नया खुलासा – चीन करवा रहा था प्रधान मंत्री मोदी और राष्‍ट्रपति सहित कई लोगों की जासूसी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  युद्ध के बारे में एक पुराना सर्वमान्य सिद्धांत यह कहता है कि असली जीत वह होती है, जो वास्तविक जंग लड़े बिना जीत ली जाती है। इस नजरिये से देखें तो जून 2020 में लद्दाख की गलवन घाटी में हुई मुठभेड़ में भारत के हाथों मुंह की खाने और भारत के मुकाबले दो गुना अधिक सैनिकों की जान गंवाने के बाद से चीन लगातार ऐसी कोशिशों में लगा है, जिससे वह भारत पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना सके। इसके लिए कभी वह दुष्प्रचार फैलाने वाले अपने अखबार-ग्लोबल टाइम्स में चीनी सैनिक साजोसामान की झूठी तारीफ छाप रहा है, तो कभी लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों को खराब भोजन देने का झूठ प्रचारित कर रहा है।
सूचना के इस युद्ध में वह दो हाथ बढ़कर जासूसी की कोशिशों में भी लगा है, जिसका खुलासा हाल में दो घटनाओं से हुआ है। पहली घटना एक टेक्नोलॉजी कंपनी के माध्यम से चीन की सरकार द्वारा भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों, सेना प्रमुखों, खिलाड़ियों, उद्यमियों समेत हमारे देश के 10 हजार लोगों की निगरानी की है। दूसरी घटना चीनी खुफिया एजेंसी के लिए भारत स्थित एक स्वतंत्र पत्रकार के अलावा एक चीनी महिला और नेपाली नागरिक द्वारा काम करने से संबंधित है, जिन्हें हाल में पकड़ा गया है।
चीनी और नेपाली नागरिक दो शेल (मुखौटा) कंपनियों की आड़ में जासूसी में संलग्न थे, जबकि पकड़े गए स्वतंत्र पत्रकार पर आरोप है कि वह उनकी मार्फत चीन के इंटेलिजेंस अफसरों को भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े दस्तावेज भेजता था। यह घटना इसकी पुष्टि करती है कि चीन का खुफिया तंत्र हमारे देश में किस हद तक सक्रिय रहा है। निश्चित ही चीन की ये हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। इसी वजह से ये गिरफ्तारियां हुई हैं। सवाल है कि इस तरह की डिजिटल निगरानी या जासूसी करके चीन क्या हासिल कर पाता है और क्या चीन की भी ऐसी जवाबी डिजिटल जासूसी मुमकिन है? ताकि वहां शासन-प्रशासन के स्तर पर चल रही गतिविधियों की हमें भी सूचना मिल सके। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि आखिर चीन ऐसा कैसे कर पा रहा था?
जहां तक चीन की ओर से छेड़े गए डिजिटल सूचना युद्ध की बात है, तो इसे खुद चीन ने ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का नाम दिया है। दुनिया भर के अखबारों में इस डिजिटल जासूसी का खुलासा करते हुए बताया गया है कि विश्व की अहम हस्तियों से लेकर 25-35 लाख लोगों की गतिविधियां चीन की सरकार और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी जेनहुआ डाटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नामक इस कंपनी की निगाह में थीं। इस हाइब्रिड वॉरफेयर के विस्तार का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसमें राजनीति, कानून, खेल, फिल्म, उद्योग जगत की प्रभावशाली हस्तियों के अलावा देश के सभी क्षेत्रों के अहम लोगों और संस्थाओं पर नजर रखी जा रही थी।
साथ ही आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, ड्रग्स, सोना, हथियार या वन्यजीव तस्करी के सैकड़ों आरोपियों का भी पूरा डाटाबेस जुटाया जा रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब भारत समेत पूरी दुनिया में चीनी कंपनियों के बनाए गए मोबाइल हैंडसेट, मोबाइल एप्स और दूरसंचार के उपकरणों को जासूसी के संदेह में प्रतिबंधित किया जा रहा है, तो चीन ने दूसरे रास्ते से जासूसी के प्रबंध कर लिए।
वैसे विसू का कहना है कि चीनी सरकार के कहने पर ही इस कंपनी ने पूरी दुनिया में डिजिटल जासूसी का जाल फैलाया था। आज की तारीख में जब सूचनाएं बेहद महत्वपूर्ण हो गई हैं और डाटा के जरिये बड़े-बड़े उद्देश्य हासिल किए जा रहे हैं, तब यह कहा जा सकता है कि भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों के लाखों लोगों की सूचनाएं जुटाकर चीन नए किस्म का सूचना युद्ध छेड़ना चाहता है। उल्लेखनीय है कि इस चीनी कंपनी ने घोषित तौर पर अपना उद्देश्य इस तरह के डाटा जुटाकर ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का मकसद हासिल करना बताया है।

‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ शब्द से कई तरह के युद्ध साजोसामान होने का अहसास होता है, लेकिन इस चीनी कंपनी के संदर्भ में इसका उद्देश्य असैन्य तरीकों से किसी देश पर प्रभुत्व हासिल करना या उसे नुकसान पहुंचाना है। इस तरह के वॉरफेयर में कंपनी जिन लोगों और देशों की निगरानी कर रही थी, वह उनके समूचे ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ की जानकारी जुटा रही थी। इसका आशय उन व्यक्तियों की हर तरह की जानकारी है, जो इंटरनेट पर मौजूद होती है। उल्लेखनीय है कि कंपनी यह जानकारी भी इकट्ठा करती रही है कि इन लोगों और संगठनों के किन दूसरे लोगों और संगठनों के साथ संबंध हैं।
यह उन लोगों से संबंधित जगहों और उनकी आवाजाही संबंधी जानकारी भी जुटा रही थी। नियमित तौर पर इन सूचनाओं की निगरानी करते हुए यह कंपनी एक विशाल डाटाबेस तैयार कर रही थी, ताकि चीन सरकार के मांगने पर संबंधित व्यक्तियों या देशों से जुड़ी हरेक सूचना तुरंत मुहैया कराई जा सके। यह सारा कामकाज असल में लोगों और देशों की डिजिटल प्रोफाइलिंग से जुड़ा है, जिसकी मदद से उन लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने वाले उपाय किए जा सकते हैं और यही इस डिजिटल जासूसी का सबसे खतरनाक पहलू है।
यह भी उल्लेखनीय है कि कोई दूसरा देश चीन की सरकार और वहां के लोगों की गतिविधियों की सूचनाएं यानी डिजिटल फुटप्रिंट हासिल न कर सके, इसके लिए चीनी सरकार ने गूगल, फेसबुक और ट्विटर जैसी वेबसाइटों को या तो अपने यहां चलने ही नहीं दिया या चीन के लिए उनके सेंसर्ड संस्करण तैयार करवाए या उनके विकल्प ही अपने यहां तैयार करवा लिए। इनका परोक्ष फायदा यह भी है कि चीन में बैठकर विदेशी नागरिक भी आसानी से खुफिया सूचनाएं बाहर नहीं भेज सकते, लेकिन जब बात चीनी जासूसी के प्रपंच का मुकाबला करने की आती है, तो कई मुश्किलें हमारे सामने आ खड़ी होती हैं।

असल में, पहली समस्या तो यही है कि बाकी दुनिया समेत भारत भी इसका अंदाजा नहीं लगा पाया है कि चीनी दूरसंचार कंपनियां हमारे नागरिकों की हर डिजिटल गतिविधियों को न केवल दर्ज करती रही हैं, बल्कि वे सूचनाएं चीन की सरकार को मुहैया कराती रही हैं। दूसरी समस्या यह है कि जिस तरह चीन ने साइबर जगत को गुप्तचरी और निगरानी के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया है, न तो उसका तोड़ किसी देश के पास है और न ही कोई देश चीन की उसी तरह की निगरानी करने में सक्षम है।
ऐसे में अब ज्यादा अच्छा यही है कि हम अपनी सूचनाओं की रक्षा स्वयं करें। हालांकि इस मोर्चे पर हमारी तैयारियों का स्तर हाल में देश की सबसे बड़ी डाटा एजेंसी राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआइसी) पर हुए साइबर हमले से पता चला, जहां डिजिटल सेंधमारी के जरिये प्रधानमंत्री और अनेक महत्वपूर्ण हस्तियों की सूचनाओं के अलावा राष्ट्रहित की कई जानकारियां उड़ा ली गईं।
इसके लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि एक तरफ हर किस्म की सूचनाओं की सुरक्षा को पुख्ता किया जाए, तो दूसरी तरफ मोबाइल समेत अन्य दूरसंचार उपकरण और एप्स बनाने वाली कंपनियों को भारत में तभी कामकाज करने की छूट मिले, जब वे यह सुनिश्चित करें कि उनके सर्वर भारत से बाहर स्थित नहीं होंगे। ऐसा करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि अभी यह नहीं पता चल पाता है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले भारतीय नागरिकों का डाटा कहां जमा होता है और उसकी कोई चोरी तो नहीं कर रहा है। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इंटरनेट कंपनियां मांगे जाने पर जमा की गईं सभी डिजिटल सूचनाएं सरकार को मुहैया कराएंगी। हालांकि इसमें नागरिकों की निजता का सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है, लेकिन इसका एक उपाय यह है कि निजता को अक्षुण्ण रखने के कानून असरदार ढंग से देश में लागू किए जाएं।
इस प्रसंग में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली है, वह यह है कि चीन की ओर से की जा रही इस डिजिटल जासूसी की धरपकड़ तब हुई है, जब भारत ने चीनी कंपनियों के करीब 225 मोबाइल एप्स पर प्रतिबंध लगाया और चीन के मोबाइल हैंडसेट निर्माताओं के खिलाफ देश में एक लहर उठी। यही नहीं, भारतीय सेना के अधिकारियों और सैनिकों से चीन निर्मित मोबाइल हैंडसेट के इस्तेमाल में सावधानी बरतने और उनके एप्स मोबाइल से हटाने के निर्देश भी पिछले कुछ समय में दिए गए हैं। चूंकि इन सारी पाबंदियों के कारण चीनी सरकार की हमारी सूचनाओं तक पहुंच मुश्किल हो गई, इसलिए हाइब्रिड वॉर के लिए दूसरे रास्ते चीन ने निकाल लिए। 

इस डिजिटल चोरी का मकसद सूचनाओं को तोड़मरोड़ कर उनका इस्तेमाल अपने हित में करना है। यह इससे साफ होता है कि सूचनाएं चुरा रही चीनी कंपनी ने खुद इस प्रोग्राम का नाम ‘इन्फॉर्मेशन पलूशन, परसेप्शन मैनेजमेंट एंड प्रोपेगंडा’ रखा था। अप्रैल 2018 में कायम हुई इस कंपनी ने दर्जनों देशों एवं क्षेत्रों में डाटा के संसाधन के लिए 20 प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए और चीनी सरकार और वहां की सेना को अपना मुख्य ग्राहक घोषित कर दिया। उसके लिए ऐसा करना जरूरी था, क्योंकि चीन ने इसके कानूनी प्रबंध कर रखे हैं।
एक सूचना के मुताबिक चीन ने वर्ष 2017 में ‘नेशनल इंटेलिजेंस लॉ’ लागू किया था, जिसके अनुछेद 7 और 14 में यह प्रावधान है कि जरूरत पड़ने पर चीन की सभी संस्थाओं, कंपनियों और नागरिकों को सरकारी गुप्तचर एजेंसियों के लिए काम करना पड़ सकता है। यही वजह है कि हुआवे जैसी दूरसंचार कंपनी को अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों में शक की निगाह से देखा जाता है, क्योंकि चीनी कानून से बंधे होने के कारण उसे अपने ग्राहकों-उपभोक्ताओं की गतिविधियों की सारी सूचनाएं चीनी सरकार से साझा करनी पड़ती हैं।
संभवत: इसी कारण कई कंपनियां चीन से अपना कोई संबंध होने से इन्कार करने लगी हैं, क्योंकि उन्हें इसका अहसास हो गया है कि चीन में पंजीकृत और चीन स्थित कंपनियों को चीन के इंटेलिजेंस कानून के प्रावधानों के कारण पूरे विश्व में शक की निगाह से देखा जाने लगा है। इतना ही नहीं, अमेरिका आदि देशों में तो चीन के शोधकर्ताओं तक को संदिग्ध की तरह देखा जाने लगा है, क्योंकि कानून से बंधे होने के कारण बहुत संभव है कि वे बाहरी देशों में जाने पर वहां की सूचनाएं चीनी सरकार के साथ साझा करते हों।

NCB ने किया अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों के तस्कर गिरोह का खुलासा, कई किए गये गिरफ्तार

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का खुलासा किया है। किंगपिन समेत 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। एनसीबी ने 8 किलो हेरोइन, 455 ग्राम कोकीन और 1 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। यह गिरोह पिछले कुछ महीनों में 52 किलो नशीले पदार्थों की तस्करी कर चुका है।
वहीं, दूसरी ओर बॉलीवुड में नशे को लेकर एनसीबी रोज नए खुलासे कर रहा है। सुशांत मामले से एनसीबी ने जांच करनी शुरू किया था, जिसमें रिया चक्रवर्ती समेत दर्जनों लोगों के नाम अब तक सामन आ चुके हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस में आए ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार हैं। उन्होंने एनसीबी को कई अहम खुलासे किए हैं। उन्होंने 25 बॉलीवुड सेलेब्स के नाम बताए हैं, जो ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं या तस्करी करते हैं। एनसीबी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। रिया के अलावा एनसीबी ने उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और घर में काम करने वाले दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया हुआ है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बॉलीवुड से जुड़े लोगों के मादक पदार्थों के कथित सेवन के मामले की जांच के सिलसिले में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की प्रबंधक करिश्मा प्रकाश और एक टैलेंट प्रबंधक एजेंसी के सीईओ ध्रुव चितगोपेकर को पूछताछ के लिए तलब किया है।

अब अपराधियों के लिए कठिन हो गया चुनाव लड़ना, जानिए चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन

पटना ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) अब दागदार छवि वाले नेताओं के लिए विधानसभा तक पहुंचने की राह आसान नहीं होगी। चुनाव आयोग ने ऐसे प्रत्याशियों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। प्रयास है कि जनता अधिक से अधिक बेदाग छवि वाले प्रत्याशियों का चयन करे और उन्हें सदन तक पहुंचा सके। आपराधिक छवि के लोगों पर सख्ती के इरादे से चुनाव आयोग ने नई गाइड लाइन जारी की है। नई गाइड लाइन के अनुसार अब प्रत्‍याशियों को अपनी करतूतों को जनता के समक्ष सार्वजनिक करना होगा।.
चुनाव आयोग की गाइडलाइन में प्रावधान कर दिए गए है कि दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को अब नामांकन पत्र में अपने अपराध संबंधी मुकदमों का ब्योरा देने के साथ ही कम से कम तीन बार यह जानकारी अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कर मतदाताओं को भी देनी होगी। विज्ञापन कब प्रकाशित करना है इसका निर्धारण चुनाव आयोग करेगा। अखबार में विज्ञापन प्रकाशित होने के अगले दिन संबंधित प्रत्याशी को उस अखबार की एक प्रति विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर को देनी होगी जिसमें उसका विज्ञापन होगा।
राज्य के उप निर्वाचन पदाधिकारी बैजू नाथ कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में दागदार छवि वाले प्रत्याशियों को फॉर्म 26 के पारा पांच-छह में आपराधिक मामलों की जानकारी देनी होती थी। नई गाइडलाइन में यह व्यवस्था की गई है कि जिन प्रत्याशियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं, उन्हें नामांकन के बाद नाम वापसी के चार दिनों के अंदर अपने ऊपर चल रहे या लंबित आपराधिक मामलों का पहला विज्ञापन विधानसभा क्षेत्र में प्रसारित अखबार में कराना होगा। दूसरी बार यही विज्ञापन नाम वापसी के पांचवे से आठवें दिन और तीसरी बार मतदान के ठीक एक दिन पहले समाचार पत्र में प्रकाशित कराना होगा। उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि मतदाताओं को अपने प्रत्याशी के आपराधिक मामलों की जानकारी होगी तो वे सोच समझकर मतदान करेंगे। साथ ही इस व्यवस्था के प्रभावी होने से सदन के अंदर साफ-सुथरी छवि वाले विजयी उम्मीदवार पहुंचेंगे। नई व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी होगी और मतदाताओं को उम्मीदवार के बारे में हर प्रकार की जानकारी मिल सकेगी।

सियासी तकरार में सभी मर्यादाएं हुई तार-तार, राज्यसभा में तोड़े गए माइक, फाड़ी गई रूल बुक, मार्शलों की मौजूदगी में दो कृषि विधेयक पारित

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) राज्य सभा में धक्कामुक्की! माइक की तोड़फोड़, रूल बुक के पन्ने फाड़कर फेंकना, हल्ला व शोरगुल। यह सब दृश्य किसी स्कूल-कॉलेज के हॉस्टल या छात्रों के बीच की लड़ाई का नहीं, यह दृश्य था देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा का। रविवार को ऐतिहासिक कृषि सुधारों के लक्ष्य के साथ पेश किए गए दो विधेयकों पर चर्चा के दौरान सदन इस शर्मसार करने वाले दृश्य का गवाह बना। इसी हंगामे के बीच सरकार ने दोनों विधेयकों को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित करा लिया।
सदन के पटल पर विधेयकों के रखे जाने के बाद से ही विपक्षी दल इनका विरोध कर रहे थे। इसके बाद जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों को पारित कराने के लिए कार्यवाही का समय बढ़ाने का फैसला किया, तो हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्यों ने कृषक कीमत आश्वासन व सेवा करार विधेयक तथा कृषक उपज वाणिज्य व व्यापार संवर्धन विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग की। कांग्रेस के वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा के रागेश और द्रमुक के त्रिची शिवा ने बिलों को प्रवर समिति में भेजने के लिए चार अलग-अलग प्रस्ताव पेश किया। उपसभापति ने इस मांग को खारिज कर दिया। इसके बाद हंगामे का ऐसा दौर शुरू जो सदन के इतिहास में शर्मनाक पन्ने की तरह जुड़ गया। विपक्षी दल लगातार उपसभापति पर संसदीय नियमों को ताक पर रखकर जबरन विधेयक पारित कराने का आरोप लगाया।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने इससे पूर्व राज्यसभा में अपने संक्षिप्त जवाब में कहा कि खेती पर एकांगी नजरिये से किसानों का भला नहीं होगा। नए कानून से एमएसपी पर कोई फर्क नहीं आएगा। किसानों को एमएसपी आगे भी मिलता रहेगा। विधेयक पर विपक्ष के विरोध को तोमर ने राजनीतिक करार दिया और कहा कि पीएम मोदी ने छह साल में किसानों के लिए एमएसपी में हर मौसम में बढ़ोतरी के साथ ही उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं।.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों कृषि विधेयकों के पारित होने के तत्काल बाद इसे ऐतिहासिक बताते हुए ट्वीट किया, ‘भारत के कृषि इतिहास में आज एक बड़ा दिन है। संसद में अहम विधेयकों के पारित होने पर मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। यह न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन लाएगा बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे।’
प्रधानमंत्री ने एक बाद एक ट्वीट कर कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। मोदी ने कहा कि हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिकतम तकनीक की तत्काल जरूरत है क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।

इस तरह चला हंगामा –

  • विधेयकों पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जवाब के दौरान उपसभापति हरिवंश ने कार्यवाही तय समय से आगे बढ़ाने का फैसला किया।
  • नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि समय सबकी सहमति से बढ़ना चाहिए। विपक्ष ने विधेयकों को पास कराने की प्रक्रिया सोमवार को पूरी कराने की मांग की।
  • विपक्षी दलों के तर्क की अनदेखी कर उपसभापति ने बिल पारित कराना शुरू कर दिया। तोमर ने भी अपना भाषण तत्काल खत्म कर दिया।
  • विपक्षी सदस्यों ने विधेयकों को प्रवर समिति में भेजने के अपने प्रस्ताव पर वोटिंग की मांग शुरू कर दी।
  • आसन की ओर से अनदेखी होने पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक हाथ में लेकर व्यवस्था का प्रश्न उठाया।
  • इस पर भी संज्ञान नहीं लिए जाने पर गुस्से में डेरेक रूल बुक लेकर वेल में पहुंच गए और इसकेपन्ने फाड़ आसन की ओर उछाल दिए।
  • बौखलाए डेरेक ने आसन के माइक भी तोड़-मरोड़ दिए।
  • कांग्रेस, द्रमुक, वामदल, आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष के कई सदस्य वेल में पहुंचकर हंगामा करने लगे और उपसभापति पर जबरन बिल पास कराने का आरोप लगाया।
  • हंगामा बढ़ता देख सदन के सारे माइक बंद कर दिए गए और राज्यसभा टीवी का प्रसारण भी केवल आसन तक सीमित हो गया। आखिरकार सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित किया गया।
  • दोबारा सदन शुरू होने की हंगामा और बढ़ गया। आसन ने मत विभाजन की मांगें को यह कहते हुए खारिज कर दीं कि सदस्य अपनी सीट पर नहीं जाएंगे तो इस पर विचार नहीं हो सकता।
  • आप के संजय सिंह उग्र होते हुए आसन के चेहरे के सामने जाकर नारेबाजी करने लगे।
  • चारों तरफ मार्शलों की तैनाती के बीच हरिवंश ने दोनों विधेयकों को भारी हंगामे और अफरा-तफरी के बीच ध्वनिमत से पारित करा दिया।
  • नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन स्थगित होने के बाद भी राज्यसभा चैंबर में काफी देर तक धरना देते हुए विरोध प्रदर्शन किया जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही एक घंटे विलंब से शुरू हुई।

राज्यसभा को देश का उच्च सदन कहा जाता है। इसके सदस्यों में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोग होते हैं। उच्च सदन में रविवार को जो दृश्य दिखा, वह शर्मसार करने वाला था। इस तरह के छिछले व्यवहार की अपेक्षा राज्यसभा सदस्यों से नहीं की जाती है।
राज्यसभा में हुए हंगामे ने कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए तय शारीरिक दूरी के प्रोटोकॉल की भी धज्जियां उड़ा दीं। जिस तरह विपक्षी दलों के नेता वेल में जुटे और धक्कामुक्की हुई, उसने सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए।

पारित हुआ दो विधेयक –

  • कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा)

-यह किसानों को उनकी उपज देश में कहीं भी, किसी भी व्यक्ति या संस्था को बेचने की इजाजत देता है। इसके जरिये एक देश, एक बाजार की अवधारणा लागू की जाएगी। किसान अपना उत्पाद खेत में या व्यापारिक प्लेटफॉर्म पर देश में कहीं भी बेच सकेंगे।

  • मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा
  • यह कदम फसल की बोआई से पहले किसान को अपनी फसल को तय मानकों और तय कीमत के अनुसार बेचने का अनुबंध करने की सुविधा प्रदान करता है। इससे किसान का जोखिम कम होगा। खरीदार ढूंढने के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा।

कृषि क्षेत्र में सुधारों के लक्ष्य के साथ लाए गए इन दोनों विधेयकों को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें कानून की शक्ल देने के लिए केवल राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है।

24 सितंबर को सऊदी अरब से आएगा भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना महामारी के कारण विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस अपने देश लाने का काम जारी है। इसके तहत अब सऊदी अरब में फंसे भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को भारत जाने के लिए रवाना होगा। सऊदी अरब से भारतीय निर्वासितों का दूसरा जत्था 24 सितंबर को रियाद-चेन्नई उड़ान से भारत पहुंचेगा।
दूतावास ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि मिशन पिछले कुछ समय से विदेश मंत्रालय के परामर्श से सऊदी निर्वासन केंद्रों में भारतीयों के मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहा है। बयान के अनुसार, मई, 2020 में लगभग 500 निर्वासितों का पहला बैच हैदराबाद भेजा गया था। भारत में COVID-19 के प्रसार से बचने के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के अलावा कई एजेंसियां ​​दोनों छोर पर शामिल थीं और कई मंजूरी की आवश्यकता थी।
दूतावास ने वर्तमान में कहा, रियाद में मिशन, जेद्दा में वाणिज्य दूतावास, और विदेश मंत्रालय दुसरे बैच के लिए उड़ानों और संगरोध सुविधाओं की व्यवस्था कर रहा है। रियाद-चेन्नई से पहली उड़ान 24 सितंबर को प्रस्थान करने वाली है। रियाद और जेद्दा से आगे की उड़ानों पर फिलहाल काम किया जा रहा है और जल्द ही इसे अधिसूचित किया जाएगा। मिशन और वाणिज्य दूतावास के अधिकारी निर्वासन प्राधिकारियों के नियमित संपर्क में हैं।

21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से खोले जा सकते हैं स्कूल

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोरोना संक्रमण के बीच जेईई मेंस और नीट जैसी परीक्षाओं को कराने के बाद अब स्कूलों को भी खोलने की तैयारी शुरु हो गई है। 21 सितंबर के बाद राज्यों की सहमति से स्कूलों को खोलने की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन से जुड़े स्कूलों ने इसे लेकर प्लान जारी कर दिया है। इसके लिए अभिभावकों से सहमति मांगी गई है।
मार्च से ही बंद पड़े स्कूलों को खोलने को लेकर अनलॉक-4 में भी कुछ सहूलियतें दी गई हैं। इसके तहत 21 सितंबर से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूलों में 50 फीसद टीचिंग स्टाफ को स्कूल आने की अनुमति दे सकते हैं। इस दौरान कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र भी अभिभावक की सहमति के बाद शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने स्कूल जा सकेंगे। वैसे तो स्कूलों, कोचिंग सहित दूसरे सभी शैक्षणिक संस्थानों को 30 सितंबर तक बंद रखा गया है। इस बीच दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों को पांच अक्टूबर तक बंद रखने का घोषणा की है।
केंद्रीय विद्यालयों की ओर से अभिभावकों को स्कूलों के खोलने का पूरा प्लान भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार विद्यालय 21 सितंबर से फिर से खुल रहा है। ऐसे में स्वेच्छा से अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों को विद्यालय से लाने और ले जाने की पूरी जिम्मेदारी अभिभावकों की खुद होगी। इस दौरान बच्चों के स्कूल आने का जो प्लान भेजा गया है, उनमें 11वीं और 12वीं के बच्चों को सिर्फ सोमवार और मंगलवार आना है। जबकि दसवीं के बच्चों को बुधवार और गुरूवार और नौवीं के बच्चों को शुक्रवार और शनिवार को आना है।
जारी प्‍लान में कहा गया है कि बच्चों को लंच और पानी की बोतल के साथ मास्क और सैनिटाइजर भी अनिवार्य रूप से लाना होगा। हालांकि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्कूलों की ओर से भेजा गया यह प्रस्ताव ज्यादातर अभिभावकों को भा नहीं रहा है। फिलहाल केंद्रीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि किसी भी बच्चे पर स्कूल आने का कोई दबाव नहीं होगा। हालांकि जो आना चाहते हैं। उन्हें फोन करके और किस संबंध में आ रहे हैं। इसकी जानकारी पहले देनी होगी।  

दिल्ली राज्य के सभी स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, राज्य सरकार ने दिया आदेश

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राज्य में सभी स्कूलों को 5 अक्टूबर, 2020 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 5 अक्टूबर तक बंद रहेंगे। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन पहले की तरह जारी रहेगा। बता दें कि 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए आंशिक रूप से स्कूल खोलने की अनुमति भी रद्द हो गई है। महामारी के कारण दिल्ली में 16 मार्च से स्कूल बंद हैं।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने 30 सितंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया था। कहा गया था कि ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी, जबकि 20 सितंबर तक स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की एक्टिविटी के लिए स्कूल में आने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 21 सितंबर से यदि 9वीं से 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स अपने शिक्षक से परामर्श लेने के लिए स्कूल जाना चाहें तो वे अपने माता-पिता या अभिभावक की लिखित स्वीकृति के साथ जा सकते हैं। हालांकि, स्कूल व स्टूडेंट्स के घर कन्टेनमेंट जोन से बाहर स्थित हों, तभी इसकी अनुमति दी गई थी।
गौरतलब हो कि इससे पूर्व दिल्‍ली सरकार ने शिक्षा निदेशालय से स्कूलों को फिर से खोले जाने को लेकर पैरेंट्स का विचार जानने को कहा था। एक गूगल फॉर्म के माध्यम से पैरेंट्स से उनकी सुझाव मांगी गई थी। जिसमें ज्यादातर पैरेंट्स या अभिभावक अपने बच्‍चों को महामारी के बीच स्‍कूल भेजने के खिलाफ थे। द्वारका स्थित बाल भारती स्कूल में बच्चों के 65 फीसदी माता-पिता ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार किया। वहीं, माउंट आबू पब्लिक स्कूल, रोहिणी में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों में से 75 प्रतिशत के माता-पिता ने कहा कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा नहीं उठाना चाहते हैं। जबकि, एक अन्य प्राइवेट स्कूल में 400 स्टूडेंट्स की क्लास में से सिर्फ 25 स्टूडेंट्स के माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने के समर्थन में थे।

अब रेल यात्रियों को किराये में देना पड़ सकता है यूजर चार्ज

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स omtimes ) रेलवे अब जल्द ही ट्रेन किराये में यूजर चार्ज भी वसूलना शुरू कर देगा। जिन स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है और जहां सबसे ज्यादा यात्री पहुंचते हैं, वहां यह शुल्क लगाया जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने गुरुवार को कहा था कि स्टेशनों पर यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराने के लिए राजस्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम उठाया जाएगा। रेल यात्रियों से पहली बार इस तरह का शुल्क वसूला जाएगा।
यादव ने कहा कि शुल्क मामूली होगा और देश भर के 7000 स्टेशनों में से करीब 10 से 15 फीसद पर यह लागू होगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा, ‘हम यूजर चार्ज के रूप में बहुत छोटी सी राशि वसूलने जा रहे हैं। हम सभी स्टेशनों के लिए यूजर चार्ज की अधिसूचना जारी करने जा रहे हैं। इस तरह के स्टेशनों में दोनों, जिनका पुनर्विकास हो रहा है और जिनका नहीं हो रहा है शामिल होंगे।’
यादव ने कहा ‘स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा हो जाने के बाद राशि रियायत में चली जाएगी। तब तक यह राशि रेलवे को स्टेशनों में सुविधाओं के सुधार के लिए मिलती रहेगी। यह एक मामूली राशि होगी, लेकिन यदि हम हवाई अड्डे -जैसी विश्वस्तरीय सुविधा मुहैया कराना चाहते हैं तो यह लेवी महत्वपूर्ण है। हम अपने सभी बड़े रेलवे स्टेशनों को विकसित करना चाहते हैं।’
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे सभी 7000 स्टेशनों पर लेवी नहीं लगाएगा, लेकिन उन सभी बड़े स्टेशनों जहां अगले पांच वर्षो में आने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी वहीं लेवी की वसूली की जाएगी।
गौरतलब हो कि दक्षिण पश्चिम रेलवे ने पिछले दिनों प्लेटफार्म टिकटों की कीमत में 400 फीसद की वृद्धि करने की घोषणा की थी। दक्षिण पश्चिम रेलवे का कहना था कि यह कदम कोरोना काल में रेलवे प्लेटफार्मों पर भीड़ को रोकने के लिए लगाया गया। चुने हुए रेलवे स्टेशनों पर टिकट की कीमत 10 रुपये से 50 रुपये हो गई है।

दुबई ने एयर इंडिया की सभी उड़ानों को 2 अक्टूबर तक के लिए किया निलंबित

दुबई/ मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दुबई ने एयर इंडिया की सभी सेवाओं को अपने देश में 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया है। विमान में सवार एक कोरोना संक्रमित यात्री के मिलने के बाद दुबई प्रशासन ने यह फैसला किया है। दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। बयान में कहा गया है कि जयपुर से दुबई आ रहे विमान में सवार एक कोरोना पॉजिटिव यात्री के पाए जाने के बाद एयर इंडिया की सभी विमान सेवाओं को अगले 15 दिनों यानि 2 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।
यूएई सरकार के नियमों के अनुसार, भारत से यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा से 96 घंटे पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण से मूल कोरोना-नेगेटिव प्रमाणपत्र लाने की आवश्यकता होती है। अधिकारियों ने कहा कि एक यात्री, जिसके पास COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट था, जिसने 2 सितंबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस ‘जयपुर-दुबई फ्लाइट 4 सितंबर को यात्रा की थी। इसी तरह की एक घटना पहले एयरलाइन की दुबई की अन्य उड़ानों में से एक यात्री के साथ हुई थी।
अधिकारियों ने कहा कि इसलिए, दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने 18 सितंबर से 2 अक्टूबर तक एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानों को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों के दौरान भारत से दुबई के लिए COVID पॉजिटिव सर्टिफिकेट के साथ उड़ने वाले यात्रियों की दोनों घटनाएं पिछले कुछ हफ्तों के दौरान हुईं।
इस मामले के बारे में पूछे जाने पर, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कहा कि वह यात्रियों की कठिनाई को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और वह अपनी चार दुबई उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है, जो शुक्रवार को भारत से संचालित होने वाली हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेश से आने वाले यात्रियों को एंट्री पोर्ट पर कोरोना जांच के बाद निगेटिव होने पर ही घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने की अनुमति मिलेगी। मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विदेश से आए सभी यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट निगेटिव रहने पर ही वे अपने शहर के लिए घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ सकेंगे। कोरोना जांच की रिपोर्ट आने में करीब सात घंटे लगेंगे। इस दौरान उन्हें एंट्री पोर्ट के लाउंज में ही समय बिताना होगा।

सुशांत सिंह केस में NCB का एक और ऐक्शन, 4 और ड्रग पेडलर को किया गिरफ्तार

मुंबई ( ऊँ टाइम्स omtimes ) फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह की मौत के मामले में ड्रग एंगल की जांच कर रही एनसीबी की टीम इस समय पूरे एक्शन में है। इस केस में रिया चक्रवर्ती, भाई शौविक चक्रवर्ती और सैम्यूअल मिरांडा समेत कई लोगों पर शिकंजा कसने के लिए एनसीबी लगातार छापेमारी कर रही है। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए एनसीबी ने मुंबई से चार और ड्रग पेडलर्स को भी हिरासत में लिया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के ड्रग पेडलर राहिल विश्राम को 1 किलो चरस के साथ पकड़ा गया। एनसीबी ने उसके पास से 4.5 लाख रुपये नकद भी जब्त किया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ज़ोनल डायरेक्टर ने बताया कि राहिल का सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले से संबंधित अन्य पेडलर्स से सीधा संपर्क है।
वहीं, सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सलियन की मौत पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि मौत से पहले दिशा ने 100 नंबर पर कॉल किया था। जिसपर मुंबई पुलिस की तरफ से बयान आया है। पुलिस के एक अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि दिशा सलियन के फोन से आखिरी कॉल उनकी दोस्त अंकिता को की गई थी। उसके आखिरी बार 100 नंबर डायल करने का जो दावा किया जा रहा है, वह गलत है। दिशा सलियन 8 जून को मुंबई में मृत पाई गई थी।
इससे पहले एनसीबी सुशांत केस में ड्रग से जुड़े दो और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमे से एक शौविक का दोस्त जयदीप मल्होत्रा है, जिसे 18 सितंबर तक एनसीबी की हिरासत में सौंप दिया गया है। जबकि एनसीबी की टीम ने गोवा में छापा मारकर क्रिस कोस्टा को दबोचा। मुंबई लाकर उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी कराई गई। उसे 17 तक एनसीबी के हवाले किया गया है। इन दोनों को मिलाकर एनसीबी इस मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एनसीबी के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिब होने की वजह से श्रुति मोदी से पूछताछ नहीं हो सकी। सुशांत की पूर्व मैनेजर श्रुति को एनसीबी ने टैलेंट मैनेजर जया साहा के साथ तलब किया था। एसआइटी उससे पूछताछ शुरू ही करने वाली थी तभी टीम के एक सदस्य के कोरोना पाजिटिव होने की रिपोर्ट आ गई। इस पर टीम के सभी अन्य सदस्यों की कोरोना जांच कराने का फैसला किया गया। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए श्रुति को बिना पूछताछ के लौटा दिया गया।
रिया चक्रवर्ती द्वारा सुशांत सिंह की दो बहनों प्रियंका, मीतू और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डाक्टर तरुण कुमार के खिलाफ मुंबई के बांद्रा थाने में दर्ज कराई गई एफआइआर पर सीबीआइ कानूनी परामर्श ले रही है। डाक्टर पर सुशांत के लिए घबराहट के इलाज के लिए फर्जी नुस्खा लिखने का आरोप लगाया गया है। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार एजेंसी जल्द ही इस मामले में कोई निर्णय लेगी। किसी निर्णय पर पहुंचने के लिए सभी पहलुओं को समझने के लिए वह कानून के जानकारों से राय लेना जरूरी समझ रही है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का किया उद्घाटन, कहा- दरभंगा में AIIMS का भी जल्द होगा निर्माण

पटना ( ऊँ टाइम्स omtimes )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार को रेलवे की आधरभूत संरचना में सुधार के लिए बड़ी सौगातें दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आज कोसी रेल मेगा ब्रिज का उद्घाटन किया। इस ब्रिज के चालू होने से करीब नौ दशक बाद कोसी व मिथिलांचल आपस में रेल मार्ग से जुड़ेंगे। नेपाल सीमा के पास स्थित इस ब्रिज का रणनीतिक महत्व भी है। कोरोना संक्रमण के काल के दौरान इसके निर्माण में प्रवासी मजदूरों ने भी अपना योगदान दिया है। इस इसके अलावा प्रधानमंत्री रेलवे से संबंधित 12 अन्‍य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

गुजरात में 71 फीट लंबा नमो केक काटकर मनाया गया पीएम मोदी का जन्मदिन

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स. omtimes ) भारत के  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70 वे जन्मदिन को सेलिब्रेट करने के लिए 71 फीट लंबा केक बना कर कोरोना योद्धाओं को समर्पित किया गया। इस केक को सूरत में ब्रेडलिनर बेकरी ने तैयार किया है, जिसकी लंबाई 71 फीट है, और उसका वजन 771 किलो है। मोदी जी के जन्म दिन के मौके पर इस केक को बच्चों में बांटा गया है।
बच्चों को केक बांटने के बाद बचे हुए केक को 500 ग्राम में के टुकड़ों में बांटकर गुजरात के वापी से वडोदरा तक बेकरी के कई आउटलेट्स पर बेचा जाएगा। इसके अलावा, बेकरी एक डिजिटल केक काटने की मेजबानी भी करेगा।
यह बेकरी पिछले तीन सालों से मोदी जी का बर्थडे सेलिब्रेट करती आ रही है। इतना ही नहीं बेकरी सामाजिक जागरूकता प्रोग्राम भी आयोजित कर रही है। इस साल के आयोजन पर आयोजक नितिन पटेल ने बताया कि मोदी जी के बर्थडे के मौके पर केक काटने की रस्म सोशल डिस्टैंसिंग और जरूरी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए की गई !
इस आयोजन में सात कोरोना योद्धा जिसमें मीडिया, पुलिस, प्लाज्मा डोनर और डॉक्टर शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टैंसिंग को ध्यान में रखते हुए हम जल्द से जल्द एक डिजिटल कार्यक्रम का भी आयोजन करेंगे।
सूरत की पूर्व महापौर और कोरोना योद्धा अश्मिता शिरोया ने 711 किलोग्राम का केक काटा और ये संदेश दिया कि हम कोरोना से जीतेंगे और हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे। 

यूपी के बरेली में एक निजी हास्पिटल संचालक की हुई हत्या

बरेली ( ऊँ टाइम्स omtimes ) इस जिले में हिन्दू युवा वाहिनी के मीरगंज तहसील प्रभारी व निजी हास्पिटल संचालक डॉ. संजय सिंह भदौरिया की कुछ लोगो ने हत्या कर दिया है। हत्याराेपितों ने देर रात घटना को अंजाम दिया। वह हिन्दूवादी नेता का शव अस्पताल परिसर के अंदर ही छोड़कर फरार हो गए। इस मामले में पुलिस सीसीटीवी कैमरे के जरिए हत्यारोपितों तक पहुंच गई है। जिसके चलते उनके जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।
बरेली में हिन्दू युवा वाहिनी के नेता डॉ. संजय सिंह भदौरिया की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गयी। उन्हें किसी तेज धार वाले चाकू से काटा गया। भयावह तरीके से उनका क़त्ल किया गया। डॉ. संजय सिंह, हिंदूवादी संगठन चलाते थे और राजनीतिक रूप से समाज में काफी सक्रिय थे। मीरगंज तहसील से हिन्दू युवा वाहिनी के प्रभारी डॉक्टर संजय सिंह दुनका में अपना निजी हाॅस्पिटल चलाते थे। रोज की भांति बुधवार की रात को वह अपने हास्पिटल परिसर में ही सो रहे थे। देर रात अज्ञात बदमाशों ने अस्पताल परिसर के अंदर ही हिंदू युवा नेता की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और फरार हो गए। डॉक्टर संजय सिंह का शव जब सुबह हॉस्पिटल परिसर के अंदर रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला तो सनसनी फैल गई। निजी हास्पिटल संचालक की हत्या की जानकारी मिलते पुलिस अफसर घटना स्थल पर पहुंच गए। डॉ. संजय के सहयोगी अनुज प्रताप ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। अनुज ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय की हत्या किसी राजनीतिक द्वेष के चलते ही की गई है। हिंदूवादी नेता की दुनका पुलिस चौकी के नजदीक हत्या हो जाने से इलाके में पुलिस के प्रति रोष व्याप्त है।
घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए पुलिस अधिकारियो ने तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलवाया, इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमें पुलिस को हत्याराेपित नजर आए। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल हत्यारोपितो की पहचान करते हुए उनकी तलाश शुरु कर दी। जानकारी के अनुसार पुलिस हत्यारोपित तक पहुंच गई है। हांलाकि पुलिस अधिकारी हत्यारोपित को हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं कर रहे है।

40 और स्पेशल ट्रेन 21 सितम्बर से उतरेंगी पटरी पर, रिजर्वेशन के लिए मिलेगा 10 दिन का समय

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेल मंत्रालय अब धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरी पर उतार रहा है। 21 सितंबर से 40 और नई स्पेशल ट्रेनें पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया है। इन ट्रेनों का ठहराव कहां होगा और किस स्टेशन से रवाना होगी, इसकी सूचना रेल मंत्रालय ने 15 सितंबर को जारी कर दी है।

रेल मंत्रालय ने देश भर में दौड़ने वाली 40 ट्रेनों की सूची जारी की, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत-

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच में आने जाने वाली ट्रेन संख्या 04251-04252 हमसफर की तर्ज पर दौड़ाई जाएगी। इसका किराया जनशताब्दी के समान होगा। इन ट्रेनों का ठहराव तय कर लिया है, लेकिन इस में कुछ बदलाव करना होगा, जिसके लिए मंडल और जोन संयुक्त रूप से बदलाव कर सकेंगे। इनमें आठ ट्रेनें प्रतिदिन दौड़ेंगी, जबकि कुछ सप्ताह में एक दिन तो कुछ सप्ताह में तीन दिन दौड़ेंगी। इन ट्रेनों में दस दिनों में रिजर्वेशन कराया जा सकेगा। ट्रेनों में डिब्बों की संख्या 22 तक होगी।

नई दिल्ली से लखनऊ के बीच हमसफर की तर्ज पर दौड़ने वाली ट्रेन का लिया जाएगा जनशताब्दी का किराया –

आप को बता दें कि 12 सितंबर से 80 ट्रेनें पटरी पर उतर चुकी हैं, जिसके संचालन के बाद इन ट्रेनों को पटरी पर उतारने का फैसला लिया गया। शारीरिक दूरी, यात्रियों की स्क्रीनिंग, स्टेशन पर पहले आने जैसे नियम पहले की तरह ही जारी रहेंगे। बिना रिजर्वेशन किसी की भी एंट्री ट्रेन में नहीं होने दी जाएगी।

ये ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी, यहां रुकेंगी-

ट्रेन नंबर 02563 /02564 आना-जाना सहरसा से न्यू दिल्ली-ठहराव-बरौनी, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर, 03391 /03392 () आना-जाना राजगीर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, वाराणसी, लखनऊ, 02569/02570 आना-जाना दरभंगा से न्यू दिल्ली-ठहराव-समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा, गोरखपुर, एशबाग, कानपुर ट्रेनें प्रतिदिन चलेंगी।

ये ट्रेनें सप्ताह में कुछ दिन चलेंगी

सप्ताह में एक दिन से लेकर तीन दिनों तक चलेंगी ये ट्रेनें – इन में ट्रेन संख्या 02573/02574 आना-जाना मुजफ्फरपुर से दिल्ली-ठहराव-गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, 03293 / 03294 आना-जाना राजेंद्र नगर से न्यू दिल्ली-ठहराव-पटना, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, 05485 / 05486 आना-जाना कटिहार से दिल्ली-ठहराव-खगड़िया, बरौनी बाय पास, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, कानपुर, टुंडला, अलीगढ़, 04653 / 04654 आना-जाना न्यू जलपाईगुड़ी से अमृतसर-ठहराव-कटिहार, समस्तीपुर, छपरा, गोरखपुर, सीतापुर जंक्शन, मुरादाबाद, सहारनपुर, 04651 / 04652 आना-जाना जयनगर से अमृतसर-ठहराव-समस्तीपुर, छपरा, शाहगंज, लखनऊ, मुरादाबाद, दिल्ली, अंबाला कैंट, 04059 / 04060 आना-जाना वाराणसी से न्यू दिल्ली-ठहराव-लखनऊ, मुरादाबाद, 04055 / 04056 आना-जाना बलिया से दिल्ली-ठहराव- गाजीपुर सिटी, जौनपुर, प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, 04251 / 04252 आना-जाना लखनऊ से न्यू दिल्ली-ठहराव- कानपुर, टुंडला तक चलेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02787 / 02788 आना-जाना सिकंदराबाद से दानापुर-ठहराव- बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, कटनी, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, 07379 / 07380 आना-जाना वास्को से निजामुद्दीन-ठहराव-माडगांव।

बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, इटारसी, भोपाल, झांसी, आगरा कैंट, 06509 / 06510 आना-जाना बेंगलुरू से दानापुर-ठहराव- कटपड़ी, चेन्नई, विजयवाड़ा, वारांगल, बलहरशाह, नागपुर, इटारसी, जबलपुर, सतना, प्रयागराज चेओकी, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा, 06523/06524 आना-जाना यसवंतपुर से निजामुद्दीन-ठहराव- हुबली, बेलागवी, मिराज, पुणे, मनमाद, भूसावल, भोपाल, झांसी, 09465/09466 आना-जाना अहमदाबाद से दरभंगा-ठहराव- रतलाम, उज्जैन, गुना, झांसी, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, शाहगंज, छपरा, समस्तीपुर, 09415/09416 आना-जाना अहमदाबाद से दिल्ली-ठहराव- अबू रोड़, अजमेर, जयपुर, 09065/09066 आना-जाना सूरत से छपरा-ठहराव- भूसावल, इटारसी।

जबलपुर, प्रयागराज जंक्शन, वाराणसी, शाहगंज, 09025/09026 आना-जाना बांद्रा (टी) से अमृतसर-ठहराव- वडोदरा, रतलाम, कोटा, न्यू दिल्ली, अंबाला कैंट, चंडीगढ़, 09447/09448 आना-जाना अहमदाबाद से पटना-ठहराव- रतलाम, कोटा, आगरा फोर्ट, कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन तक चलेगी।

सनसनीखेज खुलासा, मुंबई पुलिस यदि उस वीडियो की जांच करती तो आज जिंदा होते सुशांत

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स omtimes )  दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबधक कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख राकेश अस्थाना से मुलाकात कर उनसे बॉलीवुड के कुछ कलाकारों के कथित ड्रग वीडियो मामले में शिकायत किया है । उन्होंने एक साल पहले भी इसकी शिकायत मुंबई पुलिस से किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि उस समय बॉलीवुड कलाकारों को ड्रग पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली जाती तो संभवतः सुशांत सिंह राजपूत की मौत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 1 अगस्त को उन्होंने मुंबई पुलिस से वीडियो के आधार पर शिकायत किया था । वीडियो को ट्वीट करने के साथ उन्होंने मुंबई पुलिस को स्पीड पोस्ट से लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की थी। इस मामले में कई बार मुंबई पुलिस को रिमांडर भी भेजा लेकिन, उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया।
उन्हें ईमेल करके कुछ जानकारी तो मांगी गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एक विधायक की शिकायत पर भी जांच नहीं किए जाने से मुंबई पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठता है। यदि उस समय मुंबई पुलिस तत्परता दिखाती और बॉलीवुड में ड्रक के कारोबार और उपयोग की जांच होती तो सुशांत को बचाया जा सकता था।
सिरसा के द्वारा पिछले वर्ष अगस्त में ट्वीट किए गए वीडियो में एक पार्टी चल रही है, जिसमें बॉलीवुड के कई बड़े कलाकार नशे की हालत में दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उड़ता पंजाब फिल्म के जरिये पंजाब और वहां के युवकों को बदनाम करने वाला शाहिद कपूर खुद ड्रग लेने के आदि हैं। उन्होंने एनसीबी प्रमुख से इस मामले की जांच करने की मांग की है जिससे कि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि एनसीबी प्रमुख ने वीडियो की जांच कराने की मांग की है।

यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ ने दिया निर्देश-हर जगह पर रखा जाए टेस्टिंग किट का बैकअप

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स omtimes ) वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रसार पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार अंकुश लगाने के प्रयास में हैं। मुख्यमंत्री लगभग रोज अपनी कोर टीम (टीम-11) के साथ कोरोना के साथ अनलॉक-4.0 की समीक्षा किया।
लोकभवन में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के बाद अफसरों को टेस्टिंग किट का बैकअप की रखने का निर्देश दिया। उन्होंने इससे पहले दवा व ऑक्सीजन सिलेंडर का बैकअप रखने को कहा था। मुख्यमंत्री ने आज पर्याप्त संख्या में टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा चिकित्सा संस्थानों में टेस्टिंग किट का बैकअप रखा जाए। जिससे कि हर प्रकार का जांच कार्य सुगमतापूर्वक सम्पन्न होता रहे। उन्होंने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को प्रदेश के हर जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा हर मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करें। इसके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार बढ़ते संक्रमण वाले लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर तथा मुजफ्फरनगर पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी चिकित्सालयां तथा मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। सभी चिकित्सालयों तथा मेडिकल काॅलेजों में ऑक्सीजन सुगमतापूर्वक उपलब्ध रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऑक्सीजन निर्धारित मूल्य पर ही मिले। किसी भी दशा में ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए।  मुख्य सचिव कार्यालय हर दिन जिला प्रशासन से संवाद बनाकर कोविड-19 के दृष्टिगत उपचार सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण करे। इसके साथ स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग तथा पुलिस समन्वय से पब्लिक एड्रेस सिस्टम को संचालित करें। कोविड-19 से बचाव व यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से चैराहों तथा बाजार आदि में प्रसारित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कोविड हेल्प डेस्क को हर जगह पर पूरी सक्रियता से संचालित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही मूल्य समर्थन योजना के अन्तर्गत धान की खरीद के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी हों। उन्होंने बिजनौर के गौ-आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश देने के साथ ही हर जगह पर आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करने के लिए एलर्ट सिस्टम को सुदृढ़ करने को कहा है।

विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं गुजरात के तार, गोधरा से युवक किया गया गिरफ्तार

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  विशाखापट्टनम जासूसी कांड से गुजरात के तार जुड़े होने की पुष्टि होने के बाद नेशनल इन्‍वेस्‍टिगे‍टिंग एजेंसी ने गोधरा से एक युवक को गिरफ्तार किया है। इमरान नामक युवक आइएसआइ के मॉडल पर भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल ने एनआइए को बधाई देते हुए इसकी पुष्टि की है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड की जांच कर रहे राष्‍ट्रीय अन्‍वेषण अभिकरण (NIA) ने गुजरात के गोधरा से इमरान नामक एक युवक की धरपकड की है। इमरान यहां कपड़े का कारोबार करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि इमरान के तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुड़े हैं। पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ (ISI) के इशारे पर वह भारतीय नौसेना की जासूसी करता था। नौसेना तथा भारत सरकार की कई अहम जानकारियां वह विशाखापट्टनम में बैठे अपने आकाओं के माध्‍यम से पाकिस्‍तान पहुंचाया करता था। एनआइए को पहली सफलता मई 2020 में मिली थी, जब उसने इस कांड के प्रमुख साजिशकर्ता मोहम्‍मद हारुन लकड़ावाला को गिरफ्तार कर लिया था। एनआइए ने दिसंबर 2019 को ही यह केस अपने हाथ में लिया था। जांच के शुरुआती दस दिनों में ही एनआइए नौसेना के 7 अफसरों व एक हवाला ऑपरेटर को जासूसी के आरोप में पकड़ लिया था। एनआइए अब तक इस मामले में 15 लोगों की धरपकड़ कर चुकी है।
विशाखापट्टनम जासूसी कांड एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान और भारत के विभिन्न शहरों के लोग शामिल हैं। पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी सोशल मीडिया के जरिए भारतीय नौसेना के अफसरों को फंसाती थी। दरअसल फेसबुक व अन्‍य माध्‍यमों पर महिलाओं के जरिए नौसेना के अफसरों को फंसाकर उन्‍हें हनी ट्रैप या हवाला ऑपरेटरों के जरिए नकदी देकर फंसा लिया जाता था।
एनआइए ने गुजरात के गोधरा से एक व्‍यक्ति की धरपकड़ की है, जिसके तार विशाखापट्टनम जासूसी कांड से जुडे हैं। वह नौसेना की गुप्‍त व अहम जानकारियां उन तक पहुंचाता था, पकड़ा गया युवक आइएसआइ की शह पर कपड़ा कारोबार की आड़ में यह जासूसी कर रहा था।

संसद में भी पहुंच गया कोरोना, मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद मिले संक्रमित

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  मानसून सत्र में मीनाक्षी लेखी सहित 17 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। मानसून सत्र का आज पहला दिन है। कोरोना संक्रमित सांसदों में अनंत कुमार हेगड़े और प्रवेश साहिब सिंह वर्मा भी शामिल हैं। भाजपा के कुल 12 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें शिवसेना, डीएमके और वाईआरएससी  के भी सांसद कोरोना संक्रमित हैं।
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सांसदों का कोरोना टेस्ट किया गया था। इनमें से अभी तक 17 सांसदों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना टेस्ट का इंतजाम 13 और 14 अगस्त को संसद परिसर में ही किया गया था। सांसदों तथा कर्मचारियों समेत 4000 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की गई है।

भाजपा के 12 सांसद पाए गए कोरोना से संक्रमित – मीनाक्षी लेखी (भाजपा), प्रवेश साहिब सिंह (भाजपा), सत्यपाल सिंह (भाजपा), सुखबीर सिंह (भाजपा), सुकांता मजूमदार (भाजपा), अनंत हेगड़े (भाजपा), जनार्दन सिंह सिग्रीवाल (भाजपा), रामशंकर कठेरिया (भाजपा), प्रताप राव पाटिल (भाजपा), विद्युत बरन महतो (भाजपा), प्रधान बरुआ (भाजपा), रोडमल नागर (भाजपा) हनुमान बेनीवाल (आरएलपी), जी माधवी (वाईआरएससी), प्रताप राव जाधव (शिवसेना), एन रेडेप्पा (वाईआरएससी), और सेल्वम जी (डीएमके)।

कोरोना संकट के बीच इस बार के मानसून सत्र में ऐतिहात बरतने के निर्देश दिए गए थे। आज से ही संसद का मानसून सत्र शुरू हुआ है, जो कि 18 दिनों तक चलेगा। 
वहीं, इस बीच आज मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में कोरोना संकट पर बहस हुई। कोरोना वायरस पर लोकसभा में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि अधिकतम मामले और मौतें मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, असम, केरल और गुजरात से हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रयासों की वजह से देश में कोरोना को सीमित करने में कमयाबी मिली। प्रति 10 लाख जनसंख्या पर भारत में 3,328 मामलें हैं और 55 मौतें हैं, जो दुनिया के अन्य देशों की तुलना में कम है।

कार्य में लापरवाही के कारण लखनऊ के एसपी ग्रामीण हटाए गए और मलिहाबाद इंस्पेक्टर हुए निलंबित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस जिले के मलिहाबाद इलाके में युवक की मौत के बाद हुए उपद्रव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गंभीरता से लिया है। लखनऊ के एसपी ग्रामीण आदित्य लंगेह को हटा दिया गया है। उनकी जगह सीबीसीआईडी के एसपी हृदयेश कुमार को तैनात किया गया है।
इसी मामले में आईजी ने मलिहाबाद कोतवाली के इंस्पेक्टर सियाराम को निलम्बित कर दिया। नामजद आरोपियों पर रासुका लगाने की संस्तुति की जायेगी। पूरे प्रकरण की जांच सीओ मलिहाबाद को सौंपी गई है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने पीड़ित परिवार से मिलकर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मृतक रामविलास रावत की पत्नी सुमन देवी के बैंक खाते में पांच लाख रुपये की राहत राशि जमा करवाई।
डीएम ने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार को ग्रामीण आवास योजना के तहत मकान दिलाया जाएगा। सुमन को विधवा पेंशन और पिता पंचम को वृद्धावस्था पेंशन दी जाएगी। उधर मलिहाबाद में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात रखा गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें दबिश दे रही हैं।
हत्या के आरोप में तीनों गिरफ्तार
दिलावरनगर गांव में रहने वाले पंचम रावत के बेटे रामविलास (32) की गुरुवार को दो बाइक में टक्कर के बाद हुए विवाद में मौत हो गई थी। घर वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए गांव के गुलाम अली, मुस्तकीम, मुकीद, शानू और गुड्डू को नामजद किया था। आरोप था कि पुरानी रंजिश में बेटे पर बाइक चढ़ाई, फिर उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी।
पुलिस लापरवाह बनी रही और सड़क हादसा बताती रही। इससे गुस्साए लोगों ने गुरुवार व शुक्रवार को प्रदर्शन किया। पथराव कर बाइक फूंक दी। पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी। आईजी लक्ष्मी सिंह ने ग्रामीणों को शांत कराया। आईजी ने बताया कि मुकदमे को हत्या की धारा में कर दिया गया है। इसमें मुफीद, गुलाम अली और मुस्तकीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शनिवार सुबह से ही दिलावरनगर में अफसरों व जनप्रतिनिधियों का आना शुरू हो गया था। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे रहे। पर, ग्रामीणों में पुलिस की लापरवाही को लेकर गुस्सा बना हुआ है। उनका कहना है कि शुक्रवार को एडीएम, एसडीएम और पुलिस उन लोगों को ही गलत ठहराती रही थी। बवाल बढ़ने के लिए यही लोग जिम्मेदार है। प्रदर्शन से रोकने पर ही हंगामा बढ़ गया था। बिना जांच के ही पुलिस हत्या को सड़क हादसा बताने लगी थी।

45 दिनों तक गोरखपुर के इस रूट पर सफर करने वालों को झेलनी होगी परेशानी

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा जाने वाला मार्ग करीब 45 दिन बंद रहेगा। सीवर लाइन बिछाने के लिए इस सड़क की खुदाई कर रास्ता डायवर्ट कर दिया गया है। इसकी वजह से इस रास्ते से जाने वाले लोगों को अब एयरपोर्ट से पहले नंदा नगर पुलिस चौकी या बिछिया पीएसी गेट होकर जाना होगा। तकरीबन 40 हजार आबादी इससे प्रभावित होगी।
आप को बता दें कि जल निगम की ओर से नंदानगर इलाके में करीब 100 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाई जा रही है। इसी क्रम में छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा मुख्य मार्ग की खुदाई कर डायवर्ट कर दिया गया है। इससे इस सड़क से जाने वाले झरना टोला, दरगहिया, नीना थापा, केंद्रीय विद्यालय एयरफोर्स, एयरफोर्स, एयरफोर्स हॉस्पिटल, गायत्री नगर, लालगंज, कोड़इया, पवन बिहार, मोहनापुर इलाके के लोगों को अब रास्ता बदल कर जाना होगा।.
झरना टोला वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि रमेश प्रताप गुप्ता ने बताया कि अब इन इलाके के लोगों को एयरफोर्स से पहले नंदा नगर पुलिस चौकी होते हुए या फिर बिछिया पीएसी गेट होकर जाना होगा। तकरीबन 40 हजार की आबादी इससे प्रभावित होगी।.
जल निगम अधिशासी अभियंता रतनसेन सिंह ने बताया कि छह सौ मीटर लंबाई में और करीब साढ़े चार मीटर गहराई में सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसकी वजह से छावनी रेलवे स्टेशन से नीना थापा मार्ग की खुदाई की गई है। बीते शुक्रवार से 45 दिन तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान रुट बंद रखने को लिखा गया है।

भारत और दस देशों के संगठन ASEAN ने पांच साल के लिए बढ़ाई सक्रिय साझेदारी, समुद्री सहयोग भी पर भी सहमति

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत और दस देशों के संगठन आसियान ने शनिवार को अपनी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और इसको बढ़ावा देने के लिए पांच साल की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया। समीक्षा के दौरान समुद्री व्यापार, आवागमन और सुरक्षा मामलों में सहयोग पर खासतौर पर चर्चा हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये हुई भारत-आसियान बैठक में कोविड महामारी से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर और थाइलैंड के विदेश मंत्री डॉन प्रमुद्विनाई ने संयुक्त रूप से की। बैठक में बाकी नौ आसियान सदस्य देशों के विदेश मंत्री भी शामिल हुए।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की इस एसोसिएशन के दस सदस्य देश अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया के निकट सहयोगी हैं। आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड, ब्रूनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया शामिल हैं। आसियान देशों की कुल आबादी 185 करोड़ है जबकि इनकी जीडीपी तीन लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा की है।
शनिवार को हुई बैठक का महत्व इसलिए भी ज्यादा था, क्योंकि चीन दक्षिण चीन सागर पर कब्जा कर वहां अपनी आक्रामकता दिखा रहा है। साथ ही लद्दाख में घुसपैठ कर वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन कर रहा है। दक्षिण चीन सागर पर आसियान देशों का भी अधिकार है लेकिन वह इसे नहीं मान रहा।
बैठक में 2016-2020 के बीच भारत और आसियान देशों के बीच संबंधों के विकास की समीक्षा की गई और इसे अगले पांच साल के लिए और बढ़ाने का फैसला किया गया। अगले पांच साल में व्यापार, निवेश बढ़ाने के साथ ही लोगों की आवाजाही भी बढ़ाई जाएगी जिससे आपस में बेहतर संबंध स्थापित हों।

रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स मामले में लिया सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह तथा सिमोन खंबाटा आदि का नाम

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   NCB के सूत्रों ने खुलासा किया है कि रिया चक्रवर्ती, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिजाइनर सिमोन खंबाटा के साथ ड्रग्स लिया करती थीं l सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग एंगल सामने आने के बाद रिया चक्रवर्ती नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के रडार पर आ गईं। एनसीबी द्वारा उनसे लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की गईl
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट अदालत ने रिया को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, और तब से वह जमानत पाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस बीच यह बताया जा रहा है कि रिया ने बॉलीवुड के कई कलाकारों के नाम लिए हैं, जिन्होंने सुशांत के साथ ड्रग्स का सेवन किया था। इन सबके बीच ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि रिया ने सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और डिजाइनर सिमोन खंबाटा का नाम लिया है।

ड्रग केस में NCB कर रही है ताबड़तोड़ छापेमारी, अंधेरी से करमजीत सिंह गिरफ्तार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुशांत सिंह केस में ड्रग एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अब पूरे एक्शन में है। ड्रग से जुड़े लोगों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इसी के तहत एनसीबी ने ड्रग मामले से जुड़े एक आरोपी करमजीत सिंह को मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एनसीबी ने मुंबई और गोवा में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस दौरान भारी तादात में ड्रग्स के सात 7 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। एनसीबी ने लगभग 4.5 किलोग्राम हेरोइन, 445 ग्राम कोकीन और 1.1 किलोग्राम मारिजुआना जब्त किया है, जिसे छह पार्सल के माध्यम से भारत भेजा गया था। उधर, रिया ने एनसीबी के सामने लगभग 15 बॉलीवुड हस्तियों का नाम लिया है, जो ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी लोग अब एनसीबी के निशाने पर हैं। 
शुक्रवार को विशेष अदालत ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जु़ड़े ड्रग्स प्रकरण में गिरफ्तार अभिनेत्री रिया चक्रवती, उसके भाई शौविक तथा चार अन्य आरोपितों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। इन सभी को एनडीपीएस एक्ट में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। फिलहाल ये सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। एनसीबी के अनुसार रिया अपने भाई शौविक एवं सुशांत के पूर्व हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा तथा उसके पूर्व स्टाफ दीपेश सावंत के साथ ड्रग्स सिंडीकेट का हिस्सा थी।
वहीं, रिया ने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया है कि उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह एनसीबी द्वारा तीन दिनों तक पूछताछ के दौरान दर्ज किए कुबूलनामा से भी मुकर गई है। उसने दावा किया है कि एनसीबी अधिकारियों ने उसे खुद के दोषी होने संबंधी बयान देने के लिए मजबूर किया था। दूसरी ओर, एनसीबी ने जमानत अर्जियों का विरोध करते हुए दलील दी थी कि रिया इस बात से वाकिफ होते हुए भी कि राजपूत ड्रग्स लेते थे, वह ड्रग खरीदती रही।
एनसीबी का यह भी कहना था कि भले की बरामद ड्रग्स की मात्रा कम थी, लेकिन यह 1,85,200 रपये मूल्य की व्यावसायिक मात्रा थी। एनसीबी ने जमानत अर्जियों पर जवाबी हलफनामे में कहा कि रिया और शौविक चक्रवर्ती ने सुशांत राजपूत के लिए उनके कहने पर ड्रग्स के इंतजाम किए और उसके पैसे चुकाए।

ड्रग्स के साथ बॉलीवुड का कनेक्शन? रिया के खुलासे के बाद 15 फिल्मी हस्तियां हैं रडार पर

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बहुचर्चित सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग कनेक्शन को लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार रिया चक्रवर्ती ने करीब 15 ऐसे बी-ग्रेड बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के नाम उजागर किए हैं, जो ड्रग लेने में शामिल रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि इन 15 बॉलीवड हस्तियों में से कुछ ड्रग्स के खरीददार हैं तो कुछ उसका सेवन करते हैं।
एनसीबी की जांच में यह भी पता चला है कि कुछ ऐसा सर्किल है जो ड्रग्स को खरीदता है और उसके बाद सेलिब्रिटीज को सप्लाई करता हैं।
एनसीबी की पूछताछ में यह भी पता चला कि रिया का भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत का नौकर दीपेश सावंत लॉकडाउन के दौरान ड्रग्स की डिलीवरी के लिए अप्रैल महीने में कुरियर सर्विस का इस्तेमाल किया था। कुरियर ब्वॉय ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने दीपेश से कुरियर लिया था और लॉकडाउन के दौरान शौविक चक्रवर्ती को पहुंचाया था।
पूछ-ताछ के दौरान कुरियर ब्वॉय ने बयान में यह बताया कि उसने सुशांत के घर पर दीपेश से कुरियर लिया और रिया के घर पर उसके भाई शौविक को वह कुरियर दिया, जिसके अंदर आधा किलो ड्रग्स रखा हुआ था। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कुरियर ब्वॉय के मोबाइल में दीपेश और शौविक का नंबर भी सेव किया हुआ था। कुरियर ब्वॉय, शौविक और दीपेश की कॉल डिटेल्स भी ड्रग्स को ले जाने की बात की पुष्टि करती है। इस बारे में दीपेश, शौविक और कुरियर ब्वॉय से सवाल जवाब भी किया गया।
सुशांत सिंह मौत मामले में ड्रग्स केस को लेकर मुंबई के स्पेशल कोर्ट ने आज शुक्रवार को एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और अन्य की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट ने भी अब्दुल बासिल, जैद, दीपेश सावंत और सैम्युअल मिरांडा की जमानत याचिका खारिज कर दिया। इन सभी को एनसीबी ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – रेल पटरियों के किनारे बसे अवैध बस्तियों को हटाने में राजनीतिक हस्तक्षेप स्वीकार नहीं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भले ही सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षा के दृष्टिकोण पर विचार कर यह निर्देश दिया है, किंतु कुल मिलाकर संदेश यह भी गया है कि रेल पथ के इर्द-गिर्द किसी भी प्रकार का अतिक्रमण कतई उचित नहीं है। अत: केवल दिल्ली में ही नहीं, वरन पूरे देश में रेल पथ को अतिक्रमण मुक्त कराना भारतीय रेल और शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी बन जाता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेल पटरियों के किनारे बसी अवैध बस्तियों को हटाने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिया है, किंतु यह समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। नगरों-महानगरों में रेल पथ के इर्दगिर्द इस तरह का अतिक्रमण आम है। इससे न केवल रेल यातायात बाधित होता है, बल्कि सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। साथ ही इन अवैध बस्तियों में हर तरह का अपराध भी फलता-फूलता है। रेल यात्रियों सहित आम शहरी इसका शिकार बनते हैं।
वहीं, एक पहलू इनमें बसने वालों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण का भी है, जो अंततोगत्वा वोट बैंक का आधार बनता है। किंतु दिल्ली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इन बस्तियों को हटाने में किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, इस मामले में पूर्व में दिए गए अदालतों के स्थगन आदेशों को भी उच्चतम न्यायालय ने निष्प्रभावी करार दिया है।
इस जिम्मेदारी का निर्वहन क्यों आवश्यक है? अब तक ऐसा क्यों नहीं हो सका? क्या बाधाएं आड़े आती हैं? रेलवे की भूमि की सुरक्षा का जिम्मा किसका है? नियम-कानूनों की अनदेखी क्यों होती है? इस खेल का जिम्मेदार कौन है..?

यूपी में प्रयागराज के एसएसपी भ्रष्टाचार के आरोप में हुए सस्पेंड

प्रयागराज (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था में शिथिलता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में फंसे प्रयागराज के एसएसपी अभिषेक दीक्षित को निलंबित कर दिया है। वह तमिलनाडु काडर के वर्ष 2006 के तमिलनाडु काडर के आईपीएस हैं। वह राज्य प्रतिनियुक्त पर हैं। उनके स्थान पर लखनऊ में तैनात डीसीपी वेस्ट सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी को प्रयागराज का नया एसएसपी बनाया गया है। इसी के साथ शासन ने पांच अन्य आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अभिषेक दीक्षित द्वारा एसएसपी प्रयागराज के रूप में तैनाती की अवधि में गंभीरत अनियमितताएं की गईं। उन्होंने शासन के निर्देशों का अनुपालन सही ढंग से नहीं किया। अभिषेक दीक्षित पर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के भी आरोप लगे हैं।
शासन और डीजीपी मुख्यालय के निर्देशों के अनुरूप नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग करने और बैंकों तथा आर्थिक व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एवं बाईकर्स द्वारा की जा रही लूट की घटनाओं की रोकथाम में भी वह नाकाम रहे। इनके द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। चेंकिग व पर्यवेक्षण का काम भी सही ढंग से नहीं किया गया। प्रयागराज में बीते तीन महीने में लम्बित विवेचनाओं में भी निरंतर वृद्धि हुई है।
कोरोना माहामारी के संबंध में भी शासन द्वारा सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने के दिए निर्देशों का जनपद में सही ढंग से पालन नहीं कराया गया, जिस पर हाईकोर्ट ने घोर अप्रसन्नता व्यक्त की। निलंबन की अवधि में अभिषेक दीक्षित डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे।
लखनऊ के पुलिस उपायुक्त सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के स्थान पर देवेश कुमार पाण्डेय को लखनऊ का पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। वह एटीसी सुलतानपुर में एएसपी थे। 
शासन ने गोरखपुर में तैनात रहीं डीआईजी रेलवे पुष्पांजलि सिंह को लखनऊ रेलवे का डीआईजी बनाया है। उन्नाव के माखी में हुए रेप कांड के मामले में वह विवादों में घिरी थीं। उन्नाव में तैनाती के दौरान उन पर आरोप लगे थे कि उन्होंने पीड़ित महिला द्वारा विधायक पर रेप का आरोप लगाए जाने पर, उसकी शिकायत को नजर अंदाज कर दिया। जांच के बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ शासन से कार्रवाई की सिफारिश की है।
सीतापुर की 11वीं वाहिनी पीएसी के डीआईजी / मनोज कुमार पीएसी लखनऊ के नए डीआईजी होंगे। गोरखपुर क्षेत्रीय अभिसूचना इकाई के डीआईजी गंगा नाथ त्रिपाठी भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ, डॉ. अखिलेश कुमार निगम को एसपी विशेष अनुसंधान शाखा सहकारिता लखनऊ की नई तैनाती मिली है। वह सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ में एसपी थे। 

मॉर्निंग वॉक पर निकले जिम कोच को बदमाशों ने गोलियों से भूना

मेरठ (ऊँ टाइम्स) यूपी के मेरठ में बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जहां बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक ज्वैलरी शॉप में घुस सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी वहीं बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले जिम कोच की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। जिम कोच परविंदर मेरठ में एक जिम में कोच का काम करने के साथ ठेकेदारी भी करते थे। 
मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र में परविंदर दौड़ लगा रहे थे। इस दौरान वहां पहुंचे बाइक सवार दो युवकों ने उनसे बातचीत करते हुए हथियारों से फायरिंग कर दी। फायरिंग में परविंदर को 5 गोलियां लगी। फायरिंग की आवाज सुन वहां दौड़ लगा रहे अन्य युवकों ने बाइक सवारों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने बाइक हाईवे की ओर दौड़ा दी और फरार हो गए। सूचना पर आनन-फानन में पहुंची पुलिस ने घायल परविंदर को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। इससे पहले, मंगलवार को जागृति विहार सेक्टर-दो में दिनदहाड़े बदमाशों ने ज्वैलरी शॉप पर धावा बोलकर 10 लाख रुपए और पांच किलो चांदी लूट ली। विरोध करने पर सर्राफा व्यापारी अमन जैन (30) की गोली मारकर हत्या कर दी। 

21 सितंबर से खुल जाएंगे 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यालय , स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया संचालन प्रक्रिया

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  पांच महीने से अधिक समय से बंद चल रहे स्‍कूल अब चरण बद्ध तरीके से खुलने जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। इसके बारे में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। स्कूल आने वाले सभी लोगों को स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखनी होगी। जहां-तहां थूकने पर पाबंदी होगी। दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि स्कूल में राज्य हेल्पलाइन नंबर के साथ ही स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के फोन नंबर भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
प्रयोगशाला से लेकर कक्षाओं तक के छात्रों के बैठने की ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि उनके बीच कम से कम 6 फीट की दूरी को बरकरार रखा जाए। छात्रों के इकट्ठा होने यानी असेंबली और खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों की मनाही होगी क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का जोखिम होगा।
कंटेनमेंट जोन्स में रहने वाले शिक्षक या कर्मचारियों को स्कूल जाने की इजाजत नहीं है। वैसे स्कूल जिनका इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के रूप में हुआ था, उन्हें आंशिक तौर पर खोले जाने से पहले अच्छी तरह से सैनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है। सभी स्कूलों को हाइपोक्लोराइट सोलूशन से सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एसओपी में कहा गया है कि ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग की अनुमति जारी रहेगी। स्कूल अधिकतम अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और गैर शिक्षक स्टाफ को ऑनलाइन टीचिंग/ टेलीकाउंसलिंग और इससे जुड़े दूसरे कामों के लिए बुला सकते हैं। नौवीं से 12वीं तक के छात्र अगर अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जाना चाहेंगे तो उन्हें इसकी इजाजत होगी। हालांकि इसके लिए उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावकों से लिखित सहमति लेनी होगी। छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी मौजूद रहेगा। 
स्‍कूलों में एहतियाती उपायों में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र शामिल होंगे, इसके अंतर्गत कम से कम छह फीट की शारीरिक दूरी सुनिश्चित करना, चेहरे को ढंकना, बार-बार हाथ धोना, श्‍वसन संबंधी शिष्टाचार का पालन करना, स्वास्थ्य की निगरानी करना और जगह- जगह नहीं थूकना शामिल है। विशेष रूप से इस बारे में लोगों से पूछा गया है। ऑनलाइन या डिस्टेंस लर्निंग को अनुमति और प्रोत्साहन देना जारी रखना चाहिए और कक्षा 9 से 12 के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर स्कूल का दौरा करने की अनुमति देनी चाहिए।
छात्र-छात्रों को स्वेच्छा से स्कूल आने की आजादी होगी। किसी भी छात्र पर स्कूल आने के लिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। बच्चे अपने माता-पिता की लिखित अनुमति लेकर ही स्कूल आएंगे। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन शिक्षण को जारी रखना होगा। इसके लिए 50 फीसद शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा सकता है। स्कूल में स्वीमिंग पूल को बंद ही रखा जाएगा। एयरकंडीशनर के तापमान को 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच ही रखना होगा। आद्रता 40-70 फीसद के बीच रखनी होगी। क्रॉस वेंटिलेशन और स्वच्छ हवा के लिए व्यवस्था करनी होगी।

चीनी सैनिक धारदार हथियार लेकर आए थे भारतीय चौकी के पास, खतरनाक थे उनके इरादे

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पूर्वी लद्दाख में विगत दिवस गलवान घाटी जैसे कहानी को दोहराने की चीन की कोशिशों को भातीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया था। रेजांग ला के उत्तर स्थित मुखपुरी में धारदार हथियारों से लैस करीब 50 चीनी सैनिकों ने भारतीय इलाके में चोटी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, जिस पर भारतीय सैनिकों ने हवा में फायरिंग कर उन्हें आगाह करने के बाद उन्‍हें वापस लौटने को मजबूर कर दिया। इस बारे में चीन ने फिर झूठी कहानी गढ़ते हुए कहा था कि उसके सैनिक बातचीत के लिए गए थे और भारतीय सैनिकों ने उकसावे की कार्रवाई की है। वहीं दूसरी तरफ अब ऐसी तस्वीरें आई हैं जो न केवल चीन के झूठ का पर्दा उठाती हैं बल्कि उनके खतरनाक मंसूबों का इजहार करती है। 
सोमवार को जारी की गई तस्वीरों में दिख रहा है कि सोमवार को करीब 50 चीनी सैनिक हथियारों से लैस होकर रेजांग ला के पास उन चोटियों पर आने की कोशिश कर थे, जिन पर भारतीय सैनिक तैनात हैं। तस्‍वीरों में दिखाई दे रहा है कि चीनी सैनिकों के पास धारदार हथियार है। वे भारतीय सैनिकों से महज 200 मीटर की दूरी पर हैं। 14-15 जून को गलवान घाटी में जिस तरह उन्होंने भारतीय सैनिकों पर धारदार हथियारों और कील लगे डंडों से हमला किया था, वैसे ही कहानी दोहराने के लिए वे तैयारी के साथ आए थे। चीनी सैनिक भारतीय चोटियों पर कब्जे की फिराक में थे। ये चोटियां रणनीतिक स्‍तर पर काफी अहम मानी जाती हैं। चीनी सैनिकों ने 10-15 राउंड फायरिंग भी की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर कर दिया। 45 साल बाद वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गोली चली थी। 
चीन के सैनिकों के पास जो हथियार दिखाई दे रहा है, उसे गुआंडाओ कहा जाता है। उनका इस्तेमाल आम तौर पर चीनी मार्शल आर्ट में किया जाता है। इसमें एक 5-6 फीट लंबे पोल पर ब्लेड लगी होती है। यह ब्लेड एक तरफ पीछे की तरफ भी मुड़ी होती है। यह भारतीय हथियार बर्छी से मिलता जुलता है। इसे बर्छी और भाले का संयुक्त रूप कहा जा सकता है।.
पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे पिछले तीन दिनों से चीनी सेना भारत की फॉरवर्ड पोजिशन के नजदीक आने की कोशिश कर रही है। अभी भी रेजांग ला के पास की चोटियों के करीब भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। मौके पर तनाव चरम पर है। भारतीय सैनिक पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है।
सोमवार देर रात दोनों देशों के बीच 45 साल बाद फायरिंग की घटना हुई। पिछली बार 1975 में गोलियां चली थीं। उस समय अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में असम राइफल्स के जवानों की पेट्रोलिंग टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई जवान शहीद हुए थे। 1993 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसमें सहमति बनी थी दोनों देश सीमा पर फायरिंग नहीं करेंगे। इसी समझौते के चलते 15 जून को गलवन घाटी में हिंसक झड़प के बावजूद गोली नहीं चली थी।

उत्तर प्रदेश में अब रव‍िवार का लॉकडाउन भी हुआ खत्म

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी में सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य में लागू वीकेंड लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। प्रदेश में अनलॉक-4 के तहत सिर्फ रविवार को साप्ताहिक बंदी किया गया था । अब सरकार ने रविवार की बंदी की बाध्यता भी खत्म कर दी है। यानी अब बाजारों में पुरानी व्यवस्था लागू की जा सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा बैठक के बाद रविवार को होने वाला लॉकडाउन भी खत्म कर दिया है। इससे पहले दो दिनों का वीकेंड लॉकडाउन शनिवार और रविवार का होता था। बीते दिनों सरकार ने शनिवार का लॉकडाउन खत्म किया था और अब रविवार का लॉकडाउन भी खत्म कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ‘दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी’ के प्रति लोगों को विशेष रूप से जागरूक करते हुए आर्थिक गतिविधियां संचालित कराई जाएं। मुख्‍यमंत्री लोक भवन में उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू तथा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा 1,000 आईसीयू बेड्स तैयार किए जाएं। उन्होंने कन्टेनमेंट जोन में सभी लोगों का कोविड-19 टेस्ट सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक रविवार को बाजारों की प्रदेश व्यापी साप्ताहिक बन्दी के स्थान पर अब बाजारों की साप्ताहिक बन्दी पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप रहेगी। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य स्थानों पर सभी होटल व रेस्टोरेंट का संचालन कराया जाए। इस गतिविधि में संक्रमण से सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। तहसील दिवस तथा थाना दिवस कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ रैंकिंग में उत्तर प्रदेश द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में भी कार्ययोजना बनाकर प्रयास करने की आवश्यकता है। इससे लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन आएगा। 

दिल्ली में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के 2 आतंकी हुए गिरफ्तार

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली पुलिस ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आतंकियों के नाम भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह हैं! ये दोनों ही लुधियाना के रहने वाले हैं। इन दोनों आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े दोनों आतंकियों भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह पर पंजाब में कई मामले दर्ज हैं। जानकारी मिली है कि दोनों को शनिवार को ही बुराड़ी के निरंकारी कॉलोनी के पास से गिरफ्तार किया गया है। इनमें दिलावर को पहले भी पंजाब पुलिस अबू धाबी से गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन जमानत मिलने पर फरार हो गया था। यह भी जानकारी मिली है कि ये हथियार लेने दिल्ली आए थे, जिसके बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इन दोनों के निशाने पर पंजाब था, ये कोई बड़ी साजिश के तहत यहां पर आए थे।
दिल्‍ली पुलिस स्पेशल सेल के मुताबिक, दोनों आतंकियों भूपेंद्र उर्फ दिलावर सिंह और कुलवंत सिंह को पकड़ने की कोशिश की गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों को पुलिस ने धर दबोचा। दोनों को पश्चिम दिल्ली इलाके में दोनों ओर से हुई फायरिंग की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से छह पिस्‍टल बरामद हुआ है।

यूपी में प्रधानी चुनाव के लिए हर जगह हो रहा है चर्चा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस समय पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायती चुनाव के लिए लोग हर जगह चर्चा करते हुए देखे जा रहे हैं!

आज से फिर चलने लगी दिल्ली मेट्रो , एक्वा लाइन व गुरुग्राम रैपिड मेट्रो चालू

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  5 महीने से भी अधिक समय बाद सोमवार से दिल्ली मेट्रो के साथ, गुरुग्राम रैपिड मेट्रो और एक्वा लाइन मेट्रो (नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो) का भी परिचालन शुरू हो गया है। पहले चरण में दिल्ली में सोमवार को सिर्फ यलो लाइन पर परिचालन शुरू हुआ है। वहीं, यात्रा के दौरान सिर्फ स्‍मार्ट कार्ड से किराया भुगतान की सुविधा है। वहीं, मास्क के बगैर मेट्रो में प्रवेश नहीं मिल रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मेट्रो स्टेशन पर थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के साथ एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो का भी संचालन शुरू हो गया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को गुरुग्राम जाना थोड़ा आसान हो जाएगा। फिलहाल ब्लू लाइन मेट्रो के नहीं चलने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों को परेशानी आ रही है। साइबर सिटी के नाम से जाने जाने वाले हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से येलो लाइन ठीक 7 बजे दिल्ली के लिए रवाना हुई।
यात्रा के दौरान लोग शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी करते नजर आए।
मेट्रो का परिचालन दो पालियों में होगा। पहली पाली में सुबह सात से 11 बजे तक मेट्रो चलेगी। इसके बाद शाम चार बजे से रात आठ बजे तक मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। दोपहर में पांच घंटे मेट्रो का परिचालन बंद रहेगा।
इस कॉरिडोर के 36 स्टेशनों पर सिर्फ एक गेट खुलेंगे। सिर्फ कश्मीरी गेट स्टेशन पर दो गेट खुले रहेंगे। इसलिए यात्री परेशानी से बचने के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट या ट््वीटर हैंडल पर यह देख लें कि किस स्टेशन पर कितने नंबर का गेट खुला रहेगा।
मेट्रो के एक कोच में 48 यात्रियों के बैठने की सीट होती है लेकिन अभी एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गई है। इसलिए प्रत्येेक कोच में 24 यात्री बैठ पाएंगे। वहीं 25-26 यात्री एक से दो मीटर की दूरी बनाकर खड़े रह पाएंगे। इस तरह एक कोच में अधिकतम 50 व छह कोच की मेट्रो में 300 यात्री सफर कर पाएंगे। जबकि छह कोच की मेट्रो की क्षमता करीब 1800 यात्रियों की होती है। डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नए नियमों का पालन करते हुए 20 फीसद क्षमता के साथ ही मेट्रो चलेगी।
डीएमआरसी का कहना है कि कोरोना के संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशा का सख्ती से पालन किया जाएगा। इसलिए डीएमआरसी ने एक हजार अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया है। जो यात्रियों की मदद करेंगे और शारीरिक दूरी के नियम के पालन के लिए जागरूक करेंगे।
मेट्रो में सुरक्षा जांच व सामान सैनिटाइज करने में थोड़ा वक्त लग सकता है। इसके अलावा स्टेशनों पर भीड़ व कोच में निर्धारित क्षमता के अनुसार यात्रियों के मौजूद होने पर अन्य यात्रियों को नहीं चढ़ने दिया जाएगा। इस वजह से यात्रियों को दूसरी मेट्रो ट्रेन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। लिहाजा यात्री मेट्रो में सफर के लिए 15 से 30 मिनट अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
स्टेशनों पर भीड़ बढऩे पर छोटे लूप में भी मेट्रो को चलाई जा सकती है। डीएमआरसी ने इसके लिए भी पूरी तैयारी की है। रविवार को येलो लाइन पर छोटे-छोटे लूप में मेट्रो का परिचालन कर ट्रायल भी किया गया।
कंटेनमेंट जोन में स्थित स्टेशन पर मेट्रो नहीं रुकेगी। मेट्रो में इसकी उद्घोषणा भी की जाएगी। मेट्रो के ट्विटर हैंडर से भी यह जानकारी लोगों को दी जाएगी।
स्टेशनों पर एक हजार सिविल डिफेंस के वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे। इसके लिए डीएमआरसी संबंधित एजेंसी के संपर्क में है। इसके अलावा कुछ ऐसे स्टेशनों की पहचान की गई हैं, जहां भीड़ अधिक हो सकती है। इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन स्टेशनों पर पुलिस कर्मी भी तैनात रहेंगे

पाकिस्तान की गोलाबारी में एक भारतीय सैनिक शहीद, जवाब में पाक सेना के 3 मरे, ईधन डिपो तबाह

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान ने शनिवार को नियंत्रण रेखा पर उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर (कुपवाड़ा) और पुंछ जिले के शाहपुर किरनी, कसबा सेक्टर में भारी गोलीबारी किया। नौगाम में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हुआ है। जबकि दो अन्य सैन्यकर्मी घायल हुए हैं। इधर, पुंछ में पाक सेना ने एलओसी के साथ सटे करीब एक दर्जन गांवों को निशाना बनाया। नौगाम में भारतीय सेना ने भी पाकिस्तानी गोलाबारी का करारा जवाब दिया है। इससे पाकिस्तानी सेना का एक ईधन डिपो तबाह हो गया और उसके तीन सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की सूचना है। देर रात तक दोनों तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों पर भीषण गोलाबारी जारी थी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नौगाम सेक्टर के अंतर्गत हरदूल सब सेक्टर में स्थित भारतीय सैन्य व नागरिक ठिकानों पर मोर्टार व तोप के गोले बरसाए। कुछ गोले एक अग्रिम चौकी के पास गिरे। इनसे हुए धमाकों की चपेट में आकर तीन सैन्यकर्मी गंभीर रूप से घाायल हो गए। उन्हें तुरंत सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गन्नर भूपेंद्र ¨सह को शहीद करार दिया। अन्य दो सैन्यकर्मियों लांस नायक वेंकटेश और सिपाही शाहजल की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर बनी हुई है। पाकिस्तानी सेना की 10 बलोच बटालियन ने सुबह लगभग नौ बजे शाहपुर किरनी और कसबा सेक्टर में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों के साथ रिहायशी इलाकों में मोर्टार दागने शुरू किए। भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की तो पाकिस्तानी सैनिकों ने फाय¨रग की रेंज बढ़ाकर नियंत्रण रेखा के नजदीकी इलाकों देगवार, माल्टी, दलान, डोकड़ी सहित कई रिहायशी इलाकों में मोर्टार दागने शुरू कर दिए। गोलाबारी की चपेट में आने से नियंत्रण रेखा के नजदीकी गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, इलाके में कई मवेशी भी मारे गए और कई घायल हुए हैं।
एलओसी पर गोलाबारी की आवाज नियंत्रण रेखा से कई किलोमीटर दूर पुंछ शहर तक सुनाई दी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन रिहायशी इलाकों में शनिवार को पाकिस्तानी सैनिकों ने मोर्टार दागे हैं, उन इलाकों में 1965, 1971 के बाद 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी तोप के गोले नहीं पहुंचे थे। इस बार पाक सैनिकों ने गोलाबारी के दौरान सभी हदों को पार कर दिया। गनीमत यह रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है।

चार देशों में अकाल पड़ने की चेतावनी दिया है संयुक्त राष्ट्र ने

संयुक्त राष्ट्र / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने चार देशों में अकाल पड़ने और खाद्य संकट के गहराने का अलर्ट जारी किया है। उन्‍होंने कहा कि संघर्ष प्रभावित कांगो, यमन, दक्षिणी सूडान और पूर्वोत्तर नाइजीरिया में अकाल पड़ने और खाद्य संकट गहराने का खतरा है। इससे लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे नोट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि चार देश खाद्य संकट के क्रम में दुनिया में सबसे ऊपर हैं।
महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा है कि आने वाले खतरे से निपटने के लिए बहुत कम रकम मुहैया कराई गई है। इस खतरे को टालने के लिए अब कार्रवाई करने की जरूरत है। बता दें कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यमन, पूर्वोत्तर नाइजीरिया और दक्षिणी सूडान वर्षों से सशस्त्र संघर्ष से घिरे देशों में शुमार हैं। आने वाले वक्‍त में अकाल का सामना करने की कगार पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख (UN Secretary General Antonio Guterres) ने कहा कि सोमालिया, बुर्किना फासो और अफगानिस्तान समेत आंतरिक संघर्ष से जूझ रहे देशों में भी हालात बेहतर नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता प्रमुख मार्क लोकॉक ने कहा कि महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है जिसका सबसे बड़ा असर खाद्य सुरक्षा और कृषि उत्पादन पर पड़ा है। संयुक्‍त राष्‍ट्र का कहना है कि आंतरिक संघर्ष से जूझ रहे इन देशों में चरमपंथी हालात के खराब होने का लाभ उठा सकते हैं।
इस बीच भारत कोरोना वायरस से मुकाबले में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मिशन में अपना योगदान देने के लिए विशेषज्ञों का दो दल दक्षिण सूडान और कांगो भेज रहा है। इससे इन जगहों पर यूएन के शांतिरक्षा अभियानों के तहत चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। भारत के यूएन मिशन ने शुक्रवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस के अनुरोध पर ये दल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने महामारी से मुकाबले के लिए इन देशों में भारतीय शांतिरक्षकों की ओर से स्थापित अस्पतालों की सुविधाओं को बढ़ाने का आग्रह किया था। 15 विशेषज्ञों का एक दल कांगो के गोमा जाएगा।

12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनों की शुरुआत होगी, आरक्षण 10 सितंबर से होगा शुरू

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि 12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनें शुरू की जाएंगी और इन ट्रेनों में यात्रा के लिए आरक्षण 10 सितंबर से शुरू हो जाएगा। जल्‍द ही इस बारे में अधिसूचना जारी हो जाएगी। ये स्‍पेशल ट्रेनें मौजूदा वक्‍त में चल रही 230 ट्रेनों के अतिरिक्‍त होंगी। इन विशेष ट्रेनों के परिचालन की निगरानी की जाएगी। जरूरत के हिसाब से जहां भी नई ट्रेन की मांग होगी या लंबी प्रतीक्षा सूची होगी वहां क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी। 
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने बताया कि परीक्षाओं के लिए या ऐसे ही किसी उद्देश्य के लिए राज्य सरकारों से अनुरोध किए जाने पर ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि कोरोना संकट के चलते मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना अपनी तय समयसीमा दिसंबर 2023 तक पूरी नहीं हो सकेगी। इस संकट के चलते निविदाएं खोलने और भूमि के अधिग्रहण में देरी हुई है। यही नहीं परियोजना की लागत भी 1.08 लाख करोड़ से बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये होने की आशंका है।.
नेशनल हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने अभी तक मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 63 फीसद जमीन अधिग्रहीत की है। महाराष्ट्र के पालघर और गुजरात के नवसारी जैसे इलाकों में जमीन अधिग्रहण में अभी भी दिक्कतें हैं। पिछले साल कंपनी ने निर्माण कार्यों के लिए नौ निविदाएं जारी की थीं लेकिन महामारी की वजह से उन्‍हें नहीं खोला जा सका था। यादव ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पटरियों के किनारे से गार्बेज हटाने के लिए दिल्ली सरकार और रेलवे द्वारा संयुक्त रूप से संयुक्‍त रूप से कदम उठाए गए हैं। 
आप को बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के दौरान रेलवे को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। कोरोना संकट के चलते रेलवे ने मार्च से लेकर 23 अगस्‍त तक एक करोड़ 78 लाख से अधिक टिकट रद किए थे। इस दौरान रेलवे ने  2,727 करोड़ रुपये की राशि लोगों को रिफंड की थी। आरटीआई से सामने आए जवाब में कहा गया है कि रेलवे ने 25 मार्च से पांच महीने के दौरान कुल 1 करोड़ 78 लाख 70 लाख 644 टिकट रद किए थे। 
रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका था जब टिकट रिफंड की गई राशि, कमाई हुई राशि से ज्यादा पाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक अकेले पश्चिम रेलवे को ही कुल 2,255 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इसमें उपनगरीय खंड को 339 करोड़ जबकि गैर-उपनगरीय रेलवे को 1,916 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अब जब सरकार ने अनलॉक-4 की घोषणा कर दी है, रेलवे ने भी अपनी सेवाओं को गति देने में जुट गया है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा – अकेले कार या साइकिल चला रहे व्यक्ति के लिए मास्क पहनना जरूरी नहीं

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के संक्रमण को रोकने के नाम पर दिल्ली सहित पूरे देश की पुलिस लोगों का चालान काटने में लग गई है। इस सिलसिले में कार में अकेले बैठकर उसे चला रहे लोगों का चालान भी काटा जा रहा है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अकेले बैठकर कार चला रहे लोगों के मास्क पहनने का कोई दिशानिर्देश जारी ही नहीं किया गया है। इसी तरह अकेले साइकिल चला रहे व्यक्ति के लिए भी मास्क पहनना जरूरी नहीं है।
अकेले साइकिल या कार चला रहे लोगों के मास्क नहीं पहनने के कारण चालान काटे जाने के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि ‘स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो दिशानिर्देश जारी किये हैं, उनमें यदि आप अकेले किसी कार को बैठकर कार चला रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना है, इस आशय का कोई दिशा-निर्देश नहीं है।’ 
इससे जाहिर है पुलिस बिना किसी दिशानिर्देश के अपनी मर्जी से इस तरह का चालान काट रही है। इसी तरह से राजेश भूषण ने यह भी साफ कर दिया कि अकेले साइकिल चला रहे व्यक्ति का भी मास्क नहीं पहनने के कारण चालान नहीं काटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लोगों में फिजिकल एक्टीविटी में जागरूकता बढ़ी है। लोग दो-दो, तीन-तीन के समूह में साइकलिंग करते हैं, जॉगिंग करते हैं। यहां मास्क पहनना चाहिए, क्योंकि वहां सामाजिक दूरी का पालन करना और एक-दूसरे को संक्रमण से बचाना जरूरी है। लेकिन उन्होंने यह साफ कर दिया कि आप अकेले साइकिल चला रहे हैं, तो मास्क पहनने संबंधी कोई दिशानिर्देश स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी नहीं किया है।

PUBG सहित 118 मोबाइल ऐपों पर भारत में लगाया गया बैन, राष्‍ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए भारत सरकार ने लगाया है बैन

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  चीन के ऐप्स के खिलाफ एक बार फिर से भारत सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PUBG समेत कुल 118 चाइनीज ऐप्स पर बैन लगा दिया है। आप को बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुुआ है जब भारत में चाइनीज ऐप्स को बैन किया गया है बल्कि इससे पहले सरकार ने 15 जून को 57 चीनी ऐप्‍स को बैन कर दिया था , और इसके बाद 47 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया। वहीं चाइनीज ऐप्स को भारत में तीसरी बार बड़ा झटका लगा है। बता दें कि सरकार ने केवल मोबाइल ऐप्स ही नहीं बल्कि इंटरनेट ऐप्स को भी बैन किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए बयान में बताया गया है कि ये सभी 118 मोबाइल ऐप्स भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा थे। भारतीय यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए इन ऐप्स को बैन किया गया है। बैन किए गए ऐप्स में PUBG के अलावा Baidu, APUS लॉन्चर प्रो और CamCard आदि कई ऐसे ऐप्स शामिल हैं जिनका इस्तेमाल भारतीय यूजर्स के बीच काफी किया जाता है। 
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन ऐप्स की ओर से इकट्ठे किए गए डाटा को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे थे और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन्हे बैन करने का फैसला किया गया है। मद्देनजर इन्हें बैन करने का फैसला किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंसर और होम मिनिस्ट्री की ओर से भी इन ऐप्स पर बैन लगाने की मांग की जा चुकी है।

भारत सरकार द्वारा बैन किए गए 118 ऐप्स की लिस्ट-

  1. APUS Launcher Pro- Theme, Live Wallpapers, Smart
  2. APUS Launcher -Theme, Call Show, Wallpaper, HideApps
  3. APUS Security -Antivirus, Phone security, Cleaner
  4. APUS Turbo Cleaner 2020- Junk Cleaner, Anti-Virus
  5. APUS Flashlight-Free & Bright
  6. Cut Cut – Cut Out & Photo Background Editor
  7. Baidu
  8. Baidu Express Edition
  9. FaceU – Inspire your Beauty
  10. ShareSave by Xiaomi: Latest gadgets, amazing deals
  11. CamCard – Business Card Reader
  12. CamCard Business
  13. CamCard for Salesforce
  14. CamOCR
  15. InNote
  16. VooV Meeting – Tencent Video Conferencing
  17. Super Clean – Master of Cleaner, Phone Booster
  18. WeChat reading
  19. Government WeChat
  20. Small Q brush
  21. Tencent Weiyun
  22. Pitu
  23. WeChat Work
  24. Cyber Hunter
  25. Cyber Hunter Lite
  26. Knives Out-No rules, just fight!
  27. Super Mecha Champions
  28. LifeAfter
  29. Dawn of Isles
  30. Ludo World-Ludo Superstar
  31. Chess Rush
  32. PUBG MOBILE Nordic Map: Livik
  33. PUBG MOBILE LITE
  34. Rise of Kingdoms: Lost Crusade
  35. Art of Conquest: Dark Horizon
  36. Dank Tanks
  37. Warpath
  38. Game of Sultans
  39. Gallery Vault – Hide Pictures And Videos
  40. Smart AppLock (App Protect)
  41. Message Lock (SMS Lock)-Gallery Vault Developer Team
  42. Hide App-Hide Application Icon
  43. AppLock
  44. AppLock Lite
  45. Dual Space – Multiple Accounts & App Cloner
  46. ZAKZAK Pro – Live chat & video chat online
  47. ZAKZAK LIVE: live-streaming & video chat app
  48. Music – Mp3 Player
  49. Music Player – Audio Player & 10 Bands Equalizer
  50. HD Camera Selfie Beauty Camera
  51. Cleaner – Phone Booster
  52. Web Browser & Fast Explorer
  53. Video Player All Format for Android
  54. Photo Gallery HD & Editor
  55. Photo Gallery & Album
  56. Music Player – Bass Booster – Free Download
  57. HD Camera – Beauty Cam with Filters & Panorama
  58. HD Camera Pro & Selfie Camera
  59. Music Player – MP3 Player & 10 Bands Equalizer
  60. Gallery HD
  61. Web Browser – Fast, Privacy & Light Web Explorer
  62. Web Browser – Secure Explorer
  63. Music player – Audio Player
  64. Video Player – All Format HD Video Player
  65. Lamour Love All Over The World
  66. Amour- video chat & call all over the world.
  67. MV Master – Make Your Status Video & Community
  68. MV Master – Best Video Maker & Photo Video Editor
  69. APUS Message Center-Intelligent management
  70. LivU Meet new people & Video chat with strangers
  71. Carrom Friends : Carrom Board & Pool Game-
  72. Ludo All Star- Play Online Ludo Game & Board Games
  73. Bike Racing : Moto Traffic Rider Bike Racing Games
  74. Rangers Of Oblivion : Online Action MMO RPG Game
  75. Z Camera – Photo Editor, Beauty Selfie, Collage
  76. GO SMS Pro – Messenger, Free Themes, Emoji
  77. U-Dictionary: Oxford Dictionary Free Now Translate
  78. Ulike – Define your selfie in trendy style
  79. Tantan – Date For Real
  80. MICO Chat: New Friends Banaen aur Live Chat karen
  81. Kitty Live – Live Streaming & Video Live Chat
  82. Malay Social Dating App to Date & Meet Singles
  83. Alipay
  84. AlipayHK
  85. Mobile Taobao
  86. Youku
  87. Road of Kings- Endless Glory
  88. Sina News
  89. Netease News
  90. Penguin FM
  91. Murderous Pursuits
  92. Tencent Watchlist (Tencent Technology
  93. Learn Chinese AI-Super Chinese
  94. HUYA LIVE – Game Live Stream
  95. Little Q Album
  96. Fighting Landlords – Free and happy Fighting Landlords
  97. Hi Meitu
  98. Mobile Legends: Pocket
  99. VPN for TikTok
  100. VPN for TikTok
  101. Penguin E-sports Live assistant
  102. Buy Cars-offer everything you need, special offers and low prices
  103. iPick
  104. Beauty Camera Plus – Sweet Camera & Face Selfie
  105. Parallel Space Lite – Dual App
  106. “Chief Almighty: First Thunder BC
  107. MARVEL Super War NetEase Games
  108. AFK Arena
  109. Creative Destruction NetEase Games
  110. Crusaders of Light NetEase Games
  111. Mafia City Yotta Games
  112. Onmyoji NetEase Games
  113. Ride Out Heroes NetEase Games
  114. Yimeng Jianghu-Chu Liuxiang has been fully upgraded
  115. Legend: Rising Empire NetEase Games
  116. Arena of Valor: 5v5 Arena Games
  117. Soul Hunters
  118. Rules of Survival

ड्रग मामले में सैमुअल मिरांडा के करीबी 2 लोग हुए गिरफ्तार, रिया के भाई से जुड़े तार

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मुंबई के बांद्रा से अब्दुल बसित परिहार व जैद विलात्रा को गिरफ्तार किया है। दोनों का संबंध सैमुअल मिरांडा से बताया जा रहा है। सैमुअल मिरांडा पर मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती के कहने पर ड्रग्स खरीदने का आरोप है। इस बीच मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय ने  सुशांत के दोस्त और एक फर्म में उनके पार्टनर वरुण माथुर को आज  मुंबई में पूछताछ के लिए बुलाया है। 
आप को बता दें कि सुशांत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने मंगलवार को पहली बार मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती के माता-पिता से पूछताछ की। रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती और मां संध्या से जांच एजेंसी ने लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की। आज फिर दोनों से पूछताछ हो सकती है। इसके अलावा मामले में रिया के भाई शौविक से एक बार फिर पूछताछ हुई। तीनों एक साथ डीआरडीओ के गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां सीबीआइ की ठहरी है। 
रिया को सीबीआइ ने मंगलवार के दिन पूछताछ के लिए नहीं बुलाया। वह अब तक चार बार सीबीआइ के सामने पेश हुई है। सीबीआइ रिया से अब तक करीब 35 घंटे पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा सुशांत के कुक नीरज सिंह, करीबी दोस्त सैमुअल मिरांडा, स्टाफ केशव और फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी से भी सीबीआइ ने पूछताछ की। मामले में इनसे पहले भी पूछताछ हो चुकी है। 
वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रही है। मंगलवार को ईडी ने एक बार फिर होटल व्यवसायी गौरव आर्या से पूछताछ की। रिया चक्रवर्ती से ड्रग्स संबंधी बातचीत सामने आने के बाद ईडी ने गोवा के होटल आर्या को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। वह रविवार को गोवा से मुंबई पहुंचा था। वह गोवा स्थित होटल टैमरिंड एवं कैफे कोटिंगा के मालिक है। रिया की उनके साथ 2017 की एक चैट ईडी को प्राप्त हुई है। इससे पता चलता है कि रिया न सिर्फ सुशांत के साथ रहते हुए, बल्कि उससे काफी पहले से ड्रग्स के चक्कर में प़़ड चुकी थीं। ईडी सूत्रों के अनुसार उनसे रिया के साथ हुई उसकी चैट को लेकर ही पूछताछ की गई है। आर्या का कहना है कि सुशांत मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है। वह सुशांत से कभी नहीं मिला, लेकिन रिया से 2017 में मिला था!

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण संसद की कार्यवाही में हुआ बदलाव, नहीं होगा प्रश्नकाल

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पहली बार कोरोना संक्रमण की महामारी के बीच 14 सितंबर से 18 दिन चलने वाले संसद सत्र के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही में कुछ बदलाव किए गए हैं, बदलावों के अनुसार मानसून सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा, लेकिन शून्य काल रहेगा। आप को बता दें कि संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। लोक सभा  पहले दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बैठेगी। बाकी दिन दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठक होगी। प्राइवेट मेंबर बिजनेस नहीं होगा। इसी तरह राज्य सभा पहले दिन यानी 14 सितंबर को दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक बैठेगी, लेकिन बाकी दिन सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक ही बैठेगी। शनिवार और रविवार छुट्टी नहीं होगी।14 सितंबर से एक अक्टूबर तक कुल 18 बैठकें होंगी।
आप को बता दें कि संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सांसदों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुद्दे पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और केंद्रीय गृह, स्वास्थ्य तथा अनुसंधान विभागों के सचिवों संग बैठक किया था । नायडू ने इस दौरान कई मुद्दे उठाए और राज्यसभा सदस्यों की स्वास्थ्य सुरक्षा तथा निर्बाध यात्रा को लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।

दोनों सदनों का अलग-अलग बैठक करने का फैसला – कोविड-19 दिशा-निर्देशों के तहत दोनों सदन की अलग-अलग बैठक करने का फैसला किया गया है।अधिकारियों ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर इस बार आयोजित होने वाले सत्र के लिए कई तैयारियां पहली बार की जा रही हैं ,जैसे कि सभी सासंदों की जांच की जाएगी और सामाजिक दूरी के नियमों के अनुपालन में लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें अलग-अलग होंगी ताकि सभी चैंबरों और गैलरी का इस्तेमाल सदस्यों के बैठने के लिए किया जा सके। 

संसद सत्र के संचालन के लिए किए गए व्यापक इंतजाम – हजारों मास्क व ग्लव्स, सैनिटाइजर की सैकड़ों बोतलें व फेस शील्ड, बिना संपर्क के खुलने वाले दरवाजे तथा सांसद व अन्य स्टाफ समेत करीब 4000 लोगों के लिए कोरोना जांच की व्यवस्था होगी । अधिकारियों ने बताया, ‘संसद भवन का तो सैनिटाइजेशन किया ही जाएगा, साथ ही कामकाज से संबंधित दस्तावेज, सांसदों की कार व जूतों को भी सैनिटाइज किया जाएगा। सुरक्षाकर्मी बिना संपर्क सुरक्षा जांच करेंगे , थर्मल स्क्रीनिंग भी पूरी तरह संपर्करहित होगी। मानसून सत्र के दौरान पहली बार लोकसभा और राज्यसभा अलग-अलग शिफ्ट में चलेगी। इसके अलावा सांसदों के लिए शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए बैठने की खास व्यवस्था की गई है।’

मीडियाकर्मियों का सत्र की शुरुआत से पहले कोरोना संक्रमण की जांच जरूरी – कोरोना संक्रमण की महामारी के मद्देनजर संसद को सुरक्षित बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, आइसीएमआर व डीआरडीओ से विस्तृत बातचीत कर चुके हैं। सांसदों, सचिवालय कर्मियों व कार्यवाही की कवरेज करने वाले मीडियाकर्मियों को सत्र की शुरुआत से 72 घंटे पहले कोरोना संक्रमण की जांच कराने के लिए कहा गया है। संसद के मुख्य भवन में केवल सांसद व मंत्रियों को प्रवेश की इजाजत होगी, जबकि उनके स्टाफ के लिए अलग व्यवस्था की गई है। संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए सांसदों को मास्क पहने व बैठे हुए ही बोलने की इजाजत दी जाएगी। सभी सांसदों को डीआरडीओ की तरफ से कोविड-19 किट दी जाएगी। इसमें 50 डिस्पोजेबल मास्क, पांच एन-95 मास्क, 20 बोतल सैनिटाइजर (50 एमएल), फेस शील्ड, 40 जोड़े ग्लव्स, दरवाजा खोलने व बंद करने के लिए टच-फ्री हुक व टी बैग मौजूद होंगे।

दिनदहाड़े प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर की गई हत्या, मुख्य आरोपी प्रतापगढ़ से हुआ गिरफ्तार

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर बेखौफ बदमाशों का आतंक दिखाई दिया है। पीजीआइ थानाक्षेत्र में बुधवार को प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि दो स्कॉर्पियों कार से महिला समेत लगभग आधा दर्जन लोग प्रॉपर्टी डीलर से मिलने पहुंचे। इस दौरान रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। सभी ने दुर्गेश को पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच उसे गोली मार दी। उन्हें गंभीर हालात में ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस घटना के पीछे प्रापर्टी विवाद बता रही है। वहीं, हत्याकांड में मुख्य हत्यारोपित मनीष यादव को प्रतापगढ़ सेे गिरफ्तार कर लिया गया है। 
यह मामला पीजीआइ थाना क्षेत्र में वृंदावन कालोनी सेक्टर-14 का है। यहां स्थित गृह विभाग में समीक्षा के पद पर तैनात अजय कुमार यादव का मकान है। मूलरूप से गोरखपुर के गोला गांव निवासी प्रापर्टी डीलर दुर्गेश यादव (32) स्विफ्ट कार से मंगलवार रात मकान में किराए पर रहने वाले दोस्तों ने मिलने के लिए आया था। आरोप है कि बुधवार सुबह पलक ठाकुर नाम की महिला अपने साथी मनीष और पांच-छह लोगों के साथ दो स्कॉर्पियों से वहां पहुंच गई। सभी लोग घर में घुस गए, उस समय दुर्गेश बाथरूम में था, जैसे ही वह बाहर निकला उसे पीटने लगे। घर के नीचे सड़क पर रुपये के लेनदेन में इनका आपस में विवाद हो गया। देखते ही देखते मनीष ने दुर्गेश को गोली मारी दी। 
किरायेदार सोबेंद्र के मुताबिक, सुबह लगभग 8:30 बजे दो स्कॉर्पियों कार से महिला समेत पांच-छह लोग दुर्गेश को खोजते हुए आए। पहले उसके कमरे में किसी बात पर विवाद हुआ। उसके बाद सब लोग बाहर आ गए। इसी दौरान कहासुनी के बाद एक ने दुर्गेश के पेट में गोली मार दी!
एसीपी कैंट बीनू सिंह के मुताबिक, घटना स्थल से दुर्गेश को अस्पताल ले जाते समय उससे पूछताछ की गई तो उसने पलक और मनीष का नाम बताया। दुर्गेश के पेट में गोली लगी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक खोखा बरामद किया है। 
डीसीपी चारु निगम के मुताबिक, मृतक दुर्गेश के खिलाफ वर्ष 2018 में हजरतगंज कोतवाली में 406, 420 आइपीसी के तहत मुकदमा भी दर्ज था। सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि दुर्गेश के कमरे से सचिवालय में नौकरी लगवाने के तमाम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 
डीसीपी चारु निगम के मुताबिक, मृतक दुर्गेश के खिलाफ वर्ष 2018 में हजरतगंज कोतवाली में 406, 420 आइपीसी के तहत मुकदमा भी दर्ज था। मृतक के पास से एक फर्जी आइकार्ड बरामद हुआ है। जिसमें पत्रकार लिखा है। सीओ कैंट डॉ. बीनू सिंह ने बताया कि दुर्गेश के कमरे से सचिवालय में नौकरी लगवाने के तमाम दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। 
हत्याकांड के मुख्य आरोपित मनीष कुमार यादव पुत्र सुशील कुमार को प्रतापगढ़ की नवाबगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फिरोजाबाद जनपद के मसीरपुर थाना अंतर्गत धनापुर गांव निवासी मनीष कुमार यादव इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकील बताया जाता है। नवाबगंज पुलिस को वायरलेस पर सूचना मिली थी कि मनीष प्रयागराज की तरफ निकला है। ब्रहमौली बॉर्डर पर उसे लगभग 11:00 बजे पकड़ लिया गया। उसके पास से 32 एमएम की पिस्टल और पांच कारतूस की भी बरामदगी हुई है। हत्यारोपित ने पुलिस को बताया है कि दुर्गेश ने खुद को सचिवालय में सचिव बताकर उससे 67 लाख रुपये ले रखा था। इसे वह वापस नहीं लौटा रहा था। उधर, महिला पलक ठाकुर के एक करीबी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। महिला की तलाश में दबिश दी जा रही है। 

हरदोई में एक ही परिवार के 3 लोगों की पत्थर से कूचकर हुई हत्या

हरदोई (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार चौतरफा घिरी है! यूपी पुलिस भी आलोचना के घेरे में है! पुलिस बदमाशों में खौफ का दावा करती है! लेकिन सरकार और पुलिस के दावों को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ बदमाश एक के बाद एक हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दे रहे हैं!
अब यूपी के हरदोई जिले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या किए जाने की वारदात सामने आई है! घटना टड़ियावां थाना क्षेत्र के कुआंमऊ की है! घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है! पुलिस अधीक्षक ने भी मौके का मुआयना कर घटना के संबंध में जानकारी ली है!
बताया जाता है कि टड़ियावां थाना क्षेत्र के कुआंमऊ गांव में मंगलवार की सुबह एक ही परिवार के तीन सदस्य मृत पाए गए! तीनों शव घर में ही मिले! आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी! सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया ! तीनों एक ही परिवार के हैं! मृतकों में एक महिला भी है!
कहा जा रहा है कि तीनों खाना खाने के बाद सो रहे थे! पुलिस इस हत्याकांड को जमीन विवाद से जोड़कर देख रही है! आशंका जताई जा रही रही है कि सोते समय गला दबाकर हत्या करने के बाद शवों को पत्थरों से कुचला गया है! फिलहाल पुलिस घटना को लेकर कुछ भी कहने से बच रही है! पुलिस का कहना है कि हत्या गला दबाने के कारण हुई या पत्थरों से कूचकर, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा! … (जिला संवाददाता ऊँटाइम्स,हरदोई)

प्रणब मुखर्जी की अंतिम विदाई, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दिया श्रद्धांजलि

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पांच दशक की दलीय राजनीति के बाद राष्ट्रपति के रूप में देश को नई दिशा देने वाले भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का सोमवार को दिल्ली के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब 10 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। अंतिम दर्शन के लिए प्रणब के पार्थिव शरीर को उनके आवास 10 राजाजी मार्ग पर लाया गया है। यहां पहुंचकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। दोपहर दो बजे लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जाएगा।  प्रणब की विशाल शख्सियत का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जुलाई, 2012 में राष्ट्रपति पद पर आसीन होने से पहले वह रक्षा व वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। उन्हें 10 अगस्त को दोपहर में दिल्ली कैंट स्थित आरआर (रिसर्च एंड रेफरल) अस्पताल में भर्ती किया गया था। उनके मस्तिष्क में खून का थक्का जम गया था, जिसकी सर्जरी हुई थी। उसी दिन जांच में कोरोना संक्रमित भी पाए गए। ऑपरेशन के बाद सेहत में सुधार नहीं हुआ। वह कोमा में थे और उनके फेफड़े व किडनी में संक्रमण हो गया था।
सोमवार शाम 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस लिया! देश की राजनीति में पांच दशक तक अपनी क्षमता का लोहा मनवाने वाले प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। केंद्र सरकार ने उनके सम्मान में सात दिन (31 अगस्त से 6 सितंबर) का शोक घोषित किया है। राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के झंडे झुका दिए गए हैं। विलक्षण राजनीतिक प्रतिभा के कारण उन्हें चाणक्य, संकटमोचक जैसे कई विशेषण दिए जाते रहे हैं। 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। प्रणब के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, अमित शाह, राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शोक जताते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी के निधन से एक युग का अंत हो गया। उनका सार्वजनिक जीवन महान था। उन्होंने एक संत की तरह भारत माता की सेवा की। राष्ट्र को अपना मूल्यवान बेटा खोने का दुख है।
प्रणब मुखर्जी की मौत पर शोक जताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अपने राजनीतिक सफर में प्रणब दा ने कई अहम मंत्रालय संभाले। वह दिग्गज राजनेता और प्रखर विद्वान थे। 2014 में मैं दिल्ली में नया था। पहले दिन से ही मुझे प्रणब दा का सहयोग एवं आशीर्वाद मिला। उनसे हुई बातें मुझे हमेशा याद आएंगी। उन्होंने राष्ट्रपति भवन को ज्ञान, विज्ञान एवं संस्कृति का केंद्र बना दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि प्रणब दा कांग्रेस का इस तरह हिस्सा रहे कि यह सोचना मुश्किल है कि उनके ज्ञान, अनुभव, सुझाव एवं समझ के बिना हम कैसे चलेंगे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उनके पिछले 50 वर्ष भारत के 50 वर्ष के इतिहास की झलक हैं।

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी का हुआ निधन, कई दिनों से थे कोमा में

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नहीं रहे। कल उनका निधन हो गया है । कई दिनों  से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी गहन कोमा में थे। 84 वर्षीय मुखर्जी को वेंटिलेटर पर रखा गया था और फेफड़े में संक्रमण का इलाज किया जा रहा था। मुखर्जी के निधन की जानकारी उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर दी है। पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर सरकार की ओर से सात दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है। पूरे भारत में 31 अगस्त से 6 सितंबर तक यह शोक मनाया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति का पार्थिव शरीर आज आरआर अस्पताल में ही रहेगा। आज 10 राजाजी मार्ग स्थित निवास स्थान पर पार्थिव शरीर रखा जाएगा।
प्रणब मुखर्जी के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने गहरा दुख जताया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा कि प्रणब मुखर्जी के स्वर्गवास के बारे में सुनकर हृदय को आघात पहुंचा है। उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है। प्रणब मुखर्जी के परिवार, मित्र-जनों और सभी देशवासियों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करता हूँ।
पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि वे बेहतरीन स्कॉलर थे, राजनीतिक समुदाय में हर कोई करता था उनका सम्मान करता था। पीएम मोदी ने लिखा कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन पर बहुत दुख हुआ। उन्होंने हमारे राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। उत्कृष्टता से एक विद्वान, एक राजनेता, वह राजनीतिक स्पेक्ट्रम भर में और समाज के सभी वर्गों द्वारा प्रशंसा की गई थी।
मालूम हो कि मस्तिष्क में खून का थक्का बन जाने के कारण उन्हें 10 अगस्त को दोपहर 12.07 बजे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। सर्जरी से पहले उनकी कोरोना जांच भी कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उनके मस्तिष्क से खून के थक्के को हटाने के लिए सर्जरी की थी। फिर भी उनके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण करेगा सीमा का विस्तार, जुड़ेंगे कई गांव

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) दिसंबर 2020 से पहले सीमा विस्तार कर लेगा। प्रस्ताव शासन में लंबित है, इसके लिए सोमवार से प्रयास तेज किए जाएंगे। प्राधिकरण ने यह तेजी जनगणना 2021 का काम टलने के कारण दिखानी शुरू की है। जनगणना का काम टलने के कारण प्राधिकरण को विस्तारीकरण के लिए दिसंबर 2020 तक का समय मिल गया है।
जनगणना 2021 के तहत जनगणना का कार्यक्रम घोषित होने के कारण दिसंबर 2019 के बाद किसी विस्तारीकरण को अनुमति नहीं दी जा रही थी। मई एवं जून में मकान गणना का काम होना था, पर कोराना संक्रमण को देखते हुए उसे भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। अब दिसंबर 2020 तक विस्तारीकरण किया जा सकता है। इसके लिए पुरानी जनगणना के आंकाड़ों का प्रयोग किया जा सकेगा। जीडीए की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव बोर्ड से पास कराकर शासन को भेज दिया गया है। जनगणना के प्रस्तावित काम के कारण ही इस प्रस्ताव पर विचार नहीं हो पा रहा था। पर, इधर मौका मिल जाने के बाद विस्तारीकरण की उम्मीद बढ़ गई है। जीडीए की ओर से इसके लिए कोई नया प्रस्ताव तो नहीं भेजा जाएगा लेकिन पत्र भेजकर प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए शासन से अपील की जाएगी। इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे, जिससे 31 दिसंबर 2020 से पहले काम पूरा कर लिया जाए। 
जीडीए की ओर से सीमा विस्तार के लिए जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, उसके अनुसार जिले की तीन नगर पंचायतों पिपराइच, पीपीगंज एवं मुंडेरा बाजार के क्षेत्र जीडीए में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा शहर से सटे ब्लॉकों के 319 गांव भी जीडीए की सीमा में आएंगे। शासन की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद से ही इन क्षेत्रों में भी प्राधिकरण के नियम लागू हो जाएंगे। यहां का विकास भी तेजी से हो सकेगा और जीडीए को भी नई योजनाएं लांच करने के लिए जमीन मिल सकेगी।
जनगणना का काम टलने के कारण सीमा विस्तार के लिए मौका मिला है। प्रशासन में प्रस्ताव लंबित है। अगले सप्ताह से लगातार फॉलोअप किया जाएगा, जिससे दिसंबर 2020 से पहले सीमा विस्तार हो सके। 

बार्डर से सटे इलाकों के नवधनाढ्यों पर खुफिया एजेंसियों की निगरानी हुई तेज, कई हैं सूची में

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) यूपी के बलरामपुर में आतंकी के पकड़े जाने के बाद भारत-नेपाल की सीमा से सटे इलाकों में बीते एक दशक में करोड़पति बने बीस से अधिक लोगों पर खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतने जल्दी इतना पैसा इन लोगों के पास आया कहां से?
दोनों देशों का सीमावर्ती इलाका अवैध कारोबार को लेकर कई बार चर्चा में आ चुका है। यहां मानव तस्करी के कई मामले पकड़े जा चुके हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपियों के संबंध खाड़ी देशों से मिले थे, लेकिन ऊंची पहुंच की वजह से वे कानून की गिरफ्त से छूट गए। 
नेपाल और भारत के कपिलवस्तु इलाके में एक दशक में करोड़पति बने लोगों की संख्या 15 से अधिक है। आर्थिक अपराध पर नजर रखने वाले एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अलीगढ़वा सीमा से सटे पांच किमी. इलाके, खुनवा सीमा से नौ किमी. अंदर तक, बढ़नी सीमा से 10 किमी. और खेसरहा सीमा से सटे 10 से 15 किमी. में नवधनाढ्यों की संख्या एक दर्जन से अधिक है। 
इनमें से अधिकतर ट्रैवल एजेंसी और पासपोर्ट बनवाने का काम करते है, लेकिन यह केवल दिखावे के लिए है। इस धंधे की आड़ में खाड़ी देशों में मानव तस्करी होती है। सियासी संरक्षण हासिल होने के कारण नेपाल सरकार इनके खिलाफ कार्रवाई नही करती। वे भारत के नियमों को भी अपने हित के लिए इस्तेमाल करते हैं। सूत्र बताते हैं कि इन नवधनाढ्यों में से अधिकतर समाज के सफेदपोश नागरिक का तमगा हासिल कर चुके हैं।
काठमांडू सहित नेपाल के प्रमुख जिलों खासकर तराई बेल्ट में सक्रिय सफेदपोश युवतियों को खाड़ी देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, कनाडा आदि देशों में रोजगार, शिक्षा आदि के नाम पर भेजते हैं। खाड़ी देशों में भेजी जाने वाली अधिकतर किशोरी व युवतियों को बेचा जाता है। गरीब परिवार की इन युवतियों को 10 से 15 हजार रुपये में खरीदकर खाड़ी देशों में पांच लाख रुपये में बेचा जाता है।

कल धरती के नजदीक से गुजरेगा 22 मीटर व्यास वाला खतरनाक पिंड

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पिछले माह ही एक क्षुद्रग्रह ने पृथ्वी के सबसे ज्यादा पास से गुजरने का रिकॉर्ड भी बनाया था। अब एक बार फिर एक और क्षुद्रग्रह पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है। इस बार यह क्षुद्रग्रह चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी से भी कम दूरी से एक सितंबर को गुजरेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने यह जानकारी दी है। इस क्षुद्रग्रह का नाम 2011 ईएस 3 है। कहा जा रहा है कि अगले एक दशक तक पृथ्वी के पास से गुजरने वाले क्षुद्रग्रहों में से यह सबसे पास से गुजरेगा।
नासा के जेट प्रॉपल्शन लैबोरेटरी के मुताबिक, इससे पहले यह क्षुद्रग्रह साल 2011 में 13 मार्च को पृथ्वी के सबसे नजदीक से होकर गुजरा था। इस बार चिंता इस बात को लेकर है कि यह क्षुद्रग्रह धरती से केवल 45,000 मील की दूरी से गुजरेगा। इस खगोलीय पिंड का आकार 22 से 49 मीटर के बीच बताया जा रहा है। नासा ने दावा किया है कि पहली सितंबर को यह क्षुद्रग्रह (एस्टेरॉयड) धरती व चांद के बीच से गुजरेगा। 
दुनियाभर में लोगों की उत्‍सुकता इस सवाल को लेकर है कि क्‍या एस्‍टेरॉएड-2001 ईएस4 नाम का यह खगोलीय पिंड धरती से टकराएगा। इस पर नासा एस्‍टेरॉएड वॉच ने ट्वीट कर बताया कि एस्‍टेरॉएड-2001 ईएस4 धरती से नहीं टकराएगा। हां यह बात जरूर है कि यह धरती के बेहद करीब से होकर गुजरेगा। इसके धरती से टकराने का कोई खतरा नहीं है। 
नासा एस्‍टेरॉएड वॉच ने कहा है कि इस क्षुद्रग्रह की रिलेट‍िव स्‍पीड लगभग 8.16 किलोमीटर प्रति सेकेंड है। यह पिंड एकबार पहले भी धरती के बेहद करीब से गुजर चुका है। पिछली बार यह धरती से चार दिनों तक लगातार दिखता रहा था। इस बार यह धरती से और करीब होगा। धरती से इसकी दूरी 1.2 लाख किलोमीटर होगी जबकि चांद से वह 3.84 लाख किलोमीटर दूर होगा। यह क्षुद्रग्रह पहली बार वर्ष 2011 में दिखा था और हर नौ साल पर धरती के करीब से गुजरता है।
वैज्ञानिकों की मानें तो यह ‘बेहद खतरनाक श्रेणी’ का छुद्रग्रह है। इसकी खोज सबसे पहले साल 2011 में की गई थी। हर नौ साल बाद यह धरती के करीब से गुजरता है। नासा के मुताबिक, एक बेहद खतरनाक श्रेणी के छुद्रग्रह का वर्गीकरण उसके धरती से काफी नजदीक से गुजरने के खतरे के आधार पर किया जाता है। हाल ही में एसयूवी के आकार का एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के काफी करीब से गुजरा था।  

यूपी सरकार ने जारी किया अनलॉक-4 का गाइडलाइन, जानिए यूपी में क्या खुला

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी करने के दूसरे दिन रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें केंद्र की राह पर ही यूपी ने कदम बढ़ाए हैं। एक सितंबर से शुरू हो रहे अनलॉक-4 के सहारे अब पुराने और अच्छे दिनों की ओर सधे कदम बढ़ाने की कोशिश होगी। योगी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार राज्य में साप्ताहिक बंदी पहले की ही तरह लागू रहेगी। यानी प्रत्येक शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक पाबंदियों का पालन करना होगा। गाइडलाइन में सात सितंबर से मेट्रो चलाने का फैसला है तो स्कूल-कॉलेजों, शैक्षिक संस्थानों में सावधानी के साथ पढ़ाई-प्रशिक्षण फिर शुरू करने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। खास बात है कि अब तक जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थिति के अनुसार लॉकडाउन लगाने की जो अनुमति थी, उस पर रोक लगा दी गई है। अब कंटेनमेंट जोन के बाहर कोई जिलाधिकारी लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे।
केंद्र सरकार द्वारा अनलॉक-4 के दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश शासन की ओर से मुख्य सचिव आरके तिवारी ने रविवार को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी कर दी। लखनऊ में मेट्रो रेल को चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। इस संबंध एसओपी अलग से जारी होगी। सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक व कोचिंग संस्थान 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। हालांकि 21 सितंबर से पचास फीसद तक टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को बुलाया जा सकेगा। ये ऑनलाइन कक्षाओं और टेली-कौंसलिंग स्कूल की अन्य काम कर सकेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलइन का पालन करना होगा। 
उत्तर प्रदेश सरकार सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 21 सितंबर से कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के छात्रों को स्वैच्छिक आधार पर जाने की अनुमति होगी, लेकिन स्कूलों को इसके लिए बच्चों के माता-पिता से लिखित अनुमति लेनी होगी। पोस्ट ग्रेजुएट के छात्रों के लिए आईआईटी और आईआईएम जैसे तकनीकी व प्रबंधन से जुड़े पेशेवर शिक्षण संस्थान तथा पीएचडी जैसे शोध कार्यों से जुड़े उच्च शिक्षण संस्थान खुल सकेंगे। इनके लिए उच्च शिक्षा विभाग कोरोना की स्थानीय स्थिति को देखते हुए एसओपी जारी करेगा।
अनलॉक-चार राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के लिए राहत लेकर आई है। अभी तक इनके समारोहों पर प्रतिबंध लगा हुआ था, लेकिन 21 सितंबर से उन्हें इसकी इजाजत दे दी गई है। शर्त सिर्फ इतनी है कि समारोह में भाग लेने की संख्या 100 से अधिक नहीं हो और इसमें फिजिकल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क, सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। कंटेनमेंट जोन के बाहर जिलाधिकारी द्वारा किसी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जा सकेगा।

यूपी सरकार के दिशा-निर्देश

कक्षा नौ से 12 तक के छात्र मर्जी से जा सकेंगे स्कूल- सभी स्कूल-कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान छात्रों और शैक्षणिक कार्य के लिए 30 सितंबर तक बंद रहेंगे। हालांकि ऑनलाइन व दूरस्थ शिक्षा को अनुमति रहेगी और इन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में कक्षा नौ से बारह तक के विद्यार्थियों को अध्यापकों से मार्गदर्शन के लिए स्कूलों में स्वैच्छिक आधार पर जाने की अनुमति होगी। इसके लिए विद्यार्थियों के माता-पिता या अभिभावकों की लिखित सहमति आवश्यक होगी। यह व्यवस्था 21 सितंबर 2020 से लागू होगी। इसके लिए एसओपी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जाएगी।21 सितंबर से स्कूलों में टीचिंग-नॉन टीचिंग 50 फीसद स्टाफ को ऑनलाइन शिक्षा या परामर्श के लिए बुलाया जा सकता है। इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी की जाएगी।राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम या राज्य कौशल विकास मिशन, भारत सरकार व राज्य सरकार में पंजीकृत अल्पकालिक प्रशिक्षण केंद्रों में कौशल या व्यावसायिक प्रशिक्षण की अनुमति होगी।राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय एवं विकास संस्थान, भारतीय उद्यमिता संस्थान, उद्यमिता विकास संस्थान उत्तरप्रदेश और उनके प्रशिक्षण देने वालों को भी अनुमति होगी। यह व्यवस्था 21 सितंबर, 2020 से लागू होगी।उच्च शिक्षा संस्थानों में केवल पीएचडी शोधार्थियों, तकनीकी या प्रयोगशाला संबंधी कार्य से जुड़े व्यावसायिक कार्यक्रम से संबंधित परास्नातक के छात्रों को अनुमति होगी। हालांकि ऐसा कोविड-19 की परिस्थितियों के मूल्यांकन के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग और गृह मंत्रालय से विचार-विमर्श के बाद ही होगा।

कंटेनमेंट जोन के बाहर डीएम नहीं लगा सकेंगे लॉकडाउन- कंटेनमेंट जोन के बाहर जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। इससे पहले यह फैसला जिलाधिकारियों पर स्थानीय परिस्थिति के अनुसार छोड़ा गया था।अंतरराज्यीय एवं राज्य के अंदर व्यक्तियों और माल आदि के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।पैसेंजर ट्रेनों से आवागमन, घरेलू हवाई यात्राएं, विदेश में फंसे हुए भारतीय नागरिकां का आगमन, विदेशी राष्ट्रिकों को निकलने से संबंधित वंदे भारत और एयर ट्रांसपोर्ट बबल फ्लाइट्स द्वारा आवागमन की अनुमति जारी रहेगी।65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्री और दस वर्ष से कम आयु के बच्चे सिर्फ स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परिस्थिति में ही घर से बाहर निकल सकेंगे।

सामूहिक आयोजनों में शामिल हो सकेंगे सौ व्यक्ति- 21 सितंबर से सभी सामाजिक, अकादमिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यक्रमों और अन्य सामूहिक गतिविधियों को अधिकतम सौ व्यक्ति के साथ शुरू करने की अनुमति होगी। फेस मास्क का प्रयोग, शारीरिक दूरी का पालन और थर्मल स्कैनिंग, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था अनिवार्य होगी।शादी-विवाह संबंधी समारोह में अधिकतम तीस और अंतिम संस्कार में अधिकतम बीस व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति 20 सितंबर तक जारी रहेगी। उसके बाद अधिकतम सौ व्यक्तियों की सीमा लागू होगी।सभी सिनेमा हॉल, तरण ताल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, सभागार और इस प्रकार के अन्य स्थान बंद रहेंगे, जबकि ओपन एयर थिएटरों को 21 सितंबर से शुरू करने की अनुमति होगी।

यथावत रहेगी साप्ताहिक बंदी :-  प्रत्येक शुक्रवार रात दस से सोमवार सुबह पांच बजे तक की साप्ताहिक बंदी अभी यथावत रहेगी। इस बंदी के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा स्वच्छता और सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

मेट्रो को सात से हरी झंडी : – सात सितंबर, 2020 से मेट्रो रेल को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। इस संबंध में एसओपी अलग से जारी की जाएगी।

अब भ्रष्ट और अक्षम सरकारी कर्मियों की छंटनी करेगा केंद्र, सर्विस रिकार्ड की होगी समीक्षा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कार्मिक मंत्रालय के ताजा आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने सभी विभागों को तीस साल से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके सभी कर्मचारियों के सर्विस रिकार्ड की समीक्षा करने को कहा है। इसके बाद इनमें से अक्षम और भ्रष्ट कर्मचारियों की पहचान करके उन्हें स्थाई रूप से रिटायर करने को कहा गया है। केंद्र सरकार यह फैसला जनहित में लेना चाहती है।
कार्मिक मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) रूल्स, 1972 के मूलभूत नियम (एफआर) 56 (जे) व 56 (आइ) और 48 (आइ) (बी) के तहत की जाएगी। इससे प्रशासन को एक सरकारी नौकर को पूरी तरह से रिटायर करने का अधिकार मिलता है।
शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी सरकारी अफसर की आयु 50/55 वर्ष होने या उनके सेवाकाल के कम से कम तीस साल पूरे होने के बाद उन्हें किसी भी समय सेवानिवृत्त किया जा सकता है। यह कदम उनके कामकाज और आचरण के आधार पर जनहित में उठाया जाएगा। किसी भी सरकार कर्मचारी को अक्षमता के आधार पर सामान्य रूप से रिटायरमेंट नहीं दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न विभागों को समय-समय पर ऐसे कर्मचारियों की सेवाओं की समीक्षा करने को कहा जाता है और यह बताने को कहा जाता है कि वह सेवा में कायम रखने के योग्य हैं या नहीं। सरकार का मानना है कि जिन कर्मचारियों का कामकाज या आचरण भ्रष्ट है, उन्हें रिटायर कर दिया जाना चाहिए। यह साफ है कि इन नियमों के तहत सरकारी कर्मचारी के समय से पहले रिटायर किया जाना कोई पेनाल्टी नहीं है। यह अनिवार्य रिटायरमेंट से अलग है। अनिवार्य रिटायरमेंट सेंट्रल सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1965 के तहत पेनाल्टी है।

सुरक्षाबलों ने अल-बदर जिला कमांडर शकूर सहित 4 को किया ढेर

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  श्रीनगर के खोनमोह इलाके के पंच काे सुपुर्द-ए-खाक करने से पहले ही सुरक्षाबलों ने उनकी मौत का बदला ले लिया। आज सुबह पंच निसार अहमद भट का शव जिला शोपियां के डांगम गांव में एक बाग से मिला था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शव की बरामदगी के बाद से ही पुलिस व सेना ने अपने खुफिया तंत्रों को सक्रिय कर दिया था। उन्हें शक था कि पंच को मारने वाले आतंकी अभी आसपास के किसी इलाके में ही छिपे हुए हैं।
पुलिस के आइजी कश्मीर विजय कुमार ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पंच की हत्या में अल-बदर के जिला कमांडर शाकूर पारे और उसके साथी सुहेल भट का हाथ था, आज शोपियां में जिन चार आतंकवादियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया है, उनमें ये दोनों भी शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोपहर बाद उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जिला शोपियां के गांव किलोरा में कुछ संदिग्ध आतंकवादी देखे जाने की सूचना मिली। सेना की 44आरआर, जम्मू-कश्मीर की एसओजी और सीआरपीएफ के जवानों की संयुक्त टीम इलाके में पहुंची और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। ये आतंकवादी एक मकान में छिपे हुए थे। आतंकवादियों के सुरक्षाबलों को नजदीक आते देख उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक चली इस मुठभेड़ में अल बदर मुजाहिदीन के जिला कमांडर शाकूर पारे, उसका साथी सुहेल भट समेत चार आतंकवादी मारे गए हैं। एक आतंकवादी के आत्मसमर्पण करने की भी जानकारी मिली है।
सूत्रों के अनुसार कश्मीर में अल-बदर की स्थापना वर्ष 1995 के आसपास हुई। वर्ष 1996 के बाद कश्मीर में अल-बदर ने अपनी गतिविधियों को खुलकर अंजाम देना शुरू किया। कुछ वर्षो तक यह संगठन जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में ही सीमित रहा परंतु बाद में इसने वादी के अंदरूनी इलाकों में अपना विस्तार करना शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों ने वर्ष 2016 में अल-बदर की कश्मीर में मौजूदगी की पुष्टि की। कश्मीर घाटी में आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी करने के लिए अल-बदर मुजाहिदीन ने स्थानीय युवकों की भर्ती पर ज्यादा जौर दिया। इसके बाद अल-बदर वर्ष 2005 तक राज्य में पूरी तरह सक्रिय रहा। सुरक्षाबलों द्वारा जारी अभियान के बाद संगठन में स्थानीय कैडर की संख्या नाममात्र रह गई। अचानक से संगठन ने कश्मीर में अपनी गतिविधियां बंद कर दी। वर्ष 2014 तक कश्मीर में इस संगठन का कोई वजूद नहीं था। परंतु बुरहान वानी के मरने के बाद घाटी में बढ़की हिंसा की आग के बीच अल-बदर फिर सक्रिय हो गया।  सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान इस संगठन ने एक बार फिर स्थानीय युवाओं की भर्ती पर जोर देना शुरू कर दिया है।

इस पासवर्ड से खुलती है आधार कार्ड की पीडीएफ कॉपी, जानिए तरीका

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से जारी 12 अंक की पहचान संख्या Aadhaar Card अब देश में तमाम तरीके की सेवाओं के लिए काफी उपयोगी साबित होता है। हालांकि, हर समय आधार कार्ड को कैरी करना आसान नहीं होता है क्योंकि इसके खोने का डर रहता है। ऐसे में E-Aadhaar के जरिए आपको काफी अधिक सहूलियत हो सकती है। UIDAI आधार कार्ड धारकों को E-Aadhaar Card डाउनलोड करने की सुविधा देता है। हालांकि, एक बार ई-आधार डाउनलोड करने के बाद आपको पासवर्ड की जरूरत होती है। इस पासवर्ड के बिना आप E-Aadhaar Card की पीडीएफ फाइल को ओपन नहीं कर सकते हैं।

हर व्यक्ति के लिए अलग होता है पासवर्ड

UIDAI की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रत्येक आधार कार्ड धारक का पासवर्ड भी अलग होता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण कहता है कि अगर आप E-Aadhaar Card को डाउनलोड करना चाहते हैं तो आपको अपने नाम के पहले चार अक्षर के साथ जन्म का वर्ष पासवर्ड के रूप में डालना होगा। यहां ध्यान रखने वाली बात है कि नाम के पहले चार अक्षर अंग्रेजी के ब्लॉक लेटर्स यानी (बड़े अक्षरों) में होने चाहिए। मिसाल की तौर पर आधार कार्ड धारक सुरेश कुमार (Suresh Kumar) ने अपना आधार कार्ड डाउनलोड किया और वह अब उस फाइल को खोलना चाहते हैं तो उन्हें SURE के साथ अपने जन्म का वर्ष भी जोड़ना होगा। अगर सुरेश कुमार का जन्म 1990 में हुआ था तो उनके लिए पासवर्ड SURE1990 होगा।

इन उदाहरणों को भी ध्यान से देखेंः

केस-2 

नामः साई कुमार (SAI KUMAR)

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः SAIK1990

केस-3

नामः पी. कुमार (P. Kumar) 

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः P.KU1990

केस-4

नामः रिया (RIA)

जन्म का वर्षः 1990

पासवर्डः RIA1990

ऐसे डाउनलोड कर सकते हैं ई-आधार

E-Aadhaar Card डाउनलोड करने के लिए आपको UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन करना होगा। इसके बाद आधार सेक्शन में ‘Download Aadhaar’ का ऑप्शन मिलेगा। अब आधार नंबर, पंजीयन संख्या या वर्चुअल आईडी में से किसी एक का चुनाव करें और उन्हें प्रविष्ट करें। इसके बाद ‘Send OTP’ पर क्लिक करें। ओटीपी के एक बार सत्यापन होने के बाद आपको आधार कार्ड डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलेगा। 

बारिश से बही सड़कें , पुल भी बहा, घरों में 5 फुट तक घुसा पानी

जम्मू (ऊँ टाइम्स)  जम्मू संभाग के कई जिलों में बारिश ने तबाही मचा रखी है। बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई जगह भारी नुकसान की सूचनाएं हैं। आज जम्मू के सभी निचले क्षेत्रों में भारी जलभराव हो गया है। लोगों के घरों में कई फुट पानी घुस गया है। अधिकतर घरों में बिजली के उपकरण जल गए। खाने-पीने का सामान खराब हो गया है। यही नहीं सड़कों पर भी भारी जलभराव हो गया है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कल भी कई इलाकों में भारी बारिश के आसार जताए हैं।

त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन, अम्बेडकर नगर में यूं तो जलभराव कोई नई बात नहीं लेकिन इससे पहले कभी इतना पानी नहीं चढ़ा था। क्षेत्र में बहने वाले नाले से करीब दो फुट ऊपर तक पानी रहा। मुहल्ले के हर घर में दो से पांच फुट तक पानी घुसा। मुहल्ले में करीब चालीस घरों में पानी ने तबाही मचाई। त्रिकुटा नगर सेक्टर-2ए एक्सटेंशन में नाले का पानी दीवार तोड़ कर घरों में आ घुसा। साथ लगते इन मुहल्लों में हालत इतनी बिगड़ गई कि लाेगों की मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ ने पंप लगाकर लोगों के घरों से पानी निकाला। यहां रहने वाले दीपक कुमार, जगदीश राज गुप्ता, चौधरी बाल राम ने बताया कि करीब पांच फुट पानी घर में घुस आने पर जान बचाना मुश्किल होने लगा था। सारा सामान तबाह हो चुका है। खीने-पीने की चीजें तक नहीं बचीं। कोई नेता अथवा जिला प्रशासन का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।.
औद्योगिक क्षेत्र गंग्याल में भी सभी नाले उफान पर थे। नालों व नालियों का पानी लोगों के घरों के साथ-साथ इकाइयों में भी घुस गया। औद्याेगिक क्षेत्र में स्थित ब्रेड फैक्ट्री और फ्लोर मिल समेत अन्य इकाइयों में जलभराव होने से इकाई मालिकों को काफी नुकसान हुआ।
अम्बेडकर नगर में रहने वाले अंकुश शर्मा, रविंद्र सिंह, राम कुमार, कमल देव आदि ने कहा कि ऐसी तबाही पहली बार हुई है। मुहल्ले में अधिकतर लोगों ने पानी से बचने के लिए घरों के बाहर तीन-चार फुट की दीवारें लगा रखी हैं। आज पानी इतना ज्यादा था कि इसके ऊपर से होता हुआ घरों, दुकानों में आ घुसा। बहुत नुकसान हुआ है। घर में कोई सामान ठीक नहीं बचा। नानक नगर के सभी सेक्टरों में जलभराव हुआ है। सेक्टर 7 और 6 तथा 12 में नाले किनारे वाले घरों में दो फुट से चार फुट तक पानी चढ़ गया। ऐसे ही संजय नगर में करीब तीस घरों में पानी घुसा। डिग्याना, रूपनगर, ऊधम सिंह नगर में भी करीब बीस घरों में पानी से लोगों को नुकसान झेलना पड़ा। 

गंग्याल क्षेत्र में नाले के निर्माण के दौरान इसकी चौड़ाई कम कर दी गई है , यही कारण रहा कि आज जब झमाझम बारिश हुई तो गंग्याल के अधिकतर मुहल्लों में दो से चार फुट पानी जमा हो गया। लोगों के बेड पानी में डूब गए। फ्रिज, टीवी, कूलर तक पानी से भर गए। क्षेत्र वासियों संजय कुमार, गोकुल कुमार, रमेश लाल, स्वर्ण सिंह ने कहा कि उनके घर में करीब तीन फुट पानी चढ़ा। नाले को चौड़ा करने के बजाय जमीन बचाई गई। अब लोग डूबने लगे हैं। गंग्याल में नाले के ओवरफ्लो होने से कई फैक्ट्रियों में भी पानी चला गया। अमर फ्लोर मिल सहित आसपास कुछ और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जलभराव से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
दड़प क्षेत्र में कई गांवों को जोड़ने वाला पुल भी नाले में आई बाढ़ में बह गया। करीब छह साल पहले इस पुल को बनाया गया था। करीब 22 गांवों को जोड़ने वाले इस पुल के बहने से लोगों को शहर से संपर्क कट गया है। इस पुल के बहने के कारण लोगाें को बिश्नाह, मीरां साहिब व अन्य छोटे रास्तों को अपना कर शहर पहुंचना पड़ा। बुधवार सुबह करीब साढ़े बजे यह पुल पानी में क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बह गया।
ग्रेटर कैलाश इलाके में बना पानी का ओवर हैड टैंक धराशायी हो गया। करीब आठ साल पहले ग्रेटर कैलाश में यह ओएचटी बनाया गया था। इसमें से लोगों को पानी की आपूर्ति नहीं करवाई जा सकी थी। यह खराब ही पड़ा हुआ था। बुधवार सुबह यह बारिश के दौरान यह अचानक गिर गया। हालांकि इससे किसी जानमान के नुकसान की सूचना नहीं है।  जिला राजौरी के मंजाकोट सेक्टर के कोटली गांव में बुधवार को हुई बारिश के बाद हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। बारिश के कारण जिला राजौरी और पुंछ में कई जगह भूस्खलन हुआ है जिसकी वजह से सड़कों और पुलों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है।मंजाकोट के कोटली गांव में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से 35 वर्षीय शाेकीत पुत्र मोहम्मद हुसैन की मौत हो गई। इलाके के स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने के लिए बचाव कार्य शुरू किया परंतु उसकी मौत हो चुकी थी। वहीं जिला पुंछ के बालाकोट सेक्टर में सांगियोट गांव में एक मवेशी शेड ढह जाने से उसके भीतर बंधे कई मवेशियों की मौत हो गई।वहीं जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि भारी वर्षा के कारण राजौरी की अधिकांश नदियों और छोटे जल निकायों में बाढ़ आ गई है। लोगों में दहशत है। उन्होंने इन नदी-नालों के साथ लगते इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।

वाहनों के आपस में टकराने से 6 की हुई मौत, कई लोग हुये घायल, बसों के उड़े परखच्चे

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) लखनऊ के हरदोई रोड पर आज ट्रक और बस की आपस में हुई भीषण टक्कर। इस हादसे में छह यात्रियों की मौत हो गई है, जबकि कई यात्री घायल हो गए हैं । घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
आज सुबह करीब 6 बजे हरदोई रोड पर अमेठीया मोड़ के पास यह हादसा हुआ। लखनऊ की तरफ से हरदोई की ओर जा रही रोडवेज बस ट्रक को ओवर टेक कर आगे निकली तो हरदोई की तरफ से आ रही रोडवेज बस से टकरा गई। वहीं पीछे से आ रहा ट्रक भी बसों में भिड़ गया। आमने-सामने की टक्कर में बसों के परखच्चे उड़ गए।
हादसा इतना भीषण था कि बसों के परखच्चे कई मीटर के दायरे में फैल गए। इस हादसे की चपेट में में रोड के किनारे होटल पर बैठे लोग भी आ गए। पुलिस ने जेसीबी व क्रेन द्वारा फंसी बसों व ट्रक को अलग कर घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। करीब 3 घंटे बचाव कार्य चला। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर भेजा ।
मौके पर जेसीपी नवीन अरोरा व डीसीपी साउथ राइस अख्तर, सुरेश चन्र्द रावत,पहुंचे। डीसीपी साउथ के मुताबिक हादसे में छह लोग की मौत की पुष्टि हुई है। करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हुए हैं।

आज इन राज्यों में होगी बारिश , मौसम विभाग का ताजा रिपोर्ट

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत में अमूमन देखा गया है कि अगस्त के महीने में ज्यादा बारिश नहीं होती है, लेकिन इस बार बारिशों के महीने से ज्यादा बारिश अगस्त में देखी गई। फिलहाल बारिशों का दौर कब तक चलेगा इसकी कोई जानकारी मौसम विभाग द्वारा नहीं दी गई है। लेकिन आज भी कहीं जगहों पर हल्की से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहले ही देश में कोरोना महामारी से लोग परेशान हैं, ऊपर से बारिश और भूस्खलन से भी लोगों को हताहत होना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने मौसम की ताजा जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब, दिल्ली, हरियाणा व पश्चिम राजस्थान में अनेक स्थानों पर आज हल्की से मध्यम वर्षा होगी। जम्मू-कश्मीर व हिमाचल में अनेक स्थानों पर भी हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। वहीं, पहाड़ों पर भूस्खलन की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार आज ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत बारिश होने का अनुमान लगाया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड. छत्तीसगढ़, झारखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं दिल्ली, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार के कई इलाकों में आज आंधी तूफान का भी पूर्वानुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग, देश के पूर्वी, उत्तरी और मध्य हिस्सों में अगले चार-पांच दिन में भारी बारिश होने का अनुमान पहले ही लगा चुका है। विभाग ने मंगलवार को बताया कि 26 अगस्त को ओडिशा और इसके अगले दिन छत्तीसगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। बताया गया था कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र (चक्रवातीय परिसंचरण) बन रहा है, जो अगले चार-पांच दिन में पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा।
वहीं, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र गहरा बन गया है। इसके प्रभाव से बुधवार से मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बरसात का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ने बताया था कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दाब का क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ेगा। वर्तमान में राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अतिरिक्त मानसून द्रोणिका (ट्रफ) राजस्थान पर बने सिस्टम से चुरू, नारनोल, गोरखपुर, पटना से होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दाब के क्षेत्र तक जा रही है। उत्तर-पूर्व अरब सागर में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इस वजह से मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर नमी आने का सिलसिला जारी है।
मौसम विभाग ने बुधवार से पंजाब में बारिश की संभावना जताई है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से पंजाब के कई जिलों में बारिश हो सकती है। इसके बाद वीरवार और शुक्रवार को दो दिन तक कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।

ISI की गतिविधियों की गोरखपुर में हनक लगते ही जोन की पुलिस हुई सतर्क

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए गोरखपुर के हनीफ उर्फ आरिफ के जासूसी करने का मामला सामने आने और आतंकी गतिविधियों में लिप्त बलरामपुर जिले के मुस्तकीम उर्फ युसूफ की दिल्ली में गिरफ्तारी होने के बाद गोरखपुर जोन की पुलिस सतर्क हो गई है। एडीजी ने चौकसी बढ़ाने और नेपाल से लगने वाले सीमाई इलाकों में निगरानी तेज करने को कहा है। स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) को संवेदनशील इलाकों में सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है।.
आप को बतादें कि गोरखपुर जिले के कोतवाली इलाके के जाफरा बाजार निवासी हनीफ उर्फ आरिफ को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी करने के आरोप में एटीएस ने हिरासत में लिया था, और पूछताछ में उसने एयरफोर्स स्टेशन, जीआरडी कैंप और रेलवे स्टेशन की फोटो तथा उससे जुड़ी कुछ सूचनाएं पाकिस्तानी आका को भेजने की बात कबूल की है। दो दिन तक चली पूछताछ के बाद कोई ठोस सबूत हाथ न लगने की वजह से एटीएस ने उसे छोड़ दिया है। हालांकि उस पर नजर रखने के साथ ही एटीएस, जासूसी नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी पता लगाने में जुटी है। इससे पहले आतंकी गतिविधियों में लिप्त बलरामपुर जिले के बढय़ा भैंसाई निवासी मुस्तकीम उर्फ युसूफ खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने बढय़ा भैंसाई स्थित उसके घर की तलाशी लेकर काफी मात्रा में विस्फोटक और मानव बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली विशेष जैकेट भी बरामद की। युसूफ को लखनऊ लाकर पूछताछ की जा रही है। इन दोनों मामलों को देखते हुए एडीजी ने जोन पुलिस को सतर्क किया है।
इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद एडीजी ने जोन के सभी जिलों की पुलिस को सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है। जोन के छह जिलों कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती की सीमा नेपाल से लगती है। इन जिलों की पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। सीमावर्ती जिलों की पुलिस को एडीजी ने सीमा पर तैनात एसएसबी से तालमेल स्थापित कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को कहा है।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने कहा कि हनीफ और युसूफ का मामला सामने आने के बाद जोन पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही हे। खासकर सीमाई इलाकों में अधिक चौकसी बरती जा रही है। 

रिपब्लिकन पार्टी ने डोनाल्ड ट्रंप की दावेदारी पर लगाया मुहर, पेंस का मुकाबला होगा कमला हैरिस से

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में विगत दिवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उपराष्ट्रपति माइक पेंस की दावेदारी पर मुहर लगा दी गई है। अमेरिका में तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में 74 वर्षीय ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी व पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन (77) की चुनौतियों का सामना करेंगे। सम्मेलन के परमानेंट चेयर व प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन नेता केविन मैककार्थी ने पेंस के उपराष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में चुने जाने की घोषणा की।
पेंस डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी कमला हैरिस की चुनौतियों का सामना करेंगे। सम्मेलन की शुरुआत में ही पेंस की दावेदारी की घोषणा कर दी गई, जबकि राष्ट्रपति प्रत्याशी के रूप में ट्रंप के नाम पर मुहर बाद में लगी। इंडियाना के पूर्व गवर्नर पेंस ने वर्ष 2016 के चुनाव में ट्रंप के साथ ही जीत हासिल की थी। नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद सम्मेलन की चेयर रोना मैकडेनियल डेमोक्रेटिक पार्टी उम्मीदवार जो बिडेन व कमला हैरिस पर जमकर बरसीं।

रिपब्लिकन का सम्मेलन पारंपरिक रूप से आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे दिन सत्रों और रात में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। ट्रंप चारो रात सम्मेलन को संबोधित करेंगे। साउथ कैरोलिना की दो बार गवर्नर रहीं निक्की हेली भारतीय मूल की एक मात्र अमेरिकी नेता हैं, जिन्हें वक्ताओं की सूची में रखा गया है। साउथ कैरोलिना में जन्मी निक्की हेली का मूल नाम निम्रता रंधावा था। उनके पिता अजीत सिंह रंधावा और माता राज कौर रंधावा पंजाब के अमृतसर से यहां आए थे।
प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप सम्मलेन को व्हाइट हाउस स्थित रोज गार्डन से बुधवार को संबोधित करेंगी। इसी दिन माइक पेंस भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। गुरुवार को अंतिम दिन ट्रंप स्वीकार्यता भाषण देंगे। बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने जहां अपने सम्मेलन का आयोजन पूरी तरह वर्चुअल मोड में किया था, वहीं रिपब्लिकन के 336 प्रतिनिधि सम्मेलन में उपस्थित हैं और बाकी 2,551 प्रतिनिधि पूरे अमेरिका में स्थित पार्टी कार्यालयों में मौजूद रहकर वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं।
ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना में सम्मेलन के पारंपरिक आयोजन की मांग की थी, जिसे डेमोक्रेट गवर्नर रॉय कूपर ने ठुकरा दिया था। इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा में सम्मेलन के आयोजन की घोषणा की थी, लेकिन बाद में वह कोरोना संक्रमण के कारण लागू प्रतिबंधों को मानते हुए शार्लेट में आयोजन की वापसी पर राजी हो गए थे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि नवंबर में होने वाला चुनाव अमेरिकी इतिहास में सबसे अहम होगा। देश चाहे तो भयानक या महानता की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट वर्ष 2016 की तरह चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद खतरनाक है। नवंबर के चुनाव में अगर डेमोक्रेट को चुना गया तो चीन अमेरिका को जीत लेगा। डेमोक्रेट कोरोना संक्रमण का चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। देश इसे कभी माफ नहीं करेगा। 

बदमाशों ने पत्रकार को गोली मार कर किया हत्या, घटना स्थल पर हुई मौत

बलिया (ऊँ टाइम्स)  बीती रात करीब 8.45 बजे बदमाशों ने एक इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दिया। सिर में गोली लगने से  रतन कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बदमाश भाग निकले। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने का कोशिश किया किंतु कामयाबी नहीं मिल सकी। घटना के बाद पहुंचे एसपी देवेंद्र नाथ, एएसपी संजय कुमार, सीओ सदर देर रात तक जांच में जुटे रहे।
जनपद के फेफना में  देर शाम थाने से महज कुछ ही दूरी पर हुए हत्याकाण्ड से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। फिलहाल पुरानी रंजिश को घटना की वजह बताई जा रही है। पत्रकार रतन कुमार सिंह का घर बलिया-रसड़ा मुख्य मार्ग पर फेफना तिराहे से रेलवे क्रॉसिंग के बीच में है। वह फेफना गांव में गए थे। इसी बीच ग्राम प्रधान के दरवाजे के पास गली में घेरकर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और बड़ी आसानी से भाग निकले। गोली की आवाज सुन कर गांव के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन सिर में गोली लगने की वजह से रतन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गांव में लगभग एक महीने पहले झगड़ा हुआ था, उससे भी जोड़कर इस वारदात को देखा जा रहा है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
एसपी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। पत्रकार रतन सिंह की हत्या की सूचना मिलते ही पूरे इलाके की घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने में पुलिस जुट गई है।

ISI का एजेंट गोरखपुर से हुआ गिरफ्तार, हनीट्रैप के जरिए इससे जासूसी करा रहा था पाकिस्तान

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) पाक हमेशा भारत की खुफिया जानकारी हासिल करने के प्रयास में लगा रहता है। हाल ही में दिल्ली में पाक उच्चायोग के दो अधिकारियों को जासूसी करते पकड़ा गया था। वहीं अब गोरखपुर में भी पाकिस्तान के जासूसी के प्लान को बेनकाब किया गया है। पाकिस्तान ने भारतीय सेना की जानकारी हासिल करने के लिए हनी ट्रैप का सहारा लिया लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उनके एजेंट को पकड़ लिया।
दरअसल पाकिस्तान, गोरखपुर के हनीफ को हनीट्रैप के जरिए फंसाकर थल सेना, वायु सेना के खुफिया जानकारी को अपने तक मंगवा रहा था, लेकिन ATS की नज़र हनीफ पर थी और उसे उसके इरादों में कामयाब होने से पहले ही धर दबोचा।
गोरखपुर के हनीफ के कुछ रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं। 2014 से 2018 के बीच वह अपने रिश्तेदारों से मिलने कई बार पाकिस्तान गया। जहां ISI ने उसे एक वैश्यालय ले जाकर उसका फोटो और वीडियो बना लिया और उसे ब्लैकमेल करते हुए भारत के खुफिया जानकारी को मंगवाने के लिए फंसा लिया। हनीफ भारत का सिम लेकर व्हाट्सएप एक्टिव कर
उसके जरिए उत्तर प्रदेश समेत वायु सेना व थल सेना व गोरखपुर रेलवे स्टेशन,एयरफोर्स आदि की जानकारी को इकट्ठा कर फोटो और वीडियो के जरिए भेजता था। हालांकि पाकिस्तान के इस चाल की खुफिया एजेंसियों को भनक लग गई और उन्होंने हनीफ पर नज़र रखना शुरु कर दिया। इस दौरान उन्होंने इस ऑपरेशन का नाम ‘ऑपरेशन गोरखधंधा’ रखा। इसके बाद जब पुसिल इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए सक्रिय हुई तो जब हनीफ को पहली बार में ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं एटीएस के आईजी ने बताया कि आरोपी से काउंसलिंग में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी को बदमाशों ने दिन दहाड़े मारा गोली

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस जिले के हसनगंज थाना क्षेत्र के डालीगंज स्थित कबीर मठ के प्रशासनिक अधिकारी धीरेंद्र दास को बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मार दिया ।
पुलिस के मुताबिक, बदमाश बरात घर बुकिंग कराने के बहाने आए थे। घायल धीरेंद्र दास को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
मौके पर एडीसीपी उत्तरी राजेश श्रीवास्तव, एसीपी महानगर सोनम कुमार सहित कई अधिकारी पहुंच गए हैं।.
मिली जानकारी के अनुसार, धीरेंद्र दास पर 2015 में भी जानलेवा हमला हुआ था तब भी हमलावर बरात घर की बुकिंग के लिए आए थे। एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि कबीर मठ की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।
उन्होंने कहा कि संपत्ति विवाद को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। मठ के पास सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। जिसकी फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश की जा रही है।.
पुलिस टीम घटनास्थल पर मौजूद है और इलाके को अपने नियंत्रण को लेकर जांच कर रही है। गोलीकांड से हड़कंप मच गया। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

सीएम योगी का कोरोना पर नया आदेश, जानिए अब किसे क्या करना पड़ेगा

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोविड मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए डीएम और सीएमओ दिन में दो बार बैठक करें। इसके साथ ही कोविड अस्पतालों में डॉक्टर व नर्स वार्ड में जाकर मरीजों का इलाज करेंगे। लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर और गोरखपुर में कोविड मरीजों की संख्या को देखते हुए विशेष ध्यान दिया जाए। कोविड के चलते सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन न किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को अनलॉक की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि डीएम व सीएमओ सुबह की बैठक अस्पताल और शाम की इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में करें। बैठक में सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रतिदिन 1.30 लाख कोविड टेस्ट करने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश में जांच और कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए अग्रिम रणनीति तैयार रहे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए। किसी भी स्थान पर पांच से अधिक लोग एकत्र न हों। कहीं भीड़ न इकट्ठा होने पाए।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य प्रभावी ढंग से चलाए जाएं। बाढ़ पीड़ित को राशन किट का वितरण कराया जाए। प्रदेश में शनिवार और रविवार को स्वच्छता और सैनिटाइजेशन के काम प्रभावी ढंग से कराए जाएं। स्वच्छता समितियों को बहाल करने के निर्देश भी दिए। सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक शौचालय बनाए जाने हैं। इसके लिए सांसद व विधायकों के साथ प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। पंचायत भवन में मिनी सचिवालय और सार्वजनिक कार्यक्रमों के स्थान की व्यवस्था की जानी चाहिए।.
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत संचालित होने वाले कार्यक्रमों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें त्वरित और प्रभावी ढंग से संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में मौजूद उत्तर प्रदेश के भवनों में ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाए। अयोध्या में बनने वाले राज्यों के अतिथि गृह में भी ओडीओपी के उत्पादों को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाए।

अबु यूसुफ के घर से विष्फोटक और फिदायीन हमले में प्रयोग की जाने वाली जैकेट हुई बरामद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  नई दिल्ली में धौलाकुआं में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट्स ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) ऑपरेटिव अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के साथियों की तलाश के साथ ही उसके अड्डों को खंगालने में दिल्ली पुलिस तथा यूपी एटीएस को भी बड़ी सफलता मिली है।
बलरामपुर के उतरौला में उसके गांव में तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ फिदायीन हमले के लिए तैयार की गई जैकेट भी मिली है। दिल्ली से शनिवार को गिरफ्तार आइएसआइएस ऑपरेटिव अबु यूसुफ के घर बलरामपुर उतरौला तहसील के बढय़ा भैसाही गांव में दिल्ली पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश एटीएस ने पड़ताल के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और कथित तौर पर फिदायीन हमले के लिए तैयार किया गया जैकेट बरामद किया गया है।
दिल्ली में पकड़े गए अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम उर्फ नेटवर्क खंगालने में उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ दिल्ली पुलिस रात भर जुटी रही। दिल्ली पुलिस व यूपी एटीएस के अधिकारी उतरौला में ही डेरा डाले हैं। इस दौरान मुस्तकीम की पत्नी, पिता, भाई व बच्चों से पूछताछ की है। उसकी निशानदेही पर उतरौला नगर से उठाए गए लोगों से भी पूछताछ जारी है। दूसरी तरफ गांव पूरी तरह सील है।
पुलिस ने बताया कि उतरौला नगर से जिन तीन लोगों को उठाया गया था, उनसे पूछताछ कर छोड़ दिया गया है। आतंकी अबु यूसूफ के गांव बढय़ा भैंसाही में मीडिया के लोगों की भीड़ है। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस बल मौजूद है। गांव में सन्नाटा है। 
अबु यूसुफ की पत्नी आयशा ने बताया कि पति यूसुफ दो वर्ष से संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है। वह हमसे भी पैसा लेकर संदिग्ध गतिविधि में लगाता था। घर में ही विस्फोटक रखता था। हमने भयवश किसी को बताया नहीं। हमको जब उनके घर में ही विस्फोटक रखने की जानकारी हुई तो हमने मना भी किया। घर में तो पैसों की बहुत किल्लत है। हमारे पास भी जो पैसा होता था, हमसे लेकर वह इधर-उधर खर्च कर देते थे। जब हमने कहा कि फोकट में पैसा खर्च करते हो, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई कैसे होगी तो कहते थे कि सब अल्लाह मालिक है। इस तरह से हमारी बातों को टाल देते थे। वह करीब दो वर्ष से इस काम में लगे थे। सामान एकत्र कर रहे थे। घर में बक्से में जब हमने विस्फोटक देखा तो उसको हटाने को भी कहा था। आयशा ने बताया कि घर से विस्फोट करने वाली फिदायीन जैकेट के साथ चाकू, बेल्ट तथा बारूद मिला है। 
आयशा ने बताया कि वो मेरे ऊपर सख्ती कर रहे थे कि किसी को मत बताना। मुझे बहुत अफसोस है। मेरे चार बच्चे हैं, मैं बच्चों को लेकर कहां जाऊंगी। इस बार उनकी गलती को माफ कर दिया जाये। वह लगभग दो वर्ष से थोड़ा-थोड़ा कर के सामान (बारूद) लाते थे और खाली बक्से में रखते थे। मैं नहीं जानती कि इसकी ट्रेनिंग उन्होंने मोबाइल से ली या किसी और से और वो ये किसके लिए कर रहे थे। उनको बाबरी मस्जिद से कोई लगाव नहीं था।
नई दिल्ली में धौलाकुआं में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट्स ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) ऑपरेटिव अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के पिता ने बेटे की हरकतों की निंदा करने के साथ ही उसको एक बार माफी देने की अपील भी की है। अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के पिता कफील अहमद दे कहा कि मुझे अपने बेटे की गतिविधियों पर बेहद अफसोस है। मेरी जानकारी में नहीं था कि वह इस तरह की हरकतों में शामिल है। मैं चाहता हूं कि यदि संभव हो तो उसे एक बार के लिए माफ कर दिया जाए लेकिन उसका कृत्य गलत है। अगर मुझे उनकी गतिविधियों के बारे में जरा सा भी पता होता तो मैं उन्हेंं छोडऩे के लिए जरूर कहता।
पुलिस ने अबु यूसुफ के पिता सहित तीन रिश्तेदारों से पूछताछ की है। गांव में उससे करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम और बलरामपुर पुलिस की टीम ने उतरौला के गोंडा मोड़ पर उसके घर पर छापेमारी की। यहां से उसके पिता समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। उनसे उतरौला कोतवाली में पूछताछ की जा रही है।.
यूसुफ के घर से उसके पिता और भतीजे फारूक को और घर के एक अन्य सदस्य वसीम को गोंडा उतरौला रोड पर ईदगाह के पास मोहल्ले से हिरासत में लिया गया । बलरामपुर व दिल्ली में आतंकी के पास से आईईडी भी बरामद किया गया है। माना जा रहा है कि यहां पर पुलिस और अन्य आला अधिकारियों के पहुंचने से पहले उसके परिजनों या अन्य ग्रामीणों ने कुछ डॉक्यूमेंट और विस्फोटक को तालाब में फेंक दिया गया था, जिसे तालाब से निकलवाया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की टीम कल रात अबु यूसुफ उर्फ मुस्तकीम को लेकर बलरामपुर के उतरौला में उसके गांव बढय़ा भैसाही गांव आई है। उससे पूछताछ के बाद उसके चार करीबियों को हिरासत में लिया गया है। दिल्ली में अबु यूसुफ के पास से विस्फोटक आईईडी के साथ पिस्टल भी मिली है। आइएसआइएस का गिरफ्तार सदस्य अबु यूसुफ बलरामपुर का निवासी है। दिल्ली में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आतंकी अबु यूसुफ के दो साथी दिल्ली से फरार हो गए थे। उनकी तलाश जारी है, इसी बीच दिल्ली पुलिस की टीम कल देर रात अबु यूसुफ को लेकर बलरामपुर में उसके गांव पहुंची।
उत्तर प्रदेश एटीएस की अबु यूसुफ के मामले में पड़ताल में लगी है। अबु यूसुफ से काफी देर तक पूछताछ के बाद यूपी एटीएस ने देर रात उतरौला से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनके साथ ही उतरौला कोतवाली में अबु यूसुफ से पूछताछ जारी है। एक संदिग्ध को यूपी एटीएस उतरौला कोतवाली से आतंकी युसूफ के गांव ले गई।

सुशांत केस में नया मोड़, पड़ोसी ने कहा -13 को नहीं हुई थी कोई भी पार्टी, घर की लाइटें भी थी बंद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) बहुचर्चित  बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के केस में सीबीआई गहनता से जांच कर रही है। सीबीआई ने सुशांत सिंह के करीबियों के बयान लेने के साथ साथ उनके फ्लैट से कई आवश्यक सामान भी इकट्ठे किए हैं। महाराष्ट्र पुलिस से केस ट्रांसफर किए जाने के बाद अब सीबीआई की टीमों को जांच के लिए कई बार सुशांत के घर पर भी देखा गया है।
इस मामले में अब सुशांत के बांद्रा स्थित बिल्डिंग में रहने वाली उनकी एक पड़ोसी महिला ने एक बड़ा खुलासा किया है। पड़ोसी महिला की ओर से जांच एजेंसी को इस केस में अलग लीड मिल सकती है, लेकिन इससे मौत का राज और गहरा गया है। बिल्डिंग में रह रही महिला का कहना है कि 13 जून की रात करीब 10.30 बजे से 10.45 बजे के बीच सुशांत के घर की लाइटें बंद थीं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुशांत के घर में 13 जून की रात को कोई पार्टी नहीं हुई थी।
वैसे पार्टी की बात से मना किए जाने के बाद केस अलग मोड़ ले रहा है। अब देखना है कि पुलिस महिला की ओर से दी गई जानकारी को जांच में किस तरह इस्तेमाल करती है।
वहीं, शनिवार को ही सीबीआई की टीम नीरज और सिद्धार्थ पिठानी के साथ सुशांत सिंह के घर के बाहर नज़र आई थी। जांच एजेंसी ने नीरज और सिद्धार्थ के साथ ही मौके पर जाकर बात की है। बताया जा रहा है कि सुशांत के घर पहुंची सीबीआई की टीम ने बयानों के आधार पर सीन को रिक्रिएट करते हुए पूछताछ किया।
इस दौरान टीम करीब 6 घंटे तक सुशांत के फ्लैट में रही और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। वैसे पड़ोसी महिला के बयान ने पूर्व के जांच पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है! नये सिरे से हो रहे इस जांच से सम्बन्धितों के छूट रहे हैं पसीने! .. (ब्यूरो रिपोर्ट ऊँ टाइम्स, मुंबई)

पाकिस्तान के कराची में रह रहा है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम , पाक ने भी किया कबूल

नई दिल्ली / इस्लामाबाद (ऊँ टाइम्स) पिछले 27 सालों से झूठ बोल रहे पाकिस्तान ने आखिरकार यह बात कबूल ही कर लिया कि 1993 के मुंबई बम धमाकों का मास्टरमाइंड और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम वहीं रहता है। पाकिस्तान द्वारा जारी 88 आतंकियों की सूची में दाऊद का भी नाम है। यह भी बताया गया है कि दाऊद 14 पासपोर्ट रखता है और कराची में उसके तीन घर हैं। फाइनेंशियल एक्शन टॉस्क फोर्स के ब्लैक लिस्ट में आने से बचने के लिए पाकिस्तान ने इन आतंकियों पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं। इन सभी की संपत्तियों को जब्त करने और बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया गया है। इन पर ट्रैवल बैन भी लगाया गया है।
1993 में मुंबई बम धमाकों के बाद दाऊद पाकिस्तान भाग गया था। इन धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और करीब 1400 लोग घायल हुए थे। इसके बाद से ही दाऊद के पाकिस्तान में छिपे होने की खबरें आती रहीं लेकिन इस्लामाबाद ने कभी कबूला नहीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जिन आतंकियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें जमात-उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर भी शामिल है। हक्कानी नेटवर्क, तालिबान, टीटीपी, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों और उसके सरगनाओं पर भी प्रतिबंध सख्त किए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम के साथ साथ जिन आतंकियों पर प्रतिबंधों को सख्‍त किया गया है उनमें हाफ‍िज सईद, मसूद अजहर, मुल्ला फजलुल्ला (उर्फ मुल्ला रेडियो), जकीउर रहमान लखवी, मुहम्मद यह्या मुजाहिद, अब्दुल हकीम मुराद, नूर वली महसूद, उजबेकिस्तान लिबरेशन मूवमेंट के फजल रहीम शाह, तालिबान नेताओं जलालुद्दीन हक्कानी, खलील अहमद हक्कानी, यह्या हक्कानी और उनके सहयोगी शामिल हैं। यही नहीं तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-झांगवी, तारिक गीदर समूह, हरकतुल मुहाहिदीन, अल रशाीद ट्रस्ट, तंजिम खुत्ब इमाम बुखारी, राबिता ट्रस्ट लाहौर आदि संगठनों के नेताओं पर भी प्रतिबंधों को सख्‍त किया गया है।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सूची में शामिल आतंकवादियों के वित्तीय संस्थानों से लेनदेन करने और हथियार खरीदने पर भी रोक रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हाल ही में पाकिस्‍तान को इन आतंकियों पर एक्‍शन लेने के निर्देश दिए थे। बता दें कि पेरिस स्थित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला था लेकिन आतंकियों पर कार्रवाई करने में हीलाहवाली करने के चलते पाकिस्‍तान अब तक इस सूची से अब तक बाहर नहीं निकल पाया है।
अब सवाल यह है कि पाकिस्तान ने इतने साल बाद अपने यहां दाऊद की मौजूदगी क्यों कबूली और उसके बारे में इतनी सारी सूचनाएं क्यों सार्वजनिक कर दी। दरअसल, पाकिस्तान जून 2018 से ही एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है और उस पर ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। उसे सितंबर तक इस संगठन की 27 सूत्री कार्य योजना पर अमल करना है। अक्टूबर में होनी वाली एफएटीएफ की बैठक में इसकी समीक्षा होगी। इसी को देखते हुए पाकिस्तान ने यह कदम उठाया। पाकिस्तान को उम्मीद है कि आतंकियों का नाम उजागर कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने से वह ग्रे लिस्ट से निकल सकता है।

वैसे दुनियां भर में मनी लांड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ की सिफारिशों का काफी महत्व है। पाकिस्तान अगर ग्रे लिस्ट में बना रहता है या फिर ब्लैक लिस्ट हो जाता है तो उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक, यूरोपियन यूनियन जैसी वैश्विक संस्थाओं से कर्ज मिलना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में पहले से ही कंगाल पाकिस्तान पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। पाकिस्तान की मुश्किल यह भी है कि सऊदी अरब ने उसे कर्ज और उधार तेल देने से भी मना कर दिया है। इसके अलावा, उसे इस साल के अंत तक अरबों डॉलर का कर्ज भी वापस करना है। इन्हीं मजबूरियों ने पाकिस्तान को सच का सामना करने के लिए विवश कर दिया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान को दाऊद इब्राहिम भारत को सौंप देना चाहिए। उन्होंने कहा, पाकिस्तान जानता है कि उसने दाऊद को शरण दे रखा है। उसके बच्चे की शादी पाकिस्तान के मशहूर क्रिकेटर के यहां हुई है। पाकिस्तान का हर आदमी जानता है कि वह कराची में रह रहा है। हालांकि, आज से पहले उसने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। अब पाकिस्तान को तत्काल उसे भारत को सौंप देना चाहिए, क्योंकि वह हमारे यहां मोस्ट वांटेड है। उन्होंने कहा कि वह अब भी भारत में होने वाले अपराधों में शामिल रहता है। कई अपराध दाऊद के जरिये किए जाते हैं।

आज से होगा गणेश पूजा प्रारम्भ, जानिए गणपति स्थापना के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व व सब कुछ

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) देशभर में आज से गणेशोत्सव का त्यौहार मनाया जाएगा। लोग गणपति को घर लाकर विराजमान करने से लेकर उनके विसर्जन को भी धूमधाम से करते हैं। 10 दिन चलने वाले इस त्यौहार पर गणपति की स्थापना की जाती है। गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक यानी दस दिनों तक चलता है। इसके बाद चतुर्दशी को इनका विसर्जन किया जाता है। हिंदू धर्म में भगवान गणेश को अत्यंत ही पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी का नाम किसी भी कार्य के लिए पहले पूज्य है। इसलिए इन्हें ‘प्रथमपूज्य’ भी कहते हैं। वह गणों के स्वामी हैं, इस वजह से उनका एक नाम गणपति भी है। इसके अलावा हाथी जैसा सिर होने के कारण उन्हें गजानन भी कहते हैं। मान्यता है कि भाद्रपद की चतुर्थी को गणेश जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन गणेश चतुर्थी त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में हर्षोल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 22 अगस्त को मनाया जाएगा।

गणेश चतुर्थी शुभ घड़ी

पूर्वाह्न 11.07 से दोपहर 01. 42 मिनट तक

दूसरा शाम 4.23 से 7. 22 मिनट तक

रात में 9.12 मिनट से 11. 23 मिनट तक

वर्जित चंद्रदर्शन का समय – 8:47 रात से 9:22 रात तक

चतुर्थी तिथि आरंभ – 21 अगस्त की रात 11:02 बजे से।

चतुर्थी तिथि समाप्त : – 22 अगस्त की रात 7:56 बजे तक।

 गणेश विसर्जन
1 सितंबर 2020 दिन मंगलवार को होगा!

भगवान गणेश की स्थापना गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न में की जाती है। माना जाता है कि गणपति का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। हालांकि, इस दिन चंद्रमा देखना भी वर्जित है। गणेश जी की स्थापना की विधि इस प्रकार है:-

  • आप चाहें तो बाजार से लाकर या फिर अपने हाथों से बनाई हुई गणेश जी की मूर्ति स्थापित कर सकते हैं।
  • गणेश जी की स्थापना करने से पहले स्नान कर लें और साफ धुले हुए वस्त्र धारण कर लें। 
  • इसके बाद अपने माथे पर तिलक लगाएं और पूर्व दिशा की ओर मुंह कर आसन पर बैठ जाएं।
  • ध्यान रहे कि आसन कटा-फटा न हो। साथ ही पत्थर के आसन का प्रयोग न करें।
  • इसके बाद भगवान गणपति की प्रतिमा को कसी लकड़ी के पटरे या गेहूं, मूंग, ज्वार के ऊपर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित करें।
  • गणपति जी की प्रतिमा के दाएं और बाएं रिद्धि-सिद्धि के प्रतीक स्वरूप एक-एक सुपारी रखें। 

गणेश चतुर्थी पूजा विधि
भगवान गणेश की पूजा के लिए पान, सुपारी, लड्डू, सिंदूर, दूर्वा आदि सामग्री घर ले आएं। भगवान की पूजा करें और लाल वस्त्र चौकी पर बिछाकर स्थान दें। इसके साथ ही एक कलश में जलभरकर उसके ऊपर नारियल रखकर चौकी के पास रख दें। दोनों समय गणपति की आरती, चालीसा का पाठ करें। प्रसाद में लड्डू का वितरण करें।

गणेश जी को क्या क्या चढ़ाएं –
चावल,सिंदूर, केसर, हल्दी, चन्दन,मौली औऱ लौंग जरुर चढ़ाएं, पूजा में दूर्वा का काफी महत्व है। कहा जाता है कि इसके बिना गणेश पूजा पूरी नहीं होती है। गणेश जी को दक्षिणा अर्पित कर उन्हें 21 लड्डूओं का भोग लगाएं। गणेश जी के पास पांच लड्डू रखकर बाकी बांट देने चाहिए।

पूजन में इस मंत्र का करें जप – घर में अगर गणेश जी की स्थापना हो रही है तो इस बात का ध्यान रखे की गणपति की आरती सुबह औऱ शाम दोनों पहर होनी चाहिए। गणेश जी की कथा और गणेश चालीसा का पाठ अवश्य करें और “ओम् गं गणपतये नमः” मंत्र की एक माला का जाप करना चाहिए।

गणेश चतुर्थी के दिन चांद को न देखे – गणेश चतुर्थी के दिन रात्रि में चंद्रमा के दर्शन न करें। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करना शुभ नहीं माना जाता है। 22 तारीख को रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या कलंक लग सकता है।

मुंबई के तीन जैन मंदिर दो दिनों के लिए खोले जायेंगे, सुप्रीम कोर्ट ने दिया अनुमति

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  आज सुप्रीम कोर्ट की ओर से जैन समाज के तीन मंदिरों को सशर्त खोलने और पर्युषण पूजा करने की इजाजत दे दी गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हम दादर, बायकुला और चेंबूर में स्थित जैन समाज के मंदिर को खोलने और पर्युषण पूजा की इजाजत देते हैं। केंद्र द्वारा धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए लागू किए गए SOP को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 22 और 23 अगस्त को पर्युशन के अंतिम दो दिनों के लिए श्रद्धालुओं के लिए जैन मंदिरों को खोल दिया जाए। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने की।  उन्होंने कहा कि यह छूट गणेश चतुर्थी के लिए किसी अन्य मंदिर पर लागू नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य सरकार ने मॉल्स और अन्य आर्थिक गतिविधियों को खोलने की अनुमति दी है लेकिन मंदिरों की नहीं। मामले की सुनवाई कर रही बेंच ने कहा कि राज्य सरकार हर गतिविधि की अनुमति दे रहे हैं, जिसमें पैसा शामिल है लेकिन वे मंदिरों को खोलने की बात पर महामारी का नाम लेते हैं।
 चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की बेंच ने मंदिर ट्रस्ट को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने का निर्देश दिया, जिसमें कहा गया है कि इस आदेश से किसी अन्य ट्रस्ट या मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ेगा – विशेष रूप से गणेश चतुर्थी पर, जिस पर सरकार मेरिट के अनुसार काम करेगी।
पर्युषण शुरू होने से ठीक पहले 14 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जैन समुदाय के सदस्यों के लिए 15 अगस्त और 23 अगस्त के बीच के पवित्र काल के दौरान मंदिरों में पूजा करने से मना करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा कि इस समय प्रत्येक समझदार व्यक्ति का कर्तव्य, धार्मिक कर्तव्यों के सा‌थ सार्वजनिक कर्तव्यों को संतुलित करना है और बाकी मानव जाति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना है।

US डेमोक्रेटिक पार्टी का राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन हुआ समाप्‍त, राष्‍ट्रपति पद के लिए बिडेन के नाम पर लगी मुहर

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर राष्‍ट्रपति पद के उम्‍मीदवार जो बिडेन ने पार्टी नामांकन स्‍वीकार करने के बाद अपने पहले भाषण में कहा कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने देश को बहुत लंबे समय तक अंधकार में रखा। उन्‍होंने कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी ट्रंप ने देश में बहुत अधिक क्रोध, बहुत अधिक भय और बहुत अधिक विभाजन फैलाया है।  बिडेन अब तक के सभी ओपीनियन पोल्स में 74 वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप से स्पष्ट बढ़त के साथ अमरीकी आम चुनाव में प्रचार करने उतरे हैं।
बिडेन के इस भाषण के साथ ही डेमोक्रेटिक पार्टी के चार दिवसीय कनवेंशन का भी आज समापन हो गया। हर अमेरिकी चुनाव की तरह इस बार कोरोना महामारी के कारण पार्टी के कनवेंशन में शोर-शराबा और भीड़ देखने को नहीं मिली। रोल कॉल वोट के बाद बिडेन ने औपचारिक रूप से 3,558 प्रतिनिधियों का मत हासिल किया, जबकि प्राथमिक को जीतने के लिए उम्मीदवारों को 1,991 प्रतिनिधियों की आवश्यकता थी। जून में सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने राष्‍ट्रपति दौड़ से अपने का बाहर कर लिया था। पार्टी अधिवेशन की पहली तीन रातों में बिडेन के डेमोक्रेटिक सहयोगियों ने अमेरिका में कोरोना वायरस संकट के लिए राष्‍ट्रपति ट्रंप को दोषी ठहराया।
अपने भाषण में बिडेन ने कहा कि मैं आपको जुबान देता हूं कि अगर आपने मुझे राष्‍ट्रपति पद के लिए चुना तो मैं अपना बेस्‍ट करके दिखाऊंगा। उन्‍होंने कहा कि मैं प्रकाश का सहयोगी बनूंगा, अंधकार का नहीं। उन्‍होंने कहा ये नवंबर बहुत कुछ तय करने वाला है। हम एकजुट होकर अमेरिकी अंधकार के इस दौर को दूर कर सकते हैं। यह कोई गलती नहीं करने का समय है।हम क्रोध से भरे उस रास्‍ते को भी चुन सकते हैं, जहां उम्‍मीदें कम हैं। विभाजन अधिक है। अंधकार और संदेह है। हम एक अलग रास्‍त चुन सकते हैं, जिसमें सुधार हो। हम एकजुट हों। यह जीवन बदलने वाला चुनाव है। इस चुनाव में तय होगा कि अमेरिका को आने वाले समय में आखिर कैसे दिखना है।हम मौजूदा राष्ट्रपति के बारे में जो जानते हैं वो यह कि अगर उन्हें चार और साल दिये जाते हैं, तो भविष्य वैसा ही होगा जैसे बीते चार साल में हुआ है। ट्रंप एक ऐसे राष्ट्रपति हैं, जो किसी चीज़ की ज़िम्मेदारी नहीं लेते। नेतृत्व करने से इनकार करते हैं। हर चीज़ में औरों को दोषी ठहराते हैं। 
आप को बता दें कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने औपचारिक रूप से पूर्व राष्‍ट्रपति जो बिडेन को 2020 के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित कर दिया है। इसका ऐलान पार्टी के चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में हुआ। इस दौरान पूर्व और वर्तमान डेमोक्रेटिक नेताओं और स्पीकर ने बिडेन को अपना समर्थन दिया। 77 वर्षीय बिडेन सम्मेलन में पहली बार स्क्रीन पर लाइव दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि ‘आप सभी का शुक्रिया। आप सभी लोगों से गुरुवार को मिलता हूं।’ राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जान के बाद बिडेन ने ट्वीट करके लोगों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के नामांकन को स्वीकार करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। बता दें कि 3 नंबर को होने वाले चुनाव में उनका मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगा। 

लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर पटना हाईकोर्ट ने लगाई रोक , 12 को होगी अगली सुनवाई

पटना (ऊँ टाइम्स) पटना हाईकोर्ट ने लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में बिहार कर्मचारी चयन आयोग को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई आगामी 12 सितंबर को होगी।
न्यायमूर्ति डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने कुमार प्रवीण प्रताप व अन्य द्वारा दायर रिट याचिका पर बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की। इस मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील विश्वजीत मिश्रा ने अदालत को बताया कि 84 की संख्या में याचिकाकर्ताओं के मामले में अदालत ने  30 जून, 2016 को ही एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि उच्च डिग्री उक्त मामले  में बाधक नहीं बनेगी। लेकिन उच्च डिग्री होने के चलते इनके मामले में विचार नहीं किया गया। 
विज्ञापन के अनुसार लैब टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति के लिए डी एमएलटी-डिप्लोमा योग्यता रखी गयी है। बिहार स्टेट स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की ओर से 29 मई, 2020 को प्रकाशित मेरिट लिस्ट में याचिकाकर्ताओं को नहीं रखा गया है। लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति के लिये 21 जून, 2015 को विज्ञापन संख्या- 05010115 प्रकाशित किया गया था। 

चाय में जहर देकर रूस में एक विपक्ष के नेता को मारने की कोशिश, अस्पताल में नेता कोमा हैं में

मॉस्को / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)   रूस में एक विपक्ष के नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की आशंका जताई गई है। फिलहाल उनकी हालत काफी गंभीर है। फिलहाल वह कोमा में हैं। उनका इलाज किया जा रहा है। इससे पहले रूस में विपक्ष के नेता अलेक्सी नवालनी को गुरुवार को साइबेरिया के अस्पताल में भर्ती कराया गया। साइबेरिया के अस्पताल में भर्ती विपक्ष के नेता अलेक्सी नवालनी की प्रवक्ता ने उन्हें जहर दिए जाने की जानकारी दी। उनके विमान की साइबेरिया के अस्पताल में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में विपक्ष के नेता की साइबेरिया के अस्पताल में हालत काफी नाजुक है। वह बेहद गंभीर हालत में हैं। 
नवालनी की प्रवक्ता किरा यर्मिश ने कहा कि 44 वर्षीय नवलनी फिलहाल बेहोश हैं और गहन चिकिस्कीय देखभाल में हैं। प्रवक्ता किम यर्मिश ने बताया कि नवालनी साइबेरियाई शहर टॉम्स्क से मास्को लौट रही एक उड़ान में अचानक अस्वस्थ महसूस करने लगे। इसके बाद उनके विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
किरा यर्मिश ने ट्विटर और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया पर लिखा – विमान ओम्स्क में उतरने के बाद नवलनी को संदिग्ध जहर दिए जाने के कारण अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने आगे कहा कि हमे आशंका है कि अलेक्सी नवालनी की चाय में कुछ मिलाया गया था।
गौरतलब है कि अलेक्सी नवलनी, एक वकील और भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता भी हैं, जिन्होंने हाल के वर्षों में जेल में क्रेमलिन विरोधी जंग के आयोजन के लिए कई संकेत दिए हैं।  यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स ने फैसला सुनाया है कि 2012 और 2014 में नवलनी की रूस की गिरफ्तारी और हिरासत को राजनीतिक रूप से प्रेरित किया गया और उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया, एक सत्तारूढ़ मॉस्को जिसे संदिग्ध कहा जाता है। रूस में अगले महीने क्षेत्रीय चुनाव होने हैं और नवलनी और उनके सहयोगी उनके लिए तैयारी कर रहे हैं, जो उम्मीदवारों के लिए समर्थन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

संसद भंग होने के बाद माली के राष्ट्रपति ने दिया इस्तीफा, सैन्य विद्रोह के बाद इस देश में गहराया संकट

बामको (ऊँ टाइम्स)  राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता ने मंगलवार को संसद भंग होने के कुछ घंटों बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सर्जिकल मास्क पहने राष्ट्रपति कीता ने स्थानीय टेलीविजन पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया। उनके चेहरे पर स्पष्ट तौर पर थकान दिख रही थी। इससे थोड़ी देर पहले ही प्रधानमंत्री बाउबो सिसे व राष्ट्रपति कीता के साथ कई शीर्ष अधिकारियों को सैनिकों ने हिरासत में ले लिया था। राष्ट्रीपति ने टीवी पर अपने संबोधन में कहा कि वो संसद और सरकार भी भंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि मेरे शासनकाल में खून-खराबा हो। अगर आज हमारे सशस्त्र बलों के कुछ लोग मेरे शासन में हस्तक्षेप कर इसका अंत चाहते हैं तो मेरे पास कोई और विकल्प नहीं है।.
इसपर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की बिना शर्त तुरंत रिहाई की मांग की है। महासचिव गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजार्रिक की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘महासचिव ने माली के हालातों की निंदा की है और देश में कानून के नियमों और संवैधानिक आदेशों की तुरंत बहाली के आदेश दिए हैं।’ इसमें यह भी कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मिलकर समाधान निकालने व शांतिपूर्ण समझौते पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने अफ्रीकी यूनियन और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। माली पहले फ्रांस के अधीन था।

माली में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को विद्रोही सैनिकों ने बनाया बंदी, गृह युद्ध के बने हालात

बामको (ऊँ टाइम्स)  पश्चिम अफ्रीकी देश माली में विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता को बंदी बना लिया है। सूत्रों ने यह जानकारी दिया है। इससे पहले, दिन में राजधानी बामको से लगभग 15 किलोमीटर दूर काती सैन्य अड्डे पर सैनिकों ने सरकार के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। विद्रोहियों ने कई वरिष्ठ सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों को भी नजरबंद कर दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री बौबे सीसे ने विद्रोही से हथियार डालने और बातचीत करने का अनुरोध किया था।
मीडिया ने विद्रोह के एक नेता के रूप में पहचाने गए एक सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि माली में सैनिकों ने राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता और प्रधान मंत्री बाउबो सिसे को हिरासत में लिया है। उसने कहा कि दोनों नेताओं को राजधानी बामाको में कीटा के निवास से हिरासत में लिया गया है। हालांकि उसके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। 
इस बीच बड़ी संख्या में राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के विरोध में लोग राजधानी बमाको की चौक पर इकठ्ठा हुए हैं। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वहां के विद्रोहियों से हिंसा त्यागने की अपील भी की है। विदेशी दूतावासों ने अपने लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है।
राष्ट्रपति कीता के खिलाफ भ्रष्टाचार और खराब सुरक्षा व्यवस्था के आरोपों को लेकर जून से ही देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है। अमेरिका, फ्रांस और पश्चिम अफ्रीकी देशों ने सैन्य विद्रोह की निंदा की है।
आप को बता दें कि काती सैन्य अड्डे पर 2012 में भी विद्रोह हुआ था। तब विद्रोह सैनिकों ने तत्कालीन राष्ट्रपति अमडोउ तौमानी टौरे का तख्ता पलट दिया था।
एक क्षेत्रीय अधिकारी ने अपना नाम नहीं गुप्त रखने की शर्त पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मंगलवार शाम को बंदी बनाए जाने की पुष्टि की। पिछले तख्तापलट के बाद से ही माली में इस्लामी चरमपंथ बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस की तरफ से हालात को नियंत्रण में काबू में करने की लगातार कोशिश की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। माली पहले फ्रांस के अधीन था।

सिद्धार्थनगर में बढते कोरोना प्रकोप के कहर से एक फार्मासिस्ट की हुई मौत

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) इस जिले में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बस्ती के कैली अस्पताल में भर्ती इस जिले में तैनात एक स्वास्थ्यकर्मी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। साथ ही आज 39 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।
आज मंगलवार को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से आई रिपोर्ट में संक्रमित होने की पुष्टि के बाद महिला अस्पताल स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। इस जिले में अब तक 1666 संक्रमित पाए जा चुके हैं। 1072 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 579 लोगों का इलाज चल रहा है और अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है।.
जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर मंगलवार को जारी किए आकड़ों के मुताबिक जिले के एक न्यू पीएचसी पर तैनात एक फार्मासिस्ट की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वह बस्ती जिले के कैली अस्पताल में भर्ती थे।.
आकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक नौ संक्रमित नौगढ़ ब्लॉक क्षेत्र से मिले हैं। इसमें जिला अस्पताल में दो स्वास्थ्यकर्मी,डीपीआरओ ऑफिस में एक कर्मचारी, परसा महापात्र, भीमापार, जनपद न्यायालय, बस स्टैंड और शिवशक्ति हेल्थकेयर और गंगवा छपिया गांव में एक-एक संक्रमित मिले हैं।
शोहरतगढ़ के खुनुवां में छह और तेलडिहवा में एक संक्रमित पाया गया। बढऩी के स्टेशन रोड, मुझाना, बगही में एक-एक संक्रमित पाए गए। बर्डपुर के सलसलवा गांव में एक संक्रमित मिला। डुमरियागंज के भारतभारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गर्दिया और भुलाही गांव में एक-एक संक्रमित मिले।
इटवा के सगरा और महादेव घूरहू गांव में एक-एक मरीज मिले। जोगिया के खहमरिया में एक संक्रमित मिला। लोटन के जफराजोत, फुलवरिया, सोनौरा में एक-एक संक्रमित मिले। मिठवल के तुलसिया और दधवापार गांव में एक-एक संक्रमित पाए गए। उसका के मदनपुर, उसका राजा, मरवटिया, सुकरौली में एक-एक मरीज मिले। एक अन्य पाडव मार्केट में पाया गया।
सीएमओ डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि 39 संक्रमित मिले हैं। सभी को महिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया है। कोरोना से एक फार्मासिस्ट की बस्ती के कैली अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है।

सीएम शिवराज ने कहा – मध्य प्रदेश के लोगों को ही मिलेगा राज्य में सरकारी नौकरी

भोपाल (ऊँ टाइम्स)  मध्य प्रदेश सरकार की सभी नौकरियां राज्य के लोगों के लिए आरक्षित होंगी।  इसके लिए आवश्यक कानूनी बदलाव जल्द ही पेश किए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। हम आवश्यक कानूनी कदम उठाएंगे, ताकि मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियां केवल राज्य के युवाओं को दी जाएं। मध्य प्रदेश के संसाधन मध्य प्रदेश के बच्चों के लिए। यह सूचना उन्‍होंने वीडियो जारी करते हुए दी है। मुख्यमंत्री ने अपने 15 अगस्त के भाषण में की गई घोषणाओं के संबंध में आज कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और उनके कार्यान्वयन के लिए आवश्यक आदेश दिए।

गौरतलब है कि राज्य में उपचुनाव होने वाला है। ऐसे में माना जा रहा है कि विधानसभा उपचुनाव से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान कई लोकलुभावन ऐलान कर रहे हैं। इससे पहले सीएम शिवराज ने ऐलान किया था कि आदिवासियों को साहुकारों के चुंगल के बचाने के लिए हम नया कानून ला रहे हैं। इससे पहले कमलनाथ सरकार ने उद्योगों में 70 फीसद रोजगार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य कर दिया था। कमलनाथ सरकार के नियम के मुताबिक शासकीय योजनाओं, टैक्स में छूट का फायदा उद्योगपति तभी उठा पाएंगे जब वो 70 फीसद रोजगार मध्य प्रदेश के लोगों को देंगे।

सत्यपाल मलिक बनाये गये मेघालय के राज्यपाल, महाराष्ट्र के साथ गोवा का भी प्रभार संभालेंगे कोश्यारी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को गोवा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दोनों राज्यपालों की नियुक्ति उस दिन से अमल में आएगी जिस दिन वो अपना कार्यभार संभालेंगे।
सत्यपाल मलिक अगस्त 2018 से अक्टूबर 2019 तक जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर से ट्रांसफर कर उन्हें गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी जगह पर गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। जम्मू-कश्मीर में उनके रहते हुए ही अनुच्छेद 370 को हटाया गया, जिसमें उनकी अहम भूमिका रही है।

बिहार से 19 नाबालिग बच्चों को दिल्ली ले जाते 9 लोग गोरखपुर में हुए गिरफ्तार

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर की ह्यूमन ट्रैफिकिंग के बड़े रैकेट का हुआ पर्दाफाश ! चेकिंग के दौरान बिहार से टूरिस्ट बस से 19 किशोरों को दिल्ली भेजा जा रहा था! इन्हें बेचने की तैयारी कर रहे गैंग के 9 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है!  एक तरफ जहां वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है! वहीं दूसरी तरफ आपदाकाल में भी अवैध धंधे में लिप्त शातिर अपना ऊल्लू सीधा करने में जुटे हैं !
दरअसल, सीएम सिटी गोरखपुर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. एएचटीयू की टीम ने खोराबार थाना के जगदीशपुर फोरलेन के पास से चेकिंग के दौरान बिहार से आ रही एक टूरिस्ट बस से 19 नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है! बच्चों की उम्र तकरीबन 12 से 14 साल के बीच बतायी जा रही है, साथ ही बच्चों को लेकर जा रहे 9 लोगों की भी गिरफ्तारी पुलिस ने की है!

पुलिस ने कहा – गिरफ्त में आये इन लोगों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के धंधे में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है ! एएचटीयू प्रभारी अजीत प्रताप सिंह के कहना है कि स्थानीय एनजीओ की शिकायत पर उन्होंने अपनी टीम के साथ चेकिंग के दौरान इतने बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है! प्रभारी ने बताया है कि गिरफ्त में आये ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी इन बच्चों को बिहार प्रदेश के अररिया जिले से टूरिस्ट बस के जरिए दिल्ली ले जाने की फिराक में थे, लेकिन एएचटीयू की मुस्तैदी से सभी मासूम बच्चों को बरामद करने के साथ 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी है!
गिरफ्तार सभी आरोपियों को बाद में कैंट पुलिस के हवाले किया गया है, साथ ही बच्चों को एनजीओ के सुपुर्द किया गया है. एएचटीयू प्रभारी का कहना है कि इन बच्चों के परिजनों को बुलाकर बरामद किशोरों को उनके सुपुर्द किया जायेगा.  गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद बंद पड़े उद्योग धंधों को पटरी को लेकर दूसरे प्रदेशों से आयतित आर्थिक तौर से कमजोर इन बच्चों के जरिए काम लेने की कवायद पर एएचटीयू ने बड़ी कार्रवाई की है!

कर्नाटक सरकार का फैसला, बेंगलूरू हिंसा के उपद्रवियों से कराई जाएगी संपत्ति के नुकसान की भरपाई

बेंगलुरू (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरू हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कराने का फैसला किया है। संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए दोषियों से क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले के मुताबिक, क्‍लेम कमिश्‍नर की नियुक्‍ति की जाएगी। राज्‍य सरकार इस नियुक्‍ति के लिए हाईकोर्ट से संपर्क करेगी।  
मुख्‍यमंत्री बीएस येद‍ियुरप्‍पा ने ट्वीट कर कहा कि हमारी सरकार ने केजी हल्ली और डीजी हल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान का आकलन करने और दोषियों से लागत वसूलने का फैसला किया है। हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार दावा आयुक्त की नियुक्ति के लिए माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। मामले की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन पहले ही किया जा चुका है। 
सीएम येद‍ियुरप्‍पा ने बताया कि मामले की शीघ्र सुनवाई के लिए तीन विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की जाएगी। एसआईटी आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाने पर भी विचार करेगी। उन्‍होंने यह भी बताया कि डीजे होली और केजी हल्ली में हिंसा के आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए अधिनियम की धाराओं के साथ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। मुख्‍यमंत्री ने मामले में सख्‍त कार्रवाई को लेकर अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। 
आप को बता दें कि बेंगलुरू के डीजे हल्ली और केजी हल्ली इलाकों में हुई हिंसा के मामले में 58 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन उपद्रवियों के खिलाफ दंगा, लूटा, आगजनी एवं सार्वजनिक संपत्तियों को बर्बाद करने समेत आइपीसी की अन्य धाराओं में कुल 52 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यही नहीं हिंसा प्रभावित इलाकों में लागू धारा-144 को 18 अगस्त यानी मंगलवार तक के लिए बढ़ा दिया गया है। मामले में अब तक 264 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

सुप्रीम कोर्ट में यूजीसी गाइडलाइंस मामले में फैसले आने तक हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने परीक्षाओं पर लगाया रोक

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कोविड-19 महामारी के बीच विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को 30 सितंबर तक कराने से सम्बन्धित सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रहे मामले पर फैसला आने तक हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में परीक्षाओं पर रोक लगा दी है। यूजीसी गाइडलाइंस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई कल, 18 अगस्त 2020 को होनी है। वहीं, 14 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान छात्रों का पक्ष रख रहे अधिवक्ता श्याम दीवान ने कहा था कि 30 सितंबर तक परीक्षाएं आयोजित करना बहुत ही असामान्य होगा क्योंकि महामारी की स्थिति में फिलहाल कोई नियंत्रण नहीं हुआ है। परीक्षाओं को आयोजन महामारी के बीच कराने की बजाय सामान्य हालातों में किया जाना चाहिए। दूसरी तरफ दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूजीसी को निर्देश दिये हैं कि देश भर के विश्वविद्यालयों को एडवाइजरी जारी करे कि वे अंतिम वर्ष की परीक्षाओं में हो रही देरी को देखते हुए पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस में दाखिले के लिए जरूरी प्रोविजनल सर्टिफिकेट जमा कराने की मांग पर फिलहाल रोक लगाएं।
आप को बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश भर के विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों सम्बद्ध महाविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों में विभिन्न ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेस के अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षाओं को 30 सितंबर 2020 तक आयोजित कर लेने के निर्देश 6 जुलाई को जारी गाइडलाइंस में दिये थे। इन्हीं निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर की गयी है। इस याचिका में मांग की गयी है कि महामारी के बीच परीक्षाओं का आयोजन किया जाए और छात्र-छात्राओं को इंटर्नल एसेसमेंट और पिछले वर्षों/सेमेस्टरों के अंकों के औसत के आधार पर मार्क्स देते हुए रिजल्ट घोषित किये जाएं।
दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 जुलाई 2020 को जारी अनलॉक 3 गाइडलाइंस में शैक्षिक संस्थानों को 31 अगस्त 2020 तक बंद रखने को कहा है। उधर बिहार सरकार ने आज, 17 अगस्त को जारी एक निर्देश में एमएचए के प्रतिबंधों को राज्य में 6 सितंबर तक जारी रखने का फैसला किया है।

बिहार में 6 सितम्बर तक के लिए कर दिया गया शक्ती , जानिए नया गाइड लाइन

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार में एक अगस्‍त से जारी अनलॉक का रविवार को अंतिम दिन था, लेकिन राज्‍य में कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए सरकार ने इसके प्रावधानों को छह सितंबर तक लॉकडाउन के तहत बढ़ा दिया है। इस बीच पहले से जारी छूट व सख्‍ती में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। अभी स्‍कूल-कॉलेज सहित तमाम शिक्षण संस्‍थाएं फिलहाल नहीं खाेले जाएंगे। गृह विभाग इससे संबंधित आदेश सोमवार को जारी कर दिया है।

कुछ छूट के साथ लागू रहेगा लॉकडाउन – राज्‍य सरकार कंटेनमेंटजोन में लॉकडाउन को सख्‍ती को लागू रखे हुए है। प्रदेश से जिला, अनुमंडल, ब्लॉक मुख्यालय से लेकर नगर निकायों तक में 16 अगस्त तक सख्ती जारी रहेगी। बसें नहीं चलेंगी। हां, निजी वाहन, ऑटो व टैक्सी के परिचालन में छूट दी गई है। रात में 10 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे। रेंस्तरा और ढाबा को पैकिंग की छूट दी गई है। सरकारी से लेकर निजी संस्थानों में सिर्फ 50 फीसद कर्मियों को बुलाने की अनुमति दी गई है। दुकानों को खोलने की अनुमति स्थानीय स्थिति के अनुसार जिला प्रशासन ने देगा।
जिन चीजों को पूरी तरह से बंद रखा गया है, उनमें शैक्षणिक संस्थान व धार्मिक स्‍थल शामिल हैं। सभी प्रकार के राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी रोक लगी रहेगी। पार्क व जिम भी बंद रहेंगे। स्‍कूल-कॉलेज व धर्म-स्‍थल सहित इन जगहों को नहीं खोला जाएगा।.
सरकारी दफ्तरों को 50 फीसद कर्मचारियों के साथ खोलने का आदेश दिया गया है। साथ ही निजी क्षेत्र के कार्यालय भी 50 फ़ीसद कर्मचारियों के साथ खोले जा सकते हैं।
अभी तक किन बातों में छूट मिली और क्‍या क्‍या प्रतिबंध लगाए गए हैं, आइए डालते हैं नजर…

इनपर लगाया गया है प्रतिबंध

  • कंटेनमेंट जोन में सभी तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी।
  • राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां बंद। शॉपिंग मॉल भी बंद।
  • सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, शोध एवं कोचिंग संस्थान बंद। ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा की अनुमति।
  • राज्य के केंद्र सरकारों के कार्यालय, अर्धसरकारी व सार्वजनिक निगमों के कार्यालय 50 फीसद कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। निजी कार्यालयों में ऐसा ही प्रावधान। केवल बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य वितरण, कृषि एवं पशुपालन विभागों को इसमें छूट।

इन्‍हें दी गई है छूट

  • अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों और कार्यों को छूट।
  • फल-सब्‍जी, अनाज, दूध, मांस-मछली आदि की दुकानें खुलीं।
  • बैंक और एटीएम खुले।
  • होटल, रेस्त्रां व ढाबे आदि केवल होम डिलेवरी के लिए खुले।
  • रेल व हवाई सफर को अनु‍मति।
  • ऑटो व टैक्सी पूरे राज्य में चल रहे हैं। निजी वाहनों पर भी रोक नहीं।
  • जरूरी सेवाओं के लिए गाड़ियों के संचालन की अनुमति।
  • सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल, कोषागार, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा क्षेत्र, डाकघर, बैंक, एटीएम और मौसम विभाग जैसी चेतावनी देने वाली एजेंसियाें को दूट। सार्वजनिक उपयोगिता (पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी) की एजेेंसियों को छूट।
  • पुलिस, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं खुली हैं।
  • नाइट कफ्यू रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू।
  • कषि कार्य की छूट। कृषि कार्य और कृषि से संबंधित दुकानों को खोलने की छूट।

जानिए कब-कब लगा लॉकडाउन

  • 23 मार्च से 14 अप्रैल
  • 15 अप्रैल से तीन मई
  • चार मई से 31 मई
  • 16 से 31 जुलाई
  • 17 अगस्‍त से 06 सितंबर

कब-कब लगा अनलॉक – एक जून से 15 जूलाई तक अनलॉक लागू रहा। फिर पहली से 16 अगस्त के लिए अनलॉक का आदेश जारी किया गया।

दिल्ली में गणेश चतुर्थी पर सामूहिक मूर्ति विसर्जन और मुहर्रम जुलूस पर लग गया पाबंदी

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कोविड-19 के लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गणेश चतुर्थी के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने और मुहर्रम पर जुलूस न निकालने के आदेश जारी किए हैं।
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोविड-19 के मद्देनजर आगामी त्योहारों से पहले ही जिला मैजिस्ट्रेटों को निर्देश जारी कर दिया है! निर्देशों के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने और मोहर्रम के दौरान जुलूस निकालने की अनुमति न देने को कहा गया है।
इससे पहले दिल्ली सरकार ने इस साल गणेश चतुर्थी के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिमा विसर्जन, बड़ी संख्या में एकत्र होने और सामुदायिक स्तर पर पर्व मनाने पर प्रतिबंध लगाया था। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एक अधिकारी के अनुसार सामुदायिक स्तर पर पर्व मनाने की अनुमति नहीं है क्योंकि महामारी को देखते हुए दिल्ली सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सामूहिक रूप से एकत्रित होने की मनाही है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 2015 के आदेश के अनुसार यमुना में मूर्ति विसर्जन पर पाबंदी है। पिछले साल दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक स्थल पर मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब बनाए थे।

अधिकारी ने कहा कि इस साल संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए यह भी संभव नहीं है। डीपीसीसी के अनुसार आगामी पर्व पर यमुना या किसी अन्य जलाशय, सार्वजनिक स्थल, तालाब या घाट पर प्रतिमा विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीपीसीसी ने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण संस्था ने लोगों से कहा है कि वे घर में ही बाल्टी या किसी अन्य पात्र में विसर्जन की रीति पूरा करें।
डीपीसीसी ने नगर निगमों और जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया है कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकार की ओर से जारी ‘अनलॉक तीन’ के दिशा निर्देशों के अनुसार ‘गणेश पूजा और मूर्ति विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजन और सामूहिक रूप से एकत्र होने की अनुमति नहीं है’ तथा इस आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए। डीपीसीसी ने मूर्ति बनाने और बेचने वालों से प्राकृतिक वस्तुओं से मूर्ति बनाने को कहा है। प्लास्टर ऑफ पेरिस या पकाई गई मिट्टी से मूर्ति बनाने पर प्रतिबंध है। गणेश चतुर्थी का पर्व 22 अगस्त को मनाया जाएगा।

गोरखपुर में अधिवक्ता राजेश्वर पाण्डेय की गोली मारकर हुई हत्या

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) गगहा क्षेत्र के शिवपुर गांव में भूमि विवाद में अधिवक्ता राजेश्वर पांडेय (48) की गोली मारकर रविवार की सुबह तड़के हत्या कर दी गई। आरोप है कि पट्टीदार ने गोली मारी है। अधिवक्ता के हत्या की खबर पाते ही भारी पुलिस फोर्स गांव में पहुंच गई है। आरोपी घर छोड़कर फरार है गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, शिवपुर निवासी राजेश्वर पांडेय गोला तहसील में प्रैक्टिस करते थे।
पट्टीदार चंकी पांडे से लंबे समय से उनका भूमि का विवाद चल रहा है। दोनों लोग का घर आमने सामने ही है। बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह अधिवक्ता का चंकी पांडे के बाबा से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने पर मारपीट शुरू हो गया और इसी दौरान अधिवक्ता को सटाकर पीठ में गोली मार दी गई। आनन-फानन अधिवक्ता को बड़हलगंज सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।  

वैष्णो देवी की यात्रा आज से हुई शुरू, प्रतिदिन 2000 श्रद्धालु करने पाएंगे दर्शन

कटरा (ऊँ टाइम्स) माँ वैष्णो देवी की यात्रा आज से शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के चलते बीते 18 मार्च को वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। पाँच महीने के इंतजार के बाद आज यानि 16 अगस्त से श्रद्धालु फिर से मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकेंगे। कोरोना के सख्त नियमों के साथ यात्रा शुरू हो रही है। फिलहाल यात्रा के पहले चरण में प्रतिदिन सिर्फ 2,000 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाएंगे। 
स्थानीय लोगों ने बताया  कि कोरोना के कारण यात्रा 5 महीने से बंद थी, जम्मू से हम लोग का पहला ग्रुप है जो माता के दर्शन करने आए हैं। यहां पर सैनिटाइज़र मशीन और थर्मल मशीन लगे हुए हैं। जिनका ऑनलाइन सिस्टम जिनका हैं वही लोग ही माता के दर्शन कर पाएंगे। 
जम्मू-कश्मीर राज्य प्रशासन ने गत मंगलवार को राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति देने के साथ स्पष्ट और सख्त दिशा निर्देश जारी किए थे। राज्य प्रशासन की हरी झंडी मिलने के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 16 अगस्त से वैष्णो देवी यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है।
श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने बताया कि प्रथम चरण में केवल 2000 श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन कर सकेंगे। इनमें से 1900 जम्मू कश्मीर के, जबकि 100 अन्य राज्यों के श्रद्धालु होंगे। अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य होगा। 10 साल से छोटे या फिर 60 साल से ऊपर के लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रथम चरण में यात्रा करने की इजाजत नहीं होगी। हर श्रद्धालु को मास्क या फिर फेस शिल्ड पहनना अनिवार्य होगा और शारीरिक दूरी का भी ध्यान रखना होगा। प्रथम चरण में दर्शन के लिए वैष्णो देवी भवन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को केवल पारंपरिक मार्ग से ही जाना होगा और दर्शन के बाद वापस नए ताराकोट मार्ग से आना होगा।
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का केवल ऑनलाइन पंजीकरण होगा। इच्छुक श्रद्धालुओं को यात्रा पंजीकरण केंद्र से तत्काल यात्रा पर्ची उपलब्ध होगा!
माता वैष्णो देवी यात्रा करने वाले सभी श्रद्धालुओं के मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप का होना अनिवार्य है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मां वैष्णो देवी के नए ताराकोट मार्ग के साथ ही सांझी छत मार्ग पर स्थापित निशुल्क लंगर फिर शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही श्राइन बोर्ड द्वारा वैष्णो देवी भवन के साथ ही सांझी छत, भैरव घाटी आदि स्थानों पर अपने भोजनालय भी श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
प्रशासन द्वारा कटड़ा में तीन कोविड रैपिड सेंटर नए बस स्टैंड, कटड़ा हेलीपैड और वैष्णो देवी के प्रवेश मार्ग दर्शनी ड्योढ़ी में स्थापित होंगे। वहां पर सभी श्रद्धालुओं का टेस्ट किया जाएगा।

हुगली जिले में झंडा फहराने को लेकर हुए विवाद में भाजपा नेता की मौत, TMC कार्यकर्ताओं पर है हमले का आरोप

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)  स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने को लेकर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और विपक्षी भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में भाजपा जिला परिषद के एक सदस्य की मौत हो गई। यह घटना खानकुल में हरिशचक गांव में हुई है। आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर भाजपा नेता सुदाम प्रमाणिक के सिर पर धारदार हथियार से वार किया जिससे उनकी मौत हो गई।
सुदाम हुगली जिले में भाजपा द्वारा संचालित जिला परिषद के सदस्य थे। भाजपा समर्थकों का आरोप है कि तृणमूल समर्थित बदमाशों ने सुदाम की निर्मम हत्‍या किया है। क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा कार्यकर्ताओं के आरोपों को खारिज कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि घटना भाजपा में आपसी लड़ाई का ही नतीजा है। टीएमसी ने ने इस घटना की निष्पक्ष जांच की भी मांग की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
हालांकि सुदाम प्रमाणिक पर किसने धारदार हथियार से हमला किया अभी तक उसका नाम सामने नहीं आया है। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दरअसल, दोनों पार्टियों ने एक गांव में एक ही जगह पर ध्वजारहण समारोह आयोजित किया था। सूत्रों का कहना है कि जब दोनों दलों के कार्यकर्ता मौके पर जमा हुए तो उनके बीच झड़प हो गई। जिला तृणमूल कांग्रेस के नेता प्रबीर घोषाल ने कहा कि मैंने इस घटना के बारे में सुना। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। तृणमूल कांग्रेस इस झड़प में शामिल नहीं है। यह जिला भाजपा कार्यकर्ताओं के आपसी झगड़े का नतीजा है।

15 अगस्त की सभी भारतीयों के लिए हार्दिक शुभकामना ..

15 अगस्त ( स्वतंत्रता दिवस) की सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामना .. आज 15 अगस्त है, आज ही के दिन हमारा भारत देश स्वतंत्र हुआ था …. (रामदेव द्विवेदी, संपादक ऊँ टाइम्स)

400 तालिबानी कैदियों को अफगानिस्तान ने किया रिहा, अब शांति वार्ता में रुकावट के आसार नहीं

नई दिल्ली / काबुल (ऊँ टाइम्स)  अफगानिस्तान और तालिबान के बीच कैदियों की रिहाई को लेकर हुए समझौते के तहत अफगान ने शुक्रवार को 400 तालिबानी आतंकियों को रिहा कर दिया। यह जानकारी अधिकारियों की ओर से दी गई है। गुरुवार को 80 कैदियों को रिहा किया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जावेद फैसल ने ट्वीट कर रिहाई की जानकारी देते हुए कहा, ‘वार्ता के प्रयासों में तेजी आएगी और देश भर में सीजफायर खत्म होगा।’
अफगानिस्तान सरकार ने देश के तमाम जेल में बंद शेष 400 तालिबान कैदियों को रिहा करने शुरुआत कर दी। इससे पहले गुरुवार को कुल 80 कैदियों की रिहाई हुई थी। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के कार्यालय ने शुक्रवार को अपने ट्विटर पेज पर यह ऐलान किया था। उन्होंने लिखा, ‘अफगानिस्तान सरकार ने कल 400 में से 80 तालिबानी कैदियों को रिहा कर दिया। सलाहकार लोया जिरगा ने प्रत्यक्ष वार्ता और स्थायी एवं राष्ट्रव्यापी युद्धविराम के प्रयासों को गति देने के लिए कैदियों की रिहाई को मंजूरी दी थी। ‘

अफगान परिषद ‘लोया जिरगा’ ने दिया सहमति- अफगानिस्तान में शांति वार्ता जल्द शुरू कराने के लिए अफगान परिषद ‘लोया जिरगा’ ने तालिबान के 400 खूंखार आतंकियों को छोड़ने पर अपनी सहमति दे दी है। तालिबान ने इन कैदियों की रिहाई की शर्त रखी थी। तालिबान और सरकार के बीच अगले हफ्ते कतर में बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।

तालिबानी कैदियों की रिहाई का वादा पूरा – तालिबान कैदियों की रिहाई पर सुझाव के लिए राष्ट्रपति अशरफ गनी ने 3,200 सामुदायिक नेताओं एवं राजनीतिज्ञों को काबुल बुलाया था। कोरोना संक्रमण की चिंताओं और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई बैठक में रिहाई का प्रस्ताव पारित हुआ। शुरुआत में आतंकियों को आजाद करने से अधिकारियों ने मना कर दिया था। इनका कहना था कि ये आतंकी गंभीर जुर्म के गुनाहगार हैं और क्रूर हमलों में अफगानियों और विदेशियों की जान ली है। 

यदि निजी ट्रेन देर से या जल्दी पहुंची तो देना पड़ेगा जुर्माना

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  रेलवे ने निजी संचालकों के लिए प्रदर्शन के प्रमुख संकेतकों को लेकर एक मसौदा जारी किया है, जिसके अनुसार अगर उनके द्वारा संचालित रेलगाडि़यां देरी से चलती हैं अथवा गंतव्य पर समय से पहले पहुंचती हैं तो उन्हें भारी जुर्माना देना होगा। बुधवार को जारी मसौदे में कहा गया कि निजी ट्रेन संचालकों को वर्ष में 95 प्रतिशत तक समय का पालन करना होगा। मसौदे के अनुसार, संचालकों को प्राप्त राजस्व के बारे में गलत जानकारी देने पर अथवा ट्रेन रद करने के बारे में सही जानकारी नहीं देने पर जुर्माना देना होगा। 
मसौदे के अनुसार, अगर रेलगाड़ी को गंतव्य तक पहुंचने में 15 मिनट से ज्यादा की देरी होती है तो इसे समय का पालन करने में विफलता माना जाएगा। दस्तावेज में कहा गया है कि ऐसे मामले में निजी संचालक को समय की पाबंदी के मुकाबले में समयबद्धता में प्रति एक प्रतिशत कमी के लिए 200 किलोमीटर का अतिरिक्त ढुलाई शुल्क रेलवे को देना होगा। रेलवे ने कहा कि ढुलाई शुल्क 512 रुपए प्रति किलोमीटर होगा। यह वह शुल्क है जो निजी संचालक रेलवे की आधारभूत संरचना का इस्तेमाल करने के एवज में उसे देगा। यदि कोई निजी रेलगाड़ी कम से कम 10 मिनट पहले गंतव्य पर पहुंचती है, तो संचालक को रेलवे को जुर्माने के तौर पर 10 किलोमीटर का ढुलाई शुल्क देना होगा। 

रेल सेवा रद करने की हालत देना होगा हर्जाना – अधिकारियों ने कहा कि ये कदम इसलिए है ताकि निजी रेलगाड़ि‍यां समय का पालन करें। इसमें यह भी कहा गया है कि यदि किसी वजह से ट्रेन गंतव्य तक वक्त पर नहीं पहुंचती है तो रेलवे उसकी रकम अदा करेगा। संचालक की तरफ से रेल सेवा रद करने की हालत में वह हर्जाने के तौर पर उस रेलगाड़ी के लिए रेलवे को एक चौथाई ढुलाई शुल्क देगा। वहीं, यदि रेलवे की तरफ से रेल सेवा रद की जाती है तो रेलवे संचालक को उतना ही शुल्क देगा। यदि खराब मौसम, मवेशी का ट्रेन के नीचे आ जाना, किसी मनुष्य का रेलगाड़ी के नीचे आने, कानून व्यवस्था, सार्वजनिक प्रदर्शन, आपराधिक गतिविधि, दुर्घटना जैसे कारणों से किसी ट्रेन की समय की पाबंदी प्रभावित होती है तो किसी को भी हर्जाना नहीं देना होगा।  रेलवे ने प्रस्तावित निजी रेलगाडि़यों के किराए के लिए नियामक बनाने की संभावना से इन्कार करते हुए कहा कि भारतीय परिवहन परिदृश्य में प्रतिस्पर्धा के जरिये किराए में वृद्धि के खतरे से निपटा जाना चाहिए। रेलवे द्वारा सार्वजनिक मसौदे में कहा गया कि इस योजना के जरिये 150 ट्रेनों का परिचालन निजी परिचालकों द्वारा किया जाएगा। इसमें किराया नियामक बनाने का प्रावधान नहीं है।
दस्तावेज में कहा गया कि किसी भी तरह के आर्थिक नियमन से परियोजना के राजस्व पर असर पड़ेगा। भारतीय परिवहन परिदृश्य प्रतिस्पर्धी है और बाजार में पर्याप्त स्पर्धा है। उल्लेखनीय है कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने पहले कहा था कि मंत्रालय भविष्य में नियामक प्राधिकरण बनाने पर विचार कर रहा है। मसौदे में कहा गया कि विभिन्न संस्थाओं और उनके कार्यो को नियंत्रित करने के लिए भविष्य में देश में रेल नियामक संस्था बनाने की संभावना है। 

असम सरकार ने 15 अगस्त के वजह से लॉकडाउन में दिया ढील

गुवाहाटी (ऊँ टाइम्स)  असम सरकार ने नया कोरोना वायरस लॉकडाउन दिशा-निर्देश जारी किया है। स्वतंत्रता दिवस को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने 16 से 31 अगस्त के लिए नए नियमों में कुछ छूट प्रदान किया है। स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए छूट प्रदान की गई है।
राज्य सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइड्लाइंस के मुताबिक कहा गया है कि पहले के आदेशों में उल्लिखित सभी अनुमति गतिविधियों को सोमवार और शुक्रवार के बीच सुबह 5 बजे से 9 बजे के बीच अनुमति दी जाएगी। यात्री वाहनों और लोगों को इंटर डिस्ट्रिट में केवल सोमवार और शुक्रवार के बीच अनुमति दी जाएगी। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, 50 प्रतिशत क्षमता वाले वाहनों की अंतर जिला आवाजाही की अनुमति है।
इसके साथ ही सिटी बसों को सभी कोरोना प्रोटोकॉल और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए  50 प्रतिशत की क्षमता के साथ अनुमति दी जाती है। 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत नृत्य गोपालदास की तबीयत बिगड़ी, सांस लेने में तकलीफ

मथुरा (ऊँ टाइम्स)  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई है। वह कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आए हुए हैं और शहर के सीताराम मंदिर में रुके हैं। उनके स्वास्थ्य के खराब होने की जानकारी मिलते ही हेल्थ डिपार्टमेंट की सीताराम मंदिर पहुंचकर जांच की। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे हैं। उधर, महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फोन पर उनका हाल जाना। सीएम योगी ने नृत्य गोपाल दास के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने जिला प्रशासन को उचित प्रबंध के निर्देश भी दिए हैं। …. ( omtimes news )
चिकित्साधिकारी डॉ. भूदेव ने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास को हल्का बुखार और खांसी थी। सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्हें दवा दी गयी है और अब बुखार उतर गया है। खांसी में भी आराम है। जिलाधिकारी सर्वज्ञ राम मिश्र भी उनका हाल जानने मौके पर पहुंचे हैं। सांस लेने में हल्‍की परेशानी होती देख आश्रम पर ऑक्‍सीजन सिलिंडर भी मंगा लिया गया है। 
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष भी हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वह बुधवार रात श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आयोजित प्राकट्योत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए थे। हर बार वह इस आयोजन में शामिल होते हैं। इस बार वह बाल गोपाल के अभिषेक के लिए अयोध्या से पवित्र सरयू जल भी लेकर गए थे। उनके शिष्य धर्मेंद्र दास के अनुसार नृत्य गोपाल दास जी की तबीयत अब ठीक है। कोई चिंताजनक बात नहीं है। सुबह सांस लेने में तकलीफ हुई थी। यदि आवश्यकता पड़ेगी तो अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा!  श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास बुधवार को देर शाम मथुरा पहुंच गए थे। वह अपने साथ पहली बार कान्हा के महाभिषेक के लिए अयोध्या से सरयू का जल लाए हैं। उन्होंने कहा था कि सरयू का जल हमारे साथ हमेशा रहता है। सरयू का जल दिव्य है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर और मस्जिद का विवाद सुलझा हुआ है। मंदिर अपनी जगह है और मस्जिद अपनी जगह, लिहाजा यहां आंदोलन की कोई जरूरत नहीं है।

अब प्राइवेट ट्रेन दिल्ली से चंडीगढ़ 3 व अमृतसर साढ़े पांच घंटे में पहुंचाएगी

अंबाला (ऊँ टाइम्स)  अब रेल यात्रा से आप कम समय में अपने गंतव्‍य तक पहुंच सकेंगे। यह संभव हाेगा प्राइवेट ट्रेंनों से। इन ट्रेनों में यात्रा आरामदेह होने के साथ-साथ सफर कम समय में पूरा होगा। इसके साथ ही मोदी सरकार का देश में हाई स्पीड ट्रेनें पटरी पर उतारने का सपना साकार होता नजर आ रहा है। देश के 109 जिन रूटों पर प्राइवेट पब्लिक पार्टरनशिप (पीपीपी मोड) पर ट्रेनें दौड़ाने का निर्णय लिया है, उनमें हरियाणा और पंजाब के खाते में भी 14 ट्रेनें आएंगी। खास बात यह है कि नई दिल्ली से चंडीगढ़ का सफर घटकर महज 3 घंटे रह जाएगा, जबकि नई दिल्ली से अमृतसर तक का सफर साढ़े पांच घंटे का होगा। …. ( omtimes news)

मौजूदा समय में नई दिल्ली से चंडीगढ़ का सफर 4 घंटे 10 मिनट का है, जबकि नई दिल्ली से अमृतसर तक का सफर 6:20 मिनट का है। इन 14 ट्रेनों में 12 ट्रेनें प्रतिदिन दौड़ेंगी, जबकि अन्य दो ट्रेनें सप्ताह में तीन-तीन दिन अप-डाउन करेंगी। इन ट्रेनों की स्पीड 160 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। हरियाणा व पंजाब से चलने वाली ट्रेनें उत्तर भारत ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र के नागपुर तक का सफर तय करेंगी।

रेलवे ने 30 हजार करोड़ रुपये का टेंडर अलाट किया है, जिसमें प्राइवेट कंपनियों की भागीदारी रहेगी।  हरियाणा व पंजाब के खाते में 14 ट्रेनें आएंगी। नई दिल्ली से अमृतसर के बीच दो ट्रेनें चलेंगी। 432 किलोमीटर का यह सफर ट्रेनें 5 घंटे 35 मिनट में तय कर लेंगी। इसी प्रकार नई दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच अप डाउन में चार ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है। 266 किलोमीटर के इस रूट पर ट्रेन महज तीन घंटे में सफर तय कर लेगी।

पीपीपी मोड पर पटरी पर उतरने वाली ट्रेनों में वैष्णो देवी के लिए दो ट्रेनों को शामिल किया गया है। हालांकि इन ट्रेनों का आगमन लखनऊ से होगा, लेकिन हरियाणा और पंजाब से होते हुए प्रतिदिन दौड़ेंगी। इन ट्रेनों का ठहराव किन स्टेशनों पर होगा, इसको लेकर स्थिति तय नहीं की गई है।
इसी प्रकार अमृतसर से फैजाबाद, वाराणसी से बङ्क्षठडा और नागपुर से चंडीगढ़ के बीच ट्रेनों का शेड्यूल तय किया गया है। अमृतसर से फैजाबाद के लिए ट्रेन बुधवार, रविवार व शुक्रवार, जबकि फैजाबाद से अमृतसर के लिए वीरवार, सोमवार और शनिवार हो चलेगी।.
इन ट्रेनों में कैटरिंग की जिम्मेदारी कंपनी की ही होगी, लेकिन इसमें रेलवे अपने स्तर पर मॉनीटरिंग करेगी। इन ट्रेनों को लेकर वीडियो कान्फ्रेंस में अधिकारियों से कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है।

दिल्ली सरकार 1 सितंबर से स्कूलों को खोलने पर कर रही है विचार

नई दिल्ली ( omtimes ) केंद्र सरकार एक सितंबर से स्कूलों को खोलने पर विचार कर रही है, लेकिन सरकार के इस विचार पर दिल्ली-एनसीआर के केवल 31 फीसद अभिभावक ही पक्ष में हैं। जबकि 61 फीसद अभिभावक इस फैसले के खिलाफ हैं। यह बात सोशल मीडिया प्लेटफार्म लोकल सर्कल्स द्वारा कराए गए एक सर्वे में सामने आई है। लोकल सर्कल्स ने सितंबर माह में सरकार के स्कूल खोलने के विचार पर दिल्ली-एनसीआर के 3443 अभिभावकों को लेकर एक एक सर्व कराया।
सर्वे में 1786 अभिभावकों से पूछा गया कि क्या वो सितंबर से स्कूल खोलने के पक्ष में हैं, जिसमें 31 फीसद ने हां में जवाब दिया, 61 फीसद ने ना में जवाब दिया व आठ फीसद अभिभावकों ने कोई जवाब देना उचित नहीं समझा।
करीब 1657 अभिभावकों से दूसरा सवाल पूछा गया कि वो स्कूल खोलने के पक्ष में क्यों नहीं हैं, जिसके जवाब में 16 फीसद अभिभावकों ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते अपने बच्चों को स्कूल भेजकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।
वहीं दो फीसद अभिभावक इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि कहीं बच्चों को कोरोना होने पर घर के बुजुर्ग सदस्य पर इसका बुरा प्रभाव न पड़े। सात फीसद अभिभावकों का मानना है कि अगर स्कूल खोलते है और बच्चों को स्कूल बुलाया जाता है तो कोरोना के मरीजों में तेजी से इजाफा होगा।
दूसरी ओर आठ फीसद अभिभावकों का मानना हैं कि स्कूल में शारीरिक दूरी का पालन संभव नहीं है। वहीं, दो फीसद अभिभावकों का कहना है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए अॉनलाइन शिक्षा ही सही विकल्प है। वहीं, 19 फीसद अभिभावकों ने कहा कि वो एक सितंबर से स्कूल खोलने के विरोध में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अभी 31 अगस्त तक स्कूलों को बंद रखने को कहा है। वहीं, इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने भी अभिभावकों से स्कूल खोलने को लेकर राय मांगी थी। … (ए. के. द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)

पूरे यूपी के साथ सिद्धार्थनगर जिले में भी हो रही है पत्रकारों की फ्री भर्ती, OmTimes में निकली है वैकेन्सी

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) इस समय पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों और सभी तहसीलों के साथ साथ हर जगह संवाददाताओं /पत्रकारों /छायाकारों आदि की नि:शुल्क भर्ती हो रही है ! भर्ती नि:शुल्क है! यदि कोई कार्य करना चाहता हो तो अपना नाम व पूरा पता लिखकर ह्वाट्सऐप नम्बर 9453706435 पर भेज सकता है! क्योंकि पूरे यूपी का आवेदन करने का यही नम्बर है!

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर 15 अगस्त को पहली बार लहराएगा तिरंगा

न्यूयॉर्क / नई दिल्ली ( OmTimes )  अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर पर पहली बार इस साल 15 अगस्त को भारतीय तिरंगा झंडा लहराएगा। अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन की तरफ से तिरंगा झंडा फहराया जाएगा।
संगठन ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दिया है। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत रंधीर जायसवाल इस मौके पर मुख्य अतिथि होंगे। एफआइए ने कहा है कि टाइम्स स्क्वायर पर तिरंगा फहराए जाने के साथ ही हर साल की तरह इस बार भी 14 अगस्त को एम्पायर स्टेट बिल्डिंग को नारंगी, सफेद और हरे रंग की लाइटों से रोशन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि टाइम्स स्क्वायर पर तिरंगा झंडा फहराना भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती देशभक्ति का प्रतीक है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन इस साल अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। प्रवासियों के सबसे बड़े संगठनों में से एक एफआईए की स्थापना साल 1970 में की गई थी।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख रहे रमेश पटेल की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई थी, जिसके बाद जुलाई में अंकुर वैद्य को एफआईए का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। 40 साल के वैद्य लंबे समय से एफआईए से जुड़े हुए हैं और वर्ष 2014 से प्रवासी संगठन के अध्यक्ष भी रहे। वैद्य सबसे कम उम्र के बोर्ड के सदस्य होने के साथ साथ सबसे कम उम्र में अध्यक्ष पद संभालने वाले भी बन गए हैं।
न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास 15 अगस्त को एक वर्चुअल स्वतंत्रता दिवस समारोह की मेजबानी करेगा। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके लिए भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ भारत के दोस्तों को आमंत्रित किया गया है।
आप को बता दें कि एफआईए हर साल अगस्त में भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंडिया डे परेड का भी आयोजन करता है। इसमें शीर्ष अमेरिकी राजनीतिक नेताओं, कानूनविदों और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ भारत की मशहूर हस्तियां परेड में भाग लेती हैं। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के कारण परेड इस वर्ष परेड आयोजित नहीं की जाएगी। .

मार्निंग वॉक पर निकले बागपत भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय की गोली मारकर हुई हत्या

बागपत ( omtimes ) इस  जिले के कस्बा छपरौली निवासी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर 53 पुत्र ओमप्रकाश प्रतिदिन मार्निंग वॉक के लिए पड़ोस के गांव हिलवाड़ा तक जाते थे। हिलवाड़ा से लौटते समय गांव के जंगल में रास्ते में पड़ने वाले अपने खेतों में भी संजय खोखर जाते थे। आज सुबह छह बजे घर से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर मार्निंग वॉक के लिए गए थे। लौटे समय उनके खेतों के पास कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और तमंचे से तीन गोली मारकर संजय खोखर की हत्या कर दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोली चलने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष की हत्या से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ बड़ौत आलोक सिंह व इंस्पेक्टर दिनेश चिकारा मयफोर्स के मौके पर पहुंच गए और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष के शव को कब्जे में ले लिया। साथ ही घटनास्थल को सीज कर दिया। घटना से भाजपाईयों में आक्रोश है।

भाजपा जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर ने घटना से पार्टी हाईकमान को अवगत करा दिया है। साथ ही जिलाध्यक्ष ने पुलिस से हत्यारोपितों को पकड़ने की मांग की है। एसपी अजय कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व जिलाध्यक्ष के पीठ, कनपटी व सीने में तमंचे से गोली मारकर हत्या की गई है। घटनास्थल से एक 315 का कारतूस भी मिला है। हत्यारोपितों की तलाश की जा रही है। जल्द आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र अक्षय ने बताया कि दो दिन पूर्व पिता संजय खोखर जब मॉनिंग वॉक से लौट रहे थे, तो एक गाड़ी को अपने खेत के पास खड़ा पाया था। इस पर पिता खेतों के रास्ते घर लौटे थे। इसकी जानकारी उन्होंने परिजनों को दी थी। कई माह पूर्व उनका क्षेत्र के कुछ युवकों से विवाद हो गया था। पूर्व जिलाध्यक्ष के पुत्र ने उक्त विवाद के चलते चार युवकों पर पिता की हत्या करने की आशंका जताई है।
संजय खोखर करीब तीन साल भाजपा जिलाध्यक्ष रहे थे। 2019 लोकसभा चुनाव से पूर्व उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटाया था। पूर्व जिलाध्यक्ष ने सांसद डा. सत्यपाल सिंह को दोबारा टिकट दिए जाने का विरोध किया था। सांसद विरोधी खेमे में शामिल होने के चलते उन्हें पद से हटाया गया था। संजय खोखर बड़ौत में छात्र राजनीति से सक्रिय थे। छात्र राजनीति के बाद संजय खोखर ककौर में स्थित पूर्व माध्यमिक स्कूल में अध्यापक के पद पर तैनात थे।
रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष की हत्या पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा की पूरे प्रदेश में भय का माहौल है और संगीन अपराधों में लिप्त लोग सत्ता के साथ जुड़ ,अवैध काम कर रहे हैं। बागपत में पिछले सालों में स्थिति बेकाबू हो चली है।

अमेरिका व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग, ब्रीफिंग रूम से निकाला गया राष्ट्रपति ट्रंप को

वाशिंगटन / नई दिल्ली ( omtimes ) अमेरिका में सोमवार को डेली ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग की घटना हुई। जिस वक्त यह फायरिंग हुई उस वक्त  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति  ट्रंप ने स्वयं इस  घटना की जानकारी पत्रकारों को दी। बताया जा रहा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। घटना की जानकारी मिलते ही  सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने तुरंत ही कार्रवाई की। 
फायरिंग की जानकारी मिलते ही ब्रीफिंग रूम से राष्ट्रपति को सुरक्षित निकाला गया लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे वापस आए और ब्रीफिंग को फिर से शुरू किया और कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। राष्ट्रपति ने सीक्रेट सर्विस को शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने काफी अच्छा काम किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा , ‘व्हाइट हाउस के बाहर फायरिंग हुई थी, अब स्थिति नियंत्रण में है।  मैं सीक्रेट सर्विस के कर्मचारियों (USSS) को उनके त्वरित और प्रभावी कार्य करने के लिए धन्यवाद देना चाहूंगा। किसी शख्स को अस्पताल ले जाया गया है।’ बता दें कि सीक्रेट सर्विस की तरफ से की गई  कार्रवाई में फायरिंग करने वाले शख्स को गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। 
राष्ट्रपति से ब्रीफिंग में सवाल किया गया कि क्या इस घटना से उन्हें परेशानी हुई… इसके जवाब में उन्होंने कहा, ‘क्या मैं परेशान दिखता हूं दुनिया हमेशा खतरनाक जगह रहा है, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।’ सुरक्षित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

लेबनान के प्रधानमंत्री ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ दिया इस्तीफा

बेरुत / नई दिल्ली ( omtimes ) लेबनान की राजधानी बेरुत में शक्तिशाली धमाके के बाद लोगों की मांग के आगे झुकते हुए प्रधानमंत्री हसन दियाब ने इस्तीफा दे दिया है। विस्‍फोट से नाराज लोग सरकारी महकमे की लापरवाही और सरकार की अयोग्यता के आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतर आए थे और पूरी सरकार से त्यागपत्र की मांग कर रहे थे। यही नहीं जनता के भारी आक्रोश के चलते एक-एक करके मंत्रियों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया था। देश में भारी जनाक्रोश के चलते सरकार काफी दबाव में थी। 
टेलीविजन पर प्रसारित अपने संदेश में दियाब ने कहा कि वे आम लेबनानी लोगों की इस मांग का समर्थन करते हैं कि इस अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए। सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद दियाब ने प्रधानमंत्री पद से अपने त्यागपत्र की घोषणा की। लेबनान के राष्‍ट्रपति माइकल आउन ने प्रधानमंत्री समेत पूरी सरकार का इस्‍तीफा स्‍वीकार कर लिया है। हालांकि राष्‍ट्रपति ने हसन दियाब से नई सरकार के गठन तक पद पर बने रहने को कहा है। 
इसी साल जनवरी में गठित मंत्रिमंडल को ईरान समर्थित शक्तिशाली हिजबुल्ला समूह और उसके सहयोगियों का समर्थन हासिल था। बता दें कि बेरुत में बीते मंगलवार को बंदरगाह पर स्‍टोर करके रखे गए दो हजार टन अमोनियम नाइट्रेट में विस्‍फोट हो गया था। इस धमाके में अब तक 163 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 6,000 से ज्‍यादा लोग घायल हुए हैं। बताया जाता है कि अभी भी सैकड़ों लोग लापता हैं ज‍िनकी तलाश जारी है। 

इससे पहले हिंसक प्रदर्शनों के बीच दो और मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था। सूचना मंत्री मनल अब्दल समद और पर्यावरण मंत्री दामियनोस कत्तर ने रविवार को ही अपना पद छोड़ दिया था। सोमवार को न्याय मंत्री मैरी क्लाउड नजम और वित्त मंत्री गाजी वजनी ने भी इस्तीफा दे दिया। दुनिया के दानदाता देशों और संस्थाओं ने लेबनान के लिए अपनी झोली खोल दी है, लेकिन वे राजनीतिक व आर्थिक सुधारों की शर्त भी रख रहे थे।
मंत्रियों के इस्तीफे पर प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दो-चार इस्तीफों से कुछ नहीं होगा। पूरी सरकार का इस्तीफा होना चाहिए क्योंकि यह संकट से नहीं उबार सकती। इससे पहले प्रधानमंत्री हसन दियाब ने जल्द चुनाव कराने का आश्वासन देकर लोगों को शांत करने का प्रयास किया था।

इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हिंसा और अराजकता की जीत नहीं होनी चाहिए। चार अगस्त की घटना वज्रपात जैसी थी। यह सचेत होने और कदम उठाने का वक्त है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका देश मदद में पीछे नहीं रहेगा। कांफ्रेंस में जॉर्डन, मिस्त्र, चीन, यूरोपियन यूनियन और कई अरब देशों ने भी भाग लिया। वहीं, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र से लेबनान पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
चार अगस्त के बेरुत धमाके में 160 साल पुराना ऐतिहासिक सुरसॉक पैलेस भी नष्ट हो गया। सुरसॉक पैलेस के मालिक रोड्रिक सुरसॉक ने कहा कि एक पल में सब खत्म हो गया। 1975-1990 के गृहयुद्ध के बाद सुरसॉक पैलेस का पुराना गौरव लौटाने के लिए बड़े ध्यान से इसकी मरम्मत कराई गई थी। इसमें 20 साल का वक्त लगा था।
भारत शीघ्र ही लेबनान की मदद के लिए और दवा, खाने का सामान तथा आवश्यक सामग्री भेजेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने भारत सरकार की ओर से चार अगस्त की घटना पर शोक जताया। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत ने हाल ही में लेबनान को कोविड-19 से लड़ने के लिए चिकित्सा सामग्री भेजी थीं। हम तत्काल और राहत सामग्री भेज रहे हैं।
लेबनान की मदद के लिए दुनिया ने अपनी झोली खोल दी है। वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने 298 मिलियन डॉलर (करीब 2,231 करोड़ रुपये) की आपात मानवीय सहायता का भरोसा दिलाया है। यहां एक शर्त भी है। पैसे तभी मिलेंगे, जब लेबनान सरकार राजनीतिक और आर्थिक सुधारों का वादा करे। यह लेबनानी जनता की बड़ी मांग है। फ्रांस के फोर्ट ब्रेगनॉन में रविवार को आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में 30 भागीदार थे। इसमें बेरुत धमाके की स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच के लिए भी मदद का प्रस्ताव किया गया। लेबनानी जनता की यह एक प्रमुख मांग है।

बाढ़ और मानसून की स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने छह मुख्‍यमंत्रियों से किया बार्ता

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) पीएम नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात ही। इस दौरान पीएम ने उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की। पीएम मोदी ने मॉनसून और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों पर बात की। यह जानकारी पीएमओ ने दी है।
पीएम मोदी ने 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा के दौरान राज्य और केंद्र की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। पीएम ने बाढ़ की अग्रिम चेतावनी के लिए एक स्थायी सिस्टम और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की बात कही। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन, गृह राज्‍य नित्‍यानंद राय और जी किशन रेड्डी के अलावा वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ भाग लिया। राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 6 अगस्त को बिहार में कई जिलों को प्रभावित करने वाली बाढ़ से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ सहित 30 से अधिक टीमों को तैनात किया गया था। बाढ़ के कारण राज्य के 16 जिले प्रभावित हुए हैं।
केरल से मुख्यमंत्री एम पिनराई विजयन, राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन, स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, मुख्य सचिव डॉ. विश्व मेहता और डीजीपी लोकनाथ बेहरा बैठक में शामिल हुए। केरल के अलाप्पुझा जिले में कुट्टनाड तालुक के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। केरल सरकार के अनुसार, पांच और शव बरामद होने के बाद सोमवार को इडुक्की में राजमाला भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है। जैसाकि केरल में पिछले कई हफ्तों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कासरगोड जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। जिला कलेक्टर (डीसी) डॉ. डी सजीथ बाबू ने कहा कि किसी भी बाढ़ से संबंधित मुद्दों का सामना करने के लिए तैयार है।
बैठक में कर्नाटक से राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई, राजस्व मंत्री आर अशोक ने भाग लिया। मांड्या जिले के उपायुक्त एमवी वेंकटेश ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक में कावेरी नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण एहतियात के तौर पर जनता को प्रतिबंधित कर दिया गया है। लगातार बारिश के कारण कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, कावेरी नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जबकि भागमंदला और इसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी है। 
कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि हमने पीएम से बात की और उन्हें भारी बारिश से राज्य में हुए नुकसान की जानकारी दी। हमने एसडीआरएफ फंड के लिए 395 करोड़ का इंस्टॉलमेंट मांगा है। राज्य को 4000 करोड़ के विशेष मदद की भी मांग की गई है। 

घाटे में चल रही गोरखपुर-अयोध्या रूट सहित 16 ट्रेनों का संचालन बंद करने वाला है रेलवे

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे में घाटे में चल रही पैसेंजर ट्रेनें (सवारी गाड़ियाें) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड ने कम आय वाली पैसेंजर ट्रेनों की सूची तैयार कर जोनल रेलवे को सौंप दी है। जिसमें गोरखपुर-अयोध्या सहित पूर्वोत्तर रेलवे की 16 पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने इन ट्रेनों को बन रहे नए टाइम टेबल से हटाने की कवायद भी शुरू कर दिया है। आने वाले सामान्य दिनों में इन सवारी गाड़ियों का संचलन भी बंद हो जाएगा।
हालांकि, गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर ट्रेन को ऐसे समय में बंद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव पड़ गई है। कोरोना का संकट हटते ही आयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़नी शुरू हो जाएगी। ऐसे में आम लोगों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। हालांकि, लोगों को अयोध्या जाने के लिए सप्ताह में एक दिन शनिवार को विकल्प के रूप में दुर्ग एक्सप्रेस मिल जाएगी।
दरअसल, सामान्य दिनों के लिए भारतीय रेलवे स्तर पर ट्रेनों का नया टाइम टेबल तैयार हो रहा है। टाइम टेबल में उन ट्रेनों को ही शामिल किया जाएगा जिन्हें सामान्य दिनों में संचालित किया जाना है। घाटे में चल रही पैसेंजर ट्रेनों से पीछा छुड़ाया जाएगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड से लगायत समस्त जोन के संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार मंथन चल रहा है। वर्तमान में गोरखपुर से स्पेशल के रूप में पांच ट्रेनें चल रही हैं। नियमित ट्रेनें 12 अगस्त तक निरस्त हैं।.
भारतीय रेलवे सहित पूर्वोत्तर रेलवे की आठ जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने की भी तैयारी चल रही है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर ट्रेनों की नई समय सारिणी बनाने की भी कवायद शुरू हो चुकी है। इसके अलावा पहले से चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव में भी कमी की जाएगी। इन सबको लेकर पूर्वोत्तर रेलवे और अन्य जोन के परिचालन विभाग के अधिकारियों के बीच विमर्श जारी है।.
कोरोना काल में रेलवे प्रशासन धीरे-धीरे अपने खर्चों में कटौती करनी शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आवधिक स्थानांतरण रोकने के बाद ओवरटाइम पर भी रोक लगा दी है। अब रेलकर्मी ड्यूटी के अलावा विषम परिस्थिति में ही दफ्तर या कारखाने बुलाए जाएंगे। विभागीय जानकारों का कहना है कि शेफ्टी (संरक्षा व सुरक्षा) के अलावा अन्य विभागों में नए पद के सृजन पर भी रोक लगा दी गई है। ऐसे में अब जितने पद और कार्यरत कर्मी हैं, उनसे ही कार्य लिया जाएगा। 
दरअसल, कोरोना संकट काल में नियमित ट्रेनों के निरस्तीकरण और मालढुलाई में कमी आने से रेलवे की आमदनी करीब 58 फीसद कम हो गई है। इसके बावजूद अप्रैल से ही समस्त कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे में ही 40 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। 12 से 15 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त हैं, उन्हें भी नियमित पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में रेलवे प्रशासन बैकफुट पर आा गया है। रेलवे बोर्ड से लगायत जोनल स्तर के अधिकारी अनावश्यक और अतिरिक्त खर्चों को कम करने के लिए लगातार अध्ययन कर रहे हैं। रेलवे बोर्ड जोनल अधिकारियों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। सुझावों पर अमल भी किया जा रहा है।

भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी हुए कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट करके कहा कि अस्पताल में टेस्ट के बाद मैं कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया हूं। पिछले एक हफ्ते में जो भी लोग मेरे संपर्क में आए हैं, मैं उनसे अपील करता हूं कि वो सभी टेस्ट करवाएं और आइसोलेट हो जाएं। बता दें कि हाल ही में कई राजनेता और वीवीआइपी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। इनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन प्रमुख हैं। अमिताभ और शिवराज सिंंह चौहान कोरोना संक्रमण से ठीक भी हो चुके हैं। 
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य लोगों ने प्रणब मुखर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रर्थना की। केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, ‘ सर कृपया ध्यान रखें। हम आपके शीघ्र स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं।’ केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने ट्वीट किया, ‘मैं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी जी के कोरोना संक्रमित होने की खबर से चिंतित हूं। मैं आपके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’ वहीं रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके कहा कि सर आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा, दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख चौधरी अनिल कुमार और कई अन्य नेताओं ने भी मुखर्जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

जोधपुर में एक ही परिवार के 11 पाकिस्तानी शरणार्थियों की हुई संदिग्ध मौत

जोधपुर (ऊँ टाइम्स)  जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र के देचू थाना इलाके के लोड़ता अचावता गांव में 11 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 11 लोगों की एक साथ मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है । यह सभी लोग पाक शरणार्थी बताए जा रहे हैं , जो कि कृषि कार्य के लिए खेत में रुके हुए थे।
आज सवेरे खेत के मध्य बने कमरे में इन सभी के शव मिलने से आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है! घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर जुटे हैं, अभी तक मौत के कारणों का कारण पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रथम दृष्टया जहरखुरानी का अंदेशा व्यक्त किया गया है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।
प्रारंभिक जानकारी में यह सामने आया है कि यह सभी लोग एक ही परिवार के हैं और लोड़ता अचावता गांव में कृषि कार्य के लिए खेत में ही डेरा डाले थे और खेत के मध्य बने एक कमरे में रुक कर गुजर-बसर करते थे । सभी पाकिस्तान से आये शरणार्थी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलने पर देचू थानाधिकारी हनुमानाराम विश्नोई मय दल मोके पर पहुचे।
वहीं घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में आस पास के लोग और ग्रामीण भी पहुचे। पुलिस की इत्तला पर एफएसएल टीम भी मौके पर पहुची , और मोके से साक्ष्य एकत्रित किये हैं। मौत की वजह स्पस्ट रूप से सामने नहीं आयी है, जिसको लेकर पुलिस जांच जारी है। साथ ही शवों के पोस्टमार्टम के बाद स्थिति स्पस्ट हो पाएगी। लेकिन सभी लोगो के एक साथ मृत पाए जाने से प्रारंभिक स्तर पर जहर खुरानी की बात सामने आ रही है। इधर पुलिस भी मृतकों की शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

शूटर हनुमान पांडेय उर्फ राकेश STF की गोली से हुआ ढेर ,कृष्णानंद राय हत्या काण्ड का था आरोपी

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में पुलिस व बनारस एसटीएफ ने शूटर हनुमान उर्फ राकेश पांडेय को गोली मारकर ढेर कर दिया। यह हनुमान पांडेय बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपित था। उस पर 25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित था। पुलिस एनकाउंटर में उसके साथ मौजूद पांच लोग भागने में कामयाब हो गए। पुलिस की गोली से घायल हनुमान पांडेय को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।  
बनारस एसटीएफ व लखनऊ पुलिस की टीम शूटर हनुमान उर्फ राकेश पांडेय तलाश में लगी थी। सुबह पांच बजे के करीब सरोजनीनगर थाने से चंद कदम दूरी कैप्टन मनोज पांडेय चौराहे पर पुलिस ने आरोपित हनुमान पांडेय की कार पर पीछे से हिट किया। जिससे उसकी कार डिवाइडर पर जा लड़ी। कार में शूटर हनुमान पांडेय के साथ चार लोग और बैठे थे। पुलिस के मुताबिक कार से निकलकर हनुमान पांडेय ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई  में पुलिस ने भी उस पर गोली चलाई। जिससे वो मौके पर ही ढेर हो गया। शूटर हनुमान पांडेय के सीने में गोली लगी, उसके बाद उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया , जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। 

नवंबर 2005 में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या कर दी गई थी। एके-47 से लैस आधा दर्जन बदमाशों ने विधायक के काफिले को घेरकर 400 राउंड से भी अधिक गोलियां बरसाई थीं। कृष्णानंद सहित सात  लोगों की मौत हो गई थी।
एनकाउंटर में मारे गए इनामी बदमाश हनुमान उर्फ राकेश पांडेय का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। राजधानी लखनऊ सहित गाजीपुर, मऊ, रायबरेली में 10 मुकदमे गंभीर धाराओं में पंजीकृत हैं। मऊ के कोपागंज का रहने वाला राकेश पांडेय ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह हत्याकांड में भी मुख्तार अंसारी के साथ सह आरोपी था। शूटर हनुमान पांडेय बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी और माफिया मुन्ना बजरंगी का करीबी माना जाता है। प्रयागराज और मऊ पुलिस ने आरोपित पर इनाम भी घोषित कर रखा था।
एसटीएफ एसएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि शातिर बदमाश हनुमान पांडेय उर्फ रोकश पांडेय की सूचना बनारस एसटीएफ को मिली थी। इसकी तलाश एसटीएफ बनारस टीम और हेडक्वाटर टीम को थी। एडिशनल एसपी राज सिंह के नेतृत्व में ये एन्काउंटर हुआ। यहां आकर इनकी पेड़ से गाड़ी टकराई, कार में पांच बदमाश सवार थे। इन्होंने फायरिंग की जिसमें हनुमान पांडेय  उर्फ रोकश पांडेय को गोली लगी। बाकि बदमाश बचकर भाग निकले। राकेश पांडेय को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।  चर्चा है कि कार में राकेश पाण्डेय के साथ अन्य और जो लोग थे वे पुलिस और एसटीएफ के मुखबिर थे, इस लिए उन लोगों पर पुलिस ने गोली नही चलाया! वैसे सच क्या है यह तो पुलिस वाले ही बता सकते हैं!

अभी भी मलबे में तलाशी जा रही हैं जिंदगियां, बेरूत में धमाके से दवाओं के साथ खाद्यन का संकट भी गहराया

जिनेवा / संयुक्‍त राष्‍ट्र (ऊँ टाइम्स) संयुक्‍त राष्‍ट्र की विभिन्‍न एजेंसियों ने भीषण विस्‍फोट के बाद तबाह हुए लेबनान के बेरूत शहर में तत्काल व्यापक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुताबिक इस विस्‍फोट में अब तक 150 से ज्‍यादा लोगों के मौत हो चुकी है और हजारों के करीब घायल हुए हैं। इसके अलावा इतनी ही तादाद में यहां पर लोग बेघर भी हुए हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र ने आशंका जताई है कि राहत और बचावकार्य के बीच हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है। आपको बता दें कि दो दिन पहले बेरूत के वेयरहाउस में 2700 किग्रा से अधिक मात्रा में रखे अमोनियम नाइट्रेट में जबरदस्‍त धमाका हुआ था। इस धमाके के बाद वहां पर कई मीटर चौड़ा गड्ढा हो गया था।
धमाका इतना तेज था कि इसकी शॉकवेव से करीब दस किमी के दायरे में मकान, गाडि़यां नष्‍ट हो गई थीं। धमाके वाली जगह के आसपास की कई इमारतें तो पूरी तरह से मलबे में तब्‍दील हो गईं थीं। इतना ही नहीं यूएन की तरफ से कहा गया है कि इस विस्‍फोट से वहां पर रखा गया जरूरी दवाओं का स्‍टॉक भी बर्बाद हो गया है। इसकी वजह से खाने-पीने की चीजों पर भी संकट पैदा हो गया है। सरकार की तरफ से इस बात की आशंका जताई गई है कि वेयर हाउस में रखे अमोनियम नाइट्रेट के रखरखाव की सही व्‍यवस्‍था करने में कर्मचारियों ने जबरदस्‍त लापरवाही बरती थी। सरकार की तरफ से इस घटना के जिम्‍मेदार कर्मचारियों को बख्‍शे न जाने की बात तक कही गई है। वहीं विस्‍फोट के बाद अपना सब कुछ खो चुके लोग भी सरकार पर अंगुली उठा रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है इसका जिम्‍मेदार कौन है। इस धमाके के बाद फ्रांस के राष्‍ट्रपति भी स्थिति का जायजा लेने लेबनान पहुंचे थे। कई देशों ने इस घटना के बाद लेबनान को सहायता भेजी थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता क्रिस्टियान लिंडमियर ने घटना के बाद की जानकारी देते हुए कहा है कि इस धमाके के बाद बहुत से लोगों के बारे में कोई जानकारी हाथ नहीं लग सकती है। अस्‍पतालों में इतनी बड़ी संख्‍या में घायल पहुंचे हैं कि उनको काफी दबाव में काम करना पड़ रहा है। जिनेवा में की गई वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये उन्होंने बताया कि तीन केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाए ठप हो गई हैं जबकि दो अन्य केंद्रों को भी इस धमाके से आंशिक क्षति पहुंची है। यूएन एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा है कि फिलहाल घायलों का इलाज करने, उनकी तलाश और बचाव का कार्य सबसे बड़ा है। उन्‍होंने कहा है कि फिलहाल में मलबे से लोगों को जिंदा बाहर निकालना बड़ी चुनौती है और यही प्राथमिकता भी है। उनके मुताबिक धमाके के इतने दिन बाद भी बहुत से लोग अब भी मलबे में दबे हुए हैं जिनके जीवन पर समय के साथ संकट बढ़ता ही जा रहा है। उन्‍होंने इस दौरान मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया जिनमें कहा जा रहा है कि मलबे में कई लोग जिंदा दबे हुए हैं।
यूएन एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि बेरूत में बचाव अभियान चलाने के साथ-साथ प्रभावित लोगों के लिये भोजन, शरण, दवाएं मेडिकल उपकरणों की आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही ऐसी बीमारियों के उपचार की व्यवस्था भी की जा रही है जिनका इलाज अब अस्पताल में संभव नहीं है। यूएन की तरफ से ये भी कहा गया है कि अमोनियम नाइट्रेट के भीषण धमाके के बाद शहर की हवा में हानिकारक कण घुल गए हैं, जो बेहद चिंता का सबब बन गए हैं। प्रवक्‍ता के मुताबिक लेबनान के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने इस धमाके के दो घंटे बाद हवा में मौजूद विषाक्तता के स्तर की जांच की थी।.
एजेंसी की तरफ से कहा गया है कि इस वक्‍त सबसे बड़ी और पहली प्राथमिकता सबसे निर्बल लोगों को चिकित्सा सहित अन्य जरूरी मदद प्रदान करना है। लेबनान पर ये संकट ऐसे समय में आया है जब पूरा विश्‍व और खुद लेबनान कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा है और इसके कारण शहर के अस्‍पतालों में पहले से ही काफी मरीज हैं। यहां पर कोविड-19 संक्रमण के मामलों में भी उछाल आया है दो दिन पहले यहां पर इसके 225 मरीज सामने आए हैं। आपको बता दें कि लेबनान में कोविड-19 के अब तक 5951 मामले दर्ज किये गए हैं और 70 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस धमाके का सबसे बड़ा नुकसान ये भी हुआ है कि इसकी वजह से इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए जुटाए गई मेडिकल बचाव सामग्री भी नष्ट हो गई है। इसकी वजह से यहं पर हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने राहत अभियान को सहारा देने के लिये डेढ़ करोड़ डॉलर की राशि की अपील जारी की है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस विस्फोट में 80 हजार से ज्‍यादा ऐसे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं जिनमें बच्चे रहते थे। अनेक घरों में पीने का पानी और बिजली की आपूर्ति इस धमाके की वजह से अब पूरी तरह से ठप हो गई है।
यूएन एजेंसी संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विस्‍फोट का असर यहां पर रह रहे शरणार्थियों पर भी पड़ा है। इसमें शरणर्थी भी बड़ी संख्‍या में हताहत हुए हैं। गौरतलब है कि अनेक देशों में हिंसक संघर्षों के कारण विस्थापित हुए लगभग 15 लाख लोग भी लेबनान में ही रहते हैं। इनमें एक बड़ी संख्या सीरियाई नागरिकों की है। धमाके के बाद लाखों लोगों के सामने स्‍थायी घरों में शरण लेना मजबूरी बन गया है। हालात के मद्देनजर यूएन की तरफ से शरण संबंधी किट, प्लास्टिक शीट, कंबल और गद्दे सहित अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथा वेंटीलेटर, मेडिकल आपूर्ति और अन्य उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है।
इस धमाके की वजह से अनाज के भी कई भंडर बर्बाद हो गए हैं। इसकी वजह से खाद्य सुरक्षा पर संकट की आशंका जताई गई है। विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने प्रभावित लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए लेबनान में खाद्य सुरक्षा के लिये अनाज और आटे का आयात करने घोषणा की है। यूएन एजेंसी के सर्वेक्षण में ये बात भी सामने आई है कि लॉकडाउन के बाद लेबनान में भोजन की उपलब्धता बड़ी चिंता का एक कारण बन गई है। यहां पर हर दो में से एक व्यक्ति को भरपूर भोजन नहीं मिल रहा है जिस पर यूएन ने चिंता जताई है।

विकास दुबे का साथी उमाकांत शुक्ला आज खुद थाने में जाकर किया सरेंडर

कानपुर (ऊँ टाइम्स)  दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के साथ कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस की टीम पर हमला करने के आरोपितों को अब पुलिस एनकांउटर का डर सता रहा है। दो जुलाई की आधी रात के बाद भी इस घटना में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपित विकास दुबे दस जुलाई को एसएटीएफ के हथों एनकाउंटर में मारा गया, जबकि अन्य पांच अन्य भी एनकाउंटर में मारे गए हैं। एसटीएफ के साथ पुलिस भी अन्य नामजद की तलाश में हैं।.
कानपुर में बिकरू कांड में नामजद उमाकांत शुक्ला ने चौबेपुर थाना में आज सरेंडर कर दिया। अपने परिवार के साथ थाना पहुंचे उमाकांत शुक्ला ने गले में तख्ती लटकाई थी। जिसमें खुद के विकास दुबे का साथी होने और कानपुर कांड के बाद आत्मग्लानि की लिखी थी। उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से रहम की गुहार लगाते हुए कहा कि मैं सरेंडर करने आया हूं।.
उत्तर प्रदेश के बाद देश को भी चर्चा में लाने वाले कानपुर के बिकरू कांड का एक और आरोपी आज पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की जघन्य हत्या को अंजाम देने वाले विकास दुबे के शार्पशूटर उमाकांत शुक्ला ने चौबेपुर थाना पहुंचने के बाद वहां सरेंडर कर दिया। उमाकांत शुक्ला शनिवार को अपनी पत्नी और बेटी के साथ चौबेपुर थाने पहुंचा।
उमाकांत शुक्ला ने पुलिस से कहा मेरा नाम उमाकांत शुक्ला उर्फ गुड्डन है। कानपुर कांड में मैं विकास दुबे के साथ शामिल था। मुझे पकडऩे के लिए कई जगह पुलिस रोज छापेमारी कर रही है, जिससे मैं बहुत डरा हुआ हूं। हमने जो कृत्य किया, उसकी हमें बहुत आत्मग्लानि है। मैं खुद पुलिस के सामने हाजिर हो रहा हूं। मेरी जान की रक्षा की जाए, मुझ पर रहम किया जाए। इस दौरान उमाकांत शुक्ला की बेटी ने पुलिस से हाथ जोड़कर गुजारिश की कि उसके पापा सरेंडर करने आए हैं, पुलिस उस पर रहम करे। उनका एनकांउटर न हो।
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई को आधी रात के बाद विकास दुबे को पकडऩे के लिए पुलिस टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौके पर मौत हो गई थी। 

एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान गिरा खाई में , दो टुकड़ों में बंटा, 18 की हुई मौत, 174 लोग बचाए गये

कोझिकोड (ऊँ टाइम्स)  वंदे भारत अभियान के तहत खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को वापस ला रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर हादसे का शिकार हो गया। भारी बारिश के चलते रनवे पर पानी भरा था और लैंडिंग के समय विमान फिसलकर लगभग 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में 17 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें दोनों पायलट भी शामिल हैं। विमान में कुल 190 लोग सवार थे। 174 लोगों को बचा लिया गया है। हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई की हालत नाजुक बनी हुई है। पीएम मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन से बात की और उन्‍हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है। 

दो टुकड़े में बंट गया प्‍लेन – एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में कहा है कि बोइंग 737 विमान दुबई से कालीकट आ रहा था। कोझिकोड के कारीपुर एयरपोर्ट के टेबलटॉप रनवे संख्या 10 पर शुक्रवार की शाम सात बजकर 41 मिनट पर उतरते हुए हादसे का शिकार हो गया और उसके दो टुकड़े हो गए। पहले हिस्से को ज्यादा नुकसान पहुंचा। 

कैसे हुआ यह हादसा-

1- लैंडिंग के दौरान बारिश हो रही थी और रनवे पर पानी भरा था

2- बारिश के चलते रोशनी भी कम थी, जो हादसे की वजह बनी

3- विमान रनवे खत्म होने के बाद आगे बढ़ता गया और खाई में गिर गया

4- विमान के दो टुकड़े हो गए, अगले हिस्से को ज्यादा नुकसान पहुंचा

5- विमान में आग नहीं लगी, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई

… यदि आग लग जाता तो भयावह होता मंजर – गनीमत रही कि विमान में आग नहीं लगी जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारियों ने कहा कि हालांकि, सौभाग्य से हादसे के बाद विमान में आग नहीं लगी, नहीं तो जानमाल का ज्यादा नुकसान हो सकता था। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी डीजीसीए ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। विमान के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। 
एयर इंडिया एक्सप्रेस के इस विमान में कुल 191 लोग सवार थे। इनमें 174 यात्री, 10 नवजात, दो पायलट और चालक दल के पांच सदस्य शामिल हैं।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान जारी कर कहा है कि हादसे में दोनों पायलट कैप्टन दीपक साठे और सह पायलट अखिलेश कुमार की मौत हो गई है। मलप्पुरम जिले के कलेक्टर के. गोपालकृष्णन ने बताया कि घायलों को कोझिकोड और मल्लपुरम के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। करीब डेढ़ घंटे तक चले बचाव कार्य में सभी यात्रियों और सामान को विमान से निकाल गया। 174 लोगों को बचा लिया गया है। 
हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे इंडियन एयरफोर्स के पूर्व विंग कमांडर थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र थे। उन्हें राष्ट्रपति पदक भी प्रदान किया गया था। उन्होंने जून1981 में सोर्ड ऑफ ऑनर के साथ वायुसेना अकादमी को पास किया था। वायुसेना की नौकरी के बाद दीपक ने एयर इंडिया की कॉमर्शियल सर्विसेज जॉइन कर ली थी। दीपक साठे के पिता सेना में ब्रिगेडियर हैं। उन्होंने अपना दूसरा बेटा खोया है। उनके पहले पुत्र कारगिल युद्ध में शहीद हुए थे।

हेल्पलाइन किया गया है नंबर जारी – इस हादसे का शिकार हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस में सवार लोगों के परिजनों को सूचना मुहैया कराने के लिए भारत, दुबई और शरजाह में कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। भारतीय दूतावास ने दुबई में +97156 543903, +971543090572, +971543090571, +971543090575 जारी किया है। शरजाह के लिए हेल्पलाइन नंबर है +97165970303 जबकि विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर 1800 118 797, +91 11 23012113, +91 11 23014104, +91 11 23017905 और +91 11 23018158 जारी किए हैं, जो 24 घंटे काम करेंगे।
बारिश के चलते कम रोशनी भी हादसे की एक वजह बनी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कोझिकोड के कारीपुर एयरपोर्ट के रनवे संख्या 10 पर विमान की लैंडिंग के वक्त भारी बारिश हो रही थी। भारी बारिश के चलते दृश्यता करीब दो हजार मीटर ही थी। भारी बारिश के चलते विमान (Air India flight, IX-1344) रनवे से आगे फिसलते चला गया और घाटी में गिरकर दो टुकड़ों में बंट गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्‍यमंत्री पी. विजयन से इस विमान दुर्घटना के बारे में फोन पर जानकारी ली है। केरल मुख्‍यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि कोझीकोड और मलप्पुरम जिला कलेक्टरों और आइजी अशोक यादव समेत अधिकारियों की टीम हवाई अड्डे पर बचाव अभियान में जुटी हुई है। PM मोदी ने कहा है कि कोझीकोड में हुए विमान हादसे से बहुत आहत हूं। मेरे विचार उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। प्रार्थना करता हूं कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं।  
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआइबी) इस हादसे की जांच करेगा। पुरी ने ट्वीट कर कहा कि कोझीकोड में हुए हवाई हादसे में बहुत व्यथित हूं। यात्रियों की मदद के लिए हर कोशिश की जा रही है। 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि केरल के कोझीकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान दुर्घटना की जानकारी बेहद दुखद है।  
केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने मलाप्‍पुरम कलेक्‍टर के हवाले से बताया है कि घटनास्‍थल पर राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है। विमान में सवार सभी घायलों को मलाप्‍पुरम और कोझिकोड के विभिन्‍न अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री विजयन ने राहत अभियान में समन्वय के लिए राज्य के मंत्री एसी मोईदीन को तैनात किया था। राहत कार्य पर नजर रखने के लिए आईजी स्तर के एक अधिकारी की भी तैनाती की गई थी। राहत और बचाव कार्य में कोझीकोड और मल्लाप्पुरम जिलों के अग्निशमन और एनडीआरएफ कर्मी लगे थे। 
राष्ट्रपति ने इस हादसे पर दुख जताया – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने हादसे पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा है कि केरल के कोझिकोड में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने से बेहद दुखी हूं। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से बात करके स्थिति की जानकारी ली है। प्रभावित यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करता हूं।   

सन् 2010 में भी हुई थी ऐसी ही घटना – पिछली घटनाओं पर नजर डाले तो साल 2010 में मैंगलूरू एयरपोर्ट पर भी ऐसा ही हादसा हुआ था जिसमें 158 लोगों की मौत हो गई थी। कारीपुर एयरपोर्ट एक टेबलटॉप रनवे माना जाता है जहां विमान की लैंडिंग कराने वाले पायलटों को खास प्रशिक्षण की जरूरत होती है। यह रनवे काफी ऊंचाई पर है और इसके पास में गहरी खाई है।
हादसे की एक और वजह कोझिकोड के रनवे की भौगोलिक स्थिति को माना जा रहा है। यह रनवे टेबलटॉप है। इसका मतलब है कि हवाई पट्टी एक ऐसे ऊंचाई वाले इलाके में स्थित है, जिसके आसपास खाई यानी घाटी है। इसका स्वरूप एक मेज की तरह होता है। टेबलटॉप में रनवे खत्म होने के बाद आगे ज्यादा जगह नहीं होती है। ऐसे में रनवे पर उतरते हुए विमान के आगे निकल जाने का खतरा बढ़ जाता है। हादसा भी ऐसे ही हुआ।
टेबलटॉप रनवे जोखिम वाले होते हैं। लैंडिंग और उड़ान के दौरान काफी सावधानी बरतनी होती है, जिसके कारण पायलट भी काफी दक्ष होना जरूरी होता है। ज्यादातर ऐसे रनवे पठार या पहाड़ के टॉप पर बने होते हैं। कोझिकोड के अतिरिक्त मेंगलुरु (कर्नाटक) और मिजोरम में टेबलटॉप रनवे हैं।

बिग बी बच्चन सहित कई 65 प्लस फिल्मी कलाकारों को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने निरस्त किया महाराष्ट्र सरकार का आदेश

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बॉम्बे हाई कोर्ट से 65 साल से अधिक उम्र वाले कलाकारों और तकनीशियनों को बड़ी राहत मिली है। अब उम्रदराज़ कलाकार सेट पर वापस लौट सकेंगे और शूटिंग में भाग ले सकेंगे। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसमें कोविड-19 महामारी के प्रकोप के मद्देनज़र 65 से अधिक वाले कलाकारों और तकनीशियनों को शूटिंग करने से रोक दिया गया था। 
जस्टिस एसजे कथावाला और आरआई चागला की बेंच ने 30 मई और 23 जून को जारी की गयी सरकारी एडवाइज़री पर अपना फ़ैसला दिया है। हालांकि, बेंच ने यह साफ़ कर दिया है कि फ़िल्म और टीवी इंडस्ट्री में काम करने वाले 65 प्लस लोगों के लिए बाकी एडवाइज़री यथावत रहेंगी। इंडियन फ़िल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अशोक पंडित ने ट्वीट करके इस फ़ैसले की जानकारी दी और बधाई दी।
उन्होंने लिखा- इम्पा को महाराष्ट्र सरकार के GR के ख़िलाफ़ केस जीतने के लिए दिली मुबारकबाद, जिसमें 65 साल से अधिक के कलाकारों को काम करने से रोका गया था। यह मूल अधिकार के ख़िलाफ़ था। यह निर्माताओं, तकनीशियनों और कर्मियों के लिए बहुत बड़ी राहत है।
आप को बता दें कि महाराष्ट्र सरकार के आदेश के ख़िलाफ़ टीवी आर्टिस्ट प्रमोट पांडेय (70 साल) और इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने अधिवक्ता अशोक सराओगी के ज़रिए याचिका डाली थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने फ़ैसला दिया। दोनों याचिकाएं मिशन बिगिन अगेन इनिशिएटिव के तहत दायर की गयी थीं। महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले बेंच को बताया था कि इस तरह का प्रतिबंध ऐसे कलाकारों के भले के लिए ही लगाया गया है, ताकि वो कोरोना वायरस पैनडेमिक से बचे रहें। 
आप को बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट के इस फ़ैसले से फ़िल्म और टीवी इंडस्ट्री के कई कलाकारों को राहत मिलेगी। इनमें अमिताभ बच्चन समेत ऐसे तमाम आर्टिस्ट और फ़िल्ममेकर हैं, जो 65 का पड़ाव पार कर चुके हैं, मगर फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और आज भी अपने काम से हैरान करते हैं।

राजीव महर्षि की जगह गिरीश चंद्र मुर्मू नए सीएजी नियुक्त किए गए

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार ने जीसी मुर्मू को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से त्यागपत्र देने के एक दिन बाद देश का नया नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) नियुक्त किया है। मुर्मू राजीव महर्षि का स्थान लेंगे। इस बारे में वित्‍त मंत्रालय ने गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी किया गया। गिरीश चंद्र मुर्मू शनिवार को राष्ट्रपति भवन में सीएजी के रूप में शपथ लेंगे। उन्‍होंने बुधवार को जम्‍मू-कश्‍मीर के उपराज्‍यपाल पद से इस्‍तीफा दिया था। 1978 बैच के राजस्थान कैडर के आइएएस अधिकारी महर्षि का कार्यकाल सात अगस्त को पूरा हो रहा है। महर्षि को साल 2017 में सीएजी नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का रहा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को उनकी जगह जम्मू-कश्मीर का नया राज्यपाल बनाया गया है। 1985 बैच के गुजरात कैडर के आइएएस अफसर मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पहले भी काम कर चुके हैं। उस समय पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुर्मू ने जिस समय जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल पद से त्यागपत्र दिया था, उस समय यह निश्चित नहीं था कि यह संवेदनशील जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। हालांकि, उनके त्यागपत्र के एक दिन बाद ही मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल बनाने का एलान कर दिया गया। इसके साथ ही मुर्मू को भी कैग के रूप में नई जिम्मेदारी दे दी गई।
जीसी मुर्मू राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल रहे। उन्‍हें 31 अक्‍टूबर, 2019 को नियुक्‍त किया गया था। उनका कार्यकाल 9 महीने का रहा। जीसी मुर्मू ने 31 अक्टूबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्‍यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। उन्होंने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था।
60 वर्षीय गिरीश चंद्र मुर्म 1985 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस रहे हैं। गुजरात में तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहते हुए राज्य सरकार की सभी प्रमुख परियोजनाओं की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था। मुर्म ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले के वेतनटी में पैदा हुए। उन्‍होंने भुवनेश्‍वर की उत्‍कल यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पीजी किया। मुर्मू ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल की है। इसी साल एक मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें वित्त मंत्रालय में विशेष सचिव (राजस्व) पद से पदोन्नत कर व्यय सचिव बनाया था। उन्हें सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जाना जाता है। उन्‍हें काफी सरल और जमीनी स्‍तर का आईएएस बताया जाता है। 

आतंकवादियों ने गोली मारकर भाजपा नेता सज्जाद अहमद का किया हत्या

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  दक्षिण कश्मीर के वेस्सु, कुलगाम में आतंकियों ने बुधवार की सुबह सरपंच सज्जाद अहमद खांडे की उनके घर के पास ही गोली मारकर हत्या कर दी। बीते तीन दिनों में कुलगाम में यह भाजपा से जुड़े सरपंच पर दूसरा हमला है। बीते एक माह के दौरान कश्मीर में चार भाजपा नेताओं को आतंकी मौत के घाट उतार चुके हैं। इस बीच, भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने सज्जाद अहमद की हत्या को एक कायरना कृत्य करार देते हुए कहा कि सज्जाद की शहादत से कश्मीरियों का आतंकवाद के समूल नाश का संकल्प और मजबूत होगा।
कुलगाम से मिली सूचनाओं में बताया गया है कि कुलगाम भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष और वेस्सु के सरपंच सज्जाद अहमद खांडे आज सुबह ही वेस्सु स्थित कश्मीरी पंडित ट्रांजिट कालोनी से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज के तहत कश्मीर में नौकरी प्राप्त करने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए वादी में कई जगह ट्रांजिट आवासीय कालोनियां बनायी गई हैं। वेस्सु में भी ऐसी ही एक कालोनी है। आतंकियों की हिटलिस्ट में शामिल दक्षिण कश्मीर के कई पंचायत व नगर निकायों के प्रतिनिधियों को प्रशासन ने इस कालोनी में आवासीय सुविधा प्रदान कर रखी है।
सरपंच सज्जाद अहमद खांडे आज सुबह विस्सु ट्रांजिट कालोनी से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। जब वह अपने घर से करीब 20 मीटर की दूरी पर थे, आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। आतंकियों ने उन्हें नजदीक से निशाना बनाया। गोली लगते ही सज्जाद अहमद खांडे जमीन पर गिर पड़े औेर आतंकी उन्हें मरा समझ वहां से चले गए। आतंकियों के जाते ही घायल सज्जाद अहमद खांडे को उनके परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस बीच, हमले की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हमले के समय मौके पर मौजूद कुछ लोगाें से बातचीत के आधार पर हमलावर आतंकियों के सुराग जुटा, उन्हें पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान चलाया है। इस अभियान में सीआरपीएफ और सेना के जवानों की भी मदद ली जा रही है। हमले में दो आतंकी शामिल थे। उन्हाेंने पिस्तौल से फायर किया है। एसपी कुलगाम गुरींद्रपाल ने कहा कि हत्यारों के बारे में कुछ अहम सुराग मिले हैं, हम उन्हें जल्द ही पकड़ लेंगे।.
इस बीच, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अल्तफ ठाकुर ने सज्जाद अहमद खांडे की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा आतंकी अपने कायरना कृत्यों से हमें नहीं डरा सकते। सज्जाद अहमद की शहादत कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के हम कश्मीरियों के संकल्प को और मजबूत बनाएगी। उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों में कुलगाम में यह किसी भाजपा नेता पर दूसरा हमला है। इससे पूर्व चार अगस्त को आखरन में सरपंच आरिफ अहमद पर हमला हुआ था, इस समय वह अस्पताल में उपचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्रदेश प्रशासन और पुलिस महानदिशेक दिलबाग सिंह से अपील है कि वह कश्मीर के सभी पंचायत प्रतिनिधियों और मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा का पुख्ता बंदाेबस्त करें। हमने उन्हें अपनी पार्टी के कुछ नेेताओं की सूची भी सौंपी है, जिन्हें आतंकियों से खतरा है और उन्हें जल्द सुरक्षा प्रदान किया जाना जरुरी है।.
 कश्मीर में बीते दो माह के दौरान आतंकियों के हमले में दो सरपंच शहीद हुए हैं। आज सुबह वेस्सु कुलगाम में सज्जाद अहमद की हत्या से करीब दो माह पहले 8 जून आतंकियों ने लरकीपोरा, अनंतनाग में कांग्रेस से संबधित सरपंच अजय पंडिता की उनके घर के बाहर गाेली मारकर हत्या कर दी थी। गत मंगलवार की रात को आतंकियों ने कुलगाम के आखरन में भाजपा से संबधित सरपंच आरिफ अहमद की हत्या का प्रयास किया था। आरिफ इस समय श्रीनगर के एक अस्पताल में उपचाराधीन है। बीती आठ जुलाई को आतंकियाें ने बांडीपोर में भाजपा नेता वसीम बारी की उनके पिता और भाई संग हत्या की थी। वसीम बारी के भाई और पिता भी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता थे।

कोविड अस्पताल अहमदाबाद में आग लगने से 8 की हुई मौत, सीएम की ओर से 4-4 लाख रुपये की सहायता

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स) यहां पर  महानगर के सबसे पॉश नवरंगपुरा इलाके में स्थित स्पेशल कोविड श्रेय अस्पताल के आईसीयू वार्ड में वीरवार रात करीब 3 बजे लगी आग में आठ कोरोना मरीजों की झुलस कर मौत हो गई। मामले की पूछताछ के लिए गुजरात के एसीपी एलबी जला के अनुसार नवरंगपुरा पुलिस ने अस्पताल के ट्रस्टी भरत महंत और एक वार्ड बॉय को हिरासत में ले लिया गया है। 
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने तत्काल घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देेेेते हुुुए, मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है!
आरोप है कि श्रेय हॉस्पिटल में फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं थे। वीरवार तड़के करीब 3:00 बजे अचानक अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लग गई जिसमें 5 पुरुष वह तीन महिलाओं की झुलसने के कारण मौत हो गई। श्रेय अस्पताल 50 बेड का कोविड-19 अस्पताल है। अस्पताल के पास फायर सेफ्टी के साधन नहीं होने वह फायर ब्रिगेड का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं होने की भी बात सामने आ रही है। घटना के दौरान करीब 40 से 45 मरीज यहां भर्ती थे। यह सभी कोरोना संक्रमित थे जिन्हें महानगर पालिका संचालित सरदार वल्लभभाई पटेल हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। 
अहमदाबाद महानगरपालिका के विशेष अधिकारी आईएएस डॉ राजीव गुप्ता ने कहां है कि श्रेय हॉस्पिटल की घटना को लेकर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन इस अस्पताल से अब तक 350 कोरोना संक्रमित रोगों का उपचार किया जा चुका है। सरकार ने घटना की जांच के लिए 3 दिन का वक्त दिया है। घटना के कारणों वह अन्य विषय पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।
अहमदाबाद के अस्पताल में आग लगने से जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) की ओर से 2 लाख दिए जाएंगे। अस्पताल में आग लगने के कारण घायल हुए लोगों में से प्रत्येक को 50,000 दिए जायेगे!अहमदाबाद के एक अस्पताल में एक आग की दुखद दुर्घटना के कारण जानमाल के नुकसान से गहरा दुख हुआ। दुख की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ मेरी संवेदना हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।
मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इन मरीजों की खास देखभाल करने वह स्वास्थ्य सुविधाओं व सेवाओं का विशेष प्रबंध करने के भी निर्देश स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव डॉक्टर जयंती रवि को दिए हैं। फायर विभाग की करीब 8 गाड़ियां एवम 10 एम्ब्युलेंस देर रात मौके पर थी मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य किया। सभी शव पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजें गये हैं।
 मरीजो की जानकारी परिवारजनों को नही दिए जाने के चलते यहां मरीजों के परिजनों व अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद भी हुआ। बाकी मरीजो को एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने इस घटना पर दुख जताते हुए गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव संगीता सिंह शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश कुमार को इसकी जांच सौंप दी है। जांच रिपोर्ट तीन दिन में सरकार को सुपुर्द की जाएगी। 
 अहमदाबाद सेक्‍टर 1 के जेसीपी राजेंद्र असारी ने बताया कि आग लगने के अस्‍पताल में उपचाराधीन आठ लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य रोगियों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस मामले की पूरी जांच की जाएगी।
अस्पताल में भर्ती लगभग 40 अन्य रोगियों को भीषण आग के बाद सिविक बॉडी द्वारा संचालित एसवीपी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अस्‍पताल के आइसीयू विभाग में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और धीरे-धीरे फैलती चली गयी। 

टीवी एक्टर समीर शर्मा की हुई संदिग्ध हालात में मौत, पंखे से लटकता मिला उनका शव

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) आज टीवी की दुनियां के जाने माने अभिनेता समीर शर्मा की लाश पंखे से लटकी हुई मिली है। समीर शर्मा लगभग 44 साल के थे । यह आत्म हत्या है या मर्डर यह अभी कन्फर्म नहीं हो पाया है! समीर का शव घर के किचन में लगे पंखे से लटका मिला है। हालांकि मौत के पीछे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है और न ही उनके पास से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है। समीर छोटे पर्दे के फेमस एक्टर थे वो कई सीरियल्स में नज़र आ चुके थे, जैसे ‘ये रिश्ते हैं प्यार के’, ‘कहानी घर घर की’, ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, ‘इस प्यार को क्या नाम दें’ !
पता चला है कि समीर ने इस साल फरवरी में ही यह घर किराए पर लिया था। रात को जब वॉचमैन राउंड ड्यूटी पर था, उस दौरान उसने समीर की बॉडी पंखे पर लटकी देखी तो बाकी सोसाइटी के लोगों को इस बारे में जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस को इस बारे में सूचना दी गई। पुलिस को शक है कि समीर दो दिन पहले ही आत्महत्या कर चुके थे। फिलहाल पुलिस को अभी तो उनके पास से कोई नोट नहीं मिला है।
मलाड पुलिस ने बताया कि, ‘बीती रात की समीर शर्मा का शव उनके घर के पंखे से लटका हुआ मिला है। बॉडी की हालत को देखकर लगता है कि उन्होंने दो दिन पहले ही आत्महत्या कर लिया था। फिलहाल एक्सीटेंडल डेथ की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और बॉडी को अटोप्सी के लिए भेज दिया गया है।
कौन थे समीर शर्मा :-  समीर दिल्ली के रहबने वाले थे। बाद में पढ़ाई के सिलसिले में बैंगलोर शिफ्ट हो गए। इसके बाद उन्होंने एक विज्ञापन एजेंसी में काम किया। बैंगलोर में समीर कुछ समय तक रेडियो सिटी में भी कार्यरत रहे। इसके बाद एक्टिंग की दुनिया में करियर की बनाने के लिए मुंबई चले आए। पहली बार स्टार वन के सीरियल ‘दिल क्या चाहता है’ के साथ डेब्यू किया।
‘दिल क्या चाहता है’ के बाद समीर को स्टार प्लस का फेमस शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ऑफ़र हुआ। इसमें उन्होंने तुषार का करिदार निभाया। इसके अलावा वह कहानी घर घर शो में भी नज़र आए। सब टीवी के फेमस सो लेफ्ट राइट लेफ्ट की भी हिस्सा बने। इसके बाद समीर लगातार टीवी में सक्रिय रहे हैं। हाल ही में वह ये रिश्ता है प्यार के में नज़र आ रहे थे।

आज राम नाम से गूंजा अमेरिका, देशभर में लोगों ने घरों में जलाया दीपक

नई दिल्ली / वाशिंगटन (ऊँ टाइम्स)  आज अयोध्या में भूमि पूजन पर अमेरिका में भी ‘राम नाम’ की बम्पर गूंज सुनाई दी। देशभर के मंदिरों में विशेष प्रार्थना की जा रही है। वर्षों पुरानी इच्छा पूरी होने पर यहां रह रहे भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने दीप जलाकर अपनी खुशी व्यक्त की। राम मंदिर की डिजिटल तस्वीरों वाली झांकी भी निकाली गई।
भूमि पूजन के शुभ अवसर पर पूरे अमेरिका में वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक आयोजनों की संख्या सीमित रही।
वाशिंगटन में विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने कैपिटल हिल तक राम मंदिर की डिजिटल तस्वीरों वालों झांकी निकाली। यह झांकी शहर में भी घूमी। इस दौरान जय श्री राम का उद्घोष गूंजता रहा। दूसरे शहरों में भी हिंदू समुदाय के लोगों ने घरों में दीये जलाए। कैलिफोर्निया के सामुदायिक नेता अजय जैन ने भारतीयों, खासकर भगवान राम के भक्तों को बधाई दी।
न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित टाइम्स स्क्वायर पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। यहां विशालकाय पर्दों पर भगवान राम और प्रस्तावित मंदिर की तस्वीरें प्रदर्शित की जा रही हैं।
भारतीय समुदाय की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि लोग अपने घरों में पूजा-पाठ के अलावा दीप जला रहे हैं। कइयों के लिए तो दीवाली पहले ही आ गई है। यहां भारतीयों का उत्साह चरम पर है।

आज अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा – संकल्प पूरा हुआ

अयोध्या (ऊँ टाइम्स)  अयोध्या में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का विधि विधान से भूमि पूजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत भी भूमि पूजन में शामिल हुए। इस दौरान अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरा देश आनंद से भर गया है। आज हमारा संकल्प पूरा हुआ है। उन्होंने इस दौरान राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले संघ के लोगों को याद किया और उनके योगदान को सराहा।.
इस मौके पर मोहन भागवत ने भारत की प्राचीन परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा देश ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ में विश्वास करता है यानि हमारे लिए विश्व एक परिवार है। हम सभी को साथ लेकर चलने में यकीन करते हैं। भागवत ने कहा कि आज एक नए भारत की नई शुरुआत है।.
श्रीरान जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन पर दिए गए अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि यह आनंद का क्षण है। उन्होंने कहा कि बहुत प्रकार से हमें आनंद है एक संकल्प लिया था, लेकिन मुझे याद है तब हमारे संघ के सरसंघचालक बाला साहब देवरस जी ने यह बात हमको कदम आगे बढ़ाने से पहले याद दिलाई थी। उन्होंने कहा था कि 30 साल काम करना होगा तब यह काम पूरा होगा। आज हमने उस संकल्प को पूरा कर दिया। इस संकल्प की पूर्ति का आनंद मिल रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि राम मंदिर के लिए अनेक लोगों ने बलिदान दिए हैं और वह सूक्ष्मरूप में यहां उपस्थित हैं।
भागवत ने कहा कि ऐसे बहुत से लोग हैं जो आज यहां आ नहीं सकते। इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि आडवाणी जी अपने घर में बैठकर इस कार्यक्रम को देख रहे होंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में आनंद की लहर है। लोगों की सदियों की आस पूरे होने की खुशी है। सबसे बड़ा आनंद है भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिस आत्मविश्वास की आवश्यकता थी, जिस आत्म भान की आवश्यकता थी उसका शुभारंभ आज हो रहा है।
उन्होंने राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाले लोगों को याद दिया है। भागवत ने कहा कि आज अगर अशोक जीहोते तो कितना अच्छा होता. रामचंद्र दास जी होते तो और अच्छा होता, लेकिन मेरा विश्वास है शरीर से जो नहीं हैं वह सूक्ष्म रूप से आनंद उठा रहे होंगे।
आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा कि अब हमको अयोध्या को सजाना-संवारना है।संपूर्ण विश्व को सुख शांति देने वाले भारत को हम खड़ा कर सकें, इसलिए हमें योद्धा बनना है। इस मंदिर के पूर्ण होने से पहले हमारा मन मंदिर बनकर तैयार रहना चाहिए, इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। भागवत बोले कि  हमारे हृदय में भी राम का बसेरा होना चाहिए।

अयोध्या का यह श्रीराम मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा : पीएम मोदी

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज इतिहास रचा गया है। वर्षों तक अदालत में मामला चलने के बाद आज अयोध्या में राम मंदिर की नींव पड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया है। पीएम मोदी ने अयोध्या पहुंच हनुमानगढ़ी में पूजा की, जिसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए। भूमि पूजन के दौरान मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ समेत कई मेहमान शामिल रहे। हर अतिथि को चांदी का सिक्का दिया गया, जिसमें राम दरबार की तस्वीरअंकित है।भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न होने पर प्रधानमंत्री ने अयोध्या की माटी को अपने माथे पर लगाया और प्रणाम किया। सियावर राम चंद्र की जय के साथ पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि सदियों से चल रहे टूटने और उठने के क्रम से राम जन्मभूमि आज मुक्त हुई है। श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। अपने अभिभाषण में पीएम ने राम से प्रेरणा लेने की सीख दी।
बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। टूटना और फिर उठ खड़ा होना, सदियों से चल रहे इस व्यतिक्रम से रामजन्मभूमि आज मुक्त हो गई है। पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। राम जन्म भूमि के पवित्र आंदोलन से जुड़ा हर व्यक्ति जो जहां है इस आयोजन को देख रहा है वह भाव विभोर है सभी को आशीर्वाद दे रहा है साथियों राम हमारे मन में गड़े हुए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए। इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं। श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं। कोई काम करना हो, तो प्रेरणा के लिए हम भगवान राम की ओर ही देखते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मेरा यहां आना बड़ा स्वाभाविक भी था क्योंकि राम काज कीने बिन मोहि कहां विश्राम। भारत आज भगवान भास्कर के सामने सरयू किनारे एक नया अध्याय रच रहा है। आज श्रीराम का यह जयघोष सिर्फ सिया-राम की धरती में ही नहीं सुनाई दे रहा, इसकी गूंज पूरे विश्व में है। सभी देशवासियों को, विश्व में फैले करोड़ों राम भक्तों को आज के इस सुअवसर पर कोटि-कोटि बधाई। पीएम मोदी ने कहा कि हमें ये सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे। कैसे हमारे ज्ञान, हमारी जीवन-दृष्टि से विश्व परिचित हो, ये हम सबकी, हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की जिम्मेदारी है। हमें ध्यान रखना है, जब जब मानवता ने राम को माना है विकास हुआ है, जब जब हम भटके हैं, विनाश के रास्ते खुले हैं। हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है। हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है।
उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला ये भव्य राममंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा। यहां निर्मित होने वाला राममंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। पीएम ने कहा कि आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा प्रचलित है। मुझे विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी। आखिर राम सबके हैं, सब में हैं। तुलसी के राम सगुण राम हैं, तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं! भगवान बुद्ध भी राम से जुड़े हैं तो सदियों से ये अयोध्या नगरी जैन धर्म की आस्था का केंद्र भी रही है। राम की यही सर्वव्यापकता भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है!
पीएम मोदी ने कहा कि राम विभिन्न रूपों में मिलेंगे। वह भारत की अनेकता में एकता के सूत्र हैं। तमिल, मलयालम, बांग्ला, कश्मीर, पंजाबी में राम हैं। उन्होंने आगे कहा कि विश्व के कई लोग खुद को राम से जुड़ा हुआ मानते हैं। कंबोडिया, थाईलैंड, मलेशिया, ईरान में भी राम कथाओं का विवरण मिलेगा। नेपाल और श्रीलंका में तो राम का आत्मीय संबंध जुड़ा है। राम दुनिया के हर रूप में रचे-बसे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र और आदर्श ही महात्मा गांधी के रामराज्य का मार्ग है। राम आधुनिकता के पक्षधर हैं। राम की प्रेरणा के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है, मानवता ने जब-जब राम को माना है, विकास हुआ है। भटकने पर विनाश हुआ है। हमें संकल्पशक्ति से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है।
इस दौरान पीएम मोदी ने तमिल रामायण का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि अब हमें आगे बढ़ना है। देर नहीं करनी है। यही संदेश श्रीराम का आज के लिए है। सियापति रामचंद्र की जय-जयकार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन खत्म किया। पीएम ने कहा कि मुझे विश्वास है भगवान राम का ये मंदिर युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, मार्गदर्शन करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। ये मंदिर करोड़ों-करोड़ों लोगों की सामूहिक शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्होंने कहा कि आज भूमि पूजन का कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसे उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, वैसा ही उदाहरण देश ने पेश किया है। ये उदाहरण तब भी पेश किया गया था, जब उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया था।

पीएम ने कहा कि आज का ये दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है। राममंदिर के निर्माण की ये प्रक्रिया, राष्ट्र को जोड़ने का उपक्रम है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था, तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था। जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सबको आज 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से नमन करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामजन्मभूमि स्थल पर भगवान राम को साष्टांग प्रणाम किया और पूजा अर्चना की। रामलला विराजमान से चंद कदमों की दूरी पर प्रधानमंत्री ने पारिजात पौधे का रोपण किया। पौधारोपण के बाद प्रधानमंत्री पूजा स्थली के लिए रवाना हो गए। यहां पर पूजा के दौरान 9 शिलाओं का अनुष्ठान किया गया, इसके अलावा भगवान राम की कुलदेवी काली माता की भी पूजी की गई। इसके लिए दो हजार से अधिक स्थानों और 100 से अधिक पवित्र नदियों एवं सैकड़ों कुंडों का जल लाया गया था। 
पीएम मोदी की हेलीकाप्टर से सुबह 11:30 बजे रामजन्मभूमि परिसर से बमुश्किल 500 मीटर दूर साकेत महाविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरा। यहां से प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचे। वहां, उन्होंने राम भक्त हनुमान जी के दर्शन किए और उनकी आरती की। मंदिर की परिक्रमा करने के बाद उन्होंने हनुमान जी के सामने माथा टेका। हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन श्रीमंहत प्रेमदास जी ने पीएम मोदी को चांदी का मुकुट व रामनामी भेट कर स्वागत किया। इस दौरन उनके साथ सीएम योगी भी मौजूद रहें। हनुमानगढ़ी से प्रधानमंत्री का काफिला जन्मभूमि परिसर की ओर रवाना हो गया। वहां पर उन्होंने राम मंदिर का भूमि पूजन व शिलान्यास किया।

सुशांत सिंह मर्डर कांड की यदि हो सीबीआई जांच तो नपेंगे कई सफेदपोश और खांकीधारी के संग ब्यापारी भी

मुंबई (ऊँ टाइम्स) बहुचर्चित सुशांत सिंह के मौत का यदि सरकार वास्तव में स्वतंत्र जांच करवाना चाहती है तो उसे यह केस सीबीआई को सौंपना पड़ सकता है, क्योंकि अब तक महाराष्ट्र के सम्बन्धित अधिकारी और कर्मचारी इस हत्या को आत्महत्या ही लिखते चले आ रहे हैं! और रही बात बिहार पुलिस की तो हर संभव प्रयास के बाद भी वास्तविक जांच नहीं कर पा रही है, क्योंकि जांच में सहयोग के बजाय बाधा उत्पन्न करने का हर संभव प्रयास कर रही है महाराष्ट्र की सरकार और पुलिस! फर्जी गवाह फर्जी बयान कब तक आयेगा काम! महाराष्ट्र पुलिस और उक्त धटना से सम्बन्धित लोंगों के डर और दबाव में आकर कोई भी ब्यक्ति सही बयान देने से कतरा रहा है, क्योंकि यह प्रकरण बड़े लोगों से सम्बन्धित है, और बड़े लोग अपने तथा अपने लोगों के बचाव के लिए कुछ भी करवा सकते हैं, ऐसी धारणा लोगों में बनी हुई है, इस लिए इस केस का यदि जांच सीबीआई करेगी तो शायद सच सामने आ सकता है! मुंबई नगरी के ऐसे अनगिनत प्लानबद्ध हत्या के केसों पर पर्दा डालने की कहावत परम्परागत है! हमारे ऊँ टाइम्स के संवाददाता भी इस केस की सच्चाई का पर्दाफ़ाश करने के लिए सच्चाई जानने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोरोना वायरस के डर से सबूत नहीं ढूढ पा रहे हैं! सभी मीडिया के लोग इस केस के सभी पहलू पर नजर लगाये हुए हैं, लगता है शीघ्र ही पुलिस मीडिया को कुछ और नई जानकारी दे! फिल हाल यह केस सीबीआई के लायक ही है! ….. ( लेखक रामदेव द्विवेदी , ऊँ टाइम्स )

अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ चालू , आज से दो दिनी दीपोत्सव भी होगा

अयोध्या (ऊँ टाइम्स) भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या में  रामजन्मभूमि पर राममंदिर के लिए भूमिपूजन तो बुधवार को होगा, लेकिन यह खुशी अयोध्या के साथ-साथ देशभर में मंगलवार से ही छा जाएगी। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी लोगों से भूमिपूजन के अवसर पर चार व पांच अगस्त को पूजन, अनुष्ठान और शाम को दीपोत्सव का आह्वान किया है। इस आह्वान को अयोध्या ने शिद्दत से शिरोधार्य किया है। न केवल ट्रस्ट एवं संघ परिवार सहित भाजपा व उसके अन्य सहयोगी संगठनों की ओर से दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए लोगों तक आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं, बल्कि रामनगरी के साधु-संत भी अपने स्तर से दीपोत्सव मनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नाका हनुमानगढ़ी को देसी घी के दीपों से सज्जित करने की तैयारी है, तो एक आध्यात्मिक संस्था की ओर से अयोध्या के सभी शिवालयों और सरयू तट को देसी घी के दीपों से आच्छादित करने की तैयारी की गई है। 
प्रधानमंत्री बुधवार को मध्याह्न राम मंदिर की आधार शिला रखेंगे, तब तक भूमिपूजन का अनुष्ठान निरंतर चलता रहेगा। मंत्र जाप और ग्रंथों के पाठ के बीच मंगलवार को रामार्चा पूजन और रामार्चा कथा संयोजित है। रामार्चा पूजन और कथा का दायित्व रामनगरी के ही प्रतिष्ठित रामकुंज मंदिर के महंत रामानंददास संभालेंगे।
राम जन्मभूमि पर भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप भूमि पूजन का तीन दिवसीय अनुष्ठान सोमवार सुबह नौ बजे से शुरू हो गया है। इस अनुष्ठान की पूर्णाहुति पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि एवं शिलापूजन के साथ मंदिर की आधारशिला रखकर करेंगे। अनुष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। अनुष्ठान के शुभारंभ के मौके पर दिल्ली के आचार्य चंद्रभानु, अयोध्या के ही आचार्य इंद्रदेव एवं प्रयाग के आचार्य पंकज जैसे पारंगत वेदज्ञों के साथ 21 वैदिक आचार्यों ने पूजन किया। दिव्य मंत्रोच्चार से भव्य मंदिर के निर्माण के लिए प्रस्तावित पांच एकड़ का संपूर्ण परिसर गूंज उठा।
वास्तु देवता को केंद्र में रख कर निवेदित मंगलाचरण और जौ, अक्षत, पान-सुपारी, तिल, पुष्प, रोली आदि से षोडशोपचार पूजन के मंत्रोच्चार के साथ विधिवत कर्मकांड का क्रम घंटों तक चला। इस मौके पर यजमान के रूप में दिल्ली निवासी कारोबारी महेश भाग्यचंद्र सपत्नीक मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपये दानस्वरूप ट्रस्ट को प्रदान किये हैं। पहले दिन के पूजन में विहिप के अंतरराष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेशचंद्र एवं श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य तथा अयोध्या राजपरिवार के मुखिया बिमलेंद्रमोहन मिश्र भी शामिल हुए। गौरी-गणेश, भूमि-वास्तु, और पंचांग देवता के पूजन का क्रम कुछ देर में तो थमा, पर भगवान राम सहित गौरी-गणेश, भूमि-वास्तु आदि के मंत्र जाप एवं वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस एवं गीता का अनवरत पारायण आगे बढ़ता गया। अयोध्या की रिपोर्टिंग कर रहे अश्विनी द्विवेदी के मुताबिक आज से ही यहां का माहौल दीपावली और देवमय हो गया है! हर तरफ लोग बेहद खुशहाल नजर आ रहे हैं !

आतंकियों द्वारा हिंसा भड़काने की आशंका के कारण श्रीनगर में फिर लगा कर्फ्यू

नई दिल्ली / श्रीनगर (ऊँ टाइम्स) यहां पर अनुच्छेद-370 समाप्ति की पहली वर्षगांठ पर पांच अगस्त को आतंकियों और अलगाववादियों के हिंसा भड़काने की आशंका को देखते हुए प्रदेश प्रशासन ने श्रीनगर में कर्फ्यू घोषित कर दिया है। यह कर्फ्यू पांच अगस्त की रात तक जारी रहेगा। कश्मीर में कई संगठनों ने पांच अगस्त को काला दिवस मनाने का भी एेलान किया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू किया था। इसके साथ अनुच्छेद-370 और 35ए समाप्त हो गया, और जम्मू-कश्मीर राज्य का दो केंद्र शासित राज्यों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के रूप में पुनर्गठन हुआ। 

पांच अगस्त शाम तक कर्फ्यू लगाने का हुआ आदेश- केंद्र सरकार के फैसले से पाक, अलगाववादियों और जिहादियों के साथ-साथ अलगाववाद की आड़ में मुख्यधारा की सियासत करने वालों का एजेंडा खत्म हो गया। हताश तत्ववादी में हालात बिगाड़ने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों ने भी बीते दिनों अलर्ट जारी कर सचेत किया था कि आतंकी और अलगाववादी संगठन पांच अगस्त पर कश्मीर में बड़े आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं। जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने शाम को श्रीनगर व साथ सटे इलाकों में तत्काल प्रभाव से पांच अगस्त शाम तक कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी किया है। 

पांच अगस्त को कश्मीर में काला दिवस मनाने वाले हैं आतंकी और अलगाववादी – एसएसपी श्रीनगर से मिली सूचनाओं में बताया गया है कि आतंकी व अलगाववादी तत्व पांच अगस्त को कश्मीर में काला दिवस मनाने जा रहे हैं। वह किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के साथ हिंसा भड़का कानून व्यवस्था का संकट पैदा कर सकते हैं। जिला मजिस्ट्रेट के मुताबिक, श्रीनगर में पहले से कोविड-19 के मद्देनजर लोगों की आवाजाही और एक जगह पर उनके जमा होने पर रोक है। इसके अलावा पुलिस की रिपोर्ट हिंसा और आम जनहानि से बचने के उपायों को लागू करने के लिए कहती है। इसलिए जिले में क‌र्फ्यू लागू करना जरूरी हो जाता है। स्वास्थ्य संबधी आपात परिस्थितियों में और कोविड-19 की ड्यूटी से संबंधित स्टाफ की आवाजाही पास और वैध कार्ड के आधार पर जारी रहेगी। 
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में अगले दो दिन के कर्फ्यू पर कहा कि वर्ष 2019 की तुलना में इस साल 24 घंटे पहले ही श्रीनगर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि वादी के अन्य जिलों में भी अगले दो दिनों के लिए आज रात से ही सख्त कर्फ्यू लागू हो जाएगा। 

अफगानिस्तान की जेल पर हुआ कार बम से हमला, 29 की हुई मौत, कई हुए घायल

नई दिल्ली / काबुल (ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार  पूर्वी अफगानिस्तान में एक जेल पर आत्मघाती कार बम विस्फोट और बंदूकधारियों द्वारा हमला किया गया है। अफगान अधिकारियों ने कहा है कि इस हमले में 29 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आइएस ने ली है। प्रांतीय गवर्नर अताउल्लाह खोगयानी ने कहा कि जलालाबाद में अफगान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच जमकर मुठभेड़ हुई है । नगरहार की राजधानी में रविवार शाम तक दोनों तरफ से गोलाबारी जारी रही। 
नंगरहार के गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानी ने बताया कि इस हमले में 29 लोग मारे गए हैं और 50 अन्य घायल हो गए हैं पूर्वी अफगानिस्तान में तलिबान और आइएस के आतंकी सक्रिय हैं।
आतंकवाद के खिलाफ जंग में अफगान सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अफगान जवानों ने एक सैन्य कार्रवाई में आतंकी संगठन आइएस (इस्लामिक स्टेट) की खुरासन शाखा के खुफिया प्रमुख असदुल्ला ओरकजई को मार गिराया है। पाकिस्तानी मूल के इस आतंकी को काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले का मास्टरमाइंड बताया जाता है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) ने बताया कि जलालाबाद शहर के पास एक सैन्य कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया गया। असदुल्ला की अगुआई में आइएस ने अफगानिस्तान में कई बड़े आतंकी हमले किए थे। इसी साल 25 मार्च को काबुल में गुरुद्वारे पर हमला भी उसी के इशारे पर हुआ था। इस हमले में 25 सिख श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।
असदुल्ला पाकिस्तानी नागरिक था। वह खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ओरकजई क्षेत्र का रहने वाला था। उसका असली नाम जियाउर रहमान था। असदुल्ला के इशारे पर दहशतगर्दो ने सुरक्षाबलों के अलावा आम लोगों पर भी हमले किए थे। इसी साल अप्रैल में आइएस खुरासन का प्रमुख असलम फारूकी पकड़ा गया था। मई में संगठन के एक शीर्ष कमांडर जिया-उल-हक को भी गिरफ्तार किया गया था।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी अयोध्या में लगाएंगे पारिजात का पौधा

अयोध्या (ऊँ टाइम्स) अयोध्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच अगस्त का आगमन बेहद ही ऐतिहासिक बना देगा। मोदी पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन करने के साथ ही अयोध्या में लगभग तीन घंटा तक रहेंगे । इस दौरान वह श्रीराम जन्मभूमि प्रांगण में पारिजात का पौधा लगाएंगे, जबकि बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी पीएम मोदी को रामनामी के साथ ही रामचरितमानस की एक प्रति भी भेंट करेंगे। यहां पर भूमि पूजन के लिए इकबाल अंसारी को भी निमंत्रण मिला है।  
नरेंद्र मोदी पांच अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पारिजात के पौधे का रोपण करेंगे। यहां पर प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार खरे ने बताया कि परिसर में पौधारोपण स्थल का चयन कर लिया गया है। पारिजात का पौधा विराजमान रामलला से चंद कदमों की दूरी पर ही प्रधानमंत्री के हाथों रोपित किया जाएगा। पारिजात का वृक्ष प्रदेश के बाराबंकी जिले के किंतूर गांव में स्थित है, जो महाभारतकालीन बताया जाता है।
अति प्राचीन इस वृक्ष को भारत सरकार ने संरक्षित कर रखा है। मान्यता है कि किंतूर गांव का नाम पांडवों की माता कुंती के नाम पर पड़ा है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने माता कुंती के साथ इसी वन में निवास किया था। उसी अवधि में ग्राम किंतूर में कुंतेश्वर महादेव की स्थापना की गई थी। भगवान शिव की पूजा करने के लिए माता कुंती ने स्वर्ग से पारिजात पुष्प लाने की इच्छा जाहिर की थी। माता की इच्छा पर गांडीवधारी अर्जुन ने स्वर्ग से इस वृक्ष को लाकर यहां स्थापित किया था। तभी से इस वृक्ष की पूजा अर्चना की जाती रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच अगस्त की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट से 9.35 बजे विशेष वायुयान से चलकर 10.35 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से पांच मिनट बाद 10.40 बजे हेलीकाप्टर से अयोध्या रवाना होंगे। अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में बने हेलीपैड पर 11.30 बजे उतरेंगे। यहां से पांच मिनट बाद सड़क मार्ग से चलकर 11.40 बजे हनुमानगढ़ी पहुंचेंगे। वहां दस मिनट पूजा एवं दर्शन करेंगे। इसके बाद 11.55 बजे हनुमानगढ़ी से चल कर पांच मिनट बाद ठीक 12 बजे रामजन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। पहले दस मिनट में विराजमान रामलला का दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 12.15 बजे परिसर में पारिजात का पौधा लगाएंगे। इसके बाद 12.30 बजे बहुप्रतीक्षित भूमिपूजन कार्यक्रम शुरू होगा, जो ठीक दस मिनट तक चलेगा। इसके बाद श्रीरामजन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम के सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे, जो करीब सवा घंटे चलेगा होगा। यहां से 2.05 बजे साकेत महाविद्यालय हेलीपैड के लिए रवाना होंगे। वहां सवा दो बजे पहुंचेंगे और ठीक पांच मिनट बाद 2.20 बजे हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
बीती नौ नवंबर को राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के साथ विवाद पीछे छोड़कर तरक्की की राह पर बढऩे का आह्वान कर चुके बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे मो. इकबाल मंदिर निर्माण की बेला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारी में हैं। स्वागत के लिए वह आज ही रामचरितमानस और रामनामी खरीद कर लाए। उन्होंने कहा कि मैं भी प्रधानमंत्री के स्वागत को उत्सुक हूं और इसके लिए रामनामी और मानस जैसी अयोध्या की अनमोल धरोहर लेकर आया हूं। इकबाल ने कहा कि रामनामी हो या मानस, यह जितना हिंदुओं के लिए आदरयोग्य है, उतनी ही मुस्लिमों के भी लिए। इकबाल आज भूमि पूजन समारोह का औपचारिक निमंत्रण मिलने के बाद से काफी प्रसन्न भी हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयोध्या के रामभक्तों ने तीर-कमान थमा दिया है। पांच अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर उत्साहित रामभक्तों ने कई स्थानों पर लगाए गए कट आउट में पीएम के हाथों में धनुष-वाण वाली तस्वीर लगाई है।
इसके पीछे लोगों का तर्क है कि जिस तरह प्रभु राम ने अपने शासनकाल में अन्याय व पापाचार को समाप्त करने के लिए धनुष-बाण उठाया था, उसी तरह मोदी भी देश के भ्रष्टाचारियों को समाप्त करने में जुटे हैं।
अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम में सजावट के लिए देश-विदेश की विभिन्न प्रजातियों के फूल कोलकाता से मंगाए जा रहे हैं। चार अगस्त से फूलों की सजावट शुरू हो जाएगी। लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सजावट होनी है। इसके अलावा गमलों को रंग-रोगन कर तैयार किया जा रहा है। साकेत महाविद्यालय से राममंदिर भूमिपूजन स्थल व हनुमानगढ़ी तक फूलों से सजावट की जिम्मेदारी उद्यान विभाग को सौंपी गई है। साकेत महाविद्यालय में बने हेलीपैड पर प्रधानमंत्री उतरेंगे। यहां से पूरे रास्ते को फूलों से सजाया जाएगा।

मुंबई महानगरपालिका ने पटना के सिटी SP बिनय तिवारी को मुंबई में जबरन किया होम क्वारंटाइन

मुंबई / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जांच करने मुंबई पहुंचे पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को BMC द्वारा 14 दिनों के लिए होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। मुंबई एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद सिटी एसपी ने मामले की जांच कर रहे चारों पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक किया। छह दिनों में टीम द्वारा की गई जांच और जमा किए गए सबूत की जानकारी ली। टीम के साथ एक संदिग्ध से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान रात में 11:00 बजे के आसपास मुंबई महानगरपालिका की टीम ने कोरोना वायरस संक्रमण का हवाला देकर सिटी एसपी को क्वारंटाइन का हवाला देकर उनके हाथ पर मुहर लगा दी। एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। साथ ही बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने भी सिटी एसपी के हाथ में लगी मुंहर का फोटो ट्वीट किया है।
एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि सभी पहलुओं की जानकारी ली जा रही है। टीम के साथ सिटी एसपी गेस्ट हाउस में हैं। उन्हें आइपीएस मेस भी नहीं उपलब्ध कराया गया है। सूत्रों के अनुसार सिटी एसपी के मुंबई पहुंचने की सूचना स्थानीय प्रशासन को पहले ही मिल गई थी। उन्हें एयरपोर्ट से ही क्वारंटाइन करने की योजना थी। लेकिन, काफी संख्या में मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए अंतिम समय में फैसला में बदलाव किया गया। 2015 बैच के आइपीएस विनय रविवार की सुबह पहली फ्लाइट से मुंबई रवाना हुए थे। मुंबई पहुंचते ही वहां के सीनियर अफसर से मुलाकात की और फिर पटना के चार सदस्यीय टीम से अबतक हुई पड़ताल की बाबत जानकारियां हासिल कीं।
पटना पुलिस की टीम को मुंबई में कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे जांच का दायरा बढ़ते जा रहा है। हालांकि मुंबई पुलिस के असहयोग के कारण जांच में मुश्किलें भी आ रही हैं। मुंबई पुलिस ने अब तक सीसीटीवी फुटेज, जब्त सामान, मोबाइल और लैपटॉप का डाटा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक रिपोर्ट, फिंगर प्रिंट, केस डायरी की कॉपी, पूछताछ का ब्योरा कुछ भी पटना पुलिस को नहीं दिया है। ऐसे में एक ही व्यक्ति द्वारा पटना और मुंबई पुलिस को दिया बयान मेल खा रहा है, या नहीं, यह कहना मुश्किल है। इन सब दिक्कतों को देखते हुए ही जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए आइपीएस अधिकारी को भेजने का फैसला बिहार पुलिस ने लिया। सिटी एसपी (मध्य) विनय तिवारी के क्षेत्र में ही राजीव नगर थाना आता है, जहां मामला दर्ज हुआ है। सिटी एसपी और उससे पहले गोपालगंज में सदर एसडीपीओ रहते कई चर्चित मामलों के उद्भेदन में उनकी भूमिका रही है। वह हाल ही में हैदराबाद की नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए भी गए थे।
फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की सुसाइड के मामले में पटना में पिता केके सिंह द्वारा दर्ज एफआइआर को लेकर जांच के लिए पटना पुलिस की टीम मुंबई गई है। इसके लिए पटना पुलिस के तेजतर्रार अफसरों का सलेक्शन हुआ, फिर वहां जाकर क्या करना है, किन-किन से पूछताछ करनी है, टीम कैसे काम करेगी, किसे बयान दर्ज करना है और किसे सबूत जुटाना है, इसकी फूलप्रूफ तैयारी की गई। इसके बाद उन्हें यहां से कई अन्य दिशानिर्देश देकर रवाना किया गया। मीडिया के सामने क्या बोलना यह भी समझा कर भेजा गया है। इसके बाद आइजी और एसएसपी लगातार टीम के संपर्क में हैं। हर मूवमेंट की जानकारी लेते हैं और कहां चूक हो रही है इससे भी आगाह कर रहे हैं। कुल मिलकर कहें तो पटना पुलिस की टीम मुंबई में भले ही है, लेकिन उनका कंट्रोल रूम पटना में ही है।

पटना पुलिस ने किया करीब 70 फीसद जांच पूरी- पटना पुलिस को मुंबई में करीब छह दिन हो गए हैं। सुशांत के पिता ने जो एफआइआर दर्ज कराई है, उससे जुड़ी करीब 70 फीसद जाँच पुलिस ने पूरी कर ली है। पहले चार सदस्यों की टीम दो भागों में बंटकर काम करती थी। अब चारों पुलिस पदाधिकारी अलग दिशा में निकल रहे हैं। इस वजह से सबूत से लेकर बयान तक पटना पुलिस ने जल्दी ही दर्ज कर लिए। इनमें से किसी बिंदु पर मुंबई पुलिस जांच नहीं कर पाई थी।
पटना में पुलिस सूत्रों की मानें तो पटना पुलिस ने जब से मुंबई में जांच शुरू की है, मुंबई पुलिस जो जांच कर रही थी उसमें आगे का स्टेटमेंट लेना ही भूल गई है। पटना पुलिस किस बिंदु पर जांच कर रही है, कहां जा रही है, किससे मिल रही है, इसपर नजर रख रही है। कई जगह तो मुंबई पुलिस सादे लिबास में भी पटना पुलिस के इर्दगिर्द घूम रही है।

यह है पूरा मामला, जानिए- विदित हो कि बीते 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के अपने फ्लैट में मृत मिले थे। सुसाइड माने गए इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच से असंतुष्‍ट सुशांत के पिता केके सिंह ने पटना में एफआइआर दर्ज करा दी है। इस एफआइआर में उन्‍होंने बेटे की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती पर धन उगाही, ब्‍लैकमेल, प्रताड़ना व सुसाइड के लिए उकसाने सहित अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं। पटना पुलिस की टीम इसी की जांच के लिए मुुंबई में है।

भारत के गृह मंत्री अमित शाह हुए कोरोना पॉजिटिव, शाह ने किया ट्वीट

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) भारत के  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कोरोना वायरस से संक्रमित की रिपोर्ट आई है ! इसकी जानकारी शाह ने खुद ट्वीट करके दी। शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने जांच कराई। मेरी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है लेकिन डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूं। मेरी गुजारिश है कि आप में से जो भी लोग बीते कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं कृपया स्वयं को आइसोलेट करे और अपनी जांच कराएं।’
आप को बता दें कि शाह लगातार कोविड-19 आउटब्रेक पर लगाम लगाने के कार्यों की मॉनिटरिंग में लगे थे। बीते दिनों जब राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर हो गई थी। शाह ने खुद इसकी मॉनीटरिंग की थी। वह दिल्‍ली सरकार, केंद्रीय गृह एवं स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करके कोरोना से निपटने के इंतजामों की ताजा स्थिति पर अपडेट ले रहे थे। यही नहीं अनलॉक की प्रक्रिया पर गाइडलाइंस तैयार कराने में भी शाह की बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका रही। 
भाजपा अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने भी अमित शाह के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा है कि माननीय गृहमंत्री जी के कोरोना से संक्रमित होने का समाचार मिला। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शाह के जल्‍द ठीक होने की प्रार्थना की है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘अमितजी, हर चुनौती के सामने आपकी दृढ़ता और इच्छाशक्ति एक मिसाल रही है। कोरोना वायरस की इस बड़ी चुनौती पर भी आप निश्चित रूप से विजय प्राप्त करेंगे, ऐसा मेरा विश्वास है।’
हाल ही में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे जिनका अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी वरुण का आज रविवार को निधन हो गया। वह वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण के चलते लखनऊ के संजय गांधी पीजीआइ में भर्ती थीं। इस सूचना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज का अपना अयोध्या और बाराबंकी का दौरा स्थगित कर दिया और मंत्री के निधन पर शोक संवेदना जताई। 
इस बीच 22 दिन तक मुंबई के नानावटी अस्‍पताल में कोरोना संक्रमण का इलाज करा रहे अमिताभ बच्चन की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बीते दिनों अमिताभ बच्‍चन, उनके बेटे अभिषेक बच्‍चन, पुत्रवधू एश्‍वर्या राय बच्‍चन और पोती आराध्‍या कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। एश्‍वर्या और आराध्‍या को पहले ही अस्‍पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। अमिताभ बच्‍चन ने ट्वीट कर कहा कि मेरा कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव आया था। अब मुझे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मैं सेल्फ-आइसोलेशन में घर पर हूं।  आप को बता दें कि बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 54,735 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 17,50,723 हो गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 853 लोगों की संक्रमण से मौत हुई है। संक्रमण के कुल 17,50,723 मामलों में से 5,67,730 सक्रिय केस हैं। देश में 11,45,629 लोगों ने बीमारी को शिकस्‍त दी है। अभी तक 37,364 लोग संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं। 

यूपी सरकार की मंत्री कमल रानी वरुण का कोरोना से हुआ निधन, CM योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा स्थगित

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  योगी आदित्यनाथ सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का आज निधन हो गया। वह कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में भर्ती थीं।
निधन की पुष्टि एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने किया है। मंत्री कमल रानी वरुण के निधन की सूचना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज का अपना अयोध्या दौरा स्थगति कर दिया है।  
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का प्रकोप उत्तर प्रदेश में लगातार बना हुआ है। आज कोरोना वायरस से प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी का लखनऊ पीजीआइ में निधन हो गया। इसकी पुष्टि सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने पुष्टि की है। सीएमएस डॉ अमित अग्रवाल ने बताया कि उन्हें सीवियर कोविड-19 निमोनिया हो गया था। इस वजह से वह एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम में चली गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोरोना के लिए निर्धारित रेमडेसिविर समेत अन्य  निर्धारित दवाएं उन्हें लगातार दी जा रही थी, लेकिन सुधार नहीं हो रहा था।
मंत्री कमलारानी को पहले से ही डायबिटीज, हाइपरटेंशन व थायराइड से जुड़ी समस्या थी। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। हालांकि शुरुआत के 10 दिनों में उनकी तबीयत स्थिर रही, लेकिन पिछले 3 दिनों से अचानक स्थिति खराब होने लगी। शनिवार की शाम करीब 6:00 बजे तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें बड़े वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। आज सुबह 9:00 बजे उनका निधन हो गया। बीते 18 जुलाई को शाम 5:24 बजे उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। तब से वह लगातार ऑक्सीजन और छोटे वेंटीलेटर के सपोर्ट पर थी। बीते दिनों  प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद उन्हें संजय गांधी पीजी मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेस में आइसोलेट किया गया था। मंत्री जी की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव थी। वह ठीक हो गयी।  
कमल रानी वरुण कानपुर जिले के घाटमपुर लोकसभा क्षेत्र से 1996 व 1998 यानी 11वीं व 12वीं लोकसभा की सदस्य रहीं 62 वर्षीया कमल रानी वरुण ने राजनीति पार्षद के रूप में शुरू की थी। वह 1989 से 1995 तक पार्षद थीं। लखनऊ में तीन मई 1958 को जन्म लेने वाली कमल रानी वरुण का विवाह 25 मई 1975 को किशन लाल वरुण से हुआ था।
मंत्री कमला रानी वरूण का पार्थिव शरीर लखनऊ से सीधे कानपुर जाएगा। वहां पर कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया जाएगा। 
कोरोना वायरस संदिग्ध होने पर 17 जुलाई को उनका सैंपल लिया गया था। 18 जुलाई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।  वह कानपुर के घाटमपुर से विधायक हैं। लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अभी तक प्रदेश सरकार के आधा दर्जन मंत्री कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिन मंत्रियों को कोरोना हुआ है उनमें स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, ग्राम विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह , होमगार्ड्स मंत्री चेतन चौहान, आयुष राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) धरम सिंह सैनी, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री( स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी और श्रम निर्माण एवं परामर्शदात्री समिति के अध्यक्ष ठाकुर रघुराज सिंह कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।

ईद उल-अजहा की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ : प्रधान संपादक ऊँ टाइम्स

सभी देशवासियों को ऊँ टाइम्स के प्रधान सम्पादक रामदेव द्विवेदी ने दिया ईद उल-अजहा की शुभकामनाएं ! रामदेव द्विवेदी ने अपने ट्यूटर @ramdeodwivedi पर लिखा है कि ईद उल -अजहा (बकरीद) की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ ! यह त्योहार सभी के लिए मंगलमय हो!

मुस्लिम महिला आंदोलन संगठन ने किया मांग, दूसरी शादी और हलाला पर भी लगे रोक

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) देश की मुस्लिम महिलाओं को एक वर्ष पहले लागू हुए तीन तलाक कानून से बहुत बड़ी राहत मिली है। हालांकि इस कानून के दायरे में बहुविवाह, हलाला, कम उम्र में विवाह जैसी प्रथा शामिल नहीं हैं। इन पर रोक लगाने के लिए महिलाएं मुस्लिम कानून की मांग कर रही हैं, जिसका मसौदा शरीयत पर आधारित हो। भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन की प्रमुख सफिया अख्तर ने बताया कि तीन तलाक के खिलाफ उनका संगठन वर्ष-2008 से संघर्ष कर रहा था। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में महिलाओं से राय जुटाई गई। वकीलों, बुद्धिजीवियों से मशविरा करने के बाद तीन तलाक के खिलाफ 70 हजार लोगों के हस्ताक्षर का ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा था। 
तीन तलाक कानून लागू होने के बाद ई-तलाक पर प्रभावी अंकुश लग गया है। इसके पहले फोन, ई-मेल, एसएमएस आदि से दूर देश में बैठा व्यक्ति तीन बार तलाक लिखकर भेज देता था। इससे पीड़ित महिला के पास न्याय के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचता था। उन्होंने बताया कि तीन तलाक के खिलाफ इस कानून का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 2016, 2017 और 2018 में सूचना के जरिए तीन तलाक का चलन अधिक था। कानून लागू होने के बाद इसमें भारी कमी आई है।
संगठन के मुंबई केंद्र को 2016 में 31 मामले मिले थे। 2019 में एक भी मामला सामने नहीं आया। 2020 में अब तक केवल एक मामला सामने आया है। एक से अधिक शादी पर भी लगे रोक सफिया अख्तर बताती हैं कि मुस्लिम समाज में बहु विवाह, हलाला, कम उम्र में शादी जैसी प्रथा अभी भी लागू हैं। उनका संगठन इनके खिलाफ संघर्ष कर रहा है।
 संगठन की मांग है कि इसके लिए समाज के लिए मुस्लि