था, लेकिन बुधवार रात में ही वे पहुंच गए। शाह आज गुरुवार को हेलीकॉप्टर से बांकुड़ा जाएंगे और वहां कई जिलों के पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बंद दरवाजे के पीछे सांगठनिक बैठक करेंगे। 
शुक्रवार को शाह मटुआ समुदाय के एक परिवार के साथ भोजन करेंगे। मटुआ समुदाय पूर्वी पाकिस्तान से आता है और उसकी मांग नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता देने का है। अमित शाह ने इससे पहले बंगाली में एक ट्वीट में कहा था, ‘‘ मैं दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल आ रहा हूं। यहां मैं भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई, राज्य के लोगों, मीडिया के मित्रों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से मिलने को लेकर आशान्वित हूं।’’ कोविड-19 महामारी के बाद से शाह की राज्य में पहली यात्रा है। वह इससे पहले एक मार्च को यहां आए थे।
शाह बांकु़ड़ा पहुंचकर सबसे पहले बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर फिर रवींद्र भवन में संगठनात्मक बैठक करेंगे। इसके बाद वे कोलकाता लौटेंगे। शुक्रवार सुबह वे पहले दक्षिणेश्वर काली मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। कुछ विशिष्टजनों से भी मुलाकात करेंगे। इसके बाद उस दिन दोपहर को मतुआ संप्रदाय, जो महादलित वर्ग में आता हैं , उसके एक प्रतिनिधि के घर पर दोपहर का भोजन करेंगे। साल्टलेक पूर्वी आंचलिक सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) में उनकी पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक होगी। उसके बाद वे गौरांगनगर जाएंगे और मतुआ संप्रदाय के एक व्यक्ति के घर पर भोजन करेंगे। वहां से मशहूर शास्त्रीय संगीतकार पंडित अजय चक्रवर्ती के घर जाएंगे। इसके बाद फिर ईजेडसीसी लौटकर बैठक करेंगे। शाह बंगाल दौरे के दौरान अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ी जातियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का भी उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि सूबे में 23 फीसदी आबादी अनुसूचित जाति व 6 फीसद अनुसूचित जनजाति से है। 

OmTimes News : अमेरिका में टूटा 120 साल का रिकॉर्ड, सबसे अधिक हुआ मतदान

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका चुनाव में इस बार मतदाताओं ने जबर्दस्त जोश दिखाया है। इस बार मतदान में बीते 120 सालों का रिकॉर्ड टूट गया। अमूमन अमेरिकी चुनावों में 50 से 60 प्रतिशत तक मतदान होता है। पर इस बार मतदाताओं ने इतिहास रच डाला। अमेरिकी इलेक्शन प्रोजेक्ट के अनुसार, इस बार करीब 66.9 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाला।
2020 के पहले 1900 में सबसे अधिक वोटर टर्नआउट था, जब 73.7 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा द्वारा चलाए जा रहे यूएस इलेक्शन प्रोजेक्ट के प्रोफेसर माइकल मैकडोनाल्ड का कहना है कि सीधे शब्दों में कहें तो 1900 से 2020 के मतदान की तुलना करना उचित नहीं होगा। उस दौरान महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं था। 2020 में मतदान बढ़ने की वजह युवा मतदाता और मेल-इन-वोट हैं।
टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन एंड रिसर्च ऑन सिविल लर्निंग एंड इंगेजमेंट के अनुसार, 18 से 29 साल की उम्र के मतदाताओं की संख्या अधिक होने का भी ज्यादा मतदान पर प्रभाव पड़ा है। उदाहरण के तौर पर टेक्सास में इन चुनावों में 13.1 फीसदी युवा मतदाता (18 से 29 साल) इस साल थे, जो कि बीते चुनावों में महज 6 फीसदी थे। मिशिगन में इन चुनावों में 9.4 प्रतिशत युवा मतदाता थे, जबकि बीते चुनावों में ये 2.5 फीसदी ही थे।
अमेरिका में इस समय राष्ट्रपति चुनाव के लिए डाले गए वोटों की गिनती हो रही है। इस बार 160 मिलियन (16 करोड़) से ज्यादा लोगों ने वोट डाला है। मतदान प्रतिशत तकरीबन 67 फीसदी रहा है, जो कि एक सदी में सबसे ज्यादा है।
1900 में 73.7 फीसदी लोगों ने मतदान किया था। इस साल विलियम मैकिनली राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद मतदान का आंकड़ा 65.7 फीसदी से अधिक नहीं गया। हिस्ट्री डॉट कॉम के अनुसार, अमेरिका में सबसे कम मतदान 1792 में हुआ था। 1828 में पहली बार मतदान ने 50 फीसदी का आंकड़ा पार किया था। 1876 में वोटिंग प्रतिशत 82.6 हो गया था।
अमेरिका में राष्ट्रपति को नेशनल पॉपुलर वोट के जरिए 538 सदस्यीय इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए चुना जाता है, जिसमें हर उम्मीदवार को जीतने के लिए 270 का बहुमत चाहिए होता है। दरअसल, हर राज्य में एक निश्चित निर्वाचन प्रतिनिधि (इलेक्टोरल कॉलेज) होते हैं, मसलन कैलीफोर्निया में 55 निर्वाचक प्रतिनिधि तय हैं, प्रांत में जिसे सर्वाधिक वोट मिलेंगे, उसी के ये सारे इलेक्टोरल कॉलेज माने जाएंगे।
अमेरिका के संविधान में इसे 1787 में शामिल किया गया। इस संस्था में फिलहाल 538 इलेक्टर या प्रतिनिधि होते हैं, जिनका चुनाव होता है। हर एक राज्य से उतने ही प्रतिनिधि होते हैं, जितने कि उस राज्य से संसद के दोनों सदनों में सांसद। सबसे कम आबादी वाले वायोमिंग से 3 इलेक्टर हैं, जबकि सबसे ज्यादा आबादी वाले कैलिफोर्निया से 55। राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए कम से कम 270 इलेक्टरों के वोट की जरूरत होती है।
चुनाव में जीत सिर्फ पॉपुलर वोट से नहीं होती और यह इस सदी में दो बार हो चुका है। पॉपुलर वोट में पिछड़ने के बावजूद रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने साल 2000 में और डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में राष्ट्रपति चुनाव जीता। डोनाल्ड ट्रंप को हिलेरी क्लिंटन की तुलना में करीब 30 लाख कम वोट मिले थे। 

OmTimes News : जनवरी 2020 में होने वाली नीट पीजी की परीक्षा स्थगित, ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस हुआ जारी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) ने जनवरी, 2021 में होने वाली नीट पीजी परीक्षा (NEET PG 2021) को स्थगित कर दिया है। इस संबंध में ऑफिशियल वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया गया है। उम्मीदवार, natboard.edu.in पर विजिट कर नोटिस चेक कर सकते हैं। बता दें कि पूर्व अधिसूचना के तहत NEET PG परीक्षा का आयोजन 10 जनवरी, 2021 को किया जाना था, वहीं अब इस तिथि को बोर्ड द्वारा स्थगित किया गया है।
वेबसाइट पर जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सूचित किया है कि नीट पीजी 2021 के संचालन के संबंध में कमीशन के यूजी और पीजी बोर्ड द्वारा स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श किया गया। जिसके बाद नीट पीजी 2021 परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। नोटिस में आगे कहा गया है कि NBE द्वारा नीट पीजी 2021 परीक्षा के आयोजन के संबंध में 16 सितंबर, 2020 को जारी सूचना को अगले नोटिस आने तक स्थगित किया गया है।

अब एनबीई द्वारा परीक्षा के संबंध में अगली सूचना जारी की जाएगी, उसके बाद ही स्पष्ट होगा कि नीट पीजी 2021 परीक्षा कब आयोजित की जाएगी। परीक्षा की नई तिथि के संबंध में अभी कोई सूचना नहीं दी गई है। हालांकि, ऐसी संभावना है कि परीक्षा की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। नवीनतम अपडेट के लिए, उम्मीदवारों को ऑफिशियल वेबसाइट, natboard.edu.in और nbe.edu.in पर नजर बनाए रखना होगा।
आप को बता दें कि नीट पीजी परीक्षा 2021 के लिए आवेदन प्रक्रिया नवंबर, 2020 के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। सूचना बुलेटिन और एप्लीकेशन फॉर्म एनबीई की आधिकारिक वेबसाइट, nbe.edu.in पर जारी किए जाएंगे।

इन स्टेप से कर सकेंगे आवेदन- आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद, उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट, nbe.edu.in पर विजिट करें। होमपेज पर संबंधित परीक्षा के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस लिंक पर क्लिक करें। अब एक नया पेज खुलेगा। यहां उम्मीदवार मांगी गई सभी जानकारियां भर कर डाक्यूमेंट्स अपलोड करें। इसके बाद शुल्क का भुगतान कर सबमिट करें। आगे इस्तेमाल के लिए भरे हुए आवेदन फॉर्म को डाउनलोड कर लें और इसका प्रिंट आउट निकाल कर सुरक्षित रखें।

OmTimes News : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में दो मजदूरों को खदान में मिला बेशकीमती हीरा

जबलपुर (ऊँ टाइम्स)  मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की रत्नगर्भा धरती ने सोमवार को फिर दो किसान मजदूरों को रंक से राजा बना दिया है। जरआपुर निवासी दिलीप मिस्त्री को उथली खदान क्षेत्र से जैम क्वालिटी वाला 7.44 कैरेट वजन का हीरा मिला है। इस हीरे की अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये है। वहीं मजदूर किसान लखन यादव निवासी ग्राम पंचायत गहरा को कृष्णा कल्याणपुर पटी की उथली खदान से 14.98 कैरेट वजन का उज्ज्वल जैम क्वालिटी का हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये है।
दिलीप और लखन ने हीरे सोमवार को हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है। हीरा कार्यालय पन्ना के पारखी अनुपम सिंह ने बताया कि दोनों हीरे उज्ज्वल किस्म के हैं। हीरा बिकने पर रॉयल्टी काटकर शेष राशि हीरा मालिक को दी जाएगी। दोनों मजदूरों ने दो-दो सौ रुपये का चालान जमा कर 10 बाई 10 मीटर की खदान खोदने का पट्टा ले रखा था।
दिलीप मिस्त्री ने मीडिया को बताया कि हम चार साझेदार हैं और छह माह से खदान खोद रहे हैं। हम इसी खेत में खेती करते हैं। सोचा था कि लॉकडाउन में कोई काम नहीं है तो खदान खोदी जाए। किस्मत अच्छी रही कि हीरा मिल गया। वहीं लखन यादव ने बताया कि हमें खदान लिए चार माह हो गए। हमारी आर्थिक स्थिति कमजोर है। मैं करीब बीस वर्षो से खदान ले रहा था। लॉकडाउन के कारण खदान में काम करने का ज्यादा समय मिल गया था। भगवान की कृपा से इतना बड़ा हीरा मिला।

भारत ने पाकिस्‍तान को चेतावनी देते हुए कहा- गिलगिट बाल्टिस्‍तान हमारा अभिन्‍न हिस्‍सा है , इसे तुरंत खाली करो

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  गिलगिट बाल्टिस्तान को पांचवें प्रांत का दर्जा देने की पाकिस्तान की हरकत पर भारत ने सख्त आपत्ति जताई है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान उन इलाकों से बाहर निकल जाए, जिन पर उसने अवैध तरीके से कब्जा किया हुआ है। रविवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से गिलगिट बाल्टिस्तान को प्रांत का दर्जा देने के एलान का भारतीय विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में विरोध किया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत अपने किसी भी क्षेत्र की स्थिति बदलने की पाकिस्तान की कोशिश को खारिज करता है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सभी क्षेत्र हमारा अभिन्न अंग हैं और रहेंगे। इनमें गुलाम कश्मीर भी शामिल है। अवैध तरीके से कब्जाए गए इन इलाकों पर पाकिस्तान सरकार का कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान के छल से इन क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की उसकी करतूतें नहीं छिप सकती हैं। 
श्रीवास्तव ने कहा कि इन इलाकों की स्थिति बदलने से बेहतर है कि पाकिस्तान तत्काल अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों से बाहर निकल जाए। पाकिस्तान ने दुनिया को धोखा देने के लिए गिलगिट बाल्टिस्तान में विधानसभा चुनाव कराने का भी एलान किया है। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्षेत्र में चुनाव कराने की अनुमति दी थी। इस फैसले के बाद भारत ने वरिष्ठ पाकिस्तानी राजनयिक के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी।

श्रीवास्‍तव ने कहा कि पाकिस्‍तान की ओर से इस क्षेत्र में की गई छेड़छाड़ की कोशिशें वहां सात दशकों से अधिक समय से रह रहे लोगों को आजादी से वंचित कर सकती हैं। सन 1947 में जम्मू और कश्मीर के भारतीय संघ में शामिल होने के बाद से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के साथ साथ तथाकथित गिलगिट बाल्टिस्‍तान का समूचा क्षेत्र कानूनी रूप से भारत के अभिन्न अंग हैं। पाकिस्‍तान गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों के मानवाधिकारों को नहीं कुचल सकता है। इन भारतीय क्षेत्रों की स्थिति को बदलने की पाकिस्‍तान की कोई भी कोशिश सहन नहीं की जाएगी !
दरअसल, पाकिस्तान में गिलगिट बाल्टिस्‍तान इलाके को सेना देश का पांचवां राज्य बनवाने पर काम कर रही है। समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, वहां बाहरी लोगों को बसाकर जनसंख्या का अनुपात बदला जा रहा है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की इस साजिश के पीछे चीन काम कर रहा है। हाल के दिनों में भारत के खिलाफ चीन पाकिस्‍तान की तमाम कोशिशों की रिपोर्टें भी सामने आ चुकी हैं।  
ऐसे में जब भारत पहले ही साफ कर चुका है कि गुलाम कश्मीर की स्थिति बदलने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती है। इमरान खान के इस फैसले से भारत और पाकिस्‍तान के बीच टकराव की आशंका पैदा हो गई है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार ने वहां चुनाव कराने का भी एलान किया है। भारत ने पाकिस्‍तान के उस कदम की भी तीखी आलोचना की थी। 
गिलगिट बाल्टिस्तान को लेकर इमरान खान की बेचैनी के कई कारण हैं। हाल ही में सऊदी अरब ने गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान के नक्शे से बाहर कर दिया है। दूसरी ओर, इलाके में उनकी सरकार को तीखे विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। गिलगिट बाल्टिस्तान को प्रांत बनाने की सुगबुगाहट से ही वहां प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया था। इस फैसले के विरोध में आठ अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट और स्टूडेंट लिबरेशन फ्रंट की अगुआई में भारी प्रदर्शन हुए थे। 

OmTimes News : विशेष विवाह एक्ट के तहत बिना धर्म बदले दो धर्मों को मानने वाले कर सकते शादी : हाईकोर्ट इलाहाबाद

प्रयागराज (ऊँ टाइम्स)  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि बालिग युवक-युवती अपनी मर्जी व पसंद के किसी भी व्यक्ति के साथ रह सकते हैं। उनके जीवन में किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। हालांकि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद का धर्म अपनाने का अधिकार देता है। लेकिन, महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन किया जा रहा है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत बिना धर्म बदले दो धर्मों को मानने वाले शादी करके वैवाहिक जीवन बिता सकते हैं। यह कानून सभी धर्म पर लागू है। इसके बावजूद लोग शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, जो सही नहीं है। कोर्ट ने अलग-अलग धर्म मानने वाले याचियों को अपनी मर्जी से कहीं भी किसी के साथ रहने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने सहारनपुर की पूजा उर्फ जोया व शावेज की याचिका पर दिया है।
याची पूजा ने घर वालों की मर्जी के बगैर बिना बताए शावेज से शादी कर ली। जब परिवार को पता चला तो उसे पकड़ कर घर में नजरबंद कर दिया। इस पर यह याचिका दाखिल की गयी। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में 18 साल की लड़की याची को पेश करने का निर्देश दिया था। लेकिन, पिता द्वारा लड़की को पेश नहीं किया गया।
इस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एसपी सहारनपुर को लड़की को पेश करने का निर्देश दिया। कोरोना जांच रिपोर्ट आने के बाद पेश लड़की ने कहा वह अपने पति के साथ रहना चाहती है। कोर्ट ने उसे अपनी मर्जी से जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया है।

OmTimes News : रेल मंत्री ने किया ऐलान, आज से मुंबई में रेलवे चलाएगा 610 नई लोकल ट्रेनें

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  भारतीय रेलवे अब धीरे-धीरे अपनी सेवाओं को बहाल कर रही है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को घोषणा किया था कि रेलवे मुंबई में पहली नवंबर से रोजाना 610 और विशेष उपनगरीय सेवाओं वाली ट्रेनें का संचालन शुरू करेगा। रेलवे अपनी कुल सेवाओं को 2020 तक ले जा रहा है। रेल मंत्री ने बताया कि मुंबई में रेलवे की इस पहल से कोरोना के खतरे के मद्देनजर शारीरिक दूरी को बनाए रखने, भीड़भाड़ से बचने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलेगी। 
पश्चिम रेलवे द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, 610 विशेष उपनगरीय सेवाओं को जोड़ने के साथ इन सेवाओं की संख्या को बढ़ाकर 2020 तक किया जाएगा। नई चलाई जाने वाली 610 उपनगरीय सेवाओं में से 314 को मध्य रेलवे नेटवर्क पर चलाया जाएगा जबकि बाकी 296 ट्रेनों को पश्चिम रेलवे में रखा जाएगा। बता दें कि रेलवे मुंबई के उपनगरीय नेटवर्क पर 1,410 ट्रेन सेवाओं का संचालन कर रहा है। इनमें से 706 ट्रेनें सेंट्रल लाइन पर जबकि 704 पश्चिम लाइन पर चलती हैं।
उल्‍लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने बीते दिनों मध्य एवं पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधकों से मुंबई क्षेत्र में उपनगरीय ट्रेनों में महिलाओं को यात्रा की अनुमति देने की अपील की थी। कोरोना महामारी के चलते केवल कुछ ही श्रेणियों के लोगों को उपनगरीय ट्रेनों में सफर की अनुमति है। इनमें जरूरी सेवाओं से जुड़े लोग आते हैं। रेलवे जोनों को भेजे पत्र में कहा गया था कि ट्रेन सेवाएं महिला यात्रियों को पूर्वाह्न 11 बजे से लेकर तीन बजे तक और सायं सात बजे से लेकर सेवाओं के समापन तक उपलब्ध कराई जानी चाहिए। 
इस बीच कोरोना महामारी को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने भी पूर्वी रेलवे को पत्र लिख कर उपनगरीय ट्रेनों की कुछ जोड़ी रोजाना चलाए जाने पर विचार करने की अपील की है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने ट्वीट कर कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने रेल अधिकारियों को कुछ ट्रेनें चलाए जाने पर बातचीत करने के लिए एक पत्र लिखा है। यह पत्र राज्य के गृह सचिव एचके द्विवेदी ने पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को लिखा है। 

OmTimes News : गुजरात के पूर्व सीएम केशुभाई पटेल का आज हुआ निधन

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री केशुभाई पटेल का निधन हो गया है। आज सुबह सांस लेने में तकलीफ होने के बाद केशुभाई पटेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 92 वर्ष के थे। केशुभाई पटेल ने दो बार गुजरात के मुख्‍यमंत्री का पद संभाला, वह 1995 और 1998 में राज्‍य की मुख्‍यमंत्री चुने गए। केशुभाई पटेल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा के वरिष्ठ नेता केशुभाई कई दशक से राजनीतिक व सामाजिक जीवन में सक्रिय थे। 2014 में केशुभाई पटेल ने राजनीति से सन्यास की घोषणा की थी।
आप को बता दें कि बीते महीने केशुभाई कोरोना संक्रमित भी पाए गए थे। मिली जानकारी के मुताबिक वह गांधीनगर में सरकारी बंगले में रहते थे, बीते दिनों कोरोना पॉजिटिव पाये जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्तपाल में भर्ती होने की सलाह दी थी । 92 वर्षीय केशुभाई का उनके परिवार के लोगों ने रैपिट एंटीजन टेस्ट करवाया था जिसमें वे संक्रमित पाये गए थे। उससे कुछ समय पहले ही पूर्व मुख्‍यमंत्री की बायपास सर्जरी भी हुई थी। इसके अलावा वे प्रोस्टेट कैंसर से भी पीडि़त थे। हाल ही में केशुभाई पटेल का CT स्कैन टेस्‍ट और RT-PCR टेस्ट भी करवाया गया था।
जनसंघ के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक केशुभाई पटेल उन लोगों में से थे जिन्‍होंने अपने दम पर गुजरात में भाजपा को खड़ा किया था। केशुभाई के नेतृत्व में ही गुजरात में पहली बार भाजपा की सरकार बनी थी और केशुभाई मुख्‍यमंत्री चुने गए थे। लेकिन लगातार गिरते स्‍वास्‍थ्‍य के चलते उनकी सक्रिय राजनीति से दूरी बढ़ती चली गई। धीरे-धीरे भाजपा से उनके रिश्‍तों में खटास आती चली गई। पहली बार मुख्यमंत्री चुने जाने के सात माह बाद ही शंकरसिंह वाघेला के साथ हुए विवाद के कारण उन्‍हें पद से इस्‍तीफा देना पड़ा।
इसके बाद 1998 में उन्‍हें फिर से मुख्यमंत्री का पद मिला लेकिन 2001 में उन्होंने पद छोड़ दिया। भ्रष्टाचार और भुज में आए भूकंप के दौरान कुप्रबंधन के चलते उन्‍हें अपने पद से इस्‍तीफा देना पड़ा था। इसके बाद पार्टी से उनके रिश्‍तों में और कड़वाहट आ गई, उन्‍होंने 2002 में चुनाव भी नहीं लड़ा। 2012 में उन्‍होंने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया और अलग पार्टी का निर्माण किया परंतु 2014 में वह फिर भाजपा में जुड़ गए।

OmTimes News : किसान सम्मान निधि योजना का रजिस्ट्रेशन फॉर्म इस तरह कर सकते हैं संशोधन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) आपने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरा है लेकिन उसमें किसी तरह की चूक हो गई है तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। पीएम किसान के ऑनलाइन पोर्टल से अगर आपने यह फॉर्म भरा है तो आप खुद इस रजिस्ट्रेशन फॉर्म में जरूरी तब्दीली कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया काफी आसान है और आप घर बैठे इसे कर सकते हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया के तहत आप अपने आधार नंबर में किसी तरह का संशोधन नहीं कर सकते हैं क्योंकि फॉर्म में किसी तरह का सुधार आधार नंबर प्रविष्ट करने के बाद ही किया जा सकेगा। 

PM Kisan Scheme के रजिस्ट्रेशन फॉर्म में ऐसे कर सकते हैं सुधार 

  1. सबसे पहले पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर लॉग ऑन करें।
  2. इसके बाद आपको ‘Farmers Corner’ पर जाना है।
  3. यहां आपको ‘Updation of Self Registration’ के लिंक पर क्लिक करना होगा।
  4. अब आपके समक्ष एक नया पेज खुलकर आएगा। 
  5. इस पेज पर आपको आधार कोड के साथ कैप्चा कोड डालने के बाद सर्च बटन पर क्लिक करना होगा।
  6. इसके बाद जो नया पेज आएगा, उसमें आप अपने विवरण में तब्दीली कर पाएंगे।
  7. आप इसके तहत बैंक खाते से जुड़े विवरण, पता जैसे विवरण में सुधार कर पाएंगे। 
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इस स्कीम का लक्ष्य देश के अन्नदाताओं की आमदनी में बढ़ोत्तरी करना है। इस स्कीम के तहत केंद्र सरकार किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। सरकार यह राशि तीन बराबर किस्त में सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरित करती है।
    हालांकि, यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपको इस स्कीम का लाभ तभी प्राप्त होगा, अगर आप सरकार द्वारा तय पात्रता शर्तों के अंतर्गत आते हैं। इसके मुताबिक अगर आप डॉक्टर, वकील और इंजीनियर जैसे प्रोफेशनल हैं लेकिन खेती करते हैं तो आपको इस स्कीम का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगर आप किसी संसदीय पद पर हैं या रह चुके हैं तो भी आपको इस स्कीम के तहत लाभ नहीं मिलेगा।

OmTimes News : चालक को नींद आने के कारण अनियंत्रित होकर टकराया ट्रक, एक की मौत गया

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)
आज सुबह लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र में आलू लदा ट्रक अनियंत्रित होकर गेहूं लदे ट्रक से टकरा गया। टक्‍कर इतनी भयानक थी कि ट्रक के अगले हिस्‍से के परखच्‍चे उड़ गए। घटना में ट्रक में बैठे युवक की मौत हो गई। उसकी पहचान संदीप के रूप में हुई है।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को बाहर निकलवाया। राहगीरों के मुताबिक ट्रक चालक और परिचालक वाहन को छोड़कर भाग गए। इससे हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। किसी तरह पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रक में फंसे युवक के शव को बाहर निकलवाने के साथ क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे हटवाया। इसके बाद आवागमन दुरुस्त हो पाया। पुलिस क्षतिग्रस्त वाहनों के नंबर के आधार पर और जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना चिनहट थाना क्षेत्र में अनौरा गांव के पास किसान पथ पर सुबह तड़के आलू लदा ट्रक अनियंत्रित होकर गेहूं लदे ट्रक से टकरा गया। गेहूं लदे ट्रक में बैठे एक युवक की मौत हुई है। यह ट्रक शहजानपुर से गेहूं लादकर बिहार राज्य के सीवान जिले जा रहा था। पुलिस का मानना है कि चालक के नींद आने के कारण ट्रक अनियंत्रित होकर टकरा गया।

OmTimes News : बीटेक छात्र अक्षय कालरा के 5 हत्यारोपी बदमाश आज नोयडा में एनकाउंटर में हुए गिरफ्तार

नोएडा (ऊँ टाइम्स)  बहुचर्चित बीटेक छात्र अक्षय कालरा हत्याकांड के मामले में नोएडा पुलिस को आज बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार सुबह हुए एनकाउंटर में नोएडा पुलिस की गोली लगने के बाद 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि अक्षय से लूट और हत्या में सभी पांचों बदमाश शामिल थे। इस एनकाउंटर में छात्र अक्षय से लूटी गई क्रेटा कार भी बरामद हुई है। एनकाउंटर सेक्टर-58 कोतवाली क्षेत्र में मंगलवर सुबह हुआ। बता दें कि तकरीबन ढाई महीने पहले 2 सितंबर को छात्र अक्षय कालरा की घर से कुछ दूरी पर ही क्रेटा लूट कर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को गाजियाबाद के गैंग ने अंजाम दिया था। नोएडा पुलिस की मानें तो मंगलवार सुबह फिर से घटना को अंजाम देने नोएडा आए थे।  वहीं, गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह की तरफ से मुठभेड़ में शामिल टीम को एक लाख का इनाम देने की घोषणा की गई है। यह भी पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश कई दिनों तक मेरठ में छिपकर रह रहे थे। सभी बदमाशों की उम्र 20 से 25 के बीच है। पूर्व में भी कई कार लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पहली बार पुलिस के शिकंजे में फंसे हैं।

गिरफ्तार 5 बदमाशों के नाम – कुलदीप उर्फ हैप्पी (कामना अपार्टमेंट वैशाली चौकी थाना कौशांबी जिला गाजियाबाद)  विकास उर्फ विक्की (गाजियाबाद)  सोनू सिंह (संजय कॉलोनी, ओखला दिल्ली) शमीम शेख (गाजियाबाद) अजय राठौर (गाजियाबाद) …..

यहां पर आप को बता दें कि 2 सितंबर को नोएडा सेक्टर-62 में बीटेक छात्र रहे अक्षय कालरा की हत्या कर क्रेटा कार लूट ली गई थी। नोएडा पुलिस की एक दर्जन से अधिक टीमों को इस केस के पर्दाफाश के लिए लगाया गया था। नोएडा एसटीएफ भी इस केस की छानबीन में जुटी थी। सर्विलांस के जरिए बड़े-बड़े मामले का पर्दाफाश करने वाली प्रदेश की हाइटेक पुलिस को इस मामले में मोबाइल सर्विलांस के जरिए कुठ भी ठाेस सुराग नहीं मिल सका था। इस केस की जांच के लिए कई टीमें काम कर रही थीं। नोएडा पुलिस की टीम हरियाणा में डेरा डाले हुई थी, पुलिस अधिकारी दावा कर रहे थे कि उनके पास कुछ अहम जानकारी मिली है और उम्मीद है कि जल्द केस का पर्दाफाश हो सकेगा।
दरअसल, वारदात के बाद बदमाश कार लेकर सेक्टर-62 गोल चक्कर होते हुए एनएच 9 के रास्ते गाजियाबाद की तरफ फरार हुए थे। सेक्टर-62 स्थित सोसायटी के पास से यू टर्न लेकर छिजारसी कट के पास तक कार के जाने की फुटेज जांच में सामने आया था। हालांकि गाजियाबाद से बाहर जाने के लिए किसी टोल से गाड़ी के क्राश होने की बात सामने नहीं आई। इसे देखते हुए पुलिस को आशंका थी कि बदमाश कार को गाजियाबाद में ही कहीं छुपा कर रखे थे, लेकिन बदमाश मेरठ में छिपे हुए थे।

OmTimes News : उत्‍तराखंड और यूपी के लिए भाजपा ने जारी किया नौ उम्‍मीदवारों की सूची

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  भाजपा ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए नौ प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश से 10 और उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए नौ नवंबर को चुनाव होना है। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और नीरज शेखर को फिर प्रत्याशी बनाया है। ये तीनों अभी भी उत्तर प्रदेश से ही राज्यसभा सदस्य हैं। इनके अलावा भाजपा ने हरिद्वार दूबे, बृजलाल, गीता शाक्य, बीएल वर्मा और सीमा त्रिवेदी को उत्तर प्रदेश से प्रत्याशी बनाया है। उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए भाजपा ने नरेश बंसल को उम्मीदवार घोषित किया है।
राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव के बाद संसद के उच्च सदन में समीकरण बदल जाएगा। भाजपा को ज्यादातर सीटें मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में दलगत स्थिति के मुताबिक समाजवादी पार्टी सिर्फ एक सीट पर जीत सकती है। सपा रामगोपाल यादव को फिर से राज्यसभा भेज रही है। इसके अलावा अगर विपक्ष संयुक्त प्रत्याशी उतारता है तो उसके जीतने की संभावना है। लेकिन फिलहाल ऐसा नजर नहीं आ रहा। ऐसे में भाजपा को उत्तर प्रदेश से नौ सीटों पर जीत मिलने की पूरी संभावना है। 
उत्तराखंड की इकलौती सीट पर भी भाजपा की जीत पक्की है। इस चुनाव के बाद भाजपा राज्यसभा में बहुमत के और करीब पहुंच जाएगी। उत्‍तर प्रदेश से आगामी नवंबर महीने में 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इन नेताओं में भाजपा के अरुण सिंह, नीरज शेखर, हरदीप सिंह पुरी, समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान, राम गोपाल यादव, चंद्रपाल सिंह यादव, रवि प्रकाश वर्मा, बसपा के राजाराम, वीर सिंह, कांग्रेस के पीएल पुनिया जैसे दिग्‍गज शामिल हैं।  
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार रामजी गौतम ने सोमवार को अपना पर्चा दाखिल किया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और विधानमंडल दल नेता लालजी वर्मा समेत बसपा के सभी 18 विधायक मौजूद रहे। समाजवादी पार्टी ने प्रो. राम गोपाल यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। वह अपना नामांकन भी दाखिल कर चुके हैं।  
उल्‍लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव की घोषणा 13 अक्टूबर को की थी। चुनाव की अधिसूचना 20 अक्टूबर को जारी की गई है। नामांकन 27 अक्टूबर यानी कल तक भरे जाएंगे। 28 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की होगी। नाम वापसी की तारीख दो नवंबर है। नौ नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक वोटिंग होगी और इसी दिन शाम को पांच बजे से मतगणना होगी और नतीजे जारी होंगे। 

OmTimes News : परम्परागत तरीके से गोरखपुर में निकली गई गोरक्षपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  विजयादशमी के अवसर पर पूर्व की भांति गोरखनाथ मंदिर से गोरखपीठाधीश्वर की विजय शोभायात्रा रविवार की शाम श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से निकली। गाजे-बाजे की गूंज के बीच निकली शोभा यात्रा का लोगों ने भव्य स्वागत किया। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बंद गाड़ी में सवार होकर शोभायात्रा में शामिल हुए। गाड़ी के अंदर से ही सड़क के दोनों किनारे पर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
विजयादशमी के अवसर पर परंपरागत विजय शोभायात्रा की अगुवाई कर मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम का राजतिलक करने के बाद उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप की याद दिलाई और कहा कि उसी मर्यादा का पालन करके हम कोविड से जंग जीत सकते हैं और अपने सामान्य जन-जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 पर विजय पाने के लिए हमें ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ का पालन करना ही होगा क्योंकि हमें जान भी बचाना है और जहान भी। मानसरोवर रामलीला मैदान में रामलीला के मंचन की 100 वर्ष से चली परंपरा की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस माध्यम से हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रहने में सफल हो सके हैं।.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की कि वह रामलीला के मंच को केवल वर्ष में एक बार होने वाली रामलीला तक न सिमटने दें, राष्ट्रीय पर्वों और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भी इन मंचों से आयोजन का सिलसिला जारी रखें। मुख्यमंत्री ने रामलीला मंचों से भजनों की शृंखला शुरू करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि रामलीला के मंच से वर्ष में कम से कम चार से छह कार्यक्रम अवश्य होने चाहिए। 
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान जैसे स्थलों को सुरक्षित और संरक्षित करने की चर्चा भी छेड़ी। कहा कि आध्यात्मिक विरासतों को सुरक्षित करने का कार्य निरंतर चल रहा है। ऐसे में अब किसी ऐसे स्थल पर कब्जा करना संभव नहीं हो सकेगा। आध्यात्मिक विरासतें बुरी नजरों से बची रहेंगी। मुख्यमंत्री ने कोविड को देखते हुए दुर्गा पूजा को घरों के दायरे में रहकर मनाने को लेकर लोगों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसा करके हम पर्व की दिव्यता और भव्यता को भी कायम रखते हुए कोविड प्रोटोकाल का पालन भी कर सके हैं। 
सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबोधित करते हुए कहा कि हम त्योहारों को ऐसे समय में मना रहे हैं जब दुनिया कोरोना महामारी के दौरा से गुजर रही है। कोरोना वायरस ने जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया है। जन और धन दोनों का व्यापक नुकसान हुआ है। इसने त्योहारों और कार्यक्रमों को भी प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान अयोध्या में जन्मभूमि पर हो रहे भव्य राममंदिर निर्माण की चर्चा भी छेड़ी। कहा कि  492 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद भव्य मंदिर का निर्माण संभव हो सका है और अयोध्या के माध्यम से देश की यश व कीर्ति पूरे विश्व में फैली है। इस चर्चा में उन्होंने राम मंदिर के लिए पीढ़ियों के संघर्ष को याद किया। साथ ही ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अवेद्यनाथ की महती भूमिका की भी चर्चा की।
इससे पहले विजय शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गाड़ी के पीछे एक रथ पर संत व पुजारी मौजूद रहे, जो काफिले को भव्यता प्रदान की। गोरखनाथ मंदिर से लेकर गंतव्य स्थान मानसरोवर मंदिर तक छतों पर खड़े लोग काफिले पर पुष्प वर्षा कर अपने काफिले का स्वागत किया। अनवरत गूंज रहे जयकारे के बीच धीरे-धीरे बढ़ती योगी की विजय शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंची, जहां उन्होंने पहले मंदिर में मौजूद देव-विग्रहों की पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना किया और उसके बाद भगवान राम का राजतिलक किया।
गोरखनाथ मंदिर से निकली योगी आदित्‍यनाथ की शोभायात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था काफी तगड़ी रही। गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर तक रास्ते में पड़ने वाले हर छत पर सिपाही तैनात रहे। पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा की सुरक्षा तीन जोन में बांट गया था। शोभायात्रा से एक घंटा पहले ड्रोन से रास्ते और छतों की निगरानी शुरू की गई। रथ के साथ एटीएस के कमांडो भी तैनात रहे। दोपहर दो बजे से शोभायात्रा समाप्त होने तक गोरखनाथ मंदिर, मानसरोवर पोखरा व रामलीला मैदान की तरफ भारी वाहनों के आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

OmTimes News : सेशेल्स के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए भारतवंशी रामकलावन , बिहार से जुड़ी हैं इनकी जड़ें

विक्टोरिया (ऊँ टाइम्स)  भारतवंशी वैवेल रामकलावन हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स के राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित किए गए हैं। 43 साल बाद विपक्ष का कोई नेता सेशेल्स का राष्ट्रपति चुना गया है। कोरोना महामारी से ध्वस्त हो चुकी पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था में जान डालने के लिए उन्होंने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का संकल्प दोहराया है। रामकलावन की जड़ें बिहार से जुड़ी हैं। वह पादरी भी रह चुके हैं। सेशेल्स चुनाव आयोग के प्रमुख डैनी लुकास ने रविवार को कहा कि रामकलावन को 54 फीसद मत मिले हैं। उन्होंने डैनी फॉरे को मात दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने वैवेल रामकलावन को सेशेल्स का राष्ट्रपति निर्वाचित किए जाने पर बधाई दी। 
निवर्तमान राष्ट्रपति फॉरे को सिर्फ 43 फीसद मत ही हासिल हुए। पूर्वी अफ्रीकी देश सेशेल्स की आबादी एक लाख से कम है। राष्ट्रपति चुनाव में गुरुवार से शनिवार तक हुए मतदान में 75 फीसद लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सेशेल्स में 1977 के बाद पहली बार विपक्ष का कोई नेता राष्ट्रपति निर्वाचित हुआ है। फॉरे की यूनाइडेट सेशेल्स पार्टी पिछले 43 साल से सत्ता में थी। रामकलावन की पार्टी का नाम लिनयोन डेमोक्रेटिक सेसेलवा पार्टी है। 
रामकलावन ने फॉरे के साथ मिलकर काम करने का वादा किया है। आमतौर पर अफ्रीकी देशों में सत्ता का हस्तांतरण सामान्य तरीके से नहीं होता। जीत के बाद रामकलावन ने कहा, ‘फॉरे और मैं अच्छे दोस्त हैं। एक चुनाव का यह मतलब नहीं है कि अपनी मातृभूमि में किसी का योगदान खत्म हो जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘इस चुनाव में न कोई पराजित हुआ है और न कोई विजयी। यह हमारे देश की जीत है।’ रामकलावन जब विजयी भाषण दे रहे थे, तब फॉरे उनकी बगल में ही बैठे थे। 
रामकलावन के परदादा 130 साल पहले 1883 में बिहार के मोतीहारी जिले के परसौनी गांव से कलकत्ता (अब कोलकाता) होते हुए मारीशस पहुंचे थे। जहां वह गन्ने के खेत में काम करने लगे। कुछ समय बाद वह सेशेल्स चले गए थे। सेशेल्स में ही 1961 में रामकलावन का जन्म हुआ था। वर्ष 2018 में रामकलावन भारतवंशी (पीआइओ) सांसदों के पहले सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए थे। तब वह अपने पूर्वजों के गांव परसौनी भी गए थे। उस समय वह सेशेल्स की संसद नेशनल असेंबली के सदस्य थे।

नेपाल के कई इलाकों की जमीनों पर चीन ने किया कब्‍जा, भारतीय खुफिया एजेंसियां हैं अलर्ट

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  बार्डर पर भारत के साथ आक्रामक रवैया अपनाने वाले चीन ने नेपाल की सीमा से सटे सात जिलों के कई इलाकों पर अवैध कब्जा कर लिया है। चीन की इस हिमाकत के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। एजेंसियों की मानें तो चीन अधिक से अधिक जमीन पर कब्‍जा करने की नीयत से नेपाल की सीमाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है!
एक आंतरिक खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की यह हरकत सीधे तौर पर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती है। असल में चीन नेपाल में भी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के विस्तारवादी एजेंडे को ढाल देने की कोशिशें कर रहा है। रिपोर्ट में चीन की इस कोशिशों पर चुप्‍पी साधने वाले नेपाल के सर्वेक्षण विभाग के बारे में भी बात की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की नेपाल के जिन जिलों की जमीन हड़पने की योजना है उनमें दोलखा , गोरखा , दारचुला, हुमला , सिंधुपालचौक , संखुवासभा और रसुवा शामिल हैं। यही नहीं चीन नेपाल की ओर अंतर्राष्ट्रीय सीमा के भीतर दोलखा में 1,500 मीटर तक आगे बढ़ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के अतिक्रमण में दोलखा के कोरलंग क्षेत्र में सीमा स्तंभ संख्या 57 को धकेलना भी शामिल है। यह पहले कोरलंग के शीर्ष पर मौजूद था। दोलखा की तरह ही चीन ने गोरखा जिले में सीमा स्तंभ संख्या 35, 37 और 38 के साथ ही सोलुखुम्बु के नम्पा भंज्यांग में सीमा स्तंभ संख्या 62 में भी अतिक्रमण की कोशिश की है।
मीडिया की मानें तो पहले तीन स्तंभ रुई गांव और टॉम नदी के क्षेत्रों में मौजूद थे। नेपाल का आधिकारिक मानचित्र रुई गांव को नेपाली क्षेत्र के हिस्से के रूप में दिखाता है। यही नहीं रुई गांव के लोग भी नेपाल सरकार को ही कर देते रहे हैं लेकिन चीन की चालबाजी देखिए कि उसने इस क्षेत्र पर कब्जा करके साल 2017 में इसे तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र साथ मिला दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कई घर जो कभी नेपाल का हिस्सा हुआ करते थे अब चीन ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। हैरानी की बात यह है कि नेपाल का कृषि मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें चीन के जमीन हड़पने के कई मामलों का खुलासा किया गया है। यही नहीं मंत्रालय ने चार नेपाली जिलों के तहत आने वाले कम से कम 11 जगहों पर नेपाली भूमि पर चीन के कब्जे के बारे में सूचना दी है।
नेपाल के लोगों के लिए दुख की बात यह है कि देश के कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट में चीन की हड़प नीति का जिक्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने चुप्‍पी साध रखी है। वहीं खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि नेपाल ने साल 2005 से ही चीन के साथ सीमा संबंधी मामले को उठाने से परहेज किया है। ऐसा लगता है कि नेपाल की सरकार चीन को अपनी जमीन वापस लेने से रोकना ही नहीं चाहती है

पानी की बर्बादी करने वालों को अब होगी 5 साल की सजा, लगेगा एक लाख रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पानी की बर्बादी करने वालों को अब सावधान रहने की जरूरत है। कोई भी व्यक्ति और सरकारी संस्था यदि भूजल स्रोत से हासिल होने वाले पीने योग्य पानी (पोटेबल वाटर) की बर्बादी या बेवजह इस्तेमाल करता है तो यह एक दंडात्मक अपराध माना जाएगा। इससे पहले भारत में पानी की बर्बादी को लेकर दंड का कोई प्रावधान नहीं था। घरों की टंकियों के अलावा कई बार टैंकों से जगह-जगह पानी पहुंचाने वाली नागरिक संस्थाएं भी पानी की बर्बादी करती है। सीजीडब्ल्यूए के नए निर्देश के अनुसार पीने योग्य पानी का दुरुपयोग भारत में 1 लाख रुपये तक के जुर्माना और 5 साल तक की जेल की सजा के साथ दंडनीय अपराध होगा।
सीजीडब्ल्यूए ने पानी की बर्बादी और बेवजह इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 08 अक्तूबर, 2020 को पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 की धारा पांच की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्राधिकरणों और देश के सभी लोगों को संबोधित करते हुए अपने आदेश में कहा है कि इस आदेश के जारी होने की तारीख से संबंधित नागरिक निकाय जो कि राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में पानी आपूर्ति नेटवर्क को संभालती हैं और जिन्हें जल बोर्ड, जल निगम, वाटर वर्क्स डिपार्टमेंट, नगर निगम, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, पंचायत या किसी भी अन्य नाम से पुकारा जाता है, वो यह सुनिश्चित करेंगी कि भूजल से हासिल होने वाले पोटेबल वाटर यानी पीने योग्य पानी की बर्बादी और उसका बेजा इस्तेमाल नहीं होगा। इस आदेश का पालन करने के लिए सभी एक तंत्र विकसित करेंगी और आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक उपाय किए जाएंगे। देश में कोई भी व्यक्ति भू-जल स्रोत से हासिल पीने योग्य पानी का बेवजह इस्तेमाल या बर्बादी नहीं कर सकता है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजेंद्र त्यागी और गैर सरकारी संस्था फ्रैंड्स की ओर से बीते वर्ष 24 जुलाई, 2019 कोपानी की बर्बादी पर रोक लाने की मांग वाली याचिका पर पहली बार सुनवाई की थी। बहरहाल इसी मामले में करीब एक साल से ज्यादा समय के बाद 15 अक्तूबर, 2020 के एनजीटी के आदेश का अनुपालन करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) ने आदेश जारी किया है।

OmTimes News : दुनियाभर में वायु प्रदूषण से गई 66 लाख से अधिक लोगों की जान, ग्‍लोबल एयर 2020 की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) जलवायु परिवर्तन के बीच लगातार बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्‍टेट ऑफ ग्‍लोबल एयर 2020 की रिपोर्ट में इसको लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदूषण में लंबे समय तक बने रहना जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। वर्ष 2019 में इसकी वजह से पूरी दुनिया में 66 लाख से अधिक मौतें हुई हैं। इस ताजा रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में जिन चार कारणों की वजह से अधिकतर लोगों की मौत हुई उनमें से एक वायु प्रदूषण भी था। रिपोर्ट में कहा गया हे कि इस दौरान मौत का सबसे बड़ा कारण उच्च रक्तचाप, दूसरा कारण तंबाकू का सेवन, तीसरा कारण खराब आहार और चौथा प्रमुख कारण वायु प्रदूषण रहा। इतना ही नहीं, 2019 में बाहरी और घरेलू वायु प्रदूषण के कारण भारत में स्ट्रोक, दिल का दौरा, मधुमेह, फेफड़ों के कैंसर, फेफड़ों की पुरानी बीमारियों और नवजात बच्चों में होने वाले रोगों से 16 लाख से अधिक मौतें हुई हैं।
स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर स्टडी के लेखकों का कहना है कि इंसान की सेहत पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के बावजूद दुनिया के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बहुत कम या ना के बराबर प्रगति हुई है। इस शोध के मुताबिक भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल समेत दक्षिण एशियाई देश साल 2019 में पीएम 2.5 के उच्चतम स्तर के मामले में शीर्ष 10 में रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने वर्ष 2019 में नेशनल क्‍लीन एयर प्रोग्राम की शुरुआत की थी। लेकिन ये प्रोग्राम कई तरह के विवादों और कानूनी तामझाम की भेंट चढ़ गया। प्रदूषण कम करने की योजना के तहत अप्रैल 2020 में भारत सरकार ने वाहनों के लिए भारत स्‍टेज 6 की शुरुआत की। इसका असर आने वाले कुछ वर्षों में देखने को मिल सकता है। इस रिपोर्ट में वैश्विक महामारी कोविड-19 के भारत में प्रभाव के फलस्‍वरूप ये भी कहा है कि इसके पूरी तरह से लागू होने में कुछ समय और भी लग सकता है।
चीन में बढ़ते प्रदूषण पर टिप्‍पणी करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां पर वर्ष 2013 और 2017 में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पांच वर्षीय प्रोग्राम शुरू किया गया था। इसके अलावा 2010 और 2019 में भी इसके की साथ एक अन्‍य प्रोग्राम चलाया गया था, जिसकी बदौलत चीन अपने यहां पर करीब 30 फीसद तक प्रदूषण को कम कर पाया था। इसके साथ ही उसने कोयले के इस्‍तेमाल की जगह प्राकृतिक गैस का उपयोग शुरू किया। हालांकि रिपोर्ट में कोविड-19 की बदौलत यहां की अर्थव्‍यवस्‍था में जो गिरावट आई है उसकी वजह से प्रदूषण के दोबारा बढ़ने की आशंका जताई गई है।
पाकिस्‍तान का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि यहां पर सरकार की विभिन्‍न एजेंसियों में इसको कम करने को लेकर किसी भी तरह का कोई तालमेल दिखाई नहीं देता है। ये हाल तब है जब सुप्रीम कोर्ट इसको लेकर बार बार चेतावनी दे रहा है। खेतों में पराली जलाए जाने, वाहनों से निकलते जहरीले धुएं को कम करने, कम प्रदूषण के लिए उच्‍च मापदंड के वाहनों का इस्‍तेमाल करने जैसी किसी भी उपाय का इस्‍तेमाल नहीं किया जा रहा है।
इस रिपोर्ट में विकासशील देशों की श्रेणी में सबसे निचले पायदान पर आने वाले देशों के बारे में कहा गया है कि यहां की हवा सबसे अधिक प्रदुषित है। इनमें ज्‍यादातर देश अफ्रीका महाद्वीप के हैं। इसमें कहा गया है कि वर्ष 2019 में भारत और उप-सहारा अफ्रीका में पैदा हुए लाखों नवजात शिशुओं में से ज्यादातर की मौत प्रदूषण के कारण हुई। इसमें इसकी बड़ी वजह खाना पकाने में इस्‍तेमाल हुए ईंधन से निकले धुएं को बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान करीब 4,76,000 नवजात शिशुओं की मौत का कारण वायु प्रदूषण बना। ग्लोबल एयर स्टडी के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से हुई कुल मौतों में से दो तिहाई मौतों का कारण खराब गुणवत्ता वाला ईंधन था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान उप-सहारा क्षेत्र में करीब 2,36,000 शिशुओं और भारत में करीब 1,16,000 से अधिक शिशुओं की मौत इसी वजह से हुई। पाकिस्‍तान में इसकी वजह से 50,000 नवजात शिशुओं की मौत हुई है।
इस रिपोर्ट में नवजात या गर्भ में पल रहे शिशुओं को लेकर भी एक खुलासा किया गया है। इसके मुताबिक प्रदूषण के खतरनाक स्‍तर पर होने और इसके संपर्क में लबे समय तक बने रहने की वजह से गर्भ में पल रहे शिशु आमतौर पर अपरिपक्‍व के तौर पर पैदा होते हैं। इससे उनकी जिंदगी को खतरा भी अधिक होता है। ऐसे में यदि वो जिंदा रह भी जाते हैं तो इसका असर उनके शरीर पर साफतौर पर दिखाई देता है। इस रिपोर्ट में 64 फीसदी मौतों की वजह घरेलू वायु प्रदूषण बताया गया है। 

OmTimes News : यूपी की योगी सरकार श्रमिकों को भ्रमण और तीर्थ के लिए देगी आर्थिक मदद, साथ ही बेटियों को किताबों के लिए मिलेंगे 7,500

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स )  कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में मजदूर और उनके परिवारों को आर्थिक मदद देने वाली योगी सरकार ने उनके लिए कुछ और मदद का फैसला यूपी सरकार ने लिया है। श्रमिकों को भ्रमण-तीर्थ, उनकी उच्च शिक्षा ले रही बेटियों को किताबें और खेल में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके लिए श्रम कल्याण परिषद की तीन योजनाएं जल्द लागू होने जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद की बैठक बुधवार को मुख्य सचिव आरके तिवारी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रम सुरेश चंद्रा ने तीन योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। मुख्य सचिव बताया कि श्रमिकों को धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए स्वामी विवेकानंद ऐतिहासिक पर्यटन यात्रा योजना के तहत 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना को आइसीटीसीआर या पर्यटन विभाग की किसी अन्य योजना के माध्यम से चलाया जाएगा।
निर्णय लिया गया कि महादेवी वर्मा पुस्तक क्रय आर्थिक सहायता योजना के तहत कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की उच्च शिक्षा में अध्ययनरत बेटियों को किताबें खरीदने के लिए 7500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों के बच्चों को भी सरकार प्रोत्साहन राशि देगी। इसमें जिला स्तर पर चयन होने पर 10 हजार रुपये, राज्य स्तर पर 25 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर पर 50 हजार रुपये और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन होने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया गया है।
मुख्य सचिव ने लाभार्थियों के चयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। समिति में क्षेत्रीय उप श्रमायुक्त और जिला खेल अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

OmTimes News : प्रधान मंत्री मोदी ने कहा, जब तक वैक्‍सीन नहीं आती, तब तक कोरोना से जंग जारी रहेगी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बदलते मौसम और ठंड के साथ बढ़ते प्रदूषण में कोरोना संक्रमण की आशंका के बावजूद बेखौफ और बेपरवाह होते लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सचेत कर दिया है। मंगलवार को देश के नाम संबोधन में उन्होंने अमेरिका, ब्राजील और यूरोपीय देशों का हवाला देते हुए सचेत किया कि तब तक निश्चिंत नहीं होना है जब तक कोरोना की वैक्सीन या दवा न आ जाए। उन्होंने कहा- ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।’
प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर सुबह से देश की नजरें टिकी थीं। तरह तरह की अटकलों का बाजार भी गर्म था। लेकिन प्रधानमंत्री ने खुद को कोरोना के प्रति जागरुकता तक सीमित रखा। ध्यान रहे कि कुछ दिन पहले ही सरकार के स्तर पर जागरुकता अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत 95 करोड़ लोगों तक पहुंचने की योजना है।
संभवत: इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने छोटा लेकिन अहम संदेश देते हुए कहा- हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि लॉकडाउन भले ही चला गया हो, लेकिन वायरस नही गया है। कई वीडियो में दिखता है कि लोगों ने सतर्कता कम कर दी है जो परिवार के लिए खतरा है।’ कांग्रेस नेताओं की ओर से लग रहे आरोपों का परोक्ष जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के सहारे कहा कि भारत में प्रति 10 लाख लोगों में पांच हजार लोगों को कोरोना हुआ है, जबकि अमेरिका और ब्राजील जैसे देशो में 25 हजार है। भारत में प्रति 10 लाख लोगों में 83 मृत्यु हुई है। जबकि अमेरिका ब्राजील ब्रिटेन जैसे देशों में यह 600 के पास है।
कई सुविधा संपन्न देशों की तुलना में भारत ज्यादा-से ज्यादा लोगों को बचाने में सफल रहा है। अभी भी देश में 90 लाख से अधिक बेड की सुविधा उपलब्ध है। वैक्सीन पर देश विदेश में बहुत काम हो रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वैक्सीन जब भी आएगी, प्रत्येक भारतीय तक पुहंचगी। इसकी तैयारी जारी है। लेकिन उससे पहले सावधानी जरूरी है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है,  हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है। जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाना  और सतर्कता ये दोनो साथ साथ  चलेंगे तभी जीवन में ख़ुशियाँ बनी रहेंगी। दो गज की दूरी,  समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना  और  मास्क का ध्यान रखिए।
दरअसल, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अक्सर अपने ट्वीट में आंकड़े पेश करते हैं। प्रधानमंत्री ने भी आंकड़ा दे दिया। वहीं दो दिन पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान से कहा था कि पाकिस्‍तान में भारत के मुकाबले ज्यादा अच्छा कोरोना प्रबंधन हुआ है।
कोरोना के संकट को कम मानकर लापरवाही करने वालों को समझाते हुए पीएम मोदी ने रामचरित मानस की एक पंक्ति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘रिपु रुज पावक पाप, प्रभु अहि गनिअ न छोट करि।’ यह पंक्ति अरण्यकांड की है। इसमें बताया गया है कि शत्रु, रोग, अग्नि और पाप को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

बिहार से ऐसी सूचना सामने आ रही है कि जहां चुनावी उत्साह में लोग कोरोना से बचाव के तौर तरीकों को ताक पर रख रहे हैं। लापरवाही को लेकर वैज्ञानिकों की ओर से भी आगाह किया गया है। हालांकि यह उत्साहव‌र्द्धक है कि मंगलवार को पिछले तीन महीने में पहली बार देश का प्रतिदिन कोरोना आंकड़ा घटकर 50 हजार के पास पहुंच गया है। लेकिन इसके कारण होने वाली लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्‍टर्स,  नर्स, हेल्‍थ वर्कर्स  इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है। ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है। हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें,  वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है। ये ठीक नहीं है। 

OmTimes News : राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित इंस्पेक्टर पर आतंकियों ने बरसाई गोलियां

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  आतंकियों ने फिर कायरतापूर्ण हरकत करते हुए दक्षिण कश्मीर के चंदपोरा (अनंतनाग) में सोमवार को मस्जिद में नमाज पढ़कर बाहर निकले एक निहत्थे पुलिस इंस्पेक्टर पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई। आतंकियों के इस हमले में राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित जांबाज इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट वीरगति को प्राप्‍त हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ (द रसिस्टेंस फ्रंट) ने ली है। इंस्पेक्टर बट जल्द ही उपाधीक्षक पद पर पदोन्नत होने वाले थे।
पुलवामा के लिथरपोरा में स्थित पुलिस के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में तैनात मुहम्मद अशरफ कुछ दिन पहले छुट्टी लेकर घर आए थे। वह सोमवार शाम नमाज अदा करने के लिए घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मस्जिद में गए थे। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकलकर अपने घर की तरफ बढ़े ही थे कि अचानक आए आतंकियों ने उन पर बेहद करीब से गोलियां बरसा दीं। अशरफ वहीं गिर पड़े। वारदात को अंजाम दे आतंकी भाग निकले। सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट ने आतंक विरोधी कई अभियानों में हिस्सा लिया था। कुपवाड़ा में 2019 के दौरान थाना प्रभारी रहते उन्होंने जिले में कई नामी आतंकियों को मार गिराने और उनके ओवरग्राउंड वर्करों को पकड़ने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी।.
शहीद इंस्पेक्टर मुहम्मद अशरफ बट को देर शाम जिला पुलिस लाइन में अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। आइजीपी कश्मीर विजय कुमार, डीआइजी दक्षिण कश्मीर रेंज अतुल कुमार गोयल, एसएसपी अनंतनाग, एसएसपी पुलवामा और एसएसपी अवंतीपोर समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व जवानों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र और फूलमालाएं भेंट कीं। इसके बाद तिरंगे में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके पैतृक गांव चंदपोरा में उसके परिजनों के पास ले जाया गया।

सोमवार सुबह पुलवामा जिले के गंगू इलाके में सुरक्षा बलों का एक दल नियमित गश्त पर पर था। गंगू गांव के बाहरी छोर पर एक बाग में छिपे आतंकियों ने इस दल पर हमला कर दिया। इसमें सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। अन्य जवानों ने उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाते हुए आतंकियों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद करीब 25 मिनट तक मुठभेड़ चली। इसी दौरान आतंकी भाग गए। देर रात तक तलाशी अभियान जारी था। 

OmTimes News : ब्रह्म सेना प्रकोष्ठ सिद्धार्थनगर के जिला अध्यक्ष बनाये गये अविनाश द्विवेदी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार अविनाश द्विवेदी को अखिल विश्व ब्राम्हण हिंदुत्वशक्ति मोर्चा द्वारा ब्रह्म सेना प्रकोष्ठ सिद्धार्थनगर का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया है! यह मनोनयन पूर्वांचल अध्यक्ष संजयन मिश्रा उर्फ सनी मिश्र की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष संगम तिवारी द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष शेषधर पांडेय के आशीर्वाद से किया गया है! अविनाश द्विवेदी को सिद्धार्थनगर जिले का जिलाध्यक्ष मनोनीत किये पर दीपक मिश्रा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित अनेक लोगों ने हार्दिक बधाई दिया है! आपको बतादें कि यह संठन सरकार द्वारा नई दिल्ली से पंजीकृत है!

OmTimes News : स्मारक घोटाले में महंगे पत्थर खरीद के नाम पर सरकार को लगाया 1400 करोड़ का चूना, चार्जसीट दाखिल

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) बसपा सरकार के बहुचर्चित स्मारक घोटाले में विजिलेंस ने खनन निदेशालय के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारुखी सहित छह आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। इस मामले में बीएसपी सरकार में माया के सबसे करीबी मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी आरोपी हैं।
इन पर आरोप है कि सभी ने खुद को और दूसरों करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए मिलीभगत कर मनमाने ढंग से मीरजापुर सैंड स्टोन पत्थरों की दरें तय करके आपूर्ति करवाई और करोड़ों रुपये का हेरफेर किया। दाम ज्यादा दिखाने के लिए पत्थरों की खरीद कहीं से हुई, कटान कहीं हुई और सप्लाई कहीं और से की गई।
इससे सरकार के राजस्व और खजाने को काफी नुकसान हुआ। जिलेंस के सूत्रों के मुताबिक शनिवार को लखनऊ स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक सुहैल अहमद फारुखी, उप्र राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन इकाई प्रभारी अजय कुमार, एसके त्यागी, होशियार सिंह के अलावा कंसोर्टियम प्रमुख पन्ना लाल यादव व अशोक सिंह को आरोपित ठहराया गया है। इन पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
लोकायुक्त ने इस घोटाले के लिए 199 लोगों को जिम्मेदार बताया था। इसमें एक विधायक, दो पूर्व विधायक, खनन विभाग के पांच अधिकारी, राजकीय निर्माण निगम के 57 इंजिनियर व 37 लेखाकार, एलडीए के पांच इंजिनियर, पत्थरों की आपूर्ति करने वाली 60 फर्में व 20 कंसोर्टियम प्रमुख, दो वकील और आठ बिचौलियों के नाम सामने आए थे। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में नसीमुद्दीन व कुशवाहा से घोटाले की राशि का 30 प्रतिशत, सीपी सिंह से 15 और फारुखी से 5 प्रतिशत वसूली की सिफारिश की थी। पत्थरों की आपूर्ति करने वाली 60 फर्मों और 20 कंसोर्टियम से भी वसूली की सिफारिश की गई थी।

OmTimes News : अंतरिक्ष में रॉकेट और सेटेलाइट का टुकड़ा टकराने से बाल-बाल बचा , स्पेस में टला बड़ा हादसा

न्यूयॉर्क / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अंतरिक्ष के क्षेत्र से एक राहत भरी की खबर सामने आई है। अंतरिक्ष में मलबे के तौर पर पड़ी रूसी सेटेलाइट और एक निष्क्रिय चीनी रॉकेट के बीच संभावित टक्कर का खतरा टल गया है। स्पेस जंक को ट्रैक करने वाली कैलिफोर्निया की कंपनी लियोलैब्स ने आशंका जताई थी कि इन दो ऑब्जेक्ट्स की टक्कर होने पर कई सेटेलाइट्स को नुकसान पहुंच सकता है।
लियोलैब्स ने कहा कि रूसी सेटेलाइट और निष्क्रिय चीनी रॉकेट का संयुक्त द्रव्यमान लगभग 2800 किलोग्राम था। स्पेस डॉट कॉम ने बताया कि यदि दोनों ऑब्जेक्ट्स की आपस में टक्कर हो जाती तो मलबे का एक विशाल बादल पैदा हो गया होता। क्योंकि वे 52950 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ एक-दूसरे की तरफ बढ़ रहे थे। शुक्रवार को 1256 जीएमटी पर दोनों ऑब्जेक्ट्स एक-दूसरे के काफी करीब थे।
गनीमत रहा कि यह आपस में टकराए नहीं। दोनों ऑब्जेक्ट्स को कॉस्मोस 2004 और सीजेड-4सी आर/बी नाम दिया गया था। लियोलैब्स ने अपने एक ट्वीट में जानकारी दी है कि उनके हालिया डाटा यह पुष्टि करते हैं कि कॉस्मोस 2004 अभी भी बरकरार है। कंपनी ने बताया कि वह इस पर नजर बनाए हुए है और भविष्य के जोखिम पर जानकारी साझा करती रहेगी। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की ओर से अंतरिक्ष मलबे पर जारी की गई एक रिपोर्ट का अनुमान है कि वर्तमान में अंतरिक्ष में एक 10 सेंटीमीटर से बड़ी 34000 वस्तुएं मलबे के रूप में घूम रही हैं।
दुनिया का पहला कृत्रिम उपग्रह स्पिुनिक-1 1957 में लांच किया गया था। इसके बाद से विभिन्न देशों की ओर से कई हजारों उपग्रह भी भेजे जा चुके हैं। दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियां ऐसे मलबे पर नजर भी रखती हैं। फिर भी इनकी बढ़ती तादाद को देखते हुए इन्हें ट्रैक करना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। यदि यह मलबा आपस में टकराता है तो इससे अंतरिक्ष में स्थापित सेटेलाइ्टस को क्षति पहुंच सकती है।
अंतरिक्ष का मलबा यानी स्पेस जंक से तात्पर्य यह है कि कुछ ऐसा अवशेष जो नष्ट हो गया हो या टूट गया हो। इसमें खंडित और पुराने उपग्रहों और रॉकेट के अवशेषों को शामिल किया जाता है। ये अवशेष पृथ्वी की कक्षा में गुरुत्वाकर्षण बल के कारण घूमते रहते हैं और एक-दूसरे से टकराते रहते हैं तथा मलबे पैदा करते हैं। इनकी संख्या अंतरिक्ष में दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

OmTimes News : इस्लामिक बैकिंग घोटाला मामले में आइजी समेत 28 पर सीबीआई का चार्जशीट

बेंगलुरु ( ऊँ टाइम्स)  इस्लामिक नियमों के हिसाब से निवेश करने का झांसा देकर किए गए 4,000 करोड़ रुपये के आइ-मोनेटरी एडवाइजरी बैंकिंग घोटाले में सीबीआइ ने शनिवार को 28 आरोपितों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। आरोपितों में आइजी हेमंत निंबालकर और एसपी अजय हिलोरी जैसे वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी भी शामिल हैं। सीबीआइ का आरोप है कि कर्नाटक सरकार के राजस्व अधिकारियों के साथ इन अधिकारियों ने आइएमए के खिलाफ प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों पर अपनी पूछताछ और जांच-पड़ताल बंद कर दी थी। 
आप को बतादे कि कंपनी के नाम में ‘आइ’ परिभाषित नहीं है, लेकिन इसका आशय ‘इस्लामिक’ माना जाता है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में दायर आरोप पत्र में सीबीआइ ने आइएमए के प्रबंध निदेशक मुहम्मद मंसूर खान और बेंगलुरु नॉर्थ सब डिवीजन के तत्कालीन सहायक आयुक्त एलसी नागराज सहित अन्य को भी आरोपित बनाया है। 
इनके अलावा, तत्कालीन डीएसपी (सीआइडी) ईबी श्रीधर, कॉमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने के तत्कालीन एसएचओ एम. रमेश और थाने के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर पी. गौरीशंकर को भी आरोपित बनाया गया है। रिजर्व बैंक और आयकर विभाग द्वारा चेताए जाने के बावजूद आइएमए जब गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त थी तब निंबालकर सीआइडी की आर्थिक अपराध शाखा में आइजी और हिलोरी बेंगलुरु पूर्व के पुलिस उपायुक्त के रूप में पदस्थ थे। 

आरोपियों को दे दी थी क्‍लीन चिट – आइएमए का मुख्यालय कॉमर्शियल स्ट्रीट पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में ही आता है। सीबीआइ ने आइएमए के निदेशकों निजामुद्दीन, नसीर हुसैन, नवीद अहमद, वसीम, अरशद खान और अफसर पाशा को भी आरोपित किया है। सीबीआइ प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा, आरोपितों ने कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई नहीं की बल्कि इसके बजाय क्लीन चिट दे दी और कहा कि उक्त निजी कंपनी किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं थी। 
इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त कंपनी की अवैध गतिविधियां बेरोकटोक जारी थीं और हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए थे। जांच एजेंसी ने पाया कि आरोपित पुलिस अधिकारियों ने इस वित्तीय धोखाधड़ी के लिए कथित रूप से रिश्वत ली थी। बता दें कि सीबीआइ इस मामले में इससे पहले दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। शुरुआत में राज्य पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही थी, लेकिन बाद में जांच सीबीआइ को सौंप दी गई थी।
यह घोटाला 2018 में सामने आया था जिसमें कंपनी ज्यादा ब्याज का लालच देकर मासिक योजना, शिक्षा योजना, विवाह योजना जैसी विभिन्न पोंजी योजनाओं के लिए गैरकानूनी तरीके से लोगों से धन एकत्रित कर रही थी। जब रिटर्न देने का समय आया तो मंसूर खान दुबई फरार हो गया था। उसे पिछले साल 19 जुलाई को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में है।

OmTimes News : बहू को है सास-ससुर के घर में रहने का अधिकार, सुप्रीम कोर्ट का आया बड़ा फैसला

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक एक ऐतिहासिक फैसला दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को अपने पति के माता-पिता के घर में रहने का अधिकार है। न्यायाधीश अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने तरुण बत्रा मामले में दो न्यायाधीशों की पीठ के फैसले को पलट दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि परिवार की साझा संपत्ति और रिहायशी घर में भी घरेलू हिंसा की शिकार पत्नी को हक मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस बाबत दिए अपने फैसले में साफ कहा है कि पीड़ित पत्नी को अपने ससुराल की पैतृक और साझा संपत्ति यानी घर में रहने का कानूनी अधिकार होगा। पति की अर्जित की हुए संपत्ति यानि अलग से बनाए हुए घर पर तो अधिकार होगा ही। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में घरेलू हिंसा कानून 2005 का हवाला देते हुए कई बातें स्पष्ट की है।
पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दो सदस्यीय पीठ के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब भी दिए।पीठ ने यह फैसला साल 2006 के एसआर बत्रा और अन्य बनाम तरुण बत्रा के मामले की सुनवाई करते हुए सुनाया।
गौरतलब हो कि तरुण बत्रा मामले में दो जजों की पीठ ने कहा था कि कानून में बेटियां, अपने पति के माता-पिता के स्वामित्व वाली संपत्ति में नहीं रह सकती हैं। अब तीन सदस्यीय पीठ ने तरुण बत्रा के फैसले को पलटते हुए 6-7 सवालों के जवाब दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पति की अलग-अलग संपत्ति में ही नहीं, बल्कि साझा घर में भी बहू का अधिकार है।
आप को मालूम हो कि पहले दो सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि एक पत्नी के पास केवल अपने पति की संपत्ति पर अधिकार होता है. तरुण बत्रा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निधि गुप्ता ने ने दलील पेश की। उन्होंने कहा कि अगर बहू संयुक्त परिवार की संपत्ति है, तो मामले की समग्रता को देखने की जरूरत है। साथ ही उसे घर में निवास करने का अधिकार है। इसके बाद अदालत ने दलील को स्वीकार कर लिया।

OmTimes News : जिनके मोबाइल में आयोग्य सेतु ऐप होगा उसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश, संस्कृति मंत्रालय ने जारी किया नया दिशा-निर्देश

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) संस्कृति और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर केंद्र सरकार ने नया दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत ऐसे में कार्यक्रमों में सिर्फ उन्ही को शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, जिनके मोबाइल में आरोग्य सेतु एेप होगा, और वह भी ग्रीन होगा। इनमें कलाकार और दर्शक दोनों ही शामिल होंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के मास्क पहनना जरूरी होगा। साथ ही कार्यक्रम में सभी के लिए दो गज की दूरी जरूरी होगी।
संस्कृति मंत्रालय ने गुरूवार को यह दिशा-निर्देश उस समय जारी किए है, जब गृह मंत्रालय के हाल दिए गए अपने निर्देश में सिनेमा, थियेटर सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन को 15 अक्टूबर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। इस बीच मंत्रालय ने जारी अपने दिशा-निर्देशों में स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के निर्देशों को पालन करने के भी निर्देश दिए है।
मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना के कंटेनमेंट जोन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रोक जारी रहेगी। आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि वह सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराएं। यदि आयोजन खुली जगह में हो रहा है तो वहां शारीरिक दूरी बनानी होगी। किसी हॉल में आयोजन होने की दशा में क्षमता का 50 फीसद ही लोगों को शामिल होने की इजाजत होगा!

लोगों को थर्मल जांच के बाद ही कार्यक्रम में प्रवेश मिलेगा। सभी को फेस मास्‍क लगाना, हेंड वॉश या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल अनिवार्य होगा। बिना मास्क के एंट्री नहीं मिलेगी। सीटों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी होगी। कार्यक्रम स्थल के प्रवेश और निकास द्वार पर हैंड सैनेटाइजर की व्‍यवस्‍था होनी चाहिए। कार्यक्रम स्थल पर थूकने की मनाही होगी। हॉल के भीतर एसी का तापमान 24 से 30 डिग्री सेंटिग्रेट पर नियंत्रित होना चाहिए। यही नहीं हॉल में क्रॉस वेंटिलेशन भी होना जरूरी है!
गाइडलाइन में कहा गया है कि प्रस्‍तुति के पहले और बाद में स्‍टेज सेनेटाइज किया जाना चाहिए। आयोजक सामानों को कम से कम कॉन्टैक्ट में लाएं। कलाकारों के सामान भी सेनेटाइज होने चाहिए। क्रू मेंबर और कलाकारों को पैक्ड फूड ही दिया जाएगा। बेहतर होगा कि कलाकार घर से लाया खाना खाएं। ऑडिटोरियम में खाना पीना सर्व नहीं किया जा सकता है। यही नहीं कैफेटेरिया में भीड़ नहीं होनी चाहिए और वहां बैठे लोगों को शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। आयोजन स्‍थल पर डस्टबिन होना जरूरी है। 

OmTimes News : यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने शोहदों व दुराचारियों के खिलाफ चालू किया महाअभियान

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में शोहदों और दुराचारियों के विरुद्ध महाभियान छेड़ने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि महिलाओं, बेटियों, नाबालिग बच्चों और अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अपराध करने वालों का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि वह गले मे तख्ती लटकाकर माफी मांगते फिरें या प्रदेश छोड़कर भाग जाएं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे ‘मिशन शक्ति के पहले चरण में नौ दिनों तक हर थाने में ऐसे असामाजिक तत्वों की सूची बनाएं। इनकी गतिविधियों पर नजर रखें। विजयादशमी के ठीक बाद इन पर कार्रवाई का अभियान शुरू करें। इनके परिवारीजन से इनकी कारस्तानी बताते हुए इनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसी कार्रवाईयों की दैनिक रिपोर्टिंग हो और शासन स्तर पर इसकी समीक्षा हो। घोषित दुराचारियों की चौराहों पर फोटो भी लगाएं।

नवरात्र, दशहरा, दीपावली सहित आगामी त्योहारों के दृष्टिगत बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तैयारियों का जायजा ले रहे थे। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा जनपदीय अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, धर्म गुरु अथवा किसी जनप्रतिनिधि के साथ हुए अपराध की गम्भीरता और संवेदनशीलता के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासन के अधिकारी विशेष ध्यान दें। इसमें लापरवाही न हो।
हालिया कतिपय आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग को सक्रियता, तत्परता, संवेदनशीलता और कठोरता की नीति अपनाने का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर के अधिकारी त्वरित, प्रभावी और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना के बाद तुरंत मौके पर पहुंचे। अफवाहबाजों से सख्ती से निपटें और सही तथ्य से जनता को अवगत कराएं, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न फैले। देर से हुई कार्रवाई कभी सही नहीं कही जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहार के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासन सतर्क रहे। रामलीला व दुर्गा पंडालों पर महिला पुलिस कर्मी सादे वर्दी में तैनात रहें। ड्रोन से निगरानी हो।
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि थाना स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों में अब पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय होगी। किसी माफिया या अपराधी के साथ किसी अधिकारी की संलिप्तता मिली तो उस अधिकारी के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई होगी, जो नजीर बनेगी। वन माफिया, पशु माफिया, खनन माफिया, ठेका माफिया, दंगा माफिया और इनको प्रश्रय देने वालों पर पूरी सख्ती से निपटें। जीरो टॉलरेंस की नीति जमीन पर साफ दिखनी चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि सोशल मीडिया के विस्तृत प्रभाव को देखते सतर्कता बरतें।
जनप्रतिनिधियों को डीएम व एसपी स्वयं फोन करें : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी की अनुशासित पुलिस फोर्स को अनुशासन हीन फोर्स के रूप में बदनाम करने की कुछ लोगों की मंशा है। ऐसे लोगों की कुत्सित प्रयास कतई सफल नहीं होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को डीएम व एसपी स्वयं फोन करें। हर कार्यक्रम की सूचना उन्हें जरूर दें। शासन के सभी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि खनन का कार्य शुरू हो गया है। शुचिता बनी रहे। अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इसकी जवाबदेही डीएम और एसपी की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गिट्टी, मोरम के रेट न बढ़ें।

तेलंगाना और आंध्र में बारिश से 25 लोगों की हुई मौत, प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को दिया हर मदद का भरोसा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश ने लोगों पर जमकर कहर बरपाया है। दोनों राज्यों में लगभग 25 लोगों की मौत हो गई है। सबसे ज्यादा 15 मौतें तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हुई हैं। आंध्र प्रदेश में 10 लोगों की जान गई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी से बात किया!

लखनऊ व‍िधान सभा भवन के बाहर खुद को आग के हवाले करने वाली महिला की हो गई मौत

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  महाराजगंज निवासी जिस अंजल‍ि नामक महिला ने मंगलवार को विधानभवन के पास खुद को आग के हवाले किया था, उसकी बुधवार शाम को इलाज के दौरान सिविल अस्पताल में मौत हो गई। शाम सवा सात बजे के करीब सिविल अस्पताल के डॉक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद ही महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर सीएमएस डॉ एसके नंदा ने महिला के 90 प्रतिशत जलने की बात कहते हुये उसकी हालत बेहद नाजुक बताई थी ! विधान सभा भवन के पास मंगलवार को महाराजगंज निवासी अंजलि तिवारी उर्फ आयशा को आत्मदाह के लिये राजस्थान के पूर्व राज्यपाल स्व. सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक प्रसाद ने उकसाया था, तभी उसने केरोसिन उड़ेलकर खुद को आग के हवाले कर दिया। आलोक महाराजगंज में अंजलि का पड़ोसी है और यहां गोमतीनगर में भी उसका मकान है, वहीं से उसे मंगलवार रात लखनऊ पुलिस ने हिरासत में लिया था। एसपी महाराजगंज ने लखनऊ पुलिस को आलोक प्रसाद के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध कराए। सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) में भी आलोक की ओर से अंजलि को कई बार फोन के प्रमाण मिले हैं। इसी आधार पर आलोक प्रसाद व अन्य अज्ञात के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत आइपीसी की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। काश उक्त महिला की शिकायत का समाधान हो गया होता तो शायद उस महिला ने यह कदम नहीं उठाया होता!

सपा के मुलायम सिंह यादव हुए कोरोना पांजिटिव, पत्नी सहित मेदांता अस्पताल में भर्ती

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की कोरोना र‍िपोर्ट पॉजिटिव आई है। कल दोपहर उनके बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनको लेकर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल गए थे, जहां जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिले। अखिलेश यादव उपचुनाव को लेकर प्रदेश कार्यालय में चल रही मीटिंग को छोड़ अचानक मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे थे। मेदांंता अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने बताया क‍ि उन्‍हें सांस लेने में द‍िक्‍कत हो रही थी, ज‍िसके बाद उन्‍हें यहां लाया गया था। मुलायम स‍िंंह यादव की कोरोना जांच कराई गई, ज‍िसमें उनकी र‍िपोर्ट पॉज‍िट‍िव आई है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव प‍िछले काफी समय से बीमार चल रहे हैं। इस कारण उन्‍हें कई बार अस्‍पातल में भी भर्ती करवाया जा चुका है। 
समाजवादी पार्टी के संरक्षक व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव एवं उनकी पत्नी साधना को मेदांता अस्पताल में बुधवार रात लगभग साढ़े नौ बजे भर्ती कराया गया है। दोनों कोरोना पाजिटिव हैं। इनके तीन घरेलू सहायकों को भी भर्ती कराया गया है। वे भी कोरोना पाजिटिव हैं। सीनियर फिजिशियन डा. सुशीला कटारिया की देखरेख में सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  ट्वीट कर कहा कि
माननीय नेताजी का स्वास्थ्य स्थिर है। आज कोरोना पॉज़िटिव होने पर गुड़गांव के मेदांता में उन्हें स्वास्थ्य-लाभ के लिए भर्ती कराया था। हम वरिष्ठ डॉक्टरों के निरंतर संपर्क में हैं और समय-समय पर सूचित करते रहेंगे!
‘समाजवादी पार्टी संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के उपरांत चिकित्सकों की देख रेख जारी है। फिलहाल उनमें कोरोना के एक भी लक्षण नहीं हैं।
आप को बता दें क‍ि यूपी में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार और तेज हो गई है। बुधवार को प्रदेश का रिकवरी रेट 90.24 फीसद पहुंच गया। अब तक मिले कुल 4.45 लाख रोगियों में से चार लाख से अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 2,778 नए रोगी मिले और इससे ज्यादा 3,736 मरीज स्वस्थ हुए। वहीं 41 और लोगों की मौत के साथ अब तक कुल 6,507 लोगों की जान यह खतरनाक वायरस ले चुका है। अब एक्टिव केस घटकर 36,898 रह गए हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 26 दिनों में 31,337 एक्टिव केस घटे हैं। 17 सितंबर को एक्टिव केस पीक पर थे और इनकी संख्या 68,235 पहुंच गई थी, मगर इसके बाद से लगातार इसमें कमी आ रही है। प्रदेश में अब तक 13.33 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। 

दूसरी बार राष्‍ट्रपति बनने का ख्‍वाब संजाए ट्रंप का क्या है कमजोर और मजबूत पक्ष, जानिए

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव का दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, चुनावी शोर भी बढ़ने लगा है। राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कोविड-19 से संक्रमित होने और ठीक होने के बाद दोबार चुनावी मैदान में आ गए हैं। वहीं उनके प्रतिद्वंदी डेमोक्रेट पार्टी के जो बिडेन लगातार रैलियां कर अपने समर्थन में वोट मांग रहे हैं। दोनों ही इस चुनाव में अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। हालांकि, दोनों के ही कुछ मजबूत तो कुछ कमजोर पक्ष हैं। आज हम दोनों के इन्‍हीं पक्ष के बारे में आपको जानकारी देंगे। 
   राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मजबूती- ट्रंप ने अपनी छवि एक वैश्विक नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। इस चुनाव में वो लगातार पूरी दुनिया में उनके द्वारा किए गए शांति और विकास प्रयासों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्‍तर कोरिया के साथ संबंधों को बेहतर करने की कोशिश की बदौलत भी उनकी इस छवि को बल मिला है। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने न सिर्फ उत्‍तर कोरिया के तानाशाह को अपना दोस्‍त बताया था बल्कि उनसे तीन बार मुलाकात तक की। वो पहले ऐसे राष्‍ट्रपति भी हैं जो पद पर रहते हुए उत्‍तर कोरिया की सीमा के अंदर गए और किम से हाथ मिलाया। उनके इन्‍हीं प्रयासों की बदौलत कोरियाई प्रायद्वीप में शांति बहाली की उम्‍मीद जगने लगी थी। उनके प्रयासों की बदौलत उत्‍तर और दक्षिण कोरिया में भी संबंध बेहतर हुए थे।.
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में अमेरिका फर्स्‍ट और अमेरिकन फर्स्‍ट का नारा दिया। वो शुरुआत से ही कहते आए हैं कि अमेरिका में पैदा होने वाली नौकरियों पर पहला हक वहां के लोगों का है। यही वजह है कि उन्‍होंने वीजा नियमों को कड़ा किया, जिससे अधिक से अधिक नौकरियां वहां के नागरिकों को मिल सकें।अफगानिस्‍तान से अपनी सेना की वापसी को लेकर ट्रंप ने जो कदम बढ़ाया है उससे वहां पर वर्षों से तैनात सुरक्षाबलों को राहत जरूर मिली है। इस वापसी को सुनिश्चित बनाने के लिए उन्‍होंने अफगानिस्‍तान में न सिर्फ तालिबान से शांतवार्ता की बल्कि उनके साथ समझौता भी किया। इस शांतिवार्ता के अगले दौर में अब तालिबान और अफगानिस्‍तान की सरकार अमेरिका की मध्‍यस्‍थता में बातचीत कर रही है।
ट्रंप ने इंडो पेसेफिक पॉलिसी की शुरुआत की जिसमें भारत को तवज्‍जो मिली। इसकी वजह से भारत का एशिया में कद और बढ़ गया। चीन के बढ़ते कदमा को रोकने की कोशिश के मद्देनजर उन्‍होंने भारत के रुख का समर्थन किया। इसकी वजह से अमेरिका में रहने वाले भारतीयों में उनकी छवि काफी बेहतर हुई। यही वजह है कि डेमोक्रेट का पारंपरिक भारतीय वोट अब बंटा हुआ दिखाई दे रहा है।

ट्रंप की कमजोरी- ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका में सबसे अधिक लोग बेरोजगार हुए हैं। कोविड-19 की ही वजह से लाखों लोगों की जॉब छिन गई है। इन लोगों ने सरकार द्वारा बेरोजगारों को दी जाने वाली आर्थिक मदद के लिए अपना नाम रजिस्‍टर्ड करवाया है।
ट्रंप के कार्यकल में नस्‍लभेद की भी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिसकी वजह से लोगों में ट्रंप के प्रति काफी रोष है। इसी वर्ष में एक अश्‍वेत नागरिक की पुलिस की मार की वजह से जान चली गई थी जबकि दूसरे को पुलिसकर्मियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद गंभीर हालत में अस्‍पताल भर्ती कराया गया था। इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिका के कई राज्‍यों में प्रदर्शन हुए थे।अमेरिका कोविड-19 के मामलों में काफी समय से दुनिया के देशों में शीर्ष पर बना हुआ है। कोविड-19 को लेकर बनने वाली वैक्‍सीन को लेकर भी उन्‍होंने कई बार बयानों को बदला है। इतना ही नहीं उन्‍होंने इस मामले में एक्‍सपर्ट की राय को न सिर्फ दरकिनार किया बल्कि उन्‍हें सार्वजनिकतौर पर नीचा दिखाने की कोशिश भी की। डॉक्‍टर फॉसी इसका जीता जागता उदाहरण हैं।
ट्रंप ने उनके करीबी कहे जाने वाले एनएसए जॉन बॉल्‍टन को पद से हटाने से पहले उनकी सार्वजनिकतौर से आलोचना की थी। इसके बाद उनकी छवि को काफी धक्‍का लगा था।ट्रंप के बारे में कहा जाता है कि उनके द्वारा लिए गए बड़े फैसलों में उनकी बेटी और दामाद की अहम भूमिका होती है। इसी वजह से इन दोनों को पर्दे के पीछे छिपी बड़ी ताकत बताया जाता है। इजरायल-यूएई और इजरायल और बहरीन करार में भी इनकी अहम भूमिका थी।स्‍थानीय मुद्दे पर ट्रंप काफी कमजोर रहे हैं यही वजह है कि वो इस चुनाव में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्दों को उठाकर अपनी किस्‍मत चमकाने की कोशिश कर रहे हैं।उनके कार्यकाल में अमेरिका कई तरह के विवादों में पड़ा है। डब्‍ल्‍यूएचओ को दी जाने वाली अमेरिकी फंडिंग पर रोक, पेरिस समझौते का पालन न करना, वैश्विक संस्‍था डब्‍ल्‍यूएचओ पर लगातार सवाल उठाना, ईरान से परमाणु डील को रद करने जैसे कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिसकी वजह से अमेरिका विवादों में घिरा। अपने कार्यकाल में उन्‍होंने पूर्व की सरकारों के फैसलों को बदलने में ज्‍यादा तवज्‍जो दी।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हो रही भारी बारिश, हाई अलर्ट जारी; दीवार ढहने से 11 लोगों की मौत

हैदराबाद (ऊँ टाइम्स) आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। बारिश की वजह से हुए हादसों में कुल 11 लोगों की मौत हो गई है। भारी बारिश के कारण तेलंगाना में मंगलवार को कई स्थानों पर हुई भारी बारिश के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी के कारण कृष्णा ज़िले में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पिछले दो दिन से यहां हो रही भारी बारिश के कारण बंदलागुड़ा के मोहम्मदिया हिल्स में एक दीवार के ढह जाने से नौ लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं बंदलागुड़ा में मोहम्मदिया हिल्स का निरीक्षण कर रहा था, जहां दीवार के ढहने से नौ लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए हैं। वहां से जाते समय मैंने शमशाबाद में फंसे बस यात्रियों को अपने वाहन से उनके गंतव्य तक पहुंचाया। अब मैं तालाबकट्टा और यसराब नगर जा रहा हूं।’
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश की वजह से कुछ पत्थर दो मकानों की दीवारों पर गिए गए, जिसके कारण आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, और चार अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि इस बीच, मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण इब्राहिमपट्टनम इलाके में एक पुराने मकान की छत ढह जाने से 40 वर्षीय महिला और उसकी 15 वर्षीय बेटी की मौत हो गई।

सिद्धिविनायक मंदिर को खोलने के लिए मंदिर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  महाराष्ट्र के सभी मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाने को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शनकारियों ने मंदिर में प्रवेश करने की भी कोशिश की। भाजपा नेता प्रसाद लाड ने कहा कि हम सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश की मांग कर रहे हैं, अगर हमें प्रवेश नहीं करने दिया गया तो हम अपना जबरन मंदिर में प्रवेश करेंगे। हम चाहते हैं कि राज्य के सभी मंदिरों को खोल दिया जाए। 
 भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने राज्‍य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शराब की दुकानें खोली गई हैं, यहां तक कि उनकी होम डिलीवरी का विकल्प भी दिया गया है लेकिन जो लोग अपनी मानसिक शांति के लिए मंदिर जाना चाहते हैं, उनके बारे में कौन सोचेगा? सरकार छोटे व्यापारियों के बारे में नहीं सोच रही है जिनकी आजीविका मंदिरों पर निर्भर करती है। 

अगले साल भारत को मिल जाएगी कोरोना की 2 वैक्सीन, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया आगे का रणनीति

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत तक आ जाएगा। हर्षवर्धन मंत्रियों के समूह की 21वीं बैठक में यह बोल रहे थे। इस दौरान उनके साथ नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस.जयशंकर भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘हम उम्मीद कर रहे हैं कि अगले साल की शुरुआत में हमें एक से अधिक स्रोतों से कोरोना वायरस की वैक्सीन मिल जाएगी। हमारे विशेषज्ञ समूह देश में वैक्सीन के वितरण की योजना बनाने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।’

इससे पहले रविवार को संडे संवाद में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि भारत जैसे बड़े देश में टीके की आपूर्ति को प्राथमिकता देना कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे संक्रमण का खतरा, विभिन्न जनसंख्या समूह के बीच अन्य रोग का प्रसार, कोविड-19 मामलों के बीच मृत्यु दर और कई अन्य। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम स्थान तक टीके की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आए।
अमेरिकी दवा निर्माता फीजर व उसकी जर्मन साझेदार बायोएनटेक, अमेरिकी मॉडर्ना तथा ब्रिटेन की एस्ट्राजेनेका व सहयोगी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता दो महीने से ज्यादा समय से चल रहे बड़े पैमाने पर परीक्षण के परिणाम के बारे में सबसे पहले जानकारी दे सकते हैं। हालांकि जानसन एंड जानसन की वैक्सीन का ट्रायल रोक दिया गया है।.
कंपनियां फिलहाल वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के प्रभाव का आकलन कर रही हैं। वह देख रही हैं कि जिन स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन दी गई और जिन्हें डमी वैक्सीन दी गई उनके स्वास्थ्य में क्या बदलाव आए हैं। हालांकि, परीक्षण में शामिल वॉलंटियर्स व डॉक्टर भी यह नहीं जानते हैं कि किसे वैक्सीन दी गई और किसे डमी वैक्सीन दी गई।
अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन व विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन के प्रभाव के आकलन के लिए एक समान न्यूनतम मानक तय किए हैं। इनका मानना है कि वैक्सीन का प्रभाव कम से कम 50 फीसद दिखना चाहिए। यानी, परीक्षण में शामिल जिन वॉलंटियर्स को डमी वैक्सीन दी गई है उनके मुकाबले सही वैक्सीन वालों पर दोगुना प्रभाव दिखाना चाहिए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हुए कोरोना नेगेटिव, फ्लोरिडा में हुआ चुनावी अभियान शुरू

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) पुन: जाँच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कोरोना टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आया है। व्हाइट हाउस के फिजिशियन ने उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने की पुष्टि किया है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के साथ ही ट्रंप ने चुनावी अभियान फिर से शुरू कर दिया है। ट्रंप ने फ्लोरिडा में अपनी चुनावी रैली की शुरुआत सोमवार से कर दी है।
व्हाइट हाउस के फिजिशियन सीन कॉनले ने ट्रंप की कोरोना टेस्ट नेगेटिव होने की जानकारी देते हुए कहा कि अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं, और उन्हें अब किसी संक्रमण का खतरा नहीं है। सीन ने प्रेस सेक्रेटरी कायले मैकनेनी को इस बात की लिखित जानकारी दी है। आप को बता दें कि 3 नवंबर को यूएस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं, ऐसे में पिछले दिनों डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना संक्रमित होने पर चुनावी अभियान प्रभावित हुआ था। अब रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ट्रंप ने संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद चुनावी अभियान शुरू कर दिया है।
ट्रंप ने रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह अब वह काफी शक्तिशाली महसूस कर रहे हैं और चाहते हैं कि हर किसी को चूम लें। राष्ट्रपति ने अपनी रैली में कहा कि एक बार फिर चुनाव में वह जीत हासिल करेंगे और अपने मेक अमेरिका ग्रेट अगेन कैंपेन को आगे की तरफ से जाएंगे। अमेरिका में तीन नवंबर को वोट डाले जाने हैं, उससे पहले अब कैंपेन का आखिरी ट्रेल ही चल रहा है। 
डोनाल्ड ट्रंप के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट रद हो गई थी। इस डिबटे के लिए अगली तारीख पर विचार चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये डिबेट नहीं होती है तो 22 अक्टूबर को होने वाली तीसरी डिबेट को आखिरी डिबेट घोषित किया जा सकता है। 
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब 3 सप्ताह का समय ही शेष है। डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी जो बिडेन से पिछड़ते हुए दिख रहे हैं। ऐसे में ट्रंप जल्दी से जल्दी स्वस्थ होकर वापस प्रचार शुरू करना और रैलियों को संबोधित करना चाह रहे थे। संक्रमित होने के बाद भी ट्रंप सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय रहे। ट्रंप के चुनावी माहौल पर अब नई रौनक आने का आसार है!

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की मांग पर अब सीबीआई करेगी हाथरस घटना की जांच

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) अब  हाथरस कांड के सीबीआइ जांच का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने राज्य सरकार की सिफारिश पर हाथरस कांड की सीबीआइ जांच किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सीबीआइ अब जल्द इस मामले में केस दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू करेगी। राज्य सरकार ने तीन अक्टूबर को सीबीआइ जांच  कराने का निर्णय किया था, जिसके अगले ही दिन गृह विभाग ने सीबीआइ जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस कांड की जांंच के लिए सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने के बाद यह निर्णय लिया था। इसके साथ ही हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। सचिव गृह अध्यक्षता में दर्ज एसआइटी अब भी हाथरस कांड की जांच की रही है। शासन ने उसे जांच पूरी करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। एसआइटी अब सीबीआइ जांच के शुरू होने से पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। 
सीबीआइ के दिल्ली स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने हाथरस कांड की जांच संबंधी अधिसूचना मिलने की पुष्टि की है। जिसके बाद सीबीआइ ने जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआइ की गाजियाबाद यूनिट को यह केस सौंपे जानेे की तैयारी है। जल्द सीबीआइ की एक टीम हाथरस भी पहुंच सकती है। सीबीआइ सबसे पहले पुलिस व एसआइटी की जांच से जुड़े तथ्यों को हासिल करेगी। 
दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड को लेकर 12 अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों को तलब कर रखा है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर अधिकारियों को तलब किया है और मामले में समुचित कार्रवाई न होने की दशा में जांच किसी अन्य एजेंसी से कराए जाने की टिप्पणी भी की थी। 
शनिवार को अवकाश के दिन केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी की है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख के मद्देनजर यह तेजी लाई गई है। गृह विभाग व डीजीपी मुख्यालय के अधिकारी भी शनिवार हाई कोर्ट में जवाब देने की तैयारियों में जुटे रहे। डीजीपी मुख्यालय में इसे लेकर एक अहम बैठक भी हुई। हाथरस कांड में अब तक एसआइटी की जांच से लेकर पुलिस की कार्रवाई में सामने आए सभी तथ्यों को जुटाकर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे सोमवार को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अफसर कोर्ट के समक्ष उस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के साथ ही घटना की सीबीआइ जांच शुरू किए जाने का हवाला भी देंगे। शासन हाई कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

योगी आदित्य नाथ की मांग पर अब सीबीआई करेगी हाथरस घटना की जांच

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) अब  हाथरस कांड के सीबीआइ जांच का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने राज्य सरकार की सिफारिश पर हाथरस कांड की सीबीआइ जांच किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है। सीबीआइ अब जल्द इस मामले में केस दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू करेगी। राज्य सरकार ने तीन अक्टूबर को सीबीआइ जांच  कराने का निर्णय किया था, जिसके अगले ही दिन गृह विभाग ने सीबीआइ जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को भेज दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस कांड की जांंच के लिए सचिव गृह भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने के बाद यह निर्णय लिया था। इसके साथ ही हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। सचिव गृह अध्यक्षता में दर्ज एसआइटी अब भी हाथरस कांड की जांच की रही है। शासन ने उसे जांच पूरी करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है। एसआइटी अब सीबीआइ जांच के शुरू होने से पहले ही अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। 
सीबीआइ के दिल्ली स्थित मुख्यालय के अधिकारियों ने हाथरस कांड की जांच संबंधी अधिसूचना मिलने की पुष्टि की है। जिसके बाद सीबीआइ ने जांच करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीबीआइ की गाजियाबाद यूनिट को यह केस सौंपे जानेे की तैयारी है। जल्द सीबीआइ की एक टीम हाथरस भी पहुंच सकती है। सीबीआइ सबसे पहले पुलिस व एसआइटी की जांच से जुड़े तथ्यों को हासिल करेगी। 
दूसरी ओर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड को लेकर 12 अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों को तलब कर रखा है। हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर अधिकारियों को तलब किया है और मामले में समुचित कार्रवाई न होने की दशा में जांच किसी अन्य एजेंसी से कराए जाने की टिप्पणी भी की थी। 
शनिवार को अवकाश के दिन केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने सीबीआइ जांच की अधिसूचना जारी की है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में 12 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख के मद्देनजर यह तेजी लाई गई है। गृह विभाग व डीजीपी मुख्यालय के अधिकारी भी शनिवार हाई कोर्ट में जवाब देने की तैयारियों में जुटे रहे। डीजीपी मुख्यालय में इसे लेकर एक अहम बैठक भी हुई। हाथरस कांड में अब तक एसआइटी की जांच से लेकर पुलिस की कार्रवाई में सामने आए सभी तथ्यों को जुटाकर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिसे सोमवार को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। अफसर कोर्ट के समक्ष उस रिपोर्ट को प्रस्तुत करने के साथ ही घटना की सीबीआइ जांच शुरू किए जाने का हवाला भी देंगे। शासन हाई कोर्ट में मजबूत पैरवी के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रहा है।

भारत के केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का हुआ निधन, कल होगा अंतिम संस्‍कार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच लोक जनशक्ति पार्टी के संस्‍थापक व केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रामविलास पासवान नहीं रहे। उनके दिल व किडनी ने ठीक से काम करना बंद कर दिया था। इस वजह से कुछ दिनों से उन्हें आइसीयू मशीन के सपोर्ट पर रखा गया था। गुरुवार की शाम 6:05 बजे उन्होंने दिल्ली के फोर्टिस अस्‍पताल में अंतिम सांस ली। वे 74 वर्ष के थे। अभी मिल रही जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह उनका शव केमिकल ट्रीटमेंट के लिए दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान ले जाया गया है। अपराह्न काल में रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर पटना लाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका वाड्रा, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित पक्ष-विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं व केंद्रीय मंत्रियों ने ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। 
राम विलास पासवान की तबीयत बीते कुछ समय से खराब चल रही थी। करीब एक सप्‍ताह पहले अचानक तबीयत खराब हो जाने के कारण तीन अक्‍टूबर को उनके दिल का ऑपरेशन करना पड़ा था। इसके बाद गुरुवार की रात दिल्‍ली के फाेर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट में अंतिम सांस ली। वहां कार्डियोलोजिस्‍ट डॉ. अशोक सेठ के नेतृत्व में उनका इलाज चल रहा था। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गयी।
चिराग पासवान ने पिता की मौत की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया है। उन्‍होंने लिखा है कि पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन वे जहां भी हैं, साथ हैं।
राम विलास पासवान को राजनीति का बड़ा मौसम वैज्ञानिक माना जाता था। सरकार किसी की भी रही, राम विलास पासवान हमेशा सत्‍ता में रहे। खास बात यह रही कि उन्‍होंने हमेशा चुनाव के पहले गठबंधन किया, चुनाव के बाद कभी नहीं। आपात काल के दौरान इंदिरा गांधी से लड़ने से लेकर अगले पांच दशकों तक पासवान कई बार कांग्रेस के साथ, तो कभी खिलाफ चुनाव लड़ते और जीतते रहे।
करीब आधी सदी के अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्‍होंने 11 चुनाव लड़े, जिनमें नौ में उनकी जीत हुई। पासवान के पास छ‍ह प्रधानमंत्रियों के साथ उनकी सरकार में मंत्री रहने रिकॉर्ड है। पासवान ने 1977 के लोकसभा चुनाव में हाजीपुर सीट से जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़जे हुए चार लाख से ज्यादा वोटों से जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद 2014 तक उन्होंने आठ बार लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की। वर्तमान में वे राज्यसभा के सदस्य तथा नरेंद्र मोदी सरकार में उपभोक्‍ता मामलों तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री थे।
राम विलास पासवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार की सुबह नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान ले जाया गया है। वहां केमिकल ट्रीटमेंट के बाद अंतिम दर्शन के लिए उनके सरकारी निवास 12 जनपथ पर रखा जाएगा। दोपहर बाद उनका पार्थिव शरीर पटना ले जाया जाएगा। वहां राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होगा।

रिया चक्रवर्ती को बांबे हाईकोर्ट से शर्तों के साथ मिली वेल, पुलिस स्टेशन में देनी होगी हाजिरी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) सुशांत सिंह की मौत से जुड़े ड्रग मामले में रिया चक्रवर्ती को बड़ी राहत मिली है। बांबे हाई कोर्ट से रिया चक्रवर्ती को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है। हालांकि रिया के भाई शौविक की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। रिया करीब एक महीने से NDPS ऐक्ट के तहत भायखला जेल में बंद थीं। एनसीबी ने रिया से लंबी पूछताछ के बाद 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था।
हाई कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती को सर्शत जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि जमानत के बाद 10 दिनों तक रिया को पुलिस स्टेशन में हाजिरी देनी होगी। वह कोर्ट के आदेश के बिना विदेश नहीं जा सकती हैं, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा। रिया के साथ कोर्ट ने सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को भी ज़मानत दी है, लेकिन शौविक के साथ अब्दुल बासित की ज़मानत याचिका को खारिज कर दिया है! आप को बता दें कि मंगलवार को ही विशेष अदालत ने रिया चक्रवर्ती और उसके भाई शौविक की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया था। विशेष सरकारी वकील अतुल सर्पाडे ने बताया कि एनडीपीएस अदालत ने दोनों को 20 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विशेष अदालत इससे पहले रिया और उसके भाई की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए बांबे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा रिया के मोबाइल फोन से हासिल चैटिंग साझा किए जाने के बाद एनसीबी ने इस मामले का जांच शुरू किया था। ड्रग चैट सामने आने के बाद एनसीबी ने दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर और करिश्मा प्रकाश से पूछताछ कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय सुशांत मामले से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है।

आतंकियों ने पांपोर में पुलिस-सीआरपीएफ दल पर किया हमला, दो जवान हुए शहीद, 3 घायल, सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर ( ऊँ टाइम्स. omtimes )  कश्मीर के जिला पुलवामा में आतंकवादियों ने तंगन बाइपास मार्ग पर पुलिस और सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी पर पर घात लगाकर हमला किया है। इस हमले में सीआरपीएफ की 110 बटालियन के दो जवान शहीद हो गए हैं, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। शहीद सीआरपीएफ जवानों की पहचान चालक धीरेंद्र और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
करीब 25 मिनट तक फायरिंग हुई और उसके बाद आतंकी भाग निकले हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आतंकी ज्यादा दूर नहीं गए हैं। वे आसपास ही किसी जगह छिपे हैं। हालांकि सुरक्षाबलों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर फरार आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। हमले में दो से तीन आतंकियों के शामिल होने की बात कहीं जा रही है। वहीं घायल जवानों को 92 बेस अस्पताल भर्ती कराया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आतंकवादियों ने यह हमला पंपोर में तंगन बाइपास पर स्थित कंडीजाल पुल के पास पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दल पर किया। बताया जा रहा है कि इस पुल से रोजाना सैन्य वाहन गुजरते हैं। उनकी सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए ही सीआरपीएफ की 110 बटालियन की रोड ओपनिंग पार्टी व पुलिस के कुछ जवान यहां तैनात किए गए थे । आतंकी नाके के पास ही कहीं छिपे हुए थे। उन्होंने मौका पाकर सुरक्षाबलों पर अचानक से हमला बोल दिया।
हमले में दो से तीन आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। दल पर अचानक से की गई गोलीबारी में सीआरपीएफ के 5 जवान घायल हो गए। आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर करीब 25 मिनट तक लगातार गोलीबारी की। जब सुरक्षाबलों ने हमलावरों पर पलटवार किया तो आतंकी मौका पाकर वहां से फरार हो गए। वहीं घायल सीआरपीएफ जवानों को 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया जहां दो जवानों ने जख्मों का ताव न सहते हुए इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। वहीं तीन अन्य जवानों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस की एसओजी और सेना की 50 आरआर बटालियन के जवानों का दल मौके पर पहुंच गया और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आम आदमी गोलीबारी का शिकार न हों इसके लिए हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई है। फिलहाल पांपोर के कंडीजाल पुल के आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत है।

हाथरस कांड : उत्तर प्रदेश सरकार को बदनाम करने में विदेशी ताकत और विदेशी धन का हुआ उपयोग

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स. omtimes )  उत्तर प्रदेश में हाथरस के बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को दलित युवती की बर्बर पिटाई के बाद 29 सितंबर को मौत होने के मामले में यूपी सरकार को बदनाम करने में विदेशी साजिशकर्ता तथा विदेशी मुद्रा का भी जमकर प्रयोग किया गया है। सोशल मीडिया पर फोटो शॉप के प्रयोग से सरकार विरोधी गतिविधियां बढ़ने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिकंजा कसा और लखनऊ में केस दर्ज कराया गया है। इसके बाद से साजिश करने वाली सभी वेबसाइट बंद हो गई हैं और साजिशकर्ता सरकार के प्रहार से बचने के प्रयास में हैं। 
हाथरस कांड के बाद उत्तर प्रदेश में सीएए की तर्ज पर दंगों के साथ जातीय हिंसा को भड़काने की बड़ी साजिश रची गई। मकसद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को बदनाम करना था। इस साजिश में विदेशियों के साथ में हमारे देश के लोग भी खेले। इस बड़ी साजिश का योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजफाश कर दिया है। इस मामले में एक वेबसाइट justiceforhathrasvictim.carrd.co की भूमिका सामने आई है। जिसको विदेशों से फंड मिल रहा था। इसके माध्यम से लोगों को हाथरस कांड के अभियान से अधिक संख्या में जोड़ने का प्रयास चल रहा था। नकली आईडी का प्रयोग करके देश के लोगों को गलत फोटो के साथ हिंसा भड़काने वाली सामग्री भेजी जा रही था। इसमें दिल्ली, कोलकाता व अहमदाबाद से नकली आईडी का उपयोग कर कुछ ही घंटों में हजारों लोगों को जोड़ा गया। 

प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया गया है कि हाथरस की घटना के बाद राज्य में अचानक कई ऐसी वेबसाइट बनकर तैयार हो गईं। जिनका मकसद जातीय तौर पर लोगों को भड़काना है। इन्हीं में से एक जस्टिस फॉर हाथरस नाम से वेबसाइट है, जो सरकार के सबसे पहले निशाने पर आई है। जब सरकार को इस बारे में भनक लगी, तो कई वेबसाइट खुद ही रात-ओ-रात बंद हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों के पास इन सभी वेबसाइट के कंटेंट उपलब्ध हैं। इस बड़ी साजिश की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार को होते ही वेबसाइट ने अपना संचालन बंद कर दिया है। अभी ये वेबसाइट डिलीट हो गई है, लेकिन इसका जो लैंडिंग पेज था उससे मालूम हुआ कि वो फ्री में वेबसाइट बनाने के काम आता है। नाम के प्लेटफॉर्म से दुनियाभर के कई प्रोटेस्ट के लिए वेबसाइट बनाती जाई रही हैं, फिर चाहे अमेरिका में चल रहा ब्लैक लाइव मैटर से जुड़ा कोई प्रोटेस्ट हो या फिर इससे जुड़े कुछ और कांड। 

इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां का शिकंजा कस गया है। पता चला है कि इसको इस्लामी देशों से भारी धन मिल रहा था और उनके संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ भारत से हैं। यह लोग नागरिकता विरोधी बिल (सीएए) के विरोध में देश में दंगे फैलाने की साजिश में शामिल थे। 

वेबसाइट में बताया गया है कि प्रदर्शन के वक्त क्या पहनें, कब किधर भागें। सोशल मीडिया पर कोई रिकॉर्डिंग ना डालें। अगर पुलिस लाठीचार्ज करती है तो क्या हो, प्रदर्शन वाली जगह माहौल भड़के तो कैसे निपटें। इसके साथ ही वेबसाइट पर जानकारी दी गई कि मास्क पहनकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करें, ताकि पहचान ना हो।

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि इस तरह की वेबसाइट का मुख्य लक्ष्य सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश व केंद्र सरकार की छवि को खराब करना है। वेबसाइट पर फर्जी आईडी से कई लोगों को जोड़ा गया। इसके साथ ही इसमें दंगे कैसे करें और फिर दंगों के बाद कैसे बचें, इसके कानूनी उपाय की जानकारी वेबसाइट पर दी गई है। 
हाथरस के चंदपा थाने में दंगों की साजिश करके प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने, अराजकता फैलाने, दंगों के बहाने योगी सरकार को बदनाम करने, अफवाहें फैलाने, पीड़ित के परिवार को गुमराह कर सरकार के खिलाफ भड़काने, फर्जी तस्वीरों, फर्जी सूचनाओं, फोटोशाप्ड तस्वीरों की मदद से नफरत फैलाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज हुई है।
इसके अलावा सोशल मीडिया पर झूठे, आपत्तिजनक, संवेदनहीन और बेहद भड़काऊ पोस्ट डाल कर लोगों में जातीय नफरत पैदा करने, गलत व अप्रमाणिक सूचनाएं सार्वजनिक कर यूपी को दंगों की आग में झोंकने के प्रयास का भी मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक उपरोक्त साजिश के जरिए यूपी की कानून- व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की गई।
हाथरस में मृत दलित युवती के मामले में राजनीति लगातार जोर पकड़ रही है। हाथरस में राजनीतिक जमावड़े के बीच उत्तर प्रदेश की सरकार की ओर से बड़ा दावा किया गया है। यूपी सरकार का दावा है कि नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध में जिस प्रकार प्रदेश में जगह-जगह हिंसा की तरह ही प्रदेश में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया आदि का सहारा लिया जा रहा है। हाथरस की घटना के बाद लगातार इस पर राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। हाथरस में भी कई राजनेताओं और पाॢटयों का जाना हुआ है। जहां पर हजारों की संख्या में समर्थक इकट्ठा हुए हैं।

हाथरस केस की जांच CBI से कराए जाने के लिए मुख्य मंत्री ने दिया आदेश

लखनऊ (ऊँ टाइम्स. omtimes ) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआइ से कराए जाने के आदेश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा कि हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और इससे जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से सीबीआइ जांच की सिफारिश की गई है। मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से ट्वीट कर सीबीआइ जांच कराने की जानकारी दी गई है। योगी सरकार की ओर से सीबीआइ जांच का आदेश ऐसे वक्त आया जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका वाड्रा मृत पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस पहुंचे थे। दोनों नेताओं ने यहां पर पीड़िता के परिवार से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक मुलाकात की।
मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर से सीबीआइ जांच की सिफारिश की जानकारी देने के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद ट्वीट कर कहा कि ‘हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबाआइ) के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है। इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।’ उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने हाथरस कांड का स्वत: संज्ञान लेकर अपर मुख्य सचिव गृह व डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों को 12 अक्टूबर को तलब किया है। कोर्ट ने प्रकरण में ठीक ढंग से कार्रवाई न किए जाने की दशा में किसी अन्य जांच एजेंसी को पड़ताल सौपे जाने पर विचार करने की बात भी कही थी।

हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से @UPGovt इस प्रकरण की विवेचना केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है। इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं।
हाथरस कांड को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में हैं। पहले उन्होंने शुक्रवार रात हाथरस के एसपी व सीओ समेत पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की। योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवती की हत्या की घटना में लचर पर्यवेक्षण के दोषी हाथरस के एसपी विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण की जांच के लिए गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी की पहली रिपोर्ट मिलने पर यह कार्रवाई की थी। उसके बाद शनिवार देर शाम उन्होंने पूरे मामले की सीबीआइ जांच की सिफारिश की है।
मुख्यमंत्री जी ने सम्पूर्ण हाथरस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराए जाने के आदेश दिए हैं।
 यूपी सरकार ने हाथरस कांड की सीबीआइ जांच कराने का बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग प्रकरण की सीबीआइ जांच की सिफारिश संबंधी पत्र केंद्र सरकार को भेजने की तैयारियों में जुट गया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने हाथरस में पीड़ित परिवार से शनिवार को मुलाकात की थी। दोनों अधिकारियों ने वापस आकर शाम को सीएम योगी को हाथरस में सामने आए सभी तथ्यों की विस्तार से जानकारी दी। युवती के परिवार ने हाथरस कांड की पड़ताल कर रही एसआइटी की जांच को लेकर असंतोष भी जताया था। हालांकि बाद में परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रकरण को लेकर हुई कार्रवाई पर संतोष जताया। 
इससे पहले हाथरस के बुलगढ़ी गांव में युवती की मौत को लेकर उठ रहे बवंडर को शांत करने राज्य के अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी और पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी शनिवार को यहां पहुंचे। मृत युवती के स्वजन ने बेटी का अंतिम संस्कार न करने देने और घर पर पुलिस की निगहबानी की शिकायत की। स्वजन ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अफसरों ने उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्वजन अधिकारियों के इस आश्वासन से संतुष्ट भी दिखे।

स्वजन बोले, नार्को टेस्ट जरूरी नहीं : मृतका और आरोपितों के परिवार के नार्को टेस्ट को लेकर बखेड़ा मचा हुआ है। मृतक युवती के पिता ने बताया कि दोनों अधिकारियों से नार्काे टेस्ट के बारे में कोई बात नहीं हुई। युवती के भाई ने टेस्ट को अनावश्यक बताया और कहा कि हम पर विश्वास करें, हम सच बोल रहे हैं, जबकि आरोपित पक्ष सरकार के नार्को टेस्ट कराने के आदेश को सही बता रहा है। आरोपित लवकुश की मां मुन्नी देवी ने कहा कि घटना वाले दिन वह भी अपने खेत पर ही थी। उनका खेत युवती के खेत के पास ही है। युवती खेत में बेहोश पड़ी थी। काफी शोर मचा था। बाद में लोग उसे अस्पताल ले गए।

 पीड़िता के भाई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम चाहते थे कि सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में मामले की जांच की जाए, लेकिन सीबीआइ जांच भी ठीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल जांच से संतुष्टि नहीं है। उन्हें उनके सवालों का जवाब दिया जाए। उन्होंने सवाल दोहराते हुए कहा कि वह जानना चाहते हैं कि जिसकी बॉडी जलाई गई थी वह किसकी थी? अगर वह उनकी बहन का शव था तो उसे इस तरीके से क्यों जलाया गया? डीएम ने उनके साथ बदसलूकी क्यों की?

16 अक्टूबर से खुलेंगे स्कूल, सबसे पहले बुलाए जाएंगे 10 और 12.के छात्र; जानिए, नया गाइडलाइन जारी

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes) कोरोना महामारी के खतरे के कारण बंद पड़े स्कूलों को पंद्रह अक्टूबर के बाद खोलने की केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद अब इन्हें खोलने की तैयारियां तेज हो गई हैं! फिलहाल इन्हें चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। सबसे पहले दसवीं और बारहवीं के छात्रों को स्कूल बुलाया जाएगा। वैसे भी इनकी बोर्ड परीक्षाओं को अब कुछ ही महीने बचे है। ऐसे में इन्हें स्कूल बुलाकर इनके प्रैक्टिकल सहित बाकी बचे कोर्स को भी पूरा कराया जाएगा। कोरोना संकट के चलते नई कक्षाओं में आने के बाद यह बच्चे अब तक एक भी दिन स्कूल नहीं आए है।
इस बीच इन बच्चों की पढ़ाई को लेकर स्कूल से लेकर अभिभावक भी चिंतित है। हालांकि स्कूलों के बंद रहने के बाद भी इन बच्चों को स्कूल लगातार ऑनलाइन पढ़ा रहे थे, लेकिन स्कूलों का मानना है कि बच्चों को कक्षाओं में सामने बैठाकर पढ़ाए बगैर बेहतर रिजल्ट नहीं मिल सकता है। फिलहाल स्कूलों को खोलने को लेकर केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय जैसे देश के बड़े सरकारी स्कूल संगठनों ने तैयारी शुरू कर दी है। वैसे इनकी इससे पहले सरकार की ओर से जारी की गई अनलॉक-4 की गाइडलाइन आने के बाद बच्चों को स्कूल बुलाने की योजना बनाई थी। लेकिन ज्यादातर अभिभावकों की असहमति के बाद योजना को टाल दिया था। जिसमें दसवीं और बारहवीं के छात्रों को 21 सितंबर से बुलाई की योजना बनाई गई थी।

खास बातें –

  • कोरोना संकट के चलते मार्च से बंद हैं स्कूल
  • अभिभावक की अनुमति पर ही बुलाए जाएंगे बच्चे
  • बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की

-हफ्ते में दो से तीन दिन ही बुलाए जाएंगे हर कक्षा के बच्चे

  • बच्चों के लिए मास्क और सैनिटाइजर जरूरी

सेफ्टी गाइडलाइन का भी दिया जा रहा है अंतिम रूप – स्कूलों को खोलने की तैयारी के साथ स्कूलों के लिए एक सेफ्टी गाइडलाइन को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो यह अगले हफ्ते में कभी भी जारी हो जाएगी। वैसे भी स्कूलों को पंद्रह अक्टूबर के बाद खोलने की जिस तरह से तैयारी है, उसमें गाइडलाइन को इससे पहले ही जारी करना होगा। इस बीच जो जानकारी सामने आयी है, उसके तहत प्रत्येक क्लास में 12 बच्चों को ही बैठाया जाएगा। हालांकि परिजनों की सहमति के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। इसके साथ ही स्कूल आने वाले बच्चों के लिए मास्क, सेनीटाइजर आदि जरूरी होगा। इसके साथ ही बच्चों को स्कूल तक छोड़ने और ले जाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की खुद की होगी। हफ्ते में अभी दो दिन ही बच्चों को बुलाया जाएगा। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूल मार्च से ही बंद है।
शिक्षा मंत्रालय इस बीच सीबीएसई के साथ मिलकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है। फिलहाल जो योजना है, उसके तहत दसवीं और बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं हर साल की तरह तय समय पर ही होगी। जो वर्ष 2021 में फरवरी और मार्च में होगी। हालांकि इससे पहले प्री-बोर्ड की पहली परीक्षा दिसंबर 2020 में होगी। योजना पर काम कर रहे अधिकारियों की मानें तो अगला शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो, इसके लिए परीक्षाएं समय पर ही होगी।

कुशीनगर के कामगार सहित सात भारतीयों का लीबिया में आतंकियों ने किया अपहरण

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) लीबिया में आर्गन वेल्डर पद पर काम करने वाले यूपी के कुशीनगर और देवरिया के कामगार समेत सात भारतीयों का आतंकियों ने अपरहण कर लिया है। अपहृतों में देश के अन्य राज्यों के अलावा बिहार के भी कामगार शामिल हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के कोठीभार थाना क्षेत्र निवासी लल्लन प्रसाद ने दिल्ली के प्रसादपुर थाने में ऑनलाइन केस दर्ज कराकर विदेश मंत्रालय से अपने साढ़ू कुशीनगर निवासी मुन्ना चौहान समेत अन्य कामगारों की रिहाई के लिए सुरक्षित कदम उठाने की गुहार लगाई है। विदेश मंत्रालय के अलावा पीएम व गृह मंत्रालय के पोर्टल पर भी प्रार्थना पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।.  
कोठीभार क्षेत्र के बैजनाथपुर निवासी लल्लन ने संवाददाता को बताया कि कुशीनगर के ग्राम सभा गड़हिया बसंतपुर निवासी उनका साढ़ू मुन्ना चौहान विगत वर्ष बिहार, देवरिया व आंध्रप्रदेश के छह अन्य युवकों के साथ दिल्ली के एनडी इंटरप्राइजेज ट्रैवेल एजेंसी के माध्यम से एक साल के लिए आर्गन वेल्डर पद पर काम करने के लिए लीबिया गया था। मुन्ना सहित सातों लोगों का 13 सितंबर 2020 को वीजा समाप्त हो गया। इसी दिन अंतिम बार लल्लन और मुन्ना की बात हुई थी। मुन्ना ने बताया था कि 17 सितंबर को उन सातों लोगों की भारत वापसी के लिए फ्लाइट है। उसके बाद से लल्लन का मुन्ना से संपर्क टूट गया। मुन्ना के घर वापस नहीं आने पर लल्लन ने ट्रैवेल एजेंसी से कई बार फोन पर संपर्क किया। लेकिन एजेंसी वाले कुछ भी नहीं बता रहे थे। इसके बाद लल्लन ने 27 सितंबर को दिल्ली पहुंचकर जब ट्रैवल एजेंसी के मालिक से संपर्क किया तब पता चला कि मुन्ना सहित सातों लोगों का लीबिया में एयरपोर्ट पर आने से पहले ही अपराधियों द्वारा अपहरण कर लिया गया है। 
लल्लन ने बताया कि उनके साढू समेत अन्य कामगारों की रिहाई के लिए आतंकियों ने लीबिया के कंपनी मालिक से फिरौती में 20 हजार डॉलर की मांग की है। कंपनी मालिक ने फिरौती की रकम को देने के लिए स्वीकार भी कर लिया है। कंपनी मालिक ने आश्वासन दिया गया है कि सातों को 3 से 4 दिन के अंदर छुड़वाकर भारत भेजने का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक मुन्ना व अन्य छह भारतीयों की रिहाई नहीं हुई है। 
अपहरण के मामले में अभी तक जो बातें सामने आई है उसके मुताबिक लीबिया में कामकाज की देखभाल ट्यूनीशिया स्थित भारतीय दूतावास करता है। ट्यूनीशिया दूतावास ने इस मामले का संज्ञान लिया है। पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। लगातार लीबिया सरकार से इस मामले में बातचीत की बात सामने आ रही है।

इनका हुआ है अपहरण:-
कुशीनगर के कामगार मुन्ना चौहान के अलावा जिन छह अन्य कामगारों के लीबिया में अपहरण की बात सामने आ रही है उनमें महेन्द्र सिंह, वेंकटारों बचाला, शाह अजय, उमेदी रहीम भाई मुल्तानी, दान्या बोड्डू व जगारो बचाला है। यह एनडी इंटर प्राइजेज ट्रैवल एजेंसी एंड मैन पॉवर कंसल्टेंस हेमकुंट हाउस नई दिल्ली के माध्यम से एक साल के लिए लीबिया में आर्गन वेल्डर पद पर काम करने गए थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप हुए कोरोना पॉजिटिव, भारत के पीएम मोदी ने की जल्‍द ठीक होने की कामना

वाशिंगटन ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी मेलानिया ट्रंप कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं। डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने निजी सलाहकार होप हिक्स के कोरोना संक्रमित होने के बाद कोरोना की जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। होप के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद डोनाल्‍ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलेनिया ट्रंप का भी गुरुवार देर रात टेस्ट कराया गया। बताया जा रहा है कि होप इन दिनों ट्रंप के चुनाव अभियान में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहीं थीं। पिछले कुछ हफ़्तों से होप राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनके विमान एयरफोर्स वन में भी सफर कर रहीं थीं। इसलिए डोनाल्‍ड ट्रंप के चुनाव अभियान से जुड़ी उनकी पूरी टीम पर कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर अमेरिकी राष्‍ट्रपति के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है। उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘मैं अपने दोस्‍त डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी पत्‍नी  मेलानिया ट्रंप के जल्‍द ठीक होने और अच्‍छी सेहत के लिए कामना करता हूं।’
ट्रंप ने ट्वीट कर बताया, ‘मेलानिया और मैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हम तत्‍काल प्रभाव से अपना क्‍वारंटाइन और रिकवरी प्रोसेस शुरू करने जा रहे हैं।’
डोनाल्‍ड ट्रंप ने ट्वीट कर होप हिक्‍स के कोरोना पॉजिटिव होने की बात बताई। उन्‍होंने लिखा, ‘होप हिक्स, जो एक छोटे से ब्रेक के बिना भी इतनी मेहनत कर रही हैं, वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई हैं। भयावह! फर्स्ट लेडी और मैं हमारी कोरोना जांच परीक्षण परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच, हमने अपने क्‍वारंटाइन की प्रक्रिया शुरू करेंगे!’
गौरतलब है कि अमेरिका में जब कोरोना वायरस संक्रमण फैला, तो डोनाल्‍ड ट्रंप ने एहतियातन इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन नाम की दवा का सेवन किया था। ऐसा मामना जाता है कि ये दवा कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होती है। इस दवा का मुख्‍य उत्‍पादक भारत है। ट्रंप ने अमेरिका के लिए इस दवा का निर्यात भी भारत से किया था। वैसे बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे ज्‍यादा मामले अमेरिका में ही हैं।

अयोध्या के ढाचा विध्वंस केस में लालकृष्ण आडवाणी समेत सभी अभियुक्त हुए बरी

लखनऊ (ऊँ टाइम्स omtimes ) देश की राजनीतिक दिशा को परिवर्तित कर देने वाले अयोध्या विध्वंस केस में बुधवार को सीबीआइ की विशेष अदालत का बहुप्रतीक्षित फैसला आ गया। 28 साल से चल रहे इस मुकदमे पर विशेष जज एसके यादव ने अपने कार्यकाल का अंतिम फैसला सुनाते हुए लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, महंत नृत्य गोपाल दास, कल्याण सिंह समेत सभी आरोपितों को बरी कर दिया। विशेष जज ने कहा कि तस्वीरों से किसी को आरोपित नहीं ठहराया जा सकता है। अयोध्या ढांचा विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था। घटना के प्रबल साक्ष्य नही हैं। सिर्फ तस्वीरों से किसी को दोषी नहीं कहा जा सकता है।.
छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में हुए ढांचा विध्वंस केस में बुधवार को सीबीआइ कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि सीबीआइ कोई निश्चयात्मक सुबूत नहीं पेश कर सकी। विध्वंस के पीछे कोई साजिश नहीं रची गई और लोगों का आक्रोश स्वत: स्फूर्त था। इस मामले के मुख्य आरोपितों में एक स्व. अशोक सिंहल को कोर्ट ने यह कहते हुए क्लीन चिट दे दी कि वह तो खुद कारसेवकों को विध्वंस से रोक रहे थे, क्योंकि वहां भगवान की मूर्तियां रखी हुई थीं।
 लगभग 28 साल तक चले इस मामले में फैसला सुनाने के लिए सीबीआइ के विशेष जज एसके यादव दोपहर 12 बजकर 10 मिनट में कोर्ट पहुंचे। उस समय कोर्ट में 26 आरोपित मौजूद थे, जबकि लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, उमा भारती, नृत्यगोपाल समेत छह आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में जुड़े हुए थे। महज तीन मिनट में ही जज ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अखबारों में छपी खबरों को प्रामाणिक सुबूत नहीं माना जा सकता क्योंकि उनके मूल नहीं पेश किए गए। फोटोज की निगेटिव नहीं प्रस्तुत किए गए और न ही वीडियो फुटेज साफ थे। कैसेटस को भी सील नहीं किया गया था। अभियोजन ने जो दलील दी, उनमें मेरिट नहीं थी।
 सीबीआइ कोर्ट के विशेष जज एसके यादव ने अपने फैसले में कहा कि छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा के पीछे से दोपहर 12 बजे पथराव शुरू हुआ। अशोक सिंघल ढांचे को सुरक्षित रखना चाहते थे क्योंकि ढांचे में मूर्तियां थीं। कारसेवकों के दोनों हाथ व्यस्त रखने के लिए जल और फूल लाने के लिए कहा गया था। जल ने अखबारों को साक्ष्य नहीं माना और कहा कि वीडियो कैसेट के सीन भी स्पष्ट नहीं हैं। कैसेट्स को सील नहीं किया गया, फोटोज की नेगेटिव नहीं पेश की गई। ऋतम्बरा और कई अन्य अभियुक्तों के भाषण के टेप को सील नहीं किया गया।
कोर्ट ने कहा कि विध्वंस के लिए कोई षडयंत्र नहीं किया गया। घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। एलआईयू की रिपोर्ट थी कि छह दिसंबर 1992 को अनहोनी की आशंका है किंतु इसकी जांच नही कराई गई। अभियोजन पक्ष की तरफ से जो साक्ष्य पेश किए वो दोषपूर्ण थे। जिन लोगों ने ढांचा तोड़ा उनमें और आरोपियों के बीच किसी तरह का सीधा संबंध स्थापित नहीं हो सका। इस आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
2300 पेज का है फैसला : – अयोध्या विध्वंस केस का निर्णय 2300 पेज का है। फैसला कुछ ही देर में कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जायेगा। सीबीआइ व अभियुक्तों के वकीलों ने ही करीब साढ़े आठ सौ पेज की लिखित बहस दाखिल की है। इसके अलावा कोर्ट के सामने 351 गवाह सीबीआइ ने परीक्षित किए व 600 से अधिक दस्तावेज पेश किए। सीबीआई के अधिवक्ता ललित सिंह ने कहा कि जजमेंट की प्रति मिलने के बाद सीबीआई हेडक्वार्टर भेजा जाएगा जिसके बाद लॉ सेक्शन उसका अध्ययन करने के बाद जो परामर्श देगा, उसी अनुसार अपील करने का निर्णय लिया जाएगा। 

ये हैं 32 आरोपित : – लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, साक्षी महाराज, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धमेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ व धर्मेंद्र सिंह गुर्जर।.
 फैसले के लिए कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। फिर भी निर्णय आते ही किसी व्यक्ति ने जयश्री राम का नारा लगा दिया। आरोपितों ने निर्णय आते ही एक-दूसरे को बधाई दी। 
 फैसले के बाद सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मैं ही नहीं पूरा देश इस फैसले से खुश है। आज का ऐतिहासिक फैसला आया है। मैं सीधे रामलला के दर्शन करने अयोध्या ही जा रहा हूं। सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक रहा। मुझे सुबह से ऐसी उम्मीद थी जीत रामलला की होगी। वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से जफरयाब जीलानी ने कहा कि ये फैसला कानून और हाई कोर्ट दोनों के खिलाफ है। विध्वंस मामले में जो मुस्लिम पक्ष के लोग रहे हैं उनकी तरफ से हाई कोर्ट में अपील की जाएगी।
 छह दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया। इस पर हिंदू और मुसलमान दोनों अपने-अपने दावे करते थे। हिंदू पक्ष का कहना रहा कि अयोध्या में ढांचे का निर्माण मुगल शासक बाबर ने वर्ष 1528 में श्रीराम जन्मभूमि पर कराया था, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा था कि मस्जिद किसी मंदिर को तोड़कर नहीं बनाई गई थी। मंदिर आंदोलन से जुड़े संगठनों के आह्वान पर वहां बड़ी संख्या में कारसेवक जुटे और इस ढांचे को ध्वस्त कर दिया। इस मामले में पहली प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआइआर) उसी दिन रामजन्मभूमि थाने में दर्ज हुई। 40 ज्ञात और लाखों अज्ञात कारसेवकों के खिलाफ आइपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ।
 छह दिसंबर, 1992 को विवादित ढांचा विध्वंस के बाद इस मामले में कुल 49 प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सभी में एक साथ विवेचना करके सीबीआइ ने 40 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 11 जनवरी 1996 को पूरक शपथ पत्र दाखिल कर नौ के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। 49 आरोपितों में अब कुल 32 ही जीवित हैं।
 यह ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले विशेष जज सुरेंद्र कुमार यादव बुधवार को ही रिटायर हो गए। एसके यादव 30 सितंबर 2019 को सेवानिवृत्त हो गए थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें फैसला आने तक के लिए सेवा विस्तार दिया गया था।

पांच पशुओं को बेरहमी से कुचल कर मार डाला वाहन चालक ने, प्रशासन मौन ?

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले के थाना चिल्हिया अन्तर्गत स्थित ग्राम गौहनियां चौराहे पर 28 सितम्बर 2020 की रात्रि में पांच पशुओं को मोटर वाहन चालक ने जानबूझकर वाहन से कुचल कर मार डाला! लोगों द्वारा प्रशासन को सूचना देने के पश्चात नायब तहसीलदार और पुलिस ने जेसीबी के द्वारा रोड के किनारे गड्ढ़ा खोदवा कर उन पशुओं को दफनवा दिया! ना डाक्टरी मुवायना, ना कोई कार्यवाही, मिटा दिया गया सबूत! मामला ठंढ़े बस्ते में! वाह सरकार तेरी लीला अपरंपार! …. ( रामदेव द्विवेदी)

2500 कोरोना संक्रमित लखनऊ से हुए गायब, मची खलबली, हजारों की रिपोर्ट भी है लापता

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) भयंकर जानलेवा बन चुकी वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दिनबदिन बढ़ते संक्रमण के बीच इससे पीडि़तों के साथ ही जिम्मेदार लोगों की बड़ी लापरवाही सामने रही है। इस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों में राजधानी लखनऊ लम्बे समय से शीर्ष पर है, और अब यहां पर करीब 2400-2500 संक्रमितों लोगों के गायब होने से प्रकरण बेहद गंभीर होने जा रहा है।
लखनऊ में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित लोग गायब हैं। इन सभी संक्रमितों का फोन नंबर के साथ पता भी गलत दर्ज है। यह तो संक्रमितों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है। संक्रमित अपने साथ ही अपने परिवार के लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं , जबकि नगर निगम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी प्रकरणों में एक बार भी भौतिक निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, अन्यथा बड़ी संख्या में गायब संक्रमित लाखों लोगों के जीवन पर खतरा न बनते।
लखनऊ में कोरोना संक्रमण जांच कराने के दौरान फॉर्म में बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मोबाइल नम्बर के साथ ही घर का पता गलत लिखवा है। ऐसे ताजा 50 नये प्रकरण सामने आए हैं, जबकि अब तक ढाई हजार से अधिक कोरोना पॉजिटिव गायब हो चुके हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे मरीजों की पड़ताल में जुट गया है। निजी व सरकारी लैब में जांच कराने वाले यह संक्रमित स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
विभाग ने संक्रमितों की तलाश करने का निर्देश दिया है। यह ऐसे लोग हैं, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है, लेकिन जब ट्रेसिंग टीम उनसे संपर्क की कोशिश करती है तो वह नहीं मिलते हैं। यह छिपे हुए संक्रमित समुदाय में मिलकर संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्रा ने कहा कि गायब हुए संक्रमितों की सूचना पुलिस को देकर उनकी तलाश कराई जा रही है। सभी लैब को भी सूचना दी गई है। अब तक 2500 रोगी गायब हैं। लॉकडाउन से अनलॉक की प्रक्रिया में करीब ढाई हजार से अधिक पॉजिटिव जांच कराने बाद गायब हो चुके हैं। जिसके बाद अफसरों को बिना आइडी के जांच न कराए जाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी निजी व सरकारी लैब बिना आइडी लिए कोरोना जांच कर रहे हैं। फलस्वरूप पॉजिटिव मरीजों को ढूंढना पड़ रहा है।
लखनऊ में कोरोना भयावह हो गया है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बेलगाम हुई महामारी के पीछे लापरवाहियों का अंबार छिपा है। हाल में हुई पड़ताल में गंभीर मामला उजागर हुआ है। यहां हजारों संदिग्धों मरीजों की रिपोर्ट ही गायब मिली है। इन सभी का अब तो पॉजिटिव-निगेटिव होना महीनों से रहस्य बना हुआ है। आशंका है कि यह अनजाने में संक्रमण भी बांटते रहें। शहर में कोरोना का पहला मामला 11 मार्च को आया। सीएमओ की टीम ने संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह शुरू किए। पहले हर रोज 50-60 सैंपल संग्रह किए, फिर आंकड़ा चार सौ तक पहुंचा। सरकार ने कांटेक्ट ट्रेसिंग- सैंपलिंग कर मरीजों को समयगगत चिन्हित करने का सख्त निर्देश दिया। लिहाजा, जनपद में प्रतिदिन कोरोना टेस्टिंग का आंकड़ा दो हजार पार कर गया। महीनों से चल रहे टेस्टिंग अभियान में करीब डेढ़ लाख के करीब टेस्ट हो चुके हैं। वहीं सीएमओ दफ्तर के रिकॉर्ड में 2, 334 मरीजों की रिपोर्ट गायब मिली। टीम के सैंपल संग्रह-टेस्टिंग, रिपोॄटग सभी सवालों के घेरे में हैं। संदिग्धों में वायरस का समय पर कंफर्मेशन न होना भी शहर में संक्रमण के भयवाह होने की ओर आशंका प्रबल कर रहा है।
सीएमओ की टीम संदिग्ध मरीजों के सैंपल संग्रह कर केजीएमयू जांच के लिए भेजती हैं। यहां मरीजों की रिपोर्ट अधिकतम 24 से 48 घंटे में उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। मगर, मई, जून, जुलाई के 2,334 मरीजों की रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय मिलने से इन्कार कर रहा है।
केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्ष व कोरोना लैब इंचार्ज डॉ. अमिता जैन ने मरीजों की रिपोर्ट गायब होने पर संस्थान की लापरवाही से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि लैब में कोई भी सैंपल, रिपोर्ट पेंडिंग नहीं हैं। जो भी सैंपल सीएमओ टीम से भेजे गए, उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी गईं। साथ ही अभी खुद के पास नोटिस पहुंचने से इन्कार किया। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है संबंधित मरीजों के सैंपल जनरेट या भेजे ही नहीं गए हों। 

डीआईजी बस्ती ने और डीएम सिद्धार्थनगर ने ढेबरुआ थाने पर किया जनता की समस्याओं का निस्तारण

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स) समाधान दिवस के अवसर पर दिनांक-26-09-2020 को पुलिस महानिरीक्षक बस्ती की अध्यक्षता और जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर व पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर की उपस्थिति में सिध्दार्थनगर जिले के थाना ढेबरुआ पर थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस समाधान दिवस कार्यक्रम में डीआईजी श्री अनिल कुमार राय फरियादियों से रूबरू होते हुए उनकी समस्याओं को मौके पर सुना तथा वहां मौजूद संबंधित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश भी दिया।
डीआईजी ने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग से सम्बन्धित शिकायतें का निस्तारण आपसी सामंजस्य से सुनिश्चित किया जाय, और इसमें किसी भी स्तर पर हीलाहवाली क्षम्य नहीं होगी। उन्होनें वहां मौजूद शिकायत पंजिका का भी निरीक्षण किया, और निस्तारित हो चुकी शिकायतों के बाबत स्वयं दूरभाष पर शिकायतकर्ताओं से बात कर उनका सत्यापन कर जानकारी लिया कि वे शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता से सहमत हैं या नहीं!
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी शिकायतकर्ता अपने शिकायती प्रार्थना-पत्र में अपना मोबाइल नम्बर अवश्य लिखें, जिससे कि शिकायत निस्तारण में सहूलियत मिल सके! साथ ही उन्होंने प्रभारी निरीक्षक ढेबरुआ को जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देशित किया! इस कार्यक्रम के बाद उन्होंने थाने का निरीक्षण किया और थाना परिसर व कार्यालय की साफ-सफाई का जायजा लिया।
इसके बाद थाना कार्यालय में रखे अभिलेखों, अपराध रजिस्टर, आंगतुक रजिस्टर, मालखाना, महिला व पुरूष हवालात का निरीक्षण कर वहां की स्थितियों की जानकारी ली। अभिलेखों के उचित रख-रखाव के लिए उन्होने थाना प्रभारी को निर्देशित किया। आगंतुक रजिस्टर में अंकित शिकायतों के विषय में जानकारी लेने के बाद उनके निस्तारण की स्थितियों की पूंछतांछ की। उन्होंने पुलिस कर्मियों को थाने में आने वाले आगंतुकों के साथ शालीनता-पूर्वक विनम्र-व्यवहार करने व उनकी समस्याओं को सुनकर तत्काल उनपर आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया। कार्यालय निरीक्षण के बाद उन्होंने वहां स्थित मेस में जाकर भोजन की गुणवत्ता को परखा। मेस में बनने वाले भोजन को साफ व स्वच्छ रखने के साथ उन्होंने पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को आदेशित किया। थाने पर खडे माल मुकदमाती वाहनों को दिये गये निर्देशों के अनुरूप् डिस्पोजल कराने के निर्देश जारी किया! कोविड-19 डेस्क का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करने व समय-समय पर हाथों को साफ करने के साथ आपस में उचित दूरी बनाये रखने की हिदायत दिया। उसके बाद उनलोगों ने बढ़नी बॉर्डर पर जाकर बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया ।

भारत में घातक पिनाक मिसाइल प्रणाली की उत्पादन प्रक्रिया हुआ चालू

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने पिनाक मिसाइल को बनाने संबंधी जरूरी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस सिलसिले में पिनाक के राकेट, लांचर और संबंधित उपकरण बनाने का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि डीआरडीओ ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस को पिनाक राकेट प्रणाली के व्यापक उत्पादन के लिए सभी संगत ब्योरे दे दिये हैं।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अथारिटी होल्डिंग सील्ड पर्टिकुलर्स ने पूरी जिम्मेदारी का पालन करते हुए डीआरडीओ से डीजीक्यूए को पिनाक के उत्पादन का भार सौंपा है। एएचएसपी वह विभाग है जो रक्षा उत्पादनों के निर्माण से पहले संकलन, समेकन और विश्लेषण के लिए जिम्मेदार है। पिनाक जमकर गोलाबारी करने वाली वह राकेट प्रणाली है जो 37.5 किलोमीटर की रेंज तक सटीक निशाना लगा सकती है।
इसे सेना के लिए स्वदेश में ही विकसित किया गया है। इसका उत्पादन घरेलू सार्वजनिक और निजी रक्षा कंपनियों द्वारा किया जाता है। पिनाक राकेट को एक मल्टी बैरल राकेट लांचर से संचालित किया जाता है। यह 44 सेकेंड में 12 राकेट दाग सकता है। रक्षा मंत्रालय ने बीते दिनों बीईएमएल लिमिटेड को उच्च क्षमता वाले 330 ट्रकों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया था। बीईएमएल, रक्षा मंत्रालय की ‘अनुसूची क’ में आने वाली कंपनी है।
दरअसल इस प्रणाली को बीईएमएल के उच्च क्षमता वाले ट्रकों पर बांधा जाता है। ये ट्रक युद्ध क्षेत्र में भारतीय सेना को बढ़त उपलब्ध कराते हैं। इन ट्रकों का निर्माण कंपनी के केरल स्थित पलक्कड़ संयंत्र में होगा। रक्षा मंत्रालय को तीन साल के दौरान इनकी आपूर्ति की जाएगी। बीते दिनों लार्सन एंड टुब्रो ने जानकारी दी थी कि उसकी रक्षा शाखा को भारतीय रक्षा मंत्रालय से पिनाक हथियार प्रणाली की आपूर्ति के लिए ठेका मिल चुका है।

मथुरा में आतिशबाजी से दो मंजिला मकान हुआ ध्वस्त, आधा दर्जन मकान हुआ क्षतिग्रस्त

मथुरा ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले के कस्बा सुरीर में शुक्रवार देर रात एक घर में रखे बारुद व आतिशबाजी के सामान में धमाका हो गया। धमाके में दो मंजिला मकान तहस-नहस हो गया और आसपास के आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। जिनके मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस व ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
कस्बा सुरीर में कोतवाली के पीछे थोक कलां में जोगेंद्र सिंह के बाबा गंगाराम के नाम आतिशबाजी का लाइसेंस था। गंगाराम की मौत के बाद लाइसेंस निरस्त हो गया था लेकिन चोरी छिपे आतिशबाजी बनाने का काम हो रहा था। दीपावली के त्योहार को नजदीक देख पटाखे बनाने के लिए बारूद व आतिशबाजी का अवैध भंडारण कर रखा था। शुक्रवार की रात मकान के दूसरे मंजिल पर रखे बारूद व आतिशबाजी में किन्हीं कारणों से धमाका हो गया। तेज धमाके के साथ दो मंजिला मकान भरभरा कर गिर पड़ा। जिसकी चपेट में आने से आस-पास बॉबी जोशी, जबाहर व बृजकिशोर के मकान भी ध्वस्त हो गए। जिनके मलबे में दबने से चीख-पुकार मचने लगी। उधर तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग व इलाका पुलिस पहुंच गई। जेसीबी की मदद से मलबा हटा कर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवा दिया। जहां उपचार के दौरान जोगेंद्र की मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी शिवानी, मां इंद्रवती, बहन कल्लो, शशि आदि के अलावा पड़ोसी बॉबी जोशी, महेंद्र, विमला व दिव्यांशु समेत आधा दर्जन से अधिक घायल हो गए। इस हादसे की सूचना पर एसडीएम व सीओ समेत अधिकारीओं ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल किया और पुलिस को इस सम्बन्ध में कार्यवाही का दिशा निर्देश दिया। 

यूएन की आम महासभा में पहली बार गूंजी सऊदी के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल साउद की आवाज

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स omtimes ) इस बार  संयुक्‍त राष्‍ट्र आम महासभा की उच्‍चस्‍तरीय बैठक 22 सिंतबर को शुरू हुई थी। इस बार की आमसभा कई मायनों में खास मायने रखता है। इसके खास होने की पहली बड़ी वजह इस बार इसका 75वां सत्र होना है। दूसरी वजह ये है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के इतिहास में यह पहला मौका है जब इस आम महासभा की बैठक वर्चुलअ तरीके से हो रही है। कोविड-19 की बदौलत दुनियाभर के राष्‍ट्राध्‍यक्ष अपने प्री रिकॉडेड वीडियो मैसेज के जरिए इस बार इस महासभा को संबोधित कर रहे हैं। इसके अहम होने की तीसरी बड़ी वजह सऊदी अरब के शाह सलमान बने हैं। सलमान बिन अब्‍दुल अजीज अल साउद, वर्ष 2015 में अपने भाई नाएफ बिन अब्‍दुल अजीज के निधन के बाद शाह बने थे। इसके बावजूद उन्‍होंने कभी भी संयुक्‍त राष्‍ट्र की आम महासभा को संबोधित नहीं किया था। इस बार ऐसा पहली बार हुआ कि उन्‍होंने इस महासभा का वर्चुअल तरीके से संबोधित किया। उनके संबोधन के तीन बेहद खास बिंदु रहे। इसमें पहला था इस्‍लामिक देश और आतंकवाद, दूसरा था ईरान और तीसरा था इजरायल। आपको बता दें कि शाह सलमान को कहीं न कहीं देश में हो रहे बड़े बदलावों के लिए भी जाना जाता है। महिलाओं को कई तरह के अधिकार दिए जाने के पीछे जितने क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान हैं उतने ही शाह भी हैं। सलमान शाह बनने से पहले करीब 48 वर्षों तक रियाद के गवर्नर रहे। इसके अलावा वो देश के रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2012 में उन्‍हें क्राउन प्रिंस घोषित किया गया था। शाह दो पवित्र मस्जिदों के कस्‍टोडियन भी हैं।

यूपी के लखनऊ और गोरखपुर में किया जायेगा कोरोना वायरस के वैक्सीन का मानव परीक्षण

लखनऊ (ऊँ टाइम्स omtimes )  कोरोना वायरस के वैक्सीन का मानव परीक्षण यूपी के लखनऊ और गोरखपुर में किया जाएगा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड को तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल उत्तर प्रदेश के इन दो शहरों में करने के लिए मंजूरी दे दिया है । संजय गांधी पीजीआइ के निदेशक डॉ. आरके धीमन को लखनऊ का नोडल अधिकारी और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. गणेश कुमार को गोरखपुर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। कंपनी इस महीने के अंत या फिर अक्टूबर के पहले हफ्ते में तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर सकती है।
भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद व राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर यह पहला स्वदेशी टीका कोवैक्सीन तैयार किया है। फिलहाल दो चरण के ट्रायल किए जा चुके हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि तीसरे चरण का ट्रायल यूपी में लखनऊ व गोरखपुर में करने को मंजूरी दी गई है। इसमें इन दो संस्थानों के साथ-साथ और लोगों पर भी इसका परीक्षा किया जाएगा। ट्रायल के लिए जरूरी सुरक्षा व अन्य प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करवाने के लिए दो नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

राष्‍ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन पर जताया दुख

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  कोरोना महामारी की वजह से रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन हो गया है। कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले वह पहले केंद्रीय मंत्री हैं। कर्नाटक के बेलगाम से सांसद 65 साल के अंगड़ी ने बुधवार की शाम को दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंगड़ी के निधन पर गहरा दुख जताया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, रेल राज्‍य मंत्री सुरेश अंगड़ी के निधन के कारण दिल्ली के सरकारी कार्यालयों में गुरुवार को राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।
ज्ञात हो कि सुरेश अंगड़ी 65 वर्ष के थे। अंगड़ी ने 11 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी।   उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘आज जांच में कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मेरी स्थिति ठीक है। डॉक्टरों की सलाह ले रहा हूं। पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें और लक्षण सामने आने पर जांच करवाएं।’
सुरेश अंगड़ी कोरोनावायरस की वजह से मरने वाले कर्नाटक के दूसरे सांसद हैं। इससे पहले अशोक गस्‍ती की पिछले दिनों कोरोना के कारण मौत हो गई थी। वह राज्यसभा के सांसद थे। वह कर्नाटक की बेलगाम सीट से 4 बार लोकसभा सांसद बने। वह 2004, 2009, 2014 और 2019 में बेलगाम से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे।

नया खुलासा – चीन करवा रहा था प्रधान मंत्री मोदी और राष्‍ट्रपति सहित कई लोगों की जासूसी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  युद्ध के बारे में एक पुराना सर्वमान्य सिद्धांत यह कहता है कि असली जीत वह होती है, जो वास्तविक जंग लड़े बिना जीत ली जाती है। इस नजरिये से देखें तो जून 2020 में लद्दाख की गलवन घाटी में हुई मुठभेड़ में भारत के हाथों मुंह की खाने और भारत के मुकाबले दो गुना अधिक सैनिकों की जान गंवाने के बाद से चीन लगातार ऐसी कोशिशों में लगा है, जिससे वह भारत पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना सके। इसके लिए कभी वह दुष्प्रचार फैलाने वाले अपने अखबार-ग्लोबल टाइम्स में चीनी सैनिक साजोसामान की झूठी तारीफ छाप रहा है, तो कभी लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों को खराब भोजन देने का झूठ प्रचारित कर रहा है।
सूचना के इस युद्ध में वह दो हाथ बढ़कर जासूसी की कोशिशों में भी लगा है, जिसका खुलासा हाल में दो घटनाओं से हुआ है। पहली घटना एक टेक्नोलॉजी कंपनी के माध्यम से चीन की सरकार द्वारा भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों, सेना प्रमुखों, खिलाड़ियों, उद्यमियों समेत हमारे देश के 10 हजार लोगों की निगरानी की है। दूसरी घटना चीनी खुफिया एजेंसी के लिए भारत स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार के अलावा एक चीनी महिला और नेपाली नागरिक द्वारा काम करने से संबंधित है, जिन्हें हाल में पकड़ा गया है।
चीनी और नेपाली नागरिक दो शेल (मुखौटा) कंपनियों की आड़ में जासूसी में संलग्न थे, जबकि पकड़े गए स्वतंत्र पत्रकार पर आरोप है कि वह उनकी मार्फत चीन के इंटेलिजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेजता था। यह घटना इसकी पुष्टि करती है कि चीन का खुफिया तंत्र हमारे देश में किस हद तक सक्रिय रहा है। निश्चित ही चीन की ये हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। इसी वजह से ये गिरफ्तारियां हुई हैं। सवाल है कि इस तरह की डिजिटल निगरानी या जासूसी करके चीन क्या हासिल कर पाता है और क्या चीन की भी ऐसी जवाबी डिजिटल जासूसी मुमकिन है? ताकि वहां शासन-प्रशासन के स्तर पर चल रही गतिविधियों की हमें भी सूचना मिल सके। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि आखिर चीन ऐसा कैसे कर पा रहा था?
जहां तक चीन की ओर से छेड़े गए डिजिटल सूचना युद्ध की बात है, तो इसे खुद चीन ने ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का नाम दिया है। दुनिया भर के अखबारों में इस डिजिटल जासूसी का खुलासा करते हुए बताया गया है कि विश्व की अहम हस्तियों से लेकर 25-35 लाख लोगों की गतिविधियां चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी जेनहुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नामक इस कंपनी की निगाह में थीं। इस हाइब्रिड वॉरफेयर के विस्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसमें राजनीति, कानून, खेल, फिल्म, उद्योग जगत की प्रभावशाली हस्तियों के अलावा देश के सभी क्षेत्रों के अहम लोगों और संस्थाओं पर नजर रखी जा रही थी।
साथ ही आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, ड्रग्स, सोना, हथियार या वन्यजीव तस्करी के सैकड़ों आरोपियों का भी पूरा डाटाबेस जुटाया जा रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब भारत समेत पूरी दुनिया में चीनी कंपनियों के बनाए गए मोबाइल हैंडसेट, मोबाइल एप्स और दूरसंचार के उपकरणों को जासूसी के संदेह में प्रतिबंधित किया जा रहा है, तो चीन ने दूसरे रास्ते से जासूसी के प्रबंध कर लिए।
वैसे विसू का कहना है कि चीनी सरकार के कहने पर ही इस कंपनी ने पूरी दुनिया में डिजिटल जासूसी का जाल फैलाया था। आज की तारीख में जब सूचनाएं बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं और डाटा के जरिये बड़े-बड़े उद्देश्य हासिल किए जा रहे हैं, तब यह कहा जा सकता है कि भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों के लाखों लोगों की सूचनाएं जुटाकर चीन नए किस्म का सूचना युद्ध छेड़ना चाहता है। उल्लेखनीय है कि इस चीनी कंपनी ने घोषित तौर पर अपना उद्देश्य इस तरह के डाटा जुटाकर ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का मकसद हासिल करना बताया है।

‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ शब्द से कई तरह के युद्ध साजोसामान होने का अहसास होता है, लेकिन इस चीनी कंपनी के संदर्भ में इसका उद्देश्य असैन्य तरीकों से किसी देश पर प्रभुत्व हासिल करना या उसे नुकसान पहुंचाना है। इस तरह के वॉरफेयर में कंपनी जिन लोगों और देशों की निगरानी कर रही थी, वह उनके समूचे ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ की जानकारी जुटा रही थी। इसका आशय उन व्यक्तियों की हर तरह की जानकारी है, जो इंटरनेट पर मौजूद होती है। उल्लेखनीय है कि कंपनी यह जानकारी भी इकट्ठा करती रही है कि इन लोगों और संगठनों के किन दूसरे लोगों और संगठनों के साथ संबंध हैं।
यह उन लोगों से संबंधित जगहों और उनकी आवाजाही संबंधी जानकारी भी जुटा रही थी। नियमित तौर पर इन सूचनाओं की निगरानी करते हुए यह कंपनी एक विशाल डाटाबेस तैयार कर रही थी, ताकि चीन सरकार के मांगने पर संबंधित व्यक्तियों या देशों से जुड़ी हरेक सूचना तुरंत मुहैया कराई जा सके। यह सारा कामकाज असल में लोगों और देशों की डिजिटल प्रोफाइलिंग से जुड़ा है, जिसकी मदद से उन लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने वाले उपाय किए जा सकते हैं और यही इस डिजिटल जासूसी का सबसे खतरनाक पहलू है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कोई दूसरा देश चीन की सरकार और वहां के लोगों की गतिविधियों की सूचनाएं यानी डिजिटल फुटप्रिंट हासिल न कर सके, इसके लिए चीनी सरकार ने गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी वेबसाइटों को या तो अपने यहां चलने ही नहीं दिया या चीन के लिए उनके सेंसर्ड संस्करण तैयार करवाए या उनके विकल्प ही अपने यहां तैयार करवा लिए। इनका परोक्ष फायदा यह भी है कि चीन में बैठकर विदेशी नागरिक भी आसानी से खुफिया सूचनाएं बाहर नहीं भेज सकते, लेकिन जब बात चीनी जासूसी के प्रपंच का मुकाबला करने की आती है, तो कई मुश्किलें हमारे सामने आ खड़ी होती हैं।

असल में, पहली समस्या तो यही है कि बाकी दुनिया समेत भारत भी इसका अंदाजा नहीं लगा पाया है कि चीनी दूरसंचार कंपनियां हमारे नागरिकों की हर डिजिटल गतिविधियों को न केवल दर्ज करती रही हैं, बल्कि वे सूचनाएं चीन की सरकार को मुहैया कराती रही हैं। दूसरी समस्या यह है कि जिस तरह चीन ने साइबर जगत को गुप्तचरी और निगरानी के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया है, न तो उसका तोड़ किसी देश के पास है और न ही कोई देश चीन की उसी तरह की निगरानी करने में सक्षम है।
ऐसे में अब ज्यादा अच्छा यही है कि हम अपनी सूचनाओं की रक्षा स्वयं करें। हालांकि इस मोर्चे पर हमारी तैयारियों का स्तर हाल में देश की सबसे बड़ी डाटा एजेंसी राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआइसी) पर हुए साइबर हमले से पता चला, जहां डिजिटल सेंधमारी के जरिये प्रधानमंत्री और अनेक महत्वपूर्ण हस्तियों की सूचनाओं के अलावा राष्ट्रहित की कई जानकारियां उड़ा ली गईं।
इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक तरफ हर किस्म की सूचनाओं की सुरक्षा को पुख्ता किया जाए, तो दूसरी तरफ मोबाइल समेत अन्य दूरसंचार उपकरण और एप्स बनाने वाली कंपनियों को भारत में तभी कामकाज करने की छूट मिले, जब वे यह सुनिश्चित करें कि उनके सर्वर भारत से बाहर स्थित नहीं होंगे। ऐसा करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अभी यह नहीं पता चल पाता है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरिकों का डाटा कहां जमा होता है और उसकी कोई चोरी तो नहीं कर रहा है। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इंटरनेट कंपनियां मांगे जाने पर जमा की गईं सभी डिजिटल सूचनाएं सरकार को मुहैया कराएंगी। हालांकि इसमें नागरिकों की निजता का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है, लेकिन इसका एक उपाय यह है कि निजता को अक्षुण्ण रखने के कानून असरदार ढंग से देश में लागू किए जाएं।
इस प्रसंग में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है, वह यह है कि चीन की ओर से की जा रही इस डिजिटल जासूसी की धरपकड़ तब हुई है, जब भारत ने चीनी कंपनियों के करीब 225 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाया और चीन के मोबाइल हैंडसेट निर्माताओं के खिलाफ देश में एक लहर उठी। यही नहीं, भारतीय सेना के अधिकारियों और सैनिकों से चीन निर्मित मोबाइल हैंडसेट के इस्तेमाल में सावधानी बरतने और उनके एप्स मोबाइल से हटाने के निर्देश भी पिछले कुछ समय में दिए गए हैं। चूंकि इन सारी पाबंदियों के कारण चीनी सरकार की हमारी सूचनाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई, इसलिए हाइब्रिड वॉर के लिए दूसरे रास्ते चीन ने निकाल लिए। 

इस डिजिटल चोरी का मकसद सूचनाओं को तोड़मरोड़ कर उनका इस्तेमाल अपने हित में करना है। यह इससे साफ होता है कि सूचनाएं चुरा रही चीनी कंपनी ने खुद इस प्रोग्राम का नाम ‘इन्फॉर्मेशन पलूशन, परसेप्शन मैनेजमेंट एंड प्रोपेगंडा’ रखा था। अप्रैल 2018 में कायम हुई इस कंपनी ने दर्जनों देशों एवं क्षेत्रों में डाटा के संसाधन के लिए 20 प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए और चीनी सरकार और वहां की सेना को अपना मुख्य ग्राहक घोषित कर दिया। उसके लिए ऐसा करना जरूरी था, क्योंकि चीन ने इसके कानूनी प्रबंध कर रखे हैं।
एक सूचना के मुताबिक चीन ने वर्ष 2017 में ‘नेशनल इंटेलिजेंस लॉ’ लागू किया था, जिसके अनुछेद 7 और 14 में यह प्रावधान है कि जरूरत पड़ने पर चीन की सभी संस्थाओं, कंपनियों और नागरिकों को सरकारी गुप्तचर एजेंसियों के लिए काम करना पड़ सकता है। यही वजह है कि हुआवे जैसी दूरसंचार कंपनी को अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों में शक की निगाह से देखा जाता है, क्योंकि चीनी कानून से बंधे होने के कारण उसे अपने ग्राहकों-उपभोक्ताओं की गतिविधियों की सारी सूचनाएं चीनी सरकार से साझा करनी पड़ती हैं।
संभवत: इसी कारण कई कंपनियां चीन से अपना कोई संबंध होने से इन्कार करने लगी हैं, क्योंकि उन्हें इसका अहसास हो गया है कि चीन में पंजीकृत और चीन स्थित कंपनियों को चीन के इंटेलिजेंस कानून के प्रावधानों के कारण पूरे विश्व में शक की निगाह से देखा जाने लगा है। इतना ही नहीं, अमेरिका आदि देशों में तो चीन के शोधकर्ताओं तक को संदिग्ध की तरह देखा जाने लगा है, क्योंकि कानून से बंधे होने के कारण बहुत संभव है कि वे बाहरी देशों में जाने पर वहां की सूचनाएं चीनी सरकार के साथ साझा करते हों।

NCB ने किया अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के तस्कर गिरोह का खुलासा, कई किए गये गिरफ्तार

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। किंगपिन समेत 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एनसीबी ने 8 किलो हेरोइन, 455 ग्राम कोकीन और 1 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। यह गिरोह पिछले कुछ महीनों में 52 किलो नशीले पदार्थों की तस्करी कर चुका है।
वहीं, दूसरी ओर बॉलीवुड में नशे को लेकर एनसीबी रोज नए खुलासे कर रहा है। सुशांत मामले से एनसीबी ने जांच करनी शुरू किया था, जिसमें रिया चक्रवर्ती समेत दर्जनों लोगों के नाम अब तक सामन आ चुके हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस में आए ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार हैं। उन्होंने एनसीबी को कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने 25 बॉलीवुड सेलेब्स के नाम बताए हैं, जो ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं या तस्करी करते हैं। एनसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। रिया के अलावा एनसीबी ने उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और घर में काम करने वाले दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया हुआ है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बॉलीवुड से जुड़े लोगों के मादक पदार्थों के कथित सेवन के मामले की जांच के सिलसिले में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की प्रबंधक करिश्मा प्रकाश और एक टैलेंट प्रबंधक एजेंसी के सीईओ ध्रुव चितगोपेकर को पूछताछ के लिए तलब किया है।

अब अपराधियों के लिए कठिन हो गया चुनाव लड़ना, जानिए चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन

पटना ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) अब दागदार छवि वाले नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। चुनाव आयोग ने ऐसे प्रत्याशियों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। प्रयास है कि जनता अधिक से अधिक बेदाग छवि वाले प्रत्याशियों का चयन करे और उन्हें सदन तक पहुंचा सके। आपराधिक छवि के लोगों पर सख्ती के इरादे से चुनाव आयोग ने नई गाइड लाइन जारी की है। नई गाइड लाइन के अनुसार अब प्रत्‍याशियों को अपनी करतूतों को जनता के समक्ष सार्वजनिक करना होगा।.
चुनाव आयोग की गाइडलाइन में प्रावधान कर दिए गए है कि दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को अब नामांकन पत्र में अपने अपराध संबंधी मुकदमों का ब्योरा देने के साथ ही कम से कम तीन बार यह जानकारी अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर मतदाताओं को भी देनी होगी। विज्ञापन कब प्रकाशित करना है इसका निर्धारण चुनाव आयोग करेगा। अखबार में विज्ञापन प्रकाशित होने के अगले दिन संबंधित प्रत्याशी को उस अखबार की एक प्रति विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर को देनी होगी जिसमें उसका विज्ञापन होगा।
राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारी बैजू नाथ कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को फॉर्म 26 के पारा पांच-छह में आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती थी। नई गाइडलाइन में यह व्यवस्था की गई है कि जिन प्रत्याशियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं, उन्हें नामांकन के बाद नाम वापसी के चार दिनों के अंदर अपने ऊपर चल रहे या लंबित आपराधिक मामलों का पहला विज्ञापन विधानसभा क्षेत्र में प्रसारित अखबार में कराना होगा। दूसरी बार यही विज्ञापन नाम वापसी के पांचवे से आठवें दिन और तीसरी बार मतदान के ठीक एक दिन पहले समाचार पत्र में प्रकाशित कराना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि मतदाताओं को अपने प्रत्याशी के आपराधिक मामलों की जानकारी होगी तो वे सोच समझकर मतदान करेंगे। साथ ही इस व्यवस्था के प्रभावी होने से सदन के अंदर साफ-सुथरी छवि वाले विजयी उम्मीदवार पहुंचेंगे। नई व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होगी और मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में हर प्रकार की जानकारी मिल सकेगी।

सियासी तकरार में सभी मर्यादाएं हुई तार-तार, राज्यसभा में तोड़े गए माइक, फाड़ी गई रूल बुक, मार्शलों की मौजूदगी में दो कृषि विधेयक पारित

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) राज्य सभा में धक्कामुक्की! माइक की तोड़फोड़, रूल बुक के पन्ने फाड़कर फेंकना, हल्ला व शोरगुल। यह सब दृश्य किसी स्कूल-कॉलेज के हॉस्टल या छात्रों के बीच की लड़ाई का नहीं, यह दृश्य था देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा का। रविवार को ऐतिहासिक कृषि सुधारों के लक्ष्य के साथ पेश किए गए दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान सदन इस शर्मसार करने वाले दृश्य का गवाह बना। इसी हंगामे के बीच सरकार ने दोनों विधेयकों को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित करा लिया।
सदन के पटल पर विधेयकों के रखे जाने के बाद से ही विपक्षी दल इनका विरोध कर रहे थे। इसके बाद जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों को पारित कराने के लिए कार्यवाही का समय बढ़ाने का फैसला किया, तो हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्यों ने कृषक कीमत आश्वासन व सेवा करार विधेयक तथा कृषक उपज वाणिज्य व व्यापार संवर्धन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग की। कांग्रेस के वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा के रागेश और द्रमुक के त्रिची शिवा ने बिलों को प्रवर समिति में भेजने के लिए चार अलग-अलग प्रस्ताव पेश किया। उपसभापति ने इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद हंगामे का ऐसा दौर शुरू जो सदन के इतिहास में शर्मनाक पन्ने की तरह जुड़ गया। विपक्षी दल लगातार उपसभापति पर संसदीय नियमों को ताक पर रखकर जबरन विधेयक पारित कराने का आरोप लगाया।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने इससे पूर्व राज्यसभा में अपने संक्षिप्त जवाब में कहा कि खेती पर एकांगी नजरिये से किसानों का भला नहीं होगा। नए कानून से एमएसपी पर कोई फर्क नहीं आएगा। किसानों को एमएसपी आगे भी मिलता रहेगा। विधेयक पर विपक्ष के विरोध को तोमर ने राजनीतिक करार दिया और कहा कि पीएम मोदी ने छह साल में किसानों के लिए एमएसपी में हर मौसम में बढ़ोतरी के साथ ही उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं।.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों कृषि विधेयकों के पारित होने के तत्काल बाद इसे ऐतिहासिक बताते हुए ट्वीट किया, ‘भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे।’
प्रधानमंत्री ने एक बाद एक ट्वीट कर कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। मोदी ने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।

इस तरह चला हंगामा –

  • विधेयकों पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब के दौरान उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही तय समय से आगे बढ़ाने का फैसला किया।
  • नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि समय सबकी सहमति से बढ़ना चाहिए। विपक्ष ने विधेयकों को पास कराने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कराने की मांग की।
  • विपक्षी दलों के तर्क की अनदेखी कर उपसभापति ने बिल पारित कराना शुरू कर दिया। तोमर ने भी अपना भाषण तत्काल खत्म कर दिया।
  • विपक्षी सदस्यों ने विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग शुरू कर दी।
  • आसन की ओर से अनदेखी होने पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक हाथ में लेकर व्यवस्था का प्रश्न उठाया।
  • इस पर भी संज्ञान नहीं लिए जाने पर गुस्से में डेरेक रूल बुक लेकर वेल में पहुंच गए और इसकेपन्ने फाड़ आसन की ओर उछाल दिए।
  • बौखलाए डेरेक ने आसन के माइक भी तोड़-मरोड़ दिए।
  • कांग्रेस, द्रमुक, वामदल, आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष के कई सदस्य वेल में पहुंचकर हंगामा करने लगे और उपसभापति पर जबरन बिल पास कराने का आरोप लगाया।
  • हंगामा बढ़ता देख सदन के सारे माइक बंद कर दिए गए और राज्यसभा टीवी का प्रसारण भी केवल आसन तक सीमित हो गया। आखिरकार सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित किया गया।
  • दोबारा सदन शुरू होने की हंगामा और बढ़ गया। आसन ने मत विभाजन की मांगें को यह कहते हुए खारिज कर दीं कि सदस्य अपनी सीट पर नहीं जाएंगे तो इस पर विचार नहीं हो सकता।
  • आप के संजय सिंह उग्र होते हुए आसन के चेहरे के सामने जाकर नारेबाजी करने लगे।
  • चारों तरफ मार्शलों की तैनाती के बीच हरिवंश ने दोनों विधेयकों को भारी हंगामे और अफरा-तफरी के बीच ध्वनिमत से पारित करा दिया।
  • नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन स्थगित होने के बाद भी राज्यसभा चैंबर में काफी देर तक धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही एक घंटे विलंब से शुरू हुई।

राज्यसभा को देश का उच्च सदन कहा जाता है। इसके सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोग होते हैं। उच्च सदन में रविवार को जो दृश्य दिखा, वह शर्मसार करने वाला था। इस तरह के छिछले व्यवहार की अपेक्षा राज्यसभा सदस्यों से नहीं की जाती है।
राज्यसभा में हुए हंगामे ने कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए तय शारीरिक दूरी के प्रोटोकॉल की भी धज्जियां उड़ा दीं। जिस तरह विपक्षी दलों के नेता वेल में जुटे और धक्कामुक्की हुई, उसने सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए।

पारित हुआ दो विधेयक –

  • कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा)

-यह किसानों को उनकी उपज देश में कहीं भी, किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। इसके जरिये एक देश, एक बाजार की अवधारणा लागू की जाएगी। किसान अपना उत्पाद खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकेंगे।

  • मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा
  • यह कदम फसल की बोआई से पहले किसान को अपनी फसल को तय मानकों और तय कीमत के अनुसार बेचने का अनुबंध करने की सुविधा प्रदान करता है। इससे किसान का जोखिम कम होगा। खरीदार ढूंढने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा।

कृषि क्षेत्र में सुधारों के लक्ष्य के साथ लाए गए इन दोनों विधेयकों को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें कानून की शक्ल देने के लिए केवल राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है।

24 सितंबर को सऊदी अरब से आएगा भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना महामारी के कारण विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस अपने देश लाने का काम जारी है। इसके तहत अब सऊदी अरब में फंसे भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को भारत जाने के लिए रवाना होगा। सऊदी अरब से भारतीय निर्वासितों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को रियाद-चेन्नई उड़ान से भारत पहुंचेगा।
दूतावास ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि मिशन पिछले कुछ समय से विदेश मंत्रालय के परामर्श से सऊदी निर्वासन केंद्रों में भारतीयों के मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। बयान के अनुसार, मई, 2020 में लगभग 500 निर्वासितों का पहला बैच हैदराबाद भेजा गया था। भारत में COVID-19 के प्रसार से बचने के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के अलावा कई एजेंसियां ​​दोनों छोर पर शामिल थीं और कई मंजूरी की आवश्यकता थी।
दूतावास ने वर्तमान में कहा, रियाद में मिशन, जेद्दा में वाणिज्य दूतावास, और विदेश मंत्रालय दुसरे बैच के लिए उड़ानों और संगरोध सुविधाओं की व्यवस्था कर रहा है। रियाद-चेन्नई से पहली उड़ान 24 सितंबर को प्रस्थान करने वाली है। रियाद और जेद्दा से आगे की उड़ानों पर फिलहाल काम किया जा रहा है और जल्द ही इसे अधिसूचित किया जाएगा। मिशन और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी निर्वासन प्राधिकारियों के नियमित संपर्क में हैं।

21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से खोले जा सकते हैं स्कूल

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना संक्रमण के बीच जेईई मेंस और नीट जैसी परीक्षाओं को कराने के बाद अब स्कूलों को भी खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। 21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े स्कूलों ने इसे लेकर प्लान जारी कर दिया है। इसके लिए अभिभावकों से सहमति मांगी गई है।
मार्च से ही बंद पड़े स्कूलों को खोलने को लेकर अनलॉक-4 में भी कुछ सहूलियतें दी गई हैं। इसके तहत 21 सितंबर से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूलों में 50 फीसद टीचिंग स्टाफ को स्कूल आने की अनुमति दे सकते हैं। इस दौरान कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र भी अभिभावक की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे। वैसे तो स्कूलों, कोचिंग सहित दूसरे सभी शैक्षणिक संस्थानों को 30 सितंबर तक बंद रखा गया है। इस बीच दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों को पांच अक्टूबर तक बंद रखने का घोषणा की है।
केंद्रीय विद्यालयों की ओर से अभिभावकों को स्कूलों के खोलने का पूरा प्लान भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय 21 सितंबर से फिर से खुल रहा है। ऐसे में स्वेच्छा से अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों को विद्यालय से लाने और ले जाने की पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों की खुद होगी। इस दौरान बच्चों के स्कूल आने का जो प्लान भेजा गया है, उनमें 11वीं और 12वीं के बच्चों को सिर्फ सोमवार और मंगलवार आना है। जबकि दसवीं के बच्चों को बुधवार और गुरूवार और नौवीं के बच्चों को शुक्रवार और शनिवार को आना है।
जारी प्‍लान में कहा गया है कि बच्चों को लंच और पानी की बोतल के साथ मास्क और सैनिटाइजर भी अनिवार्य रूप से लाना होगा। हालांकि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों की ओर से भेजा गया यह प्रस्ताव ज्यादातर अभिभावकों को भा नहीं रहा है। फिलहाल केंद्रीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि किसी भी बच्चे पर स्कूल आने का कोई दबाव नहीं होगा। हालांकि जो आना चाहते हैं। उन्हें फोन करके और किस संबंध में आ रहे हैं। इसकी जानकारी पहले देनी होगी।  

दिल्ली राज्य के सभी स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, राज्य सरकार ने दिया आदेश

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राज्य में सभी स्कूलों को 5 अक्टूबर, 2020 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। बता दें कि 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए आंशिक रूप से स्कूल खोलने की अनुमति भी रद्द हो गई है। महामारी के कारण दिल्ली में 16 मार्च से स्कूल बंद हैं।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने 30 सितंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया था। कहा गया था कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी, जबकि 20 सितंबर तक स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की एक्टिविटी के लिए स्कूल में आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 21 सितंबर से यदि 9वीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स अपने शिक्षक से परामर्श लेने के लिए स्कूल जाना चाहें तो वे अपने माता-पिता या अभिभावक की लिखित स्वीकृति के साथ जा सकते हैं। हालांकि, स्कूल व स्टूडेंट्स के घर कन्टेनमेंट जोन से बाहर स्थित हों, तभी इसकी अनुमति दी गई थी।
गौरतलब हो कि इससे पूर्व दिल्‍ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय से स्कूलों को फिर से खोले जाने को लेकर पैरेंट्स का विचार जानने को कहा था। एक गूगल फॉर्म के माध्यम से पैरेंट्स से उनकी सुझाव मांगी गई थी। जिसमें ज्यादातर पैरेंट्स या अभिभावक अपने बच्‍चों को महामारी के बीच स्‍कूल भेजने के खिलाफ थे। द्वारका स्थित बाल भारती स्कूल में बच्चों के 65 फीसदी माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार किया। वहीं, माउंट आबू पब्लिक स्कूल, रोहिणी में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों में से 75 प्रतिशत के माता-पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा नहीं उठाना चाहते हैं। जबकि, एक अन्य प्राइवेट स्कूल में 400 स्टूडेंट्स की क्लास में से सिर्फ 25 स्टूडेंट्स के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने के समर्थन में थे।

अब रेल यात्रियों को किराये में देना पड़ सकता है यूजर चार्ज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स omtimes ) रेलवे अब जल्द ही ट्रेन किराये में यूजर चार्ज भी वसूलना शुरू कर देगा। जिन स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है और जहां सबसे ज्यादा यात्री पहुंचते हैं, वहां यह शुल्क लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को कहा था कि स्टेशनों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराने के लिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया जाएगा। रेल यात्रियों से पहली बार इस तरह का शुल्क वसूला जाएगा।
यादव ने कहा कि शुल्क मामूली होगा और देश भर के 7000 स्टेशनों में से करीब 10 से 15 फीसद पर यह लागू होगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा, ‘हम यूजर चार्ज के रूप में बहुत छोटी सी राशि वसूलने जा रहे हैं। हम सभी स्टेशनों के लिए यूजर चार्ज की अधिसूचना जारी करने जा रहे हैं। इस तरह के स्टेशनों में दोनों, जिनका पुनर्विकास हो रहा है और जिनका नहीं हो रहा है शामिल होंगे।’
यादव ने कहा ‘स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो जाने के बाद राशि रियायत में चली जाएगी। तब तक यह राशि रेलवे को स्टेशनों में सुविधाओं के सुधार के लिए मिलती रहेगी। यह एक मामूली राशि होगी, लेकिन यदि हम हवाई अड्डे -जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराना चाहते हैं तो यह लेवी महत्वपूर्ण है। हम अपने सभी बड़े रेलवे स्टेशनों को विकसित करना चाहते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे सभी 7000 स्टेशनों पर लेवी नहीं लगाएगा, लेकिन उन सभी बड़े स्टेशनों जहां अगले पांच वर्षो में आने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी वहीं लेवी की वसूली की जाएगी।
गौरतलब हो कि दक्षिण पश्चिम रेलवे ने पिछले दिनों प्लेटफार्म टिकटों की कीमत में 400 फीसद की वृद्धि करने की घोषणा की थी। दक्षिण पश्चिम रेलवे का कहना था कि यह कदम कोरोना काल में रेलवे प्लेटफार्मों पर भीड़ को रोकने के लिए लगाया गया। चुने हुए रेलवे स्टेशनों पर टिकट की कीमत 10 रुपये से 50 रुपये हो गई है।

दुबई ने एयर इंडिया की सभी उड़ानों को 2 अक्टूबर तक के लिए किया निलंबित

दुबई/ मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दुबई ने एयर इंडिया की सभी सेवाओं को अपने देश में 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया है। विमान में सवार एक कोरोना संक्रमित यात्री के मिलने के बाद दुबई प्रशासन ने यह फैसला किया है। दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। बयान में कहा गया है कि जयपुर से दुबई आ रहे विमान में सवार एक कोरोना पॉजिटिव यात्री के पाए जाने के बाद एयर इंडिया की सभी विमान सेवाओं को अगले 15 दिनों यानि 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।
यूएई सरकार के नियमों के अनुसार, भारत से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 96 घंटे पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण से मूल कोरोना-नेगेटिव प्रमाणपत्र लाने की आवश्यकता होती है। अधिकारियों ने कहा कि एक यात्री, जिसके पास COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट था, जिसने 2 सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस ‘जयपुर-दुबई फ्लाइट 4 सितंबर को यात्रा की थी। इसी तरह की एक घटना पहले एयरलाइन की दुबई की अन्य उड़ानों में से एक यात्री के साथ हुई थी।
अधिकारियों ने कहा कि इसलिए, दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों के दौरान भारत से दुबई के लिए COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट के साथ उड़ने वाले यात्रियों की दोनों घटनाएं पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हुईं।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि वह यात्रियों की कठिनाई को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपनी चार दुबई उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जो शुक्रवार को भारत से संचालित होने वाली हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेश से आने वाले यात्रियों को एंट्री पोर्ट पर कोरोना जांच के बाद निगेटिव होने पर ही घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने की अनुमति मिलेगी। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विदेश से आए सभी यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट निगेटिव रहने पर ही वे अपने शहर के लिए घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ सकेंगे। कोरोना जांच की रिपोर्ट आने में करीब सात घंटे लगेंगे। इस दौरान उन्हें एंट्री पोर्ट के लाउंज में ही समय बिताना होगा।

सुशांत सिंह केस में NCB का एक और ऐक्शन, 4 और ड्रग पेडलर को किया गिरफ्तार

मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes ) फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के मामले में ड्रग एंगल की जांच कर रही एनसीबी की टीम इस समय पूरे एक्शन में है। इस केस में रिया चक्रवर्ती, भाई शौविक चक्रवर्ती और सैम्यूअल मिरांडा समेत कई लोगों पर शिकंजा कसने के लिए एनसीबी लगातार छापेमारी कर रही है। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पेडलर्स को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के ड्रग पेडलर राहिल विश्राम को 1 किलो चरस के साथ पकड़ा गया। एनसीबी ने उसके पास से 4.5 लाख रुपये नकद भी जब्त किया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ज़ोनल डायरेक्टर ने बताया कि राहिल का सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले से संबंधित अन्य पेडलर्स से सीधा संपर्क है।
वहीं, सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सलियन की मौत पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि मौत से पहले दिशा ने 100 नंबर पर कॉल किया था। जिसपर मुंबई पुलिस की तरफ से बयान आया है। पुलिस के एक अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि दिशा सलियन के फोन से आखिरी कॉल उनकी दोस्त अंकिता को की गई थी। उसके आखिरी बार 100 नंबर डायल करने का जो दावा किया जा रहा है, वह गलत है। दिशा सलियन 8 जून को मुंबई में मृत पाई गई थी।
इससे पहले एनसीबी सुशांत केस में ड्रग से जुड़े दो और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमे से एक शौविक का दोस्त जयदीप मल्होत्रा है, जिसे 18 सितंबर तक एनसीबी की हिरासत में सौंप दिया गया है। जबकि एनसीबी की टीम ने गोवा में छापा मारकर क्रिस कोस्टा को दबोचा। मुंबई लाकर उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई गई। उसे 17 तक एनसीबी के हवाले किया गया है। इन दोनों को मिलाकर एनसीबी इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एनसीबी के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिब होने की वजह से श्रुति मोदी से पूछताछ नहीं हो सकी। सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति को एनसीबी ने टैलेंट मैनेजर जया साहा के साथ तलब किया था। एसआइटी उससे पूछताछ शुरू ही करने वाली थी तभी टीम के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिव होने की रिपोर्ट आ गई। इस पर टीम के सभी अन्य सदस्यों की कोरोना जांच कराने का फैसला किया गया। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए श्रुति को बिना पूछताछ के लौटा दिया गया।
रिया चक्रवर्ती द्वारा सुशांत सिंह की दो बहनों प्रियंका, मीतू और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डाक्टर तरुण कुमार के खिलाफ मुंबई के बांद्रा थाने में दर्ज कराई गई एफआइआर पर सीबीआइ कानूनी परामर्श ले रही है। डाक्टर पर सुशांत के लिए घबराहट के इलाज के लिए फर्जी नुस्खा लिखने का आरोप लगाया गया है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार एजेंसी जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय लेगी। किसी निर्णय पर पहुंचने के लिए सभी पहलुओं को समझने के लिए वह कानून के जानकारों से राय लेना जरूरी समझ रही है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का किया उद्घाटन, कहा- दरभंगा में AIIMS का भी जल्द होगा निर्माण

पटना ( ऊँ टाइम्स omtimes )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार को रेलवे की आधरभूत संरचना में सुधार के लिए बड़ी सौगातें दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के चालू होने से करीब नौ दशक बाद कोसी व मिथिलांचल आपस में रेल मार्ग से जुड़ेंगे। नेपाल सीमा के पास स्थित इस ब्रिज का रणनीतिक महत्व भी है। कोरोना संक्रमण के काल के दौरान इसके निर्माण में प्रवासी मजदूरों ने भी अपना योगदान दिया है। इस इसके अलावा प्रधानमंत्री रेलवे से संबंधित 12 अन्‍य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

गुजरात में 71 फीट लंबा नमो केक काटकर मनाया गया पीएम मोदी का जन्मदिन

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70 वे जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए 71 फीट लंबा केक बना कर कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया गया। इस केक को सूरत में ब्रेडलिनर बेकरी ने तैयार किया है, जिसकी लंबाई 71 फीट है, और उसका वजन 771 किलो है। मोदी जी के जन्म दिन के मौके पर इस केक को बच्चों में बांटा गया है।
बच्चों को केक बांटने के बाद बचे हुए केक को 500 ग्राम में के टुकड़ों में बांटकर गुजरात के वापी से वडोदरा तक बेकरी के कई आउटलेट्स पर बेचा जाएगा। इसके अलावा, बेकरी एक डिजिटल केक काटने की मेजबानी भी करेगा।
यह बेकरी पिछले तीन सालों से मोदी जी का बर्थडे सेलिब्रेट करती आ रही है। इतना ही नहीं बेकरी सामाजिक जागरूकता प्रोग्राम भी आयोजित कर रही है। इस साल के आयोजन पर आयोजक नितिन पटेल ने बताया कि मोदी जी के बर्थडे के मौके पर केक काटने की रस्म सोशल डिस्टैंसिंग और जरूरी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए की गई !
इस आयोजन में सात कोरोना योद्धा जिसमें मीडिया, पुलिस, प्लाज्मा डोनर और डॉक्टर शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टैंसिंग को ध्यान में रखते हुए हम जल्द से जल्द एक डिजिटल कार्यक्रम का भी आयोजन करेंगे।
सूरत की पूर्व महापौर और कोरोना योद्धा अश्मिता शिरोया ने 711 किलोग्राम का केक काटा और ये संदेश दिया कि हम कोरोना से जीतेंगे और हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे। 

यूपी के बरेली में एक निजी हास्पिटल संचालक की हुई हत्या

बरेली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले में हिन्दू युवा वाहिनी के मीरगंज तहसील प्रभारी व निजी हास्पिटल संचालक डॉ. संजय सिंह भदौरिया की कुछ लोगो ने हत्या कर दिया है। हत्याराेपितों ने देर रात घटना को अंजाम दिया। वह हिन्दूवादी नेता का शव अस्पताल परिसर के अंदर ही छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस सीसीटीवी कैमरे के जरिए हत्यारोपितों तक पहुंच गई है। जिसके चलते उनके जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।
बरेली में हिन्दू युवा वाहिनी के नेता डॉ. संजय सिंह भदौरिया की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गयी। उन्हें किसी तेज धार वाले चाकू से काटा गया। भयावह तरीके से उनका क़त्ल किया गया। डॉ. संजय सिंह, हिंदूवादी संगठन चलाते थे और राजनीतिक रूप से समाज में काफी सक्रिय थे। मीरगंज तहसील से हिन्दू युवा वाहिनी के प्रभारी डॉक्टर संजय सिंह दुनका में अपना निजी हाॅस्पिटल चलाते थे। रोज की भांति बुधवार की रात को वह अपने हास्पिटल परिसर में ही सो रहे थे। देर रात अज्ञात बदमाशों ने अस्पताल परिसर के अंदर ही हिंदू युवा नेता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फरार हो गए। डॉक्टर संजय सिंह का शव जब सुबह हॉस्पिटल परिसर के अंदर रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला तो सनसनी फैल गई। निजी हास्पिटल संचालक की हत्या की जानकारी मिलते पुलिस अफसर घटना स्थल पर पहुंच गए। डॉ. संजय के सहयोगी अनुज प्रताप ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। अनुज ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय की हत्या किसी राजनीतिक द्वेष के चलते ही की गई है। हिंदूवादी नेता की दुनका पुलिस चौकी के नजदीक हत्या हो जाने से इलाके में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधिकारियो ने तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलवाया, इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमें पुलिस को हत्याराेपित नजर आए। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हत्यारोपितो की पहचान करते हुए उनकी तलाश शुरु कर दी। जानकारी के अनुसार पुलिस हत्यारोपित तक पहुंच गई है। हांलाकि पुलिस अधिकारी हत्यारोपित को हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं कर रहे है।

40 और स्पेशल ट्रेन 21 सितम्बर से उतरेंगी पटरी पर, रिजर्वेशन के लिए मिलेगा 10 दिन का समय

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेल मंत्रालय अब धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरी पर उतार रहा है। 21 सितंबर से 40 और नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव कहां होगा और किस स्टेशन से रवाना होगी, इसकी सूचना रेल मंत्रालय ने 15 सितंबर को जारी कर दी है।

रेल मंत्रालय ने देश भर में दौड़ने वाली 40 ट्रेनों की सूची जारी की, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत-

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच में आने जाने वाली ट्रेन संख्या 04251-04252 हमसफर की तर्ज पर दौड़ाई जाएगी। इसका किराया जनशताब्दी के समान होगा। इन ट्रेनों का ठहराव तय कर लिया है, लेकिन इस में कुछ बदलाव करना होगा, जिसके लिए मंडल और जोन संयुक्त रूप से बदलाव कर सकेंगे। इनमें आठ ट्रेनें प्रतिदिन दौड़ेंगी, जबकि कुछ सप्ताह में एक दिन तो कुछ सप्ताह में तीन दिन दौड़ेंगी। इन ट्रेनों में दस दिनों में रिजर्वेशन कराया जा सकेगा। ट्रेनों में डिब्बों की संख्या 22 तक होगी।

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच हमसफर की तर्ज पर दौड़ने वाली ट्रेन का लिया जाएगा जनशताब्दी का किराया –

आप को बता दें कि 12 सितंबर से 80 ट्रेनें पटरी पर उतर चुकी हैं, जिसके संचालन के बाद इन ट्रेनों को पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया। शारीरिक दूरी, यात्रियों की स्क्रीनिंग, स्टेशन पर पहले आने जैसे नियम पहले की तरह ही जारी रहेंगे। बिना रिजर्वेशन किसी की भी एंट्री ट्रेन में नहीं होने दी जाएगी।

ये ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी, यहां रुकेंगी-

ट्रेन नंबर 02563 /02564 आना-जाना सहरसा से न्यू दिल्ली-ठहराव-बरौनी, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर, 03391 /03392 () आना-जाना राजगीर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, लखनऊ, 02569/02570 आना-जाना दरभंगा से न्यू दिल्ली-ठहराव-समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी।

ये ट्रेनें सप्ताह में कुछ दिन चलेंगी

सप्ताह में एक दिन से लेकर तीन दिनों तक चलेंगी ये ट्रेनें – इन में ट्रेन संख्या 02573/02574 आना-जाना मुजफ्फरपुर से दिल्ली-ठहराव-गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, 03293 / 03294 आना-जाना राजेंद्र नगर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, 05485 / 05486 आना-जाना कटिहार से दिल्ली-ठहराव-खगड़िया, बरौनी बाय पास, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, टुंडला, अलीगढ़, 04653 / 04654 आना-जाना न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर-ठहराव-कटिहार, समस्तीपुर, छपरा, गोरखपुर, सीतापुर जंक्शन, मुरादाबाद, सहारनपुर, 04651 / 04652 आना-जाना जयनगर से अमृतसर-ठहराव-समस्तीपुर, छपरा, शाहगंज, लखनऊ, मुरादाबाद, दिल्ली, अंबाला कैंट, 04059 / 04060 आना-जाना वाराणसी से न्यू दिल्ली-ठहराव-लखनऊ, मुरादाबाद, 04055 / 04056 आना-जाना बलिया से दिल्ली-ठहराव- गाजीपुर सिटी, जौनपुर, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, 04251 / 04252 आना-जाना लखनऊ से न्यू दिल्ली-ठहराव- कानपुर, टुंडला तक चलेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02787 / 02788 आना-जाना सिकंदराबाद से दानापुर-ठहराव- बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, कटनी, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, 07379 / 07380 आना-जाना वास्को से निजामुद्दीन-ठहराव-माडगांव।

बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, इटारसी, भोपाल, झांसी, आगरा कैंट, 06509 / 06510 आना-जाना बेंगलुरू से दानापुर-ठहराव- कटपड़ी, चेन्नई, विजयवाड़ा, वारांगल, बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज चेओकी, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा, 06523/06524 आना-जाना यसवंतपुर से निजामुद्दीन-ठहराव- हुबली, बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, भोपाल, झांसी, 09465/09466 आना-जाना अहमदाबाद से दरभंगा-ठहराव- रतलाम, उज्जैन, गुना, झांसी, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, शाहगंज, छपरा, समस्तीपुर, 09415/09416 आना-जाना अहमदाबाद से दिल्ली-ठहराव- अबू रोड़, अजमेर, जयपुर, 09065/09066 आना-जाना सूरत से छपरा-ठहराव- भूसावल, इटारसी।

जबलपुर, प्रयागराज जंक्शन, वाराणसी, शाहगंज, 09025/09026 आना-जाना बांद्रा (टी) से अमृतसर-ठहराव- वडोदरा, रतलाम, कोटा, न्यू दिल्ली, अंबाला कैंट, चंडीगढ़, 09447/09448 आना-जाना अहमदाबाद से पटना-ठहराव- रतलाम, कोटा, आगरा फोर्ट, कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक चलेगी।

सनसनीखेज खुलासा, मुंबई पुलिस यदि उस वीडियो की जांच करती तो आज जिंदा होते सुशांत

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबधक कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख राकेश अस्थाना से मुलाकात कर उनसे बॉलीवुड के कुछ कलाकारों के कथित ड्रग वीडियो मामले में शिकायत किया है । उन्होंने एक साल पहले भी इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि उस समय बॉलीवुड कलाकारों को ड्रग पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली जाती तो संभवतः सुशांत सिंह राजपूत की मौत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 अगस्त को उन्होंने मुंबई पुलिस से वीडियो के आधार पर शिकायत किया था । वीडियो को ट्वीट करने के साथ उन्होंने मुंबई पुलिस को स्पीड पोस्ट से लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की थी। इस मामले में कई बार मुंबई पुलिस को रिमांडर भी भेजा लेकिन, उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्हें ईमेल करके कुछ जानकारी तो मांगी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एक विधायक की शिकायत पर भी जांच नहीं किए जाने से मुंबई पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठता है। यदि उस समय मुंबई पुलिस तत्परता दिखाती और बॉलीवुड में ड्रक के कारोबार और उपयोग की जांच होती तो सुशांत को बचाया जा सकता था।
सिरसा के द्वारा पिछले वर्ष अगस्त में ट्वीट किए गए वीडियो में एक पार्टी चल रही है, जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े कलाकार नशे की हालत में दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उड़ता पंजाब फिल्म के जरिये पंजाब और वहां के युवकों को बदनाम करने वाला शाहिद कपूर खुद ड्रग लेने के आदि हैं। उन्होंने एनसीबी प्रमुख से इस मामले की जांच करने की मांग की है जिससे कि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि एनसीबी प्रमुख ने वीडियो की जांच कराने की मांग की है।

यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने दिया निर्देश-हर जगह पर रखा जाए टेस्टिंग किट का बैकअप

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स omtimes ) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रसार पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार अंकुश लगाने के प्रयास में हैं। मुख्यमंत्री लगभग रोज अपनी कोर टीम (टीम-11) के साथ कोरोना के साथ अनलॉक-4.0 की समीक्षा किया।
लोकभवन में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के बाद अफसरों को टेस्टिंग किट का बैकअप की रखने का निर्देश दिया। उन्होंने इससे पहले दवा व ऑक्सीजन सिलेंडर का बैकअप रखने को कहा था। मुख्यमंत्री ने आज पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा चिकित्सा संस्थानों में टेस्टिंग किट का बैकअप रखा जाए। जिससे कि हर प्रकार का जांच कार्य सुगमतापूर्वक सम्पन्न होता रहे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को प्रदेश के हर जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा हर मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करें। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार बढ़ते संक्रमण वाले लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर तथा मुजफ्फरनगर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सालयों तथा मेडिकल काॅलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑक्सीजन निर्धारित मूल्य पर ही मिले। किसी भी दशा में ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए।  मुख्य सचिव कार्यालय हर दिन जिला प्रशासन से संवाद बनाकर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण करे। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग तथा पुलिस समन्वय से पब्लिक एड्रेस सिस्टम को संचालित करें। कोविड-19 से बचाव व यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से चैराहों तथा बाजार आदि में प्रसारित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कोविड हेल्प डेस्क को हर जगह पर पूरी सक्रियता से संचालित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान की खरीद के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी हों। उन्होंने बिजनौर के गौ-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश देने के साथ ही हर जगह पर आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए एलर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करने को कहा है।

विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं गुजरात के तार, गोधरा से युवक किया गया गिरफ्तार

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  विशाखापट्टनम जासूसी कांड से गुजरात के तार जुड़े होने की पुष्टि होने के बाद नेशनल इन्‍वेस्‍टिगे‍टिंग एजेंसी ने गोधरा से एक युवक को गिरफ्तार किया है। इमरान नामक युवक आइएसआइ के मॉडल पर भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल ने एनआइए को बधाई देते हुए इसकी पुष्टि की है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड की जांच कर रहे राष्‍ट्रीय अन्‍वेषण अभिकरण (NIA) ने गुजरात के गोधरा से इमरान नामक एक युवक की धरपकड की है। इमरान यहां कपड़े का कारोबार करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इमरान के तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं। पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ (ISI) के इशारे पर वह भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। नौसेना तथा भारत सरकार की कई अहम जानकारियां वह विशाखापट्टनम में बैठे अपने आकाओं के माध्‍यम से पाकिस्‍तान पहुंचाया करता था। एनआइए को पहली सफलता मई 2020 में मिली थी, जब उसने इस कांड के प्रमुख साजिशकर्ता मोहम्‍मद हारुन लकड़ावाला को गिरफ्तार कर लिया था। एनआइए ने दिसंबर 2019 को ही यह केस अपने हाथ में लिया था। जांच के शुरुआती दस दिनों में ही एनआइए नौसेना के 7 अफसरों व एक हवाला ऑपरेटर को जासूसी के आरोप में पकड़ लिया था। एनआइए अब तक इस मामले में 15 लोगों की धरपकड़ कर चुकी है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान और भारत के विभिन्न शहरों के लोग शामिल हैं। पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौसेना के अफसरों को फंसाती थी। दरअसल फेसबुक व अन्‍य माध्‍यमों पर महिलाओं के जरिए नौसेना के अफसरों को फंसाकर उन्‍हें हनी ट्रैप या हवाला ऑपरेटरों के जरिए नकदी देकर फंसा लिया जाता था।
एनआइए ने गुजरात के गोधरा से एक व्‍यक्ति की धरपकड़ की है, जिसके तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुडे हैं। वह नौसेना की गुप्‍त व अहम जानकारियां उन तक पहुंचाता था, पकड़ा गया युवक आइएसआइ की शह पर कपड़ा कारोबार की आड़ में यह जासूसी कर रहा था।

संसद में भी पहुंच गया कोरोना, मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद मिले संक्रमित

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  मानसून सत्र में मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। मानसून सत्र का आज पहला दिन है। कोरोना संक्रमित सांसदों में अनंत कुमार हेगड़े और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा भी शामिल हैं। भाजपा के कुल 12 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें शिवसेना, डीएमके और वाईआरएससी  के भी सांसद कोरोना संक्रमित हैं।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सांसदों का कोरोना टेस्ट किया गया था। इनमें से अभी तक 17 सांसदों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना टेस्ट का इंतजाम 13 और 14 अगस्त को संसद परिसर में ही किया गया था। सांसदों तथा कर्मचारियों समेत 4000 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की गई है।

भाजपा के 12 सांसद पाए गए कोरोना से संक्रमित – मीनाक्षी लेखी (भाजपा), प्रवेश साहिब सिंह (भाजपा), सत्यपाल सिंह (भाजपा), सुखबीर सिंह (भाजपा), सुकांता मजूमदार (भाजपा), अनंत हेगड़े (भाजपा), जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (भाजपा), रामशंकर कठेरिया (भाजपा), प्रताप राव पाटिल (भाजपा), विद्युत बरन महतो (भाजपा), प्रधान बरुआ (भाजपा), रोडमल नागर (भाजपा) हनुमान बेनीवाल (आरएलपी), जी माधवी (वाईआरएससी), प्रताप राव जाधव (शिवसेना), एन रेडेप्पा (वाईआरएससी), और सेल्वम जी (डीएमके)।

कोरोना संकट के बीच इस बार के मानसून सत्र में ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए थे। आज से ही संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, जो कि 18 दिनों तक चलेगा। 
वहीं, इस बीच आज मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में कोरोना संकट पर बहस हुई। कोरोना वायरस पर लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि अधिकतम मामले और मौतें मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, असम, केरल और गुजरात से हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयासों की वजह से देश में कोरोना को सीमित करने में कमयाबी मिली। प्रति 10 लाख जनसंख्या पर भारत में 3,328 मामलें हैं और 55 मौतें हैं, जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कम है।

कार्य में लापरवाही के कारण लखनऊ के एसपी ग्रामीण हटाए गए और मलिहाबाद इंस्पेक्टर हुए निलंबित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस जिले के मलिहाबाद इलाके में युवक की मौत के बाद हुए उपद्रव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गंभीरता से लिया है। लखनऊ के एसपी ग्रामीण आदित्य लंगेह को हटा दिया गया है। उनकी जगह सीबीसीआईडी के एसपी हृदयेश कुमार को तैनात किया गया है।
इसी मामले में आईजी ने मलिहाबाद कोतवाली के इंस्पेक्टर सियाराम को निलम्बित कर दिया। नामजद आरोपियों पर रासुका लगाने की संस्तुति की जायेगी। पूरे प्रकरण की जांच सीओ मलिहाबाद को सौंपी गई है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने पीड़ित परिवार से मिलकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मृतक रामविलास रावत की पत्नी सुमन देवी के बैंक खाते में पांच लाख रुपये की राहत राशि जमा करवाई।
डीएम ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान दिलाया जाएगा। सुमन को विधवा पेंशन और पिता पंचम को वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी। उधर मलिहाबाद में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रखा गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
हत्या के आरोप में तीनों गिरफ्तार
दिलावरनगर गांव में रहने वाले पंचम रावत के बेटे रामविलास (32) की गुरुवार को दो बाइक में टक्कर के बाद हुए विवाद में मौत हो गई थी। घर वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के गुलाम अली, मुस्तकीम, मुकीद, शानू और गुड्डू को नामजद किया था। आरोप था कि पुरानी रंजिश में बेटे पर बाइक चढ़ाई, फिर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।
पुलिस लापरवाह बनी रही और सड़क हादसा बताती रही। इससे गुस्साए लोगों ने गुरुवार व शुक्रवार को प्रदर्शन किया। पथराव कर बाइक फूंक दी। पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। आईजी लक्ष्मी सिंह ने ग्रामीणों को शांत कराया। आईजी ने बताया कि मुकदमे को हत्या की धारा में कर दिया गया है। इसमें मुफीद, गुलाम अली और मुस्तकीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शनिवार सुबह से ही दिलावरनगर में अफसरों व जनप्रतिनिधियों का आना शुरू हो गया था। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे रहे। पर, ग्रामीणों में पुलिस की लापरवाही को लेकर गुस्सा बना हुआ है। उनका कहना है कि शुक्रवार को एडीएम, एसडीएम और पुलिस उन लोगों को ही गलत ठहराती रही थी। बवाल बढ़ने के लिए यही लोग जिम्मेदार है। प्रदर्शन से रोकने पर ही हंगामा बढ़ गया था। बिना जांच के ही पुलिस हत्या को सड़क हादसा बताने लगी थी।