शहीद एक्सप्रेस के दो डिब्बे चारबाग स्टेशन पर पटरी से उतरे : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  यूपी की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर आज सोमवार को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा । बताया जा रहा है कि चारबाग स्टेशन से करीब 50 मीटर पहले खम्मन पीर ब्रिज के पास पंजाब के अमृतसर से बिहार के जयानगर जा रही शहीद एक्‍सप्रेस (4674) के दो कोच पटरी से उतर गए। आननफानन में आरपीएफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों कोचों में करीब 155 यात्री सवार थे। 
कोच के पटरी से उतरने पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यात्री बाहर निकल आए। हालांकि हादसे में कोई भी हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलते ही मौके पर डीआरएम खुद पहुंचे। 
डीआरएम संजय त्रिपाठी ने कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी डीआरएम त्रिपाठी के मुताबिक, दोनों कोचों में केवल 155 यात्री थे, उनके लिए व्यवस्था की गई थी। कोई हताहत नहीं हुआ है। ट्रेन अभी यार्ड से रवाना हुई थी और धीमी गति से चल रही थी। यह जांच का विषय है कि पटरी से उतरी कैसे। एक समिति बनाई जा रही है, जो मामले की जांच करके रिपोर्ट देगी, और दोषियों पर कार्रवाई भी किया जायेगा। 

दिल्ली में आज से खुले स्कूलों में 10वीं और 12वीं के छात्रों को इन शर्तों पर मिली एंट्री : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़े स्कूल आज सोमवार से खुल गए हैं। फिलहाल स्कूल केवल कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए खोले गए हैं, ताकि वे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकें। छात्रों के लिए सभी कक्षाओं को सैनिटाइज करने के साथ-साथ पूरे स्कूल परिसर में कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता बोर्ड भी लगाए गये हैं। वहीं, स्कूलों को शिक्षा निदेशालय द्वारा तय की गई मानक संचालन प्रक्रिया के जरिये ही छात्रों को बुलाया गया है। इसके साथ ही स्कूलों को आने वाले छात्रों का रिकार्ड भी रखना होगा। हालांकि रिकार्ड का इस्तेमाल अटेंडेस के लिए नहीं किया जा रहा है। वहीं, कुछ निजी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों की आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, वे स्कूल अभी नहीं खुलेंगे। इनमें पूसा रोड स्थित स्पि्रंग डेल्स, बाराखंभा रोड स्थित माडर्न स्कूल समेत कुछ अन्य निजी स्कूल शामिल हैं। स्‍प्रिंग डेल्स की प्रधानाचार्या ने बताया कि कक्षा 10वीं-12वीं के छात्र अभी आनलाइन माध्यम से प्री-बोर्ड की परीक्षाएं दे रहे हैं। ऐसे में स्कूल जनवरी के आखिरी सप्ताह में खोला जाएगा।

यह रहेगी व्यवस्था – स्कूल के मुख्य द्वार पर सैनिटाइजेशन मशीन के साथ-साथ तापमान मापने की भी मशीन , कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों का आने और जाने के समय में आधे घंटे का अंतर रहेगा , कक्षा 10वीं के छात्र सुबह आठ बजे तो 12वीं के साढ़े आठ बजे स्कूल आएंगे , छात्रों की हर कक्षा 40 मिनट की होगी। इसमें बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रायोगिक कक्षाएं ज्यादा होंगीहर कक्षा को दो भागों में बांटा है। प्रत्येक कक्षा में 12-15 छात्र ही बैठेंगे। हर कक्षा में छात्रों के लिए एक सहायक शिक्षक भी मौजूद रहेंगे।शारीरिक शिक्षा की कक्षाएं अभी नहीं होंगी। स्कूल में छात्रों के लिए एक क्वारंटाइन कक्षा की भी व्यवस्था रहेगी। छात्रों के अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाया जाएगा। हर छात्र को कोरोना से बचाव के पत्र बांटे जाएंगे। कोई भी छात्र बिना हाथों को सैनिटाइज करे और बिना मास्क पहने स्कूल नहीं आएगा। छात्रों के लिए अभी बस, वैन सुविधा नहीं शुरू की गई है तो छात्रों को निजी वाहन से स्कूल आना होगा। पुस्तकालय कक्ष भी बंद रहेगा।कंटेनमेंट जोन के स्कूल नहीं खुलेंगे। कंटेनमेंट जोन में रह रहे शिक्षक, छात्र व कर्मचारी स्कूल नहीं आएंगे। कक्षा में हर छात्र को छह फुट की दूरी पर बैठना होगा। स्कूल के मुख्य द्वार पर ही हर एक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी। एक मार्च से बोर्ड के छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन शुरू हो जाएगा। 19 मार्च 2020 से बंद है दिल्ली के स्कूल, 20 मार्च से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच हो सकती है कक्षा 10वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं, 10वीं के लिए फरवरी के दूसरे सप्ताह में होगा पहला पीरियाडिक असेसमेंट और मार्च के दूसरे सप्ताह में दूसरा पीरियाडिक असेसमेंट आयोजित हो सकता हैं।छात्रों को सीबीएसई के सैंपल पेपर को हल करने की तैयारी कराएंगे स्कूल।10वीं और 12वीं के छात्रों को घटे हुए पाठ्यक्रम के बारे में बताया जाएगा।10वीं के छात्रों का स्कूल एक फरवरी से अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक करेंगे बहुविकल्पीय मूल्यांकन।छात्रों को अपने सहपाठियों से कापी, किताब व अन्य सामग्री नहीं करनी होगी साझा।स्कूलों में प्रार्थना सभा व अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियां नहीं होंगी आयोजित।

नव निर्वाचित राष्ट्रपति वाइडन के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर वाशिंगटन में बुलाए गए हजारों सैनिक : OmTimes

वाशिंगटन / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने उन कार्यों की सूची तैयार कर ली है, जिसे वे शपथ वाले दिन ही पूरा करेंगे। 20 जनवरी को शपथ लेने के तुरंत बाद बाइडन देश के सामने मौजूद चार चुनौतियों-कोरोना संकट, आर्थिक संकट, पर्यावरण संबंधी समस्याएं और नस्ली असमानता से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे। यह भी माना जा रहा है कि वह अपने कार्यकाल के पहले दिन 1.1 करोड़ आप्रवासियों को नागरिकता देने का भी एलान कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस के नवनियुक्त चीफ आफ स्टाफ रोन क्लीन ने आगामी व्हाइट हाउस वरिष्ठ कर्मियों को शनिवार को दिए एक ज्ञापन में कहा, ‘नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन ऐसे समय में कार्यभाल संभाल रहे हैं, जब देश गंभीर संकट से जूझ रहा है। हमारे सामने चार बड़े संकट हैं, जो एक दूसरे से जुड़े हैं। ये संकट है-कोरोना और इसके चलते पैदा हुआ आर्थिक संकट, पर्यावरण से जुड़ी समस्यांए और नस्ली समानता के अभाव से जुड़ा संकट है।’
इन सभी संकटों के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाने की आवश्यकता है और बाइडन अपने कार्यकाल के शुरुआती 10 दिन में इन संकटों से निपटने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगे। क्लीन ने कहा कि शपथ ग्रहण के दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन चार संकटों से निपटने के लिए करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करेंगे।
बाइडन पहले ही दिन अमेरिकी लोगों को कोरोना वायरस महामारी से जुड़ा राहत पैकेज भी देंगे। उन्होंने कहा कि जैसे कि पहले ही घोषणा की गई थी, वह शिक्षा विभाग से छात्रों के लिए ऋण के भुगतान पर मौजूदा रोक की अवधि बढ़ाएंगे, पेरिस समझौते में पुन: शामिल होंगे और मुसलमानों पर प्रतिबंध हटाएंगे।

वाशिंगटन में बुलाए गए हैं हजारों सैनिक – वाशिंगटन में हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर रक्षा अधिकारियों द्वारा और सैनिकों को भेजने की मांग के बाद बड़ी संख्या में सैनिक विभिन्न प्रांतों से बसों और विमानों के जरिये शनिवार को राजधानी में आने लगे। वाशिंगटन में अगले हफ्ते की शुरुआत तक 25,000 से अधिक सैनिकों के आने का अनुमान है। कई हजार सैनिक बसों और सेना के ट्रकों में सवार हैं और वाशिंगटन आ रहे हैं। सेना संबंधी मामलों के मंत्री रायन मैक्कर्थी ने गर्वनरों से मदद मांगी है!
दरअसल, बाइडन के शपथ लेने से पहले प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए सेना के अधिकारियों ने प्रांतों के गर्वनरों से नेशनल गार्ड के अधिकाधिक जवानों को भेजने की अपील की थी, जिससे कि शहर के ज्यादातर हिस्से में शपथ ग्रहण से पहले लॉकडाउन लगाया जा सके। छह जनवरी को अमेरिकी संसद भवन पर भीड़ ने हिंसक धावा बोल दिया था। उसी घटना को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि हिंसक कट्टरपंथी समूह शहर को निशाना बना सकते हैं।
यही नहीं सशस्त्र घुसपैठियों के आने तथा विस्फोटक उपकरण लगाने जैसी आशंका भी जताई गई है। रविवार को हमलों की आशंका के मद्देनजर सभी प्रांतों की राजधानियों में हथियारों से लैस सैनिकों को तैनात किया गया है। प्रांतों के गवर्नरों ने आपात स्थिति की घोषणा कर दी है। प्रांतों के विधानसभा भवनों को जनता के लिए बंद कर दिया गया है। उधर, अमेरिकी संसद भवन के पास बने चेक पोस्ट को पार करने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसके पास से भरी हुई बंदूक और 500 से अधिक गोलियां बरामद की गई हैं।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते कई अमेरिकी परिवहन कंपनियों ने 17 से 20 जनवरी तक वाशिंगटन जाने वाली बसों को रद कर दिया है। इससे पहले ओवरसाइट कमेटी की चेयरपर्सन और अमेरिकी सांसद कैरोलिना मैलोनी ने विभिन्न बस सेवाओं, ऑटो रेंटल कंपनियों और होटलों को पत्र भेजकर संभावित घटनाओं को रोकने में मदद करने को कहा था। जिन कंपनियों को यह पत्र भेजा गया था, उनमें मेगाबस, ग्रेहाउंड, बोल्टबस, पीटर पैन, हयात, हिल्टन और मैरिएट शामिल हैं।
शपथ सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति सोनिया सोटोमायोर दिलाएंगी। यह कार्यक्रम इस लिहाज से ऐतिहासिक होगा कि पहली अश्वेत, दक्षिण एशियाई महिला उप राष्ट्रपति को शपथ दिलाने वाली सोटोमायोर पहली लातिन अमेरिकी न्यायमूर्ति हैं। एक सूत्र के मुताबिक सोटोमायोर का चयन हैरिस ने किया है। दोनों ने साथ में वकालत की है।
शपथ ग्रहण में दो बाइबल का भी उपयोग किया जाएगा जिनमें से एक उच्चतम न्यायालय के पहले अश्वेत न्यायमूर्ति थरगुड मार्शल की होगी। हैरिस, सोटोमायोर और मार्शल दोनों की प्रशंसक रही हैं। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो में कहा था कि च्च्उनके वकील बनने की इच्छा के पीछे एक प्रमुख वजह मार्शल हैं। सोटोमायोर ने इससे पहले 2013 में जो बाइडन को उप राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई थी। 

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण चार दिन रूट रहेगा डायवर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  गणतंत्र दिवस समारोह के लिए परेड के पूर्वाभ्यास के दौरान चार दिन नई दिल्ली इलाके में यातायात परिवर्तित रहेगा। संयुक्त पुलिस आयुक्त यातायात मनीष कुमार अग्रवाल ने बताया कि 17, 18, 20 और 21 जनवरी को परेड का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इसके कारण सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक राजपथ-रफी मार्ग, जनपथ, राजपथ-मानसिंह रोड और राजपथ-सी-हेक्सागन मार्ग को बंद रखा जाएगा। इस मार्ग से यातायात को अन्य मार्गों पर भेजा जाएगा।

उत्तर से दक्षिण की ओर जाने वाले इन मार्गो का करें प्रयोग-

आश्रम चौक से ये वाहन चालक सराय काले खां, आइपी एस्टेट फ्लाईओवर-राजघाट, लाजपत राय मार्ग- मथुरा रोड-भैरों रोड-रिंग रोड, अर¨बदो मार्ग-सफदरजंग रोड-कमल अत्ततुर्क मार्ग- कौटिल्य मार्ग-सरदारपेट मार्ग-मदर टेरेसा क्रिसेंट-आरएमएल-बाबा खड़क सिंह मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा इस दौरान यातायात के लिए पृथ्वी राज रोड-राजेश पायलट मार्ग-सुब्रमण्यम भारती मार्ग-मथुरा रोड- भैरों रोड, बर्फखाना से आज़ाद मार्केट-रानी झांसी फ्लाईओवर-पंचकुइयां रोड-हनुमान मूर्ति-वन्देमातरम मार्ग-धौलाकुआं मार्ग का भी प्रयोग कर सकते हैं।

पूर्व से पश्चिम जाने वाले इन मार्गो का करें प्रयोग-

रिंग रोड से भैरों रोड-मथुरा रोड-सुब्रमण्यम भारती मार्ग- राजेश पायलट मार्ग-पृथ्वीराज रोड-सफदरजंग रोड-बोलिवर मार्ग-वंदेमातरम मार्ग। इसके अलावा रिंग रोड से आइएसबीटी-चंदगी राम अखाड़ा-माल रोड-आजादपुर रिंग रोड। भैरों रोड-मथुरा रोड-लोधी रोड-अर¨बदो मार्ग- सफदरजंग रोड-तीन मूर्ति मार्ग-मदर टेरेसा क्रिसेंट-पार्क स्ट्रीट-शंकर रोड का प्रयोग कर सकते हैं।

पूर्व से दक्षिण-पश्चिम के लिए इन मार्गो का करें प्रयोग –

दिल्ली में जाने के लिए रिंग रोड से वंदे मातरम् मार्ग की ओर दक्षिण से कनॉट प्लेस जाने के लिए केंद्रीय सचिवालय, मदर टेरेसा क्रिसेंट- पार्क स्ट्रीट- बाबा खड़क सिंह मार्ग, रिंग रोड से वंदेमातरम मार्ग-लिंक रोड- पंचकुइयां रोड अथवा रिंग रोड से सरदार पटेल मार्ग -11 मूर्ति-मदर टेरेसा क्रिसेंट-आरएमएल अस्पताल-नॉर्थ एवेन्यू या बाबा खड़क सिंह मार्ग का प्रयोग किय जा सकता है।

राजस्थान के जालोर में विद्युत की चपेट में आई यात्रियों से भरी बस, 6 लोगों की हुई मौत : OmTimes

जालोर (ऊँ टाइम्स)  राजस्थान के जालोर जिले के महेशपुरा गांव में देर रात यात्रियों से भरी एक बस बिजली के तार की चपेट में आ गई। बस में करंट आने से बस में सवार यात्रियों में से 6 लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। हादसे में 17 गंभीर घायलों को जालौर से जोधपुर के एमडीएम अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। बाकी के घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जालोर जिले के महेशपुर गांव में भीषण हादसा हुआ है। यात्रियों से भरी हुई दो बसें रास्ता भटकीं और एक गांव में पहुंच गई। वहां रास्ते में बिजली के तार झूलते देख ड्राइवर ने बस रोक दी। बस का कंडक्टर या खलासी बस की छत पर पहुंचा और एक डंडे की मदद से बिजली के तार को ऊपर उठा कर बस को निकालने की कोशिश की जा रही थी।
इसी दौरान डंडे से बिजली का तार झटक कर कंडक्टर के गले में अटक गया। जिससे कंडक्टर और बस में करंट दौड़ गया। कंटक्टर मौके पर ही झुलस गया। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त बस में मौजूद अन्य यात्रियों को भी करंट लगा। इधर बस ने आग पकड़ ली। दो में से एक बस आग में जल गई।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंच गई है। एक डेड बॉडी बस से बाहर निकाली जा चुकी है कई अन्य यात्रियों की मौत की भी आशंका है। पुलिस प्रशासन ने बस कंडक्टर और ड्राइवर की मौत की पुष्टि की है। जबकि अन्य घायलों को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है।

इस हादसे में इनकी हुई मौत –

1- सोनल जैन पत्नी अनिल जैन, उम्र 44 वर्ष, शाहपूरा, ब्यावर अजमेर

2- सुरभी पत्नी अंकित जैन, उम्र 25 वर्ष, ब्यावर अजमेर

3- चांद देवी पत्नी गजराज सिंह, उम्र 65 वर्षा, ब्यावर

4-  राजेंद्र जैन पुत्र दौलचंद्र जैन, उम्र 58 साल, अजमेर

5- बस ड्राइवर, धर्मचंद्र जैन, प्रजापति ट्रेवल्स

6- खलासी

टीकाकरण अभियान का पीएम मोदी ने किया शुभारंभ : OmTimes News Live

Update By- RamDeoDwivedi, OmTimes
नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के बीच भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था। कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सभी की जुबान पर ये सवाल था कि कोरोना वैक्सीन कब आएगी? अब वैक्सीन आ गयी है, बहुत कम समय में आ गई है। उन्होंने कहा कि भारत की वैक्सीन ऐसी तकनीक पर बनाई गई है जो भारत में ट्राइड और टेस्टेड है। ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारतीय स्थितियों और परिस्थितियों के अनुकूल हैं। यही वैक्सीन भारत को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक जीत दिलाएगी।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी। इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है। भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं और इनका उपयोग भी उतना ही आसान है। विदेश में तो कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जिसकी एक डोज 5,000 हज़ार रुपये तक में हैं और जिसे -70 डिग्री तापमान में फ्रीज में रखना होता है।
पीएम मोदी ने कहा, ‘अब से कुछ ही मिनट बाद भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है। मैं सभी देशवासियों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है,जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा।’

पीएम मोदी ने कहा, पहली और दूसरी डोज के बीच, लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज लगने के दो हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध ज़रूरी इम्युनिटी विकसित हो पाएगी।मेरा आपसे अनुरोध है कि पहली खुराक पाने के बाद मास्क उतारने की गलती न करें और शारीरिक दूरी बनाए रखें क्योंकि दूसरी खुराक के बाद इम्युनिटी विकसित होती है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘ इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन इतने कम समय में एक नहीं दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। कई और वैक्सीन पर भी तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भारत के सामर्थ्य, वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट का जीता-जागता सबूत है।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘ इतिहास में इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है। भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।दूसरे चरण में हमें इसको 30 करोड़ की संख्या तक ले जाना है। जो बुजुर्ग हैं, जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें इस चरण में टीका लगेगा।आप कल्पना कर सकते हैं, 30 करोड़ की आबादी से ऊपर के दुनिया के सिर्फ तीन ही देश हैं- खुद भारत, चीन और अमेरिका। ‘

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पहले चरण में तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में दो टीकों के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी मिली। इनमें सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन शामिल हैं। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने विकसित और भारत में इसे सीरम  इंस्टीट्यूट बना रहा है। वहीं कोवैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी है। 

– पंजाबः- देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए अमृतसर के सिविल अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।.
– असम:- देशभर में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के मद्देनज़र गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज को फूलों से सजाया गया है। देश में आज 3,006 साइट पर वैक्सीनेशन किया जाएगा और हर साइट पर 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

– उत्तर प्रदेश:- देश में आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन के लिए वाराणसी के BHU अस्पताल में तैयारियां चल रही हैं। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया, ‘आज यहां लगभग 100 लाभार्थियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। हम कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर 25-25 के स्लॉट में लोगों को वैक्सीन लगाएंगे।’

– दिल्लीः- आज से शुरू हो रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम को देखते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल को सजाया गया है, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज LNJP अस्पताल का दौरा करेंगे। LNJP अस्पताल के एमडी ने बताया कि वैक्सीन को लेकर हमारे डाॅक्टर, नर्स, सफाई कर्मचारी बहुत उत्साहित हैं।

पूरे देशभर में कुल 3,006 केंद्रों से टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी। पहले दिन एक केंद्र पर 100 लोगों को टीका लगाने की तैयारी है। पहले चरण में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के कार्यकर्ता सहित सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगेगा। केंद्र ने टीकाकरण अभियान के पहले दिन 2,934 सत्र स्थलों पर लगभग 3 लाख स्वास्थ्यकर्मचारियों का टीकाकरण करने की योजना बनाई है। नियमित रूप से टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए निर्धारित दिनों को छोड़कर  यह अभियान प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शुक्रवार को देश के टीकाकरण अभियान को ‘कोरोना के अंत की शुरुआत’ बताया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा करने का भी आग्रह किया और कहा कि सरकार ने उचित वैज्ञानिक जांच के बाद आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है।

CoWIN (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस वर्क) एपलिकेशन से पूरे टीकाकरण प्रक्रिया की निगरानी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, टीकाकरण अभियान के पहले चरण में, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे  50 साल से कम उम्र के लोगों को टीका लगाया जाएगा।

हेल्पलाइन हुआ नंबर जारी 

टीकाकरण अभियान शुरू करने से पहले इसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए पूरे देश में ड्राई रन का आयोजन हुआ। कोरोना महामारी और वैक्सीनेशन से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार ने 24×7 कॉल सेंटर बनाया है। 1075 पर कॉल करके आप कोई भी जानकारी ले सकते हैं।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति ट्रंप को पद से हटाने की प्रक्रिया हुई चालू : OmTimes

वाशिंगटन/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी राष्‍ट्रपति को दूसरी बार महाभियोग प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। यही वजह है कि केपिटल बिल्डिंग हिंसा के बाद मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके ऊपर दोबारा महाभियोग चलाने के लिए कई सदस्‍यों का समर्थन मिला है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ दूसरे महाभियोग प्रस्ताव को पास कर दिया है। इसके पक्ष में जहां 232 वोट पड़े वहीं विपक्ष में 197 वोट पड़े थे।
इस प्रस्‍ताव को रिपब्लिकन पार्टी के दस सांसदों का भी समर्थन हासिल हुआ है। इसके बाद अब सीनेट में 19 जनवरी को इस प्रस्‍ताव को रखा जाएगा। कॉकस के कई सदस्‍य चाहते हैं कि ये प्रक्रिया जल्‍द से जल्‍द शुरू की जाए। स्‍पीकर नैंसी पेलोसी ने 9 महाभियोग मैनेजर को नियुक्‍त किया है जो ट्रंप के मामले में बहस करेंगे। महाभियोग की इस प्रक्रिया को इस वजह से भी तेज किया गया है क्‍योंकि उप-राष्‍ट्रपति माइक पेंस ने केपिटल बिल्डिंग की घटना के बाद संविधान के 25वें संशोधन का इस्‍तेमाल करते हुए ट्रंप का पद से हटाने से साफ इनकार कर दिया है।
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन उप-राष्‍ट्रपति को ये अधिकार देता है कि यदि राष्‍ट्रपति अपने कर्तव्‍यों और उत्‍तरदायित्‍वों का निर्वाहन करने में नाकाम रहता है तो वो कैबिनेट की मंजूरी और सदन के दो तिहाई बहुमत के साथ राष्‍ट्रपति को पद से हटाकर सत्‍ता अपने हाथों में ले सके। प्रतिनिधि सभा की स्‍पीकर समेत अन्‍य कई सांसदों ने भी माइक पेंस से इस विकल्‍प का इस्‍तेमाल करते हुए ट्रंप को हटाने की अपील की थी, जिसको पेंस ने ठुकरा दिया था। इसके बाद ही ट्रंप पर महाभियोग की प्रक्रिया को तेज किया गया है!
अमेरिका के कई रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सीनेटर इस बात को मानते हैं कि मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा बन गए हैं। लिहाजा उन्‍हें जल्‍द से जल्‍द पद से हटाना ही सही है। अधिकतर सांसद केपिटल बिल्डिंग हिंसा के लिए भी ट्रंप को ही दोषी भी मानते हैं। इस बीच निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्‍हें 25वें संशोधन से कोई खतरा नहीं है। हालांकि भविष्‍य में बाइडन के लिए इसका खतरा जरूर होगा। उन्‍होंने ये भी कहा है कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी को पहले कभी इतना बड़ा खतरा पैदा नहीं हुआ था जितना अब हुआ है।
वैसे माइक पेंस ने ये भी साफ कर दिया है कि जो बाइडन को देश की जनता ने चुना है और मौजूदा राष्‍ट्रपति को इस बात का अधिकार नहीं है कि वो इसको चुनौती दे सकें। आपको बता दें कि इस 20 जनवरी को नए राष्‍ट्रपति के तौर पर जो बाइडन शपथ हासिल करने वाले हैं। आपको यहां पर ये भी बता दें कि यदि सीनेट ने उन्‍हें दोषी मानने पर अपनी मुहर लगाई तो ऐसी सूरत में ट्रंप को बर्खास्‍त कर दिया जाएगा। हालांकि इस बारे में मिच मैककॉनेल का कहना है कि ट्रंप के पद छोड़ने से पहले वो इस पर आगे कदम नहीं बढ़ाएंगी। यदि उन्‍हें दोषी माना गया तो फिर उन्‍हें पद से हटाने के लिए दोबारा वोटिंग करवानी होगी।
हालांकि ट्रंप के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए अब केवल एक सप्‍ताह का ही समय बचा है। ऐसे में पेंस के पास इस बात का विकल्‍प खुला है कि वो ट्रंप को पद से हटाकर खुद सत्‍ता अपने हाथों लें और बाद में उन्‍हें माफी दे दें। अमेरकी पूर्व राष्‍ट्रपति निक्‍सन को भी इसी तरह से माफी दी गई थी। उन्‍होंने महाभियोग प्रक्रिया के शुरू होने से पहले ही इस्‍तीफा दे दिया था। बाद में कार्यकारी राष्‍ट्रपति ने उन्‍हें माफी दे दी थी। आपको यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि ट्रंप पर इससे पहले जब महाभियोग लाया गया था तब सीनेट में उनके ऊपर लगे आरोपों को खारिज कर दिया था। इसकी वजह से ये कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। .. ( News Update By – OmTimes E -News Paper India )

यूपी पंचायत चुनाव का इस तारीख से लगेगा आचार संहिता, उम्मीदवार की खर्च की तय हुई सीमा : OmTimes News

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) यूपी पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश में 15 फरवरी के बाद आचार संहिता लग जाएगी और उसके 45 दिन के भीतर पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
इस बार पंचायत चुनाव में कुछ नियम भी बदल सकते हैं। सरकार इस तैयारी में है कि पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के लिए शैक्षिक योग्यता को अनिवार्य किया जाए। साथ ही साथ जिनके दो बच्चे हैं वहीं चुनाव में उम्मीदवार बन सके। इसके लिए भी नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है। पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि पंचायत भी पढ़ी लिखी हो यह सोच सरकार की है। और देश के कुछ राज्यों में पंचायत चुनाव को लेकर इस पर नियम भी बनाए गए हैं, साथ ही इन पंचायत चुनाव में अपराधी उम्मीदवारी ना कर सकें इस पर भी कुछ कड़े नियम सरकार ला सकती है। हालांकि पंचायती राज मंत्री का कहना है कि अभी उत्तर प्रदेश में इस पर फैसला होना है, उनकी माने तो कैबिनेट में यह फैसले लिए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। 826 ब्लॉक है और 75 जिला पंचायतें हैं। ये सभी चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च की सीमा 4 लाख तय की गई है, और ग्राम प्रधानों के लिए खर्च की सीमा 75 हजार तय की गई है

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के आयोजन को संबोधित करेंगे प्रधान मंत्री : OmTimes News

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री मोदी 12 जनवरी को सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के आयोजन को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान तीन राष्ट्रीय विजेता भी अपने विचार व्यक्त करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सहित अन्य लोग भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव का उद्देश्य 18 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं की आवाज़ को सुनना है। राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 31 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में दिए गए विचार पर आधारित है।
इस विचार से प्रेरणा लेते हुए पहला एनवाईपीएफ 12 जनवरी से 27 फरवरी, 2019 तक ‘न्यू वॉयस ऑफ द न्यू इंडिया और फाइंड सॉल्यूशंस एंड कंट्रिब्यूट टू पॉलिसी’ थीम के साथ आयोजित किया गया था। इस दौरान कार्यक्रम में कुल 88,000 युवाओं ने भाग लिया था।
दूसरा एनवाईपीएफ 23 दिसंबर, 2020 को वर्चुअल मोड के माध्यम से लॉन्च किया गया था। पहले चरण में देश भर के 2.34 लाख युवाओं ने भाग लिया। 1 से 5 जनवरी तक वर्चुअल मोड के माध्यम से राज्य युवा संसदों द्वारा इसका अनुसरण किया गया।.
दूसरे एनवाईपीएफ का फाइनल 11 जनवरी को संसद के सेंट्रल हॉल में होगा। उन्नीस राष्ट्रीय विजेताओं को राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली, लोकसभा सांसद परवेश साहिब सिंह और पत्रकार प्रफुल्ल केतकर के राष्ट्रीय जूरी के सामने बोलने का अवसर मिलेगा। शीर्ष तीन विजेताओं को 12 जनवरी को होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री के सामने बोलने का अवसर मिलेगा।                         हर साल मनाए जाने वाला राष्ट्रीय युवा महोत्सव इस बार 12 से 16 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण युवा महोत्सव वर्चुअल आयोजित किया जा रहा है। इस साल के त्योहार का विषय ‘युवा- उत्सव नए भारत का’ है, जो बताता है कि युवा नए भारत के उत्सव को जीवंत करते हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें चलेंगी एक्सप्रेस के रूप में , बढेगा किराया, खत्‍म होंगे हाल्‍ट स्‍टेशन : OmTimes

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  पूर्वोत्तर रेलवे की पैसेंजर ट्रेनें अब एक्सप्रेस बनने की राह पर चल पड़ी हैं। गोरखपुर-पाटलिपुत्र को 13 जनवरी से एक्सप्रेस के रूप में चलाने की घोषणा करने के बाद रेलवे प्रशासन ने दो और सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की योजना तैयार कर ली है। बदलाव के तहत इन ट्रेनों के ठहराव तो कम होंगे ही, रफ्तार भी बढ़ जाएगी। यात्री कम समय में ही अपने गंतव्य तक पहुंच जाएंगे। कोरोना काल में जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने के बाद रेलवे बोर्ड ने भले ही सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने की हवा दे दी हो। लेकिन इससे यात्रियों की जेब भी ढीली होनी तय है।
अब हाल्ट स्टेशनों के यात्रियों की परेशानी भी बढ़ जाएगी। लोगों को वही दूरी तय करने के लिए 15 से 30 रुपये तक अधिक कराया देना होगा। एजेंट के यहां से टिकट बुक करने पर 50 से 60 रुपये अतिरिक्त लग जाएंगे। जानकारों के अनुसार सवारी गाड़ियों के साथ हाल्ट स्टेशनों का अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने 55031-55050 नकहा जंगल- लखनऊ जंक्शन और 55119-55150 गोरखपुर-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को भी एक्सप्रेस के रूप में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों को एक्सप्रेस बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। बोर्ड ने प्रथम चरण में तीन ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने की संस्तुति प्रदान की है।
मकर संक्रांति पर्व पर बाबा गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। सवारी गाड़ियों की मनाही के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार को देर रात मेला स्पेशल के रूप एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने पर मुहर लगा दी। 13 से 15 जनवरी के बीच गोरखपुर से नौतनवा और गोरखपुर से बढ़नी रूट पर तीन फेरों में ट्रेनें चलाई जाएंगी। यह ट्रेनें रास्ते में पड़ने वाली सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए चलेंगी। इन ट्रेनों में भी सिर्फ आरक्षित कोच ही लगाए जाएंगे। कंफर्म आरक्षित टिकटों पर ही यात्रा की अनुमति होगी। कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य होगा। 
दरअसल, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन के प्रस्ताव पर रेलवे बोर्ड ने जनरल टिकटों की बिक्री बंद होने की दशा में सिर्फ आरक्षित (एक्सप्रेस) ट्रेनों को ही चलाने की अनुमति दी है। बोर्ड ने अनारक्षित ट्रेनों (सवारी गाड़ियों) के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। फिलहाल, स्पेशल के रूप में एक्सप्रेस ट्रेनों को संचालित करने की अनुमति मिलने के बाद परिचालन, वाणिज्य और सुरक्षा विभाग सतर्क हो गया है। टिकटों की बुकिंग, यात्रियों की सुरक्षा और उन्हें दी जाने वाली सहूलियतों की तैयारी शुरू हो गई है।

इंडोनेशिया प्लेन 737-500 बोइंग हुआ क्रैश: दुर्घटनास्थल पर मिले बॉडी पार्ट्स, समुद्र से निकाला जा रहा मलबा : OmTimes News

जकार्ता (ऊँ टाइम्स)  इंडोनेशिया की राजधानी जकर्ता से उड़ान भरने के बाद लापता हुआ विमान क्रेश हो गया। इंडोनेशिया जाचंकर्ताओं को आज यानी रविवार को दुर्घटना स्थल के पास बॉडी पार्ट्स मिले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी जगह पर यह विमान क्रैश हुआ। विमान में 62 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि जांचकर्ताओं को दो बैग मिले हैं। एक बैग यात्री से जुड़ा बताया जा रहा है वहीं दूसरे में बॉडी पार्टस् मिले हैं। 
आप को बता दें कि बीते दिन इस विमान के लापता होने के बाद खोज लिए बचाव दल ने अभियान शुरू कर दिया था विमान के संदिग्ध मलबे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशियाई बचाव दल ने जकार्ता से टेकऑफ करने के कुछ ही समय बाद बोइंग 737-500 के लापता हो गया। इसके एक दिन बाद  जावा सागर से कुछ बॉडी पार्ट बरामद किए गए हैं।
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदी कार्या सुमादी ने बताया था कि एयरलाइन के इस बोइंग 737-500 विमान (एसजे182) ने जकार्ता से करीब एक घंटे देरी से स्थानीय समयानुसार दोपहर 2.36 बजे उड़ान भरी थी और चार मिनट बाद ही यह रडार से गायब हो गया था। विमान पर चालक दल के 12 सदस्यों समेत कुल 62 लोग सवार थे। एयरलाइन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, विमान जकार्ता से बोर्नियो द्वीप पर पश्चिम कालीमंतन प्रांत की राजधानी पोंटियानक जा रहा था और यह सफर करीब 90 मिनट का था। 
बचाव एजेंसी के एक अधिकारी अगस हरयोनो ने बताया कि बचाव दल को जकार्ता के उत्तर में समुद्र में एक विमान का मलबा मिला था। कुछ स्थानीय मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही है थी। वहीं कुछ मछुआरों ने भी मलबा मिलने की बात कही और देश के कुछ चैनलों ने भी संभावित मलबे की तस्वीरें दिखाईं थी।फ्लाइटरडार24 ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक यह विमान करीब 27 साल पुराना था। जबकि विशेषज्ञ एक नागरिक विमान की आयु करीब 25 साल बताई है।

ऊँ टाइम्स में सन् 2021 के लिए कार्यरत संवाददाता सूची

ऊँ टाइम्स में सन् 2021 के लिए कार्यरत 1988 संवाददाताओं में से कुछ संवाददाताओं के नाम और पद नाम निम्न लिखित हैं ..

http://www.omtimes.in      ऊँ टाइम्स संवाददाता सूची 2021 –                (1) अभिषेक द्विवेदी , विशेष संवाददाता – लखनऊ , मो0 फोन नं0 –  8299414915 , 9554230937 ,(2) आर०डी० द्विवेदी, संवाददाता- भारत  , मो0 फोन नं0 – 7408540709 (3) अविनाश द्विवेदी ,विशेष संवाददाता , नई दिल्ली ,(4) यस० द्विवेदी, उप सम्पादक  (5) मनीष मिश्रा, संवाददाता, बान्द्रा, मुंबई, (6) निखिल द्विवेदी, संवाददाता , पूर्वी सिंह भूमि टाटानगर, जमशेदपुर  (7) आरिफ  ,  संवाददाता, देवी पाटन मंडल (8) बलरामपुर रिक्त, (9) रामचन्दर,संवाददाता- गाज़ियाबाद (10) शिवबहादुर मौर्या,संवाददाता- दादर नगर हवेली ( सिलवासा ) रिक्त , (11) पंकज, संवाददाता- पटना, (12) रंजन पंडित, संवाददाता- अहमदाबाद,(13) मनोज पाण्डेय संवाददाता- रायपुर (14) राघवेन्द्र सिंह, संवाददाता- चेन्नई,(15) रागिनी सिंह, संवाददाता- अमृतसर,(16) रामपाल ठाकुर, संवाददाता- भटिंडा, (17) संगीता, संवाददाता- विरार,(18) महिपाल सिंह, संवाददाता- जम्मू,(19) अश्विनी,संवाददाता- वाराणसी,(20) प्रियंका पाण्डेय, संवाददाता- कलकत्ता, (21) प्रिंस,संवाददाता-आगरा, (22) शैलेन्द्र सिंह, संवाददाता- मैहर, (23) सीमा भारती, संवाददाता-  बालाजी (24) महेन्द्र श्रीवास्तव,संवाददाता- रतलाम,(25) दिनेश राय,संवाददाता- बरौनी,(26) मान्सी शर्मा,संवाददाता- मैनपुरी,(27) राहुल,संवाददाता- सीतापुर,(28) अनिल कुमार, संवाददाता- गोवा,(29) पंकज उपाध्याय, संवाददाता- दमन,(30) धनन्जय , संवाददाता – तुलसीपुर , (31)  अनिल तिवारी , संवाददाता , मगहर , (32) घनश्याम त्रिपाठी, संवाददाता कोल्हुई बाजार , (33)  आर के सिंह , संवाददाता , गौतमबुद्ध नगर (34) प्रदीप, संवाददाता, झन्डेवालान, (35) पकड़िहवा बार्डर रिक्त (36) खेसरहा रिक्त, (37) रामजस , संवाददाता, पुुुुरन्दरपुर (38) राहुल ,  संवाददाता,  सोनौली  बाजार  (39) मिश्रौलिया. रिक्त (40) अमित ,संवाददाता, रोहतक  (41) महेेेेन्द्र पाण्डेय, संवाददाता, रूधौली   (42) संवाददाता, नौगढ़ रिक्त (43) उस्का बाजार रिक्त (44) विनोद , संवाददाता, गैसड़ी (45) खुनुवा बार्डर रिक्त, (46) अश्विनी द्विवेदी, प्रतिनिधि, सम्पूर्ण भारत , (47)  अनिल कुमार उपाध्याय, संवाददाता , तुलसीपुर (88)  अर्जुन  पाण्डेय,  संंवाददाता, पयसिया (89)  सिद्धू , संवाददाता, छपरा (90)  टी.एन. मिश्रा , संवाददाता, सदर बाजार,नई दिल्ली, (91) सन्तोष , संवाददाता,उन्नाव (सिटी) , (92) धनन्जय , जिला संवाददाता , सूरत ( गुजराात ) , ( 93) शैलेन्द्र मिश्रा, संवाददाता/मैसेंजर चिल्हिया   आदि ….     ( सूची जारी कर्ता – प्रधान सम्पादक ऊँ टाइम्स समाचार पत्र भारत)      नोट –(1) इस सूची में अंकित नाम, पदनाम, कार्य क्षेत्र आदि में कभी भी रद्दोबदल व संशोधन किया जा सकता है! (2) सभी पर सेवा सर्त लागू है !

जिला अस्‍पताल में लगी आग, 10 बच्चों की दर्दनाक मौत, सीएम ने दिया जांच का आदेश : OmTimes News

मुंबई (ऊँ टाइम्स) महाराष्ट्र प्रदेश के भंडारा में शुक्रवार देर रात  एक सरकारी अस्‍पताल  में आग लगने से दस नवजात बच्‍चों की दर्दनाक मौत हो गई है ।अस्‍पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस वार्ड में 17 बच्‍चों को रखा गया था। नर्स ने जब वार्ड से धुंआ निकलते हुए देखा तो उसे हादसे के बारे में पता चला। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्‍पताल में आग रात लगभग 2 बजे लगी।आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। अस्‍पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में आग लगने  से 10 बच्‍चों  की मौत हो गई, और 7 को बचा लिया गया है । इस वार्ड में एक दिन से लेकर तीन माह तक के बच्‍चों को रखा गया था। धुआं निकलते देख अस्‍पताल में मौजूद नर्स जब तक वार्ड में पहुंची तब तक 10 बच्‍चे झुलस चुके थे। बता दें कि इस वार्ड में उन्‍हीं बच्‍चों को रखा जाता है जिनकी हालत काफी नाजुक होती है और जन्‍म के समय जिनका वजन बहुत कम होता है।  
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे दमकल वाहन ने अस्पताल में लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु किया। आग लगने का कारण अभी पूरी तरह से स्‍पष्‍ट नहीं हो सका है लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी होगी। इस दर्दनाक हादसे को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे से बात की, इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जांच के आदेश भी दिए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना बेहद दुखद है। जिन बच्‍चों की इस हादसे में जान गई उन बच्चों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैं महामंत्री से अपील करता हूं कि वे घायलों और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करें। 

पीएम सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक के बाद कर सकते हैं टीकाकरण की तारीख का ऐलान : OmTimes News

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) COVID 19 का टीकाकरण शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। टीकाकरण की चाक चौबंद तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को पूरे देश में एक बार फिर इसका पूर्वाभ्यास किया गया, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पूरी तरह से सफल रहा है। इसके साथ ही मंत्रालय सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ वैक्सीन खरीद के समझौते को अंतिम रूप में देने जुट गया है। हालांकि, वैक्सीन की कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर बातचीत अटकी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि देश में बनी दो वैक्सीन की पूरी दुनिया में मांग है, इसको देखते हुए यह जरूरी है कि यह सही और जरूरत मंद लोगों तक पहुंचे। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को खुद मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर वैक्सीन वितरण की प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे। गौरतलब है कि कोरोना काल में लॉकडाउन और अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान भी प्रधानमंत्री सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठकें करते रहे हैं।देश के सभी जिलों में टीकाकरण के दूसरे पूर्वाभ्यास को सफल बताते हुए अधिकारी ने कहा कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अगले हफ्ते कभी भी लाभार्थियों को वैक्सीन देने का काम शुरू किया जा सकता है।

अभी तक राज्यों को वैक्सीन की सप्लाई शुरू नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि कीमत और सप्लाई की गारंटी को लेकर कंपनियों से बातचीत चल रही है। सीरम इंस्टीट्यूट सरकार को 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से वैक्सीन देने को तैयार है। लेकिन एक साथ करोड़ों डोज की खरीद का हवाला देते हुए सरकार कीमत को और कम कराने की कोशिश कर रही है।
वहीं भारत बायोटेक भी सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन की तुलना में कम कीमत पर वैक्सीन सप्लाई करने का भरोसा दे रही है। वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार वैक्सीन की कीमत के साथ ही उसकी सप्लाई की गारंटी पर भी बात अटकी हुई है। सरकार दोनों कंपनियों से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर हफ्ते वह कितनी वैक्सीन सप्लाई करेंगी। इन मुद्दों को लेकर बातचीत अंतिम दौर में है और समझौते पर कभी भी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
सरकार पड़ोसी और अन्य सहयोगी देशों को भी प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन सप्लाई सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रही है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक अपने स्तर पर दुनिया के कई देशों के साथ वैक्सीन सप्लाई की बातचीत कर रहे हैं, जहां उन्हें वैक्सीन की अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। सीरम इंस्टीट्यूट ने इसके लिए दक्षिण अफ्रीका के साथ समझौता भी कर लिया है।
सीरम इंस्टीट्यूट ने लगभग 10 करोड़ डोज तैयार कर लिया है और उनमें से पांच करोड़ डोज की गुणवत्ता पर सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी की मुहर भी लग चुकी है। सीरम इंस्टीट्यूट ने प्राथमिकता के आधार पर देश को वैक्सीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है!

अविनाश द्विवेदी विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स समाचार पत्र भारत

कार्यक्षेत्र – सम्पूर्ण भारत , वैद्यता – पूर्ण कालिक / स्थाई , प्रेस कार्ड नम्बर – india/A002/2021/omtimes/avi

आज है देश के 736 जिलों में वैक्सीन वितरण का ड्राई रन, केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश : omtimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश के सभी 736 जिलों में शुक्रवार को वैक्सीन वितरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। खुद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पूर्वाभ्यास का आंकलन करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को राज्यों तक कोरोना की वैक्सीन पहुंचने के ठीक पहले देशव्यापी पूर्वाभ्यास की तैयारियों की समीक्षा की। राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक में हर्षवर्धन ने वैक्सीन के खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे टीकाकरण की तैयारियों को धक्का लग सकता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, शुक्रवार को देश के सभी 736 जिलों में वैक्सीन वितरण का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर पूर्वाभ्यास का आंकलन करेंगे। इसके पहले हर्षवर्धन ने वैक्सीन वितरण की तैयारियों के बारे में स्वास्थ्य मंत्रियों को बताया। उन्होंने कहा कि वैक्सीन वितरण के लिए हर जगह कोल्ड चेन प्रणाली तैयार कर ली गई है।.
पूरे देश में पूर्वाभ्यास के साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को वैक्सीन हासिल करने के लिए तैयार रहने को कहा है। राज्यों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन की डिलीवरी किसी भी समय शुरू की जा सकती है। वैक्सीन के भंडारण के लिए करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में चार मेगा स्टोर बनाए गए हैं। इसके अलावा राज्यों में 37 बड़े स्टोर तैयार किए गए हैं!
जिला स्तर पर वैक्सीन की सप्‍लाई पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या के आधार पर की जाएगी। इन लाभार्थियों की सूची को-विन प्लेटफार्म पर होगी और लाभार्थियों को वैक्सीन लगने के समय और स्थान की सूचना एसएमएस से पहले ही दे दी जाएगी। को-विन प्लेटफार्म के माध्यम से हर जिले में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या और वैक्सीन की उपलब्धता पर नजर रखी जाएगी और उसी के अनुरूप वैक्सीन की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री की मानें तो वैक्सीन लगाने के लिए सीरिंज एवं अन्य सामान के साथ-साथ उसे लगाने, रखने और लाने-ले जाने वालों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। को-विन प्लेटफार्म का कई बार परीक्षण हो चुका है। को-विन से कंपनी से वैक्सीन निकलने, विभिन्न कोल्ड चेन तक पहुंचने, लाभार्थियों को लगने और उसके बाद उसके फॉलोअप की पूरी प्रक्रिया पर ऑनलाइन नजर रखी जा सकेगी। इस प्लेटफार्म पर वैक्सीन लगाने वालों को क्यूआर कोड के साथ डिजिटल सर्टिफिकेट भी मिलेगा।

वैक्सीन वितरण के दुनिया के सबसे बड़े अभियान के बावजूद हर्षवर्धन ने राज्यों को पहले से चल रहे सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान को जारी रखने को कहा है। सार्वभौमिक टीकाकरण अभियान के तहत 2.67 करोड़ बच्चों और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को 12 वैक्सीन मुफ्त में लगाई जाती हैं।
सरकार ने कोविड वैक्सीन के परिवहन के लिए देश में कई मिनी हब बनाए हैं। सूत्रों का कहना है कि देश में कुल 41 गंतव्यों (हवाई अड्डों) पर टीके की डिलीवरी होगी। उत्तर भारत में दिल्ली और करनाल, पूर्वी क्षेत्र में कोलकाता और गुवाहाटी, पूर्वोत्तर के लिए गुवाहाटी मिनी हब होंगे। दक्षिणी भारत के लिए चेन्नई और हैदराबाद नामित प्‍वाइंट होंगे। मालूम हो कि देश में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से दो टीकों भारत बायोटेक की कोवैक्‍सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशिल्ड को मंजूरी दी गई है। 

पुलिस और ट्रंप समर्थकों में हिंसक झड़प, 4 लोगों की हुई मौत और 52 गिरफ्तार : omtimes

अमेरिका / नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने जबरदस्त हंगामा किया। काफी संख्‍या में ट्रंप समर्थक कैपिटल हिल बिल्डिंग में घुस गए और वहां पर जमकर तोड़फोड़ भी की। इन हिंसक हो रहे ट्रंप समर्थकों पर सुरक्षाबलों को काबू करने के लिए काफी मशक्‍कत करनी पड़ी। हालांकि दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक महिला समेत चार लोगों की मौत भी हो गई, जबकि तीन की हालत अभी गंभीर है। पुलिस ने अब तक 52 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। ये सभी कुछ उस वक्‍त हुआ जब कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही थी। इसके तहत बाइडन की जीत पर मुहर लगनी थी। इसी दौरान ट्रंप समर्थकों ने व हां पर धावा बोल दिया। ये समर्थक डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा राष्‍ट्रपति बनाने और वोटो की गिनती दोबारा कराने की मांग कर रहे थे।
ट्रंप समर्थकों की हिंसक रवैये को देखते हुए वाशिंगटन में कर्फ्यू लगा दिया गया है और भारी संख्‍या में पुलिसबल की तैनाती भी की गई है। यहां पर मेयर ने 21 जनवरी तक के लिए 15 दिनों की इमरजेंसी का एलान किया है। पुलिस का कहना है कि ट्रंप समर्थकों के पास हथियार और आगजनी की घटना को अंजाम देने के लिए ज्‍वलनशील पदार्थ भी थे। इस हिंसा के बाद ट्रंप के दो सहायकों ने अपने पद से इस्‍तीफा भी दे दिया है।  

अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश समेत भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की निंदा की है। पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा है कि वो अमेरिका में हुई हिंसक झड़प की खबर से काफी दुखी हैं। सत्‍ता का हस्‍तांतरण बेहद शांत और खुशनुमा माहौल में पूरा किया जाना चाहिए। लोकतंत्र में इस तरह की घटनाओं की कोई जगह नहीं है। ओबामा ने अपने बयान में कहा कि आने वाला समय इस दिन को हमेशा याद रखेगा कि कैसे मौजूदा राष्‍ट्रपति ने झूठ बोलकर चुनाव परिणामों को गलत साबित करने की कोशिश की और गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। उन्‍होंने अपने बयान में इस घटना को अमेरिका के लिए शर्मसार करने वाली बताया है।

ट्रंप का सोशल मीडिया अकाउंट हुआ सस्‍पेंड – इस घटना के बाद सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक, ट्विटर और इंस्‍टाग्राम ने कुछ समय के लिए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का अकाउंट सस्‍पेंड कर दिया है। इसकी वजह ट्रंप द्वारा अपने समर्थकों दिया वो संबोधन है जिसको इन वेबसाइट ने आपत्तिजनक माना है। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंटीग्रिटी जी रोसेन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनका मानना है कि ये वीडियो हिंसा को कम करने की बजाए बढ़ाने में योगदान दे रहा था। लिहाजा इस वीडियो को हटा दिया गया है। फेसबुक के अलावा दूसरे सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म से भी ये वीडियो हटा दिया गया है। 
वहीं ट्रंप ने एक बार राष्‍ट्रपति चुनाव में बाइडन पर धांधली करने का आरोप लगाया। इसके बाद ट्रंप को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि वो संविधान की रक्षा करें और इस तरह की घेराबंदी को खत्‍म करें। उन्‍होंने ट्रंप समर्थकों के हंगामे को भी अमेरिकी संविधान पर हमला करार दिया है। उन्‍होंने इसको अमेरिकी इतिहास का बुरा दिन बताया है। बाइडन ने कहा है कि कुछ लोग न सिर्फ चुनाव के परिणाम को नहीं मान रहे हैं बल्कि कानून की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहां बाइडन ने ट्रंप को अपने समर्थकों को शांत करने की अपील की है वहीं ट्रंप ने कहा है कि वो हार नहीं मानने वाले हैं।
आपको बता दें कि 20 जनवरी को जो बाइडन को अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेनी है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर इतना हंगामा हुआ है और इस तरह की हिंसा हुई है।  इस बीच रॉयटर्स ने खबर दी है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने नए अटॉर्नी जनरल के रूप में मेरिक गारलैंड का चयन किया है, जो कि एक जज हैं। 
ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा है कि वो केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें हिंसा न करें। उन्‍होंने चुनाव में अपनी हार मानने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप ने उपराष्‍ट्रपति माइक पेंस से यहां तक कहा है वो राज्‍यों से आए चुनाव परिणामों को वापस भेज दें। हालांकि पेंस ने इस बारे में साफ कर दिया है कि ट्रंप को इसका अधिकार नहीं है। इसके बाद ट्रंप ने पेंस पर हमलावर होते हुए कहा है कि संविधान की रक्षा के लिए पेंस को जो करना चाहिए था वो उन्‍होंने नहीं किया। राज्‍यों को चुनाव परिणामों के तथ्‍यों को प्रमाणित करने का मौका मिलना चाहिए। अमेरिकी जनता इस चुनाव परिणाम का सच जानना चाहती है।
गौरतलब है कि बुधवार को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र में निर्वाचक मंडल के मतों की गणना और उन्हें प्रमाणित करने की प्रकिया शुरू हुई थी। इस पर एरिजोना के रिपब्लिकन सांसदों ने आपत्ति जताई थी। इसके आधार पर उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने सीनेट के संयुक्त सत्र की कार्यवाही स्थगित कर दी थी। उन्‍होंने आपत्तियों पर दोनों सदनों के सदस्‍यों को बहस के लिए दो घंटे का समय भी दिया था। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया। 

लखनऊ में अजीत सिंह नामक ब्यक्ति की गैंगवार में हुई हत्या : omtimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)   उत्‍तर प्रदेश के लखनऊ में बुधवार रात आजमगढ़ के पूर्व विधायक सीपू सिंह हत्‍याकांड के गवाह अजीत सिंह की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई। चार दिन बाद विधायक हत्‍याकांड में इसकी गवाही होनी थी। ऐसे में पुलिस मामले को गैंगवार से जोड़कर देख रही है। मृतक अजीत मऊ के गोहना मोहम्‍मदाबाद ब्‍लॉक प्रमुख का प्रतिनिधि भी था। गोलीबारी में अजीत का साथी मोहर सिंह और वहां से गुजर रहे ग्‍वारी गांव निवासी डिलिवरी ब्‍वॉय प्रकाश भी घायल हुए हैं, इन्हें भी गोली लगी है, इन लोगों को लोहिया अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर के मुताबिक, हमलावर अजीत के परिचित थे। दोनों तरफ से गोलियां चली हैं। लगभग 25-30 राउंड फायरिंग हुई है। मृतक अजीत पर करीब 18 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस टीम हमलावरों की तलाश कर रही है।
मामला विभूतिखंड में कठौता पुलिस चौकी के सामने कठौता चौराहे के पास का है। यहां काली स्कॉर्पियो गाड़ी से अजीत सिंह अपने साथी मोहर सिंह के साथ पहुंचे थे। दोनों गाड़ी से उतरकर थोड़ी दूर चले ही थे कि दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ उनपर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाब में अजीत ने भी फायरिंग की। इस दौरान अजीत के सिर में गोली लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मोहर सिंह और प्रकाश के पैर में गोली लगी और दोनों लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। अजीत मूलरूप से मोहना मोहम्मदाबाद, मऊ के रहने वाले थे और आजमगढ़ में हुई पूर्व विधायक सीपू सिंह की हत्या में गवाह थे। मोहर भी गोहना का रहने वाला है और अक्सर अजीत के साथ ही रहता था। मृतक अजीत बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी थे। 
पुलिस आयुक्त ने बताया कि अजीत पर हत्या के पांच मुकदमे दर्ज हैं। अजीत के खिलाफ मऊ पुलिस ने 30 दिसंबर को जिलाबदर की कार्रवाई कराई थी। वह यहां गोमतीनगर विस्तार स्थित एक अपार्टमेंट में रह रहा था। अजीत ने अपनी एक करीबी महिला मनभावती देवी को गोहना मोहम्मदाबाद से ब्लॉक प्रमुख बनवाया था। पूर्व में अजीत की पत्नी रानू सिंह भी ब्लॉक प्रमुख रही हैं। 
इस गैंगवार में करीब 25 से 30 राउंड गोलियां चलीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज उठा। चौराहे पर भगदड़ मच गई और दुकानदार दुकानें बंद कर भागने लगे। सीसी फुटेज में पुलिस को तीन बदमाश बाइक से भागते दिखे हैं। हालांकि, बदमाशों की संख्या चार थी। पुलिस आयुक्त का कहना है कि अभी तक तीन बदमाशों के वारदात को अंजाम देने की पुष्टि हुई है। आसपास के अन्य सीसी कैमरे जांचे जा रहे हैं। जल्द ही वारदात का राजफाश कर दिया जाएगा। 
बताया जा रहा है कि मृतक अजीत सिंह आजमगढ़ में पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड में गवाह थे। बता दें, 19 जुलाई 2013 को बसपा विधायक सर्वेश कुमार सिंह सीपू की हत्या उनके जीयनपुर आवास के सामने कर दी गयी थी। उनके करीबी भरत राय की भी फायरिंग में मौत हो गई थी। इस मामले में जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरा गांव निवासी कुख्यात अपराधी व पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुंटू सहित 13 लोगों के खिलाफ जीयनपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जेल में निरुद्ध कुख्यात कुंटू सिंह प्रदेश के टाप-10 अपराधी में शामिल है। 20 दिसंबर 2020 को अपराधियों पर नकेल कसने को चलाए जा रहे अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक सर्वेश सिंह सीपू हत्याकांड के आरोपित ग्राम प्रधान, बीडीसी समेत तीन लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।

ट्रंप के समर्थकों की पुलिस से हुई झड़प, एक की मौत, एक दूसरे पर हमलावर हुए बाइडन और ट्रंप : omtimes

वाशिंगटन (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका में जैसे जैसे नव निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे ही मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके समर्थक ज्‍यादा हमलावर हो रहे हैं। इस सियासी खींचतान की वजह से बुधवार को ट्रंप समर्थकों ने व्‍हाइट हाउस और कैपिटल बिल्डिंग के बाहर जबरदस्‍त हंगामा किया। इस दौरान ट्रंप समर्थकों की पुलिस से झड़प भी हुई है जिसमें एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई है। इस हिंसा में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इसको देखते हुए वाशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
वहीं ट्रंप ने एक बार राष्‍ट्रपति चुनाव में बाइडन पर धांधली करने का आरोप लगाया। इसके बाद ट्रंप को जवाब देते हुए बाइडन ने कहा कि वो संविधान की रक्षा करें और इस तरह की घेराबंदी को खत्‍म करें। उन्‍होंने ट्रंप समर्थकों के हंगामे को भी अमेरिकी संविधान पर हमला करार दिया है। उन्‍होंने इसको अमेरिकी इतिहास का बुरा दिन बताया है। बाइडन ने कहा है कि कुछ लोग न सिर्फ चुनाव के परिणाम को नहीं मान रहे हैं बल्कि कानून की भी धज्जियां उड़ा रहे हैं। एक तरफ जहां बाइडन ने ट्रंप को अपने समर्थकों को शांत करने की अपील की है वहीं ट्रंप ने कहा है कि वो हार नहीं मानने वाले हैं। ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा है कि वो केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें हिंसा न करें।
यूएस कैपिटल में अपने समर्थकों को ट्रंप ने संबोधित किया था। इस वीडियो को पहले ट्विटर और फिर फेसबुक ने भी हटा दिया है। फेसबुक के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ इंटीग्रिटी, गाय रोसेन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उनका मानना है कि ये वीडियो हिंसा को कम करने की बजाए बढ़ाने में योगदान दे रहा था। लिहाजा इस वीडियो को हटा दिया गया है। आपको बता दें 20 जनवरी को जो बाइडन को अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेनी है। अमेरिकी इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब राष्‍ट्रपति चुनाव को लेकर इतना हंगामा हुआ है और इस तरह की हिंसा हुई है। पूर्व राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश ने भी इस तरह की हिंसा की निंदा की है।

अयोध्या के राममंदिर निर्माण के लिए दी गई राशि पर मिलेगी आयकर में छूट : omtimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि पर बनने वाले श्रीराम मंदिर को लेकर राम भक्तों में खासा उत्साह है। मंदिर निर्माण के लिए निधि संग्रह अभियान की शुरुआत 15 जनवरी से होना है, परंतु लोग अभी से ही धन देने लगे हैं। राजस्थान के एक व्यक्ति ने दो करोड़ रुपये के चेक दिए है तो तेलंगाना के एक व्यक्ति ने एक करोड़ रुपये के चेक दिए हैं। बिहार में एक रामभक्त ने 11 लाख रुपये दिए हैं। मंदिर निर्माण के लिए दी गई राशि पर आयकर में नियमानुसार छूट प्राप्त होगी।
20 हजार से अधिक की राशि चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से ही दे सकते हैं। एसबीआइ, बैंक ऑफ बड़ौदा और पीएनबी के निर्धारित बैंक अकाउंट में राशि सीधे ट्रांसफर भी कर सकते हैं। इसकी रसीद ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (एफसीआरए) की अनुमति मिल जाने के बाद विदेश में रहने वाले भारतीय भी मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग कर सकते हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि मंदिर निर्माण में जो भी राशि लगेगी, उसे हिंदू समाज देने में सक्षम है।
शहर से लेकर गांव तक राशि संग्रह का काम संघ परिवार के कार्यकर्ता व समाज से मनोनीत प्रतिनिधि करेंगे। इसके लिए पूरे देश में 10 लाख टोलियां बनाई गई हैं। एक टोली में चार से पांच कार्यकर्ता रहेंगे। 15 जनवरी से 27 फरवरी तक एक साथ पूरे देश में यह अभियान चलेगा। इस अभियान के लिए विहिप के लाखों कार्यकर्ताओं ने 44 दिनों तक पूरा समय देने का निर्णय लिया है।
श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जो भी राशि चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से दिया जाएगा, वह श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नाम से बनेगा। जो राम भक्त राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग करना चाहते हैं वे ऑनलाइन भी राशि ट्रांसफर कर सकते हैं। लोग भारतीय स्टेट बैंक, नया घाट अयोध्या की खाता संख्या संख्या 39161495808, पीएनबी नया घाट अयोध्या की खाता संख्या 38650001000139999 या बैंक ऑफ बड़ौदा नया घाट अयोध्या की खाता संख्या 05820100021211 में भी ऑनलाइन राशि जमा कर सकते हैं। इसका रसीद भी ऑनलाइन ही प्राप्त होगा। इसकी पूरी जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान के लिए टोली के साथ-साथ जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक समिति व मार्गदर्शक मंडल का गठन किया जाएगा। विहिप के उत्तर पूर्व क्षेत्र मंत्री वीरेंद्र विमल ने कहा कि समिति में समाज के हर क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों को रखा जाएगा। वहीं मार्गदर्शक मंडल में संत समाज के लोगों को रखा जाएगा। समिति के लोग टोली का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मंदिर निर्माण के लिए बड़ी राशि देने वालों से भी संपर्क करेंगे।

लखनऊ के अलग अलग मार्केट की साप्ताहिक बन्दी के दिनों का घोषणा किया डीएम ने : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) यूपी की राजधानी लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने नए कैलेंडर वर्ष के लिए दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए साप्ताहिक बंदी के दिन घोषित कर दिये हैं। अलग-अलग मार्केट की साप्ताहिक बंदी अलग-अलग दिनों पर तय की गई है। यहां देखें पूरी डीटेल, किस दिन कहां की मार्केट रहेंगी बंद।

सोमवार- चारबाग गुरुनानक मार्केट, खुर्दही बाजार।

मंगलवार- बंगला बाजार, चिनहट, सतरिख रोड नगर निगम सीमा तक, मटियारी चौराहे से मल्हौर स्टेशन तक और अर्जुनगंज।

बुधवार- डालीगंज, खदरा, बाबूगंज, सीतापुर रोड़, आईटी क्रासिंग, निराला नगर, चांदगंज, इन्दिरानगर, निशातगंज, फैजाबाद रोड, महानगर, गोमतीनगर, संजय गांधी पुरम, मारुतिपुरम।

बृहस्पतिवार- आलमबाग, चन्दरनगर, आर्दश नगर, मवैया, सिंगार नगर, गौरी बाजार, आशियाना, राजाजीपुरम, आलमनगर, आलमनगर रेलवे क्रासिंग से मोहान रोड पेट्रोल पम्प तक,कानपुर रोड, चारबाग, नाका हिन्डोला, पानदरीबा, गणेशगंज, फतेहगंज, अमीनाबाद, श्रीराम रोड, नजीराबाद, गुईन रोड, कचेहरी रोड, यहियागंज, मोलवीगंज, नादानमहल रोड़, राजा बाजार, चौक, गोल दरवाजा, सुभाष मार्ग, सहादतगंज, ठाकुरगंज, अशर्फाबाद, हरदोई रोड, नक्खास व विक्टोरिया स्ट्रीट, ऐशबाग, राजेन्द्र नगर, आर्यानगर, मोती नगर, मालवीय नगर, हैदरगंज, टिकैतगंज, पाण्डेगंज, सदर, कैन्ट रोड, हुसैनगंज, स्टेशन रोड (हुसैनगंज चौराहे तक) गुरूगोविन्द सिंह मार्ग, मुरलीनगर और तेलीबाग।

शुक्रवार- गोसाईगंज, अमेठी, मलिहाबाद, दुबग्गा से काकोरी, मोहनलालगंज और नीलमथा बाजार।

शनिवार- नगराम, बक्शी का तालाब और बन्थरा।

रविवार- हजरतगंज, लालबाग, शाहनजफ रोड, बाल्मीकी मार्ग, पार्क रोड, विधान सभामार्ग, हुसैनगंज चौराहा से हजरतगंज चौराहे तक, अशोक मार्ग, कपूरथला, लाटूश रोड, गुरुद्वारा रोड बासमण्डी चैराहा से नाका हिन्डोला चौराहा तक,बीएन रोड, हीवेट रोड, गौतम बुद्ध मार्ग, कैसरबाग चैराहा,गोलागंज, जगत नारायन रोड़ व माडल हाउस, ट्रान्सपोर्ट नगर. डीएम के आदेश अनुसर यहां के सारे व्यापारिक प्रतिष्ठान साप्ताहिक बंदी कैलेंडर के हिसाब से बन्द होंगे।

बिहार में भी है एक गोरखनाथ मंदिर , जहां है उस गांव का नाम भी है गोरखपुर : OmTimes

सिद्धार्थनगर (अविनाश द्विवेदी,विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) सबको पता है कि उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का गोरखनाथ मंदिर विश्वभर में प्रसिद्ध है। लेकिन क्या आपको यह पता है कि बिहार में भी एक गोरखनाथ मंदिर है। यह गोरखनाथ शिव मंदिर बाबा गोरखनाथ के नाम पर ही बना हुआ है। सबसे खास बात यह है कि कटिहार जिले के जिस गांव में यह मंदिर बना हुआ है उस गांव का नाम भी गोरखपुर ही है।
ऐसी मान्यता है कि कामाख्या मंदिर से आते वक्त बाबा गोरखनाथ इस गांव में ठहरे थे। इसके बाद बाबा गोरखनाथ के पुण्य प्रताप से वशीभूत होकर वहां के लोगों ने न सिर्फ अपने गांव का नाम गोरखपुर रखा बल्कि बाबा गोरखनाथ के नाम पर एक मंदिर का भी निर्माण कराया। यह मंदिर मिनी बाबा धाम के नाम से भी मशहूर है। सावन के महीने में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
मिनी बाबाधाम के नाम से प्रसिद्ध कटिहार जिले के गोरखपुर गांव के गोरखनाथ शिव मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। इस शिव मंदिर की कहानी कई किंवदंतियों से जुड़ी है। किंवदंती के अनुसार प्रसिद्ध संत गोरखनाथ जी महाराज असम के कामाख्या से गोरखपुर आ रहे थे।
इस दौरान गोरखनाथ जी महाराज कटिहार के इस गांव में तीन दिन रहे। जिसके बाद इस मंदिर की स्थापना की गई। इसी कारण इस गांव का नाम गोरखपुर पड़ा और मंदिर का नाम गोरखनाथ। इस गांव में रहने के दौरान गोरखनाथ जी महाराज ने गांव के उत्तर पूर्वी में एक गोरख चंडी की स्थापना की।
मंदिर की बनावट भी अद्भुत है, मंदिर के ऊपरी हिस्सा से अशोक चक्र एवं नागफन अंकित है। मंदिर का निर्माण विशेष आकार के ईंट, चूना, सुरखी से प्राचीन काल की कारीगरी की अनूठी मिसाल है। बिना नींव की कटोरी को उल्टा कर बैठा देने जैसे अवस्था में यह मंदिर अद्भूत प्रतीत होता है।

अब कितना दिन दूर है कोविड टीकाकरण, जानिए, DCGI की मंजूरी के बाद क्या है सरकार की प्लानिंग : OM TIMES

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स )  कोरोना से जंग में भारत दोतरफा जीत की ओर बढ़ रहा है। रोजाना संक्रमण के नए मामलों में आ रही कमी के बीच अब टीके का दोहरा हथियार भी देश के हाथ में आ गया है। विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए दवा नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने रविवार को सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दे दी। डीसीजीआइ डॉ वीजी सोमानी ने दोनों वैक्सीन को कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर और पूरी तरह सुरक्षित बताया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सब ठीक रहा तो बुधवार या गुरुवार तक टीकाकरण शुरू हो सकता है। इसके तहत तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों और सफाई कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी।
डीसीजीआइ की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक के साथ वैक्सीन की खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुट गया। इस सिलसिले में वैक्सीन की डोज की उपलब्धता के साथ-साथ उसकी कीमत पर बातचीत की जा रही है। दोनों कंपनियों से स्वास्थ्य मंत्रालय यह जानने की कोशिश कर रहा है कि अगले दो-तीन या छह महीने में वे वैक्सीन की कितनी डोज और किस कीमत पर उपलब्ध करा पाएंगी। सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड की कीमत 200 से 250 रुपये के बीच रहने की संभावना है, वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्सीन की कीमत अभी साफ नहीं है। भारत बायोटेक ने अभी तक यह भी नहीं बताया है कि उसने अब तक वैक्सीन की कितनी डोज तैयार कर ली है। वहीं सीरम इंस्टीट्यूट की पांच करोड़ डोज की गुणवत्ता पर सेंट्रल ड्रग लेबोरेटरी, कसौली की मुहर भी लग चुकी है। यानी ये वैक्सीन लोगों के लिए पूरी तरह तैयार है।
तीसरे फेज के ट्रायल के बीच में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी का कारण स्पष्ट करते हुए डीसीजीआइ डॉ सोमानी ने कहा कि यह वैक्सीन भारत समेत पूरी दुनिया में सुरक्षा और असर को लेकर कारगर प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई है। इसमें लाइव वायरस को कल्चर करने के बाद उसे निष्कि्रय कर वैक्सीन तैयार की जाती है। ऐसी वैक्सीन पूरे वायरस के खिलाफ लंबे समय तक प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करती है।
दो वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुशी जताई है। पीएम ने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि जिन दो वैक्सीन को मंजूरी मिली है, वे दोनों ही मेड इन इंडिया हैं। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने वाला और हमारे विज्ञानियों की इच्छाशक्ति का परिणाम है।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ मुहिम में शामिल विज्ञानियों और इनोवेटर्स को बधाई दी और कहा यह भारत के लिए एक निर्णायक क्षण है। इस सफलता से आत्मनिर्भर भारत की मुहिम और तेज होगी। पीएम ने ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे संतु निरामया’ को आत्मनिर्भर भारत की मुहिम का आधार बताया। पीएम मोदी ने इस दौरान विपरीत परिस्थितियों में असाधारण सेवा भाव के लिए डॉक्टरों, मेडिकल प्रोफेशनल्स, विज्ञानियों, पुलिस कर्मियों, सफाई कर्मियों और सभी कोरोना वारियर्स के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि देशवासियों का जीवन बचाने लिए उनके सदैव आभारी रहेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर कहा कि मेक इन इंडिया वैक्सीन को मंजूरी से पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत की मुहिम को और बल मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘यह देश के कुशल नेतृत्व की जीत है, जो यह दर्शाता है कि दूरदर्शी नेतृत्व एक बड़ा बदलाव ला सकता है।’ उन्होंने पीएम मोदी सहित विज्ञानियों, डाक्टरों आदि को भी धन्यवाद दिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसे निर्णायक क्षण बताते हुए ट्वीट किया, ‘पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने नई ऊंचाई हासिल की है। उनके नेतृत्व में जो अद्भुत कार्य हो रहे हैं, वे चिरस्मरणीय रहेंगे।’ नड्डा ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश के हर वर्ग को जोड़ने की पीएम की कोशिशों को भी याद किया।

मौसम विभाग का अलर्ट, कड़ाके की ठंड के बीच IMD ने अब इन हिस्सों के लिए जारी किया अलर्ट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कड़ाके की ठंड के बीच दिल्ली-एनसीआर में रविवार को तड़के शुरू हुई बारिश दोपहर तक चलती रही। बारिश से लोगों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, एक बार फिर भारतीय मौमस विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान जताया है। आइएमडी की माने तो दिल्ली, हरियाणा के पलवल में आने वाले कुछ घंटों में बारिश हो सकती है। राजस्थान के नदबई, नगर,  लक्ष्मगढ़, भरतपुर, मेंहदीपुर बालाजी में भी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के बरसाना, नंदगांव, खतौला, गलौटी और चपरौला में भी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। 
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया और कहा है कि अगले दो से तीन दिनों तक दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी।
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, नरवाना, राजंद, भिवानी, झज्जर, रोहतक, कोसली, मातनहेल, चरखाद्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले एक दो दिनों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 
हालांकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहेगी, मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो से तीन दिनों में तापमान में पांच से नौ डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी।
आइएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते दिल्ली-एनसीआर के मौसम में यह बदलाव देखा गया है। बारिश होने के साथ ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही श्रीवास्तव ने कहा कि हल्की बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में पारा 6 जनवरी तक बढ़ जाएगा।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि 5 जनवरी तक मध्यम और उच्च पहाड़ियों में भारी बर्फबारी और 3 से 5 जनवरी तक मैदानी और कम पहाड़ियों में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। ….. ( omtimes )

गाजियाबाद के मुरादनगर हादसे में अब तक 19 लोगों की हुई मौत; राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख : OmTimes

गाजियाबाद (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) आज दिनांक 3 जनवरी 2021 को दोपहर में  मुरादनगर के उखलारसी श्मशान घाट की छत भरभराकर गिर गई। इसमें कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में अब तक 19 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है। जिला एमएमजी अस्पताल में अब तक 19 व्यक्तियों के शव पहुंच चुके हैं, इनमें से कुछ की पहचान नहीं हो पाई है, प्रशासन इनकी पहचान कर रहा है। अचानक से इतने लोगों के आने से अस्पताल में स्ट्रेचर भी कम पड़ गए। जमीन पर ही शव रख दिए गए हैं। इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ये सभी लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान गए थे। 

गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया करीब 30 लोग मलबे के अंदर मिले, जिनको उपचार के लिए एमएमजी अस्पताल भेजा गया है। 19 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। राहत कार्य तेजी से चल रहा है। आपदा प्रबंधन (NDRF) की टीम  बचाव कार्य में जुटी है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की खबर पर दुख व्यक्त किया है। राज्य सरकार राहत और बचाव कार्य में तत्परता से जुटी है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं, साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके शोक व्यक्त किया गया है। इसी के साथ उनकी ओर से इस हादसे में शिकार हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई है। 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुख जताते हुए कहा कि गाजियाबाद के मुरादनगर में श्‍मशान घाट की छत गिर जाने के कारण कई लोगों की मृत्‍यु के समाचार से मुझे अत्‍यंत दुख पहुंचा है। दुख की इस घड़ी में मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्‍यक्‍त करता हूं, साथ ही कामना करता हूं कि हादसे में घायल हुए लोग जल्‍द से जल्‍द स्‍वस्‍थ हों।   

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत गिरने की घटना में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।सीएम ने मण्डलयुक मेरठ और एडीजी जोन से हादसे की रिपोर्ट मांगी है। वहीं, राज्यमंत्री अतुल गर्ग घटनास्थल पर पहुंचे हैं।

मुरादनगर हादसे में मरने वालों और घायलों की सूची – दिग्विजय पुत्र मुकेश त्यागी निवासी मुरादनगरप्रमोद कुमार पुत्र रामपाल निवासी गंगा विहार मुरादनगरनितिन पुत्र इकबाल सिंह निवासी मुरादनगरनेपाल सिंह पुत्र कालू राम निवासी मुदानगररोबिन पुत्र अज्ञात, पता अज्ञातदिनेश पुत्र परमानंद निवासी कृष्णा कुंज मोदीनगरउधम सिंह पुत्र रमेश निवासी डिफेंस कॉलोनी मुरादनगरजयवीर पुत्र बलवीर सिंह निवासी मेरठसुरेश पुत्र दर्शन दयाल लोहियानगर गाजियाबादसुधाकर पुत्र हरवीर सिंह निवासी मसूरीकिशनपाल पुत्र प्रलोभ सिंह निवासी मुरादनगर ,आठ लोग अभी अज्ञात में हैं, इनकी पहचान नहीं हो सकी है।
दरअसल, दयानंद कॉलोनी निवासी दयाराम की रात को बीमारी के चलते मौत हो गयी थी। उनके अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा मोहल्लेवासी व रिश्तेदार शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की अंतिम प्रक्रिया चल रही थी। पुजारी के आह्वान पर सभी लोग श्मशान घाट परिसर में बने भवन के अंदर खड़े होकर आत्म शांति पाठ कर रहे थे। इसी दौरान एक तरफ की जमीन धंस गयी। परिणामस्वरूप दीवार नीचे बैठ गयी और लेंटर गिर गया। किसी को भागने तक का मौका नहीं मिला। 
चीख पुकार के बीच कुछ लोग उसके अंदर ही मलबे में दब गए जबकि कुछ ने दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। भवन ज्यादा पुराना नहीं था। आशंका है कि भराव की जमीन में भवन बना था। अधिक  बारिश में मिट्टी बैठने से घटना हुई है। पुलिस मलबे से जीवित व मृत लोगों को निकालने में लगी है। घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छानबीन चल रही है।.
आप को बता दें कि मुरादनगर में सुबह 3 बजे से साढ़े आठ बजे तक बारिश हुई। बीच मे कुछ देर बंद रही फिर बारिश शुरू हो गयी। जो भवन गिरा है, वह करीब दस साल पुराना है, नगरपालिका ने उसे बनाया था। मुरादनगर की घटना को देखते हुए मोदीनगर में राज चौपला से ट्रैफिक को हापुड़ रॉड की तरफ डायवर्ट कराया गया। ये वाहन भोजपुर से पिलखुवा होकर गाजियाबाद जाएंगे। 

कब कब क्या हुआ, एक नजर –

-10ः30 पर मृतक जयराम के स्वजन व अन्य लोग अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष धाम पहुंचे

  • 11ः10 पर अंतिम संस्कार के पश्चात आत्मा की शांति के लिए सभी लोग गैलरी में जमा होकर प्रार्थना करने लगे
  • 11ः15 पर गैलरी का लेंटर जोरदार आवाज के साथ ढह गया और चीखपुकार मच गई
  • 11ः30 पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मौजूद लोगों की सहयता से बचाव कार्य किया
  • 11ः55 पर डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों के स्वजनों ने से बात की
  • 12ः15 पर एनडीआरएफ की टीम की मौके पर पहुंची और लोगों को मलबे से निकालने का काम शुरू कराया
  • 12ः30 पर स्थानीय विधायक अजीतपाल त्यागी दुघर्टनास्थल पर पहुंचे और लोगों को सांत्वना दी
  • 12ः40 पर पीएसी की टीम मौके पर पहुंची और मौके पर जमारूभीड़ हो हटाया
  • 01ः30 पर भारी बारिश के चलते करंट फैलने की आशंका को देखते हुए बिजली के तारों को काटा गया।
  • 02ः10 पर प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री अतुल गर्ग ने मौके पर जाकर बचाव कार्य का जायजा लिया
  • 02ः 30 पर कमिश्नर अनीता सी मेश्राम दुर्घटनास्थ्ल पर पहुंची
  • 02ः 50 पर आईजी मेरठ जोन प्रवीण कुमार मौके पर पहुचें और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए।
  • 03ः20 के करीब बचाव कार्य समाप्त करने के बाद जेसीबी लौटने लगी, हालांकि दुर्घटनास्थल पर भीड़ शाम तक बनी रही।

एसटीएफ ने फर्जी डिग्री और फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़ : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) एसटीएफ ने फर्जी डिग्री और फर्जी अंकपत्र के साथ साथ फर्जी प्रमाणपत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आलमबाग से तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कंप्यूटर उपकरण और हजारों की मात्रा में फर्जी दस्तावेज मिले हैं। तीनों के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर उन्हें पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि काफी समय से स्कूल-कॉलेज, विभिन्न विश्वविद्यालयों, व्यवसायिक तथा खेल प्रतिष्ठानों के फर्जी अंकपत्र, प्रमाणपत्र और डिग्री बांटने वाले गिरोह की सूचनाएं मिल रही थीं। 
टीम बनाकर छानबीन शुरू की गई तो पता चला कि आलमबाग में ओम दादा नाम का व्यक्ति फर्जी दस्तावेज बनाकर मुंहमांगे दामों में बेचता है। एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। उसका असली नाम सुनील कुमार शर्मा है और वह मूलरूप से प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित गढ़ी मानिकपुर के बभनपुर गांव का रहने वाला है। 
यहां वह बड़ा बरहा में ही रहकर फर्जी प्रमाणपत्र बनाता था। इस काम में उसके साथ बिहार के सिवान स्थित जलालपुर दरौंध गांव निवासी व यहां आलमबाग के विराटनगर में रहने वाले लल्लन कुमार सिंह और प्रयागराज के अशोक मार्ग के रहने वाले व सदर के पुराना किला में रह रहे विश्वजीत कुमार श्रीवास्तव भी शामिल थे। 
पूछताछ में तीनों ने कई साल से जाली दस्तावेज बनाना कबूला है। शातिरों के कमरे से कंप्यूटर, स्टैम्प, नंबर मशीन, प्रिंटर और इंक पैड समेत अन्य सामान मिले हैं। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पवन कुमार सिंह, आरक्षी आलोक पांडेय, रमाशंकर चौधरी, श्रीकृष्ण गिरि, शैलेंद्र, सूरज कुमार, राघवेंद्र तिवारी शामिल थे।
ओम दादा और उसके साथी न सिर्फ विश्वविद्यालयों व स्कूल-कॉलेज की डिग्री और अंकपत्र बनाते थे, बल्कि माइग्रेशन प्रमाणपत्र और बैंकों की एफडीआर भी तैयार करते थे। उनके पास से बैंक ऑफ बड़ौदा की छह एफडीआर मिली हैं। 
इसके अलावा लखनऊ विश्वविद्यालय के 342 अंकपत्र व 115 डिग्री व 30 माइग्रेशन प्रमाणपत्र, बीएससी के नौ अंकपत्र, कानपुर विश्वविद्यालय के एमए के 34 अंकपत्र, 80 ब्लैंक अंकपत्र व विज्ञान वर्ग की पांच डिग्री व 44 अन्य विषयों की डिग्री, उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय की 77 डिग्री मिली हैं। 
इसके अलावा राजकीय पॉलीटेक्निक लखनऊ के आठ ब्लैंक अंकपत्र, उत्तर प्रदेश ओलम्पिक एसोसिएशन के 150 ब्लैंक प्रमाणपत्र व 135 प्रमाणपत्र, इंटरमीडिएट के 208 प्रमाणपत्र व 190 अंकपत्र तथा हाईस्कूल के 80 ब्लैंक अंकपत्र व 231 प्रमाणपत्र, सीबीएसई नई दिल्ली के सात प्रमाणपत्र व हाईस्कूल के 12 अंकपत्र, माउंटफोर्ड इंटर कॉलेज के 16 अंकपत्र बरामद हुए हैं। 
वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के आठ ब्लैंक अंकपत्र, वाराणसी के भदोही स्थित इंद्र बहादुर सिंह नेशनल इंटर कॉलेज के चार अंकपत्र, राष्ट्रीय व्यवसायिक के 11 अंकपत्र, कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट का एक अंकपत्र, आईटीआई के 20 अंकपत्र, इलाहाबाद हिंदी साहित्य सम्मेलन के 109 अंकपत्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एक डिग्री, प्राविधिक शिक्षा परिषद लखनऊ की 261 अंक तालिकाएं, सेंट थॉमस कॉलेज लखनऊ के 37 अंकपत्र, 46 प्रैक्टिकल शीट्स, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 24 अंकपत्र, 109 माइग्रेशन प्रमाणपत्र, इलेक्ट्रो होम्योपैथी के चार अंकपत्र व तीन प्रमाणपत्र के अलावा शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए, डॉ. राम मनोहर लोहिया के बीए प्रथम वर्ष के अंकपत्र समेत सैकड़ों अन्य फर्जी कागजात बरामद हुए हैं।

जानिए जनवरी 2021 में किन राज्यों में फिर से चल रही है स्कूल खोलने की तैयारी : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस महामारी के कारण साल 2020 में स्कूल बंद रहे और ऑनलाइन क्लासेज के माध्यम से बच्चों ने पढ़ाई। नए साल में कई राज्यों में स्कूल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इनमें बिहार, कर्नाटक और पुडुचेरी समेत कई राज्य स्कूल खोलने की तैयारी में हैं। कोरोना के कारण मार्च 2020 में स्कूलों को बंद कर दिया गया था। झारखंड में दिसंबर में ही स्कूल फिर से खोल दिए गए थे। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर केवल 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों स्कूल खोला गया। मध्य प्रदेश में 18 दिसंबर से स्कूल चल रहे हैं। 

कर्नाटक में 1 जनवरी से फिर से स्कूल खुलने वाले हैं। इसके मद्देनजर प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस सुरेश कुमार ने बुधवार को यहां कुछ संस्थानों का दौरा किया और कोरोना के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कक्षाओं के संचालन की समीक्षा की। मंत्री ने कक्षाओं में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और प्रधानाध्यापकों, प्राचार्यों, और शिक्षकों से बात की। कक्षाओं को फिर से शुरू करने से पहले कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश दिए। असम में भी एक जनवरी से स्कूल खोलने की तैयारी है।

दिल्ली में वैक्सीन आने तक नहीं खुलेंगे स्कूल, यूपी में चल रही तैयारी- दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले ही कह चुके हैं कि वैक्सीन आने तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे। उत्तर प्रदेश में कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खोलने की तैयारी में है। जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रधानाचार्यों द्वारा भेजे गए रिपोर्ट के अनुसार 9 से 12 वीं तक स्कूल खुले हैं। इनमें बच्चों की उपस्थिति काफी कम है ।

मुंबई 15 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल – कोरोना वायरस की दूसरी लहर की आशंका का हवाला देते हुए, मुंबई नगरपालिका ने मंगलवार को शहर में स्कूल और कॉलेज 15 जनवरी, 2021 तक बंद रहने की जानकारी दी। इससे पहले, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने स्कूल और कॉलेज को 31 दिसंबर बंद रखने का फैसला किया था। मंगलवार को जारी एक ताजा परिपत्र में, बीएमसी ने कहा कि अन्य देशों में कोरोना की दूसरी लहर और देश के कुछ राज्यों में स्थिति को देखते हुए सरकारी और निजी स्कूल और कॉलेज 15 जनवरी तक बंद रखने का फैसला किया। 

बिहार और राजस्थान में चार जनवरी से स्कूल खुलेंगे- बिहार में चार जनवरी से सरकारी स्कूलों और कोचिंग सेंटर्स को खोलेने आदेश जारी हुआ है। इस दौरान कोरोना के गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। राजस्थान में भी चार जनवरी से स्कूल खुलने की जानकारी सामने आ रही है। राज्य में कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल खोले जाएंगे। पुडुचेरी में स्कूल खोलने की तैयारी है। यहां की सरकार के अनुसार   पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में 4 जनवरी से कक्षा एक से लेकर 12 तक के लिए स्कूल फिर से खुलेंगे, सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्कूल चलेंगे।

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के कानपुर, अमेठी और लखनऊ के घरों पर ईडी का छापा : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति और उनके निजी चालक रामराज उर्फ छोटू के अमेठी स्थित घर में आज बुधवार सुबह ईडी ने छापेमारी किया। इलाहाबाद से पहुंची ईडी की टीम ने दोनों स्थानों पर स्थानीय पुलिस टीम के साथ एक साथ छापा मारा। एक टीम में करीब आधा दर्जन ईडी के अधिकारी व कर्मचारी तथा स्थानीय पुलिस बल हैं। इसके अलावा लखनऊ में विभूतिखंड में ओमेक्स में गायत्री के बेटे अनिल प्रजापति के आफिस में भी ईडी ने छापेमारी किया है।
ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर राजकेश्वर सिंह ने बताया कि गायत्री प्रजापति के लखनऊ, कानपुर और अमेठी में सात ठिकानों पर ईडी की जांच चल रही है। बुधवार सुबह करीब 5:00 बजे जिला मुख्यालय पहुंची ईडी की टीम दोनों स्थानों पर रवाना हुई। 7:00 बजे ईडी की टीम ने आवास विकास स्थित गायत्री प्रजापति के निजी आवास एवं चालक रामराज के घर में छापेमारी किया। 
आय से अधिक संपत्ति के मामले में गायत्री का बड़ा पुत्र अनिल भी जेल में बंद है। बताया जाता है कि चालक रामराज उर्फ छोटू के पास भी 200 करोड़ की प्रापर्टी है। घर के अंदर ईडी की टीम सभी दस्तावेज खंगाल रही है। घर के अंदर नौकर मौजूद है।

एक्सपायर हो रहे DL-RC के परमिट और फिटनेस के सर्टिफिकेट की वैद्यता के लिए वाहन चालकों को 31 मार्च तक मिली छूट : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्र सरकार की तरफ से गाडि़यों के फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस आदि को वैध करने की घोषणा के बाद दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने भी इस बारे में मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है। जिसके अनुसार सभी फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस को राजधानी में 31 मार्च, 2021 तक वैध कर दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण वाहन मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट व ड्राइविंग लाइसेंस आदि के नवीनीकरण में परेशानी हो रही है।
परिवहन विभाग की तरफ से जारी आदेश में बताया गया है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 27 दिसंबर को ड्राइविंग लाइसेंस समेत वाहनों से जुड़े अन्य दस्तावेजों की वैधता को 31 मार्च 2021 बढ़ा है, जिसे दिल्ली में भी तुरंत प्रभाव से लागू किया जा रहा है। यह चौथी बार है कि कोरोना के संक्रमण के चलते केंद्र सरकार ने वाहनों के दस्तावेज की वैधता की तारीख को बढ़ाया है। इसके पहले 30 मार्च, 9 जून, और 24अगस्त 2020 को दस्तावेजों की वैधता बढ़ाने का एेलान किया गया था।

शोहरतगढ़ के सुभाष गुप्ता का दिल्ली के एम्स में हुआ देहान्त : OmTimes News

नई दिल्ली /सिद्धार्थनगर ( रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स) कुछ दिन पूर्व वाहन दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल हुए शोहरतगढ़ के चेयरमैन प्रतिनिधि हियुवा के देवी पाटनमण्डल प्रभारी सुभाष गुप्ता जी का इलाज के दौरान आज एम्स हास्पिटल, दिल्ली में देहान्त हो गया है! स्वर्गीय गुप्ता जी निहायत ही नेक और जनसेवी इन्सान थे!

मोदी और योगी की फोटो लगाकर फोन का प्रचार करने पर मंत्री कपिल देव के भाई के खिलाफ केस हुआ दर्ज : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  यूपी के योगी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल के भाई मुश्किल में फंस गए हैं ! लखनऊ के हजरतगंज थाने में कपिल देव के भाई ललित अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है ! खुद थाने के निरीक्षक ने पीएम और सीएम की तस्वीर लगाकर लोगों को भ्रमित करने और इन मोबाइल के प्रमोशन करने के चलते ललित अग्रवाल समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है!
गौरतलब है कि कौशल विकास विभाग के मंत्री कपिल देव भारतीय एडवरटाइजिंग नाम की एक एजेंसी चलाते हैं, उनकी एजेंसी ने राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में मोबाइल फोन की लॉन्चिंग के होर्डिंग्स लगाये थे! इन होर्डिंग में पीएम मोदी और सीएम योगी की फोटो का भी इस्तेमाल किया गया था! हालांकि, इन्हें लगाने से पहले अनुमति तक नहीं ली गई थी!
मंत्री कपिल देव खुद एक होटल में हुए इस मोबाइल लॉन्चिंग कार्यक्रम में पहुंचे थे. केवल कपिल के अलावा इस कार्यक्रम में राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, सुल्तानपुर के लंभुआ के विधायक देवमणि दिवेदी और लखनऊ से बीजेपी के विधायक नीरज वोरा भी उस कार्यक्रम में शामिल थे. सूत्रों के मुताबिक जब इस मामले की जानकारी सीएम ऑफिस को हुई तो कपिलदेव अग्रवाल ने माफी नामा भेज दिया! हालांकि अब केस दर्ज होने के बाद योगी सरकार की किरकिरी भी हो रही है!

टेरर फंडिंग प्रकरण में एटीएस का गोरखपुर में थोक मोबाइल शॉप पर छापा, यहां पर पहले भी हो चुकी है छापेमारी : OmTimes

गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  टेरर फंडिंग की जांच कर रही एटीएस ने आज मंगलवार की सुबह गोरखपुर में गोलघर के बलदेव प्लाजा नईम एंड संस मोबाइल शॉप पर छापा मारा। सीओ के नेतृत्व में गोरखपुर पहुंची टीम सुबह 10 बजे से ही दुकान की तलाशी लेने का काम शुरू कर दिया। कर्मचारियों को बाहर निकाल कर दुकान मालिक से टीम पूछताछ किया। 2018 में भी यहां पर एटीएस की टीम ने छापा डाला था।
आज सुबह 10 बजे एटीएस की टीम बलदेव प्लाजा स्थित नईम एंड संस मोबाइल की दुकान पर पहुंची। दुकान मालिक को बुलवाकर दुकान खुलवाय और करीब दो घंटे तक छानबीन की। एटीएस के छापे के बाद से बलदेव प्लाजा में हड़कंप मच गया। अधिकांश दुकानदारों ने कस्टम टीम के छापे के अंदेशा में अपनी दुकानें बंद ली। एहतियात के तौर पर क्राइम ब्रांच और कैंट थाने की पुलिस को भी बलदेव प्लाजा बुलाया गया। स्थानीय पुलिस अधिकारी  मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने की बात कहकर कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।
एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वाड) ने 25 मार्च 2018 को हवाला कारोबार और देश विरोधी तत्वों के संपर्क में होने के संदेह में मोबाइल फोन के थोक कारोबार से जुड़ी फर्म नईम एंड संस के मलिक नईम के बेटों नसीम अहमद तथा बाबी को हिरासत में लिया था। टीम ने शहर में स्थित फर्म के तीन प्रतिष्ठानों पर दिन में छापेमारी कर 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद कर तीनों प्रतिष्ठानों से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और अन्य दस्तावेज कब्जे में लिए थे। गए हैं। उनके अलावा  खोराबार और शाहपुर क्षेत्र से तीन अन्य लोग हिरासत में लिए गए थे।
कैंट क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी भाइयों की कोतवाली क्षेत्र में आनंद कटरा और सुपर मार्केट तथा गोलघर स्थित बलदेव प्लाजा में तीन दुकानें हैं। कारोबारी भाइयों को हिरासत में लेने के बाद एटीएस ने आनंद कटरा स्थित दुकान से नकदी बरामद की। छापे की कार्रवाई के दौरान बलदेव प्लाजा स्थित दुकान से बाबी तथा सुपर मार्केट से नसीम को हिरासत में लेने के बाद दुकानों को सील कर दिया था। तीनों दुकान की तलाशी में मिले लैपटाप, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व दस्तावेज कब्जे में लिए थे।

पाकिस्तान की सेना का हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश, पायलट सहित चार लोगों की हुई मौत : OmTimes

मुल्तान/ नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान में एक हेलीकाप्टर हादसा हो गया है। बचाव अभियान में लगे पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर रात को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई है। पाकिस्तानी सेना ने रविवार को इसकी जानकारी दी। सेना के अनुसार यह हेलिकॉप्टर एक सैनिक का शव को ले जा रहा था, जिसकी हिमस्खलन के कारण मौत हो गई। यह दुर्घटना एस्टोर जिले के उत्तरी मिनीमर्ग क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई। मृतकों में पायलट, को-पायलट और दो सैनिक शामिल हैं।
पाकिस्तानी सेना के बयान के अनुसार, तकनीकी कारणों से हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। पायलट का नाम सेजर एम. हुसैन, को-पायलट का नाम अयाज हुसैन है। वहीं दो सैनिक मुहम्मद फारुख और नायक इंजमाम आलम है। बता दें कि इसी साल 22 मई को कचारी में दर्दनाक विमान दुर्घटना हो गई थी। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में लगभग 97 लोगों की मौत हो गई थी। यह विमान जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर  उतरने से पहले ही रिहायशी इलाके पर गिर गया था। 
वहीं बलूचिस्तान प्रांत में एक फुटबॉल मैदान के पास हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। यह विस्फोट पंजगुर जिले में हुआ, जब दो टीमों के खिलाड़ी और दर्शक मैच के बाद मैदान से बाहर जा रहे थे। प्रांतीय प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घायलों में एक हाई स्कूल के लड़के भी शामिल है, जो मैच खेलने और देखने आए थे। उनमें से कई की हालत गंभीर थी। पुलिस सूत्रों ने कहा कि विस्फोट एक मोटरसाइकिल में लगाए गए आइडी से हुआ। इस शक्तिशाली विस्फोट में दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। सूत्रों ने कहा कि इस घटना की जांच जारी है। किसी समूह या व्यक्ति ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

दो दिन की मंत्रणा के बाद किसान वार्ता के लिए हुए तैयार, 29 को करेंगे केंद्र सरकार से वार्ता : OmTimes

सोनीपत (ऊँ टाइम्स)  एक महीने से चल रहे किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच एक बार फिर बातचीत का रास्ता प्रशस्त हुआ है। कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव की ओर से भेजे गए बातचीत के प्रस्ताव पर शनिवार को किसान संगठनों ने बातचीत के लिए हाँ कर दिया है। किसान नेताओं ने 29 दिसंबर को 11 बजे बैठक का प्रस्ताव भेजते हुए बातचीत के लिए चार प्रमुख मांगें रखी हैं और इसका प्रारूप भी सरकार को भेजा है।
कुंडली में धरनास्थल पर सरकार के प्रस्ताव पर दो दिन की गहरी मंत्रणा के बाद किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने बातचीत के लिए हाँ कर दिया है, और साथ ही अपना शर्त भी बता दिया है। किसान नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार गेंद हमारे पाले में डालने की कोशिश कर रही है, ताकि लोगों को लगे कि किसान जिद पर अड़े हैं। ऐसे में हमने तय किया है कि बात की जाएगी। बैठक में सभी 40 जत्थेबंदियों के सदस्य जाएंगे।
इस बैठक के एजेंडे में पूर्व की भांति तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद या निरस्त करने का तरीका क्या हो, सभी किसानों व कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी पर खरीद की गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए अध्यादेश 2020 में ऐसे संशोधन जो दंड के प्रावधानों से किसानों को बाहर रखे, किसानों के हितों की रक्षा के लिए विद्युत संशोधन विधेयक 2020 के मसौदे में जरूरी बदलाव भी शामिल हैं।.
किसान नेता डाॅ. दर्शनपाल सिंह ने कहा कि 27 व 28 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों की शहादत दिवस मनाया जाएगा। 30 दिसंबर को किसान ट्रैक्टर लेकर मार्च करेंगे। इसमें सिंघु बार्डर से टीकरी और शाहजहांपुर तक किसान मार्च करेंगे। किसानों ने एक जनवरी को नया साल दिल्ली व हरियाणा निवासियों को उनके साथ मनाने का न्योता दिया है। शिवकुमार कक्का ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भाषण गलत दिया। जो पोस्टरों पर फोटो लगा रहे हैं, वह कीटनाशक कंपनियों के कर्मचारी हैं। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसानों से सरकार घबराने लगी है। जो बातें बैठकों में होती हैं, उसको छुपाकर झूठ बोला और किसान आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली हरियाणा और यूपी के बार्डर पर अभी भी डटे हुए हैं किसान : OmTimes

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर लगातार जारी किसानों का प्रदर्शन रविवार को 32वें दिन भी जारी है। दिल्ली-हरियाणा और यूपी के बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली-एनसीआर के लोगों को आवाजाही में दिक्कत आ रही है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर राजस्थान सीमा में शाहजहांपुर बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसान डटे हुए हैं।  कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों का शनिवार को छह घंटे यूपी गेट पर पूरी तरह से कब्जा रहा। इस दौरान वाहन चालक यूपी गेट होकर दिल्ली से आवाजाही नहीं कर सके। उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने किसानों को जमकर कोसा। वहीं, जाम में कई एंबुलेंस फंसी रहीं। यूपी गेट पर 28 नवंबर से किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों का राष्ट्रीय राजमार्ग-नौ और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की दिल्ली जाने वाली सभी लेनों पर कब्जा है। वाहन चालक यहां से दिल्ली नहीं जा पा रहे हैं। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कब्जा जमाए किसानों ने अचानक केंद्र सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबारजी शुरू की।
 दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर शनिवार सुबह प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सभी लेन को बंद कर दिया। वहीं, किसानों का दूसरा समूह एनएच 9 सर्विस रोड स्थित यूपी गेट पर आकर बैठ गया। दोनों रास्ते एक साथ बंद होने से गाजीपुर के आसपास के इलाकों में यातायात करीब छह घंटे बाधित रहा। क्षेत्र की आंतरिक गलियों में भी लोगों को जाम की मार झेलनी पड़ी। हालांकि, शाम को किसान दोनों ही रास्तों से हट गए, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर किसानों ने शनिवार को 11 बजे सभी लेन बंद कर प्रदर्शन किया। एक्सप्रेस वे पर प्रदर्शन को देखते हुए यूपी गेट पर नीचे बैठे किसानों ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश सीमा में आने वाले रास्ते को भी बंद कर दिया।
इस पर यातायात पुलिस ने गाजीपुर सब्जी मंडी व मुर्गा मंडी की ओर रूट डायवर्ट कर दिया। रूट डायवर्ट के चलते आनंद विहार, गाजीपुर, मयूर विहार फेज तीन सहित अन्य प्रमुख मार्गो पर यातायात बाधित रहा। सुबह से लेकर शाम तक वाहन चालक जाम से जूझते रहे। किसानों के प्रदर्शन के दौरान करीब छह घंटे वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि, पांच बजे किसान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे व यूपी गेट से हट गए और वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया।

PM मोदी ने सेहत योजना को लांच करते हुए कहा- जम्मू-कश्मीर के लोगों का विकास हमारी प्राथमिकता : OmTimes

नई दिल्ली / सिद्धार्थनगर (रामदेव द्विवेदी, ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर के लिए सेहत योजना को लाॅच किया। नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने आज शनिवार को दिन में 12.40 बजे उद्घाटन किया। इस योजना से जम्मू-कश्मीर में उन एक करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा जो आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अधीन नहीं आते हैं। अभी योजना आयुष्मान भारत की तर्ज पर ही होगी। इसमें कोई भी बदलाव नहींं किया गया है।

 OmTimes News Live Update …..

01.31 बजे – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा अमरनाथ और श्री माता वैष्णो देवी की कृपा सभी पर बनी रहे, इस कामना के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

01.30 बजे- देश में नाकारात्मक सोच के लिए कोई जगह नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश का कोई भी राज्य विकास से वंचित नहीं रहेगा।

01.28 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में युवाओं को हजारों नौकरियों के अवसर देने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। एक तरफ सरकारी नौकरियां निकाली जा रही है तो दूसरी तरफ स्वरोजगार योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। कश्मीर में सेब उत्पादकों की परेशानियों को दूर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। कोरोना की चुनौतियों के बावजूद सेब उत्पादकों को बेचने के लिए केंद्र सरकार ने प्रभावी कदम उठाए। किसानों के खाते में सीधे पैसे डाले गए। जम्मू-कश्मीर में बासमती से लेकर किसी चीज की कमी नहीं है।

01.18 बजे– प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वादियों में हवा शुद्ध है। प्रदूषण बहुत कम है। मैं चाहता हूं कि हर कोई स्वस्थ रहें। अगर किसी को बीमारी होगी तो उसका इलाज सेहत योजना से संभव होगा।

01.16 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को सेहत योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत 5 लाख का बीमा किया गया है। पहले आयुष्मान योजना का लाभ केवल छह लाख लोगों को मिल रहा था लेकिन अब सेहत योजना का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को मिलेगा।

01.13 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दिल्ली में कुछ लोग उन्हें कोसते रहते हैं। अपशब्द कहते रहते हैं। मुझे लोकतंत्र सिखाने की बातें करते हैं।पुडुचेरी में दशकों के बाद 2006 में निकायों के चुनाव हुए थे। इसका कार्यकाल 2011 में समाप्त हो चुका है लेकिन उसके बाद से चुनाव नहीं करवाए गए।

01.10 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में सरकार इसलिए छोड़ कर बाहर आए थे ताकि हम जमीनी स्तर पर लोगों को मजबूत बनाएं। हमारा मुद्दा पंचायतों के चुनाव करवाकर लोगों को जमीनी स्तर तक विकास पहुंचाना है। चुनाव में सभी उम्मीदवार अपने प्रयासों और अपने नाम के बल पर जीते हैं। मैं चुनाव में विजय हुए जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं। जो चुनाव नहीं जीत पाए उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं है। जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में लोगों ने यह भी दिखाया है कि देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है।

01.07 बजे- जम्मू-कश्मीर में त्रिस्तरीय पंचायत योजना के लागू हो जाने से लोगों को जमीनी स्तर पर विकास मिलेगा। जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए ही ये कदम उठाए गए हैं। नए युग और नए नेतृत्व की शुरुआत हुई है।

01.03 बजे– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रशासन और सुरक्षाबलों ने चुनाव को सुचारू करवाने में अहम भूमिका निभाई। सभी दल भी जब यह बात करते हैं कि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से हुए तो मुझे प्रसन्नता हुई। मैं सुरक्षाबलों और प्रशासन को धन्यवाद करता हूं। आपने कोई छोटा कार्य नहीं किया है।

01.00 बजे- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं जम्मू कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बधाई देता हूं। जिला विकास परिषद के चुनाव में मतदान करने के लिए कतारों के खड़े मतदाताओं के चेहरे पर विकास की चाह दिख रही थी। जम्मू-कश्मीर के प्रशासन, सुरक्षाबलों ने जिस प्रकार से इस चुनाव का संचालन किया, वह प्रशसनीय है।

12.58 बजे- आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एतिहासिक है। यहां के हरेक नागिरक को सेहत योजना का लाभ मिलने जा रहा है। मैं इसके लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सरकारी तंत्र को बहुत-बहुत बधाई। मेरी इच्छा था कि यह कार्यक्रम अटल जी की जयंती पर हो परंतु व्यसस्ता के कारण ऐसा नहीं हो पाया।

12.56 बजे- वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि संतोष के शब्द मेरे लिए आशीर्वाद बन जाते हैं। इस योजना का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक को मिलेगा। विकास का लाभ जम्मू-कश्मीर के हरेक नागरिक तक पहुंचाने की मेरी व मेरी सरकार की कोशिश है।

12.52 बजे– प्रधानमंत्री ने रमेश लाल से कहा कि वह इस योजना के बारे में अपने दूसरे साथियों को भी बताएं ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। यह योजना उन जैसे लोगों के लिए है।वहीं रमेश लाल ने कहा कि गोल्ड कार्ड की वजह से आज उनके सामने खड़े हैं और अपनी बात बता पा रहे हैं। इसके लिए मैं और मेरा परिवार आपका आभारी है।

12.49 बजे- प्रधानमंत्री सेहत लाभार्थियों से बात कर रहे हैं। जम्मू से कैंसर मरीज रमेश लाल प्रधानमंत्री से रूबरू हुए। रमेश ने बताया कि कैंसर का इलाज बहुत महंगा है, अगर कार्ड नहीं होता तो इलाज नहीं करवा पाता। मुझे इलाज के लिए किसी को एक रूपया भी नहीं देना पड़ा। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हुए कहा कि रमेश जी आप जल्द स्वस्थ हो जाइए।

12.45 बजे- इस योजना से जम्मू कश्मीर के करीब 1 करोड लोगों को लाभ होगा इससे पहले जम्मू कश्मीर में लागू आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करीब 31 लाख लोगों को लाभ मिल रहा था।

12.43 बजे- प्रधानमंत्री ने आज शनिवार को जम्मू-कश्मीर के लिए सेहत योजना को लाॅच किया। नई दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने आज शनिवार 12.40 बजे उद्घाटन किया।

बम धमाकों से फिर दहल उठा काबुल , किसी आंतकी संगठन ने नहीं लिया जिम्मेदारी : OmTimes

अफगानिस्तान/ नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बम धमाके का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्राप्त समाचार के अनुसार आज सुबह काबुल में हुए दो बम धमाके में कम से कम 3 लोग घायल हो गए हैं। पीडी 6 क्षेत्र के पुल-ए-सोकता क्षेत्र में यह विस्फोट हुआ। वहीं दूसरा धमाका काबुल के पीडी 3 क्षेत्र में स्थित देहबोरी में हुआ। इस हमले में किसी भी प्रकार हताहत की कोई खबर नहीं आई है। फिलहाल दोनों हमलों की किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

सुरक्षाबलों ने शोपियां मुठभेड़ में अद-बदर के दो स्थानीय आतंकियों को फिर किया ढेर : OmTimes

श्रीनगर (ऊँ टाइम्स)  दक्षिण कश्मीर के जिला शोपियां के इमाम साहिब इलाके के कनिगाम गांव में शुक्रवार शाम से जारी मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। मारे गए दोनों आतंकी स्थानीय बताए जा रहे हैं और यह अल-बदर से जुड़े हुए थे। आइजी कश्मीर विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया था परंतु उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया। वहीं इलाके में और आतंकी मौजूद तो नहीं इसकी पुष्टि करने के लिए सेना ने इलाके में अभी सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है।
पुलिस और विश्वासनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर गत शुक्रवार को सेना ने कनिगाम इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों को अपने नजदीक आते देख उन पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। हालांकि जवाबी कार्रवाई से पूर्व सुरक्षाबलों ने दोनों आतंकियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा परंतु बात को न मानते हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसाना जारी रखा।
देर शाम को सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को ढेर कर दिया। अंधेरा होने पर सुरक्षाबलों ने इलाके में रोशनी की विशेष व्यवस्था की ताकि आतंकी फरार न हो सके। सुबह तड़के एक बार फिर सुरक्षाबलों ने छिपे हुए आतंकी को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया परंतु उसने फिर गोलीबारी शुरू कर दी। सुबह करीब 11 बजे सुरक्षाबलों ने दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया।
दोनों आतंकियों के मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने उनके शवों को अपने कब्जे में लिया और मुठभेड़ स्थल पर पड़े उनके हथियारों को भी बरामद कर लिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने जब इलाके में और आतंकियों की मौजूदगी की आशंका के चलते सर्च ऑपरेशन शुरू किया तो कुछ राष्ट्र विरोधी तत्वों ने उन पर पथराव भी किया। हालांकि सुरक्षाबलों ने पथराव करने वाले युवाओं को मुठभेड़ स्थल से खदेड़ दिया।
फिलहाल इलाके में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं आइजी कश्मीर विजय कुमार ने दोनों आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मारे गए दोनों आतंकी स्थानीय हैं। वे अल-बदर से जुड़े हुए थे। अभियान में एसओजी, सेना की 34 आरआर और सीआरपीएफ जवान शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान सेना के दो जवान भी घायल हुए हैं। फिलहाल जिला शोपियां में एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद रखी गई है।

मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ विधेयक को मध्यप्रदेश की शिवराज कैबिनेट ने दिया मंजूरी : OmTimes

भोपाल (ऊँ टाइम्स)  मध्‍य प्रदेश की कैबिनेट ने लव जिहाद के खिलाफ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दिया। अब यह विधानसभा के शीतसत्र में मंजूरी के लिए राज्‍य की शिवराज सरकार की ओर से पेश की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट की बैठक में इस विधेयक को मंजूरी दी गई। बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मौजूद रहे। एक दिन पहले उन्‍होंने ने बताया था कि अधिनियम में सख्त प्रविधान किए गए हैं। इसका उल्लंघन करने पर अधिकतम 10 साल की कैद के साथ जुर्माने के तहत एक लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। 
राज्‍य मुख्‍यमंत्री ने कहा, ‘हम मध्‍य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन की अनुमति नहीं देंगे। नए विधेयक के तहत जो भी यह करेगा उसे 10 साल से अधिक का कारावास ओर कम से कम 50 हजार रुपये के जुर्माने का भुगतान करना होगा। कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कर शादी कर दी जाती है।’

जानिए इसके प्रावधान:– 

  • महिला नाबालिग अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के धर्म  परिवर्तन किए जाने पर 2-10 साल का कारावास व 50,000 रुपये जुर्माना होगा

–  अपना धर्म  छिपा धर्म परिवर्तन कराए जाने पर 3-10 साल का कारावास व 50000 रुपये का जुर्माना 

–  सामूहिक धर्म परिवर्तन, दो या दो से अधिक का एक ही समय में धर्म परिवर्तन कराने पर 5-10 साल का कारावास व एक लाख रुपये का जुर्माना

  • एक बार से अधिक अपराध दोहराने पर 5-10 वर्ष का कारावास 
  • जो भी धर्म परिवर्तन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत होगा, उस धर्म परिवर्तन को शून्य माने जाने का प्रावधान किया गया है।
  • पैतृक धर्म में वापसी को इस अधिनियम में धर्म परिवर्तन नहीं माना गया है। पैतृक धर्म वह माना गया है जो व्यक्ति के जन्म के समय उसके पिता का धर्म था।
  • धर्म परिवर्तित व्यक्ति उसके माता, पिता या भाई-बहन को पुलिस थाने में इस अधिनियम में कार्यवाही किए जाने के लिए शिकायत करना आवश्यक होगा।
  • परिवाद के माध्यम से न्यायालय से आदेश प्राप्त कर मत परिवर्तित व्यक्ति के अभिभावक भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
  • अधिनियम के तहत दर्ज अपराध संज्ञय तथा गैर जमानती होगा और सत्र न्यायालय में ही इसकी सुनवाई हो सकेगी।
  • मामले की जांच उपनिरीक्षक स्तर से नीचे का अधिकारी नहीं कर सकेगा।
  • अधिनियम में निर्दोष होने के सबूत प्रस्तुत करने की बाध्यता अभियुक्त पर रखी गई है।
  • अधिनियम के प्रविधानों के विपरीत किए गए विभाग को शून्य मानने का प्रविधान किया गया है।
  • अपराध में पीड़ित महिला एवं पैदा हुए बच्चे को भरण पोषण प्राप्त करने का अधिकार होगा।
  • बच्चे को पिता की संपत्ति में उत्तराधिकारी के रूप में अधिकार बरकरार रखे जाने का प्रविधान भी शामिल किया गया है।
  • अधिनियम के प्रविधानों के विरुद्ध मत परिवर्तन कराने वाली संस्था या संगठन के विरुद्ध भी व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध पर दिए जाने वाले कारावास तथा अर्थदंड के समकक्ष प्रविधान किए गए हैं।
  • ऐसी संस्थाओं तथा संगठनों के पंजीयन को निरस्त कर दिया जा सकेगा।

भारत में पहली बार चलने जा रही है ड्राइवर लेस मेट्रो , 28 दिसंबर को पीएम दिखाएंगे हरी झंडी : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)   भारत में पहली बार 28 दिसंबर से दिल्ली मेट्रो के मजेंटा लाइन पर बगैर चालक के मेट्रो रफ्तार भरेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दिन चालक रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर रखना करेंगे। मजेंटा लाइन देश में पहला मेट्रो कॉरिडोर होगा, जिस पर इस तकनीक से मेट्रो का परिचालन शुरू होगा। मेट्रो को डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) के मुख्यालय में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम से नियंत्रित किया जाएगा। मजेंटा लाइन के बाद पिंक लाइन पर भी चालक रहित मेट्रो का परिचालन किया जाएगा।.
दरअसल, फेज तीन के इन दोनों कॉरिडोर पर संचार अधारित ट्रेन कंट्रोल सिग्नल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से इन दोनों कॉरिडोर पर चालक रहित मेट्रो का परिचालन किया जा सकता है। फिलहाल इन दोनों कॉरिडोर की मेट्रो में चालक मौजूद होते हैं। चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए डीएमआरसी ने कुछ माह पहले कंसल्टेंट नियुक्त किया था। जिसने दोनों कॉरिडोर के मेट्रो ट्रैक, सिग्नल सिस्टम, कंट्रोल रूम इत्यादि का निरीक्षण किया। इसके बाद मजेंटा लाइन के कॉरिडोर पर कुछ तकनीकी बदलाव किए गए।
इसके अलावा पिछले दिनों केंद्र सरकार ने चालक रहित मेट्रो के परिचालन के लिए मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद 37 किलोमीटर लंबे मजेंटा लाइन पर बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच चालक रहित मेट्रो का परिचालन शुरू करने का फैसला किया गया है। 24 दिसंबर को मेट्रो ने अपने परिचालन के 18 साल पूरे कर लिए हैं। 28 दिसंबर को चालक रहित मेट्रो का परिचालन शुरू होते ही यह डीएमआरसी की इस साल की सबसे बड़ी कामयाबी होगी। ऐसा पहली बार होगा जब भारत में कोई बगैर ड्राइवर के मेट्रो चलेगी। 

केजरीवाल ने कहा – 50 लाख से अधिक लोगों को दिल्ली में लगाया जायेगा कोरोना वैक्सीन : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) आने वाले सन् 2021 की शुरुआत से भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण का टीका लगने की संभावना के बीच दिल्ली में भी सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को एक अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें कोरोना वायरस के टीकाकरण को लेकर तैयारी के संबंध में चर्चा हुई। इसके बाद दोपहर में आयोजित डिजिटल पत्रकार वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि दिल्ली में 50 लाख से अधिक लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी, जिनमें तीन लाख लोग फ्रंटलाइन वर्कर होंगे। इनमें डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब टीका आने का इंतजार है, हमारी ओर से पूरी तैयारी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर को पहले चरण में टीका उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। कुलमिलाकर 50 लाख से अधिक लोगों को टीका लगाया जाएगा।
डिजिटल पत्रकार वार्ता में अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी है कि दिल्ली में कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरी तैयारी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में जल्द ही 1.15 करोड़ कोरोना वैक्सीन के डोज के स्टोरेज की व्यवस्था हो जाएगी। टीका लगाने के लिए स्टाफ का भी चयन कर लिया गया है, जिन्हें ट्रेनिंग दी जा रही है। टीका लगाने के बाद अगर किसी में दिक्कत आई तो इसका भी इंतजाम किया जा रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के तकरीबन 51 लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। इनमें हेल्थकेयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स के वो लोग भी शामिल हैं, जिन्हें प्रथम चरण में टीका लगाया जाना है।
बृहस्पतिवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी शिरकत की। इससे पहले दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा था कि दिल्ली में  सरकार ने टीके को रखने एवं उसे बांटने के लिए सभी तरह का प्रबंध कर लिया है। उन्होंने बताया कि टीका आने का मतलब यह नहीं है कि वायरस का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है।.
उन्होंने कहा कि पिछले दो हफ्तों में ब्रिटेन से दिल्ली आने वाले सभी यात्रियों का पता लगाया जा रहा है। हम उन सभी यात्रियों की पहचान व जांच शुरू कर चुके हैं। उन्होंने मंगलवार को ब्रिटेन से आए यात्रियों में से पांच के संक्रमित होने के बारे में बताते हुए कहा कि दिल्ली सरकार जागरूक है और हम हर जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। अगर हम नियमों का पालन करेंगे, तो हमें वायरस के किसी भी स्वरूप से घबराने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली में कोरोना मरीजों के लिए उपलब्ध बेड के सवाल का जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल सिर्फ 2,800 बेड पर ही मरीज हैं और लगभग 50 फीसद आइसीयू बेड भी उपलब्ध हैं।.
गौरतलब है कि मंगलवार को संक्रमण दर आठ महीनों में सबसे कम रही है। साथ ही लगातार चार दिनों से एक हजार से कम नए मामले आए हैं। दिल्ली सरकार प्रतिदिन 80 हजार टेस्ट कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में सबसे कम संक्रमण दर दिल्ली में है।

मजनू की लाश मिली गांव के बाहर पेड़ पर लटकती हुई: OmTimes

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स)  रामगढ़ताल पुलिस ने युवक के मौत के मामले में उसकी प्रेमिका सहित तीन नामजद और अज्ञात लोगों पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया है। युवक के घर वालों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि  पुलिस आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारने की बात लिखी गई है। कोर्ट के आदेश पर दो माह बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही है।
बेलीपार के खरोहवा निवासी रामकरन ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके बेटे मजनू का रामगढ़ ताल के खिरवनिया गांव की रहने वाली युवती गुड़िया से प्रेम संबंध था। 2 जून 2019 को मजनू और गुड़िया ने बसियाडीह मंदिर में शादी कर ली थी। गुड़िया के घर वाले रिश्ते के खिलाफ थे। वह लोग मजनू को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। कई बार उस खोजते हुए घर भी आए थे। शादी के कुछ दिन बाद गुड़िया अपने मायके चली गई। 22 अक्टूबर को मजनू के पास फोन करके उसने ख़िरनिया गांव में बुलाया था। 24 अक्टूबर को मजनू की लाश गांव के बाहर पेड़ पर लटकती हुई मिली।
जानकारी होने पर परिवार के लोग पहुंचे तो पता चला कि 23 अक्टूबर की रात में गुड़िया ने अपनी मां सुधा, पिता रामसकल और अज्ञात लोगों के साथ मिलकर मजनू की गला दबाकर हत्या कर दी। आत्महत्या का रूप देने के लिए लाश को पेड़ से लटका दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारे जाने की पुष्टि होने पर उन्होंने आरोपितों के खिलाफ प्रार्थना पत्र रामगढ़लाल थाना प्रभारी और एसएसपी को दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी।

मोहनलालगंज में बदमाशों ने गोली मारकर व्यापार मंडल अध्यक्ष का कर दिया मर्डर : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) लखनऊ में  मोहनलालगंज व्यापार मण्डल के अध्यक्ष सुजीत कुमार पाण्डेय (52) की बाइक सवार बदमाशों ने रविवार शाम उनके भट्ठे के पास ही सफारी गाड़ी के अंदर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दिया है । हमले में गोली लगने के बाद भी हिम्मत दिखाते हुए वह गाड़ी से उतर कर अपने भट्ठे के अंदर दौड़े। इस पर बदमाशों ने पीछे से उन पर फिर गोलियां चलायी। सुजीत कुमार ने भी अपना पिस्टल निकाल लिया था लेकिन वह बदमाशों पर गोली नहीं चला सके। फायरिंग की आवाज सुनकर बाहर आये मजदूरों ने जब मालिक को लहूलुहान देखा तो उन लोगों ने बदमाशों पर पथराव भी किया लेकिन तब तक हमलावर फरार हो गये। सुजीत को मेदान्ता अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके तीन गोलियां लगीं। देर रात तक घर वालों ने किसी से रंजिश नहीं बतायी। पुलिस कई बिन्दुओं पर पड़ताल कर रही है। यह घटना शाम करीब साढ़े पांच बजे गौरा पेट्रोल पम्प के पास हुई। सुजीत कुमार पाण्डेय प्रधान भी रह चुके हैं और इस समय इनकी पत्नी संध्या प्रधान हैं। सुजीत रोजाना की तरह शाम पांच बजे अपने भट्ठे सुजीत ब्रिक फील्ड जा रहे थे। अपनी सफारी गाड़ी से वे भट्ठे के गेट के पास पहुंचे ही थे कि बाइक सवार दो युवक उनकी ड्राइविंग सीट की तरफ आये। कुछ समझने से पहले ही हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। शीशे को तोड़ती हुई तीन गोलियां उन्हें जा लगीं। एक गोली सीने को भेदती हुई निकल गई जबकि दो गोलियां हाथ और कुहनी पर लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुजीत लहूलुहान हालत में गाड़ी से उतरे और बचने के लिये भट्ठे के अंदर भागे। इस बीच एक हमलावर ने पीछा किया और उन पर तीन-चार और फायर किये। इस बीच ही भट्ठे के मजदूर वहां आ गये। वहां कर्मचारियों की मदद से सुजीत को मेदान्ता अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। सुजीत की हत्या कर खबर मिलते ही दर्जनों लोग अस्पताल पहुंच गये। इन लोगों ने हत्यारों को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा भी किया। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, एडीसीपी सुरेश चन्द्र रावत समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझा-बुझा कर शांत कराया।
पुलिस ने बताया कि मौके पर 315 बोर का एक तमंचा मिला और आठ खोखे भी बरामद हुए। बताया जाता है कि बदमाशों का तमंचा वहां गिर गया था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सुजीत के तीन गोलियां लगी हैं। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि सुजीत ने भी बचाव में फायरिंग की थी लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। …

यूपी के मुख्‍यमंत्री ने अयोध्या में किया किसान मेले का उद्घाटन : OmTimes

अयोध्या (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विगत माह दीपोत्सव करने के बाद एक बार फिर रामनगरी अयोध्या में आज रविवार को पहुंचे। मुख्यमंत्री ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में किसान मेला का उद्घाटन किया। अभी कुछ ही देर में किसानों को भी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही वह अयोध्या को भी करोड़ों की सौगात देंगे। 
मुख्यमंत्री अयोध्या के आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में तीन दिनी किसान मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद किसानों के समागम को संबोधित करेंगे। शाम को चार बजे मुख्यमंत्री अयोध्या में कार्यक्रम के बाद सीधे गोरखपुर के लिए रवाना होंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के दिशा निर्देशन और जिला प्रशासन की देख रेख में किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी की तैयारियां युद्ध स्तर पर की गई हैं। 
मुख्यमंत्री ने पहले आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद किसान मेला, कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पशुचिकित्सालय के नैदानिक परिसर, कृषि विज्ञान केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, कृषि आदि की 88 करोड़ की 39 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। इसके बाद किसान सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। इस सम्मेलन में अयोध्या के साथ ही अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुलतानपुर, अमेठी जिलों के किसान शामिल बताए जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 89.90 करोड़ रुपए की लागत की 40 परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास व शुभारम्भ भी करेंगे। इनमें 30.67 करोड़ रुपए की दस परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। इसके साथ वह 26.45 करोड़ रुपए की दस परियोजना का शिलान्यास और 32.77 करोड़ रुपए की 20 परियोजनाओं का शुभारम्भ करेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी करेंगे। 

नेपाल में चल रहा सियासी खींचतान, PM ओली ने संसद को भंग करने का लिया फैसला : OmTimes

काठमांडू (ऊँ टाइम्स)  नेपाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अचानक मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई है। ऊर्जा मंत्री बारसमन पुन के अनुसार मंत्री समूह ने राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी से संसद को भंग करने की सिफारिश की है। नेपाल के संविधान में सदन को भंग करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। संसद भंग करने की सिफारिश के बाद नेपाल की विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने एक आपात बैठक बुलाई। विपक्ष ओली सरकार के इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। 
वहीं, सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के प्रवक्ता नारायणजी श्रेष्ठ ने कहा है कि यह निर्णय जल्दबाजी में किया गया है क्योंकि आज सुबह कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्री उपस्थित नहीं थे। यह लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ है और राष्ट्र को पीछे ले जाएगा। इसे लागू नहीं किया जा सकता।
ओली ने रविवार सुबह 10 बजे कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई थी। माना जा रहा था कि इसमें ओली सरकार संवैधानिक परिषद अधिनियम (कार्य, कर्तव्य और प्रक्रिया), 2010 में संशोधन को वापस लेने की सिफारिश करेगी, लेकिन इसके बजाय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति से संसद को भंग करने की सिफारिश कर दी।
इससे पहले ओली द्वारा लाए गए संवैधानिक परिषद अधिनियम से संबंधित एक अध्यादेश को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने मंगलवार को मंजूरी दे दी थी, जिसे वापस लेने का ओली पर दबाव था। इसके मुताबिक कोरम पूरा नहीं होने पर भी परिषद की बैठक बुलाई जा सकती है। 
अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद ओली को परिषद की बैठक बुलाने और तीन सदस्यों की उपस्थिति में भी फैसले लेने का अधिकार मिल गया है। संवैधानिक परिषद के अध्यक्ष प्रधानमंत्री हैं। इसमें चीफ जस्टिस, प्रतिनिधि सभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर, नेशनल असेंबली के चेयरमैन और मुख्य विपक्षी दल के नेता सदस्य के रूप में इसमें शामिल होते हैं। परिषद संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका और विदेशी मिशनों जैसे अहम जगहों में प्रमुख पदों पर नियुक्ति की सिफारिश करती है।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय ने किया जब्त : OmTimes

जम्मू (ऊँ टाइम्स)  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की 11.86 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला द्वारा कथित करोड़ों रुपये के हुए घोटाले के सिलसिले में की है। ईडी ने गत 19 अक्टूबर को डॉ. अब्दुल्ला से इस बाबत पूछताछ भी की थी जिसके उपरांत प्रदेश में इसको लेकर काफी राजनीति गर्मा गई थी।नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं सहित पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को बदले की कार्रवाई करार दिया था।
अभी तक मिल रही सूचना के आधार पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला के प्रदेश में स्थित उनके दोनों आवास सहित तीन अन्य संपत्तियां जब्त कर ली हैं।यहां यह बता दें कि बीसीसीआइ ने 2002 से 2011 के बीच राज्य में क्रिकेट सुविधाओं के विकास व बजालता में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण के लिए 112 करेाड़ रुपये की राशि दी थी। इसमें से 43.69 करोड़ रुपये का गबन कर लिया गया था। सीबीआइ ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के कोष में कथित गबन के मामले में डा. फारूक अब्दुल्ला समेत जेकेसीए के तत्कालीन महासचिव मोहम्मद सलीम खान, तत्कालीन कोषाध्यक्ष अहमसान अहमद मिर्जा और जम्मू-कश्मीर बैंक के एक कर्मचराी बशीर अहमद पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए श्रीनगर की एक अदालत में गत सितंबर महीने में एक आरोप पत्र भी दाखिल किया था।
ईडी द्वारा पूछताछ करने की कार्रवाई के उपरांत नाराज पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि पीएजीडी के बाद ही केंद्र सरकार ने उनके पिता डॉ. फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर की थी। अलबत्ता आज ईडी की कार्रवाई के उपरांत उमर अब्दुल्ल ने अभी तक चुप्पी साधी हुई है।

दिल्‍ली में सागरपुर के एक मकान में लगी भीषण आग, दो लोगों की हुई मौत : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्‍ली के सागरपुर इलाके में एक घर में आग लग गई। आग लगने से वहां मौजूद दो लोगों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार यह आग दिल्‍ली के सागरपुर में दोहपर में लगी थी। दिल्‍ली पुलिस ने शाम को ट्वीट कर दो लोगों के मरने की पुष्‍टि की है। 
आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने आग का कारण पता लगाने के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया। इस आग में झुलसे दो बच्‍चों को पास के ही शकुंतला अस्‍पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डीडीयू अस्‍पताल में शिफ्ट किया गया। यहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्‍टर के अनुसार इनकी मौत सांस बंद होने के कारण हुई। आग लगने के बाद ये सांस नहीं ले पाए होंगे जिसके कारण यह हादसा हुआ। वहीं, डॉक्‍टर ने यह भी बताया कि पोस्ट मॉर्टम के बाद कल सुबह यह पता चल पाएगा कि कितने प्रतिशत का शरीर जली है। 
वहां मौजूद लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह लोग हाल में ही यहां किराए के घर में शिफ्ट हुए थे। ये लोग चप्‍पल बनाने का काम करते थे जो पॉलिमर और रबर से बनता था। इनमें आग भी जल्‍दी पकड़ लेती है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं यहां अवैध फैक्‍ट्री तो नहीं चल रही थी जिसका काम ये लोग कर रहे थे। 
आप को बता दें कि दिल्‍ली में पिछले साल इसी दिसंबर के महीने में आग की एक भयावह घटना हुई थी। इस घटना में करीब 43 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। यह आग दिल्‍ली के फिल्‍मिस्‍तान इलाके के रानी झांसी रोड में स्‍थित अनाज मंडी में लगी थी। रविवार का दिन होने के कारण लोग घरों में ही थे। यह आग रविवार तड़के लगी थी जिसके कारण मंडी में रहने वाले मजदूर वर्ग के लोगों को इसने अपनी चपेट में ले लिया था। इस आग की घटना में सदर बाजार थाना पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच की जांच के बाद फैक्ट्री मालिक रिहान समेत दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

पवन दूबे सहित तीन का एक साथ हुआ दाह संस्कार, हजारों की संख्या में जुटी जनता : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) इस जिले के थाना शोहरतगढ अन्तर्गत स्थित बानगंगा नदी पर आज दिनांक 16/12/2020 को निहायत ही दर्दनाक मंजर देखा गया ! एक साथ तीन शव जलाये गये! यह वही शव थे जो कि विगत दिवस गौतमबुद्ध नगर जिले में वाहन दुर्घटना के शिकार हो गये थे! उक्त घटना में अनियंत्रित डम्फर जिसका नम्बर HR 55W2474 है डिवाइडर तोड़ते हुए स्कार्पियो जिसका नम्बर UP 55X 0111 है को ठोकर मार दिया था जिसमें गौहनियां निवासी पवन दूबे सहित शोहरतगढ के चेयरमैन के घर की दो महिलाओं की मौत हो गई थी , तथा सुभाष गुप्ता सहित दो लोग घायल हो गये थे, जिनका अभी भी इलाज चल रहा है! इस घटना के शिकार पवन दूबे के मौत की खबर सुनते ही उनके गांव गौहनियां में मातम छा गया और अनगिनत जनता की भीड़ उनके घर पर उमड़ पड़ी! यही नहीं उनके दाह संस्कार स्थल पर भी मेले की तरह जनता उमड़ पड़ी ! जिसके भी मुंह से सुनो सभी पवन दूबे के लिए आह भरते दिख रहे थे ! पवन दूबे निहायत ही नेक और जनप्रिय ब्यक्ति थे, इनकी दर्दनाक मौत ने सभी के आंखों में आंसू ला दिया है!

मौसम विभाग ने दिया कड़ाके की ठंड का अलर्ट, उत्तरी राज्यों में भयानक शीतलहर तो दक्षिणी राज्यों में बारिश : OmTimes

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) इस समय उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तर राजस्थान में अगले तीन दिन तक ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर राजस्थान, बिहार और हरियाणा में सुबह और शाम को घना कोहरा छाया रहेगा।उत्तरी राज्यों में न्यूनतम तापमान में पिछले कुछ दिनों 3-4 डिग्री सेल्शियस की गिरावट दर्ज की गई। वहीं दिल्ली में कंपकपाती ठंड का दौर जारी है। दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। 
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ, दिल्‍ली, उत्‍तरी राजस्‍थान और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। इसके साथ ही कोहरा भी छाया रह सकता है। इसके अलावा दक्षिण के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 दिसंबर के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे में 17 से 18 दिसंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है।

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी राज्यों में ठिठुरन बढ़ गई है. दिल्ली में पारा 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी 16 दिसंबर को दिल्ली का पारा 4 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में सर्दी जो सितम ढा रही है, उसकी मुख्य वजह पहाड़ों पर भारी बर्फबारी है।
दरअसल उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ों पर जितनी बर्फबारी और बारिश होगी मैदाना में इतनी ही ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली का अधिकतम तापमान आज (बुधवार) 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक दिसंबर के आखिरी हफ्ते में दिल्ली का तापमान 2 डिग्री से भी नीचे जा सकता है। दिल्ली ही नहीं बल्कि पंजाब में भी ठंड का प्रकोप बढ़ेगा। उत्तर भारत का पारा लुढ़क कर 3-5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
पहाड़ों की यही बर्फबारी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वालों लोगों को कंपकंपा रही है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को अगले दो-तीन दिन कड़ाके की ठंड़ के लिए तैयार रहना होगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। वहीं, मुंबई सहित महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु में 17-18 दिसंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।
वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर पश्चिम राजस्थान में भी ठंड रिकॉर्ड तोड़ सकती है। तापमान गिरने से उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सो में कोहरे का असर दिखाई दे रहा है। हालांकि, ठंडी हवाओं के चलने से दिल्ली-एनसीआर और यूपी की एयर क्वालिटी यानी हवा की गुणवत्ता (AQI) में सुधार हुआ है। राजस्थान के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पहाड़ी इलाके माउंट आबू में अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। 

उत्तराखंड, हिमाचल से लेकर जम्मू कश्मीर में इन दिनों भारी बर्फबारी हो रही है। इन राज्यों की ज्यादातर जगहों पर बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। केदारनाथ धाम में 4 फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। केदारनाथ धाम को जोड़ने वाला 18 किमी पैदल मार्ग भी बर्फ से ढ़का हुआ है। जबकि उत्तराखंड से रुद्रप्रयाग, औली और बागेश्वर में भयंकर बर्फबारी हो रही है तो हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति से लेकर मंडी में बर्फ ही बर्फ है।

घाटी में रात्रि का तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया – मौसम विभाग के अनुसार, पारा अभी और गिरने के आसार हैं। केंद्रशासित प्रदेश में जम्मू एवं कश्मीर की कश्मीर घाटी में रात्रि तापमान गिरकर जमाव बिंदु से नीचे पहुंच गया। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया। गुलमर्ग सबसे सर्द रहा। कल्पा में पारा शून्य से 1.7 डिग्री नीचे रहा। घाटी में सभी मौसम केंद्रों में रात्रि तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया।

मांग पूरी न होने से आहत सोनीपत के कुंडली बार्डर पर धरने में शामिल किसान ने खुद को गोली मार कर किया आत्महत्या : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सोनीपत के कुंडली बार्डर पर धरने में शामिल एक किसान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया। साथी किसान उन्हें लेकर तुरंत पानीपत के पार्क अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान की पहचान करनाल के निसिंग कस्बे के गांव सिंगरा निवासी के बाबा राम सिंह के रूप में हुई है। बाबा राम सिंह वहां गुरुद्वारा नानकसर में ग्रंथी थे। वे धरने में शामिल होने के लिए करनाल से लगातार आते-जाते रहते थे। चार-पांच दिन पहले भी वे धरने में शामिल होने के लिए आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार को भी वे धरनास्थल पर पहुंचे और मंच के पीछे रोड के दूसरी ओर जाकर खुद को गोली मार ली। बताया जाता है कि गोली उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से मारी है। वहां मौजूद उनके जानकारों ने तुरंत उन्हें लेकर जीटी रोड से होते हुए पानीपत के पार्क अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकार उनके शव को लेकर करनाल पहुंच गए, जहां पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने का प्रयास कर रही है।
कुंडली में चल रहे धरना में शामिल एक और किसान की मौत हो गई। पिछले तीन दिनों में यह तीसरी मौत है, जबकि कुंडली बार्डर पर चौथे किसान की मौत हुई है। इससे पहले सोमवार और मंगलवार सुबह भी एक-एक किसान की हृदयाघात से मौत हुई थी। धरनास्थल पर किसानों की मौत को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती ठंड के कारण बुजुर्ग किसान लगातार बीमार हो रहे हैं। उनमें ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन के शिकार हो रहे हैं और हृदयाघात से उनकी मौत हो रही है।
कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर 27 नवंबर से किसान धरना दे रहे हैं। धरने में शामिल होने के लिए पटियाला के गांव सोहली निवासी 62 वर्षीय किसान पाल सिंह 13 दिसंबर को ही कुंडली पहुंचे थे। वे अपने साथियों व गांव के अन्य किसानों के साथ फिलहाल गांव रसोई से आगे जीटी रोड पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रोली में ठहरे हुए थे। साथियों ने बताया कि मंगलवार रात को वह खाना खाने के बाद वे अपनी ट्रैक्टर-ट्राली में सो गए। बाद में जब दूसरे साथी ट्रैक्टर-ट्राली में सोने के लिए पहुंचे तो देखा कि वे बेसुध पड़े थे। उठाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने तत्काल धरनास्थल पर मौजूद चिकित्सकों के पास ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने इसकी सूचना थाना कुंडली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देर रात नागरिक अस्पताल में पहुंचाया।

विजय दिवस पर वॉर मेमोेरियल में पीएम मोदी ने प्रज्जवलित किया स्वर्णिम विजय मशाल : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)   सन् 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत के विजय की 50वीं वर्षगांठ के आयोजन की शुरुआत पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेशनल वार मेमोरियल पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर ‘स्वर्णिम विजय मशाल’ को प्रज्जवलित किया। चार विजय मशाल प्रज्जवलित किए गए। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस बिपिन रावत के साथ अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख उनके साथ मौजूद रहे।
नेशनल वॉर मेमोरियल की अनन्त ज्योति से प्रज्ज्वलित चार ‘विजय मशाल’ (ज्वाला) 1971 युद्ध के परमवीर चक्र और महावीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के गांवों सहित देश के विभिन्न हिस्सों में ले जाई जाएगी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया !
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50 वीं वर्षगांठ पर ‘स्वर्णिम विजय वर्षा’ के लिए लोगो का अनावरण किया।
ये मशाल 1971 के युद्ध के लिए वीर चक्र तथा महावीर चक्र विजेताओं के गांवों में भी जाएंगी। इन पदक विजेता वीरों के गांवों तथा जहां अहम लड़ाई लड़ी गई, उन जगहों की मिट्टी नेशनल वार मेमोरियल लाई जाएगी। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर विजय हासिल किए जाने की याद में भारत 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाता है। इसी विजय से बांग्लादेश का निर्माण हुआ था।
इस मौके पर चार विजय मशाल को विजय यात्रा से माध्यम से देशभर में ले जाया जाएगा। विजय यात्रा दिल्ली से चलकर मथुरा होते हुए भरतपुर, अलवर, हिसार, जयपुर, कोटा, आदि सैन्य छावनी क्षेत्रों और उनके दायरे में आने वाले शहरों का भ्रमण करती हुई वापस दिल्ली पहुंचेगी। यात्रा की अवधि एक साल की होगी। यात्रा बांग्लादेश की राजधानी ढाका भी जाएगी।
16 दिसंबर, 1971 को देश की पश्चिमी सीमा पर बसंतर नदी के किनारे खुले मोर्चे पर भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना को हरा दिया था। इसलिए भारतीय सेना 16 दिसम्बर को ‘विजय दिवस’ मनाती है। पाकिस्तान ने इस युद्ध में 93 हजार सैनिकों के साथ सरेंडर किया था।

शोहरतगढ के सुभाष गुप्ता के वाहन को नोयडा के पास डम्फर ने मारा ठोकर, तीन की मौत. : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार शोहरतगढ के चेयरमैन के वाहन को डम्फर ने मारा ठोकर मार दिया, जिसमें सुभाष सहित दो लोग गम्भीर रूप से घायल हो गये हैं! और सुभाष की पुत्री रिंकी और वाहन चालक पवन दूूूूवे सहित तीन लोगों की मौत हो गई है! यह घटना गौतमबुद्ध नगर जिले में हुआ है!

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता समेत 3 ने दिया इस्तीफा, किसान आंदोलन में फूट : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  दिल्ली के निकट नोएडा सेक्टर-14 ए स्थित चिल्ला बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों में अब दो फाड़ हो गई है। नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता खोले जाने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र सिंह चौरोली, राष्ट्रीय प्रवक्ता सतीश चौधरी समेत एक महिला किसान नेता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के निर्णय से आहत होकर तीनों नेताओं ने इस्तीफा दिया है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि किसान आंदोलन में फूट पड़ने लगी है और आने वाले समय में किसान नेता आपस में भिड़ते नजर आ सकते हैं।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक पखवाड़े से अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं के बीच अब दरार दिखने लगी है। किसान आंदोलन के शुरुआती दौर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले नेताओं में रविवार को दूसरी बार तीखे मतभेद देखने को मिले। इससे पहले भी दिल्ली से आने वाला रास्ता खोले जाने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के फैसले से आहत होकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह धरना स्थल से अपने साथियों के साथ वापस लौट गए थे, लेकिन मीडिया में मामला सामने आने के बाद इसके दूसरे ही दिन वह फिर से कार्यकर्ताओं संग धरनास्थल पर लौट आए थे। अब एक बार फिर से शनिवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई। बैठक के बाद व नोएडा से दिल्ली जाने का रास्ता खोलने पर बनी सहमति पर वरिष्ठ नेताओं के बीच आंतरिक कलह बेपर्दा हो गई।
रविवार को इस्तीफा देने वाले तीनों नेता धरना स्थल भी नहीं पहुंचे। तीनों नेताओं ने कुछ किसान नेताओं को जानकारी देकर अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दिया है। उधर धरने बैठे एक किसान का कहना है दिल्ली जाने वाला रास्ता खोलने का फैसला आंदोलन की धार को कम करेगा, इसलिए तीनों किसान नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगर जल्द बात नहीं बनी तो कुछ अन्य नेता भी इस्तीफा दे सकते हैं। उधर भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है कि लोगों की परेशानियों को देखते हुए ही रास्ता खोला गया है। इस प्रदर्शन से आम जनता को कोई भी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।. ….. ( ऊँ टाइम्स का पूूूूरा समाचार पढिए http://www.omtimes.in पर)

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, बहन-बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों का होगा राम नाम सत्‍य : OmTimes

मेरठ/ लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) यूपी के  मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ रविवार को सुबह सड़क मार्ग से गाजियाबाद से मेरठ पहुंचे। यहां पर इन्‍होंने सरदार वल्‍लभ भाई पटेल कृषि विश्‍वविद्यालय में किसानों व छात्रों को संबोधित किया। सीएम योगी ने मेरठ में 325 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिल्‍यांस किया। सीएम योगी अपने संबोधन के दौरान अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यूपी में बहन-बेटियों के साथ छेड़खानी की गई तो उनकी ‘राम नाम सत्‍य’ की यात्रा निकाली जाएगी। मुख्‍यमंत्री के साथ मंच पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह व केंद्रीय मंत्री बीके सिंह समेत कई और नेता मौजूद रहे।
मुख्‍यमंत्री ने कड़े शब्‍दों में अपराधियों को संदेश देते हुए कहा कि यूपी के बहन-बेटियों को अब डरने की जरुरत नहीं है। पुलिस को खुली छूट दे दी गई है, जो भी बहन-बेटियों के साथ छेड़खानी करेगा। उसे किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्‍होंने कहा कि मनचलों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि बहन बेटियों के साथ छेड़खानी करने वाले अपनी हरकत से बाज नहीं आए तो उनकी ‘राम नाम सत्‍य है’ की यात्रा निकलना तय है।
किसानों के जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि कुछ ऐसे लोग है, जो किसानों को भ्रम में डालकर आंदोलन को हवा दे रहे हैं। योगी ने कहा कि इनसे किसानों का विकास देखा नहीं जाता है। ये किसानों के आंदोलन के बहाने उपद्रवियों को छुड़ाने का ऐजेंडा चला रहे हैं। किसान आंदोलन में उपद्रवियों के पोस्‍टर लेकर विरोध कर रहे हैं।

मेरठ में नहीं उतर पाया योगी का हेलीकॉप्‍टर – मुख्‍यमंत्री योगी आदित्य नाथ का मेरठ में आने का सुबह 11 बजे का कार्यक्रम था। लेकिन खराब मौसम के कारण वे समय से नहीं पहुंच सके। तकरीब 12 बजे के आसपास योगी का हेलीकॉप्‍टर मेरठ पहुंच गया था। लेकिन कोहरे के कारण उतर न‍हीं पाया, लिहाजा उन्‍हें गाजियाबाद वापस ही जाना पड़ा। वहां से उनके लिए सड़क मार्ग से आने का प्रबंध किया गया। एक बजकर 25 मिनट पर योगी का काफिला मेरठ पहुंच गया। यहां पर संबोधन के बाद वे बागपत रोड स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे और तकरीबन चार बजे मेरठ से चले गए।. ….( ऊँ टाइम्स का सनसनीखेज समाचार http://www.omtimes.in  पर पढिए)

अमेरिका में किसानों के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा से तोड़फोड़ : OmTimes

नई दिल्ली / वॉशिंगटन ( ऊँ टाइम्स )  अमेरिका में किसान आंदोलन की आड़ में अन्य कई ताकतें देश विरोधी हरकतें कर रही हैं। विगत दिवस किसानों की मागों के समर्थन में वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन में भारतीय दूतावास के पास लगी बापू जी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ की गई।
इस घटना से संबंधित एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि बापू की प्रतिमा को प्रदर्शनकारियों ने ढंक दिया है। कुछ लोगों के हाथ में बैनर-पोस्टर भी दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान खालिस्तान के झंडे भी लहराए गए। इससे पहले लंदन में भी भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन के दौरान में खालिस्तान के झंडे लहराए गए थे।

किसान आंदोलन समर्थन में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा समेत कई देशों में प्रदर्शन जारी हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो किसानों के प्रदर्शन का समर्थन कर चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने किसानों के प्रदर्शन पर कहा था कि किसी को भी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने का अधिकार है। कानाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भी किसानों की मांगों का खुलकर समर्थन किया था।
आपको बता दें कि वॉशिंगटन में भारतीय दूतावास के पास लगी महात्मा गांधी की इस प्रतिमा के साथ इसी साल जून में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान भी तोड़फोड़ की गई थी। जिसके बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने अमेरिका में मेट्रोपॉलिटन पुलिस और पार्क पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। बाद में एक्सपर्ट को बुलाकर बापू की प्रतिमा को ठीक किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 16 सितंबर 2000 को अमेरिका दौरे के दौरान बापू इस प्रतिमा का अनावरण किया 

गृह मंत्री के आवास पर धरना देने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में लिया AAP विधायक राघव चड्ढा को : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  एलजी अनिल बैजल और केंद्रीय गृह मंत्री के घर धरने से पहलेआम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा और ऋतु राज को पुलिस ने उनके घर से ही हिरासत में लिया है। ऋतु राज को थाने ले जाया गया है, जबकि राघव चड्ढा के घर के बाहर पुलिस तैनात है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के उस प्रार्थना पत्र से अस्वीकार कर दिया है जिसमें एलजी और गृह मंत्री के घर के बाहर शांतिपूर्वक धरने देने की इजाजत मांगी थी। 
दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर गत 7 नवंबर से धरना दे रहे भाजपा शासित तीनों नगर निगमों के महापौरों के जवाब में आम आदमी पार्टी (आप) भी रविवार से धरना शुरू करने जा रही है। पार्टी ने जो योजना बनाई है उसके तहत आप का भाजपा पर हमला दो जगह धरना देकर होगा। एक तरफ उपराज्यपाल निवास पर धरना होगा तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री के आवास के बाहर धरना दिया जाएगा। ये धरना उत्तरी नगर निगम द्वारा दक्षिणी नगर निगम के 2400 करोड़ रुपये माफ कर दिए जाने के मामले में सीबीआइ मांग को लेकर होगा।
आप ने घोषणा की है कि धरना तब तक चलेगा जब तक केंद्र सरकार सीबीआइ जांच की मांग स्वीकार नहीं कर लेता है। इस बारे में आप की वरिष्ठ नेता और विधायक आतिशी ने शनिवार को प्रेसवाता कर बताया कि उत्तरी नगर निगम के खिलाफ सीबीआइ जांच की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक व पार्षद रविवार सुबह 11 बजे दिल्ली के उपराज्यपाल और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे। इसके बाद धरने पर बैठेंगे।
आतिशी ने कहा कि उत्तरी नगर निगम ने हेरफेर कर दक्षिणी नगर निगम पर बकाया जिस 2400 करोड़ की राशि को माफ कर दिया है। इतनी राशि इस नगर निगम को मिल जाती तो इस नगर निगम के सभी कर्मचारियों का बकाया वेतन दिया जा सकता था। आतिशी ने इसे भ्रष्टाचार बताया है। उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार के लिए कौन जिम्मेदार है? दिल्ली के शहरी विकास मंत्री ने भी इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है। बता दें कि मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे तीनों महापौर की 13000 करोड़ की मांग को आम आदमी पार्टी जायज नहीं मानती है। पार्टी कई बार यह बात साफ कर चुकी है कि निगमों का दिल्ली सरकार पर एक भी पैसा बकााया नहीं है।

यूपी के CM को पुलिस डायल 112 के ह्वाट्सऐप पर मिली धमकी, FIR हुआ दर्ज : OmTimes News

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) प्राप्त समाचार के अनुसार उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को धमकी दी गई है ! यह धमकी पुलिस सेवा डॉयल 112 के व्हाट्सअप पर मिली है! अबतक मिली जानकारी के मुताबिक, इस धमकी भरे संदेश में आपत्ति जनक भाषा का भी प्रयोग किया गया है ! फिलहाल इस संबंध में लखनऊ के सुशांत लोक थाने में एफआईआर दर्ज किया जा चुका है! वहीं, शुरुआती जांच में धमकी देने वाला शख्स आगरा का बताया गया है, इसकी जानकारी आगरा पुलिस को भी दे दी गई है!
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 112 सेवा पर धमकी भरा मैसेज भेजा गया है. फिलहाल जिस नंबर से ये मैसेज आया है, उसे ट्रेस किया जा रहा है!
आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान, कुछ ही महीने पहले उत्‍तर प्रदेश पुलिस के मुख्यालय के सोशल मीडिया डेस्क के व्हाट्सअप नंबर पर मैसेज भेजकर मुख्यमंत्री को मुसलमानों का दुश्मन बताते हुए जान से मारने की धमकी दी गई थी. इस मामले में आरोपी के खिलाफ गोमतीनगर थाने पर मुकदमा दर्ज कर उसे 26 मई 2020 को गिरफ्तार किया गया था! सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी की ओर से दाखिल बिना शर्त माफीनामे का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया कि उसे अपने किए पर पछतावा है! … ( ऊँ टाइम्स का समाचार पढने के लिए इन्टरनेट पर http://www.omtimes.in सर्च करें)

यूपी और हरियाणा से दिल्ली आने के लिए इन रास्तों का करें इस्तेमाल, वरना झेलनी होगी परेशानी : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  दिल्ली से सटे हरियाणा के टीकरी और सिंघु बॉर्डर के साथ दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर भी किसानों का आंदोलन लगातार 17वें दिन जारी है। ऐसे में दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को सावधानी बरतने के साथ वैकल्पिक रास्तों को अपनाने का सुझाव दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ट्वीट किया है- ‘किसानों के आंदोलन के चलते सिंघु, औचंडी, पियाउ मनियारी और मंगेश बॉर्डर बंद है। ऐसे में वाहन चालक आवागमन के लिए लामपुर, साफियाबाद, सबोली और सिंघु स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर के रास्तों का इस्तेमाल करें।’ इसी के साथ मुकरबा और  जीटीके रोड पर वाहनों का डायवर्जन किया गया है। वहीं, रिंग रोड, जीटीके रोड और नेशनल हाई-वे-44 से दूरी बनाने की सलाह दी गई है। 
नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आ रहे लोगों के लिए चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर बंद है, इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे दिल्ली आने के लिए आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा बॉर्डर और भोपुरा बॉर्डर के रास्तों का इस्तेमाल करें। पश्चिमी दिल्ली में टीकरी के साथ धासना बॉर्डर बंद है, जबकि झटीकरा बॉर्डर के जरिये दोपहिया वाहनों को ही आवागमन की अनुमति है।  
ढांसा में भले ही बॉर्डर पर किसान बैठे हैं लेकिन यहां पैदल निकलने के लिए पूरा रास्ता है, लेकिन टीकरी बॉर्डर पर स्थिति कुछ अलग है। यहां बैरिकेड इस कदर लगाए गए हैं कि आप यहां से पैदल भी नहीं निकल सकते हैं। ऐसे में टीकरी बॉर्डर पर पैदल राहगीरों को हरियाणा से दिल्ली के क्षेत्र में आने के लिए काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। राहगीर टीकरी बार्डर से करीब एक किलोमीटर पहले ही मुख्य सड़क छोड़कर गलियों से दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते हैं। समस्या यह है कि यहां रास्ते संकरे हैं और कोई ऐसा संकेतक कहीं नहीं लगा है जिससे लोगों को यह पता चले कि गली उन्हें दिल्ली के क्षेत्र तक पहुंचा देगी। ऐसे में काफी लोग यहां भटक जाते हैं।
इससे पहले नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर शुक्रवार को भी जारी रहा। क्षेत्र में टीकरी के बाद अब ढांसा में किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। यहां दिल्ली देहात के विभिन्न गांवों के अलावा अब हरियाणा के विभिन्न गांवों से भी किसान जुटने लगे हैं। यहां किसान पिछले करीब छह दिनों से बॉर्डर पर आवाजाही रोककर सड़क पर डेरा जमाए बैठे हैं। समय -समय पर ¨सघु व टीकरी में जमे किसान भी यहां इनके बीच आकर अपनी बात रख रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डागर का कहना है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है। भले ही किसान सड़क पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी जरूरी वाहन को बॉर्डर पार करने से नहीं रोक रहे हैं। समय- समय पर एंबुलेंस व पानी के टैंकरों को बॉर्डर पार कराया जा रहा है।
उधर टीकरी की बात करें तो यहां नारेबाजी के बीच किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। यहां बॉर्डर को पुलिस ने पूरी तरह से सील किया हुआ है। इसके बावजूद एंबुलेंस को जाने दिया जा रहा है। इस कार्य में पुलिस व किसान एक दूसरे का यहां सहयोग भी करते हैं, लेकिन एंबुलेंस के गुजरने के बाद यहां फिर से नारेबाजी शुरू कर किसान अपना विरोध जताने लगते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलोग स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं। हालात के हिसाब से जो भी उचित कदम उठाने की आवश्यकता होगी, उसे उठाया जाएगा।
किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस बॉर्डर पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। अभी भी बॉर्डर पर बैरिकेड की दीवार दो जगह पर खड़ी है। इसके अलावा क्रेन खड़ा करके सड़क पर जगह- जगह अवरोध बनाया गया है। दिल्ली की सीमा के भीतर क्रेन के अलावा टैंपो व ट्रक को आड़ा तिरछा इस कदर खड़ा किया गया है कोई भी वाहन लाख कोशिशों के बाद भी इन्हें पार नहीं कर सकता है। इसके अलावा वाटर कैनन की गाडि़यां भी यहां तैनात हैं।

दिल्ली सहित कई राज्यों में शुरू हुई बारिश, जानिए आज कैसा रहेगा मौसम : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  मौसम में अचानक बदलाव आया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी और दिल्ली सहित कई राज्यों में हल्की बारिश शुरू हो गई है । 12 दिसंबर यानी आज पहले दिनों की अपेक्षा दिल्ली समेत कई राज्यों में काफी बदलाव देखने को मिला। आज दिल्ली , यूपी समेत कई राज्यों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 घंटों के दौरान दक्षिण-दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली, द्वारका और IGI हवाईअड्डे पर हल्की बारिश हो सकती है।
हिमालय के क्षेत्र से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके पड़ोसी शहरों में 11-12 दिसंबर को हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया गया था। जबकि जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी हो रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए बयान के मुताबिक, दिल्ली के कुछ इलाकों में कोहरा, हल्की बारिश और बादल छाए रहे।
भारत के मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि राष्ट्रीय राजधानी में आज हल्की बारिश या बूंदा-बांदी के साथ न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा। पिछले काफी दिनों से दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। ऐसे में हल्की बारिश से दिल्लीवासियों को प्रदूषण से भी राहत मिल सकती है। 

सपा जिलाध्यक्ष गोरखपुर एवं पूर्व विधायक समेत 48 के विरूद्ध हुआ मुकदमा दर्ज : OmTimes

गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोरखपुर नगीना साहनी, पिपराइच की पूर्व विधायक राजमति निषाद समेत 48 लोगों पर गुलरिहा पुलिस ने बलवा, सरकारी काम में बाधा डालने, आवागमन बाधित करने समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि किसान आंदोलन के समर्थन में इन लोगों ने बिना अनुमति लिए प्रदर्शन किया। थाने के सामने रास्ता जाम करने के बाद इन लोगों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। जिसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई।

थानेदार की तहरीर पर दर्ज हुआ गुलरिहा थाने में केस – गुलरिहा थानेदार रवि राय ने तहरीर में लिखा है कि नौ दिसंबर को वह वीआइपी डयूटी कर रहे थे। सुबह 11 बजे के करीब सूचना मिली कि किसान आंदोलन के समर्थन में कई संगठन के लोग सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हमराहियों के साथ पहुंचे तो देखा कि सपा जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी, पिपराइच की पूर्व विधायक राजमति के बेटे अमरेंद्र निषाद बिना अनुमति के अपने समर्थकों के साथ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो थाने के सामने गोरखपुर – महराजगंज मार्ग जाम कर दिया। जिसकी वजह से अफरा-तफरी मच गई। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर ली। पुलिस ने हटाने का प्रयास किया तो धक्का-मुक्की करने लगे। किसी तरह से सपा नेताओं व उनके समर्थकों को हटाया गया।

इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा – रामनगीना साहनी जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, राजमति देवी पूर्व विधायक पिपराइच, अमरेंद्र निषाद, मदन यादव, एहतेश्याम खां, गौरी यादव, राघवेंद्र यादव, बेचू यादव, सद्दाम हुसैन, बाबूराम फौजी, मनमोहन, अयूब सिद्दीकी, अखिलेश यादव, नागेंद्र यादव, ओमप्रकाश, मनीष पांडेय, ओमप्रकाश यादव, देवेंद्र यादव, गवीश दूबे, धर्मेंद्र यादव, श्रीराम सिंह यादव, देवीदीन यादव, जितेंद्र सिंह, परशुराम निषाद, प्रदीप यादव, बिंदा देवी, कंचन श्रीवास्तव, लक्ष्मी शर्मा और 20 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू , मैदानी इलाकों में बारिश की है संभावना : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है जिसकी वजह से अगले एक दो दिन में मैदानी इलाकों में बारिश होगी, जिससे ठंड बढ़ने की संभावना हैं। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों में अगले दो दिन में बारिश के आसार हैं। राजस्थान में 15 दिसंबर के बाद पारा 4 डिग्री तक गिरेगा। वहीं  यूपी, बिहार में भी कोहरे का कहर जारी है।  यहां भी 15-16 दिसंबर को बारिश के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार में कोहरे से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी।
दिल्ली और उत्तरप्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद 13 दिसंबर से कोहरा छाया रहेगा। 13 दिसंबर को हल्के से मध्यम दर्जे का कोहरा रहेगा, तो वहीं 14 व 15 दिसंबर को घना कोहरा छा सकता है। 14 दिसंबर से ठंडी हवाएं दिल्ली में आने लगेंगी, इससे अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आना शुरू हो जाएगा। 14 से 16 दिसंबर तक दिन में अच्छी खासी ठंड महसूस हो सकती है।
 जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का दवाब बना हुआ और पूरे जम्मू-कश्मीर में बादलों और सूर्य के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। शाम तक बादल और घने होने की संभावना है तो कुछ स्थानों पर बारिश और हल्की बर्फबारी की भी संभावना बनी हुई है।जम्मू-कश्मीर में फिलहाल मौसम तो साफ है लेकिन मरम्मत कार्यों के चलते जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग आज बंद किया हुआ है। दिन भर मौसम शुष्क रहने के बाद श्रीनगर, काजीकुंड, पहलगाम, कुकरनाग, भद्रवाह आदि क्षेत्रों में रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। पहलगाम और गुलमर्ग का रात का तामपान शून्य से नीचे रहा वहीं। लेह की रात सबसे ठंडी रात रही। न्यूनतम तापमान लुढ़क कर -10.0 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
 उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदली। आज केदारनाथ और बदरीनाथ समेत ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। वहीं, मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया हुआ है। इसके अलावा कहीं-कहीं आकाशीय बिजली भी गिर सकती है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में अच्छी बर्फबारी देखने को मिली, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क बना हुआ है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में औसतन तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया शुक्रवार से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। ऐसे में ओलावृष्टि के साथ ही बारिश और बर्फबारी संभव है।

बिहार में अभी कोहरे से राहत नहीं मिलेगी। सुबह 10 बजे तक ज्यादातर जिलों में घना कोहरा छाएगा। 15-16 दिसंबर को हल्की बारिश के आसार हैं। इसके बाद ही आसमान साफ होगा और रात के तापमान में कमी आएगीऔर इसके बाद ठंड बढ़ जाएगी।
दिसंबर के 10 दिन गुजर गए, लेकिन राजस्थान में दिन-रात का तापमान कम नहीं हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि ला-नीना के असर से इस बार जोरदार सर्दी पड़ेगी। अब एंटी साइक्लोन सिस्टम उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं को आगे बढ़ने से रोक रहा है, जिसकी वजह से पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं और राज्य में अभी ठंड नहीं बढ़ी है।

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण पंजाब के कई जिलों में अगले दो दिनों में बारिश होने की संभावना है।मौसम विभाग के मुताबिक पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और नवांशहर में बारिश हो सकती है, 13 और 14 दिसंबर को धुंध और शीतलहर की शुरूआत हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ऊपर चल रहा है।
अगले दो दिनों में हरियाणा के कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद पहाड़ों से ठंडक मैदानों की ओर तेजी से बढ़ेगी। 13 और 14 दिसंबर को कई इलाकों में गहरी से गहरी धुंध छा सकती है, जबकि 17 दिसंबर के बाद कड़ाके की सर्दी शुरू हो सकती है।

राज्यपाल धनखड़ ने दिया चेतावनी- आग से न खेलें ममता बनर्जी, यदि संविधान का पालन नहीं हुआ तो मेरा रोल होगा शुरू : OmTimes

कोलकाता (ऊँ टाइम्स)  बंगाल दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद कानून व्यवस्था के मुद्दे पर शुक्रवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संविधान का पालन करना होगा। वह अपने रास्ते से नहीं भटक सकती हैं। राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति लंबे समय से लगातार बिगड़ रही है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत के संविधान की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है। यदि मुख्यमंत्री अपने रास्ते से भटकेंगी तो मेरा रोल शुरू हो जाएगा। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के काफिले पर हुए हमले को लेकर राज्यपाल ने कहा कि कल हुई घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ये हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने पर एक धब्बा है। मैंने केंद्र सरकार को बेहद परेशान करने वाले घटनाक्रमों के बारे में एक रिपोर्ट भेजी है, जिसकी विषयवस्तु साझा नहीं कर सकता हूं।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा, ‘राज्य में कौन बाहरी है, उनका इससे क्या मतलब है? क्या भारतीय नागरिक भी बाहरी हैं, ममता को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। मुख्यमंत्री को आग से नहीं खेलना चाहिए। बाहरी कहना संविधान का अपमान है। बाहरवाला, अंदरवाला कहना एक खतरनाक खेल है। ममता संविधान के हिसाब से काम करें।’

राज्यपाल ने कहा, ‘ममता बनर्जी को संविधान के हिसाब से काम करना चाहिए। ममता से विनती है कि वो संविधान का पालन करें। यदि ममता भटकेंगी तो मेरे दायित्व की शुरुआत होगी। संविधान की आत्मा पर और कितना हमला होगा। संविधान की आत्मा का ध्यान रखें, भारत एक है उसका नागरिक एक है। मुझे विश्वास है कि ममता मेरी बात पर ध्यान देंगी।’
राज्यपाल ने कहा कि बंगाल के लोगों की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है। भारत के संविधान की रक्षा करना मेरी जिम्मेदारी है। राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। सरकारी तंत्र का राजनीतिकरण हो रहा है। क्या ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है। ऐसे प्रशासन पर मुझे शर्म आती है। मैं बंगाल में शांति चाहता हूं।
भाजपा नेताओ पर हुए हमले का जिक्र करते हुए राज्यपाल धनखड़ ने कहा, ‘मानवाधिकार के दिन हुआ हमला मानवाधिकार पर हमला है। कल हुआ हमला लोकतंत्र पर धब्बा है और बेहद शर्मनाक है। बंगाल में संविधान की मर्यादाएं टूट रही हैं। बंगाल में पुलिस प्रशासन फेल हो गया है। बेलगाम ढंग से कल लोग सड़कों पर उतरे थे। मैंने कल हुए हमले को लेकर डीजीपी को जानकारी दी थी। ममता को कल की घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्हें भाजपा अध्यक्ष पर दिए अपने बयान को वापस लेना चाहिए। वे बदले की भावना से काम कर रही हैं।’ 

विपक्षी दल का प्रतिनिधि मंडल कल मिलेगा राष्ट्रपति से , जिसमे राहुल गांधी भी होंगे शामिल : omtimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आज ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदर्शनकारी किसानों को मिलने के लिए बुलाया है। भारतीय किसान यूनियन ने इसकी जानकारी दी है। शाह ने शाम सात बजे मिलने के लिए बुलाया है। देश के अधिकतर राज्यों में बंद का मिला जुला असर देखने को मिला है। कहीं से भी बड़े उपद्रव की जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ राज्यों को छोड़कर देश भर में सुबह के पीक-आवर ट्रैफिक मूवमेंट सामान्य रहा। प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक अवरुद्ध कर दिए। जयपुर में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।  दिल्ली और अन्य कई राज्यों में सब्जी मंडियों में आंशिक ‘ प्रभाव देखने को मिला।
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस बंद का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि किसानों और केंद्र सरकार के बीच इसे लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। किसान यूनियनों ने कहा है कि वे सरकार द्वारा प्रस्तावित किए जा रहे कृषि कानूनों में संशोधन से संतुष्ट नहीं हैं। दोनों के बीच कल (बुधवार) को फिर बातचीत होनी है। 

हिरासत में लिए गये समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव : OmTimes

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता ऊँ टाइम्स)  कन्नौज में समाजवादी पार्टी की किसान यात्रा को रवाना करने से रोके गए समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला है। लखनऊ में अपने आवास में करीब छह घंटा नजरबंद रहे अखिलेश यादव ने अपने आवास के पास विक्रमादित्य मार्ग पर धरना दिया और मीडिया को संबोधित किया।
लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग पर करीब 45 मिनट तक धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनको पुलिस की बस में बैठाया गया है। धरना पर बैठे अखिलेश यादव पुलिस की बैरिकेडिंग से बाहर आ गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लेकर पुलिस लखनऊ के ईको गार्डन रवाना हो गई।
अखिलेश ने कहा कि जब किसान धरने पर बैठ सकते हैं तो मैं क्यों नहीं बैठ सकता। मेरा कन्नौज जाने का कार्यक्रम था। मुझे पुलिस के दम पर वहां नहीं जाने दिया जा रहा है। वहां पर करीब 45 मिनट तक धरना देने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने वहां पर लोकसभा अध्यक्ष को दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है!
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव बंदरियाबाग चौराहे पर सड़क के बीच में धरने पर बैठे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कोरोना वायरस को एक बहाना बनाया है। भाजपा के लिए किसी भी कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए कोरोना वायरस कहीं पर भी नहीं है, लेकिन विपक्ष अगर कहीं पर भी कुछ करता है तो सरकार कोरोना का बहाना बना लेती है। अब तो यह सरकार भरपूर तानाशाही कर रही है। हर जगह पर पुलिस के दम पर हमें रोका जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। किसान, गरीब, मजदूर सब परेशान हैं।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ में विक्रमादित्य मार्ग पर उनके आवास में ही नजरबंद किया गया था। अखिलेश यादव के आवास के साथ ही विक्रमादित्य मार्ग पर सपा कार्यालय को भी बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया था । गौतम पल्ली थाना की फोर्स के साथ ही लखनऊ के अन्य थाना क्षेत्र की फोर्स को अखिलेश यादव के आवास के पास में तैनात किया गया।
अखिलेश यादव से मिलने उनके आवास पर जा रहे रहे पार्टी के दो एमएलसी उदयवीर सिंह तथा राजपाल कश्यप को भी पुलिस ने सड़क पर ही रोक दिया। दोनों नेताओं ने अपना परिचय देने के साथ ही अपना आई कार्ड भी दिखाया, इसके बावजूद भी उन्हेंं रोका गया । एमएलसी राजपाल कश्यप और आशु मलिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पार्टी ऑफिस में जाने के लिए पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद दोनों  हिरासत में लिया गया। सपा कार्यालय में पार्टी नेताओ के आने पर रोक लगा दी गई । राजपाल कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार अखिलेश यादव से घबरा गई। यहां पर किसानों की आवाज उठाने पर अन्याय किया जा रहा है। 
अखिलेश यादव की आज कन्नौज से समाजवादी पार्टी की किसान यात्रा को रवाना करने की योजना है। कोविड 19 का हवाला देकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। कन्नौज में अखिलेश के किसानों के समर्थन में किसान यात्रा में ट्रैक्टर चलाकर यात्रा के शामिल होने का कार्यक्रम था। समाजवादी पार्टी की आज हर जिले में लगातार किसान यात्रा चलाने का कार्यक्रम है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सोमवार से होने वाली समाजवादी पार्टी की किसान यात्रा से पहले ही जिलों में समाजवादी पार्टी के नेताओं पर शिकंजा कसा गया । इनको घरों में ही नजरबंद किया गया है। आगरा में फोर्स हाईअलर्ट पर है। यहां पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर सुरक्षा चाक-चौबंद है, लेकिन समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए सपा के नेताओं को हाउस अरेस्ट पर रखा गया।इसके साथ ही बिजनौर, कौशांबी, मेरठ, बदायूं, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, सीतापुर व प्रयागराज में भी समाजवादी पार्टी के नेताओं पर पुलिस की नजर है। मेरठ में पुलिस ने सपा जिलाध्यक्षा राशिद हुसैन के आवास को घेरा है। सपा की किसान यात्रा को लेकर यहां पुलिस की घेराबंदी है।
कौशाम्बी में पुलिस ने सपा लोहिया वाहिनी प्रदेश अध्यक्ष राम करन निर्मल के साथ समाजवादी जिलाध्यक्ष को भी घर से गिरफ्तार किया है। इनके साथ पार्टी के कई कई सपा नेता-कार्यकर्ता गिरफ्तार हैं। मुजफ्फरनगर में पुलिस ने सपा नेता चौधरी रूद्र सेन को नजरबंद करने के साथ यहां के नगर पंचायत कार्यालय को भी घेरा है। बदायू में पुलिस ने सपा नेताओं को नजरबंद किया है जबकि पूर्व  सांसद धर्मेंद्र यादव के आवास को भी सील किया गया है। लखीमपुर खीरी में सपा किसान यात्रा से पहले पुलिस ने नेताओं को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही सदर, पलिया व गोला इलाके में कई नेता को नजरबंद किया गया है। मेरठ में विधायक रफीक अंसारी को नजरबंद किसान यात्रा से पहले विधायक नजरबंद किया गया है। उनके घर के बाहर तथा अंदर पुलिस तैनात है। बिजनौर के धामपुर में पूर्व राज्य मंत्री मूलचंद चौहान के कार्यालय तथा गांव में पुलिस तैनात है। यहां पुलिस ने सपा विधायक हाजी नईमुल हसन के आवास को घेर लिया है। 
किसान आंदोलन को लेकर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अन्य दलों ने भी सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की घेराबंदी आरंभ कर दी है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता सोमवार से अपने क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाओ और खेती किसानी बचाओ नारे के साथ किसान यात्राएं निकलेंगे। इनको कन्नौज से अखिलेश यादव को रवाना करना है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कन्नौज की ठठिया मंडी से तिर्वा के किसान बाजार तक 13 किलोमीटर की यात्रा ट्रैक्टर से करेंगे। ठठिया में 60 एकड़ में आलू की मंडी सपा शासनकाल में बनायी गई थी, जिसे भाजपा सरकार ने रोक दिया है। चौधरी ने कहा कि सपा कार्यकर्ता हर जिले में साइकिल पर सवार होकर सरकार की कुनीतियों का प्रचार करने के साथ ही समाजवादी उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए गांव-गांव जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा की विदाई तक समाजवादी कार्यकर्ता सरकार को घेरने में कोई ढिलाई नहीं बरतेंगे।
इनके साथ ही प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया कार्यकर्ता भी 24 दिसंबर से गांव-गांव संपर्क यात्रा पर निकलेंगे। पार्टी के प्रवक्ता दीपक मिश्रा ने बताया कि सोमवार को जिला केंद्रों पर प्रदर्शन किया जाएगा और किसानों के समर्थन में ज्ञापन सौंपे आएंगे। मिश्रा ने कृषि विधेयक वापस लेने की मांग की। 

बब्बर खालसा से जुड़े पाँच आतंकी दिल्ली के शकरपुर इलाके से हुए गिरफ्तार : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स) दिल्ली पुलिस ने बब्बर खालसा से जुड़े पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में रविवार रात को पुलिस के साथ एनकाउंटर के बाद हुई। मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने इन पांचों आतंकियों को रविवार की रात को उस समय गिरफ्तार किया कि जब ये भागने की फिराक में थे। इस दौरान इनके पास से भारी मात्रा में हथियार व अन्य विस्फोटक सामान भी बरामद हुआ है। गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली पुलिस इन पांचों आतंकियों से लगातार पूछताछ कर रही है। यह भी पता चला है कि इनके निशाने पर भाजपा और आरएसएस के नेता रहते हैं।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान बब्बर खालसा के इन पांचों आतंकियों का कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ से भी निकला है। पुलिस की मानें तो आइएसआइ के इशारों पर ये आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। किसान आंदोलन के दौरान इनकी मौजूदगी भी कई तरह के सवाल पैदा कर रही है?
कहा जा रहा है कि ये पांचों आतंकी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की फिराक में थे।  पूछताछ में पता चला है कि इन पांचों में से 2 जम्मू तो 3 पंजाब से जुड़े हैं। 
मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में एनकाउंटर के बाद पांचों आतंकियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि खुफिया सूचना पर जब दिल्ली पुलिस ने आतंकियों को घेरा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। वहीं, जवाबी फायरिंग में पांचों आतंकियों का गिरफ्तार कर लिया गया।
शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि बब्बर खालसा से जुड़े इन पांचों आतंकियों का इस्तेमाल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी करती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये आतंकी किस बड़ी घटना को अंजाम देने के मकसद से दिल्ली में थे। यह जानकारी सामने आई है कि इनके निशानों पर भारतीय जनता पार्टी के नेता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक के कार्यकर्ता व बड़े नेता रहते हैं।

दिल्‍ली जाने के लिए अड़े किसान, पुलिस ने रोका है रास्‍ता, लगा है लंबा जाम : omtimes

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स ) आम आदमी पार्टी आठ दिसंबर के भारत बंद में किसानों का साथ देगी। आप के मुखिया व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के देश भर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से किसानों का साथ देने की अपील की है। यह जानकारी देते हुए आप के दिल्ली संयोजक व कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि केंद्र सरकार का ढुलमुल रवैया किसानों को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार कानूनों के फायदे गिना रही है, जो बहुत ही निराशाजनक है।
पलवल में NH-19 अटोहा मोड़ पर दिल्ली कूच के लिए अड़े किसानों ने हंगामा किया। राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। इसकी वजह से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। वहींकृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली से लगती सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन रविवार को भी 10वें दिन जारी है। इस बीच बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। शनिवार को किसान संगठनों और केंद्र के बीच बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। 

छह दिसंबर को लेकर गोरखपुर पुलिस हुई अलर्ट, सीओ भी कर रहे हैं गश्‍त : OmTimes

गोरखपुर (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  छह दिसंबर को लेकर गोरखपुर पुलिस अलर्ट पर है। सीओ व थानेदार पुलिस फोर्स के साथ गश्‍त कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। कोई भी व्यक्ति अगर इंटरनेट पर या किसी मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। 
संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात कर दी गई है। थानेदार व चौकी प्रभारी शनिवार शाम से ही गश्त कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से शहर को तीन जोन व 11 सेक्‍टर में बांटा गया हे। जिले में संवेदनशील माने जा रहे 200 प्वाइंट पर पिकेट लगाई गई है। होटल व लाज में ठहरे बाहरी लोगों की जांच कराई जा रही है। सीओ थानेदार रविवार सुबह छह बजे से ही मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। ड्रोन व सीसी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि छह दिसंबर को लेकर पुलिस सतर्क है। इंटरनेट मीडिया पर नजर रखी जा रही है। माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर की कानून व्‍यवस्‍था को ठीक रखने के लिए पीए सिस्टम (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) लगा है। शनिवार की शाम को सीओ कैंट कार्यालय, थाना कैंट, पुलिस चौकी इंजीनियरिंग कालेज, मोहद्दीपुर, जटेपुर, रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन, कंट्रोल रूम, आजाद चौक, थाना कोतवाली, बेनीगंज, विजय चौराहा, नखास, थाना राजघाट, पांडेय हाता, घंटाघर, बसंतपुर, मिर्जापुर, तिवारीपुर थाना, घासीकटरा, गोरखनाथ थाना, हड़हवा फाटक, धर्मशाला, शाहपुर, असुरन, पादरी बाजार, गुलरिहा थाना, मेडिकल कालेज, चिलुआताल थाना, बरगदवां, गीड़ा थाना, नौसढ़, रामगढ़ताल थाना, आजादनगर में लगे पीए सिस्‍टम को एक्टिवेट कर दिया गया।
मुंबई भाजपा के उपाध्यक्ष पवन त्रिपाठी ने कहा है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस और मनसे उत्तर भारतीय पर सुनियोजित ढंग से हमले करती और करवाती है और उसके बाद सहानुभूति वाला बयान जारी करती है। अब इन पार्टियों का असली चेहरा सामने आ चुका है। मुंबई में केवल भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जिसमें उत्तर भारतीयों का भविष्य सुरक्षित है। विभिन्न कार्यक्रमों के सिलसिले में मुबंई से गोरखपुर पहुंचे उपाध्यक्ष पवन ने यह बातें शनिवार को एक बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र खासतौर से मुंबई में उत्तर भारतीयों की बड़ी संख्या है। उत्तर भारतीय ही वहां की राजनीति की दिशा तय करते हैं। बावजूद कांग्रेस व मनसे में उनको सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने इन घटनाओं पर सख्ती से काबू पाया। इससे मंुबई में उत्तर भारतीयों पर भाजपा पर विश्वास बढ़ा है। उत्तर भारतीयों का हित सुरक्षित रखने के लिए भाजपा ने पृथक से मोर्चा गठित किया है। उन्होंने कहा कि मुम्बई महापालिका चुनाव के लिए भाजपा पूरे दम-खम के साथ तैयार है। इस बार चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ आएगी।

मध्य प्रदेश में स्कूलों को खोलने पर सीएम शिवराज का बड़ा फैसला, इस सत्र में 8 वीं तक के स्कूल नहीं खुलेंगे : OmTimes

भोपाल (ऊँ टाइम्स)  मध्‍य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने तय किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर नर्सरी से लेकर आठवीं तक की कक्षाएं 31 मार्च, 2021 तक बंद रहेंगी। इसका मतलब यह है कि मध्‍य प्रदेश में आठवीं तक के छात्रों का नया सत्र एक अप्रैल से ही शुरू हो पाएगा। हालांकि, स्‍कूल एक अप्रैल को भी खुल पाएंगे या नहीं, ये कोरोना संक्रमण की स्थिति पर निर्भर करेगा। इससे पहले दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार भी कह चुकी है कि जब तक कोरोना वायरस के कारण बिगड़े हालात ठीक नहीं हो जाते हैं, तब तक स्‍कूल नहीं खोले जाएंगे।
कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके परिणाम नजर भी आ रहे हैं, लेकिन जब तक इस जानलेवा वायरस का स्‍थाई समाधान यानि वैक्‍सीन नहीं आ जाती है, तब तक खतरा बना रहेगा। बुजुर्गों और बच्‍चे इस वायरस से सबसे ज्‍यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए ज्‍यादातर राज्‍यों ने स्‍कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग से जुड़ी एक बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार समेत विभाग के अधिकारी शामिल हुए। इसी दौरान सरकार ने नर्सरी से 8वीं तक की क्लासेज 31 मार्च तक नहीं शुरू करने का फैसला लिया। फैसले के मुताबिक, नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल अब नए शैक्षणिक सत्र यानी एक अप्रैल 2021 से शुरू होंगे। इन छात्रों की परीक्षाएं भी नहीं ली जाएंगी। सिर्फ प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन किया जाए।
आप को बता दें कि दसवीं और 12वीं की कक्षाओं जल्द से जल्द शुरू करने का फैसला लिया गया है। सरकार के मुताबिक, इनकी बोर्ड की परीक्षाएं भी होंगी। कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राए जरूरी होने पर हफ्ते में एक या दो दिन ही स्कूल जा सकते हैं। इस बीच शिवराज सरकार ने यह भी निर्देश दिया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जिस अवधि में निजी स्‍कूल बंद रहे हैं, वे उस अवधि की शिक्षण शुल्‍क को छोड़कर अन्‍य शुल्‍क न लें।

औवैसी को भाजपा ने दिया मात, 48 सीटों पर हासिल किया जीत : OmTimes

हैदराबाद (ऊँ टाइम्स) हाईप्रोफाइल हैदराबाद नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज करके AIMIM के गढ़ में औवैसी को मात दी है। वहीं, सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस शीर्ष पर रही है। इन चुनाव परिणामों में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। तेंलगाना प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। नगर निगम चुनाव के ताजा परिणामों के अनुसार एआइएमआइएम ने 44 सीटों पर जीत दर्ज की है और भाजपा ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, टीआरएस 55 सीटों पर जीत दर्ज करके एक सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
शुरुआत में किसी ने यह कल्‍पना नहीं की थी कि भाजपा यहां इतना अच्‍छा परफॉर्म कर पाएगी। यहां तक कि एग्जिट पोल में भी टीआरएस को ही बढ़त दिखाई गई थी। लेकिन भाजपा को कहीं न कहीं कोई उम्‍मीद नजर आ रही थी, इसलिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं को प्रचार में उतरा था।

केजीएमयू के नए दीक्षांत समारोह में पुराने छात्रों को भी मिलेंगे मेडल, वर्चुअल मेडल देने की हो रही तैयारी : OmTimes

लखनऊ (अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  केजीएमयू के पुराने मेधावी विद्यार्थियों में सालभर बाद खुशियां लौटेंगी। विद्यालय संस्थान प्रशासन उनके फंसे मेडल नए दीक्षा समारोह में देने पर मंथन कर रहा है। मगर, कोरोना में छात्रों की भीड़भाड़ जुटाने के बजाए वर्चुुुुअल मेडल प्रदान करने की रणनीति बन रही है।
केजीएमयू 21 दिसंबर को 16वां दीक्षा समारोह मनाने जा रहा है। वहीं 22 दिसंबर को 115वां फाउंडेशन डे मनाएगा। ऐसे में वर्ष 2020 के मेधावियों की लिस्ट तैयार हो रही है। इसमें दीक्षा समारोह में प्रतिष्ठि‍त हीवेट-चांसलर समेत 30 मेडल प्रदान किए जा सकते हैं। वहीं शेष 74 के लगभग मेडल-अवॉर्ड फाउंडेशन में मेधावियों को प्रदान किए जा सकते हैं। मगर, मेडल पर अंतिम फैसला होना बाकी है। उधर, केजीएमयू प्रशासन वर्ष 2019 के फाउंडेशन डे के मेडल भी इस बार मेधावियों को मुहैया कराने पर मंथन कर रहा है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक पुराने छात्रों के मेडल देने संबंधी मसले पर शीघ्र ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। साथ ही नए छात्रों को दीक्षा समारोह व फाउंडेशन डे पर कितने मेडल दिए जाएंगे। इसकी लिस्ट बन रही है।
वर्ष 2019 में दीक्षा समारोह मनाया गया था। इसमें यूजी पीजी व सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के टॉपर के प्रमुख मेडल व डिग्री प्रदान की गईं। वहीं दिसंबर में फाउंडेशन डे मनाने की तैयारी थी। मगर, मुख्यअतिथि को लेकर मामला फंस गया। ऐसे में स्थापना दिवस टलता गया। इसके बाद एनआरसी कानून को लेकर शहर में धारा 144 लागू हो गई। लिहाजा, फाउंडेशन डे नहीं हो सका। मेधावियों के मेडल, बुक प्राइज, कैश प्राइज समेत अन्य अवार्ड फंस गए। ऐसे में अब वर्ष 2019 के मेधावियों के मेडल समेत अन्य अवॉर्ड इस बार देने की तैयारी है। वहीं छात्रों की भीड़ अधिक न हो इसके लिए समारोह में वचुZअल मेडल प्रदान किए जा सकते हैं। छात्र कार्यालय से आकर अपने मेडल ले सकेंगे। 

हरियाणा के तरफ से दिल्ली जा रहे MP के किसानों ने एनएच 19 पर डाला डेरा : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  3 केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों के किसानों का धरना-प्रदर्शन 8वें दिन में प्रवेश कर गया है। दिल्ली-हरियाणा और यूपी के लगभग दर्जन भर बॉर्डर सील हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को आठवें दिन भी लगातार दिल्ली-एनसीआर के वाहन चालकों को दिक्कत पेश आ रही है। दिल्ली-एनसीआर में आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग हैं, लेकिन यहां पर लगने वाला जाम लोगों को समस्या भी बढ़ा रहा है। 
वहीं, दिल्ली कूच करने जा रहे मध्य प्रदेश के किसानों ने शुक्रवार सुबह से एनएच 19 पर डेरा डाल दिया है,क्योंकि पलवल पुलिस ने केएमपी एक्सप्रेस से पहले किसानों को रोक लिया है। ट्रैेक्टर-ट्रॉली पर सवार सैकड़ों किसान हाइवे पर जमा हैं। वहीं, वाटर कैनन के साथ बैरिकेडिंगग कर पुलिस भी मौके पर मौजूद है। बृहस्पतिवार शाम से ही एनएच -19 पर किसान ठहरे हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा मास्क नहीं लगाना दूसरों के मौलिक अधिकारों का है हनन, कड़ाई से लागू हो नियम : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मास्क लगाने और शारीरिक दूरी के नियमों के प्रति लापरवाही पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा एतराज जताया। शीर्ष अदालत ने कहा कि मास्क नहीं लगाना और शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं करना दूसरों के मौलिक अधिकारों का हनन है। बहुत से लोग दूसरों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए, लेकिन लोग बेधड़क पूरे देश में कोरोना के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के उस अंश पर रोक लगा दी जिसमें मास्क नहीं पहनने वालों को कम्युनिटी सर्विस के लिए कोरोना सेंटर भेजने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सेहत के खतरे को देखते हुए हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है, लेकिन साथ ही गुजरात के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को आदेश दिया कि वह मास्क पहनने और शारीरिक दूरी के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं। हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली गुजरात सरकार की याचिका पर नोटिस भी जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भले ही आंदोलनकारी किसानों का जिक्र नहीं किया, लेकिन दिल्ली की सीमाओं पर लाखों की संख्या में डटे किसान कोरोना के दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जस्टिस अशोक भूषण, आर. सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने कोरोना के उचित इलाज और संक्रमण से हुई मौतों के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर की जा रही सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए। गुजरात सरकार ने हाई कोर्ट के गत बुधवार के आदेश के उस अंश पर रोक लगाने की मांग की जिसमें हाई कोर्ट ने मास्क नहीं लगाने वालों को कोरोना सेंटर में कम्युनिटी सर्विस के लिए भेजने का आदेश दिया था। 
केंद्र और गुजरात सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र और गुजरात सरकार ने मास्क लगाने और शारीरिक दूरी के दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनका पालन जरूरी है। सार्वजिनक स्थानों पर मास्क नहीं लगाने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना किया जाता है। नियमों का पालन कराया जा रहा है, लेकिन हाई कोर्ट का गत बुधवार का आदेश बहुत ही कड़ा और जरूरत से ज्यादा दंड है। इसका पालन कराने से व्यक्ति बीमारी के खतरे में आ सकता है।
इन दलीलों पर कोर्ट ने कहा कि दिशानिर्देश तो हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा। उनका पालन कराने में बहुत ढिलाई है। हाई कोर्ट की मंशा सही रही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शादियों और रैलियों में सैकड़ों लोग इकट्ठा होते हैं। पुलिस उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती। जस्टिस शाह ने कहा कि बहुत से लोग दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। पीठ की इन टिप्पणियों पर मेहता ने कहा कि हमारे और कोरोना के बीच सिर्फ मास्क और शारीरिक दूरी ही है, लेकिन लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं। 
मेहता ने कहा कि लोगों में नियम तोड़ने की प्रवृत्ति देखी जाती है। हेलमेट को ही लें तो उसे पहनने के बजाये दोपहिया वाहन पर टंगा रहता है लोग उसे सिर्फ पुलिसवाले के दिखने पर ही पहनते हैं। पीठ ने कहा कि दिशानिर्देशों के उल्लंघन का यह मामला सिर्फ गुजरात में ही नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय समस्या है। पालन कराने का तंत्र बनाए बगैर सिर्फ जुर्माना बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। जस्टिस शाह ने सब्जी मंडियों की भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि बहुत सी सब्जी मंडियां हैं, लोगों को वहां छह फीट की शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए, लेकिन देशभर में कोई इसका पालन नहीं कर रहा। ये वे जगहें हैं जहां तेजी से संक्रमण फैलता है।
दिल्ली की ओर से बताया गया कि उनके यहां कोरोना मरीजों की संख्या में पहले से कमी आई है। सारी चीजों का ध्यान रखा जा रहा है। देश के अन्य हिस्सों और विभिन्न राज्यों में दिशानिर्देशों का पालन नहीं होने की शिकायतों पर कोर्ट ने सालिसिटर जनरल और राज्यों के वकीलों से पालन सुनिश्चित कराने के लिए सात दिसंबर तक सुझाव देने को कहा ताकि इस बावत उचित आदेश दिए जा सकें। वकील गौरव अग्रवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आक्सीजन और बेड्स की कमी है। इस पर कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी है। मामले में नौ दिसंबर को फिर सुनवाई होगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम मोदी से छत्‍तीसगढ़ वालों के लिए कोरोना की मुफ्त वैक्सीन का किया मांग : OmTimes

रायपुर (ऊँ टाइम्स)  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना की मुफ्त वैक्सीन की मांग की है। मुख्यमंत्री ने राज्य को निशुल्क और प्राथमिकता के आधार पर टीका आवंटित करने का अनुरोध किया है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बाहुल्य राज्य है, इसलिए इसे प्राथमिकता से पहले चरण में शामिल करते हुए कोविड-19 का निशुल्क टीका उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से देश के भीतर लोगों में तनाव और भय की एक अभूतपूर्व स्थिति निर्मित हुई है। देश के प्रत्येक व्यक्ति की शांति और उनका अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करना हमारा सर्वोच्च कर्तव्य है।
कोरोना वायरस से जुड़े प्रकरणों और उससे होने वाली मृत्यु की रोकथाम के लिए कोविड-19 का टीकाकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संकेत दिया कि निकट भविष्य में वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना है, जो मानवता के लिए बड़ी उपलब्धि है। कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के क्रियांवयन के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह से तैयार है। इस टीकाकरण के लिए राज्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अलावा पुलिस बल, राजस्व विभाग, शहरी विकास विभाग, ग्रामीण पंचायत विभाग के फंट लाइन वर्कर और मीडिया कर्मियों जैसे कोरोना योद्घाओं को भी शामिल करने की योजना है।

बिहार के मुख्यमंत्री एक्शन मोड में, में 85 पुलिसकर्मी बर्खास्त, 644 के खिलाफ हुई कड़ी कार्रवाई : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स)  बिहार में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में गठित राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार एक्‍शन मोड में दिख रही है। नई सरकार ने पिछले 11 महीने में की गई कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक कर अपनी मंशा का संकेत दे दिया है। ब्‍यौरा के अनुसार इस साल 85 पुलिसकर्मियों को बर्खास्‍त किया जा चुका है। जबकि, 644 के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ये कार्रवाई बालू, दारू और जमीन की हेराफेरी के मामलों में की गई है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने पिछले 11 महीने में की गई कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक किया है। गड़बड़ी के कारण कार्रवाई की जद में आए पुलिस वालों में छह आइपीएस तथा 32 बिहार पुलिस सेवा के अफसर हैं। सर्वाधिक पुलिसकर्मियों पर शराबबंदी कानून में कोताही, अवैध खनन, परिवहन और जमीन संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई है।
जनवरी से अभी तक 85 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है। वहीं, 55 पुलिस अफसरों के खिलाफ कठोर दंड और चार को लघु दंड दिए गए हैं। दर्जनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है। अहम यह है कि जिले स्तर पर 48 मामलों में जिन पुलिसकर्मियों को मामूली सजा दी गई है, पुलिस मुख्यालय उन मामलों की पुर्नसमीक्षा करा रहा है। अफसरों के हीलाहवाली को गंभीरता से लेते हुए 23 को सेवा से बर्खास्त करने की तैयारी है। यही नहीं, पांच सेवानिवृत्त पुलिस अफसरों के पेंशन में कटौती की गई है।
जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई या हो रही है, उनकी संख्या 38 बताई जा रही है। इनमें भारतीय पुलिस सेवा के दो अधिकारी शामिल हैं। चार पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई है।

प्रदर्शकारी किसानों को समर्थन मिलने का सिलसिला अब और हो गया है तेज : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  3 कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर प्रदर्शकारी किसानों को समर्थन मिलने का सिलसिला अब और तेज हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर दिल्ली आने के लिए कूच कर गए हैं। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों की दिक्कत बढ़ने वाली है। पहले सिर्फ सिंघु और टीकरी बॉर्डर ही सील थे, लेकिन अब दिल्ली-नोएडा बॉर्डर को भी सील कर दिया गया है।
 गुरुग्राम की 360 गांव की झाड़सा खाप ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि गांव झाड़सा के सर छोटूराम धर्मशाला में प्रधान महेंद्र सिंह ठाकरान बुधवार दोपहर 12:00 बजे से एक अहम बैठक करेंगे। इसके बाद इसका एलान किया जाएगा। वहीं, दिल्ली में किसानों के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर एक अहम बैठक चल रही है। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी मौजूद हैं।बुधवार को यूपी  गेट पर प्रदर्शन के दौरान हरदोई के रहने वाले हरप्रीत सिंह गाय लेकर किसानों के आंदोलन में पहुंचे। उन्होंने अपनी गाय दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेट में बांट दिया है। उनका कहना है कि किसान धरने पर बैठे हैं ।गांव में पशु भूखे नहीं रह सकते। ऐसे में यहां अपनी गाय को भी आंदोलन में लेकर पहुंचे हैं। यूपी गेट पर एक तरफ सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए लोग यज्ञ किया गया तो वहीं दूसरी ओर बैरिकेड के सामने जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।भारतीय किसान यूनियन की तरफ से यूपी गेट पर बुधवार को हवन किया गया। मुरादाबाद के किसानों यहां पर हवन किया। हवन करने में शामिल किसान ऋषि पाल सिंह का कहना है कि सरकार की बुद्धि को शुद्ध करने के लिए यह हवन किया गया, जिससे किसानों का दर्द समझ सके और उनकी सभी मांगे पूरी हों।इससे पहले 3 केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को 7वें दिन में प्रवेश कर गया है। बुधवार को भी टीकरी बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर के साथ दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर हजारों किसान धरने पर बैठे हुए हैं। इस बीच सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने टेंट लगाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ निहंगों ने बैरिकेड के पास खाना बनाना शुरू कर दिया है।

1500 से अधिक ट्रक दिल्ली रूट पर हैं फंसे, पांच दिन से ट्रांसपोर्ट का चक्का बुरी तरह है प्रभावित : OmTimes

पंजाब (ऊँ टाइम्स) दिल्ली में किसानों के आंदाेलन का आम जनजीवन पर असर पड़ना शुरू हाे गया है। मालगाड़ियां शुरू होने के बाद अब सड़क मार्ग के जरिये ट्रांसपोर्टेशन को लेकर पंजाब के उद्योगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। दिल्ली और हरियाणा बार्डर पर किसानों के आंदोलन का असर पंजाब की ट्रांसपोर्टेशन को प्रभावित करने लगा है।
पंजाब के 1500 से अधिक ट्रक तो बीच रूट में ही दिल्ली के पास और हरियाणा के पास फंस गए हैं। इन ट्रकों में इंडस्ट्री का करोड़ों रुपये का मटीरियल डिस्पैचिंग के लिए रूक गया है। बात पंजाब से दूसरे राज्यों की करें, तो पांच हजार से अधिक ट्रक इस आंदोलन में फंस चुके हैं, जोकि लुधियाना उद्योग के उत्पादों की डिलिवरी में अहम योगदान देते हैं।
इसी को देखते हुए लुधियाना के ट्रांसपोर्टर पिछले तीन दिनों से ट्रकों को इस रूट पर नहीं भेज रहे। ज्ञात हो कि पंजाब से दिल्ली के रूट से यूपी, बिहार सहित कई राज्यों के लिए ट्रांसपोर्टेशन की जाती है। लेकिन अब ट्रांसपोर्टेशन की स्थिति खराब होने से इंडस्ट्री को इसका नुक्सान हो रहा है। कई उत्पादों के आर्डर जलद पहुंचाने के लिए माल गाड़ियों की बजाये ट्रांसपोर्टेशन से सामान भेजा जाता है।
लुधियाना फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट कंपनी के जगदीश सिंह जस्सोवाल के मुताबिक ट्रकों को भेजने में हमें परेशानी हो रही है। क्योंकि ट्रकों के साथ साथ लोड माल की देखभाल करना ही मुश्किल हो रहा है। किसान आंदोलन का कुछ नहीं पता कब तक चलता है, ऐसे में हमने अभी दिल्ली रूट पर ट्रकों को भेजने से परहेज कर लिया है। जब तक आंदोलन खत्म नहीं हो जाता, इस रूट से हम परहेज करेंगे ताकि  ट्रकों के साथ-साथ मटीरियल का नुकसान न हो।

कोरोना की स्थिति को लेकर 4 दिसंबर को होगी बड़ी बैठक, केंद्र सरकार ने बुलाई है ऑल पार्टी मीटिंग : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना महामारी के कारण कुछ राज्यों में स्थिति फिर से गंभीर होती जा रही है, जिसे लेकर केंद्र राज्य सरकारें सतर्कता बरत रही हैं। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार अगले महीने सभी राजनीतिक दलों के साथ मीटिंग करने जा रही है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि राज्य सभा और लोक सभा के सभी सदस्यों के साथ चार दिसंबर को बैठक होगी। इश दौरान कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा की जाएगी।

वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, सौगात देने के साथ साथ जनसभा को किया संबोधित : OmTimes News Live

वाराणसी (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  लंबे अरसे के बाद प्रधानमंत्री आज दोपहर वाराणसी को योजनाओं की सौगात देंगे, साथ ही देव दीपावली पर भी वह शामिल होंगे, और काशी के दिव्‍य और भव्‍य आयोजन का भी वह हिस्‍सा बनेंगे। सोमवार को दोपहर 12 बजते ही प्रशासन ने सकियता बढ़ा दी, और सुरक्षा चाक चौबंद करते हुए अधिकारियों की चयनित स्‍थानों पर तैनाती शुरू कर दी। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बटन दबा कर सिक्स लेन का लोकार्पण किया। 73 किलोमीटर का यह मार्ग प्रयागराज व वाराणसी को जोड़ेगा। दिसंबर 2014 से इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देव दीपावली पर बनारस आगमन के पीछे गहरा उद्देश्य छिपा है। कोविड-19 संक्रमण काल में काशी से विश्व को बड़ा संदेश देने की मंशा है। महामारी के बीच उत्सव को कैसे मनाया जा सकता है, पूरा आयोजन इस उद्देश्य में सिमट गया है। 
दोपहर में पीएम के आगमन के पूर्व मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ लाल बहादुरशास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर पहुंच गए। सीएम इस दौरान वहां पर तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही पीएम मोदी का स्वागत करने के बाद सभी कार्यक्रमों में शामिल रहेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों के साथ पुराने टर्मिनल भवन के वीआइपी लाउंज में नेताओंं और अधिकारियों संग बैठक भी की। वहीं दोपहर 2.10 बजे पीएम विशेष विमान (बोइंग 777-300 ईआर) से आए तो मुख्‍यमंत्री ने एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया। स्‍वागत के बाद पीएम हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्‍थल खजूरी के लिए प्रस्थान कर गए। 
बाबतपुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद एप्रन पर सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्य मंत्री आशुतोष टंडन, नीलकंठ तिवारी और रविन्द्र जायसवाल, सांसद मछलीशहर वीपी सरोज, राधा मोहन सिंह, स्वतंत्र देव सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, लक्ष्मण आचार्य, अशोक धवन, चेयरमैन अपराजिता सोनकर, महापौर मृदुला जायसवाल, महेशचंद्र श्रीवास्तव, विद्यासागर राय आदि लोगों में उनकी आगवानी की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने लोगों से कुशल क्षेम पूछा, उसके बाद दोपहर 2:35 बजे वायुसेना के हेलीकॉप्टर से प्रधानमंत्री खजूरी, मिर्जामुराद के लिए प्रस्थान कर गए।

पीएम दोपहर दो बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद 2.35 खजुरी मिर्जामुराद सिक्स लेन लोकार्पण और जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद चार बजे डोमरी हेलीपैड से उतरने के बाद 4.20 बजे ललिता घाट और कारिडोर का निरीक्षण करने के बाद बाबा दरबार काशी विश्वनाथ मंदिर में दीपक जलाएंगे। शाम पांच बजे राजघाट पावन पथ वेबसाइट लांच करने के साथ दीप प्रज्वलन और संबोधन भी होगा। वहीं संत रविदास प्रतिमा पर पुष्पांजलि करने के बाद 5.45 बजे रोरो जलयान से घाटों की छटा निहारते चेत सिंह किला पर लेजर शो का अवलोकन करेंगे। शाम 6.30 बजे संत रविदास घाट पर जलयान से उतर कर वाहन पर सवार होकर वह सारनाथ जाएंगे और लेजर शो के साथ खंडहर परिसर का भी अवलोकन करने के बाद बाबतपुर एयरपोर्ट रवाना हो जाएंगे।

पीएम के प्रमुख कार्यक्रम– वाराणसी/प्रयागराज, एनएच-19 पर छह लेन चौड़ीकरण परियोजना का उद्घाटनकार्यक्रम दोश्री काशी विश्वनाथ कारीडोर परियोजना स्थल का भ्रमण शाम 4.30 बजेकार्यक्रम तीनदेव दीपावली महोत्सव में शाम 5.20 बजेकार्यक्रम चार देव दीपावली और लेजर शो देखने के साथ ही संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पणकार्यक्रम पांच सारनाथ पुरातत्व स्थल का दौरा शाम 7.50 बजे ..

जीवन जीने की यह प्रेरणा पूरे विश्व को देने के लिए ही देव दीपावली का 135 देशों में सीधा प्रसारण किया जाएगा। दूरदर्शन को यह जिम्मेदारी दी गई है। मिर्जामुराद के खजुरी गांव में आयोजित जनसभा से लेकर गंगा घाट पर देव दीपावली को लेकर रोशन हुए दीप के अलावा सारनाथ में लाइट एंड साउंड तक के कार्यक्रम को कवर किया जा रहा है। पीएम मोदी का संबोधन दो स्थानों पर होगा। इसमें एक खजुरी गांव में तो दूसरा  राजघाट पर है। दोनों संबोधन में मंच के सामने 10-10 हजार लोगों की मौजूदगी रहेगी। इस दौरान कोरोना संक्रमण से रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी शारीरिक दूरी का पूरा ख्याल रखा जाएगा। खजुरी में आयोजित जनसभा व राजघाट पर कार्यकर्ता संवाद में बैठने की व्यवस्था की गई है।.
इस दौरान दो गज की दूरी का ख्याल रखा गया है। इसी मानक पर कुर्सियां लगाई जा रही हैं। इसके अलावा लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। मौके पर मास्क वितरण भी किया जाएगा। इसके अलावा जनसभा व कार्यकर्ता संवाद स्थल में प्रवेश से पहले ही लोगों का हाथ सैनिटाइज किया जाएगा। साथ ही थर्मल स्कैङ्क्षनग भी होगी। कार्य ब्लू प्रिंट के अनुसार गंगा घाट पर दीये जलने के बाद उभरे मनोहारी दृश्य के साथ ही नगर की सड़कों पर भी रोशन किए गए दीये को भी प्रसारित किया जाएगा। यह पहला अवसर होगा कि देव दीपावली में प्रधानमंत्री शिरकत कर रहे हैं जिसे पूरा विश्व देखेगा।  
देव दीपावली पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए काशी तैयार है। जनसभा स्थल से लेकर गंगा घाट तक दीपोत्सव और जश्न का माहौल है। प्रधानमंत्री काशी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। खजुरी गांव में जनसभा स्थल से 2447 करोड़ से बने 73 किलोमीटर 6 लेन चौड़ीकरण का लोकार्पण करेंगे। राजघाट पर देव दीपावली का शुभारंभ करने के साथ पर्यटन विभाग के वेबसाइट लांच करेंगे। प्रधानमंत्री चेतसिंह घाट पर लेजर शो का दीदार करने के साथ गंगा में नौका विहार भी करेंगे। गंगा घाट और गंगा उस पार, मंदिरों और मकानों पर 15 लाख से अधिक दीप जलाएं जाएंगे। इसके अलावा श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे। सारनाथ में लाइट एंड साउंड देखेेंगे। 
देश का दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का बनारस में इस वर्ष का दूसरा दौरा है। उनके दूसरे दौरे से पहले काशी सजधज कर तैयार है। राजघाट पर गंगा में जेटी बनने के साथ मंच का रूप दिया गया है। मंच के पीछे कोई पर्दा नहीं होगा, पीछे सिर्फ गंगा की लहरें दिखाई पड़ेंगी। गंगा पर रंग-बिरंगे दीपों के साथ आसपास मकानों पर भी दीप जलेंगे। गंगा घाट के मकानों और मंदिरों में रंग-बिरंगे झालर, लाइट लगाए गए हैं। इसके अलावा शहर सभी मंदिर, सरकारी कार्यालय और सड़क पर रंग-बिरंगे झालरों से सजा है। बिजली पोल पर भी रंग-बिरंगे झालर लगे हुए हैं। रंग-बिरंगे झालरों और लाइटों से गंगा घाट पर पानी में उल्टा प्रतिङ्क्षबब दिखाई पड़ रहा है जो देखने लायक है। शाम को गंगा घाट पर देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। 
प्रधानमंत्री पहले खजुरी गांव में जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही एनएचएआइ के 73 किलोमीटर 6 लेन चौड़ीकरण सड़क का लोकार्पण करेंगे। यहां से सीधे हेलीकाप्टर से सूजाबाद में उतरेेंगे। गंगा में जल मोटरयान पर सवार होकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे!

लखनऊ डीएम का आदेश – 48 घंटे तक शराब की दुकानें रहेंगी बंद, यदि खुला तो लाइसेंस होगा रद्द : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स) उत्तर प्रदेश में होने वाले हर छोटे-बड़े चुनावों में अकसर अराजकता देखने को मिलती ही रहती है। इसके चलते चुनाव क्षेत्र से संबंधित जिलाधिकारी व अन्य जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सवाल खड़ा होना स्वाभाविक हो जाता है। लखनऊ में होने वाले शिक्षक स्नातक लखनऊ निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को मद्देनजर रखते हुए जिलाधिकारी लखनऊ ने 2 दिन के लिए शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
1 दिसंबर को होने वाले शिक्षक स्नातक लखनऊ निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी ने शनिवार शाम से ही मतदान होने की अवधि तक शराब की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेशानुसार यह प्रतिबंध पूरे जिले में एक साथ लागू होगा। जांच के दौरान यदि किसी दुकान पर शराब की बिक्री होती पाई जाती है तो कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने जिले के आबकारी अधिकारियों के साथ सभी मैजिस्ट्रेट एडीएम और पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित कराएं कि मतदान पूरे होने तक 48 घंटे के लिए जिले में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रहे।

यूपी में मुख्य सचिव का जिलाधिकारियों को COVID-19 की स्थिति के मुताबिक रात्रि में कर्फ्यू लगाने का निर्देश जारी : OmTimes

लखनऊ ( अभिषेक द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  कोरोना वायरस संक्रमण के एक बार फिर बढ़ते प्रसार को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार बेहद सक्रिय हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने जिलाधिकारियों को  कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति का आंकलन करके जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाने का निदेश जारी कर दिया है।
कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए मुख्य सचिव की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए जिलाधकारी स्थानीय परिस्थितियों का आकलन करते हुए रात्रि कर्फ्यू भी घोषित कर सकते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए धारा 144 लगाने का भी निर्देश दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में कोविड प्रोटोकाल का काफी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इसी बीच लगातार बढ़ते मामलों को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी से तत्काल ही नया प्लान बनाने का निर्देश दिया है। इसके तहत मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को जिले में कोरोना की स्थिति का गहन आकलन करने के बाद अपने स्तर से जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाने का निर्देश दिया है।
शासन ने सोमवार को कोविड-19 को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। पिछली गाइडलाइन के मुकाबले इस गाइडलाइन में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। शादी, ब्याह जैसे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जो सीमा तय की गई थी, उसे फिलहाल बरकरार रखा गया है। यानी हाल में क्षमता का 50 फीसद और अधिकतम 100 लोगों को ही शामिल किया जाएगा। खुले मैदान या लॉन में क्षमता का 40 प्रतिशत ही लोगों को एक समय में शामिल होने की अनुमति होगी। मसलन किसी खुले लॉन की कुल क्षमता दो हज़ार है तो वहां 800 लोग एकत्र हो सकते हैं।

दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में आयेंगे केवल 50 फीसदी स्टाफ, जानिये- किसे मिली छूट : OmTimes

नई दिल्ली (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में अब 50 फीसद स्टाफ घर से काम करेगा। इस संबंध में उपराज्यपाल अनिल बैजल को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। इस बाबत दिल्ली के मुख्य सचिव ने आदेश भी जारी कर दिया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे उपराज्यपाल ने मान लिया। यह आदेश सोमवार से ही प्रभावी हो गया है।
फिलहाल सरकारी दफ्तरों में 100 फीसद स्टाफ काम कर रहा है। आदेश के बाद दिल्ली सरकार के ग्रेड-एक और उच्च अधिकारियों को छोड़कर बाकी स्टाफ में से 50 फीसद ही दफ्तर आएंगे। विभाग के मुखिया यह तय करेंगे कि आधे लोग घर से काम करें और बाकी को दफ्तर बुलाया जाए। प्राइवेट संस्थाओं को भी सलाह दी गई है कि दफ्तरों में शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए स्टाफ को बुलाएं। प्राइवेट ऑफिस भी वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें और जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से काम करने की इजाजत दी जाए। राजस्व विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए उपराज्यपाल के पास भेजा था।
आप को बता दें कि दिल्ली सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 25 नवंबर को जारी किए गए दिशा-निर्देश के मुताबिक सरकारी दफ्तरों में सीमित स्टाफ के साथ काम करने को लेकर यह प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि, जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर यह प्रस्ताव लागू नहीं होगा। जरूरी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने में काम करने वाले कर्मचारियों को इस प्रस्ताव के तहत कोई छूट नहीं मिलेगी।
प्रस्ताव के अनुसार सरकारी दफ्तरों, स्वायत्त संस्थानों, पीएसयू, निगमों, स्थानीय निकायों में यह नियम लागू होगा। दिल्ली सरकार ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि नई व्यवस्था 31 दिसंबर तक लागू की जानी है। अगर स्थिति में कुछ बदलाव होता है तो सरकार नया आदेश जारी करेगी।

इन पर लागू नहीं होगा यह प्रस्ताव –

प्रस्ताव के तहत स्वास्थ्य विभाग और इससे जुड़े प्रबंधन, पुलिस, जेल स्टाफ, होम गार्ड, सिविल डिफेंस, आपातकालीन सेवाएं, जिला प्रशासन, सफाई, पानी, बिजली, आपदा प्रबंधन समेत कोरोना से लड़ाई में जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों को पूर्ववत काम पर आना होगा।

टीकरी और सिंघु बॉर्डर पर जुटे हैं किसान, गृहमंत्री अमित शाह का प्रस्ताव मानने को तैयार नहीं : OmTimes

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  दिल्ली से सटे हरियाणा के सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए हजारों की संख्या में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी से आए हुए किसान अभी भी डटे हुए हैं। वे यहां से टस से मस होने के लिए तैयार नहीं है। इस बीच किसान संगठनों ने  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस प्रस्ताव भी ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने बुराड़ी में मुहैया कराई गई जगह पर सभी किसानों के इकट्ठा होने के बाद बातचीत शुरू करने की बात कही थी। गौरतलब है कि शनिवार शाम को केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ सरकार की ओर से तत्काल बातचीत के लिए तैयार रहने का इशारा किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किसानों से धरने के लिए निर्धारित बुराड़ी स्थित संत निरंकारी मैदान में पहुंचने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि निर्धारित स्थल पर पहुंचने के अगले ही दिन वार्ता होगी वहीं, किसानों ने अमित शाह की इस शर्त को ठुकरा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टीकरी बॉर्डर पर जमा किसान संगठन प्रमुख किसान यूनियन-एकता उगराहा के प्रधान जोगिंदर सिंह से अमित शाह ने बात की थी, वह बुराड़ी में प्रदर्शन करें, लेकिन उन्होंने यह मांग भी ठुकरा दी है।

पंजाब व हरियाणा के किसानों के प्रदर्शन के चलते सिंघु बॉर्डर सील है। इस वजह से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। न दिल्ली के वाहन हरियाणा जा पा रहे हैं और न ही हरियाणा, पंजाब, हिमाचल से वाहन दिल्ली आ पा रहे हैं। न तो रोडवेज की बस चल रही हैं और न ही लोग निजी वाहनों से आवागमन कर पा रहे हैं। इस वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को कई-कई किलोमीटर पैदल चलकर रिक्शा आदि पकड़ने पड़ रहा है। एक हाथ में बच्चे को और दूसरे से सिर पर रखा सामान पकड़े महिलाएं जैसेतैसे खेतों के रास्ते से होते हुए दिल्ली पहुंच रहीं हैं। बुजुर्ग लोग भी भारी-भारी बैग लेकर कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। कई बुजुर्ग तो राष्ट्रीय राजमार्ग से उतरते समय गिर भी गए। छोटे बच्चों से इतनी दूर चला भी नहीं जा रहा है। इसके अलावा हरियाणा से दिल्ली नौकरी करने जाने वाले लोग भी इस प्रदर्शन की वजह से घर में बैठे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुईं हैं। बॉर्डर सील होने की वजह से मुकरबा चौक पर लोगों को जाम से भी जुझना पड़ रहा है। हरियाणा व पंजाब के वाहन आगे नहीं जा पा रहे हैं। इस वजह से वह मुकरबा चौक के फ्लाईओवर पर ही रुक जा रहे हैं। नतीजन जाम लग जा रहा है। शनिवार को मुकरबा चौक पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को घंटों लग गए। रोहिणी से आजादपुर व आजादपुर से अलीपुर जाने वाले रास्ते पर सबसे ज्यादा जाम रहा। हालांकि बाद में यातायात पुलिस की ओर से जाम खुलवा दिया।
जिन लोगों को हरियाणा के करनाल, यमुनानगर, अंबाला व पंजाब के जालंधर, लुधियाना आदि शहर जाना था, वह शनिवार को मुकरबा चौक पर इधर-उधर भटकते दिखे। न तो उनको दूसरे राज्यों में जाने के लिए बस मिल रही थी और न ही कोई निजी वाहन चालक उनकी मदद कर पा रहा था। बच्चों को लेकर वह कभी जीटीके डिपो तो कभी फ्लाईओवर की तरफ जा रहे थे, पर बॉर्डर सील होने की वजह से उन्हें निराशा ही हाथ लग रही थी।

गृह मंत्री ने किसानों से तुरंत बातचीत का किया पेशकश, और कहा- सरकार आपकी हर मांग पर विचार करने को तैयार

नई दिल्ली ( अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  सरकार केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ जल्द बातचीत को तैयार हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपील की है कि किसान धरने के लिए निर्धारित बुराड़ी स्थित संत निरंकारी मैदान में पहुंचें, सरकार उनसे जल्द बातचीत करेगी। शाह ने शनिवार को कहा कि पंजाब की सीमा से लेकर दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर रोड पर अलग-अलग किसान यूनियन की अपील पर आज जो किसान भाई अपना आंदोलन कर रहे हैं, मैं उन सभी से अपील करना चाहता हूं कि भारत सरकार आपसे चर्चा के लिए तैयार है।
शाह ने कहा कि किसान भाई अलग-अलग जगह नेशनल और स्टेट हाइवे पर किसान भाई अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ इतनी ठंड में खुले में बैठे हैं। किसान भाइयों को भारी ठंड के कारण अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही आने जाने वालों को भी समस्या हो रही है। सरकार ने बुराड़ी में एक व्यवस्था की है, जहां किसान प्रदर्शन कर सकते हैं। वहां पानी, शौचालय और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है, ताकि किसान भाइयों को कोई असुविधा न हो। 
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आगामी तीन दिसंबर को किसानों से चर्चा के लिए कृषि मंत्री की ओर से निमंत्रण पत्र भेजा गया है। भारत सरकार आपके हर समस्या और हर मांग पर विचार करने के लिए तैयार है। कुछ किसान यूनियन और किसानों की मांग है कि तीन दिसंबर से पहले वार्ता की जाए, तो जैसे ही आप बुराड़ी ग्राउंड आएंगे, उसके दूसरे ही दिन सरकार चर्चा के लिए तैयार है। मैं भरोसा देता हूं कि जैसे ही आप निर्धारित स्थान पर पहुंच जाते हैं। इसके ठीक दूसरे ही दिन भारत सरकार आपकी समस्याओं और मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। 
शाह ने कहा कि मैं सभी से अपील करता हूं कि दिल्ली पुलिस आपको एक बड़े मैदान में स्थानांतरित करने के लिए तैयार है, जहां आपको सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाएं मिलेंगी। यदि आप रोड की जगह निश्चित किए गए स्थान पर अपना धरणा-प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करते हैं तो भी परेशानी कम होगी और आवाजाही कर रही आम जनता की परेशानी कम होगी। 
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि भारत सरकार किसानों की समस्याओं के लिए किसान यूनियन से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने  किसानों को तीन दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया है। उम्‍मीद है कि बातचीत के जरिए रास्‍ता निकल आएगा। तोमर ने यह भी कहा कि मैं राजनीतिक दल के लोगों से गुजारिश करता हूं कि उन्‍हें यदि राजनीति करनी है तो अपने नाम पर राजनीति करें लेकिन किसानों के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए। हालांकि किसानों के मसले पर सियासत चरम पर है।  
इस बीच, बड़ी संख्या में किसान निरंकारी मैदान में पहुंचने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर भी वहां पहुंचीं। इस बीच, सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हैं। शनिवार को हालात शांतिपूर्ण रहे, लेकिन सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। लगातार तीसरे दिन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से सड़क संपर्क कटा हुआ है। राजधानी में भी जगह-जगह जाम लगे और लोगों को परेशानी पेश आई। हालांकि मेट्रो सेवाएं सामान्य रहीं। 
सिंधु व टीकरी बॉर्डर सील होने के कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों को सिर पर सामान उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। दोनों जगहों पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं। ड्रोन से निगरानी की जा रही है। सिंधु बॉर्डर पर पुलिस के बैरिकेड से 100 मीटर व टीकरी बॉर्डर पर बैरिकेड से 20 मीटर की दूरी पर किसानों ने कंटीले तार लगाकर बैरिकेड लगा लिए हैं।
दिल्ली जाने की अनुमति मिलने के बाद बॉर्डर पर डटे किसान दो गुटों में बंटते नजर आए। ज्यादातर किसानों का कहना था कि संत निरंकारी मैदान की ओर रुख करना चाहिए और अपनी मांगों को केंद्र सरकार के सामने रखना चाहिए। वहीं, कुछ का कहना है कि वह बॉर्डर पर ही धरना देंगे। सिंधु बॉर्डर पर जमा किसानों में ज्यादातर पंजाब के हैं। 
बताया जा रहा है कि किसान संगठनों ने आगे की रणनीति बनाने के लिए रविवार को बैठक बुलाई है। जालंधर से आए किसान नेता बलजीत सिंह महल ने कि आज हमने एक बैठक की और तय किया कि हम सिंघु बॉर्डर पर रुकेंगे। रविवार सुबह 11 बजे एक बैठक होगी। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब अध्यक्ष जगजीत सिंह ने कहा कि हम सरकार के साथ बातचीत करने को तैयार हैं लेकिन शर्त नहीं होनी चाहिए। शाह को बिना किसी शर्त के खुले दिल से बातचीत की पेशकश करनी चाहिए। हम रविवार को बैठक करके फैसला लेंगे !

हैदराबाद में यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने वीजेपी की ओर से किया रोड शो , विपक्षी को दिया चुनौती : OmTimes

हैदराबाद (ऊँ टाइम्स)  बिहार विधानसभा में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी की निगाह अब तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल पर भी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मोर्चे पर हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में निकाय चुनाव (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कारपोरेशन) में मलकजगिरी इलाके में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में सभा के साथ एक रोड शो किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेलंगाना के रोड शो में शनिवार को भारी भीड़ उमड़ी। सीएम योगी आदित्यनाथ हैदराबाद में एक दिसंबर को होने वाले निकाय चुनाव (ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपिल कारपोरेशन) भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में रोड शो तथा जनसभा करने हैदराबाद में हैं। 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शाम को हैदराबाद के मलकजगिरी क्षेत्र में एक रोड शो किया। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस रोड शो के दौरान हैदराबाद के तमाम इलाके भगवामय थे। रोड शो में सड़क के दोनों तरफ भारी भीड़ उमड़ी और वहां बाहुबली फिल्म का गाना जियो रे बाहुबली भी काफी देर तक बजता रहा। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस रोड शो कार्यक्रम में भाजपा के स्थानीय नेता समेत दक्षिण भारत के भाजपा के नेतृत्व के चेहरे थे। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कल हैदराबाद में रोड शो किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके दौरे से पहले कहा गया कि एक राष्ट्रीय अध्यक्ष गली का चुनाव कराने आ रहा है, क्या हैदराबाद गली है। यह तो अब हैदराबाद के मतदाताओं का अपमान है। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव के लिए मतदान एक दिसंबर को होगा। सीएम योगी ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के 150 वार्डों के लिए होने वाले चुनावों में प्रचार करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ के हैदराबाद में चुनाव प्रचार को एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी को सीधी चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्‍ली – उत्तर प्रदेश की सीमा पर ड्रोन से पुलिस कर रही है निगरानी, किसानों की नारेबाजी जारी : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  3 केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का टीकरी बॉर्डर और सोनीपत में सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन जारी है। इस बीच यूपी गेट पर भी किसान जमा होने लगे हैं। इसकी सूचना मिलते ही गाजियाबाद जिला प्रशासन की ओर से भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। किसान नेता राकेश टिकैत यूपी गेट पर पहुंच गए हैं। यहां थोड़ी देर में सभा करेंगे। हालांकि पुलिस ने बॉर्डर को सील कर दिया है। यूपी गेट पर किसान दरी बिछाकर प्रदर्शन की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि यूपी के अन्य जिलों के किसान भी शनिवार  शाम तक यूपी गेट पहुंच जाएंगे। 
उधर दिल्ली यातायात पुलिस ने शनिवार की दोपहर बताया कि किसी भी ट्रैफिक आंदोलन के लिए टिकरी सीमा बंद है। हरियाणा जाने के लिए झारोदा, धांसा, दौराला झटीकरा, बडूसरी, कपसेरा, राजोखरी एनएच 8, बिजवासन / बजघेरा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा से जाया जा सकता है। 
आप को बता दें कि फिलहाल स्थिति यह है कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 3 केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली को तीन तरफ से घेर रखा है। दिल्ली में प्रवेश के लिए आमादा किसान किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं हैं। इस बीच किसानों के जत्थे  के मेरठ से गाजियाबाद आने की सूचना है। दिल्ली से सटे टीकरी बॉर्डर के साथ सिंघु बॉर्डर भी चल रही किसान आंदोलन के बीच AAP विधायक राघव चड्ढा शनिवार दोपहर बुराड़ी के निरंकारी मैदान में पहुंचे। पत्रकार से बातचीत में राघव चड्ढा ने कहा कि हम यहां पर किसानों की मेजबानी कर रहे हैं। यहां पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसान दिल्ली में जिस जगह भी बैठना चाहते हैं तो उनका वहीं पर दिल्ली सरकार स्वागत करेगी। केंद्र सरकार किसानों की मांगों को अहम की लड़ाई न बनाए। 
बताया जा रहा है कि किसान यूपी गेट पर जमा हो रहे हैं और फिर दिल्ली में दाखिल होंगे। वहीं हापुड़ रोड और एएलटी रोड से होकर जिले के किसान भी इसी जत्थे में शामिल होंगे। ऐसे में मेरठ रोड और हापुड़ रोड पर शनिवार को भी यातायात बाधित होगा। इस बाबत गाजियाबाद के एसपी ट्रैफिक का कहना है कि फिलहाल कोई डायवर्जन लागू नहीं किया है, लेकिन हालात और किसानों का मूवमेंट देखकर डायवर्जन किया जाएगा। उधर, मेरठ में भारतीय किसान यूनियम के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के मुद्दों को हल करने में नाकाम साबित हुई है। हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे।

पाकिस्‍तानी गोलाबारी में दो भारतीय जवान शहीद, 24 घंटों में पांच जवान हुए शहीद : OmTimes

जम्मू (ऊँ टाइम्स)  अखनूर से सटे केरी बटल इलाके में पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर किए गए संघर्ष विराम के उल्लंघन में सेना के दो जवान शहीद जबकि एक जवान घायल हो गया। पिछले 24 घंटों के दौरान पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा पर की जा रही गोलाबारी और आतंकवादी हमले में अब तक प्रदेश में पांच जवान शहीद हो गए हैं। इससे पहले गत वीरवार को जिला पुंछ के किरनी सेक्टर में एक सूबेदार शहीद जबकि एक नायक घायल हुआ था जबकि श्रीनगर के एचएमटी चौक में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हमले में भी दो जवान शहीद हो गए थे।
वहीं भारतीय जवानों ने भी पाकिस्तान की गोलाबारी का कड़ा जवाब दिया है। सैन्य सूत्रों का कहना है कि केरी बटल में पाकिस्तानी गोलाबारी के जवाब में भारतीय जवानों द्वारा की गई गोलाबारी में पाकिस्तानी चौकियों को काफी नुकसान पहुंचा है। पाक सैनिकाें के घायल होने की भी सूचना है। हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं शहीद हुए जवानों में नायक प्रेम बहादुर खत्री और राइफलमैन सुखबीर सिंह शामिल हैं जबकि घायल जवान की अभी पहचान जाहिर नहीं की गई है।

कोरोना के बढ़ते मरीजों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, कोर्ट ने कहा- कड़ाई से हो नियमों का पालन : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  सुप्रीम कोर्ट ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती तब तक नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए। मास्क का इस्तेमाल और शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन जरूरी है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत क्या है? कोर्ट ने कहा कि कड़े उपाय की जरूरत है, और केंद्र सरकार को पूरे देश में गाइडलाइन लागू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राजकोर्ट के कोरोना अस्पताल में लगी आग पर स्वत: संज्ञान लिया है। इसी मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही। कोर्ट ने गुजरात सरकार से रिपोर्ट भी मांगी है।
राजकोट में एक कोरोना अस्पताल में आग लगने के कारण पांच मरीजों की मौत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जुलूस निकाले जा रहे हैं और 80 फीसदी लोगों ने मास्क नहीं पहन रहे हैं। कईयों के जबड़े पर मास्क लटका रहता है। एसओपी और दिशानिर्देश जाकी किए गए हैं, लेकिन इसके पालन करने को लेकर कोई इच्छाशक्ति नहीं दिख रही है। 
जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आरएस रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने देश में कोरोना के मामलों में वृद्धि पर ध्यान देते हुए कहा कि राज्यों को राजनीति से ऊपर उठकर महामारी से निपटने की कोशिश करनी होगी। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को आश्वासन दिया कि केंद्रीय गृह सचिव शनिवार तक  बैठक बुलाएंगे और पूरे भारत के सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा पर निर्देश जारी करेंगे। मेहता ने पीठ को बताया कि कोरोना की लहर पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक प्रतीत हो रही है और दस राज्य वर्तमान में कुल पॉजिटिव मामलों में 77 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं। पीठ ने माना कि स्थिति से निपटने के लिए सख्त उपायों की आवश्यकता है और मामले की सुनवाई एक दिसंबर तक टाल दी।
आप को बता दें कि भारत में कोरोना के अब तक 93 लाख से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं और एक लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 43 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 492 लोगों की मौत हो गई।

भारी बवाल के बीच प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली आने की मिली अनुमति, टिकरी बॉर्डर से कर रहे प्रवेश : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने की और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है और ये किसान टिकरी बॉर्डर से निंरकारी समागम मैदान की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में तब्दील करने की अनुमति मांगी थी, जो खारिज हो गई। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर कई जगहों पर किसानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प देखने को मिला। इस दौरान पथराव भी देखने को मिला। ऐसे में पुलिसवालों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

  • बुरारी क्षेत्र के निरंकारी समागम मैदान में धरना प्रदर्शन की अनुमति दिए जाने के बाद किसानों ने टिकरी बॉर्डर से राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश कर रहे हैं।
  • पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं केंद्र सरकार के किसानों के विरोध में अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने के लिए दिल्ली में प्रवेश करने के निर्णय का स्वागत करता हूं। उन्हें अब किसान कानूनों पर किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए तत्काल वार्ता शुरू करनी चाहिए और किसान समस्या का समाधान करना चाहिए। इससे पहले उन्होंने केंद्र सरकार से बातचीत शुरू करने का आग्रह किया था। 
  • प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। उन्हें बुराड़ी में निरंकारी समागम मैदान में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति होगी। दिल्ली पुलिस आयुक्त एनके श्रीवास्तव ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे कानून व्यवस्था बनाए रखें और शांति से प्रदर्शन करें।

यात्रियों के लिए मेट्रो रेल का नया नोटिस हुआ जारी, जान लीजिए ताजा सूचना : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  दिल्‍ली मेट्रो की सेवा शुक्रवार को भी बाधित रहेगी। इसकी जानकारी दिल्‍ली मेट्रो ने खुद ट्वीट कर दी है। ट्वीट के अनुसार दिल्‍ली मेट्रो ने बताया कि दिल्‍ली पुलिस के सुझाव के कारण कल यानि शुक्रवार को भी बाधित रहेगी। बता दें कि गुरुवार को किसान रैली के कारण मेट्रो की सेवा सुबह से कुछ घंटे के लिए बाधित रही, हालांकि दोपहर पांच बजे के बाद इस सामान्‍य रुप से चलाया जाने लगा। ट्वीटर ने इसकी जानकारी खुद ट्वीट कर दी। बता दें कि मेट्रो की सेवा बाधित रहने के कारण किसान दिल्‍ली में तो नहीं आ सके मगर नौकरीपेशा लोगों को इससे काफी परेशानी हुई। कई लोग मेट्रो नहीं चलने को लेकर गुस्‍सा जताया तो कहीं लोगों ने कहा कि यह सुरक्षा के दृष्‍टि से उठाया गया सही कदम !
इसी किसान रैली के कारण दिल्‍ली पुलिस ने मेट्रो को फिर से कल सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एनसीआर से दिल्‍ली आने के लिए मना किया है जिसके कारण दिल्‍ली से मेट्रो तो एनसीआर जाएगी मगर वहां से सवारी लेकर दिल्‍ली नहीं आएगी। मेट्रो ने अपने ट्वीट में यह भी जानकारी दी है कि यह सेवा अगले आदेश तक बाधित रहेगी क्‍योंकि यह सुरक्षा का सवाल है। 
डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल निगम) ने गुरुवार को भी सेवा बाधित होने पर बताया था कि किसान रैली के कारण भीड़ हो सकती है। इसी आशंका के कारण सेवा को रोका गया है। भीड़ से मेट्रो के यात्रियों को कोरोना वायरस संक्रमण फैलाव की आशंका ज्‍यादा रहेगी। इसी कारण दिल्ली पुलिस के निर्देश पर सुबह छह बजे से दोपहर दो बजे तक मेट्रो को लूप में चलाने का फैसला किया गया था। इस दौरान दिल्ली में मेट्रो का परिचालन पूरी तरह सामान्य रहा। हालांकि इसके बाद सेवा पूरी तरह बहाल कर दी गई मगर इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 
आप को बता दें कि केंद्र सरकार के नए कृषि बिल के विरोध में दिल्‍ली से सटे पंजाब और हरियाणा के किसान विरोध प्रदर्शन करने लिए दिल्‍ली आना चाह रहे हैं। इसी कारण गुरुवार की रात से ही दिल्‍ली की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इस तरीके से किसान दिल्‍ली आने से रोके जा रहे हैं। वहीं दिल्‍ली पुलिस को यह शंका थी की कहीं किसान अपना रास्‍ता सड़क मार्ग से बदल कर कहीं मेट्रो के रास्‍ते दिल्‍ली ना पहुंच जाए। किसान दिल्‍ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन करना चाहते हैं। इधर दिल्ली में प्रदर्शन के चलते जंतर-मंतर पर कड़ी सुरक्षा की गई है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।  किसानों की राजधानी में कूच करने की संभावना के चलते दिल्ली में जगह-जगह कड़ी निगरानी पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जरिए की जा रही है।

आज तमिलनाडु और पुडुचेरी से टकराएगा चक्रवात निवार, कांचीपुरम में तेज बारिश हुई शुरू : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भीषण चक्रवाती तूफान ‘निवार’ में बदल गया है। तूफान के आज रात तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट पर टकराने की संभावना है। इस दौरान 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेगी, जो आगे चलकर 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी। मौसम विभाग इसपर कड़ी नजर बनाए हुए है। विभाग ने कहा कि तूफान के प्रभाव से कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। चक्रवात का असर भी अब कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। कांचीपुरम में तेज बारिश का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात निवार अगले 12 घंटों के दौरान एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा और यह पुडुचेरी के दक्षिण-पूर्व में 380 किलोमीटर और चेन्नई से 430 किमी दूरी पर है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के आसपास कराईकल और मामल्लपुरम के बीच देर शाम तेज हवा के साथ चक्रवाती तूफान पहुंचेगा। तूफान के मद्देनजर तमिलनाडु और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और असुरक्षित इलाकों से लोगों को निकालने सहित एहतियाती उपाय सरकार द्वारा किए जा रहे हैं।
तूफान से तबाही की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ ने बचाव कार्य के लिए 22 टीमों को तैनात किया है, जिसमें कुल 1,200 जवान शामिल हैं। इसमें तमिलनाडु में 12, पुडुचेरी में तीन और आंध्र प्रदेश में सात टीमें हैं। वहीं, एनडीआरएफ मुख्यालय, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट संबंधित राज्य अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर और टीमों को गुंटूर (आंध्र प्रदेश), त्रिशूर (केरल) और मुंडली (ओडिशा) में रिजर्व रखा गया है।
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कमेटी (एनसीएमसी) ने भी निवार से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तैयारी इस प्रकार की हो कि किसी की जान नहीं जाए तथा बिजली और दूरसंचार जैसी सेवाएं जल्द से जल्द बहाल की जा सकें। प्रभावित राज्यों को आपदा राहत फंड भी जल्द जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया है।

चेन्नई में दिखने लगा है असर- चक्रवात के असर से हो रही बारिश के कारण चेन्नई में सड़कों पर पानी भरने से जगह-जगह यातायात जाम हो रहा है। अन्ना सलाई, जीएसटी रोड तथा काठीपाड़ा जंक्शन पर ज्यादा जाम देखा गया। इसके फोटो इंटरनेट मीडिया पर भी खूब चले। शहर में हालात पर नजर रखने के लिए 15 आइएएस अधिकारियों को लगाया गया है। चेन्नई महानगरपालिका 176 राहत शिविर चलाएगा।

सोनिया गांधी के करीबी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल का कोरोना से हुआ निधन : OmTimes

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  सोनिया गांधी के करीबी व कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता अहमद पटेल का 71 साल की उम्र में बुधवार को निधन हो गया। अहमद पटेल एक महीने पूर्व कोरोना वायरस से संक्रमित थे। उनका इलाज मेदांता अस्‍पताल में चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्‍हें नहीं बचाया जा सका। बता दें कि अहमद पटेल ने 1 अक्‍टूबर को खुद ट्वीट करके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी। उन्‍होंने अपने ट्वीट में कहा था कि मैं कोरोना पॉजिटिव पाया गया हूं, जो लोग मेरे संपर्क में आए हैं मैं उन सभी से आग्रह करता हूं कि वे खुद को आइसोलेट कर लें। पटेल को कांग्रेस का संकटमोचक कहा जाता था। वह सोन‍िया गांधी के सबसे करीबी और राजनीतिक सलाहकार थे।
उनके निधन की जानकारी उनके बेटे फैसल पटेल ने ट्वीट कर साझा की है। उन्‍होंने लिखा है कि ‘बहुद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरा प‍िता अहमद पटेल का निधन 25 नवंबर की सुबह 3.30 बजे हुआ। करीब महीने भर पहले वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मैं सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना करता हूं कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करें।’ गौरतलब है कि अहमद पटेल अक्‍टूबर के पहले सप्‍ताह में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। तबियत बिगड़ने के बाद उन्‍हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, 18 नवंबर को अहमद पटेल की पुत्री ने यह जानकारी साझा की थी कि उनके पिता की सेहत में सुधार हो रहा है। पटेल की पुत्री मुमताज ने एक ऑडियो संदेश के माध्‍यम से यह जानकारी दी थी।
गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्‍वर में पैदा हुए अहमद पटेल का राजनीतिक कॅरियर काफी लंबा है। पटेल तीन बार लोकसभा सांसद और पांच बार राज्‍यसभा सदस्‍य रहे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जमाने में पटेल पहली बार 1977 में भरूच संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े और विजयी हुए। 1980 के लोकसभा चुनाव में वह फ‍िर भरूच संसदीय सीट से चुनाव लड़े और विजयी हुए। 1984 के लोकसभा चुनाव में वह फ‍िर निर्वाचित हुए। 1993 से अहमद राज्‍यसभा सदस्‍य थे। 2001 से वह सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार है। वह सोनिया गांधी के बेहद करीबी रहे।
पटेल को 10 जनपथ का चाणक्‍य कहा जाता था। कांग्रेस पार्टी में उनका दबदबा था। उनके बारे में खास बात यह है कि वह कभी मंत्री नहीं रहे, लेकिन सत्‍ता के केंद्र में रहे। वह सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार व बेहद करीबी थे। कांग्रेस में वह बेहद ताकतवर व असरदार होते हुए भी लो-प्रोफाइल रखते थे। पटेल की कोशिश रहती थी कि द‍िल्‍ली और देश की मीडिया में उनकी जरा भी खबर न चले। सत्‍ता के केंद्र में रहते भी वह सुर्खियों से दूर रहते थे। वह किसी भी टीवी चैनल पर नहीं दिखते थे। राजीनति से दूर उन्‍हें बड़ी सादगी का जीवन बिताना पसंद था।

धर्मांतरण पर यूपी में शक्त कानून को योगी कैबिनेट की मंजूरी, नाम छिपाकर शादी की तो होगी 10 साल कैद : OmTimes

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश में लव-जिहाद और धर्म धर्मांतरण की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 को मंजूरी दे दी गई है। इस कानून के लागू होने के बाद छल-कपट व जबरन धर्मांतरण के मामलों में एक से दस वर्ष तक की सजा हो सकती है। खासकर किसी नाबालिग लड़की या अनुसूचित जाति-जनजाति की महिला का छल से या जबरन धर्मांतरण कराने के मामले में दोषी को तीन से दस वर्ष तक की सजा भुगतनी होगी।
सीएम योगी की अध्यक्षता में कुल 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें सर्वाधिक चर्चित और प्रतीक्षित धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश को भी स्वीकृति दे दी गई। जबरन धर्मांतरण को लेकर तैयार किए गए मसौदे में इन मामलों में दो से सात साल तक की सजा का प्रस्ताव किया गया था, जिसे सरकार ने और कठोर करने का निर्णय किया है। इसके अलावा सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में भी तीन से 10 वर्ष तक की सजा होगी। जबरन या कोई प्रलोभन देकर किसी का धर्म परिवर्तन कराया जाना अपराध माना जाएगा। 
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि यूपी कैबिनेट उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म समपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020′ लेकर आई है। जो उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सामान्य रखने के लिए और महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए जरूरी है। 100 से ज्यादा घटनाएं सामने आई थी जिनमें जबरदस्ती धर्म परिवर्तित किया जा रहा है। इसके अंदर छल-कपट, बल से धर्म परिवर्तित किया जा रहा है। इस पर कानून बनाना एक आवश्यक नीति बनी, जिस पर कोर्ट के आदेश आए हैं। मंगलवार को कैबिनेट अध्यादेश लेकर आई, जिसे मंजूरी दे दी गई। 
मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के लिए 15,000 रुपये के जुर्माने के साथ एक से पांट साल की जेल की सजा का प्रावधान है। एससी/एसटी समुदाय की महिलाओं और नाबालिगों के धर्मांतरण पर 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ तीन से दस साल की जेल की सजा होगी।
कोरोना वायरस संक्रमण काल में सीएम योगी आदित्यनाथ वैश्विक महामारी पर अंकुश लगाने के नित नए प्रयास के साथ ही विकास कार्य को भी वरीयता दे रहे हैं। अपनी कैबिनेट के साथ बैठक में भी सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस विकास के कार्य के साथ ही प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुधारने पर भी रहता है। लव जिहाद भी कानून-व्यवस्था का बड़ा मामला बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस पर भी नियंत्रण लगाने के लिए धर्मांतरण अध्यदेश लेकर आई है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लव जिहाद कानून पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर मुहर लगा दी गई है। हाई कोर्ट की ओर से आए फैसले के बाद थोड़ा बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने एक धर्म से दूसरे धर्म में शादी पर नया कानून सरकार ने पास किया है।
देश के कई राज्यों की तर्ज पर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भी लव जिहाद पर अंकुश लगाने के लिए कड़ा कानून ले आई है। इस मसौदे पर मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद मुहर लग गई। उत्तर प्रदेश में अब लव जिहाद के नाम पर लड़कियों तथा महिला से धर्म परिवर्तन कराने के बाद अत्याचार करने वालों से सख्ती से निपटने की तैयारी है। अब दूसरे धर्म में शादी से दो माह पहले नोटिस देना अनिवार्य हो गया है। इसके साथ ही डीएम की अनुमति भी जरूरी हो गई है। नाम छिपाकर शादी करने पर 10 साल की सजा हो सकती है।

दिल्ली के इस मस्जिद में आज भी मौजूद हैं हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स) दिल्ली की कुव्वतुल-इस्लाम मस्जिद का हाल इस समय बेहाल है। कुतुबमीनार परिसर में स्थित इस मस्जिद के स्तंभों पर देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां लगी हैं। यहां तक कि मस्जिद के पिछले हिस्से में नाली के ऊपर लगी एक मूर्ति को लेकर विवाद हाे चुका है, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने लोहे के जाल से मूर्ति ढंक दी है। आज भी इस मस्जिद और इसके आसपास कई मूर्तियां हैं। यहां तक कि इस मस्जिद के आसपास जो भाग क्षतिग्रस्त हुए हैं। उनमें भी मूर्तियां निकल रही हैं। वर्तमान में यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के बच्चे पूछ बैठते हैं कि मस्जिद में मूर्तियां क्यों लगी हैं? जिसका उस समय उनके पास काेई जवाब नहीं होता और वह यही कर बच्चों को समझाते हैं कि यह सब पूर्व में किया गया है।
फिलहाल यह मस्जिद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का स्मारक है। जिस कुतुबमीनार और उसके परिसर को विश्व धरोहर का दर्जा मिला है। उसी परिसर में यह मस्जिद शामिल है। इस मस्जिद का इतिहास बहुत पुराना है। इसका निर्माण दिल्ली पर कब्जा करने के बाद सन् 1192 में कुतुबुद्दीन एबक ने कराया था। इसका कार्य 1198 में पूरा हुआ। पुरातात्वित दस्तावेजों में साफ तौर पर वर्णित है कि कुतुबद्दीन एबक ने इसे 27 हिंदू व जैन मंदिरों को तोड़कर बनवाया था। इन मंदिरों के नक्काशीदार स्तंभों और अन्य वास्तुकला संबंधी खंडों से इसे बनवाया गया था। इस मस्जिद में स्तंभों पर देवी देवताओं की मूर्तियां आज भी देखी जा सकती हैं। इस मस्जिद का काफी हिस्सा ढह चुका है। मगर मस्जिद के जो अवशेष बचे हैं वे पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इसमें अधिकतर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया जा चुका है।
कहा जाता है कि इन्हें यहां लगाने जाने के समय ही क्षतिग्रस्त कर दिया गया कि जिससे लोग यहां पूजा पाठ करना न शुरू कर दें। मस्जिद में लगी देवी देवताओं की मूर्तियों को लेकर कुछ साल पहले विवाद हो चुका है। कई हिन्दू संगठन यहां पूजा अर्जना करने पहुंच गए थे। उनकी सबसे अधिक आपत्ति इस मस्जिद के पीछे के भाग में लगी मूर्ति को लेकर अधिक थी। जिसे एक नाली के ऊपर लगाया गया है। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने इस मूर्ति के ऊपर लोहे का मोटर जाल लगवा दिया है। ऐसा कहा जाता है कि यह मूर्ति गणेश जी की है। बताया जा रहा है कि पूर्व में इस स्तंभों के ऊपर प्लास्टर किया गया था जो अब स्तंभों से उतर गया है। कुतुबमीनार के आसपास एक छोटी चारदीवारी क्षतिग्रस्त हुई है। उसमें भी पत्थर की मूर्ति निकली है। जिसे वहीं रखवा दिया गया है। जिसे वहीं रखवा दिया गया है। यहां चार सौ वीं शताब्दी में राजा अनंगपाल विष्णु पर्वत से विभिन्न धातु का बना विष्णु स्तंभ लेकर आए थे जो आज भी इसी परिसर में स्थित है। इस स्तंभ पर गुप्तकाल की लिपि में संस्कृत में एक लेख है। जिसे पुरालेखीय दृष्टि से चतुर्थ शताब्दी का निर्धारित किया गया है।
आप को बता दें कि अध्योया में राम मंदिर को लेकर चल रही कसरत के दौरान इन मस्जिद का जिक्र आया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के पूर्व निदेशक डा. के के मुहम्मद ने अपने बयान में कहा है कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद के हालात भी दिल्ली स्थित कुव्वुतुल इस्लाम मस्जिद की तरह थे।
 हिंदू संगठनों का दावा है कि जिस स्थान पर मस्जिद है यहां पर भी पूर्व में मंदिर था !
यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयभगवान गोयल का कहना है कि इस स्थान पर भी मंदिर था। मंदिरों को तोड़कर जो ढांचा खड़ा किया गया है, वह मस्जिद नहीं बल्कि मंदिर है। इसमें हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। गणेश जी की पत्थर की मूर्ति भी इस ढांचे में लगी है। यहां की स्थिति भी अयोध्या की राम जन्मभूमि स्थान पर पूर्व में बनाए गए ढांचे जैसी है। वह कहते हैं कि मेरी भारत सरकार से अपील है कि इसे मंदिर घोषित किया जाना चाहिए। मंदिर होने के सभी प्रमाण इस ढांचे में मौजूद हैं। इस ढांचे को देखकर हिन्दुआें की भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
वहीं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के उत्तरी क्षेत्र के पूर्व निदेशक डॉ. केके मोहम्मद कहते हैं कि यह बात सही है कि कुतुबमीनार स्थित कुव्वतुल इस्लाम मस्जिद 27 हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में कुछ गलतियां हुई हैं, मगर इसके लिए आज के मुस्लिम जिम्मेदार नहीं हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने इन 4 राज्यों से आने वाले लोगों के लिए अनिवार्य किया RT-PCR टेस्ट

मुंबई (ऊँ टाइम्स) अब महाराष्ट्र में दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, गोवा आदि से आने वालों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी होगी। ऐसा न होने पर आगंतुकों को या तो वापस जाना होगा या उन्हें अपने खर्च पर कोविड केयर सेंटर में नियमानुसार इलाज कराना होगा। महाराष्ट्र के मुख्य सचिव संजय कुमार की तरफ से ये दिशानिर्देश महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर से बचाव के मद्देनजर सावधानीवश जारी किए गए हैं। सोमवार को जारी इन दिशानिर्देशों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, गोवा से विमान से महाराष्ट्र के किसी भी विमानतल पर उतरने वाले यात्रियों की उतरने के समय से 72 घंटे के अंदर कोविड का आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पाली मिरेज चेन रिएक्शन) टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव होनी जरूरी है।
यह टेस्ट रिपोर्ट साथ न लानेवाले यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट विमानतल पर ही किया जाएगा। इसका खर्च भी यात्री को ही वहन करना होगा। यह टेस्ट होने के बाद ही यात्रियों का पूरा पता और फोन नंबर लेने के बाद उन्हें घर जाने दिया जाएगा। इस टेस्ट में जिन यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उनसे संपर्क कर नियमानुसार उनका इलाज शुरू किया जाएगा। इन दिशानिर्देर्शों में एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया से भी अनुरोध किया गया कि वह उपरोक्त राज्यों से महाराष्ट्र में आने वाले यात्रियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट निगेटिव देखकर ही उन्हें यात्रा की अनुमति प्रदान करें।
इन राज्यों से ट्रेन से आने वाले यात्रियों की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट 96 घंटे के अंदर की होनी चाहिए। यह रिपोर्ट साथ न लाने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग स्टेशन पर ही की जाएगी। स्क्रीनिंग में कोविड के लक्षण न पाए जाने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा। लक्षण नजर आने पर उनका एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा। टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर जाने दिया जाएगा। पाजिटिव आने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर भेज दिया जाएगा। जहां उन्हें अपने खर्च पर इलाज कराना होगा। इसी प्रकार उपरोक्त राज्यों की ओर से महाराष्ट्र में सड़क मार्ग से प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों के शरीर का तापमान देखा जाएगा। कोविड के लक्षण पाए जाने पर उनके पास वापसी का विकल्प खुला होगा। या फिर उनका एंटीजेन टेस्ट करके रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें राज्य में प्रवेश दिया जाएगा। रिपोर्ट पाजिटिव आने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर में भेज दिया जाएगा। जहां उन्हें अपने खर्च पर इलाज कराना होगा।
दिल्ली और गुजरात में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पिछले दो दिनों से यह संकेत मिल रहे थे कि महाराष्ट्र सरकार यहां कोरोना की स्थिति काबू में रखने के लिए उक्त राज्यों से आने वाली विमान व ट्रेन सेवाओं पर रोक की मांग कर सकती है। हालांकि सरकार ने ये सेवाएं रोकने की मांग तो केंद्र सरकार से नहीं की, लेकिन अपनी ओर से यह दिशानिर्देश जरूर जारी कर दिया है। ताकि बाहर से आने वाले संक्रमित यात्रियों पर नियंत्रण रखा जा सके।

कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावित 8 प्रदेशों के CM के साथ आज पीएम मोदी करेंगे बैठक : OmTimes

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  देश के कई राज्यों में कोरोना महामारी के फिर से तेजी से पैर पसारने से चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज बैठक करेंगे। मुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे। यही नहीं, वह कोरोना वैक्सीन के वितरण के लिए अपनाई जाने वाली योजना को लेकर भी विचार विमर्श करेंगे। यह बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंह के जरिए होगी। सूत्रों के अनुसार, इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल होंगी। इससे पहले भी पीएम इस मुद्दे को लेकर बैठक कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री आज देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिन 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे, उनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इन राज्यों में बीते दिनों कोरोना के मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। जानकारी के मुताबित, इन मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की मीटिंग सुबह 10.30 बजे से 12 बजे के बीच होगी।
आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा पीएम मोदी एक अन्य बैठक भी करेंगे। इस दूसरी अहम बैठक में कोरोना की वैक्सीन को लेकर चर्चा होगी। इस मीटिंग में पीएम मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर चर्चा करेंगे।
दिल्ली में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। यहां लगातार चौथे दिन सौ से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। सोमवार को यहां 4,454 नए मामले सामने आए। लेकिन बीते 24 घंटे में 121 मरीजों की मौत हुई। कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ने से दिल्ली में कोरोना बेकाबू लग रहा है। 
इस बीच, देश के कई राज्यों के शहरों में कोरोना के बेकाबू हालात के बीच नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। इन राज्यों में गुजरात और राजस्थान शामिल हैं। अहमदाबाद में नाइट कर्फ्यू 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। कर्फ़्यू रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुजरात में शादी और किसी भी धार्मिक प्रसंग को इजाजत नहीं दी जाएगी। गुजरात सरकार ने शादी, रिसेप्शन और अन्य समारोहों में 100 लोगों के शामिल होने की इजाजत दी है, इसके अलावा अंतिम संस्कारों में 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है।

यूपी में कोरोना के कारण शादी समारोहों में बैंड-डीजे पर भी लगा रोक, अधिकतम् 100 लोग हो सकेंगे शामिल : OmTimes

लखनऊ (अविनाश द्विवेदी, विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स)  लॉकडाउन में लगी बंदिशें कुछ ही माह बाद फिर धीरे-धीरे लागू होता नजर आ रहा है। लोग यह कयास लगा रहे थे कि कोरोना वायरस संक्रमण विदा हो रहा है, लेकिन अब इस महामारी की आहट दोबारा सुनाई देने लगी है। दिल्ली में हाहाकार मचा रहे कोरोना से सतर्क उत्तर प्रदेश सरकार ने फिर सामूहिक आयोजनों पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है। गृह विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि शादी-समारोहों में सौ से अधिक लोग शामिल न हों। शादी में बुजुर्ग, बीमार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा शादी में बैंड और डीजे पर रोक रहेगी।
एक अक्टूबर को प्रदेश सरकार ने अनलॉक की जो गाइडलाइन जारी किया था उससे लगने लगा था कि अब कोरोना वायरस संक्रमण खत्म हो रहा है। महीनों से लगे प्रतिबंध में ढील देते हुए 15 अक्टूबर से शादी और अन्य सामूहिक समारोहों में सौ से बढ़ाकर अधिकतम दो सौ लोगों के शामिल होने की अनुमति सरकार ने दी थी। अभी 37 दिन ही बीते थे कि उस आजादी पर संकट का साया फिर मंडराने लगा है।.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कोरोना वायरस को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। शादी समारोहों में अब फिर से सौ लोगों के शामिल होने की सीमा तय कर दी गई है। गाइडलाइंस के मुताबक अगर मैरिज हाउस की क्षमता 100 की है तो वहां आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सिर्फ चालीस लोग ही शामिल होंगे। इसी प्रकार यदि लॉन की क्षमता के चालीस फीसद ही लोग समारोह में शामिल हो सकेंगे। इस नए नियम के उल्लंघन पर मुकदमा होगा। शादी में बुजुर्ग, बीमार को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर धारा 144 और 188 के तहत कार्रवाई होगी।
शादी समारोह के लिए जिला प्रशासन से अनुमति नहीं लेनी होगी, लेकिन संबंधित थाने में शादी समारोह की जानकारी देनी आवश्यक है। यह निर्देश हैं कि स्थानीय प्रशासन कोरोना नियंत्रण को लेकर अतिरिक्त व्यवस्था भी करता है। शादी समारोह में लोगों की सीमित संख्या को लेकर नए नियम शुरुआत में नोएडा और गाजियाबाद में लागू किया गया। वहीं, लखनऊ जिले में भी जिलाधिकारी नई गाइडलाइन लागू करने के लिए समीक्षा बैठक करेंगे।
आप को बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, इसलिए यहां भी बहुत सतर्क रहना होगा। लोग मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं, इसके लिए हर जिले में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक-पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभिन्न संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ एक बैठक करें। उन्होंने मास्क न पहनने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। योगी ने कहा कि कोविड-19 की चेन को तोड़ने में मेडिकल टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखकर प्रदेश में टेस्टिंग पूरी क्षमता से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट में एक तिहाई आरटीपीसीआर और शेष दो तिहाई टेस्ट रैपिड एंटीजन विधि से हों।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सर्विलांस सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बाहरी राज्य से आने वाले लोगों की अच्छे से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करें। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर सभी की स्क्रीनिंग हो। एंबुलेंस सेवा सक्रिय रहे। गृह, ग्राम्य विकास, नगर विकास, राजस्व, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास विभागों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग लोगों को जागरूक किया जाए।

अयोध्या में कड़ी सुरक्षा के बीच होगी चौदहकोसी परिक्रमा : OmTimes

अयोध्या ( ऊँ टाइम्स ) चौदहकोसी परिक्रमा को लेकर सुरक्षा व निगरानी के सख्त इंतजाम किए गए हैं। इसबार बाहरी श्रद्धालुओं के अनुमति नहीं दी गई है। गैर जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रामनगरी की सीमा पर ही रोक दिया जाएगा। यातायात डायवर्जन लागू कर दिया गया है। फिलहाल गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर यातायात सामान्य रखा गया है। रामनगरी की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। मेले के लिए रामनगरी की अतिरिक्त फोर्स का आवंटन हो चुका है। 22 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक चलने वाला कार्तिक मेला सुरक्षा तंत्र के लिए काफी चुनौती भरा होगा। हर साल कार्तिक मेला के चौदहकोसी व पंचकोसी परिक्रमा में देश के कोने-कोने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। कार्तिक मेला अयोध्या के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक है।
चौदहकोसी परिक्रमा को लेकर सुरक्षा तंत्र ने शनिवार को अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। छह अपर पुलिस अधीक्षक, 17 पुलिस उपाधीक्षक, 25 निरीक्षक, 150 उपनिरीक्षक व 550 आरक्षी सहित बड़ी संख्या में पीएसी मेले के लिए उपलब्ध कराई गई है। मेला क्षेत्र में पुलिस की ओर से जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाली मिश्रित आबादी की खास निगरानी की जा रही है। संवेदनशीलता को देखते हुए फोर्स को हर समय एलर्ट रहने के लिए कहा गया है। मेलार्थियों के साथ मददगार के रूप में पेश आने का भी निर्देश दिया। रेलवे क्रासिग पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर व बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की व्यवस्था की गई है।
आईजी रेंज डॉ. संजीव गुप्त ने चौदहकोसी परिक्रमा, पंचकोसी परिक्रमा तथा कार्तिक पूर्णिमा स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर लगे जोनल व सेक्टर प्रभारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहाकि मेला ड्यूटी में लगे सभी अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी अधिकारी क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे। आईजी ने थाना प्रभारियों को संबंधित क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाकि यह सुनिश्चित रखें कि श्रद्धालु निश्चित स्थल पर ही रुकें। गाड़ियां निर्धारित पार्किंग स्थल पर खड़ी हों। संपूर्ण परिक्रमा मार्ग क्लीयर होना चाहिए। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।

चौदहकोसी परिक्रमा पर मार्ग परिवर्तन – -लखनऊ से गोरखपुर जाने वाले वाहन फोरलेन से जाएंगे आवश्यकता पकड़ने पर इन्हें बाराबंकी जिले के रामनगर चौराहे से गोंडा की ओर मोड़ दिया जाएगा। -लखनऊ से अयोध्या की ओर जाने वाले वाहनों का सआदतगंज से शहर के भीतर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। भारी वाहनों को थाना रौनाही के सामने रोका दिया जाएगा। -रायबरेली रोड से अयोध्या आने वाले वाहनों का अग्रसेन चौराहा से शहर की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकतानुसार भारी वाहनों को इनायतनगर थाना के सामने रोका जाएगा। -सुल्तानपुर से अयोध्या आने वाले वाहनों का शांति चौक से शहर की ओर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकतानुसार भारी वाहनों को पूराकलंदर थाना के सामने रोका जाएगा।

-अंबेडकरनगर जिले से अयोध्या आने वाले वाहनों को देवकाली चौराहा से दर्शननगर की ओर प्रवेश वर्जित रहेगा।

-साकेत पेट्रोल पंप और लकड़मंडी से नयाघाट की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

राजस्थान के 8 जिलों में रात्रि कर्फ्यू हुआ चालू, अब शादी समारोह में 50 लोग ही हो सकेगे शामिल : OmTimes

जयपुर ( ऊँ टाइम्स )  राजस्थान में कोरोना संक्रमण की बढ़ोतरी को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिक संक्रमण वाले आठ जिलों में रात्रि कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है। रात 9:30 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू करने का निर्णय शनिवार देर रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। जिसके तहत आठ में जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर , अलवर व भीलवाड़ा जिले शामिल हैं जिसमें रात्रि कर्फ्यू लागू किया गया है।
राजस्थान में बढ़ते कोरोना आठ जिलों में रात्रि कर्फ्यू लगाया गया है। पहले 5 में लगाने का निर्णय लिया था। सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में शादी समारोह में अब 50 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति होगी। इससे पहले 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई थी। संक्रमण से प्रभावित संवेदनशील जिलों में सरकारी कार्यालयों में 85 फीसदी कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा। अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में धारा-144 लागू की गई थी। इसके तहत पांच या इससे अधिक लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
जयपुर में सार्वजनिक, धार्मिक व राजनीजिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों को कोविड डेडिकेटेड बनाया गया है। इसी बीच शनिवार को प्रदेश में 3007 कोरोना संक्रमित मिलने के साथ ही 16 लोगों की मौत हुई है। प्रदेश में अब तक 2 लाख 40 हजार 676 संक्रमित मिलने के साथ ही कुल 2146 लोगों की मौत हाे चुकी है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस रात के कर्फ्यू के दौरान, शादी समारोह में जाने वाले लोग, दवाइयों सहित आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग और बस, ट्रेन और हवाई जहाज से यात्रा करने वाले लोगों को जाने की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नवंबर में, नए COVID-19 मामलों की दैनिक संख्या 1,700 से बढ़कर 3,000 हो गई है।  “आठ जिलों में, रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। सर्दियों के मद्देनजर, यह अनुमान लगाया जाता है कि स्थिति गंभीर हो जाएगी। इसलिए सरकार लोगों के जीवन की रक्षा करने के लिए फैसले ले रही है!
सीएमओ के मुताबिक, मास्क न पहनने पर जुर्माने को भी 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।  कोरोना में मानव से मानव में संचारित करने की क्षमता है जब एक संक्रमित व्यक्ति दूसरे के साथ निकट संपर्क में होता है। वायरस संक्रमित व्यक्ति के मुंह या नाक से छोटे तरल कणों में फैल सकता है जब वे खांसी या छींकते हैं। फेस मास्क इसके प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  राजस्थान में शनिवार को सीओवीआईडी ​​-19 के 3,007 नए मामले सामने आए, जिसमें राज्य में कुल मामलों की संख्या 2,40,676 हो गई। राज्य ने आज 16 लोगों की मौत और 1,963 लोगों की मौत हो गई। राज्य में 18,684 मामले हैं, जबकि 2,07,224 लोग वायरल संक्रमण से उबर चुके हैं। राजस्थान में COVID-19 के कारण मरने वालों की संख्या 2,146 है।  

बिकरू काण्ड में मुखबिरी का हुआ पर्दाफाश, बर्खास्त हो सकते तत्कालीन एसओ विनय तिवारी आदि : OmTimes

कानपुर ( ऊँ टाइम्स ) बहुचर्चित  बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए तत्कालीन एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है। एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार की जांच में दोनों को मुखबिरी और लापरवाही का दोषी माना गया। विभागीय जांच के बाद अब इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो सकती है।
दो जुलाई की रात बिकरू कांड के बाद तत्कालीन एसओ और हलका प्रभारी केके शर्मा की भूमिका संदिग्ध मिली थी। इनकी बातचीत के ऑडियो वायरल हुए थे। प्रारंभिक जांच में इन्हें दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और मामले की जांच एसपी ग्रामीण बृजेश कुमार श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। एसपी ग्रामीण की जांच में दोनों दोषी पाए गए हैं। शनिवार को एसपी ग्रामीण ने एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह को जांच रिपोर्ट सौंप दी।
इसमें दोनों पुलिस कर्मियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट बतौर साक्ष्य पेश की गई है। बताया गया है कि दो जुलाई को हलका प्रभारी केके शर्मा की विकास दुबे से करीब पांच बार बात हुई थी। जांच रिपोर्ट में केके शर्मा को मुखबिर माना गया है कि उसने दबिश की सूचना विकास को दी थी। दो जुलाई को विनय तिवारी से भी विकास की बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। विनय ने किसी दूसरे के मोबाइल से विकास से बात की थी।

इन पर नियम 14(1) के तहत होगी कार्रवाई – पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विनय तिवारी और केके शर्मा के खिलाफ अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड-अपील नियमावली 1991 के नियम 14 (1) के तहत कार्रवाई होगी। दोनों की बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है।

भाजपा और AIADMK का तमिलनाडु में बना रहेगा गठबंधन, दोनों पार्टी 2021 का चुनाव लड़ेंगे साथ-साथ : OmTimes

चेन्नई ( ऊँ टाइम्स ) सन् 2021 की शुरुआत में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का गठबंधन जारी रहेगा। सत्तारूढ़ पार्टी के मुख्य समन्वयक और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की चेन्नई यात्रा के दौरान यह घोषणा किया। वहीं, मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए लोकसभा गठबंधन जारी रहेगा। हमने 10 साल का सुशासन दिया है। हमारा गठबंधन 2021 का चुनाव जीतेगा। तमिलनाडु हमेशा पीएम नरेंद्र मोदी का समर्थन करेगा।
इस दौरान अमित शाह ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार की प्रशंसा की और कहा कि केंद्र की रैंकिंग के अनुसार राज्य इस साल देश में सबसे अच्छा शासित है। कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने तमिलनाडु के गरीब लोगों के बैंक खातों में 4300 करोड़ रुपये जमा किए हैं। लगभग 108.93 करोड़ किलोग्राम खाद्यान्न और 3.33 करोड़ किलोग्राम दालों का वितरण किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी तमिल सभ्यता दुनिया में सबसे पुरानी है। चाहे वह विज्ञान, कला, शिल्प कौशल या स्वतंत्रता आंदोलन हो, तमिलनाडु की महान भूमि से अग्रणी योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है।
आप को बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उस समय लोगों को चौंका दिया जब वह चेन्नई में एयरपोर्ट के बाहर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करने के लिए प्रोटोकाल दरकिनार कर अपने वाहन से बाहर निकले और व्यस्त जीएसटी रोड पर पैदल चलने लगे। दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे शाह ने बाद में शहर के लोगों को उनके प्यार के धन्यवाद दिया।
दिल्ली से चेन्नई पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री की राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम, वरिष्ठ मंत्रियों, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एल. मुरुगन और अन्य लोगों ने अगवानी की। एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर शाह की कार अचानक रुक गई और वह कार से बाहर निकल आए। इसके बाद वह कुछ दूर पैदल चले और हाथ हिलाकर भाजपा व अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और तमिलनाडु के प्रभारी सीटी रवि और मुरुगन के साथ शाह को पैदल चलता देख सुबह से एयरपोर्ट के बाहर जमा उत्साहित समर्थकों ने भी खुशी व्यक्त की। हालांकि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों का खासी मशक्कत करनी पड़ी। अपनी इस यात्रा के दौरान शाह राज्य के भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे और अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों को लेकर चर्चा करेंगे।

एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में एक युवक की गोली मारकर हुई हत्या : OmTimes

लखनऊ ( ऊँ टाइम्स ) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में समाजवादी पार्टी के एमएलसी अमित यादव के फ्लैट में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने का मामला प्रकाश आया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है। 
यह घटना हजरतगंज के लाप्लास अपार्टमेंट के फ्लैट ए- 201 में शुक्रवार देर रात हुई है। बर्थडे पार्टी की दौरान यह घटना हुई। राकेश नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शाहजहांपुर निवासी अमित यादव स्थानीय निकाय क्षेत्र से एमएलसी हैं।
लोगों द्वारा बताया जा रहा है कि पांच दोस्त पार्टी कर रहे थे। राकेश रावत के पास अवैध असलहा था। विनय उसे लेकर चेक कर रहा था इसी दौरान गोली चल गई। गोली रावत के चेहरे पर लगी।
घायल होने पर उसके दोस्त ही उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रावत को ट्रॉमा ले जाने वाले लड़कों ने ही 112 पर कॉल पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने सभी लड़कों को हिरासत में ले लिया है। ये सभी लड़के कक्षा आठ से स्नातक तक साथ पढ़े हैं जिससे आपस में इनकी खूब बनती थी।

सिद्धार्थनगर जिले के बाँसी में नकली शराब बनाने और बेचने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश, माफिया गिरफ्त से दूर : OmTimes

सिद्धार्थनगर ( ऊँ टाइम्स ) नकली शराब बना कर बेचने के धंधे का इस जिले के बांसी कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफ़ाश करते हुए इसके आरोप में पकड़े गए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस टीम ने भारी मात्रा में नकली शराब, नकली शीशी, नकली ढक्कन, बारकोड आदि बरामद किया है।
कोतवाली परिसर बांसी में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जग प्रवेश व सीओ अरुण चंद्र ने संयुक्त रूप से मामले का खुलासा करते हुए यह बताया कि सरकारी देसी शराब की दुकान मंगल बाजार बांसी नंबर एक की दुकान में शराब अपमिश्रित कर अवैध सामग्री के साथ बेचे जाने की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार सिंह ने आबकारी विभाग की टीम को लेकर छापा डाल दिया। मौके से शराब में पानी अपमिश्रित कर व अवैध सामग्री का प्रयोग कर बेचते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जनपद के कई स्थानों पर व अन्य जनपदों में ढक्कन व क्यूआर कोड की बिक्री करते थे। शराब का ढक्कन खोल कर उसमें पानी मिलाने और दूसरे बोतल में रखकर डुप्लीकेट ढक्कन व क्यूआर कोड लगाकर नकली शराब बनाकर विक्रय करने की बात भी उन लोगों ने स्वीकार की है। गिरफ्तार किये गये चारों आरोपियों के पास से बंटी बबली अवैध शराब 720 शीशी, नकली क्यूआर कोड 6977 अदद, बंटी बबली शराब की बोतल का नकली ढक्कन 6204 पीस, मैकडॉवेल शराब की बोतल का नकली ढक्कन 2042 पीस, एक एटीएम कार्ड व बोतल खोलने और बंद करने में प्रयुक्त चार उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी बलराम जयसवाल पुत्र ओम प्रकाश जायसवाल निवासी देबियापुर कोतवाली बांसी, प्रमोद कुमार पुत्र ओमप्रकाश निवासी मुंडेरा बाजार थाना चौरीचौरा, फतेह बहादुर पुत्र रामप्रीत निवासी उबाबार थाना सहजनवा व कृष्ण कुमार वैश्य पुत्र मूलचंद निवासी निवासी जय राजपुर थाना टडियावा जनपद हरदोई के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। वैसे भी नकली शराब बनाना और बेचना यह सिद्धार्थनगर जिले के लिए नई बात नहीं है! ऐसे कार्यों में कहीं न कहीं विभागीय लोगों की लापरवाही जरूर है! नकली दारू तो पकड़ा जाता है, लेकिन नकली शराब बनाने के बोतल, केमिकल, रैपर आदि के सप्लायर और बनाने वालों पर ध्यान नहीं दिया जाता है! ऐसा क्यों .. ? है न यह हैरानी की बात! फिलहाल इन कार्यों में अन्य किस किस का हाथ है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है!

पुलिस की टीम में ये लोग रहे शामिल– प्रभारी निरीक्षक कोतवाली शैलेश कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार कन्नौजिया आबकारी निरीक्षक बांसी, एसआई जीवन त्रिपाठी, शशांक कुमार सिंह, शेषनाथ यादव, हेड कांस्टेबल फूलचंद मौर्य, जितेंद्र यादव रमेश यादव, श्यामसुंदर मौर्य, आरक्षी आबकारी विरेंद्र कुमार, आरक्षी आबकारी शमशेर आलम, कांस्टेबल दिलीप द्विवेदी सर्विलांस सेल शामिल रहे।

एक के बाद एक 10 सीरियल बम ब्लास्ट से दहल उठा काबुल : OmTimes

नई दिल्ली /काबुल (ऊँ टाइम्स)  एक के बाद एक कई धमाकों से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल दल गई, हालांकि अभी तक इसमें किसी के हताहत होनी की खबर नहीं है। . मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल में रॉकेट से लगातार दस धमाके किए गए।

इन 5 गलतियों पर अब दिल्ली में कटेगा 2000 रुपये का चालान, जिसमें मास्क पहनना भी है शामिल : OmTimes

नई दिल्ली ( ऊँ टाइम्स)  राजधानी दिल्ली में कोविड प्रोटोकॉल के अंतर्गत बनाए गए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब 2000 रुपये का जुर्माना लगेगा। यह नियम शनिवार को लागू हो गया है। ऐसे में लोगों को 2000 रुपये के चालान से बचना है तो मास्क जरूर लगाएं। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के मुताबिक मास्क नहीं लगाने, क्वारंटाइन के नियमों का उल्लंघन करने, शारीरिक दूरी का पालन न करने, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने व सार्वजनिक स्थानों पर पान गुटखा और तंबाकू का सेवन करने पर भी अब दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इससे पहले इन नियमों का पालन न करने पर 500 रुपये वसूले जाते थे।
इधर दीपावली बीतने व छठ पूजा की खरीदारी करने के बाद पुरानी दिल्ली के बाजारों में भीड़भाड़ कम होने लगी है। चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, भागीरथ पैलेस, कूचा महाजनी, दरीबा कलां, नई सड़क, डिप्टीगंज समेत अन्य बाजारों में भीड़ कम होने लगी है। दुकानदारों के मुताबिक त्योहारी खरीदारी पूरी होने के साथ ही कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ाई है, इसलिए लोग बाजारों में आने से कतराने लगे हैं।.
कोरोना के बढ़ते मामले दूसरे राज्यों के खरीदारों को भी चिंतित किए हुए हैं। इसलिए वे भी नहीं आ रहे हैं। सदर बाजार के व्यापारी बालकृष्ण अमरसरिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में ही भीड़भाड़ थी। अब मुश्किल से 40 से 50 फीसद भीड़ है। यह भी भीड़ शादियों की तैयारियों को लेकर है। उसमें भी शादियों में मेहमानों की मौजूदगी महज 50 तक सीमित कर देने से काफी खरीदारी रुक गई है। हालांकि, बाजारों में आ रहे लोग अब भी मास्क और शारीरिक दूरी को लेकर लापरवाह दिख रहे हैं। वैसे, मास्क न पहनने पर 2000 रुपये के चालान ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। लोग इसको लेकर भय में हैं और कई लोग बार-बार अपना मास्क देखते नजर आ रहे थे कि यह कहीं खिसक तो नहीं गया है।

प्रयागराज के फूलपुर इलाके में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की हुई मौत, चार की हालत वेहद गम्भीर : OmTimes

प्रयागराज ( ऊँ टाइम्स )  प्रयागराज में एक बड़ी घटना हो गई। जनपद में फूलपुर कोतवाली के अमिलिया गांव में शु्क्रवार की रात में सरकारी देशी ठेके की शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई। चार अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जाती है। आशंका जताई गई है कि शराब जहरीली थी। अधिकारी देर रात तक अमिलिया गांव में मौजूद रहे। जांच की रही है कि सरकारी ठेके पर जहरीली शराब कैसे पहुंची।
अमिलिया गांव में अगरापट्टी की रहने वाली संगीता जायसवाल के नाम से देशी शराब का ठेका है। शुक्रवार देर शाम को शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा था। पीने के कुछ देर बाद अचानक कई लोग एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। यह देख वहां अफरातफरी गई। जहरीली शराब का शोर मचा तो अन्य लोगों ने बोतल फेंक दी। जमीन पर गिरे लोगों को नजदीक के अस्पताल ले जाया गया।

शराब पीने से इन पांच लोगों की हुई मौत – इसमें बसंत लाल पटेल (55), शंभू नाथ मौर्य (55), राज बहादुर गौतम (50) निवासी अमिलिया व प्यारे लाल (48) निवासी खनसार माली का पूरा, राजेश गौड़ निवासी मैलहन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
वहीं, ताराचंद्र निवासी कोनार, जगदीश निवासी माली का पूरा, प्रभूनाथ पटेल निवासी अमिलिया व एक अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई और को क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनका नाम व पता ज्ञात नहीं हो सका।
जानकारी पाकर जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी, एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से पूछताछ की। ठेका संचालक और सेल्समैन के बारे में जानकारी ली गई। पता चला कि सेल्समैन ठेका छोड़कर निकल गया। अधिकारियों ने ठेका बंद कराया। जिलाधिकारी का कहना है कि जितने लोगों ने ठेके की शराब का सेवन किया है, उनका पता लगाया जा रहा है।

अहमदाबाद में कोरोना के वजह से फिर हुआ कर्फ्यू का ऐलान : OmTimes

अहमदाबाद ( ऊँ टाइम्स )  गुजरात में आज यानी शुक्रवार रात 9:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। जिसे देखते हुए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी है। दुकानमालिकों का कहना है कि, “हर कोई  कोरोना मानदंड का पालन कर रहा था लेकिन दीवाली के कारण, भीड़ अधिक होने से और लोग सामाजिक दूरी बनाए रखने में सक्षम नहीं थे।” दीपावली के बाद महानगर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल तथा अन्य वरिष्ठ मंत्रियों व उच्च अधिकारियों ने चर्चा करने के बाद अहमदाबाद में शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक का कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ राजीव गुप्ता ने गुरुवार देर रात्रि इसकी घोषणा करते हुए बताया कि कर्फ्यू के दौरान केवल दवा वह दूध डेयरी की दुकानें खुली रह सकेगी।
  गुजरात में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 1340 से भी अधिक के सामने आए हैं। अहमदाबाद सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरा है। स्वास्थ्य विभाग तथा अहमदाबाद महानगरपालिका के कोरोना प्रबंधन तथा कोरोना जांच के बेहतर आयोजन के बावजूद दीपावली तथा नव वर्ष के दौरान शहरवासियों ने लापरवाही करते हुए बाजारों तथा सोसायटी में कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं किया।.
 सरकार में भी दीपावली पर 2 घंटे आतिशबाजी की छूट देकर एक भारी भूल कर दी जिसके चलते लोग पटाखे लेने के लिए बाजारों में उमड़े तथा घरों में सोसाइटी में जमकर आतिशबाजी की। सरकार ने भले ही 2 घंटे की छूट दी हो लेकिन शहर वासियों ने पूरे 2 दिन तक सुबह तड़के से मध्य रात्रि तक आतिशबाजी के नजारे अहमदाबाद में देखने को मिले। सरकार प्रशासन व पुलिस यह सब मूकदर्शक बनकर देखते रहे। अहमदाबाद में शुक्रवार रात्रि 9:00 बजे से सोमवार सुबह 6:00 बजे तक पूरी तरह कर्फ्यू लागू कर दिया गया है जिसमें राशन तथा सब्जी की दुकानों को भी बंद रखना पड़ा है। केवल दवा व दूध की दुकानें ही खुली रहेंंगी।

भगवान भास्‍कर को आज पहला अर्ध्‍य, नगर निगम डाल रहा है पटना के तालाबों में गंगाजल

पटना (ऊँ टाइम्स)  लोकआस्‍था का महापर्व छठ के रंग से पूरे बिहार में बहार है। सुदूर गांवों से लेकर राजधानी तक छठ पर्व की रौनक से अमीर-गरीब हर वर्ग का जीवन रोशन हो रहा है। लोग पूरी श्रद्धा, भक्ति,आस्‍था और उमंग से पर्व को मना रहे हैं। कोरोना के कारण सुस्‍त पड़े जीवन और बाजार फिर से खिल उठे हैं।   घरों   से  लेकर  घाट  तक  छठी   मईया   के सुरीले लोकगीतों  गूंज  रहे हैं।   हालांकि प्रशासन  ने  कोरोना  काल में मनाए जानेवाले छठ पर्व के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं। इसके पालन के लिए भी प्रशासन मुस्‍तैद है।
अच्‍छी बात यह है कि लोग स्‍वयं भी कोरोना से  बचाव  के साथ पर्व को उल्‍लास से मना रहे हैं। बड़ी संख्‍या में लोगों ने घरों में ही भगवान भास्‍कर को अर्ध्‍य देने की तैयारी की है तो प्रशासन की ओर से भी राजधानी के 84 घाटों पर एहतियात के साथ सूर्य उपासना की तैयारी की गई है। घाटों पर  साफ-सफाई से लेकर आकर्षक रोशनी की व्‍यवस्‍था की गई है। पूरी राजधानी में  स्‍वच्‍छता का विशेष ध्‍यान रखा गया है। दरअसल, लोक आस्‍था का यह पर्व इसलिए तो अनूठा है कि इसमें प्रकृति की पूजा, प्राकृतिक चीजों के व्‍यापक प्रयोग की कुशलता, शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य की सीख, स्‍वच्‍छता, संस्‍कृति , भाईचारा और आस्‍था का बेजोड़ मेल है।  आज शुक्रवार (20 नवंबर) को छठ व्रती डूबते सूर्य को अर्ध्‍य देंगे।  कल शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्‍य देकर पूजा संपन्‍न होगी । इसके पहले श्रद्धालुओं ने बुधवार को नहाय-खाय और गुरुवार को खरना पूजा किया।

प्रतापगढ़ में हुई बड़ी सड़क दुर्घटना, बोलेरो व ट्रक की भिड़ंत में 14 की हुई मौत : OmTimes

प्रयागराज ( अभिषेक द्विवेदी , विशेष संवाददाता, ऊँ टाइम्स )  प्रतापगढ़  में गुरुवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। लखनऊ प्रयागराज हाइवे पर तेज रफ़्तार अनियंत्रित बोलेरो खड़े ट्रक में जा घुसी। हादसे में 14 बारातियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में मरने वालों में पांच किशोर भी हैं।प्रतापगढ़ के एसपी अनुराग आर्य ने हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने चालक के झपकी आ जाने से हादसा होने की आशंका जताई है। उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ हादसे पर दुख जताया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है।
गुरुवार को कुंडा थाना क्षेत्र के चौसा जिरगापुर गांव के संतराम यादव के लड़के की बरात नवाबगंज थाना क्षेत्र के शेखवापुर गई थी। जयमाल के बाद देर रात कुछ बराती बोलेरो से लौट रहे थे। रात करीब एक बजे देशराज इंदारा के पास खड़े ट्रक में बोलेरो पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आवाज से आसपास के लोग घटनास्थल की ओर भागे और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जिनमें सात बच्चे भी शामिल हैं। कुंडा कोतवाल ने बोलेरो सवार 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। हादसे से घटनास्‍थल पर अफरातफरी मच गई थी।.
बोलेरो में कुछ लोग फंसे हुए थे, जिनको गैस कटर की मदद से बाहर निकाला गया। कुंडा कोतवाल डीपी सिंह ने बोलेरो में बैठे सभी 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में दिनेश कुमार, पवन कुमार, दयाराम, अमन कुमार, राम समुझ, अंश, गौरव कुमार, नान भैया, सचिन, हिमांशु, मिथलेश कुमार, अभिमन्यु, पारसनाथ की पहचान हो पाई है। घटनास्थल पर देर रात एसपी अनुराग आर्य भी पहुंचे। उधर हादसे की खबर बरात में पहुंची तो अफरा तफरी मच गई।.
कुंडा थाना क्षेत्र के चौसा जिरगापुर गांव के दो-दो सगे भाई इस भीषण दुर्घटना के शिकार हो गए। इस गांव के श्रीनाथ के बेटे दिनेश और नान भइया भी बोलेरो से लौट रहे थे। लौटते समय दिनेश ने घरवालों को फोन करके आने की सूचना भी दी थी कि वह कुछ ही देर में घर पहुंच रहा है। कौन जानता था कि यह उसकी स्वजनों से आखिरी बातचीत है। ऐसा ही इसी गांव के रहने वाले दिनेश कुमार के बेटे पवन और अमन के साथ भी हुआ, दोनों इस दुर्घटना में मौत के गाल में समा गए।
एसपी अनुराग आर्या घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मृतकों के स्वजनों से बात की और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। देर रात सभी 14  मृतकों के शवों को ट्रैक्टर से लादकर जिला अस्पताल भेजा गया। 

मृतकों में ये हैं शामिल –

  1. बबलू पुत्र रामनाथ निवासी जीरगापुर.
  2. दिनेश कुमार पुत्र श्रीनाथ

3.  पवन कुमार पुत्र दिनेश कुमार

  1. दयाराम पुत्र छोटेलाल
  2. अमन कुमार पुत्र दिनेश कुमार
  3. रामसमुझ पुत्र बैजनाथ
  4. अंश पुत्र कमलेश
  5. गौरव कुमार पुत्र राम मनोहर
  6. नान भैया पुत्र श्रीनाथ
  7. सचिन पुत्र राम समुझ
  8. हिमांशु पुत्र राम भवन

12.  मिथिलेश कुमार पुत्र दशरथ लाल

  1. अभिमन्यु पुत्र रमेश चंद्र
  2. बोलेरो चालक बड़े राम निवासी मानिकपुर हैं।

बिहार के नये कैबिनेट में 50 पर्सेंट से ज्यादा मंत्रियों पर दर्ज हैं क्रिमिनल केस : OmTimes

पटना (ऊँ टाइम्स) बिहार सरकार में जदयू कोटे से डॉ. मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाये जाने को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद सहित विभिन्न दलों ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा और मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की जिन्हें पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पार्टी से निलंबित भी किया गया था। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते समय मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उनपर एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि नीतीश कुमार की कैबिनेट में सिर्फ मेवालाल चौधरी ही दागी नहीं हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और इलेक्शन वॉच के अध्ययन के मुताबिक नीतीश कैबिनेट के 14 मंत्रियों में से आठ (57 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं छह (43 प्रतिशत) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक मामलों वाले 8 मंत्रियों में से बीजेपी के 4, जेडीयू के 2 और हम व वीआईपी के एक-एक शामिल हैं। हालांकि, चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल करते ही हंगामा शुरू हो गया। 2017 में चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे मिलने से भी इनकार कर दिया था।

मेवालाल चौधरी हैं सबसे अमीर मंत्री – मेवालाल चौधरी का नाम बीएयू भर्ती घोटाले में सामने आया था और राजभवन के आदेश से उनके खिलाफ 161 सहायक प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बता दें कि 12.31 करोड़ रुपए की घोषित संपत्ति के साथ चौधरी सबसे अमीर मंत्री हैं। वहीं, 14 मंत्रियों की औसत संपत्ति 3.93 करोड़ रुपए है।
इन मंत्रियों पर भी दर्ज हैं आपराधिक मामले –
मेवालाल चौधरी ने अपने शपथ पत्र में आईपीसी के तहत एक आपराधिक मामला और चार गंभीर मामले घोषित किए हैं। पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी ने पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के तीन मामलों की घोषणा की है। बीजेपी के जिबेश कुमार ने भी पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के चार मामलों की घोषणा की है। वहीं पांच अन्य हैं जिनके खिलाफ अलग-अलग प्रकृति के आपराधिक मामले दर्ज हैं।
चुनाव अधिकार समूह ‘असोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ‘ (एडीआर) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में विजयी हुए 241 उम्मीदवारों के हलफनामों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि 163 (68 फीसदी) प्रत्याशियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। 123 (51 प्रतिशत) विधायकों ने बताया है कि उनके खिलाफ कत्ल, हत्या की कोशिश, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ अपराध समेत संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरजेडी के 75 में से 54 (73 प्रतिशत) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। बीजेपी के 74 में से 47 (64 फीसदी) विधायकों ने आपराधिक मामले दर्ज होने की घोषणा की है। इसके अलावा, जेडीयू के 43 में से 20 (47 प्रतिशत) कांग्रेस के 19 में से 16 (84 फीसदी) सीपीआई (एमएल) (एल) के 12 में से 10 (83 प्रतिशत) और एआईएमआईएम के सभी पांचों (100 फीसदी) विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की घोषणा की है।

मुंबई पुलिस ने चार माह के मासूम के अपहरण की गुत्थी सुलझाई, तार तेलंगाना से जुड़े : OmTimes

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  मुंबई के जुहू की पुलिस ने चार महीने के मासूम के अपहरण की एक ऐसी गुत्थी सुलझाई है जिसके तार मुंबई से दूर तेलंगाना से जुड़े हैं. पुलिस ने तेलंगाना से एक डॉक्टर को पकड़ा है जिसने बच्चे के अपहरण के लिए सुपारी दी थी. पुलिस के मुताबिक तेलंगना में नलगोंडा के डॉक्टर मोहम्मद नसरुद्दीन ने मुंबई से बच्चे को अगवा करवाकर वहां के एक दंपति को चार लाख रुपये में बेच दिया था. 
11 नवंबर की रात में चार महीने के जिस मासूम का अपहरण हुआ था उसका कोई चश्मदीद नहीं था. लिहाजा पुलिस ने आसपास के तकरीबन 250 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. अपहरण के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल होने का सुराग मिलते ही रात में चलने वाले इलाके के 80 से ज्यादा ऑटो वालों से पूछताछ शुरू हुई. आखिरकार मेहनत रंग लाई और ऑटो ड्राइवर रमेश व्यंकट टूट गया. उसने अपराध कबूल कर लिया.
पूछताछ में पता चला कि साजिश का मुख्य सरगना डॉक्टर मोहम्मद नसरुद्दीन बशीरुद्दीन है जो तेलंगाना का रहने वाला है. चार महीने का बच्चा भी वहीं है. पुलिस के मुताबिक डॉक्टर ने चार लाख रुपये में नलगोंडा के ही एक दम्पति से बच्चे का सौदा किया था. अब पुलिस ये पता करने में जुटी है कि आरोपियों ने पहले भी कहीं इस तरह की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया है!
आम तौर पर धारणा है कि पुलिस सिर्फ पैसे वालों की ही सुनती है और काम करती है. लेकिन जुहू पुलिस जिस मासूम को तेलंगाना जाकर वापस लाई है वह बहुत ही गरीब परिवार से है. इस परिवार का अपना घर भी नहीं है!

अवध क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों की सूची हुई जारी, लखनऊ का दबदबा कायम

लखनऊ (अविनाश द्विवेदी,ऊँ टाइम्स) अब भारतीय जनता पार्टी के अवध क्षेत्र के पदाधिकारियों की भी घोषणा हो गई। सूची में लखनऊ का जबरदस्त दबदबा दिख रहा है जबकि बाराबंकी जैसे कुछ जिलों को प्रतिनिधित्व ही नहीं मिल पाया है। क्षेत्रीय कमेटी में अध्यक्ष को छोड़कर 22 पदाधिकारी और नौ कार्यसमिति सदस्यों की घोषणा की गई है। शेषनारायण मिश्र को पहले ही अवध क्षेत्र का अध्यक्ष घोषित किया जा चुका है।
घोषित इस 31 सदस्यीय अवध के क्षेत्रीय समिति में 14 लोग सिर्फ  लखनऊ के हैं। यह बात दीगर है इनमें दो लोगों के पते उनके गांव के लिखकर उन जिलों का प्रतिनिधित्व दिखाने की कोशिश की गई है। सूची से साफ  दिखाई देता है कि कोशिश करने के बावजूद सामाजिक संतुलन साधने में सफलता नहीं मिली है। घोषित 22 पदाधिकारियों में 15 अगड़े और पांच पिछड़े, एक अनुसूचित जाति और एक अन्य  हैं। अध्यक्ष शेष नारायण मिश्र को शामिल कर लिया जाए तो अगड़ों की संख्या 16 हो जाती है। पदाधिकारियों में दूसरे दलों से आए हुए लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

उपाध्यक्ष: राजीव मिश्र, डॉ. श्वेता सिंह, चंद्रा रावत, शिवभूषण सिंह, अमित गुप्त, जितेंद्र सिंह राय (लखनऊ), शिननायक वर्मा (अंबेडकरनगर) व पीयूष मिश्र (गोंडा)।
महामंत्री: विजय प्रताप सिंह (लखनऊ), त्रयंबक तिवारी (अंबेडकरनगर) व नीरज वर्मा (सीतापुर)।
मंत्री:  दिलीप यादव (रायबरेली), कमलेश श्रीवास्तव व मणींद्र पांडेय (अयोध्या), चंद्रप्रकाश सिंह गुड्डू (बलरामपुर), संजय गुप्त व पी.के. वर्मा (हरदोई),  विनोद कुमार (लखनऊ), राजकिशोर मौर्य (लखीमपुरखीरी)।
कोषाध्यक्ष: सूरज श्रीवास्तव (लखनऊ)
कार्यालय मंत्री:   विमल सिंह (लखनऊ)
मीडिया प्रभारी:  डॉ. राजेश मिश्र (लखीमपुर)
सदस्य:  शंकर दयाल पांडेय (श्रावस्ती), राम बहादुर सिंह (हरदोई), रोहित वाल्मीकि (सीतापुर) ठाकुर प्रसाद गंगवार (लखीमपुरखीरी), अवधेश पांडेय बादल (अयोध्या), पुनीत गुप्त (उन्नाव), बीनाराज मिश्र (बहराइच), चेतन विष्ट व सरोज कुमारी (लखनऊ)।

गोरखपुर से भी चलेगी तीन प्राइवेट ट्रेन, पास-पीटीओ अन्य रियायत मान्य नहीं रहेगा

गोरखपुर ( ऊँ टाइम्स ) देशभर में चलने वाली प्राइवेट ट्रेनों में से तीन गोरखपुर से चलेंगी। ये ट्रेनें गोरखपुर से बंगलुरु, नई दिल्ली और मुंबई के लिए चलाई जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को चलाने की सैद्धांतिक सहमति दे दी है। निजी कंपनियों से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेनों को चलाने की तारीख निर्धारित की जाएगी।
रेलवे बोर्ड में बीते दिनों प्राइवेट ट्रेनों के रूट को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह शामिल हुए थे। सभी रेलवे के समन्वय से विभिन्न स्टेशनों के लिए रूट निर्धारित किए गए। इन्हीं में गोरखपुर से तीन ट्रेनें शामिल की गई हैं। हालांकि अभी कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं, लेकिन रूट को लेकर स्थिति साफ हो गई है। इन तीनों ट्रेनों को संचालित रेलकर्मी करेंगे, लेकिन अन्य जिम्मेदारी निजी कंपनियों के पास होगी।
प्राइवेट ट्रेनों के चलने से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने का दावा किया जा रहा है। ट्रेन में ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर की व्यवस्था रहेगी। सामान्य ट्रेनों से किराया ज्यादा लगेगा। किराये का निर्धारण अभी नहीं किया गया है।
तेजस की तरह भविष्य में चलने वाली प्राइवेट ट्रेनों में भी पास-पीटीओ और अन्य रियायतें मान्य नहीं होंगी। इन ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर स्कीम की व्यवस्था रहेगी।

जानिए क्‍या होता है माइक्रोवेव हथियार, कितना होता है घातक, दक्षिण चीन सागर में चीन कर चुका है इस्तेमाल

नई दिल्‍ली ( ऊँ टाइम्स )  लद्दाख की ऊंची चोटियों पर कब्‍जे को लेकर चीन की तरफ से जो थ्‍योरी बताई जा रही है, यदि वह सही है तो ये काफी घातक साबित हो सकती है। दरअसल, ये थ्‍योरी चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के जवानों द्वारा माइक्रोवेव वेपंस के इस्‍तेमाल को लेकर सामने आई है। मीडिया में छपी एक खबर में चीन के एक प्रोफेसर ने दावा किया है कि 29 अगस्‍त को चीन के जवानों ने यहां की ऊंची चोटियों को भारतीय जवानों से वापस लेने के लिए माइक्रोवेव वेपंस का इस्‍तेमाल किया था। इस तरह के वेपंस के इस्‍तेमाल के बाद भारतीय जवानों को समस्‍या होने लगी और वो चोटियों से चले गए, जिसके बाद चीनी सैनिकों ने उन पर कब्‍जा जमा लिया। हालांकि, भारत ने इस तरह के किसी भी दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि चीन इस बारे में गलत तथ्‍य प्रसारित कर रहा है। आपको बता दें कि इस तरह के वेपंस के इस्‍तेमाल का जिक्र पहली बार भारत और चीन के बीच हो रहा है। हालांकि, चीन इस तरह के हथियारों का कथिततौर पर दक्षिण चीन सागर में इस्‍तेमाल करता रहा है। यहां पर ये सवाल उठना लाजिमी हो जाता है कि आखिर माइक्रोवेव वेपंस क्‍या होते हैं और ये कितने घातक होते हैं।
दरअसल, माइक्रोवेव वेपंस को डायरेक्‍ट एनर्जी वेपंस भी कहा जाता है। इसके दायरे में लेजर और माइक्रोवेव वेपंस दोनों ही आते हैं। इस तरह के वेपंस बेहद घातक होते हैं। हालांकि, इस तरह के वेपंस से किए गए हमलों में शरीर के ऊपर बाहरी चोट के निशान या तो होते नहीं हैं या काफी कम होते हैं। लेकिन ये शरीर के अंदरूनी हिस्‍सों को खासा नुकसान पहुंचाते हैं। दक्षिण चीन सागर में रॉयल आस्‍ट्रेलियन एयरफोर्स के पायलट इस तरह के हमले से दो चार हो चुके हैं। इस तरह के हमलों की एक बेहद खास बात ये होती है कि ये जमीन से हवा में, हवा से जमीन में या जमीन से जमीन में किए जा सकते हैं। इस तरह के हमले में एक हाई एनर्जी रेज को छोड़ा जाता है। ये किरणें इंसान के शरीर में प्रविष्‍ट कर उनके शरीर के हिस्‍सों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
आस्‍ट्रेलियाई पायलट्स की ही यदि बात की जाए तो उन्‍हें इस तरह के हमलों के बाद आंखों में जलन, शरीर में हल्‍के घाव और कुछ अंदरूनी चोट भी आई थी। इस तरह के हमले ज्‍यादातर चेतावनी देने भर के लिए किए जाते हैं। युद्ध के मैदान में इस तरह के हमलों का बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल फिलहाल कम ही देखा गया है। इसके बाद भी इस तरह के हथियार दुनिया के कुछ बड़े देशों के पास मौजूद हैं। माइक्रोवेव वेपंस के जरिए निकलने वाली रेडिएशन बीम में किसी भी तरह की कोई आवाज नहीं होती है। इसको देख पाना भी संभव नहीं होता है। हाई फ्रीक्‍वेंसी पर छोड़ी गई ये किरणें दुश्‍मन के लिए काफी घातक साबित हो सकती हैं।
माइक्रोवेव वेपंस को कई तरह की बैलेस्टिक मिसाइल, हाइपरसोनिक क्रुज मिसाइल, हाइपरसोनिक ग्‍लाइड मिसाइल को रोकने के लिए भी इस्‍तेमाल किया जाता है। रूस, चीन, भारत, ब्रिटेन भी इस तरह के हथियारों के विकास में लगे हैं। वहीं, तुर्की और ईरान का दावा है कि उनके पास इस तरह के हथियार मौजूद हैं। तुर्की का तो यहां तक का दावा है कि उसने अगस्‍त 2019 में इस तरह के हथियार का इस्‍तेमाल लीबिया में किया था। हालांकि, एक तथ्‍य ये भी है कि इस तरह के हथियार अभी तक केवल प्रयोग तक ही सीमित हैं। माइक्रोवेव वैपंस के अंदर पार्टिकल बीम वैपन, प्‍लाज्‍मा वेपन, सॉनिक वेपन, लॉन्‍ग रेंज एकॉस्टिक डिवाइस भी आते हैं।
अमेरिका के पास इस तरह के वैपंस में एक्टिव डिनाइल सिस्‍टम है, जिसको यूएस एयरफोर्स ने विकसित किया है। इसको अक्‍सर हिंसाग्रस्‍त क्षेत्रों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इससे शरीर में दर्द होने लगता है। इसके अलावा ये इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरणों को भी नष्‍ट करने की ताकत रखता है। इसके अलावा विजिलेंट आई के नाम से भी एक प्रपोज्ड एयर डिफेंस सिस्टम है। इस प्रोजेक्‍ट के तहत किसी भी तरह के हवाई हमले को नाकाम करने की तकनीक विकसित की जा रही है। इसके अलावा इस तकनीक को हमला करने आ रही मिसाइल का पता लगाने के लिए भी विकसित किया जा रहा है। बोफोर्स एचपीएम ब्‍लैकआउट एक ऐसा ही हाईपावर माइक्रोवेव वेपन है, जो किसी भी तरह के उपकरणों को नष्‍ट कर सकता है। इसके अलावा फाइटर एयरक्राफ्ट पर लगा एईएसए रडार भी इसी तकनीक पर काम करता है।

पंजाब में किसानों ने किया ऐलान, जारी रहेगा आंदोलन, 30 से अधिक ट्रेनें रद, 11 को बीच में ही रोका, रेलवे को करोड़ों का नुकसान

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते हालात बिगड़ने लगे हैं। आंदोलन के चलते रेलवे को 33 ट्रेनें रद करनी पड़ी, जबकि 11 को गंतव्‍य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। इस बीच किसानों ने कहा है कि उनका आंदोलन जारी रहेगा। पंजाब के किसान संगठनों ने बुधवार को केंद्र के अड़ियल रुख की निंदा करते हुए ट्रेनों के संचालन के मसले पर कहा कि सरकार को पहले मालगाड़ियों का परिचालन शुरू करना चाहिए। इसके बाद ही यात्री ट्रेनों के संचालन पर विचार किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में किसानों के आंदोलन के चलते भारतीय रेल को अकेले मालभाड़े से होने वाली आमदनी में 1,670 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मालूम हो कि किसानों के इस आंदोलन को 52 दिन हो चुके हैं। इस आंदोलन के चलते 16 नवंबर तक 1,986 यात्री रेलगाड़ियां और 3,090 मालगाड़ियां रद हो चुकी है। वहीं रेलवे ने प्रदर्शनकारी किसानों के केवल मालगाड़ियां शुरू करने के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है। इससे संकट और गहरा गया है। आंदोलन के चलते रेलवे को हर रोज करीब 36 करोड़ मालभाड़े के नुकसान का अनुमान है।
किसानों के प्रस्‍ताव पर रेलवे ने सख्‍त रुख अपनाते हुए कहा है कि राज्‍य में चलेंगी तो यात्री रेलगाड़ियां और मालगाड़ियां दोनों… अन्‍यथा कोई गाड़ी नहीं चलेगी। यहां बता दें कि बीते दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमार और रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ किसानों की बातचीत का कोई हल नहीं निकल पाया था। राज्‍य में मालगाड़ियों का परिचालन नहीं होने से उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। पंजाब किसान यूनियन के नेता रुलदू सिंह ने कहा कि केंद्र ने पंजाब के किसानों, कारोबारियों और श्रमिकों के खिलाफ अड़ियल रवैया अपनाया है। हम इसकी निंदा करते हैं।
रुलदू सिंह ने आगे कहा कि करीब 30 किसान संगठनों के प्रतिनिधि और लाखों किसान कृषि कानूनों के खिलाफ 26 और 27 नवंबर को प्रदर्शन करने के लिए ट्रैक्टर से दिल्ली जाने को तैयार हैं लेकिन केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी का हवाला देकर राष्‍ट्रीय राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को अनुमति नहीं दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पूरे देश के 200 किसान संगठनों के मंच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन का आह्वान किया है। किसान नेताओं की मानें तो वे भाजपा नेताओं का घेराव करने वाले हैं ….
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसान राज्य में भाजपा नेताओं के घर के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। उनसे पूछा गया कि क्या वह भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी घेराव करेंगे अगर वह पंजाब आते हैं? इस पर सिंह ने कहा कि वे निश्चित रूप से ऐसा करेंगे। उल्लेखनीय है कि नड्डा 19 नवंबर को पंजाब के 10 जिलों के पार्टी कार्यालय का डिजिटल उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा के लिए उनका तीन दिन का पंजाब दौरा प्रस्तावित है।

सहायक शिक्षक भर्ती मामले में हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपील हुई खारिज

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के प्रथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज यानि बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इलाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च आदालत ने यूपी सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए बढ़े हुए कट ऑफ को अनुमति दे दी है। कोर्ट ने यूपी सरकार के इस वक्तव्य को रिकॉर्ड पर लिया कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्रों को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा। इस फैसले से 67867 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गई।.
यूपी में सहायक शिक्षक 69000 भर्ती के मामले में सर्वोच्च आदालत ने 24 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। शिक्षक भर्ती में जारी कट ऑफ मार्क्स को लेकर शिक्षामित्रों ने विरोध किया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। योगी सरकार के 31,661 पदों को भरने के आदेश को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

यूपी में लगभग दो वर्षों से प्राथमिक स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती से जुड़े विवाद खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। भर्ती के कटऑफ अंक को लेकर पिछले माह शीर्ष कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है, आदेश कोर्ट ने सुरक्षित रखा है। पहले यह भर्ती कटऑफ अंक को लेकर हाई कोर्ट में लंबे समय तक फंसी रही। फिर प्रश्नों के जवाब को लेकर ऐन वक्त पर काउंसिलिंग रोकनी पड़ी। शिक्षामित्रों के चयन को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने 37339 पद भरने पर रोक लगा रखी है। हर बार कोर्ट ने भर्ती के अहम मोड़ पर स्थगनादेश जारी किया है।
आप को बता दें कि 69,000 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अनुज्ञा याचिका रामशरण मौर्या व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य में बीती 21 मई को आदेश पारित कर कहा था कि जिन पदों को शिक्षामित्र सहायक अध्यापक के रूप में धारण कर रहे हैं, उनसे छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं सूबेदार सिंह व अन्य बनाम राज्य सरकार व अन्य मामले में शीर्ष अदालत ने नौ जून को आदेश दिया था कि 37,339 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में शामिल हुए हैं। लिहाजा 37,339 पदों को छोड़कर सरकार बाकी पदों पर भर्ती कर सकती है, जिसके बाद यूपी सरकार ने 31,661 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी।
आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती में 31661 पदों को भरने के योगी सरकार के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। बीटीसी छात्रों की वकील रितु रेनुवाल ने 22 सितंबर को शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर 31661 पदों पर भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है। ऐसी स्थिति में जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता है, 31661 पदों पर भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
दरअसल शिक्षामित्र कट ऑफ अंकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं। रामशरण मौर्य बनाम राज्य सरकार मामले में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के पक्ष में (65/60 कट ऑफ) फैसला सुनाया था, लेकिन इसके विरोध में शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट चले गए और पिछली भर्ती की तरह 45/40 कट ऑफ करने की मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों का दावा है कि शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में लगभग 45 हजार शिक्षामित्रों ने फार्म भरा था। उत्तरमाला के मुताबिक 45/40 अंकों पर 37 हजार से ज्यादा शिक्षामित्र पास हो रहे हैं, जबकि परीक्षा नियामक प्राधिकारी के मुताबिक 45/40 कट ऑफ पर केवल 8018 शिक्षामित्र पास हुए हैं।

अमेरिका के होने वाले नए राष्‍ट्रपति बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी को किया आश्‍वस्‍त, निभाएंगे साथ

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  अमेरिका के होने वाले नए राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने साफ कर‍ दिया कि वह भारत के साथ दोस्‍ती को आगे बढ़ाएंगे। दोनों देशों के बीच रिश्‍ते और प्रगाढ़ होंगे। उन्‍होंने कहा कि साझा वैश्विक चुनौतियों में वह भारत के साथ काम करने को उतावले हैं। खास कर इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र और कोविड-19 में भारत की अहम भूमिका होगी। बाइडन का यह बयान भारत के दो पड़ोसी मुल्‍कों चीन और पाकिस्‍तान को चिंतित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व उप राष्‍ट्रपति जो बाइडन और उप राष्‍ट्रपति पद के लिए निर्वाचित भारतीय मूल की कमला हैरिस को गर्मजोशी के साथ बधाई दिया।.
इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में अमेरिका और भारत के साझा सहयोग की चर्चा के साथ चीन के कान खड़े हो गए हैं। दरअलस इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में चीन का दखल निरंतर बढ़ रहा है। चीन अपने सामरिक प्रभुत्‍व के लिए इंडो पैसिफ‍िक में अपना दबदबा बढ़ा रहा है। चीन के इस कदम से अमेरिका बेहद चिंतित रहा है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस क्षेत्र में भारत ने अमेरिका का पूरी तरह से साथ निभाया है। नव निर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने भी यह संकेत दिया है कि इंडो पैसिफ‍िक क्षेत्र में अमेरिका की रणनीति में कोई बड़ा बदलाव होने वाला नहीं है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति जो बाइडन को फोन पर बधाई दी। मोदी ने नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति बाइडन को गर्मजोशी के साथ बधाई दी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच लंबी वार्ता हुई। मोदी और बाइडन दोनों नेताओं ने दोनों देशों की लोकतांत्रिक परंपराओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने साझा वैश्विक चुनौतियों पर वार्ता की। इस दौरान बाइडन ने मोदी को पूरा सहयोग का भरोसा दिया। उन्‍होंने संकेत दिया कि उनके कार्यकाल में भारत और अमेरिका के रिश्‍ते और प्रगाढ़ होंगे। 
अमेरिका में राष्‍ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में बाइडन की जीत के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली बार फोन पर वार्ता हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उन्‍होंने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति बाइडन को बधाई दी है। उन्‍होंने कहा कि वार्ता के दौरान हमने भारत-अमेरिकी रणनीतिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा कोरोना वायरस, जलवायु परिवर्तन, हिंद प्रशांत क्षेत्र पर सहयोग पर चर्चा की। पीएम मोदी ने अमेरिका की नवनिर्वाचित उप राष्‍ट्रपति कमला हैरिस को भी बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि उनकी विजय भारतीय अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। 

महाराष्ट्र में पूजा स्थलों की पाबंदी हटी, सिद्धिविनायक मंदिर में एक हजार श्रद्धालु प्रतिदिन कर पाएंगे दर्शन

मुंबई (ऊँ टाइम्स)  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि राज्य के पूजा स्थलों को सोमवार से खोल दिया जाएगा। इन पूजा स्थलों को मार्च में लॉकडाउन लागू किए जाने के बाद बंद कर दिया गया था। राज्य सरकार द्वारा जारी मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) के अनुसार, कोविड-19 के कंटेनमेंट जोन से बाहर के धार्मिक स्थलों को खोल दिया जाएगा। इन्हें खोलने के समय के बारे में फैसला अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।
उद्धव ने एक बयान जारी कर कहा, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि खतरनाक कोरोना वायरस अब भी हमारे बीच है। हालांकि, यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है, लेकिन हम लापरवाह नहीं हो सकते। नागरिकों को अनुशासित रहने की जरूरत है। जिस तरह का अनुशासन लोगों ने होली, गणेश चतुर्थी, नवरात्र और ईद के दौरान दिखाया था, उसी तरह का संयम दिखाने की जरूरत है।.
जून में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद पूजा स्थलों को बंद रखने के लिए भाजपा कई बार मुख्यमंत्री को निशाना बना चुकी थी। हालांकि, उद्धव ने यह कहते हुए अपने फैसले का बचाव किया था कि पूजा स्थलों पर शारीरिक दूरी को बनाए रखना मुश्किल होगा। इसलिए इन्हें बंद रखा जा रहा है। उन्होंने कहा था कि हालांकि, महामारी के चलते पूजा स्थलों को बंद रखा गया है, लेकिन डॉक्टरों, नर्सो और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के रूप में भगवान अपने भक्तों की देखभाल कर रहे हैं।
राज्य सरकार के फैसले के बाद मुंबई में प्रसिद्ध मुंबादेवी मंदिर को खोलने की तैयारियां जोरों पर है। मुंबादेवी मंदिर के प्रबंधक हेमंत जाधव ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम छह बजे के बीच मंदिर जाने की अनुमति होगी। एक बार में पांच श्रद्धालुओं को ही मंदिर जाने दिया जाएगा। सिद्धिविनायक मंदिर को भी खोलने की तैयारियां की जा रही हैं। यहां प्रतिदिन एक हजार श्रद्धालुओं को प्रवेश की इजाजत होगी।
शिर्डी का साई बाबा मंदिर भी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े एक प्रतिनिधि ने कहा कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ऑनलाइन समय लेना पड़ेगा। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश के समय दरवाजे पर आरटी-पीसीआर टेस्ट की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी।
इस बीच, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि धार्मिक स्थलों को खोलने का महाराष्ट्र सरकार का फैसला किसी की हार या जीत नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि इसका श्रेय लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है।
महाराष्ट्र की पर्यटन राज्यमंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐतिहासिक स्मारकों को पर्यटकों के लिए खोलने का अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। पर्यटक गाइडों के एक संघ ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर अजंता, एलोरा और अन्य स्मारकों को पर्यटकों के लिए खोलने की मांग की थी। संघ ने कहा था कि स्मारकों को बंद रखने के चलते कई लोग भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं।

सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, PM मोदी ने दिया बधाई

पटना (ऊँ टाइम्स)  17वीं बिहार विधान सभा चुनाव के संपन्‍न होने के बाद नीतीश कुमार सातवीं बार मुख्‍यमंत्री पद का शपथ लिया। शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के राजेंद्र मंडप में शाम साढ़े चार बजे से आयोजित किया गया। नीतीश कुमार के साथ नए कैबिनेट के 14 अन्‍य मंत्रियों ने भी शपथ ली। बीजेपी कोटे से दो उपमुख्‍यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी को बनाया गया।
इसके पहले रविवार 15 नवंबर को सीएम आवास में एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) के विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार नेता चुना गया । इसके बाद उन्‍होंने राज्‍यपाल फागू चौहान से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्‍यपाल द्वारा सरकार बनाने के आमंत्रण के बाद सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। 

पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो की बेटी की 27 नवंबर को होगी सगाई, मेहमानों को पहले से कराना होगा कोरोना टेस्ट

नई दिल्ली /कराची (ऊँ टाइम्स)  पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की बेटी बख्तावर भुट्टो जरदारी की 27 नवंबर को सगाई होने जा रही है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार बिलावल हाउस के प्रवक्ता द्वारा भेजे गए निमंत्रण कार्ड में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति की बेटी की सगाई अमेरिका के व्यवसायी यूनुस चौधरी के बेटे महमूद चौधरी से होने वाली है।
पाकिस्तान में होने वाले इस खास समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोगों को भेजे गए निमंत्रण कार्ड में कहा गया है कि सगाई के एक दिन पहले मेहमानों को अपना कोरोना वायरस परीक्षण करवाना होगा और अपनी रिपोर्ट बिलावल हाउस को भेजनी होगी।
सभी कोरोना गाइडलाइंस का आयोजन स्थल पर पालन किया जाएगा। इसके तहत कोरोना रिपोर्ट के नेगेटिव आने के बाद ही मेहमानों को सगाई समारोह में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा इस समारोह में मेहमानों को किसी भी तस्वीर को लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कार्यक्रम स्थल के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

हरियाणा के एक पूर्व मंत्री पर सहारनपुर में हुआ गोहत्‍या का मुकदमा हुआ दर्ज

सहारनपुर (ऊँ टाइम्स)  हरियाणा के एक पूर्व मंत्री द्वारा गाय को गोली मारे जाने के प्रकरण में यूपी के सहारनपुर जिले की बेहट कोतवाली में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन दिन पूर्व हुई इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों द्वारा हंगामा करने के बाद ही पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई नामजद तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है। घटना गुरुवार की शाम की है। पुलिस को तत्काल सूचना दे दी गई थी। पुलिस घटनास्थल पर अगले दिन सुबह भी पहुंची थी। लेकिन घटना हरियाणा क्षेत्र की बताकर वापस लौट आई थी।
यह प्रकरण हिंदू संगठनों द्वारा सोशल मीडिया पर उठाने व इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उत्तर पहुंचा देने के बाद भी जिले की पुलिस इस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। शनिवार को बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पीड़ित मानदीन के साथ कोतवाली पहुंचे और तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। जिस पर पुलिस ने पीड़ित व संगठन कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए हड़का कर वापस लौटाने का प्रयास किया कि यह मामला हरियाणा का है। लेकिन इन कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध करने के बाद ही पुलिस बैकफुट पर आई और रविवार को केस दर्ज किया। अभी पुलिस इस मामले में खुद कार्रवाई करेगी या केस को हरियाणा ट्रांसफर करेगी यह तय नहीं हुआ है।
पुलिस को दी गई तहरीर तथा दर्ज किए गए मुकदमे में पीड़ित पक्ष की ओर से यह बताया गया है कि यूपी हरियाणा बॉर्डर पर ही हरियाणा के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह का फॉर्म हाउस है, जहां पर उन्होंने घोड़े पाल रखे हैं, अपने शौक पूरे करने के लिए पूर्व मंत्री इस फॉर्म हाउस में अक्सर आते हैं। बताया गया कि घटनास्थल के दिन घटना के दिन भी पूर्व मंत्री फॉर्म हाउस में थे तथा उसी समय तीन गायों ने यमुना में पानी पीने के लिए वहां चली गई इस पर पूर्व मंत्री ने गोली मारकर एक गाय की हत्या कर दी जबकि दो गए अब भी गायब हैं।

BSP उत्तर प्रदेश के नये अध्यक्ष बनाये मऊ के भीम राजभर, BSP मुखिया मायावती ने किया ट्वीट

लखनऊ (ऊँ टाइम्स)  उत्तर प्रदेश के साथ विधानसभा सीट पर उप चुनाव में खाता खोलने में नाकाम हुई बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी शुरू कर दी है। बसपा ने इसके लिए पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को ही बदल दिया है।.
आजमगढ़ मंडल के जोनल कोआर्डिनेटर मऊ निवासी भीम राजभर को बहुजन समाज पार्टी, उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वह मुनकाद अली की जगह लेंगे। मायवती ने भीम राजभर को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसे बसपा की राजभर वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश यूपी में राजभर वोट बैंक निर्णायक भूमिका में है।
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने दीपावली के एक दिन बाद आज यानी गोवर्धन पूजा के दिन बड़ा धमाका किया है। मायावती ने बसपा के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने के साथ ही इसकी सूचना ट्विटर पर दी। मऊ के भीम राजभर को मुनकाद अली के स्थान पर बसपा उत्तर प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया गया है। 
मायावती ने ट्वीट करके जानकारी दी।  उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि यूपी में अति-पिछड़े वर्ग (ओबीसी) में राजभर समाज के पार्टी व मूवमेन्ट से जुड़े पुराने, कर्मठ एवं अनुशासित सिपाही श्री भीम राजभर, निवासी जिला मऊ (आजमगढ़ मण्डल) को बीएसपी उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इनको हार्दिक बधाई व शुभकामनायें।….
पूर्व में राजभर समाज से ही अंबेडकर नगर के राम‌अचल राजभर पार्टी के वर्षों प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे वरिष्ठ नेता के बसपा छोड़ने के बाद मुस्लिम समाज को अपने साथ जोड़ने के लिए ही मायावती ने मुनकाद अली को अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी थी। हाल ही के राज्य सभा चुनाव के दौरान सपा को हराने के लिए भाजपा के साथ जाने में गुरेज न करने जैसे बयान से मुस्लिम समाज के फिलहाल पार्टी से दूर ही जाने की आशंका के मद्देनजर बसपा सुप्रीमो ने अब पिछड़े समाज को अपने से जोड़ने पर ज्यादा फोकस करने के लिए अब यह दांव चला है। उल्लेखनीय है राज्य ‌में पिछड़ों की  ठीक ठाक आबादी होने के कारण सभी दलों की नजर इन पर हैं। भाजपा सहित अन्य प्रमुख दल के प्रदेश अध्यक्ष इसी समाज से हैं।.
बसपा के सामने उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बचाए रखने की चुनौती है। राज्य में बसपा के वोट बैंक में भाजपा ने बड़ी सेंध लगाई है। प्रदेश में दलित अभी भी मायावती के साथ हैं, लेकिन अन्य जातियों से बड़ा वोट बैंक भाजपा के खाते में चला गया है। इसका असर 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों के साथ ही 2017 के विधानसभा और 2020 के उपचुनाव में देखने को मिला है। 

आज दोपहर 1.50 बजे से अमावस्या शुरू, रविवार को भी सुबह 11. 27 बजे तक रहेगा

सिद्धार्थनगर (ऊँ टाइम्स)  प्रभु श्रीराम के वन से अवध आगमन का पर्वोत्सव दीपावली कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। शनिवार को अमावस्या तिथि दिन में 1.50 मिनट पर लग रही है जो 15 नवंबर को 11.27 मिनट तक रहेगी। ऐसे में दीप ज्योति पर्व दीपावली 14 नवंबर यानी शनिवार को मनाया जाएगा। दीप ज्योति पर्व की पूर्व संध्या पर ही शहर सजधज कर तैयार हो गया। बस अब वैभव लक्ष्मी के पधारने का लोगों में इंतजार है।

पूजन का मुहूर्त – दीपोत्सव पर पूरा दिन और पूरा रात भगवती लक्ष्मी की आराधना के लिए उपयुक्त होता है। शास्त्रानुसार प्रदोषकाल में लक्ष्मी की आराधना से सर्वार्थ सिद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है। इस बार स्थिर लग्न में वृष लग्न शाम 5.33 से 7.29 बजे तक है। जो लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम समय है। वहीं, दिन में पूजन करना अभीष्ट हो तो 12.57 से 2.28 बजे तक और रात में 12.01 से 2.15 बजे तक सिंह लग्न की प्राप्ति होगी। इन लग्नों के अतिरिक्त किसी भी समय किसी भी लग्न में लक्ष्मी की आराधना की जा सकती है।. …. ( ए. के. द्विवेदी)

लोंगेवाला से मोदी ने पाक को दिया सख्‍त संदेश, कहा- आजमाने की कोशिश किया तो मिलेगा प्रचंड जवाब

नई दिल्‍ली (ऊँ टाइम्स)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को हर साल की तरह इस साल भी दीवाली का त्‍योहार मनाने के लिए राजस्‍थान के जैसलमेर स्‍थित लोंगेवाला में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों के पास पहुंचे और उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही उन्‍होने पाकिस्‍तान और चीन को सख्‍त संदेश दिया और कहा कि यदि आजमाने की कोशिश करेंगे तो उन्‍हें प्रचंड जवाब मिलेगा। इसपर भारत की ओर से रत्‍ती भर भी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कहा, ‘आतंक के आकाओं को घर में घुसकर मारता है भारत। जब तक आप (सेना) हैं देश की दीवाली इसी तरह रोशन होती रहेगी। संबोधन के अंत में उन्‍होंने जवानों के साथ मिलकर भारत माता की जय के नारे लगाए। आप को बता दें कि जवानों के साथ दीवाली मनाने की परंपरा को कायम रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार जैसलमेर बॉर्डर पर हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, आर्मी चीफ एमएम नरवने और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डायरेक्‍टर जनरल राकेश अस्‍थाना भी हैं।.
प्रधानमंत्री ने संबोधन में तीन आग्रह किए। उन्‍होंने कहा, ‘ तीन बातों का आग्रह करूंगा। पहला कुछ न कुछ नया इनोवेट करने की आदत को जिंदगी का हिस्‍सा बनाएं। दूसरा मेरा आग्रह आप लोगों के लिए बहुत जरूरी है हर हालत में योग को बनाएं जीवन का हिस्‍सा। तीसरा हम सबकी अपनी मातृभाषा है लेकिन यदि सामूहिक जीवन होता है तो मातृभाषा के साथ एक और भाषा सीखें, इससे नई ऊर्जा का संचार होगा।’

सेनाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपसे मिली इसी प्रेरणा से देश महामारी के इस कठिन समय में अपने हर नागरिक के जीवन की रक्षा में जुटा हुआ है। इतने महीनों से देश अपने 80 करोड़ नागरिकों के भोजन की व्यवस्था कर रहा है। लेकिन इसके साथ ही, देश, अर्थव्यवस्था को वापस गति देने का भी पूरे हौसले से प्रयास कर रहा है। सीमा पर रहकर आप जो त्याग करते हैं, तपस्या करते हैं, वो देश में एक विश्वास पैदा करता है। ये विश्वास होता है कि मिलकर बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सेना के परिवार की देखभाल देश का दायित्‍व है। साथ ही शहीदों के बच्‍चों की शिक्षा के लिए कई फैसले लिए गए हैं।’   

मोदी ने कहा, ‘ आज का भारत समझने और समझाने की नीति पर विश्‍वास करता है लेकिन यदि हमें आजमाने की कोशिश की तो फिर जवाब उतना ही प्रचंड होगा। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि ये देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है। भारत का ये रुतबा, ये कद आपकी शक्ति और आपके पराक्रम के ही कारण है। आपने देश को सुरक्षित किया हुआ है इसीलिए आज भारत वैश्विक मंचों पर प्रखरता से अपनी बात रखता है।’ 
आत्‍मनिर्भर भारत और लोकल की तरह वोकल का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने सेनाओं को प्रेरित किया और कहा, ‘हाल ही में हमारी सेनाओं ने निर्णय लिया है कि वो 100 से ज्यादा हथियारों और साजो-सामान को विदेश से नहीं मंगवाएगी। आज पूरा विश्व विस्तारवादी ताकतों से परेशान हैं। विस्तारवाद, एक तरह से मानसिक विकृति है और अठ्ठारहवीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। इस सोच के खिलाफ भी भारत प्रखर आवाज बन रहा है।’ 
सीमा पर तैनात सैनिकों को प्रोत्‍साहित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा,  भारत के पास आप जैसे वीर बेटे-बेटियां हैं।  जवानों के बलिदान पर धरती और आसमान को गर्व है। जवानों के शौर्य और वीरता पर इतिहास को गर्व है। हमारे वीर चुनौती पर भारी पड़ते हैं। देशभर की नजरें आप पर हैं राष्‍ट्र की सुरक्षा में जुटे वीरों को नमन। दुनिया की कोई भी ताकत देश की सीमा की सुरक्षा करने से न रोक सकता है न तोड़ सकता है। सतकर्ता ही सुरक्षा की राह है वही राष्‍ट्र सुरक्षित है जिसमें मुकाबले की क्षमता है।  आपका पराक्रम अतुलनीय है। सतर्कता ही सुख चैन का संबल है।’ 

इस मौके पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सरहद पर तैनात जवानों के परिजनों को नमन किया और कहा, ‘मेरी दीवाली जवानों के बीच ही पूरी होती है। आप हैं तो देश का त्‍योहार है।  मैं देश की ओर से  जवानों के लिए मिठाई लेकर आया हूं। मिठाई में देश की हर मां के मिठास का अनुभव है।  आपके लिए देशवासियों का प्‍यार लाया हूं।’ उन्‍होंनेे आगे कहा, ‘हर किसी की जुबां पर लोंगेवाला पोस्‍ट का नाम है। लोंगेवाला पोस्‍ट पर शौर्य गाथा लिखी गई है। पराक्रम की चर्चा होगी तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को जाना जाएगा।’ पराक्रम की चर्चा होगी तो बैटल ऑफ लोंगेवाला को जाना जाएगा।’ 

मोदी ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं – प्रधानमंत्री ने दीपावली के शुभ अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दी। उन्‍होंने ट्वीट कर लिखा, ‘सभी देशवासियों को दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं। यह त्‍योहार लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाए और सभी स्‍वस्‍थ व समृद्ध रहें।’
शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था, ‘इस दीपावली हम सभी एक दीया उन सैनिकों के सम्मान में जलाएं जो निडर होकर देश की रक्षा करते हैं। सैनिकों की अनुकरणीय बहादुरी के लिए उनके प्रति शब्दों से कृतज्ञता ज्ञापित करने की भावना न्याय नहीं कर सकती। हम सीमाओं पर डटे सैनिकों के परिवार वालों के प्रति भी कृतज्ञ हैं।’
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री सीमा पर तैनात वीर और साहसी जवानों के साथ दीवाली मनाएंगे।पिछले वर्ष  27 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में जवानों के साथ दीवाली मनाई थी। आर्मी ड्रेस में प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के बीच मिठाइयां बांटी थी। इससे पहले 2018 में पीएम मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सेना और ITBP के जवानों के बीच दीवाली मनाई थी। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री जम्‍मू कश्‍मीर के गुरेज (Gurez) में जवानों के बीच दीवाली मनाने के लिए मौजूद थे।वहीं 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने सियाचिन, 2015 में अमृतसर, 2016 में लाहौल स्‍पीति में तैनात सैनिकों के साथ दीवाली का त्‍योहार मनाया था।  जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान की मिलने वाली सीमा पर BSF के जवान तैनात हैं। 

योगी आदित्‍यनाथ को आज भी भगवान की तरह क्‍यों पूजता है गोरखपुर का यह समुदाय, जानिए

गोरखपुर (ऊँ टाइम्स) जंगल के बीच में बसे गांवों में भी शहरों की तरह हैं सारी सुविधायेंं ! जी हाँ, सुनने में यह कुछ अटपटा जरूर लग रहा है, लेकिन यह सौ फीसद जमीनी हकीकत है। यकीन न हो तो चले आइये गोरखपुर जिले के घने कुसम्ही जंगल में। यहां पांच वनटांगिया गांवों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से आज वह हर जरूरी सुविधा मुहैया है जो शहरी बस्तियों में होती है। सांसद के रूप में योगी ने वनटांगिया समुदाय के लोगों के लिए जो संघर्ष किया, मुख्यमंत्री बनने के बाद सौगात में तब्दील कर दिया। वर्ष 2009 से योगी वनटांगिया लोगो के बीच दिवाली मनाते हैं, मुख्यमंत्री बनने के बाद भी सिलसिला बदस्तूर जारी है।
अंग्रेजी शासनकाल में जब रेल पटरियां बिछाई जा रही थीं तो बड़े पैमाने पर जंगलों से साखू के पेड़ों की कटान हुई। इसकी भरपाई के लिए अंग्रेज सरकार ने साखू के पौधों के रोपण और उनकी देखरेख के लिए गरीब भूमिहीनों, मजदूरों को जंगल मे बसाया। साखू के जंगल बसाने के लिए वर्मा देश की टांगिया विधि का इस्तेमाल किया गया, इसलिए वन में रहकर यह कार्य करने वाले वनटांगिया कहलाए। कुसम्ही जंगल के पांच इलाकों जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी व चिलबिलवा में इनकी पांच बस्तियां वर्ष 1918 में बसीं। 1947 में देश भले आजाद हुआ लेकिन वनटांगियों का जीवन गुलामी काल जैसा ही बना रहा। जंगल बसाने वाले इस समुदाय के पास न तो खेती के लिए जमीन थी और न ही झोपड़ी के अलावा कोई निर्माण करने की इजाजत।
पेड़ के पत्तों को तोड़कर बेचने और मजदूरी के अलावा जीवनयापन का कोई अन्य साधन भी नहीं। और तो और इनके पास ऐसा कोई प्रमाण भी नहीं था जिसके आधार पर वह सबसे बड़े लोकतंत्र में अपने नागरिक होने का दावा कर पाते। समय समय पर वन विभाग की तरफ से वनों से बेदखली की कार्रवाई का भय।

वर्ष 1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर के सांसद बने। उनके संज्ञान में यह बात आई कि वनटांगिया बस्तियों में नक्सली अपनी गतिविधियों को रफ्तार देने की कोशिश में हैं। नक्सली गतिविधियों पर लगाम के लिए उन्होंने सबसे पहले शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को इन बस्तियों तक पहुंचाने की ठानी। इस काम में लगाया गया उनके नेतृत्व वाली महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं एमपी कृषक इंटर कालेज व एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ और गोरखनाथ मंदिर की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा को। जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन वनटांगिया गांव में 2003 से शुरू ये प्रयास 2007 तक आते आते मूर्त रूप लेने लगे। इस गांव के रामगणेश कहते है कि महराज जी (योगी आदित्यनाथ को वनटांगिया समुदाय के लोग इसी संबोधन से बुलाते हैं) हम लोगों के लिए उस राम की भूमिका में आये जिन्होंने अहिल्या का उद्धार किया था।
वनटांगिया लोगों के बीच शिक्षा की रोशनी पहुंचाने के योगी आदित्यनाथ के प्रयासों के खास सहयोगी एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ के प्राचार्य डॉ प्रदीप रॉव बताते हैं कि वन्यग्रामों के लोगों को जीवन की मुख्यधारा में जोड़ने के दौरान 2009 में योगी जी को मुकदमा तक झेलना पड़ा। वनटांगिया बच्चों के लिए एस्बेस्टस शीट डाल एक अस्थायी स्कूल का निर्माण योगी के निर्देश पर उनके कार्यकर्ता कर रहे थे, इस पर वन विभाग ने इस कार्य को अवैध बताकर एफआईआर दर्ज कर दी। योगी ने अपने तर्कों से विभाग को निरुत्तर किया और अस्थायी स्कूल बन सका।
वनटांगियों को सामान्य नागरिक जैसा हक दिलाने की लड़ाई शुरू करने वाले योगी ने वर्ष 2009 से वनटांगिया समुदाय के साथ दिवाली मनाने की परंपरा शुरू की तो पहली बार इस समुदाय को जंगल से इतर भी जीवन के रंगों का अहसास हुआ। फिर तो यह सिलसिला बन पड़ा। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी इस परंपरा का निर्वाह करना नहीं भूलते हैं। इस दौरान बच्चों को मिठाई, कापी-किताब और आतिशबाजी का उपहार देकर पढ़ने को प्रेरित करते हैं तो सभी बस्ती वालों को तमाम सौगात।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने महज तीन दिवाली में वनटांगिया समुदाय की सौ साल की कसक मिटा दी है। लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाने वाले योगी ने सीएम बनने के बाद अपने कार्यकाल के पहले ही साल वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दे दिया। राजस्व ग्राम घोषित होते ही ये वनग्राम हर उस सुविधा के हकदार हो गए जो सामान्य नागरिक को मिलती है। तीन साल के कार्यकाल में उन्होंने वनटांगिया गांवों को आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और आरओ वाटर मशीन जैसी सुविधाओं से आच्छादित कर दिया है। वनटांगिया गांवो में आज सभी के पास अपना सीएम योजना का पक्का आवास, कृषि योग्य भूमि, आधारकार्ड, राशनकार्ड, रसोई गैस है। बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, पात्रों को वृद्धा, विधवा, दिव्यांग आदि पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
पिछली दिवाली कुसम्ही जंगल के वनटांगियों के लिए बेहद खास रही। सीएम योगी ने जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में कई घरों में गृह प्रवेश कराया, उनके घर दिया जलाया, खीर हलवा खाया तो वनवासियों के चेहरों पर खुशी की लकीरें विस्तार पाती दिखीं। बच्चे अपने सिर पर अपने महराज जी का प्यार दुलार भरा स्पर्श पाकर आह्लादित थे। पिछली दिवाली तक इस वनटांगिया गांव में 85.876 हेक्टेयर खेती की जमीन, 9.654 हेक्टेयर आवासीय जमीन, 788 मुख्यमंत्री योजना के आवास, 895 शौचालय, 49 को निराश्रित पेंशन, 38 को दिव्यांग पेंशन, 125 को वृद्धा पेंशन, 647 को सौभाग्य योजना का बिजली कनेक्शन, 895 को अंत्योदय राशनकार्ड और 600 को उज्ज्वला योजना का रसोई गैस कनेक्शन मिल चुका था।

कांग्रेस ने किया स्वीकार, उसके लचर प्रदर्शन से हुई है हार, पार्टी में आत्ममंथन की आवाज हुई बुलंद

नई दिल्ली (ऊँ टाइम्स)  बिहार में महागठबंधन के सत्ता की उम्मीदों को पलीता लगाने वाले कांग्रेस के लचर चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी में अब आत्ममंथन की आवाज उठने लगी है। इस सूबे के नेताओं के साथ ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता बेहिचक यह स्वीकार कर रहे हैं कि कांग्रेस के कमजोर स्ट्राइक रेट ने विपक्षी गठबंधन को सत्ता से दूर कर दिया। वरिष्ठ नेत