दिल्ली सरकार ने किया ऐलान – राशन कार्ड धारकों को मिलेगा दो माह मुफ्त राशन : OMTIMES

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ऐलान कर दिया है कि दिल्ली में राशन कार्ड धारकों को दो महीने तक मुफ्त में राशन दिया जाएगा।
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के संकट के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह एलान किया है। अरविंद केजरीवाल ने एलान किया है कि दिल्ली में 72 लाख राशनकार्ड धारक हैं। 
उन सभी को दिल्ली सरकार द्वारा दो महीने तक मुफ्त में राशन देगी। इसके साथ ही साथ दिल्ली में जितने भी ऑटो चालक व टैक्सी चालक हैं उन सभी को पांच-पांच हजार रुपये की मदद देगी। ऐसे में दिल्ली में करीब डेढ़ लाख ऑटो और टैक्सी चालकों को फायदा होगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सभी ऑटो और टैक्सी चालकों को 5,000 रुपये देकर उनकी मदद करेगी ताकि इस आर्थिक तंगी के दौर में उनको थोड़ी मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दो महीने तक मुफ्त में राशन मिलने का ये मतलब नहीं कि लॉकडाउन दो महीने चलेगा। यह सिर्फ वित्तीय मुद्दों से गुजर रहे गरीबों की मदद करने के लिए किया जा रहा है।

15 मई तक लगा बिहार में पूर्ण लॉकडाउन, मुख्य मंत्री नीतीश ने खुद दी जानकारी : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार में 15 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लगाने का ऐलान मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कर दिया है। उन्‍होंने बताया कि राज्‍य में अब 15 मई तक पूर्ण लॉकडाउन लागू रहेगा। इस बारे में विस्‍तृत गाइडलाइन आज हो रही आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के बाद जारी कर दिया जायेगा । राज्‍य में पूर्ण लॉकडाउन लगाने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्‍टर, पटना एम्‍स के डॉक्‍टर से जुड़े व्‍यवसायियों के अलावा इंजीनियरों का संगठन बेसा भी लगातार मांग कर रहा था। पटना हाईकोर्ट ने भी सोमवार को इस मसले पर राज्‍य सरकार से जवाब मांगा था।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार आज आपदा प्रबंधन समू‍ह की बैठक करेंगे। इसी बैठक में लॉकडाउन को लेकर विस्‍तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी। शाम तक गाइडलाइन जारी कर दिए जाने की संभावना है। इसके बाद पता चलेगा कि पूर्ण लॉकडाउन में किन सेवाओं को छूट मिलेगी और कौन सी सेवाएं पूर्णत: बंद कर दी जाएंगी। दरअसल राज्‍य में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने की तमाम कोशिशें अब तक नाकामयाब साबित हुई हैं। प्रदेश में हर रोज 13 से 15 हजार तक नए मरीज मिल रहे हैं। स्थिति की समीक्षा के बाद सरकार 15 मई से आगे के लिए फैसला लेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राज्य में कोविड की स्थिति पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय बैठक किया था। इस क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशासन और पुलिस कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन कराए। उच्चस्तरीय बैठक के पूर्व मुख्यमंत्री ने स्वयं शहर का जायजा लिया। ऐसी चर्चा है कि मंगलवार को आपदा प्रबंधन समूह की होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में लॉकडाउन का निर्णय लिया जा सकता है। चिकित्सकों के समूह द्वारा 15 दिनों के लॉकडाउन का परामर्श दिया जा रहा है।

पटना की सड़कों का मुख्य मंत्री ने खुद लिया जायजा – कोविड पर उच्चस्तरीय बैठक के पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार की दोपहर बेली रोड, दानापुर, दीघा, गांधी मैदान, डाकबंगला, कंकड़बाग, करबिगहिया, मीठापुर सब्जी मंडी व अन्य इलाकों का जायजा लिया। पिछली बार भी आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के पूर्व उन्होंने स्वयं शहर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेकर सख्ती बढ़ाए जाने का निर्णय लिया था।
कोविड-19 को ले कर हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि कोरोना संक्रमितों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए। मरीजों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर रहें। ऑक्सीजन की आपूर्ति और दवा की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अनावश्यक रूप से बाहर निकलने वालों पर पुलिस नजर रखे ताकि कोरोना के फैलाव को रोका जा सके। माइकिंग से गांव-गांव तक कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को सतर्क और सजग करने के लिए निरंतर अभियान चलाएं। माइकिंग के दौरान अगल-बदल के गांव और मुहल्ले में कोरोना संक्रमितों की संख्या को बताएं। कोरोना संक्रमण के फैलाव के बारे में लोगों को सचेत करें।

महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, महाराष्ट्र में 15 दिनों के लिए और बढ़ेगा लॉकडाउन : OMTIMES

मुंबई (ऊँ टाइम्स) करोना के प्रकोप के वजह से महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि राज्य में लॉकडाउन को 15 दिनों के लिए और बढ़ा दिया जाएगा। लॉकडाउन 30 अप्रैल तक है। गौरतलब है कि प्रदेश में सख्ती के बावजूद कई जिलों में कोरोना के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस वजह से लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक, 30 अप्रैल तक लॉकडाउन है, मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने कहा है कि उसे बढ़ाना चाहिए। 15 दिनों तक तो जरूर बढ़ेगा। करीब छह महीने में अगर वैक्सीनेशन कार्यक्रम पूरा करना है तो दो करोड़ टीकाकरण हर महीने होना जरूरी है। राज्य में टीकाकरण करने लिए सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में करीब 13,000 संस्था उपलब्ध है। हमे जितनी वैक्सीन चाहिए नहीं मिल रही है। अगर वैक्सीन आयात भी करनी है तो मंत्रिमंडल ने करने का निर्णय लिया है। स्पुतनिक से भी मुख्यमंत्री चर्चा कर रहे हैं। ये चर्चा अगर अंतिम रूप लेती है तो हम महाराष्ट्र में तीन वैक्सीन लेकर टीकाकरण करने जा रहे हैं।

कोरोना पाॅजिटिव होते ही AAP सरकार निर्माण श्रमिकों के अकाउंट में डालेगी 10 हजार रुपये : OMTIMES

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  राजधानी में दिल्ली सरकार ने कोरोना के दौरान निर्माण श्रमिकों की सहायता के लिए एक और राहत भरा कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग ने यह घोषणा किया है कि इस महामारी में कोरोना पॉजिटिव हुए पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार वालों को चिकित्सकीय सहायता के रूप में 5 हजार से 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। निर्माण श्रमिकों के RT-PCR रिपोर्ट की आईसीएमआर के पोर्टल पर जांच कर सहायता राशि को सीधे उनके खातों में भेजा जाएगा। यह सहायता राशि कोरोना काल के दौरान श्रमिकों के वित्तीय संकट को कम करने में मदद करेगी।
दिल्ली सरकार द्वारा प्रवासी, दिहाड़ी और निर्माण कार्यो में लगे श्रमिकों की अन्य ज़रूरतों के पूरा करने के लिए दिल्ली के सभी जिलों में कई स्कूलों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 150 से अधिक फूड  डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर भी शुरू कर दिए है। इन केंद्रों के माध्यम से अबतक लगभग 83 हज़ार फ़ूड पैकेट बांटे जा चुके है।
दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट के समय में प्रवासी, दिहाड़ी और निर्माण श्रमिकों की सहायता के लिए हमेशा तैयार है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी श्रमिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वो दिल्ली न छोड़े क्योंकि दिल्ली सरकार उनके लिए सभी प्रकार की सहायता सुनिश्चित कर रही है।

अमेरिका की 40 शीर्ष कंपनियां भारत की मदद को आई सामने, जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने क्या कहा : OMTIMES

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिए अमेरिका मिशन मोड में आ गया है। अमेरिकी प्रशासन की विभिन्न शाखाएं उन क्षेत्रों की पहचान में जुट गई हैं, जिनमें भारत को मदद की जरूरत है। इसके अलावा सभी प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर किया जा रहा है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत को जितनी जल्दी संभव हो चिकित्सकीय मदद मुहैया करा दी जाए। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि भारत ने अमेरिका के लोगों की जरूरत के समय मदद की थी। अब अमेरिका कोरोना वायरस से लड़ने में भारत की सहायता करेगा और संसाधन उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद बाइडन ने यह बात कही। समझा जाता है कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत 45 मिनट तक चली। इसके बाद बाइडन ने ट्वीट किया, भारत ने हमारी मदद की थी। अब हम भारत की मदद करेंगे। बताते चलें कि भारत में कोरोना संकट के दौरान ढीला रवैया अपनाने के लिए बाइडन प्रशासन की विभिन्न हलकों में आलोचना हो रही थी। इसके बाद व्हाइट हाउस ने आक्सीजन, कोरोना वैक्सीन के लिए कच्चा माल, जीवन रक्षक दवाएं और पीपीई भारत भेजने का एलान किया।
बाइडन प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस मदद के बदले में अमेरिका भारत से राजनीतिक समर्थन नहीं चाहता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि भारत के साथ हमारी वैश्विक व्यापक रणनीतिक साझेदारी है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी तरह के राजनीतिक समर्थन के लिए हम भारत की मदद नहीं कर रहे हैं। यह जरूरतमंद लोगों के लिए हमारी प्रतिबद्धता और अमेरिका का मानवीय नेतृत्व है। नेड प्राइस ने यह भी कहा कि बाइडन प्रशासन घातक कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने का काम कर रहा है। संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। हम हमेशा भारत में अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ हैं। सरकारी स्तर पर हमसे जो कुछ भी बन पड़ रहा है, हम लगातार कर रहे हैं। इसमें आक्सीजन और संबंधित वस्तुओं की मदद शामिल है। इसके अलावा दवा, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किट, वेंटिलेटर आदि की आपूर्ति भी की जा रही है।
भारत के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए अमेरिका की 40 शीर्ष कंपनियां सामने आई हैं। इसके तहत भारत की मदद करने के लिए संसाधन एकत्रित करने की खातिर एक वैश्विक कार्यबल का गठन किया जाएगा। डेलाइट के सीईओ पुनीत रंजन ने बताया कि अमेरिका के विभिन्न व्यापार संगठन मिलकर कुछ सप्ताह में 20,000 आक्सीजन कंसंट्रेटर भारत भेजेंगे। इसके अलावा ये कंपनियां प्रशासन के साथ मिलकर दवाएं, वैक्सीन, आक्सीजन और अन्य जीवन रक्षक उपकरण भी भेजेंगी। रंजन ने बताया कि बड़ी संख्या में अमेरिकी कंपनियां सप्ताहांत में सामने आई हैं। हमसे जो भी मदद बन पड़ेगी, उसे करने का हम सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं।
दवा निर्माता कंपनी गिलियड साइंसेज ने कहा है कि वह कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित भारत में रेमडेसिविर की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों को तकनीकी मदद और दवा में प्रयुक्त होने वाली सामग्री उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कंपनी भारत को 4,50,000 अतिरिक्त वायल मुहैया कराएगी। भारत में कोरोना के गंभीर लक्षण वाले मामलों में रेमडेसिविर का आपातकालीन इस्तेमाल किया जाता है।
दलगत राजनीति से ऊपर उठते हुए प्रभावशाली अमेरिकी सांसद खुलकर भारत के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने बाइडन प्रशासन से तत्काल हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। भारत को एक करीबी सहयोगी और महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए सांसद एडम सिफ ने कहा कि जब कोरोना महामारी के चलते अमेरिकी अस्पतालों की स्थिति चरमराने की हालत में आ गई थी तो भारत ने तुरंत मदद उपलब्ध कराई थी। मैं बाइडन प्रशासन का आभारी हूं कि उसने भारत की मदद करने का फैसला लिया है।
अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया ने भारत को आक्सीजन देने का फैसला किया है। भारत को आक्सीजन की खेप भेजने का विस्तृत विवरण जारी करते हुए कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ हर व्यक्ति अच्छी चिकित्सा सुविधा का हकदार है। भारत के लोगों को अभी मदद की जरूरत है। हम उनकी जरूरतों को पूरा करेंगे।

यूपी सीएम का निर्देश, कोविड संक्रमित प्राइवेट कर्मचारी को भी 28 दिन का वेतन सहित अवकाश : OMTIMES

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के दिन पर दिन बढ़ते संक्रमण से लोग सहमे सहमें लग रहे हैं। इन स्थितियों में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। सरकारी कर्मचारी के अलावा अब कोरोना वायरस से संक्रमित प्रदेश के किसी भी प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मी का वेतन नहीं कटेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया है। 
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सोमवार को आदेश जारी किया गया है कि कोविड संक्रमित होने पर प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिन का वेतन सहित अवकाश मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सूबे के अपर मुख्य सचिव श्रम ने सभी ज़िलाधिकारियों, मंडलयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा बन्द कराये गये प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य है। आदेश में यह भी कहा गया है कि दुकानें और कारखाने राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के चलते अस्थाई रूप से बंद हैं, उनके कर्मचारियों को भी को भी मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन में भी सरकार के बंद कराए गए सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी इस अवधि में मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य कर दिया है। 
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के मुताबिक कोविड संक्रमित होने पर सरकारी के साथ अब प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिनों की पेड लीव मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश जार कर दिया है। अगर महीने भर का लॉकडाउन होता है तो कर्मचारी को सैलरी के साथ 28 दिन की छुट्टी भी मिलेगी।
उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।  उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है !

हाईकोर्ट ने कहा – वाट्सएप ग्रुप एडमिन किसी सदस्य के आपत्तिजनक पोस्ट के लिए जिम्मेदार नहीं : OMTIMES

मुंबई ( ऊँ टाइम्स) वाट्सएप ग्रुप चलाने वाले देश के लाखों ग्रुप एडमिन के लिए एक राहत भरी खबर है। अब उनके ग्रुप में किसी सदस्य की आपत्तिजनक पोस्ट के लिए उनको जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकेगा, और न ही उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा। एक मामले की सुनवाई करते हुए मुंबई हाई कोर्ट ने यह व्यवस्था दी। बंबई हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने कहा है कि वाट्सएप ग्रुप के एडमिन पर ग्रुप के दूसरे सदस्य द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने 33 वर्षीय व्यक्ति के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को खारिज कर दिया। कोर्ट का यह आदेश पिछले महीने आया था, लेकिन इसकी प्रति जल्द ही उपलब्ध हुई है । न्यायमूर्ति जेडए हक और न्यायमूर्ति एबी बोरकर की पीठ ने कहा कि वाट्सएप के एडमिन के पास केवल ग्रुप के सदस्यों को जोड़ने या हटाने का अधिकार होता है और ग्रुप में डाली गई किसी पोस्ट या विषयवस्तु को कंट्रोल करने या उसे रोकने की क्षमता नहीं होती है।
कोर्ट ने वाट्सएप के एक ग्रुप एडमिन किशोर तरोने (33) द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश सुनाया। तरोने ने गोंदिया जिले में अपने खिलाफ 2016 में भारतीय दंड संहिता की धारा 354-ए (1) (4) (अश्लील टिप्पणी), 509 (महिला की गरिमा भंग करना), 107 (उकसाने) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 67 (इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन) के तहत दर्ज मामलों को खारिज करने का अनुरोध किया था। अभियोजन के मुताबिक, तरोने अपने वाट्सएप ग्रुप के उस सदस्य के खिलाफ कदम उठाने में नाकाम रहे जिसने ग्रुप में एक महिला सदस्य के खिलाफ अश्लील और अमर्यादित टिप्पणी की थी।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मामले का सार यह है कि क्या किसी वाट्सएप ग्रुप के एडमिन पर ग्रुप के किसी सदस्य द्वारा की गई आपत्तिजनक पोस्ट के लिए आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि एक बार ग्रुप बन जाने के बाद एडमिन केवल उसे हटा सकता है। आपत्तिजनक पोस्ट रोकने का अधिकार उसके पास नहीं होता, इसलिए ऐसी पोस्ट के लिए ग्रुप सदस्य ही जिम्मेदार होना चाहिए। 

इन जगहों पर 30 अप्रैल तक आंधी, भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट : OMTIMES

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) देश के निम्नलिखित हिस्‍सों में 30 अप्रैल तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत समेत देश के कई इलाकों में 26 से 30 अप्रैल नमी भरा मौसम रह सकता है। 26 अप्रैल से तेलंगाना, केरल और पुडुचेरी माहे समेत कई इलाकों में गरज चमक के साथ आंधी, पानी की आशंका है। यही नहीं इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक 27 अप्रैल को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यही नहीं 30 अप्रैल को भी उत्तराखंड के विभिन्‍न इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं। 29 और 30 अप्रैल को उत्तर पंजाब, उत्तर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के उत्‍तरी समीपवर्ती मैदानी इलाकों में हल्की बारिश संभव है। 29 और 30 अप्रैल को पश्चिम और उत्तरी राजस्थान में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 30 अप्रैल के दौरान कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश या बर्फबारी देखी जा सकती है। यही नहीं 27 अप्रैल को असम, मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना, केरल और माहे के कई इलाकों में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग की मानें तो 28 अप्रैल को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तर केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 30 अप्रैल को उत्तराखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, केरल और माहे में गरज चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तर केरल के कुछ इलाकों में भारी बारिश की आशंका जताई है।
आईएमडी के मुताबिक 28 और 29 अप्रैल को उत्तरी केरल में भारी बारिश की संभावना है। 30 अप्रैल को असम और मेघालय के विभिन्‍न इलाकों में भी भारी बारिश की आशंका है। अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में विभिन्‍न जगहों पर तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं दूसरी ओर गुजरात और तटीय ओडिशा में 30 अप्रैल तक लू चलने की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में हीट वेव की स्थिति बन रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित 5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने मानने से किया इनकार : omtimes

लखनऊ / सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित 5 शहरों में लॉकडाउन लगाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने मानने से इनकार कर दिया है! राज्य सरकार ने कहा है कि वह हाईकोर्ट की टिप्पणी पर अपना जवाब दाखिल करने जा रही है! उसने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे लेकिन लॉकडाउन नहीं रहेगा!
इससे कुछ ही समय पहले हाईकोर्ट ने लखनऊ सहित पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया, ये लॉकडाउन आज रात से 26 अप्रैल तक लगाने को कहा गया. इससे पहले दिल्ली में भी आज 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगा दिया गया! हाईकोर्ट ने लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर में लॉकडाउन का आदेश दिया!
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति दिन प्रति दिन भयावह होती जा रही है. देश में महाराष्ट्र के बाद सबसे ज्यादा मामले यूपी में मिल रहे !
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लखनऊ और प्रयागराज के जिलाधिकारियों और सीएमओ को पर्याप्त माात्रा में कोविड-19 की दवाइयों, ऑक्सीजन सुविधाओं का इंतजाम करने को कहा!
हाईकोर्ट के आदेश से कुछ ही देर पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने कहा था कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए राज्य में लॉकडाउन की कोई जरूरत नहीं है. साप्ताहित लॉकडाउन जारी रहेगा!

गोरखपुर सहित यूपी के इन 5 शहरों में 26 अप्रैल तक के लिए पूर्ण लॉकडाउन का आदेश दिया हाई कोर्ट ने : OmTimes

लखनऊ/ सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के बढते कहर को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज दिनांक 19 अप्रैल सोमवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। हाई कोर्ट ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहरों- कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी में पूर्ण लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है। आदेश के मुताबिक, आज सोमवार रात से ही लॉकडाउन प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने यूपी सरकार से प्रदेश में 15 दिनों के लॉकडाउन पर विचार करने के लिए कहा है। आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में महामारी बेकाबू होने लगा है। यूपी की राजधानी लखनऊ कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में से एक है। कोरोना के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को योगी आदित्यनाथ सरकार को आदेश दिया है कि वह कोरोना से उत्तर प्रदेश के पांच सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर में 26 अप्रैल तक सभी प्रतिष्ठानों को बंद करे।

आज से दिल्ली में एक सप्ताह और राजस्थान में 15 दिन के लिए लगा लाकडाउन : omtimes

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज से एक सप्ताह के लिए और राजस्थान के मुख्यमंत्री ने आज से 15 दिन के लिए लाकडाउन का ऐलान कर दिया है ! यह लाकडाउन करोना के कारण किया जा रहा है! कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मीटिंंग करेंंगे ! …..

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण प्रतीकात्मक होना चाहिए कुंभ मेला : OM TIMES

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल  प्रतीकात्मक होना चाहिए। अब तक दो शाही स्नान समाप्त हो चुका है। वहीं, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा हम प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हैं। मैं लोगों से निवेदन करता हूं कि बड़ी संख्या में कोविड-19 की स्थिति के मद्देनजर स्नान को न आएं और सभी नियमों का पालन करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि से फोन पर बात किया। सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना। सभी संतगण प्रशासन को हर प्रकार का सहयोग कर रहे हैं। कहा मैंने इसके लिए संत जगत का आभार व्यक्त किया। मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए। इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरिद्वार कुंभ के बाकी शाही स्नानं को प्रतीकात्मक करने के आवाहन का हरिद्वार के तमान संत महात्माओं ने स्वागत किया है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित निरंजनी अखाड़ा के आचार महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि, जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि, निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत रविंद्र पुरी, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद और शंकराचार्य परिषद के  राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद भारती ने प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया और इसे राष्ट्र, काल और परिस्थिति के अनुरूप बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि यह समय देश और देशवासियों की रक्षा का समय है। कोरोना से बचाव के लिए समस्त उपाय करने की आवश्यकता है और यह हम सभी की जिम्मेदारी है। हम केवल सरकार के भरोसे रहकर संकट की इस घड़ी से सफलतापूर्वक बाहर नहीं आ सकते। हमें सरकार का हर सहयोग करना होगा और कोविड-19 के लिए बनाए गए सभी नियमों प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन करना होगा। संत महात्माओं ने आम जनमानस का आवाहन किया कि वह जागरूक बने और अपनी जिम्मेदारियों को समझें और कोविड-19 अनिवार्य पालन करें।

कश्मीर से बंगाल तक आतंकी संगठन में भर्ती करने वाला अध्यापक एनआइए की चंगुल में : OmTimes

श्रीनगर / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  इंटरनेट द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों के लड़के-लड़कियों में जिहादी मानसिकता को मजबूत बनाकर उन्हें आतंकी संगठनों के लिए भर्ती करने में जुटे एक जिहादी माॅटीवेटर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पेशे से अध्यापक यह माॅटिवेटर लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था। इसकी पहचान अल्ताफ अहमद राथर के रुप में हुई है।
एनआइए के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि अल्ताफ अहमद राथर की गिरफ्तारी बीते साल पांच अप्रैल को दर्ज मामले में हुई है। इस मामले में तानिया परवीन नामक एक युवती को पहले ही गिरफ्तार कर, उसके खिलाफ एनआइए की विशेष अदालत में आरोपपत्र भी दायर किया जा चुका है। बंगाल में जिला उत्तरी 24 परगना की रहने वाली तानिया परवीन पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के कमांडरों के साथ लगातार संपर्क में थी। वह अपने संपर्क में आने वाले स्थानीय युवाओं को मजहब के नाम पर भड़काते हुए उन्हें भारत के खिलाफ कथित जिहाद के लिए तैयार करने की साजिश में शामिल थी। उसे बीते साल बंगाल पुलिस ने एक विशेष सूचना के आधार पर पकड़ा था। मामले की गम्भीरता को देखते हुए जांच एनआइए को सौंप दी गई।
तानिया परवीन के फेसबुक, टेलीग्राम, ट्वीटर एकाउंट की जांच भी की गई। उसके फोन कॉल्स को भी खंगाला गया । इसके अलावा पूछताछ के दौरान मिले सुरागाें के आधार पर ही बांडीपोर के अल्ताफ अहमद राथर का पता चला। अल्ताफ अहमद ने ही इंटरनेट मीडिया पर उसे अपने जाल में फांस उसे आतंकी संगठन के लिए काम करने को राजी किया। उसने उसे बंगाल व अन्य जगहों पर जिहादी गतिविधियों के लिए लड़के-लड़कियों को तैयार करने का जिम्मा सौंपा था। इसके अलावा उसने ही तानिया का संपर्क पाकिस्तान में बैठे आतंकी सरगनाओं से कराया था।
एनआइए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि अल्ताफ अहमद राथर को गिरफ्तार करने से पूर्व उसके खिलाफ सभी आवश्यक सबूत जमा किए गए हैं। वह लश्कर के भर्ती माड्यूल का एक अहम हिस्सा है। वह बांडीपोर के एक स्कूल में पढ़ाता है। स्कूल में अध्यापन सिर्फ उसका एक ढकोसला है, उसका असली काम इंटरनेट मीडिया पर कश्मीर और बाहरी राज्यों के युवाओं के साथ संपर्क कर उन्हें जिहादी गतिविधियों के लिए उकसाना और लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करना है। फिलहाल, उससे अभी पूछताछ जारी है। 

बाहरी मजदूरों को फिर सताने लगा लॉकडाउन का डर, मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर उमड़ा लोगों का हुजूम : OmTimes

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने दोबारा से वहीं हालात पैदा कर दिया है, जिससे घबराकर काम धंधे की तलाश में आये प्रवासी मजदूर फिर से अपने घरों को लौटने लगे हैं। मुंबई में हालात और बदतर होते जा रहे हैं , अब लोगों को लंबे लॉकडाउन का डर सताने लगा है।  ऐसे में प्रवासी मजदूर बड़ी संख्‍या में अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं।  मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन पर भारी संख्‍या में ऐसे लोगों का हुजूम उमड़ आया है। मुंबई के रेलवे स्‍टेशनों पर भीड़ लगातार बढ़ रही है,  ट्रेन के टिकट के लिए  लंबी-लंबी लाइनें देखी जा रही हैं!
प्राइवेट कंपनियों ने भी लॉकडाउन के डर से मजदूरों को नौकरियों से निकालना शुरू कर दिया है। भिवंडी और ठाणे में हालात काफी खराब नजर आ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि पिछले साल सरकार ने अचानक लॉकडाउन लगाकर हमारी मुश्किलें बढ़ा दी थी। यहां काम धंधा छिन गया था, और घर लौटने के लिए हम परेशान हो गए थे। हमने पुलिस के डंडे भी खाये थे। कोरोना के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, कभी भी लॉकडाउन लगाया जा सकता है। ऐसे में अब हमारा अभी गांव लौट जाना ही सही है। 
मुंबई में बीते कई वर्षो से गार्ड की नौकरी करने वाले एक व्‍यक्ति का कहना था कि लॉकडाउन की आशंका को देखते हुए कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है। घर लौटने के पैसे तक खत्‍म हो चुके हैं, ऐसे में घर से पैसे मंगवाकर टिकट खरीद रहा हूं।  पहले लॉकडाउन के बाद जब हालात सामान्‍य हुआ था उसके बाद ही मैं यहां लौटा आया था ,लेकिन अब नौकरी जाने के बाद खाना खाने के पैसे तक नहीं बचे हैं ऐसे में गांव लौट जाना ही सही है।   गौरतलब है कि पिछले साल देशव्यापी लॉकडाउन के कारण  मुंबई में काम करने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों का कामकाज बंद हो गया था, जिसके बाद मुंबई में बिहार, उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश और झारखंड जैसे अनेक राज्यों से आये इन मजदूरों को पैदल ही घर लौटना पड़ा था।

पश्चिम बंगाल में चौथे चरण का मतदान जारी, 5 जिलों की 44 सीटों पर वोटिंग: OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)   पश्चिम बंगाल में चौथे चरण का मतदान शुरू हो चुका है। इस चरण में केंद्रीय बलों की कुल 793 कंपनियां तैनात हैं। राज्य की पांच जिलों हावड़ा, दक्षिण 24 परगना, हुगली,कूचबिहार और अलीपुरद्वार की कुल 44 सीटों पर मतदान हो रहे हैं। चौथे चरण में कुल 15,940 पोलिंग बूथ हैं।  मतदान सुबह सात बजे से शाम साढ़े छह बजे तक होगा। चौथे चरण में कुल 373 प्रत्याशी मैदान में हैं और 1,15,81,022 मतदाता उनकी सियासी किस्मत का फैसला करेंगे। इनमें 58,82,514 पुरूष व 56,98,218 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 290 है। 

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– पश्चिम बंगाल:- विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान में आज 44 सीटों पर मतदान हो रहे हैं। दिनहाटा के कूच बिहार में मतदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग मतदान केंद्र पहुंचे।  

– पश्चिम बंगाल: दक्षिण-24 परगना में विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए मतदान चल रहा है। 

इन सीटों पर हो रहा मतदान –

कूचबिहार की नौ सीटों पर मतदान-  मेकलीगंज (सुरक्षित), माथाभांगा (सुरक्षित), कूचबिहार उत्तर (सुरक्षित), कूचबिहार दक्षिण, शीतलकूची (सुरक्षित), सिताई (सुरक्षित), दिनहाटा, नाटाबाड़ी व तूफानगंज। अलीपुरद्वार की पांच सीटों पर मतदान- कुमारग्राम (सुरक्षित), कालचीनी (सुरक्षित), अलीपुरदुआर, फालाकाटा (सुरक्षित) व मदारीहाट (सुरक्षित)। दक्षिण 24 परगना की 11 सीटों पर मतदान-  मटियाब्रुज, बेहला पूर्व, बेहला पश्चिम, बजबज, महेशतल्ला, टॉलीगंज, सोनारपुर उत्तर, जादवपुर, कसबा, भांगड़ व सोनारपुर दक्षिण।हावड़ा की नौ सीटों पर मतदान- उलबेरिया पूर्व, पांचला, संकराइल (सुरक्षित), हावड़ा दक्षिण, हावड़ा मध्य, हावड़ा उत्तर, शिवपुर, बाली व डोमजूड़।हुगली की 10 सीटों पर मतदान- सिंगुर, चंडीतल्ला, सप्तग्राम, पांडुआ, बालागढ़ (सुरक्षित), चुंचुड़ा, चंदननगर, श्रीरामपुर, उत्तरपाड़ा व चांपदानी।

जंगीपाड़ा विस सीट के एक बूथ पर पुनर्मतदान – हुगली जिले की जंगीपाड़ा सीट के एक बूथ पर  पुनर्मतदान होगा। यहां तीसरे चरण में मतदान हुआ था। इस दौरान परमानंदपुर प्राथमिक विद्यालय के 88 नंबर बूथ में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने वहां फिर से मतदान कराने का निर्णय लिया था। 

चौथे चरण में पायल, लवली, श्रावंती, यश समेत कई फिल्मी सितारों की किस्मत दांव पर– बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने बड़ी संख्या में सेलिब्रिटी को चुनावी मैदान में उतारा है। चौथे चरण में शनिवार को 44 सीटों पर होने वाले मतदान में इनमें से कई फिल्मी सितारों व सेलिब्रिटी की किस्मत दांव पर लगी है। इसमें तीन मशहूर बांग्ला फिल्म अभिनेत्रियों के साथ दो अभिनेता व एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर भी मैदान में हैं, जिनके सियासी भाग्य का फैसला होगा। इन सभी ने हाल में अपनी राजनीतिक पारी शुरू की है। इसके अलावा इस चरण में केंद्रीय मंत्री व गायक बाबुल सुप्रियो समेत तृणमूल सरकार के छह हेवीवेट मंत्रियों व कई और कद्दावर नेताओं के किस्मत का भी फैसला होना है। 

इस चरण में सबसे ज्यादा सेलिब्रिटी हैं मैदान में – इस चरण में सबसे ज्यादा सेलिब्रिटी मैदान में हैं।  कोलकाता के बेहला पूर्व सीट से भाजपा की ओर से अभिनेत्री पायल सरकार, बेहला पश्चिम से अभिनेत्री श्रावंती चटर्जी, हुगली के चंडीतल्ला सीट से अभिनेता यश दासगुप्ता जबकि तृणमूल की ओर से सोनारपुर दक्षिण सीट से अभिनेत्री लवली मोइत्रा मैदान में हैं। हुगली के उत्तरपाड़ा सीट पर तृणमूल की ओर से बांग्ला अभिनेता कांचन मलिक मैदान में हैं। हुगली के उत्तरपाड़ा सीट पर तृणमूल की ओर से बांग्ला अभिनेता कांचन मलिक मैदान में हैं। 

हावड़ा के शिवपुर से लड़ रहे हैं पूर्व क्रिकेटर- हावड़ा के शिवपुर सीट से तृणमूल के टिकट पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी मैदान में हैं। इसके अलावा पूर्व अभिनेत्री व हुगली से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी अपने संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत चुंचुड़ा सीट से मैदान में हैं। इसी तरह हुगली के चंदननगर सीट से राज्य के मंत्री व गायक इंद्रनील सेन, कोलकाता के कसबा सीट से मंत्री जावेद खान, हुगली के सप्तग्राम सीट से मंत्री तपन दासगुप्ता एवं हावड़ा मध्य सीट से मंत्री अरूप राय की किस्मत भी दांव पर है। 

तृणमूल छोड़ने वाले पूर्व मंत्रियों के भाग्य का भी होगा फैसला – इस चरण में हुगली के सिंगुर व हावड़ा के डोमजूर सीट पर भी सभी की नजरें हैं। सिंगुर से पूर्व मंत्री व हाल में तृणमूल छोड़ने वाले वरिष्ठ विधायक रवींद्र नाथ भट्टाचार्य (90) एवं डोमजूर से पूर्व मंत्री राजीब बनर्जी भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। यहां इस बार जोर आजमाइश है। इसके अलावा हुगली के चांपदानी सीट से विधानसभा में विपक्ष के नेता व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान की किस्मत का भी फैसला होना है।

लखनऊ में 16 अप्रैल तक लगा रात्रि कर्फ्यू , आवश्यक सेवाओं में पर‍िचय पत्र ही है पास, जान‍िए क्‍या है गाइड लाइन : OmTimes

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नाइट कफ्र्यू का कदम उठाया है। प्रदेश के हालात की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में प्रतिदिन सौ से अधिक मामले आ रहे हैं या 500 से अधिक सक्रिय मामले हैं, वहां नाइट कफ्र्यू लगाया जाए और माध्यमिक स्कूल बंद क‍िए जाए। इसके ल‍िए डीएम-एसपी आपसी समन्वय से फैसला ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लखनऊ के डीएम अभ‍िषेक प्रकाश ने गाइडलाइन जारी किया है। आठ अप्रैल की रात से लखनऊ में लागू नाइट कफ्र्यू शुरू हो जाएगा। यह प्रत‍िबंंध 16 अप्रैल सुबह छह बजे तक प्रत‍िबंध प्रभावी रहेगा। 

रात्रि कर्फ्यू की ये है गाइड लाइन – समस्‍त आवश्‍यक सेवाएं जैसे स्‍वास्‍थ्‍य, च‍िक‍ित्‍सकीय सेवा, दवाएं, सब्‍जी, फल दूध, रसाोई गैस, सीएनजी की आपूर्त‍ि पूर्व की भांत‍ि चलती रहेगी। इन सेवाओं से जुड़े लोग, कोरोना वॉर‍ियर, स्‍वच्‍छताकर्मी व डोर स्‍टेल ड‍िलीवरी से जुड़े व्‍यक्‍त‍ियों के ड्यूटी संबंधी आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। उनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  एयरपोर्ट, रेलवे स्‍टेशन तथा बस स्‍टैंड पर आने-जाने वाले यात्र‍ियों के आवागमन पर प्रत‍िबंध नहीं होगा। रेल/बस अथवा फ्लाइट का ट‍िकट यात्रा पास की भांत‍ि मान्‍य होगा। तथा यात्र‍ियों के ल‍िए ट‍िकट को अन‍िवर्य रूप से साथ रखना होगा। चेक‍िंंग के दौरान मांगे जाने पर द‍िखाना होगा। समस्‍त प्रकार के माल वाहनों के आवागमन में कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। राष्‍ट्रीय एवं राज्‍यमार्गों पर पर‍िवहन जारी रहेगा। पेट्रोल पंप एवं सीएनजी स्‍टेशन पूर्ववत खुले रहेंगे। सफाई एवं स्‍वच्‍छता, स्‍वच्‍छ पेयजल आपूर्त‍ि, व‍िद्युत प्रबंधन, रेलवे, रोडवेज, मेट्रो इत्‍याद‍ि सेवाओं से संबंध‍ित अध‍िकारी/कर्मचारी ड्यूटी संबंध‍ित आवागमन  के ल‍िए इन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त रहेंगे तथा इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  सभी वृहद न‍िर्माण कार्य जैसे एक्‍सप्रेस वे, बडे पुल एवं सड़क, लोक न‍िर्माण व‍िभाग के न‍िर्माण कार्य सरकारी  भवन तथा न‍िजी प्रोजेक्‍ट जारी रहेंगे।  मंडी से होने वाला थोक व्‍यापार अपने न‍िर्धार‍ित समय  अथवा मंडी पर‍िषद द्वारा न‍ियम समय के अनुसार संचाल‍ित होता रहेगा। फल-सब्‍जी खरीद, ब‍िक्री संबंधी आवागमन प्रत‍िबंधों से मुक्‍त होगा।  आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की रात्र‍ि प्रसारण सेवाएं, अन्‍य सरकारी अथवा गैर सरकारी मीड‍िया एवं न्‍यूज र‍िपोर्ट‍िंंग संस्‍थान तथा संबंध‍ित कार्यालय के रात्र‍िकालीन कर्मी अपने उक्‍त कार्यों के ल‍िए प्रत‍िबंध से मुक्‍त रहेंगे। इनका पर‍िचय पत्र पास की भांत‍ि मान्‍य होगा।  अन्‍य आवश्‍यक सेवाओं, सुरक्षा सेवाओं जैसे स‍िक्‍योर‍िटी गार्ड, एटीएम, टेलीकॉक मेंटेनेंस, आपातकालीन मेंटेनेंस सेवा प्रदाता इलेक्‍ट्र‍िश‍ियन, प्‍लंबर, एसी र‍िपेयर आपाातकालीन सर्व‍िस के ल‍िए कारण बताने पर जाने द‍िए जाएंगे।    औद्योग‍िक कारखाने ज‍िनमें आइटी एवं आईटी इंबेल्‍ड सर्व‍िस से जुड़े उद्योग कोव‍िड 19 प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन सुन‍िश्‍च‍ित करते हुए चलते रहेंगे। इनके कर्म‍ियों को नाइट ड्यूटी के ल‍िए पर‍िचय पत्र द‍िखाने पर आवागमन की अनुमत‍ि दी जाएगी।

अब गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी लगा नाइट कर्फ्यू, जानिये इसकी टाइमिंग : OmTimes

नोएडा (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली और गाजियाबाद के बाद अब नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान हो चुका है। समूचे जिले में दिल्ली की तरह ही रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बृहस्पतिवार दोपहर में स्वास्थ्य व जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर रात्रि कर्फ्यू लगाने को लेकर फैसला लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगाया जाएगा। कुलमिलाकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में दिल्ली की तर्ज पर ही नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। यह नाइट कर्फ्यू 17 अप्रैल की सुबह तक प्रभावी रहेगा।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू का टाइमिंग– रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सामान्य गतिविधियां नहीं होंगी।
दिल्ली की तरह पर ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी नाइट कर्फ्यू लगाया गया है।  यहां पर भी दिल्ली की ही तरह रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है। यह लाइन कर्फ्यू शुक्रवार की रात से शुरू होगा।
उधर, जिला सूचना अधिकारी के मुताबिक, गाजियाबाद जिले में कोविड-19 संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन का कड़ा रुख रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने 17 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक गाजियाबाद में नाइट कर्फ्यू प्रभावी रहेगा। इसके साथ ही जिले में सभी शिक्षण संस्थाएं, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर को आगामी 17 अप्रैल तक बंद करने के आदेश हैं। वहीं, जिन शिक्षण संस्थानों में परीक्षा अथवा प्रैक्टिकल चल रहे हैं, वह यथावत परीक्षा के दिन खुलेंगे।
आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील 13 जिलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों संग समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने निर्देश दिए थे कि जिन जिलों में प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 100 पार हैं, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें। ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जा रहा है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए।

करोड़ों कीमत की जमीन को कौड़ियों के भाव खरीदते थे मुख्तार के लोग : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पश्चिमी यूपी के जरायम की दुनियां में मुख्तार अंसारी के गुर्गों का कोई सानी नहीं था। यदि किसी कीमती जमीनों पर उनकी नजर पड़ जाए तो वो उसको साम, दाम, दंड, भेद सब अपनाकर अन्ततः हासिल कर ही लेते थे। करोड़ों की जमीन को जबरन बेचने के लिए कहा जाता था।
यदि सामने वाला बेचने के लिए राजी न हो तो उसे घर से उठाकर ले जा कर कागजों पर साइन करवा लेते थे। मुख्तार के इस काले कारोबार में दिल्ली के भी कुछ शातिर बदमाश शामिल थे। ये लोग दिल्ली में भी इसी तरह से जमीन को कम दाम में खरीदने और कब्जा करने में मुख्तार के नाम का इस्तेमाल करते थे।
और तो और साइन करवाने के बाद जमीन के एवज में जो चेक दिया जाता था वो बाउंस हो जाता था। एक बार बाउंस होने के बाद यदि जमीन बेचने वाला दुबारा से चेक मांगने की हिम्मत कर पाता तो उसे वो भी दिया जाता। मगर गुर्गे चेक को फिर से बाउंस करा देते। तीसरी बार चेक मांगने पर पिस्टल लगा दी जाती थी, साथ ही गुंडा टैक्स भी मांगा जाता था।
बनारस में ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें पीड़ित ने हिम्मत करके थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, ये मामला भी एक समय सुर्खियों में था। अब जब मुख्तार अंसारी वापस यूपी की बांदा जेल में पहुंच गया है तो इस तरह के तमाम मामलों को खुलने की उम्मीद फिर से जगी है। साथ ही पीड़ितों को लग रहा है कि अब उनको न्याय मिल पाएगा।
बात साल 2016 की बनारस की है। इन दिनों ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। बनारस के रहने वाले आरिफ के अनुसार उसके पिता ने वर्ष 1962 में मौजा जोल्हा परगना देहात अमानत में एक बीघा जमीन खरीदी थी। पिता की मौत के बाद वह जमीन आरिफ और उसके दो अन्य भाईयों के नाम दर्ज हो गई। साल 2016 में मुख्तार अंसारी से जुड़े लोगों की नजर उस जमीन पर पड़ गई तो वो लोग आरिफ पर इस जमीन को बेचने का दबाव बनाने लगे।
जब काफी दबाव पड़ा तो आरिफ और उसका भाई इस जमीन को एक-एक करोड़ रुपये में बेचने के लिए तैयार हो गए थे। मुख्तार के गुर्गे इस जमीन के लिए इतना पैसे देने के लिए तैयार नहीं हुए फिर एक दिन साल 2016 में ही मुख्तार के लोग उन्हें और उसके भाई को घर से जबरन उठाकर कचहरी ले आए और वहां पहले से तैयार कागजात पर इन दोनों से साइन करवा लिए। इन लोगों ने कागजी खानापूर्ति के लिए दोनों भाइयों को 22 लाख 50 हजार के दो चेक दे दिए और कागज पूरे करवा लिए। जब इन दोनों भाइयों ने जमीन के लिए एक-एक करोड़ रुपये की मांग की तो गुर्गों ने जान से मारने की धमकी दे डाली।
अब जब दोनों भाइयों ने सब्र करते हुए इन दोनों चेकों को बैंक में डाला तो चेक बाउंस हो गए। फिर दोनों भाई परेशान हुए। काफी भागदौड़ करने के बाद इनको साल 2017 मार्च में फिर से चेक दिया गया। इस बार ये चेक भी बाउंस हो गया, अब जब तीसरी बार ये बाउंस चेक का पैसा मांगने मुख्तार के गुर्गों के पास गए तो इनको जान से मारने की धमकी दी गई। फिर इन्होंने पुलिस में शिकायत दी।
13 जनवरी 2021 को आरिफ सदर तहसील से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विक्रम ब्रिज, अफजाल और दो अन्य ने पिस्टल सटा कर मुख्तार के नाम से 50 लाख रुपये का गुंडा टैक्स मांगा। इसी के साथ इन लोगों ने जमीन और बकाया पैसा भूल जाने की धमकी दी। इस तरह के कई मामले यूपी के थानों में दर्ज हैं जो अब खुलकर सामने आ रहे हैं।

अमेरिकी संसद भवन के सामने कार ने पुलिस अधिकारियों को कुचला, पुलिस ने चालक को मारी गोली : OmTimes

वाशिंगटन (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के कैपिटल हिल परिसर में शुक्रवार को दोपहर उस वक्‍त हड़कंप मच गया जब एक कार ने बैरिकेड को टक्कर मारते हुए दो पुलिस अधिकारियों को रौंद दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से एक अधिकारी की मौत हो गई जबकि दूसरे की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस की ओर से चलाई गई गोली से कार चालक भी घायल हो गया जिसकी बाद में मौत हो गई।
बताया जाता है कि यह घटना कैपिटल के पास एक जांच चौकी पर हुई। अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) के बाहर बैरीकेड को टक्कर मारते हुए अधिकारियों को कुचलने के बाद कार का चालक चाकू लेकर बाहर निकला जिस पर पुलिस अधिकारियों ने उसे गोली मार दी। इस घटना में कैपिटल पुलिस के दो अधिकारी भी घायल हो गए जिनमें से एक की अस्पताल में मौत हो गई। 
कैपिटल पुलिस ने बताया कि यह घटना कैपिटल के पास चेक प्वाइंट के पास हुई जो सीनेट की तरफ की इमारत के प्रवेश द्वार से करीब 90 मीटर की दूरी पर है। फिलहाल कांग्रेस (संसद) का अवकाश चल रहा है। यह घटना उस वाकये के करीब तीन महीने बाद हुई है जब पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप की समर्थक सशस्त्र भीड़ ने कैपिटल पर धावा बोल दिया था। अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि संदिग्ध कार चालक हाथ में चाकू लेकर बाहर निकला और दो अधिकारियों की ओर दौड़ने लगा। 
उसने एक पुलिस अधिकारी पर चाकू से वार कर दिया जिस पर अधिकारियों ने उसे गोली मार दी। बाद में संदिग्ध की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने मृत अधिकारी या संदिग्ध कार चालक की पहचान उजागर नहीं की है। साथ ही कहा कि यह घटना आतंकवाद से जुड़ी हुई प्रतीत नहीं होती है। इसके अलावा इसका छह जनवरी की हिंसा से भी कोई जुड़ाव दिखाई नहीं दे रहा है। 
घटना के बाद कैपिटल परिसर में लाकडाउन कर दिया गया और कर्मचारियों के बाहर या अंदर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बता दें कि इस इलाके के नजदीक वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए लगाई गई फेंसिंग को हाल ही में हटा दिया गया था क्योंकि छह जनवरी की हिंसा के बाद कैपिटल में कामकाज शुरू हो गया है।

राकेश टिकैत पर हुए हमले के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर किसान हुए उग्र, टैक्टर ट्रॉली लेकर मार्ग में लगाया जाम : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भाकियू नेता राकेश टिकैत की गाड़ी पर राजस्थान के अलवर में हुए हमले के विरोध में शुक्रवार देर दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर बैठे किसान बेेेेहद आक्रोशित हो गए। सबसे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जाम लगा दिया। वहीं इसके कुछ समय बाद ही शाम को कुंडली बार्डर पर बैठे आंदोलनकारियों ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया। रात होते होते चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने भी जाम लगा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। केएमपी पर हालांकि, करीब 20 मिनट बाद ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने आंदोलनकारियों को वहां से वापस बुला लिया और इसके बारे में बाद में बैठक कर कोई निर्णय लेने की बात कही। दूसरी ओर, राकेश टिकैत ने भी संदेश जारी कर आंदोलनकारियों को शांत रहने को कहा है।

कहां हुआ है हमला – राजस्थान के अलवर जिले में शुक्रवार को राकेश टिकैत की गाड़ी पर हमला हो गया था। इसकी सूचना कुंडली बार्डर पर बैठे आंदोलनकारियों तक पहुंची तो वे आक्रोशित हो गए और शाम करीब पौने सात बजे ट्रैक्टर लेकर कुंडली के पास केएमपी पर चढ़ गए और जाम लगा दिया। अचानक जाम लगाने से केएमपी पर वाहनों की कतार लग गई।
इधर साहिबाबाद के नगमानिगार के अनुसार तीनों कृषि कानूनों के विरोध में 28 नवंबर से यूपी गेट पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ की दिल्ली से आने वाली लेन को बंद कर दिया। उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर राजस्थान के अलवर जिले में हमला होने का आरोप लगाया। उन्हें सुरक्षा देने की मांग की। करीब एक घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने यह रास्ता खोला। इस दौरान लंबा जाम लग गया। राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है!
यूपी गेट पर दिल्ली जाने वाली सभी लेन बंद हैं। सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ की दिल्ली से आने वाली लेन खुली है। शुक्रवार शाम साढ़े पांच बजे प्रदर्शनकारियों ने इस लेन को भी बंद कर दिया। उन्होंने राकेश टिकैत पर हमला होने का आरोप लगाया। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर अपर जिलाधिकारी नगर शैलेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रेस प्रभारी शमशेर राणा ने बताया कि अधिकारियों ने राकेश टिकैत को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। उसके बाद शाम साढ़े छह बजे दिल्ली से आने वाली लेन खोल दी गई। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार आंदोलन को कुचलना चाहती है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।

अचानक हाईवे बंद हो जाने से फ्लाईओवर पर भयंकर जाम लग गया। वाहन चालक फंस गए। इस दौरान हादसे की भी संभावना बनी। दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर से ही रूट डायवर्जन कर दिया। वाहनों को अन्य सीमाओं से गुजारा गया। इसका दुष्प्रभाव यह रहा कि खोड़ा, ईडीएम माल सीमा पर भी जाम लग गया।
किसानों के धरने पर बैठने के चलते नोएडा-दिल्ली (चिल्ला मार्ग) पूरी तरह से बंद है। नोएडा यातायात पुलिस को मार्ग पर डायवर्जन लागू करना पड़ा है। सेक्टर-14ए नोएडा-दिल्ली लिंक रोड होते हुए दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को डीएनडी के रास्ते अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ रहा है। वहीं, दिल्ली से आने वाले रास्ते भी बंद है। इससे डीएनडी टोल से फिल्म सिटी फ्लाईओवर तक जाम लगा है। वाहन चालकों को परेशान की सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक जाम सेक्टर-95 स्थित महामाया फ्लाईओवर व फिल्म सिटी के पास लगा है। वहीं, चिल्ला मार्ग बंद होने से कालिंदी कुंज पर भी यातायात का दबाव बढ़ा है। वहीं, धरने पर बैठे किसान नेताओं को उठाने के लिए नोएडा पुलिस की ओर से प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि किसान नेताओं से बातचीत चल रही है। कुछ ही देर में रास्ते को खुलवा लिया जाएगा।

काकोरी के पास दो हिस्सों में बटी सप्तक्रांति एक्सप्रेस, यात्रियों में मचा हड़कंप : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास शुक्रवार रात बड़ा रेल हादसा टल गया। आनंद विहार से मुज्जफरपुर जा रही सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस 02558 दो हिस्सों में लखनऊ आने से पहले काकोरी के पास दो हिस्सों में बट गई। गार्ड की सूचना पर करीब एक किलोमीटर आधी ट्रेन लेकर आगे निकल चुके ड्राइवर ने ट्रेन रोकी। गार्ड ने जब घटना की सूचना से रेलवे कंट्रोल रूम को दी तो हड़कंप मच गया। तेज झटके के साथ ट्रेन अचानक रुकी तो यात्रियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना अभी नहीं है। देर रात तक ट्रेन की कपलिंग जोड़ने का काम चल रहा था।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजय त्रिपाठी ने पूरी घटना के जांच के निर्देश दिए हैं। लखनऊ में ही ड्राइवर व गार्ड के बयान दर्ज किए जाने के बात डीआरएम ने बताई है। रेलवे अफसरों के मुताबिक सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस रात 10:45 बजे लखनऊ आती है। दस मिनट ठहराव के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर रवाना हो जाती है। परिचालन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि रात 9:42 बजे के आसपास सप्ताक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के दो कोचों को जोड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कपलिंग काकोरी पार होते ही खुल गई। ट्रेन में सामान्य कपलिंग लगी हुई थी।
सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के साथ इस हादसे कारण ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कुछ यात्रियों को लखनऊ में उतरना था और उनके परिजन चारबाग स्टेशन पर लेने भी आ गए थे, उसके बाद जब यात्रियों को फोन किया तो पूरी स्थिति से सफर कर रहे यात्रियों ने अवगत कराया। हालांकि कपिलंग खुलने से कोई यात्री चोटिल नहीं हुआ है। वहीं यात्रियों ने आरोप लगाया कि ट्रेन चलने से पहले अगर कोचों को जोड़ने में इस्तेमाल होने वाली कपलिंग की जांच कर ली जाती तो यह घटना न होती।

प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने दिया होली की शुभकामनाएं : OmTimes

नई दिल्ली/सिद्धार्थनगर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  देशभर में आज यानी 29 मार्च को होली का त्योहार मनाया जा रहा है। सुबह से ही लोग इस रंगों के त्योहार को मनाने के लिए घर से बाहर निकलना शुरू हो गए हैं। हालांकि, इस बार कोविड को लेकर काफी जगहों पर सख्ती है। होली की इस मौके पर राष्ट्रपति से लेकर पीएम व अन्य कई नेताओं ने बधाई दिया है। 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा, ‘होली पर देशवासियों को शुभकामनाएं। रंगों का त्‍योहार होली, सामाजिक सौहार्द का पर्व है और जीवन में खुशी, उत्‍साह, आशा का संचार करता है। मेरी कामना है कि उमंग और उल्‍लास का यह पर्व हमारी सांस्‍कृतिक विविधता में निहित राष्‍ट्रीय चेतना को और शक्ति प्रदान करे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों को होली के शुभ अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कामना की कि त्योहार लोगों के जीवन में ‘नई शक्ति और ऊर्जा’ का संचार करे। 

पीएम मोदी ने कहा, ‘आप सभी को होली की ढेर सारी शुभकामनाएं। आनंद, उमंग, हर्ष और उल्लास का यह त्योहार हर किसी के जीवन में नए जोश और नई ऊर्जा का संचार करे।’

गृह मत्री अमित शाह ने भी होली की बधाई देते हुए कहा, ‘रंग-उमंग, एकता और सद्भावना का यह महापर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य लाए।’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा , ‘होली के पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। रंगो का यह त्योहार आप सभी के जीवन में हर्ष और उल्लास के साथ साथ उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि लेकर आए।’
यूपी के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा होली के पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ! जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर सहित मुख्य विकास अधिकारी सिद्धार्थनगर ने भी कहा – होली पर्व की सभी को हार्दिक शुभ कामना ! आप को बता दें कि भले ही होली मुख्यरूप से हिंदू त्योहार है, लेकिन यह अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी मनाया जाता है। यह देश में वसंत फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक है। लोग ‘होली है’ बोलते हुए रंग व एक दूसरे को मिठाइयां खिलाते हैं। साथ ही पानी के साथ होली खेलते हैं। हालांकि, COVID-19 मामलों में हालिया उछाल के बीच देश भर के अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक उत्सव की मनाही है।

पहली बार एक दिन में 300 से ज्यादा की हुई मौतें, महाराष्‍ट्र में लॉकडाउन के संकेत : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की दूसरी लहर थमती नजर नहीं आ रही है। संक्रमण के नए मामलों के साथ ही दैनिक मौतों का आंकड़ा भी बढ़ते जा रहा है। इस साल पहली बार एक दिन में महामारी की वजह से तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो हुई है, जबकि 63 हजार से ज्यादा नए केस भी पाए गए हैं। सक्रिय मामलों में लगातार 18वें दिन भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं महाराष्ट्र में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच रविवार को मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉकडाउन लगाने के संकेत दिए।

तो लगा देंगे फिर लॉकडाउन

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वरिष्ठ अधिकारियों और कोविड टास्क फोर्स के साथ बैठक में कहा कि यदि लोग कोरोना से संबंधित नियमों का उल्लंघन करना जारी रखते हैं तो लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें। सरकार ने कोरोना संबंधी सभी पाबंदियों को 15 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि मुंबई में जिस रिहायशी सोसाइटी में पांच या उससे अधिक संक्रमित पाए जाएंगे उसे सील कर दिया जाएगा।

टास्क फोर्स ने जताई है यह आशंका – इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्यों ने आशंका जताई कि राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान 40 हजार से ज्यादा नए मामले मिल सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि इसे देखते हुए टास्क फोर्स ने लॉकडाउन जैसी सख्त पाबंदियां लगाने का सुझाव दिया है। वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों से लॉकडाउन की ऐसी योजना बनाने को कहा है जिससे अर्थव्यवस्था पर कम से कम प्रभाव पड़े। 

महाराष्‍ट्र में धारा-144 हुआ लागू – महाराष्‍ट्र में शनिवार रात से थिएटरों को बंद कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थल पर बिना मास्क पाए जाने पर अब 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यही नहीं मॉल, रेस्तरां, बीच और गार्डन रात आठ से सुबह सात बजे तक बंद रहेंगे। इस दौरान इन जगहों पर किसी भी व्‍यक्ति के पाए जाने पर उस पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। महाराष्‍ट्र में रविवार रात से धारा-144 लगा दी गई।

महाराष्ट्र में है संक्रमण की दर सबसे ज्यादा 22.78 फीसद – आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संक्रमण की दर राष्ट्रीय औसत दर (5.04 प्रतिशत) से ज्यादा है। इनमें से भी महाराष्ट्र में संक्रमण की दर सबसे ज्यादा 22.78 प्रतिशत हो गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय औसत से ज्यादा संक्रमण की दर चंडीगढ़ (11.85 प्रतिशत), पंजाब (8.45 प्रतिशत), गोवा (7.03 फीसद), पुडुचेरी (6.85 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (6.79 फीसद), मध्य प्रदेश (6.65 प्रतिशत) और हरियाणा (5.41 प्रतिशत) में है। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक सक्रिय मामलों में लगातार 18 दिनों से बढ़ रहे हैं। इस समय इनकी कुल संख्या 4,86,310 हो गई है, जो कुल संक्रमितों का 4.06 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 3.04 लाख सक्रिय मामले हैं।

प्रधान मंत्री मोदी ने कहा – ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ के मंत्र का करें पालन – प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में कोरोना को लेकर पिछले साल इसी महीने में लगाए गए जनता कर्फ्यू की याद दिलाई। उन्होंने इसे अनुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। कहा कि आने वाले पीढि़यां इस पर गर्व करेंगी। कोरोना के बढ़ते हुए मामले को देखते हुए उन्होंने कहा कि सभी को ‘दवाई भी, कड़ाई भी’ के मंत्र का पालन करना होगा। पीएम मोदी ने अपनी बारी आने पर कोविड वैक्सीन लगवाने की अपील की। 
इन शहरों में लगा लॉकडाउन – महाराष्ट्र के औरंगाबाद में लॉकडाउन लगाया गया है जो 30 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा। वहीं नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। महाराष्ट्र में रविवार रात से धारा-144 लगाई गई है। मध्य प्रदेश के विदिशा, उज्जैन, ग्वालियर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा के सौंसर में हर रविवार को लॉकडाउन का फैसला किया गया है। वहीं महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई इलाकों में नाइट कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। 
मंत्रालय के मुताबिक 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रति 10 लाख आबादी पर जांच राष्ट्रीय औसत (1,74,602) से कम है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं।

सात राज्यों में 81 फीसद से ज्यादा नए केस – देश के सात राज्यों में महामारी की स्थिति ज्यादा खराब है। ये राज्य हैं-महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु। बीते 24 घंटों के दौरान पाए गए कुल नए संक्रमितों में से 81.46 फीसद इन्हीं राज्यों से हैं।

संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 19 लाख से भी आगे निकल गया है – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान 62,714 नए मामले मिले और संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 19 लाख 71 हजार को पार कर गया। इससे पहले पिछले साल 16 अक्टूबर को इससे ज्यादा 63,371 केस पाए गए थे। इस दौरान 312 लोगों की मौत भी हुई है। 25 दिसंबर, 2020 को इससे ज्यादा 336 मौतें हुई थीं।

अब तक एक लाख 61 हजार से ज्‍यादा की हुई मौतें – मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,61,6552 हो गया है। 28,739 लोग पूरी तरह से संक्रमण मुक्त भी हुए हैं और इसके साथ ही अब तक पूरी तरह से ठीक हो चुके मरीजों की संख्या एक करोड़ 13 लाख 23 हजार से ज्यादा हो गई है। मरीजों के उबरने की दर घटकर 94.58 फीसद पर आ गई है और मृत्युदर 1.35 फीसद है।

शनिवार को 11.81 लाख लोगों का हुआ टेस्ट – भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक कोरोना संक्रमण के पता लगाने के लिए शनिवार को देश भर में 11,81,289 नमूनों की जांच की गई। इनको मिलाकर 27 मार्च तक कुल 24.09 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।

इन 14 राज्यों में 24 घंटों में कोई मौत नहीं – देश के 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना महामारी के चलते किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। इन राज्यों में राजस्थान, आंध्र प्रदेश, असम, लक्षद्वीप, लद्दाख, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन और दीव, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, त्रिपुरा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।

भाजपा के एक विधायक ने उद्धव सरकार को हिंदू विरोधी बताया – महाराष्ट्र के भाजपा विधायक राम कदम ने राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को हिंदू विरोधी बताया है। कोरोना के चलते होलिका दहन पर लगाई गई पाबंदियों के चलते उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए यह आरोप लगाया। कदम ने ट्वीट किया, ‘ठाकरे सरकार के मुताबिक आप घर के बाहर होलिका नहीं जला सकते। अगर आप ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो पुलिस आपके खिलाफ कार्रवाई करेगी। अगर होलिका घर के बाहर नहीं जलाई जाएगी तो क्या घर के अंदर जलाई जाएगी? क्या उन्होंने (सरकार) होश खो दिया है? रंगों वाली होली खेलने पर लगाई गई पाबंदियां तो समझ में आती है, क्योंकि उसमें भीड़ ज्यादा होती है।’ 

दुकान में घुस कर ट्रक ने डेढ़ दर्जन लोगों को कुचला, छह लोगों की हुई मौत, भीड़ ने किया थाने पर हमला : OmTimes

नालंदा (ऊँ टाइम्स)  इस जिले के एकंगरसराय प्रखंड के तेल्हाड़ा ताड़ पर इलाके में तेल्‍हाड़ा थाने के पास आज शाम में एक भयानक हादसा हो गया। सड़क किनारे फुटपाथी दुकानदारों को रौंदते हुए एक ट्रक बेकाबू होकर झोपड़ी में बने होटल में जा घुसा। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। वहीं 12 से अधिक लोग जख्‍मी हो गए हैं। घायलों का इलाज तेल्हाड़ा के एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। हादसे के बाद ड्राइवर ने भागकर थाने में शरण लेकर जान बचाई। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। पहले दुर्घघटनाग्रस्‍त ट्रक में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर दिया। नाराज लोगों ने घटनास्‍थल के पास स्थित तेल्‍हाड़ा थाना परिसर में खड़ी एक गाड़ी भी फूंक दी। घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी संवेदना जताई है। उन्‍होंने मृतकों के आश्रितों को आपदा राहत के तहत राशि और घायलों को इलाज की समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया है।
बताया जाता है कि घटनास्‍थल तेल्‍हाड़ा थाने के निकट है। तीन बजे  दिन में जहानाबाद की ओर से तेल्‍हाड़ा की ओर जा रहा ट्रक अचानक बेकाबू हो गया। फुटपाथी दुकानदारों को कुचलते हुए झोपड़ी में बनी मिठाई की दुकान में जा घुसा। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। आधा दर्जन लोगों की मौत घटनास्‍थल पर ही हो गई। स्‍थानीय लोग दौड़े। होटल में फंसे 12 लोगों को तेल्‍हाड़ा के निजी क्‍लीनिकों में भर्ती कराया। इस बीच ट्र्रक का चालक भागकर थाने में घुस गया।
घटना से  स्‍थानीय लोग भड़क उठे। लोगों ने सूचना पर पहुंची पुलिस पर भी पथराव कर दिया। घटना में एकंगरसराय के दारोगा सिद्धधेश्‍वर राम समेत कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। इसके बाद लोगों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया। फिर, लोगों का हुजूम थाने में घुस गया और वहां खड़ी एक गाड़ी में आग लगा दी।
आक्रोशित भीड़ ने मीडिया पर भी हमला किया। उन्‍होंने घटना को कवर कर रहे एक एक प्रेस फोटोग्राफर की पिटाई कर दी। डीएम योगेंद्र सिंह और एसपी हरिप्रसाथ एस मौके पर पहुंचे। भीड़ तीन घंंटे से भी अधिक समय से हंगामा कर रही है।

मृतकों की हुई पहचान – मृतकों की पहचान सब्‍जी विक्रेता केलाबीघा के झगरू, ताड़पर गांव के खेसारी लाल व चार अन्‍य हैं। घायलों में पान दुकानदार झुन्‍नू, फल दुकानदार शशि, मिठाई दुकानदार शंकर, संजय होटल के मालिक का भतीजा आदि शामिल हैं।  

कोरोना के बढते केस के कारण यूपी सरकार का नया फरमान जारी : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश सरकार ने जनहित में कोरोना के बढते केसों पर अंकुश लगाने के लिए नया दिशा निर्देश जारी किया गया है ! ➡ ➡

गृह मंत्रालय ने कोरोना नियंत्रण के लिए जारी किया नया दिशा-निर्देश, 1 से 30 अप्रैल तक रहेंगे लागू : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर गृह मंत्रालय ने प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है जो 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी होगा और 30 अप्रैल, 2021 तक लागू रहेगा। यह दिशा-निर्देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को देश के सभी हिस्सों में टेस्ट, ट्रैकिंग और ट्रीट प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने के लिए बाध्य करता है। इसके तहत भी सभी राज्यों को कहा गया है कि टीकाकरण की गति बढ़ाए और नए मामलों की जांच, पड़ताल और उपचार में भी तेजी लाएं। जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर जरूर नियंत्रण लगाया जा सकता है लेकिन अंतरराज्यीय आवागमन और माल की ढुलाई पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती है। विदेशों से होने वाले व्यापार से जुड़े आवागमन पर भी कोई रोक नहीं लगेगी। गृहमंत्रालय ने साफ किया है कि इसके लिए अलग से किसी और दिशानिर्देश या अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
इसमें कहा गया कि जिन राज्यों में आरटी-पीसीआर परीक्षणों का अनुपात कम है, उन्हें तेजी से बढ़ाकर 70 प्रतिशत या उससे अधिक कर देना चाहिए। गहन टेस्‍ट के परिणामस्वरूप पाए गए नए पॉजिटिव मामलों को जल्द से जल्द और समय पर उपचार प्रदान करने के लिए क्‍वारंटीन करने की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि कोरोना के पॉजिटिव मामलों और उनके संपर्कों की ट्रैकिंग के आधार पर जिला अधिकारियों को कंटेंट जोन को चिन्हित करना होगा और  उन्हें वेबसाइटों पर सूचित करना होगा।
गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कार्यस्थलों में और सार्वजनिक रूप से भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोविड से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएंगे। टेस्‍ट, ट्रैक और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
गृह मंत्रालय ने राज्यों को सभी प्राथमिकता समूहों को जल्द से जल्द कवर करने के लिए टीकाकरण में तेजी लाने के लिए भी कहा है। वैक्सीन ड्राइव में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में असमान स्‍थिति देखी गई है। कुछ राज्यों में टीकाकरण की धीमी गति चिंता का विषय है। वर्तमान परिदृश्य में कोविड के खिलाफ टीकाकरण ट्रांसमिशन की श्रृंखला को तोड़ने के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों को टीकाकरण की गति को तेजी से बढ़ाना चाहिए। सभी प्राथमिकता समूहों को शीघ्रता से कवर करना चाहिए। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण का राज्यों को पत्र-

-एक अप्रैल से को-विन पोर्टल पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन करें

  • बदले हुए नियम के मुताबिक को-विन सॉफ्टवेयर में सुधार किया जाए
  • 45-59 साल के लोगों से गंभीर बीमारियों के सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं

-कोरोना टीका केंद्रों का अधिकतम उपयोग किया जाए

-एक अप्रैल से को-विन पोर्टल पर 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का रजिस्ट्रेशन करें

  • बदले हुए नियम के मुताबिक को-विन सॉफ्टवेयर में सुधार किया जाए …

आज से राजस्थान के आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू, देश के कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज हुए बंद : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना वायरस संक्रमण का दूसरा दौर तेजी से रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। इसको देखते हुए देश के कई राज्यों में कोरोना संबंधी पाबंदियां फिर से लगाई जा रही हैं। कई राज्यों में लॉकडाउन लगाया गया है। कहीं एक दिन का लॉकडाउन तो कहीं 31 मार्च तक का लॉकडाउन है। इसके साथ ही कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू भी लगाया जा रहा है।
महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात के बाद अब देश के एक अन्य राज्य में आज से नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राजस्थान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आज से यहां के 8 शहरो में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आठ शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही राजस्थान के सभी निकायों में 22 मार्च से रात 10 बजे के बाद बाजार बंद रखे जाएंगे।
राजस्थान के आठ शहरों- अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ में रात 11 बजे से सुबह 5 तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। राजस्थान सरकार के फैसले के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में रात 10 बजे के बाद बाजार नहीं खुलेंगे। इसके साथ ही बाहर से शहर आए यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य रहेगा।

देश के आठ राज्यों में कोरोना वायरस के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, केरल, दिल्ली, तमिलनाडु शामिल हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर में हर रविवार एक दिन का लॉकडाउन लगाया गया है। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में सरकारों ने सख्ती दिखाते हुए स्कूल-कॉलेज बंद किेए जाने की घोषणा पहले ही कर दी है। इस बीच अब कई अन्य राज्य भी ऐसा कर रहे हैं। तमिलनाडु में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 12वीं के अलावा सभी स्कूल को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा पुडुचेरी में पहली से आठवीं तक के स्कूल 22 मार्च से 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भी कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को तत्तकाल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।  महाराष्ट्र में कोरोना का बढ़ना जारी है। महाराष्ट्र में एक दिन में 30,535 नए केस सामने आए हैं। जबकि 99 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 9,69,867 लोग होम क्वारंटीन हैं और 9,601 कोरोना सेंटर में भर्ती हैं। अकेले मुंबई में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3775 नए केस मिले जबकि 10 लोगों की मौत हो गई।  कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नागपुर में 31 मार्च तक लॉकडाउन लगाया गया है। इस बीच मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आज से मॉल में एंट्री के लिए कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गईहै। ========================

सुरक्षाबलों ने शोपिया में फिर तीन आतंकियों को मार गिराया, सर्च ऑपरेशन अभी जारी है : OmTimes

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  सुरक्षा बलों द्वारा श्रीनगर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में सुरक्षाबलों ने आज सुबह दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां के इमाम साहिब इलाके के मनिहाल गांव में छिपे तीन आतंकवादियों को मार गिराया। सुरक्षाबलों का गांव में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। मारे गए आतंकियों के शवों को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है और उनकी पहचान की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद पुलिस की एसओजी, सेना की 34 आरआर और सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम गांव में पहुंच गई। गांवों की घेराबंदी करने के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। वहीं एक मकान में छिपे आतंकवादियों ने जब सुरक्षाबलों को अपने नजदीक आते देखा तो उन्होंने गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।
जवाबी कार्रवाई करते हुए सुरक्षाबलों ने छिपे आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बार-बार कहा परंतु आतंकवादियों ने गोलीबारी जारी रखी। एक के बाद एक सुरक्षाबलों ने तीनों आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकवादियों के शवों के साथ सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद भी बरामद किया है। वहीं इलाके में और कोई आतंकी मौजूद तो नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए गांव में अभी भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
वहीं एक अन्य सैन्य अधिकारी ने बताया कि मारे गए तीनों आतंकी स्थानीय लग रहे हैं। उनकी पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है। ये दोनों आतंकी किस संगठन से संबंध रखते थे, इस बारे में अभी भी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।  ====================

भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआइ ने देश भर में एक साथ 100 से अधिक जगहों पर मारा छापा : OmTimes

नई दिल्ली (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार के दफ्तरों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार का पता लगाने के लिए सीबीआइ ने देशव्यापी औचक निरीक्षण किया। भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआइ के अभियान की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 25 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 100 से अधिक स्थानों पर सीबीआइ की टीम ने छानबीन की और बड़े पैमाने पर दस्तावेजों को जब्त किया। 
सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन दस्तावेजों की जांच की जाएगी और गड़बड़ी पाए जाने की स्थिति में एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार के औचक निरीक्षण में केंद्र सरकार के 30 विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में तलाशी ली गई। औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों व सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विजिलेंस विभाग के अधिकारी भी सीबीआइ की टीम के साथ थे। 
जिन विभागों में औचक निरीक्षण किया गया, उनमें एफसीआइ, रेलवे, आइओसी, कस्टम, एनडीएमसी, उत्तरी दिल्ली नगर निगम, सीपीडब्ल्यूडी, बीएसएनएल, एनबीसीसी, जीएसटी, पोस्टल जैसे विभाग शामिल हैं। सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जिन विभागों में औचक निरीक्षण किया गया, उनमें लंबे समय से भ्रष्टाचार और अनियमितता की शिकायतें मिल रही थीं। लेकिन एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए ठोस सुबूत नहीं मिल रहे थे। 
सभी शिकायतों और अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न विभागों एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के दफ्तरों की पहचान की गई। इसके बाद इन सभी जगहों पर एक साथ निरीक्षण का फैसला किया गया। जाहिर है कि इसकी तैयारी लगभग तीन महीने पहले शुरू कर दी गई थी लेकिन इसकी खबर किसी को नहीं लगने दी गई। 
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में भ्रष्टाचार रोकने में इस तरह का औचक निरीक्षण अहम साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण में मिले दस्तावेजों की जांच के बाद गड़बड़ी जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। शुक्रवार को जिन स्थानों पर छापे मारे गए उनमें मेरठ, प्रयागराज, बदरपुर, गोरखपुर, आगरा, फिरोजपुर, पटना, रांची, धनबाद और दिल्ली शामिल हैं।

कोरोना के बढते नये मामलों के वजह से एक बार फिर कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज हुए बंद, टली परीक्षाएं : OmTimes

नई दिल्‍ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के वजह से महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्‍सों में कहीं सीमित लॉकडाउन, तो कहीं रात का कर्फ्यू लगाने जैसे सख्त बंदोबस्‍त किए गए हैं। लंबे समय के बाद खुले स्कूल फिर से बंद होने लगे हैं। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में स्‍कूल-कॉलेजों को फिर से बंद करना पड़ा है। पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं को एक महीने के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, देश के कई हिस्‍सों में स्‍कूल खुले हैं। आइये जानतें हैं विभिन्न राज्‍यों का हाल..
महाराष्ट्र की हालत – महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण एक बार फिर डराने लगा है। राज्य सरकार ने 31 मार्च तक सभी ड्रामा थिएटरों और ऑडिटोरियम को 50 फीसद क्षमता के साथ चलाने के निर्देश दिए हैं। इनमें बिना मास्क के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। सभी प्राइवेट ऑफिस 50 फीसद क्षमता के साथ काम करेंगे। पुणे में स्कूल-कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।
महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी सभी सरकारी स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और निजी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। बीते दिनों नंदौर में एक आवासीय विद्यालय (आश्रम शाला) के छात्रों और एक शिक्षक सहित 30 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए जिसके बाद छात्रावास को सील कर दिया गया था। मुंबई में सभी शिक्षकों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए कहा गया है।

गुजरात के इन शहरों में स्‍कूल और कालेज हुआ बंद – गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा, जामनगर, भावनगर गांधीनगर सहित आठ महानगर पालिकाओं में स्कूल कॉलेज 10 अप्रैल तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्‍य में कोरोना के बढ़ने मामलों की वजह से यह फैसला लिया गया है। राज्‍य सरकार ने अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा तथा राजकोट में कर्फ्यू की अवधि बढ़ाकर रात को 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक का कर दिया है।

मध्‍य प्रदेश का हाल – मध्य प्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल ने मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक संवर्ग भर्ती परीक्षा वर्ष 2020 को स्थगित कर दिया है। मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक संवर्ग भर्ती परीक्षा का आयोजन दिनांक 06 अप्रैल 2021 से शुरू किया जाना था। मध्य प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय बस सेवाओं पर अस्थाई रूप से 20 मार्च से 31 मार्च तक के लिए रोक लगा दी है।

पंजाब में बोर्ड परीक्षाएं टली – बीते दिनों पंजाब में प्री नर्सरी से लेकर 12वीं तक सभी स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए थे। यही नहीं अगले आदेश तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद करने के निर्देश हैं। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कोरोना महामारी के चलते बोर्ड परीक्षा टाल दी है। अब यह एक माह देरी से शुरू होंगी। 12वीं की 22 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षा अब 20 अप्रैल से 24 मई तक होगी।  

पश्चिमी विक्षोभ के कारण इन राज्यों में 4 दिन भारी बारिश की है चेतावनी, जानिए आपके क्षेत्र में कैसा रहेगा मौसम : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  मौसम विभाग के मुताबिक, एक बेहद सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर भारत के पहाड़ों की तरफ बढ़ रहा है। यह सिस्टम 20 मार्च के आसपास पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंच जाएगा। यह 21 से 24 मार्च के बीच पहाड़ी राज्यों पर व्यापक बारिश और हिमपात देगा। 22 मार्च तक बारिश और हिमपात की गतिविधियां हिमाचल प्रदेश तक ही सीमित रहेंगी। जबकि 23 और 24 मार्च को उत्तराखंड के कई हिस्सों में अच्छी बारिश और हिमपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
स्काइमेट वेदर के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, गिलगित बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। सिक्किम, असम और अरुणाचल प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब, उत्तरी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी एक-दो स्थानों पर मौसम में बदलाव हो सकता है।
मध्य प्रदेश में भी 23 और 24 मार्च को छिटपुट बारिश होने या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना। 23 मार्च और 24 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी एक-दो स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बौछारें संभावित हैं। इस दौरान उत्तरी मैदानी इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की गतिविधियां भी संभव हैं।
झारखंड में वज्रपात की आशंका, का अलर्ट जारी – झारखंड के कई जिलों में शाम से हल्के बादल देखे जा सकते हैं। 20 मार्च को कई जिलों में बादल गर्जने के साथ वज्रपात की आशंका है। इसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार 20 मार्च को झारखंड के कई जिलों में बादल के गर्जन के साथ वज्रपात हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें, तो रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, कोडरमा, बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की आशंका है। इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी हुई जारी – हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार और शनिवार को मौसम साफ रहेगा। 21 से 24 मार्च तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 22 मार्च को मैदानी जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मध्य पर्वतीय जिलों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू व चंबा के कुछ क्षेत्रों में अंधड़ और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी हुआ है। गुरुवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।

यसएसबी की 50वीं वाहिनी की ओर से तुलसियापुर में हुआ कार्यक्रम का आयोजन : OmTimes

सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) इस जिले में एसएसबी 50वीं वाहिनी की ओर से बढ़नी- शोहरतगढ रोड पर स्थित तुलसियापुर के पं. बाबूराम शुक्ल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सामाजिक जनकल्याण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक जनकल्याण कार्यक्रम के तीसरे दिन शुक्रवार को विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम किये जाने के साथ साथ इस दौरान आयोजित स्वास्थ्य शिविर में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। स्थानीय थाना ढेबरुआ के एसएचओ तहसीलदार सिंह ने कहा कि एसएसबी के जवान सीमा की रखवाली के साथ-साथ सीमाई क्षेत्र की जनता में जागरूकता पैदा करने का भी काम कर रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोग अपने अधिकार के प्रति जागरूक हो रहे हैं। एसएसबी के उप सेनानायक विक्रमाजीत सिंह ने कहा कि रैली का मुख्य विषयवस्तु कोविड-19 के विरुद्ध एकजुटता प्रदर्शित करना है। इस दौरान सीमा क्षेत्र में रहने वाले युवा और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के खेल जैसे वॉलीबाल, एथलेटिक्स का आयोजन किया गया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे गायन, वादन, नृत्य व नाटक का भी आयोजन किया गया, जिसमें वॉलीबाल का मैच काफी रोमांचक रहा। पशु चिकित्सा शिविर पशुओं का इलाज किया गया।
इन कार्यक्रम में इन स्कूलों के बच्चों ने लिया हिस्सा –
पं. बाबूराम शुक्ल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जीएवी इंटर कॉलेज, अमर बाल विद्या मंदिर और भारतीय उमावि लक्ष्मीनगर के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक व एकल डांस, पंजाबी, होली, देशभक्ति, स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

जिलाधिकारी से आंगनवाणी कार्यकर्ताओं की विगत दिवस वार्ता हुई विफल, आज फिर होगी वार्ता : OmTimes

सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) इस जिले के डुमरियागंज की बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविका के खिलाफ कार्रवाई करने की जिद पर अड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का धरना शुक्रवार को 13वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को डीएम और पदाधिकारियों के बीच बातचीत विफल होने के कारण आज शनिवार को पुन: कलेक्ट्रेट में डीएम की अगुवाई में वार्ता होगी।
कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को भी आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी की अगुवाई में धरना दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि डुमरियागंज में सुविधा शुल्क लेन-देन के मामले में ऑडियो वायरल होने के बाद भी बाल विकास परियोजना अधिकारी और मुख्य सेविका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी है। बेमियादी धरना जारी रहने के साथ ही डीपीओ का घेराव करने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में डीएम की अध्यक्षता में बातचीत हुई। इस दौरान कोई निर्णय नहीं हो सका। लिहाजा शनिवार को भी धरना जारी रखने का फैसला लिया। प्रभावती ने बताया कि शनिवार को डीएम ने पुन: बातचीत के लिए बुलाया है।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होंगे 300 प्रतिनिधि : OmTimes

सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) इस जिले के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शनिवार से दो दिन तक देश के युवा इतिहासकार ‘भारतीय इतिहास लेखन परंपरा : नवीन परिप्रेक्ष्य’ पर मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में संपूर्ण भारत से 300 प्रतिनिधि आएंगे। माधव संस्कृत न्यास नई दिल्ली और सिद्धार्थ विवि की ओर से यह राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। मंथन शिविर का उद्घाटन संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। इस दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति रजनीश शुक्ल, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडे भी उपस्थित रहेंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में इतिहास लेखन के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे। इस कार्यक्रम का समापन 21 मार्च को होगा, जिसमें माधव न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवीप्रसाद सिंह शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सच्चिदानंद चौबे एवं सहसंयोजक डॉ. अनीता यादव ने इस संगोष्ठी की जानकारी दिया है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विंदुओं पर होगा मंथन – चौरीचौरा की क्रांति, स्वाधीनता के 75वर्ष, भारतीय प्रतिरोध का इतिहास, भारतीय कृषि और कृषक आधारित आर्थिक चिंतन का इतिहास, चौरीचौरा शताब्दी वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव, जनपदीय क्षेत्रीय इतिहास लेखन, जनजाति इतिहास लेखन, अंतर्गत इतिहास लेखन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा की जाएंगी!

लखनऊ में मास्क लगाना और फिजिकल डिस्टेंसिंग फिर हुआ अनिवार्य : OmTimes

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लखनऊ (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र सहित पांच अन्य राज्यों के वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार का असर अब फिर उत्तर प्रदेश में भी दिखने लगा है। बीते चार दिन से लगातार बढ़ते नए संक्रमितों के कारण उत्तर प्रदेश सरकार हाई अलर्ट पर है।
लखनऊ में बीते तीन दिन से वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार की संख्या पर जिलाधिकारी भी बेहद संजीदा हैं। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने लखनऊ में मास्क के साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य कर दिया है। इसका उन्होंने बाकायदा आदेश भी जारी किया है। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने यह आदेश जारी किया है।
उनके आदेश के अनुसार अब लखनऊ में मास्क का प्रयोग अनिवार्य हो गया है। घर से बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति को अब मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य हो गया है। डीएम ने इसके साथ ही हर जगह पर फिजिकल डिस्टेंसिंग को भी अनिवार्य कर दिया है। उनका निर्देश है कि हर स्थान पर फिजिल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य हो। किसी भी प्रतिष्ठान में बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। डीएम का निर्देश है कि किसी भी दशा में मास्क तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी। डीएम का यह निर्देश सभी पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी पहुंचा है और उन सभी से सख्ती ने इसका पालन कराने को कहा गया है। अभी स्कूलों को लेकर कोई योजना नहीं तैयार की गई है।  
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि जनपद में पुनः कोविड प्रकरणों की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत पूर्व में कोविड प्रबन्धन हेतु निर्गत रक्षात्मक आदेशो का अनुपालन कराना अत्यंत आवश्यक है। कोविड 19 के पॉज़िटिव मरीज़ों की कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर यह संज्ञान में आया कि प्रतिष्ठानो/कार्यस्थल पर आने वाले विज़िटर्स/ग्राहकों का स्पष्ट विवरण न होने के कारण उक्त समस्या उत्पन्न हो रही है। अतः राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में निहत प्रवधानों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश निर्गत किए गए हैं कि पूर्व में लागू व्यवस्था पुनः कड़ाई के साथ सभी प्रतिष्ठानों/कार्यस्थलों में लागू कर दी जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए तथा सभी स्थानों पर बिना मास्क के प्रवेश/बिक्री प्रतिबंधित की जाए और सेनेटाइजर का प्रयोग प्रवेश द्वार/कार्यस्थलों में अनिवार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिष्ठानो/कार्यस्थलों में कोविड हेल्पडेस्क पूर्व की भांति बनाई जाए ताकि संक्रमण को रोका जा सके। 

भाजपा सांसद प्रवीण निशाद के भाई श्रवण निषाद सहित 21 के विरूद्ध कई धाराओं में हुआ मुकद्दमा दर्ज : OmTimes

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गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) निषाद समाज को आरक्षण देने सहित अन्य मांगों को लेकर गोरखपुर में डीएम दफ्तर पहुंचे निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं का बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से विवाद हो गया। मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि डीएम दफ्तर से देर शाम भेजी गई तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने भाजपा सांसद प्रवीण निषाद के भाई व प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद, प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मणि सहित 21 नामजद व कई अज्ञात कार्यकर्ताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर 14 को गिरफ्तार कर लिया।  
मिली जानकारी के मुताबिक, निषाद पार्टी के कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मक्खन लाल गोयल की अगुवाई में प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र मणि के साथ मछुआ आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव, एसपी सिटी सोनम कुमार, सीओ कैंट सुमित शुक्ल पहुंचे गए।
अधिकारियों ने डीएम कार्यालय के चैनल गेट पर कार्यकर्ताओं को रोककर ज्ञापन उन्हें देने की बात कही। जिस पर कार्यकर्ता खुद डीएम से मिलकर ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। जिसको लेकर अधिकारियों व कार्यकर्ताओं की नोंकझोंक शुरू हो हुई। इस दौरान कैंट पुलिस व कोतवाली पुलिस व महिला थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
कार्यकर्ताओं को बेकाबू देख एडीएम सिटी राकेश श्रीवास्तव व सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव के निर्देश पर पुलिस ने श्रवण निषाद व रविंद्र मणि सहित पांच से छह महिला व 10 से 15 पुरुष कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और पहले थाने फिर पुलिस लाइंस लेकर चली गई। बाद में डीएम कार्यालय से आई तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। महिला कार्यकर्ताओं को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया।
निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव जय प्रकाश निषाद ने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से डीएम को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने गए थे। पुलिस व प्रशासन की कार्रवाई गलत है।
निषाद पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रवण निषाद ने कहा कि मछुआ आरक्षण के लिए हमेशा जेल जाने को तैयार हूं। मैं तब भी जेल गया था आज भी गिरफ्तार हूं। आगे भी जेल जाना पड़ता है तो जाऊंगा, लेकिन मछुआ समुदाय का हक, अधिकार, मान सम्मान, आरक्षण मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा!
कैंट सीओ सुमित शुक्ला ने कहा कि अफसर ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे थे लेकिन, पार्टी पदाधिकारी भीड़ के साथ डीएम से मिलने को लेकर बहस करने लगे। इस मामले में श्रवण निषाद समेत 14 नामजद व अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है केस-
श्रवण निषाद, शेखर, सुनील, अभिषेक, जुबेर, मनीष, गुजेश्वर, चंद्रिका, श्रीकृष्ण, बाबूराज, रविंद्र मणि, सूरज साहनी, राजेश साहनी सहित 21 लोगों पर कंपनी कमांडर व ड्यूटी प्रभारी कलेक्ट्रेट रामजी यादव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ एफआईआऱ –  
145 आईपीसी: विधि विरूद्ध जनसमूह बनाना
147आईपीसी: उपद्रव करना
427आईपीसी: ऐसी गलती जिससे आर्थिक नुकसान हो
332 आईपीसी: लोकसेवक को उसके काम से रोकने की कोशिश करना
188 आईपीसी: अफसर के आदेश का अवहेलना करना
152 आईपीसी:लोकसेवक को उसके काम से रोकने और हमला करना
342  आईपीसी: गलत तरीके से किसी को प्रतिबंधित करना
3/4 लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम: सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
7 क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट एक्ट

देश में कोरोना की स्थिति फिर हुई चिंताजनक, गुजरात की सीमा सील : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण की स्थिति चिंताजनक हो गई है। पाबंदियां बढ़ाने के बावजूद लगातार मामले बढ़ रहे हैं और रिकवरी रेट गिरावट देखने को मिल रही है। संक्रमण से देश का सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में गुरुवार को रिकॉर्ड 25 हजार 833 मामले सामने आए। देश में कोरोना महामारी के आने के बाद से अब तक का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। एक दिन में इतने मामले किसी राज्य में सामने नहीं हैं। इससे पहले पिछले साल  11 सितंबर को राज्य में 24,886 मामलों की पुष्टि हुई थी।
गुजरात में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने आठ बडे़ शहरों में 10 अप्रैल तक स्कूल-कालेज और विश्वविद्यालय बंद कर दिए हैं। विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं भी रद कर दी गई हैं। केवल 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित होंगी। इसके अलावा अहमदाबाद व सूरत में सार्वजनिक बस सेवा, गार्डन, जिम, जू आदि को बंद किया गया है और नाइट कर्फ्यू की अवधि बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री ने लाकडाउन लागू करने से इन्कार किया है, लेकिन पड़ोसी राज्यों राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से लगती सीमाओं को सील कर दिया गया है। पंजाब में भी कोरोना संक्रमण से स्थिति खराब है। गुरुवार को यहां 2387 नए मामले सामने आए। वहीं इस दौरान 32 लोगों की मौत हो गई। राज्य में अबतक 2.05 लाख मामले सामने आ गए हैं और 6204 लोगों की मौत हो गई है। एक्टिव केस 14,366 है। केरल में गुरुवार को कोरोना के 1,899 नए मामले सामने आए और 15 लोगों की मौत हो गई। राज्य में अब तक कुल 10.98 लाख मामले सामने आ गए हैं और 4,450 लोगों की मौत हो गई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा कि राज्य में पिछले 24 घंटों में 54,314 नमूनों का परीक्षण किया गया है।  अब तक 1.25 करोड़ नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। राजधानी में कोरोना की संक्रमण दर भले ही अभी एक फीसद से कम है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इससे संक्रमण दर 0.66 फीसद से बढ़कर 0.76 फीसद हो गई। लिहाजा 71 दिन बाद कोरोना के नए मामले 600 के पार पहुंच गए। बृहस्पतिवार को 607 नए मरीज मिले हैं। इससे पहले छह जनवरी को 654 मरीज मिले थे। एक दिन पहले 536 मामले आए थे। इससे दो दिन में ही 1143 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या करीब तीन हजार पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में 384 मरीज ठीक हुए हैं और एक मरीज की मौत हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आधार कार्ड से जुड़ा न होने के कारण 3 करोड़ राशन कार्ड रद किए जाने का मामला बेहद गंभीर है : OmTimes

नई दिल्ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) सुप्रीम कोर्ट ने आधार से लिंक न होने के कारण तीन करोड़ राशन कार्ड रद किए जाने को गंभीर मुद्दा बताया है। कोर्ट ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई का मन बनाते हुए केंद्र व राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। झारखंड की रहने वाली कोइली देवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि आधार से लिंक न होने के कारण तीन करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड रद किए गए हैं। इससे भुखमरी की नौबत आ गई है।यह मामला प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष लगा था। शुरुआत में कोर्ट नोटिस जारी करने का इच्छुक नहीं था।
कोर्ट ने संबंधित हाई कोर्ट जाने को कहा लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस ने आग्रह करते हुए कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। तीन करोड़ राशन कार्ड रद किए गए हैं। आदिवासी इलाकों में फिंगर प्रिंट और आंखों की स्कैनिंग की समस्या है। गोंजाल्विस की दलीलें सुनने के बाद पीठ ने भी इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए सुनवाई पर सहमति जताई। कोर्ट ने केंद्र व सभी राज्यों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने आरोपों का खंडन किया। लेखी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा कानून में शिकायत निवारण की व्यवस्था है। अगर आधार उपलब्ध नहीं है, तो वैकल्पिक दस्तावेज जमा कराए जा सकते हैं।
सरकार साफ कह चुकी है कि आधार न होने की स्थिति में भोजन के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इन दलीलों पर पीठ ने लेखी से कहा कि यह गंभीर मुद्दा है। आप इसे विरोधी याचिका न मानें, जवाब दाखिल करें। चार सप्ताह बाद इस पर सुनवाई होगी।नौ दिसंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने वैध आधार कार्ड न होने पर राशन आपूर्ति से इन्कार किए जाने के आरोपों पर सभी राज्यों से जवाब मांगा था। उस समय कोर्ट ने राज्यों से कहा था कि वे बताएं कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 14, 15 और 16 के तहत उन्होंने शिकायत निवारण तंत्र बनाने की दिशा में क्या किया है। उस समय भी केंद्र सरकार ने भुखमरी से मौत के आरोपों को नकारा था और कहा था कि रिपोर्ट के मुताबिक मौत भूख से नहीं हुई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोइली देवी की 11 साल की बेटी की 2017 में भूख से मौत हो गई थी। अथॉरिटी ने आधार से लिंक न होने के कारण उनके परिवार का राशन कार्ड रद कर दिया था। परिवार को राशन नहीं मिल रहा था, जिससे परिवार भुखमरी के कगार पर आ गया।याचिका में कहा गया है कि देशभर में करीब चार करोड़ राशन कार्ड रद किए गए हैं। पहले इन्हें फर्जी कार्ड बताकर रद करने को न्यायोचित ठहराया जा रहा था, लेकिन जांच में पता चला कि राशन कार्डधारकों को कभी भी इस बारे में नोटिस नहीं भेजा गया। याचिका के मुताबिक जांच रिपोर्ट में राशन कार्ड सही होने की भी बात है।

गुजरात और महाराष्ट्र में पुन: लॉकडाउन की दस्तक,कई शहरों में बढ़ रही हैं पाबंदियां : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  भारत में कोरोना वायरस का मामला पिछले साल की तरह एक बार फिर तेजी से बढ़ रह है। इस बीच तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक और हरियाणा में कोरोना के नए मामलों ने सरकारों की टेंशन बढ़ा दी है। गुजरात सरकार ने वडोदरा, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू को 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। मध्य प्रदेश ने भी पड़ोसी राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए भोपाल और इंदौर शहर में नाइट कर्फ्यू लागू किया है। वहीं, महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने पुणे, औरंगाबाद, नागपुर में पहले ही पाबंदियां लागू कर दी हैं। महाराष्‍ट्र और पंजाब के बाद गुजरात में भी बढ़ते मामलों के कारण स्‍कूलों में एक बार फिर ताला लगना शुरू हो गया है।
कोरोना के मामलों में उछाल को देखते हुए गुजरात सरकार ने मंगलवार को चार महानगरों- अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया। राज्य सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इन चारों शहरों में 17 मार्च से 31 मार्च तक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कर्फ्यू रहेगा। हालांकि, गुजरात के इन शहरों में पहले से ही नाइट क‌र्फ्यू लगा हुआ था, लेकिन इसका समय रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक था। इसके अलावा अहमदाबाद के सभी उद्यानों और पार्कों को अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान कांकरिया झील और चिड़ियाघर भी बंद रहेंगे!
कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने कई अहम फैसले किए हैं। भोपाल और इंदौर शहर में रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। जबलपुर और ग्वालियर शहर में रात दस बजे से सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, बैतूल और खरगोन जिले में होली उत्सव के दौरान कहीं कोई सामूहिक कार्यक्रम नहीं किए जाएंगे। मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सोमवार को निर्देश जारी कर वहां से आने वाले लोगों को सात दिन तक क्वारंटाइन करने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में PM मोदी ने कहा – कोरोना महामारी को रोकना जरूरी है : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने केंद्र सरकार की टेंशन को बढ़ा दिया है। कोरोना प्रकरण को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है। पीएम मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि हमें हर हाल में कोरोना महामारी को हराना होगा और इसके लिए मांस्क को लेकर गंभीरता अभी भी बहुत जरूरी है। इस बैठक में पीएम मोदी ने देश में कोरोना की स्थिति का जायजा लिया और दो महीने पहले शुरू हुए देश के टीकाकरण अभियान की प्रगति का आकलन किया। हालांकि बैठक में पश्चीम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल शामिल नहीं हुए हैं। 
मुख्यमंत्रियों के संग बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को एक साल से ज्यादा हो रहा है। भारत के लोगों ने कोरोना का जिस प्रकार सामना हो रहा है, उसे लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं।आज देश में 96 प्रतिशत से ज्यादा मामले रिकवर हो चुके हैं। मृत्यु दर में भी भारत सबसे कम दर वाले देशों में है। कुछ राज्यों में केसों की संख्या बढ़ रही है। देश के 70 जिलों में ये वृद्धि 150 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना की इस उभरती हुई दूसरी लहर को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें त्वरित और निर्णायक कदम उठाने होंगे।
आप को बता दें कि देश के कुछ राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में बढ़ते संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। इसके मद्देनजर महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने संक्रमण को देखते हुए पुणे, नागपुर और औरंगाबाद ने नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। गुजरात सरकार ने भी अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की है। वहीं, मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने भोपाल और इंदौर शहर में नाइट कर्फ्यू लागू किया है।

प्रधानमंत्री मोदी के सलाहकार पीके सिन्हा ने दिया इस्तीफा, निजी कारणों का दिया हवाला : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सलाहकार प्रदीप कुमार सिन्हा ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया| उन्होंने अपने इस्तीफा पत्र में निजी कारणों का हवाला दिया है। प्राप्त खबर के अनुसार, पीके सिन्हा ने कल यानी सोमवार को ही अपना इस्तीफा दे दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य सलाहकार के तौर पर उन्हें 2019 में नियुक्त किया गया था।  ये PMO से निकलने वाले वे दूसरे शीर्ष अधिकारी हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। पी के सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत इलाहाबाद में अस्टिटेंट कलेक्टर के तौर पर की थी। पूर्व में 2015 में केंद्र सरकार ने कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाया था।
बिहार के औरंगाबाद जिले के मूल निवासी पीके सिन्हा का जन्म 18 जुलाई, 1955 में हुआ था। कैबिनेट के सेक्रेटरी पद से रिटायरमेंट के बाद उन्हें पीएमओ में मुख्य सलाहकार का पद सौंपा गया था। इस पद पर उनकी नियुक्ति 11 सितंबर 2019 को की गई। उन्होंने 13 जून, 2015 से 30 अगस्त, 2019 तक कैबिनेट सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। वे उत्तर प्रदेश कैडर के 1977 बैच के भारतीय प्राशसनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं। उन्होंने पावर और जहाजरानी मंत्रालयों में सचिव का पद भी संभाला है। उन्होंने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में विशेष सचिव के रूप में भी काम किया है।

कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को लेकर पीएम मोदी ने 17 मार्च को फि‍र बुलाई है बैठक : OmTimes

नई दिल्‍ली (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुख्‍यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होने वाली इस बातचीत में कोविड-19 से पैदा हुए हालात एवं टीकाकरण अभियान के मुद्दों पर चर्चा होगी। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र टीकाकरण अभियान में तेजी पर जोर दे रहा है।  
प्रधानमंत्री मोदी समय समय पर मुख्‍यमंत्रियों के साथ बातचीत करते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस साल जनवरी महीने में टीकाकरण अभियान की शुरुआत से पहले मुख्‍यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की थी। तब उन्‍होंने तीन करोड़ स्‍वास्‍थ्‍य और अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मचारियों के टीकाकरण का लक्ष्‍य रखा था। मौजूदा वक्‍त में यह अभियान 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को कवर करने के दौर में चला गया है।
टीकाकरण में तेजी पर केंद्र का जोर – दरअसल केंद्र चाहता है कि संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाए। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान में देश में अब तक तीन करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी है लेकिन हाल के दिनों में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, इसलिए टीकाकरण अभियान में भी तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है।   
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना से बचाव के उपायों के प्रति लोगों की लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि 80 फीसदी से ज्यादा मामले कुछ राज्य से हैं। इसकी मुख्य वजह लोगों का कोरोना से बचाव के उपायों का पालन करने में लापरवाही है। उन्होंने जोर दिया कि मास्क लगाने और एक-दूसरे से दूरी बनाने जैसे उचित कोविड व्यवहार का पालन किया जाए। इसका पालन टीके की उपलब्धता होने के बावजूद किया जाए। वह संसदीय सौंध में अति-विशिष्ट परामर्श के लिए छठे व्यापक स्वास्थ्य शिविर में बोल रहे थे।  
कोविड टीकाकरण अभियान के 59वें दिन सोमवार को भारत एक अहम मुकाम पर पहुंच गया। भारत ने लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन की तीन करोड़ से ज्यादा खुराकें दे दी है। इनमें से 18 लाख से ज्यादा खुराक सोमवार को दी गईं। सोमवार शाम सात बजे तक कुल तीन करोड़ 17 लाख 71 हजार 661 खुराकें दी जा चुकी हैं। लाभार्थियों में 74,08,521 स्वास्थ्यकर्मी (पहली खुराक), 43,97,613 स्वास्थ्यकर्मी (दूसरी खुराक), 74,26,479 फ्रंटलाइन वर्कर्स (पहली खुराक) और 13,23,527 फ्रंटलाइन वर्कर्स (दूसरी खुराक) शामिल हैं। दरअसल महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में बढ़ते संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। देश में 78 फीसद से ज्यादा नए मामले इन्हीं पांच राज्यों में पाए गए हैं। 85 दिनों बाद देश में 26,291 नए मामले सामने आए हैं जबकि एक दिन में 118 लोगों की मौत भी हुई है। इससे पहले 20 दिसंबर को 26,624 केस पाए गए थे। इनमें से महाराष्ट्र में 16,620, केरल में 1,792 और पंजाब में 1,492 मामले शामिल हैं। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में भी संक्रमण बढ़ रहा है। मौजूदा वक्‍त में देश में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर एक करोड़ 13 लाख 85 हजार को पार कर गया है। 

लखनऊ हाईकोर्ट ने दिया आदेश, अब यूपी के पंचायत चुनाव में 2015 के आधार पर होगा आरक्षण

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लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) यूपी के पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 2015 को आधार मानते हुए सीटों पर आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने कहा कि वह वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक यूपी  पंचायत चुनाव  संपन्न कराने के आदेश दिया है।
आपको बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका देकर 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। कहा गया कि आरक्षण लागू किए जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए।
याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किए जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है। लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किया जाना उचित नहीं होगा। कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे।

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा- क्वॉड हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहेगा: OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका,भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख नेताओं के बीच क्वाड की बैठक हुई। क्वाड की बैठक में भारत की ओर से पीएम मोदी ने हिस्सा लिया और यह वर्चुअल तरीके से की आयोजित की गई। क्वाड की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि हमारा एजेंडा कोरोना वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती टेक्नोलॉजी को कवर करना है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत क्षेत्र) को बढ़ावा देने के लिए पहले से कहीं अधिक और करीब से काम करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के शिखर सम्मेलन से पता चलता है कि क्वाड अब इन हिंद-प्रशांत क्षेत्रों के लिए स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा।

क्वाड समिट से जुड़े प्रमुख बिंदु –

– बैठक के दौरान जो बाइडन ने कहा कि हम एक नई महत्वाकांक्षी संयुक्त साझेदारी शुरू कर रहे हैं जो वैश्विक लाभ के लिए कोरोना वैक्सीन निर्माण को बढ़ावा देने वाली है। जो कि पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र को लाभ पहुंचाने व कोरोना के टीकों को और मजबूत करेगी।

  •  क्वाड समिट के दौरान जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका स्थिरता प्राप्त करने के लिए आपके और हमारे सभी सहयोगियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह समूह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यावहारिक समाधान और ठोस परिणामों के लिए समर्पित है।

– क्वाड की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि हम सभी देशों के भविष्य के लिए फ्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र महत्वपूर्ण है। क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने के लिए और अपना सहयोग आगे बढ़ाने के लिए हम एक नया मेकनिज्म लाने जा रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन ने ‘नमस्ते’ के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए यह समिट नया उदय है। हिंद प्रशातं का क्षेत्र ही इस सदी में दुनिया का भविष्य तय करेगा।
  • जापानी पीएम सुगा ने कहा कि हमारी प्रतिबद्धता फ्री हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर है, हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को लेकर है।

– पीएम मोदी ने कहा कि हम चारों देश पहले की तरह मिलकर काम करेंगे। मैं इस सकारात्मक दृष्टि को भारत के प्राचीन दर्शन ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के विस्तार के रूप में देखता हूं जो दुनिया को एक परिवार के रूप में मानता है। साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और धर्मनिरपेक्ष, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक की तरक्की को देखता हूं।

  • क्वाड की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा। हमारा एजेंडा आज कोरोना वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों को कवर करना है। 
    गौरतलब है कि क्वाड की बैठक में भारत के रुख का सवाल है तो यह बहुत हद तक पीएम मोदी की तरफ से शांग्रीला डायलॉग (वर्ष 2018) में दिए गए भाषण के मुताबिक ही होगा। मोदी ने तब हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की नीति बताते हुए सागर (सिक्युरिटी एंड ग्रोथ फार आल इन द रीजन) का नारा दिया था। भारत हर देश के लिए समान अवसर बनाने की नीति के तहत काम करेगा। सूत्रों के मुताबिक अभी तक क्वाड की बैठक बगैर किसी ठोस एजेंडे के हुआ करती थी। लेकिन इस बैठक के बाद एक ठोस खाका तैयार हो जाएगा। 

जाली नोट का नेटवर्क बैंक दलालों और फेंचायजी / कमीशन वाले ग्राहक सेवा केन्द्रों से जुड़े होने की है आशंका : OmTimes

सिद्धार्थनगर / नई दिल्ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) जाली नोट और ब्लैक मनी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सरकार ने पुराने नोटों को बन्द करने तक का कार्य किया, लेकिन जाली नोट मेकर एवं इसके नेटवर्क माफिया अभी भी सक्रिय लग रहे हैं, जिसका जीता जागता सबूत है, कुछ ही महीनों में कई जगहों पर जाली नोट का पकड़ा जाना ! इन जाली नोटों के कारोबारियों का नेटवर्क नवधनाढ्यों और मिनी बैंकों के साथ ठीकेदारों/दलालों ही नहीं बैंक कर्मचारियों से भी जुड़ा हो सकता है, जिसपर पर्दा डालने के लिए कुछ प्रशासनिक सेवा से सम्बन्धित लोग अहम भूमिका भी निभाते होंगे! आप को बतादेंकि यूपी का सिद्धार्थनगर जिला भी इससे अछूता नहीं है, यहाँ के डुमरियागंज में तो जाली नोट माफिया बैंक के कैसचेष्ठ तक का उपयोग कर चुके हैं, बैंक वालों को मिला कर, या ब्लैकमेल करके ! नये नोटों के प्रचलन में आने के बाद पुन: जाली नोटों का बरामद होना कोई हल्का मामला नहीं है, इस लिए सरकार को चाहिए कि इस मुद्दे को गंभीरता से ले, क्योंकि यूपी के पंचायती चुनाव में वोटरों को लुभाने के लिए माफिया जाली नोट का उपयोग करने से शायद न चूके! जाली नोट माफियाओं को पकडने के लिए बैंकों की निगरानी के साथ साथ बैंक दलालों और मिनी बैंकों तथा ग्राहक सेवा केन्द्रों पर विशेष ध्यान देना होगा!

अवैध कॉलोनियों को किया जायेगा नियमित, संसद में बिल हुआ पास, लाखों लोगों को होगा फायदा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने से संबंधित संशोधन विधेयक को बुधवार को संसद ने मंजूरी प्रदान कर दिया है। इसके माध्यम से संबंधित कानून की समय सीमा को 31 दिसंबर 2023 तक बढ़ाया गया है। राज्यसभा ने इस विधेयक को पहले मंजूरी प्रदान कर दी थी और बुधवार को लोकसभा में यह पारित हो गया। केंद्रीय कृषि कानूनों के मुद्दे पर लोकसभा में कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी के बीच निचले सदन में चर्चा के बाद राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कानून (विशेष प्रविधान) दूसरा (संशोधन) अधिनियम-2021 विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया गया।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने दिल्ली की इन कॉलोनियों को नियमित करने में घोर लापरवाही बरती। पुरी ने कहा कि जनता के बीच यह धारणा है कि कुछ राजनीतिक दलों के सत्ता में रहते हुए कॉलोनियों को नियमित करने में विलंब किया गया। उन्होंने किसी दल का नाम लिए बगैर कहा कि इससे पहले किसी सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। पुरी ने बताया कि अगर कोरोना महामारी नहीं आती तो अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का काम काफी हद तक पूरा हो गया होता। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। वर्ष 2011 का संबंधित कानून पिछले साल 31 दिसंबर तक वैध था।
इससे पहले, विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि वह 2047 तक दिल्ली को सिंगापुर बनाना चाहते हैं। ये लोग चुनावों से पहले इसी तरह की बातें करते हैं। लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया जिस कारण ये कानून लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए दिल्ली सरकार ने कोई काम नहीं किया।

ममता बनर्जी के पैर में लगी चोट , ममता ने कहा -किसी ने धक्‍का दिया, घटना को भाजपा ने बताया नाटक : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज नंदीग्राम से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। हल्दिया में नामांकन पत्र दाखिल कर ममता वापस नंदीग्राम आकर कई मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना किया । इसी दौरान एक मंदिर में दर्शन के बाद निकलते समय ममता के पैर में चोट लग गईं। इसके बाद ममता वापस कोलकाता लौट रहीं हैं। ममता ने इसके पीछे साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब वह मंदिर से बाहर निकल रही थी तो उनकी गाड़ी के पास अचानक चार-पांच युवक आकर उनको धक्का दिया, जिसके चलते उनके पैर में गंभीर चोटें आई है।
ममता ने मीडिया के सामने कहा कि उन्हें काफी दर्द हो रहा है और पैर फूल गया है। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के वक्त मौके पर एक भी स्थानीय पुलिसकर्मी व एसपी मौजूद नहीं थे। उनके साथ रहने वाले सुरक्षाकर्मी सिर्फ मौजूद थे। ममता के इस आरोप के बाद यह भी सवाल उठता है कि जब उन्हें जेड प्लस की सुरक्षा उपलब्ध है तो कैसे चार-पांच युवकों ने आकर उन्हें धक्का मार दिया। बता दें कि ममता रात में नंदीग्राम में ही रहने वाली थी लेकिन इस घटना के बाद वह वापस कोलकाता लौट रही हैं। गुरुवार को वह कालीघाट स्थित अपने आवास से पार्टी का चुनावी घोषणापत्र भी जारी करने वाली हैं। इधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इसे नाटक करार दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार को देखते हुए ममता बनर्जी सहानुभूति बटोरने के लिए यह नाटक कर रही हैं। इससे पहले नंदीग्राम से नामांकन दाखिल करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि नंदीग्राम मेरे लिए नया नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं अपना नाम भूल सकती हूं लेकिन नंदीग्राम का नहीं। उन्होंने आगे कहा कि नंदीग्राम के मां, भाई, बहनें, मुझे याद रखें और ये याद रखें कि बंगाल में टीएमसी की जीत होगी। ममता बनर्जी ने आगे कहा कि उन्हेंं यहां की जनता का आशीर्वाद चाहिए।

उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत ने आज दे दिया इस्तीफा : OmTimes

देहारदून (ऊँ टाइम्स) कुछ दिनों से भाजपा में चल रही सियासी हलचल के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। मंगलवार शाम राजभवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना इस्तीफा सौंपा दिया है । त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 18 मार्च 2017 को राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में सत्ता संभाली थी। त्रिवेंद्र को चार साल का कार्यकाल पूर्ण होने के नौ दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसके अलावा त्रिवेंद्र भी उत्तराखंड के उन पूर्व मुख्यमंत्रियों की जमात में शामिल हो गए हैं, जो अपना पांच साल का कार्यकाल पूर्ण नहीं कर पाए। उत्तराखंड में केवल नारायण दत्त तिवारी ही अब तक पांच साल का कार्यकाल पूर्ण करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं।  
Live Updates ….
महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण, बच्चों की शिक्षा, किसानों के लिए नई-नई योजनाएं लाए। सामूहिक विचार के बाद ही होते हैं भारतीय जनता पार्टी में फैसले। कभी सोचा नहीं था पार्टी मुझे इतना सम्मान देगी, ऐसा सिर्फ भाजपा में ही हो सकता है- त्रिवेंद्रसीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया इस्तीफासीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे राजभवन। साढ़े चार बजे मीडिया से होंगे रूबरू। बुधवार को विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम आज शाम देहरादून पहुंच रहे हैं। 
उत्तराखंड में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार सुबह केंद्रीय नेतृत्व के बुलावे पर दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में शाम को उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात हुई। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी के आवास पर जाकर उनसे भी भेंट की।
मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे दिल्ली से देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। हालांकि एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली से से लौटे विधायक मुन्ना सिंह चौहान के अलावा कोई विधायक या मंत्री नहीं पहुंचा। मुख्यमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे देहरादून में मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां धीरे-धीरे उनके समर्थक जुटने लगे। मुख्यमंत्री आवास पर उनके समर्थकों ने काफी देर तक नारेबाजी भी किया!
मुख्यमंत्री के देहरादून पहुंचते ही सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि वह आज ही इस्तीफा दे देंगे। बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री मंगलवार शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात के लिए राजभवन जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष भगत भी उनके साथ रहेंगे।
हालांकि भगत ने राजभवन जाकर इस्तीफा दिए जाने की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री राजभवन को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इस संभावना को इसलिए भी बल मिला क्योंकि बुधवार सुबह 11 बजे देहरादून में भाजपा विधानमंडल दल की बैठक बुला ली गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षक भी इसमें शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि बुधवार को होने वाली इस बैठक में विधानमंडल दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा। 

सेना के बैरक में हुई भीषण विस्‍फोट में मरने वालों की संख्या हुई 31, राहत कार्य जारी : OmTimes

मालबा / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  इक्वेटोरियल गिनी में एक सैन्य बैरक में हुए विस्फोटों से मरने वालों की संख्या अब तक 31 हो गई है।  स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मलबे में शवों की तलाश अभी भी जारी है। मरने वालों की संख्‍या अभी बढ़ सकती है। इस धमाके में 600 से अधिक लोग घायल है। इसमें कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायलों को अस्‍पताल में इलाज चल रहा है। उधर, इक्वेटोरियल गिनी के राष्‍ट्रपति तियोदोरा ओबियांग न्‍गुमे ने इस दुर्घटन पर खेद व्‍यक्‍त किया है। उन्‍होंने कहा कि डायनामाइट से निपटने में लापरवाही के कारण विस्‍फोट की घटना हुई है। राष्‍ट्रपति ने कहा कि विस्‍फोट में बाटा शहर के सभी इमारतों एवं घरों को नुकसान पहुंचा है। इससे करीब 250,000 लोग प्रभावित हुए हैं।
इक्वेटोरियल गिनी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा कि विस्फोट पीड़ितों के उपचार के लिए मनोचिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों और नर्सों से मिलकर एक मानसिक स्वास्थ्य ब्रिगेड तैयार किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह नुकसान केवल शारीरिक और आर्थिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से आघात करने वाला भी हैं। स्थानीय मीडिया द्वारा प्रकाशित चित्रों से संकेत मिलता है कि सड़कों के किनारे शवों को पंक्तिबद्ध तरीके से चादरों से ढक रखा गया है। मरने वालों में कई मासूम बच्‍चे भी शामिल हैं। एक टीवी स्‍टेशन ने उपराष्‍ट्रपति टेओदोरो न्गुमा ओबियांग मंगुए और राष्‍ट्रपति ओबियांग के बेटे को अस्‍पताल में घायलों के हालचाल पूछते दिखाया गया है। बता दे इस अस्‍पताल में घायलों का इलाज चल रहा है।
इस बीच यहां की सरकार ने शवों की खोज, बचाव और पुनर्निर्माण में मदद के लिए अंतरराष्‍ट्रीय सहयोग और समर्थन का आह्वान किया है। स्पेन के विदेश मंत्री अरंचा गोंजालेज लाया ने ट्विटर पर कहा कि बाटा में कल आए विनाशकारी विस्फोटों के बाद मानवीय सहायता के शिपमेंट को तत्काल रवाना किया जाएगा। कई अन्‍य देश भी उनकी मदद में आग आए हैं। सरकार ने कहा है कि इस धमाके का असर देश की अर्थव्‍यवस्‍था पर भी पड़ा है। इससे तेल उत्पादक इक्वेटोरियल गिनी को दोहरा आर्थिक झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद से देश की आर्थिक हालात बिगड़ चुकी है। इस घटना से इसे और झटका लगा है। कोरोना महामारी के बाद कच्‍चे तेल की कीमत में गिरावट आई है। यह राज्‍य के राजस्‍व का लगभग तीन चौथाई हिस्‍सा प्रदान करता है।
आप को बता दें कि इक्वेटोरियल गिनी लंबे समय तक स्‍पेन का उपनिवेश रहा है। इस अफ्रीकी देश में ओबियांग का लंबे समय तक शासन रहा है। यहां की आबादी 14 लाख के करीब है। अधिकतर आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है।

बहुमंजिला इमारत में लगी भयानक आग, दमकल के 10 इंजन लगे हैं आग बुझाने में : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) कोलकाता महानगर के स्ट्रांड रोड पर स्थित न्यू कोलाघाट बिल्डिंग के 13वें माले पर सोमवार शाम भयावह आग लग गई। दमकल के 15 इंजन आग को बुझाने में जुटे हुए हैं। आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक लैडर भी लाया गया है। इमारत में किसी के फंसे होने की खबर नहीं है। उक्त इमारत में पूर्व व दक्षिण पूर्व रेलवे के कार्यालय हैं!
प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाम के करीब 6.10 बजे आग लगी, जिससे इमारत में अफरातफरी मच गई। इमारत को तुरंत खाली कराया गया। एहतियातन आसपास की कई इमारतों को भी खाली कराया गया है। स्ट्रांड रोड को भी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 13वें तल्ले में स्थित दो कमरों में आग लगी है, जिसे बुझाने की कोशिश की जा रही है। खबर पाकर अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अग्निशमन कर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसपर काबू पा लिया जाएगा।

आरक्षण की 50 फीसद सीमा पर अब 15 मार्च से सुप्रीम कोर्ट में रोज होगी सुनवाई : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  वैसे तो आरक्षण का पेच गाहे-बगाहे किसी न किसी रूप में कोर्ट की चौखट पर बना रहता है, लेकिन इस बार मुद्दा आरक्षण की 50 फीसद की अधिकतम सीमा का है। सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा कि क्या आरक्षण की तय अधिकतम 50 फीसद सीमा पर पुनर्विचार की जरूरत है। क्या 50 फीसद की सीमा तय करने वाले इंदिरा साहनी फैसले को पुनर्विचार के लिए बड़ी पीठ को भेजा जाना चाहिए।
इसके साथ ही पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ यह भी विचार करेगी कि क्या संविधान के 102वें संशोधन से राज्यों का पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का अधिकार बाधित हुआ है और क्या इससे संविधान में दी गई संघीय ढांचे की नीति प्रभावित हुई है। राज्यों के अधिकारों से जुड़े इन कानूनी सवालों पर कोर्ट ने सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कुल छह कानूनी सवाल तय किए हैं जिन पर 15 मार्च से रोज सुनवाई होगी। सर्वोच्‍च अदालत ने साफ किया कि तब किसी भी पक्ष का सुनवाई टालने का अनुरोध नहीं सुना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 1992 में इंदिरा साहनी मामले में, जिसे मंडल जजमेंट भी कहते हैं, में आरक्षण की अधिकतम 50 फीसद सीमा तय की थी। यह भी कहा था कि अपवाद में सीमा लांघी जा सकती है, लेकिन वो दूरदराज के मामलों में होना चाहिए।
इस बीच बहुत से राज्यों ने आरक्षण की 50 फीसद सीमा का अतिक्रमण किया है। 50 फीसद सीमा का ताजा मुद्दा मराठा आरक्षण के मामले में उठा है। मराठा आरक्षण को 50 फीसद सीमा पार करने के आधार पर चुनौती दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मराठों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा बताते हुए शिक्षा और नौकरी में 12 और 13 फीसद आरक्षण दिया है। यह पहले से दिए गए 50 फीसद आरक्षण से अतिरिक्त है।
मराठा आरक्षण की वैधानिकता का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने आरक्षण की 50 फीसद सीमा को 30 साल पुराना फैसला बताते हुए उस पर पुनर्विचार की मांग की है। इसके अलावा मराठा आरक्षण मामले में संविधान के 102वें संशोधन का मुद्दा भी उठाया गया है। संविधान में 2018 में किया गया 102वां संशोधन किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के किसी भी समुदाय को समाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा अधिसूचित करने का अधिकार देता है।
सोमवार को मराठा आरक्षण का मामला जस्टिस अशोक भूषण, एल. नागेश्वर राव, एस. अब्दुल नजीर, हेमंत गुप्ता और एस. रविंद्र भट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ में लगा था। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि यह संविधान के 102वें संशोधन की व्याख्या का मामला है। अनुच्छेद 342ए की व्याख्या का मुद्दा भी इसमें शामिल है जो राज्य की कानून बनाने की क्षमता को प्रभावित करता है।
रोहतगी ने कहा कि इस केस में याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में बहस के दौरान कहा था कि संविधान में 102वां संशोधन और अनुच्छेद 342ए जोड़े जाने के बाद राज्य विधायिका को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े समुदाय को आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का अधिकार नहीं है।
रोहतगी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 के तहत राज्यों को मिली कानून बनाने की शक्ति छीनी नहीं जा सकती। यह ऐसा मुद्दा है जिसमें सभी राज्यों को नोटिस जारी किया जाना चाहिए ताकि वे 102वें संविधान संशोधन पर अपना पक्ष रख सकें और राज्य के कानून बनाने के अधिकार का बचाव कर सकें।
सभी राज्यों को नोटिस जारी करने की रोहतगी की मांग का अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने समर्थन किया। वेणुगोपाल ने कहा कि जो मुद्दा उठा है और कोर्ट इस मामले में जो व्याख्या करने वाला है, उससे राज्य प्रभावित हो सकते हैं इसलिए राज्यों को नोटिस जाना चाहिए। हालांकि याचिकाकर्ता के वकीलों ने कहा कि जब यह मुद्दा आए तब नोटिस जारी हो, अभी कोर्ट को सुनवाई जारी रखनी चाहिए।
पीठ ने सभी राज्यों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि कोर्ट के समक्ष अहम मुद्दा आया है इसलिए सभी राज्यों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। कोर्ट ने राज्यों के स्टैं¨डग काउंसिल को नोटिस भेजने का आदेश दिया, साथ ही कहा कि राज्यों के मुख्य सचिवों को इसे कल तक ईमेल के जरिये भेजा जाए। कोर्ट ने राज्यों से कहा है कि वे संक्षिप्त नोट दाखिल कर सकते हैं।

इन कानूनी प्रश्नों पर होगा विचार-

1. क्या संविधान संशोधनों, कोर्ट के फैसलों और समाज की बदली संरचना को देखते हुए इंदिरा साहनी फैसले को पुनर्विचार के लिए बड़ी पीठ को भेजने की जरूरत है।

2. क्या महाराष्ट्र सरकार द्वारा मराठों को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा मानते हुए शिक्षा और नौकरियों में दिया गया 12 और 13 फीसद का आरक्षण, जो आरक्षण की तय 50 फीसद सीमा के अतिरिक्त है, इंदिरा साहनी फैसले में दी गई अपवाद की परिस्थितियों के तहत आएगा।

3. क्या राज्य पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र सरकार इस मामले की विशेष स्थिति और अपवाद परिस्थिति साबित कर पाई है जैसा कि इंदिरा साहनी फैसले में कहा गया है।

4. क्या संविधान के 102वें संशोधन से राज्य विधायिका की सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ों को लाभ देने के लिए कानून बनाने की शक्ति खत्म हो गई है।

5. क्या अनुच्छेद 342ए और 366(26सी) के बाद से राज्यों को अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के तहत मिले कानून बनाने के अधिकार किसी भी तरह से खत्म होते हैं।

6. क्या संविधान का अनुच्छेद 342ए संविधान में दिए गए संघीय ढांचे की नीति को प्रभावित करता है।

बिहार के खगड़िया में ढहा सरकारी स्कूल का दीवार, 6 की मौत , 2 की हालत गम्भीर : OmTimes

खगड़िया (ऊँ टाइम्स) बिहार के खगड़िया जिले में आज एक बड़ा हादसा हो गया। सोमवार को स्कूल की चहारदीवारी गिरने से इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर है। सभी मजदूर स्कूल की चहारदीवारी के पास नाला खोद रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया। प्रभारी जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घटना गोगरी प्रखंड की बन्नी पंचायत के अंतर्गत उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की है। यहां बेलदौर विधायक पन्नालाल सिंह पटेल की योजना पर पंचायत समिति के तत्वावधान में काम कराया जा रहा था।
एनएच 31 से रेलवे केबिन तक जल निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला स्कूल की चहारदीवारी के बगल से गुजरता है। दिन में चार बजे के करीब नाले की खोदाई की जा रही थी। इसी दौरान लगभग 100 फीट की लंबाई में चहारदीवारी टूटकर गिर गई। इसमें दबकर छह मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में हरदयाल नगर बन्नी के शिव शंकर सिंह (23), चैधा के झूलन तांती (26), ललित कुमार (24), प्रमोद पासवान (26) व ज्ञानदेव पासवान के अलावा सहरसा जिले के काशनगर निवासी छैला कुमार (25) शामिल हैं। कुछ मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है। घटना की सूचना पर महेशखूंट थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर दल-बल के साथ वहां पहुंचे। जेसीबी के सहारे मलवा हटाकर शवों को बाहर निकाला गया। प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने चंडी टोला के पास एनएच 31 को जाम कर दिया। देर शाम को अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त किया गया। घटनास्थल पर प्रभारी डीएम शत्रुंजय मिश्र, गोगरी एसडीओ सुभाष चंद्र मंडल व गोगरी एसडीपीओ मनोज कुमार आदि देर शाम तक रहे। घायल मजदूर इलाज कराने कहीं दूसरी जगह निकल गए थे, इस कारण उनके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।
आप को मालूम हो कि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय चैधा-बन्नी, चंडी टोला की चहारदीवारी मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से पिछले साल पांच नवंबर को ही बनी थी। इसकी कुल लागत 13 लाख 69 हजार दो सौ रुपये थी। एक जेई ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि किसी स्ट्रक्चर से सटकर खोदाई करना तकनीकी रूप से सही नहीं है। अगर दीवार से सटकर नाला निर्माण के लिए खोदाई की जा रही थी, तो वह गलत है। ऐसे में पूर्व के बने स्ट्रक्चर के गिरने की आशंका रहती है।
पन्नालाल सिंह पटेल, विधायक बेलदौर ने कहा – विधानसभा का सत्र चल रहा है। मैं पटना में हूं। घटना की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उस पर सख्त कार्रवाई हो। मृतकों के स्वजनों को मुआवजा मिले।

कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के रिसाव से हुआ धमाका, 2 की मौत , कई घायल : OmTimes

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स) यूपी की राजधानी के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही गांव में स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोर में शनिवार रात अमोनिया गैस रिसाव के फटने से तेज धमाके के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। घटना के दौरान तकरीबन 10 मजदूर मौके पर कोल्ड स्टोरेज के भीतर काम कर रहे थे। धमाके से 2 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई। वहीं अन्य का इलाज किया जा रहा है। इसी बीच 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शनिवार देर रात लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र के गोराही माल रोड स्थित बिंदेश्वरी कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण का काम किया जा रहा था। तभी अचानक अमोनिया गैस रिसाव होने लगा और एकाएक तेज धमाका हो गया। धमाके से आस-पास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। धमाके से कोल्ड स्टोरेज के ऊपर गुम्बद नुमा हिस्सा उड़ गया।
इस हादसे में चार मजदूर मिश्रीलाल (35), धर्मेंद्र कुमार (30), परमानंद (30) सभी निवासी सिधौली सीतापुर और विनोद कुमार (30) निवासी घुंघटेर जिला बाराबंकी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस विभाग की टीम ने घायलों को अस्पताल भेज कर स्टोरेज में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया।
घटना की जानकारी मिलते ही लखनऊ के सीएमओ संजय भटनागर के साथ पुलिस अधिकारी, फायर स्टेशन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। आनन-फानन के पुलिस टीम की ओर से रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया गया। मौके पर एम्बुलेंस के सहारे हादसे का शिकार हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। जहां सिधौली के रहने वाले 2 मजदूरों की मौत हो गई और अन्य दो की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें केजीएमयू रेफर किया गया है।
तकरीबन 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अमोनिया गैस को कंट्रोल किया गया। सूचना पर एसडीएम बीकेटी नवीन चंद्र और अन्य अधिकारी भी पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचे एफएसओ ने बताया कि अमोनिया रिसाव के कारण यह धमाका हुआ था। धमाका कैसे और क्यों हुआ इसकी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही जइस जगह से अमोनिया का रिसाव हो रहा था, उस प्वाइंट को बंद कर दिया गया है।
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थितियों को तो कंट्रोल कर लिया, लेकिन कोल्ड स्टोरेज में अचानक यह हादसा कैसे हो गया। अब पुलिस टीम इसकी जांच में जुट गई है। सीओ बख्शी का तालाब हिरदेश ने कहा कि इस हादसे के बाद अब कोल्ड स्टोरेज के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस टीम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

नौतनवा रूट के साथ साथ गोरखपुर से बढनी डेमू की जगह पैसेंजर चलाने की हो रही है तैयारी : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  लखनऊ मंडल के गोरखपुर से बढऩी और नौतनवा रेलमार्ग पर भी ट्रेनों का संचालन जल्द शुरू हो जाएगा। फिलहाल, इन रूटों पर डेमू की जगह पैसेंजर ट्रेन (सवारी गाड़ी) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है। होली से पहले ही लोगों को यह सेवा मिलनी शुरू हो जाएगी।
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने प्रथम चरण में पूर्वोत्तर रेलवे की 32 सवारी गाडिय़ों को एक्सप्रेस बनाकर चलाने की अनुमति दी है। जिसमें बढऩी और नौतनवा रूट पर डेमू ट्रेनें शामिल हैं। लेकिन 11 माह से खड़ी डेमू ट्रेनें अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। जानकारों के अनुसार औडि़हार स्थित लोको शेड में निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते डेमू ट्रेनों की मरम्मत नहीं हो पा रही। ऐसे में रेलवे प्रशासन डेमू ट्रेनों की जगह पैसेंजर चलाने की योजना बना रहा है। इसके लिए रेक तैयार किए जा रहे हैं। इन रूटों पर भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने के बाद स्थानीय लोगों की राह आसान हो जाएगी। 
आज रविवार से गोरखपुर से चार रेलमार्गों पर एक्सप्रेस के रूप में पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। शुरुआत गोरखपुर-सिवान पैसेंजर से होगी। आठ मार्च से गोरखपुर-छपरा, नौ मार्च से गोरखपुर-सीतापुर और दस मार्च से गोरखपुर-नरकटियागंज पैसेंजर एक्सप्रेस के रूप में चलने लगेंगी।  
पंजाब में चल रहे किसान आंदोलन के चलते ट्रेनों का निरस्तीकरण जारी है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार 07 मार्च को चलने वाली 05531 सहरसा-अमृतसर तथा 08 मार्च को चलने वाली 05532 अमृतसर-सहरसा स्पेशल एक्सप्रेस निरस्त रहेंगी। इसके अलावा शहीद स्पेशल सहित कुछ ट्रेनें मार्ग बदलकर चलाई जाएंगी।

अमेरिका के इस 24 पेज वाले दस्‍तावेज में कौन है अमेरिका का नंबर-1 दुश्मन : OmTimes

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) अमेरिका ने कि एक जोरदार खुलासा! अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भी अमेरिका का दुश्‍मन नंबर वन चीन को माना गया है। अमेरिका की 24 पेज वाली राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में चीन को प्रबल विरोधी के रूप में पेश किया है। आइए जानते हैं‍ कि इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में अमेरिका को किन देशों को लेकर सजग और सचेत रहने को कहा गया है। आखिर चीन समेत अन्‍य देशों को बाइडन की इस राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति को क्‍यों था इंतजार। अब हम आप को बता रहे हैं कि इस रिपोर्ट से भारत क्‍यों है खुश।  …
News Update by – OmTimes News paper India ….
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन द्वारा पद ग्रहण करने के बाद दुनिया की नजर उनकी नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति पर टिकी थी। राष्‍ट्रपति चुनाव के दौरान बाइडन ने पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के कई फैसलों की निंदा की थी। खासकर चीन और ईरान की आक्रामक नीति को लेकर वह ट्रंप के खास विरोधी थे। ऐसे में सत्‍ता सभांलने के बाद दुनियां की नजरें बाइडन की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति पर टिकी थी। चीन, रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया को अमेरिका की राष्‍ट्रीय सुरक्षा रणनीति का खास इंतजार था। चुनाव के वक्‍त बाइडन का चीन के प्रति उदार दृष्टिकोण से उसे यह उम्‍मीद जगी थी कि अमेरिका के नए निजाम के साथ उसके ताल्‍लुकात बेहतर रहेंगे। यही  उम्‍मीद ईरान को भी थी। आप को बता दें‍ कि पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के वक्‍त परमाणु करार को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच संबंधों में काफी तल्खी आ गई थी। ईरान को उम्‍मीद थी कि बाइडन प्रशासन में उसके संबंध सामान्‍य हो जाएंगें। 
हालांकि, प्रो. हर्ष पंत का मानना है कि चीन की महत्‍वकांक्षा को देखते हुए इस बात की उम्‍मीद कम ही थी कि वाशिंगटन से उसके बेहतर संबंध कायम होंगे। उनका कहना है कि चीन की विस्‍तारवादी नीति में अमेरिका उसकी सबसे बड़ी बाधा है। उन्‍होंने कहा कि कोराना महामारी के बाद राष्‍ट्रपति बाइडन को एक नए अमेरिका का साम्राज्‍य मिला। ऐसा अमेरिका जो कोरोना महामारी के चलते आर्थिक रूप से कमजोर हुआ है। बाइडन के समक्ष आंतरिक तथा वाह्य चुनौतियां पहले से ज्‍यादा जटिल हैं। जाहिर है कि बाइडन प्रशासन को देश के अंदर और बाहर इन चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी नई रणनीति तय करनी होगी। बाइडन प्रशासन के लिए चीन को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसी तरह रूस, ईरान और उत्‍तर कोरिया पर भी अपनी स्‍पष्‍ट रणनीति तय करनी होगी। 
बाइडन की राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में पहली बार अमेरिका की चिंता स्‍पष्‍ट रूप से दिखी है। इस दस्‍तावेज में कहा गया है कि व‍िश्‍व में शक्ति संतुलन की स्थिति में तेजी से बदलाव हो रहा है। अमेरिकी सुरक्षा नीति में चीन को लेकर बड़ी चिंता जाहिर की गई है। इसमें कहा गया है कि दुनिया में चीन तेजी से मुखर हो रहा है। अमेरिका ने अपना मुख्‍य प्रतिद्वंद्वी चीन को ही माना है। दस्‍तावेज में उल्‍लेख है कि चीन आर्थिक, कूटनीतिक, सैन्‍य और तकनीकी रूप से सक्षम है। इन सभी क्षेत्रों में वह अमेरिका के रूप में बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह तय हो गया है कि चीन को बाइडन प्रशासन से कोई राहत मिलने वाली नहीं है। बाइडन प्रशासन और चीन के संबंध अब तनावपूर्ण और तल्‍ख ही रहेंगे। इसमें कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है। इससे एक बात और साफ हो गई है कि बाइडन भी अपने पूर्ववर्ती डोनाल्‍ड ट्रंप की राह पर चलने के लिए बाध्‍य होंगे। 
प्रो. पंत का कहना है कि अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोस्‍ती के बाद यह सवाल उठने लगा था कि अगर जो बाइडन चुनाव में विजयी होते हैं तो भारत के साथ उनके कैसे रिश्‍ते होंगे। अमेरिका की नई राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति के बाद यह संशय भी खत्‍म हो गया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत के साथ प्रगाढ़ संबंधों पर जोर दिया है। राष्‍ट्रीय सुरक्षा नीति में भारत से दोस्‍ती को मजबूत रखने का आग्रह किया गया है। इस सुरक्षा नीति में दक्षिण चीन सागर और प्रशांत क्षेत्र में चीन की दिलचस्‍पी को नियंत्रित करने के लिए भारत को और मजबूत करने पर बल दिया गया है।

भारत के डब्ल्यूटीओ में कोरोना वैक्सीन को पेटेंट से मुक्त कराने में साथ साथ आये 57 देश : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दुनियां को किफायती दाम पर कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने की मुहिम में इस समय भारत जुटा हुआ है। इस काम को अंजाम देने के लिए भारत कोरोना वैक्सीन को पेटेंट नियम से बाहर लाने की जी-तोड़ कोशिश कर रहा है। इस प्रयास के तहत भारत ने हाल ही में विश्व व्यापार संगठन से कोरोना वैक्सीन को ट्रेड रिलेटेड आस्पेक्ट्स ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (ट्रिप्स) यानी व्यापार संबंधित बौद्धिक संपदा अधिकार से बाहर रखने की गुजारिश किया है ताकि छोटे एवं सबसे कम विकसित देशों को आसानी से कम दाम पर वैक्सीन मिल सके।
इस कोशिश में दुनियां के और 57 देश भारत का साथ दे रहे हैं,और इनमें से 35 देश सबसे कम विकसित देश है। हालांकि अमेरिका और यूरोप के कई विकसित देश भारत के प्रस्ताव के पक्ष में नहीं है। शुक्रवार को इटली ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 2.5 लाख डोज के ऑस्ट्रेलिया निर्यात पर रोक लगा दी। यूरोपीय संघ ने भी इटली के इस कदम का समर्थन किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैक्सीन को लेकर विकसित देशों के इस रवैये को देखते हुए इसे ट्रिप्स से बाहर लाना अत्यधिक आवश्यक हो गया है। इनका यह भी मानना है कि वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखा जाता है तो भारत इसका सबसे बड़ा निर्यातक और आपूर्तिकर्ता देश बन जाएगा। भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि दुनिया का दवा उद्योग कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने के प्रस्ताव का खुले दिल से समर्थन करेगा।
फरवरी के आखिरी सप्ताह में डब्ल्यूटीओ में भारत ने कहा था कि कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स के दायरे से बाहर नहीं लाने पर खरबों डॉलर के वैश्विक उत्पादन का नुकसान हो जाएगा। ट्रिप्स से कोरोना वैक्सीन को बाहर रखने पर कोरोना वैक्सीन का उत्पादन आसान हो जाएगा, लेकिन अमेरिका, यूरोप व जापान फिलहाल इसके पक्ष में नहीं हैं।
हालांकि, धीरे-धीरे भारत के प्रस्ताव का समर्थन बढ़ता जा रहा है। यूरोपीय संसद के 115 सदस्यों ने कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर रखने का समर्थन किया है। गत 26 फरवरी तक दुनिया के 130 देशों में कोरोना वैक्सीन का एक भी डोज किसी को नहीं दिया गया था।
दवा निर्यात संव‌र्द्धन परिषद के चेयरमैन दिनेश दुआ कहते हैं, दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली 60 फीसद वैक्सीन भारत में बनती है। भारत के पास वैक्सीन बनाने की सबसे अधिक क्षमता है। कोरोना वैक्सीन को ट्रिप्स से बाहर करने पर भारत वैक्सीन का सबसे बड़ा उत्पादक के साथ सबसे बड़ा निर्यातक देश बन जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका दूसरा फायदा यह होगा वैश्विक पटल पर भारत की धाक जमेगी।
दुआ ने बताया कि दुनियां के दो दर्जन से अधिक देश कोरोना वैक्सीन के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने ऑस्ट्रेलिया को वैक्सीन देने का करार किया था, फिर भी इटली ने वैक्सीन भेजने की इजाजत नहीं दी। ऐसे में, वैक्सीन के भारी उत्पादन से ही सभी देशों को अगले एक-दो साल में वैक्सीन मिल पाएगी। 

तापसी और अनुराग सहित कई फिल्मी हस्तियों के यहां IT रेड पर मचा घमासान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  विगत दिवस फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप और अभिनेत्री तापसी पन्नू सहित कई फिल्म सितारों के यहां आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए कुछ मुहावरों के माध्यम से केंद्र सरकार पर तंज कसा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि कुछ मुहावरे.. उंगलियों पर नचाना- केंद्र सरकार ये IT-CBI-ED के साथ करती है। भीगी बिल्ली बनना केंद्र सरकार के सामने मित्र मीडिया। राहुल गांधी ने आगे लिखा कि खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे- जैसे केंद्र सरकार किसान-समर्थकों पर रेड करवा रही है!
आप को बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किए जाते हैं। फिर चाहे वह चीन का मसला हो या फिर किसानों का। इससे पहले कांग्रेस नेता ने महाराष्ट्र सरकार, महाराष्ट्र कांग्रेस, शिवसेना समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने इसे सरकार की बदले की कार्रवाई करार दिया था। 
इस छापेमारी पर महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक चव्हाण ने भी बीते दिन बयान दिया था कि मोदी सरकार की ये कार्रवाई दर्शाती है कि वो बदले की भावना से काम कर रही है। वहीं, शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा था कि उम्मीद है कि देश में जल्द आयकर विभाग, सीबीआई और ईडी बंधुआ मजदूरी के माहौल से बाहर निकलेगी। 
गौरतलब है कि आयकर विभाग की कई टीमों ने बीते दिन मुंबई-पुणे में करीब 30 जगहों पर छापेमारी की थी। ये सभी जगह अनुराग कश्यप की कंपनी ‘फैंटम’ और अन्य कुछ फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ी हुई थीं। इसके साथ ही आयकर विभाग ने तापसी पन्नू को मैनेज करने वाली कंपनी के ठिकाने पर भी छापेमारी की थी। विभाग की तरफ से की गई इस  छापेमारी के दौरान कई कागजातों को खंगाला गया और लैपटॉप की जांच की गई। इतना ही नहीं पुणे में अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू के घर पर देर रात तक आयकर विभाग ने छापेमारी किया।

अब दिल्ली में भी अब 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए सरकार से लेना होगा फिटनेस प्रमाणपत्र : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश की राजधानी दिल्ली में बहुमंजिला इमारतों की भूकंपीय स्थिति के आकलन के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत अब मुंबई की तरह 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने कार्ययोजना तैयार कर ली है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को यह अहम जानकारी दी। अब याचिका पर 13 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।
अधिवक्ता अर्पित भार्गव की तरफ से दायर जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इसमें दिल्ली सरकार ने कहा कि वार्षिक प्री-मानसून सर्वेक्षण में आवास के लिए असुरक्षित पाए गए अस्पतालों, संस्थागत भवनों, स्कूलों और कालेजों सहित अन्य इमारतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसे लेकर 19 जून, 2020 से 18 फरवरी, 2021 के बीच मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कई बार बैठक हुई है, जिसमें तय किया गया कि सार्वजनिक उपयोग के साथ उच्च जोखिम वाली इमारतों के सुरक्षा आडिट को प्राथमिकता दी जाए। 30 वर्ष पुरानी इमारतों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य किए जाने का भी निर्णय लिया गया।

याचिकाकर्ता ने कहा, दिल्ली में भूकंप के लिहाज से इमारतों की स्थिति खराब है। तेज भूकंप आया तो बड़े पैमाने पर यहां इमारतों को खतरा हो सकता है। इससे जानमाल के नुकसान की भी आशंका है। इस पर दिल्ली सरकार ने तीनों नगर निगमों के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि निजी भवन मालिकों से कहा जाएगा कि वे इमारतों का सुरक्षा आडिट कराकर संबंधित निकाय को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आडिट में यदि इमारत की संरचना में कमी पाई जाती है तो मालिक को लागू मानकों के अनुसार इमारत को भूकंपरोधी बनाने का निर्देश दिया जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में कम जोखिम वाली इमारतों, अनधिकृत कालोनियों व ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित इमारतों का आडिट कराया जाएगा।

भारत विरोधी एजेंडे के लिए कश्मीरी छात्रों को डिग्रियां देता है पाकिस्तान, NIA ने दिया चौंकाने वाली जानकारी : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) एनआईए ने दिया चौंकाने वाली रिपोर्ट!  पाकिस्तान सरकार जम्मू-कश्मीर के छात्रों को एमबीबीएस, इंजीनियरिंग के पाठयक्रम या अन्य शिक्षण संस्थानों में दाखिला और छात्रवृत्ति अपने भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए देती है। डाक्टर, इंजीनियर बनने के लिए पाकिस्तान पहुंचने वाले कश्मीरी छात्रों में जिहादी और अलगाववादी मानसिकता को बढ़ावा देकर उन्हें आतंकी और अलगाववादी बनाया जाता है। पाकिस्तान की इस साजिश का पर्दाफाश जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने किया है। 
एनआइए ने टेरर फंडिंग के सिलसिले में दायर अपने आरोपपत्र में बताया है कि आतंकियों, हुर्रियत कांफ्रेंस और पाकिस्तान सरकार के बीच एक त्रिपक्षीय गठजोड़ है, जो पाकिस्तान के प्रति झुकाव रखने वाले कश्मीरी डाक्टरों, इंजीनियरों की एक पौध तैयार करने में जुटा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और उदारवादी हुर्रियत नेता मीरवाइज मौलवी उमर फारूक व उनके कई अन्य साथी पाकिस्तान में कश्मीरी छात्रों के दाखिले का प्रबंध करते रहे हैं। इनकी सिफारिश पर पाकिस्तान के लिए कश्मीरी छात्रों व अन्य लोगों को वीजा आसानी से मिल जाता था। 
जांच में पता चला है कि जो भी छात्र पाकिस्तान पढ़ने गए हैं, उनमें से अधिकांश किसी पूर्व आतंकी के रिश्तेदार या सक्रिय आतंकियों के साथ किसी न किसी तरीके से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा हुर्रियत नेता कश्मीर के कुछ प्रभावशाली परिवारों के बच्चों को पाकिस्तान में मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में दाखिला दिलाने की आड़ में उनसे मोटी रकम भी प्राप्त करते रहे हैं। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा आतंकी व अलगाववादी गतिविधियों में खर्च होता रहा है।

दस्तावेज से सच्चाई आई सामने – एनआइए ने अदालत को बताया कि अलगाववादी नेता नईम खान के मकान की तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज मिले। यह दस्तावेज पाकिस्तान में एक कश्मीरी छात्र को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए दाखिला दिलाने की सिफारिश से संबंधित थे। इनमें एक छात्र के बारे में बताया गया था कि वह और उसका परिवार पाकिस्तान समर्थक है, वह कश्मीर की आजादी के प्रति संकल्पबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले का नोटिस लिया था, और उन्होंने जांच एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही जम्मू कश्मीर से गुलाम कश्मीर या पाकिस्तान में एमबीबीएस या इंजीनियरिग की पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्रों की संख्या में कमी आई है। अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद यह संख्या नाममात्र रह गई है, क्योंकि हुर्रियत नेताओं ने जो पढ़ाई के लिए दाखिले दिलाने की दुकान खोल रखी थी, वह बंद हो गई है।
हुर्रियत, आतंकियों और पाकिस्तान सरकार द्वारा कश्मीरी छात्रों को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की इस साजिश का जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन सत्ता तंत्र को पूरा पता था, लेकिन किसी ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान गए कई छात्रों ने वहां उन्हें कश्मीर में पाकिस्तानी एजेंडे को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूर किए जाने के बारे में एजेंसियों को भी बताया था। 
कई छात्रों ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के पक्ष को सही ठहराने संबंधी मुद्दों के बारे में कश्मीर आकर संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को बताया था। करीब एक साल पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बताया था कि जम्मू कश्मीर से करीब 700 छात्र पकिस्तान के विभिन्न मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में पढ़ने गए हैं। इनमें से अधिकांश छात्र कश्मीर घाटी से संबंध रखते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही करने वाले हैं विदेश का दौरा : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी की वजह से राष्ट्र प्रमुखों के विदेश दौरे पर लगी रोक अब खत्म होने का संकेत मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इसी 26 मार्च को बांग्लादेश दौरे से विदेश यात्राओं की शुरुआत हो जाएगी। विदेश मंत्रालय में पीएम मोदी की मई, 2021 में यूरोपीय संघ की यात्रा को लेकर भी तैयारी जोरों पर है। यूरोपीय संघ की यात्रा के कुछ ही समय बाद मोदी जून, 2021 में समूह-7 देशों की बैठक में हिस्सा लेने ब्रिटेन भी जा सकते हैं। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन की यात्रा के दौरान पीएम कुछ अन्य देशों को भी अपनी यात्रा के रूट में शामिल कर सकते हैं।
इसके साथ ही कुछ विदेशी मेहमानों के भी भारत आने को लेकर विमर्श का गंभीर दौर चल रहा है। इसमें सबसे पहले जापान के पीएम योशीहिदे सुगा और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के भारत आने को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय जापान व रूस के विदेश मंत्रालयों के संपर्क में है। इन दोनों राष्ट्राध्यक्षों को दिसंबर, 2019 में भारत आना था लेकिन कुछ वजहों से तब यह दौरा स्थगित हो गया था। बाद में कोरोना की वजह से यात्रा नहीं हो सकी। वैसे इस साल (2021) में भारत ब्रिक्स संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। कोरोना से यदि हालात और न बिगड़े तो 2021 के मध्य के बाद ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका और चीन के राष्ट्राध्यक्ष भारत दौरे पर आ सकते हैं। हाल ही में ब्रिक्स देशों के शेरपाओं (संगठन की तैयारियों पर अंतिम फैसला करने वाले सभी देशों के प्रतिनिधि) की पहली बैठक हुई जिसमें संगठन के तहत होने वाली छह शीर्ष स्तरीय बैठकों के बारे में शुरुआती चर्चा की गई है।
सूत्रों का कहना है कि कोरोना की वजह से वर्चुअल बैठक कूटनीति की नई सच्चाई बन गई है। इसके बावजूद द्विपक्षीय रिश्तों को तय करने और उनकी दिशा बनाने में व्यक्तिगत मेल-मिलाप की अपनी अहमियत है और यह आगे भी बनी रहेगी। हाल के दिनों में पीएम मोदी की जिन विदेशी नेताओं से बात हुई है उसमें कई ने उन्हें अपने देश आने के लिए आमंत्रित किया है। मसलन, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन और आस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरीसन ने मोदी के साथ टेलीफोन वार्ता में उन्हें अपने देश की यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित किया था।
हमेशा की तरफ प्रधानमंत्री विदेश दौरों की शुरुआत पड़ोसी देशों के साथ कर रहे हैं। 26 और 27 मार्च, 2021 को वह बांग्लादेश की यात्रा के बाद निकट भविष्य में उनके नेपाल जाने की भी संभावना है। वैसे इस बारे में फैसला पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक माहौल देख कर किया जाएगा।

भारतीय सेना से झड़प कराने वाले चीन के फौजी कमांडर को चीन ने अहम ओहदा से नवाजा

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व हुई भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के असली विलेन जनरल झाओ जोंगकी को शी चिनफिंग सरकार ने अहम ओहदे से नवाजा है। पीएलए के इस पूर्व शीर्ष कमांडर को चीन की संसद की प्रभावशाली विदेश मामलों की समिति का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। झाओ भारत से लगती तिब्बत सीमा पर दो दशकों तक तैनात रहा है। 65 वर्षीय झाओ वर्ष 2017 में दोकलाम और वर्ष 2020 में लद्दाख गतिरोध के दौरान वेस्टर्न कमांड का प्रमुख था।
आप को बता दें कि पीएलए के नियमों के तहत सेना के शीर्ष जनरल की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। झाओ की यह नियुक्ति पांच मार्च से होने वाली एनपीसी की वार्षिक बैठक से पहले की गई है। वर्ष में एक बार एनपीसी और उसकी सलाहकार निकाय चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसलटेटिव कांफ्रेंस (सीपीपीसीसी) की बैठक होती है। झाओ ने ही चीनी सेना को गलवन घाटी में हमले को अंजाम देने का आदेश दिया था। जनरल झाओ जोंगकी पहले भी भारत के साथ कई पूर्व में हुई तनातनी को अंजाम दे चुका है।
झाओ के अलावा अब तक आ‌र्म्ड पुलिस फोर्सेज के प्रमुख रहे जनरल वांग निंग संविधान और कानून पर एनपीसी समिति का डिप्टी चेयरमैन नियुक्त किया गया है। बताया जाता है कि जनरल झाओ भारत को अमेरिका के साथ नजदीकी रिश्ते को लेकर सबक सिखाना चाहता था, हालांकि ये चीन पर उल्टा भारी पड़ा क्योंकि भारत के जहां 20 जवान शहीद हुए वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए। 
बीते दिनों चीन ने सैन्य कमांडर स्तर की 10वें दौर की वार्ता से ठीक पहले गलवन घाटी में हुए संघर्ष का एक वीडियो जारी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। चीन ने इस प्रोपेगेंडा वीडियो को जारी करते हुए भारतीय सेना पर आक्रामक रुख अपनाने का आरोप लगाया था। सनद रहे कि पिछले साल 15 जून को गलवन घाटी में भारतीय सेना के बिहार रेजिमेंट के बहादुर सैनिकों ने कर्नल संतोष बाबू के नेतृत्व में भारतीय इलाके में अवैध रूप से घुस आए चीनी सैनिकों से जमकर लोहा लिया था। 

म्यांमार में पुलिस की बर्बरता, पुलिस की गोली से 18 से अधिक की मौत, यूएन में आवाज उठाने वाले राजदूत को सेना ने किया बर्खास्त : OmTimes

यंगून (ऊँ टाइम्स)  म्यांमार में तख्तापलट के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर रविवार को पुलिस ने फायरिंग की। इसमें 18 लोगों की मौत हुई और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बर्बर कार्रवाई रोकने को कहा।
वहीं संयुक्त राष्ट्र में सेना के खिलाफ आवाज उठाने वाली म्यांमार के राजदूत क्याव मो तुन को बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने विश्व समुदाय से सैन्य शासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की गुहार लगाई थी। 
आप को बता दें कि तख्तापलट और देश की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की को गिरफ्तार किए जाने के बाद से म्यांमार में प्रदर्शनों का दौर जारी है। नवंबर में हुए चुनाव में सू की पार्टी ने जोरदार जीत दर्ज की थी, लेकिन सेना ने धांधली की बात कहते हुए परिणामों को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था।
रविवार को सबसे बड़े शहर यंगून सहित देश के विभिन्न हिस्सों में लोकतंत्र समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर तख्तापलट का विरोध किया। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड, आसूं गैस के गोले और हवा में फायरिंग की। जब इस पर भी प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए तो पुलिसवालों ने छिपकर प्रदर्शनकारियों को अपना निशाना बनाया। 
मीडिया में चल रही तस्वीरों में घायल हुए लोगों को उनके साथी उठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं फुटपाथ पर खून और खून के धब्बे अभी भी दिखाई दे रहे हैं। यंगून स्थित एक डॉक्टर ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि अस्पताल लाए जाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हुई। उसके सीने पर गोली लगी थी। 
वहीं यंगून में ही टीचरों के प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने स्टेन ग्रेनेड का उपयोग किया, जिसके चलते एक महिला टीचर को दिल का दौरा पड़ा और उसकी तत्काल मौत हो गई। यंगून के एक अन्य इलाके में पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में तीन लोग मारे गए हैं जबकि म्यांमार की मीडिया ने मांडले में दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। कई लोग घायल भी बताए जाते हैं।  
यंगून मेडिकल स्कूल के बाहर भी पुलिस द्वारा स्टेन ग्रेनेड फेंकने का पता चला है। डॉक्टरों के संगठन ‘व्हाइटकोट अलायंस ऑफ मेडिक्स’ ने कहा कि पचास से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य शहरों में भी विरोध-प्रदर्शन की जानकारी मिली है। तख्तापलट के बाद किए गए विरोध-प्रदर्शनों में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
म्यांमार में तख्तापलट की अधिकांश देशों ने निंदा की है, लेकिन चीन की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कहा जा रहा है कि चीन तख्तापलट का समर्थन कर रहा है। ताइवान टाइम्स के मुताबिक चीनी सैनिकों को विमानों से लाया गया और म्यांमार के कई शहरों में देखा गया है। इंटरनेट मीडिया में भी इस तरह के दावे किए जा रहे हैं।

तमिलनाडु में फिर लग गया लाकडाउन, महाराष्‍ट्र में भी लगी पाबंदियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एकबार फिर सख्‍त पाबंदियों का दौर शुरू हो गया है। तमिलनाडु सरकार ने 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। यही नहीं कोरोना से जुड़े अन्य प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं जिसके बीच राज्‍य सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। महाराष्‍ट्र में संक्रमण बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। एक दिन में 8,623 नए मामले सामने आए हैं जिसके चलते राज्‍य में पाबंदियों का सिलसिला जारी है। 
तमिलनाडु सरकार ने की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्‍य में लॉकडाउन को 31 मार्च तक के लिए बढ़ाया जा रहा है। आदेश के मुताबिक सार्वजनिक जगहों और यात्रा के दौरान लोगों के लिए मास्‍क पहनना अनिवार्य होगा। साथ ही सार्वजनिक जगहों और दुकानों पर शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। यही नहीं सर्वाजनिक जगहों पर थूकने पर स्‍थानीय अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा। 
जारी आदेश में कहा गया है कि कॉमन पब्लिक प्‍लेस पर थर्मल स्‍केनिंग जरूरी होगी। साथ ही हेंडवॉश या सेनेटाइजर का इस्‍तेमाल करना होगा। यही नहीं कॉमन पब्लिक प्‍लेस को समय समय पर सेनेटाइज किया जाएगा। दरवाजों के हैंडिल समेत उन सभी मानव स्‍पर्श वाले टूल्‍स को भी सेनेटाइज किया जाएगा। वर्क प्‍लेस पर लोगों के बीच शारीरिक दूरी का ख्‍याल रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। 
तमिलनाडु में कंटेनमेंट जोन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में कोरोना से संक्रमण के 479 नए मामले सामने आए हैं जबकि तीन लोगों की मौत हो गई। इससे राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8.51 लाख हो गई जबकि महामारी से मरने वालों का आंकड़ा 12,496 हो गया है। मौजूदा वक्‍त में राज्‍य में 4,022 मरीजों का इलाज चल रहा है। 
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में कोरोना संक्रमण के 182 नए मामले सामने आए जिससे यहां संक्रमितों की संख्या 2,35,532 हो गई है। तमिलनाडु में अब तक कुल 1.74 करोड़ नमूनों की कोविड जांच की जा चुकी है। सूबे में टीकाकरण में तेजी लाने के लिए 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के गंभीर मरीजों को सोमवार से टीकाकरण को लेकर व्‍यापक इंतजाम किए गए हैं। 

मराठवाड़ा में सख्‍त पाबंदियों का सिलसिला चालू – कोरोना संक्रमण की तेज रफ्तार को देखते हुए महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में एतियात बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। हिंगोली में सोमवार से सात मार्च तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, धार्मिक स्थल और कार्यक्रम स्थल बंद रहेंगे। बैंकों में केवल प्रशासनिक काम ही किए जाएंगे। हिंगोली में शनिवार को 46 नए मामले मिले थे। 

पुणे जिले में भी कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए लागू पाबंदियों को 14 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश में गैर आवश्यक कार्यों से रात 11 से सुबह छह बजे के बीच आवागमन पर रोक शामिल है। यही नहीं शैक्षणिक संस्थाओं को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मालूम हो कि पुणे में ये प्रतिबंध 21 फरवरी को लागू किए गए थे। पुणे जिले में शनिवार को 1,505 नए मामले मिले थे।
महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं राज्य में लॉकडान लागू नहीं करना चाहता लेकिन कुछ मजबूरी है। लोगों को मास्क पहनना चाहिए और लॉकडाउन से बचना चाहिए। 
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में देश में कोरोना के 16,752 नए केस सामने आए हैं जिससे संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ 10 लाख 96 हजार को पार कर गया है। इनमें से एक करोड़ सात लाख 75 हजार से अधिक मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,57,051 मरीजों की अब तक जान भी जा चुकी है। बीते 24 घंटे में 113 मरीजों की मौत भी हुई। मरीजों के उबरने की दर 97.10 फीसद जबकि मृत्युदर 1.42 फीसद है। 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक छह राज्यों महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात में सबसे ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं। मंत्रालय ने कहा है कि 16,752 नए मामलों में से 86.37 फीसद कोरोना के केस इन्हीं राज्यों में पाए गए हैं। बीते 24 घंटे में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 8,623, केरल में 3,792, पंजाब में 593, कर्नाटक में 523, तमिलनाडु में 486 और गुजरात में 451 नए मामले सामने आए हैं। 

बंगाल सहित पांच राज्यों में हुआ चुनाव की तारीखों का ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही साथ पाचों राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होंगे। वहीं  असम में तीन चरण में और केरल, पुडुचेरी व तमिलनाडु में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव होंगे।
चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतदान से लेकर परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया 27 मार्च से शुरू होकर 2 मई तक चलेगी। 2 मई को पांचों राज्यों के नतीजे आ जाएंगे। चुनाव के दौरान सुरक्षा का व्यापक बंदोबश्त किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
बंगाल में पहला चरण- 27 मार्च को होगा, दूसरा- 1 अप्रैल, तीसरा- 6 अप्रैल, चौथा- 10 अप्रैल, पांचवां चरण- 17 अप्रैल, छठा चरण- 22 अप्रैल, सातवां चरण- 26 अप्रैल, आठवें चरण का मतदान- 29 अप्रैल को होगा। असम में प्रथम चरण का मतदान- 27 मार्च, दूसरे चरण का मतदान- 1 अप्रैल और तीसरे चरण का मतदान -6 अप्रैल को होगा। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होंगे। सभी राज्यों में 2 मई को मतगणना होगी।
सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए चुनाव होंगे। पांच राज्यों में कुल 824 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होंगे। 18.68 करोड़ मतदाता तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में 2.7 लाख मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। कोरोना के कारण मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया गया है। सभी चुनाव अधिकारियों का कोरोना टीकाकरण होगा। चुनाव ग्राउंंड फ्लोर पर होंगे। चुनाव के दौरान पर्याप्त केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। सभी महत्वपूर्ण, संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान की गई है और पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ की तैनाती की जाएगी। 
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार केरल में पहले 21,498 चुनाव केंद्र थे, अब यहां चुनाव केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 40,771 कर दी गई है। पश्चिम बंगाल में 2016 में 77,413 चुनाव केंद्र थे, अब यहां 1,01,916 चुनाव केंद्र होंगे। असम में 2016 विधानसभा चुनाव में 24,890 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 33,530 होगी। तमिलनाडु में 2016 विधानसभा चुनाव में 66,007 चुनाव केंद्र थे, 2021 में चुनाव केंद्रों की संख्या 88,936 होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने जानकारी दी कि चुनाव के दौरान नियमों का पालन अनिवार्य होगा। घर-घर चुनाव प्रचार के लिए पांच लोगों के साथ जाने की अनुमति होगी। नामांकन की प्रक्रिया और सिक्योरिटी मनी ऑनलाइन भी जमा होगी। रैली के मैदान तय होंगे। सभी राज्यों में सुरक्षा बल पहले ही भेज दिए जाएंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि महामारी के दौरान चुनाव आयोग ने सबसे पहले राज्यसभा की 18 सीटों पर चुनाव कराए थे। इसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों की चुनौती आई। अब एक साथ पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव कराना ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कई कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आए, ठीक हुए और चुनावी ड्यूटी निभाई।

आज ब्यापारियों ने भारत बन्द का किया है ऐलान : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  वस्तु एवं सेवा कर की खामियों को दूर करने एवं डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के खिलाफ 26 फरवरी को देश भर के व्यापारियों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। भारत बंद में करीब 8 करोड़ छोटे कारोबारी शामिल होंगे। साथ ही देश के करीब 1 करोड़ ट्रांसपोर्टर और लघु उद्योग और महिला उद्यमियों के भी इसें शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
द कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने 26 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है। इस दिन सभी व्यावसायिक बाजार बंद रहेंगे। सड़क परिवहन क्षेत्र की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया ट्रांसपोटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने कैट के समर्थन में सुबह 6 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक चक्का जाम का ऐलान किया है। किसी भी प्रकार की माल की बुकिंग, डिलीवरी, लदाई/उतराई बंद रहेगी। सभी परिवहन कंपनियों को विरोध के लिए कल अपने वाहन पार्क करने के लिए कहा है। देश भर के अलग अलग राज्यों में विरोध स्वरूप 1500 जगहों पर धरने का आयोजन किया जाएगा। इससे लोगों को परेशानी हो सकती है।

देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने पहले ही कैट के व्यापार बंद को न केवल समर्थन दिया है बल्कि उस दिन देश भर में ट्रांसपोर्ट का चक्का जाम करने की भी घोषणा की है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अनेक राष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों ने भी व्यापार बंद का समर्थन किया है जिसमें खास तौर पर ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रिब्युटर्ज़ फेडरेशन, फेडेरेशन ऑफ अलूमिनियीयम यूटेंसिलस मैन्यूफैकचररस एंड ट्रेडर्ज एसोसिएशन, नार्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, आल इंडिया वूमेंन एंटेरप्रिनियर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसीइएशन, आल इंडिया कॉस्मेटिक मनुफक्चरर्स एसोसिएशन आदि शामिल हैं।
कैट यानी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा है कि 26 फरवरी को देश के सभी कमर्शियल बाजार बंद रहेंगे। वहीं 1 करोड़ ट्रांसपोर्ट्स ने 26 फरवरी को हड़ताल और चक्का जाम करने की घोषणा की है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के एसोसिएशन और टैक्स एडवोकेट्स ने भी अपने क्लाइंट्स को सूचित किया है कि वह शुक्रवार को ऑफिस में ना आएं, यानी उनके ऑफिस भी बंद रहेंगे। करीब 1500 जगहों पर धरना दिए जाने की भी घोषणा की गई है।

मुंबई के एक होटल में मिला दादरानगर हवेली के सांसद डेलकर का शव, सीबीआई जांच की है आवश्यकता

दादरानगर हवेली (शिवबहादुर मौर्या, संवाददाता, ऊँ टाइम्स) विगत दिवस मुंबई के एक होटल के कमरे में हुई दादरानगर हवेली के सांसद मोहन डेलकर की मौत! पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद लाश उनके परिजनों को सौंप दिया! इनकी लाश पंखे में लटकते हुए मिली है ! यह आत्महत्या नहीं ब्लिक हत्या है, जिसे हत्यारों ने बहुत ही बारीकी से अंजाम दिया है! इस घटना को अंजाम देने में कई लोगों का हाथ होने की आशंका है! स्थित से ऐसा लगता है कि मारने वालों ने जरूर धमकी देकर फिल्मी स्टाइल में तमंचों की नोक पर उनसे सूसाइड नोट लिखवाया होगा, उसके बाद उन्हें फंदे से लटका कर मारा होगा ! इस घटना को अंजाम देने में बड़े माफियाओं का भी हाथ हो सकता है! फिलहाल अब देखना यह है कि पुलिस क्या कहानी मढ़ती है, क्योंकि जांच रिपोर्ट तो पुलिस ही लगायेगी! फिर भी सच्ची खबरों के प्रकाशन के लिए ऊँ टाइम्स के कुछ नगमानिगार सच्चाई का पता लगाने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं!

कर्नाटक के हिरेनागवली में हुआ विस्फोट, कम से कम 6 मौत , प्रधानमंत्री ने व्यक्त किया दुख : OmTimes

बेंगलुरु (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर के हिरेनागवली में हुए विस्फोट के कारण हुई मौतों पर मंगलवार को  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा व खदान व भूगर्भ मंत्री मुरुगेश समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दुख व्यक्त किया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘चिक्कबल्लापुर में दुर्घटना के कारण हुई मौतोंं से दुखी हूं। पीड़ित परिवारों को सांत्वना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’
खदान व भूगर्भ मंत्री ने कहा, ‘शिवमोगा विस्फोट के बाद ऐसी दुर्घटना दुभार्ग्यपूर्ण है। सरकार मामले की जांच करवाएगी और इसमें शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। चिक्कबल्लापुर जिले के हिरेनागवली में जिलैटिन की छड़ों में विस्फोट हो गया। राज्य मंत्री सुधाकर ने कहा कि ये छड़ें अवैध रूप से रखी गई थी। इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
चिक्कबल्लापुर जिले के हिरेनागवली में जिलैटिन की छड़ों में विस्फोट हो गया। चिक्कबल्लापुर जिलाधिकारी डॉक्टर के सुधाकर ने घटनास्थल का मुआयना किया, और कहा, ‘इस घटना से हैरान हूं। ये अवैध रूप से रखी गई थी। इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’  इस राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ‘हिरेनागवल्ली गांव के पास 6 लोगों की मौत हुई जो हैरान करने वाला है जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।’

IIT खड़गपुर के 66वें दीक्षांत समारोह को आज पीएम मोदी 12:30 पर करेंगे संबोधित : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आज, 23 फरवरी, 2021 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, IIT खड़गपुर के 66 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर 12.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संस्थान के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
प्रधानमंत्री आज आईआईटी खड़गपुर में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का भी उद्घाटन करेंगे। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल है जिसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर द्वारा शिक्षा मंत्री के समर्थन से स्थापित किया गया है।

पाकिस्‍तान के इमरान को श्रीलंका ने नहीं दिया संसद में बोलने की इजाजत : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाक‍िस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की श्रीलंका यात्रा के पूर्व इस पर कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। इस चर्चा में भारत का नाम भी शामिल है। दरअसल, इमरान खान 22 फरवरी को श्रीलंका के दौर पर जाने वाले हैं। इस दौरे में वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया। इसको लेकर श्रीलंका और पाक‍िस्‍तान की मीडिया में कई तरह की चर्चाएं जोरों पर है। इसमें भारत का नाम भी शामिल किया जा रहा है। इस यात्रा के दौरान इमरान खान की मुलकात श्रीलंकाई राष्‍ट्रपति गोटाभाया के अलावा उनके समकक्ष महिंदा राजपक्षे के साथ होगी। इमरान श्रीलंका में निवेशकों के एक सम्‍मेलन में भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा वह श्रीलंका की संसद को संबोधित करने वाले थे, लेकिन उनके इस कार्यक्रम को श्रीलंका की सरकार ने रद कर दिया।
श्रीलंका और पाकिस्‍तान की मीडिया में इसको लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। श्रीलंका मीडिया ने संसद के स्‍पीकर महिंदा यापा के हवाले से कहा है कि कोरोना वायरस के कारण यह कदम उठाया गया है। उधर, पाकिस्‍तानी मीडिया ने लिखा है कि भारत-श्रीलंका के संबंधों के चलते इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद किया गया है। मीडिया में कहा गया है कि श्रीलंका सरकार नहीं चाहती कि इमरान के इस भाषण से उसके भारत के साथ संबंध खराब हो। श्रीलंका सरकार का आशंका है कि इमरान संसद में कश्‍मीर का मुद्दा उठा सकते थे। इससे भारत की नाराजगी बढ़ सकती है। श्रीलंका भारत-पाकिस्‍तान के द्व‍िपक्षीय मुद्दे को उठाने से गुरेज कर रही है। श्रीलंका ने भारत को नाराज नहीं करने के वास्‍ते इमरान खान के भाषण कार्यक्रम को रद कर दिया।
मीडिया के अनुसार इमरान श्रीलंका के मुसलमानों के अधिकारों को लेकर भी कुछ टिप्‍पणी कर सकते थे। इसलिए भी इमरान के भाषण कार्यक्रम को रद करना पड़ा। गौरतलब है कि श्रीलंका की सरकार कोरोना वायरस से मरने वाले मुस्लिमों को शव दफन करने की अनुमति नहीं दे रही थी। इसके चलते मुस्लिमों को शव जलाने पड़े थे। यह रीति मुस्लिमों के खिलाफ है। इसको लेकर श्रीलंका सरकार की काफी निंदा हुई थी। बाद में श्रीलंका सरकार ने शवों को दफन करने की अनुमति दे दिया था।

बंगाल और असम दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, आज कई परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल और असम के दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री कई महत्वपूर्ण परियोजनाए देश को समर्पित करेंगे और कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। दोनों ही राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:30 बजे असम के धेमाजी के सिलापाथर में आयोजित एक कार्यक्रम में तेल एवं गैस क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री इंजीनियरिंग कॉलेजों का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी की एक इकाई, डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकंडरी टैंक फार्म और तिनसुकिया के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वह धेमाजी इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन और सुआलकुची इंजीनियरिंग कॉलेज की आधारशिला रखेंगे।

महाराष्ट्र में फिर हुई लॉकडाउन की वापसी, पुणे में स्कूल कॉलेज हुए बंद : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) केरल, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगले आठ दिन तय करेंगे कि क्या राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के अमरावती जिले में सोमवार से एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। पुणे में भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने का आदेश दिया गया है। संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही के चलते महाराष्ट्र एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आते नजर आ रहा है। इनका कहना है कि लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की शारीरिक दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राज्य के लोगों के नाम जारी वीडियो संदेश में कहा, ‘क्या आप लॉकडाउन चाहते हैं। अगले आठ दिनों में तय होगा। राज्य में आज करीब सात हजार नए केस मिले हैं। अगर कोरोना के हालात गंभीर होते हैं तो हमें राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा। जो लोग लॉकडाउन चाहते हैं वो बिना मास्क के आराम से बाहर घूम सकते हैं और जो लोग नहीं चाहते हैं वो मास्क पहनें और नियमों का पालन करें।’ 
उद्धव ठाकरे ने कहा कि राज्य में राजनीतिक धरना प्रदर्शनों, रैलियों, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों पर कुछ दिनों के लिए रोक रहेगी, क्योंकि इनमें भीड़ ज्यादा होती है। वहीं, उद्धव सरकार में मंत्री यशोमति ठाकुर ने कहा कि अमरावती में 22 फरवरी से लॉकडाउन लगाया गया है, जो एक मार्च की सुबह आठ बजे तक जारी रहेगा। 
अमरावती मंडल के चार अन्य जिलों अकोला, वाशिम, बुल्ढाड़ा और यवतमाल में भी कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। आवश्यक सामान की दुकानों को छोड़कर लॉकडाउन में सभी दुकानें, सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, ट्रेनिंग स्कूल बंद रहेंगे। लोगों को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक ही सामान खरीदने की छूट होगी। अमरावती में रविवार को 709 नए मामले मिले। 
पुणे में भी 28 फरवरी तक सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों के घर से निकलने पर रोक लगा दी गई है। विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों का कहना है कि लोगों की लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। लोगों ने मास्क पहनना और दो गज की दूरी बनाए रखना छोड़ दिया है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 6,971 नए मामले मिले हैं और 35 लोगों की मौत हुई है।
पिछले साल अप्रैल में गठित कोरोना वायरस टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. संजय ओक ने कहा कि राज्य में बढ़ते मामले को महामारी की दूसरी लहर नहीं कहा जा सकता, लेकिन लोग पाबंदियों और निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। महाराष्ट्र के प्रधान स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने कहा कि लोगों की अनुशासनहीनता और लापरवाही से मामले बढ़ रहे हैं। राज्य में मामलों के दूना होने की दर 600 दिनों से घटकर 393 दिन पर आ गई है। 24 घंटे के दौरान महाराष्ट्र में छह हजार से ज्यादा नए मामले मिले हैं।
केरल के अलप्पुझा जिले में भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां साप्ताहिक संक्रमण की दर बढ़कर 10.7 फीसद हो गई है। इस दौरान 2,833 मामले भी सामने आए हैं। इसके अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी पिछले कुछ दिनों से मामले बढ़ रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र और केरल से बढ़ते मामलों को देखते हुए आरटी-पीसीआर टेस्ट में तेजी लाने को कहा है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजेन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई हो, उनकी अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया जाए। इसके साथ ही वायरस की संरचना में हो रहे बदलाव पर भी लगातार नजर रखने का सुझाव दिया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 1,45,634 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.32 फीसद है। इस दौरान 14,264 नए मामले मिले हैं और 90 लोगों की मौत हुई है। कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक करोड़ नौ लाख 91 हजार से अधिक हो गया है। इनमें से एक करोड़ छह लाख 89 हजार मरीज पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं और 1,56,302 लोगों की जान भी जा चुकी है।

सीएम श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की हुई बैठक : OmTimes

रांची (ऊँ टाइम्स) आज रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में मनरेगा योजना के प्रभावी संचालन के लिए कार्यशैली में बदलाव लाएं। प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक आयोजित हो , यह सुनिश्चित करें। मनरेगा के तहत रोजगार सृजन के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं से लाभुकों के जीवन स्तर पर क्या बदलाव हो रहा है , इसका आकलन करें। सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा हो, योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारा जाए एवं जिनके लिए योजनाएं चल रही हैं उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव हो, यह सुनिश्चित करें। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित झारखंड राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का संचालन रिजल्ट ओरिएंटेड होनी चाहिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में लोंगों के आय में वृद्धि हो, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। गरीब, मजदूर, किसान सभी वर्ग एवं समुदाय के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव हेतु सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में मेढ़बंदी कार्य मिशन मोड में चलाएं। वर्तमान समय में वाटर रिसोर्स बहुत इंपॉर्टेंट है। खेत एवं टांड़ में मेढ़बंदी होने से कृषि के लिए जल स्तर के ठहराव में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण स्तर पर माइक्रो नर्सरी खोलें। माइक्रो नर्सरी का लाभ कृषि से जुड़े लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खास तौर पर वैसे किसान जो सालों भर सब्जी, फल इत्यादि की खेती करते हैं उन्हें ग्रामीण नर्सरी का लाभ शत-प्रतिशत मिल सकेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में कंपोस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्देश अधिकारियों को दिया ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं के सफल संचालन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम डेवलप करें। इससे लाभुकों को समय की बचत हो सकेगी और रोजगार ससमय अधिक से अधिक मिल सकेगा। सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर लाभुकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाएं। बैठक में मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा योजनाओं की प्रगति, महत्वपूर्ण निर्णयों और उपलब्धियों की विस्तदी गई । उन्होंने मुख्यमंत्री को वित्तीय वर्ष 2021-22 की कार्य योजना से अवगत कराया।

योजनाएं और लक्ष्य –
▪️11 करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
▪️25 हजार एकड़ में बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत बागवानी
▪️एक लाख हेक्टेयर टांड़ भूमि का उपचार (नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना)
▪️5 लाख परिवारों हेतु दीदी बाड़ी योजना
▪️1500 अतिरिक्त खेल मैदान का विकास (वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना)
▪️20 हजार सिंचाई कूप का निर्माण
▪️25 हजार पशु शेड का निर्माण
▪️50 हजार सोक पीट का निर्माण
▪️25 हजार कंपोस्ट पीट का निर्माण
▪️2600 आंगनबाड़ी का निर्माण

इस बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त श्री केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, सभी विभाग के प्रधान सचिव/सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, विभिन्न जिलों के उप विकास आयुक्त सहित अनेक अधिकारी आदि मौजूद रहे!

भोजपुर में मूर्ति विसर्जन के दौरान युवक को मारी गोली, गुस्साई भीड़ ने वाहनों को फूंका : OmTimes

भोजपुर (ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना जगदीशपुर क्षेत्र के बैरही गांव में शनिवार की दोपहर मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने के विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जख्मी युवक 18 वर्षीय विकास कुमार बरही गांव निवासी श्रीभगवान सिंह का  पुत्र है। जख्मी युवक को दायें साइड सीने में गोली लगी है, जो फंसी हुई है। इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल लाया गया। जहां, से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया । इस दौरान घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन ट्रैक्टर व एक कार को फूंक दिया। एक पिकअप वैन को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना दोपहर करीब दो बजे के बाद की है।
इधर, जख्मी युवक के चाचा ने बताया कि शनिवार दोपहर गांव में एक पक्ष के लोग मूर्ति विसर्जन करने जा रहे थे। मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई। देखते ही देखते बाद बहुत बढ़ गया। तभी दूसरे पक्ष के एक युवक द्वारा विकास युवक को गोली मार दी गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे इलाज के लिए आरा शहर स्थित एक निजी अस्पताल में लाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया ।
फायरिंग की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। जिसके बाद ग्रामीणों ने जमकर उत्पात मचाया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने मूर्ति विसर्जन में जा रहे तीन ट्रैक्टर,टैक्टर पर लदे एक सेट डीजे,एक जनरेटर व एक कार को फूंक डाला । एक पिकअप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही जगदीशपुर एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन एवं स्थानीय थाना अपने दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच लोगों को समझाने बुझाने में जुट गया है। हालांकि, अभी भी गांव में तनाव पूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस कैंप कर रही हैं।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी कल पीपीई किट पहनकर करेंगे मतदान : OmTimes

अहमदाबाद (ऊँ टाइम्स)  गुजरात में स्‍थानीय निकाय चुनाव में करीब 25 हजार प्रत्‍याशी अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं, वहीं सुरक्षा व्‍यवस्‍था में दो हजार आला पुलिस अधिकारी समेत 43 हजार के करीब जवान तैनात हैं। छह महानगर पालिका की 576 सीट के लिए 2276 लोग चुनाव मैदान में हैं, रविवार को चुनाव होगा! जबकि 31 जिला व 231 तहसील पंचायत व 81 नगर पालिका चुनाव 28 फरवरी को होगा। चुनाव संपन्‍न कराने के लिए 63209 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने बताया कि राज्य में 21 फरवरी को अहमदाबाद सूरत वडोदरा राजकोट जामनगर तथा भावनगर महानगर पालिका के चुनाव होंगे।
राज्य सरकार ने शहरों व गांवों में सुरक्षा के लिए करीब 43 हजार जवान, पुलिसकर्मी, अर्द्धसैनिक बल तथा होमगाड्र्स   नियुक्‍त किए हैं। करीब दो हजार पुलिस अधिकारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था की निगरानी करेंगे। एसआरपी की 44 कंपनियां भी यहां पर तैनात की गई हैं। पुलिस ने राज्य भर से अब तक 48282 लाईसेंसशुदा व अवैध हथियार जब्त किए हैं। इसके अलावा आपराधिक प्रवृत्ति के 25800 लोगो की धरपकड़ की गई है। पुलिस ने 18175 लोगों को वारंट जारी कर चेताया है। पुलिस ने महानगर पालिका क्षेत्र में करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की अवैध शराब, जबकि जिला पंचायत व नगरपालिका से सात करोड़ से अधिक की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के दौरान महानगरपालिका इलाकों से 7.50 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए, जबकि जिला पंचायत वv नगरपालिका क्षेत्रों से 15.89 करोड़ की नकदी व वाहन जब्त किए हैं। अहमदाबाद सहित छह महानगर पालिका में 576 पार्षद के पदों के लिए 2276 उम्मीदवार मैदान में हैं।

तीन-चार मार्च को बंगाल में हो सकती है चुनाव की घोषणा : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स) अभी तक यह उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 फरवरी के बंगाल दौरे के बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तीन या चार मार्च को इसका एलान हो सकता है। इसकी वजह यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मार्च तक बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले हैं। इस दौरान वे विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पहले चुनाव की घोषणा होने पर आदर्श संहिता लागू हो जाएगी, जिससे उन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में दो मार्च के बाद ही पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान होगा।
पीएम मोदी सात मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली को भी संबोधित करेंगे, हालांकि वह सरकारी कार्यक्रम नहीं है। इसलिए उससे पहले विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। पीएम मोदी 23 फरवरी को आइआइटी खड़गपुर के दीक्षा समारोह में वर्चुअली शिरकत करेंगे। इससे पहले गत शुक्रवार को वे इसी तरह विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में भी शरीक हुए थे। उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी विस चुनाव की घोषणा से पहले विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास में जुटी हुई हैं।

पुलिस को चकमा देकर 25000 का इनामी बदमाश हुआ फरार : OmTimes

नोएडा ( ऊँ टाइम्स)  नोएडा पुलिस से मुठभेड़ के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती आरोपित पुलिसकर्मियों को चकमा देकर शौचालय जाने के बहाने फरार हो गया। सेक्टर-20 कोतवाली पुलिस सर्च अभियान चलाकर फरार आरोपित की तलाश कर रही है। मौके पर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे हैं और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपित की तलाश की जा रही है।
जिला अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, आरोपित को सोमवार रात इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया था। बंदी भागने न पाए इसके लिए उसकी सुरक्षा में तीन से चार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। आरोपित यहां से पुलिसकर्मियों को शौचालय जाने की बात कहकर फरार हो गया।
आप को बता दें कि सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के गुलिस्तानपुर से अपहृत चार साल के बच्चे रितिक की हत्या के मामले में आरोपित विजय को 130 मीटर रोड पर हुई पुलिस मुठभेड़ में सोमवार रात गिरफ्तार किया था। पैर में गोली लगने से उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने बीते शनिवार को अपहरण के बाद कन्नौज निवासी आरोपित अनिल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया था।
आरोपितों ने फिरौती के लिए 24 जनवरी को बच्चे का अपहरण किया था। उसी दिन गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव दलदल के पास छुपा दिया था। जांच में पड़ोस में रहने आए आरोपित विजय का नाम भी सामने आया था। वह पिछले कई दिन से फरार था। पुलिस ने उसपर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। 
उधर, डीसीपी सेंट्रल नोएडा हरीश चंदर ने बताया कि जिला अस्पताल में सर्च अभियान चल रहा है आशंका है कि बदमाश अस्पताल परिसर में ही छिपा हुआ है। इसके लिए तलाशी अभियान जारी है। उम्मीद है कि उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

धमकी देने वाला पुलिस का बर्खास्‍त सिपाही गोरखपुर में हुआ गिरफ्तार : OmTimes News

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  प्राप्त समाचार के अनुसार गोरखपुर में धमकी देकर सनसनी फैलाने वाले बर्खास्‍त सिपाही दिग्विजय राय ने मोहद्दीुपर के रहने वाले दुकानदार से 50 हजार रुपये रंगदारी मांगी थी। जिसके वजह से सोमवार को कैंट पुलिस ने रंगदारी का केस दर्ज कर देर रात आरोपि‍त सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। इंटरनेट मीडिया पर हत्‍या करने की धमकी देने का वीडियो वायरल होने पर रविवार को मोहद्दीपुर चौकी प्रभारी ने बर्खास्‍त सिपाही पर मुकदमा दर्ज कराया था। बर्खास्‍त सिपाही किसको मारने की फिराक में था, यह जानने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है। 

यह है पूरा मामला – यूपी पुलिस का बर्खास्‍त सिपाही दिग्विजय राय कुशीनगर जिले तरयासुजान, बसडीला गुनागर गांव का रहने वाला है। शनिवार की शाम फेसबुक पर लाइव होकर उसने 2.45 मिनट का वीडियो शेयर किया। जिसमें गोरखपुर पुलिस को चैलेंज करते हुए तीन दिन में तीन लोगों की हत्‍या करने की धमकी दी। दिग्विजय ने कहा था कि 14 फरवरी की सुबह 10 बजे के पहले मोहद्दीपुर में एक हत्‍या करेगा। डीआइजी/एसएसपी के आदेश पर मोहद्दीपुर चौकी प्रभारी ने अरविंद सिंह ने रविवार की देर रात कैंट थाने में दिग्विजय राय के खिलाफ धमकी देने व आइटी एक्‍ट का केस दर्ज कराया। सोमवार की सुबह कैंट थाने पहुंचे मोहद्दीपुर निवासी रिंकू मिश्रा ने तहरीर देकर बताया कि रविवार को दिग्विजय राय उनकी दुकान पर आया था। तीन दिन के भीतर 50 हजार रुपये न देने पर हत्‍या करने की धमकी दी है। रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर कैंट पुलिस ने सोमवार की रात आरोपित सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि वह तीन दिन से शहर के एक होटल में रूका था। वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की तो मोबाइल बंद कर होटल छोड़कर चला गया। प्रभारी निरीक्षक कैंट अनिल उपाध्‍याय ने बताया कि बर्खास्‍त सिपाही ने किसको मारने की धमकी दी थी, उसकी वजह क्‍या थी यह जानने के लिए पूछताछ की जा रही है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जाएगा। 
बर्खास्‍त सिपाही का वीडियो वायरल होने के बाद बस्‍ती जिले में तैनात इंस्‍पेक्‍टर व थाने के ड्राइवर के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। दोनों लोगों का परिवार शहर में रहता है। कप्‍तानगंज थाने में अर्मायादित व्‍यवहार करने पर इंस्‍पेक्‍टर ने एसपी को रिपोर्ट भेजी थी। जिसके आधार पर दिग्विजय राय निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद दिग्विजय ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो शेयर कर कप्‍तान, थानेदार समेत सात पुलिकर्मियों को गोली मारने की धमकी देने लगा। वीडियो वायरल होने पर एसपी ने बर्खास्‍त कर दिया। दिग्विजय अपने ऊपर हुई कार्रवाई का जिम्‍मेदार थानेदार समेत सात पुलिसकर्मियों को बताता है। 14 फरवरी को उसे सूचना मिली थी कि थानेदार व ड्राइवर गोरखपुर में मौजूद हैं। जानकारी होने पर अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर दोनों के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी थी।  अनुशासनहीनता और एसपी हेमराज मीणा सहित कुछ अन्य पुलिस कर्मियों को जान से मारने की धमकी देने वाले बर्खास्त सिपाही दिग्विजय राय एक बार फिर सुर्खियों में है। गोरखपुर में तीन लोगों की हत्या करने की धमकी और दुकानदार से रंगदारी मांगने के बाद फिर से चर्चा में है। अपने फेसबुक वाल पर उसने एक पोस्‍ट डाला है जिसमें लिखा है कि बस्ती जिले के कप्तानगंज विधानसभा से चुनाव लडऩा चाहता है। जिसके लिए चुनाव सामाग्री जुटा रहा है। पोस्टर, कैलेंडर आदि छपवा लिया है। अपना मोबाइल नंबर भी दे रहा है।

बसंत पंचमी पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति कोविंद समेत अन्य नेताओं ने दी शुभकामनाएं : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  आज मंगलवार को पूरे देश में बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके कहा कि वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि बसंत का आगमन सभी देशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि  का संचार करे। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बसंत पंचमी पर शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके कहा कि नव उमंग व नई ऊर्जा के प्रतीक बसंत पंचमी के पावन पर्व की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। विद्या की देवी मां सरस्वती सबके जीवन में ज्ञान, समृद्धि व उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें, ऐसी कामना करता हूं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके कहा कि वसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आपके जीवन में हर्ष, उल्लास, ज्ञान और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही मेरी कामना है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके कहा कि मां सरस्वती की आराधना व वसंत पंचमी के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं। देवी सरस्वती हम सभी को ज्ञान और बुद्धि प्रदान करें। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुत गांधी ने भी ट्वीट करके बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीट किया बसंत पंचमी की आप सभी को शुभकामनाएं। 

टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मिले और 11 शव, मृतकों की संख्या हुई 58 : OmTimes News

देहरादून (ऊँ टाइम्स)  चमोली के तपोवन में एनटीपीसी की विष्णुगाड परियोजना की मुख्य टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। अब तक मलबे में दबे 11 शव बरामद किए गए हैं। इस टनल के रास्ते सिल्ट फ्लशिंग टनल में सात फरवरी को काम करने गए 34 व्यक्तियों की तलाश में दिन-रात रेस्क्यू चल रहा है। इस बीच, सोमवार को एक शव मैठाणा इलाके में और एक शव श्रीनगर में अलकनंदा हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज से मिला है।
उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रकरण की जांच की जानी चाहिए। हम एक विभाग बनाएंगे, जिससे उपग्रह के माध्यम से सभी ग्लेशियरों की निगरानी और अध्ययन कर सकें। आपको बता दें कि लापता व्यक्तियों में से अभी तक 58 के शव मिल चुके हैं। 146 अन्य की तलाश जारी है। इधर, आपदा प्रभावित 13 गांवों में जनजीवन पटरी पर लाने के प्रयास तेज किए गए हैं। यहां बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के साथ ही आवाजाही के साधन तैयार किए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में आज बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर फिर से उत्तर भारत के राज्यों पर पड़ेगा। यही नहीं देश के कई राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे रहा है। उत्‍तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा, झारखंड, महाराष्ट्र में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं आने वाले दिनों कोहरा भी आपको परेशान करेगा।
भारत के उत्‍तरी हिस्‍से में बार बार बन रहे पश्चिमी विक्षोभ का असर अन्‍य हिस्‍सों के मौसम में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। इसके चलते उत्‍तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ बारिश को लेकर प्रशासन भी सतर्क है। उधर,  हिमाचल प्रदेश से लेकर जम्मू-कश्मीर तक बर्फबारी और हल्की से मध्य बारिश की चेतावनी  दी गई है। वहीं हिमालयी क्षेत्रों में रुक रुककर बर्फबारी हो रही है।
यूपी के वाराणसी में ठंडी हवाओं में दिन प्रतिदिन आ रही कमी की वजह से अब वाराणसी में इस सप्‍ताह अधिकतम पारा तीस डिग्री की ओर है।  माना जा है कि अब सर्दियां खत्म होने की ओर हैं। वातावरण में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से अब रातें भी अधिक सर्द नहीं रह गई हैं।
महाराष्‍ट्र में तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है। यहां पर मौसम विभाग ने 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया  है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण यहां पर 16 फरवरी से 18 फरवरी तक अधिकांश हिस्‍सों में बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 16 फरवरी से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्‍य महाराष्‍ट्र के हिस्‍सों में बारिश हो सकती है। इसके साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी अनाज को बारिश से बचाने के लिए खुले आसमान से हटा दें। 
त्रासादी का सामना करे रहे उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में कोहरा ने रफ्तार पर ब्रेक दी है। कुछ हिस्सों में हल्की धूप खिली खिली थी, लेकिन यहां पर शाम को फिर से बादल छा जा रहे हैं। वहीं, दोपहर बाद अचानक मौसम बदल रहा है और पहाड़ी इलाकों में बारिश शुरू हुई। उत्तरकाशी और चमोली जिले में हल्की बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही बदरीनाथ, गोरसों, हेमकुंड समेत ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी भी हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक हल्की बारिश और बर्फबारी यहां होती रहेगी।

35 पैसेंजर ट्रेनों को शुरू करने के लिए रेलवे कर रहा है तैयारी, लेकिन किराया रहेगा मेल एक्सप्रेस के बराबर : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) पंजाब और हरियाणा सहित उत्‍तर रेलवे के तहत आने वाले राज्‍यों के रेल यात्रियों के लिए अच्‍छी और राहत की खबर है। कोरोना काल में बंद हुर्ई ट्रेनों को रेल मंत्रालय धीरे-धीरे पटरी पर ला रहा है। अब पहली बार पैसेंजर ट्रेनों को पटरी पर लाकर मेल एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का दर्जा दिया जाएगा। इनका किराया मेल एक्सप्रेस के बराबर रहेगा।
उत्तर रेलवे ने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर को आपस में जोड़ने वाली 35 ट्रेनों की सूची जारी कर मंडलों से तैयारी के बारे में पूछा है। इन ट्रेनों में दैनिक यात्री सफर कर सकेंगे। रेलवे के कमर्शियल, मैकेनिकल और ऑपरेअिंग विभाग ने इसके लिए तैयारी तेज कर दी है। हालांकि इन ट्रेनों को कब से दौड़ाना है इसकी तिथि अभी नहीं बताई गई है। इनके रूट भी बाद में तय किए जाएंगे। जनवरी 2021 में ढाई सौ ट्रेनें पटरी पर आ चुकी हैं। वर्तमान में मुंबई के वेस्टर्न रूट पर 704 लोकल ट्रेनें चल रही हैं, जिसमें लाखों यात्री सफर कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे रूट पर 706 ट्रेनें पटरी पर हैं, जिनमें साढ़े चार लाख यात्री सफर कर रहे हैं। रेलवे की नीति के मुताबिक जो भी स्पेशल ट्रेन पटरी लाई जा रही हैं, उनका किराया सामान्य ट्रेनों से अधिक होता है, लेकिन जिन ट्रेनों के नंबर जारी किए गए हैं वह पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनको दर्जा मेल एक्सप्रेस का दिया गया है।

इन ट्रेनों को चलाने की हो रही है तैयारी-

ट्रेन नंबर                        कहां से कहां तक

52472 –                      जोगिंद्र नगर से पठानकोट

52473-                        पठानकोट से जोगिंद्र नगर

54075-                         बरेली से दिल्ली

54076 –                        दिल्ली से बरेली

54231 –                        फैजाबाद से लखनऊ

54234 –                        लखनऊ से फैजाबाद

54255 –                        वाराणसी से प्रतापगढ़

54256 –                        प्रतापगढ़ से वाराणसी

54329-                          बालामऊ से शाहजहांपुर

54330 –                         शाहजहांपुर से बालामऊ

54561 –                         बठिंडा से फिरोजपुर कैंट

54564 –                         फिरोजपुर कैंट से बठिंडा

54613 –                         अमृतसर से पठानकोट

54616 –                          पठानकोट से अमृतसर।

64016 –                          शकुर बस्ती से पलवल

64031 –                          गाजियाबाद से शकुर बस्ती

64053 –                           पलवल से गाजियाबाद

64203 –                            लखनऊ से कानपुर सेंट्रल

64214 –                             कानपुर सेंट्रल से लखनऊ

64461 –                             हजरत निजामुद्दीन से कुरूक्षेत्र

64462 –                              कुरूक्षेत्र से हजरत निजामुद्दीन

64511 –                              सहारनपुर से ऊना हिमाचल

64512-                               ऊना हिमाचल से सहारनपुर

64521 –                               अंबाला कैंट से लुधियाना

64522 –                                लुधियाना से अंबाला कैंट

64557 –                                दिल्ली से सहारनपुर

64558 –                                सहारनपुर से दिल्ली

64565 –                                 मुरादाबाद से सहारनपुर

64566 –                                 सहारनपुर से मुरादाबाद।

74021 –                                 दिल्ली से सहारनपुर

74024 –                                 सहारनपुर से दिल्ली

74615 –                                 बनिहाल से बारामूला

74628 –                                  बारामूला से बनिहाल

74909 –                                  पठानकोट से ऊधमपुर

74910 –                                   ऊधमपुर से पठानकोट।

” कोरोना काल में 25 मार्च के बाद ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, लेकिन अब रेल मंत्रालय धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरी पर लाया जा रहा है। उत्तर रेलवे भी यात्रियों की सुविधाओं के लिए जल्द ही कुछ ट्रेनों को पटरी पर उतारेगा, जिसको लेकर हम तैयार हैं।
                                                                                                    – जीएम सिंह, डीआरएम, अंबाला।

लाकडाउन उलंघन के ढाई लाख केस होंगे वापस, यूपी के CM योगी आदित्यनाथ का फरमान : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान मामूली या हल्की गलती करने वालों पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दिल दिखाया है। लॉकडाउन के दौरान कोविड प्रोटोकॉल में छोटी गलती करने वालों के खिलाफ प्रदेश सरकार केस वापस लेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस केस वापसी के फैसले से करीब ढाई लाख से अधिक लोग लाभांवित होंगे। इन सभी के खिलाफ मास्क न पहनने या स्तरीय मास्क न पहनने जैसे मामले में केस दर्ज हैं। इसके साथ ही कहीं-कहीं पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब इन प्रकरणों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सराहनीय फैसला लिया है। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आम जनता पर मामूली अपराध में दर्ज ढाई लाख से ज्यादा मुकदमें वापस लेने का आदेश दिया है। इनके इस आदेश से बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा।
योगी आदित्यनाथ सरकार उत्‍तर प्रदेश के व्‍यापारियों के बाद अब प्रदेश के लाखों लोगों को लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों में बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रदेश में आमजन के ऊपर कोविड-19 और लॉकडाउन तोड़ने को लेकर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के ढ़ाई लाख से अधिक लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।  कोविड-19 और लॉक डाउन तोड़ने के मामलों में पुलिस और कचहरी के चक्‍कर लगा रहे यूपी के लाखों लोगों व व्‍यापारियों को जल्‍दी इन चक्‍करों से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार प्रदेश भर के थानों में लॉकडाउन की धारा 188 के उल्‍लंघन को लेकर दर्ज हुए मुकदमें वापस लेने की तैयारी कर रही है। अभी हाल ही में सरकार ने प्रदेश भर के व्‍यापारियों के खिलाफ लॉकडाउन के दौरान दर्ज हुए मुकदमें वापस लिए जाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद कानून मंत्री बृजेश पाठक ने व्‍यापारियों पर दर्ज मुकदमों का ब्‍योरा जुटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। राज्य सरकार का मानना है कि कोविड के मुकदमों से आम लोगों को अनावश्‍यक परेशानी उठानी पड़ेगी। थानों में दर्ज मुकदमें वापस होने के बाद लोगों को परेशानी से भी मुक्ति मिल जाएगी।
सरकार के कोविड-19 प्रोटोकॉल तोड़ने और लॉक डाउन के उल्‍लंघन के मुकदमें वापस लेने से आम लोगों व व्‍यापारियों को राहत मिलेगी। साथ ही सरकार का मानना है कि इससे न्‍यायालय पर से मुकदमों का बोझ कम होगा। वहीं, लोगों को कचहरी व पुलिस थानों के चक्‍कर काटना नहीं पड़ेंगे। इसका सबसे अधिक लाभ व्यापारी वर्ग को होगा। प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने व्यापारियों के साथ बैठक के बाद बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष मामूली गलती करने वाले ढाई लाख से अधिक लोगों के खिलाफ कोविड एक्ट के तहत दर्ज केस वापस लेने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद राज्य सरकार कोविड-19 और लॉकडाउन तोडऩे को लेकर दर्ज हल््की धारा के मुकदमों को वापस लेने का मन बना लिया था। इस बारे में कानून मंत्रालय ने अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिया था।
व्यापारियों के साथ अन्य लोगों पर दर्ज कोविड व लॉकडाउन से जुड़े मामले के केस वापस लेने का फैसला किया गया था। इस बाबत आज दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से हजारों व्यापारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारियों, मजदूरों और किसानों को भी राहत मिलेगी। कोविड 19 प्रोटोकाल तोडऩे और लॉकडाउन के उल्लंघन के मुकदमे वापस लेने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। सरकार ने मुकदमों की वापसी के साथ ही उन्हेंं भविष्य में ऐसी स्थितियों में विशेष एहतियात बरतने की चेतावनी भी दे दी है। इन मुकदमों की वापसी से पुलिस और कोर्ट का बोझ भी कम होगा और उन्हे आवश्यक चीजों की जांच के लिए मौका मिल सकेगा। 
कोविड-19 संक्रमण के दौरान लगे लॉकडाउन के उल्‍लंघन में प्रदेश के हजारों व्‍यापारियों के साथ आमजन के खिलाफ विभिन्‍न थानों में मुकदमें दर्ज किए गए थे। कुछ दिनों पहले सरकार ने व्‍यापारियों को राहत देते हुए उन पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए थे और अब आम जनता पर हुए मुकदमें वापस लेने के निर्देश दिए हैं। वही, देश में उत्‍तर प्रदेश पहला राज्‍य है, जिसने व्‍यापारियों व आम जनता पर लॉकडाउन के दौरान हुए मुकदमों को वापस लेने के निर्देश जारी किए हैं। 

उत्तर प्रदेश में बोर्ड परीक्षा के पहले होंगे पंचायत चुनाव , उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा का संकेत : OmTimes News

रायबरेली (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण की अधिसूचना जारी होते ही अब मतदान की तारीख का इंतजार है। इसी बीच में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विशेष संकेत दिया है।
रायबरेली में उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि पंचायत चुनाव बोर्ड परीक्षा से पहले होंगे। इससे तो यह तय हो गया है कि सरकार के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग 20 अप्रैल से पहले ही उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव कराने की तैयारी में है। इसमें ग्राम पंचायत के साथ ही ब्लाक प्रमुख तथा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव होंगे। डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां की जा रही हैं। डॉ. दिनेश शर्मा शनिवार को रायबरेली में बुद्धजीवी सम्मेलन में शामिल होने आए थे। इस सम्मेलन से पहले पत्रकारवार्ता में डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि भाजपा पंचायत चुनाव के लिए बूथ स्तर तक अपनी तैयारी में जुटी है।
केंद्र सरकार के बजट पर डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, मजदूरों, उद्यमियों और नवजवानों के लिए बेहद हितकारी है। जिले के प्रभारी मंत्री डॉ शर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रूप में देश को दो कुशल प्रशासक मिले हैं। प्रधानमंत्री की सदइच्छा है कि देश का सर्वांगीण विकास हो। इसी को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक लाभ मिलेगा। किसानों की आमदनी को 2022 तक दो गुना तक करने की योजना का भी इस बजट में ख्याल रखा गया है। सड़क, बिजली, पानी, स्वस्थ और शिक्षा पर ज्यादा जोर है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश को छह नए एकलव्य विद्यालय मिले हैं। शहरी क्षेत्र में इसकी स्थापना पर 38 और पहाड़ी क्षेत्र में 48 करोड़ रुपये खर्च आएगा। प्रत्येक जिले में एक इंट्रीग्रेटेड लैब की स्थापना होगी। कर के अंशदान में 63 हजार करोड़ की कमी की गई है। रेलवे का बेहतर लाभ। 40 फीसद वृद्धि का सबसे बड़ा अंश यूपी को मिला। अयोध्या स्टेशन के विकास को 100 करोड़ मिलेगा। 50 करोड़ मिल चुके हैं। तीन नई ट्रेनें मिलीं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई का लाभ भी मिलेगा। किसी भी देश का सर्व व्यापी, सर्वग्राही बजट है। कोरोना संक्रमण के बावजूद हमारी जीडीपी अगले वर्ष दो अंकों में होगी।

कुश्‍ती अखाड़े में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, एक महिला पहलवान सहित पांच की माैत : OmTimes

रोहतक (ऊँ टाइम्स) शहर के एक कुश्‍ती अखाड़े में अचानक फायरिंग से हड़कंप मच गया। जाट कॉलेज के पास एक अखाड़ा में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में पांच लाेगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मारे गए लोगाें में तीन कुश्‍ती काेच और एक महिला पहलवान भी शामिल हैंं। घटना में मारी गई महिला पहलवान उत्‍तर प्रदेश के मथुरा की बताई जाती है। घटना का कारण पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। घायलों को निकट के अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। चर्चा है कि फायरिंग एक कुश्‍ती कोच सुखविंद्र मोर ने अपने कुछ साथियों के साथ किया है। 
जानकारी के अनुसार, देर शाम जाट कॉलेज के पीछे स्थित अखाड़े में कुछ अज्ञात हमलावर घुसे और उन्‍होंने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें अखाड़ा संचालक और उसकी पत्‍नी सहित पांच लोगों की मौत हो गई। कई अन्य के घायल होने की सूचना है। वारदात की सूचना मिलने पर शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और वारदात स्थल का जायजा लिया।
मृतकों में अखाड़े का संचालक सोनीपत के सरगथला गांव निवासी मनोज कुमार, उसकी पत्‍नी साक्षी, उत्तर प्रदेश के मथुरा की महिला पहलवान पूजा, रोहतक के मांडोठी गांव निवासी कोच सतीश कुमार और गांव मोखरा निवासी प्रदीप मलिक शामिल हैं। देव कालोनी स्थित अखाड़े के कोच निंदाना निवासी अमरजीत सिंह और कोच मनोज कुमार का बेटा तीन वर्षीय सरताज घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार देर शाम में जाट कॉलेज के पास अखाड़े अचानक फायरिंग होने लगी। फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका कांप उठा और अखाड़े में चीख-पुकार मच गई। यह हमला शुक्रवार की देर शाम जाट कालेज के पीछे अखाड़े में घुसकर किया गया है । घटना की जानकारी होते ही एसपी राहुल शर्मा, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। हमलावरों की संख्या छह से आठ तक बताई जा रही है। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है। घटना को अंजाम देने के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस संबंधित परिवारों से संपर्क में जुटी हुई है।
घटना का कारण मुख्य अभियुक्त सुखविंद्र मोर और मारे गए कोच मनोज में विवाद बताया जा रहा है। सुखविंद्र सोनीपत के बरोदा का रहने वाला है। वारदात के बाद अभियुक्त और उसके साथ आए हमलावर भाग निकले। पुलिस अखाड़े के सभी एंट्री प्वाइंट के अलावा प्रमुख रास्तों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है।
घटना की जानकारी होते ही जाट कालेज में जिले भर के पहलवान और कोच का जमावड़ा हो गया। इसके साथ ही खिलाड़ियों व शहर के प्रमुख लोग भी पहुंच गए। तत्काल ही घटना को अंजाम देने वाले हमलावरों को पकड़ने की मांग उठने लगी। वहीं, एसपी राहुल शर्मा ने बताया कि हमें घटना की सूचना मिली तो मौके पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पूरे मामले में तथ्य जुटाने के लिए टीम गठित कर दी है।
उधर, गोहाना क्षेत्र के बरोदा थाने की पुलिस गांव बरोदा के सुखविंद्र मोर द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद अलर्ट हो गई। पुलिस ने गांव बरोदा में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और सुखमेंद्र के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार गांव बरोदा में स्थिति सामान्य है। बरोदा थाना के प्रभारी बदन सिंह गांव में पहुंचे। थाना प्रभारी के अनुसार गांव में किसी तरह की घटना नहीं हुई। पुलिस ग्रामीणों ने सुखविंद्र मोर के बारे में जानकारी जुटा रही है। सुखमेंद्र द्वारा रोहतक में वारदात को अंजाम देने के बाद ग्रामीण हतप्रभ है। ग्रामीणों का कहना है कि सुखविंद्र को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। वह कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। सुखविंद्र ने करीब दो साल पहले अखाड़े में हिस्सा किया था और वह अखाड़े का कोच था। सुखविंद्र के पिता मेहर सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं और गांव में रहते हैं। सुखवेंद्र अक्‍सर गांव आता-जाता रहता था। सुखविंद्र  और उसकी पत्नी को मेहर सिंह अपनी चल-अचल संपत्ति बेदखल कर रखा है। सुखविंद्र के एक ढाई साल का बेटा है।

घरेलू विमान यात्रा का किराया 30 फीसद तक हुआ महंगा : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  भारत सरकार ने घरेलू विमान यात्रा किराया की निचली व ऊपरी सीमा में 10 से 30 फीसद तक बढ़ोतरी कर दिया है। नागरिक विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि नई सीमा इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगी। नई व्यवस्था के तहत 40 मिनट से कम उड़ान समय वाली यात्रा के लिए न्यूनतम किराया अब 2,200 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 2,000 रुपये था। इसी अवधि के लिए अब विमान कंपनियां अधिकतम 7,800 रुपये वसूल सकेंगी, जो सीमा पहले 6,000 रुपये थी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि घरेलू विमानों में यात्रियों की अधिकतम संख्या उनकी कुल क्षमता के 80 फीसद से ज्यादा नहीं होगी। यह फैसला भी इस वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक लागू रहेगा।
जहां तक किराया का सवाल है तो अब 40-60 मिनट अवधि वाली फ्लाइट के लिए यात्रियों को कम से कम 2,800 रुपये और अधिकतम 9,800 रुपये देने होंगे। पहले यह सीमा 2,500-7,500 रुपये थी। वहीं, एक घंटे से अधिक और 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे तक की यात्रा के लिए अब यात्रियों को 3,300-11,700 रुपये तक चुकाने पड़ेंगे। वहीं, डेढ़ घंटे से अधिक और दो घंटे तक (90-120 मिनट) की यात्रा अब कम से कम 3,900 रुपये में हो सकेगी, जबकि विमानन कंपनियां इसके लिए अधिकतम 13,000 रुपये वसूल सकेंगी। नई सीमा के तहत दो घंटे से लेकर ढाई घंटे (120-150 मिनट) तक की यात्रा के लिए अब 5,000-16,900 रुपये, ढाई घंटे से लेकर तीन घंटे (150-180 मिनट) तक के लिए 6,100-20,400 रुपये तथा तीन घंटे से लेकर साढ़े तीन घंटे (180-210 मिनट) तक की यात्रा के लिए यात्रियों को 7,200-24,200 रुपये देने पड़ेंगे। इससे पहले घरेलू विमान यात्रा के लिए किराया की अधिकतम सीमा 18,600 रुपये थी।
पिछले वर्ष 21 मई को नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमानन कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे कम से कम 40 फीसद सीटों के लिए न्यूनतम और अधिकतम मूल्य के मध्य से कम किराया लेंगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी समयावधि के लिए न्यूनतम किराया 5,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये था, तो विमानन कंपनियों को कम से कम 40 फीसद सीटें 7,500 रुपये से कम में उपलब्ध करानी थी। उस समय डीजीसीए ने कंपनियों से यह भी कहा था कि उनकी किसी भी फ्लाइट में कुल क्षमता के 33 फीसद से अधिक यात्री नहीं होंगे। पिछले वर्ष जून में यह सीमा बढ़ाकर 45 फीसद और धीरे-धीरे 80 फीसद कर दी। गुरुवार को डीजीसीए ने 80 फीसद की यह सीमा इस वर्ष 31 मार्च तक के लिए बरकरार रखी है।

टनल के पास ऋषिगंगा नदी में फिर बढ रहा पानी , रोका गया राहत और बचाव कार्य : OmTimes News

देहरादून (ऊँ टाइम्स) चमोली में तपोवन विष्‍णुगाड परियोजना की टनल में फंसे लोगों को रेस्‍क्‍यू करने में पल-पल नई चुनौती पेश आ रही है। बुधवार मध्‍यरात्रि ड्रिल करके काम कर रही टीम का पता लगाने की जिस रणनीति पर काम शुरू किया गया था, सुबह ग्‍यारह बजे उसे बदलना पड़ा। अब फिर से मुख्‍य टनल की सफाई कर टी प्‍वाइंट की तरफ बढ़ने की रणनीति पर काम करने का फैसला किया गया है। छह मीटर ड्रिल के बाद लोहे का जाल और कंक्रीट की मजबूत सतह मिलने के चलते और गहराई में ड्रिलिंग संभव नहीं हो पा रही है। इसीलिए ड्रिलिंग रोककर अब फिर से मुख्‍य टनल से मलबा हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। टनल के भीतर रविवार से 34 लोग फंसे हुए हैं। ये सभी फलशिंग टनल में काम करने गए थे। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बचाव अभियान के तहत हम कल तक सुरंग में मलबा हटाने का काम कर रहे थे। अंदर देखने के लिए हमने छोटी सुरंग में ड्रिलिंग भी शुरू की थी, लेकिन मशीन के टूटते ही इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
चमोली पुलिस के अनुसार नदी में पानी का स्तर बढ़ रहा है, आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें और घबराएं नहीं।डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी में जलस्‍तर बढ़ने के कारण बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोका गया है। निचले इलाकों को खाली करने के आदेश दिए गए हैं। टनल के पास से पानी निकालना हुआ शुरू, रोका गया राहत और बचाव कार्य। उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज चमोली जिले में टनल क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान वहां चल रहे बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए वह आइटीबीपी के अधिकारियों से मिलीं। उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी मौर्य हैलि‍कॉप्टर से जोशीमठ हैलीपैड पहुंची। इसके बाद यहां से कार द्वारा तपोवन पहुंचकर आपदा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करेंगी। आइटीबीपी के डीआइजी अपर्णा कुमार ने बताया कि ऐसी संभावना है कि सुरंग के अंदर कुछ और लोग फंस सकते हैं, एनटीपीसी की टीम वर्टिकल ड्रिलिंग का इस्तेमाल कर रही है। चमोली में पुल बह जाने के बाद 13 सीमांत गांवों का संपर्क कट गया है। इसके बाद से गांवों को जोड़ने के लिए आइटीबीपी के जवान झूला पुल का निमार्ण कर रहे हैं। इसका उपयोग ब्रिज के एक तरफ से दूसरी तरफ राशन पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, अब तक 34 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 10 की शिनाख्‍त हो गई। वहीं, 170 लोग अभी लापता हैं। टनल में फंसे करीब 34 लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन पांचवें दिन गुरुवार को भी जारी है। गुरुवार सुबह करीब दो बजे रेस्‍क्‍यू टीम ने मुख्य टनल में ही करीब 12 मीटर तक ड्रि‍लिंग का काम शुरू कर दिया गया है। ड्रि‍लिंग कर कैमरे के जरिये फंसे व्यक्तियों का पता लगाया जाएगा। बुधवार को नेवी के माकरेस ने श्रीनगर के समीप कोटेश्वर झील में सर्च आपरेशन चलाया गया ! प्राप्त सूचना के आधार पर अब तक ये माना जा रहा था कि टनल में टी-प्वाइंट पर उक्त व्यक्ति फंसे हैं।तपोवन-विष्णुगाड हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 34 व्यक्तियों को बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन की रणनीति को चौथे दिन बदलना पड़ा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- देश को आंदोलनजीवी प्रजाति से बचने की है जरूरत : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के पीछे हित साध रहे कुछ कथित आंदोलनकारियों और अपनी सियायत चमकाने में लगे राजनीतिक दलों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आड़े हाथों लिया है। निहित स्वार्थ के कारण आंदोलन में शामिल नेताओं को मोदी ने ‘आंदोलनजीवी’ करार देते हुए इनसे बचने का सलाह दिया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयानों का उल्लेख करते हुए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस पर यूटर्न का आरोप भी लगाया।सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन के जरिये देश के अंदर और बाहर सरकार विरोधी हवा बनाने वाले लोगों की भूमिका को कठघरे में खड़ा किया।
साथ ही पीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) था, है और रहेगा। लिहाजा किसान भाइयों को आंदोलन खत्म कर उन सभी मुद्दों के साथ आना चाहिए, जिन्हें लेकर आशंका है। सरकार उन्हें दुरुस्त करेगी। प्रधानमंत्री की बातों का एक संकेत यह भी है कि कानूनों को लेकर सरकार कदम पीछे नहीं खींचेगी।अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक एक कर हर विरोधी पर चुटकी ली। इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट भी किया कि विपक्ष केवल विरोध के लिए विरोध कर रहा है। सदन में सामने बैठे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन ¨सह के ही पुराने बयानों को पढ़कर सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने किसानों के लिए एक बाजार उपलब्ध कराने की मंशा जताई थी। लेकिन हमने वही काम किया तो कांग्रेस यू टर्न ले रही है। यह तो आपके लिए गर्व का मौका था। आप कहते कि मोदी हमारे काम को आगे बढ़ा रहे हैं।’
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि चौधरी चरण ¨सह ने 1971 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर कहा था, ‘देश के 51 फीसद लघु व सीमांत किसानों की हालत बहुत खराब है’। अब ऐसे किसानों की संख्या 86 फीसद यानी 112 करोड़ पर पहुंच गई है। चुनाव आते ही कर्ज माफी होती है, लेकिन छोटे व सीमांत किसान वंचित रह जाते हैं, क्योंकि वे बैंक से लोन नहीं लेते। इन्हें हम नहीं छोड़ सकते हैं। देश को पीछे ले जाना संभव नहीं है। समय इंतजार नहीं करेगा। समस्या के बजाय समाधान का रास्ता खोजना होगा।
पीएम ने कहा कि हरित क्रांति के समय भी ऐसी ही आशंकाएं व भ्रांतियां फैलाई गई थीं। पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के समय कोई कृषि मंत्री बनने को तैयार नहीं था। वामपंथी दल उस समय भी इसी तरह विरोध कर रहे थे। कांग्रेस को अमेरिका का एजेंट कहा जा रहा था। लेकिन उसी हरित क्रांति का फल है कि पीएल-480 योजना के विलायती अनाज से पेट भरने वाला भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हो गया।
कानूनों को लेकर विपक्ष के रवैये पर पीएम ने कहा कि इन दलों की भी जहां सरकारें हैं, कुछ न कुछ इन्हीं कानूनों को अपनाया गया है, क्योंकि उनको भी मालूम है कि रास्ता तो यही है। सदन में चर्चा के दौरान भी कानून की मंशा पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। मोदी बोले, ‘शिकायत है कि तरीका ठीक नहीं था, जल्दी कर दिया, इसको नहीं पूछा। ये तो रहता ही है। वो तो परिवार में शादी भी होती है, तो फूफी नाराज होकर कहती है कि मुझे कहां पूछा। इतना बड़ा परिवार है तो ये तो रहता ही है।’
संबोधन के अंत में विपक्ष के हमलों पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘कोरोना के कारण ज्यादा आना-जाना होता नहीं होगा। घर में भी खींचतान चलती होगी। इतना गुस्सा यहां निकाल दिया तो आपका मन कितना हल्का हो गया। ये आनंद आपको जो मिला है, इसके लिए मैं काम आया, ये भी मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। मैं चाहता हूं कि आप ये आनंद लेते रहिए। चर्चा करते रहिए। सदन को जीवंत बनाकर रखिए। मोदी है तो मौका लीजिए।’

प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन समस्या पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन से किया वार्ता : OmTimes News

नई दिल्‍ली ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर पहली बार बात की। प्रधानमंत्री ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी है। इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हमने सामरिक, क्षेत्रीय मुद्दों समेत अपनी साझी प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। 
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘आज मैंने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात की और उन्हें चुनावों में मिली सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। हमने क्षेत्रीय मसलों और साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा की। हम जलवायु परिवर्तन की समस्‍या पर अपने सहयोग को और आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं। मैं और राष्ट्रपति बाइडन एक नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम भारत-प्रशांत क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति बाइडन को उनकी शानदार जीत पर बधाई दी है। इससे पहले मतगणना के दौरान जब राष्ट्रपति बाइडन चुनाव जीते थे तब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्‍हें ट्वीट कर शुभकामनाएं दी थीं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने बाइडन की जीत पर अपने बधाई संदेश में कहा था कि भारत और अमेरिका साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए साथ खड़े हैं। भारत और अमेरिका के बीच संबंध साझेदारी और साझा मूल्‍यों पर आधारित हैं। मैं बाइडन के साथ काम करने और भारत और अमेरिका की साझेदारी को नए मुकाम तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हूं।
यह बातचीत ऐसे वक्‍त में हुई है जब भारत और अमेरिका की सेनाएं राजस्थान में युद्धाभ्यास कर रही हैं। ऐसे में जब बाइडन प्रशासन स्‍पष्‍ट तौर पर कह चुका है कि चीन को लेकर ट्रंप के कार्यकाल की नीतियों में बदलाव नहीं आएगा। इस बातचीत के खास मायने लगाए जा रहे हैं। यही नहीं मौजूदा वक्‍त में जब पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ तनाव बना हुआ है। यह बातचीत भारत और अमेरिका के संबंधों की मजबूती के संकेत भी दे रही है।
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंधों में काफी सुधार हुआ। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि बाइडन प्रशासन के दौरान भारत को संभवत: उतना महत्व नहीं मिलेगा। लेकिन, नरेन्द्र मोदी और बाइडन की आज की बातचीत से स्पष्ट है कि व्यवस्था बदलने से भारत-अमेरिका संबंधों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा!
पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी रे ब्लिनकेन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी। माना जा रहा है कि इसी वार्ता ने बाइडन और पीएम मोदी के बीच होने वाली टेलीफोन वार्ता की जमीन तैयार की थी। यही नहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ भी टेलीफोन पर बात की थी। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने साफ कहा था कि अमेरिका भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल ही में बाइडन प्रशासन ने कहा था कि चीन को पड़ोसियों को डराने-धमकाने से बाज आना चाहिए। अमेरिका ने यह भी कहा था कि एलएसी के हालात पर उसकी करीबी नजर है। अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारतीय हितों के साथ खड़ा रहेगा। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली जे होर्न ने कहा कहा था कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा समृद्धि के लिए हम अपने साझेदारों के साथ खड़े रहेंगे। 

बंद पड़े विश्वविद्यालय और कॉलेजों को खोलने के लिए यूजीसी ने दी हरी झंडी : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के घटते प्रभाव को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर में बंद पड़े विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जरूरी सुरक्षा इंतजामों के साथ फिर खोलने के लिए कहा है। हालांकि, इन्हें कब से खोलना है, इसका फैसला उन्हें राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की सहमति के आधार पर करने को कहा है। यूजीसी ने फिलहाल इस संबंध में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पूरी स्वतंत्रता दी है। साथ ही संस्थानों को खोलने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइंस पर अमल सुनिश्चित करने को भी कहा है।
यूजीसी ने यह कदम बंद पड़े विश्वविद्यालयों और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों को खोलने की छात्रों की मांगों को देखते हुए लिया है। हालांकि, इसे लेकर यूजीसी पूरी तरह से सतर्क भी है, क्योंकि अभी भी महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहां हर दिन हजारों की संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यूजीसी बिल्कुल भी जल्दबाजी में नहीं है और न ही संस्थानों पर इन्हें खोलने के लिए कोई दबाव ही बनाया है। संस्थानों को अपनी सुविधा और तैयारियों के आधार पर छात्रों को बुलाने से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार दिया है। वहीं, यूजीसी की संस्थानों को खोलने से जुड़ी गाइडलाइंस में इस बात पर जोर दिया गया है कि ऑफलाइन कक्षाएं जब शुरू हों तो छात्रों को एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। साथ ही मास्क पहनने और बार-बार हाथ साफ करने को अनिवार्य बनाया जाए।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को खोलने को लेकर यूजीसी ने यह कदम इसलिए भी उठाया है, क्योंकि ज्यादातर राज्यों में स्कूल खुल गए हैं। हालांकि, उनमें अभी सिर्फ नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को बुलाया जा रहा है। बावजूद इसके सभी छात्र अभी स्कूल नहीं आ रहे हैं, क्योंकि स्कूल आने को अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। साथ ही अभिभावकों की अनुमति भी जरूरी की गई है। मालूम हो कि स्कूलों के साथ ही देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को भी कोरोना की दस्तक के साथ ही पिछले साल मार्च में बंद कर दिया गया था, जो अभी भी बंद हैं।

पीएम की अपील के बाद किसान नेता बातचीत के लिए तैयार, सरकार तय करे वार्ता की तारीख : OmTimes News

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंदोलन खत्‍म करने की अपील और बातचीत के लिए निमंत्रण देने के बाद किसान संगठनों ने कहा है कि सरकार बातचीत के अगले दौर की तारीख तय करे। हालांकि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान नेताओं ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्‍होंने देश में आंदोलनजीवियों की एक नई जमात पैदा होने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका है। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य किसान नेता शिव कुमार काका ने कहा कि हम अगले दौर की बातचीत के लिए तैयार हैं। केंद्र सरकार को बैठक की तारीख और समय बताना चाहिए। हमने बातचीत से कभी भी इनकार नहीं किया है। सरकार ने हमको जब भी बातचीत के लिए बुलाया है हमने बात की है। हम आगे भी सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनरत किसानों से अपना आंदोलन खत्‍म कर कृषि सुधारों को एक मौका देने की गुजारिश की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम आंदोलन से जुड़े लोगों से प्रार्थना करते हैं कि आंदोलन करना आपका हक है लेकिन बुजुर्ग भी वहां बैठे हैं… उन्‍हें घर ले जाइए, आंदोलन खत्म करिए। मौजूदा वक्‍त खेती को खुशहाल बनाने के लिए फैसले लेने का है। हमें इसको गंवाना नहीं चाहिए। हमें देश को पीछे नहीं ले जाना चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि रविवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि सरकार किसान संगठनों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा था कि किसान संगठन यदि कोई नया प्रस्ताव लेकर आते हैं तो सरकार फिर से बातचीत करेगी। वहीं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि कृषि कानूनों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का समाधान जल्द ही निकल आएगा। सरकार किसानों संगठनों से लगातार बातचीत कर रही है… आगे भी चर्चा जारी रहेगी। 
उल्‍लेखनीय है कि विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। नतीजतन गतिरोध भी बरकरार है। किसान संगठन नए कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी देने पर अड़े हुए हैं। सनद रहे पिछली बातचीत में सरकार ने कानूनों को 12 से 18 महीने तक निलंबित रखने की पेशकश की थी जिसे किसान संगठनों ने खारिज कर दिया था।  

राष्ट्र विरोधी मामले में जगदेव सिंह जग्गा लखनऊ में गिरफ्तार, पंजाब पुलिस को थी तलाश : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा और मलतानी सिंह का साथी जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। वह पंजाब से लखीमपुर के रास्ते लखनऊ आ रहा था। पंजाब पुलिस और यूपी पुलिस ने सोमवार दोपहर उसे सचिवालय चौराहा सेक्टर सी जानकीपुरम से दबोच लिया। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा पुत्र मुख्‍त‍ियार सिंह राष्‍ट्र विरोधी गतिविधियों के कई मामलों में वांछित था और पंजाब पुलिस तलाश कर रही थी।
खालिस्तानी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा का एक साथी पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ में जानकारी मिली कि सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जगदेव सिंह उर्फ जग्गा लखनऊ जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर अमृतसर स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल से इंस्पेक्टर इंद्रदीप सिंह के नेतृत्व में 10 पुलिसकर्मियों की टीम लखनऊ पहुंची। यहां लखनऊ पुलिस के सहयोग से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पंजाब के फिरोजपुर जिले के फतेहगढ़ सकरा थाना जीरा गांव निवासी आतंकी जगदेव सिंह जग्गा पर स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर पंजाब में अर्म्‍स एक्‍ट समेत करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस आयुक्‍त डीके ठाकुर द्वारा चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों के नियंत्रण अभ‍ियान के तहत हुई है। इस वांछ‍ित आतंकी को स्‍टेट स्‍पेशल ऑप्‍रेशन सेल अमृतसर (पंजाब), क्राइम ब्रांच लखनऊ, सर्विलांस क्राइम ब्रांच व विकास नगर थाना, लखनऊ की संयुक्‍त पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस जल्‍द ही आतंकी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेगी। जग्‍गा के खिलाफ सात फरवरी को अमृतसर की कोर्ट के न्‍याय‍िक मजिस्‍ट्रेट ने गिरफ्तार वारंट भी जारी किया था। बताया जा रहा है कि आतंकी का संबंध खालिस्‍तान समर्थक आतंकवादी परमजीत सिंह पम्‍मा एवं मलतानी सिंह व अन्‍य राष्‍ट्र विरोधी तत्‍वों से है। परमजीत सिंह इंग्‍लैंड में रहकर राष्‍ट्र विरोधी गतिविध‍ियों में लिप्‍त है।
बता दें कि जगदेव सिंह उर्फ जग्‍गा 2019 में 23 मार्च से 19 अक्‍टूबर तक व 2020 में 26 अक्‍टूबर से 26 नवंबर तक अमृतसर की जेल व गुरदासपुर की जेल में सजा काट चुका है। यह खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह का खास साथी है। परमजीत सिंह पम्मा और मलतानी सिंह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। ये दोनों इंग्लैंड और जर्मनी में रहकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते आ रहे हैं। यह संगठन असलहों और कारतूस की खरीद फरोख्त के लिए धन भी मुहैया करा रहा था। गिरफ्तार अरोपित ने मध्य प्रदेश से असलहों की खरीद फरोख्त भी की थी।

प्रयागराज व गढमुक्तेश्वर सहित उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में राहत दस्ता मुस्तैद : OmTimes News

लखनऊ (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से उत्तर प्रदेश में भी गंगा नदी में बाढ़ आने के साथ तबाही की आशंका पर उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में अलर्ट है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड को इस संकट की घड़ी में हर प्रकार की मदद देने के साथ गंगा नदी के किनारे के जिलों में जिलाधिकारियों व पुलिस प्रमुख को भी मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने भी इस बाबत सिंचाई विभाग के इंजीनियर्स को सभी बांध के गेट खोलने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश में गंगा नदी बिजनौर से प्रवेश करती है। इसके बाद बदायूं, बुलंदशहर, हापुड़, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, प्रयागराज से होकर वाराणसी, गाजीपुर तथा बलिया तक बहती है। चमोली के इस हादसे का असर उत्तर प्रदेश में भी होने की आशंका के बीच प्रयागराज के साथ गढमुक्तेश्वर में माघ मेले पर सरकार की खास नजर है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए सभी संबंधित लोगों को निर्देशित किया है। हमलोगों ने जिलाधिकारियों से बात कर अलर्ट पर रहने को कहा है। सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी अधिकारी काम पर लग गए हैं। लखनऊ में कंट्रोलरूम बनाया गया है।
उत्तर प्रदेश में बिजनौर से बलिया तक के 27 जिले गंगा नदी के तट है। इन सभी सभी जिलों में जिलाधिकारी के साथ पुलिस तथा राहत विभाग की टीम अलर्ट है। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रयागराज के साथ गढ़मुक्तेश्वर और फर्रुखाबाद में माघ मेला चल रहा है। वहां पर भी हम लोगों ने हाईअलर्ट किया है। जैसे ही हम लोगों को पानी के बहाव की सही जानकारी मिलेगी, हम लोग उसी हिसाब से फैसले लेंगे। उत्तर प्रदेश में पूरा विभाग और प्रशासन अलर्ट पर है।

उत्तर प्रदेश में सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और बाढ़ विभाग सभी अलर्ट पर हैं। सिंचाई विभाग भी मुस्तैद है कि पानी बढऩे पर कौन से गेट खोलने पड़ेंगे। इस बारे में भी सही निर्णय ले सकें। बिजनौर से गंगा नदी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। इसी कारण बिजनौर से लेकर बलिया तक के जिलाधिकारी अपने अपने प्वाइंट पर जा रहे हैं। माइक की मदद से नाविक और गांव के लोगों को अलर्ट भी कर रहे हैं कि गंगा से दूर रहें। यह लोग बाढ़ वाले एरिया में जाने की कोशिश ना करें।
उत्तराखंड से जानकारी मिलने पर होगी आगे की कार्रवाई: जलशक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड से जिस तरह की जानकारी मिल रही है, जैसे कि हरिद्वार में कितना पानी आ रहा है। उसी आधार पर यूपी में आगे की तैयारी की जाएगी। हमने सभी एहतियातन फैसले ले लिए हैं और नजर भी लगातार बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि रविवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से बड़ी तबाही हुई है। चमोली में धौलीगंगा नदी में बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ के पानी से हरिद्वार के बाद प्रदेश के बिजनौर, कानपुर, वाराणसी जिलों में भी असर होगा।

धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बाध टूट गया, 150 लोगों के लापता होने की आशंका; हेल्पलाइन नंबर जारी : OmTimes News

ऋषिकेश  (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) चमोली जिले में ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पूरी तरह से तबाह हो गया है, जबकि धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूट गया, जिससे गंगा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राज्य में चमोली से लेकर हरिद्वार तक रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। जब यह हादसा हुआ, तब दोनों प्रोजेक्ट पर काफी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। इस हादसे में करीब 150 लोगों के लापता होने की आशंका है, जबकि दो लोगों के शव मिलने की खबर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार इस घटनाक्रम पर निगरानी रखे हुए हैं। वे मौके के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, पानी कर्णप्रयाग तक पहुंच गया है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, उत्तराखंड में आपात स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। देश उत्तराखंड के साथ खड़ा है और राष्ट्र सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करता है। वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात की जा रही है और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव कार्य और राहत कार्यों की लगातार जानकारी ली जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘इस संबंध में सीएम त्रिवेंद्र रावत से बात की गई है। डीजी आइटीबीपी और डीजी एनडीआरएफ से भी बात की गई है। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एनडीआरएफ बचाव कार्य के लिए निकल गई है। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी।’ वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। 

हेल्पलाइन नंबर हुआ जारी – मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि एनडीआरएफ भी प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो चुकी है। पानी का बहाव अब थोड़ा कम हुआ है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वालों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। वहीं, इस आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। +911352410197, +9118001804375, +919456596190। इन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है।  आपको बता दें कि रविवार सुबह एवलांच के बाद चमोली जिले के अंर्तगत ऋषिगंगा नदी पर रैणी गांव में निर्माणाधीन 24 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट का बैराज टूट गया। इसके बाद मलबे और पानी का तेज बहाव धौलीगंगा की ओर बढ़ा। नतीजतन रैणी से करीब 10 किमी दूर तपोवन में धौलीगंगा नदी पर निर्माणाधीन 520 मेगावाट की विद्युत परियोजना का बैराज भी टूट गया। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों प्रोजेक्ट पर काम कर रहे बड़ी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धम अग्रवाल के मुताबिक सुबह पहाड़ से भारी मलबा, हिमखंड टूटकर आने से इन हाइड्रो प्रोजेक्ट के बैराज क्षतिग्रस्त हुए। उन्होंने बताया कि बाढ़ के खतरे को देखते हुए तपोवन से लेकर हरिद्वार तक के सभी जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ ही गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। गंगा के किनारे के सभी कैंपों को खाली कराया जा रहा है। 
कैंपों की संख्या 600 के लगभग है। साथ ही गंगा और उसकी सहायक जिन नदियों में बाढ़ का खतरा है, वहां आसपास की बस्तियों को खाली करा दिया गया है। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसे में काफी संख्या में मजदूरों के बहने की सूचना है। उधर, गढवाल मंडलायुक्त रविनाथ रमन के मुताबिक चमोली के डीएम और एसएसपी मौके के लिए रवाना हुए।. (यह समाचार http://www.omtimes.in पर भी पढा जा सकता है)

टिहरी बांध में टरबाइनों का संचालन किया गया बंद – चमोली में बांध टूटने के बाद टीएचडीसी के टिहरी बांध में भी टरबाइनों का संचालन बंद कर दिया गया है। टिहरी बांध से इन दिनों 200 क्यूमेक्स पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब एडीसी प्रशासन ने भागीरथी में पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इस संबंध में टीएचडीसी प्रशासन ने नेशनल ग्रिड को भी अवगत करा दिया है। अब कुछ समय तक टिहरी बांध से बिजली उत्पादन नहीं हो पाएगा। 
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करते हुए लिखा, चमोली जिले से एक आपदा का समाचार मिला है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन को इस आपदा से निपटने की आदेश दे दिए हैं। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है।

SDRF और NDRF की चार टीमें दून से हुई रवाना – देहरादून से बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की चार टीमें रवाना की गई हैं। डीआइजी अपराध एवं कानून व्यवस्था नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि अलर्ट को देखते हए स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही हैं।

बंद करा दी गई है राफ्टिंग – ऋषिकेश कोडियाला इको टूरिज्म जोन में जल पुलिस और एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया है। जल पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन दल राफ्टिंग स्थलों पर पहुंच गया है। यहां राफ्टिंग बंद करा दी गई है। इसके साथ ही चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में नदी किनारे सभी सभी स्थानों पर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
चमोली में बांध टूटने से नदी में जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए टिहरी प्रशासन ने कीर्तिनगर, देवप्रयाग में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। देवप्रयाग संगम पर भी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं, नदी किनारे जितनी भी बस्तियां हैं सभी में लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन नदी किनारे खनन पट्टों पर कार्य कर रहे लोगों को भी हटा रहा है। 

नदी किनारे रहने वाले लोगों को हटाने का निर्देश हुआ जारी – चमोली में बांध टूटने की घटना के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए पौड़ी जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। डीएम धीराज सिंह ने बताया कि धारी देवी के पास बने बांध से पानी छोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। श्रीनगर में नदी वाले इलाकों में रहे लोगों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

आज किसानों द्वारा किये जा रहे देशव्यापी चक्का जाम को मिला कांग्रेस का समर्थन : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  नए कृषि कानूनों के खिलाफ कई माह से प्रदर्शन कर रहे किसान आज देशव्यापी चक्का जाम करने की तैयारी में लगे हुए हैं। इन प्रदर्शनकारियों ने आज दिनांक 6 फरवरी 2021 को दोपहर 12 बजे से अपराह्न तीन बजे तक तीन घंटे के चक्का जाम का आह्वान किया है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। कांग्रेस ने इस चक्काजाम को समर्थन दिया है। राज्यसभा में कृषि कानूनों का बचाव करने पर कांग्रेस ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर पर भी निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता चक्का जाम करने वाले किसानों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर खड़े रहेंगे। कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार से तीनों कृषि कानूनों को रद करने की मांग किया है। 
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– दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए, सीमाओं सहित दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री और रिजर्व फोर्सेस के लगभग पचास हजार जवान तैनात हैं। दिल्ली में कम से कम 12 मेट्रो स्टेशनों पर किसी भी गड़बड़ी के मद्देनजर अलर्ट पर हैं। 

– कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज पूरे देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए टीकरी बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

– कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों का आज पूरे देश में चक्का जाम का आह्वान। इसके मद्देनज़र सिंघु बॉर्डर पर भी सुरक्षा कड़ी की गई है।

– किसानों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए गाज़ीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 – किसान संगठनों ने आज देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है। इसको देखते हुए लाल किला पर काफी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किया गया है।

दिल्ली में है कड़ी सुरक्षा – किसान यूनियनों द्वारा प्रस्तावित ‘चक्का जाम’ के मद्देनजर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सड़कों पर  बैरिकेडिंग की गई है, और कंटीले तार लगाए गए हैं। लाल किले के पास भी भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं। आन्दोलनकारी किसान पिछले दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

आज इन तीन राज्यों को छोड़कर 3 घंटे पूरे भारत में चक्का जाम करेंगे किसान

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब ढाई माह से जारी आंदोलन के बीच आज शनिवार को किसान देश भर में चक्का जाम करेंगे। किसी अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन भी तैयारी में जुटा हुआ है। चक्का जाम दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ही रहेगा। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जो लोग यहां पर नहीं आ पाए वो अपने-अपने जगहों पर चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 6 फरवरी को सिर्फ 2 राज्यों में चक्का जाम नहीं होगा। ये 3 राज्य हैं- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। इन 2 राज्यों और दिल्ली को छोड़कर पूरे देश में चक्का जाम होगा। 

सीएम के निर्देश पर यूपी में 1 मार्च से खुलेंगे कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य में कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने की तैयारी शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने का प्रस्ताव सीएम योगी की मंजूरी के लिए भेज दिया है। वहीं, कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव है। अभी इस बारे में अंतिम निर्णय सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे।
कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले करीब एक साल स्कूलों में बंद चल रही पढ़ाई अब सरकार शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई फिर शुरू कराने पर विचार करने को कहा है। सीएम योगी ने पढ़ाई शुरू करने से पहले अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने सीएम योगी आदित्यनाथ को कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से खोलने और कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को एक मार्च से खोलने का प्रस्ताव भेजा है। अब सीएम योगी को इस पर अंतिम निर्णय लेना है।
आप को बता दें कि पिछले मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया था कि अब बच्चों को स्कूलों में कक्षा में भेजने के संबंध में विचार किया जाए। हर जिले में कोविड की स्थिति का आकलन के बाद ही पढ़ाई शुरू कराएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोविड गाइडलाइंस के अनुरूप ही स्कूलों में कक्षाएं चलाई जाएं। उन्होंने कहा कि दस दिन में स्कूलों में कक्षा छह से 12 तक की पढ़ाई का संचालन शुरू कराने की तैयारी करें। सीएम योगी ने यह भी कहा कि प्रदेश में कोविड-19 का टेस्टिंग कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। इसी के साथ ही कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तथा सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय रखा जाए।
बता दें कि राज्य के सभी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं पहले से ही संचालित की जा रही हैं। अनएडेड प्राइवेट प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश के तहत सभी एसोसिएशन से संबद्ध स्कूलों में कोविड 19 को लेकर जारी एसओपी का पालन कराना सुनिश्चित कराया जाएगा। स्कूल खोलने की तारीख घोषित होते ही स्कूल खोल दिए जाएंगे। एसोसिएशन की ओर निर्णय लिया गया है कि सभी बोर्ड के स्कूलों में कक्षाएं अभी तीन घंटे के लिए ही संचालित की जाएंगी। सभी स्कूलों में सुबह दस बजे से एक बजे तक क्लास लगेंगी। इसे लेकर सभी स्कूलों को तैयारियां करने को कहा गया है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों की ओर से लिखित अनुमति ली जाएगी।

यूपी में गंदगी फैलाने वालों पर नया नियम लागू , कचरा जलाया या मिट्टी में दबाया तो देना पड़ेगा भारी जुर्माना : OmTimes News

लखनऊ / सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स )  उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार के कचरे को जलाना या फिर उसे मिट्टी में दबाना अब महंगा पड़ सकता है। इसके लिए दो हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने, पेशाब करने या मल त्यागने पर भी 250 रुपये तक का दंड देना पड़ सकता है। कुत्ते या अन्य किसी पालतू जानवर ने सार्वजनिक स्थान पर मल त्याग किया तो उसके मालिक को इसे तत्काल साफ करना होगा। ऐसा न करने पर 500 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट (प्रबंधन, संचालन एवं स्वच्छता) नियमावली 2021 बनाने जा रही है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद यह प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में प्रभावी हो जाएगी। कैबिनेट से नियमावली पास होने के बाद यह सभी 707 नगरीय निकायों में प्रभावी हो जाएगी। नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग धनराशि तय की गई है। खाली पड़े प्लाट, मैदान या फिर पार्क में कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये तक दंड देना होगा। किसी भी नदी, नाले व सीवर में कूड़ा बहाने पर 750 रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। नदियों में पूजा सामग्री प्रवाहित करने पर भी दंड देना होगा। इसी प्रकार यदि चलती गाड़ी से कचरा फेंका गया तो 350 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा।

सड़क या पार्क में मलबा फेंका तो होगा तीन हजार का जुर्माना – सड़क, पार्क या सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण व ध्वस्तीकरण का मलबा फेंका तो बड़े शहरों में तीन हजार रुपये जुर्माना देना होगा। छह लाख से कम आबादी वाले नगर निगमों में 2500, नगर पालिका परिषद में 1500 व नगर पंचायतों में एक हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

भंडारे व लंगर में कचरे का डिब्बा नहीं रखा तो होगा दो हजार जुर्माना – भंडारे व लंगर में यदि कचरे का डिब्बा नहीं रखा गया तो दो हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। छह लाख से कम की आबादी वाले नगर निगमों में 1500, नगर पालिका परिषद में 1200 व नगर पंचायतों में एक हजार रुपये दंड लगेगा। इसी प्रकार नदियों में मानव शव या पशुओं के शव निस्तारित करने पर 500 से लेकर तीन हजार रुपये तक जुर्माने का प्रविधान रखा गया है। नियमावली में मकान, दुकान, स्कूल, अस्पताल, आफिस, रेस्तरां, होटल, शा¨पग मॉल, सिनेमा हाल, पेट्रोल पंप व छात्रावास आदि सभी का यूजर चार्ज तय किया गया है। 

गोरखपुर में और दस बदमाशों पर घोषित हुआ इनाम : OmTimes News

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोरखपुर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से फरार चल रहे 10 बदमाशों पर डीआइजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने सोमवार को इनाम घोषित किया है। एक दिन में पहली बार इतनी संख्या में बदमाशों पर इनाम घोषित किया गया है। इनाम घोषित होने के बाद थानेदार के साथ ही की क्राइम ब्रांच को इनामी बदमाशों को पकड़ने का टार्गेट दिया है। जिन बदमाशों के खिलाफ इनाम घोषित किया गया है उसमें गीडा थाना क्षेत्र चिरैयाडाड भड़सार निवासी संजय उर्फ गुड्डू यादव पर 10 हजार, कैंम्पियरगंज थाना के जंगल बब्बन टोला बंजारा निवासी इमामुद्दीन पर 15 हजार, शाहिद अली पर 15 हजार, पीपीगंज के जंगल कौड़िया निवासी राहुल जायसवाल पर 25, रामगढ़ताल के बड़गो निवासी इरफान और झिनक पर 15-15 हजार का इनाम घोषित किया है। रामगढ़ताल थाने से ही बेलघाट थाना क्षेत्र के सिधौना निवासी अजीत मिश्र के खिलाफ 15 हजार व चिलुआताल के ताजडीह निवासी लल्लू दुबे पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है। गुलरिहा के भटहट निवासी शिवा गौड़ पर 25 हजार व हरिसेवकपुर नम्बर दो निवासी अजय निषाद उर्फ नाटे के ऊपर दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में दस हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर संतोष पासवान को सोमवार को राजघाट पुलिस ने अलहदादपुर तिराहे से गिरफ्तार किया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया जहां से जेल भेज दिया गया। राजघाट थाना क्षेत्र के बनकटी चक धोबी टोला निवासी संतोष पासवान पर डीआइजीएसएसपी ने दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। संतोष के ऊपर राजघाट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। संतोष के खिलाफ राजघाट थाने में गैंगेस्टर के अलावा दो और मुकदमे दर्ज हैं।

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में है रूट डायवर्जन, गाजीपुर बॉर्डर है पूरी तरह बंद : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना-प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में मंगलवार को भी रूट डायवर्जन किया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए हैं, जिससे यात्रा सुगम की जा सकती है। इसी के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर कटीले तारों के साथ नुकीली कीलें भी लगाई गई हैं, जिससे किसान प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके। 
फिरोजपुर से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल सोमवार को दिल्ली नहीं पहुंची। इसे रेवाड़ी के रास्ते मुंबई के लिए रवाना किया गया। श्रीगंगानगर से पुरानी दिल्ली आने वाली ट्रेन को बहादुरगढ़ में रोक दिया गया। इसे लेकर योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि एक हजार से ज्यादा किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव कर दिया गया। यह ट्रेन रोहतक, दिल्ली शकूरबस्ती, किशनगंज, नई दिल्ली, फरीदाबाद, मथुरा के रास्ते मुंबई जाती है। इस संबंध में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि परिचालन संबंधित जरूरत की वजह से पंजाब मेल के मार्ग में बदलाव और एक अन्य ट्रेन को गंतव्य से पहले निरस्त कर दिया गया है।
तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चला रहा किसानों का धरना प्रदर्शन मंगलवार को 68वें दिन में प्रवेश कर गया है। सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा मंगवलार रात को 11 बजे तक बंद है। इस बीच पिछले एक सप्ताह से किसान आंदोलन का केंद्र बने यूपी बॉर्डर (गाजीपुर बॉर्डर) पर कड़ी सुरक्षा की गई है। वहीं, अगर कोई सिंघु बॉर्डर पर जा रहा है तो उसे अपने पास पहचान पत्र भी रखना होगा। इस तरह का आदेश जारी हुआ है और यह तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है।
वहीं, इससे पहले सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार पर साजिश करके कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का दमन करने का आरोप लगाया है। आंदोलन स्थल की बिजली, पानी काटी जा रही है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं, शौचालयों की संख्या घटाई जा रही है। आवागमन के रास्ते बंद किए जा रहे हैं, इसलिए मोर्चा ने छह फरवरी को 12 से तीन बजे तक चक्का जाम का एलान किया है। इस दौरान सभी नेशनल और स्टेट हाईवे बंद रहेंगे। किसान नेताओं व मोर्चा के ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया। कुंडली बार्डर पर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक आयोजित की जायेगी!
बैठक के बाद आंदोलनकारियों के नेता बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, डा. दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रेम सिंह भंगू, परमेंद्र मान आदि ने कहा कि सरकार सड़कें खोदने के साथ गलियों के भी रास्ते बंद कर रही है। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही करार दिया। साथ ही आंदोलनकारियों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि ऐसे माहौल में सरकार से बातचीत का कोई औचित्य नहीं बनता है।
वहीं, आंदोलन में असामाजिक व बाहरी तत्वों की निगरानी के लिए औचक निरीक्षण की रणनीति तैयार की गई है। संदिग्ध लगने पर किसी भी व्यक्ति को अपनी पहचान स्पष्ट करने को कहा जा सकता है। ऐसे में उसको अपना पहचानपत्र दिखाना होगा। पहचानपत्र नहीं होने पर पुलिस की संतुष्टि होने तक व्यक्ति को हिरासत में रहना पड़ सकता है। नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

कॉरोना का टीका अब बच्चों को भी लगेगा, सीरम इंस्टीट्यूट का दावा- अक्टूबर तक आ जाएगी वैक्सीन : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस के खिलाफ देश में टीकाकरण अभियान तेजी के साथ चल रहा है। अब तक 37 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जा चुका है। अभी सिर्फ बड़े लोगों को ही टीका लगाया जा रहा है। बच्चों के लिए कोरोना वायरस के खिलाफ अभी कोई टीका नहीं आया है। लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) बच्चों के लिए भी कोरोना का टीका विकसित कर रही है। कंपनी ने कहा कि इस साल अक्टूबर तक यह टीका तैयार कर लिया जाएगा और बच्चों को लगाया भी जाने लगेगा।
एसआइआइ में आयात-निर्यात निदेशक पीसी नांबियार ने कोच्चि में एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को लगाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के इस साल अक्टूबर तक तैयार हो जाने की संभावना है। यह वैक्सीन बच्चों को उनके जन्म के एक महीने के भीतर लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे इसी वैक्सीन को दवा के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि अगर बच्चे कोरोना से संक्रमित हों तो उन्हें यह दी जा सके।
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आप को बता दें कि हाल ही में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा था कि कंपनी कोरोना के चार और टीकों पर काम कर रही है। इसमें से एक टीके के तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए कंपनी ने भारतीय दवा नियामक से अनुमति भी मांगी है। पूनावाला ने कहा था कि यह वैक्सीन इस साल जून तक तैयार हो जाएगी।
सीरम ने कोविशील्ड ब्रांडनेम से कोरोना वायरस के खिलाफ टीका तैयार किया है। इसे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया है। कंपनी ने अब तक इसके करोड़ डोज तैयार किए हैं। भारत में टीकाकरण अभियान में यह वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई भी जा रही है। इसके अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का भी टीकाकरण अभियान में इस्तेमाल किया जा रहा है।

आज खुल सकता है लाल किले पर हिंसा का राज, 9 किसान नेताओं से दिल्ली क्राइम ब्रांच करेगा पूछताछ : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर लाल किला में उपद्रवियों का नेतृत्व करने वाले पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है। तीन दिनों से पुलिस की चार टीमें पंजाब के अलग-अलग इलाकों में दीप की तलाश में हैं, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है। पुलिस का कहना है कि दीप अपना मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गया है। लेकिन, दीप सिद्धू घटना के बाद से कई बार फेसबुक लाइव होकर बयान जारी कर चुका है। शनिवार शाम को भी उसने फेसबुक पर कहा कि वह कुछ सुबूत जुटाने में लगा हुआ है। इसके बाद खुद दिल्ली पुलिस के समक्ष समर्पण कर देगा।
बताया जा रहा है कि लाल किले पर उपद्रव के बाद मंगलवार शाम को ही दीप मौके से भाग गया था। तभी से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है, लेकिन फेसबुक पर लगातार सक्रिय है। विरोध जताने पर उसने कुछ किसान नेताओं को धमकी भी दी थी। उसने कहा था कि अगर वह उनकी परतें खोलने पर आ गया, तब किसान नेताओं को भागने के लिए जमीन कम पड़ जाएगी। उसने सफाई में कहा था कि उसने राष्ट्रीय ध्वज को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि अपने ध्वज फहरा कर सरकार को ताकत दिखाई है।
तोड़फोड़ व उपद्रव करने वालों की पहचान करने के लिए विभिन्न जांच एजेंसियां लगातार लाल किले का दौरा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि कई वाहन मालिकों व उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। गुजरात से आई फारेंसिक टीम ने भी रविवार को लाल किला, आइटीओ समेत कई जगहों का मुआयना किया। क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शनिवार को राकेश टिकैत समेत जिन नौ किसान नेताओं को पूछताछ में शामिल होने के लिए दोबारा नोटिस भेजा गया उन्हें सोमवार को क्राइम ब्रांच के अलग-अलग कार्यालयों में हाजिर होने को कहा गया है।
70 से अधिक ट्रैक्टर मालिकों को भी पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। इस हफ्ते उनसे भी पूछताछ की जाएगी। उपद्रवियों व उनके वाहनों के पहचान करने का सिलसिला लगातार जारी है। जैसे जैसे उपद्रवियों की पहचान होती जा रही है क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस उन्हें पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेज रही है। अब तक उपद्रव मामले में दिल्ली पुलिस 38 एफआइआर दर्ज कर चुकी है और 84 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है।

तीसरा बजट आज पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना के चुनौतीपूर्ण काल में केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जो नीतियां लागू की हैं, सोमवार को पेश होने वाला आम बजट उन्हीं नीतियों को आगे बढ़ाने वाला होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दिन में 11 बजे आम बजट पेश करेंगी। यह राजग-2 का तीसरा बजट होगा। इससे पहले 10.15 पर कैबिनेट की बैठक होगी। सुधारों को लेकर राजनीतिक विरोध के बावजूद बजट 2021-22 में अर्थव्यवस्था के कुछ सेक्टरों में साहसिक सुधारों की घोषणा की जा सकती है। 

सरकार का खजाना खाली, राजकोषीय घाटा रिकार्ड स्तर की तरफलगातार कोशिशों के बावजूद विनिवेश के मोर्चे पर नाकामीमैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब भी संकट मेंबैंकों की वजह से वित्तीय सेक्टर में अनिश्चितता का माहौलराजनीतिक विरोध की वजह से सुधारों पर मंडरा रहा खतरा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह तीसरा आम बजट होगा। इस बजट में वे सारे उपाय किए जाएंगे, जिनका जमीनी असर अगले दो-तीन वर्षोंं में दिख सके, ताकि वर्ष 2024 के आम चुनाव में जब भाजपा उतरे, तब तक उसके खाते में आर्थिक उपलब्धियों का पूरा ब्योरा हो। उद्योग चैंबर एसोचैम के महासचिव दीपक सूद का कहना है कि हेल्थ सेक्टर को बजट में सर्वप्रथम प्राथमिकता मिलेगी।

आज शाम पांच बजे तक किसान संगठनों करेंगे उपवास : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)   नये केंद्रीय कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर दो महीने से भी अधिक दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन अभी भी जारी है। आज शनिवार को भी सिंघु, टीकरी और यूपी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर जमा हैं। नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच विरोध की कड़ी में आंदोलनकारी किसान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि  पर आज शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। शनिवार का दिन ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान किसान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास ऱख रहे हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर का कहना है कि पिछले दिनों गाज़ीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा तैनाती बढ़ा दी गई थी कि कोई भी बदमाश विरोध में प्रवेश न करे और हंगामा न करे। वहीं, कुछ लोगों ने धारणा बनाई कि हम बल प्रयोग करने जा रहे हैं। हमने कहा कि निष्कर्ष पर आने से पहले हम चर्चा करेंगे और यह चल रहा है।
पंजाब के बठिंडा जिले के विर्क खुर्द ग्राम पंचायत ने एक सप्ताह के लिए दिल्ली सीमाओं पर किसानों के विरोध में प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य को भेजने का फैसला किया।

यूपी गेट के गाजीपुर बॉर्डर पर स्वराज अभियान के प्रमुख एवं किसान प्रतिनिधि योगेंद्र यादव ने कहा कि किसानों को आज देशद्रोही कहा जा रहा है। कभी अगर ऐसा हुआ तो इस देश को कोई बचा नहीं पाएगा। किसान आंदोलन स्थल के मंच से शुक्रवार को उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपना संघर्ष जारी रखना है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किला में जो कुछ भी हुआ वह सरकार की विफलता को दर्शाता है। दिल्ली में हुए हर मामले को लेकर उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच जरूरी है। लाल किले की शर्मनाक घटना पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने किसानों से एकजुटता का परिचय देते हुए आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने का आह्वान किया।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से पानी की मदद देने के लिए हम धन्यवाद करते हैं, लेकिन हम दिल्ली का पानी नहीं लेंगे। प्रदेश सरकार पानी की व्यवस्था नहीं करेगी तो हम सड़क में बोरिंग कर पानी निकालेंगे। उन्होंने दिल्ली में उपद्रव की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उधर, राकेश टिकैत की चेतावनी के बाद प्रशासन के टैंकरों से आंदोलन स्थल पर पानी पहुंच गया।
यूपी गेट पर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर 28 नवंबर से आंदोलन कर रहे किसानों को उठाने के लिए बृहस्पतिवार बृहस्पतिवार दोपहर से लेकर शुक्रवार तड़के तक आंदोलन स्थल पर हाइवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से लेकर पुलिस-प्रशासन ने एक दूसरे को पछाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अंतत: पुलिस-प्रशासन को ही बैकफुट पर आना पड़ा और फोर्स को आंदोलन स्थल से हटा दिया गया।

पंजाब और हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश – बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि सरकार के लोगों ने पंजाब व हरियाणा के बीच दरार डालने की कोशिश की, लेकिन लोग इसे समझ गए हैं और भारी संख्या में हरियाणा के किसान भी आंदोलन में शरीक होने के लिए बार्डर पर पहुंच गए हैं। इसके लिए उन्होंने हरियाणा के किसानों का विशेष रूप से धन्यवाद भी किया। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली में गुरुद्वारा शीशगंज के सामने जो हुआ, वह बेहद शर्मनाक है। सरकार इस आंदोलन को हिंदू-सिख का मसला बनाने का प्रयास कर रही है। हम इसे सफल नहीं होने देंगे। यह देश सभी का है और सिख और हिंदू भाई हैं और रहेंगे।

भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हुआ टीकरी वार्डर पर, कई जगह दिल्ली में रूट डायवर्जन : OmTimes News

गाजियाबाद ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों की रद करने की मांग को लेकर जहां सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को किसानों का विरोध प्रदर्शन 65वें दिन में प्रवेश कर गया है, वहीं यूपी बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा संभाल लिया है। टीकरी बॉर्डर पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैतान हैं, जबकि दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर बंद करने के साथ कई जगहों पर रूट डायवर्जन कर दिया है। पिछले 2 महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के चलते दिल्ली-एनसीआर के 60,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है। कई लोगों की नौकरी जा चुकी है।
इससे पहले गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुए उपद्रव के बाद गाजियाबाद जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए यूपी गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों को धरनास्थल को खाली करने का आदेश दिया है, लेकिन शुक्रवार सुबह से हालात जस के तस हैं।
नोटिस के बाद गिरफ्तारी के लिए तैयार भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने धरनास्थल छोड़ने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोई किसान अपनी जगह से नहीं जाएगा। राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर ही अनशन की चेतावनी दी है। मीडिया से बात करते वक्त वह रो भी पड़े। कहा-कृषि कानून रद न किए गए तो वह आत्महत्या कर लेंगे।
उधर, यूपी गेट पर चल रहे धरने को उठाने से संबंधित बयान देने के चंद घंटे बाद ही छोटे भाई चौधरी राकेश टिकैत के आंसू देख भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सुर बदल लिए। गुरुवार को दिन में गाजीपुर बार्डर से धरना उठाने की बात कहने वाले चौधरी नरेश टिकैत ने रात को मुजफ्फरनगर के सिसौली में किसान पंचायत बुलाई और एलान किया कि शुक्रवार को अगला निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेताया था कि कि रात में यूपी गेट पर कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बगैर जांच पूरी हुए यदि गिरफ्तारी की गई तो हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून हाथ में लेने के लि

डीआईजी पुलिस ने किया चिल्हिया थाने का मुआयना, साथ ही महिला हेल्प डेस्क का किया उद्घाटन : OmTimes News

सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना चिल्हिया में दिनांक 28 जनवरी 2021 को बस्ती मंडल के पुलिस विभाग के डीआईजी द्वारा मुआयना किया गया, और इसके साथ ही साथ महिला हेल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया गया! ग्राम प्रहरी कक्ष के उद्घाटन के साथ साथ मौजूद सभी ग्राम प्रहरी / चौकीदारों को कम्बल वितरित किया गया! इस कार्यक्रम के दौरान इस जिले के पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ शोहरतगढ, एसओ शोहरतगढ़, एसओ ढेबरूवा,चिल्हिया थाना इंचार्ज मय समस्त स्टाफ आदि मौजूद रहे! चिल्हिया थाने को अच्छी तरह से सजाया गया था, और साफ सफाई सराहनीय रहा! इस समाचार का वीडियो रिकार्डिंग देखने के लिए इसे https://youtu.be/i6wxhwvV6HA क्लिक करें, और देखे कि कितना जोरदार स्वागत हुआ है डीआईजी पुलिस का! और चलते चलते भगवान बुद्ध की मूर्ति भी भेंट किया गया डीआईजी महोदय को! फिलहाल नजारा रोचक रहा!

रेल यात्रियों के लिए नई सुविधा चालू , अब घर से सीधे ट्रेन की बर्थ पर पहुंचेगा सामान : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अब तक कई अहम कदम उठाए हैं। ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे अब सामान के बोझ उठाने की समस्या से छुटकारा दिलाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय रेलवे ऐसी सुविधा देने की तैयारी कर रहा है जिससे आपका सामान घर से ट्रेन की सीट तक पहुंचेगा। रेलवे की इस सुविधा का नाम एंड टू एंड लगेज सर्विस है।

अहमदाबाद स्टेशन पर यह सुविधा शुरु, अन्य स्टेशनों पर भी जल्द शुरू होगा – पश्चिम रेलवे के मुताबिक अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर सबसे पहले इस सर्विस की शुरुआत की गई है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक NINFRIS के तहत ये सुविधा शुरू की गई है। उम्मीद की जा सकती है कि आगामी दिनों में भारतीय रेलवे के सभी स्टेशनों पर ये सर्विस दी जाए।
इस सर्विस से ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को घर से सामान ले जाने या स्टेशन से सामान घर तक पहुंचाने के तनाव से छुटकारा मिलेगा। बता दें कि यात्रियों को Bookbaggage.com के माध्यम से सामान की बुकिंग करनी होगी। लगेज के साइज और वजन से संबंधित जानकारी देनी होगी। जिसके अनुसार सर्विस चार्ज लगेगा।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) जल्द हीअपनी ई-कैटरिंग सेवाओं को फिर से शुरू करेगा, जो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण 22 मार्च, 2020 को ई-कैटरिंग सेवाओं को स्थगित कर दिया गया था।

भारतीय रेलवे की खानपान व्यवस्था, पर्यटन और ऑनलाइन टिकट संबंधी गतिविधियों का कार्यभार संभालने वाली आईआरसीटीसी विशेष रेलगाड़ियों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ई-खानपान सेवाओं को फिर से शुरू करने जा रहा है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से भी अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है कि शुरू में लगभग 250 रेलगाड़ियों के लिए लगभग 30 रेलवे स्टेशनों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी।

नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में पीएम केपी शर्मा ओली को दिया कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश : OmTimes News

काठमांडू (ऊँ टाइम्स)   नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने एक अवमानना मामले में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से लिखित में जवाब तलब करते हुए उन्हें सात दिन के भीतर उसके समक्ष पेश होने को कहा है। ओली के खिलाफ मंगलवार को वकील कुमार शर्मा आचार्य और कंचन कृष्ण नेयूपाने ने अदालत की अवमानना के दो मामले दायर किए थे। प्रधानमंत्री ओली ने नेपाल की संसद को भंग कर दिया है। इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले की सुनवाई में 95 वर्षीय वकील कृष्ण प्रसाद भंडारी को भी हिस्सा लेना है। पिछले शुक्रवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ओली ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई को कथित रूप से ड्रामा बताया और इसमें भंडारी के हिस्सा लेने पर कथित रूप से उन्हें ‘ग्रैंडपा लॉयर’ (दादा वकील) बताया था।
नेपाल देश के वरिष्ठ वकील कुमार शर्मा आचार्य और वकील कंचन कृष्णा नुपाने ने संसद भंग मामले पर टिप्पणी लेकर मंगलवार को ओली के खिलाफ अवमानना के अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं। अधिवक्ताओं ने दावा किया है कि ओली ने अदालत को प्रभावित करने की कोशिश की और अदालत के वकीलों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। 22 जनवरी को एक कार्यक्रम में, ओली ने एक स्थानीय सभा में अपने संबोधन के दौरान दावा किया कि  संविधान में संसद को फिर से बहाल करने का कोई प्रावधान नहीं है।

ओली ने नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन पर लिया चुटकी – 22 जनवरी को कैडर्स को संबोधित करते हुए संसद को भंग करने के अपने कदम का बचाव करते हुए ओली ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता और नेपाल बार एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन कृष्णा प्रसाद भंडारी पर चुटकी लेते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ‘दादा’ वकील को फिर परेशान कर रहे हैं। राष्ट्रपति द्वारा निचले सदन को भंग करने की सिफारिश करने के बाद ओली के खिलाफ एक दर्जन से अधिक रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। अगले महीने मामलों पर फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया लाल किले पर केसरिया झंडा फहराने का मामला, CJI को पत्र लिखकर की गई कार्रवाई की मांग : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले की प्राचीर पर प्रदर्शकारियों द्वारा झंडा फहराने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। मामले को लेकर एक कानून के छात्र ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे को पत्र लिखकर लाल किले पर किसी दूसरे समुदाय का झंडा फहराने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेने मांग की है। मुंबई विश्वविद्यालय के कानून के छात्र आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 26 जनवरी 2021 को किसानों के एक समूह द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आतंक फैलाया गया।
पत्र में यह भी कहा गया कि जिस प्रकार से लाल किले में भारत के राष्ट्रीय ध्वज की जगह किसी अन्य समुदाय के झंडे के लहराने से देश के सम्मान और गरिमा को चोट पहुंची। यह एक शर्मनाक घटना है। इस घटना से पूरा देश भी आहत है क्योंकि इस घटना से देश के संविधान के साथ साथ राष्ट्रीय ध्वज का भी अपमान हुआ है। देश की भक्ति भावना को ठेस पहुंचाई गई है। इसलिए इस तरह की गतिविधि भारतीय नागरिक की संवैधानिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाती है। इसलिए, सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन है कि इस पूरे मामले पर एक विशेष जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि इस असंवैधानिक गतिविधि में शामिल असामाजिक तत्व के खिलाफ जांच की जा सके और आरोपियों को दंडित किया जा सके।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवी ने जमकर उपद्रव मचाया और लाल किले पर धावा बोल दिया। उन्होंने वहां केसरिया झंडा लगा दिया। रोकने की कोशिश करने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और रॉड और तलवारों से हमला किया। इसमें 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें 26 की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में 12 एफआइआर दर्ज की गई है। हालात को काबू में करने के लिए दिल्ली में अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। साथ ही प्रभावित इलाकों में इंटरनेट सेवा भी बंद रखी गई है।

दिल्ली में इंटरनेट सेवा आज भी है प्रभावित, अफवाहों पर लगाम लगाने की सरकार की कोशिश : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्ली में विगत दिवस किसान परेड में हुए उपद्रव के बाद आज बुधवार को भी इंटरनेट सेवा प्रभावित है। बताया जा रहा है कि इंटरनेट की स्पीड बहुत स्लो है। इससे पहले राजधानी में उपद्रव के बाद अफवाहों के चलते दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। आइटीओ लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ कई स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई।
आइटीओ और लालकिला समेत कई स्थानों पर हिंसा बढ़ने के साथ नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, पूर्वी दिल्ली, बाहरी दिल्ली अन्य स्थानों पर इंटरनेट सेवा पर सरकारी आदेश से रोक लगा दी गई। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद के साथ ही हरियाणा के शहरों में भी यह रोक लगा दी गई । पुलिस को यह सूचना मिली कि इंटरनेट के सहारे अफवाहों को फैलाकर स्थिति और बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती है। इस तरह के किसी प्रयास पर रोक लगाने के लिए नांगलोई, सिंघु बार्डर, यूपी गेट, टिकरी, गाजीपुर बार्डर, मुकरबा चौक जैसे इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट, 1885 की धारा 7 के तहत और जनसुरक्षा स्थापित करने और आवश्यक होने की वजह से सिंघु, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और दिल्ली से जुड़े इलाकों में 26 जनवरी को रात 11: 59 तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई जा रही है। इसके बाद टेलिकाम आपरेटर्स की ओर से अपने ग्राहकों को इस संबंध में संदेश भेजकर जानकारी दी गई ।
वहीं दिल्ली पुलिस के निर्देश पर मंगलवार देर शाम लालकिले की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। असल में कई आंदोलनकारियों ने शाम तक लालकिला परिसर पर कब्जा जमाए रखा था। पुलिस के लाख अपील के बाद भी वे जाने को तैयार नहीं थे। ऐसे में पुलिस ने आखिरकार लालकिला की बिजली आपूर्ति बाधित करने का फैसला किया।

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, कई जगह रूट डायवर्जन; NCR में इंटरनेट की दिक्कत : OmTimes News

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) मंगलवार को देश की राजधानी में किसानों के उपद्रव के बाद बुधवार को सारे शहर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस के जवान तैनात हैं, तो सादी वर्दी में भी सुरक्षा कर्मी गश्त कर रहे हैं। वहीं, किसानों के हिंसक प्रदर्शन के बाद एहतियात के तौर पर बुधवार को दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से सड़कों और मेट्रो स्टेशन पर एंट्री बंद कर दिए गए हैं।
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की एक बैठक बुधवार को होगी, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
दिल्ली में आईटीओ, क्नॉट प्लेस, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, मिंटो रोड, राजघाट रोड, लाल किला रोड और प्रगति मैदान में सड़कों को बंद रखा गया है। इसके अलावा बारापूला से उतरकर लोधी रोड की तरफ बढ़ने वाला रास्ता, दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ जाने वाला रास्ता और पुरानी दिल्ली की तरफ जाने वाला रास्ता भी बंद है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि दीप सिद्धू सिख नहीं हैं, वे भाजपा के कार्यकर्ता हैं। पीएम के साथ उनकी एक तस्वीर है। यह किसानों का आंदोलन है और ऐसा ही रहेगा। कुछ लोगों को तुरंत इस जगह को छोड़ना होगा। जो लोग बैरिकेडिंग तोड़ चुके हैं वे कभी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं होंगे। मंगलवार को हुई हिंसा के मद्देनजर 12 लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। 
ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की आम आदमी पार्टी ने निंदा की है। साथ ही आप ने हिंसा भड़कने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है। पार्टी की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया कि आम आदमी पार्टी प्रदर्शन में हिंसा की कड़ी निंदा करती है। यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने स्थिति को इस हद तक बिगड़ जाने दिया, जबकि यह आंदोलन पिछले दो महीने से पूरी तरह शांतिपूर्ण चल रहा है।
आप के प्रवक्ता व विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट किया कि किसान नेताओं का कहना है कि जो लोग आज की ¨हसा में शामिल थे, वे इस आंदोलन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि बाहरी तत्व थे। ये जो भी लोग हैं, लेकिन उनकी ¨हसा ने निश्चित रूप से उस आंदोलन को कमजोर कर दिया है, जो शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से चल रहा था।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसान पिछले दो महीने से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन्होंने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड का एलान किया था। दिल्ली पुलिस के साथ मैराथन बैठक के बाद किसानों को परेड की अनुमति दी गई थी। इस दौरान किसानों ने वादा किया था कि परेड दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के पास नहीं जाएगी, लेकिन मंगलवार सुबह प्रदर्शनकारी दिल्ली में घुसने पर अड़ गए। बैरिकेड तोड़ते हुए लाल किले तक पहुंच गए। इस दौरान किसानों को रोकने का पुलिस ने प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

लाल किला परिसर में पहुंचे उपद्रवियों ने किया तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों से हुई झड़प : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) कृषि कानूनों के विरोध के नाम पर गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये ट्रैक्टर परेड में शामिल उपद्रवियों ने हद पार कर दिया कर दिया। परेड के लिए तय रूट को छोड़ ये लोग दिल्ली के मध्य तक घुस आए, और जमकर उपद्रव किया। लाल किले पर धावा बोलकर उपद्रवियों ने वहां पर केसरिया झंडा लगा दिया। इस दौरान रोकने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर उपद्रवियों ने पथराव करने के साथ रॉड आदि से हमला किया। इतना ही नहीं, इंडिया गेट और लाल किले की तरफ बढ़ते समय रोकने पर हुड़दंगियों ने आइटीओ चौराहे पर जवानों व मीडियाकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश भी की।
इस उपद्रव में 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए लोकनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपद्रवियों की इस करतूत ने किसानों के नाम पर दो महीने से चल रहे आंदोलन और इसके पीछे की मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हिंसा के बाद किसान नेताओं ने खुद को उपद्रव से अलग कर लिया। योगेंद्र यादव ने तो यहां तक कह दिया कि मैं शर्मिदा हूं, और इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। गणतंत्र दिवस पर देश ही नहीं, पूरे विश्व ने दिल्ली की सड़कों पर जो उपद्रव देखा, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया था। इन बेलगाम हुड़दंगियों ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया। सिघु, टीकरी व गाजीपुर बार्डर से हजारों प्रदर्शनकारी आइटीओ और लाल किले तक पहुंच गए। लाल किले के प्राचीर पर चढ़कर उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों के सामने केसरिया झंडा लगा दिया।.
आइटीओ पर स्टंट करते हुए बैरिकेड में जोरदार टक्कर मारने की कोशिश में ट्रैक्टर पलट गया, जिससे ट्रैक्टर चला रहे उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी नवरीत सिंह की मौके पर मौत हो गई। दिल्ली में जगह-जगह बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल की गई डीटीसी बसें, डंपर, दिल्ली पुलिस की बसें, पीसीआर वैन और बैरिकेड तोड़ दिए गए। इस सब के बावजूद दिल्ली पुलिस संयम बरते रही। हालांकि उपद्रवियों को नई दिल्ली की तरफ आने से रोकने व अन्य जगहों पर उन्हें नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

दोपहर करीब 12:30 बजे हजारों की संख्या में उपद्रवी ¨रग रोड होते हुए आइटीओ फ्लाईओवर के नीचे पहुंचे। गाजीपुर की सीमा से अक्षरधाम के रास्ते और ¨सघु बार्डर से कश्मीरी गेट के रास्ते प्रदर्शनकारी आइटीओ पहुंचे। यहां पहुंचते ही उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़ दिया। उपद्रवियों ने रास्ता रोकने के लिए खड़ी की गई डीटीसी की बसों व एक पुलिस बस की चाभी चालकों से छीन ली। बसों व बैरिकेड को हटाने के बाद उपद्रवी ट्रैक्टर पर सवार होकर तिलक ब्रिज की ओर बढ़ने लगे। रास्ते भर वे पुलिस अवरोधों को तोड़कर हटाते रहे। आइटीओ चौराहे पर उपद्रवियों ने सात ट्रैक्टरों से एक डीटीसी बस में टक्कर मारकर उसे पलटने की कोशिश भी की। पुराने पुलिस मुख्यालय के गेट के सामने खड़ी एक पीसीआर वैन व पुलिस बस के शीशे तोड़ दिए।
आइटीओ व लालकिले पर उपद्रव करने वालों में करीब 80 फीसद युवा थे, जिनके हाथों में तिरंगे के अलावा लोहे की रॉड, लाठी-डंडे, ईट-पत्थरों से भरी बैग थीं।

आइटीओ पर खतरनाक तरीके से स्टंट करने पर पुलिसकर्मियों ने कई ट्रैक्टरों के टायर पंक्चर कर दिए। उपद्रवियों ने आइटीओ पर मीडियाकर्मियों के साथ भी मारपीट व दु‌र्व्यवहार किया। उनके मोबाइल फोन और कैमरे छीन लिए। आइटीओ पर उपद्रवियों व पुलिसकर्मियों के बीच करीब चार घंटे तक रुक-रुक कर झड़प व पथराव होता रहा।
उपद्रवी कभी सड़क के बीचोबीच बैठ जाते तो कभी अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर देते थे। दरअसल, उनकी योजना नई दिल्ली में राजपथ व संसद भवन तक जाने की थी, लेकिन मजबूत बैरिकेटिग व भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण ऐसा नहीं हो पाया। हिंसा बढ़ती देख दिल्ली पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। दिल्ली के अधिकतर मेट्रो स्टेशनों को भी बंद करा दिया गया।
आइटीओ व लाल किले पर करीब पांच घंटे तक उपद्रवी कब्जा जमाए रहे। शाम को ये स्थान खाली करा लिए गए। दिनभर पुलिस आयुक्त एनएन श्रीवास्तव की ओर से अधिकारियों और जवानों को डटे रहने व पूरी शक्ति से मुकाबला करने के संदेश आते रहे। हालात बिगड़ता देख पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों से गोली चलाने की अनुमति भी मांगी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।

ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ तय हुई शर्तो के अनुसार काम किया और आवश्यक बंदोबस्त किया था। दिल्ली पुलिस ने अंत तक काफी संयम का परिचय दिया, परंतु प्रदर्शनकारियों ने तय शर्तो की अवहेलना की और तय समय से पहले ही ट्रैक्टर परेड शुरू कर दी। आंदोलनकारियों ने हिंसा व तोड़फोड़ का मार्ग चुना, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संयम के साथ जरूरी कदम उठाए। सरकारी संपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है और कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं।

-ईश सिंघल, पुलिस प्रवक्ता

किसानों द्वारा किये गये उपद्रव के बाद सरकार ने दिखाई सख्‍ती, अब दिल्‍ली में तैनात होंगी 15 पैरामिलिट्री जवानों की कंपनियां : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस पर किसानों द्वारा किये गये उग्र आंदोलन और दिल्ली में स्थिति को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में सुबह से लेकर अब तक के हालात को लेकर गृह मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है। इस बैठक में गृह सचिव, दिल्‍ली पुलिस के अधिकारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में फैसला लिया गया कि अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियों को दिल्ली में तैनात किया जाएगा। ये उन 15 कंपनियों के ऊपर होंगे, जो कल भेजी गई थीं। 5 कंपनियां आज स्टैंडबाय पर थीं। यानी दिल्‍ली में 1500 से अधिक अर्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। बैठक में तत्काल प्रभाव से उन संवेदनशील जगहों पर सुरक्षाबलों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर मंगलवार को हिंसा हुई है। यह जगह नांगलोई, आईटीओ और गाजीपुर हैं।आज की हिंसा से जुड़ी हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। अब तक 3 अहम बैठकें हो चुकी हैं। गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस द्वारा बनाई गई विशेष टीम दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों से जानकारी ले रही है।  
कृषि कानून के खिलाफ दो महीनों से आंदोलन कर रहे किसान ने गणतंत्र दिवस पर मंगलवार को दिल्ली की सीमाओं के आसपास ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच भिड़ंत हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
पुलिस को चकमा देते हुए उपद्रवी कश्‍मीरी गेट से होते हुए लाल किले और आइटीओ तक पहुंच गए और वहां जमकर हिंसा की। पुलिस पर पथराव किया और पुलिसवालों पर ट्रैक्‍टर चढ़ाने की कोशिश की। कुछ उपद्रवी किसान लाल किले के अंदर घुस गए। किसानों ने वहां पहुंचकर अपना झंडा फहराया। किसानों ने यहां दो झंडे फहराए। जिस जगह पर उपद्रवी किसानों ने झंडा फहराया, वहां स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते है।  
उधर, दिल्‍ली में हिंसा के बीच संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बयान जारी किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद कुछ व्यक्तियों ने रूट का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे। असामाजिक तत्वों ने घुसपैठ की, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। हमने हमेशा कहा कि शांति हमारी ताकत है और हिंसा ऐसे आंदोलन को नुकसान पहुंचाती है।
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि आज के परेड में हिस्सा लेने के लिए हम सभी किसानों का धन्यवाद करते हैं। हम उन घटनाओं की भी निंदा करते हैं जो आज हुई हैं और ऐसे कार्यों में लिप्त होने वाले लोगों से खुद को अलग कर लेते हैं।

गोरखपुर में काली मंदिर के पास बेयरिंग की दुकान में लगी आग, चार फायरमैन आग से झुलसे : OmTimes

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  गोलघर, कालीमंदिर के पास स्थित बेयरिंग स्टोर की दुकान में शुक्रवार की रात आग लग गई। राहगीरों की सूचना पर कैंट, कोतवाली व गोरखनाथ पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की ब्रिगेड की टीम पहुंच गई। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के दौरान चार फायर मैन झुलस गए। जिन्हें मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।
गोरखनाथ की रहने वाली शोभा देवी की काली मंदिर के पास धर्मशाला रोड़ पर बेयरिंग, ग्रीस व आटो पाट्र्स की दुकान है। शुक्रवार की रात में 12 बजे बेयरिंग स्टोर की दुकान से आग की लपटें निकलता देख राहगीर ने पुलिस कंट्रोल में सूचना दी। खबर मिलते ही सीएफओ डीके सिंह, प्रभारी निरीक्षक कैंट अनिल उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जयदीप वर्मा फोर्स के साथ पहुंच गए। आग लगने की खबर मिलते ही दुकान मालिक के बेटे दिलीप भी घरवालों के साथ पहुंच गए।
आग बुझाने के दौरान दुकान से अचानक निकली तेज लपटों की चपेट में आने से फायरमैन निर्भय राय, आशीष नंदन कुमार, ब्रजेश सिंह, नरेंद्र पाठक झुलस गए। एंबुलेंस से सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां से मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। सीएफओ डीके सिंह ने बताया कि दुकान में रखे मोबिल में आग लगने से 12 फीट लंबी लपट बाहर निकली, जिसकी चपेट में आने से फायरमैन झुलस गए। मेडिकल कालेज में भर्ती फायरमैन निर्भय गंभीर रुप से झुलसे हैं। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
दुकान मालिक शोभा देवी व उनके बेटे दीपक ने शार्ट सर्किट से दुकान में आग लगने की जानकारी पुलिस को दी। सीएफओ डीके सिंह ने बताया कि ग्रीस की दुकान में ज्वलनशील पदार्थ भी रखा था जिसकी वजह से आग की लपट अचानक बाहर निकली, जिसकी चपेट में आने से फायरमैन झुलस गए। मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही पता चल जाएगा।

गोरखपुर में शीघ्र ही खुलेगा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) विद्यार्थियों के लिए नई खुशख़बरी! क्योंकि बहुत जल्द ही यूपी में पूर्वांचल के युवाओं को उच्‍च शिक्षा में अध्ययन के लिए एक और विकल्प मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय का स्थापना होने जा रहा है। शासन स्तर पर इसकी स्थापना का रास्ता साफ होने लगा है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में शासन की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति ने शुक्रवार को श्रीगोरक्षनाथ चिकित्सालय द्वारा प्रस्तावित स्थल का मौका मुआयना किया। मुआयना में प्रस्तावित विश्वविद्यालय शासन के मानक पर खरा मिला। पांच सदस्‍यीय समिति ने निरीक्षण के दौरान भूमि की उपलब्धता, भवनों तथा अवसंरचनात्मक सुविधा, शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्थिति, विकास संबंधी लक्ष्यों और नियोजन संबंधी आवश्यकताओं का प्रस्तावित पाठ्यक्रमवार गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण में समिति ने पाया कि निजी विश्वविद्यालय के मानक पर व्यवस्था पूरी कर ली गई है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय का भवन अत्याधुनिक है और गुरु श्रीगोरक्षनाथ नर्सिंग कालेज नाम से एक कालेज पहले से संचालित है। समिति ने रिपोर्ट बनाकर शासन को प्रेषित कर दी है।

इस पांच सदस्यीय समिति में कुलपति के अलावा उच्‍च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्रवण कुमार सिंह, जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी, गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव समिति के सदस्य सचिव हैं।

महायोगी गोरखनाथ निजी विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस, एमबीबीएस, बीफार्मा, डीफार्मा, बीएससी एलटी, बीएससी एजी, बीए आनर्स, बीएससी आनर्स, बीकाम, बीएड, बीएससी-बीएड, बीए-बीएड, बीपीएड आदि पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

जोगेन्द्र तालू ने किया दावा, किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए भिवानी से पांच हजार ट्रैक्टर दिल्ली होंगे रवाना : OmTimes

भिवानी (ऊँ टाइम्स) भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र तालु ने आज शनिवार को दावा किया है कि 24 जनवरी को भिवानी जिले से पांच हजार ट्रैक्टर दिल्ली में प्रस्तावित किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। किसान नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब दो महीने से अन्नदाता ठंड के मौसम में अपने हकों के लिए बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं लेकिन सरकार अपना तानाशाही रवैया छोडऩे को तैयार नहीं है। तालु ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र को बर्बाद करने के बाद अब खेती व खाद्य सुरक्षा को उजाडऩे के लिए तीन कृषि कानून के लेकर आई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता ने कहा कि हजारों किसान करीब दो महीने से दिल्ली के चारों ओर डेरा डाले बैठे हैं, लेकिन सरकार उनके साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा देश-विदेश के चंद उद्योगपतियों के मुनाफों के लिए ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कि ये तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार विपक्ष पर आरोप लगाती है कि वह किसानों को गुमराह कर रही है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। तालु ने कहा कि यदि अन्नदाता पूंजीपतियों के अधीन हो जायेगा तो देश के सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो जाएगी, इसलिए किसानों के हित को देखते हुए सरकार को इन कानूनों को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

23 जनवरी को दिल्ली में इन इन जगहों पर रहेगा रूट डायवर्जन, इन मार्गों का करें इस्तेमाल : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल 23 जनवरी को है। इसके मद्देनजर कई मुख्य मार्गों पर यातायात में परिवर्तन किया गया है। इसमें नई दिल्ली के कई मार्ग 22 जनवरी की शाम को ही बंद कर दिए जाएंगे। यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परेड की रिहर्सल 23 जनवरी की सुबह 9.50 बजे विजय चौक से शुरू होगी। यह राजपथ, अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट, प्रिसेंज पैलेस, तिलक मार्ग, रेडियल रोड, सी हैक्सागन होती हुई नेशनल स्टेडियम में समाप्त होगी।

इन मार्गों का वाहन चालक करें प्रयोग- उत्तरी दिल्ली से दक्षिणी दिल्ली जाने के लिए जाने वाले वाहन चालक रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-आइपी फ्लाईओवर-राजघाट से रिंग रोड पर जा सकते हैं। वहीं, लोधी रोड, अरविंदो मार्ग-एम्स चौक, रिंग रोड धौला कुआं, शंकर रोड, होते हुए मंदिर मार्ग जाया जा सकता है।

पूर्वी दिल्ली से पश्चिमी दिल्ली जाने के लिए- वाहन चालक रिंग रोड-भैरों मार्ग-मथुरा रोड-लोधी रोड, अर¨वदों मार्ग, एम्स चौक से होते हुए मंदिर मार्ग पहुंच सकते हैं। रिंग रोड से बर्फ खाना चौक, रानी झांसी रोड, वंदे मातरम् मार्ग से मंदिर मार्ग के रास्ते होते हुए पश्चिमी दिल्ली जाया जा सकता है।

दक्षिण दिल्ली से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले के लिए- वाहन चालक धौला कुआं, वंदे मातरम् मार्ग, पंचकुइयां रोड, कनाट प्लेस आउटर सर्किल, जेम्सफोर्ड रोड का प्रयोग कर पहाड़गंज साइड और मिंटो रोड से अजमेरी गेट साइड पहुंच सकते हैं।

पूर्वी दिल्ली की तरफ स्टेशन जाने के लिए- आइएसबीटी, रानी झांसी रोड, डीबीजी गुप्ता रोड, शीला सिनेमा रोड, पहाड़गंज रोड का उपयोग किया जा सकता है।

वाहन चालक रिंग रोड-आश्रम चौक-सराय काले खां-रिंग रोड-राजघाट-रिंग रोड-चौक यमुना बाजार-एसपी मुखर्जी मार्ग-छत्ता रेल ब्रिज मार्ग का प्रयोग करें।
गाजियाबाद से दिल्ली आने वाली अंतरराज्यीय बसों को एनएच-24 से रिंग रोड होते हुए भैरों रोड की तरफ भेजी जाएंगी। एनएच-24 से आने वाली बसों को रोड नंबर-56 से मोड़कर आनंद विहार बस अड्डा और गाजियाबाद से आने वाली बसों को वजीराबाद ब्रिज जाने के मोहन नगर से भोपुरा चुंगी की तरफ मोड़ दिया जाएगा। वहीं, धौलाकुआं की तरफ से आने वाली बसों को धौलाकुआं में ही रोक दिया जाएगा।

इन मार्गों पर प्रतिबंधित रहेंगे ऑटो-टैक्सी- टैक्सी और ऑटो मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग-बाबा खड़क सिंह मार्ग-अशोक रोड से पटेल चौक, टॉल्सटॉय मार्ग-कस्तूरबा गांधी मार्ग, फिरोजशाह रोड से मंडी हाउस, भगवान दास रोड से मथुरा रोड- सुब्रमण्यम भारती मार्ग- हुमायूं रोड- एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग-कमल अता तुर्क मार्ग-कौटिल्य मार्ग और सरदार पटेल रोड पर नहीं जा सकेंगे। 2 मेट्रो स्टेशन रहेगा बंद – इस दौरान केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रखा जाएगा।

विस्फोटक ले जा रहे ट्रक में हुआ धमाका, कम से कम 8 मजदूरों की हुई मौत; पीएम मोदी ने जताया दुख : OmTimes

बेंगलुरु (ऊँ टाइम्स)  कर्नाटक के शिवमोगा जिले में हुई दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख प्रकट किया है। शिवमोगा में गुरुवार रात को ट्रक में भरकर ले जाए जा रहे विस्फोटक में धमाका हो गया। इस धमाके में आठ लोगों की मौत हो गई है। ये धमाका इतना जबरदस्‍त था कि आसपास के क्षेत्र में झटके महसूस किए गए। ऐसे में लोगों को लगा कि भूकंप के कारण झटके लग रहे हैं।
शिवमोगा के जिला कलेक्टर नन्द शिवकुमार ने बताया, ‘हुनासोडू गांव में एक रेलवे क्रेशर स्थल पर एक डायनामाइट विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है। ये विस्‍फोट बीती रात लगभग 10 बजकर 20 मिनट पर हुआ।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख प्रकट किया है। शिवमोगा की घटना सुनकर बेहद दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। ईश्‍वर से प्रार्थना है कि घायल जल्द ठीक हो जाएं। राज्य सरकार प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।

अब फ्रांस में प्रकाशकों को न्यूज कंटेंट के बदले भुगतान करेगा गूगल, नए कॉपीराइट समझौते पर सहमति : OmTimes

पेरिस/नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  गूगल और फ्रांस के समाचारपत्र प्रकाशकों के समूह के बीच कॉपीराइट फ्रेमवर्क पर एक खास सहमति बनी है। इसके तहत अमेरिका की दिग्गज टेक फर्म गूगल ऑनलाइन कंटेंट के लिए समाचार प्रकाशकों को भुगतान करेगी। यूरोप में यह इस तरह का पहला समझौता है।
इस कदम से इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और प्रिंट सर्कुलेशन में कमी के कारण राजस्व में गिरावट का सामना कर रहे समाचार पत्र प्रकाशकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि इस करार से फेसबुक जैसे अन्य प्लेटफॉर्म भी इस संबंध में विचार करने के लिए प्रेरित होंगे।
यूरोपीय संघ के नए कॉपीराइट नियमों के क्रियान्वयन को लेकर गूगल, फ्रांसीसी प्रकाशकों एवं समाचार एजेंसियों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी। इस कॉपीराइट नियम के तहत अपनी कोई खबर दिखाए जाने पर प्रकाशक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शुल्क पाने के हकदार होंगे। दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन सर्च इंजन चलाने वाली गूगल किसी कंटेंट के लिए प्रकाशक को भुगतान करने के विचार का शुरुआत में यह कह कर विरोध करती रही है कि उसके सर्च इंजन के कारण प्रकाशकों की वेबसाइट पर अच्छा-खासा ट्रैफिक आता है।
फ्रेमवर्क पर सहमति के बाद गूगल और फ्रांस के प्रकाशकों के समूह एपीआइजी ने बताया कि इसके तहत रोजाना प्रकाशित प्रति, मासिक इंटरनेट ट्रैफिक और उसमें राजनीतिक एवं अन्य जानकारियों के अनुपात के आधार पर भुगतान तय होगा। कुछ प्रकाशकों के साथ इस फ्रेमवर्क के तहत समझौता किया जा चुका है। अभी यह नहीं बताया गया है कि कितना भुगतान किया जाएगा और इसकी गणना कैसे होगी। समाचार प्रकाशकों को भुगतान करने के लिए गूगल ने न्यूज शोकेस के नाम से विशेष पहल की है, जिसमें प्रकाशकों को अपने कंटेंट को ऑनलाइन क्यूरेट करने का विकल्प मिलता है। अभी ब्राजील और जर्मनी में ही यह विकल्प उपलब्ध है।

लालू यादव की हालत हुई गंभीर, चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन-निमोनिया : OmTimes

रांची ( ऊँ टाइम्स)  राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर हो गई है। वे फिलहाल सांस नहीं ले पा रहे। उनके चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन और निमोनिया की शिकायत है। मिली जानकारी के मुताबिक, रांची के रिम्स अस्‍पताल के पेइंग वार्ड में इलाजरत चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत गुरुवार देर शाम अचानक बिगड़ गई। इसके बाद पूरे अस्‍पताल में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही झारखंड के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री बन्‍ना गुप्‍ता भी लालू यादव की तबीयत का हाल जानने पहुंचे। रिम्‍स डायरेक्‍टर अभी मौके पर हैं। उन्‍होंने लालू की हालत को स्थिर बताया है।
डॉक्‍टरों के मुताबिक लालू यादव को सांस लेने में अचानक परेशानी होने लगी है। आनन-फानन में तुरंत इसकी सूचना चिकित्सकों को दी गई। सूचना मिलते ही झारखंड के स्वास्‍थ्‍य मंत्री बन्ना गुप्ता, रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप और लालू प्रसाद यादव का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश प्रसाद उन्‍हें देखने पेइंग वार्ड पहुंचे।
लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद बन्ना गुप्ता वापस लौट गए। डॉक्‍टर अभी लालू प्रसाद के इलाज में लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लालू में निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं। कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल दिया गया है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, आरटी पीसीआर की रिपोर्ट आनी बाकी है। मौके पर उनका एक्स-रे भी किया गया। इसमें थोड़ा-सा इन्फेक्शन भी देखने को मिला है।

सीरम इंस्टीट्यूट के प्लांट में लगी भीषण आग, पांच की हुई मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख : OmTimes

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र में पुणे स्थित दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पाद कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट के एक निर्माणाधीन हिस्से में गुरुवार दोपहर बाद अचानक लगी आग में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। मृतकों में कोई भी सीरम इंस्टीट्यूट का कर्मचारी नहीं है। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। ना ही इस अग्निकांड से कोरोना के लिए बन रही वैक्सीन के काम पर कोई प्रभाव पड़ा है। सीरम इंस्टीट्यूट के कई एकड़ में फैले परिसर में एक छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत में दोपहर बाद करीब ढाई बजे छठी मंजिल पर आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि जहां आग लगी वहां पहले से कुछ ज्वलनशील पदार्थ रखे थे, जिनमें शार्ट सर्किट से आग लग गई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के अनुसार, आग लगने के बाद जल्दी ही दमकल विभाग की पांच गाड़ियां व तीन पानी के टैंकरों ने वहां पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया।
सीरम इंस्टीट्यूट की अपनी अग्निशमन टीम भी आग बुझाने में लगी थी। इसके बावजूद आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे लग गए। आग बुझने के कुछ देर बाद शाम करीब साढ़े छह बजे एक बार फिर छठी मंजिल पर ही आग की लपटें दिखाई देने लगीं। जिन्हें बुझाने का काम अब भी चल रहा है। दोबारा आग भड़कने से पहले प्रभावित क्षेत्र से पांच मृतकों के शव बरामद हो चुके थे तथा नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सर्च आपरेशन का काम एनडीआरएफ की टीम कर रही है।
मृतकों में दो व्यक्ति रमाशंकर व बिपिन सरोज उत्तर प्रदेश के, सुशील कुमार पांडे बिहार के व महेंद्र इंगले तथा प्रतीक पाष्टे पुणे के ही रहने वाले थे। ये पांचों निर्माणाधीन इमारत में श्रमिक के रूप में काम कर रहे थे। देर शाम सीरम इंस्टीट्यूट का दौरा करने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि आग पूरी तरह बुझने के बाद शुक्रवार को सुबह प्रभावित क्षेत्र की फिर से पूरी जांच की जाएगी। तब मरने वालों की संख्या का सही पता लग सकेगा। उन्होंने कहा कि 99 फीसद उम्मीद यही है कि मरने वालों की संख्या पांच ही है। पवार के अनुसार, पूरी जांच के बाद ही आग लगने के सही कारण का भी पता चल सकेगा। सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग की जांच के लिए पुणे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने संस्थान के सुरक्षाकर्मियों, ठेके पर काम करवाने वाले सुपरवाइजर व सीरम के प्रबंधन का बयान लेना शुरू कर दिया है।

सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोवीशील्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रही है। सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा उत्पादित वैक्सीन का भारत में उपयोग भी शुरू हो चुका है। कई अन्य देशों को भी इसकी वैक्सीन भेजी जा रही है। कोरोना के लिए वैक्सीन उत्पादन के अलावा यह संस्थान बीसीजी, पोलियोमाइलिटीस, पोलियोवैक तथा बच्चो के लिए अन्य टीकों का निर्माण करती है। यहां प्रतिवर्ष 1.3 अरब टीके व प्रतिरक्षात्मक दवाएं तैयार की जाती हैं। इस संस्थान की स्थापना 1966 में साइरस पूनावाला ने की थी। अब उनके पुत्र अदार पूनावाला इस कंपनी के सीईओ हैं। यह कंपनी खुराक संख्या के अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी बन चुकी है।
पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल के मुताबिक, इमारत से काफी लोगों को निकाला गया लेकिन जब आग पर काबू पाया गया तो पांच शव मिले। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने की जानकाकी मिलते ही फायर ब्रिगेड की दस गाड़ियां मौके पर पहुंची। सीरम इंस्टीट्यूट के गेट नंबर एक पर लगी आग धीरे-धीरे आग बिल्डिंग की दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल तक आग पहुंच गई।
आग की वजह से चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया। सीरम इंस्टीट्यूट ने ही कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को बनाया है। इस बीच, एसआइआइ के मंजरी प्लांट में आग लगने की घटना पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि आग से दुर्भाग्य से कुछ जानमाल का नुकसान हुआ है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिवार के सदस्यों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की हैं। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि आग नियंत्रण में है। पुणे नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रशांत रानसेप ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की इमारत में आग नियंत्रण में है। 
इस बीच, एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की एक टीम पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पहुंची है। वहीं, पुणे के पुलिस कमिश्नर अमिताभ गुप्ता के मुताबिक, हमें 2:45 बजे सीरम इंस्टीट्यूट की एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस और फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। काफी लोगों को निकाल लिया गया है। इस इमारत में वैक्सीन का प्लांट या भंडारण नहीं किया जा रहा था। हम हर पहलू की जांच करेंगे। 
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की वजह से हुई मौतों से बेहद दुखी हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपनी जान गंवाई। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में आग की दुर्घटना में हुई मौतें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया अध्यक्ष और एमडी ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में अत्यंत दुखद दिन है। हमें बेहद दुख हुआ है और दिवंगत लोगों के परिवार के प्रति हमारी संवेदना है। मानदंडों के अनुसार अनिवार्य राशि के अलावा प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। 
वहीं, महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में SEZ-3 मंजिल इलाके की बिल्डिंग में आग लगी। वहां पर वेल्डिंग का काम हो रहा था। जिसकी वजह से आग लग गई। इस घटना में 5 लोगों की मृत्यु हुई है। 

अब सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा संसद की कैंटीन में, लोकसभा अध्यक्ष का एलान : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स) संसद भवन परिसर की कैंटीन में अब सांसदों को सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को कहा कि संसद की कैंटीन में सांसदों को भोजन पर दी जाने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बताया कि सांसदों और अन्य लोगों को खाने पर मिलने वाली सब्सिडी पर रोक लगा दी गई है। खाने में सब्सिडी खत्म करने को लेकर दो साल पहले भी बात उठी थी। लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में सभी दलों के सदस्यों ने एक राय बनाते हुए इसे खत्म करने पर सहमति जताई थी। अब कैंटीन में मिलने वाला खाना तय दाम पर ही मिलेगा। सांसद अब खाने की लागत के हिसाब से ही भुगतान करेंगे। संसद की कैंटीन को सालाना करीब 17 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी, जो अब खत्म हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक कैंटीन की रेट लिस्ट में चिकन करी 50 रुपए में तो वहीं वेज थाली 35 रुपए में परोसी जाती है। वहीं थ्री कोर्स लंच की कीमत 106 रुपए निर्धारित है। बात करें साउथ इंडियन फूड की तो संसद में प्लेन डोसा मात्र 12 रुपए में मिलता है। एक आरटीआई के जवाब में 2017-18 में यह रेट लिस्ट सामने आई थी।
बिड़ला ने इसके अलावा बताया कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। 29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी। उनके अनुसार, सांसदों के आवास के नजदीक भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं।
बिड़ला ने आगे बताया कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी। इसमें सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र, राज्यों द्वारा निर्धारित की गई टीकाकरण अभियान नीति सांसदों पर भी लागू होगी। संसद सत्र के दौरान पूर्व निर्धारित एक घंटे के प्रश्नकाल की अनुमति रहेगी।

शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे चारबाग स्टेशन पर पटरी से उतरे : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  यूपी की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर आज सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा । बताया जा रहा है कि चारबाग स्टेशन से करीब 50 मीटर पहले खम्मन पीर ब्रिज के पास पंजाब के अमृतसर से बिहार के जयानगर जा रही शहीद एक्‍सप्रेस (4674) के दो कोच पटरी से उतर गए। आननफानन में आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों कोचों में करीब 155 यात्री सवार थे। 
कोच के पटरी से उतरने पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यात्री बाहर निकल आए। हालांकि हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलते ही मौके पर डीआरएम खुद पहुंचे। 
डीआरएम संजय त्रिपाठी ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी डीआरएम त्रिपाठी के मुताबिक, दोनों कोचों में केवल 155 यात्री थे, उनके लिए व्यवस्था की गई थी। कोई हताहत नहीं हुआ है। ट्रेन अभी यार्ड से रवाना हुई थी और धीमी गति से चल रही थी। यह जांच का विषय है कि पटरी से उतरी कैसे। एक समिति बनाई जा रही है, जो मामले की जांच करके रिपोर्ट देगी, और दोषियों पर कार्रवाई भी किया जायेगा। 

दिल्ली में आज से खुले स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों को इन शर्तों पर मिली एंट्री : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल आज सोमवार से खुल गए हैं। फिलहाल स्कूल केवल कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए खोले गए हैं, ताकि वे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। छात्रों के लिए सभी कक्षाओं को सैनिटाइज करने के साथ-साथ पूरे स्कूल परिसर में कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता बोर्ड भी लगाए गये हैं। वहीं, स्कूलों को शिक्षा निदेशालय द्वारा तय की गई मानक संचालन प्रक्रिया के जरिये ही छात्रों को बुलाया गया है। इसके साथ ही स्कूलों को आने वाले छात्रों का रिकार्ड भी रखना होगा। हालांकि रिकार्ड का इस्तेमाल अटेंडेस के लिए नहीं किया जा रहा है। वहीं, कुछ निजी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों की आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, वे स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। इनमें पूसा रोड स्थित स्पि्रंग डेल्स, बाराखंभा रोड स्थित माडर्न स्कूल समेत कुछ अन्य निजी स्कूल शामिल हैं। स्‍प्रिंग डेल्स की प्रधानाचार्या ने बताया कि कक्षा 10वीं-12वीं के छात्र अभी आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं दे रहे हैं। ऐसे में स्कूल जनवरी के आखिरी सप्ताह में खोला जाएगा।

यह रहेगी व्यवस्था – स्कूल के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजेशन मशीन के साथ-साथ तापमान मापने की भी मशीन , कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का आने और जाने के समय में आधे घंटे का अंतर रहेगा , कक्षा 10वीं के छात्र सुबह आठ बजे तो 12वीं के साढ़े आठ बजे स्कूल आएंगे , छात्रों की हर कक्षा 40 मिनट की होगी। इसमें बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रायोगिक कक्षाएं ज्यादा होंगीहर कक्षा को दो भागों में बांटा है। प्रत्येक कक्षा में 12-15 छात्र ही बैठेंगे। हर कक्षा में छात्रों के लिए एक सहायक शिक्षक भी मौजूद रहेंगे।शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं अभी नहीं होंगी। स्कूल में छात्रों के लिए एक क्वारंटाइन कक्षा की भी व्यवस्था रहेगी। छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। हर छात्र को कोरोना से बचाव के पत्र बांटे जाएंगे। कोई भी छात्र बिना हाथों को सैनिटाइज करे और बिना मास्क पहने स्कूल नहीं आएगा। छात्रों के लिए अभी बस, वैन सुविधा नहीं शुरू की गई है तो छात्रों को निजी वाहन से स्कूल आना होगा। पुस्तकालय कक्ष भी बंद रहेगा।कंटेनमेंट जोन के स्कूल नहीं खुलेंगे। कंटेनमेंट जोन में रह रहे शिक्षक, छात्र व कर्मचारी स्कूल नहीं आएंगे। कक्षा में हर छात्र को छह फुट की दूरी पर बैठना होगा। स्कूल के मुख्य द्वार पर ही हर एक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। एक मार्च से बोर्ड के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। 19 मार्च 2020 से बंद है दिल्ली के स्कूल, 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, 10वीं के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा पहला पीरियाडिक असेसमेंट और मार्च के दूसरे सप्ताह में दूसरा पीरियाडिक असेसमेंट आयोजित हो सकता हैं।छात्रों को सीबीएसई के सैंपल पेपर को हल करने की तैयारी कराएंगे स्कूल।10वीं और 12वीं के छात्रों को घटे हुए पाठ्यक्रम के बारे में बताया जाएगा।10वीं के छात्रों का स्कूल एक फरवरी से अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक करेंगे बहुविकल्पीय मूल्यांकन।छात्रों को अपने सहपाठियों से कापी, किताब व अन्य सामग्री नहीं करनी होगी साझा।स्कूलों में प्रार्थना सभा व अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां नहीं होंगी आयोजित।

नव निर्वाचित राष्ट्रपति वाइडन के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर वाशिंगटन में बुलाए गए हजारों सैनिक : OmTimes

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन कार्यों की सूची तैयार कर ली है, जिसे वे शपथ वाले दिन ही पूरा करेंगे। 20 जनवरी को शपथ लेने के तुरंत बाद बाइडन देश के सामने मौजूद चार चुनौतियों-कोरोना संकट, आर्थिक संकट, पर्यावरण संबंधी समस्याएं और नस्ली असमानता से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे। यह भी माना जा रहा है कि वह अपने कार्यकाल के पहले दिन 1.1 करोड़ आप्रवासियों को नागरिकता देने का भी एलान कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस के नवनियुक्त चीफ आफ स्टाफ रोन क्लीन ने आगामी व्हाइट हाउस वरिष्ठ कर्मियों को शनिवार को दिए एक ज्ञापन में कहा, ‘नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ऐसे समय में कार्यभाल संभाल रहे हैं, जब देश गंभीर संकट से जूझ रहा है। हमारे सामने चार बड़े संकट हैं, जो एक दूसरे से जुड़े हैं। ये संकट है-कोरोना और इसके चलते पैदा हुआ आर्थिक संकट, पर्यावरण से जुड़ी समस्यांए और नस्ली समानता के अभाव से जुड़ा संकट है।’
इन सभी संकटों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है और बाइडन अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 दिन में इन संकटों से निपटने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। क्लीन ने कहा कि शपथ ग्रहण के दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन चार संकटों से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे।
बाइडन पहले ही दिन अमेरिकी लोगों को कोरोना वायरस महामारी से जुड़ा राहत पैकेज भी देंगे। उन्होंने कहा कि जैसे कि पहले ही घोषणा की गई थी, वह शिक्षा विभाग से छात्रों के लिए ऋण के भुगतान पर मौजूदा रोक की अवधि बढ़ाएंगे, पेरिस समझौते में पुन: शामिल होंगे और मुसलमानों पर प्रतिबंध हटाएंगे।

वाशिंगटन में बुलाए गए हैं हजारों सैनिक – वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न प्रांतों से बसों और विमानों के जरिये शनिवार को राजधानी में आने लगे। वाशिंगटन में अगले हफ्ते की शुरुआत तक 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है। कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं। सेना संबंधी मामलों के मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी है!
दरअसल, बाइडन के शपथ लेने से पहले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने प्रांतों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के अधिकाधिक जवानों को भेजने की अपील की थी, जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके। छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन पर भीड़ ने हिंसक धावा बोल दिया था। उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं।
यही नहीं सशस्त्र घुसपैठियों के आने तथा विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है। रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी प्रांतों की राजधानियों मे